मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में बारिश का कहर जारी, मुरैना में 67% बारिश से टूटा दो दशकों का रिकॉर्ड
17 Jul, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुरैना : लगातार हो रही झमाझम बारिश ने मुरैना चंबल अंचल में दो दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक 15 जुलाई तक 67 प्रतिशत बारिश हो चुकी है. अत्यधिक बारिश के चलते डैम ओव्हर फ्लो होने की कगार पर हैं. पगारा डैम के गेट खुलने से अब सांक नदी में भी बाढ़ के आसार बनने लगे है. वहीं, क्वारी नदी पर बने तीन रपटे पानी मे डूब गए है.
जिला प्रशासन ने चम्बल, क्वारी व सांक नदी में लगातार बढ़ रहे जल स्तर को देखते हुए 91 गांवों के अलर्ट जारी किया है. पुलिस व अन्य विभाग की टीमें नदियों के बढ़ते जल स्तर पर निगरानी रखे हुए हैं.
जितनी अगस्त तक होनी थी उतनी बारिश 15 दिनों में
मुरैना चम्बल-अंचल में पिछले 5 साल के आंकड़े देखे जाएं तो अगस्त के अंतिम सप्ताह तक इतनी बारिश होती थी. वहीं जून से अबतक की बारिश ने दो दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. अत्यधिक बारिश होने से क्वारी नदी का जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. बागचीनी घाट पर क्वारी नदी का जल स्तर 168. 98 के निशान को छू रहा है. इससे क्वारी नदी पर बने बागचीनी और पलपुरा रपटा सहित तीन रपटे पानी में डूब गए हैय नदी किनारे करीब एक किलो मीटर के दायरे में बसे गांवों में क्वारी नदी का पानी पहुंच गया है.
91 गांवों में अलर्ट जारी
उधर पगारा डैम ओव्हर फ्लो होने से बीती रात एक गेट ऑटोमैटिक खुल गया. इससे सांक नदी में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. जिला प्रशासन ने चम्बल, क्वारी तथा सांक नदी के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए 91 गांवों में अलर्ट जारी करवा दिया है. वहीं पानी मे डूबे रपटों के दोनों ओर सूचना पटल लगाकर पुलिस गार्ड भी लगा दिए गए हैं, जिससे कोई हादसा न हो. हालांकि चम्बल अभी खतरे के निशान से 10 मीटर नीचे बह रही है.
एडीएम सीबी प्रसाद ने कहा, '' बाढ़-आपदा की स्थिति से निपटने के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैंं. चम्बल, क्वारी व सांक नदी के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए 91 गांवों में बाढ़ का खतरा है, इसलिए अलर्ट जारी करवा दिया है. बाढ़ के दौरान लोगों के रहने के लिए जिले भर में 60 शेल्टर होम बनाए गए हैं.''
जुलाई में 15 साल बाद खुले पगारा डैम के गेट
मुरैना जिले की जौरा तहसील के पगारा डैम के एक गेट से लगभग 3000 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है. डैम के कैचमेंट एरिया में और पानी आया तो और ऑटोमेटिक गेट खुलते चले जाएंगे. बता दें कि पगारा डैम के गेट 15 साल बाद जुलाई महीने में अधिक वर्षा के कारण पहली बार खुले हैं.
7वें वेतनमान के हिसाब से मिलेगा वेतन, इन कर्मचारियों के पक्ष में हाईकोर्ट ने जारी किया आदेश
17 Jul, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जबलपुर : मप्र हाईकोर्ट ने अपने अहम आदेश में अनुदान प्राप्त महाविद्यालय के प्राध्यापकों के पक्ष में राहतकारी आदेश जारी किए हैं. एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि 31 मार्च 2000 के पहले से नियुक्त प्राध्यापकों को 1 जनवरी 2016 से प्रभावी सातवें वेतनमान के हिसाब से वेतन व अन्य लाभ प्रदान किए जाएं.
याचिकाकर्ताओं को करें 25 फीसदी एरियर्स का भुगतान
एकलपीठ ने सरकार को आदेशित किया है कि आगामी चार माह के अंदर याचिकाकर्ताओं को 25 फीसदी एरियर का भुगतान करें. इसके साथ ही न्यायालय ने कहा है कि सेवानिवृत्त प्राध्यापकों को शेष एरियर्स का भुगतान आगामी 9 माह के भीतर किया जाए. इसके अलावा जो प्राध्यापक अभी सेवा में हैं, उन्हें आगामी 12 माह के भीतर शेष एरियर्स का भुगतान करना होगा. एकलपीठ ने स्पष्ट कहा कि उक्त समय अवधि में भुगतान नहीं होने पर 6 फीसदी ब्याज का भुगतान भी करना होगा.
क्या है पूरा मामला?
जबलपुर निवासी मप्र अशासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. ज्ञानेंद्र त्रिपाठी व डॉ. शैलेश जैन की ओर से ये याचिका दायर की गई थी. याचिका में कहा गया था कि सातवें वेतनमान की अनुशंसा के बाद राज्य सरकार ने 18 जनवरी 2019 को परिपत्र जारी कर शासकीय महाविद्यालय के प्राध्यापकों को उक्त पुनरीक्षित वेतनमान का लाभ प्रदान करने के आदेश जारी किए थे. लेकिन राज्य सरकार ने 27 फरवरी 2024 को अशासकीय अनुदान प्राप्त महाविद्यालय के प्राध्यापकों को सातवें वेतनमान का लाभ प्रदान करने से इंकार कर दिया.
इसके खिलाफ पूर्व में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई करते हुए पूर्व में हाईकोर्ट ने अशासकीय अनुदान प्राप्त महाविद्यालय के प्राध्यापकों को सातवें वेतनमान का लाभ प्रदान करने आदेश जारी किए थे.
सरकार के खिलाफ दायर हुई थी अवमानना याचिका
सरकार द्वारा आदेश के पालन नहीं करने पर अवमानना याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद सरकार ने उस आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी. अपील खारिज होने के बावजूद भी सरकार की ओर से आदेष का पालन नही किए जाने के कारण याचिका दायर की गई. याचिका का निराकरण करते हुए एकलपीठ ने राहतकारी आदेश जारी कर दिया है.
राजगढ़ एसपी के नाम से बनी फर्जी फेसबुक आईडी, ठग बेच रहे पुराना सामान
17 Jul, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजगढ़: साइबर ठगी करने वाले अब नामी गिरामी लोगों का सहारा लेकर आम लोगों को चूना लगा रहे हैं. राजगढ़ जिले में सोशल मीडिया के माध्यम से ठगने वाले एक गिरोह ने राजगढ़ एसपी अमित तोलानी के नाम से फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाई है. इस फर्जी आईडी पर एसपी अमित तोलानी का फोटो लगाकर स्थानीय लोगों को मैसेंजर से मैसेज किए जा रहे हैं. यहां के एक स्थानीय निवासी ठगी का शिकार होने से बच गए. इधर मामले की जानकारी के बाद साइबर टीम जांच में जुट गई है.
पुराना सामान खरीदने को लेकर मैसेज
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से फेसबुक पर राजगढ़ एसपी अमित तोलानी के नाम से साइबर ठगों ने फर्जी फेसबुक आईडी बनाई हुई है. इस आईडी से फ्रेंड लिस्ट में शामिल राजगढ़ के स्थानीय लोगों को मैसेंजर के माध्यम से मैसेज भेजे जा गए. इस मैसेज में इलेक्ट्रॉनिक का पुराना सामान खरीदने के लिए कहा जा रहा था. इसी झांसे में यहां के एक स्थानीय निवासी आ गए और उन्होंने फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली. इसके बाद उन्हें ठगों ने अपने जाल में फंसा लिया.
कैसे फंसे राजगढ़ के ब्रजमोहन सरावत?
राजगढ़ के स्थानीय निवासी हिन्दू चेतना मंच के अध्यक्ष ब्रजमोहन सरावत भी फ्रेंड रिक्वेस्ट के झांसे में आ गए. उन्होंने एक वीडियो जारी कर बताया कि "उन्होंने फेसबुक पर राजगढ़ एसपी अमित तोलानी का नाम और फोटो लगी हुई एक प्रोफाइल देखी. जिस पर उन्होंने फ्रेंड रिक्वेस्ट सेंड की जो अगले दिन ही एक्सेप्ट भी हो गई. फिर उसी प्रोफाइल पर जन्मदिन का स्टेटस डला हुआ देखा तो उन्हें शुभकामनाएं दीं. मैसेंजर से मुझसे नाम ,काम और मोबाइल नंबर पूछा गया, जो मैंने बता दिया."
पुराना सामान बेचने को लेकर आया मैसेज
ब्रजमोहन सरावत ने बताया कि "इसके बाद मुझसे मैसेंजर के माध्यम से ही कहा गया कि, मेरा सीआरपीएफ में एक दोस्त है जिसका ट्रांसफर हो गया है, वह अपना पुराना सामान बेच रहा है जो आपको सस्ते में दे देगा. मैं आपका नंबर उसको दे रहा हूं. इसी तरह का मैसेज मेरे पास व्हाट्सएप पर भी आया और एक अंजान नंबर से काल भी आया. जिस पर ट्रू कॉलर से किसी और का नाम शो हो रहा था. जिसे में रिसीव नहीं कर पाया. इस नाम को देखकर मुझे शंका हुई और मैंने पूरी जानकारी पुलिस प्रशासन को दी. जिसके बाद ये पता चला कि ये फेसबुक आईडी फर्जी है."
'फर्जी आईडी वाले को किया जा रहा है ट्रेस'
इस मामले में राजगढ़ एसपी अमित तोलानी ने जानकारी देते कहा कि "फर्जी फेसबुक आईडी की जानकारी मिली है. संबंधित व्यक्ति को ट्रेस किया जा रहा है." इस मामले में साइबर सेल की टीम के मेंबर शशांक का कहना है कि "हमारी टीम फर्जी फेसबुक आईडी चलाने वाले व्यक्ति की जांच पड़ताल में जुटी है, जिसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा."
राजगढ़ पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
राजगढ़ पुलिस ने प्रेसनोट जारी करते हुए लोगों से अनुरोध किया है कि "कुछ अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों ने पुलिस अधीक्षक राजगढ़ के नाम से एक फर्जी फेसबुक आईडी बना ली है. ऐसे में उनके झांसे में ना आएं. ऐसे में समझदारी का परिचय दें और किसी भी प्रकार की पैसों की डिमांड पूरी न करें. जिले की साइबर सेल फेक आईडी के खिलाफ कार्रवाई में जुटी है."
MP में पौधारोपण को मिलेगी वैज्ञानिक दिशा, सॉफ्टवेयर देगा लोकेशन-सलाह
16 Jul, 2025 08:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में अब पौधारोपण से पहले जमीन की गुणवत्ता और पानी की उपलब्धता पता की जाएगी। उसके बाद ही पौधारोपण किया जाएगा। इसके लिए एक सॉफ्टवेयर डेवलप किया गया है। जिसका नाम सॉफ्टवेयर फॉर आईडेंटिफिकेशन एंड प्लानिंग ऑफ रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर ( सिपरी ) रखा गया है। मनरेगा परिषद इस एप द्वारा पहले जीआईएस से लोकेशन सर्च करेगी। जो वहां की जलवायु, भौगोलिक स्थिति, मिट्टी की संरचना और कौन-से पौधे यहां चलेंगे इसकी जानकारी देगा। इसके बाद ही पौधे लगाए जाएंगे।
सैटेलाइट इमेज के माध्यम से मौके की मॉनिटरिंग
मनरेगा परिषद के आयुक्त अवि प्रसाद ने बताया कि सही लोकेशन पर सही पौधे लगाने से वे विकसित हो सकेंगे। अब तक बिना मापदंड के पौधरोपण हो रहा था, लेकिन ज्यादातर मॉनीटरिंग और जलवायु के अनुसार नहीं होने से नष्ट हो जाते थे। अब सैटेलाइट इमेज के माध्यम से मौके की मॉनिटरिंग भी की जाएगी। सिपरी सॉफ्टवेयर को मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद और इसरो की मदद से डेवलप किया है। इसका उपयोग अभी तक सिर्फ जल संरक्षण परियोजनाओं में हो रहा था। अब पौधरोपण भी वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग और डेटा विश्लेषण के आधार पर होगा।
ऐसे काम करेगा यह एप
1- एप सैटेलाइट की मदद से पौधरोपण वाले स्थान की तस्वीर लेकर उसका विश्लेषण करेगा।
2- मौसम का पूर्वानुमान बताएगा। किस जगह पर्याप्त बारिश हुई है, यहां कौन-से पौधे लगेंगे। उनके लिए मिट्टी में पर्याप्त नमी है या नहीं।
3- कितने पौधे किस पद्धति से लगाए जाएंगे, इसकी भी अपडेट देगा।
4- जीयो टैग होने के बाद उसकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी हो सकेगी।
करोड़ों खर्च करने के बाद भी पौधे जाते हैं सूख
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में मनरेगा योजना के तहत हर साल पंचायतें पौधे लगाती हैं। इसमें मैन्युअल ही जानकारी दी जाती है कि यहां इतने पौधे लगाए हैं। जब जनप्रतिनिधि निरीक्षण पर पहुंचते तो जितने पौधे लगाना बताए जाते उतने नहीं मिलते। पूछने पर कहा जाता है कि कुछ पौधे चले नहीं। मॉनिटरिंग भी सही तरीके से नहीं हो पाती। ऐसे में करोड़ों खर्च करने के बाद भी पौधरोपण सफल नहीं हो रहा। सिपरी की मदद से पौधरोपण की वस्तुस्थिति जानने इंजीनियरों के भरोसे नहीं रहना होगा।
16 जिलों में किया जा रहा पौधारोपण
नर्मदा परिक्रमा पथ पर स्थित आश्रय स्थलों के लगभग 233 स्थानों की लगभग 1000 एकड़ भूमि पर 43 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से लगभग 7.50 लाख पौधों का रोपण किया जा रहा है। पौधरोपण का कार्य 15 जुलाई मंगलवार से शुरू किया गया है। जो 15 अगस्त तक चलेगा। मां नर्मदा आश्रय स्थलों पर जिन जिलों में पौधरोपण किया जाएगा, उन 16 जिलों में अनूपपुर, डिंडोरी, मण्डला, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, हरदा, देवास, खंडवा एवं खरगोन शामिल हैं।
मोहन यादव का डिजिटाइज्ड डाटा प्रोजेक्ट लाभार्थियों को मिलेगा त्वरित और पारदर्शी भुगतान
16 Jul, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, सीएम कन्या विवाह, सीएम निकाह योजना, संबल योजना, दिव्यांग, बुजुर्ग और निराश्रित पेंशन योजना, पीएम उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान योजना सहित राज्य सकार की तमाम हितग्राही मूलक योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों के लिए अच्छी खबर है। उनके लिए अब सरकार सेट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) योजना लाने की तैयारी में है। इस योजना के लागू होने के बाद सरकारी योजनाओं के लाभ बैंक खातों में प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को अब बैंक खातों से राशि निकासी के लिए बैंकों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। UPI की तर्ज पर उसके ई-वॉलेट में यह राशि आएगी और वह अपनी दैनिक जरुरतों को पूरा करने डिजिटली इससे कभी भी भुगतान कर सकेगा। विभिन्न योजनाओं के आधार लिंक मोबाइल और बैंक खातों का उपयोग कर उनके ई-वॉलेट तैयार कराएगी। योजनाओं के लाभार्थियों को दी जाने वाली शासकीय योजनाओं की राशि सीधे उनके बैंक खाते और आधार लिंक मोबाइल से बनाए गए ई-वॉलेट में जाएगी। ई-वॉलेट से हितग्राही विभिन्न जरुरतों के लिए राशि खर्च कर पाएगा।
अभी तक ऐसे हो रहा था पेमेंट
अभी तक मध्य प्रदेश सरकार की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं में हितग्राही के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की जाती है।हितग्राही कहां खर्च कर रहा है, पैसा इसकी ऑनलाइन निगरानी भी होगी। ब्लॉक चैनल तकनीक का इस्तेमाल भी इसमें किया जाएगा। आरबीआई के टोकन की तरह डिजिटल राशि जारी की जाएगी। ई-वॉलेट के जरिए जो भी हितग्राही राशि खर्च करेगा उसकी भी ऑनलाईन निगरानी की जा सकेगी।
फर्जीवाड़ा भी रुकेगा, सरकार को नहीं होगा नुकसान
हितग्राही किस मद में किस तरह से यह राशि खर्च कर रहा है। जिस काम के लिए उसे राशि दी गई है। वह उस पर खर्च हो रही है या कहीं और खर्च हो रही है। योजना में राशि का इस्तेमाल हो रहा है या नहीं यह भी ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकेगा। यदि राशि का गलत इस्तेमाल हो रहा होगा तो योजना का स्वरुप बदलने पर भी विचार किया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य है कि फर्जीवाड़ा रुके, सहीं हाथो में राशि पहुंचे और जिस मंशा से सरकार ने राशि दी है वह मंशा पूरी हो सके। राशि दूसरे व्यक्ति क्या है डिजिटल करंसी के खाते में चली जाती है और शिकायत, जांच पड़ताल के बाद वास्तविक हितग्राही को उसका लाभ मिलने में समय लगता है।
दूसरे राज्यों में सफल रहा प्रयोग
वहीं बैंक खातों में राशि ट्रांसफर किए जाने के बाद हितग्राहियों को खर्च के लिए बैंकों में लाइनों में लगकर यह राशि निकालना होता है।उसके बाद ही वे इसका उपयोग कर पाते है। CBDC का मतलब है सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी, जो कि केंद्रीय बैंक द्वारा जारी की गई है. एक डिजिटल रूप में कानूनी मुद्रा है। यह मौजूदा कागजी मुद्रा के समान है, लेकिन डिजिटल रूप में और इसका उपयोग डिजिटल लेनदेन और भुगतान के लिए किया जा सकता है। हितग्राहियों को भुगतान के लिए ओडिशा और महाराष्ट्र राज्य सरकार इस योजना पर काम कर चुकी है. अब मध्यप्रदेश सरकार भी इस पर काम करने जा रही है।
ग्वालियर से भोपाल और प्रयागराज की यात्रा अब और सुविधाजनक, कोच वृद्धि की घोषणा
16 Jul, 2025 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। यात्रियों की सुविधा एवं बढ़ती मांग को देखते हुए, रेल प्रशासन द्वारा गाड़ी संख्या 12198/12197 ग्वालियर–भोपाल इंटरसिटी एक्सप्रेस तथा 11801/11802 ग्वालियर–प्रयागराज एक्सप्रेस की कोच संरचना में एक अतिरिक्त स्लीपर श्रेणी कोच को स्थायी रूप से जोड़ने का निर्णय लिया गया है।
यह कोच वृद्धि निम्नानुसार लागू की जाएगी:
• गाड़ी संख्या 12198 ग्वालियर–भोपाल इंटरसिटी एक्सप्रेस में दिनांक 19.07.2025 से
• गाड़ी संख्या 12197 भोपाल–ग्वालियर इंटरसिटी एक्सप्रेस में दिनांक 19.07.2025 से
• गाड़ी संख्या 11801 ग्वालियर–प्रयागराज एक्सप्रेस में दिनांक 20.07.2025 से
• गाड़ी संख्या 11802 प्रयागराज–ग्वालियर एक्सप्रेस में दिनांक 21.07.2025 से
इस वृद्धि के उपरांत अब इन गाड़ियों में कुल 19 ICF कोच रहेंगे, जिसमें स्लीपर श्रेणी के कोचों की संख्या बढ़कर तीन हो जाएगी।
रेल प्रशासन यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर सुविधाओं का विस्तार करता रहेगा।
सुरक्षित रेल यात्रा के लिए जागरूकता जरूरी—विदिशा स्टेशन पर आरपीएफ की पहल
16 Jul, 2025 06:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त के निर्देशन में ऑपरेशन जन जागरण के अंतर्गत यात्रियों की सुरक्षा एवं सतर्कता को लेकर रेल सुरक्षा बल, पोस्ट विदिशा द्वारा जागरूकता अभियान चलाया गया।
इस अभियान का नेतृत्व सहायक उप निरीक्षक श्री ए.पी. द्विवेदी द्वारा किया गया, जिनके साथ आरपीएफ स्टाफ ने विदिशा स्टेशन पर उपस्थित यात्रियों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें कई महत्वपूर्ण सुरक्षा मुद्दों पर जानकारी दी। यात्रियों को अनावश्यक चेन पुलिंग (ACP) न करने, ट्रेस पासिंग से बचने, बंद रेल फाटकों को पार न करने, रेल गाड़ियों में पत्थर नहीं फेंकने, चलती गाड़ी में चढ़ने-उतरने से बचने तथा ऐसे कृत्यों के दंडनीय होने की जानकारी दी गई।
साथ ही यात्रियों को जहरखुरानी, मानव तस्करी, महिला सुरक्षा, और यात्रियों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के संबंध में भी समझाइश दी गई। विशेष रूप से महिला यात्रियों को सतर्क रहने एवं किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या घटना की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने हेतु प्रेरित किया गया।
रेल सुरक्षा बल द्वारा यह भी बताया गया कि यदि स्टेशन अथवा ट्रेन में कोई लावारिस बच्चा दिखाई दे, तो उसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दी जाए। वहीं, यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी या सहायता की आवश्यकता होने पर रेल मदद नंबर 139 पर संपर्क करने का आग्रह किया गया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को जागरूक कर रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं अपराध-मुक्त बनाना है।
राखी पर बोनस नहीं, MP में लाडली बहनों को झटका! जाने क्या कारण?
16 Jul, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार हर महीने लाडली बहना योजना की राशि 10 से 15 तारीख के बीच जारी करती है। सीएम मोहन यादव ने 12 जुलाई को उज्जैन के नलवा गांव में लाडली बहना योजना की 26वीं किस्त जारी की। प्रदेश भर की 1.26 करोड़ हितग्राही महिलाओं के खाते में 1250 रुपये किस्त जारी की गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि का इस बार रक्षाबंधन के मौके पर 250 रुपये अतिरिक्त जमा किए जाएंगे।
इन लाडली बहनों को लग सकता है झटका
प्रदेश की कुछ लाडली बहनों को झटका लग सकता है। रक्षाबंधन पर मिलने वाली 250 रुपये की अतिरिक्त राशि उनके खाते में नहीं आएगी। इसकी सबसे बड़ी वजह E-KYC का ना होना है। सरकार ने योजना के तहत समग्र आईडी और ई-केवाईसी को जोड़ दिया है। जिन महिलाओं ने अभी तक ये प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनकी किस्त रुक सकती है।
कैसे कराएं E-KYC ?
समग्र पोर्टल (https: www.samagra.gov.in) पर जाकर या नजदीकी CSC सेंटर (Common Service Center), लोक सेवा केंद्र या पंचायत भवन में बायोमेट्रिक सत्यापन करवाएं। अब ओटीपी आधारित केवाईसी बंद हो गया है. आपको IRIS स्कैन या फिंगरप्रिंट के जरिए सत्यापन करना होता है। प्रक्रिया पूरी होने पर स्क्रीन पर Success का मैसेज जरूर देखें।
दीवाली से मिलेंगे 1500 रुपये
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में एक कार्यक्रम में घोषणा की है कि दिवाली पर लाडली बहना योजना की राशि की रकम बढ़ाकर 1500 रुपए प्रति महीने की जाएगी। यानी दिवाली से लाडली बहनों के खाते में 1500 रुपए आएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन में बोले– मोदी जी के विजन से होगा औद्योगिक क्रांति का विस्तार
16 Jul, 2025 04:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्पेन के मैड्रिड पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सीधे सरल व्यक्तित्व से सभी अभिभूत हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई से विमान द्वारा मैड्रिड पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को उद्योग संपन्न राज्य बनाने के लिए उनका यह प्रवास दुबई के जैसे ही सफल होगा। स्पेन दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मैड्रिड स्थित लालीगा (LaLiga) कार्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लालीगा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर खेल और युवा विकास को लेकर संभावित सहयोग पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में मुख्य रूप से मध्यप्रदेश में फुटबॉल प्रशिक्षण, ग्रासरूट स्तर पर प्रतिभा विकास और खेल अधोसंरचना के विस्तार जैसे अहम विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी प्रतिभा को तराशने के लिए प्रतिबद्ध है। लालीगा के साथ संभावित सहयोग से न केवल खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और अंतरराष्ट्रीय अवसरों के द्वार भी खुलेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रदेश में वैश्विक खेल भागीदारी के जरिये युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्पेन दौरे पर पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में मध्यप्रदेश सहित भारत के सभी राज्य एक छत के नीचे निवेश और उद्योग से रोजगार सम्पन्न बनाने के लिए निवेशकों को आमंत्रित कर रहे है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में वैश्विक निवेश और रोजगार के नये अवसरों को सृजित करने के लिये वहां के उद्योगपतियों को निवेश के लिये सरकार की सरल एवं उपयोगी नीतियों से अवगत करवायेंगे। इससे प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। रोजगार सृजन के साथ तकनीकी उन्नयन और संस्कृति से अवगत होकर निवेशकों के माध्यम से मध्यप्रदेश को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा। औद्योगिक विकास और आर्थिक रूप से समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने में उनकी यह यात्रा कारगर साबित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों को पर्यटन, आईटी एवं अधोसंरचना क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के लिये आकर्षित करेंगे।
प्रोत्साहन योजना में गड़बड़ी, मेधावी छात्रा का पैसा दूसरे राज्य में ट्रांसफर
16 Jul, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवपुरी। मध्य प्रदेश शासन की लैपटॉप योजना के तहत मिलने वाली राशि में हुई एक प्रशासनिक चूक के चलते शिवपुरी की एक होनहार छात्रा अपने हक से वंचित हो गई। मामला छात्रा मुस्कान कुशवाह का है, जिसने 12वीं की परीक्षा शिक्षा भारती बाल निकेतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से 83.2 प्रतिशत अंकों के साथ पास की थी और शासन की योजना के तहत उसे 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि मिलनी थी। लेकिन जब राशि जारी हुई, तो छात्रा के शिवपुरी के केनरा बैंक के खाते में भेजे जाने की बजाय गलती से यह राशि बिहार स्थित किसी अन्य व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कर दी गई।
छात्रा ने शिक्षा विभाग को दिया आवेदन
इस त्रुटि को लेकर छात्रा ने कई बार शिक्षा विभाग में आवेदन प्रस्तुत किए. प्राचार्य शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोर्ट रोड द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र क्रमांक 1356, दिनांक 9 अप्रैल 2025 को इस संबंध में जानकारी भी भेजी गई। जिसमें स्पष्ट उल्लेख किया गया कि छात्रा की राशि गलत खाते में चली गई और इसे सही खाते में ट्रांसफर किया जाना चाहिए।
कलेक्टर से लगाई गुहार
तीन महीने बीतने के बाद भी अब तक न तो राशि छात्रा को प्राप्त हुई और न ही किसी अधिकारी ने इस विषय में कोई कार्रवाई थक-हारकर छात्रा मुस्कान कुशवाह ने अब जनसुनवाई में कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है।मुस्कान का कहना है कि वह पढ़ाई में आगे बढ़ना चाहती है, लेकिन संसाधनों के अभाव में कठिनाई हो रही है। शासन की इस योजना से उसे पढ़ाई के लिए मदद मिलने की उम्मीद थी, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण वह आज भी उस राशि से वंचित है।
गलती से बिहार ट्रांसफर हुई राशि
इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव का कहना है कि अंक त्रुटि बस छात्रा की प्रोत्साहन राशि अन्य किसी खाते में चली गई है। विभाग द्वारा मुक्त बैंक और उसके खाताधारक से संपर्क कर राशि वापस कराई जाएगी। यदि इस प्रक्रिया में कोई भी परेशानी आती है तो सायबर सेल सेल में शिकायत दर्ज करा कर जल्द ही छात्र की प्रोत्साहन राशि उसे वापस दिलाई जाएगी।
हमारी उचित सुनवाई नहीं हुई
मुस्कान के पिता नवल किशोर कुशवाह ने बताया कि अप्रैल माह में अन्य बच्चों की प्रोत्साहन राशि आ गई थी लेकिन उसकी बेटी की राशि उसके खाते में नहीं आई थी। इसके बाद में विद्यालय से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर के चक्कर काटे लेकिन उनसे कुछ दिन बाद राशि आने की बात कही गई बाद में जब राशि नहीं आई। तब इसकी शिकायत कलेक्टर से भी की थी, लेकिन उचित सुनवाई नहीं हुई।
एक देश, दो कानून का आरोप, भाजपा‑कांग्रेस के बीच सांप्रदायिक बहस भड़क उठी
16 Jul, 2025 02:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर एक फोटो शेयर की है। जिस पर बवाल मचा गया है। इस फोटो में एक तरफ रास्ते पर कावड़ रखी हुई है और दूसरी ओर सड़क पर लोग नमाज पढ़ रहे हैं। अब फोटो को लेकर राजनीति तेज हो गई है। मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने दिग्विजय सिंह को मौलाना बता दिया है।
‘एक देश, दो कानून’
बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर एक फोटो शेयर की। इसमें एक तरफ रास्ते में कांवड़ रखा हुआ है। वहीं दूसरी ओर सड़क पर लोग नमाज पढ़ रहे हैं जिन्हें पुलिसकर्मी लात मार रहे हैं। इस फोटो के नीचे ‘एक देश, दो कानून!’ लिखा हुआ है।
‘माफी मांगनी चाहिए’
कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि मौलाना दिग्विजय सिंह केवल सनातन का विरोध करते हैं। कांवड़ यात्रा जैसे पावन पर्व को विवादास्पद करना चाहते है। उनसे कोई अपेक्षा नहीं है. जाकिर नायक को महिमामंडन करने वाले, आतंकवादियों को संरक्षण करने वाले, सेना के ऑपरेशन पर विवाद खड़ा करने वाले, पाकिस्तान परस्ती की बात करने वाले तुष्टिकरण को आगे बढ़कर राजनीति करने वाले दिग्विजय सिंह से और कुछ अपेक्षा नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि दिग्विजय सिंह जी हर समय हिंदू धर्म का हिंदू धर्मावलंबियों का और हिंदू साधु संतों का और हिंदू त्योहारों का अपमान करते आए हैं, इसलिए उन्हें मौलाना दिग्विजय सिंह कहा जाता है। भगवा आतंकवाद जैसे शब्दों को आजाद करके उन्होंने ही सनातन को इस दुनिया में बदनाम करने का काम किया है। मैं दिग्विजय सिंह से कहना चाहता हूं कि हिंदू और सनातन धर्म के किसी भी त्यौहार पर इस तरीके की टिप्पणी होगी तो यह सहन नहीं किया जाएगा। दिग्विजय सिंह को चाहिए कि वो इसपर माफी मांगे।
रेत खनन से 75 मौतों का आरोप, हाईकोर्ट ने केंद्र को बनाया पक्षकार, मामला NGT को सौंपा
16 Jul, 2025 12:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर। चंबल नदी में रेत खनन को लेकर दायर जनहित याचिका को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी NGT को ट्रांसफर कर दी गई है। इस मामले में केंद्र सरकार को भी पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ता ने कहना है कि अवैध खनन की वजह से घड़ियाल अभ्यारण्य को नुकसान पहुंच रहा है। इसके अलावा मुरैना से ग्वालियर तक के रास्ते पर रेत खनन में लगे वाहन इतनी तेज रफ्तार से गुजरते हैं कि राहगीरों की जान को खतरा होता है।
अब तक 75 लोगों की हुई मौत
वकील अवधेश सिंह तोमर ने जून 2025 में ये जनहित याचिका हाई कोर्ट में दायर की थी। इस याचिका में कहा गया कि चंबल नदी में बहुत लंबे समय से अवैध रेत खनन चल रहा है, इससे पर्यावरण के साथ-साथ आम लोगों को भी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है. ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर में रेत भरकर बिना किसी कागजी कार्रवाई के अवैध परिवहन किया जा रहा है। इससे लोगों की जान खतरे में है। अब तक इस मामले में 75 लोगों की जान जा चुकी है. इसमें आम लोगों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं। इनमें एक IPS और कई पुलिसकर्मी भी हैं।
प्रशासन नहीं कर रहा कोई कार्रवाई
याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट से कहा कि ग्वालियर-मुरैना के रास्ते पर खनन माफिया तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं। राहगीरों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। इस हादसों के बाद भी प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
घड़ियाल अभ्यारण्य को पहुंच रहा नुकसान
चंबल नदी में घड़ियाल पाए जाते हैं। इनके संरक्षण के लिए चंबल नदी में राष्ट्रीय घड़ियाल अभ्यारण्य स्थापित किया गया है। यह मध्य प्रदेश के मुरैना में स्थित है जिसकी बॉर्डर उत्तर प्रदेश और राजस्थान से लगती है। याचिका में इस अभ्यारण्य के संरक्षण को लेकर बात कही गई। याचिकाकर्ता ने कहा कि रेत खनन पर पूरी तरह प्रतिबंधित लगना चाहिए। रेत खनन से घड़ियाल के अंडों को नुकसान पहुंच रहा है, जिससे पूरी प्रजाति पर अस्तित्व का संकट है। घड़ियाल के साथ-साथ मगरमच्छ, गंगा डॉल्फिन, भारतीय फ्लैपशेल कछुए, सॉफ्टशेल कछुए और मॉनिटर लिजार्ड जैसे जीव-जंतुओं पर असर पड़ रहा है।
हादसों पर लगाम लगाई जा सकती है- याचिकाकर्ता
पहले भी चंबल में अवैध रेत खनन का मामला NGT को भेजा जा चुका है। इसी आधार पर फिर से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने इस मामले को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को ट्रांसफर कर दिया है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कहा कि यदि चंबल नदी में अवैध रेत खनन पर रोक लगती है तो इससे पर्यावरण के संरक्षण के साथ-साथ हादसों पर भी लगाम लगाई जा सकती है।
हादसों की टाइमलाइन
आईपीएस नरेंद्र कुमार की हुई थी हत्या- 08 मार्च 2012 को IPS नरेन्द्र कुमार की माफिया द्वारा ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई. 2009 बैच के IPS नरेंद्र कुमार की हत्या 8 मार्च 2012 को ट्रक से कुचलकर कर दी गई थी. मुरैना में पोस्टिंग के बाद से आईपीएस नरेंद्र कुमार खनन माफियाओं के खिलाफ बेहद सख्त थे।
21 मार्च 2014 को देवरी घडियाल केन्द्र पर SAF और वन अमले पर फायरिंग कर रेत के ट्रैक्टर-ट्रॉली निकालकर ले गए।
31 मार्च 2014 को देवरी घडियाल केन्द्र पर SAF के हवलदार विश्वनाथ को माफिया ने गोली मार दी।
08 जून 2015 को हाइवे पर एसएएफ व वन विभाग की टीम पर हमला।
03 फरवरी 2016 को पिपरई में डंप रेत को उठाने गए अमले पर पथराव।
12 फरवरी 2016 को बरवासिन घाट पर जलीय जीवों की गणना करने गए वन अमले पर फायरिंग की गई।
03 मार्च 2016 को देवरी के पास हाइवे पर अधीक्षक, डिप्टी रेंजर, वन आरक्षक पर लाठी-डंडों से हमला किया गया।
07 मार्च 2016 को रेत माफिया ने वन आरक्षक नरेन्द्र शर्मा को ट्रैक्टर से कुचलकर मार दिया।
05 अप्रैल 2016 को धनेला रोड पर डंपर से कुचलकर पुलिस आरक्षक धर्मेन्द्र चौहान की हत्या कर दी गई।
09 मई को वन आरक्षक की मारपीट कर रेत से भरा ट्रॉली ले गए माफिया।
20 मई को माफिया ने हमला कर वन नाके से 12 ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ा ले गए।
09 अगस्त को रेंजर, एसएएफ को घेरा,ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ा ले गए माफिया।
15 सितंबर 2016 को बानमोर में पुलिस पर हमला हुआ।
18 सितंबर को रेत माफियाओं ने पुलिस पर पथराव किया।
27 मार्च 2017 को बरवासिन चंबल घाट पर पुलिस पर माफिया ने की फायरिंग।
09 अप्रैल को रेत माफिया ने पुलिस टीम को खदेड़ा और हाथपाई की।
18 अप्रैल को अवैध खनन मामले में पकड़ा तो पुलिस टीम पर हमला किया।
22 मई को जब्त रेत उठाने गई वन विभाग की टीम पर हमला।
25 जून को रेत का ट्रैक्टर-ट्रॉली रोका तो माता बसैया थाना प्रभारी पर हमला।
15 फरवरी 2018 को वन नाके पर फायरिंग कर दो दर्जन रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली निकाले।
06 सितंबर 2018 में रेत माफिया से वन नाके पर टै्रक्टर से कुचलकर डिप्टी रेंजर की हत्या की।
28 फरवरी 2019 शिकारपुर फाटक पर वन अमले पर पथराव, वन आरक्षक घायल. तत्कालीन थाना प्रभारी सिविल लाइन थाना प्रभारी पर किया ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास।
09 नवंबर 2022 को बड़ोखर चौराहे पर रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलकर नरेश (50) पुत्र रतीराम जाटव निवासी बड़ोखर की मौत।
25 साल बाद फिर एक बार मध्य प्रदेश के बीजेपी मुख्यालय में मिनिस्टर डे शुरू होगा
16 Jul, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: पदभार ग्रहण करने के साथ कार्यकर्ताओं को अनुशासन की घुट्टी पिला चुके बीजेपी के नए प्रदेश अध्यश्र हेमंत खंडेलवाल ने बीजेपी जिलाध्यक्षों के साथ हुई बैठक में कहा है कि विधायक, मंत्रियों को भी पार्टी के जिला मुख्यालय बुलाएं. क्या इसे मध्य प्रदेश बीजेपी में 2003-04 के दौर की वापसी के तौर पर देखा जाए जिसमें मंत्रियों का सप्ताह में से एक दिन निर्धारित किया गया था. वे हफ्ते में एक दिन बीजेपी मुख्यालय में बैठते थे और कार्यकर्ताओं की समस्याओं का निपटारा करते थे. क्या 25 साल बाद फिर एक बार मध्य प्रदेश के बीजेपी मुख्यालय में मिनिस्टर डे शुरू होगा.
क्या फिर से मुख्यालय में होगा मिनिस्टर डे ?
मध्य प्रदेश बीजेपी के नए अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का सत्ता और संगठन के समन्वय पर जोर है. समन्वय की एक महत्वपूर्ण कड़ी ये होती है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं की अनदेखी ना हो. लंबे समय से पार्टी में इस तरह का कोई सिस्टम नहीं है कि जिसमें मंत्रियों पर कार्यकर्ताओं की हर बात सुनने की बाध्यता हो.
2003-04 में जरूर संगठन महामंत्री कप्तान सिंह सोलंकी ने इस तरह का सिस्टम पार्टी में बनाया था जिससे कार्यकर्ताओं की सरकार में सीधे सुनवाई हो. सिस्टम भी ऐसा बनाया गया था कि कार्यकर्ताओं को मंत्रियों के दरवाजे पर न जाना पड़े. बल्कि मंत्री बीजेपी मुख्यालय में आकर कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनें.
वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक प्रकाश भटनागर कहते हैं, "उस समय जो प्रयोग किया गया था, उसके पीछे वजह ये थी कि सरकार में बैठे विधायक और मंत्रियों को ये अहसास रहे कि वो जिस भी मुकाम पर पहुंचे हैं इन कार्यकर्ताओं की मेहनत की वजह से. इसके साथ ही मंत्रियों के भीतर भी ये भाव बना रहता था कि सत्ता में हैं लेकिन संगठन सर्वोपरि है और कार्यकर्ता देवतुल्य. जिस तरह नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मंशा जताई है कि विधायकों को भी जिला कार्यालय बुलाया जाए तो मुमकिन है कि ये सिलसिला आगे बढ़े और सत्ता संगठन के मजबूत समन्वय के लिए बीस साल पहले किया गया प्रयोग दोहराया जाए."
नए अध्यक्ष के साथ नई टीम क्या बदलेगा सिस्टम भी
मध्य प्रदेश में बीजेपी के नए अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रदेश कार्यकारिणी के साथ जिलाध्यक्षों के साथ हुई चर्चा में ये स्पष्ट कर दिया है कि अब पार्टी में बदलाव केवल टीम के स्तर पर ही नहीं होगा. कार्यकर्ताओं से लेकर नेताओं तक सबको फंक्शनिंग में भी बदलाव लाना होगा. खंडेलवाल ने कहा है कि कार्यकर्ताओं से कनेक्ट मजबूत होना चाहिए और दूसरा सरकार और संगठन का समन्वय सबसे मजबूत हो, इस पर ध्यान देने की जरूरत है.
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा हेमंत खंडेलवाल में दिखती है कैलाश जोशी की छवि
माना जा रहा है कि प्रदेश कार्यकारिणी ने नब्बे फीसदी के बदलाव के साथ अब हेमंत खंडेलवाल पार्टी के दिवंगत प्रदेश अध्यक्ष कैलाश जोशी की कार्यशैली के अंदाज में काम करेंगे. पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए ये कहा भी कि उनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कैलाश जोशी की छवि दिखाई देती है. उधर हेमंत खंडेलवाल ने जिलाध्यक्षों को स्पष्ट कर दिया है कि अब उनका ज्यादा समय कार्यकर्ताओं से के साथ संवाद और प्रवास में बीतना चाहिए. इशारों में ये भी स्पष्ट कर दिया कि अध्यक्ष जी के खास वाले दिन लद गए. पार्टी का हर कार्यकर्ता विशिष्ट है.
तब वीक में दो दिन मुख्यालय में बैठते थे मंत्री
2003 के विधानसभा चुनाव के बाद मध्य प्रदेश में बीजेपी की सत्ता आई थी. 2004 में पार्टी में कई प्रयोग हुए थे. तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष कैलाश जोशी और संगठन महामंत्री कप्तान सिंह सोलंकी ने ये तय किया था कि उमा भारती सरकार के मंत्री हफ्ते में दो दिन बीजेपी मुख्यालय में आएंगे और कार्यकर्ताओं को समय देंगे. दिन के एक निश्चित समय पर मंत्री बीजेपी मुख्यालय में आते थे और पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याओं का हाथ के हाथ निपटारा करते थे.
MP में 7 लाख फर्जी समग्र आईडी का खुलासा: अकेले इंदौर में 6.64 लाख फर्जीवाड़ा
16 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर: किसी भी व्यक्ति की पहचान दर्शाने वाले जरूरी दस्तावेज समग्र आईडी के भी लाखों की संख्या में फर्जी होने का दावा किया जा रहा है. यह आरोप कांग्रेस ने इंदौर में लगाए हैं. कांग्रेस ने इस मामले में जांच की मांग की है. वहीं, मांग नहीं माने जाने पर 19 जुलाई को आंदोलन की चेतावनी दी है. कांग्रेस का आरोप है, फर्जी समग्र आईडी मामले की जांच के चलते पूरे प्रदेश में 7 लाख 21 हजार फर्जी समग्र आईडी का पता चला है. जिसमें से इंदौर में ही फर्जी समग्र आईडी की संख्या 6,64000 के करीब है.
इंदौर में ही 6,64000 फर्जी समग्र आईडी
कांग्रेस का आरोप है कि, ''फर्जी मतदाता सूची की तरह ही यह मामला उजागर होने पर अब कई नगर निगम में फर्जी समग्र आईडी को डिलीट करने की कार्यवाही की जा रही है, जिससे कि पूरे मामले को दबाया जा सके.'' मंगलवार को पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इंदौर में आरोप लगाते हुए कहा, ''इस मामले में शासन ने सभी कलेक्टरों को 7.21 लाख फर्जी समग्र आईडी की सूची भेजकर जांच करने और पोर्टल से हटाने के आदेश भी दिए हैं.''
''इसी ममले में नगर निगम द्वारा 04 जुलाई 2025 को जारी कि गई रिपोर्ट अनुसार, केवल इंदौर के 22 जोन पर 6.64 लाख फर्जी समग्र आईडी पाई गई हैं. नतीजतन इंदौर नगर निगम पिछले माह से फर्जी समग्र आईडी डिलीट करने के कार्य में लगा है. इसके लिए नगर निगम के सभी 22 जोन पर प्रभारी भी बनाए हैं.
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
इधर इस मामले के उजागर होने के बाद पूर्व मंत्री वर्मा ने संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर और निगमायुक्त को आवेदन देकर पूरे मामले कि जांच करने और दोषियों पर कारवाई करने की मांग की है. उन्होंने कहा, ''यदि इस मामले में जांच नहीं की गई तो 19 जुलाई को कांग्रेस द्वारा नगर निगम का घेराव किया जाएगा.''
वन नेशन-वन राशन कार्ड में भी घपला
सज्जन वर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा, ''भाजपा शासन में इंदौर अब सिर्फ सफाई में नंबर 1 नहीं, फर्जीवाड़े में भी नंबर 1 बन गया है. ''फर्जी समग्र आईडी घोटाले के पहले भी जांच में इंदौर में 13502 परिवार गैर-निवासरत पाये गए थे, जबकि उनके आधार कार्ड में इंदौर के फर्जी एड्रेस थे. मामला उजागर होने पर उन तमाम समग्र आईडी और फर्जी हितग्राहियों को राशन देना बंद किया गया था. उस दौरान 2.60 लाख गैर-निवासरत नागरिकों के नाम मतदाता-सूची से हटाने का शपथ-पत्र तत्कालीन अपर कलेक्टर अभय बेडेकर ने उच्च न्यायालय की याचिका क्रमांक 5741 / 2021 में दिया था.''
इंदौर से उजागर हुआ मतदाता-सूची का मामला आज पूरे देश में चर्चा में है. इस रिपोर्ट ने मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में हलचल मचा दी है. इंदौर के बाद कर्नाटक में 27 लाख, महाराष्ट्र में 47 लाख फर्जी मतदाता ठीक चुनाव के पूर्व मतदाता-सूची में जोड़े गए थे.
सीधी जिले से गुजरे NH-39 पर दिल दहला देने वाली घटना, कार से उतरे बदमाशों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग
16 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीधी : जिले के चुरहट थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आ रही है. यहां ग्राम कठउतहा स्थित NH-39 पर कार सवार बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में फयरिंग कर दी. बदमाशों ने ठकुरदेवा के रहने वाले आशुतोष पांडे और आशीष गौतम पर गोली चला दी. पीड़ित सड़क किनारे अपने दो अन्य साथियों के साथ फोटोशूट करा रहे थे, तभी ये वारदात हुई.
फिल्मी स्टाइल में रूकी कार, फिर चली गोली
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पीड़ित व उनके साथ जब फोटोशूट करा रहे थे, तभी एक वर्ना कार वहां आकर रूकी. अचानक कार से उतरे पांच बदमाशों ने बिना कुछ कहे सीधे आशीष से मारपीट शुरू कर दी और फिर गोलियां चला दी. एक गोली मोटरसाइकिल में जा लगी, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई और दो लोग घायल हो गए जबकि अन्य साथी जान बचाकर भागे. आशुतोष पांडे ने जैसे-तैसे मौके से भागकर अपनी जान बचाई.
पुरानी रंजिश में दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक ये घटना एक पुरानी रंजिश से जुड़ी हो सकती है. दरअसल, इस ग्राम बदवार के एक ढाबे में कुछ दिन पहले दो गुटों के बीच विवाद हुआ था, जिसमें शिकायतकर्ता भी मौजूद था. दूसरे पक्षा को यह शक था कि उसी की मौजूदगी से झगड़ा हुआ, इसी रंजिश में उसने अपने साथियों के साथ हमला किया होगा.
गोली चलने की हुई पुष्टि
घटना की सूचना मिलते ही चुरहट SDOP आशुतोष द्विवेदी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने बताया, '' आशुतोष पांडे अकबरपुर की एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत है और छुट्टी में अपने गांव आया था. रविवार को वह अपने दोस्तों के साथ फोटोशूट कराने ग्राम कठउतहा पहुंचा था, इसके बाद ही उसपर हमला हुआ है. गोली चलने और मारपीट की पुष्टि की गई है. पुलिस ने बाइक से लगी गोली के खोखे के आधार पर जांच शुरू कर दी है.''
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