मध्य प्रदेश
कमान संभालते ही हेमंत खंडेलवाल ने दिए साफ संकेत, पार्टी लाइन से दाएं-बाएं नहीं
3 Jul, 2025 09:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में जिस समय हेमंत खंडेलवाल ने बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर बागडोर संभाली है, इत्तेफाक है कि उनके कमान संभालने के महीने भर पहले ही प्रदेश बीजेपी में मंत्री से लेकर विधायकों तक नेताओं के बिगड़े बोल सिलसिलेवार सुनाई दिए थे. ईटीवी भारत से खास बातचीत करते हुए बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पार्टी के अनुशासन को लेकर बात की. हेमंत खंडेलवाल ने कहा "बीजेपी में अनुशासन हमारी परंपरा का हिस्सा है."
अगर कोई पार्टी लाइन से हटकर चला तो दिक्कत होगी
खंडेलवाल का कहना है "हर कार्यकर्ता का पूरा सम्मान है, कार्यकर्ता सिर आंखों पर हैं. अध्यक्षीय कार्यकाल के पहले घंटे में उन्होंने मंच से ये संदेश भी दे दिया कि चलना तो पार्टी लाइन पर ही होगा. उनका जोर इसी पर था कि अनुशासन पार्टी की रीति नीति है और उसकी परंपरा का हिस्सा है. इसलिए पार्टी लाइन से अगर कोई दांए बाएं हुआ तो दिक्कत हो जाएगी." बता दें कि हेमंत खंडेलवाल शांतिकाल के अध्यक्ष हैं. अभी मध्यप्रदेश में चुनाव काफी दूर हैं. लेकिन चुनौतियां कई हैं.
खंडेलवाल के सामने क्या-क्या चुनौतियां
लगातार सत्ता में रहने से सियासत में फैले संक्रमण को कैसे खत्म करें, बीजेपी में कार्यकर्ता को देवतुल्य कहा जाता है. उस कार्यकर्ता की सुनवाई संगठन से सत्ता तक हो सके. ये खंडेलवाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती है. उन्होंने कहा "नेताओं के समन्वय और कार्यकर्ताओं से सहयोग से वे हर चुनौती का सामना करेंगे." बता दें कि हेमंत खंडेलवाल की गिनती बीजेपी के जमीनी नेताओं के तौर पर होती है. लो प्रोफाइल रहकर उन्होंने अब तक राजनीति की है.
मध्य प्रदेश ने इसरो की मदद से तैयार खास सॉफ्टवेयर, कई राज्य हुए दीवाने, पाने की लगी होड़
3 Jul, 2025 08:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में हरियाली और जल संरक्षण का दायरा बढ़ाने के लिए एक खास सॉफ्टवेयर की मदद ले रही है. इस नए मॉडल की मदद से प्रदेश में हरियाली बढ़ाने किए जा रहे पौधारोपण और जल संरक्षण के कामों की सफलता की गारंटी गई गुना बढ़ गई है. मध्य प्रदेश में इस खास सॉफ्टवेयर की सफलता को देख अब देश के दूसरे राज्य भी इसके मुरीद हो गए हैं. देश के बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्य मध्य प्रदेश आकर नए सिस्टम को समझ चुके हैं. वहीं राजस्थान सहित कई दूसरे राज्यों का दल भी मध्य प्रदेश आने जा रहा है. उधर मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश में होने वाले तमाम पौधारोपण और दूसरे कामों में इसको शत प्रतिशत लागू कर दिया है.
सॉफ्टवेयर करेगा ओके तभी होंगे 1 हजार करोड़ के काम
मध्य प्रदेश सरकार अब प्रदेश में हो रहे पौधारोपण और जल संरक्षण के कामों में खासतौर से तैयार कराए गए सिपरी यानी सॉफ्टवेयर फॉर आइडेंटिफिकेशन एंड प्लानिंग ऑफ रूरल इंफ्रस्ट्रक्चर सॉफ्टवेयर की मदद ले रहा है. इस सॉफ्टवेयर की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राज्य सरकार द्वारा शुरू किए जा रहे 1 हजार करोड़ के कामों को तभी किया जाएगा, जब इस सॉफ्टवेयर की ओके रिपोर्ट मिल जाएगी.
दरअसल, मोहन सरकार 15 अगस्त से मध्य प्रदेश में एक नए अभियान की शुरूआत करने जा रही है. इस अभियान का नाम एक बगिया मां के नाम रखा गया है. इस अभियान में मनरेगा की मदद से प्रदेश की 30 हजार से ज्यादा स्व सहायता समूह की महिलाओं की निजी भूमि पर 30 लाख से ज्यादा फलदार पौधे लगाए जाएंगे. इस योजना पर सरकार 1 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी, लेकिन सरकार ने इस योजना में प्रावधान किया है कि पौधारोपण उसी स्थान पर किया जाएगा, जहां सिपरी सॉफ्टवेयर की मदद से भूमि के परीक्षण के बाद ओके रिपोर्ट मिलेगी. यदि रिपोर्ट निगेटिव आई तो उस स्थान पर पौधा रोपण नहीं होगा.
आखिर क्यों दूसरे राज्य हुए मुरीद
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा तैयार किए गए इस आधुनिक सॉफ्टवेयर के बिहार, महाराष्ट्र जैसे राज्य मुरीद हो गए हैं. आखिर ऐसा क्यों है, इसकी वजह इस सॉफ्टवेयर की खासियत है. इस सिपरी सॉफ्टवेयर को महात्मा गांधी मनरेगा, मध्य प्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल ने मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रोनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड और इसरो की मदद से तैयार कराया है.
मनरेगा आयुक्त संचालक वाटरशेड मिशन अवि प्रसाद बताते हैं कि "यह सॉफ्टवेयर जल संरक्षण के लिए उपयुक्त स्थानों की बेहद सटीकता से पहचान करता है. इसकी मदद से गुणवत्तापूर्ण संरचनाएं तैयार करने में बेहद मदद मिली है. प्रदेश में इस सिपरी सॉफ्टवेयर की मदद से ही प्रदेश में 79 हजार 815 खेत, तालाब, 1254 अमृत सरोवर सहित 1 लाख से ज्यादा कूप रिचार्ज पिट चिन्हित करने में मदद मिली.
सॉफ्टवेयर तय करता है कहां काम करना बेहतर
सामाजिक कार्यकर्ता भास्कर सिंह बघेल कहते हैं कि "सिपरी टेक्नोलॉजी एक अच्छी पहल है. ग्रामीण विकास में रिसोर्स मैपिंग के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है. मनरेगा में पहले से जियो टैगिंग के जरिए फील्ड के कामों की मैपिंग की जाती थी, लेकिन इस तकनीक से और ज्यादा सटीकता आएगी. इस तकनीक का उपयोग सिर्फ सड़क निर्माण, पानी प्रबंधन ही नहीं, बल्कि पौधा रोपण जैसे कामों में उपयोग किया जा सकेगा.
एक क्लिक पर मिलती है पूरी डिटेल
इस सॉफ्टवेयर को सैटेलाइट मैप को सभी गांवों, खसरों से जोड़ा गया है. इसको देखकर पता चल जाता है कि कौन सी जमीन एग्रीकल्चर है या फॉरेस्ट लैंड है. मिट्टी सिलेक्ट करते ही यह बता देता है कि क्या यह पौधारोपण, खेत तालाब योजना जैसी किस योजना के लिए उपयुक्त है. इसमें ज्योग्राफी, लीनियामेंट जैसे तमाम जरूरी तथ्यों के बारे में बताया जाता है.
इस सॉफ्टवेयर से पंचायत, मनरेगा विभाग को जोड़ा गया है. विभाग के किसी भी काम को शुरू करने के पहले इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से यह पता चल जाता है कि उक्त स्थान किस तरह के काम के लिए उपयोगी है.
सड़क दुर्घटना पीड़ितों की नगदी रहित उपचार स्कीम
2 Jul, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : देश में सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटनाओं को रोकने के लिये सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी सम्पूर्ण देश में नियमित मॉनीटरिंग कर रही है। समय-समय पर यह कमेटी विभिन्न राज्यों से रिपोर्ट प्राप्त कर सड़क सुरक्षा संबंधी विभिन्न योजनाओं एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से जारी गाइड-लाइन्स की समीक्षा कर सर्वोच्च न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत करती है।
परिवहन सचिव मनीष सिंह ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिये नगदी रहित उपचार योजना के क्रियान्वयन के लिये कलेक्टर्स को निर्देश भी जारी किये हैं। निर्देशों में बताया गया है कि यह स्कीम और गाइड-लाइन्स मई-2025 और जून-2025 में जारी हुई हैं। इसी के साथ मंत्रालय द्वारा 21 मई, 2025 को यूजर मैनेजमेंट पोर्टल भी जारी किया गया है। निर्देशों में बताया गया है कि सड़क दुर्घटना प्रकरणों में जहाँ दोषी मोटरयान के पास वैध तृतीय पक्ष बीमा कव्हरेज था, उसका भुगतान केन्द्र सरकार द्वारा साधारण बीमा कम्पनियों के सहयोग से बनाये गये फण्ड से स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए) द्वारा अस्पताल के दावे को मंजूरी दिये जाने के 10 दिनों की समयावधि में जिला कलेक्टर्स के अनुमोदन से जिला स्तर पर ही केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित फण्ड से किया जायेगा। योजना में अस्पताल से दुर्घटना तारीख से अधिकतम 7 दिनों की अवधि में प्रति व्यक्ति के लिये एक लाख 50 हजार रूपये तक के उपचार की व्यवस्था है। दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति या उसका परिवार दुर्घटना का विवरण हेल्पलाइन नम्बर 112 में खबर दे सकता है।
नियमित समीक्षा
परिवहन सचिव द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि योजना के क्रियान्वयन के लिये किसी अधीनस्थ अधिकारी को जिम्मेदारी देते हुए इसकी नियमित मॉनीटरिंग जिला स्तर पर की जाये। समस्त संभागायुक्तों को भी निर्देश दिये गये हैं कि महत्वपूर्ण योजना की आवश्यक गतिविधियों की नियमित मॉनीटरिंग की जाये। जिला कलेक्टर्स को योजना से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश भी परिवहन विभाग द्वारा भेजे गये हैं।
भोपाल होगा भिक्षावृत्ति मुक्त – आश्रम स्थल संचालन के लिये स्वैच्छिक संस्थाओं से 15 जुलाई तक प्रस्ताव आमंत्रित
2 Jul, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की SMILE उपयोजना के तहत भोपाल जिला को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के उद्देश्य से चयनित किया गया है। भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों के पुनर्वास हेतु विशेष रूप से आश्रय स्थल/भिक्षुक गृह की स्थापना की जाना है। इस आश्रय स्थल के संचालन के लिए अनुभवी और सक्षम स्वैच्छिक संस्थाओं/संगठनों से 15 जुलाई 2025 शाम 5 बजे तक प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर भोपाल द्वारा 3 फरवरी 2025 को भिक्षावृत्ति करने व भिक्षा देने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया गया है।
संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय ने बताया कि जो संस्थायें निम्न शर्तें पूर्ण करती है वह आवेदन कर सकती है इसके लिये:-
संस्था सोसायटी रजिस्ट्रेशन/फर्म/लोक न्यास अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत हो।
वर्तमान वैध कार्यकारिणी हो।
कार्यकारिणी द्वारा प्रस्ताव पारित किया गया हो।
संस्था किसी विभाग द्वारा ब्लैकलिस्टेड न हो।
विगत 5 वर्षों से पुनर्वास संबंधित कार्य का अनुभव हो।
वित्तीय स्थिति सुदृढ़ हो (पिछले 3 वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट आवश्यक)।
संस्था के उपविधियों में भिक्षावृत्ति पुनर्वास संबंधी उद्देश्य शामिल होना आवश्यक है।
इच्छुक संस्थाएँ अपना प्रस्ताव संयुक्त संचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, शेड नं. 01, कमिश्नर कार्यालय के पीछे, पुराना सचिवालय, भोपाल में डाक, स्वयं उपस्थित होकर, या ईमेल (pswbho@mp.nic.in) के माध्यम से भेज सकती है।
पैरा खिलाड़ी तिवारी की राह हुई आसान
2 Jul, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : पैरा एथलीट मनस्विता तिवारी अब और भी अच्छा प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकेंगी। उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के निर्देश पर एवं सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग द्वारा पैरा खिलाड़ी मनस्विता तिवारी को मंगलवार को जनसुनवाई में स्पोर्ट्स व्हीलचेयर प्रदान की गई है।
उल्लेखनीय है कि तिवारी पैरा एथलीट हैं और विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। मनस्विता तिवारी की माता श्रीमती कल्पना तिवारी ने बताया कि मनस्विता पैरा स्विमिंग, पैरा कैनोइंग, ताइक्वांडो खिलाड़ी है। मनस्विता ने पैरा स्विमिंग व पैरा कैनोइंग में राष्ट्रीय खेलों में 17 गोल्ड मेडल, 5 सिल्वर मेडल तथा 3 कांस्य पदक प्राप्त किए हैं। वही ताइक्वांडो में 01 स्वर्ण पदक व 1 रजत पदक प्राप्त किया है। मनस्विता की बचपन से ही खेलों में विशेष रुचि रही है। वह दिव्यांग है लेकिन अपनी इस कमी को ही अपनी ताकत बनाकर वह क्षेत्र व देश का नाम रोशन कर रही है। मनस्विता को अपने खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये स्पोर्ट्स व्हीलचेयर की बहुत आवश्यकता थी, उनकी माता इसे उपलब्ध कराने में समर्थ नहीं थीं। उन्होंने जन सुनवाई में कलेक्टर उज्जैन से बात की कि शासन द्वारा यदि बेटी को व्हीलचेयर मिल सके तो वह और अधिक श्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकेगी। कलेक्टर ने मनस्विता को स्पोर्ट्स व्हीलचेयर उपलब्ध कराये जाने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए। सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जयती सिंह द्वारा मनस्विता को व्हीलचेयर उपलब्ध करवाई गई। मनस्विता की माता श्रीमती कल्पना तिवारी ने इस अप्रतिम सहयोग के लिए राज्य शासन का आभार व्यक्त किया है।
नागौद सब-स्टेशन में अब डबल एक्स्ट्रा हाईटेंशन सप्लाई की सुविधा
2 Jul, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि विंध्य क्षेत्र में विद्युत पारेषण व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और विश्वसनीयता के लिए सतना जिले में स्थित 132 के.व्ही. सब स्टेशन नागौद को अब डबल एक्स्ट्रा हाईटेंशन सप्लाई से जोड़ा गया है। यह सब-स्टेशन अब वैकल्पिक व्यवस्था के साथ दोहरी आपूर्ति प्रणाली पर कार्य करेगा। तोमर ने बताया कि पूर्व में यह सबस्टेशन एक रेडियल सब-स्टेशन के रूप में क्रियाशील था, जहां से 132 के.व्ही. की विद्युत आपूर्ति केवल 220 के.व्ही. सिल्परा (सतना) सब-स्टेशन से प्राप्त होती थी।
441 लाख रुपए से हुआ विस्तार
क्षेत्र में अधिक विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण एवं सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) द्वारा 441 लाख रुपये की अनुमानित लागत से देवेन्द्र नगर से एक्स्ट्रा हाईटेंशन लाइन अब नागौद तक विस्तारित की गई है। परिणामस्वरूप अब किसी एक सर्किट में शटडाउन या ब्रेकडाउन की स्थिति में भी उपभोक्ताओं को विद्युत बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता राजेश द्विवेदी के अनुसार यह व्यवस्था, 132 के.व्ही. नागौद–देवेंद्रनगर (पन्ना) 27.6 किलो मीटर और 132 के व्ही नागौद -सतना 18.9 किलोमीटर लाइन के सर्किट को 'लाइन इन–लाइन आउट' (लिलो) कर नागौद से जोड़े जाने से संभव हो सकी है। इस नई व्यवस्था से देवेंद्रनगर, वसुधा, रहिकवाड़ा, नागौद, सिंहपुर, जसो, कटन और सलेहा क्षेत्र के 42,000 से अधिक विद्युत उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान के साथ उच्च शिक्षा मंत्री परमार की चर्चा
2 Jul, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को भोपाल में भेंट कर उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा को लेकर सारगर्भित चर्चा की।
उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान को "राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020" के परिप्रेक्ष्य में राज्य शासन के नीतिगत निर्णयों, शिक्षा में किए जा रहे कार्यों एवं नवाचारों से अवगत कराया। परमार ने "राष्ट्रीय शिक्षा नीति" के अनुसरण में प्रदेश के समस्त जिलों में स्थापित किए गए प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस और उनमें भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ की स्थापना एवं प्रगति के सम्बंध में अवगत कराया। परमार ने पाठ्यक्रमों में "भारतीय ज्ञान परम्परा" के द्रुतगति से समावेश के लिए विभिन्न कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों से प्राप्त अनुशंसाओं की जानकारी भी दी।
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान को उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा में भारतीय भाषा के समावेश के लिए हो रहे कार्यों की जानकारी से भी अवगत कराया। परमार ने विद्यार्थियों के गुणात्मक एवं संज्ञानात्मक विकास के लिए मजबूत आधार तैयार करने, उद्योगजगत की आवश्यकता अनुरूप रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की समावेशिता को बढ़ावा देने और देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए किए जा रहे कार्यों एवं प्रगति से भी अवगत कराया।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ संजय गोयल, आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा सहित उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
पारदर्शिता, ईमानदारी और नवाचार से मजबूत होगा सहकारी आंदोलन : मंत्री सारंग
2 Jul, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि पारदर्शिता, ईमानदारी और नवाचार के जरिए सहकारी आंदोलन को मजबूत किया जा सकता है। इसके लिए पूरी सहकारिता की टीम कृत-संकल्पित होकर काम करें। मंत्री सारंग बुधवार को समन्वय भवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के उपलक्ष्य में सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के विभिन्न पहलुओं पर राज्य स्तरीय सहकारी कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री सारंग ने कहा कि सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए पैक्स का सुदृढ़ीकरण करना आवश्यक है। इसके लिए संभागीय और जिला अधिकारी अधीनस्थ पैक्स का निरीक्षण करें। मुख्यालय के अधिकारियों को भी संभागवार जिम्मेदारी दी जाए, जो उनके अधीनस्थों की समस्या एवं सुझावों पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करने में पैक्स की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
मंत्री सारंग ने कहा कि सेल्फ हेल्प ग्रुप सहकारिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि केडिट मूवमेंट के साथ सहकारिता के विभिन्न आयामों पर भी ध्यान देने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता का क्लेवर बदल रहा है। सहकारी आंदोलन को पुन: मजबूत करने के लिए सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया है।
मंत्री सारंग ने बताया कि केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सहकारिता के माध्यम से ही गरीबों के घर में खुशी लायी जा सकती हैं। सहकारिता ही ऐसा नेटवर्क है, जिसके माध्यम से हर घर में रोजगार के नए अवसर पैदा किये जा सकते हैं। सहकारिता की साख के लिए काम करें। लोगों को अच्छे कामों के लिए याद रखा जाता है। ईमानदारी से किया गया कार्य आत्मसंतुष्टि देता है, इसलिए जॉब सेटिस्फेक्शन जरूरी है।
मंत्री सारंग ने कहा कि हाल ही में केन्द्र सरकार को दिए गए प्रेजेंटेशन में सबसे अच्छा प्रेजेंटेशन मध्यप्रदेश का रहा। इसके लिए उन्होंने पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की नवाचार विंग और सीपीपीपी मॉडल को भूरी-भूरी प्रशंसा मिली है। यही नहीं कंप्यूटराइजेशन की दिशा में भी मध्यप्रदेश देश में नंबर एक पर रहा है, जो सराहनीय है।
मंत्री सारंग ने कहा कि कमिटमेंट दक्षता को सिद्ध करता है। सभी टीमवर्क के साथ काम करें। यूनिफार्मलिटी जरूरी है। साफ सुथरा ईमानदारी से किया गया कार्य ही आपकी पहचान बनेगा जिससे आपका नाम होगा। जॉब के लिए ईमानदार रहेंगे, तो सफल होंगे। मंत्री सारंग ने शुरूआत में संभाग और जिलों के आए अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया और बिना बताए अनुपस्थित अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
पैक्स सुदृढ़ हो, यही लक्ष्य : एसीएस वर्णबाल
अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णबाल ने कहा कि हर पैक्स को केडिट के अलावा तीन एक्टीविटी करना जरूरी है। स्थानीय पृष्ठभूमि में अवसरों को तलाश कर बिजनेस बढ़ाना होगा। संभागीय और जिला अधिकारी को एक-एक पैक्स की समयबद्ध तरीके से समीक्षा करनी होगी। उन्होंने कहा कि पैक्स सुदृढ़ हो यह लक्ष्य होना चाहिये। बिजनेस सोसायटियों के सदस्यों के खाते हमारे यहां होना चाहिये। साथ ही उनके लिये माइक्रो एटीएम की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
सहकारिता आयुक्त एवं पंजीयक मनोज पुष्प ने कहा कि सहाकारिता के सकारात्मक बदलाव के दौर में अधिकारी अपनी अहम भूमिका को पहचानकर दायित्वों का निर्वहन करें। सहकारिता के मॉडलाइजेशन को धरातल पर क्रियान्वित करें। अधिकारी अपनी लीडरशिप में प्रगति का फॉलोअप लें और पैक्स को बिजनेस यूनिट बनाने में सक्रिय भूमिका निभाए।
अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज कुमार गुप्ता ने स्वागत भाषण में कार्यशाला में हुई गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उप सचिव मनोज सिन्हा ने केन्द्र सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों से अवगत करवाया। इस अवसर पर सहकारिता विभाग के संयुक्त आयुक्त, उप आयुक्त, जिला सहकारी बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और समिति प्रबंधकों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रदेश में मातृ भाषा को दिया जाये बढ़ावा
2 Jul, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा है कि प्रदेश में स्कूल शिक्षा में मातृ-भाषा हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास किये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप श्रेष्ठ कार्य किया जा रहा है। प्रधान ने यह बात बुधवार को भोपाल में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह से सौजन्य मुलाकात के दौरान कही।
स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने बताया कि प्रदेश में 4473 शासकीय स्कूलों में पूर्व प्राथमिक कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इन शालाओं में करीब एक लाख बच्चे नामांकित है। प्रदेश में ड्रॉप-आउट बच्चों की संख्या दर कम करने के लिए स्कूलों में नामांकन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने केन्द्रीय मंत्री को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के बारे में भी जानकारी दी।
शहडोल सांसद ने अपनी बेटी का एडमिशन शासकीय विद्यालय में कराया
2 Jul, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह ने अपनी बेटी गिरीश नंदिनी सिंह का एडमिशन अनूपपुर जिले के ग्राम राजेंद्र के शासकीय प्राथमिक कन्या विद्यालय में कराया है। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने सांसद हिमाद्री सिंह के इस निर्णय की सराहना की। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि इस सकारात्मक संदेश से अन्य जन-प्रतिनिधियों एवं नागरिकों को प्रेरणा मिलेगी। जन-सामान्य में सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत होगा।
भोपाल में इंजीनियरिंग के कई नमूने, 90 डिग्री वाला ब्रिज तो सिर्फ एक एग्जांपल
2 Jul, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: राजधानी में बना ऐशबाग रेलवे ओवर ब्रिज अपनी डिजाइन को लेकर देशभर में ट्रोल हो रहा है. सोशल मीडिया पर लोग इसे इंजीनियरिंग का नमूना बता रहे हैं, तो कोई इसे बनाने वाले इंजीनियर का मजाक बना रहा है. वहीं इस ब्रिज की 90 डिग्री वाली डिजाइन की वजह से ट्रैफिक शुरु होने पर दुर्घटना की संभावना भी जताई जा रही है, लेकिन आपको बता दें कि भोपाल में इंजीनियरिंग का अकेला नमूना ऐशबाग आरओबी ही नहीं है, बल्कि भोपाल शहर में इसके अलावा भी मेट्रो स्टेशन, फ्लाईओवर और अंडरपास ऐसे बनाए गए हैं, जिनका बाद में सुधार करना पड़ा. हालांकि कुछ में सुधार की गुंजाइश भी नहीं है.
ऐशबाग आरओबी
बता दें कि भोपाल के पुराने शहर में स्थित ऐशबाग आरओबी को 18 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है. यहां रेलवे ने अपना काम सही किया, लेकिन लोक निर्माण विभाग के हिस्से वाली एप्रोच रोड घुमावदार बनाने की बजाय एल शेप में बना दी. जिससे यह 90 डिग्री का ब्रिज बन गया. अब एनएचएआई ने इस ब्रिज की जांच करने के बाद इसमें ट्रैफिक शुरू करना घातक बताया है. साथ ही इसका सुधार करने के बाद ही ट्रैफिक शुरू करने की सलाह दी है. हालांकि इस ब्रिज का सोशल मीडिया पर मजाक बनने के बाद लोक निर्माण विभाग ने 7 अधिकारियों को निलंबित करते हुए एक सेवानिवृत्त अधिकारी पर जांच बिठाई है.
एमपी नगर, मेट्रो स्टेशन
एमपी नगर स्थित जोन टू में बना मेट्रो स्टेशन भी इंजीनियरिंग का बड़ा नमूना है. दरअसल, मेट्रो का काम अनुभवी एजेंसियों को दिया जाता है. यह काम भी बहुत महंगे होते हैं. ऐसे में यहां गलती की गुंजाइश नहीं होती है, लेकिन यहां सिविल इंजीनियरों की गलती की वजह से मेट्रो स्टेशन और सड़क के बीच केवल साढ़े 4 मीटर का गैप बचा था. इसके कारण पिछले साल जुलाई में सड़क को दो फीट खोदकर मेट्रो स्टेशन की उंचाई एडजस्ट की गई थी.
इंडियन रोड कांग्रेस ने इसमें भी आपत्ति ली, जिसके बाद अब एक बार फिर सड़क को खोदा जा रहा है. बता दें कि यह स्टेशन करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से बना है. अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो का ट्रैक पहले बनाया गया, इसके बाद स्टेशन बनाने का टेंडर हुआ. इसलिए इसमें गलतियां हुई.
जीजी फ्लाईओवर
हबीबगंज स्थित गणेश मंदिर से एमपी नगर के गायत्री मंदिर तक बनाया गया. जीजी फ्लाईओवर की डिजाइन भी ठीक नहीं है. करीब 154 करोड़ रुपये से बने प्रदेश के सबसे लंबे इस फ्लाइओवर के लोकार्पण के बाद ही सीमेंट-गिट्टी उखड़ चुकी है. जिसके बाद पीडब्ल्यूडी के उपयंत्री रवि शुक्ला को निलंबित कर दिया गया था. हालांकि बाद में उन्हें क्लीनचिट दे दी गई, लेकिन ऐशबाग ब्रिज के मामले में अब एक बार फिर निलंबित किया गया है. इस ब्रिज की गलत डिजाइन के कारण मुसीबतें कम नहीं है.
दरअसल यह ब्रिज गणेश मंदिर से जहां शुरू होता है, वहां डिवाइडर में कट पांइट नहीं है. जिससे वाहन चालक उलटी दिशा में लौटते हैं. यहां मोड़ की पर्याप्त जगह भी नहीं है. इसी तरह एमपी नगर थाने के सामने जहां ब्रिज की शुरुआत होती है, वहीं सामने ट्रैफिक सिग्नल लगे हुए हैं. जिससे ब्रिज से उतरते ही जेल रोड तरफ जाने वाले वाहन ट्रैफिक जाम में फंस जाते हैं. गर्वनमेंट प्रेस के सामने सड़क की डिजाइन गलत होने से यहां जलभराव हो रहा है, लेकिन इसका डिजाइन बनाने वाले इंजीनियरों ने यहां के ट्रैफिक फ्लो को बिना समझे डीपीआर बना दी.
सावरकर सेतु आरओबी
नर्मदापुरम रोड पर आरआरएल तिराहे के पास बने सावरकर सेतु में 4 लेग हैं. नर्मदापुरम से एमपी नगर जाने वाले रास्ते में दो टू लेन ट्रैफिक चलता है, लेकिन एम्स अस्पताल और 10 नंबर को जाने वाले रास्ते में वन वे ट्रैफिक है. यानि वाहन इन रास्ते उतर तो सकते हैं, लेकिन चढ़ने का रास्ता नहीं है. ऐसे में वाहनों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है. साथ ही ब्रिज की इस डिजाइन के कारण दुर्घटना का डर भी बना रहता है.
हबीबगंज नाका अंडर पास
भोपाल में हबीबगंज नाके के पास बनाए गए अंडरपास की उंचाई भी कम थी. लेकिन बाद में यहां सड़क को खोदकर उंचाई एडजस्ट की गई है. यही हाल भोपाल के कैंची छोला में बने अंडरपास का है. दरअसल, कैंची छोला चारों ओर से रेलवे की पटरियों से घिरा हुआ है. यहां पहुंचने के लिए अंडरपास ही सहारा है, लेकिन बीते कुछ सालों में यहां दो अंडरपास बनाए गए, लेकिन दोनों के नीचे से फायर ब्रिगेड और बड़े वाहन नहीं निकल पाते. इसी तरह निशातपुरा में बनाए गए अंडरपास में बरसात में पानी भर जाता है, जिसके कारण यहां नया आरओबी बनाना पड़ा.
राज्य सरकार ही नहीं केंद्र के प्रोजेक्ट भी मजाकिया
टाउन प्लानर और स्ट्रक्चर इंजीनियर सुयश कुलश्रेष्ठ का कहना है कि "भोपाल में ऐसे सैकड़ों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं. जिनमें गलत इंजीनियरिंग का नमूना पेश किया गया. फिर चाहे जीजी फ्लाईओवर और सावरकर सेतु में गलत ट्रैफिक की बात करें या फिर 90 डिग्री वाले ऐशबाग आरओबी की. कुलश्रेष्ठ का कहना है कि यदि जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी के इंजीनियर मौके पर जाकर डीपीआर बनाते और इस पर उच्च अधिकारी स्टडी करते तो इनमें गलतियों की गुंजाइश कम रहती.
कुलश्रेष्ठ ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के प्रोजेक्ट तो छोड़िए, केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट भी गलत इंजीनियरिंग का नमूना साबित हो रहे हैं. एमपी नगर में मेट्रो स्टेशन की उंचाई कम होने से अब चौथी बार सड़क खोदी जा रही है."
इंजीनयरों की नाकामी को छिपा रहे अधिकारी
लोक निर्माण विभाग के ईएनसी केपीएस राणा ने बताया कि "ऐशबाग आरओबी के गलत डिजाइन के मामले में 7 अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है. जबकि एक सेवानिवृत्त अधिकारी के खिलाफ विभगीय जांच चल रही है. हम बाकी ओवर ब्रिज का निरीक्षण भी कर रहे हैं, जिससे अब तक जो ब्रिज गलत डिजाइन से बने हैं, उसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जांच की जा सके.
साथ ही हम कोशिश कर रहे हैं कि अब जो भी नए ब्रिज बनेंगे. उनके डीपीआर की पहले अच्छे से स्टडी की जाएगी. इसके बाद ही स्वीकृत दी जाएगी. वहीं मेट्रो स्टेशन के गलत डिजाइन को लेकर प्रबंध संचालक एस कृष्णा चैतन्य का कहना है कि "पहले जो उंचाई कम थी, उसे पूरी कर दिया गया है. अब यहां इंडियन रोड कांग्रेस के अनुसार सड़क से मेट्रो स्टेशन की उंचाई 5.5 मीटर है. अब बचा हुआ सड़क निर्माण का काम पूरा किया जा रहा है."
मानसून की तूफानी दहाड़ से शहर बने दरिया, आधे मध्य प्रदेश में अलर्ट, हाईवे बंद
2 Jul, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी है. बीते 24 घंटों में भोपाल, नर्मदापुरम, गुना, शिवपुरी और नीमच समेत 20 से अधिक जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई है. नीमच में बुधवार सुबह 4 बजे से ही जारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं. जिसके कारण नीमच-कोटा हाईवे को बंद कर दिया गया है. वहीं, भोपाल के बैरसिया में पार्वती नदी भी उफान पर बह रही है, जिससे जिला प्रशासन ने बैरसिया-नरसिंहगढ़ मार्ग को भी पूर्णतः बंद कर दिया है.
जुलाई में 13 प्रतिशत अधिक बारिश की चेतावनी
जून महीने में पूरे मध्य प्रदेश में सामान्य और इससे अधिक बारिश दर्ज की गई है. जबकि शाजापुर में 33 प्रतिशत कम बारिश हुई है. बाकी स्थानों पर 44 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है. वहीं, जुलाई महीने में सामान्य और इससे अधिक बारिश होने की संभावना है. जिससे प्रदेश का तापमान सामान्य और इससे कम रहने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि, ''मध्य प्रदेश में इस महीने में 13 प्रतिशत अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है.''
आज इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
बुधवार को रतलाम, मंदसौर, नीमच, सिंगरौली, सीधी, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में अति से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. यहां 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना है. इसके साथ ही भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, शिवपुरी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, पन्ना, निवाड़ी और मैहर जिले में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. यहां 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी.
3 जुलाई को इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
3 जुलाई को मौसम विभाग ने 21 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है. इनमें विदिशा, नीमच, गुना, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, मंडला, पन्ना, दमोह और छतरपुर जिले शामिल हैं. यहां 2.5 इंच से 4.5 इंच तक बारिश होने की संभावना है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार हवाएं भी चलेंगी.
4 जुलाई को ऐसा रहेगा मौसम
4 जुलाई को सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, जबलपुर, पन्ना और दमोह में अतिभारी बारिश का आरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि रतलाम, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, झाबुआ, धार, देवास, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है.
5 जुलाई को 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
विदिशा, रायसेन, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, सिंगरौली, सीधी, सतना, उमरिया, कटनी, सिवनी, मंडला, दमोह और सागर जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. यहां 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है. साथ ही विदिशा, रायसेन, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, सिंगरौली, सीधी, सतना, उमरिया, कटनी, सिवनी, मंडला, दमोह, सागर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, रीवा, मऊगंज, अनुपपुर, शहडोल, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.
जन्मदिन पर बाबा बागेश्वर की खास ख्वाहिश, शादी को लेकर किया चौंकाने वाला खुलासा
2 Jul, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छतरपुर : देश के जाने-माने कथावाचक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं.धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने जातिवाद का जहर घोलकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने वाले नेताओं को जमकर नसीहत दी. उनका कहना है "इस देश में बड़ी विडंबना है कि दारू सस्ती और दवाएं महंगी हैं. इन दिनों देश में ना तो विकास की बात हो रही, ना शिक्षा की. कोई भी राजनीतिक दल न तो नौकरी की बात कर रहा और न ही स्वास्थ्य सुविधाओं पर. सिर्फ हिन्दू से हिन्दू को लड़ाने में लगे हैं, ताकि ये समाज कमजोर हो."
सियासत के लिए जातिवाद, इससे पूरे देश को नुकसान
बता दें कि पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री लंबी विदेश यात्रा के बाद छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम पहुंच चुके हैं. वह धाम पर होने वाले आयोजन को लेकर तैयारी में व्यस्त हैं. ईटीवी भारत के साथ विशेष बातचीत में पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा "देश मे जातिवाद का जहर लगातार फैलाया जा रहा है. जातिवाद देश को खोखला कर रहा है. अगर इसको बचना है तो राष्ट्रवाद की ओर चलना होगा. सबसे बड़ा कैंसर रोग हो गया है जातिवाद, भाषावाद, क्ष्रेत्रवाद. इसलिए भारत का विकास रुक रहा है."
हिन्दू से हिन्दू को लड़ाने के पीछे बड़ी साजिश
उनका कहना है "कुछ लोग हिन्दू से हिन्दू को लड़ाने की साजिशें रच रहे हैं ताकि हिन्दू कमजोर हो जाये तो विदेशी ताकतों का बल बढ़ जाये. जातिवाद फैलाने से नेताओं को लाभ होता है जबकि समर्थकों का एक प्रतिशत भी लाभ नहीं होता. इसलिए भारत भव्य नहीं बन पा रहा है. भारत भव्य तभी बनेगा, जब जातिवाद से उठकर राष्ट्रवाद होगा. अन्य समाज की जातियों में भेद नहीं होता. मुस्लिम में भी सिया, सुन्नी, पठान सहित कई जातियां हैं लेकिन उनके मजहब पर बात आती तो वह सिर्फ मुसलमान हैं. यही बात ईसाइयों में भी है. विदेशी ताकतें भारत को गजबाई हिन्द बनाना चाहती हैं. कई लोगों को सेक्युलिरिज्म का कीड़ा काटता है. वह इसको बढ़ावा देते हैं."
इटावा की घटना में दो भाइयों को लड़वा दिया
बाबा बागेश्वर ने इटावा की घटना को लेकर कहा "दो भाइयों को आपस मे लड़वा दिया. दोनों हमारे हैं. जो घटना हुई, वह निंदनीय है. सनातन कहता है हरि को भजै तो हरि को होई, जातपात पूछे ना कोई. जातिवाद करना घोर निंदनीय है. किसी की शिखा चोटी काटी जाए तो निंदनीय है, लेकिन उस पर राजनीति होना भी घोर निंदनीय है. एक पिता की चार संतानें हैं, उसको चारों प्रिय होती हैं."
प्रधानमंत्री मोदी हमको भाई मानते हैं, ये मेरा सौभाग्य
बाबा बागेश्वर ने प्रधानमंत्री के करीबी होने के मामले में कहा "प्रधानमंत्री सबके हैं. 140 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री हैं तो हमारे भी प्रधानमंत्री हैं. हमारा सौभाग्य है कि हमको भाई वाला प्रेम मिला. उनके विशाल हृदय के कारण हमको भाई जैसे प्रेम मिला है. अगर हम किसी पार्टी के हो जाएंगे तो हिंदुत्व का काम नहीं कर पाएंगे. हिन्दू एक पार्टी का नहीं, सभी पार्टियों में हिन्दू हैं."
अपनी शादी को लेकर क्या बोले बाबा बागेश्वर
अपनी शादी पर पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा "माता-पिता, गुरु तो चाहते हैं कि शादी हो जाये, लेकिन हमारा जीवन सनातन, हिंदुत्व के लिए है. फिर भगवान की इच्छा." इसके साथ ही उन्होंने कहा "4 जुलाई को मेरा जन्म दिन है. जिसको लेकर धाम पर विशेष तैयारी चल रही है. अगर कोई मुझे गिफ्ट देना चाहता है तो एक-एक ईंट लेकर आए. उसको हम कैंसर हॉस्पिटल बनाने में लगा देंगे. एक-एक कमरे बनाने में भक्तों की ईंट लग जायेगी."
बागेश्वर धाम में 29वें जन्मदिवस की भव्य तैयारियां
गौरतलब है कि 4 जुलाई 1996 को छतरपुर के गढ़ा गांव में पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का जन्म हुआ था. कम उम्र में ही देश-दुनिया दुनिया में उनकी ख्याति फैल गई. बाबा बागेश्वर 4 जुलाई को अपना 29वां जन्मदिन मनाने जा रहे हैं. बागेश्वर धाम पर उनके जन्मोत्सव के लिए भव्य तैयारियां चल रही हैं. कथा के लिए विशाल पंडाल निर्मित किया गया है, जहां वह 4 जुलाई को दिनभर अपने शिष्यों के साथ समय बिताएंगे. पूरे धाम पर आकर्षक लाइटिंग और सजावट की जा रही है. बागेश्वर बालाजी का मंदिर भी विशेष स्वरूप से सजाया जा रहा है.
पं.धीरेंद्र शास्त्री 12 जुलाई तक बागेश्वर धाम में ही रहेंगे
बागेश्वर धाम पर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री 3 जुलाई तक बालाजी का दिव्य दरबार लगाएंगे. 4 जुलाई को बागेश्वर महाराज का जन्मोत्सव मनाया जाएगा. दरअसल, लगभग 1 महीने के बाद बाबा धीरेन्द्र शास्त्री बागेश्वर धाम पहुंचे. उनके पहुंचने के पहले ही यहां देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है. बागेश्वर महाराज को 12 जुलाई तक धाम पर ही रहेंगे. इसके बाद एक बार फिर विदेश यात्रा पर जाएंगे. वहीं, 7 नवंबर से 16 नवंबर 16 तक दिल्ली से वृंदावन तक पैदल यात्रा करेंगे.
MP प्रशासन में नया संतुलन: सुचारी, झा और सुखवीर को मिले अहम विभाग
2 Jul, 2025 02:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। प्रदेश सरकार ने मंगलवार देर रात आइएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। चुनाव आयोग से सुखवीर सिंह की सेवाएं वापस लेकर लोक निर्माण विभाग प्रमुख सचिव बनाया है। वही, संजीव कुमार झा अब प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी होंगे हुए। अभी वे सदस्य राजस्व मंडल ग्वालियर हैं।
आइएएस अधिकारियों के तबादले की तैयारी काफी समय से चल रही थी। सरकार बड़े स्तर पर परिवर्तन करने की तैयारी में थी लेकिन फिलहाल संक्षिप्त सूची ही निकल गई है। तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के सचिव रघुराज एम आर सचिव श्रम होंगे। सचिव सामान्य प्रशासन अनिल सुचारी को सागर संभाग का आयुक्त बनाया है।
राज्य मानव अधिकार आयोग के सचिव मुकेश चंद्र गुप्ता को राजस्व मंडल के सदस्य और प्रमुख सचिव राजस्व विवेक कुमार पोरवाल को तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार का अतिरिक्त प्रभार दिया है।
सुखवीर सिंह के लोक निर्माण विभाग का दायित्व संभालने पर अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और रघुराज एम आर के श्रम विभाग के सचिव पद का कार्यभार संभालने पर प्रमुख सचिव खनिज उमाकांत उमराव इस अतिरिक्त दायित्व से मुक्त हो जाएंगे।
सीएम मोहन यादव बने प्रस्तावक, खंडेलवाल को मिला संगठन का समर्थन
2 Jul, 2025 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भोपाल में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में हेमंत विजय खंडेलवाल ने मध्य प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और वी. डी. शर्मा ने खंडेलवाल को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इस मौके पर खंडेलवाल का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके नेतृत्व में संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की उम्मीद जताई। बुधवार को भोपाल में केंद्रीय पर्यवेक्षक एवं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में खंडेलवाल के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। खंडेलवाल का चयन निर्विरोध रहा, जिसे पार्टी के भीतर अनुशासन और एकजुटता का प्रतीक माना जा रहा है। इस मौके पर नए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि बीजेपी के इस पर्व की प्रक्रिया पूरी हुई। मैं मानता हूं कि जो दायित्व सौंपा गया है, वो अहम है। इसके पहले 27 प्रदेश अध्यक्षों ने पार्टी को मजबूत किया है। बद्रीलाल दवे पहले अध्यक्ष थे। सुंदरलाल पटवा भी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बने। मेरे स्वर्गीय पिता भी कुशाभाऊ ठाकरे के पद पर चलते थे। आज हमारे बीच कई लोग नहीं है, मैं उनको याद करता हूं। कई लोगों ने बीजेपी को आगे ले जाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी को बुलंदियों पर बरकार रखना है, आगे भी ले जाना है। बीजेपी किसी भी कार्यकर्ता को उसकी क्षमता के अनुरूप पद पर बैठाती है। उन्होंने कहा कि विश्व गुरु आज हम नरेंद्र मोदी जी के कारण हैं। अमित शाह, जेपी नड्डा के मार्गदर्शन में हमें काम करना है। पहले एक मिथक था कि हम पांच साल पूरा नहीं कर पाते हैं। शिवराज सिंह चौहान ने इस मिथक को तोड़ा है। वो कल्याणकारी योजनाएं लेकर आए और वो मिथक टूट गया। इस समय सीएम मोहन यादव भी हमारे प्रदेश में रोजगार और उद्योगों को लाने का काम कर रहे हैं।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भाजपा में अनुशासन की बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी में अनुशासन बड़ा होता है। सब मिलकर काम करते हैं। इस वजह से यहां पर सभी का सम्मान होता है। भाजपा का परिवार कई वर्षों से कांग्रेस के विरुद्ध झंडा बुलंद करता आया है। और आगे भी करता रहेगा उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के सम्मान में कोई कमी नहीं आएगी। भाजपा उनके रग रग में है। हेमंत खंडेलवाल ने ये भी मैसेज देने की कोशिश की पार्टी सर्वोपरी है। उन्होंने कहा कि पार्टी से जो दाएं-बाएं होगा उसको परेशानी होगी। सत्ता और संगठन दोनों मिलकर काम करेंगे। उनकी साफ-सुथरी छवि, आरएसएस से जुड़ाव और सामान्य वर्ग से आने की पहचान ने उन्हें इस पद के लिए स्वाभाविक पसंद बना दिया। खंडेलवाल की नियुक्ति को संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक रणनीतिक निर्णय माना जा रहा है, जो भाजपा के वैचारिक मूल्यों और मौजूदा नेतृत्व की कार्यशैली के बीच तालमेल स्थापित करता है। उनके नेतृत्व में पार्टी आगामी चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक विस्तार को लेकर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की तैयारी में है। इस निर्णय के साथ ही निवर्तमान अध्यक्ष वी.डी. शर्मा का कार्यकाल भी समाप्त हो गया। शर्मा ने पांच वर्षों से अधिक समय तक इस पद पर रहते हुए पार्टी को कई राजनीतिक उपलब्धियां दिलाईं। पहले सामने आई गुटबाजी और कई नामों की अटकलों के बीच खंडेलवाल के नाम पर बनी सर्वसम्मति से यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा ने एक बार फिर आंतरिक सहमति और अनुशासन को प्राथमिकता दी है।
व्यक्तिगत और राजनीतिक पृष्ठभूमि
1964 में मथुरा में जन्मे हेमंत खंडेलवाल कानून स्नातक हैं और व्यवसाय से जुड़े रहे हैं। वे वरिष्ठ भाजपा नेता विजय कुमार खंडेलवाल के पुत्र हैं। 2008 में अपने पिता के निधन के बाद बैतूल से सांसद बने और 2013 में विधायक चुने गए। 2023 में उन्होंने एक बार फिर विधानसभा में वापसी की। उनकी 41 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है और उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। भाजपा खेमे में इसे अनुशासन और समन्वय का प्रतीकात्मक संदेश माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खंडेलवाल की नियुक्ति से भाजपा को एक स्थिर और समन्वित नेतृत्व मिलेगा ।
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