मध्य प्रदेश
कूनो में फिर गूंजी मातमी सन्नाटा, मादा चीता नभा की मौत
12 Jul, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता नभा की मौत, पैर में फ्रैक्चर और गहरी चोटें मिलीं
श्योपुर (मध्य प्रदेश): कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्वास परियोजना को एक और झटका लगा है। नामीबिया से लाई गई 8 वर्षीय मादा चीता नभा की शनिवार को मौत हो गई। कूनो प्रबंधन ने बताया कि नभा को एक सप्ताह पहले सॉफ्ट रिलीज बाड़े में गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया गया था। उसके दोनों बाएं पैर—अगला (Ulna) और पिछला (Fibula)—फ्रैक्चर हो चुके थे।
शिकार के प्रयास में घायल हुई थी नभा
प्रबंधन के अनुसार, संभवतः नभा शिकार के प्रयास के दौरान घायल हुई थी। एक सप्ताह से उसका इलाज जारी था, लेकिन गंभीर चोटों और कमजोरी के चलते वह बच नहीं सकी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उसकी मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि होगी।
चीतों की संख्या घटी: अब कुल 30 बचे
इस मौत के बाद अब कूनो नेशनल पार्क में कुल 28 चीते रह गए हैं, जिनमें 9 व्यस्क (6 मादा, 3 नर) और 17 भारत में जन्मे शावक हैं। वहीं गांधीसागर अभयारण्य में 2 नर चीते शिफ्ट किए गए हैं। भारत में अब कुल 30 चीते बचे हैं। सभी शेष चीते स्वस्थ बताए जा रहे हैं।
2022 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट चीता
70 साल बाद, भारत में चीतों को फिर से बसाने की महत्वाकांक्षी योजना 17 सितंबर 2022 को शुरू की गई थी। नामीबिया से 8 और दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे। इस बीच कई सफलताएं और असफलताएं सामने आईं - कई मौतें हुईं तो कुछ मादाओं ने शावकों को जन्म भी दिया।
चीतों की दुखद मौतों की फेहरिस्त लंबी
चीता साशा की किडनी इन्फेक्शन से 26 मार्च 2023 को मौत हुई थी। फिर नर चीता उदय की 23 अप्रैल को हार्ट अटैक से मौत हुई। मादा दक्षा की मौत नर चीते से लड़ाई में हुई। ज्वाला के चार में से तीन शावकों की कुछ ही हफ्तों में मौत हो गई। सूरज और तेजस की भिड़ंत, शौर्य, धात्री और पवन जैसे अन्य चीतों की मौत ने भी चिंता बढ़ाई है।
प्रोजेक्ट में कभी खुशी, कभी गम का दौर
हालांकि मादा चीताएं नीरवा और वीरा ने कुल 9 शावकों को जन्म दिया है, जो प्रोजेक्ट के लिए उम्मीद की किरण हैं। हाल ही में सभी चीतों को एंटी परजीवी दवाएं दी गई हैं और वे नियमित रूप से शिकार कर रहे हैं।
सिंहस्थ महाकुंभ 2028 को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीजीपी ने की उच्च स्तरीय बैठक
12 Jul, 2025 12:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से दिया तैयारियों का ब्यौरा
अत्याधुनिक तकनीकों के साथ होगा सिंहस्थ का संचालन, प्रयागराज कुंभ-2025 के अनुभवों से ली गई प्रेरणा
भोपाल,/ उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ के शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन के लिए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में आज दिनांक 11 जुलाई 2025 को पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय, भोपाल के कांफ्रेंस हॉल में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर आयोजित इस वृहद बैठक में पुलिस मुख्यालय, भोपाल के वरिष्ठ अधिकारीगण जैसे विशेष पुलिस महानिदेशक, अतिरिक्त महानिदेशक गुप्तवार्ता/सायबर, दूरसंचार, रेल, प्रशिक्षण, योजना/प्रबंध, PTRI तथा विसबल, IG भोपाल ग्रामीण, IG का.व्य. एवं सुरक्षा, DIG SDRF, DIG एएनओ/नोडल अधिकारी सिंहस्थ, पुलिस आयुक्त भोपाल, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। साथ ही, वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ADG उज्जैन जोन, पुलिस आयुक्त इंदौर, IG व DIG इंदौर ग्रामीण, DIG उज्जैन रेंज तथा उज्जैन, खण्डवा, खरगौन, देवास, शाजापुर, धार, रतलाम, सीहोर एवं आगर-मालवा के पुलिस अधीक्षक बैठक से वर्चुअल रूप से जुड़े।
डीजीपी के समक्ष प्रस्तुत प्रजेंटेशन में इन प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया:
भीड़ प्रबंधन (Crowd Management):
करोड़ों श्रद्धालुओं की संभावित उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए रूट प्लानिंग, पार्किंग जोन, अलग-अलग घाटों पर प्रवेश-निकासी मार्ग तैयार किए गए। घाट क्षेत्रों पर सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, स्वास्थ्य सहायता और भीड़ नियंत्रण हेतु अतिरिक्त बल की व्यवस्था भी की जाएगी। क्यू सिस्टम, डिजिटल साइनबोर्ड्स एवं वालंटियर सहायता केंद्र बनाए जाएंगे।
ड्रोन और CCTV निगरानी:
संवेदनशील क्षेत्रों पर ड्रोन कैमरों की तैनाती की जाएगी। हाई रिज़ॉल्यूशन वाले AI-सक्षम CCTV कैमरे सभी प्रमुख मार्गों, स्नान घाटों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगाए जाएंगे।
संचार एवं इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम:
रीयल टाइम निगरानी हेतु फील्ड कम्युनिकेशन यूनिट एवं इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम (ICR) स्थापित किया जाएगा। पुलिस नेटवर्क को मजबूत करने हेतु वायरलेस और मोबाइल कंट्रोल यूनिट्स सक्रिय रहेंगी।
साइबर सुरक्षा:
डिजिटल माध्यमों से अफवाह फैलाने या ऑनलाइन ठगी की कोशिशों पर नियंत्रण के लिए साइबर मॉनिटरिंग यूनिट कार्यरत रहेगी।सोशल मीडिया कंटेंट और डिजिटल गतिविधियों की लाइव मॉनिटरिंग होगी।
कानून व्यवस्था एवं बल की तैनाती:
सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए QRT, RAF, महिला पुलिस, ट्रैफिक नियंत्रण बल, और स्थानीय पुलिस की विस्तृत तैनाती। हर सेक्टर में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और गश्त के लिए मोबाइल यूनिट्स तैयार।
टेलीकॉम नेटवर्क सुदृढ़ीकरण:
श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए मोबाइल नेटवर्क बाधित न हो, इसके लिए अस्थायी मोबाइल टॉवर, नेटवर्क बूस्टर और हाई-स्पीड डेटा कनेक्टिविटी की योजना बनाई गई है।
होमगार्ड और वालंटियर सहयोग:
होमगार्ड, एनसीसी, स्काउट एवं सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों की तैनाती से व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी।
पुलिस हाउसिंग की विशेष व्यवस्था:
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए विशेष आवासीय व्यवस्था (Police Housing) की जाएगी, जिसमें अस्थायी आवासीय शिविर, कैंटीन, स्वास्थ्य सुविधा और विश्राम क्षेत्र शामिल हैं। ड्यूटी रोस्टर के अनुसार रहने-खाने की सुविधाएं पुलिसकर्मियों को उपलब्ध कराई जाएंगी। सिंहस्थ के दौरान ओंकारेश्वर जिला खंडवा में भी श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि की संभावना को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक खंडवा द्वारा स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और व्यवस्था की विशेष रणनीति तैयार कर प्रेजेंटेशन दिया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे 40 करोड़ के एक्वा पार्क का भूमि पूजन
12 Jul, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को भोपाल के भदभदा के पास बनने जा रहे अत्याधुनिक मछलीघर एक्वा पार्क का भूमि-पूजन करेंगे। केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 25 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, राज्य सरकार का इसमें 15 करोड़ रुपये का सहयोग से 40 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना होगी। यह पार्क दो साल में बन कर तैयार होगा। एक्वा पार्क न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा, बल्कि बच्चों के लिए रोमांच, शिक्षा, शोध का नया केंद्र भी बनेगा। एक्वा पार्क में समुद्री और मीठे पानी की मछलियों की सैकड़ों प्रजातियां देखने को मिलेंगी। डिजिटल एक्वेरियम, वाटर टनल, 3D इंटरेक्टिव जोन, बच्चों के लिए सी-लाइफ लर्निंग सेंटर, रिसर्च सेंटर (मछली पालन की पारंपरिक और नवीन तकनीक की डेमोंस्ट्रेशन यूनिट), मत्स्य सेवा केंद्र (मछली पालकों के प्रशिक्षण के लिए), आंत्रप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट और इनक्यूबेशन सेंटर, कैफेटेरिया (रंगीन मछलियों का प्रदर्शन और मछली से जुड़े गिफ्ट आइटम) एवं पर्यावरण शिक्षा और संरक्षण जैसे कार्यक्रम भी एक्वा पार्क में उपलब्ध होंगे।
सीएम की दुबई और स्पेन यात्रा का मकसद: निवेश और विकास
12 Jul, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 से 19 जुलाई को दुबई और स्पेन की यात्रा पर रहेंगे। यह दौरा मध्यप्रदेश की वैश्विक निवेश रणनीति में महत्वपूर्ण कदम होगा। दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेश को लेकर इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल काउंसिल के प्रतिनिधियों के साथ प्रमुख बैठक प्रस्तावित है, जहां मध्य प्रदेश की औद्योगिक तैयारियों और निवेश नीति को लेकर प्रस्तुतियां दी जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई में कार्यरत लुलु इंटरनेशनल ग्रुप, लैंडमार्क ग्रुप और नखील ग्रुप जैसे अंतर्राष्ट्रीय रिटेल और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय वार्ता करेंगे, जिनमें प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस, रिटेल चेन और निवेश संबंधी अन्य सहयोग पर विचार किया जाएगा।
16 से 19 जुलाई तक स्पेन दौरे पर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई के बाद 16 से 19 जुलाई तक स्पेन के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव बार्सिलोना में स्पेन की अग्रणी ऑटोमोबाइल कंपनियों और ग्रीन मोबिलिटी टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण संवाद करेंगे। बार्सिलोना में होने वाली बैठकों में टेक्सटाइल, गारमेंट और डिजाइन सेक्टर की अग्रणी कंपनियों से भी चर्चा की जाएगी, जिससे मध्य प्रदेश में पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल ओडीओपी और वर्धमान सहित टेक्सटाइल क्लस्टर को और गति दी जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की स्पेन यात्रा का एक बड़ा फोकस पर्यटन और हेरिटेज हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर भी रहेगा।
निवेश पर रणनीतिक संवाद होगा
इन निवेश यात्राओं की खास बात है कि निवेश पर रणनीतिक संवादों की प्रमुखता रहेगी। मुख्यमंत्री का उद्देश्य निवेश के जरिए न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है, बल्कि युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ना भी है। बता दें इससे पहले सीएम यूके से लेकर जापान गए थे। मुख्यमंत्री ने कहना है कि इन यात्राओं के जरिए सामने आ रहे निवेश प्रस्ताव, संवाद और उद्योग समूहों का उत्साह इस बात का संकेत है कि मध्य प्रदेश अब उस मोड़ पर खड़ा है जहां अवसर केवल दस्तक नहीं दे रहे है, बल्कि आगे बढ़कर साझेदारी कर रहे हैं।
तेज बारिश से भीगा एमपी, 16 इंच पहुंचा मानसून का आंकड़ा
12 Jul, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जन जीवन प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को सिवनी, छतरपुर, उमरिया, सतना, कटनी समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात रहे। सिवनी में 9 घंटे में ही साढ़े 6 इंच पानी गिर गया। 20 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने शनिवार को 10 जिलों में अति भारी और 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से तेज बारिश का दौर जारी है। इस मानसूनी सीजन में अब तक करीब 16 इंच बारिश हो चुकी है। पूर्वी हिस्से में सबसे ज्यादा असर है। खासकर मंडला, सिवनी, बालाघाट, मैहर, डिंडौरी समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई है। शुक्रवार को भी ऐसे ही हालात रहे।
मंडला में सबसे ज्यादा नुकसान
बारिश की वजह से मंडला जिले में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। यहां अब तक बाढ़ के कारण 7 लोगों की मौत हो चुकी हैं। 2 लापता हैं। 300 मकान समेत कई सड़कें और पुलियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। 312 लोगों को रेस्क्यू कर 7 राहत कैंप में रखा गया है। शिवपुरी और ग्वालियर की सीमा पर बना हरसी बांध लबालब भर गया। इससे पानी का ओवरफ्लो होना शुरू हो गया है। इससे दोनों जिलों के करीब 20 गांव में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है।
सिवनी में 9 घंटे में 6.5 इंच बारिश दर्ज
शुक्रवार को पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर जारी रहा। सिवनी में 9 घंटे में 6.5 इंच बारिश हो गई। छतरपुर के खजुराहो में करीब ढाई इंच, उमरिया-नौगांव में 1.8 इंच, सतना में 1.1 इंच, पचमढ़ी-ग्वालियर में आधा इंच बारिश हो गई। कटनी, शहडोल, सीधी, मैहर, मऊगंज जिले में भी तेज बारिश से घर-दुकानों में पानी भर गया। दतिया, नर्मदापुरम, रतलाम, श्योपुर, दमोह, जबलपुर, रीवा, टीकमगढ़, सीहोर समेत कई जिलों में बारिश का दौर चलता रहा।
आज इन जिलों में तेज बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए 10 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें छतरपुर, दमोह, सागर, कटनी, जबलपुर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम जिले शामिल हैं। यहां 24 घंटे में 8 इंच तक पानी गिर सकता है। भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, देवास, शाजापुर, विदिशा, सीहोर, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।
मध्य प्रदेश से गुजर रही 3 टर्फ
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. ने बताया कि प्रदेश में 3 टर्फ का असर है। इनमें एक मानसून टर्फ है। इस वजह से अति भारी और भारी बारिश का दौर बना हुआ है। अगले चार से पांच दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा।
वर्षा से बिगड़े हालात: MP के 13 जिले बाढ़ की चपेट में, ऑरेंज-येलो अलर्ट जारी
11 Jul, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है. 1 जून से 10 जुलाई तक मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 71 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है. मंडला समेत कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं. गुना में नदी पर नहाने गए दो मासूम गहरे पानी में डूब गए. इनमें एक की उम्र 8 साल और दूसरे की 6 वर्ष थी. देर रात बचाव दल ने मछली के जाल से इन दोनों के शव को पानी से बाहर निकाला. वहीं मैहर में दीवार धंसने से एक महिला की मौत हो गई. जबकि सतना में कार पर अचानक एक पेड़ गिर गया, जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई. लेकिन उसमें बैठे 5 लोग बाल-बाल बच गए.
महिला को नदी में खींच ले गया मगरमच्छ
दमोह में 40 वर्षीय मालती बाई शुक्रवार सुबह घर खर्च के लिए व्यारमा नदी में कुछ महिलाओं के साथ पानी भरने गई थी, लेकिन अचानक मालती बाई पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया और उनको गहरे पानी में खींच ले गया. जिससे मालती बाई की मृत्यु हो गई. हालांकि बाद में उनका शव बरामद कर लिया गया है. वहीं मंडला जिले में भी बाढ़ के हालात हैं. बीते 24 घंटे के दौरान रीवा में सबसे ज्यादा 3.7 इंच पानी गिरा. जबकि ग्वालियर में भारी बारिश के साथ छतरपुर, जबलपुर, मंडला, टीकमगढ़ और सतना में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है.
आज इन जिलों में आचनक बाढ़ आने की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि मध्य प्रदेश में मॉनसून अब पूरे प्रभाव में आ चुका है. झारखंड के आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र और उत्तर प्रदेश से होकर गुजर रही मानसून द्रोणिका के प्रभाव से प्रदेश में अगले 2 दिनों तक तेज बारिश और हवाओं का दौर जारी रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार यह प्रणाली अभी प्रदेश के ऊपर वाले भागों से होकर गुजर रही है. जिससे व्यापक स्तर पर मौसम में बदलाव आ रहा है. मौसम विभाग ने अनुपपुर, बालाघाट, छतरपुर, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पन्ना, सागर, सिवनी, शहडोल और उमरिया जिले में अचानक बाढ़ की संभावना जताई है.
शिवपुरी-ग्वालियर के 20 गांवों में बाढ़ का खतरा
मुरैना का काकेटो डैम फुल हो चुका है. इस डैम का फुलटैंक लेवल 342.75 मीटर है, लेकिन पानी 343.27 फीट उपर से बह रहा है. इसके गेट खुलने से ग्वालियर-शिवपुरी सीमा पर बने हरसी बांध भी लबालब हो गया है. यह भी अपने फुल टैंक लेवल से एक मीटर ऊपर बह रहा है. जिससे ग्वालियर-शिवपुरी के 20 गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है. वहीं ग्वालियर का पेहसारी डैम, मुरैना का कोटवाल टेंक डैम, गुना का गोपी कृष्ण सागर और श्योपुर का ओडा डैम आधे से एक मीटर खाली है. यदि इनके बहाव वाले जिलों में थोड़ी सी बारिश और होती है. इनके गेट खोलने पड़ सकते हैं.
इसलिए मध्य प्रदेश में जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि "झारखंड के आसपास लो प्रेशर एरिया बना हुआ है. इससे जुड़ा एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन हवा की ऊपरी सतह पर 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है. एक अन्य ट्रफ दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश से उत्तरी मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ से होकर झारखंड के आसपास क्षेत्रों पर बने लो प्रेशर एरिया से जुड़े साईक्लोन सकुर्लेशन तक विस्तृत है. जबकि एक अन्य ट्रफ उत्तर-पूर्व अरब सागर से दक्षिण गुजरात क्षेत्र, उत्तरी मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़ से होकर झारखंड में बने लो प्रेशर एरिया से जुड़े साइक्लोन सर्कुलेशन तक विस्तृत है. ऐसे में अगले 5 दिनों तक मध्य प्रदेश में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है.
आज इन 20 जिलों अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
नर्मदापुरम, बैतूल, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, मैहर और पांढुर्णा जिले में अति भारी बारिश का आरेंज अलर्ट जारी किया गया है. यहां बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर से हवा चलने की संभावना भी है. जबकि विदिशा, रायसेन, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, श्योपुरकलां, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है. यहां 4.5 इंच तक बारिश की संभावना है.
शनिवार को इन जिलों में गिर सकता है 8 इंच तक पानी
नर्मदापुरम, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला और दमोह में अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. यहां 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना है. इसके साथ ही मौसम विभाग ने बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है. वहीं भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, बैतूल, हरदा, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, श्योपुरकलां, रीवा, मऊगंज, सतना, उमरिया, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पन्ना, सागर, छतरपुर, मैहर और पांढुर्णा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
13 जुलाई को 8 में ऑरेंज और 30 जिलों में येलो अलर्ट
हरदा, खंडवा, खरगौन, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन और देवास में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, मुरैना, श्योपुरकलां, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, सागर, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.
14 जुलाई को इन जिलों में होगी भारी बारिश
खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर और रतलाम में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि राजगढ़, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, उज्जैन, देवास, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
CM मोहन यादव करेंगे दो देशों का दौरा, निवेश के लिए बनेगी अफसरों की विशेष टीम
11 Jul, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
CM Dubai Spain Tour: सीएम डॉ. मोहन यादव 6 दिवसीय विदेश यात्रा पर 13 जुलाई को रवाना होंगे। इसके लिए 12 जुलाई को वह भोपाल से दिल्ली जाएंगे। उनके साथ 10 अफसरों का दल होगा। जिसमें सीएम कार्यालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई मुख्य होंगे। दो हिस्सों में यह यात्रा होगी। शुरु के 3 दिन वह दुबई में रहेंगे और अंतिम 3 दिन स्पेन में बिताएंगे। इस दौरान पूरा जोर मध्यप्रदेश में निवेश लाने पर रहेगा। (mp news)
वन टू वन होगी चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोनों ही देशों के उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे। वहां की सरकार के प्रतिनिधियों से भी निवेश पर संवाद होंगे। यही नहीं, मुख्यमंत्री व उनके साथ मौजूद अफसरों का दल मप्र के पुरातात्विक, वाइल्डलाइफ, धार्मिक व ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों समेत सभी प्रकार की खूबियों को दोनों देशों के सामने रखेंगे।
10 अफसरों के दल में ये होंगे शामिल
अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई के अलावा प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह, संस्कृति विभाग और पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला, औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला, सीएम कार्यालय में सचिव इलैया राजा टी और आयुक्त जनसंपर्क सुदाम पी खाड़े मुख्य होंगे। सूत्रों के मुताबिक इसके अलावा भी दल में कुछ अफसर शामिल हो सकते हैं। ये टीम अधिक से अधिक लोगों को प्रदेश में निवेश को प्रेरित करेगी।
नवंबर में की थी यूके और जर्मनी की यात्रा
मुख्यमंत्री नवंबर 2024 में यूके व जर्मनी की यात्रा कर चुके हैं, उसके बाद जनवरी 2025 में चार दिन के लिए जापान भी गए थे। तब उन्होंने तीनों देशों के साथ औद्योगिक निवेश पर बातचीत की थी, इसका असर भोपाल के मानव संग्रहालय में 24 व 25 फरवरी को हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में देखने को भी मिला था। तब इन देशों के निवेशक शामिल हुए थे।
इंदौर कॉन्क्लेव में निवेशकों से मिलेंगे सीएम
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव निवेशकों से संवाद करेंगे।कॉन्क्लेव में देश के 1500 से अधिक निवेशकों, उद्योगपतियों, कॉर्परिट प्रतिनिधियों की सहभागिता होगी। सीएम दोपहर 1.30 बजे कॉन्क्लेव स्थल पर पहुंचकर एक्जीबिशन का अवलोकन करेंगे, उसके बाद चार सत्रों में बैठक कर चर्चा करेंगे।
पहली विदेश यात्रा में गए थे लंदन
पहली विदेश यात्रा में मप्र को लंदन के 12 प्रमुख औद्योगिक घरानों ने 59 हजार 350 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए थे। इनमें रोजगार के अवसर भी शामिल हैं।
जर्मनी : मुख्यमंत्री यहां 12 प्रमुख औद्योगिक घरानों के प्रमुखों से मिले थे, वन-टू-वन बातचीत की थे। जिसमें 17 हजार 890 करोड़ के निवेश का भरोसा मिला था।
स्टेशन पर RPF की सख्ती: चलती ट्रेन में चढ़ना या कूदना पड़ सकता है भारी
11 Jul, 2025 08:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त श्री प्रशांत यादव के निर्देशानुसार आउट पोस्ट नर्मदापुरम अंतर्गत यात्री जागरूकता अभियान का आयोजन स्टेशन परिसर एवं समीपवर्ती क्षेत्र में किया गया। इस अभियान के अंतर्गत उप निरीक्षक संतोष पटेल मय स्टाफ द्वारा रानी कमलापति पोस्ट के निर्देश में नर्मदापुरम स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक 01 एवं 02, आरक्षित टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय एवं सर्कुलेटिंग एरिया में यात्रियों को रेलवे से संबंधित सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान लगभग 40 से अधिक यात्रियों से सीधा संवाद कर उन्हें विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई। यात्रियों को विशेष रूप से यह समझाया गया कि बिना कारण चेन पुलिंग (ACP) न करें, क्योंकि यह एक दंडनीय अपराध है। इसके अतिरिक्त, यात्रियों को बताया गया कि वे अपने सामान की सुरक्षा स्वयं सुनिश्चित करें, मोबाइल चार्जिंग के दौरान सतर्क रहें तथा अनजान व्यक्ति से कोई खाद्य सामग्री ग्रहण न करें।
अभियान के दौरान यह भी समझाया गया कि रेलवे ट्रैक पार करना खतरनाक एवं कानूनन वर्जित है — यात्रियों को निर्धारित पैदल पुल अथवा अंडरपास का प्रयोग करना चाहिए। महिलाओं को उनकी सुरक्षा के प्रति सजग किया गया तथा ट्रेनों में यात्रा के दौरान ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर प्रतिबंध की जानकारी दी गई। इसी क्रम में स्टेशन से लगे आसपास की बस्ती में जाकर बच्चों एवं युवाओं को ट्रेनों में पत्थरबाज़ी जैसे कृत्य से दूर रहने की अपील की गई। यह भी बताया गया कि ऐसा करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि दूसरों की जान-माल की सुरक्षा के लिए खतरा भी उत्पन्न करता है।इस जन-जागरूकता अभियान का उद्देश्य यात्रियों में सुरक्षा, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है ताकि रेलवे परिसरों और ट्रेनों में यात्रा को अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाया जा सके।
गड्ढों पर राजनीति गरमाई, प्रहलाद पटेल बोले, सड़कों पर कांग्रेस की हालत
11 Jul, 2025 08:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में सड़कों पर गड्ढे वाले राकेश सिंह के बयान को लेकर सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। राकेश सिंह के बयान पर कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल ने भी टिप्पणई की है। प्रहलाद पटेल ने कहा, कांग्रेस के समय तो सड़कें ही नहीं होती थीं और कांग्रेस आज तमाशा कर रही है।
गड्ढे खोजकर फोटो डालना जालसाजी है
प्रहलाद पटेल ने कहा, ‘मुझे लगता है कांग्रेस बिना वजह तमाशा कर रही है। हम सब इस बात के गवाह हैं कि कांग्रेस के समय सड़के कहां थी। कांग्रेस के समय सड़कें नहीं थी. दूसरी बाद ये है कि जहां भी गड्ढे हैं वहीं की फोटो डालो। ये एक तरह जालसाजी है। मीडिया में कोई मुद्दा दिखाया जाता है तो सरकार उसे सलाह की तरह लेती है। लेकिन कांग्रेस के पाखंड से सहमत नहीं हूं।
राकेश सिंह के बयान के बाद मचा घमासान
मंत्री राकेश सिंह ने सड़कों में गड्ढों को लेकर एक अजीबोगरीब बयान दिया था। उन्होंने कहा- ‘जब तक सड़कें रहेंगी तब तक गड्ढे होते रहेंगे। दुनिया में ऐसी कोई सड़क नहीं है, जिसमें गड्ढा होता ही नहीं है। ऐसी तकनीक अब तक PWD के ध्यान में नहीं आई है। वर्षाकाल में सड़कों पर गड्ढे कब नहीं हुए और किस राज्य में नहीं हुए। हम जिनको तकनीक की दृष्टि में देश में सबसे बेहतर मानते हैं क्या वहां गड्ढे नहीं हैं? चुनौतियों का सामना करते हुए उसे जनता के अनुरूप करना कठिन है। उस कठिनाई का हम सामना कर रहे हैं। कहां गड्ढे नहीं होते बरसात में? कौन सा ऐसा राज्य है जहां सड़कों पर गड्ढे न हुए हों? इसका मतलब यह नहीं कि गड्ढे होना चाहिए। सड़कों की गुणवत्ता ऐसी होना चाहिए कि गड्ढे न हों. हैवी रेन और अनुमान से अधिक हैवी ट्रैफिक के कारण गड्ढे होते हैं। मैं यह नहीं कहता कि हमेशा क़्वालिटी अच्छी होती है। अगर उतनी अच्छी होती तो गड्ढे नहीं होते। इन चुनौतियों से निपटने के लिए हम बदलाव करने जा रहे हैं।
महाकाल की नगरी में गूंजे हर हर महादेव, सीएम मोहन यादव ने कांवड़ यात्रा की शुरुआत की
11 Jul, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उज्जैन: श्रावण महीने की आज से शुरूआत हो गई है. विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल की नगरी उज्जयनी में कांवड़ यात्रियों का प्रवेश शुरू हो गया है. श्रावण महीने के पहले दिन महाकाल की नगरी में समर्पण कांवड़ यात्रा के नाम से कांवड़िए बोल बम के जयकारे लगाते हुए महामंडलेश्वर स्वामी उत्तम महाराज के नेतृत्व में पहुंचे. यात्रा में बच्चे, महिलाएं, युवा, बुजुर्ग सभी शामिल हैं. कांवड़ यात्रा पहुंचने पर सीएम मोहन यादव ने कांवड़ पूजन कर उनका स्वागत सत्कार किया.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उठाई कांवड़
कांवड़ यात्रा के उज्जैन शहर में प्रवेश करते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कावड़ यात्रियों का स्वागत सत्कार किया. उन्होंने सबसे पहले कांवड़ का पूजन किया इसके बाद सीएम मोहन यादव कांवड़ लेकर कुछ दूर पैदल चले. उन्होंने कांवड़ियों के साथ बोल बम के जयकारे भी लगाए. मुख्यमंत्री ने कावड़ यात्रा में शामिल कावड़ियों को संबोधित कर उनका उत्साह बढ़ाया.
'सरकार कांवड़ यात्रियों के लिए करेगी व्यवस्था'
सीएम मोहन यादव ने कांवड़ यात्रियों को संबोधित करते हुए कहा "वैसे तो समाज ही सक्षम है. कभी सरकार का सहारा समाज को नहीं लेना पड़ता. लेकिन मध्य प्रदेश सरकार कांवड़ यात्रियों के लिए हर व्यवस्था करेगी. कांवड़ यात्री जहां से भी प्रदेश में प्रवेश करेंगे और जहां तक उनको जाना वहां तक के सारे प्रबंधन में सरकार मदद करेगी. किसी प्रकार की व्यवस्था हो, आश्रय स्थान से लेकर जब जहां जो आवश्यकता होगी सरकार साथ खड़ी है."
उत्तम स्वामी महाराज के नेतृत्व में कांवड़ यात्रा
पहले दिन उज्जैन पहुंची कांवड़ समर्पण यात्रा के नाम से जानी जाती है, जो महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी महाराज के नेतृत्व में उज्जैन में प्रवेश किया. ये यात्रा शनि मंदिर से नानाखेड़ा, सिंधी कॉलोनी होते हुए हरिफाटक ब्रिज से महाकाल मंदिर पहुंचेगी.
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा "पावन पवित्र श्रावण माह में उज्जैन में महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी जी के नेतृत्व में निकलने वाली ये कांवड़ यात्रा है, जिसे वर्षों पूर्व शुरू किया गया था. सावन का पहला दिन सब कुछ अद्भुत है. कई प्रकार की संस्कृति हमारे देश में जो शिक्षा देती है. जल के माध्यम से कोई देश संकल्प नहीं लेता लेकिन भारत एक मात्र ऐसा देश है जहां जल लेकर संकल्प लिया जाता है. जल का महत्व वैज्ञानिक भी जानते हैं."
'गांव के कुएं और बावड़ियों का है जल'
महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी महाराज ने कहा "सीएम मोहन यादव, रामभागवत, ओम जैन और हम सभी ने 11 साल पहले इस यात्रा की शुरूआत की थी जो आज भव्य रूप में नजर आ रही है. ये जल कांवड़ यात्री किसी नदी से नहीं लाए है बल्कि ये जल गांव के कुएं, तालाब, बावड़ी से लाया गया जल है. गांव, शहर, प्रदेश, देश के विकास और समृद्धि की कामना लिए ये सभी कांवड़ यात्री आए हैं. गांव का जल महाकाल को अपर्ण करने से उस गांव में उन्नति और खुशहाली आती है."
सरकारी लापरवाही पर कोर्ट की सख्ती, 30 दिन में नियुक्ति और 7 लाख हर्जाना तय
11 Jul, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP News: ग्वालियर हाईकोर्ट(MP High Court) की एकल पीठ ने नायब तहसीलदार के पद पर चयनित होने के बाद भी नियुक्ति नहीं देने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को 30 दिन में नायब तहसीलदार के पद पर पोस्टिंग देने का आदेश देते हुए कहा कि यह एक ऐसा ज्वलंत मामला है, जहां राज्य शासन के अधिकारियों ने मनमाना, दुर्भावनापूर्ण, निरंकुश रवैया दिखाया।
2016 में नायब तहसीलदार के पद पर चयन के बाद वह अपनी सफलता का पूरा आनंद नहीं ले सका। उसके जीवन के सात साल बर्बाद कर दिए। न अभ्यावेदन का निराकरण किया, न नियुक्ति दी। इसलिए याचिकाकर्ता 7 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति (हर्जाना) पाने अधिकार रखता है। हर्जाने की राशि उस अधिकारी से वसूली जाएगी, जिसने मनमाना रवैया अपनाया।
विभाग की मनमानी
कांच मिल रोड ग्वालियर निवासी अतिराज सेंगर पीएससी द्वारा वर्ष 2013 में तहसीलदार पद पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में शामिल हुए थे। 2016 में रिजल्ट घोषित किया गया। अतिराज सेंगर को सामान्य श्रेणी की प्रतिक्षा सूची (श्रवण बाधित) में 16 नंबर पर रखा गया। इस श्रेणी में चयनित एक मात्र व्यक्ति अमित कुमार तिवारी थे, लेकिन उन्होंने पदभार ग्रहण नहीं किया। इस कारण एमपी पीएससी ने अतिराज के नाम की अनुशंसा की। विभाग को 2018 में अनुशंसा प्राप्त हो गई। नियुक्ति के लिए राजस्व विभाग में पत्राचार किया, लेकिन राजस्व विभाग ने उनके अभ्यावेदन पर ध्यान नहीं दिया, उन्हें नियुक्ति नहीं दी। इसके चलते हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
एक साल बाद दी थी सूची
राज्य शासन ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि चयन सूची एक साल के लिए थी। 2016 में शुरू होकर 2017 में समाप्त हो गई। इसलिए नियुक्ति नहीं दी जा सकती है। पीएससी ने परिणाम घोषित होने के एक साल बाद नाम की सिफारिश की थी। जब वह सूची अस्तित्व में नहीं थी, तो याचिकाकर्ता को नियुक्ति का सवाल ही नहीं होता है, इसलिए याचिका खारिज किए जाने योग्य है।
सादगी की मिसाल: सीएम मोहन यादव ने सड़क किनारे खरीदे आम
11 Jul, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
CM Mohan Yadav Buying Fruits: सीएम मोहन यादव को अचानक सड़क पर देख हर कोई हैरान रह गया। कोई काफिला ना कोई गार्ड, अकेले सीएम कार से उतरे और सड़क पर पैदल चलते हुए न्यू मार्केट के फल बाजार में पहुंच गए। यहां उन्हें एक आम आदमी की तरह फल खरीदता देख हर कोई हैरान रह गया। दुकान हों या बाजार में आने वाले भोपाल निवासी, हर कोई उन्हें भौचक्क होकर देखता नजर आया।
न्यू मार्केट के फल विक्रेताओं से खरीदे फल
सीएम मोहन यादव अपने चिर-परिचित अंदाज में सारे प्रोटोकॉल तोड़ते हुए जनता के बीच अकेले पहुंचे थे। उन्हें सड़क पर देख लोग जहां खड़े थे वहीं रुक गए, आपस में बातचीत करने लगे कि आखिर सीएम ऐसे अचानक… लेकिन किसी पर एक्शन लेने नहीं यहां सीएम फल खरीदने पहुंचे थे।
फल विक्रेताओं से की बात, जाना व्यवस्थाओं का हाल
इस दौरान सीएम मोहन यादव ने ठेले पर फल बेचते नजर आए फल विक्रेताओं से फल तो खरीदे, साथ ही उनसे उनके व्यवसाय के बारे में बातचीत भी की। मार्केट में व्यवस्थाओं को लेकर ना केवल फल विक्रेताओं से बल्कि वहां चलते-फिरते या खरीदारी करते नजर आए भोपाल के लोगों से भी हाल जाना।
फल खरीदने के बाद सीएम ने किया ई-पेमेंट
सीएम मोहन यादव ने फल खरीदने के बाद फल विक्रेता को कैश के बजाय ई-पेमेंट किया। पीएम नरेंद्र मोदी के ई-बैंकिंग के सपने को पूरा करने में सहयोग देते नजर आए सीएम मोहन यादव ने फल विक्रेताओं के साथ ही अन्य खरीदारों को भी ई-पेमेंट के लिए प्रेरित किया।
ट्रैफिक रूल्स का किया पालन
सीएम मोहन यादव ने प्रोटोकॉल भले ही तोड़ दिया, लेकिन ट्रैफिक रूल्स को वो सख्ती से फॉलो करते नजर आए। न्यू मार्केट जाते समय चौराहे पर आने वाली ट्रैफिक लाइट की लाल बत्ती जलते देख वे तब तक रुके रहे, जब तक कि ग्रीन सिग्नल नहीं हो गया। ग्रीन सिग्नल होने के बाद ही वे आगे बढ़े और सीधे न्यू मार्केट पहुंचे। उन्होंने इस तरह सीधा संदेश दिया कि कानून का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है, फिर चाहे वह आम हो या खास कानून सबके लिए बराबर हैं।
बता दें कि सीएम मोहन यादव अपनी कार से न्यू मार्केट पहुंचे। यहां 15 मिनट में उन्होंने फल खरीदे, ई पेमेंट किया और अपने घर लौट गए। उनका यह अंदाज देख लोग चकित तो थे ही लेकिन उनकी सादगी से भी प्रभावित नजर आए कि इतने बड़े पद पर बैठा शख्स कॉमन मैन की तरह मार्केट तक पहुंचा।
लक्ष्मण सिंह का बड़ा बयान: कांग्रेस छोड़ने के संकेत, नई पार्टी का ऐलान संभव
11 Jul, 2025 04:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह ने कांग्रेस से निष्कासन को लेकर बड़ा बयान दिया। लक्ष्मण सिंह ने बताया कि, उन्हें केवल इसलिए कांग्रेस पार्टी से बाहर कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने पहलगाम में हुई आतंकी घटना के बाद पार्टी के शीर्ष नेताओं की कार्यशैली और बयानों पर सवाल उठाए थे। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि, कांग्रेस में वही रह सकता है, जो सिर्फ एक ही बात कहे कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे, लेकिन मैं ऐसा नहीं कह सकता।
लक्ष्मण सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व पर उठाए सवाल
पत्रकारों से बात करते हुए लक्ष्मण सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि, आतंकवाद के लिए कश्मीर में अब्दुल्ला परिवार जिम्मेदार है। जब आतंकी घटनाएं होती हैं, तो कांग्रेस के बयान राष्ट्रविरोधी प्रतीत होते हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि, वह संसद में सेना की रणनीति पर सवाल करते हैं, जबकि उन्हें यह पता होना चाहिए कि संसद में केवल सेना के बजट पर चर्चा हो सकती है, न कि रणनीति पर। लक्ष्मण सिंह ने इसे राष्ट्रविरोधी कृत्य करार दिया।
नई पार्टी के गठन पर गंभीर विचार चल रहा है
उन्होंने आगे कहा कि, फिलहाल न तो भारतीय जनता पार्टी में और न ही किसी अन्य पार्टी में जाएंगे, बल्कि वह प्रदेशभर के गांव-गांव, शहर-शहर घूमकर आम लोगों और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे। पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह ने आगे कहा कि, नई पार्टी के गठन पर गंभीर विचार चल रहा है, जिसमें हाईकमान जैसी कोई व्यवस्था नहीं होगी। निर्णय कार्यकर्ता आपसी विचार-विमर्श से लेंगे।
मैं न तो भाजपा में जाऊंगा, न भाजपा मुझे लेगी
लक्ष्मण सिंह ने कहा - मैं न तो भाजपा में जाऊंगा, न भाजपा मुझे लेगी। वहां पहले से ही कांग्रेस से आए कई नेता हैं। कांग्रेस की नीतियों के कारण ही कई राज्यों में पार्टी टूटकर क्षेत्रीय कांग्रेस में तब्दील हो चुकी है। इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि, कार्यकर्ता ही किसी भी पार्टी की असली ताकत होते हैं, लेकिन कांग्रेस में अब कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी जाती। पूर्व विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि, बड़े भाई दिग्विजय सिंह से राजनीतिक स्तर पर लंबे समय से कोई चर्चा नहीं हुई है। पारिवारिक रिश्ते यथावत हैं, लेकिन राजनीतिक मामलों पर दोनों अपनी स्वतंत्र राय रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम अपने संगठन को इतना मजबूत बनाएंगे कि वर्तमान कांग्रेस को हमसे समर्थन लेना पड़ेगा। जहां हम मजबूत है, हम लड़ेंगे. जहां वे मजबूत हैं, हम उनका समर्थन करेंगे। हम मिलकर लड़ेंगे तो बीजेपी हारेगी।
कई नेताओं को हासिये पर डाला गया
बीजेपी प्रवक्ता शिवम शुक्ला ने कहा कि जिस प्रकार परिवार विशेष को स्थापित करने के लिए और व्यक्ति विशेष की नाकामियों को छिपाने के लिए कई नेताओं को हासिये पर डाला गया। इसको फिर से उजागर करने का काम किया. कांग्रेस में जो असंख्य लोग मैदानी स्तर पर काम कर रहे हैं, उन्हें सोचने की जरूरत है. लोकतांत्रिक स्तर पर आवाज उठाता है तो उसे पार्टी से बाहर निकाल दिया जाता है।
नई पार्टी बनाते हैं, तब भी स्वागत है
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष जेपी धनोपिया ने कहा कि उन्हें बीजेपी पार्टी का अनुभव है, उन्हें कांग्रेस पार्टी का अनुभव है। वे नई पार्टी बनाते हैं, तब भी उनका स्वागत है। प्रशासनिक कार्यों का अनुभव है और मुख्यमंत्री जी के भाई रहे हैं. कांग्रेस ने उन पर अनुशासनहीनता को लेकर एक्शन लिया था। वे बीजेपी में जाते हैं तब भी स्वागत है. उनके मामले में निर्णय हाईकमान को लेना है।
जनसंख्या दिवस की तारीख पर फजीहत, मंत्री बोले- सुधार करेंगे
11 Jul, 2025 02:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। हर साल 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के रूप में मनाया जाता है, लेकिन मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने गुरुवार यानी 10 जुलाई को का इस मना लिया। विश्व जनसंख्या दिवस के आयोजन को लेकर अब शिक्षा विभाग का मजाक बन रहा है। अब ये पूरा मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इस कैलेण्डर में एक तरफ सीएम मोहन यादव और स्कूल शिक्षामंत्री उदय प्रताप सिंह का फोटो भी लगी है। निगरानी के बाद भी लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों की गलती साफ नजर आ रही है।
क्यों हुई गफलत?
लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों को साल 2025-26 का कैलेंडर दिया था. इसमें प्रिटिंग मिस्टेक हो गई, 11 जुलाई की जगह 10 जुलाई को जनसंख्या दिवस के रूप में प्रिंट हो गया। जनसंख्या दिवस से जुड़े कार्यक्रम को लेकर आदेश भी जारी हुआ।
DPI आयुक्त शिल्पा गुप्ता की निगरानी में हुई प्रूफ रीडिंग
वैसे तो शिक्षा विभाग अपने कारनामों से हमेशा से ही में चर्चाओं में रहता हैं। अबकी बार तो शिक्षा विभाग ने विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई के बजाए 10 जुलाई को ही मनाने का आदेश दे डाला. लोक शिक्षण संचालनालय के 2025-26 के जारी शैक्षणिक कैलेंडर में विश्व जनसंख्या दिवस को लेकर बड़ी ख़ामी नजर आई है। इस कैलेण्डर में एक तरफ सीएम मोहन यादव और स्कूल शिक्षामंत्री उदय प्रताप सिंह का फोटो भी लगी है। निगरानी के बाद भी लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों की गलती साफ नजर आ रही है कैलेंडर की छपाई से पहले अधिकारियों की गठित समिति कई स्तर पर इसकी प्रूफ रीडिंग करती है, लेकिन फिर भी विभाग ऐसी चूक कर गया।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने माना मामला गंभीर है
छात्र-छात्राओं को शिक्षित करने वाले शिक्षा विभाग का ही मजाक अधिकारियों ने बना दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या शिक्षा विभाग फिर यह प्रिंटिंग प्रेस की गलती कह कर अपने दायित्व से मुक्त होगा या गठित समिति के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने माना की मामला गंभीर है और लापरवाही हुई है। स्कूल शिक्षा मंत्री का कहना है कि गलती है सुधार दी जाएगी।
नदी में नहाते समय महिला पर मगरमच्छ का हमला, दमोह में दर्दनाक हादसा
11 Jul, 2025 02:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दमोह। दमोह जिले के नोहटा थाना के कनिया घाट पटी गांव से निकली व्यारमा नदी में शुक्रवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। नदी पर अपनी साथी महिलाओं के साथ नहाने गई एक महिला को मगरमच्छ ने खींच लिया और नदी के पानी में ले गया। ग्रामीणों ने तत्काल पीछा किया तो करीब एक घंटे बाद महिला का शव नदी के दूसरे घाट पर मिल गया। शव बाहर निकालने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने अभाना में जाम लगा दिया। जिसे प्रशासन ने खुलवाया और उचित मुआवजे के साथ मगरमच्छ को पकड़ने की बात कही गई। उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
जानकारी के अनुसार मालतीबाई पति मेघराज सिंह नदी में नहाने गई थी। तभी अचानक मगरमच्छ ने उस पर हमला बोल दिया और उसके पैर को दबोच कर उसे अपने साथ खींच कर गहरे पानी में ले गया। इस दौरान ग्रामीणों ने महिला को ले जाते मगरमच्छ का वीडियो भी बनाया और पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग की टीम और एसडीआरएफ की टीम गांव पहुंची और महिला को खोजने का प्रयास किया। ग्रामीण लगातार मगरमच्छ का पीछा कर रहे थे। करीब एक घंटे बाद नदी के दूसरे छोर पर महिला का शव झाड़ियों में फंसा मिला।
महिला की मौत की खबर सुनने के बाद पूरा गांव नदी किनारे एकत्रित हो गया है। घटना को लेकर लोग दुखी भी हैं और दहशत में भी है हालांकि वन विभाग के द्वारा मगरमच्छ के जोखिम से संभावित कई चिन्हित स्थानों पर नदी के किनारे मगरमच्छ के होने की चेतावनी के बोर्ड लगाए गए हैं। मुनादी भी कराई जाती है। रात के समय या अकेले में नदी किनारे न जाएं। बीते दो वर्ष से दमोह जिले में मगरमच्छ के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसका प्रमुख कारण है नदियों में मगरमच्छों की संख्या बढ़ना, जो कई बार नदी से निकलकर गांव तक पहुंच जाते हैं।
आठ साल के बालक को ले गया था मगरमच्छ
पिछले साल इसी गांव के नजदीक हटरी गांव में अपने पिता के साथ नहा रहे एक आठ साल के बालक को मगरमच्छ पानी में खींच ले गया था। जिसका अगले दिन शव मिला था।
परिजनों ने लगाया जाम
मगरमच्छ के हमले में महिला की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने अभाना गांव में सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिस कारण दमोह जबलपुर हाईवे पर जाम लग गया। नायब तहसीलदार आशुतोष गुप्ता, थाना प्रभारी अभिषेक पटेल, उपवन मंडल अधिकारी एमडी मानिकपुरी, रेंजर विक्रम चौधरी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाइश दी। अधिकारियों ने उचित मुआवजे का आश्वासन दिया। व्यारमा नदी में मौजूद मगरमच्छ का भी रेस्क्यू कर उसे बाहर निकालने की बात कही। तब परिजन माने और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया।
वनाधिकार पट्टा और पीएम आवास से मुरिया परिवार को मिला नया जीवन
वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
राज्यपाल पटेल से भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले
मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये करें समन्वित प्रयास : मंत्री कुशवाह
लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन
चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर
कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल
द्वारका नगरी योजना से शहरी विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से बदली तस्वीर
