मध्य प्रदेश
भोपाल रेलवे स्टेशन पर ईमानदारी की मिसाल, आरपीएफ ने सुरक्षित लौटाया बैग
18 Jul, 2025 08:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। यात्रियों की सुरक्षा एवं उनकी सम्पत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु रेल सुरक्षा बल द्वारा “ऑपरेशन अमानत” अभियान के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में भोपाल आरपीएफ पोस्ट द्वारा एक और ईमानदारी एवं तत्परता का उदाहरण प्रस्तुत किया गया है।
दिनांक 17 जुलाई 2025 को ड्यूटी पर तैनात आरक्षक बी. बी. प्रजापति को ट्रेन संख्या 12853 (अप) के कोच S2 की सीट संख्या 56 पर सफाईकर्मी के माध्यम से एक लैपटॉप बैग प्राप्त हुआ। आरक्षक द्वारा तत्परता दिखाते हुए उक्त बैग को तत्काल आरपीएफ पोस्ट भोपाल में जमा कराया गया।
कुछ समय पश्चात श्री अनुराग शर्मा नामक एक यात्री आरपीएफ पोस्ट पर उपस्थित हुए और उन्होंने यात्रा टिकट प्रस्तुत करते हुए अपने लैपटॉप की पूर्ण जानकारी दी। जांच एवं सत्यापन उपरांत यह पुष्टि हुई कि बरामद लैपटॉप उन्हीं का है।
इसकी पुष्टि के पश्चात धारक श्री अनुराग शर्मा को पंचनामा तैयार कर विधिवत लैपटॉप सुपुर्द किया गया। यात्री ने रेलवे प्रशासन तथा आरपीएफ टीम का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनकी ईमानदारी एवं कार्य कुशलता की सराहना की।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि ऑपरेशन अमानत के अंतर्गत रेल यात्रियों की खोई हुई वस्तुओं को सुरक्षित रूप से उन्हें लौटाया जा रहा है, जिससे यात्रियों में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना मजबूत हो रही है।
रेल प्रशासन यात्रियों से अपील करता है कि यात्रा के दौरान अपने सामान की स्वयं देखभाल करें, तथा किसी भी सहायता के लिए निकटतम आरपीएफ पोस्ट से संपर्क करें।
18 जुलाई 2025: भोपाल में 24 K सोना 9,942 ₹/ग्राम, 22 K 9,115 ₹; चांदी 112.92 ₹/ग्राम पर उछाल
18 Jul, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Gold-Silver Price 18 July: देशभर में सोने-चांदी के बाजारों में हलचल तेज है. इसी बीच राजधानी भोपाल के सराफा में आज सोने के भाव में 10 रुपए सस्ते हुए हैं तो वहीं चांदी 380 रुपए की बढ़त के साथ तेज हुई है. एमपी की राजधानी भोपाल में आज शुक्रवार (18 July) को भारतीय बाजार के मुताबिक, बाजार शुरू होने तक सोने और चांदी के भाव कुछ इस प्रकार हैं:
– भोपाल में 22 कैरेट सोने का रेट
आज: 89,659 रुपए/10 ग्राम
बीते दिन: 89,419 रुपए/10 ग्राम
– भोपाल में 24 कैरेट सोने के दाम
आज: 97,810 रुपए/10 ग्राम
बीते दिन: 97,820 रुपए प्रति 10 ग्राम
– भोपाल में चांदी का भाव
आज: 112,900 रुपए/1 किलो
बीते दिन: 112,520 रुपए प्रति किलो
तीसरे दिन भी नीचे गिरा सोना
देशभर में आज पिछले कई दिनों से ऊपर चढ़ रहे सोने के भाव में लगातार तीसरे दिन मामूली गिरावट आई है. जिसके बाद सोना 10 रुपए सस्ता हुआ है. इसी बीच आज येलो मेटल कहे जाने वाले सोने के शुरुआती कारोबार में कितनी तेजी आई है यहां जाने. वहीं देश में आज गोल्ड-सिल्वर रेट कुछ इस प्रकार से हैं:
भारत में 24 कैरेट गोल्ड रेट
आज: 97,880 रुपए प्रति 10 ग्राम
बीते दिन: 97,890 रुपए प्रति 10 ग्राम
भारत में चांदी का भाव
आज: 112,980 रुपए प्रति 1 किलो
बीते दिन: 112,600 रुपए/किलो
हालमार्क ही है असली सोने की पहचान
अगर आप सोने के गहने खरीदने जा रहे हैं तो कभी भी क्वालिटी से समझौता न करें. हॉलमार्क देखकर ही गहने खरीदें, क्योंकि यही सोने की सरकारी गारंटी है. भारत में ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) हॉलमार्क का निर्धारण करता है. हर कैरेट के हॉलमार्क अंक अलग होते हैं, जिसे ध्यान से रखकर ही सोना खरीदें. अगर आप ऐसा नही करते हैं तो आपके सोने में मिलावट भी हो सकती है तो हमेशा जांच परख कर ही खरीदी करें.
“कोलार सिक्स‑लेन पर रफ्तार का कहर: रात के अँधेर में मां-पुत्र की मौत से उभर रही है सड़क की दूरगामी खामियाँ”
18 Jul, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Kolar Six-Lane Accident: भोपाल की सबसे चौड़ी सड़कों में से एक Kolar Six-Lane अब धीरे-धीरे मौत का रास्ता बनती जा रही है. शुक्रवार रात इस सड़क पर हुए एक दर्दनाक हादसे में एक 54 वर्षीय महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया.
पुलिस के मुताबिक, महिला अपने बेटे की बाइक पर पीछे बैठी थीं. उसी दौरान दो तेज रफ्तार SUV आपस में ओवरटेक करने की कोशिश कर रही थीं और बाइक को टक्कर मार दी. टक्कर इतनी तेज थी कि महिला की मौके पर ही जान चली गई, जबकि बेटा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है.
इसी सड़क पर दोपहर में भी एक और हादसा हुआ था. एक स्कूल बस ने एक बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें बाइक चला रहा युवक मारा गया और उसकी भांजी व एक अन्य रिश्तेदार घायल हो गए.
अब जागा प्रशासन: कैमरे और ब्रेकर की मांग
Kolar थाना प्रभारी संजय सोनी ने कहा कि “चौड़ी सड़क को देखकर लोग बिना सोचे-समझे रफ्तार बढ़ा देते हैं. ट्रैफिक तो बहुत ज्यादा है, लेकिन स्पीड कंट्रोल के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं. बड़े कट प्वाइंट, फुटपाथ पर अतिक्रमण और पार्किंग भी बड़ी दिक्कत हैं.”
ट्रैफिक पुलिस ने स्मार्ट सिटी अधिकारियों से स्पीड मॉनिटरिंग कैमरे और रंबल स्ट्रिप्स लगाने की मांग की है, खासतौर पर Sarvdharm, DMart, JK Hospital, गोल जोड़, कजलिखेड़ा जैसे प्रमुख जंक्शन पर.
पुलिस की तैनाती और कैमरा वापसी की मांग
एडिशनल DCP ट्रैफिक बसंत कौल ने बताया कि सड़क चौड़ी होने के बाद लोग और भी ज्यादा स्पीड करते हैं. पहले चूनाभट्टी चौराहे पर CCTV कैमरे लगे थे, जो अब हटाए जा चुके हैं. अब इन्हें दोबारा लगाने के लिए स्मार्ट सिटी को प्रस्ताव भेजा गया है.
Kolar Six-Lane सड़क विकास की एक मिसाल हो सकती थी, लेकिन सुरक्षा उपायों के बिना यह जानलेवा बनती जा रही है. एक ही दिन में दो दुर्घटनाएं यह साबित करती हैं कि बिना स्पीड ब्रेकर, कैमरे और ट्रैफिक कंट्रोल के, कोई भी सड़क हादसों का न्यौता बन सकती है.
“छतरपुर में तबाही: बारिश से घर–school–temple डूबे, 2 की मौत, 6 लापता”
18 Jul, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP Weather Update Today: मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता से झमाझम बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 7 जिलों ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, दतिया, मुरैना और भिंड में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में अगले 24 घंटों में 8 इंच तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके अलावा 15 जिलों नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां साढ़े 4 इंच तक बारिश होने के आसार हैं. वहीं, अत्यधिक बारिश की वजह से रीवा, सतना, डिंडौरी और मऊगंज जिलों में आज स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है.
मध्य प्रदेश में बीते गुरुवार को भी राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहा. इस दौरान रीवा में भी खूब बारिश हुई. यहां कलेक्टर ने छुट्टी की घोषणा कर दी है. बता दें, सतना का शबरी जलप्रपात तेज बारिश के चलते बह उठा. इसके अतिरिक्त मऊगंज का बहुती जलप्रपात भी ओवरफ्लो में बह रहा है. साथ ही मऊगंज का देवलहा जलप्रपात भी तेज बारिश से बह उठा. मौसम विभाग में शुक्रवार को पूर्वी व पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश के चलते बाढ़ की आशंका जताई है.
श्योपुर: क्वारी नदी फिर उफान पर, लोगों की टेंशन बढ़ी
जिले भर में झमाझम बारिश का दौर जारी है. क्वारी नदी फिर उफान पर है. इससे विजयपुर के लोगों की टेंशन बढ़ गई है. सब्जी मंडी में पानी भर गया है. निचली बस्तियों में खतरा बढ़ गया है. विजयपुर को अगरा इलाके के 20 से ज्यादा गांवों को जोड़ने बाला नदी का पुल डूब गया है. 20 गांवों का विजयपुर से संपर्क टूट गया है. मौके पर प्रशासन और पुलिस की टीमें मौजूद हैं. नदी के आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है.
बांधों के खुले सभी गेट, पानी-पानी हुआ छतरपुर, 2 की मौत, 6 लापता
जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात बेकाबू कर दिए हैं. बीते 24 घंटे में इतनी बारिश हुई कि कई इलाके बाढ़ जैसी स्थिति में आ गए. हालात को संभालने के लिए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है. आधा दर्जन बड़े बांधों के सभी गेट खोल दिए गए हैं. इससे निचले इलाकों में खतरा और बढ़ गया है. बारिश की तबाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक करीब 26 लोगों को प्रशासन ने बाढ़ के पानी से सुरक्षित निकाला है. वहीं, दो लोगों की मौत हो चुकी है और 6 लोग लापता बताए जा रहे हैं.
कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देश पर सभी अफसर मैदान में उतर गए हैं. जिले के तमाम एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ और नगर परिषदों के सीएमओ रेस्क्यू और राहत बचाव कार्यों में जुटे हैं.
भोपाल नगर निगम में हर महीने खर्च होते हैं 13 करोड़ 85 लाख, 25 प्रतिशत कर्मचारी हर दिन गैर हाजिर
18 Jul, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। राजधानी भोपाल नगर निगम में अजब-गजब मामला सामने आया है। कर्मचारी तो हैं लेकिन सिर्फ कागजों पर, दफ्तर में सालों साल गायब रहते हैं। बिना ड्यूटी के करोड़ों रुपये की सैलेरी हर महीने निकल रही है। कर्मचारी सालों से ना तो दफ्तर पहुंचे है और ना ही फील्ड पर आए। वहीं अधिकारी गोल मोल जवाब देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
12 हजार 400 अस्थायी कर्मचारी
नगर निगम भोपाल में 12 हजार 400 अस्थायी कर्मचारी हैं। कर्मचारियों की सैलरी पर हर महीने 13 करोड़ 85 लाख रुपए खर्च होते हैं। करीब 25% कर्मचारी रोज ड्यूटी से गायब रहते हैं। 25 प्रतिशत कर्मचारियों में से कुछ ऐसे हैं, जो न तो निगम जाते हैं न फील्ड में जाते हैं। कुछ गायब कर्मचारी वे हैं, जो रिटायर अफसरों, नेताओं, पार्षदों के घरों पर काम कर रहे हैं। सैलरी बाकायदा निगम के खाते से जा रही है। निगम के माता मंदिर दफ्तर परिसर में शिक्षा एवं खाद्य शाखा में जब विस्तार न्यूज़ की टीम पहुंची तो शाखा का लॉक तो खुला मिला लेकिन कर्मचारी नदारद थे। शिक्षा शाखा छोड़कर बाकी शाखाएं खुली मिलीं. शिक्षा शाखा में निगम के रिकॉर्ड में 08 कर्मचारी तैनात हैं। निगम उपायुक्त सीबी मिश्रा की पत्नी सरोज लिपिक (विनियमित) के पद पर हैं, इनकी बेटी नीतू तिवारी भी 29 दिवसीय कर्मचारी के तौर तैनात हैं। यहां कुछ को 30-30 हजार और कुछ महीने 12-12 हजार रुपए सैलरी मिलती है।
रैन बसेरा में भी कर्मचारी गैर हाजिर
नगर निगम के रैनबसेरा में भी कर्मचारियों के नाम पर सैलरी जाती है। लेकिन कर्मचारी कभी ऑफिस पहुंचते ही नहीं है। नगर निगम कमिश्नर का कहना है कि कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। हाजिरी सार्थक ऐप पर लगती है, इसलिए किसी भी गड़बड़ी का कोई सवाल ही नहीं है।जब सार्थक ऐप से हाजिरी को लेकर पड़ताल की तो कर्मचारियों ने खुद कहा कि सार्थक ऐप से अटेंडेंस सालों से नहीं लगी है और केवल रजिस्टर में ही समय नोट किया जाता है। ऐसे में सवाल यही है कि आखिर अधिकारी गड़बड़ियों पर आंखें बंद करके क्यों बैठे हैं और कर्मचारियों की मनमानी पर लगाम लगाने में कोताही क्यों बरत रहे हैं।
सड़कों की बदहाली अकल्पनीय 50% कमीशन वसूली का राज खुला : जीतू पटवारी
18 Jul, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का आरोप लगाया है। कहा, भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया, यह केवल सड़क नहीं, बल्कि निर्माण गुणवत्ता और जवाबदेही की असफलता का गड्ढा है। राजधानी का सबसे व्यस्त चौराहे पर जहां से लाखों वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं। इस प्रकार की घटना यह साबित करती है कि नगर निगम और लोक निर्माण विभाग ने जानबूझकर घटिया सामग्री का प्रयोग किया। वर्षों से चल रहे निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी व्याप्त है। उन्होने कहा कि यह समस्या केवल भोपाल की नहीं है। पूरे प्रदेश की सड़कें, पुल, और गलियां गड्ढों और जानलेवा जोखिमों से भरी हुई हैं।मध्य प्रदेश में बारिश के मौसम में सड़कों पर हो रहे गड्ढे को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधा है। PCC चीफ ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, मध्य प्रदेश में 50 फीसदी कमीशन पर काम हो रहे हैं, ऐसे में गुणवत्ता कैसे आएगी। जिम्मेदार मंत्री कह रहे हैं कि सड़क होगी तो गड्ढे रहेंगे. मतलब सीधा साफ है कि भ्रष्टाचार एमपी में जारी रहेगा। मंत्री को मध्य प्रदेश की सड़कों में हो रहे गड्ढों में जल समाधि ले लेनी चाहिए। आखिर सरकार क्या कर रही है, सरकार दावे तो बड़े-बड़े करती है लेकिन नतीजा सबके सामने हैं।
गुलामी के दौर में किया बड़ा सपना साकार: हरिसिंह गौर ने बनाई सागर यूनिवर्सिटी
18 Jul, 2025 11:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर: बुंदेलखंड के छोटे से कस्बे के लोगों ने सोचा भी नहीं था कि जब देश गुलाम था और मध्य प्रदेश का वजूद भी नहीं था, तब कोई महामानव यहां अपनी जीवन की जमा पूंजी से विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी की स्थापना कर देगा. सागर के सच्चे सपूत डॉ. सर हरिसिंह गौर ने 18 जुलाई 1946 को 20 लाख की पूंजी से पहाड़ी पर विश्वविद्यालय की स्थापना की थी. तब भारत में सिर्फ 17 यूनिवर्सिटी थी और इस तरह सागर में 18 वीं यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई थी.
ये भारत का एकमात्र उदाहरण है, जिसकी स्थापना किसी व्यक्ति ने अपनी निजी पूंजी से की हो, जबकि वह व्यक्ति गरीब साधारण परिवार में जन्मा था. जीवन भर संघर्ष करके विदेश में पढ़ाई की और देश के जाने माने विधिवेत्ता और शिक्षाविद के रूप में उनकी पहचान थी. डॉ. दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रथम कुलपति रहे, तो नागपुर यूनिवर्सिटी के भी कुलपति रहे. उन्होंने अपने जीवन के अंतिम चरण में अपनी जन्म भूमि के लिए ऐसी सौगात दी, जिसकी किसी भी दान से तुलना नहीं की जा सकती है.
साधारण परिवार में जन्मे थे हरिसिंह गौर
हरि सिंह गौर का जन्म सागर की शनिचरी तोड़ी पर 26 नवंबर 1870 को एक गरीब परिवार में हुआ था. प्रारंभिक शिक्षा सागर के गवर्नमेंट स्कूल में हुई थी. इसके बाद वह जबलपुर पढ़ने चले गए और फिर नागपुर के हिलसप कॉलेज में पढ़ाई की. उन्हें स्कूली शिक्षा से लेकर कॉलेज तक स्कॉलरशिप मिलती रही. नागपुर में कॉलेज में पढ़ाई के दौरान पूरे प्रांत में प्रथम स्थान हासिल किया था. 19 साल की उम्र में हरिसिंह गौर उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड चले गए. जहां उन्होंने दर्शन शास्त्र और अर्थशास्त्र में ऑनर्स की उपाधि हासिल की.
फिर एमए करने के बाद एलएलएम और एलएलडी की डिग्री 1908 में हासिल की. केंब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के साथ साथ उन्होंने ट्रिनिटी कॉलेज में डी लिट और एल एल डी की पढ़ाई की. विदेश में करीब 23 साल पढ़ाई करने के बाद डॉ. हरिसिंह गौर 1912 में भारत वापस आ गए. उन्हें भारत आने पर सरकारी नौकरी मिल गयी. महज 3 महीने नौकरी के बाद डॉ. गौर ने देश के कोने-कोने में वकालत शुरू कर दी. जल्द ही वकालत के क्षेत्र में उनकी ख्याति फैलने लगी. जबलपुर, कोलकाता, रंगून, लाहौर और कई जगहों पर वकालत करने के बाद डॉ. गौर फिर इंग्लैंड चले गए और प्रीवी काउंसिल में करीब 4 साल वकालत की.
वकालत के साथ शिक्षाविद की ख्याति
डॉ. हरिसिंह गौर ने वकालत के क्षेत्र में जितना नाम कमाया, उतनी ही ख्याति उनकी शिक्षाविद के रूप में हुई. 1921 में जब दिल्ली यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई, तो उन्हें दिल्ली यूनिवर्सिटी का संस्थापक कुलपति बनाया गया. इसके अलावा दो बार नागपुर यूनिवर्सिटी के भी कुलपति रहे. प्रारंभिक शिक्षा सागर में करने के बाद जबलपुर, नागपुर और फिर विदेश जाने के कारण उनके मन में हमेशा टीस थी कि उनकी जन्मभूमि सागर में कोई बड़ा शैक्षणिक संस्थान नहीं है. इसी बात को लेकर उन्होंने तय कर लिया कि अपनी जन्मभूमि सागर में विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी की स्थापना करेंगे.
उनकी कोशिशें को कई बार नाकाम करने की कोशिश की गई. कई बड़ी हस्तियों ने उन पर विश्वविद्यालय नागपुर, जबलपुर और रायपुर जैसे शहरों में खोलने का दबाव बनाया. लेकिन वह किसी भी दबाव की तरफ नहीं झुके और उन्होंने अपने प्रयासों से सागर में यूनिवर्सिटी की स्थापना का अपना संकल्प पूरा किया. 18 जुलाई 1946 को सागर यूनिवर्सिटी की स्थापना के बाद वह चाहते थे कि पिछड़े और गरीबी का दंश झेल रहे बुंदेलखंड में लोगों को उच्च शिक्षा का अवसर मिले. उनका सपना था कि सागर यूनिवर्सिटी कैंब्रिज और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी जैसी ख्याति अर्जित करें.
20 लाख में खोली यूनिवर्सिटी और 2 करोड़ वसीयत में दिए दान
18 जुलाई 1946 को सागर में यूनिवर्सिटी की शुरुआत ब्रिटिश सेना के मकरोनिया स्थित बैरक में हुई थी. लेकिन उन्होंने यूनिवर्सिटी बनाने के लिए करीब 1400 एकड़ में फैली पहाड़ी का चयन किया था. उस दौर में उन्होंने 20 लाख रुपए खर्च करके विश्वविद्यालय की स्थापना की. इसके बाद वह अपनी वसीयत में दो करोड़ रुपए सागर यूनिवर्सिटी के लिए दान में लिख गए थे.
डॉ. हरिसिंह गौर ने देश के जाने-माने विद्वानों को सागर लाकर कई ऐसे विषयों की पढ़ाई शुरू की थी, जो देश के बड़े-बड़े विश्वविद्यालय में नहीं होती थी. उन्होंने जियोलॉजी, क्रिमिनोलॉजी, फॉरेंसिक साइंस, एंथ्रोपोलॉजी और कई ऐसे विषयों की पढ़ाई शुरू कराई थी, जो उस दौर में आमतौर पर बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी में होती थी.
आत्मकथा में नहीं किया उल्लेख
वैसे तो डॉ. हरि सिंह गौर ने वकालत, दर्शन और कई क्षेत्रों में एक से बढ़कर एक किताबें लिखी हैं. लेकिन उन्होंने 1941 से 1945 के बीच अपनी आत्मकथा 'सेवन लाइव्ज' लिखी थी. जिसका अनुवाद सागर के वरिष्ठ पत्रकार राजेश श्रीवास्तव ने हिंदी में किया है. वह बताते हैं कि, ''डॉ. हरि सिंह गौर ने अपनी जन्मभूमि पर बड़ी मुश्किलों के बाद यूनिवर्सिटी की स्थापना की थी और वह चाहते थे कि यूनिवर्सिटी कैंब्रिज और हार्वर्ड की तरह मशहूर हो. जब वह यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए संघर्षरत थे, तभी वह अपनी आत्मकथा भी लिख रहे थे. लेकिन उसमें कहीं भी यूनिवर्सिटी की स्थापना का उल्लेख नहीं है.''
मस्ती के बीच आई मौत! सड़क किनारे बारिश के पानी से हुआ हादसा
18 Jul, 2025 10:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सतना : रेलवे मनोरंजन गृह के पीछे बने गड्ढे भरे पानी में दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई. दोनों सड़क किनारे भरे पानी में मस्ती कर रहे थे, लेकिन दोनों ने सोचा नहीं होगा कि ये उनकी मौत का कारण बन जाएगा. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों स्कूली छात्रों के शव को पानी से बाहर निकलवाया और पीएम के लिए भेजा.
डूब चुके थे किशोर, फिर पड़ी लोगों की नजर
दरअसल, ये घटना सतना के जीआरपी थाना अंतर्गत रेलवे कॉलोनी की है. यहां उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कॉलोनी के अंदर मौजूद मनोरंजन ग्रह के पीछे बने एक गड्ढे में दो किशोर डूब गए. इसकी जानकारी तब लगी जब वहां से गुजर रहे स्थानीय लोगों ने पानी में जूते चप्पल उतराते देखे. तभी एक किशोर का शव भी नजर आया. तत्काल लोगों ने जीआरपी पुलिस को मामले की सूचना दी.
दोनों रेलवे कॉलोनी के रहवासी, घर से खेलने निकले थे
देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया, जिसमें यह सामने आया कि दो किशोर जो की पड़ोसी हैं, खेलते हुए घर से निकले थे, और सड़क किनारे बने गड्ढे में भरे पानी में मस्ती करने उतर गए और गड्ढे के गहरे पानी में फंस गए, जिससे दोनों की दर्दनाक मौत हो गई. ASI रामलाल प्रजापति के मुताबिक, '' मृतकों की पहचान नितिन कुशवाहा उम्र 17पिता राजन कुशवाहा और अमन भट्ट उम्र 18 पिता रजनीश भट्ट के रूप में हुई है. दिनों रेलवे कॉलोनी के रहने वाले थे.
पुलिस के पहुंचने पर एक किशोर का शव स्थानीय लोगों की मदद से निकाल लिया गया, जबकि दूसरे का शव निकालने के लिए SDERF को बुलाया गया, और फिर टीम द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन कर दूसरे का शव बाहर निकाला गया. दोनों का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज गया है.
खुला गड्ढा और बरसाती पानी बना मौत
गौरतलब है कि सतना में लगातार 24 घंटे से बारिश हो रही है, इससे कई इलाके जलमग्न हैं और नदी नाले उफान पर हैं. और जिस गड्ढे को लापरवाही पूर्वक खुला छोड़ दिया गया था, उसी में कई फीट तक बरसाती पानी भर गया था, जिसने इन दो किशोरों की जान ले ली. सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद निर्माण एजेंसी ने खुला गड्ढा छोड़ दिया था, जिसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है.
सगाई की अंगूठी राजमाता ने क्यों सौंपी थी? हेमंत खंडेलवाल ने बताया अनसुना किस्सा
18 Jul, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: मध्य प्रदेश बीजेपी के नवनियुक्त अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल झमाझम बारिश के बीच पहली बार ग्वालियर पहुंचे. एक ओर जहां कार्यकर्ताओं के हुजूम ने भारी बरसात के बावजूद गर्मजोशी से उनका स्वागत किया तो वहीं प्रदेशाध्यक्ष ने भी स्वागत समारोह में राजनीति के क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के लिए ग्वालियर की भूमिका बताई. इस बीच उन्होंने राजमाता सिंधिया के खास त्याग का भी जिक्र किया.
झमाझम बारिश में ग्वालियर पहुंचे हेमंत खंडेलवाल
मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के द्वारा नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में हेमंत खंडेलवाल को चुने जाने के बाद अब नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष प्रदेश के अलग अलग क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के बीच पहुंच रहे हैं. इसी सिलसिले में गुरूवार को वे ट्रेन से ग्वालियर पहुंचे. नए प्रदेश अध्यक्ष के प्रथम नगर आगमन पर हजारों की संख्या में भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता, नेता और मंत्री उनके स्वागत के लिए पहुंचे.
नए प्रदेशाध्यक्ष का स्वागत समारोह
रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ स्वागत का सिलसिला जीवाजी विश्वविद्यालय के अटल सभागार में आयोजित कार्यक्रम तक चलता रहा. ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय के अटल सभागार में आयोजित स्वागत समारोह में कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नारायण कुशवाहा समेत सांसद भरत सिंह कुशवाहा, बीजेपी के वरिष्ठ नेता जयभान सिंह पवैया समेत तमाम नेता मौजूद थे. जिन्होंने मंच पर नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष का स्वागत किया.
जयभान सिंह पवैया ने की कार्यकर्ताओं की तारीफ
कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी महाराष्ट्र के सह प्रभारी जयभान सिंह पवैया ने अपना संबोधन दिया. उन्होंने कहा कि "ऐसे मौकों पर उत्साह की वजह से कार्यकर्ताओं की संख्या तो हो जाती है लेकिन इंद्रदेव की ऐसी परीक्षा का मौका कम ही आता है. ग्वालियर के कार्यकर्ताओं ने आज साबित कर दिया है कि, चाहे राजनीक परिस्थितियां विपरीत हो या हवाएं तेज हों, भारतीय जनता पार्टी के ग्वालियर का कार्यकर्ता हर परिस्थिति पर विजय पाना जानता है."
'ग्वालियर में मौजूद है बीजेपी का तीर्थ'
अपने भाषण में जयभान सिंह पवैया ने ग्वालियर को बीजेपी के एकात्म मानववाद की विचारधारा की जन्मभूमि बताया. उन्होंने कहा कि "ग्वालियर के दौलतगंज में बनी एक धर्मशाला भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए तीर्थ के समान है क्योंकि उसी धर्मशाला में बैठकर जनसंघ के समय पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने दुनिया को एकात्म मानववाद की विचारधारा दी थी."
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नव कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि वे एक बार जरूर उस धर्मशाला में जाकर देखें कि किस तरह 5 दिनों तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने दरी पर बैठकर जनता के मनीषियों के साथ एकात्म मानववाद का शंखनाद किया था.
राज्य में पहली बार पेपरलेस पंचायत उपचुनाव, सागर में लागू होगी नई तकनीक
18 Jul, 2025 08:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर: मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसकी मदद से सागर में होने जा रहे पंचायत उपचुनाव पूरी तरह से पेपरलेस होंगे. पंचायत उपचुनाव में डॉक्यूमेंटेशन का काम लैपटॉप पर होगा. दरअसल राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए मतदान प्रक्रिया पेपरलेस होगी. मतदाता की पहचान डिजिटल तरीके से होगी. डैशबोर्ड के जरिए वोटर टर्नआउट और पोलिंग परसेंटेज की जानकारी मिलेगी.
इस नई प्रणाली का उपयोग सागर में होने जा रहे पंचायत उपचुनाव में पहली बार किया जाएगा. आयोग का कहना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से पूरी मतदान प्रक्रिया में समय और संसाधनों की बचत होगी. साथ ही पेपरलेस प्रक्रिया के कारण पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग का इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मेनेजमेंट सिस्टम
मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के कमिश्नर मनोज श्रीवास्तव ने बताया "इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम के तहत वोटर्स प्रजेन्स, अटेंडेन्स वेरिफिकेशन सिस्टम के द्वारा मतदाता की डिजिटल पहचान की जाएगी. इसके अलावा लाइव डैशबोर्ड के जरिए वोटर टर्नआउट और पोलिंग परसेंटेज की ताजा जानकारी मिलेगी. चुनाव प्रक्रिया में डिजिटल टूल्स का उपयोग कर जनता और चुनावकर्मियों को समय पर अपडेट जानकारी दी जाएंगी."
उन्होंने आगे कहा "फिलहाल पंचायत के उपचुनावों में इस सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाएगा. भविष्य में इसी व्यवस्था से त्रिस्तरीय पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में इसे लागू कर दिया जाएगा. इस व्यवस्था का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में लगने वाले समय और संसाधनों की बचत करना है. इस प्रक्रिया से जनता को घंटों कतार में नहीं लगना पड़ेगा. वहीं मतदान कर्मियों को भी प्रक्रिया में कम समय लगेगा."
पर्यावरण नुकसान और चुनाव खर्च होगा कम
आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर के उपयोग से पर्यावरण नुकसान, चुनाव प्रक्रिया में समय की बचत, चुनाव सामग्री के परिवहन की कम लागत और पेपर सिस्टम में लगने वाली सामग्री की जरूरत कम से कम पड़ेगी. इससे चुनाव प्रक्रिया में होने वाला खर्च तो कम होगा ही, मतदान के बाद मतगणना भी जल्द हो सकेगी. पूरी मतदान प्रक्रिया में लगने वाले कर्मचारियों की संख्या कम होगी.
उन्होंने बताया कि मतदाता पहचान में होने वाले विवाद कम होंगे. डिजिटल प्रक्रिया के कारण गलती या गड़बड़ी की गुंजाइश ना के बराबर होगी. इलेक्ट्रॉनिक वोटर आइडेंटिफिकेशन, रियलटाईम वोटर टर्नआउट और ऑटोमेटेड डाटा शेयरिंग से पारदर्शिता रहेगी.
मध्यप्रदेश बनेगा वैश्विक वस्त्र विनिर्माण का नया केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
17 Jul, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पेन यात्रा के दूसरे दिन का फोकस वैश्विक कपड़ा एवं फैशन क्षेत्र के दिग्गजों से निवेश संवाद का रहा। स्पेन के गैलिसिया स्थित इंडिटेक्स मुख्यालय में हुई बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को “हरित, लागत-प्रतिस्पर्धी और ट्रेसिबल उत्पादन हब” के रूप में प्रस्तुत किया। बैठक में इंडीटेक्स समूह के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यापारिक साझेदारी और सतत निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार टेक्सटाइल क्षेत्र में वैश्विक साझेदारियों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इंडिटेक्स जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड की उपस्थिति से राज्य में आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और हरित उत्पादन को गति मिलेगी। हम इस साझेदारी को सभी स्तरों पर समर्थन देने को तत्पर हैं।
मध्यप्रदेश टेक्सटाइल सेक्टर के लिए आदर्श स्थान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश देश के शीर्ष कच्चा कपास उत्पादक राज्यों में से एक है, जहाँ सालाना लगभग 18 लाख बेल्स (3 लाख मीट्रिक टन) का उत्पादन होता है। राज्य में 15 से अधिक टेक्सटाइल क्लस्टर हैं इसमें इंदौर, मंदसौर, बुरहानपुर, उज्जैन, नीमच जैसे केंद्र टेक्सटाइल उत्पादन में अग्रणी हैं।
पीएम मित्रा पार्क: इंडिटेक्स के लिए सुनहरा अवसर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि धार जिले में भारत सरकार की पीएम मित्रा योजना के अंतर्गत विकसित हो रहा टेक्सटाइल मेगा पार्क इंडिटेक्स जैसे वैश्विक ब्रांडों के लिए सस्टेनेबल और इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग का आदर्श केंद्र बन सकता है।मुख्यमंत्री डॉ यादव ने इस पार्क में गारमेंटिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
ऑर्गेनिक कॉटन में भागीदारी का आह्वान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश भारत का अग्रणी ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादक है। राज्य में यहां विशेषकर निमाड़ और मालवा क्षेत्रों में बहुतायत में कॉटन का उत्पादन होता है। यहाँ GOTS-सर्टिफाइड किसान समूह सक्रिय हैं, जो इंडिटेक्स की सस्टेनेबिलिटी और ट्रेसिबिलिटी नीतियों के लिए आदर्श साझेदार हो सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फार्मर-टू-फैब्रिक वैल्यू चेन पर इंडिटेक्स के साथ मिलकर काम करने का सुझाव दिया।
ESG फ्रेमवर्क में मेल-जोल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार (ईएसजी) (Environment, Social, Governance) मूल्यों को बढ़ावा देती है। वॉटर रिसायक्लिंग, वेस्ट मैनेजमेंट और डीसेंट वर्क स्टैंडर्ड्स राज्य में लागू हैं। इंडिटेक्स की जिम्मेदार सोर्सिंग नीति के साथ मध्यप्रदेश की दृष्टि पूरी तरह से मेल खाती है।
निर्यात और वैश्विक संभावनाएँ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य से टेक्सटाइल और गारमेंट का वार्षिक निर्यात 7 हजार करोड़ रूपये से अधिक है, जिसमें यूरोपीय संघ प्रमुख है। उन्होंने बताया कि इंडिटेक्स जैसे ब्रांड की साझेदारी से यह आंकड़ा 10 हजार करोड़ रूपये तक पहुँच सकता है, जिससे स्थानीय रोजगार और महिला सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा।
नीतिगत समर्थन और लॉजिस्टिक सुविधा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की नवीन औद्योगिक एवं निर्यात नीति – 2025 की विशेषताओं को साझा किया, जिसमें भूमि पर 90% सब्सिडी, मशीनरी पर 40% पूंजी सहायता, ग्रीन टेक्नोलॉजी पर 50% सहायता और ऋण पर ब्याज सब्सिडी आदि शामिल हैं।
इंडीटेक्स को साझेदारी का निमंत्रण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंडिटेक्स को आमंत्रण दिया कि वह पीएम मित्रा पार्क में सप्लाई चेन एंकर के रूप में भागीदारी बने। उन्होंने एक ऑर्गेनिक कॉटन ट्रेसिंग प्लेटफॉर्म और ई एस जी सर्टिफाइड एमएसएमई के साथ वेंडर डेवेलपमेंट प्रोग्राम प्रारंभ करने का सुझाव भी दिया।
उल्लेखनीय है किस्पेन की Inditex (Industria de Diseño Textil S.A.) दुनिया की बड़ी फैशन रिटेल कंपनियों में से एक है। इसके अंतर्गत ज़ारा, मैसिमो दुत्ती, बेरशका, बुल एंड बीयर जैसे प्रसिद्ध ब्रांड्स हैं। कंपनी का मुख्यालय गैलिसिया के आर्तेइशो में है। यह अपने फास्ट फैशन मॉडल, ट्रेसिबल सप्लाई चेन और टिकाऊ प्रथाओं के लिए प्रसिद्ध है। भारत में इंडिटेक्स, टाटा समूह के साथ ज़ारा और मैसिमो दुत्ती ब्रांड्स के माध्यम से कार्यरत है।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विधानसभा सत्र की तैयारी और लंबित कार्यों की समीक्षा बैठक हुई
17 Jul, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में विधानसभा के आगामी सत्र की तैयारी और लंबित कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में शून्यकाल, अपूर्ण उत्तर, आश्वासन, लोकलेखा समिति की सिफारिशें, विधानसभा में विभागों के प्रशासनिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर चर्चा की गयी। मुख्य सचिव जैन ने निर्देश दिए कि सभी विभाग प्रमुख अपने काम समय-सीमा में करें। कार्य की साप्ताहिक समीक्षा भी की जाये।
मुख्य सचिव जैन ने बैठक में 5 वीं राष्ट्रीय मुख्य सचिव कांफ्रेंस की तैयारियों के भी निर्देश दिये। उन्होंने अतिरिक्त कोर्ट केस, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण, मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जाति/ जनजाति आयोग के प्रकरणों में राज्य शासन की ओर से समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिये।
बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, जे.एन. कंसोटिया, अशोक वर्णवाल, संजय शुक्ल, मनु श्रीवास्तव, रश्मि अरूण शमी, प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल, संदीप यादव सहित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं उप सचिव उपस्थित थे।
नीति निर्माण में डेटा की भूमिका पर भोपाल में हुआ राउंडटेबल सम्मेलन
17 Jul, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (एआईजीजीपीए) में “प्रभावी नीति निर्माण के लिए राज्य सांख्यिकीय और डेटा प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत करना” विषय पर एक दिवसीय राउंडटेबल सम्मेलन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में नीति निर्माण से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय के संयुक्त निदेशक विश्वजीत रायकवार ने मध्यप्रदेश में डेटा संग्रह, विश्लेषण और प्रकाशन की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने पर बल दिया।
अध्यक्ष एसएससी प्रवीण श्रीवास्तव ने कहा कि आंकड़े शासन का आधार होते हैं और इनकी गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने सांख्यिकीय आंकड़ों को सार्वजनिक उपयोग के लिए सुगम बनाने, सोशल मीडिया के माध्यम से इनकी व्याख्या को जनसामान्य तक पहुंचाने सहित उपयोगकर्ता और डेटा निर्माता के बीच संवाद को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में एमपीएसईडीसी की मुख्य महाप्रबंधक सुशिवांगी जोशी द्वारा विभागों के बीच डेटा साझा करने की प्रक्रिया, चुनौतियों और संभावनाओं पर प्रस्तुति दी गई। मुख्य वक्ता के रूप में पब्लिक इंडिया फाउंडेशन के प्रतिष्ठित फैलो एवं पूर्व महानिदेशक (एमओएसपीआई) आशीष कुमार ने आधिकारिक आंकड़ों की बदलती भूमिका और डिजिटल तकनीक के माध्यम से आंकड़ों के संग्रह, विश्लेषण और उपयोग की दिशा में हो रहे नवाचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उपग्रह डेटा, मोबाइल ट्रांजेक्शन और बिजली खपत जैसे आधुनिक स्रोतों के माध्यम से आंकड़ा संग्रहण की संभावनाओं को भी रेखांकित किया।
सम्मेलन में जीडीडीपी, संकेतक आधारित विश्लेषण, अनुसंधान में डेटा उपयोग, महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स की निगरानी और राज्य स्तर पर डेटा मिशन जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। प्रवीण श्रीवास्तव ने आईसीटी आधारित डेटा संग्रह प्रणाली को मजबूत करने, शोधकर्ताओं को अधिकृत डेटा तक पहुँच देने और डेटा गोपनीयता व गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए संस्थागत संरचनाएं विकसित करने की आवश्यकता बताई। राज्य का योजना विभाग ऐसे प्रयासों के माध्यम से सुशासन की डेटा-आधारित आधारशिला को मजबूत कर रहा है, जिससे विकसित मध्यप्रदेश @2047 की दिशा में ठोस प्रगति की जा सके।
आर्थिक और सांख्यिकी निदेशालय एवं पब्लिक इंडिया फाउंडेशन नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में इस सम्मेलन का आयोजन किया गया। राज्य सांख्यिकी आयोग और राज्य नीति आयोग द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य नीति निर्माण, क्रियान्वयन और मूल्यांकन के लिए समयबद्ध, भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण आंकड़ों की उपलब्धता सुनिश्चित कराना है।
सम्मेलन में iSPIRIT, IIM इंदौर, DAVV इंदौर, EDII अहमदाबाद, SPJIMR मुंबई, विश्व बैंक, भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय सहित अनेक अकादमिक एवं शोध संस्थानों के प्रतिनिधि एवं विशेषज्ञ शामिल हुए।
मध्यप्रदेश अब स्वच्छता में देश का बना अग्रदूत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
17 Jul, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के सम्मान समारोह में इंदौर को 'सुपर स्वच्छ लीग सिटीज़' श्रेणी में देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में सम्मानित किया जाना प्रदेशवासियों के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उल्लेखनीय है कि विगत 7 वर्षों से स्वच्छ शहरों की श्रेणी में इंदौर ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया था। इंदौर के साथ भोपाल, देवास, शाहगंज, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन एवं बुधनी को भी विभिन्न श्रेणियों में स्वच्छता पुरस्कार प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि पूरा मध्यप्रदेश अब स्वच्छता में देश का अग्रदूत बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सफलता के लिए प्रदेश के समस्त स्थानीय निकायों के नागरिकों, विशेषकर स्वच्छताकर्मियों, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को स्पेन यात्रा के दूसरे दिन जारी संदेश में यह बात कही।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने हमेशा की तरह एक बार फिर टॉप किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सभी राज्यों को स्वच्छता की प्रतिस्पर्धा में शामिल होने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता की विभिन्न श्रेणियों में अग्रणी शहरों की एक लीग बनाई गई, जिसमें इंदौर को शीर्ष स्थान मिला। इंदौर स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार-2024 में 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की नवीन श्रेणी "स्वच्छ लीग अवार्ड" में सर्वश्रेष्ठ शहर बना है।
धार्मिक नगरी उज्जैन को स्वच्छ लीग अवार्ड
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वच्छ लीग अवार्ड में धार्मिक नगरी उज्जैन को 3 से 10 लाख जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में शीर्ष स्थान मिला है। इसी प्रकार 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में बुदनी सर्वश्रेष्ठ शहर बना है। जबकि 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले स्वच्छ शहरों में भोपाल दूसरे, जबलपुर पांचवें और ग्वालियर 14वें स्थान पर रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में स्वच्छता में प्रॉमिसिंग शहर का स्टेट अवार्ड ग्वालियर को मिला। पचास हजार से तीन लाख जनसंख्या वाले स्वच्छ शहरों में देवास प्रथम स्थान पर रहा। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल देश की सबसे स्वच्छ राजधानी पहले ही बन चुका है।
जिला खेल अधिकारी-संविदा युवा समन्वयकों की राज्य स्तरीय कार्यशाला 18 जुलाई को
17 Jul, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग शुक्रवार 18 जुलाई को समन्वय भवन में जिला खेल अधिकारी एवं संविदा युवा समन्वयकों की राज्य स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा सुबह 10:30 बजे आयोजित कार्यशाला में प्रदेश के सभी 10 संभाग भोपाल, रीवा, सागर, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, जबलपुर, नर्मदापुरम और शहडोल के सभी जिलों के खेल अधिकारी एवं युवा समन्वयक भाग लेंगे।
सम्मेलन का उद्देश्य प्रदेश में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करना, युवाओं को नेतृत्व और फिटनेस से जोड़ना तथा विभाग द्वारा संचालित नई पहलों की जानकारी साझा करना है। सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में "मध्यप्रदेश में खेलों की नई पहलें", "माय भारत’’ एवं “युवा कल्याण गतिविधियों" के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य, डोपिंग जागरूकता और शारीरिक फिटनेस जैसे विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। सम्मेलन में संभागवार प्रस्तुतिकरण भी किया जाएगा। कार्यशाला में खेल अधोसंरचना, जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं और नवाचारों को लेकर विचार साझा किए जाएंगे। इस अवसर पर सहभागी प्रतिनिधियों से प्रश्नोत्तर और फीडबैक सत्र के माध्यम से सुझाव भी लिए जाएंगे।
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