मध्य प्रदेश
SP ऑफिस में महिला ने की आत्महत्या की कोशिश, 4 साल से भटक रही इंसाफ के लिए
2 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: मध्य प्रदेश का चंबल अंचल हमेशा किसी ना किसी कारण से चर्चा में रहता है. अब तो यहां होने वाली जनसुनवाई भी अक्सर सुर्खियों में छायी रहती है. मंगलवार को ग्वालियर में एसपी ऑफिस में जनसुनवाई में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया. जहां अपनी फरियाद लेकर पहुंची एक शिकायकर्ता महिला ने जनसुनवाई के दौरान सभी पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में आत्महत्या की कोशिश की. जिसके बाद तुरंत पुलिस अधिकारियों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है.
हंगामा करते करते आत्महत्या की कोशिश
असल में मंगलवार को ग्वालियर एसपी कार्यालय में जनसुनवाई चल रही थी, इसी बीच एक महिला अपनी शिकायत लेकर पहुंची. उसका आरोप था कि वह सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता है और उसकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा. वह कई दिनों से थाने के चक्कर काट रही है. तेज हंगामा करते करते अचानक महिला ने अपनी जान देने की कोशिश की. जिसकी वजह से उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.
चार साल पुराना है मामला
महिला का आरोप था कि, ''2021 में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ लेकिन आज तक उसकी सुनवाई नहीं हुई है. उसका और उसके बच्चों का शोषण किया जा रहा है लेकिन इंसाफ नहीं मिल रहा.'' वहीं इस मामले में सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि, ''वे उस समय मौजूद नहीं थे जब यह घटना क्रम हुआ.''
'कई बार बुलाने के बाद भी कथन देने नहीं आई महिला '
सीएसपी मनीष यादव का कहना है कि, "महिला ने अपनी जान देने की कोशिश की है, ऐसा बताया गया है. वह जिस बात की शिकायत कर रही है वह चार साल पुराना मामला है और कई बार फरियादी महिला को कथन के लिए थाने बुलाया गया था, लेकिन वह स्टेटमेंट दर्ज करने ही नहीं आई. जांच में यह भी बात सामने आई है कि, महिला और उसके परिजन ने दिल्ली में भी इसी तरह की चार FIR दर्ज कराई हैं, जिसका डेटा भी मंगाया गया है. साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि वह इतने समय तक सामने क्यों नहीं आई."
सिंधिया महल की सड़क में सुरंग, जमीन के अंदर इतना बड़ा गड्ढा समा जाएगी पूरी कार
2 Jul, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: मध्य प्रदेश की सड़के अमेरिका से अच्छी हैं. कभी ये बात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते शिवराज सिंह चौहान ने कही थी. लेकिन इन सड़कों की गुणवत्ता का जिक्र कहीं नहीं किया. अब ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा महीने भर पहले बनाई गई सड़क चर्चा में है. सड़क भ्रष्टाचार की पोल खोलती नजर आ रही है. हाल ही में बनकर तैयार हुई सिंधिया महल की सड़क बारिश शुरू होते ही 10 दिन में 7 बार धंस चुकी है. मंगलवार को तो सड़क पर गड्ढे ने गुणवत्ता को उजागर कर दिया, जब डामर से बनी रोड के नीचे मिट्टी ही गायब दिखी.
एक महीने पहले ही बनी थी सड़क
असल में एक महीने पहले ही ग्वालियर में सिंधिया महल से गुजरने वाली सड़क का निर्माण 19 करोड़ की लागत वाले वाटर ड्रेन प्रोजेक्ट के तहत कराया गया था. ये सड़क शहर के चेतकपुरी तिराहे से माधव नगर तक बनाई गई थी. इसे बनाने के लिए करीब साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च किए गए. सड़क के नीचे वाटर ड्रेनेज के लिए पाइपलाइन बिछाई गई थी. लेकिन जैसे ही बारिश का सीजन शुरू हुआ, सड़क में हुए भ्रष्टाचार की कलई भी खुलने लगी.
सड़क धंसी, डरावना था अंदर का नजारा
मंगलवार को तो हालात ये हुए कि तेज बारिश के बाद चेतकपुरी-माधवनगर के बीच बनी नई सड़क जगह जगह से ढह गई और उसके नीचे सुरंग के जैसा गड्डा दिखायी दिया. यानी नीचे मिट्टी ही नहीं रही. इन गड्ढों में एक ट्रैक फंस गया वहीं कई राहगीर वाहन चालक हादसे का शिकार होते होते बचे.
रोड की करायी जाएगी जांच
इस पूरे मामले को लेकर जब ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान से बात की गई तो उनका कहना था कि, "इस मामले को लेकर नगर निगम आयुक्त को निर्देशित किया गया है. इस रोड की कोर कटिंग कर सैंपल लैब में भेजा जाएगा. जिससे पता चल सके इस रोड को बनाने के लिए तय मानकों को पूरा किया गया है या नहीं और लापरवाही कहां हुई है जांच में सब सामने आ जाएगा.''
पटेल नगर कॉलोनाईजर के विरूद्ध एफआईआर कराने के निर्देश
1 Jul, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : रायसेन रोड स्थिति पटेल नगर कालोनी के कॉलोनाईजर के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज होगा। प्रकरण दर्ज कराने के लिए पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए। राज्यमंत्री गौर मंगलवार को मंत्रालय में गोविंदपुरा क्षेत्र की सर्वोदय गृह निर्माण सहकारी संस्था, अग्रोहा गृह निर्माण समिति, कुंजन गृह निर्माण समिति, पटेल नगर कॉलोनी और रहवासियों की समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर रहीं थी।
राज्यमंत्री गौर ने पटेल नगर कॉलोनी में स्कूल, खेल मैदान, पार्क आदि के लिए छोड़े गए भू-खंडों को नगर निगम के लिए सौपने के स्थान पर कॉलोनाईजर ने इस कॉलोनी के प्राईमरी स्कूल के एक भू-खंड को निजी तौर पर विक्रय कर दिया। नगर निगम के स्वामित्व के इन भू-खंड को विक्रय करने का अधिकार कॉलोनाईजर को नहीं है। कॉलोनाईजर द्वारा किया गया यह कृत्य आपराधिक है। इसको ध्यान में रखते हुए राज्यमंत्री गौर ने नगर निगम के अधिकारियों को कॉलोनाईजर के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कॉलोनाईजर द्वारा विक्रय किए गए भू-खंड की रजिस्ट्री को शून्य कराने की प्रक्रिया भी शुरू करें। इसके साथ ही कॉलोनाईजर अन्य ओपन एरिया को विक्रय नहीं कर सके इसकी व्यवस्था भी सुनिश्चित करें। बैठक में बताया गया कि पटेल नगर कॉलोनी 1960 के दशक में विकसित की गई थी। इसमें 700 से अधिक प्लाट हैं।
राज्यमंत्री गौर ने सर्वोदय गृह निर्माण सहकारी संस्था खजूरी भोपाल में आवंटियों और सहकारी संस्था के पदाधिकारियों के बीच कॉलोनी के विकास कार्यो को लेकर आ रही समस्या के निराकरण के लिए और समिति में पिछले वर्षों में हुई कार्यवाही से आवंटियों को उनका वास्तविक हक दिलाने के लिए संयुक्त आयुक्त, सहकारिता भोपाल को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप आयुक्त सहकारिता से कहा कि वह आवंटियों और सहकारी संस्था के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या का निराकरण कराना सुनिश्चित करें। बैठक में अग्रोहा गृह निर्माण समिति नर्मदापुरम रोड की सीवेज और सड़क निर्माण के लिए रहवासियों के साथ समन्वय कर अधिकारियों को कार्य करने के लिए कहा। इसी प्रकार कुंजन गृह निर्माण संस्था नर्मदापुरम रोड में फेस-1 और फेस-2 में सीवेज और रोड के विकास के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, कॉलोनियों के रहवासी और सहकारी समितियों के पदाधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विजन@2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हुआ एम.ओ.यू.
1 Jul, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में प्रदेश के योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग और आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था के व्यक्तित्व विकास केंद्र के बीच मंत्रालय में एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। इस साझेदारी के अंतर्गत दोनों संस्थान जल संरक्षण, सतत् कृषि और ग्रामीण आजीविका सृजन, ग्राम विकास, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, गौधन संवर्धन, नशामुक्ति, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग करेंगे। यह समझौता सतत् विकास लक्ष्यों की दिशा में राज्य सरकार की पहलों को सशक्त्करने, पीपीपी मॉडल (सार्वजनिक निजी भागीदारी) को बढ़ावा देने, नीतिगत निर्णयों में सहयोग, योजनाओं के प्रभावी मूल्यांकन और व्यापक सर्वेक्षण के माध्यम से प्रदेश की दीर्घकालिक विकास योजना विजन@2047 के लक्ष्यों को पूर्ण करने में सहायक होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुए समझौता पत्र के आदान-प्रदान के अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी संजय शुक्ला, म.प्र. राज्य नीति आयोग के ऋषि गर्ग, आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के रोहन जैन, अजित भास्कर तथा अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे। पद्म विभूषण रविशंकर जी द्वारा स्थापित आर्ट ऑफ लिविंग संस्था समग्र विकास सहित क्षमता विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।
आर्ट ऑफ लिविंग के विभिन्न कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों, वैज्ञानिकों, सशस्त्र बलों, पंचायती राज प्रतिनिधियों, युवाओं, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों हेतु विशेष रूप से बनाए गए हैं। संस्था जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, कौशल विकास, ग्रामीण विकास, वनीकरण, नशामुक्ति, जेल सुधार, सीमावर्ती गाँव विकास जैसे क्षेत्रों में भी कार्य कर रही है। साथ ही आर्ट ऑफ लिविंग की विभिन्न राज्य सरकारों, केंद्र सरकार के मंत्रालयों एवं विभागों के साथ सक्रिय भागीदारी है। भारत सरकार (DoPT) 'कर्मयोगी भारत' के साथ संस्था का समझौता सरकारी अधिकारियों के लिए क्षमता विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन हेतु भी प्रभावी है।
सरकारी नौकरी पाने की खुशी चेहरों पर झलकी
1 Jul, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : ऊर्जा विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) में विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के भौतिक परीक्षण की प्रक्रिया आज से प्रारंभ हो गई। शासकीय सेवा में नियुक्ति का सपना साकार होने की संतुष्टि और उल्लास चयनित अभ्यर्थियों के चेहरों पर साफ झलक रहा था। पहले दिन कुल 22 अभ्यर्थियों ने आत्मविश्वास और प्रसन्नता के साथ दस्तावेज परीक्षण में भाग लिया।
दस्तावेज सत्यापन के लिए अभ्यर्थी नियत समय पर आवश्यक प्रमाणपत्रों के साथ उपस्थित हुए और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए परीक्षण संपन्न कराया। दस्तावेज परीक्षण की यह प्रक्रिया आगामी 3 जुलाई तक प्रतिदिन जारी रहेगी, जिसके अंतर्गत विभिन्न पदों के लिए चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी।
एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि दस्तावेज परीक्षण के पहले दिन कनिष्ठ अभियंता (पारेषण-प्रशिक्षु) एवं सिविल लाइन परिचारक (प्रशिक्षु) पदों के लिए चयनित 22 अभ्यर्थियों ने अपने दस्तावेजों का परीक्षण कराया। उन्होंने बताया कि दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात शीघ्र ही नियुक्ति आदेश जारी कर दिए जाएंगे, जिससे चयनित अभ्यर्थी समय पर विभाग की सेवा में योगदान दे सकें।
उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (आईईएचई), भोपाल में नवीन सत्र 2025-26 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए हुआ दीक्षारम्भ" कार्यक्रम
1 Jul, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (आईईएचई) में मंगलवार को नवीन सत्र 2025-26 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए 'दीक्षारम्भ कार्यक्रम' आयोजित किया गया। संस्थान में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत भारतीय परंपरानुसार तिलक लगाकर एवं पुष्प वर्षा के माध्यम से किया गया। संस्थान के नवीन विद्यार्थियों को संस्थान की उपलब्धियों, परंपराओं एवं सुविधाओं से परिचित करवाने के उद्देश्य से स्नातक व स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के साथ समस्त संकायों के प्राध्यापक भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
संस्थान के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल ने सरस्वती वंदना के माध्यम से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तत्पश्चात संस्थान के शिक्षकों ने सिविल सर्विसेज में संस्थान से चयनित विद्यार्थियों, विक्रम अवार्ड से सम्मानित विद्यार्थियों, राष्ट्रपति से सम्मानित एनएसएस इकाई जैसी उल्लेखनीय संस्थागत उपलब्धियों से सभी को अवगत करवाया। साथ ही उन्होंने एकाग्रचित्त होकर संस्थान में अध्ययन करते हुए अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विद्यार्थियों से आह्वान किया और इस प्रक्रिया में संस्थान के हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
संस्थान के समस्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने नव प्रवेशितों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनायें प्रेषित की। कार्यक्रम की संयोजक एवं समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शैलजा दुबे ने विद्यार्थियों को संस्थान के पुस्तकालय, एनएसएस इकाई, एनसीसी इकाई आदि अन्य मूलभूत शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक सुविधाओं एवं गतिविधियों से परिचित करवाया। तत्पश्चात प्रत्येक विभाग के विभिन्न प्राध्यापकों ने अपने विभाग का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया। दीक्षारम्भ कार्यक्रम के माध्यम से संस्थान में प्रवेशित विद्यार्थियों को संस्थान की परंपरा में घुलने-मिलने एवं भविष्य निर्माण की रुपरेखा बनाने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ।
मिट्टी से सरोवर तक-वृक्ष से वर्षा तक लोक निर्माण विभाग की नई सोच
1 Jul, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : हरित मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने मंत्री राकेश सिंह की अगुवाई में ऐतिहासिक पौधरोपण महाअभियान का शुभारंभ किया। इस एक दिन में विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में 2 लाख से अधिक पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कीर्तिमान स्थापित किया है, जो सतत विकास और हरियाली के प्रति विभाग की सशक्त प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भोपाल में आयोजित मुख्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा की “पौधरोपण सिर्फ औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध भविष्य देने का हमारा दृढ़ संकल्प है।” उन्होंने कहा कि प्रारंभ में जहाँ 1 लाख पौधों का लक्ष्य रखा गया था, वहीं विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों की प्रतिबद्धता, समर्पण और उत्साह के चलते यह संख्या बढ़कर 2 लाख से अधिक पौधों तक पहुँच गई। यह केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि हरित मध्यप्रदेश की दिशा में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक उपलब्धि है जो सामूहिक प्रयासों की शक्ति को दर्शाती है।
मंत्री सिंह ने कहा कि इस पौधारोपण को वैज्ञानिक पद्धति से जोड़ा गया है। प्रत्येक पौधे की सैटेलाइट मॉनिटरिंग की योजना बनाई गई है, जिसमें अहमदाबाद स्थित भास्कराचार्य संस्थान का सहयोग प्राप्त हो रहा है। इसके माध्यम से पौधों की वृद्धि और संरक्षण की डिजिटल निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी। यह वृक्षारोपण सड़क किनारे, विभागीय भवन परिसरों, तालाबों एवं सार्वजनिक स्थलों पर किया गया है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में हरियाली को बढ़ावा मिलेगा।
मंत्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘हरित भारत’ के संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पर्यावरण-अनुकूल विकास के विजन ने मध्यप्रदेश में वृक्षारोपण और प्रकृति संरक्षण को एक जनआंदोलन का रूप दिया है। उन्होंने कहा कि आज जब पूरी दुनिया पर्यावरण संकट से जूझ रही है, ऐसे समय में यह पहल प्रेरक उदाहरण बनेगी। उन्होंने आमजन, विभागीय अधिकारियों, अभियंताओं और उनके परिवारों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
मंत्री सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग अब केवल भौतिक संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि जल संरक्षण, हरित तकनीकों के उपयोग और पारिस्थितिकी संतुलन को अपनी कार्यशैली में प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि “लोक निर्माण से लोक कल्याण” केवल एक नारा नहीं है, बल्कि विभाग की मूल कार्यनीति है, जिसमें अब पर्यावरणीय संतुलन को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि विकास की तेज़ रफ्तार के साथ प्रकृति का संरक्षण अब प्रत्येक अभियंता और अधिकारी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी दृष्टिकोण से विभाग ने ‘लोक कल्याण सरोवर’ योजना की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत सड़क निर्माण में उपयोग हुई मिट्टी का युक्तियुक्त उपयोग करते हुए स्थायी जल संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इन सरोवरों को विज्ञानसम्मत ढंग से डिज़ाइन किया गया है तथा उनका सौंदर्यीकरण, वृक्षारोपण, सूचना पटल और जियो-टैगिंग की जा रही है। इस योजना के तहत 500 लोक कल्याण सरोवर बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्री सिंह ने कहा कि विभाग ने सड़क किनारे रिचार्ज बोर निर्माण की पहल भी शुरू की है, जिससे वर्षा जल को भूगर्भ तक पहुँचाकर ग्राउंडवाटर रिचार्ज किया जा सकेगा।वर्तमान और निर्माणाधीन फ्लाईओवर और आरओबी में वर्षा जल संचयन के लिए आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि आने वाले वर्षों में इस अभियान को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा तथा हर परियोजना में प्रकृति का समावेश सुनिश्चित किया जाएगा।
विधायक भगवानदास सबनानी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में शिक्षाविद एवं सलाहकार समिति सदस्य विक्रांत सिंह तोमर, सलाहकार समिति सदस्य अजय के जैन सहित प्रमुख अभियंता शामिल थे। प्रदेशभर से लोक निर्माण विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना का अनुमोदन
1 Jul, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना का अनुमोदन किया गया। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा के एक ऐसे ग्राम का चयन किया जाएगा जिसकी वर्तमान जनसंख्या न्यूनतम 2000 हो एवं गौ-वंश की न्यूनतम संख्या 500 हो। ऐसे ग्रामों को मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम के रूप में विकसित कर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। ये ग्राम आत्मनिर्भर होकर प्रदेश के अन्य ग्रामों के समक्ष विकास का आदर्श प्रस्तुत करेंगे। इस योजना के अंतर्गत गौ-पालन एवं डेयरी विकास, पर्यावरण संरक्षण, जैविक कृषि, जल संरक्षण, सौर ऊर्जा, चारागाह विकास, अधोसंरचना विकास, स्वरोजगार सहित ग्रामीण विकास के विषयगत दृष्टिकोणों से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किये जाने का निर्णय लिया गया।
राज्य शासन की अवधारणा है कि प्रदेश में कुछ ग्राम इस प्रकार विकसित किये जायें ताकि वे आत्मनिर्भर होकर प्रदेश के समस्त ग्रामों के लिए उदाहरण बनें तथा अन्य ग्राम इन चयनित ग्रामों से प्रेरित होकर स्वयं भी आत्मनिर्भरता और चहुँमुखी विकास की ओर अग्रसर हों। इन चयनित ग्रामों में विभिन्न विभागों के अन्य विकास कार्यों के साथ मुख्य रूप से गौवंशीय एवं अन्य दुधारू पशुओं के पालन, दुग्ध-उत्पादन एवं डेयरी विकास पर ध्यान केन्द्रित किया जायेगा। जहां स्वच्छता एवं हरियाली के साथ-साथ गौसेवा और आध्यात्मिकता से समन्वित आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रत्यक्षतः दृष्टिगोचर हो और ग्राम "वृन्दावन" के रूप में साकार हो सके।
मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना के उद्देश्यों में गौपालन एवं डेयरी विकास को बढ़ावा देना। ग्राम को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के साथ सहकारिता के माध्यम से दुग्ध व्यवसाय का प्रसार करना, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार हो सके। पर्यावरण संरक्षण, जैविक कृषि, जल संरक्षण तथा सौर ऊर्जा संबंधी गतिविधियों को जनभागीदारी से क्रियान्वित करना, चारागाह विकास, ग्राम में अधोसंरचना विकास, ग्रामीण परिवारों का रोजगार/स्वरोजगार आधारित आर्थिक सुदृढ़ीकरण और ग्रामीण विकास के विषयगत दृष्टिकोणों को अपनाते हुए सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करना है।
चयनित वृन्दावन ग्राम में विभिन्न विभागों के माध्यम से जो सुविधाएं उपलब्ध करायी जाना है, वे 6 श्रेणियों में होगी। चयनित वृन्दावन ग्राम में अधोसरंचना के लिए गौशाला, ग्राम पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, आँगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य केन्द्र, स्कूल भवन, यात्री प्रतीक्षालय, सोलर स्ट्रीट लाइट, पुस्तकालय, सर्वसुविधायुक्त आजिविका भवन/ग्रामीण आजीविका के लिए वर्कशेड, पशु चिकित्सालय, ग्राम तक कनेक्टिविटी, ग्राम के अंतर्गत आंतरिक सड़कें/नाली, सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान एवं गोडाउन, हर घर जल (सोलर उर्जा आधारित पम्प के माध्यम से), ग्रामीण उद्योग आधारित आर्ट एण्ड क्राफ्ट सेंटर, बायोगैस सयंत्र, शांतिधाम निर्माण, गौ-समाधि स्थल, सेग्रीगेशन शेड, जल निकासी के लिए नाली, कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र, ग्राम में विद्युत प्रवाह के लिए सौर उर्जा एवं गैर परम्परागत उर्जा क्षेत्र में विकास, पात्र परिवारों के लिये जलवायु अनुकूल आवास तथा (व्यक्तिगत शौचालय), सार्वजनिक उद्यान (पार्क), सार्वजनिक शौचालय, सिंचाई स्रोत विकास एवं ड्रिप एरीगेशन की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।
आजीविका संबंधी गतिविधियों में नंदन फलोद्यान, पोषण वाटिका, दुग्ध कलेक्शन सेंटर, लघु वनोपज आधारित लघु उद्योग, कृषि/फल उपज आधारित उद्योग, ग्राम में उपलब्ध कौशल आधारित सेवाओं के विकास की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।
वाटर कनजर्वेशन संबंधी जल संचयन संरचनाएं, रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग, नलकूप रिचार्ज, डगवेल रिचार्ज, स्टॉप डेम/चेकडेम, तालाबों का संरक्षण इसी प्रकार पंचायत सशक्तिकरण संबंधी में स्वयं की आय के स्रोत का विकास तथा ई-पंचायत /CSCकी सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी।
विशेष लक्ष्य में प्राकृतिक कृषि, धार्मिक स्थलों / भूमियों का संरक्षण, घर से कचरा उठाने स्वच्छता वाहन, ग्रे वाटर मैनेजमेंट, मल-कीचड प्रबंधन, राजस्व अभिलेखों को अद्यतन करना, शत प्रतिशत समग्र ईकेवाइसी, ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे, ग्राम के आर्ट एवं क्राफ्ट को बढ़ावा देने के लिए हस्तशिल्प कला केन्द्र, ग्राम की शालाओं/आंगनबाडियों में अध्यनरत बच्चों के लिये पौष्टिक भोजन, अतिक्रमण मुक्त ग्राम तथा ग्राम की स्थानिक योजना की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।
क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण योजना के क्रियान्वयन की सैद्धांतिक स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य मद अंतर्गत क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण की योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक 1766 पुलों के पुनर्निर्माण के लिए 4 हजार 572 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार क्षतिग्रस्त पुलों का पुनर्निर्माण किया जाकर बारहमासी संपर्क सुविधा प्रदान की जायेगी। योजना के क्रियान्वयन एवं मॉनीटिरिंग के लिए मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति को समुचित निर्णय लिये जाने के लिए अधिकृत किये जाने की स्वीकृति दी गयी।
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, की स्थापना भोपाल में किए जाने की सैंद्धातिक स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गाँधीनगर के परिसर (Campus) की स्थापना भोपाल में किए जाने के लिए सैंद्धातिक स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) की स्थापना के लिए तीन वर्षों के लिए प्रति वर्ष एक करोड़ 5 लाख रूपये की राशि प्रदान की जायेगी। भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर के लिए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी), भोपाल परिसर में उपलब्ध भूमि में से 10 एकड़ भूमि को विभाग स्तर से हस्तांतरित किया जायेगा। भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के स्थाई भवन का निर्माण पूर्ण होने तक राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में उपलब्ध भवन को अस्थायी रूप से राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए उपलब्ध कराये जाने का अनुमोदन किया गया।
इसके स्थापित होने से राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में रोजगार एवं कौशल, विशिष्ट उच्च शिक्षा के केंद्र के रूप में मध्यप्रदेश की प्रतिष्ठा में वृद्धि, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के मध्य सहयोग में वृद्धि होगी।
विभागीय छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों के लिए मेस संचालन की सैद्धांतिक स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के विभागीय छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों के लिए मेस संचालन की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। विभाग के छात्रावास की संख्या 108, विद्यार्थियों की संख्या 9050 है। इसके लिए 14 करोड़ अनावर्ती तथा 17 करोड़ आवर्ती व्यय कुल 31 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई।
नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कुल 1266 नवीन पदों की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशालाओं में 202 वैज्ञानिक अधिकारी को सम्मिलित कर कुल 1266 पदों की स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 176(3) के क्रियान्वयन के लिए 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले समस्त अपराधों में फॉरेंसिक विशेषज्ञ के अनिवार्य तथा आवश्यक भ्रमण के लिए 1266 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई। नए कानून को लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है।
नव गठित जिलों में संयोजक जनजातीय तथा अनुसूचित जाति जिला कार्यालयों की स्थापना की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत तीन नव गठित जिलों में जिला संयोजक जनजातीय तथा अनुसूचित जाति जिला कार्यालयों की स्थापना की स्वीकृति दी गई। इसमें मऊगंज के लिए 16 पद, मैहर के लिए 18 पद तथा पांढुर्णा के लिए 14 पद कुल 48 नवीन पदों का सृजन और 381.30 लाख रूपये वार्षिक अतिरिक्त वितीय व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई है।
"एक बगिया मां के नाम" बनेगी आजीविका का नया माध्यम, महिलाएं होंगी लाभान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
1 Jul, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में "एक बगिया मां के नाम" से नई योजना आरंभ की जा रही है। इसमें प्रदेश स्तर पर स्व-सहायता समूह की 30 हजार महिलाओं की 30 हजार एकड़ भूमि पर लगभग 900 करोड़ की लागत से आजीविका संवर्धन के लिए 30 लाख उद्यानिकी पौधों का रोपण कर फल उद्यान विकसित किए जाएंगे। इस योजना में हितग्राहियों को पौधे, खाद, गड्ढे खोदने के साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग और सिंचाई के लिए जल कुंड बनाने के लिए भी धनराशि प्रदान की जाएगी। उद्यान विकास के लिए महिला हितग्राहियों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे।
1 जुलाई से 15 सितंबर तक चलेगा "एक पेड़ मां के नाम" अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की लगभग 100 नदियों के उद्गम स्थलों पर 10-10 एकड़ भूमि पर 42 करोड़ रुपए की लागत से पौधों का रोपण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई से 15 सितंबर तक "एक पेड़ मां के नाम" अभियान आयोजित होगा, जिसे पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, वन, उद्यानिकी सहित सभी विभाग जनसहभागिता से संचालित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी जिलों में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किया जाना है। समिति में सांसद, विधायक, पंचायत तथा नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों के साथ ही चिकित्सा, विधि, इंजीनियरिंग, समाज सेवा, कृषि, उद्यानिकी डेयरी आदि क्षेत्रों के विशेषज्ञ और प्रख्यातजन शामिल होंगे।
जल गंगा संवर्धन अभियान में बने 85 हजार से अधिक खेत तालाब
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत खेत का पानी खेत में संचित करने के उद्देश्य से प्रदेश में 85 हजार से अधिक खेत तालाबों का निर्माण किया गया। भूजल संवर्धन के लिए 1 लाख से अधिक कुओं का पुनर्भरण किया गया। पानी की अमृत बूंद को सहेजने के लिए अमृत सरोवर 2.0 के तहत 1000 से अधिक नए अमृत सरोवरों का निर्माण प्रारंभ हुआ। शहरी क्षेत्र में समाज की सहभागिता से 3300 से अधिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन, 2200 नालों की सफाई और 4000 वर्षा जल संचयन संरचनाएं बनाई गई। इसके साथ ही 40 लाख से अधिक नागरिकों ने 5000 से अधिक ऐतिहासिक/धार्मिक जल स्रोतों (बावड़ी, मंदिर तालाबों आदि) की सफाई और जीर्णोद्धार में भाग लिया। अभियान के अंतर्गत 2 लाख 30 हजार जलदूतों का रजिस्ट्रेशन हुआ।
राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हुईं 15 हजार से अधिक जल संरचनाएं
नर्मदा परिक्रमा पथ और पंचकाषी यात्रा जैसे अन्य तीर्थ मार्गों का डिजिटलीकरण किया गया। अवरिल निर्मल नर्मदा योजना के तहत 5600 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण की योजना स्वीकृत कराकर कार्य आरंभ किया गया। वन क्षेत्रों में वन्यजीवों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 2500 से अधिक तालाब, स्टॉप डैम जैसी जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण किया गया। प्रदेश की 15 हजार से अधिक जल संरचनाओं और जल संग्रहण संरचनाओं को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने का कार्य भी अभियान के अंतर्गत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मानसून में रोपण के लिए 6 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं।
7 जुलाई से 6 अगस्त तक होगा मूंग और उड़द का उपार्जन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मूंग उपार्जन के लिए 3.51 लाख मैट्रिक टन और उड़द उपार्जन के लिए 1.23 लाख मैट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मूंग के लिए 30 जून तक 2 लाख 94 हजार किसानों ने तथा उड़द के लिए 11 हजार 495 किसानों का पंजीयन हो चुका है। पंजीयन के लिए 6 जुलाई तक अंतिम तिथि निर्धारित है। प्रदेशभर में मूंग और उड़द का उपार्जन 7 जुलाई से 6 अगस्त तक किया जाएगा।
यूनियन कार्बाइड के कचरे का निष्पादन 30 जून को पूर्ण हुआ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यूनियन कार्बाइड के कचरे का निष्पादन 30 जून को पूर्ण कर लिया गया है, इससे प्रदेश को 40 साल पुराने इस कलंक से मुक्ति मिली है। उन्होंने बताया कि 4 जुलाई को प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम में हुए रीजनल इंडस्ट्रीज स्किल एंड एंप्लॉयमेंट कॉन्क्लेव (RISE) तथा गुजरात के सूरत में आयोजित निवेशक संवाद कार्यक्रम की उपलब्धियों से मंत्रीगण को अवगत कराया।
उप मुख्यमंत्री, मंत्री एवं विधायकों को जन्मदिवस की दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार को जन्म दिवस पर पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में उपस्थित खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को भी जन्म दिवस पर शुभकामनाएं दीं तथा मंत्रीगण को बताया कि पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव और विधायक रीति पाठक का जन्म दिन भी आज है।
4 जुलाई को तोहफे बांटेगी मोहन यादव सरकार, इन छात्रों को मिलेंगे लैपटॉप और स्कूटी
1 Jul, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के 94 हजार से ज्यादा छात्रों को 4 जुलाई को लैपटॉप बांटे जाएंगे. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में मध्य प्रदेश सरकार की प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में लैपटॉप बांटेंगे. इस योजना में माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे ज्यादा अंक हासिल करने वाले छात्रों को 25 हजार रुपए की राशि लैपटॉप खरीदने के लिए उनके बैंक खाते में डाली जाएगी. इस शिक्षण सत्र के लिए 94 हजार 234 विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 235 करोड़ 58 लाख 50 हजार रुपए की राशि दी जा रही है.
छात्रों के लैपटॉप के लिए सरकार देगी 235 करोड़ 58 लाख
मध्य प्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग की प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन योजना में 4 जुलाई को 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 फीसदी से ज्यादा नंबर लाने वाले छात्र सम्मानित होंगे. इन छात्रों को 25 हजार रुपए की राशि लैपटॉप खरीदने के लिए उनके अकाउंट में डाली जाएगी. इस शिक्षण सत्र में पूरे प्रदेश के 94 हजार 234 छात्रों को लैपटाप दिए जाएंगे. जिस पर सरकार 235 करोड़ 58 लाख 50 हजार की राशि देगी. इस बात की जानकारी सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया X पर शेयर की गई है.
1 हजार 80 करोड़ से ज्यादा के लैपटॉप बांट चुकी है सरकार
कार्यक्रम में प्रदेश के 500 से अधिक विद्यार्थी और शिक्षक सहभागिता करेंगे. प्रदेश में पिछले वर्ष 2023-24 में 89 हजार 710 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बैंक खातों में 224 करोड़ 27 लाख 50 हजार रुपये की राशि अंतरित की गयी थी. प्रदेश में यह योजना वर्ष 2009-10 से संचालित हो रही है. पिछले 15 वर्षों में इस योजना में 4 लाख 32 हजार 16 विद्यार्थियों के बैंक खातों में एक हजार 80 करोड़ 4 लाख रुपए की राशि प्रोत्साहन स्वरूप लैपटॉप के लिये डाली जा चुकी है.
इन छात्रों को मिलेगी लैपटॉप के अलावा स्कूटी भी
मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना में जो क्राइटेरिया रखा गया है. उसमें 12वीं बोर्ड की परीक्षा में जो छात्र 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाते हैं. उन्हें लैपटॉप वितरित किया जाएगा. जबकि सरकारी स्कूल में जो टॉपर रहे हैं, उन्हें स्कूटी दी जाएगी. इसी तरह से 6th से लेकर 9th तक के छात्रों को साइकिल दिए जाने का भी प्रावधान है. साइकिल उन छात्रों को दी जाएगी. जिन्होंने 5वीं पूरी करने के बाद 6वीं और 8वीं तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद 9वीं में पहली बार दाखिला लिया है.
पुए से फैला संक्रमण! 70 से ज्यादा लोग बीमार, 15 को अस्पताल में भर्ती कराया गया
1 Jul, 2025 08:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के बरोही थाना क्षेत्र के अम्लेहड़ी गांव में एक धार्मिक आयोजन के दौरान प्रसाद के रूप में बांटे गए पुए खाने से 70 से अधिक लोग बीमार हो गए। गंभीर रूप से बीमार 15 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही सीएमएचओ डॉ. जेएस यादव स्वास्थ्य अमले के साथ रात में मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि पुए बनाने में उपयोग किए गए घी में मिलावट थी।
जानकारी के अनुसार, गांव के राधाकृष्ण तोमर ने अपने 11 माह के बेटे शौर्य के लिए पूजा का आयोजन किया था। इस अवसर पर करीब 10 किलो आटे से बने पुए प्रसाद के रूप में पूरे गांव में वितरित किए गए थे। राधाकृष्ण के अनुसार, पुए बाजार से खरीदे गए घी में बनाए गए थे। यह घी स्थानीय किराना दुकान से 400 प्रति किलो की दर से खरीदा गया था। डिब्बे पर 'आयशा' ब्रांड का नाम तो था, लेकिन उस पर कोई मानक चिह्न नहीं था।
प्रसाद खाने के कुछ ही घंटों में गांव के कई लोगों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई। स्वास्थ्य अमला रात में ही गांव पहुंचा और प्राथमिक इलाज शुरू किया गया। गंभीर रूप से बीमार 15 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भर्ती मरीजों में राधा, रामवती, कंठत्री, राकेश, सुशीला, शिमला, किरण और निर्मला सहित अन्य लोग शामिल हैं। सभी की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने पुए, घी और पूड़ों के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। सीएमएचओ डॉ. यादव ने बताया कि गांव में तीन दिन तक स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। लैब रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इधर, शिकायत के बाद संबंधित किराना दुकान का मालिक दुकान बंद कर फरार हो गया है।
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संघ के निष्ठावान हेमंत खंडेलवाल की संगठन में वापसी
1 Jul, 2025 08:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बैतूल विधायक हेमंत विजय खंडेलवाल मध्य प्रदेश भाजपा के निर्विरोध नए अध्यक्ष चुने गए हैं। मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को करीब दस माह के इंतजार के बाद अपना नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने जा रहा है। बैतूल से पार्टी विधायक हेमंत खंडेलवाल का नाम निर्विरोध रूप से सामने आया है।
मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को करीब दस माह के इंतजार के बाद अपना नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने जा रहा है। बैतूल से पार्टी विधायक हेमंत खंडेलवाल का नाम निर्विरोध रूप से सामने आया है। खंडेलवाल एमपी के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के पसंदीदा बताए जाते है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयं संघ और केंद्रीय नेतृत्व की भी उनके नाम पर सहमति है। पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल समेत कई नेता उनके नाम पर समर्थन जता चुके है। खंडेलवाल को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचाने में संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेश सोनी की खास पैरवी बताई जा रही है।
2 सितंबर 1964 को उत्तर प्रदेश के मथुरा में जन्मे हेमंत खंडेलवाल के पिता विजय खंडेलवाल बैतूल के सांसद रह चुके है। पिता के निधन के बाद हुए उपचुनाव में हेमंत इसी सीट से 2008—09 में सांसद बने थे। हेमंत के पिता विजय खंडेलवाल भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे हैं। उनकी गिनती भी संघ के करीबी नेताओं में होती थी। इसी के चलते हेमंत खंडेलवाल का संगठन से जुड़ाव और भरोसा काफी पुराना है। हेमंत 2013,2018 और 2023 में बैतूल से सीट विधायक चुने गए है। इसके अलावा वे मप्र भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष की जिम्मेदार भी संभाल चुके हैं। खंडेलवाल वर्तमान में कुशाभाऊ ठाकरे ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं।
मध्यप्रदेश की राजनीति में खंडेलवाल को संघ का निष्ठावान कार्यकर्ता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी सुरेश सोनी का करीबी सहयोगी माना जाता है। डॉ.मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाने में भी सुरेश सोनी की राय अहम भूमिका में थी। दिल्ली में सोनी और यादव दोनों ने मिलकर हेमंत खंडेलवाल के नाम को आगे बढ़ाया है। सीएम यादव ने केंद्रीय भाजपा नेतृत्व को यह भरोसा भी दिलाया है कि खंडेलवाल के नेतृत्व में सरकार और संगठन के बीच तालमेल सुदृढ़ रहेगा। क्योंकि अभी वीडी शर्मा और सीएम यादव के बीच तालमेल ठीक नहीं होने सूचनाएं सामने आती रहती है।
मध्यप्रदेश भाजपा के सूत्रों का कहना है कि,खंडेलवाल की नियुक्ति के बाद से अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और तालमेल बेहतर होगा। क्योंकि वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा पार्टी कार्यकर्ताओं से ज्यादा संवाद नहीं रखते है। कई बार ये शिकायत भी भाजपा हाईकमान तक पहुंची है। खंडेलवाल की गिनती ऐसे नेताओं में होती है जो सभी कार्यकर्ताओं की बात सुनते है और सभी को साथ लेकर चलते है। समन्वय उनकी सबसे बड़ी ताकत बताई जाती है। खंडेलवाल के अध्यक्ष के बाद प्रदेश के निगम, मंडलों, बोर्ड, प्राधिकारियों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज होगी। पहले की तुलना में पार्टी और सरकार के बीच समन्वय बेहतर होगा।
एमपी में ऑपरेशन लोटस में भी अहम भूमिका निभा चुके है खंडेलवाल
हेमंत खंडेलवाल की ऑपरेशन लोटस में भी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जाती है। सूत्रों का कहना है कि,वर्ष 2020 में जब कांग्रेस की कमलनाथ सरकार संकट में आई, तब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। इस दौरान सिंधिया समर्थित 22 विधायक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। इस दौरान सिंधिया गुट से तुलसी सिलावट और बीजेपी की तरफ से हेमंत खंडेलवाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान यह खबर आई थी कि कई विधायकों को बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में रुकवाने का इंतजाम किया गया था। हेमंत खंडेलवाल ने उन विधायकों की देखरेख की जिम्मेदारी ली थी। इसके अलावा केंद्रीय नेतृत्व से भी समन्वय का काम खंडेलवाल ने ही किया था।
निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए खंडेलवाल
बैतूल विधायक हेमंत विजय खंडेलवाल निर्विरोध मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष चुने गए। नामांकन प्रक्रिया में उनके अलावा किसी और ने नाम दाखिल नहीं किया। सीएम डॉ. मोहन यादव खंडेलवाल के प्रस्तावक बने। भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने मंत्री वीरेंद्र खटीक के बगल में बैठे हेमंत खंडेलवाल को इशारा किया। इसके बाद सीएम मोहन यादव उनका हाथ पकड़कर मंच पर लेकर पहुंचे। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, विवेक शेजवलकर और सरोज पांडे के सामने उन्होंने नामांकन दाखिल कराया। भाजपा कार्यालय के सभागार में चुनाव अधिकारी और चुनाव प्रभारी के साथ ही पर्यवेक्षक सरोज पाण्डे, सीएम डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीरेंद्र कुमार खटीक भी मौजूद हैं।
हेमंत खंडेलवाल मध्य प्रदेश बीजेपी निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित, औपचारिक घोषणा बाकी
1 Jul, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : जैसी कि एक दो दिन से चर्चा तेज थी कि हेमंत खंडेलवाल मध्यप्रदेश बीजेपी के अगले प्रदेश अध्यक्ष होंगे. हालांकि उनके नाम की चर्चा शुरू से ही चल रही थी. मंगलवार को अध्यक्ष पद के लिए केवल एक नामांकन दाखिल हुआ. 5 मिनट का समय भी दिया गया लेकिन किसी अन्य नेता ने नामांकन दाखिल नहीं किया. बगैर वोटिंग के सर्वसम्मति से हेमंत खंडेलवाल प्रदेश अध्यक्ष चुन लिए गए. अब केवल घोषणा की औपचारिकता शेष है.
बीते 6 माह से चर्चा में रहे हेमंत खंडेलवाल
मध्य प्रदेश बीजेपी में संभवत: ये पहली बार होगा कि जो नाम प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए बीते 6 महीने से सुर्खियों में बना हुआ है, उसी नाम पर मुहर लगी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल का नामांकन भराया. इस मौके पर मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान मौजूद रहे. सीएम डॉ. मोहन यादव की फर्स्ट च्वाइस बताए जा रहे हेमंत खंडेलवाल के नाम पर प्रदेश के सभी नेताओ ने भी रजामंदी दे दी.
इंतजार भी किया लेकिन कोई उम्मीदवार नहीं आया सामने
अब बैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल का बीजेपी अध्यक्ष बनना तय है. केवल ऐलान की औपचारिकता बाकी रही है. मंगलवार को बीजेपी मुख्यालय में सीएम डॉ. मोहन यादव ने उनका नामांकन भरवाया. बीजेपी के प्रदेश चुनाव अधिकारी विवेक शेजवलकर और चुनाव प्रभारी धर्मेन्द्र प्रधान की मौजूदगी में नॉमिनेशन फार्म दाखिल किए गए. पांच मिनट का समय भी लिया गया कि कोई अन्य अगर नामांकन दाखिल करना चाहे तो कर सकता है. अब चूंकि एक ही नामांकन दाखिल हुआ है, लिहाजा, इसके बाद नॉमिनेशन फॉर्म की स्क्रूटनी और नाम वापसी की प्रक्रिया का सवाल ही नहीं है. इस प्रकार अध्यक्ष पद के लिए खंडेलवाल का अकेले नाम का नामाकन होगा और निर्विरोध उनका चुनाव हो जाएगा.
कैसे बने हेमंत खंडेलवाल राइट च्वाइस
हेमंत खंडेलवाल चुनावी राजनीति के मंझे खिलाड़ी हैं. वे विधायक व सांसद दोनों ही रूप में चुनावी राजनीति में अपना दम दिखा चुके हैं. इस समय भी बैतूल से विधायक हैं. जो और विशिष्टताएं उन्हें रेस में खड़े बाकी कद्दावर नेताओं से आगे और मजबूत करती हैं, उनमें सबसे बड़ी ताकत उनकी संघ की पृष्ठभूमि है. संघ नेता सुरेश सोनी का आशीर्वाद तो है ही, सीएम डॉ. मोहन यादव की भी वे पहली पसंद हैं.
शिवराज सिंह चौहान की भी पसंद भी हेमंत
बताया जाता है कि केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी हेमंत खंडेलवाल की पैरवी की. हेमंत प्रबंधन के माहिर हैं. इसके अलावा उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली है. बीते लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने चुनाव में महती जिम्मेदारी संभाली थी. मध्यप्रदेश में सत्ता का चेहरा बदलने के बाद अब पार्टी संगठन का भी चेहरा बदल रही है तो जाहिर है कोशिश ये होगी सत्ता व संगठन का तालमेल बेहतर रहे और इस लिहाज से हेमंत खंडेलवाल सटीक हैं.
मैनेजमेंट गुरु के तौर पर भी पहचाने जाते हैं हेमंत खंडेलवाल
हेमंत खंडेलवाल पार्टी ने कोषाध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी निभाई है. बैतूल लोकसभा और विधानसभा दोनों सीटों से उन्होंने चुनाव में बीजेपी का नेतृत्व किया है और जीते भी हैं. हेमंत खंडेलवाल से पहले उनके पिता विजय कुमार खंडेलवाल बैतूल सीट से 15 साल तक सांसद रहे. उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में हेमंत को इस सीट से जीत मिली. फिलहाल हेमंत इसी सीट से दो बार से विधायक हैं.
बागेश्वर धाम में पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आगमन के बाद 12 दिवसीय महोत्सव
1 Jul, 2025 07:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छतरपुर : जाने-माने कथावाचक बागेश्वर धाम के पं.धीरेन्द्र शास्त्री 25 दिन की विदेश यात्रा के बाद छतरपुर के खजुराहो एयरपोर्ट पहुंचे. यहां से वह बागेश्वर धाम के लिए रवाना हो गए. बाबा बागेश्वर ने बताया "विदेश यात्रा अद्भुत थी. भगवान की कृपा थी. विदेश में सनातन संस्कृति, भारतीय परंपरा का प्रचार-प्रसार हेतु आयोजन किये गए, जो सभी सफल हुए. आने वाले दिनों में फिजी में एक मठ की स्थापना भी की जा रही है. भगवान की ऐसी कृपा है कि आने वाले दिनों में विदेश में भी सनातन का परचम लहरायेगा."
12 जुलाई तक बागेश्वर धाम में रहेंगे धीरेंद्र शास्त्री
बाबा बागेश्वर ने बताया "12 जुलाई तक वह धाम पर रहेंगे. उसके बाद फिर से 3 देशों की यात्रा पर जाएंगे." बागेश्वर धाम में धीरेन्द्र शास्त्री 4 जुलाई को अपना जन्मदिन मनाएंगे. इसको लेकर भव्य तैयारियां चल रही हैं. बागेश्वर धाम को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री 1 से 3 जुलाई तक बालाजी का दिव्य दरबार लगाएंगे. बता दें कि बागेश्वर धाम के पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री लंबी विदेश यात्रा को पूरा कर पहले मुंबई पहुंचे. वहां उन्होंने महाराष्ट्र और पड़ोसी राज्यों से आने वाले भक्तों से मुलाकात की.
देश के कोने-कोने से भक्तों का पहुंचना शुरू
धीरेंद्र शास्त्री के बागेश्वर धाम पहुंचने की सूचना मिलते ही देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है. बागेश्वर धाम पर 12 दिवसीय महोत्सव के शुरुआती 3 दिन बागेश्वर महाराज बालाजी का दिव्य दरबार भी लगाएंगे. 1 से 3 जुलाई तक प्रतिदिन शाम को बालाजी का दिव्य दरबार लगाकर लोगों की मनोकामनाओं की अर्जियां कागज पर दर्ज करेंगे. दरबार में लाखों लोगों के पहुंचने की उम्मीद है. इसलिए प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं.
नए चेलों को गुरुमंत्र देंगे बागेश्वर महाराज
पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर नए चेलों को गुरुमंत्र देने जा रहे हैं. वह धाम पर 7 और 8 जुलाई को आयोजित होने वाले गुरुदीक्षा महोत्सव के अंतर्गत हजारों नए चेलों को गुरुमंत्र देकर उन्हें दीक्षित करेंगे. बागेश्वर धाम जन सेवा समिति की ओर से दीक्षा आयोजन के प्रभारी चक्रेश सुल्लेरे ने बताया "देश और दुनिया के हजारों लोग पूज्य गुरुदेव से गुरुमंत्र लेकर उन्हें अपना गुरु बनाना चाहते हैं. लंबे समय से गुरुदीक्षा महोत्सव की तैयारी की जा रही है."
बाबा बागेश्वर से 5 हजार लोग लेंगे गुरुदीक्षा
सनातन संस्कारों को मानने वाले लगभग 5 हजार लोग इस गुरुदीक्षा महोत्सव में शामिल होकर गुरुमंत्र लेंगे. गुरुदेव से दीक्षा लेने के लिए बागेश्वर धाम के नंबरों पर ऑनलाइन नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं. अब तक लगभग 3 हजार से ज्यादा लोग अपना पंजीयन करा चुके हैं. इसी तरह ऑफलाइन भी अनेक भक्त गुरुदीक्षा के लिए संपर्क कर रहे हैं. आजीवन मांस-मदिरा त्यागकर गुरुदेव और बालाजी के प्रति समर्पित रहते हुए सनातन का काम करने और अपने जीवन को रूपांतरित करने के लिए लोग उनसे गुरुदीक्षा लेने भक्त आ रहे हैं.
बाबा बागेश्वर मनाएंगे 29वां जन्मदिन
4 जुलाई 1996 को छतरपुर के गढ़ा गांव में पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का जन्म हुआ था. कम उम्र में ही देश-दुनिया में उनकी ख्याति फैली. बाबा बागेश्वर आगामी 4 जुलाई को अपना 29 वां जन्मदिन मनाने जा रहे हैं. बागेश्वर धाम पर उनके जन्मोत्सव के लिए भव्य तैयारियां चल रही हैं. कथा के लिए विशाल पंडाल निर्मित किया गया है, जहां वह 4 जुलाई को दिनभर अपने शिष्यों के साथ समय बिताएंगे. पूरे धाम पर आकर्षक लाइटिंग और सजावट की जा रही है.
बागेश्वर धाम पर क्या-क्या होंगे आयोजन
बागेश्वर धाम में 1 जुलाई से 12 जुलाई तक भव्य महोत्सव की तैयारी कर ली गई हैं. 1 जुलाई से होने वाले विराट महोत्सव में बागेश्वर बाबा की उपस्थिति में कई आयोजन होंगे. 1 से 3 जुलाई तक दिव्य दरबार लगाया जाएगा. 4 जुलाई को बागेश्वर महाराज का जन्मोत्सव मनाया जाएगा. 5 और 6 जुलाई को भी दिव्य दरबार का आयोजन होगा तो वहीं 9 से 11 जुलाई तक गुरुपूर्णिमा महोत्सव चलेगा.
पुण्डरीक गोस्वामी हनुमंत कथा करेंगे
इसी महोत्सव के अंतर्गत बागेश्वर धाम पर 2 जुलाई से 4 जुलाई तक देश के प्रख्यात कथा व्यास पुण्डरीक गोस्वामी हनुमंत कथा करेंगे. उनकी कथा प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक होगी. 5 से 9 जुलाई तक आचार्य संजय कृष्ण सलिल वृंदावन द्वारा श्री भक्तमाल कथा सुनाई जाएगी. धाम पर आयोजित होने वाले इस विराट महोत्सव के लिए देश और दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है.
डॉक्टर्स डे पर डिविजनल रेलवे अस्पताल के चिकित्सकों का सम्मान
1 Jul, 2025 07:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल, 01 जुलाई 2025। आज राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर डिविजनल रेलवे अस्पताल, भोपाल में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) श्री अजय डोगरा कि अध्यक्षता में सभी चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य रेलवे चिकित्सकों के योगदान को सम्मानित करना एवं उनके सेवा कार्यों की सराहना करना रहा।
इस अवसर पर ऑल इंडिया रिटायर्ड रेलवेमेंस फेडरेशन, भोपाल के मंडल अध्यक्ष श्री जी. जी. दमाडे एवं सभी ब्रांचों के पदाधिकारियों द्वारा चिकित्सकों का अभिनंदन किया गया। उन्होंने डॉक्टर्स डे पर सभी चिकित्सकों को नमन करते हुए उनके अथक परिश्रम और जनसेवा को सराहा। सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों ने अपने संबोधन में कहा कि रेलवे चिकित्सक न केवल कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के स्वास्थ्य की रक्षा में निरंतर सक्रिय रहते हैं, बल्कि आपात परिस्थितियों में भी अपनी सेवाएं निःस्वार्थ भाव से प्रदान करते हैं।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि रेलवे चिकित्सकों की भूमिका कोविड-19 जैसी आपात स्थितियों में भी अत्यंत सराहनीय रही है और रेलवे परिवार उनके योगदान को सदैव याद रखेगा।
यह आयोजन रेलवे चिकित्सकों के प्रति सम्मान और आभार प्रकट करने का एक महत्वपूर्ण अवसर रहा, जिसमें रेलवे अधिकारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं चिकित्सा विभाग के स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन
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