मध्य प्रदेश
देश में कम दर पर ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देना होगा : मंत्री राजपूत
17 Jul, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा है कि हमे देश में कम दर पर ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि विकसित देशों में इन्टीग्रेडेट एप्रोच अपनाने से प्रोडक्टिविटी बढ़ती है और ऊर्जा की लागत तुलनात्मक रूप से कम आती है। ऐसे ही उपाय अपनाना चाहिए, ताकि कम दर पर ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा मिल सके। राजपूत ने नई दिल्ली में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा आयोजित ऊर्जा वार्ता बैठक में यह बात कही। केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में देश के सभी राज्यों के उद्योग एवं खाद्य मंत्री शामिल हुए।
मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री राजपूत ने मध्यप्रदेश में जैव ऊर्जा योजना 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने 280 करोड़ रूपये के निवेश से 12 जैव ईधन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में लगातार नये नये उद्योग लगाने के प्रयास कर रहे हैं। राजपूत ने बताया कि मध्यप्रदेश में शहरी गैस वितरण नीति-2025 लागू की गई है। इसमें आगामी 6 से 8 वर्षों के बीच 55 जिलों में घरों तक पाईप के माध्यम से प्राकृतिक गैस और सीएनजी स्टेशनों के माध्यम से वाहनों में सीएनजी फिलिंग करने की योजना है।
म.प्र. में 2028 तक हरित परियोजना प्रारंभ करने का लक्ष्य
खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि मध्यप्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में हरित हाईड्रोजन के एमओयू साइन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने 2028 तक एक हरित परियोजना चालू करने का लक्ष्य रखा है। राजपूत ने कहा कि हमने राज्य में 2025 तक 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रणयुक्त ईधन उपयोग करने का लक्ष्य रखा है।
बीना रिफाइनरी की प्रगति से केन्द्रीय मंत्री को कराया अवगत
मंत्री राजपूत ने मध्यप्रदेश के सागर जिले के बीना में स्थित बीना रिफाइनरी में 50 हजार करोड़ रूपये के निवेश की राशि मिलने के बाद भी इकाई के विस्तार कार्यों की धीमी प्रगति से केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अवगत कराया। उन्होंने कार्य में तेजी लाये जाने का अनुरोध किया। केन्द्रीय मंत्री पुरी ने मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को मजबूत करने के लिये बीना रिफाइनरी के कार्यों में गति लाने की बात कही।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने किया अस्पताल और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण
17 Jul, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बुधवार की मध्य रात्रि ग्वालियर में सिविल अस्पताल हजीरा, बिरला नगर और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट मोतीझील का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने गंदा वॉशरूम देखकर स्वयं सफाई की। साथ ही सम्बन्धित अधिकारियों को सफाई व्यवस्था दुरस्त रखने के लिए निर्देशित किया।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने हजीरा सिविल अस्पताल में गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) मेँ भर्ती मरीजों का हालचाल जाना। उन्होंने सिविल अस्पताल बिरला नगर का भी निरीक्षण किया।
ऊर्जा मंत्री को उप नगर ग्वालियर के अलग-अलग क्षेत्रों से गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने बुधवार देर रात अचानक मोतीझील प्लांट पहुंचकर जल आपूर्ति की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान ड्यूटी पर जिम्मेदार अधिकारियों के न मिलने पर निगमायुक्त संघप्रिय से फोन पर चर्चा कर नाराज़गी व्यक्त की और कार्यवाही के निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री तोमर ने ड्यूटी से गायब अधिकारियों की अनुपस्थिति का पंचनामा बनाकर विभाग को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने मौजूद स्टाफ से बुधवार को की गई जल आपूर्ति के सैंपलों की जांच की जानकारी ली। इस दौरान तोमर ने पानी को फिल्टर करने की प्रक्रिया को देखा। उन्होंने की जा रही जल आपूर्ति लोगों के लिए नुकसानदायक तो नहीं है की जानकारी ली। मंत्री तोमर को उपस्थित कर्मियों ने बताया कि पानी के दिन में दो से तीन बार नमूने (सैंपल) लेकर जांच की जा रही है। जल आपूर्ति तय मानकों के आधार पर ट्रीटमेंट करने के बाद ही की जा रही है।
राज्यपाल पटेल ने न्यायमूर्ति सचदेवा को मुख्य न्यायाधिपति की शपथ दिलाई
17 Jul, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के 29वें मुख्य न्यायाधिपति की शपथ मनोनीत न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा को दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन गुरूवार को राजभवन के सांदीपनि सभागार में किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी उपस्थित रहे।
राज्यपाल पटेल और उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने नव नियुक्त मुख्य न्यायाधिपति सचदेवा को शपथ ग्रहण के बाद पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शपथ ग्रहण समारोह का संचालन किया। उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा न्यायाधीश संजीव सचदेवा को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधिपति नियुक्त किए जाने की अधिसूचना का वाचन किया।
शपथ ग्रहण समारोह में खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, विधायक रामेश्वर शर्मा, हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, लोकायुक्त सत्येन्द्र कुमार सिंह, मुख्य सूचना आयुक्त विजय यादव, सदस्य मानवाधिकार आयोग राजीव टंडन, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय शुक्ल, प्रमुख सचिव विधि नरेन्द्र प्रताप सिंह, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, रजिस्ट्रार जनरल मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय धरमिंदर सिंह, महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, जिला न्यायालय एवं बार के सदस्य, विभिन्न आयोगों के पदाधिकारी सहित जन प्रतिनिधि एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश की आठ सिंचाई योजनाओं को वन एवं पर्यावरण स्वीकृति के लिए केंद्र की हरी झंडी
17 Jul, 2025 08:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री श्री यादव से की मुलाकात
भोपाल 17 जुलाई। प्रदेश के जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। मंत्री श्री सिलावट ने केंद्रीय मंत्री से प्रदेश की आठ सिंचाई परियोजनाओं की वन एवं पर्यावरण स्वीकृति के लिए उन्हें पत्र भेंट किया। केंद्रीय मंत्री ने तुरंत सहमति देते हुए तत्संबंधी कार्रवाई के अधिकारियों को निर्देश दिए। मंत्री श्री सिलावट ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री श्री सिंह को धन्यवाद दिया।
मंत्री श्री सिलावट ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने का जो सपना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने देखा है उसको पूरा करने और प्रदेश के हर किसान के खेत तक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लिए मध्य प्रदेश जल संसाधन विभाग प्रतिबद्ध है।
मध्य प्रदेश की जिन सिंचाई परियोजनाओं को केंद्र द्वारा वन एवं पर्यावरण संबंधी सहमति प्रदान की गई है वे हैं, मां रतनगढ़ बहुउद्देशीय परियोजना डबरा (दतिया), लोअर ओर वृहत परियोजना अशोक नगर एवं शिवपुरी, चेंटीखेड़ी परियोजना श्योपुर, मुंझिरी वृहत परियोजना श्योपुर, कोपरा मध्यम सिंचाई परियोजना सागर, छिंदवाड़ा कंपलेक्स बैलेंसिंग रिजर्वॉयर छिंदवाड़ा, सोनखेड़ी लघु सिंचाई परियोजना बड़वानी और दाममखेड़ा लघु सिंचाई योजना खरगोन।
हर बार बंद हो जाता है प्लांट, तकनीकी खामियों से उत्पादन पर असर
17 Jul, 2025 07:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
औषधीय प्रसंस्करण के लिए खरीदी गई करोड़ों की मशीनें खा रहीं जंग
भोपाल। सतपुड़ा की वादियों के बीच बसे छिंदवाड़ा में वनोपज का बंपर उत्पादन होता है। इसको लेकर यहां पर वनोपज के जरिए बनने वाले उत्पादों के लिए प्लांट लगाए गए थे। भरतादेव के पास पातालकोट औषधीय प्रसंस्करण केन्द्र एवं हर्बल एक्सट्रेट प्लांट को बनाया गया है। इस प्लांट में औषधीय प्रसंस्करण के लिए लाखों रुपए की मशीन रखी हैं लेकिन इसका रख-रखाव और इसे नियमित शुरू नहीं करने के कारण अब मशीनें जंग खा रही हैं।पूर्व वनमंडल में आने वाले इस औषधीय प्रसंस्करण केन्द्र को बीच में शुरू जरूर किया गया लेकिन कुछ दिन बाद फिर इसमें ताला लग गया। वर्तमान में यह प्लांट पिछले 1 साल से बंद पड़ा है जिसे शुरू करने के लिए वन विभाग की टीम भी रूचि नहीं दिखा रही है। वैसे इसे शुरू कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया जरूर हुई थी।
प्लांट शुरू करने के लिए हर बार मशक्कत
डीएफओ एलके वासनिक ने बताया कि 2011 से शुरू हुए इस प्लांट को बीच में कई बार बंद किया जा चुका है। वन मंडल के आंकड़ों की माने तो यहां पर इसे दोबारा शुरू करने के लिए निविदा आमंत्रित कर प्राइवेट फर्म को बुलाया गया था। इसके बाद जैसे-तैसे कुछ दिनों तक यह प्लांट शुरू हो पाया था। यहां वन विभाग के अधिकारियों ने निजी फर्मों को आमंत्रित करने के साथ इस प्लांट को संचालित करने के लिए रॉ मटेरियल के लिए बाजार से भी सहयोग किया था।
प्लांट को लेकर अब तक यह हुआ
पातालकोट औषधीय प्रसंस्करण केन्द्र का भूमिपूजन 2006 में हुआ था। केन्द्र का निर्माण वर्ष 2007 से शुरू किया गया जिसके बाद वर्ष 2008 में यह प्लांट बनकर तैयार हो पाया था। भूमिपूजन और निर्माण के बाद 2011 में सभी मशीनें लगकर तैयार हो गई थी। जिसमें 38 प्रकार की अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई थी।
कुछ दिन चली मशीन अब हो रही बर्बाद
मशीनों के आने के बाद मार्च 2012 से 31 मार्च 2014 तक स्थानीय व्यापारी के द्वारा 1 लाख 31000 रुपए प्रतिमाह से आउट सोर्स पर लीज रेंट से इसका संचालन किया था। इसके बाद वन विभाग द्वारा 7 नवंबर 2014 से 31 अगस्त 2015 तक इसका संचालन किया गया। 1 सितंबर 2015 से 22 मार्च 2022 तफ इसका संचालन बंद रखा गया। 23 मार्च 2022 से 31 मार्च 2024 तक दूसरी बार आउटसोर्स पर लीज रेंट से इसका संचालन किया गया।
प्लांट में हैं अलग-अलग प्रकार की 38 मशीनें
प्लांट में कुल 38 मशीनों में से 29 प्रकार की मशीन सिर्फ एक्सट्रेट यानी वनोपज से निकलने वाला चूरा बनता है। इसी प्रकार 9 प्रकार की मशीन पावडर बनाने के काम आती है।
प्लांट शुरू होने से यह होगा फायदा
पातालकोट औषधीय प्रसंस्करण केन्द्र एवं हर्बल एक्सट्रेट प्लांट में आंवला, हर्रा, बहेड़ा सहित अन्य वनोपज के जरिए लिक्विड और पावडर का रॉ मटेरियल तैयार किया जाता है। इसके बाद इसकी सप्लाई की जाती है। यदि प्लांट शुरू होता है तो जिले में होने वाली इस वनोपज का सही दाम मिलने लगेगा।
जिले में वनोपज का इतना होता है उत्पादन
वन विभाग की जानकारी के अनुसार जिले में महुआ 1600 टन, गुल्ली 10 टन, चिरौंजी गुठली 65 टन, हर्रा 205 टन, कचरिया 120 टन, बाल हरी 12.5 टन, और बहेड़ा 60 टन उत्पादन होता है। सरकार ग्राम वन समिति और वन सुरक्षा समितियों के माध्यम से वनोपज की खरीदी करने एमएसपी तय करती है।
रीवा में SDRF ने जोखिम लेकर निकाले निर्माणाधीन अस्पताल में फंसे 10 मजदूर
17 Jul, 2025 07:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रीवा। मध्य प्रदेश में बाढ़ बारिश के कारण जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रीवा जिले के सगरा थाना अंतर्गत ग्राम सथनी में बन रहे एक अस्पताल में अचानक बाढ़ आने के कारण वहां निर्माण कर रहे कई कर्मचारी फंस गए। हालांकि गनीमत रही कि समय रहते सूचना मिलने पर पुलिस समेत एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और फंसे हुए लोगों को सावधानीपूर्वक निकाला गया।
8 घंटे तक फंसे रहे मजदूर
अस्पताल का निर्माण कर रहे मजदूर है देर रात इस अस्पताल में ठहर कर अगले दिन काम शुरू करने की सोच रहे थे। इसी बीच मूसलाधार बारिश होने की वजह से देर रात अचानक नदी-नाले उफान पर आ गए और मजदूर भी निर्माण अधीन अस्पताल में फंस गए। मौके में फंसे लोगों को आसानी से निकाल पाना संभव नहीं था, सूचना पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम नदी के तेज बहाव में वोट के सहारे फंसे लोगों का रेस्क्यू किया। जानकारी के मुताबिक लगभग 8 घंटे से मजदूर फंसे हुए थे. लगभग 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश में सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाढ़ का खतरा मडराने आने लगा है। नदियों-नाले पूरी तरह तूफान पर हैं. इसी इसी बीच लोगों के घरों के अंदर भी पानी पहुंचने लगा है। कई जगह लोगों के फंसे होने की सूचना मिलने पर रेस्क्यू दल पहुंचकर उन्हें सावधानीपूर्वक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा जा रहा है।
PWD में नहीं दोहराई जाएगी 90 डिग्री वाली गलती, सुधार की दिशा में कदम
17 Jul, 2025 06:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नेशनल हाईवे की तरह स्टैंडड्र्स का होगा पालन
भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बने 90 डिग्री ब्रिज ने पीडब्ल्यूडी की जमकर किरकिरी कराई है। राजधानी के ऐशबाग और इंदौर के एक आरओबी की गलत डिजाइन का पूरे देश में मजाक बना है। इससे सबक लेते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने अपने कार्य की गुणवत्ता सुधारने का फैसला किया है। आगे 90 डिग्री ब्रिज जैसी गलती न हो, इसके लिए पीडब्ल्यूडी नई पालिसी पर काम करने जा रहा है।
निर्माण की क्वालिटी और डिजाइन पर कैमरे से नजर
लोक निर्माण विभाग सडक़ व ब्रिज निर्माण की गुणवत्ता और डिजाइन के लिए अनुबंध के अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है, जिससे इसकी मॉनीटरिंग की जा सके। निर्माण क्वालिटी और डिजाइन पर नजर रखने के लिए निजी विशेषज्ञों की भी सेवाएं ली जा सकेंगी। इसके लिए बड़ी परियोजनाओं को ईपीसी मोड पर करने का निर्णय भी विचाराधीन है। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी में अधिक से अधिक आईटी सर्विस का उपयोग करने जा रहा है। इसके तहत अब बड़े प्रोजेक्ट पर निर्माण के दौरान कैमरे लगाकर मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
इंजीनियरों की होगी ट्रेनिंग, बनेगा नया माड्यूल
मध्यप्रदेश शासन द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि प्रदेश के सभी इंजीनियरों की ऐफिशियेंसी एन्हांसमेंट यानी दक्षता संवर्धन किया जाएगा। उन्हें सडक़ और ब्रिज निर्माण की नई तकनीकें सिखाई जाएंगी। इसके लिए एमपीआरडीसी के टेक्निकल एडवाइजर को इंडियन एकेडमी फॉर हाईवे इंजीनियरिंग के साथ मिलकर पुलों के गुणवत्ता पूर्ण निर्माण के लिए ट्रेनिंग मॉड्यूल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे भविष्य में पुल व फ्लाइओवर के निर्माण गुणवत्ता पूर्ण तरीके से किए जा सकें और उनमें गलती न हो।
नेशनल हाईवे की तरह स्टैंडड्र्स का होगा पालन
लोक निर्माण विभाग सेतु शाखा के मुख्य अभियंता पीसी वर्मा ने बताया, अब फ्लायओवर और रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण करते समय इंडियन रोड कांग्रेस और मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे के जियोमेट्रिक डिजाइन स्टैंडड्र्स का अनिवार्य रुप से पालन करना होगा। इसमें शार्प कर्व, ट्रांजिशन लेंथ और सुपर एलिवेशन जैसे तकनीकी बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। निर्माण से पहले और बाद में डिजाइन की जांच के लिए स्थानीय एजेंसियों के साथ समन्वय अनिवार्य होगा। वहीं निर्माण की स्वीकृति से पहले ट्रैफिक फ्लो और साइट कंडीशन का पूरा विश्लेषण किया जाएगा।
सरकारी भर्ती में बदलाव की तैयारी, मोहन यादव ने पेश किया नया आइडिया
17 Jul, 2025 05:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश शासन के विभिन्न विभागों में होने वाली कर्मचारियों की नियुक्ति का पैटर्न बदलने जा रहा है. अब सरकारी विभागों में होने वाली नियुक्तियां यूपीएससी की तर्ज पर की जाएंगी. यानि कि विभिन्न सरकारी विभागों के लिए अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षा देने की जरुरत नहीं होगी, बल्कि इस परीक्षा के माध्यम से सभी विभागों के विभिन्न रिक्त पदों के लिए एक ही मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी. सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एक वर्ष में एक ही भर्ती परीक्षा कराए जाने के संबंध में प्रारंभिक दौर की चर्चा कर चुके हैं. इस संबंध अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है.
उम्मीदवारों को केवल एक बार देनी होगी फीस
एकल भर्ती परीक्षा से अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षा की झंझट से मुक्ति तो मिलेगी ही, साथ ही अलग-अलग विभागों की परीक्षा के लिए बार-बार आवेदन करने और फीस भरने की जरूरत नहीं रहेगी. उम्मीदवारों को परीक्षा की तैयारी करने और स्लॉट चुनने में दिक्कत नहीं होगी. इससे सरकार को बार-बार परीक्षा आयोजित कराने के लिए समय और पैसा बर्बाद नहीं करना पड़ेगा. यदि कोई उम्मीदवार चयनित पद नहीं लेता है, तो वेटिंग लिस्ट के कारण अगला उम्मीदवार तुरंत नियुक्त हो सकेगा. इससे रिक्तियों को बिल्कुल भी नहीं छोड़ना पड़ेगा.
मुख्यमंत्री ने बार-बार परीक्षा पर जताई चिंता
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के डायरेक्टर साकेत मालवीय ने बताया कि "विभिन्न सरकारी विभागों के लिए बार-बार परीक्षाएं आयोजित करने से सबसे अधिक परेशानी अभ्यर्थियों को होती थी. ऐसे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था को परिवर्तित करने के निर्देश दिए थे. मालवीय ने बताया कि मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के लिए एसएससी और यूपीएससी की परीक्षाओं का पैटर्न आदर्श है.
जिससे यूपीएससी की तरह मध्य प्रदेश के विभिन्न विभागों में भी एकल परीक्षा का आयोजन किया जा सके. जिस तरह संघ लोक सेवा आयोग एक परीक्षा कराता है और विभिन्न श्रेणी के उपलब्ध पदों के लिए मेरिट के हिसाब से चयन होता है. अब यही प्रक्रिया मध्य प्रदेश के सरकारी विभागों में नियुक्ति के लिए अपनाई जाएगी.
सभी विभागों में एक जैसे होंगे भर्ती नियम
अधिकारियों ने बताया कि एकल परीक्षा प्रणाली में सभी सरकारी विभागों के भर्ती नियम भी अब एक जैसे होंगे. सामान्य प्रशासन विभाग ही इन्हें बनाकर अधिसूचित करने के लिए देगा. यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है, ताकि प्रदेश के सभी सरकारी विभागों की नियुक्तियों में एकरूपता रहे. इसमें समान प्रकृति के पदों के लिए एक जैसे नियम हो जाएंगे. साथ ही यह लाभ भी होगा कि परीक्षा कराने वाली एजेंसियों को विज्ञापन निकालते समय विभागीय भर्ती नियम के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और समय पर विज्ञापन जारी हो जाएंगे.
कोर्ट जाने के लिए बाध्य नहीं होंगे अभ्यर्थी
अभी मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की परीक्षाओं में नकल और अनियमितताओं की घटनाएं सामने आती रहती है. लेकिन नई व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए नियम से लेकर परीक्षा का पूरा ब्योरा ऑनलाइन रहेगा. अभी राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से होने वाली परीक्षा में कई चीज सार्वजनिक नहीं की जाती हैं, जिससे अभ्यर्थी कोर्ट चले जाते हैं. परीक्षा परिणाम या चयन सूची पर रोक लगा जाती है. इससे पूरी प्रक्रिया रुक जाती है. आगे ऐसा न हो, इसके लिए सभी जानकारियां ऑनलाइन की जाएंगी, ताकि किसी को सूचना के अभाव में कोई भ्रम या संदेह ना रहे और अभ्यर्थी कोर्ट जाने के लिए बाध्य न हो.
नए पैटर्न में इस प्रकार होंगी परीक्षाएं
मध्य प्रदेश शासन के सभी विभागों के लिए साल में एक बार एकल परीक्षा का आयोजन किया जाएगा.
इसमें सभी श्रेणी के पदों के लिए मेरिट के हिसाब से सूची बन जाएगी, लेकिन वेटिंग लिस्ट एक रहेगी.
एकल परीक्षा के लिए सभी विभागों से रिक्त पदों की संख्या साल में एक बार पूछी जाएगी.
सभी विभागों से मिले प्रस्तावों के आधार पर सितंबर महीने में परीक्षा का कैलेंडर तैयार किया जाएगा.
सामान्य प्रशासन विभाग जनवरी 2026 से कर्मचारियों के चयन की यह प्रक्रिया लागू करने की तैयारी में है.
इन विभागों में बड़ी संख्या में होगी भर्ती
बता दें कि मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने साल 2024 के जून महीने में आयोजित कैबिनेट बैठक स्वास्थ्य विभाग के 46,491 नए पदों का भर्ती करने का निर्णय लिया था. इसी प्रकार 22 अक्टूबर, 2024 को हुई कैबिनेट की बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग में सहायिका के 12,670 पद और सुपरवाइजर के 467 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई थी.
'डायमंड' विवाद से भड़का मामला, करणी सेना और पुलिस के बीच बढ़ी तनातनी
17 Jul, 2025 05:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरदा: एमपी के हरदा जिले में करणी सेना और पुलिस के बीच में ठन गई है। अब सीएम मोहन यादव ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। ऐसे में लोगों के मन सवाल है कि हरदा में विवाद की शुरुआत कैसे हुई है। इसके पीछे की जड़ क्या है, जिसकी वजह से करणी सेना के लोगों ने आंदोलन किया और पुलिस ने उन पर लाठियां बरसाई है।
यहां से हुई विवाद की शुरुआत
दरअसल, जिले के केलनपुर गांव के रहने वाले आशीष राजपूत ने 2012 में मिडिल स्कूल के सामने जय अंबे नाम से कंप्यूटर की दुकान खोली थी। आशीष और उनके छोटे भाई जितेंद्र मिलकर दुकान चलाते थे। 2019 में आशीष ने अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए एक और दुकान ली। इसमें उन्होंने काफी पैसा लगाया। लेकिन कुछ ही महीने बाद कोविड की वजह से दुकान बंद हो गई। व्यापार में उन्हें लाखों रुपए का घाटा हुआ। कोरोनाकाल खत्म होने के बाद भी व्यापार में कोई तरक्की नहीं हुई।
ज्योतिष ने दी हीरा खरीदने की सलाह
आशीष ने बताया कि व्यापार में लगातार हो रहे नुकसान के बाद उन्होंने एक ज्योतिष को अपनी कुंडली दिखाई। ज्योतिष ने उन्हें बताया कि उनके ग्रहों की चाल ठीक नहीं है। ज्योतिष ने आशीष को हीरा पहनने की सलाह दी। ज्योतिष का मानना था कि हीरा पहनने से उनकी परेशानियां दूर हो जाएंगी।
दोस्त के पास अजनबियों से मिला
पुलिस में दर्ज FIR के अनुसार, 24 जनवरी को आशीष अपने घर पर थे। उन्होंने अपने दोस्त और करणी सेना के जिला अध्यक्ष सुनील राजपूत को फोन किया और पूछा कि वह कहां हैं। सुनील ने बताया कि वह दोस्तों के साथ रुद्राक्ष होटल में हैं। आशीष भी रुद्राक्ष होटल पहुंच गए। वहां दो अजनबी शख्स भी मौजूद थे। उनमें से एक का नाम विक्की उर्फ विकास लोधी और दूसरे का नाम मोहित वर्मा था।
हीरा खरीदने की बात की
इसी बीच विक्की और मोहित हीरा खरीदने-बेचने की बात करने लगे। आशीष ने कहा कि उन्हें भी एक हीरा खरीदना है। तब मोहित ने कहा कि उसके पास 1.52 कैरेट का हीरा है, जिसकी कीमत 18 लाख रुपए है। आशीष उनकी बातों में आ गए और 18 लाख रुपए में हीरा खरीदने के लिए तैयार हो गए। हीरे की डिलीवरी का दिन भी तय हो गया।
इंदौर गया हीरा लेने
डील फाइनल होने के बाद मोहित के साथ विक्की लोधी भी इंदौर चला गया। एक सप्ताह बाद मोहित ने आशीष को हीरा लेने के लिए इंदौर बुलाया। आशीष अपने साथी सुनील, रोहित और गब्बर के साथ 4 फरवरी 2024 को इंदौर पहुंचे। इंदौर में विक्की लोधी और मोहित वर्मा उन्हें पलासिया इलाके में एक जूलर्स के सामने मिले।
एक नए किरदार की एंट्री
यहां कहानी में एक नए किरदार उमेश तपानिया की एंट्री हुई। उमेश गुजरात का रहने वाला था। उमेश ने आशीष को हीरा दिखाया। आशीष और उनके दोस्तों ने एक जूलर्स पर जाकर हीरे को चेक कराया। जूलर ने कहा कि हीरा असली है और उसकी कीमत 18 लाख रुपए है। आशीष ने मोहित के माध्यम से उमेश तपानिया को रुपए दिए। हीरा लेकर आशीष और उसके तीनों दोस्त वापस हरदा आ गए। आशीष ने हीरे के बारे में अपने परिवार को भी नहीं बताया था।
हीरा लेकर मुंबई बुलाया
आशीष को हीरा पहने कुछ ही दिन हुए थे कि एक दिन मोहित वर्मा ने आशीष के दोस्त और करणी सेना के जिला अध्यक्ष सुनील को कॉल किया। उसने कहा कि जो हीरा आशीष को दिलवाया था, उसकी कीमत बढ़ गई है। यदि अच्छा पैसा कमाना है तो मुंबई आ जाओ। हीरा बेचने से फायदा होने की बात सुनकर आशीष 20 फरवरी को मुंबई पहुंचा। यहां उसे उमेश और मोहित मिले। दोनों आशीष को ईस्ट मलाड की एक जूलरी शॉप पर ले गए। जांच कराई और कहा कि हीरा नकली है।
हीरा बदल दिया
आशीष ने जब हीरा नकली होने की बात सुनी तो उसे उमेश और मोहित पर शक हुआ। इस पर तीनों के बीच कहासुनी हुई। जब विवाद ज्यादा बढ़ा तो मोहित और उमेश ने स्वीकार किया कि उन्होंने ही हीरा बदल दिया है। दोनों ने ये भी कहा कि वो 23 लाख रुपए में उस हीरे का सौदा कर आए हैं। आशीष ने दोनों को चेतावनी दी कि यदि उसका पैसा वापस नहीं मिला तो उससे बुरा कोई नहीं होगा।
चेक कर गया बाउंस
इसके बाद आरोपियों ने उन्हें दो चेक दिए। एक महीने बाद बैंक में लगाया तो चेक बाउंस कर गया। इसके बाद आशीष ने दोनों के खिलाफ केस कर दिया। साथ ही 11 दिसंबर 2024 को उमेश, मोहित और विक्की के खिलाफ हरदा थाने पर ठगी और धोखाधड़ी की शिकायत की। इस शिकायत पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं में मामला दर्ज किया और तीनों को गिरफ्तार कर लिया। जमानती धाराएं होने के कारण उन्हें थाने से जमानत मिल गई।
पुलिस पर मिलीभगत का आरोप
आशीष राजपूत और करणी सेना जिला अध्यक्ष सुनील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों से मिलीभगत की। आशीष के छोटे भाई जितेंद्र ने बताया कि कोरोना के समय से व्यापार में घाटा हो रहा था। उनकी दोनों दुकानें किराए पर चलती हैं। 60-70 हजार रुपए तो किराए का ही घाटा हुआ। चार-पांच महीने दुकान बंद रहीं। कोरोना खत्म होने के बाद भी घाटे से उबर नहीं पाए।
इसी को लेकर आंदोलन पर लाठीचार्ज किया
वहीं, इसे लेकर ही करणी सेना के लोगों ने आंदोलन किया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। साथ ही राजपूत हॉस्टल में घुसकर भी मारपीट की। इसी को लेकर विवाद हुआ है। अब सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं।
Swachh Ranking 2025: भोपाल तीन पायदान ऊपर चढ़कर बना नंबर-2 क्लीन सिटी
17 Jul, 2025 03:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। राजधानी भोपाल को स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में देश का दूसरा सबसे साफ शहर घोषित किया गया है। भोपाल ने इस बार तीन स्थान की छलांग लगाई है और 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की कैटेगरी में दूसरा स्थान हासिल किया है। यह पुरस्कार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में दिया। पुरस्कार लेने के लिए भोपाल की महापौर मालती राय और निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण बुधवार को ही दिल्ली पहुंच गए थे।
भोपाल शहर खुशी का माहौल
देश का दूसरा सबसे साफ शहर बनने पर खुशी का माहौल रहा। नगर निगम के माता मंदिर स्थित दफ्तर में जश्न मनाया गया। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने सफाई मित्रों को माला पहनाकर सम्मान किया और लड्डू खिलाकर बधाई दी। खुशी में सभी लोग ढोल की थाप पर झूमने लगे। अध्यक्ष सूर्यवंशी ने खुद भी ढोल बजाया।ईधर जोन-16 मीनल रेजिडेंसी में भी दूसरी रैंक मिलने की खुशी में कर्मचारियों ने जश्न मनाया। मिठाई बांटी गई, एक-दूसरे को बधाई दी गई और सभी जमकर थिरके।
भोपाल में कचरे का कलेक्शन और उसका निपटारा
भोपाल शहर में होने वाले कचरे का कलेक्शन और फिर उसका निपटारा करने का प्रबंध किया गया है। भोपाल में हर दिन 517 डीटीडीसी व्हीकल, 719 सीएनजी व्हीकल और 202 रोड स्वीपिंग व्हीकल तैनात हैं। जो पूरे दिन में शहर भर का गीला सूखा कचरा समेटकर उसे कचरा निष्पादन केन्द्र तक पहुंचाते है। कलेक्शन मैकेनिज्म के साथ समानांतर रूप से वेस्ट प्रोसेसिंग का इंतजाम किया गया है। इसके लिए भोपाल में हर दिन उत्सर्जित कचरे के प्रकारों और उसकी मात्रा का पहले आंकलन किया जाता है। 250 नए सीएनजी डोर टू डोर वाहन, 6 मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग वाहन जैसे इंतजाम इसी साल से किए गए। जिससे डोर टू डोर कचरा कलेक्शन 100 प्रतिशत हो सके।
निगम की यह हैं उपलब्धी
1- रेंडरिंग प्लांटः आदमपुर छावनी में लगभग 6 करोड़ की लागत से रेंडरिंग प्लांट लगाया गया है। इसमें स्लाटर वेस्ट से मुर्गी व मछली के लिए दाना तैयार किया जा रहा है। यह प्लांट मध्यप्रदेश में अपने किस्म का पहला प्लांट है। पहली बार इस प्लांट में कुर्बानी का वेस्ट भेजा गया था, जो फिश और पोल्ट्री फूड के रूप में तैयार किया गया।
2- ग्रीन वेस्ट प्लांटः अन्ना नगर गारबेज कलेक्शन प्लांट में ही नगर निगम ग्रीन वेस्ट प्लांट लगा रहा है। इस प्लांट में बायोमास ब्रिकेट बनेंगी, जो ईंधन के रूप में उपयोग होगीं। लगभग 8 करोड़ की लागत वाले इस प्लांट को पीपीपी मोड पर इंदौर की कंपनी को दिया गया है। यह प्लांट शुरू होने से निगम की ग्रीन वेस्ट रखने की समस्या खत्म हो जाएगी।
3- फूलों से बना रहे अगरबत्तीः दानापानी गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन में फूलों से अगरबत्ती बनाई जा रही है। शहर के सभी मंदिरों के अलावा राजनैतिक कार्यक्रम, शादी-पार्टी से निकलने वाले फूलों को एकत्रित कर इस प्लांट भेजा जाता है। इसके लिए रोजाना चार मैजिक वाहन पूरे शहर से फूलों का कलेक्शन कर रहे हैं। इन्हें सुखाने के बाद प्लांट में अगरबत्ती बनाई जा रही हैं।
4- प्लास्टिक वेस्ट प्लांटः आदमपुर छावनी में पीपीपी मोड पर प्लास्टिक वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट लगाया गया है। इसकी क्षमता 5 टन प्रतिदिन है। लगभग 3 करोड़ 2 लाख के इस प्लांट का संचालन भोपाल की टेर्राफॉम इएसजी कंपनी कर रही है। लैण्डफिल साईट पर ही प्लांट में उत्पादन तैयार करने के अलावा प्लास्टिक वेस्ट को श्रेड कर गुजरात भेजा जा रहा है। यह प्लांट लगने से निगम को 3 टन प्लास्टिक वेस्ट से मुक्ति मिल गई।
5- सीएण्डडी वेस्ट प्लांटः घरों की टूट-फूट से निकले सीएण्डडी वेस्ट मटेरियल को पहले फैंक दिया जाता था। लेकिन अब इसका उपयोग होने लगा है। कोलार के थुआखेड़ा में इस कचरे से पेविंग ब्लाक और ईंट बनाई जा रही हैं। यह प्लांट भी पीपीपी मोड पर संचालित है।
6- थर्माकोल वेस्ट प्लांटः निगम के लिए थर्माकोल एक बड़ी समस्या थी। लेकिन अब इससे आर्टिफिशल ज्वेलरी, मोती, डेकोरेशन, सर्टिफिकेट के बॉर्डर, हैंगर, आर्टिफिशल दाना जैसे अन्य सामान बनाए जा रहे हैं। निगम ने दानापानी गारबेज ट्रांसफर स्टेशन के पास इसका प्लांट लगाया है, जो पीपीपी मोड पर संचालित है।
7- कोकोनट वेस्ट प्लांटः दानापानी गारबेज ट्रांसफर स्टेशन में ही कोकोनट वेस्ट प्लांट लगा है, जहां पूरे शहर से नारियल वेस्ट एकत्रित कर कोकोपिट बनाया जा रहा है। इसके अलावा अन्ना नगर प्लांट में पुराने कपड़ों को रिसायकल किया जा रहा है।
8- कचरे को लेकर कारगार कदम: राजधानी में हर रोज औसत 800 टन कचरा निकलता है। इसमें 300 टन गीला और 500 टन सूखा कचरा रहता है। वहीं, मेडिकल वेस्ट भी निकलता है। गीले और सूखे कचरे को लेकर निगम ने काफी कारगार कदम आगे बढ़ाए। यही कारण है कि रैंकिंग में सुधार हुआ।
भारी मानसून में खोली सड़क पर गुणवत्ता व निगरानी की पोल,बोर्ड ऑफिस चौराहा में लगभग 10 फीट गड्ढा
17 Jul, 2025 03:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में बारिश के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. वहीं भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर सड़क धंसने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। मेन रोड पर गड्ढा होने से आने-जाने वाले लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। इसी गड्डे के नीचे से सीवेज लाइन गुजरी हुई है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में हुए भ्रष्टाचार के कारण ये हाल हुआ है।
कांग्रेस नेता ने किया प्रदर्शन
भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर सड़क पर लगभग 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया है। बोर्ड ऑफिस चौराहा शहर के व्यस्त इलाकों में से एक है। स्थानीय लोगों ने बताया कि ये गड्ढा आनेजाने वाले लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। हालांकि प्रशासन ने बैरिकेडिंग लगाकर गड्ढे को कवर कर लिया है। वहीं सड़क धंसने के बाद कांग्रेस प्रदर्शन किया. कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारेलिया गड्ढे के पास ही बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। अभिनव बारेलिया ने कहा कि भोपाल ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की सड़कों का यही हाल है।
सागर में अंधविश्वास की भेंट चढ़ा मासूम, सांप के काटने पर नहीं मिला समय पर इलाज
17 Jul, 2025 02:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर। बुंदेलखंड अंचल में बारिश के मौसम में जहरीले जीव-जंतुओं के काटने की घटनाएं आम हो गई हैं। खासतौर पर सर्पदंश के मामलों में हर साल कई लोगों की जान चली जाती है। इन मौतों की एक बड़ी वजह आधुनिक चिकित्सा की बजाय झाड़फूंक जैसे अंधविश्वास पर ग्रामीणों का भरोसा होना है। ऐसा ही एक मामला बुधवार को सागर जिले के मालथौन थाना क्षेत्र के ग्राम चुरारी में सामने आया, जहां झाड़फूंक में कीमती समय गंवाने की वजह से एक 12 वर्षीय बालक की मौत हो गई, जबकि उसकी मां की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
रात में सोते समय सांप ने डसा
मंगलवार देर रात करीब 12 बजे गांव चुरारी में सरोज रानी अपने बेटे नीलेश आदिवासी (12) के साथ घर में सो रही थीं। इसी दौरान दोनों को जहरीले सांप ने डस लिया। बेटे की हालत बिगड़ने पर सरोज रानी ने परिवार को इसकी जानकारी दी।
अस्पताल के बजाय झाड़फूंक कराते रहे परिजन
थाना प्रभारी अशोक यादव के अनुसार, घटना के बाद परिजनों ने मां-बेटे को तत्काल अस्पताल ले जाने की बजाय झाड़फूंक कराने का फैसला किया। करीब 12 घंटे तक झाड़फूंक में समय गंवाने के बाद जब नीलेश की हालत और बिगड़ गई, तब उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बालक को मृत घोषित कर दिया। सरोज रानी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है और जांच जारी है।
प्रशासन की चेतावनी के बावजूद कायम है अंधविश्वास
बता दें कि सागर जिला सर्पदंश की घटनाओं के लिए संवेदनशील माना जाता है। प्रशासन लगातार ग्रामीणों को जागरूक कर रहा है कि सर्पदंश की स्थिति में बिना देरी किए मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं, जहां फौरन एंटी वेनम इंजेक्शन दिया जा सके। लेकिन इसके बावजूद आज भी कई लोग झाड़फूंक के चक्कर में अपनी और अपनों की जान गंवा रहे हैं।
उमा भारती ने बीजेपी पर साधा निशाना,बोलीं राजनीति के कारण परिवार ने कष्ट सहे
17 Jul, 2025 02:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने अपनी ही पार्टी पर निशाना साधते हुए तंज कसा है। सोशल मीडिया साइट एक्स पर भावुक पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि मेरे परिवार ने मेरी राजनीति के कारण बहुत कष्ट उठाए हैं। उन्होंने आगे लिखा कि भाजपा अगर मुझे चुनाव न लड़ाती तो मेरे परिवार के भाई या भतीजे सांसद या विधायक बहुत पहले बन गए होते।
पार्टी ने एहसान नहीं किया
बीजेपी नेता उमा भारती ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि मेरे एक भाई के बेटे राहुल को टिकट देना, परिवार पर कोई एहसान नहीं था पार्टी की मजबूरी थी। उन्होंने आगे लिखा कि शायद ही मध्य प्रदेश भाजपा के बड़े पदों पर बैठे नेताओं के परिवार ने इतने कष्ट उठाए हों, सरकार चाहे कांग्रेस की रही हो या भाजपा की मेरी वजह से उनकी खूब प्रताड़ना हुई। लूट, डकैती जैसे झूठे आरोप लगे और कोर्ट में हमेशा वह पूरी तरह से निर्दोष साबित हुए। उन्होंने पोस्ट पर लिखा कि मेरा परिवार तो जनसंघ के समय से भाजपा में है।राहुल और सिद्धार्थ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में बाल स्वयंसेवक थे, तब मैं राजनीति से कोसों दूर थी. मेरा परिवार जनसंघ से जुड़ा था।
ममता बनर्जी पर कसा था तंज
इससे पहले उमा भारती पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर ममता बनर्जी ने घुसपैठियों को अपना वोटर बनाया है। इससे देश को नुकसान हो रहा है। हिंदू नेताओं के कारण ही हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है।
संजीव सचदेवा को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का 29वां मुख्य न्यायाधीश नियुक्त
17 Jul, 2025 01:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भोपाल स्थित राजभवन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गुरुवार को न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के 29वें चीफ जस्टिस पद की शपथ दिलाई। जस्टिस सचदेवा शुक्रवार को पदभार ग्रहण करेंगे. इस मौके पर डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और मुख्य सचिव अनुराग जैन मौजूद रहे।
दिल्ली उच्च न्यायालय में जस्टिस रह चुके हैं
चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा का जन्म 1964 में दिल्ली में हुआ. सचदेवा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज से बीकॉम (ऑनर्स) की डिग्री साल 1985 में पूरी की। उन्होंने 1988 में दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी की. इसके साथ ही उन्होंने वकालत की शुरुआत की। कानून के क्षेत्र में जस्टिस सचदेवा को लंबा अनुभव है। 17 अप्रैल 2013 को उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट का न्यायाधीश बनाया गया। इसके बाद उन्हें तबादला करते हुए 31 मई 2024 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट भेज दिया गया।
सुरेश कुमार कैत की जगह लेंगे
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के 28वें चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत रहे. वे अपने पद पर 25 सितंबर 2024 से 23 मई 2025 तक रहे।जस्टिस संजीव सचदेवा 24 मई 2025 से 13 जुलाई 2025 तक कार्यकारी चीफ जस्टिस रहे। इससे पहले भी वे कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। वे 9 जुलाई 2024 से 24 सितंबर 2024 तक प्रदेश के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश रहे हैं।
ब्रिटिश संसद में गूंजा हनुमान चालीसा, पाकिस्तानी हुआ सनातनी, बाबा से गजब सवाल
17 Jul, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छतरपुर: देश के जाने-माने कथावाचक पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने ब्रिटेन में भारत का मान बढ़ाया है. उन्हें ब्रिटेन की संसद में सांसदों के एक समूह के द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया गया. इस दौरान संसद में हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर को यह सम्मान मानवता के लिए किए जा रहे उनके कार्यों, वैश्विक प्रेम, शांति और सामंजस्य के क्षेत्र में दिए जा रहे योगदान के लिए दिया गया था. कार्यक्रम में यूके की सांसद सीमा मल्होत्रा, हैरो सिटी की मेयर अंजना पटेल, सांसद बॉब ब्लेकमैन, हाउस ऑफ लॉर्ड्स की सदस्य बारोनेस वर्मा उपस्थित रहीं.
ब्रिटेन की संसद में धीरेंद्र शास्त्री के कार्यों की सराहना
लंदन स्थित हाउस ऑफ कॉमन्स में यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम के दौरान पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के द्वारा भारत में गरीब बेटियों के लिए किए जा रहे विवाह समारोह, प्रतिदिन हजारों लोगों के लिए की जा रही अन्नपूर्णा सेवा, जरूरतमंद मरीजों के लिए बनाए जा रहे कैंसर अस्पताल जैसे कार्यों की सराहना की गई. इस अवसर पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कहा कि इन सब कार्यों की प्रेरणा उन्हें अपने शास्त्रों और भारतीय संस्कृति से मिलती है, जिसमें नर को ही नारायण मानकर सेवा का संदेश दिया गया है.
बागेश्वर धाम आने का दिया न्यौता
उन्होंने इस अवसर पर लंदन में एक लंबा उद्बोधन देते हुए सभी भारतवंशियों और लंदन के लोगों को बागेश्वर धाम आने का न्यौता भी दिया. इस अवसर पर बागेश्वर महाराज ने यह भी कहा कि, ''विश्व शांति के लिए भारतीय जीवनशैली और सनातन का मार्ग सर्वश्रेष्ठ रास्ता है.'' उन्होंने कहा कि, ''एक सनातनी ही संपूर्ण विश्व को अपना परिवार मानते हुए उसके कल्याण की कामना करता है. हमें ऐसी महान संस्कृति को समझने और अपनाने की जरूरत है.''
ब्रिटेन की संसद में गूंजा हनुमान चालीसा
एक समय था जब ब्रिटेन की संसद में भारत की बात नहीं सुनी जाती थी, लेकिन आज इसी संसद में हनुमान चालीसा का पाठ गूंजा. बागेश्वर महाराज की उपस्थिति में ब्रिटेन की संसद में मौजूद सांसदों एवं अन्य लोगों ने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया. महाराज ने कहा कि, ''अंतरिक्ष से सुभाष शुक्ला ने जो संदेश दिया उसे सबको याद रखना चाहिए. देश के भीतर की सनातन संस्कृति एक विश्व एक परिवार की धारणा को लेकर चलती है.''
पाकिस्तानी मोहम्मद आरिफ हुए सनातनी
ब्रिटेन की संसद में धीरेंद्र शास्त्री की मौजूदगी में पाकिस्तान मूल के मोहम्मद आरिफ ने सनातन धर्म को अपना लिया. मोहम्मद आरिफ ने कहा, ''उनका जन्म पाकिस्तान में जरूर हुआ है लेकिन भगवत गीता पढ़कर अब वह हिंदू हो गए हैं.'' उन्होंने धीरेन्द्र शास्त्री से पूछा, ''क्या हिंदू होने के लिये नाम बदलना जरूरी है? क्या बिना नाम बदले हिंदू नहीं हो सकते.'' महाराज धीरेन्द्र शास्त्री ने जवाब देते हुए कहा कि, ''हिंदू धर्म नहीं बल्कि एक मानवता की विचारधारा है. यदि आप भागवत गीता पढ़ रहे हैं तो आपका इतना ही परिचय काफी है. दिल में विचार बदल गए तो आप सनातनी हो गए.''
जो मानवता के लिए कार्य कर रहे उनकी लेंगे सेवाएं
एक प्रश्न के जवाब में बागेश्वर महाराज ने कहा कि, ''पूरे विश्व में जो लोग मानवता के लिए कार्य कर रहे हैं, बागेश्वर धाम में समय-समय पर उनकी सेवाएं लेकर गरीबों की समस्याएं हल कराएंगे.'' उन्होंने कहा कि, ''कैंसर अस्पताल बनने के बाद डॉक्टरों का दल इसका संचालन करेगा, लेकिन विश्व के जो भी विशेषज्ञ चिकित्सक हैं, उन्हें सेमिनार के माध्यम से बागेश्वर धाम बुलाकर गरीबों की सेवा का अवसर दिया जाएगा.''
विश्व शांति के लिए बाबा ने किया हवन पूजन
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर लंदन में विश्व शांति के लिए रोजाना हवन पूजन कर रहे हैं, जिससे विश्व में शांति और सद्भावना बनी रहे. बाबा बागेश्वर बोले, ''हम सब का सौभाग्य है, कि भारत से कोसो दूर हैं लेकिन दिल के बहुत नजदीक हैं. आप लोगो को देख कर हम ने समझा लेकिन हम को ज्यादा अंग्रेजी नहीं आती है. अगर आप की कर्मभूमि लंदन है तो दोनों देशों का प्रेम बना रहे.''
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