मध्य प्रदेश
मध्यप्रदेश की गतिशीलता-शांति और संसाधनों का लाभ उठाएँ निवेशक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
7 Jul, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को लुधियाना स्थित वर्धमान औद्योगिक परिसर में पंजाब के प्रमुख उद्योगपतियों से भेंट की और उन्हें मध्यप्रदेश की समावेशी, उदार और निवेश-अनुकूल नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार न केवल उद्योग लगाने और निवेश बढ़ाने के लिए तैयार है, बल्कि यदि किसी सेक्टर में संभावना दिखती है, तो वहां आवश्यकतानुसार नियमों में परिवर्तन भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गारमेंट और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए विशेष अवसर उपलब्ध हैं और राज्य सरकार इस दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि इंदौर की हुकुमचंद मिल को पुनर्जीवित करने की दिशा में कार्य हो रहा है और मजदूरों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सौ करोड़ रु. से अधिक के सेटलमेंट क्लियर किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों और श्रमिकों के साथ सरकार की प्रतिबद्धता हर स्तर पर बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि ग्वालियर की जेसी मिल और उज्जैन की हीरा मिल के मामले में भी राज्य सरकार ने सह्रदयता से निर्णय किये है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों के हित में निर्णय लेने के लिए कैबिनेट स्तर पर नीतियों में बदलाव को भी तैयार है। उन्होंने निवेशकों से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में आकर संभावनाओं को देखें और राज्य की गतिशीलता, शांति और संसाधनों का लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि राज्य में टेक्सटॉइल, एग्री बेस्ड इंडस्ट्री, इंजीनियरिंग गुड्स, स्टील प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और आईटी जैसे सेक्टरों में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से यह भी कहा कि मध्यप्रदेश केवल निवेश के लिए नहीं, बल्कि एक जनकल्याणकारी राज्य के रूप में भी तेजी से पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि गरीब तबके के लिए एयर एंबुलेंस सेवा और राहगीर सेवा योजना जैसी अभिनव योजना क्रियान्वित की जा रही हैं। इन योजनाओं की उद्योगपतियों ने सराहना करते हुए कहा कि इस स्तर की सोच और संवेदनशीलता शायद ही किसी अन्य राज्य में दिखती हो।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वर्धमान ग्रुप के एमडी श्री नीरज जैन, राल्सन इंडिया लिमिटेड के चेयरमेन श्री संजीव पहवा, कंगारू इंडस्ट्रीज के एमडी श्री अंबरीश जैन, टीके स्टील रोलिंग मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी श्री लोकेश जैन, रजनीश इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक श्री राहुल आहूजा, फार्मपार्ट्स कंपनी के उपाध्यक्ष श्री जे.एस. भोगल, सीआईसीयू के अध्यक्ष श्री उपकार सिंह आहूजा, कमल (सरजवन होजरी) के प्रतिनिधि श्री सुदर्शन जैन और श्री अरुण जैन सहित विभिन्न सेक्टर के उद्योगपतियों ने मुलाकात की।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश में बिजली दरें प्रतिस्पर्धी हैं और नियम संबंधी प्रक्रियाओं को सरल और निवेशक-अनुकूल बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सोलर और पॉवर सेक्टर में भी बड़े प्रोजेक्ट आ रहे हैं। केंद्र सरकार के स्तर पर कोई पर्यावरणीय क्लियरेंस लंबित है, तो मध्यप्रदेश सरकार अपने स्तर पर उसे शीघ्र दिलाने का भी प्रयास करेगी।
उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नीति स्पष्टता, निर्णय क्षमता और कार्य के प्रति तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि देश के सबसे भरोसेमंद और निवेश के योग्य राज्यों में मध्यप्रदेश शामिल हो गया है।
नेशनल हाईवे पर चल रहे ट्रक में भीषण आग, बाल-बाल बचे चालक और सहायक
7 Jul, 2025 08:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर। गौरझामर थाना क्षेत्र के फोरलाइन बरकोटी तिगड्डा के पास सोमवार दोपहर को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। करीब 12:30 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक में अचानक आग लग गई। ट्रक क्रमांक MP-06-HC-9647 नरसिंहपुर से सागर की तरफ आ रहा था।
जानकारी के अनुसार ट्रक में लोहे के पाइप लोड थे। बताया जा रहा है कि ट्रक के केबिन में स्पार्किंग से आग लगी और देखते ही देखते आग ने पूरे ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया। जैसे ही आग लगी, ट्रक ड्राइवर और क्लीनर ने तुरंत समझदारी दिखाते हुए चलते ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई। आग बढ़ते-बढ़ते डीजल टैंक तक पहुंची और डीजल टैंक में आग लगने से आग में और विकराल रूप धारण कर लिया। मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही गौरझामर पुलिस और नेशनल हाईवे की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। एहतियातन एक तरफ का मार्ग पूरी तरह से बंद कर दिया गया ताकि किसी और वाहन या लोगों को नुकसान न पहुंचे। सुरखी से पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटी रही, लगभग ढाई घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
आग लगने का लाइव वीडियो मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने बना लिया, जो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह ट्रक धू-धू कर जल रहा है और आसपास धुआं फैल गया है। ड्राइवर और क्लीनर की जान तो बच गई, लेकिन लाखों का ट्रक और माल खाक हो गया।
रेल प्रशासन का बड़ा कदम, संरक्षा को लेकर सजग कर्मियों को दी गई मान्यता
7 Jul, 2025 07:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रनिंग स्टाफ हेतु इटारसी में सेफ्टी एवं फैमिली सेमीनार का सफल आयोजन
भोपाल : मण्डल रेल प्रबन्धक श्री देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन में ड्यूटी के दौरान सतर्कता, सूझ-बूझ एवं सजगता का परिचय देते हुए संभावित असामान्य घटनाओं को टालने वाले 13 रेलकर्मियों को मण्डल रेल प्रबन्धक द्वारा मंडल कार्यालय में प्रशस्ति पत्र एवं नगद राशि से सम्मानित किया गया।
इन रेलकर्मियों ने अपनी सूझ-बूझ, सतर्कता एवं त्वरित कार्यवाही से गंभीर दुर्घटनाओं को रोकने का प्रशंसनीय कार्य किया है। इनके प्रयासों से न केवल रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई बल्कि रेलवे संपत्ति की भी सुरक्षा हुई। रेल प्रशासन कर्मचारियों के समर्पण, तत्परता एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करता है और भविष्य में भी इसी प्रकार कर्तव्य के प्रति समर्पित रहने हेतु प्रेरित करता है।
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी ने कर्मचारियों के उत्साह, सजगता एवं समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए रेलकर्मियों को निरंतर प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्री विजय शंकर गौतम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित 13 रेलकर्मी
1. श्री देवेन्द्र चौहान, कॉटे वाला, नरमदापुरम
2. श्री मिथुन सरोदे, उप स्टेशन प्रबंधक, मिसरोद
3. श्री ऋषि पांचाल, कॉटे वाला, मिसरोद
4. श्री गौरव भोसले, ट्रेन मैनेजर, सुरगांव बंजारी
5. श्री अंकित सिंह चंदेल, गुड्स ट्रेन मैनेजर, इटारसी
6. श्री दीपक कुमार पटेल, ट्रैकमेंटेनर-III, बानापुरा
7. श्री पप्पू नाथ योगी, ट्रैकमेंटेनर-II, भोपाल
8. श्री शाकूर खान, ट्रैकमेंटेनर-II, भोपाल
9. श्री शिवनारायण, गेटमैन, ब्यावरा राजगढ़
10. श्री नरेन्द्र, ट्रैकमेंटेनर-III, बीना
11. श्री मुकेश कुशवाहा, ट्रैकमेंटेनर-IV, ब्यावरा राजगढ़
12. श्री दशरथ कुमार, लोको पायलट, इटारसी
13. श्री गंगाराम कुशवाहा, सहायक लोको पायलट, इटारसी
रनिंग स्टाफ की समस्याओं का हुआ तत्काल समाधान, अधिकारियों ने दिखाया संवेदनशील रवैया
7 Jul, 2025 07:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन में इटारसी में रनिंग स्टाफ एवं उनके परिवारजनों के लिए सेफ्टी सेमीनार एवं फैमिली संवाद कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (कर्षण परिचालन) श्री सचिन शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में एवं डॉ. अभिषेक सोनी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 90 रनिंग कर्मचारी अपने परिवारजनों सहित शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत सेफ्टी सेमीनार में वर्तमान में लागू सभी सेफ्टी ड्राइव जैसे SPAD एवं माइक्रो स्लीप से बचाव, मानसून सावधानियाँ, शंटिंग एवं रोलिंग डाउन से बचाव, लोड की स्टैबलिंग आदि महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर श्री सचिन शर्मा ने सुरक्षित गाड़ी संचालन से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी और कर्मचारियों को सावधानीपूर्वक कार्य करने हेतु जागरूक किया।
फैमिली संवाद कार्यक्रम के दौरान डॉ. अभिषेक सोनी ने उपस्थित परिजनों को नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार एवं योग के माध्यम से स्वस्थ रहने के उपाय बताए। इस अवसर पर रनिंग स्टाफ के परिजनों के लिए एक क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें उनके जीवनसाथी की कार्यप्रणाली से जुड़े प्रश्न पूछे गए। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर द्वारा तत्काल पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि रनिंग स्टाफ एवं उनके परिवारजनों से उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उनका यथोचित समाधान भी मौके पर ही किया गया। उपस्थित बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप उपहार भी वितरित किए गए, जिससे कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत आत्मीय एवं उत्साहवर्धक बना रहा।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि, "रेल प्रशासन कर्मचारियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। ऐसे आयोजनों से कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को न केवल जागरूकता मिलती है बल्कि कार्यस्थल पर उनकी दक्षता एवं आत्मविश्वास भी बढ़ता है।"
कार्यक्रम के अंत में मुख्य लोको निरीक्षक श्री मनीष सक्सेना ने उपस्थित अतिथियों एवं समस्त रनिंग स्टाफ परिवार का आभार व्यक्त करते हुए उनके सहयोग एवं सहभागिता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। यह आयोजन रनिंग स्टाफ की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं पारिवारिक संवाद को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल सिद्ध हुआ।
कल अशोकनगर में जुटेगी कांग्रेस, पटवारी का तंज – होटल मिले न मिले, हिम्मत नहीं हारेंगे
7 Jul, 2025 06:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर दर्ज हुई एफआईआर को लेकर कल मंगलवार 8 जुलाई को कांग्रेस का अशोकनगर में जेल भरो आंदोलन होगा। आंदोलन के एक दिन पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि मामले में कार्रवाई नहीं हुई मुझ पर एफआईआर दर्ज की गई है। कांग्रेस नेताओं को ठहरने के लिए होटल नहीं मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम जाएंगे भले ही हमको वहां सड़कों पर रुकना पड़े।
जहां दलितों पर अत्याचार होता वहां कांग्रेस होगी
पटवारी ने कहा कि अशोकनगर की सड़कों पर कांग्रेस रुकेगी। एसटी-एससी और ओबीसी पर अत्याचार होगा वहां कांग्रेस होगी, जहां प्रशासनिक अराजकता होगा, वहां वहां कांग्रेस भी पहुंचेगी। जहां सरकार का ध्यान आकर्षित करना होगा, कांग्रेस अपना धर्म निभाएगी। अशोकनगर में पीड़ित को न्याय दिलाने की बजाय मेरे खिलाफ FIR कर दी।
लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ेंगे
एफआईआर एक नहीं, 100 कर दें, इससे पहले भी कई की हैं। मामले में पुलिस अपना धर्म नहीं निभा रही है, पुलिस की इस हरकत के खिलाफ हम अशोकनगर जा रहे हैं। सड़क पर, कार्यकर्ताओं के घर पर रुकेंगे, जहां वो रोकेंगे हम रहेंगे। ये गिरफ्तारी नहीं, संदेश है, एक कदम पीछे नहीं हटेंगे। जब जब आप अत्याचार करोगे, हम लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ेंगे।
अशोकनगर न्याय सत्याग्रह
नेता प्रतिपक्ष उनमंग सिंघार ने कहा कि 8 जुलाई को अशोकनगर में कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता स्वेच्छा से गिरफ्तारी देंगे। कांग्रेस पार्टी अपने हर कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि हम जनहित के मुद्दों से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
27 करोड़ रुपये के घोटाले से हड़कंप, PHE विभाग के इंजीनियर पर गिरी गाज
7 Jul, 2025 05:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुरैना। मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी यानि पीएचई विभाग में ई-टेंडर घोटाला सामने आया है, जिसमें मुरैना के प्रभारी कार्यपालन यंत्री पर आरोप है कि उन्होंने अपने चहेते ठेकेदार को टेंडर देने के लिए निविदा दरों में हेराफेरी की गई। इससे शासन को आर्थिक हानि हुई है। मामला संज्ञान में आने के बाद उच्च अधिकारियों ने संबंधित प्रभारी कार्यपालन यंत्री को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन की अवधि में इनका मुख्यालय, मुख्य अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ग्वालियर रहेगा।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुरैना खंड में पदस्थ रहे प्रभारी कार्यपालन यंत्री एसएल बाथम पर आरोप है कि ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए निविदा दरों में हेरफेर की गई थी। इसकी शिकायत होने पर शासन ने पूरे मामले की जांच कराई। जांच में सामने आया है कि न्यूनतम दर डालने वाले निविदाकार को दरकिनार कर प्रभारी कार्यपालन यंत्री एसएल बाथम ने ठेकेदार के साथ मिलीभगत कर निविदा दरों में हेरफेर की थी।इस मामले में मध्य प्रदेश सिविलि सेवा नियम 1966 के अंतर्गत एसएस बाथम को सस्पेंड कर दिया गया है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने मुरैना जिले में पहाड़गंज के टिकटोली टूमदार गांव में रेट्रोफिटिंग योजना में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 346 लाख रुपए का टेंडर जारी किया गया था। इसकी निविदा 11 अप्रैल को खंड स्तर पर प्रभारी कार्यपालन यंत्री संतोषी लाल बाथम द्वारा खोली गई थी। इसमें तीन लोगों ने निविदा भरी थी। इसमें डंडोदिया कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 16.11 प्रतिशत, मंगलदास बोरवेल ने 18.11 प्रतिशत और दीनदयान तिवारी ने 17.50 प्रतिशत एसओआर भरी थी। इसमें सबसे कम एसओआर मंगलदास बोरवेल की थी, लेकिन प्रभारी कार्यपालन यंत्री ने दीनदयाल की निविदा को बढ़ाकर 19.49 प्रतिशत कर दिया। इसके साथ ही दीनदयाल से अनुबंध करते हुए कार्य आदेश भी जारी कर दिया।
मध्य प्रदेश में तेज मानसून की दस्तक, कई जिलों में बाढ़ और भारी बारिश की चेतावनी
7 Jul, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी है. बीते एक सप्ताह से प्रदेश में जोरदार बारिश हो रही है. जिससे जबलपुर, मंडला और डिंडौरी समेत प्रदेश के एक दर्जन से अधिक जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं. अगले 24 घंटे में मौसम विभाग ने जबलपुर, कटनी, शहडोल और सागर समेत 12 जिलों में बाढ़ की चेतावनी दी है. इधर मानसून के स्ट्रांग होने के कारण अनूपपुर जिले में भी तेज बारिश हो रही है. रविवार को यहां रीवा-अमरकंटक मार्ग में सजहा पुलिया को पार कर रही एक कार पानी में बह गई. इसमें पति-पत्नि और 2 बच्चे सवार थे. जहां महिला का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि पति और दोनों बच्चों की तलाश जारी है.
मउगंज में बिजली गिरने से 3 की मौत
मउगंज जिले में शनिवार का तेज बारिश के साथ बिजली गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई है. इसमें एक 13 साल का नाबालिग भी शामिल है. इसके साथ ही सीहोर जिले की पार्वती और पपनाश नदी भारी बारिश के कारण उफान पर बह रही है. इस दौरान रपटा पा कर रही एक कार भी इसमें फंस गई. तेज बारिश के कारण डिंडौरी में रहवासी क्षेत्रों में पानी भर गया. डिंडौरी के मेहदवानी में धमनी-कुसेरा मार्ग क्षतिग्रस्त होने से इस मार्ग को प्रतिबंधित कर दिया गया है.
वहीं मंडला जिले में स्टाप डैम पार कर रही एक 40 वर्षीय महिला के पानी में बहने की सूचना भी है. नरसिंहपुर में भी नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. जिससे प्रशासन ने नदी के किनारों पर स्थित दुकानदारों और रहवासियों को किनारों पर नहीं जाने की चेतावनी दी है.
जबलपुर-डिंडौरी समेत 6 जिलों में स्कूल की छुट्टी
बीते एक सप्ताह से प्रदेश में भारी बारिश हो रही है. जिससे कई जिलों में मार्ग बंद हो गए हैं. निचली बस्तियों में पानी भर गया है. कॉलोनियों में भी जलभराव की नौबत बन गई है. डिंडौरी में भी बीते 4 दिनों से तेज बारिश हो रही है. ऐसे में कलेक्टर नेहा मारव्या ने 7 जुलाई को स्कूलों और आंगनबाड़ियों की छुट्टी घोषित कर दी है. इसके साथ ही जबलपुर जिलों में सोमवार और मंगलवार के लिए स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है. वहीं दमोह, उमरिया, बालाघाट और मंडला में भी जिला प्रशासन ने सोमवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित की है.
मंडला में 8 इंच बारिश, इन जिलों में बाढ़ का अलर्ट
बीते 24 घंटों में सबसे अधिक बारिश मंडला में 8.18 इंच दर्ज की गई है. जबकि बालाघाट, सिवनी, सीहोर और जबलपुर में भी भारी बारिश दर्ज की गई है. इनके अलावा शिवपुरी, भोपाल, बैतूल, नर्मदापुरम, इंदौर, रायसेन, रतलाम, उज्जैन, छिंदवाड़ा, छतरपुर, सागर, सतना, शहडोल, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, सिवनी, सीधी, कटनी, बालाघाट, डिंडोरी, नरसिंहपुर और विदिशा में बारिश हुई है. कुछ जिलों में सोमवार को भी हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में प्रदेश के अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, पन्ना, सागर, सिवनी, शहडोल और उमरिया में बाढ़ का अलर्ट जारी किया है.
आज 25 जिलों भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने सोमवार को मंडला और बालाघाट में अत्याधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में 8 इंच से अधिक पानी गिरने की चेतावनी दी गई है. वहीं शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, अनुपपुर, जबलपुर, सिवनी, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्णा में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. साथ ही श्योपुर, शिवपुरी, खरगोन, खंडवा, देवास, सीहोर, हरदा, रायसेन, सागर, दमोह, कटनी, पन्ना और मैहर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.
मंगलवार को 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार को नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. यहां 4.5 इंच से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही डिंडौरी, उमरिया, कटनी, पन्ना, जबलपुर, छतरपुर, दमोह, सागर, नरसिंहपुर, रायसेन, सीहोर और हरदा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. जबकि पूरे प्रदेश में रिमझिम बारिश का दौर जारी रहेगा. हालांकि 9 जुलाई को फिर तेज बारिश होगी.
9 जुलाई को 39 जिलों में भारी बारिश
सीधी, शहडोल, अनुपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम और बैतूल में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. जबकि सिंगरौली, रीवा, सतना, मैहर, उमरिया, कटनी, पन्ना, छतरपुर, दमोह, नरसिंहपुर, सागर, टीकमगढ़, रायसेन, विदिशा, भोपाल, सीहोर, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, गुना, अशोक नगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, निमाड़ी और टीकमगढ़ जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
10 जुलाई
सीधी, सिंगरौली, मउगंज, रीवा, सतना, उमरिया, पन्ना, हटनी और दमोह में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, खंडवा, हरदा, देवास, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, निमाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.
ई-मेल से मिली बम की धमकी, भोपाल एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ाई गई
7 Jul, 2025 04:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकीभरा ईमेल मिलते ही सनसनी फैल गई। ये ईमेल रविवार को एयरपोर्ट डायरेक्टर को भेजा गया। इसमें बताया गया कि एयरपोर्ट परिसर में विस्फोटक उपकरण लगाए गए हैं और किसी भी वक्त विस्फोट कर एयरपोर्ट को उड़ा दिया जा सकता है।
बता दें कि बीते कुछ महीनों से लगातार भोपाल में अलग-अलग जगह बम उड़ाने की धमकी मिल रही है। ये चौथी धमकी है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने भोपाल के गांधीनगर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। गांधीनगर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और विमानन सुरक्षा नियमों के तहत आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया है। बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड ने ऐहतियातन जांच की। हालांकि एयरपोर्ट पर संचालन नहीं रोका गया। पुलिस और साइबर सेल की टीमें अब इस धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
पहले भी मिली धमकी
बीते कुछ महीनों में भोपाल में यह चौथी ऐसी घटना है। जहां एयरपोर्ट सहित अन्य स्थानों जैसे निजी लैब और स्कूलों को भी बम की धमकियां मिल चुकी हैं। जो बाद में फर्जी साबित हुई थीं। हाल के महीनों में देश के कई अन्य हवाई अड्डों जैसे बेंगलुरु, हैदराबाद, और कोलकाता को भी इसी तरह की धमकियां मिली हैं, जो जांच में फर्जी पाई गई थीं।
मध्यप्रदेश: विवादित बयान देने वाले अफसर पर बड़ी कार्रवाई, आईएएस से की थी 'औकात' की बात
7 Jul, 2025 04:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्यप्रदेश के सागर के कार्यपालन यंत्री हेमंत कश्यप को IAS की औकात पूछना भारी पड़ गया है। पीएचई ईई हेमंत कश्यप का IAS को लेकर अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए वीडियो सामने आने के बाद सागर कमिश्नर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर कलेक्टर सागर कार्यालय में अटैच कर दिया है। जो वीडियो सामने आया था उसमें ईई हेमंत कश्यप IAS के साथ ही जिला पंचायत सीईओ के लिए भी अपशब्द बोल रहे थे।
IAS की 'औकात' पूछना पड़ा भारी
वीडियो सामने आने के कुछ घंटों बाद ही अब कार्यपालन यंत्री हेमंत कश्यप को निलंबित कर दिया गया है। संभागायुक्त कार्यालय से जारी निलंबन आदेश के मुताबिक सागर कलेक्टर संदीप जीआर द्वारा प्रस्ताव के माध्यम से यह बताया गया कि 17 जून को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एफएचटीसी के कार्यों की समीक्षा की गई थी, जिसमें 2742 एफएचटीसी के कार्य लंबे समय से लंबित पाए गए। इस वजह से कई ग्रामों में ग्रीष्मकाल में पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ा। लगातार समीक्षा के बाद भी योजना के क्रियान्वयन में कोई संतोषजनक प्रगति नहीं पाई गई। कलेक्टर सागर के प्रस्ताव के अवलोकन के बाद ईई कश्यप को संभागायुक्त वीरेंद्र सिंह रावत ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर कलेक्टर सागर कार्यालय में अटैच कर दिया है।
कोई अभद्र शब्द नहीं बोले- हेमंत कश्यप, ईई, पीएचई
वहीं निलंबन की कार्रवाई के बाद कार्यपालन यंत्री पीएचई हेमंत कश्यप का कहना है कि मैंने किसी भी वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि को न तो कोई अभद्र शब्द बोले हैं, न ही किसी से अभद्रता की है। जबकि वीडियो में वो ये कहते सुने जा सकते हैं 'IAS बनना क्या बड़ी बात है? IAS की औकात क्या होती है? मेरे घर में 20 डॉक्टर हैं. मेरा बेटा गोपाल कश्यप सिंगर है, उसके पोस्टर भोपाल में लगे हैं।'
जीतू पटवारी के खिलाफ केस से नाराजगी, अशोकनगर में गिरफ्तारी आंदोलन की घोषणा
7 Jul, 2025 02:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रतलाम: मध्य प्रदेश कांग्रेस पीसीसी चीफ जीतू पटवारी पर एफआईआर का विरोध कर रही है। प्रदेश भर में विरोध अभियान चलाए जा रहे हैं। अशोकनगर में प्रदेश कांग्रेस सामूहिक गिरफ्तारी देगी। इसको देखते हुए हजारों की संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। दूसरी तरफ रतलाम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुतला जलाने के दौरान भगदड़ मच गया।
ब्लॉक और किसान कांग्रेस का था प्रदर्शन
जावरा विधानसभा के पिपलौदा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और किसान कांग्रेस कमेटी रतलाम ग्रामीण के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया, जिसमें कांग्रेसियों ने तहसीलदार को डीजीपी के नाम ज्ञापन सौंपा और फिर सीएम का पुतला जलाया। कांग्रेस नेताओं ने सबसे पहले तहसीलदार देवेंद्र धनगर को डीजीपी के नाम ज्ञापन सौंपा। सीएम का पुतला जलाने के दौरान मौके पर भगदड़ की स्थिति मच गई।
पहले से मुस्तैद थी पुलिस
सीएम के पुतला दहन को लेकर पुलिस पहले से ही मुस्तैद थी। पुलिसकर्मी कांग्रेसियों से पुतला छीनने की कोशिश कर रहे थे। ज्ञापन देने के बाद अचानक से कांग्रेसी एक कार में पुतला लेकर आए और उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। आग अचानक भड़कने से पुलिसकर्मी और कांग्रेस नेता झुलसने से बाल-बाल बचे। समय रहते दूर हटने से वे जलने से बच गए। इस दौरान तहसीलदार के सुरक्षा गार्ड मोहम्मद शहीद के ऊपर भी आग की लपटें आ गईं, जिससे उनके बाल जल गए। सूचना संकलन प्रभारी प्रेम मर्सकोले की शर्ट में भी आग लग गई। आंदोलन में शामिल जिला पंचायत सदस्य राजेश भरावा का कुर्ता भी जल गया। मौके पर मौजूद फायर ब्रिगेड ने पानी की बौछार से आग बुझाई।
भोपाल में हुआ जेट पैचर तकनीक का ट्रायल
7 Jul, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गड्ढा भरने के 5 मिनट बाद ही सडक़ पर शुरू हो जाएगा ट्रैफिक
भोपाल । मप्र के शहरों में अब सडक़ों के गड्ढे जेट पैचर तकनीक से भरे जाएंगे। इसका भोपाल के ई-7 इलाके में मशीन का डेमोन्सट्रेशन हुआ। नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने खुद डेमोन्सट्रेशन देखा। इस तकनीक से गड्ढा 5 मिनट में ही भर जाएगा और फिर ट्रैफिक दौडऩे लगेगा। बारिश के दिनों में पूरे प्रदेश की सडक़ें जर्जर हो जाती है। राजधानी भोपाल में बुरे हाल देखने को मिलते हैं। सडक़ पर एक से डेढ़ फीट तक के गड्ढे हो जाते हैं। इस कारण लाखों लोग परेशान होते हैं। ऐसे में भोपाल में जेट पैचर तकनीक का डेमोन्सट्रेशन बड़ी राहत दे सकता है। आयुक्त भोंडवे ने कहा कि जेट पैचर तकनीक से नगरीय क्षेत्रों में कम समय व परिशुद्धता के साथ सडक़ों के गड्ढ़े भरे जाएंगे।
एक्सपर्ट ने बताया कि जेट पैचर सडक़ मरम्मत की एक तकनीक है, जो मुख्य रूप से गड्ढों, किनारों के टूटने और दरारों जैसी सडक़ की क्षति को ठीक करने के लिए उपयोग की जाती है। यह एक स्व-निहित वाहन है, जो धूल, मलबा और नमी हटा देती है। गड्ढे में मिश्रण भरने के लिए कोल्ड-एप्लाइड बिटुमेन इमल्शन और एग्रीगेट का उपयोग करता है। यह सब एक ही डिलीवरी नली से किया जाता है।
पेंचवर्क के दौरान दिक्कत नहीं आएगी
आयुक्त भोंडवे ने बताया कि बारिश के दिनों में गड्ढे भरने में दिक्कतें होती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। यह एक टेक्नोलॉजी के साथ शुरुआत है। अभी हमने काम शुरू किया है। इसे एक-एक करके आगे बढ़ाएंगे। दिल्ली से आए मशीन एक्सपर्ट गौरव सहगल ने बताया, यह पोथोले पैचर मशीन है। इसमें तुरंत काम होता है। अभी हमने पैच लगाया और 5 मिनट बाद ट्रैफिक शुरू कर दिया। कोल्ड डामर से सडक़ के गड्ढे भरे गए।
अस्पतालों में बांड पर तैनात होंगे ढाई हजार डॉक्टर
7 Jul, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मप्र में सरकार स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की निरंतर कवायद कर रही है। इस कड़ी में चिकित्सकों की कमी सबसे बड़ी समस्या है। इसको दूर करने के लिए सरकार ने नया रास्ता निकाला है। अब प्रदेश के उन अस्पतालों में खाली पदों पर बांड पर डॉक्टर आएंगे, जहां सालों से इनकी कमी होने के कारण इलाज में बाधा आ रही है। ढाई हजार डॉक्टर बंध पत्र पर इलाज करेंगे।
गौरतलब है कि प्रदेश में चिकित्सकों की कमी बड़ी समस्या बनी हुई है। सरकार ने सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं तो लगभग सारी उपलब्ध करा दी है, लेकिन चिकित्सकों और विशेषज्ञों की कमी चिंता का विषय बनी हुई है। राजधानी के अस्पतालों को भी आधा सैकड़ा एमबीबीएस एवं बीडीएस मिलेंगे। प्रदेश में जिला चिकित्सालयों से लेकर सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लंबे समय से डॉक्टरों की कमी बनी है। विभाग की चिंता खासकर ग्रामीण अंचलों को लेकर है। यही समस्या उपचार सेवाओं के लिए परेशानी बनी है। अब यहां खाली पदों की पूर्ति करने विभाग ने नया और वैकल्पिक रास्ता निकाला है। चिकित्सा कॉलेजों से जो छात्र एमबीबीएस और बीडीएस की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं, उन्हें इन अस्पतालों में बांड पर रखा जा रहा है। विभाग के अनुसार एक साल के बांड पर यह डॉक्टर रहेंगे। इस बीच दो रास्ते रहेंगे। यदि सीधी भर्तियों से विभाग चयन करेगा तब इनकी जगह चयनित डॉक्टर पदस्थ किए जाएंगे। अन्यथा इनकी कार्य दक्षताओं को देखते हुए एक साल बाद इनका कार्यकाल बढ़ाने पर भी विचार होगा। इस बीच किसी कारणवश यदि कोई बांडेड डॉक्टर काम छोडक़र जाता है तो उसकी जगह पर दूसरी नियुक्ति भी बांड पर होगी।
सर्वे में सामने आई हकीकत
जानकारी के अनुसार विभाग ने हाल के कुछ दिनों में उपचार सेवाओं का मैदानी सर्वे करवाया है। इसमें पाया गया है कि मरीजों को समय पर इलाज न मिलना डॉक्टरों की कमी एक बड़ी वजह है। सबसे अधिक दिक्कत ग्रामीण क्षेत्रों में पाई गई है। इसके लिए तात्कालिक तौर पर सभी अस्पतालों को सीधी भर्ती से डॉक्टर मिलना संभव नहीं है। नतीजतन बांड का सहारा लिया गया है ताकि अस्पतालों में समय पर रोगी को कंपलीट इलाज दिया जा सके। विभाग के अनुसार राज्य के हर जिले में डॉक्टरों की कमी है। इन डॉक्टरों से जो बंध हुआ है, उसमें शर्त यही है कि उन्हें जहां पदस्थ किया जा रहा है वहां विभाग नियम के अनुसार काम करना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थापना के बाद नियमित तौर पर सेवाएं देना होंगी। इस प्रक्रिया में राजधानी को भी 50 बांडेड डॉक्टर मिलेंगे। फंदा और बैरसिया में सामुदायिक एवं प्राथमिक एवं संजीवनी क्लीनिक में इनकी कमी बनी है। इसी माह बंध पत्र पर डॉक्टरों की पदस्थापना हो जाएगी। ज्यादातर डॉक्टरों की पदस्थापना दोनों ही ब्लॉकों के ग्रामों में की जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय का कहना है कि बांड पर इन डॉक्टरों की जॉइनिंग कराने की प्रक्रिया कंपलीट की जा रही है। कमिश्नर, आयुक्त स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तरूण राठी का कहना है कि उपचार सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके, इसलिए बांड पर डॉक्टरों की नियुक्ति की जा रही है। ग्रामीण अंचलों में रोगियों को बेहतर इलाज देना हमारी प्राथमिकता है।
हरपालपुर में शव दफनाने पर विवाद, पुलिस ने दफन प्रक्रिया पर लगाई अस्थायी रोक
7 Jul, 2025 12:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छतरपुर। छतरपुर जिले के हरपालपुर शहर के मुक्तिधाम में अब लावारिस और अज्ञात शवों को नहीं दफनाया जाएगा। इसके लिए बाकायदा नगर परिषद ने एक फरमान जारी कर हरपालपुर पुलिस को ताकीद किया है। पिछले समय तक पुलिस द्वारा शवों को दफनाने के दौरान मुक्तिधाम में हुई क्षति को देखते हुए नगर परिषद ने यह निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि नगर परिषद हरपालपुर द्वारा नगर में स्थित मुक्तिधाम को निरंतर सुन्दर, सुव्यवस्थित किए जाने हेतु कार्य किए जा रहे हैं। अक्सर देखने में आया है कि नगर में मिल रहे लावरिस मृतक शवों को बिना किसी सूचना के मुक्तिधाम में दफनाने के लिए स्थानीय पुलिस द्वारा जेसीबी का प्रयोग किया जाता है, जिससे मुक्तिधाम में लगे पेवर्स ब्लॉक एवं पेड़-पौधों का नुकसान हो रहा है। स्थानीय नागरिकों ने भी मुक्तिधाम में लावरिस शवों को दफनाये जाने से होने वाले नुकसान की शिकायतें नगर परिषद में की है। विगत दिनों ऐसी ही शिकायत आई थी कि मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार आदि के लिए आने वाले लोगों की सुविधा के लिए लगाये गए पेवर्स ब्लॉक उखड़े पाये गए थे। तमाम शिकायतों के बाद नगर परिषद ने एक आदेश जारी कर स्थानीय पुलिस से आग्रह किया है कि लावारिस मृतको के शव दफनाने के लिए अन्य किसी स्थान को चिह्नित किया जाए।
मामले को लेकर हरपालपुर थाना प्रभारी पुष्पक शर्मा ने कहा कि मुक्तिधाम में लावारिस शवों को न दफनाने का पत्र नगर परिषद से मिला है। नगर परिषद ऐसी स्थिति में अज्ञात शवों को दफनाने के लिए दूसरी जगह चह्नित कर दे। इस पर हरपालपुर नगर परिषद अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा कि पुलिस की ओर से बिना सूचना के शव दफन करने से मुक्तिधाम क्षेत्र डैमेज होता है। लोगों की शिकायत मिल रही थी। ऐसे हालातों में दूसरी जगह चिन्हित कर देंगे। वहीं, हरपालपुर नगर परिषद उपयंत्री धीरेंद्र तोमर ने कहा कि मुक्तिधाम में लावारिस शव दफन को लेकर लोगों शिकायत मिल रही थी, जल्द परिषद दूसरी जगह चिन्हित करेगी।
बिना इंटरनेट काम करेगा भोपाल एम्स का कोड इमरजेंसी ऐप
7 Jul, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। आकस्मिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करने और अनमोल जीवन बचाने के उद्देश्य से, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भोपाल ने अपना अभिनव मोबाइल ऐप कोड इमरजेंसी लॉन्च किया है। यह ऐप अब प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और इसका लक्ष्य हर व्यक्ति को आपातकालीन स्थितियों में हेल्थ एक्सपर्ट बनाना है।
अक्सर हम देखते हैं कि लोग अचानक गश खाकर गिर पड़ते हैं और समय पर चिकित्सीय सहायता न मिलने के कारण दम तोड़ देते हैं। इसका मुख्य कारण अक्सर सडन कार्डियक अरेस्ट बताया जाता है। ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोका जा सकता है, यदि आसपास मौजूद कोई व्यक्ति पीडि़त को तुरंत सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) दे दे। कोड इमरजेंसी ऐप इसी तरह की स्थितियों में लोगों को तुरंत और सही मार्गदर्शन देगा।
एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने ऐप की लॉन्चिंग के दौरान बताया कि यह ऐप आपात स्थिति में हर व्यक्ति को हेल्थ एक्सपर्ट का रोल निभाने में मदद करेगा। उन्होंने ऐप की सबसे बड़ी खूबी बताते हुए कहा कि इसे एक बार प्ले स्टोर से डाउनलोड करने के बाद चलाने के लिए इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता नहीं होती है। यह सुविधा मेट्रो सिटी से लेकर दूरदराज के क्षेत्रों तक के व्यक्तियों को बिना किसी समस्या के जरूरत होने पर ऐप का उपयोग करने में सक्षम बनाएगी।
डॉ. सिंह ने बताया कि कोड इमरजेंसी ऐप, एम्स भोपाल की वन स्टेट, वन हेल्थ, वन इमरजेंसी पॉलिसी पर आधारित है। इस ऐप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे न केवल हेल्थ वक्र्स के लिए, बल्कि आम नागरिकों के उपयोग के लिए भी डिजाइन किया गया है। उन्होंने डॉ. शेहताज खान, डॉ. श्रुति दुबे और डॉ. भूपेश्वरी पटेल की टीम की सराहना की जिन्होंने इस महत्वपूर्ण ऐप के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
एक्शन मोड में पीएचक्यू, 48 दागी पुलिसकर्मी एक साथ लाइन अटैच
7 Jul, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। पुलिस विभाग ने बड़ा आदेश जारी करते हुए भोपाल पुलिस के मैदान में तैनात 48 दागी पुलिसकर्मियों को एक साथ लाइन अटैच किया है। यहां डीजीपी कैलाश मकवाना के सख्त तेवर के बाद पुलिस विभाग में अनुशासन को लेकर बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। यह कार्रवाई लाइन अटैच किये गये पुलिसकर्मियो पर लगे आपराधिक या विभागीय आरोपों की जांच लंबित होने के बाद की गई है। यह फैसला नए गाइडलाइंस के तहत लिया गया है। कार्रवाई का उद्देश्य पुलिस कार्यप्रणाली में निष्पक्षता और पारदर्शिता लाना है। गौरतलब है कि मध्य पुलिस के मुखिया डीजीपी कैलाश मकवाना ने आला अफसरो के साथ आयोजित बैठक में स्पष्ट किया था कि पुलिस की छवि धूमिल करने वाले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। इस निर्देश के बाद भोपाल पुलिस ने त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करते हुए पहली सूची में विभिन्न थाना क्षेत्रों में पदस्थ 48 पुलिसकर्मियों को लाइन-अटैच कर दिया। वहीं यह भी साफ है की पुलिस विभाग के दागियो के खिलाफ की गई यह कार्रवाई यहीं खत्म नहीं होगी। दागी पुलिसकर्मियों की अगली लिस्ट तैयार की जा रही है, और वह भी जल्द जारी होगी, जिसमें उन पुलिसकर्मियो के नाम हो सकते हैं, जिनके खिलाफ जांच चल रही है।
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