मध्य प्रदेश
MP में गरजा कांग्रेस का सत्याग्रह, पटवारी ने साधा मुख्यमंत्री पर वार, सिंघार ने घेरा सिंधिया
26 Jun, 2025 09:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: न्यायालय परिसर में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर बुधवार को कांग्रेस ने सत्याग्रह कार्यक्रम किया. जिसमें विधायक से लेकर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी तक जमकर गरजे. नेताओं ने संविधान पर बीजेपी को घेरा तो वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधा. इसके साथ ही जीतू पटवारी ने भी भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला.
'गरीब पिछड़ों के साथ नहीं, उद्योगपतियों के साथ खड़ी बीजेपी'
मंच पर इस सत्याग्रह सभा को संबोधित करने जब मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे तो उन्होंने भाजपा और ज्योतिरादित्य सिंधिया को घेरा. उमंग सिंघार ने कहा कि "बीते 15 वर्षों से बीजेपी सामाजिक न्याय की बात तो करती है, लेकिन न्याय नहीं करती. जब वोट चाहिए तो अंबेडकर का फोटो लगाते हैं, और जब निर्णय की बात आती है, तो समाज, गरीब और पिछड़े वर्ग के साथ नहीं उद्योगपतियों के साथ खड़े हो जाते हैं."
सिंधिया पर बरसे नेता प्रतिपक्ष
उमंग सिंघार ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के ट्वीट का जिक्र करते हुए कहा कि, "उनका ट्वीट पढ़ रहा था, सिंधियाजी को आपातकाल को लेकर बड़ा दुख होता है, लेकिन आपातकाल की स्थिति तब बनी जब आपने कांग्रेस की सरकार गिराई, आप से बड़ा गद्दार नहीं हो सकता. देश में नोटबंदी आपातकाल था, देश में कोविड आया वैक्सीन नहीं मिली, लाखों लोग मरे, यह आपातकाल की स्थिति थी. युवाओं को रोजगार का वादा था, नहीं दे पाये, किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही थी, नहीं कर पाये.
छोटे उद्योगों को बंद किया जा रहा है ये आपात काल है. आप किसको पैसा कमाना कह रहे हो. क्या देश के उन लोगों को या विदेशी कंपनियों को आप देश बेच रहे हो. ये बीजेपी के लोग बाबा साहब को सिर्फ चुनावी पोस्टर के रूप में उपयोग करना चाहते हैं. आज देश में अभिव्यक्ति की स्वीकृति नहीं है, यही आपातकाल है."
'संविधान की रक्षा के लिए प्राण भी न्यूछावर करेंगे'
कार्यक्रम के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि, "सुबह से शाम तक कांग्रेस पार्टी ने दृढ़ संकल्प लिया है. कांग्रेस ने बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिष्ठा और सम्मान के लिए लड़ाई लड़ रही है. ये वैचारिक लड़ाई है. एक तरफ लोकतंत्र की हत्या दिवस के रूप में मना रहे वो लोग हैं और दूसरी तरफ संविधान का सत्याग्रह करने वाले लोग हैं, खून की अंतिम बूंद तक कांग्रेस पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता संविधान की रक्षा के संकल्प के साथ अपने प्राण भी न्यौछावर करना पड़े, तो हम इस संकल्प को सहस्त्र स्वीकार करेंगे"
सीएम मोहन यादव पर पटवारी का बड़ा बयान
जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव को भी इस दौरान आड़े हाथों लिया, उन्होंने कहा कि, "मोहन यादव ने जो बात कही, बाबा साहब की मूर्ति को लेकर जो भ्रम फैलाया, मैं उनकी निंदा करता हूं. उनसे आग्रह करता हूं कि उनका ये अल्प ज्ञान.. ये इतिहास को जिस तरह से आपने पढ़ा, ये प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है. मैं मोहन यादव से आग्रह करता हूं कि आप शिक्षा मंत्री थे, मुख्यमंत्री हैं और गृहमंत्री हैं. आपका इस तरह का अल्प ज्ञान ये संदेश देता है कि हमारा मुख्यमंत्री जितना परिपक्व होना चाहिए, उतना है नहीं. जहां किसी के भी साथ अन्याय अत्याचार होगा. कांग्रेस पार्टी विपक्ष की भूमिका निभाएगी और भारतीय जनता पार्टी के कुशासन का मुंहतोड़ जबाव देगी."
पीएम मोदी से पूछे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल
जीतू पटवारी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि, "काला दिवस मनाने से पहले पीएम मोदी ये बतायें कि, आपका विदेश मंत्री मुखबरी क्यों कर रह था अमेरिका और पाकिस्तान की. आपने भारत माता का सम्मान अमेरिका के सामने क्यों झुकाया? सेना का अपमान क्यों किया, काला दिवस मनाने से पहले ये बताना पड़ेगा कि, संविधान में आपका क्या योगदान है?
चेतक ब्रिज पर दौड़ती टू-व्हीलर में लगी आग, 15 मिनट में गाड़ी जलकर हुई खाक
26 Jun, 2025 08:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । एमपी नगर के चेतक ब्रिज के सड़क पर दौड़ रही टू-व्हीलर में अचानक आग लग जाने से देखते ही देखते गाड़ी जलकर खाक हो गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि लगभग 15 मिनट में पूरी गाड़ी जलकर खाक हो गई। बुधवार शाम को लगभग साढ़े 6 बजे एमपी नगर से आईएसबीटी की ओर एक महिला अपनी टू-व्हीलर से जा रही थी। जैसे ही वह चेतक ब्रिज पर पहुंची, गाड़ी में अचानक आग लग गई। इससे महिला ने गाड़ी को रोककर अपनी जान बचाई। अचानक हुई आगजनी की घटना से चेतक ब्रिज पर कुछ देर के लिए ट्रैफिक थम गया। जिससे खासी भीड़ लग गई। एमपी नगर के ही इशान मदान नामक व्यक्ति ने फायर कंट्रोल रूम को कॉल किया। इसके बाद आईएसबीटी से दमकल मौके पर पहुंची, परंतु तब तक गाड़ी पूरी तरह से जलकर खाक हो गई थी।
बुंदेलखंड बना विदेशियों की पहली पसंद, इतिहास और जंगलों की मोहब्बत में डूबे सैलानी
26 Jun, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर: मध्य प्रदेश में विदेश से आने वाले सैलानियों की पहली पसंद बुंदेलखंड बनता जा रहा है. यहां का हेरिटेज और वाइल्डलाइफ विदेशी सैलानियों की पहली पसंद है. मध्य प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों से साफ है कि विदेशी सैलानियों को खजुराहो की मूर्तिकला और ओरछा का हेरिटेज काफी पसंद आ रहा है.
इसके अलावा यहां पर पन्ना की वाइल्डलाइफ देखने के लिए भी काफी संख्या में विदेशी सैलानी पहुंचे हैं. एमपी टूरिज्म बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में मध्य प्रदेश में कुल 13.41 करोड़ पर्यटकों ने भ्रमण किया. जबकि, 2023 में मध्य प्रदेश में 1 लाख 67 हजार विदेशी सैलानी पहुंचे. जिनमें से सबसे ज्यादा 33 हजार 131 से ज्यादा खजुराहो पहुंचे और इसके अलावा विदेशी सैलानियों ने ओरछा के हेरिटेज और पन्ना की वाइल्ड लाइफ का भी आनंद लिया.
जमकर आकर्षित कर रहा है मध्य प्रदेश
देश के दिल मध्य प्रदेश की बात करें, तो हाल ही में मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा जारी पर्यटकों के आंकड़ों में मध्य प्रदेश में तेजी से पर्यटकों की संख्या बढ़ी है. दरअसल कोरोना महामारी के बाद देश भर में पर्यटकों की संख्या में गिरावट आयी थी. लेकिन 2024 में मध्य प्रदेश सरकार की पर्यटन नीति के चलते एकदम से उछाल देखने मिला है.
विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद खजुराहो
दुनिया भर में मशहूर विश्व धरोहर स्थल खजुराहो की बात करें, तो मध्य प्रदेश आने वाले विदेशी सैलानियों की पहली पसंद खजुराहो बना है. इस साल यहां पर 33 हजार 131 विदेशी पर्यटक आए हैं. हालांकि ये आंकड़ा कोरोना महामारी के पहले से काफी कम है. कोरोना के पहले खजुराहो आने वाले विदेशी सैलानियों की संख्या औसत एक लाख के आसपास है. खजुराहो के बाद 13 हजार 960 विदेशी सैलानी ओरछा पहुंचे, इसके बाद 10 हजार 823 विदेशी पर्यटक ग्वालियर पहुंचे.
मध्य प्रदेश की वाइल्डलाइफ भी विदेशी सैलानियों की पसंद
विदेशी सैलानियों को मध्य प्रदेश के हेरिटेज के बाद यहां का वाइल्डलाइफ भी खूब पसंद आ रहा है. मध्य प्रदेश आने वाले विदेशी सैलानी 29 हजार 192 बांधवगढ, 19 हजार 148 कान्हा, 12 हजार 762 पन्ना और पेंच 11 हजार 272 पर्यटक पहुंचे.
देशी पर्यटकों की पहली पसंद महाकाल की नगरी उज्जैन
2024 के आंकड़ों के मुताबिक, जहां तक देशी पर्यटकों की बात करें, तो यहां पर सबसे ज्यादा देशी पर्यटक महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंचे, इनकी संख्या 7 करोड़ 32 लाख है. इसके अलावा भोजपुर 35.91 लाख, महेश्वर में 13.53 लाख पहुंचे.
प्रयटन विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि, कोरोना महामारी फैलने के कारण विदेशी पर्यटकों की संख्या गिर गई थी. लेकिन सरकार की पर्यटन नीतियों के चलते विदेशी सैलानी आने लगे हैं. खजुराहो विदेशी लोगों को खूब भाता है.''
नर्मदा घाटी परियोजनाओं के संचालन में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित किया जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
25 Jun, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नर्मदा नदी राज्य की जीवनदायिनी है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित गतिविधियों से प्रदेश में सिंचाई के रकबे और ऊर्जा उत्पादन में बहुत वृद्धि हुई है जिसके चलते प्रदेशवासियों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के अंतर्गत निर्मित सिंचाई व्यवस्था में सौर ऊर्जा के उपयोग को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाए। जल उद्वहन में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने से बिजली पर होने वाले व्यय में कमी लाई जा सकेगी। किसानों को भी सिंचाई में सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए। मां नर्मदा के जल का प्रदेश हित में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की 267वीं बैठक बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में संपन्न हुई। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, मनीष रस्तोगी सहित प्राधिकरण के अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
बैठक में शहीद ईलाप सिंह माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना जिला हरदा, सेंधवा माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना जिला बड़वानी, निवाली उद्वहन सिंचाई परियोजना जिला बड़वानी, धार उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, मॉ रेवा उद्वहन सिंचाई परियोजना जिला देवास की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति के संबंध में निर्णय लिए गए। बैठक में निर्माणाधीन स्लीमनाबाद टनल के तकनीकी पहलुओं पर चर्चा हुई। इसके साथ ही डोबी सिंचाई परियोजना, भीकनगांव बिंजलवाडा माईक्रो सिंचाई परियोजना, आई.एस.पी.-पार्वती लिंक परियोजना, खालवा उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना जिला खण्डवा की समयवृद्धि प्रस्ताव पर भी बैठक में विचार-विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में मोरंड गंजाल बांध एवं दाबयुक्त सिंचाई परियोजना के निर्माण में आईएसपी जलाशय और अपर नर्मदा परियोजना के कमाण्ड में निर्माण कार्य आरंभ करने के संबंध में निर्णय लिया गया। बैठक में विजयराघवगढ़ उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, गुनौर माईक्रो सिंचाई परियोजना, झिरन्या एक्सटेंशन (विस्तार) माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना, बड़ादेव चरगंवा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना, खेड़ी बुजुर्ग उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना जिला धार की प्रशासकीय स्वीकृति के संबंध में विचार-विमर्श हुआ। बैठक में नर्मदा नदी के धार्मिक एवं सामाजिक और पर्यटन महत्व के स्थलों पर घाट निर्माण के संबंध में कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।
निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश के लिये द्वितीय चरण की ऑनलाइन लॉटरी
25 Jun, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आयोजित की गई द्वितीय चरण की ऑनलाइन लॉटरी में 9 हजार 190 बच्चों को उनकी पसंद के निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश प्राप्त हुआ है। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिंदर सिंह ने बुधवार को भोपाल में आरटीई के तहत निजी विद्यालयों की प्रथम प्रवेशित कक्षा में वंचित समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों के निःशुल्क प्रवेश के लिये ऑनलाइन लॉटरी का बटन क्लिक किया।
इस लॉटरी प्रक्रिया में उन बच्चों को शामिल किया गया था, जिन्हें प्रथम चरण की लॉटरी में उनकी पंसद के स्कूल आवंटित नही हो सके थे। ऐसे बच्चों को निजी विद्यालयों की रिक्त सीटों अनुसार द्वितीय चरण की लॉटरी के लिये अपनी वरीयता अंकित करते हुए आवेदन करने का एक और अवसर प्रदान किया गया था। द्वितीय चरण की लॉटरी में बच्चों को उनकी चुनी गई वरीयता के आधार पर निजी विद्यालयों में सीट का आवंटन 25 जून को ऑनलाइन लॉटरी की स्वचालित कंप्यूटर प्रक्रिया द्वारा किया गया। इनमें से 5 हजार 128 बच्चे ऐसे हैं, जिन्हें उनके द्वारा चयनित प्रथम वरीयता वाले स्कूलों में प्रवेश मिला है।
संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिंदर सिंह ने लॉटरी में चयनित बच्चों को उनकी पसंद का स्कूल आवंटित होने पर बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था निर्मित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग और मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन टीम की प्रशंसा भी की।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष आरटीई के तहत लॉटरी के लिए दस्तावेज सत्यापन के उपरांत एक लाख 66 हज़ार 751 बच्चे पात्र हुए थे, जिनमें से 83 हजार 483 बच्चों को प्रथम चरण की ऑनलाइन लॉटरी में उनके द्वारा चयनित स्कूलों का आवंटन किया जा चुका है। बुधवार को आयोजित हुई द्वितीय चरण की लॉटरी में 9 हजार 190 और बच्चों को उनकी पसंद के निजी विद्यालयों में प्रवेश आवंटन प्राप्त हुआ है। इस प्रकार इस वर्ष शैक्षणिक सत्र 2025-26 में आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश आवंटन प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 92 हजार 673 हो गई है। जिन बच्चों को आज इस ऑनलाइन लॉटरी में स्कूल का आवंटन हो रहा है, उन्हें उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस माध्यम से भी सूचना दी जा रही है। बच्चे उनके आवंटित स्कूलों में 30 जून तक जाकर प्रवेश ले सकेंगे। इन बच्चों की फीस राज्य सरकार द्वारा नियमानुसार सीधे स्कूल के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी। इस ऑनलाइन लॉटरी में विभिन्न प्रायवेट स्कूलों की नर्सरी कक्षा में 6 हजार 331, केजी-1 में एक हज़ार 895 और कक्षा पहली में 964 बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश के लिये सीटों का आवंटन हुआ है।
इस अवसर पर अपर संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र शीतांशु शुक्ला, नियंत्रक आरटीई सचिन तिवारी, डॉ. आशीष भारती, पंकज श्रीवास्तव और तकनीकी सहयोगी विभाग एमपीएसईडीसी के अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
पशुपालन मंत्री पटेल ने जयपुर के गौ-पुनर्वास केन्द्र हिंगोनिया का भ्रमण किया
25 Jun, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने बुधवार को गो-पुनर्वास केन्द्र हिंगोनिया, जयपुर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने गौ-शाला परिसर में बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय, आईओसीएल के गैस प्लांट, मिल्क पार्लर आदि को देखा। उन्होंने गायों की देखभाल एवं साफ-सफाई व्यवस्था का अवलोकन भी किया। मंत्री पटेल ने गौ-शाला परिसर में वृक्षारोपण भी किया।
भ्रमण के दौरान मंत्री पटेल के साथ राजस्थान पशुपालन विभाग के निदेशक, संयुक्त निदेशक, उप निदेशक और गौ-शाला के प्रबंधक मौजूद थे। गौ-शाला का संचालन कृष्ण बलराम सेवा ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।
गौ-पुनर्वास केन्द्र हिंगोनिया लगभग 3 हजार 200 बीघा क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें 70 बाड़े हैं, जिनमें एक हजार 300 नंदी सहित कुल 17 हजार 500 गौ-वंश है। गौ-शाला में गोबर से संवर्धित सीएनजी गैस प्लांट स्थापित है, जिसकी उत्पादन क्षमता 400 किलोग्राम सीएनजी प्रतिदिन है। गौ-शाला के 200 बीघा क्षेत्र में नेपियर घास का उत्पादन किया जाता है। गौ-शाला का दुग्ध उत्पादन 2 हजार लीटर प्रतिदिन है। यहां गोबर से गौ-काष्ठ, दीपक, गमले, जैविक खाद तथा दूध से दही, पनीर, घी और मिठाई बनाई जाती है। गौ-शाला परिसर में ग्रामीण बहुउद्देशीय आधुनिक पशु चिकित्सालय स्थापित है, जो 24 घंटे संचालित रहता है।
बीए उत्तीर्ण को भी साक्षात्कार के माध्यम से अन्य विषय में मिलेगा प्रवेश
25 Jun, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में, मंगलवार को उच्च शिक्षा विभाग की 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शीर्ष समिति' की बैठक हुई।
बैठक में स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रमों, स्नातक स्तर पर संचालित कृषि पाठ्यक्रम में प्रवेश तथा अपरेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) के संबंध में चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि ऐसे विद्यार्थी जो स्नातक स्तर पर चयनित मुख्य अथवा गौण विषय से इतर किसी अन्य विषय में स्नातकोत्तर करना चाहते हैं तो उनकी पात्रता का निर्धारण राज्य के विश्वविद्यालयों द्वारा साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए पात्र विद्यार्थियों को स्नातक स्तर के प्राप्तांकों के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।
यह निर्णय भी लिया गया कि आगामी सत्र से बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली PAT परीक्षा,CUET-UG अथवा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश दिया जा सकेगा।
बैठक में अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत बरबड़े, अध्यक्ष प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति डॉ. रविंद्र कान्हेरे, कुलगुरुगण एवं शीर्ष समिति के सदस्य सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।।
प्रधानमंत्री मोदी ने रेल यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराईं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
25 Jun, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देशवासियों को विश्व स्तरीय रेल सुविधा उपलब्ध हुई हैं। पिछले 11 साल में ट्रेनों के समय पर चलने, रेलवे स्टेशनों की व्यवस्थाओं, रेल मार्ग और ट्रेनों के उन्नयन और यात्री सुविधाओं में आया सकारात्मक बदलाव क्रांति के समान है। देश में बुलेट ट्रेन, सेमी हाईस्पीड ट्रेन और मेट्रो ट्रेनों का विस्तार हो रहा है। इसी क्रम में प्रदेश में इंदौर में सबसे पहले मेट्रो ट्रेन की शुरुआत हुई है। अब भोपाल में भी अक्टूबर से मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ होगा। प्रधानमंत्री मोदी को लोकार्पण के लिए आमंत्रण दिया है। प्रदेश में रेलवे एक लाख करोड़ रुपए की योजनाओं का संचालन कर रहा है। भोपाल के पास रायसेन जिले के उमरिया गांव में आगामी दो माह में रेल कोच बनाने के कारखाने का भूमि पूजन होने वाला है, यह कारखाना बीएचईएल के बराबर होगा। दिल्ली-नागदा-रतलाम का चार ट्रैक का होना रेलवे के क्षेत्र में हो रहे विकास का परिचायक है। जल्द ही भोपाल से राजगढ़ होते हुए झालावाड़ के लिए रेल सुविधा आरंभ होने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल रेलवे स्टेशन पर एग्जीक्यूटिव लाउंज के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में भोपाल महापौर मालती राय उपस्थित थी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाते हुए अब भोपाल स्टेशन पर स्पेशल और वीआईपी लाउंज का शुभारंभ हो रहा है। यहां मात्र 50 रुपए में यात्रियों को सुविधा मिलेगी। वहीं एक सौ रुपए में लाउंज में रीफ्रेशमेंट भी मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल को विश्वस्तरीय रानी कमलापति स्टेशन की सौगात मिल चुकी है। रेलवे ने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 84 करोड़ की लागत से बीते दिनों नर्मदापुरम, सिवनी, शाजापुर, श्रीधाम और ओरछा सहित प्रदेश के 6 स्टेशनों को आधुनिक बनाने का कार्य किया है। प्रदेश से चल रहीं 4 वंदेभारत ट्रेन 14 राज्यों को कनेक्ट करती हैं। अलग-अलग जिलों में इन स्टेशनों के 18 स्टापेज हैं। वंदेभारत के रखरखाव के लिए 100 करोड़ की लागत से नए कोचिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने बदलते दौर में आत्मविश्वास पाया है, प्रदेशवासियों के जीवन में भी बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन सिंहस्थ के लिए भी रेलवे सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में कार्य जारी है। रेल मंत्रालय ने इंदौर-मनमाड़ और इंदौर-दाहोद रेललाइन के लिए 18.5 हजार करोड़ की परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन शुरू होने से गुना- राजगढ़ सीधे मुंबई से जुड़ेंगे। वर्तमान में दिल्ली से मुंबई जाने वाली रेलगाड़ियां ग्वालियर, भोपाल, इटारसी और खंडवा के रास्ते गुजरती है। इंदौर-मनमाड़ रेललाइन शुरू होने पर दिल्ली-मुंबई रूट पर लगभग 200 से 250 किलोमीटर दूरी कम होगी जिससे यात्रियों का समय बचेगा और प्रदेश को विकास की नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मना रही है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन हुआ, जिसमें 30 लाख करोड़ का अभूतपूर्व निवेश मिला है। प्रदेश में औद्योगीकरण को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार संभाग स्तर पर हर सेक्टर पर केंद्रित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी 27 जून को एमएसएमई डे के अवसर पर रतलाम जिले में उद्योग संवर्धन को समर्पित बड़ा आयोजन होने जा रहा है इससे जनजातीय क्षेत्रों को लाभ होगा। राज्य सरकार आईटी, हेल्थ, फूड प्रोसेसिंग जैसे सभी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए कार्य कर रही है।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे व्यवस्था उन्नत हुई है। प्रधानमंत्री मोदी की स्वच्छता को लेकर प्रतिबद्धता रेलवे संचालन के सभी पक्षों में परिलक्षित होती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में विकास और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ने कहा कि रेलवे को आधुनिक बनाने और यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अनेक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि भोपाल रेलवे स्टेशन पर 10 हजार स्क्वायर फिट क्षेत्र में लाउंज में यात्रियों के आराम और खान-पान के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। कार्यक्रम में विधायक आतिफ अकील, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, रवींद्र यति तथा समाज सेवी राहुल कोठारी सहित रेलवे अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।
उन्नत कृषि से किसानों को अधिक मुनाफा : कृषि उत्पादन आयुक्त वर्णवाल
25 Jun, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक वर्णवाल ने कहा है कि प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लक्ष्य पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि की उन्नत तकनीकें अपनाने, फसलों के विविधीकरण तथा खेती के साथ पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन आदि गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जाए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसानों के खेत पर जाकर उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराएं।
कृषि उत्पादन आयुक्त वर्णवाल ने बुधवार को नर्मदा भवन में रबी वर्ष 2024-25 की समीक्षा और खरीफ 2025 की तैयारियों संबंधी भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग की संयुक्त बैठक ली। बैठक में प्रमुख सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण अनुपम राजन, प्रमुख सचिव मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास डी.पी.आहूजा, सचिव कृषि एम.सेलवेन्द्रन, सचिव पशुपालन एवं डेयरी डॉ. सत्येन्द्र सिंह, संभागायुक्त भोपाल संजीव सिंह, संभागायुक्त नर्मदापुरम कृष्णगोपाल तिवारी आदि उपस्थित थे।
बैठक में बताया गया कि खरीफ 2024 में भोपाल जिले में एक लाख 7 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन, 28 हजार हेक्टेयर में धान, 8 हजार हेक्टेयर में मक्का तथा 1600 हेक्टेयर में अरहर बोई गई थी। इसी प्रकार रायसेन जिले में 58 हजार 932 हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन, 2 लाख 74 हजार 547 हेक्टेयर में धान, 16 हजार 489 हेक्टेयर में मक्का तथा 15 हजार 193 हेक्टेयर में अरहर, विदिशा जिले में तीन लाख 82 हजार 250 हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन, एक लाख 2 हजार 528 हेक्टेयर में धान, 21 हजार 931 हेक्टेयर में मक्का, 7 हजार 526 हेक्टेयर में उड़द तथा 3 हजार 882 हेक्टेयर में ज्वार, राजगढ़ जिले में 4 लाख 36 हजार 742 हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन, 28 हजार 301 हेक्टेयर में मक्का तथा सीहोर जिले में 3 लाख 20 हजार 920 हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन, 27 हजार हेक्टेयर में धान, 32 हजार हेक्टेयर में मक्का तथा एक हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अरहर बोई गई थी। इस वर्ष धान के क्षेत्र में कमी तथा सोयाबीन और अरहर के क्षेत्र में वृद्धि की संभावना है।
कृषि उत्पादन आयुक्त वर्णवाल ने कहा कि किसानों को बीज की उन्नत किस्में बोने के लिए प्रेरित किया जाए। बायोफोर्टिफाइड गेहूँ के बीज में आयरन और जिंक की मात्रा होती है जो कि स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। किसानों को गेहूँ के इस बीज की किस्म एचआई 1650, 1636, 1633, 1655 बोने के लिए प्रेरित किया जाए। पूसा अरहर 16 अच्छी फसल है और इसका उत्पादन भी ज्यादा है। किसानों को फसलों के विविधीकरण के लिए प्रेरित करें।
वर्णवाल ने कहा कि किसानों को प्रेशराइज्ड पाइप प्रणाली के माध्यम से सिंचाई के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। खेत में पाइप लाइन डालने पर सरकार की ओर से अनुदान दिया जाता है। सभी जिलों में मृदा परीक्षण प्रयोग शालाएं कार्य कर रही हैं, इनके माध्यम से अधिक से अधिक मृदा परीक्षण करवाए जाएं। कस्टम हायरिंग केन्द्रों के माध्यम से किसानों को खेती के लिए उन्नत कृषि यंत्र एवं उपकरण भी उपलब्ध करवाए जाएं।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि किसानों को डीएपी उर्वरक के स्थान पर एनपीके उर्वरक इस्तेमाल करने की सलाह दी जाए। एनपीके में फसलों के लिए उपयोगी सभी पोषक तत्व होते हैं। उर्वरक वितरण के लिए डबल लॉक केन्द्रों का आधुनिकीकरण किया जाए तथा प्रयास किया जाए कि किसानों को लाइन में खड़ा न होना पड़े और उनके बैठने की अच्छी व्यवस्था की जाए।
वर्णवाल ने कहा कि किसानों को समझाया जाए कि नरबाई जलाना खेत के लिए अत्यंत हानिकारक है। नरवाई जलाने के स्थान पर हैप्पीसीडर, सुपर सीडर से बुआई करने पर खेत को नुकसान नहीं होता, उसके पोषक तत्व बने रहते हैं तथा उत्पादकता अधिक आती है। जिन किसानों ने हैप्पी सीडर का उपयोग कर बुआई की उन्हें बहुत अच्छे परिणाम मिले हैं, उन किसानों को रोल मॉडलों के रूप में प्रचारित करें।
शासन द्वारा ई मंडी प्रारंभ की गई है। किसानों को अपनी फसल बेचने में मंडियों में कम से कम समय लगना चाहिए। मंडियों को हाईटेक बनाने की कार्यवाही की जानी चाहिए। सरकार द्वारा फार्म गेट एप प्रारंभ किया गया है, इस पर किसान अपना पंजीयन कराके घर बैठे अपनी फसलें बेच सकता है।
मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग की समीक्षा के दौरान वर्णवाल ने कहा कि मछली पालन में पारम्परिक व्यवसाय के स्थान पर उद्यम के माध्यम से केज कल्चर एवं बायोफ्लॉक टेक्नोलॉजी द्वारा उत्पादन लक्ष्य को 05 गुना किया जा सकता है। केजकल्चर द्वारा नये एंटरप्रेन्योर को मछली पालन से जोड़कर भोपाल जिले को मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। मत्स्य समितियों के सदस्यों के सहकारी बैंकों में खाते खुलवायें तथा सभी पात्र मछली पालकों को मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ दें। जल संवर्धन अभियान के अंतर्गत संभाग के सभी जिलों में अमृत सरोवर, खेत तालाब को बायोफ्लॉक टेक्नोलॉजी के माध्यम से मछली पालन के नये स्त्रोत के रूप में विकसित कर किसान को आर्थिक रूप से सशक्त कर सकते है। संभाग के सभी जिलों में एंटरप्रेन्योरशिप मछली पालन के लिये पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ करें। भोपाल संभाग में 4165 तालाब एवं 7530 जल क्षेत्रों में मछली पालन किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में मत्स्योपादन 55135 मैट्रिक टन का है, जिसे एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से दोगुना किया जा सकता है।
वर्णबाल ने पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि सभी जिले दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिये नये मिल्क रूट बनाएं। पशुओं की नस्ल सुधार के माध्यम से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करें। पशुपालन एवं डेयरी सचिव डॉ. सतेन्द्र सिंह ने बताया कि भारत में दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश का तीसरा स्थान है। देश का 09 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन मध्य प्रदेश (21.32 मिलियन टन) करता है। इसे बढ़ाकर 50 लाख टन करने का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिये नये मिल्क रूट बनाए जायेंगे। पशुपालन विभाग के तहत पशुओं की नस्ल सुधार, पशु पोषण एवं रिस्क मेनेजमेंट आदि कार्य की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मनीषा भटनागर ने माना आभार
25 Jun, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इजरायल-ईरान युद्ध के चलते कतर से वापसी के लिये रह गई उज्जैन निवासी मनीषा भटनागर की सकुशल स्वदेश वापसी के बाद उनसे वीडियो कॉल पर चर्चा कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार बहन-बेटियों को हर संभव मदद देने के लिए तत्पर है। भटनागर ने उज्जैन वापसी के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। उन्होंने कहा कि कतर से भारत लौटने में प्रदेश सरकार का भरपूर सहयोग मिला। संकट के क्षणों में पूर्ण विश्वास था कि देश और प्रदेश की सरकार हमारी चिंता कर रही है और हम निश्चित ही सुरक्षित स्वदेश लौटेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भटनागर से एयरलाइंस में उनके कामकाज की जानकारी भी ली।
उल्लेखनीय है कि भटनागर कतर एयरवेज में सीनियर केबिन क्रू हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनकी सकुशल वापसी के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सहयोग के लिए अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के संबंधित अधिकारियों को केंद्र सरकार के संपर्क में रहते हुए भटनागर की सकुशल स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
बुजुर्गों की सेवा, सम्मान और सुरक्षा हमारी संस्कृति का हिस्सा- मुख्यमंत्री डॉ. यादव
25 Jun, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में “स्नेहधाम” भवन के लोकार्पण अवसर पर कहा कि यह प्रकल्प केवल सामाजिक सुरक्षा नहीं बल्कि सुरक्षित आवास सुविधा भी सुनिश्चित करता है। यह अपने आप में एक बड़ा और संवेदनशील कदम है, जो वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और उत्तरदायित्व की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सेवा, सम्मान और सुरक्षा हमारी संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक जीवन और सुरक्षित आवास सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इंदौर में 18 करोड़ रुपये की लागत से “स्नेह धाम” भवन इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाया गया है। प्रदेश में अपने तरह की इस पहली अभिनव पहल का लोकार्पण बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। स्नेहधाम भवन में बुजुर्गों के लिए भोजन, चिकित्सा, मनोरंजन, स्वाध्याय, ध्यान और परामर्श जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे वे सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें। यहां बुजुर्गों की सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकार्पण अवसर पर इंदौर को 565 करोड़ रुपये से अधिक के लागत के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने इस मौके पर लगभग 90 करोड़ रुपये लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण किया और 476 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक मधु वर्मा, मनोज पटेल तथा गोलू शुक्ला, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और संभागायुक्त दीपक सिंह भी विशेष रूप से मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय के साथ सामाजिक ढांचा बदला है – कई बुजुर्ग दंपत्ति आज अकेले हैं, किसी के बच्चे विदेश में हैं तो कोई नौकरी के कारण दूर शहरों में रहते हैं ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित, आत्मसम्मानजनक और सुसज्जित आवास की आवश्यकता को स्नेहधाम जैसी पहलें पूरा करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर सिर्फ स्वच्छता में ही नहीं, बल्कि सामाजिक नवाचारों और जनकल्याण की दिशा में भी लगातार अग्रणी भूमिका निभा रहा है और आगे भी निभाता रहेगा।
सर्व सुविधायुक्त स्नेह धाम- प्रदेश में अपने तरह की पहली अभिनव पहल
वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और सुरक्षित आवास सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से इंदौर विकास प्राधिकरण ने एक अभिनव पहल की है। योजना क्रमांक 134 के अंतर्गत लगभग 20 हजार वर्गफीट के भूखंड पर “स्नेहधाम” सीनियर सिटीजन कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया गया है। यह भवन प्रदेश में अपने तरह का पहला है, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा के साथ सर्व सुविधायुक्त आवास की व्यवस्था की गई है।
इस 6 मंजिला भवन में कुल 32 फ्लैट बनाए गए हैं। जिसमें 2 BHK के 22 फ्लैट तथा 1 BHK के 10 फ्लैट शामिल हैं। लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस भवन में वरिष्ठ नागरिकों के अनुकूल सभी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। परिसर में 24x7 सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और डीजी सेट से बैकअप की भी व्यवस्था की गई है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए दो लिफ्ट भी रहेगी। प्रत्येक फ्लेट में 24x7 पानी, बिजली, गीजर, स्टडी टेबल, सोफा, टी.वी., फ्रिज, माइक्रोवेव, आदि सुविधाएँ हैं। कॉल करने पर चाय, नाश्ता, भोजन की रूम सर्विस भी रहेगी। साथ ही प्रथम तल पर मॉड्यूलर किचन, स्टाफ, डाइनिंग हॉल आदि हैं। प्रातः चाय से लेकर रात्रि भोजन तक की सभी व्यवस्थाएँ की गई है। भोजन का मीनू भी सर्वसम्मति से तय होगा। परिसर में वॉक करने के साथ-साथ इनडोर गेम्स जैसे बिलियर्ड्स, कैरम, चैस आदि की सुविधा उपलब्ध है। योग, प्राणायाम हेतु भी पृथक से प्रशिक्षक रहेंगे। स्वास्थ्य सुविधा की दृष्टि से नियमित चेकअप के लिए नर्सिंग स्टाफ 24x7 रहेगा। विस्तृत जांच व उपचार हेतु निकटतम अस्पताल से अनुबंध किया गया है ताकि तत्काल उपचार प्राप्त हो सके। संपूर्ण परिसर में 64 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यह भवन वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर आवास सुविधा प्रदान करने के साथ सुरक्षित वातावरण प्रदान करेगा जहाँ वे अपने जैसे ही नागरिकों के साथ प्रसन्नता पूर्वक रह सकेंगे। इसमें बुकिंग भी प्रारंभ हो चुकी है।
आपातकाल: स्वर्णिम लोकतंत्र का काला अध्याय
25 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और संविधान लोकतंत्र का रक्षक, क्योंकि संविधान लोकतांत्रिक मूल्यों, मौलिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता की आधारशिला है, किंतु 25 जून 1975 से 31 मार्च 1977 तक का कालखंड ऐसा था, जब देश में सत्ताधारी नेताओं द्वारा इन सभी मूल्यों का गला घोंटा गया। संवैधानिक शब्दावली में इस कालखंड को आपातकाल कहा गया परंतु इतिहास में इसे ‘स्वर्णिम लोकतंत्र के काले अध्याय’ के रूप में जाना जाता है। इस अवधि में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए न केवल संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया, बल्कि नागरिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों को स्थगित करके भारतीय लोकतंत्र की आत्मा पर भी कुठाराघात किया।
1971 में इंदिरा गांधी ने ‘गरीबी हटाओ’ के नारे पर भारी बहुमत से चुनाव अवश्य जीता, लेकिन 1975 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने रायबरेली से उनके निर्वाचन अवैध घोषित कर दिया और 6 वर्षों तक चुनाव लड़ने के लिये भी अयोग्य ठहरा दिया। उच्च न्यायालय के इस निर्णय ने इंदिरा गांधी के पद को खतरे में डाल दिया। अपनी सत्ता को बचाने की लाचारी और राजनीतिक वर्चस्व की भूख ने लोकतांत्रिक मूल्यों को ध्वस्त करते हुए इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लागू कर दिया। आपातकाल का यह निर्णय किसी राष्ट्रीय संकट के कारण नहीं बल्कि गांधी की सत्ता लोलुपता से प्रेरित था। संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत आंतरिक अशांति का बहाना बनाकर उन्होंने देश को आपातकाल के अंधकार में धकेल दिया।
संवैधानिक प्रावधानों के तहत देश में आपातकाल मंत्रिमंडल की अनुशंसा पर राष्ट्रपति द्वारा लागू किया जाना चाहिए, परंतु गांधी ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने 26 जून 1975 को सुबह 6:00 केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर मंत्रियों को बताया कि मध्य रात्रि के बाद से देश में आपातकाल लगा दिया गया है। कुल मिलाकर देश में आपातकाल लागू करने के बाद और देश को यह सूचना देने से पहले गांधी ने मंत्रिमंडल की महज औपचारिक सहमति प्राप्त की, जो उनकी तानाशाही को दर्शाता है। आपातकाल लागू करते ही इंदिरा गांधी की तानाशाही शुरू हो गई। उन्होंने देश में नागरिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों को स्थगित कर दिया। गांधी द्वारा राष्ट्रवादी विचारधारा को कुचलने का कार्य किया। लोकतंत्र को बचाने के लिये प्रतिरोध करने वालों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किये गये। जनसंघ और अन्य विपक्षी दलों से जुड़े नेताओं को गिरफ्तार कर ‘मीसा’ अर्थात आंतरिक सुरक्षा कानून के तहत जेल में डाल दिया गया जयप्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई, अटल बिहारी वाजपेई और लालकृष्ण आडवाणी जैसे अनेक वरिष्ठ नेताओं को जेल में बंद कर दिया गया। एक अनुमान के मुताबिक बिना सुनवाई के लगभग 01 लाख 40 हजार से अधिक लोगों को जेल में बंद कर दिया गया। लोकतंत्र की सबसे जरूरी विशेषता ‘वैकल्पिक विचार’ को इंदिरा गांधी ने राजद्रोह में बदल दिया।
आपातकाल में इंदिरा गांधी ने न्यायपालिका जो लोकतंत्र की रक्षा की अंतिम संस्था है, उसे भी झुकने पर मजबूर कर दिया। न्यायपालिका की स्वायत्तता को छीनने का प्रयास किया गया। सत्ता की आलोचना करने वाले अखबारों को सेंसर कर दिया गया। अनेक समाचार पत्रों के छपने पर रोक लगा दी गई। यह प्रेस की स्वतंत्रता का सबसे भयावह क्षण था। संजय गांधी के मार्गदर्शन में चलाए जाने वाला ‘नसबंदी अभियान’ सरकारी आतंक का प्रतीक बन गया। व्यक्तिगत सत्ता स्थायित्व के लिए संविधान में प्रजातंत्र विरोधी संशोधन किए गए। न्यायपालिका की शक्ति को सीमित करने की कोशिश की गई। यह वास्तव में भारत के लोकतांत्रिक संतुलन को बिगाड़ने की एक बड़ी साजिश थी । आपातकाल के दौरान कांग्रेस ने ‘इंदिरा इज इंण्डिया एण्ड इंण्डिया इज इंदिरा’ जैसे नारों को प्रसारित किया जो इंदिरा गांधी की निरंकुशता, तानाशाही और संविधान विरोधी मानसिकता को दर्शाते हैं। आपातकाल के दौरान प्रसिद्ध कवि जी.एस. शिवरूद्रप्पा ने ‘इस देश में’ नामक एक कविता लिखी-
इसदेश में
वीर पूजा ,परिवार पूजा
खत्म होनी चाहिए,
लेकिन मेरी कुलदेवी की तरफ कोई आंख न उठाए,
इसदेश में
हर एक को अपना मुंह बंद रखना चाहिए
लेकिन उन्हें मेरे शब्द सुनने के लिए
अपने कान खुले रखना चाहिए
यह कविता देश में इंदिरा गांधी की तानाशाही और लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मूल्यों पर किए गए वज्रपात को प्रदर्शित करती है।
आजकल कुछ विपक्षी नेता संविधान की प्रतियां हाथों में लेकर संसद से सड़कों तक ‘संविधान खतरे में है’ और ‘लोकतंत्र खतरे में है’ के नारे लगा रहे हैं। राजनीतिक स्वार्थ के लिए संविधान और लोकतंत्र को खतरे में बताने वाले इन नेताओं को थोड़ा अतीत में झांकना चाहिए। राहुल गांधी को पीछे जाकर अपनी दादी इंदिरा के काले कारनामों को देखना चाहिए, कि किस तरह उनकी सत्ता की लालसा ने देश में लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की हत्या की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश विकास और प्रगति के नए आयाम को स्पर्श कर रहा है। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। समावेशी विकास में लोकतंत्र की पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक विकास को प्रवाहित किया है। लोकतांत्रिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मोदी सरकार द्वारा जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला और जनधन जैसी योजनाओं को धरातल पर लागू किया गया है। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए संवैधानिक प्रावधानों को स्थगित कर दिया था, वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने संवैधानिक मूल्यों और प्रावधानों के अनुक्रम में धारा 370 को हटाने, जीएसटी लागू करने जैसे राष्ट्रीय हित के कार्यों को मूल रूप प्रदान किया है। आपातकाल लोकतांत्रिक इतिहास का एक ऐसा काला अध्याय है, जो हमें चेतावनी देता है, कि सत्ता का केंद्रीकरण किस हद तक लोक स्वतंत्रता को कुचल सकता है।
आपातकाल इस बात की चेतावनी है, कि जब सत्ता की भूख विवेक पर हावी हो जाती है, तब लोकतंत्र खोखला हो जाता है। इंदिरा गांधी द्वारा लागू किया गया आपातकाल उनके राजनीतिक स्वार्थ और आत्ममुग्धता का प्रतीक था। वह एक समय था जब इंदिरा गांधी ने देश की आत्मा को कुचल कर सत्ता की कुर्सी को बचाया था। इंदिरा गांधी ने आपातकाल लागू करके देश की जनता पर जो अत्याचार किया, उसका उत्तर जनता ने 1977 के चुनाव में कांग्रेस को सत्ता से बाहर करके दिया। जिससे यह स्पष्ट है कि आपातकाल भारत के स्वर्णिम लोकतंत्र में न केवल एक काला अध्याय है, बल्कि सत्ता के मद में चूर इंदिरा गांधी की तानाशाही का भी प्रतीक है।
लोकतंत्र की रक्षा में मीसाबंदियों की कुर्बानी सदैव याद रखी जाएगी: सीएम मोहन
25 Jun, 2025 08:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आपातकाल की पचासवीं बरसी पर अपना संदेश जारी किया और तत्कालीन सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की. डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए मीसाबंदियों का संघर्ष स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों जैसा दिखा.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश में आपातकाल लागू किए जाने की 50वीं बरसी पर तत्कालीन सरकार की नीतियों पर हमला बोला, साथ ही उन्होंने कहा किगणतंत्र की रक्षा के लिए जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित सभी देशभक्तों ने आपातकाल के संघर्ष में जो कुर्बानी दी, वह सदा ये लिए स्मरणीय है.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उस संघर्ष और कुर्बानी का ही प्रतिफल है कि आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र सुरक्षित है. उन्होंने कहा कि भारत में संघ परिवार ने लोकतंत्र की पुनर्स्थापित करने का काम किया था. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए.
लोकतंत्र की रक्षा के लिए सबने किया संघर्ष
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, हमारे मार्गदर्शक लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और श्रद्धेय मोरारजी देसाई सहित विपक्ष के सभी नेताओं ने एक स्वर में आपातकाल का विरोध करते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया.
मीसाबंदियों को लोकतंत्र सेनानी का नाम दिया गया
उन्होंने कहा कि यह स्वाधीनता संग्राम में क्रांतिकारियों के संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है. इसीलिए सभी मीसाबंदियों को लोकतंत्र सेनानी नाम मिला है. उन्होंने कहा कि एशिया में लोकतंत्र कहीं बचा है तो उसमें जनता पार्टी सहित विपक्षी नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है. उल्लेखनीय है कि 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू किया गया था. इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन माना जाता है
प्रदेश के 26 जिलों में हुई बारिश, भोपाल में जर्जर मकान का हिस्सा गिरने से युवक की मौत
25 Jun, 2025 07:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Mp Weather : अलग-अलग स्थानों पर बनी पांच मौसम प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। बुधवार को प्रदेश के 26 जिलों में बारिश हुई। सतना में सबसे ज्यादा 2.2 इंच पानी गिरा। छतरपुर के खजुराहो में 1.7 इंच, भोपाल में 1.4 इंच, खरगोन में 1 इंच, छतरपुर के नौगांव और सीधी में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल के टीटी नगर इलाके में पुराने एमएलए क्वार्टर्स में बने एक जर्जर मकान का हिस्सा अचानक गिर गया। मलबे में दबने से एक युवक की मौत हो गई। भोपाल में सुबह से ही रुक-रुककर बारिश हो रही है। टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना क्षेत्र के लारौन गांव में बुधवार दोपहर खेत में बिजली गिरने से 16 बकरियों की मौत हो गई।
इन जिलों बारिश का दौर जारी
बुधवार को प्रदेश दतिया, बैतूल, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, उमरिया, सीहोर, कटनी, टीकमगढ़, श्योपुर, शाजापुर, धार, डिंडौरी में भी बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग ने रात में भी कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।
अगले चार दिन के लिए अलर्ट
मध्यप्रदेश के ऊपर से दो टर्फ गुजर रही है। इसके अलावा साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है। इस वजह से पूरे प्रदेश में बारिश का दौर चल रहा है। मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि सिस्टम की वजह से प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है। अगले चार दिन तक कई संभागों में तेज बारिश हो सकती है।
प्रदेश में अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम
26 जून: भोपाल, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, दमोह, जबलपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट है। अन्य जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा।
27 जूनः सागर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सीधी, सिंगरौली में भारी बारिश हो सकती है। बाकी जिलों में भी बारिश होने की संभावना है।
28 जून: ग्वालियर, शिवपुरी, सीहोर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, छिंदवाड़ा, रीवा और सीधी में भारी बारिश होने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत अन्य जिलों में भी बारिश का दौर बना रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा एक्सीक्यूटिव एवं वीआईपी लॉन्ज का भव्य लोकार्पण
25 Jun, 2025 07:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल स्टेशन पर यात्रियों को मिला विश्वस्तरीय अनुभव
भोपाल। भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया। इस क्रम में, आज भोपाल रेलवे स्टेशन पर एक्जीक्यूटिव एवं वीआईपी लॉन्ज का भव्य उद्घाटन मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उनके कर-कमलों से संपन्न हुआ। समारोह की गरिमा को बढ़ाने हेतु अनेक विशिष्ट अतिथिगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के माननीय खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, माननीया महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, तथा माननीय विधायक-उत्तर श्री आतिफ आरिफ अकील, माननीय अध्यक्ष नगर निगम श्री किशन सूर्यवंशी मंच पर विशेष रूप से उपस्थित रहे। रेल प्रशासन की ओर से मंडल रेल प्रबंधक भोपाल श्री देवाशीष त्रिपाठी, अपर मंडल रेल प्रबंधक श्रीमती रश्मि दिवाकर, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाई।
साथ ही इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन की ओर से ग्रुप जनरल मैनेजर (मुंबई) श्री गौरव झा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने इस लॉन्ज के निर्माण एवं संचालन से संबंधित जानकारी साझा की। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि यह लॉन्ज इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन द्वारा विकसित किया गया है। लगभग 10,693 वर्गफुट में फैले इस आधुनिक लॉन्ज में प्रीमियम श्रेणी की सुविधाएं प्रदान की गई हैं, जो यात्रियों को रेल यात्रा से पहले और बाद में विश्राम, मनोरंजन और कार्य के लिए एक भव्य एवं अनूठा वातावरण उपलब्ध कराएंगी।
बैठक व्यवस्था एवं विश्राम क्षेत्र:
एक्जीक्यूटिव लॉन्ज में 200 यात्रियों और वीआईपी लॉन्ज में 100 यात्रियों के लिए वातानुकूलित आरामदायक बैठक की व्यवस्था की गई है। 48 लगेज रैक की सुविधा के साथ-साथ तीन 'नैप ज़ोन' भी बनाए गए हैं, जहां यात्रियों को विश्राम हेतु रीक्लाइनर व बेड यूनिट्स उपलब्ध हैं।
मुख्य सुविधाएं:
पूरे लॉन्ज को पूर्णतः वातानुकूलित किया गया है। इसमें यात्रियों के लिए आरामदायक सोफा, समाचार पत्र, पत्रिकाएं, वाई-फाई कनेक्टिविटी, संगीत एवं टेलीविजन, शौचालय, स्नानगृह, मेकअप मिरर, हैंड ड्रायर, वॉश एंड चेंज जैसी अत्याधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
प्रवेश शुल्क एवं रिफंडेबल डिपॉजिट:
• एक्जीक्यूटिव लॉन्ज: ₹50 प्रति व्यक्ति प्रति घंटा। आगंतुकों को एक वेलकम ड्रिंक (चाय/कॉफी) निःशुल्क दी जाएगी।
• वीआईपी लॉन्ज: ₹100 प्रति व्यक्ति प्रति घंटा , इसमें अपग्रेडेड सुविधाएं जैसे रीक्लाइनर, स्नैकिंग आइटम्स (समोसा/वड़ा) और गेम एक्टिविटी भी शामिल हैं।
वैकल्पिक प्रीमियम सेवाएं (सशुल्क):
लगेज हैंडलिंग, प्रिंट/स्कैन सेवाएं, वॉश एंड चेंज सुविधा, कॉन्फ्रेंस एवं मीटिंग एरिया, यात्रा एक्सेसरीज़, नियमित व विशेष बुफे आदि यात्रियों की अतिरिक्त आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुलभ कराई गई हैं।
यह लॉन्ज न केवल भोपाल स्टेशन पर रेल यात्रियों के अनुभव को समृद्ध करेगा, बल्कि यह पूरे पश्चिम मध्य रेलवे के लिए गौरव का विषय है। ऐसे प्रयास यात्रियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और सुखद यात्रा का अनुभव प्रदान करने में मील का पत्थर सिद्ध हो रहे हैं।
अमित शाह का तीखा हमला, बोले—राहुल की पार्टी बंगाल में शून्य पर सिमटेगी
शांति वार्ता पर संकट, होर्मुज में फिर भड़का सैन्य तनाव
टिफिन में परांठे हो जाते हैं कड़े? सुबह से शाम तक नरम रखने के लिए अपनाएं ये 5 जादुई टिप्स।
बयान पर नहीं थम रहा विवाद, BJP ने EC के सामने रखा मुद्दा
आसमान में गरजे सुखोई-मिराज, एक्सप्रेस-वे पर दिन-रात युद्धाभ्यास
क्या आपका पीरियड फ्लो कम हो गया है? तनाव और डाइट हो सकते हैं जिम्मेदार
इंतजार खत्म! यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं का रिजल्ट कल शाम 4 बजे जारी
