मध्य प्रदेश
एक तरफ सिंधिया की महफिल, दूसरी ओर मधुमक्खियों का हमला – ट्रेन यात्रा में ड्रामा
27 Jun, 2025 11:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर/अशोकनगर: ग्वालियर-बेंगलुरु के बीच शुरू हुई नई ट्रेन की पहली रवानगी में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी सफर किया. वे ग्वालियर से शिवपुरी तक सामान्य कोच में आम जनता के बीच बैठ कर गए. इस दौरान सिंधिया का अनोखा अंदाज भी नजर आया. आम तौर पर राजनीतिक सभाओं और सदन में गंभीर रहने वाले सिंधिया ट्रेन में मस्ती करते दिखे. वहीं अशोकनगर पहुंचे केंद्रीय मंत्री पर मधुमक्खी ने हमला कर दिया.
खुशनुमा मौसम में सिंधिया की मस्ती
असल में ग्वालियर से बेंगलुरु के लिए रवाना हुई ट्रेन शिवपुरी की और बढ़ रही थी. मौसम भी खुशनुमा था, जैसे हो ट्रेन शिवपुरी के करीब पहुंची तो बारिश होने लगी. हर तरफ हरियाली की छटा, रिमझिम बरसता पानी और इसकी वजह से हुआ खूबसूरत मौसम सिंधिया को चुलबुला गया. फिर क्या था केंद्रीय मंत्री सिंधिया भी मस्ती के मूड में आ गये और ट्रेन में गुनगुना शुरू कर दिया.
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने गया गाना
चेहरे पर मुस्कान और जुंबा पर मुकेश चंद माथुर का मशहूर 'सुहाना सफर और ये मौसम हसीन...' गाना, सिंधिया का ये अंदाज हर किसी को पसंद आया. उन्हें देख साथ सफर कर रहे यात्री भी उनके साथ गाने लगे. देखते ही देखते ट्रेन का पूरा डिब्बा ही महफिल में बदल गया. कई लोगों ने केंद्रीय मंत्री के अंदाज को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है.
अशोकनगर में सिंधिया पर मधुमक्खी ने किया हमला
वहीं ग्वालियर से बेंगलुरु तक ट्रेन की सौगात को लेकर केंद्रीय मंत्री सिंधिया अशोकनगर स्टेशन पर पहुंचे. रेलवे स्टेशन पर बने बेरिकेट्स को हटाकर जब जनता के बीच उनका अभिवादन करने के लिए जा रहे थे. इसी दौरान उनकी उंगली में मधुमक्खी ने डंक मार दिया. मंच पर वापस लौटकर केंद्रीय मंत्री सिंधिया अपनी अंगुली को दबा रहे थे, तो वहां मौजूद जनप्रतिनिधियों ने तत्काल उनके काफिले में शामिल डॉक्टर को इस मामले से सूचित किया.
डॉक्टरों ने किया तुरंत इलाज
सूचना मिलने पर उनके काफिले में चल रही एंबुलेंस की टीम के डॉक्टर पहुंचे, उन्होंने केंद्रीय मंत्री सिंधिया का इलाज किया. पहले तो मेडिकल विशेषज्ञ सिंधिया का इलाज करने के लिए पहुंचे, लेकिन बाद में जब मधुमक्खी द्वारा डंक मारने की सूचना मिली तो फिर बाद में दूसरे डॉक्टर भी मौके पर पहुंचे और करीब 15 मिनट तक केंद्रीय मंत्री सिंधिया की अंगुली का इलाज करते हुए नजर आए.
तीन जिलों को मिली बेंगलुरु के लिए सीधी कनेक्टिविटी
गौरतलब है कि, गुरुवार को ग्वालियर में एक भाव आयोजन के साथ रेलवे ने ग्वालियर से बेंगलुरु के लिए नई ट्रेन की शुरुआत की है, जो ग्वालियर से चलकर शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा भोपाल होते हुए बेंगलुरु पहुंचेगी. इस ट्रेन के जरिए ग्वालियर देश के हब माने जाने वाले शहर से सीधे जुड़ जाएगा. खासकर इस ट्रेन का फायदा शिवपुरी अशोकनगर और गुना से बेंगलुरु आने जाने वाले यात्रियों को मिलेगा. ये शहर सीधे बेंगलुरु और नागपुर जैसे बड़े शहरों से रेल मार्ग के जरिए कनेक्ट हो जाएंगे.
लोकतंत्र हमारी जीवन शैली की है आत्मा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
26 Jun, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकतंत्र भारतीय सभ्यता और संस्कृति का अभिन्न अंग है। यह केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली की आत्मा और पहचान है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र भारतीय जनमानस में पुराकाल से रचा-बसा है और इसकी जड़ें हमारी परंपराओं में गहराई तक फैली हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास में लोकतंत्र सेनानियों के प्रादेशिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती में लोकतंत्र सेनानियों के अमूल्य योगदान की सराहना करते हुए कहा कि हमारा वर्तमान लोकतंत्र उनके अनथक संघर्ष और बलिदान का ही परिणाम है। आज हम एक मजबूत और जवाबदेह लोकतांत्रिक व्यवस्था में जीवन व्यतीत कर रहे हैं, इसके मूल में लोकतंत्र सेनानी ही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकतंत्र शासन को जवाबदेह बनाता है, नागरिकों को अधिकार देता है और प्रत्येक व्यक्ति को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है। लोकतांत्रिक प्रणाली ही हमारी विविधता में एकता को बनाए रखने का आधार है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी का आह्वान किया कि लोकतंत्र की इस विरासत को आगे बढ़ाना हम सबका नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। दुनिया हमारी ओर हैरत से देखती है कि यहां लोकतंत्र की जड़ें कितनी गहरी हैं। भारत देश सच्चे अर्थों में लोकतंत्र का जनक है। उन्होंने कहा कि हम सब लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वाली विरोधी ताकतों से मिलकर लड़ेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के हित में घोषणा करते हुए कहा कि अब 70 साल से अधिक आयु के सभी लोकतंत्र सेनानियों को आयुष्मान कार्ड के माध्यम से नि:शुल्क इलाज और आवश्यकता पड़ने पर पीएम एयर एम्बुलेंस की सुविधा भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को रोजगार एवं उद्योग वर्ष के रूप में मनाने का फैसला किया है। प्रदेशवासियों के जीवन में उजाला लाने के लिए सरकार नित नई योजनाएं लेकर आ रही हैं। पात्र होने पर लोकतंत्र सेनानियों के परिजनों को भी इन सभी शासकीय योजनाओं में प्राथमिकता के अनुरूप लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिजन के कल्याण के लिए कोई कसर नहीं रखेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत एवं अन्य अतिथियों ने 'मीसा पत्रिका' और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आपातकाल के दौरान लिखे गए पत्रों, विचारों, आलेखों से जुड़े संस्मरणों पर आधारित एक 'इमरजेंसी डायरी' का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कर्नाटक के राज्यपाल गहलोत, हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और म.प्र. हिंदी ग्रंथ अकादमी के अध्यक्ष अशोक कड़ेल को लोकतंत्र सेनानी होने के सम्मान स्वरूप ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रभारी मंत्री अपने-अपने प्रभार के जिलों में सभी लोकतंत्र सेनानियों को ताम्रपत्र देकर सम्मानित करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने 25 जून को संविधान हत्या दिवस घोषित किया है। आज 26 जून को लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन हो रहा है। आपातकाल के दौर में लोकतंत्र सेनानियों की क्या चुनौतियां थी, ये मुझे बचपन में समझने का मौका मिला। एक भूतपूर्व प्रधानमंत्री ने अपना शासन बरकरार रखने के लिए देश पर आपातकाल लगा दिया था। उस आपातकाल की देश ने बड़ी कीमत चुकाई। लोकतंत्र को बचाने के लिए तत्कालीन लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष पूरा देश याद रखेगा।तत्समय कांग्रेस सरकार ने चुनी हुई सरकारों को भंग करने का कार्य किया था। कांग्रेस शासनकाल में इन्हीं के एक वरिष्ठ नेता ने अध्यादेश की कॉपी फाड़कर चुनी हुई सरकार और संविधान का अपमान किया था।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में श्रीराम जन्म भूमि विवाद और तीन तलाक जैसे बड़े फैसले देश की सर्वोच्च न्यायालय ने दिए। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र के संवर्धन के लिए वर्तमान सरकार ने अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। देश, प्रदेश और अपने नगर की सरकार चुनने में हर व्यक्ति का योगदान हो, यह हर स्तर पर सुनिश्चित किया गया है।
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। इसे और मजबूत करने के लिए लोकतंत्र के सेनानियों ने कड़ी तपस्या की है। आपातकाल के दौरान 46 अध्यादेश जारी किए गए। आपातकाल के दौर में संवैधानिक आजादी खत्म करते हुए लोगों के बोलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। वर्तमान में देश के 12 से अधिक राज्यों में लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान समारोहपूर्वक किया जा रहा है लेकिन मध्यप्रदेश की सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों को सबसे अधिक सुविधाएं दीं।यह सम्मेलन 25 जून 1975 को आपातकाल के दौरान क्या-क्या हुआ था ,लोगों को बताने का एक सशक्त माध्यम है। आजादी के 75 साल बाद भारत ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण का असंतुलन अर्थात ग्लोबल वार्मिंग एक बड़ी चुनौती है। हम सबको इससे निपटने के लिए आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था आज दुनिया में ऊंचे स्थान पर पहुंच चुकी है। आजादी की शताब्दी वर्षगांठ 2047 पर मनाई जाएगी, तब तक हम दुनिया में सिरमौर होंगे । उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यख तपन भौमिक का आभार जताया।
लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी ने इस मौके पर कहा कि मध्यप्रदेश की वर्तमान सरकार लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान की परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रही है। उन्होंने लोकतंत्र की खूबसूरती पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिन्हें कभी जेल में बंद किया गया, वे (थावरचंद गहलोत) आज इसी लोकतांत्रिक व्यवस्था की बदौलत राज्यपाल है। 25 जून 1975 की मध्य रात्रि को देश में आपातकाल लागू हुआ था। तब कोई कैबिनेट बैठक नहीं हुई और तानाशाही रवैये से एकाएक आपातकाल लागू कर दिया। तत्कालीन राष्ट्रपति अगर कैबिनेट का प्रस्ताव मांगते, तो शायद देश को आपातकाल का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के चहुंमुखी विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि जब-जब कांग्रेस की सरकार आईं, लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान निधि पर रोक लगा दी गई थी।
इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर वंदे मातरम गायन एवं लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया गया। लोकतंत्र सेनानी संघ ने सम्मान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। इस अवसर पर देश में आपातकाल लागू करने से जुड़ी केन्द्र सरकार द्वारा निर्मित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
सम्मेलन में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, विधायक अजय विश्नोई, भोपाल महापौर मालती राय, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघ चालक अशोक पांडे, लोकतंत्र सेनानी संघ के संरक्षक मेघराज जैन सहित बड़ी संख्या में प्रदेश भर से आए लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन लोकतंत्र सेनानी एवं जनसंपर्क विभाग के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी सुरेंद्र द्विवेदी ने किया।
उद्योग, रोजगार का नया हब बनेगा ग्वालियर-चंबल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
26 Jun, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर-चंबल अंचल को एक बड़ी ट्रेन सुविधा उपलब्ध हुई है। अब अंचल के लोग ग्वालियर से ट्रेन द्वारा सीधे बैंगलोर पहुँच सकेंगे। युवाओं के लिये यह विशेष तौर पर तोहफा है। साप्ताहिक ग्वालियर–बैंगलोर ट्रेन सुविधा से आईटी के क्षेत्र में अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राओं को विशेष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर से गुरुवार को ग्वालियर से बैंगलोर नई ट्रेन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ किया। कार्यक्रम से केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी वर्चुअली जुड़े। ग्वालियर में आयोजित समारोह में केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं रेलवे के अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार से मध्यप्रदेश को रेल सुविधाओं के क्षेत्र में अनेक सौगातें मिली हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने रेलवे के क्षेत्र में विकास के कई आयाम छुए हैं। प्रदेश के लगभग 80 रेलवे स्टेशनों जिसमें ग्वालियर भी शामिल है, का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. माधवराव सिंधिया के समय से ग्वालियर-अंचल को रेल सुविधाओं का जो सिलसिला प्रारंभ हुआ है, उसी कड़ी में आज ग्वालियर से बैंगलोर के लिये नई ट्रेन सुविधा मिली है।
ग्वालियर में होगी केबिनेट बैठक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया की कर्मभूमि और अटल जी की जन्मशताब्दी के अवसर पर उनके सम्मान में ग्वालियर में शीघ्र ही केबिनेट बैठक का आयोजन किया जाएगा।
ग्वालियर-चंबल बनेगा उद्योग एवं रोजगार हब
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयास से ग्वालियर-चंबल अंचल में रोजगार, उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र में भी नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में ग्वालियर-चंबल संभाग उद्योग और रोजगार का नया हब बनेगा। युवाओं को उद्योगों के माध्यम से रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। ग्वालियर और मालवा अंचल को रेल सुविधा, हवाई सुविधा के माध्यम से भी जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ग्वालियर को नई रेल सुविधा की सौगात देने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।
केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ग्वालियर-चंबल अंचल के लिये ग्वालियर से बैंगलोर चलने वाली ट्रेन बड़ी सौगात है। इस ट्रेन के शुरू होने से ग्वालियर-चंबल संभाग के ऐसे युवा जो आईटी के क्षेत्र में अध्ययन कर रहे हैं उन्हें सीधे बैंगलोर पहुँचने की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी। केन्द्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि रेलवे के क्षेत्र में विकास के मामले में मध्यप्रदेश के लिये अनेक कार्य स्वीकृत किए गए हैं। पिछले वर्ष में ही 24 हजार करोड़ रूपए से अधिक के प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश को प्रदान किए गए हैं। प्रदेश के 80 से अधिक रेलवे स्टेशनों का जीर्णोद्धार और फ्लाईओवर निर्माण का कार्य भी किया जा रहा है। केन्द्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि ग्वालियर से आगरा के मध्य भी पैसेंजर ट्रेन संचालित करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उज्जैन में सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को उज्जैन तक पहुँचाने के लिये भी रेल मंत्रालय सार्थक प्रयास करेगा।
केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर के लिये आज ऐतिहासिक दिन है। ग्वालियर को दक्षिण से जोड़ने के लिये नई रेल सुविधा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्वीकृत की है। ट्रेन के प्रारंभ होने से ग्वालियर-चंबल संभाग के हजारों हजार लोगों को अब सीधे बैंगलोर पहुँचने के लिये परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि बैंगलोर रेलवे स्टेशन महान इंजीनियर विश्वेश्वरैया के नाम पर है। यह सौभाग्य की बात है कि ग्वालियर की प्यास बुझाने वाले तिघरा डैम की डिजाइन भी महान इंजीनियर विश्वेश्वरैया ने तैयार की थी, उनके द्वारा तैयार किया गया डैम आज भी ग्वालियर वासियों की प्यास बुझा रहा है। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि नई रेल सुविधा से न केवल ग्वालियर बल्कि शिवपुरी, गुना, अशोकनगर के लगभग 40 लाख नागरिकों को सुविधा उपलब्ध होगी। आने वाले दिनों में ग्वालियर को रेल मार्ग से कोटा से जोड़ने का कार्य भी किया जायेगा।
विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर को बड़ी सौगात मिली है। मध्यप्रदेश में 80 रेलवे स्टेशनों का जीर्णोद्धार कार्य में ग्वालियर का रेलवे स्टेशन भी शामिल है। ग्वालियर रेलवे स्टेशन का 482 करोड़ रूपए की लागत से जीर्णोद्धार होने पर ग्वालियर-अंचल को एक व्यवस्थित और भव्य रेलवे स्टेशन भी उपलब्ध होगा। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि ग्वालियर से इटावा के लिये भी नई रेल सुविधायें उपलब्ध कराने का कार्य किया जाना चाहिए, ताकि ग्वालियर लखनऊ से सीधे जुड सके।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में ग्वालियर को एक नई सौगात मिली है। ग्वालियर को विकास की अनेक सौगातें मिली हैं, इनमें ग्वालियर का नया रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डा एवं एलीवेटेड रोड शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में ग्वालियर – चंबल अंचल में किए जा रहे विकास कार्यों से आने वाले दिनों में ग्वालियर की तकदीर और तस्वीर बदली-बदली नजर आयेगी।
सांसद भारत सिंह कुशवाह, पूर्व सांसद जयभान सिंह पवैया, विवेक नारायण शेजवलकर, अनूप मिश्रा ने भी ग्वालियर-चंबल अंचल को नई रेल सुविधा उपलब्ध कराने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
बुंदेली साहित्य के विकास के लिए बुंदेलखंड साहित्य अकादमी की होगी स्थापना : राज्य मंत्री लोधी
26 Jun, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की संस्कृति और साहित्य को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए योजना बनाकर तेजी से कार्य किया जा रहा है। सभी स्थानीय बोलियों और भाषाओं में साहित्य सृजन एवं साहित्यिक गतिविधियों पर समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है। बुंदेली में साहित्यिक गतिविधियों के पोषण और संवर्धन के लिए बुंदेलखंड साहित्य अकादमी की स्थापना की जाएगी। यह बात संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री ( स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने संस्कृति परिषद् के भवन के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से कही। राज्य मंत्री लोधी ने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता हमें संस्कृति के क्षेत्र में अग्रणी बनाती है, इसे संरक्षित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।
राज्य मंत्री लोधी ने भवन के रेनोवेशन के बाद अकादमियों के कार्यालय को कार्य अनुसार व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालय में वृहद और विस्तृत पुस्तकालय है जिसमें लगभग सभी प्रकार का साहित्य उपलब्ध है। आगामी समय में साहित्य में रुचि रखने वाले पाठकों और विद्यार्थियों के लिए यह पुस्तकालय खोला जाएगा। पुस्तकालय में उचित सुविधाएं विकसित करे। नए युग के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की दिशा में कार्यालयों के डिजिटलाइजेशन पर भी कार्य किया जाए।
राज्य मंत्री लोधी ने संस्कृति परिषद् के भवन पहुंचकर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों से परिचय प्राप्त कर कुशल कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। राज्य मंत्री लोधी ने "सिंधु मसाल 2023" पत्रिका के द्वितीय अंक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर संस्कृति परिषद् की निदेशक डॉ. पूजा शुक्ला और साहित्य अकादमी के निदेशक विकास दवे सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
दुष्कर्म पीड़िता को नोटिस न देने पर थानेदार को पौधारोपण की सजा
26 Jun, 2025 09:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश : हाईकोर्ट ने सतना जिले में पदस्थ कोतवाली थाना प्रभारी रविंद्र द्विवेदी को अनोखी सजा से दंडित किया है। दुष्कर्म पीड़िता के मामले में नोटिस तामील न कराने के लिए उन्हें एक साल में एक हजार फलदार पौधे चित्रकूट में लगाने होंगे। इसकी जीपीएस लोकेशन की जानकारी भी कोर्ट में प्रस्तुत करनी होगी। गौरतलब नाबालिग से दुराचार के आरोप में जिला कोर्ट ने 10 अक्तूबर 2021 को राम अवतार चौधरी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस पर आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की। जबलपुर हाईकोर्ट ने 30 सितंबर 2024 को पीड़िता को नोटिस जारी किया था और सतना कोतवाली पुलिस को नोटिस की तामील करना था। सतना कोतवाली पुलिस के द्वारा जारी नोटिस को तामील नहीं करवाया गया।
सतना कोतवाली थाने के प्रभारी रविंद्र द्विवेदी पुत्र के.पी. द्विवेदी ने पीड़ित को समय नोटिस तामील नहीं करवाने के लिए हाईकोर्ट से क्षमा मांगी। उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक द्वारा लगाये गये पांच हजार रुपये के जुर्माने का भुगतान करने का वादा करते हुए बताया कि वह एक जुलाई 2025 से 31 अगस्त 2025 के बीच चित्रकूट जिला सतना में कम से कम एक हजार आम, जामुन, महुआ, अमरूद आदि फलदार पौधों का रोपण करेंगे। जिनकी तस्वीरें जीपीएस लोकेशन के साथ रजिस्ट्री को अनुपालन रिपोर्ट के समर्थन में भेजी जाएं। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल तथा जस्टिस ए के सिंह की युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि पुलिस अधीक्षक सतना थाना प्रभारी द्वारा किये गए पौधारोपण का निरीक्षण करते हुए अनुपालन रिपोर्ट के साथ हलफनामा पेश करेंगे। थाना प्रभारी एक वर्ष तक रोपित किये गये पौधों की देखभाल करेंगे, जिससे वह अंकुरित होकर स्थापित हो सकें। थाना प्रभारी द्वारा पौधा रोपण की लागत स्वयं वहन की जायेगी। याचिका पर अगली सुनवाई 16 सितम्बर को निर्धारित की गयी है।
लोकतंत्र पर गहरा आघात था आपातकाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
26 Jun, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 25 जून 1975 की मध्य रात्रि से लागू हुआ आपातकाल हमारे लोकतंत्र पर एक गहरा आघात था। वो संविधान और लोकतंत्र की हत्या थी। वो देश के लोकतंत्र का एक ऐसा काला अध्याय था, जिसे देश कभी नहीं भूल पाएगा। नई पीढ़ी को उस दौर में हुई तानाशाही के बारे में बताना जरूरी है और यही कारण है कि केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार हम सभी 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में याद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एक निजी मीडिया समूह द्वारा आयोजित 'देश के दिल की बात' नामक संवाद कार्यक्रम में सहभागिता कर संबोधित कर रहे थे।
संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीते 18 माह में जनकल्याणकारी योजनाओं और नवाचारों के जरिए राज्य सरकार द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हम मध्यप्रदेश को आर्थिक रूप से सम्पन्न बना रहे हैं। मध्यप्रदेश की आत्मनिर्भरता देखिए कि दिल्ली मेट्रो हमारी बिजली से चल रही है। वर्ष 2025-26 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1.55 लाख रूपए के करीब पहुंची है। वर्ष 2002-03 में यह मात्र 11 हजार रूपए थी। हम अगले दो सालों में प्रदेश के 50 जिलों में मेडिकल कॉलेज खोल देने के लक्ष्य के प्रति संकल्पित होकर आगे बढ़ रहे हैं। हम विरासत से विकास की ओर बढ़ रहे हैं। देश का मान बढ़ाने वाले वीरों और अमर शहीदों के नाम पर योजनाओं के अलावा हमारी सरकार ने गोंडवाना की महारानी दुर्गावती, होल्कर स्टेट की महान प्रशासिका लोकमाता देवी अहिल्या बाई और नर्मदांचल के राजा भभूत सिंह की स्मृति में केबिनेट करके उन्हें समुचित सम्मानदिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि बहुत जल्द हमारी सरकार भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्य स्मृति में केबिनेट मीटिंग करने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश का एकमात्र प्रदेश है जिसमें मेडिकल की शिक्षा ग्रहण कर रहे गरीब वर्ग के विद्यार्थियों की फीस सरकार भर रही है और हमारी सरकार ने इन होनहार बच्चों से केवल इतना वादा लिया है कि वे डॉक्टर बनने के बाद प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में अपनी सेवाएं देंगे। इससे सरकार के तीन लक्ष्य पूरे हो रहे हैं। पहला हम समाज के गरीब तबके को उच्च शिक्षा पाने की सुविधा दे रहे हैं। दूसरा गरीब विद्यार्थियों को फीस की चिंता से मुक्त कर रहे हैं और तीसरा सबसे जरूरी प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित कर स्वास्थ्य सुविधाओं और सेवाओं में भी सुधार लो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने तय किया है कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में यदि किसी मरीज को तत्काल उच्च स्वास्थ्य संस्था तक पहुंचाने की आवश्यकता हुई, तो यदि वहां समीप ही एयरपोर्ट या हवाई पट्टी है तो पीएम एयर एम्बूलेंस सेवा और यदि हवाई पट्टी नहीं है तो हेलीकॉप्टर सेवा के जरिए उस मरीज को यथासमय हायर हेल्थ सेंटर तक पहुंचाया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के जरिए सामाजिक असमानता को दूसर करने का प्रयास किया है। प्रदेश की एक लाख से अधिक लाड़ली बहनों को हम हर माह सहायता राशि दे रहे हैं। इससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ी है। अब वे अपने खर्चों के लिए किसी पर आश्रित नहीं है। हमने महिला एवं बाल विकास विभाग का बजट भी बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के बड़े तालाब के विकास पर भी हमारा जोर है। बहुत जल्द यहां 10 शिकारे चलेंगे। हमारी योजना यहां 20 शिकारे चलाने की है। इन शिकारो के जरिए डल झील की तरह जल पर्यटन के अलावा व्यापार-व्यवसाय भी हो, हमारी सरकार इस दिशा में भी काम कर रही है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मीडिया समूह के संपादक डॉ. इंदुशेखर पंचोली ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया। मीडिया समूह के डिजिटल हेड और संपादक जयदीप कर्णिक संवाद कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण में उल्लेखनीय काम करने वाले दस समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ला, विधायक भगवानदास सबनानी और मोटिवेशनल स्पीकर अमोघ लीला दास भी उपस्थित थे।
राज्यपाल पटेल से केन्द्रीय राज्यमंत्री पटेल ने की सौजन्य भेंट
26 Jun, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल से केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने राजभवन में गुरूवार को सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल ने केन्द्रीय राज्यमंत्री पटेल का श्रीफल, अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह स्वरूप सांची स्तूप की प्रतिकृति भेंट कर स्वागत किया। राज्यपाल पटेल का केन्द्रीय राज्यमंत्री ने पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर अभिनंदन किया।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल और केन्द्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के बीच मध्यप्रदेश में सिकल सेल उन्मूलन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों और प्रयासों पर विचार विमर्श हुआ। राज्यपाल पटेल ने केंद्रीय राज्यमंत्री पटेल को बड़वानी में विश्व सिकल सेल दिवस के आयोजन और प्रदेश सरकार द्वारा सिकल सेल उन्मूलन के लिए 100 दिवस के विशेष अभियान के साथ प्रदेश में चल रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संबंध में चर्चा की।
प्राकृतिक और रासायनिक फसलों के उपार्जन के लिए मंडियों में होगी पृथक व्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
26 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने "प्राकृतिक खेती के नाम एक चौपाल" कार्यक्रम को अद्भुत व प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि जिस प्रकार नमस्कार का असली महत्व कोविड के बाद समक्ष आया, ठीक इसी प्रकार प्राकृतिक खेती का विचार रासायनिक खेती के दुष्परिणामों के बाद आ रहा है। उन्होंने कहा कि मैंने स्वयं खेती की है, जिसमें रासायनिक खादों के उपयोग की आदत नहीं थी पश्चिम आधारित सोच के कारण कृषि में रासायनिक खाद का उपयोग बढ़ा। भारतीय ज्ञान के प्रति बढ़ते रूझान को देखते हुए गौ-पालन के लिए गौशाला बनाये जा रहे हैं, जिसके उत्पाद से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्राकृतिक खेती की बड़ी संभावना है। उन्होंने कृषि मंत्री से कहा कि प्राकृतिक खेती के प्रोत्साहन के लिए योजनाएं बनायें, वे निश्चित रूप से इसे लागू करेंगे। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती और रासायनिक खेती से उत्पादित फसलों के उपार्जन के लिए मंडियों में दो तरह की व्यवस्था करने को कहा, जिससे उत्पादित फसलों के उपभोग में कठिनाई न आये। मुख्यमंत्री गुरूवार को जबलपुर के मानस भवन में चौपाल प्राकृतिक खेती के नाम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन अभी 9 प्रतिशत है, इसे 25 प्रतिशत तक ले जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फैट के आधार पर दूध खरीदने की व्यवस्था है। भैंस के दूध को अधिक लाभदायक बताकर देशी गाय के दूध को महत्वहीन बताने का षडयंत्र रचा गया। उन्होंने गाय के दूध के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राकृतिक खेती के नाम एक चौपाल कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का हार्दिक स्वागत व आभार व्यक्त किया और कहा कि आचार्य देवव्रत ने अत्यंत सरलता से प्राकृतिक खेती के विषय को समझाया है। प्राकृतिक खेती के लिए गाय के गोबर से बने जीवामृत का उपयोग कर कृषि उत्पाद को बढ़ाकर धरती के स्वास्थ्य को भी सुरक्षित किया जा सकता है।
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने "प्राकृतिक खेती के नाम एक चौपाल" में प्राकृतिक खेती के अनुभव साझा करते हुए कहा कि रासायनिक खेती के दुष्परिणामों को देखते हुए उन्होंने सबसे पहले 5 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती शुरू की थी। जिसमें प्रथम वर्ष की तुलना में गुणात्मक रूप से ज्यादा फसल की पैदावार प्राप्त हुई वे लगातार प्राकृतिक खेती कर रहे हैं बल्कि बेहतर उत्पादन भी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने रासायनिक खेती के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताकर प्राकृतिक खेती अपनाने को प्रोत्साहित किया। उन्होंने प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती में अंतर भी बताया।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि जिस प्रकार जंगल में बिना खाद पानी दिये जंगली पेड़ भरपूर फसल देते हैं, उसी प्रकार का नियम प्राकृतिक खेती में भी लागू होता है। प्रकृति अपने इकोसिस्टम से हर चीज को नियंत्रित कर अपने मूल स्वरूप में ला देती है। जो मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होते। प्राकृतिक खेती जीवन के लिए वरदान है। फसल के नाम पर रासायनिक खादों का उपयोग बंद करें, क्योंकि इससे कृषि मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं। जिससे धरती की उर्वराशक्ति प्रभावित होती है। उन्होंने रासायनिक खादों के दुष्परिणाम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सभी किसानों से कहा कि रासायनिक खेती हानिकारक है और किसान प्राकृतिक खेती अपनायें और प्रकृति से जुड़े। राज्यपाल आचार्य ने मंत्री राकेश सिंह के विशेष प्रयासों से आयोजित "प्राकृतिक खेती के नाम एक चौपाल" कार्यक्रम की सराहना की।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि प्राकृतिक खेती के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति अन्नदाताओं के प्रति एक प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती एक ज्ञानकोष है, जिसे समझने की जरूरत है। उन्होंने ऋषि पाराशर द्वारा रचित वृक्षोर्वेद व वृहद सहिता का उल्लेख कर वर्षा का आंकलन के संबंध में बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कपोल कल्पना ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक प्रयोगों से निकलें निष्कर्ष के आधार है। उन्होंने प्राकृतिक खेती के संबंध में जोर देते हुए कहा कि किसान बंधु प्राकृतिक खेती करें। कार्यक्रम में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, राज्य सभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि, सांसद आशीष दुबे, विधायक अजय विश्नोई, अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पांडे, संतोष बरकड़े, नीरज सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष आशा मुकेश गोटिया सहित बड़ी संख्या में किसान और नागरिक उपस्थित थे।
इटारसी रेलवे स्टेशन पर महिला की हत्या का खुलासा
26 Jun, 2025 07:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नर्मदापुरम। इटारसी रेलवे स्टेशन के पगढ़ाल स्टेशन पर महिला की हत्या का मामला सामने आया है। दहेज में मोटरसाइकिल की मांग पूरी नहीं होने और प्रेम प्रसंग की शंका पर पति ने ही पत्नी का गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या को एक्सीडेंट की घटना में बदलने के लिए मालगाड़ी के नीचे शव को फेंक दिया। आरोपी पति ने पहचाने छुपाने के चक्कर मे महिला के ट्रेन से कटे हुए शव को घटना स्थल से कुछ दूरी पर फेंक दिया। आज इस घटना का खुलासा जीआरपी इटारसी ने किया। आरोपी को भी जीआरपी ने गिरफ्तार कर लिया है।
नर्मदापुरम के इटारसी रेलवे स्टेशन पगढ़ाल के रेलवे पटरी पर एक महिला का शव 16 जून की दोपहर में जीआरपी पुलिस को मिला था। मृतक महिला की पहचान बिहार निवासी रागिनी के रूप में हुई। जीआरपी पुलिस ने मृतक महिला के फोटो को अलग-अलग थानों में पहचान के लिये भेजी तब पता चला कि मृतक महिला रागिनी बिहार की रहने वाली है। उसके बाद जीआरपी ने महिला के पति की तलाश शुरू की। मामले की जानकारी देते हुए उप पुलिस अधीक्षक महेंद्र सीज कुल्हारा ने बताया कि 16 जून को महिला रागिनी की हत्या उसके पति रूपेश यादव निवासी पटना बिहार द्वारा गला घोंटकर की थी। आरोपी ने महिला को पैसेंजर ट्रेन से भुसावल से सतना ले जा रहा था। आरोपी द्वारा इटारसी रेलवे स्टेशन ट्रेन पहुंचने से पहले पगढ़ाल स्टेशन पर पत्नी को लेकर उतर गया। रेलवे पटरी किनारे झाड़ियों में बैठकर शराब पी फिर महिला से मांग करने लगा कि अपने पिता के घर से मोटरसाइकिल और 25 हजार रुपये लाने का दबाब बनाने लगा। इसके साथ ही महिला के चरित्र पर संदेह करते हुए झगड़ा करने लगा।
शराब के नशे में आरोपी पति रूपेश ने झाड़ियों में गला दबाकर मृतक पत्नी रागिनी की हत्या कर दी। महिला को पहचाने छुपाने के मकसद से लेडीस पर्स में महिला की चार फ़ोटो आधार कार्ड सही अन्य दस्तावेज निकाल लिये। महिला के शव को मालगाड़ी के नीचे फेंक दिया। ट्रेन से महिला का शव कट जाने के बाद घटना स्थल से कुछ दूरी पर महिला के कटे हुए सिर को फेंक दिया। सीसीटीवी फुटेज एवं घटना स्थल पर मिले सबूतों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल हो सकी। आरोपी को जीआरपी द्वारा बिहार से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया है।
ग्वालियर से सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु के लिए नई साप्ताहिक एक्सप्रेस सेवा प्रारंभ – मध्य प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी
26 Jun, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश को ₹14,745 करोड़ का रेल बजट, अधोसंरचना में हो रहा तीव्र निवेश – रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया
मध्य प्रदेश में 2,651 किमी नई पटरियों का निर्माण, 100% विद्युतीकरण पूर्ण – स्टेशन पुनर्विकास, डबल/तीन-चौथी लाइन सहित ₹24,000 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने ग्वालियर से बेंगलुरु के लिए शुरू की गई नई साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन के शुभारंभ किया। इस अवसर पर रेल भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्य प्रदेश की जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन ग्वालियर, गुना, भोपाल सहित मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के यात्रियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी, जहाँ से बड़ी संख्या में लोग बेंगलुरु की ओर यात्रा करते हैं। केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में रेलवे के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति हुई है। एक दशक पूर्व जहाँ राज्य को ₹600 करोड़ के आसपास रेल बजट प्राप्त होता था, वहीं वर्तमान में ₹14,745 करोड़ का रेल बजट आवंटित किया गया है। मध्य प्रदेश में 100 प्रतिशत रेल विद्युतीकरण पूर्ण किया जा चुका है। बीते 11 वर्षों में राज्य में 2,651 किलोमीटर नई रेल पटरियाँ बिछाई गई हैं, जो डेनमार्क जैसे देश के कुल रेल नेटवर्क से भी अधिक है। राज्य में 80 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य प्रगति पर है, जिनमें ग्वालियर स्टेशन का विकास विशेष वास्तुकला के साथ किया जा रहा है।
श्री वैष्णव ने बताया कि ग्वालियर और आगरा के बीच एक नई यात्री ट्रेन सेवा शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, मध्य प्रदेश में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें मनमाड–इंदौर नई रेललाइन (309 किमी) ₹18,036 करोड़ की लागत से, भुसावल–खंडवा तीसरी और चौथी लाइन ₹3,514 करोड़ की लागत से, मानिकपुर–प्रयागराज तीसरी लाइन ₹1,640 करोड़ में तथा रतलाम–नागदा तीसरी और चौथी लाइन ₹1,018 करोड़ की लागत से शामिल हैं। बीते एक वर्ष में राज्य में ₹24,000 करोड़ की रेल परियोजनाएँ स्वीकृत की गई हैं, जो मध्य प्रदेश के रेल मानचित्र को पूरी तरह बदल देंगी। सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उज्जैन स्टेशन के पुनर्विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार है। स्टेशन पर कार्य सिंहस्थ आयोजन के बाद आरंभ किया जाएगा, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उज्जैन के साथ ही इंदौर सहित आसपास के अन्य स्टेशनों पर भी कार्य तेजी से चल रहा है।
गाड़ी संख्या 11086 ग्वालियर–बेंगलुरु एक्सप्रेस प्रत्येक शुक्रवार को दोपहर 15:00 बजे ग्वालियर से प्रस्थान करेगी और नागपुर, काचेगुड़ा, धर्मावरम होते हुए रविवार सुबह 07:35 बजे सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल, बेंगलुरु पहुँचेगी। वापसी में, गाड़ी संख्या 11085 प्रत्येक रविवार को शाम 15:50 बजे बेंगलुरु से रवाना होकर मंगलवार को सुबह 10:25 बजे ग्वालियर पहुँचेगी। यह गाड़ी शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, बीना, भोपाल, बैतूल, नागपुर, सेवाग्राम, चंद्रपुर, बल्लारशाह, सिरपुर कागजनगर, काजीपेट, काचेगुड़ा, महबूबनगर, गडवाल, कुरनूल सिटी, ढोन, अनंतपुर, धर्मावरम, हिंदूपुर और येलहांका स्टेशनों पर रुकेगी। इस साप्ताहिक ट्रेन में कुल 22 एलएचबी कोच होंगे, जिनमें चार सेकंड सिटिंग, चार तृतीय वातानुकूलित, तीन तृतीय वातानुकूलित इकोनॉमी, दो द्वितीय वातानुकूलित तथा शेष स्लीपर श्रेणी के कोच शामिल हैं। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव, केंद्रीय संचार तथा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर तथा रेलवे के वरिष्ठ अधिकारीगण कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम से मध्य प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मौजूद जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा आमजन भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर सहभागी बने।
चलती ट्रेन से चोरी कर भाग रहे आरोपी को आरपीएफ ने पकड़ा, चार मोबाइल व एक पर्स बरामद
26 Jun, 2025 05:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चोरी की वारदात के चंद मिनटों में आरोपी दबोचा, जीआरपी को सौंपी गई कार्यवाही
भोपाल। भोपाल रेल मंडल में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा लगातार गश्त और सतर्कता के माध्यम से रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम में आज प्रातःकाल एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देते हुए चलती ट्रेन से चोरी कर भाग रहे एक शातिर चोर को रंगे हाथों पकड़कर जीआरपी को सुपुर्द किया गया। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल के आरक्षक अमित कुंडू एवं आरक्षक धर्मेंद्र कुमार शिफ्ट (00:00 से 08:00) के दौरान मोटरसाइकिल से गश्त कर रहे थे। इसी दौरान वे प्रातः लगभग 04:00 बजे भारत टॉकीज ब्रिज के पास किलोमीटर संख्या 835/42 पर पहुंचे। वहां गश्त के दौरान गाड़ी संख्या 18234 (छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस) के गुजरते समय एक व्यक्ति को चलती ट्रेन से उतरकर संदिग्ध स्थिति में भागते हुए देखा गया।
संदेह के आधार पर उक्त व्यक्ति को रोका गया तथा पूछताछ में उसने अपना नाम नावेद उम्र 32 वर्ष, निवासी भोपाल बताया। तलाशी के दौरान उसके पास से चार मोबाइल फोन एवं एक लेडिस पर्स बरामद हुआ। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि लेडिस पर्स उक्त गाड़ी संख्या 18234 से तथा मोबाइल फोन अन्य ट्रेनों से चोरी किए गए थे। उक्त आरोपी को तुरंत जीआरपी भोपाल लाया गया, जहां से आगे की कार्यवाही हेतु उसे जीआरपी थाना रानी कमलापति को सौंपा गया। जीआरपी द्वारा आरोपी के विरुद्ध अपराध के अंतर्गत धारा BNS 305(C) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विधिसम्मत कार्यवाही प्रारंभ की गई है।
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल भोपाल ने बताया कि रेल यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा चोरी, छिनैती जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए नियमित गश्त, निगरानी और सतर्कता लगातार जारी है। रेलवे सुरक्षा बल यात्रियों से भी अपील करता है कि वे यात्रा के दौरान अपने कीमती सामान की सुरक्षा स्वयं भी सतर्कता से करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत आरपीएफ या जीआरपी को दें। यह कार्रवाई न केवल आरपीएफ की सजगता को दर्शाती है, बल्कि यह सुनिश्चित करती है कि रेल परिसरों को अपराधमुक्त बनाए रखने हेतु हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
मुंबई हमले के बाद जो सोचा था, वो हुआ नहीं, अब हमें पलटवार करना है
26 Jun, 2025 02:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाइस एडमिरल (सेवानिवृत्त) अजेंद्र बहादुर सिंह ने मुंबई हमले का जिक्र करते हुए कहा कि जब 26/11 हुआ था तब हम लोगों ने सोचा के कुछ होगा, लेकिन हुआ कुछ नहीं। लेकिन अब सरकार के मन में क्लियरिटी है, हमारी सेना में क्लियरिटी है और इसे देश को भी क्लियरिटी है। अब पानी सिर से ऊपर उठ चुका है। अब हमें कोई भी चीज मंजूर नहीं है। इसलिए हमें अपने देश को बचाना है, हमें अपनी संस्था को बचाना है तो हमें पर्याप्त जवाब देना है, चाहे जैसी परिस्थितियां हो। क्योंकि यही एक सही तरीका है, हमें सेल्फ डिफेंस खुद करना होगा।
सभी देश चाहते हैं कि भारत का विकास न हो'
उन्होंने कहा कि नौसेना के पास पनडुब्बियां हैं। इसमें मिसाइल होती हैं। सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण पनडुब्बी परमाणु ऊर्जा से लैस है। यह सब भारत में बनाई जाती हैं। नौसेना के पास 140 जहाज हैं। नौसेना आज के आयाम पर काम करती है। दुनिया में हर जगह संघर्ष है। इस्राइल-ईरान संघर्ष से हम दो प्रभाव पड़े हैं। हमारे तेल स्रोत बंद होंगे और व्यापार प्रभावित होता है। रूस-यूक्रेन युद्ध से भारत की आपूर्ति प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर जरूरी था। चीन को हमने करारा जवाब दिया। यह भारत के विकास को दर्शाती है। सभी देश चाहते हैं कि भारत का विकास न हो। इसलिए हमारा मजबूत होना जरूरी है।
आपके पास नौसेना है तो आपका प्रभाव बढ़ेगा'
वाइस एडमिरल (सेवानिवृत्त) अजेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि एक हजार पहले यह साफ था कि आपके पास नौसेना है तो आपका प्रभाव बढ़ेगा। भारत के पास जमीनी क्षेत्र ज्यादा है। मगर हम नौसेना के जरिये आत्मनिर्भर बने हैं। मेक इन इंडिया को भारत की नौसेना ने 1960 के दशक में शुरू किया था। सबसे पहले नौसेना ने आईएनएस अजय बनाया। भारत अभी भी काफी जहाज बना रहा है। आज हमारे रक्षा उद्योग ने काफी काम किया।
मध्य प्रदेश में अब लव जिहाद जैसे मामले नहीं होंगे : विश्वास सारंग
26 Jun, 2025 02:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने अपने विचार रखे। इस दौरान उन्होंने राज्य में युवाओं के मुद्दों, लव जिहाद, हिंदुत्व आदि मुद्दों पर खुलकर बात की। विश्वास सारंग ने मध्य प्रदेश में हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई शुरू करने की चुनौतियों पर सरकार की उपलब्धियों पर भी अपने विचार साझा किए, साथ ही हिंदुत्व के मुद्दे पर अपने चर्चित बयानों का भी जिक्र किया।
प्रश्न- राजनीति आपको विरासत में मिली है। अभी आप सहकारिता और युवा एवं खेल मंत्रालय देख रहे हैं। प्रदेश का युवा खेल के माध्यम से आगे बढ़ना चाहते हैं और देश का नाम रोशन करना चाहता है। आप इस दिशा में क्या काम कर रहे हैं
विश्वास सारंग- अगर इस देश और समाज को आगे बढ़ाना है तो युवा को व्यवस्थित करना बहुत जरूरी है। अगर हम युवा को व्यवस्थित और संस्कारित करने की बात करते हैं तो उसमें खेल एक बड़ा तत्व है। व्यक्ति से नागरिक बनने की प्रक्रिया है, उसके आयामों में खेल भी एक आयाम है। अब देश में खेलों को लेकर परिवर्तन आया है और इसे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री ने परिवर्तित किया है। पहली बार कोई प्रधानमंत्री हुआ, जो रात दो बजे भी खिलाड़ी के स्वर्ण पदक जीतने पर उसकी हौसला अफजाई करते हैं, क्रिकेट टीम के वर्ल्ड कप फाइनल हारने पर भी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हैं। खेल के प्रति सकारात्मक माहौल बनाने की बात हो उसमें प्रधानमंत्री और राज्य के सीएम मोहन यादव भी लगातार काम कर रहे हैं। सरकारी नौकरी में खेलों को प्रतिनिधित्व दे रहे हैं। सिर्फ सरकारी नौकरी ही नहीं एलाइड सेक्टर पर भी ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में स्पोर्ट्स एकेडमी बना रहे हैं और एलाइड सर्विस में भी ध्यान दे रहे हैं। जिसमें खेल से जुड़े रोजगार के अवसरों पर ध्यान दिया जा रहा है। रोजगार युवाओं को मिले, ये हमारी प्राथमिकता है। हमने पिछला बैकलॉग क्लीयर कर दिया है और पुलिस में भी हम खिलाड़ियों को नौकरी दे रहे
प्रश्न- राज्य में मेडिकल पढ़ाई हिंदी में करने की शुरुआत मध्य प्रदेश से ही हुई। हालांकि शुरुआत में मेडिकल की पढ़ाई के हिंदी अनुवाद पर काफी आपत्ति थी, लेकिन अब उन विसंगतियों को दूर किया जा रहा है। ये उपलब्धि इस मंच से रेखांकित होनी चाहिए।
विश्वास सारंग- मुझे खुशी है कि मुझे ये श्रेय मिल सका कि मेरे चिकित्सा शिक्षा मंत्री रहते हुए मेडिकल में हिंदी की पढ़ाई शुरू हो सकी। हमारे देश के प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की बात की और तकनीकी और मेडिकल शिक्षा को भी हिंदी में कराने की बात की। हमने उसे चुनौती के तौर पर लिया। जब हमने पहली बार अपने अधिकारियों के साथ बैठकर इस पर चर्चा की तो अधिकारियों की शारीरिक भाषा देखकर लगा पूरी नकारात्मकता लगी, लेकिन हमने शुरुआत की और मेडिकल टीचर्स की फैकल्टी को समझाया। हमने भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में मंदार नाम से वार्ड रूम बनाया और लगभग आठ महीने की मेहनत के बाद मेडिकल की किताबों का रूपांतरण किया। हम हिंदी और इंग्लिश का झगड़ा नहीं कराना चाहते थे इसलिए मेडिकल शब्दों को इंग्लिश नामों से ही लिखा। इससे मेडिकल छात्रों को परेशानी नहीं हुई।
प्रश्न- आप हिंदुत्व को लेकर जो आपके बयान आते हैं, जो काफी वायरल होते हैं। उन्हें लेकर आपका क्या कहना है, हम जानना चाहेंगे।
विश्वास सारंग- हम ताकत के साथ कहते हैं कि हम हिंदू हैं। ये मैं सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए नहीं कहता। कांग्रेस ने तुष्टिकरण की राजनीति इतनी आगे बढ़ा दी कि 'मैं हिंदू हूं' तो ये स्वीकार नहीं किया जाता। मैं लैंड जिहाद या लव जिहाद की बात करता हूं तो हमें सांप्रदायिक करार दे दिया जाता है। हिंदू होना मेरा मूल है और हमें इस पर गर्व है। हमारा तन हिंदू, मन हिंदू, जीवन हिंदू यही तो हमारा मूल है। अगर मैं ये बोलता हूं कि लव जिहादी की छाती पर गोली क्यों नहीं मारी तो मैं उस पर अभी भी कायम हूं। अगर किसी बहन बेटी से सिर्फ धर्म बदलने के लिए शादी करने कि क्या इसकी इजाजत दी जा सकती है! मजार बनाकर जमीन कब्जाना न मध्य प्रदेश में और न ही देश में अब चलने वाला है।
प्रश्न- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लव जिहाद का रैकेट पकड़ में आया, जिसमें जिम ट्रेनर आदि धर्म परिवर्तन करा रहे थे। एक पार्षद भी इसमें शामिल पाए गए, जिसके लिए फंडिंग हो रही थी, तो सरकार ऐसे मामले में क्या कर रही है और कितनी गंभीर है?
विश्वास सारंग- धर्म स्वतंत्र अधिनियम हमने इसलिए ही लागू किया है। ऐसे मामलों में लोगों पर केस दर्ज हुए हैं। मेरा ये कहना है कि अगर समाज में कोई कुरीति है तो उससे सख्ती से निपटना होगा और निपटेंगे। मध्य प्रदेश में अब लव जिहाद जैसे मामले नहीं होंगे।
प्रश्न- सहकारिता में मध्य प्रदेश में इतना काम हुआ, लेकिन इसमें घोटाले भी सामने आए। क्या सहकारिता का स्वर्णिम युग लौटकर आएगा?
विश्वास सारंग- 'बिना सहकार नहीं उद्धार' का नारा है, लेकिन हमने इसमें एक लाइन और जोड़ी है कि 'बिना संस्कार नहीं सहकार'। सहकारिता में कई घोटाले हुए हैं और प्रश्न चिन्ह लगे हैं। कुछ राज्यों में इस दिशा में अच्छे काम हुए हैं जैसे महाराष्ट्र, गुजरात,केरल आदि में, हमारे यहां कांग्रेस में भ्रष्टाचार हुआ, जैसे हाउसिंग सोसाइटी का भ्रष्टाचार कांग्रेस के समय ही हुआ। हम उसे समेटने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा है कि जब देश आजादी का 100वां साल मनाए तो विकसित राष्ट्र के रूप में मनाए। इसलिए सहकारिता के क्षेत्र में बहुत काम हो रहा है। हर सेक्टर में सहकारिता के माध्यम से रोजगार के नए अवसर बनाने की कोशिश हो रही है। हमने भी सहकारिता मंत्री बनने के बाद नया कॉन्सेप्ट शुरू किया है। सीपीपीपी यानी कॉरपोरेट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप। हम कॉपरेट को कॉरपोरेट के साथ मिलाकर काम करने की कोशिश कर रहे हैं। जैसे कोई एग्रो बिजनेस की कोई कंपनी है तो उसे कच्चा माल पाने में दिक्कत होती है और उसी तरह से किसानों को फसल का सही दाम नहीं मिल पाता सही समय पर पेमेंट नहीं मिल पाता। हमने उसे व्यवस्थित करने की कोशिश की है। हम किसान और कॉरपोरेट के बीच पैक्स की व्यवस्था कर रहे हैं। इससे कॉपरेटिव, कॉरपोरेट और किसान, तीनों के सहयोग पर काम कर रहे हैं। इससे किसानों को फसल का सही दाम मिलेगा, कॉपरेटिव सोसाइटी को काम मिलेगा और कॉरपोरेट को समय से कच्चा माल मिलेगा। अगर कोई कॉरपोरेट अच्छा उत्पाद बनाता है तो हमारी कॉपरेटिव सोसाइटी उसे बेच सकेंगी। हम पैक्स, क्रेडिट को मजबूत कर रहे हैं। हम रिक्रूटमेंट, ट्रेनिंग पर भी काम कर रहे हैं।
प्रश्न- आपने संघ, संगठन से सत्ता तक का रास्ता तय किया है। आगे कहां जाने की इच्छा है, कहां पर निगाह है, जहां विश्वास सारंग जाना चाहते हैं।
विश्वास सारंग- मेरे पिताजी ने मुझे एक शेर याद कराया है और मैं रोज रात में ये शेर याद करके सोता हूं। मेरी भी अपेक्षा है कि मैं वहां जाऊं, जहां लोगों की ज्यादा से ज्यादा सेवा कर सकूं और महत्वकांक्षा होना गलत नहीं है। शेर ऐसा है कि 'कुछ इस तरह से काफिले के साथ चल नजीर, जब तू रहे न रहे, तेरी दास्तां चले....'। जिंदगी में चलते रहें और भगवान की कृपा बनी रहे और लोगों की सेवा करते रहें।
नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म, ब्लैकमेल कर आरोपी ने ऐंठे 50 लाख के गहने
26 Jun, 2025 01:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर। ग्वालियर में एक नाबालिग छात्रा को दुष्कर्म के बाद ब्लैकमेल करने का एक अलग तरह का मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने दुष्कर्म के दौरान छात्रा के अश्लील फोटो लिए और वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया। इसके बाद उसने पीड़िता से 50 लाख रुपये के जेवरात समेत हजारों रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद भी आरोपी उसे लगातार ब्लैकमेल करता रहा। छात्रा के पिता ने किसी काम से लॉकर खोला तो उन्हें गहने नहीं मिले। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस जांच में इस पूरे मामला का खुलाया हुआ। पुलिस ने आरोपी से माल बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
दअरसल, गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के पॉश कॉलोनी में रहने वाली 16 साल की नाबालिग दसवीं की छात्रा है। उसके पिता बड़े कारोबारी हैं। छात्रा के घर के पास ही उसकी सहेली की दुकान है, जिस पर उसका भाई शिवम भदौरिया बैठता है। सहेली के घर आते-जाते समय छात्रा की शिवम से दोस्ती हो गई थी। शिवम का भी घर पर आना जाना शुरू हो गया था। अगस्त 2024 में शिवम ने छात्रा को प्रपोज कर उससे शादी करने की इच्छा जताई। छात्रा शिवम की बातों में आ गई और वह उसे मिलने के लिए भी बुलाने लगा। तीन अप्रैल 2025 की सुबह छात्रा घर पर अकेली थी, इस दौरान शिवम वहां पहुंचा और छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। छात्रा के विरोध करने पर वह शादी करने की बात कहने लगा। इस दौरान आरोपी शिवम ने छात्रा के अश्लील फोटो और वीडियो बना लिए। जिसके बाद वह अपना कर्ज चुकाने के लिए छात्रा को ब्लैकमेल करने लगा। उसने छात्रा को फोटो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर रुपये मांगे। 13 जून को छात्रा ने घर से 49 तौला सोने के पुश्तैनी जेवरात, 400 ग्राम चांदी और 80 हजार रुपये एक बैग में रखकर उसे डीडी नगर गेट नंबर-1 पर मिलकर दे दिए। आरोपी ने यह सोना बैंक के लॉकर में रखकर लोन ले लिया।
जिस बैग को छात्रा ने ज्वेलरी और कैश आरोपी को दिया था। उसमें उसके पिता का आर्म्स लाइसेंस और 10 कारतूस भी रखे थे। छात्रा के पिता को लाइसेंस और कारतूस की जरूरत पड़ी तो उन्होंने लॉकर खोलकर देखा। लॉकर खाली मिलने के बाद पूरे घर में हंगामा हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की तो लॉकर टूटा हुआ नहीं मिला। जिससे साफ हो गया कि कोई घर का सदस्य ही चोर है। पुलिस ने एक-एक कर सबसे पूछताछ की, इस दौरान पुलिस को छात्रा पर शक हुआ। बाद में पूछताछ में छात्रा ने पूरा खुलासा किया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर आरोपी शिवम भदौरिया को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी शिवम ने बताया कि उसके पास अभी एक सीतारानी हार, 12 बोर बंदूक के 10 कारतूस और 80 हजार रुपये हैं। शेष सोना उसने बैंक में रखकर 24 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया है, रुपये उसके बैंक अकाउंट में हैं। इसके बाद पुलिस ने सारा पैसा निकाल कर अकाउंट को फ्रीज कर दिया और लोन को चुकता करने के बाद पूरा सोना-चांदी बरामद कर जब्त किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, पास्को एक्ट, ब्लैकमेलिंग और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर उसे जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
'आपातकाल की मानसिकता आज भी जिंदा, इसे याद रखना जरूरी
26 Jun, 2025 01:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Madhya Pradesh: पहली बार मध्य प्रदेश में आयोजित हो रहे 'अमर उजाला संवाद' कार्यक्रम के पहले सत्र को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लाडली बहना योजना, विरासत से विकास अभियान, सिंहस्थ महाकुंभ आदि पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम की शुरुआत में भारत की महान परंपरा का पालन करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्वलित किया। मुख्यमंत्री के साथ ही मशहूर अभिनेता और सांसद रविशंकर ने भी दीप प्रज्वलित किया।
प्रश्न- आपको सत्ता में 561 दिन हो गए हैं तो इस दौरान आपकी सबसे बड़ी चुनौती और उपलब्धि क्या रहीं?
मुख्यमंत्री- इस बारे में लोग जानते हैं कि जो बन सका वो किया है और आगे भी यही प्रयास रहेगा। पार्टी की विचारधारा की बात करें तो गुजरात के बाद मध्य प्रदेश ये संदेश दे रहा है कि राष्ट्रवादी लोग जब सरकार चलाते हैं तो कैसी सरकार चलाते हैं और विकास के जो सूचकांक हैं, उनमें ऊपर जाते हैं और सच्चे अर्थ में लोकतंत्र की स्थापना करते हैं। कोई चाय वाले का या आम किसान व्यक्ति अगर मुख्यमंत्री बनता है तो इससे बड़ी बात किसी पार्टी की क्या होगी। बेटे की शादी से कुछ महीने पहले की बात है, जब मैं शादी की तैयारियों में लगा था, लेकिन जब पार्टी ने मुख्यमंत्री बनाया तो मैंने बेटे से कहा कि भई अब आप ही तैयारियां करो, हम तो भोपाल वाले हो गए हैं। यही हमारी पार्टी की विशेषता है।
मध्य प्रदेश एकमात्र राज्य है, जो अगले दो साल में 50 मेडिकल कॉलेज खोलने जा रहा है। हर जिले तक जाने की हमारी योजना है। 40 साल से यूनियन कार्बाइड का कचरा पड़ा था, उसमें कोई हाथ डालने को तैयार नहीं। नौ साल से प्रमोशन के मामले पड़े थे, उन्हें कोई करने को तैयार नहीं। बीआरटीएस पर कोई फैसला नहीं हो पाया। जल गंगा संरक्षण अभियान चला है, लोग डल झील की बात करते हैं, अब इसके तहत शिकारों में लोग भोपाल झील में चंदेरी साड़ियां खरीद सकेंगे। डल झील की तरह भोपाल झील में भी शिकारे चलेंगे। भौगोलिक स्थिति से मध्य प्रदेश का बड़ा राज्य है। ऐसे में राज्य स्तर पर विमान सेवा चालू की गई है। पीएम श्री एयर एंबुलेंस की शुरुआत की गई है।
प्रश्न- भोपाल की सड़कें यहां का विकास चर्चा में हैं, यहां का एक पुल भी चर्चा में जो 90 डिग्री पर मुड़ जाता है। उस पर क्या कहेंगे?
मुख्यमंत्री- वो पुल 2022 से बन रहा है। अभी उसका लोकार्पण भी नहीं हुआ। आप ये मानकर चलते हैं कि निर्माण कार्य में कोई गलती अगर होती है तो उसे दुरुस्त किया जा सकता है। गलत हो गया है तो क्या हो गया ज्यादा तकलीफ है तो उसमें सुधार किया जाएगा। गलती हुई है तो सुधार देंगे।
प्रश्न- लाडली लक्ष्मी योजना की चुनाव में बड़ी चर्चा रही। इसके तहत तीन हजार रुपये कब तक करने की योजना है?
मुख्यमंत्री- एक साल में हमने अपने सारे वर्गों के पैसे बढ़ाए हैं औऱ किसी योजना के पैसों में कटौती नहीं की। हम जो बाजार से राशि उठा रहे हैं, जिसमें हम केवल 10 प्रतिशत बाजार से उठा रहे हैं और बाकी 90 प्रतिशत हम खुद लगा रहे हैं। हमारा बजट चार लाख इक्कीस हजार करोड़ का बजट है, जिसमें हम एक साल में 35-40 हजार करोड़ रुपये का कर्ज ले रहे हैं। पूरे राज्य पर सिर्फ चार लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। इसके बावजूद हमारी विकास दर भारत सरकार के मापदंड के अनुसार है। राज्य की वित्तीय तरलता तय मानकों के तहत है। हमारा एकमात्र राज्य है, जिसका देश के अंदर योगदान है। हम सबसे कम दर पर बिजली दे रहे हैं। 2002-03 तक प्रति व्यक्ति आय 11 हजार रुपये प्रतिव्यक्ति थी, जो आज 1,55,000 के आसपास पहुंच रही है। जब मध्य प्रदेश बना तब 94 रुपये कुंतल गेहूं की खरीद थी, जब हमारी सरकार आई तो ये सिर्फ 500 रुपये कुंतल तक ही पहुंची और अब हम 2600 रुपये कुंतल में खरीद रहे हैं।
प्रश्न- आपका संकल्प है विरासत से विकास तक। उज्जैन में विक्रमादित्य जी को लेकर आपने कोशिश की कि उस खोई हुई विरासत को प्रतिष्ठित किया और अहिल्याबाई को लेकर कार्यक्रम आयोजित हुए। लेकिन क्या सचमुच जो आज की राजनीति है, उसमें भी सुचिता स्थापित हो सकेगी या हम सिर्फ पिछली विरासत का ही महिमामंडन करेंगे?
मुख्यमंत्री- आपने दो नाम बताए, लेकिन एक नाम और है और वो है रानी दुर्गावती का। दुर्भाग्य से रानी दुर्गावती के जीवन पर जो उजाला आना चाहिए था, वो उन्हें नहीं मिल पाया। रानी दुर्गावती ने 52 में से 51 युद्धों में जीतीं। उन्होंने अपने समय के सबसे बड़े राजा अकबर की सेना का मुकाबला किया और तीन बार उसकी सेना को भी धूल चटा दी। रानी दुर्गावती के शासन में 36 हजार गांव थे। रानी दुर्गावती ने न सिर्फ युद्ध में बल्कि कला, संस्कृति और जल संरचना में भी काम किया। हालांकि उन्होंने नवाचार की दिशा में काम नहीं किया, जिससे 52वें युद्ध में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। विपक्षी सेना ने तोप का इस्तेमाल किया।
विरासत से विकास अभियान के तहत रानी दुर्गावती जैसे जैसे जितने भी नाम हैं, उन सबका इतिहास हम लोगों के सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं। अटल जी का जन्म शताब्दी वर्ष है। अभी हमने घोषणा की है कि हम अटल जी के सम्मान में ग्वालियर में कैबिनेट बैठक करने वाले हैं। अटल जी ने गांवों में सड़कें बनाकर जो किया, उसका देश के विकास में बड़ा योगदान है। एयर स्ट्राइक के लिए जो एयरस्ट्राइक हुई थी, वो लड़ाकू विमान ग्वालियर की धरती से ही उड़े थे। तो इस सबको लोगों के सामने लाया जाएगा।
प्रश्न- उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारी हो रही है। आप खुद उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रहे हैं। सिंहस्थ के लिए कई योजनाएं बनती हैं, लेकिन 12 साल बाद वो काम की नहीं रहतीं, तो क्या ऐसी योजनाएं नहीं बन सकतीं, जिनसे स्थायी विकास हो, वो केवल सिंहस्थ तक ही न रहें
मुख्यमंत्री- इस बार सिंहस्थ का कोई काम स्थायी होंगे और ये ऐतिहासिक होगा। अब की बार हमने उज्जैन में 30 किलोमीटर घाट बनाए हैं। इससे एक दिन में पांच करोड़ लोग स्नान कर सकें। इसके अलावा साधु संतों के लिए जो टेंट बनते हैं, उनके लिए जमीन खरीदने का प्रावधान करें, जिससे उनके स्थायी निवास बन सकें। तो हरिद्वार के तर्ज पर उज्जैन को बनाने की योजना है।
प्रश्न- शिप्रा नदी को स्वच्छ बनाने के लिए कई दावे किए गए। पांच करोड़ लोग स्नान कर सकें, इसके लिए शिप्रा नदी स्वच्छ कब होगी? इसके लिए क्या योजना है?
मुख्यमंत्री- शिप्रा नदी के लिए हमने दो तरीके से काम किया है। शिप्रा जी के ऊपर कोई ग्लेशियर नहीं है और शिप्रा बरसाती नदी है। शिप्रा नदी के जल को स्वच्छ करने के लिए हमने बारिश के समय ही पानी को सेलारखेड़ी में पानी को इकट्ठा कर लेंगे औऱ वो ऊपरी इलाके में है। जैसे ही बरसात का समय चला जाएगा, तो नदी का पानी धीरे-धीरे छोड़कर प्रवाह को सामान्य रखा जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है और 40 फीसदी काम हो भी गया है। इंदौर से आने वाला खान नदी का पानी भी जमीन के सौ फीट नीचे ले जाकर उसे गंभीर नदी से मिलाया गया है। इसका भी 40 प्रतिशत काम हो गया।
प्रश्न- मुख्यमंत्री आवास में मीसाबंदियों का कार्यक्रम है। ये आपातकाल का काला अध्याय हो गया, लेकिन इसे बार-बार याद दिलाने का उद्देश्य क्या है?
मुख्यमंत्री- आपातकाल का बीज जिस मानसिकता से पड़ा, वो आज तक खत्म नहीं हुई। इंदिरा गांधी के गलत तरीके से चुनाव लड़ने से इसकी शुरुआत हुई, जिसे राजनारायण जी ने चुनौती दी और उसे कोर्ट ने अवैध कर दिया, लेकिन जिनके मन में ये है कि हम तो राजा-महाराजाओं से ऊपर हैं, देश से ऊपर हैं, ये उसकी परिणिती थी कि देश में आपातकाल लागू कर दिया गया। ये इतना डरावना पक्ष था कि जिस अदालत के माध्यम से लोकतंत्र बचा रहता है, उस पर आघात किया गया। सुप्रीम कोर्ट के शाह बानो के फैसले में जिस तरह से बदला गया, अब सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक पर फैसला दिया है। पीएम मोदी ने राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू कराया। कांग्रेस के एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्हें सत्ता में भी और विपक्ष में भी व्यवहार करने की समझ नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर में भी कांग्रेस के नेता ने वो बोला, जो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख ने भी बोला, वो ये नेता बोल रहे हैं। इसी नादान को ये बताने के लिए कि आपके खानदान ने ये गलती की और अब आप भी उसी रास्ते पर हैं। हम हर साल रावण दहन करते हैं ताकि लोगों को बता सकें कि असत्य पर सत्य की जीत होती है, उसी तरह हम हर साल आपातकाल के बारे में लोगों को बताते हैं ताकि लोकतंत्र की रक्षा की जा सके।
प्रश्न- जब मोहन यादव मुख्यमंत्री बने तो आपको इसलिए भी लाया गया कि यादव मतदाताओं को लुभाने के लिए भी लाया गया और इसका असर पूरे देश पर है। आप देशभर में प्रचार करते हैं। आपको क्या लगता है कि यादव मतदाताओं वाला ये फैक्टर कितना अहम है और क्या आपकी राष्ट्रीय राजनीति में कोई भूमिका होने जा रही है?
मुख्यमंत्री- हमारी पार्टी जाति की राजनीति नहीं करती। किसी को कोई भी काम मिल जाए, माननीय प्रधानमंत्री थे, वो तो प्रचारक थे। हमारी पार्टी में जो जिम्मेदारी दी जाती है, उसका हम निर्वहन करते हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का संक्षिप्त परिचय
मोहन यादव का जन्म 25 मार्च 1965 को उज्जैन में हुआ था। उनके पिता का नाम पूनमचंद यादव और मां का नाम लीलाबाई यादव है। सीमा यादव उनकी धर्मपत्नी हैं। मोहन यादव ने एमबीए किया है और पीएचडी की डिग्री भी हासिल की है। उनके परिवार में पत्नी सीमा यादव के अलावा दो पुत्र और एक पुत्री हैं।
सीएम के बारे में और जानिए
गीता कालोनी निवासी पूनमचंद यादव के घर जन्मे मोहन यादव का बचपन आर्थिक तंगी में गुजरा। पिता पूनमचंद मिल में नौकरी करते थे। कमाई ज्यादा नहीं होती थी। परिवार का गुजारा करने के लिए पूनमचंद अपने भाई शंकर लाल के साथ मालीपुर इलाके में चाय-पोहे भजिए की दुकान भी चलाते थे। मोहन यहां कभी-कभी पिता-चाचा की मदद करने आते थे। 1982 में जब मोहन यादव ने छात्रसंघ का पहला चुनाव जीता, उस वक्त भी वह अपनी चाय-पोहे की दुकान पर काम करते थे। चाय-पोहे की दुकान ठीक चलने लगी तो उन्होंने उसे बढ़ाकर एक रेस्टोरेंट भी डाला था।
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