मध्य प्रदेश
कक्षा में खतरनाक हादसा: कमरे की छत से गिरा प्लास्टर, छात्रा को stitches लगनी पड़ीं
21 Jul, 2025 08:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित बरखेड़ा पठानी के पीएम श्री स्कूल में एक बड़ा हादसा टल गया. दरअलस स्कूल में चलती हुई एक क्लॉस में छत का प्लास्टर अचानक गिर गया. जब यह घटना घटी तब स्कूल में क्लॉस चल रही थी. प्लास्टर गिरने से क्लॉस में पढ़ाई कर रही 2 छात्राएं घायल हो गई. इनमें से एक छात्रा के सिर में गंभीर चोट आई है. उधर इस घटना को लेकर विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने स्कूल भवन की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा किया है.
सीसीटीवी में कैद हुई घटना
यह पूरी घटना स्कूल में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई. वीडियो में देखा जा सकता है कि कक्षा में छात्राएं पढ़ाई कर रही थीं इसी दौरान अचानक छत का प्लास्टर भरभरा कर गिर पड़ा. प्लास्टर क्लासरूम में आगे की बेंच के ऊपर गिरा. जहां 2 छात्राएं थीं. इनमें से एक छात्रा के ऊपर प्लास्टर का बड़ा हिस्सा गिरा. जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई. वहीं दूसरी छात्रा को भी सिर में चोट आई है. इसी बेंच के नजदीक स्कूल टीचर भी खड़ी थीं.
40 साल पुराना है स्कूल
भोपाल में बरखेड़ा स्थित शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्कूल में छत का प्लास्टर गिरने की घटना हुई. इस दौरान यहां 10वीं की क्लास चल रही थी. यह स्कूल 40 साल पुराना है. बताया जा रहा है कि एक हफ्ते पहले भी यहां प्लास्टर गिरने की घटना हुई थी लेकिन उस दौरान क्लास में छात्राएं मौजूद नहीं थीं.
नेता प्रतिपक्ष ने लिखा यह भी भ्रष्टाचार से नहीं बचे
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे लेकर ट्विट किया. उन्होंने लिखा कि "मध्य प्रदेश की जर्जर हालत के साथ सरकारी स्कूलों की हालत भी कम खस्ता नहीं है. जब राजधानी के पीएम श्री स्कूल की छत का प्लास्टर गिरकर किसी बच्चे को घायल कर सकता है तो कस्बों और ग्रामीण इलाकों के स्कूल की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है. आखिर बीजेपी के राज में कोई जगह है जो कमीशनखोरी से बची हो. सड़कों, फ्लाईओवर और पुलों की जर्जर हालत तो किसी से छुपी नहीं है. अब स्कूल भवन भी इस लिस्ट में आ गए हैं. मुख्यमंत्री की सख्ती की सूची में भ्रष्टाचारी और कमीशनखोर भी हैं या उन्हें इससे मुक्त रखा गया है."
डीईओ ने स्कूल प्राचार्य को ठहराया जिम्मेदार
उधर स्कूल में जब यह घटना घटी उस समय टीचर क्लॉस ले रही थीं, तभी अचानक प्लास्टर भरभरा कर नीचे गिर गया. इसकी चपेट में दो छात्राएं आ गई. एक के सिर में गंभीर चोट आई है वहीं दूसरी भी घायल है. दोनों को तत्काल नजदीकी हॉस्टिपल ले जाया गया. बताया जाता है कि छात्रा के सिर में टांके आए है. उधर इस घटना के बाद स्कूल शिक्षा विभाग हरकत में आया.
जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने निर्देश जारी किए हैं कि "जर्जर भवनों में स्कूल न लगाए जाएं. उधर पीएम श्री स्कूल में हुई घटना के लिए स्कूल प्रिंसिपल को विभाग ने जिम्मेदार बताया है." उन्होंने इस मामले के लिए "स्कूल प्राचार्य को जिम्मेदार ठहराया है और कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी."
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 21 जुलाई को करेंगे नवीन विधायक विश्राम-गृह का भूमि-पूजन
20 Jul, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य एवं विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में सोमवार, 21 जुलाई को प्रातः 10:30 बजे विधायक विश्राम गृह खण्ड-क्र.-1 के सामने, विधायक विश्राम गृह परिसर भोपाल में नवीन विधायक विश्राम गृह निर्माण कार्य का भूमि-पूजन होगा। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी शामिल होंगे।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने रविवार को भूमि-पूजन स्थल का निरीक्षण किया और भूमि-पूजन कार्यक्रम की उत्कृष्ट तैयारियों के अधिकारियों को निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि यह नवीन विधायक विश्राम गृह लगभग 160 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और इसमें सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ 102 फ्लैट्स का निर्माण प्रस्तावित है।
अब तक की सफलतम विदेश यात्रा रही दुबई और स्पेन की यात्रा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
20 Jul, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 दिन की दुबई और स्पेन की विदेश यात्रा से रविवार को स्वदेश लौट आए। वैदेशिक संबंधों को नई ऊर्जा देने वाली दुबई और स्पेन की इस यात्रा को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफलतम यात्रा निरूपित किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा की सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूर-दृष्टि और कुशल नेतृत्व को दिया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश में अलग-अलग सेक्टर में काफी निवेश की संभावनाएं हैं। दुबई और स्पेन के 7 दिन के प्रवास से मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं बनी है। यात्रा के दौरान कई विदेशी कंपनियों से मध्यप्रदेश में निवेश और नॉलेज शेयरिंग के लिए करार भी हुए हैं।
अभी तक की सफलतम विदेशी यात्राओं में स्पेन दुबई की यात्रा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इससे पहले मध्यप्रदेश में रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव और भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से लगभग 30.77 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। निवेश धीरे-धीरे धरातल पर भी उतर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस विदेश यात्रा से मध्यप्रदेश में कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, खनन, उद्योग और पर्यटन विकास के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं निकलकर सामने आईं हैं, जिससे रोजगार के नए अवसरों के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब बड़ी तेजी से निवेश के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है।
शासकीय भवनों की छतों पर बिना निवेश के लगेंगे सोलर रूफटॉप संयंत्र
20 Jul, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2030 तक 500 गीगा वॉट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मध्यप्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित कर रहे है। इसी क्रम में “प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’’ में प्रदेश के सभी शासकीय भवनों को दिसम्बर-2025 तक सौर ऊर्जीकृत किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये RESCO द्वारा सभी जिलों में पृथक-पृथक निविदाएँ जारी कर दर आमंत्रित की गयी है।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने बताया है कि “प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’’ में प्रदेश में राज्य शासन के भवनों की छतों पर रेस्को पद्धति अंतर्गत सोलर रूफ़टॉप संयंत्र लगाने हैं। शासकीय विभागों को इन सौर परियोजनाओं में कोई निवेश नहीं करना होगा। शासकीय कार्यालयों द्वारा ऊर्जा के उपयोग के लिए RESCO विकासक को प्रति यूनिट भुगतान करना होगा। रेस्को द्वारा लगाये गये संयंत्र की प्रति यूनिट दर विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा निर्धारित व्यवसायिक दर (जिसमें शासकीय कार्यालय भी शामिल हैं) से काफी कम होगी। इस प्रकार शासकीय कार्यालय “शून्य निवेश, पहले दिन से बचत, नेट जीरो’’ के सिद्धांत पर कार्य कर सकेंगे।
RESCO परियोजना अंतर्गत म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा प्रत्येक जिले के लिए पृथक–पृथक निविदा जारी की गई है। इसमें RESCO विकासकों से प्रत्येक जिले के लिए पृथक–पृथक दर माँगी गई है। प्रत्येक जिले की न्यूनतम दर के आधार उस जिले में RESCO परियोजनाएँ स्थापित होंगी। भोपाल जिले में अधिकतम 15.6 MW की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जबकि ग्वालियर जिले में 5.26 MW, इंदौर जिले में 3.12 MW, छिंदवाड़ा जिले में 1.43 MW, दतिया जिले में 1.4MW, धार जिले में 1.34 MW की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।
शासकीय विभागों/संस्थाओं के भवन पर RESCO इकाई द्वारा 25 वर्ष की अवधि के लिये सोलर रूफ़टॉप संयंत्र स्थापित किये जायेंगे। इस पूरी अवधि तक सोलर रूफ़टॉप संयंत्र का रख–रखाव RESCO इकाई द्वारा किया जाएगा। RESCO की आय पूरी तरह से 25 वर्ष तक सौर ऊर्जा के उत्पादन पर आधारित है। इससे RESCO विकासक सौर संयंत्र से अधिकतम उत्पादन की कोशिश करेंगे, जिससे शासकीय विभागों को अधिकाधिक लाभ होगा।
नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2018 से 2020 के बीच म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा राज्य में 133 शासकीय कार्यालयों में सफलतापूर्वक RESCO पद्धति से सोलर रूफ़टॉप संयंत्र लगाए, जो सफलतापूर्वक संचालित हैं। इसमें IIM Indore, CAPT भोपाल, शासकीय मेडिकल कॉलेज (रीवा, शिवपुरी, खण्डवा, दतिया, विदिशा), NLIU भोपाल, AG कार्यालय ग्वालियर, SAI भोपाल, भारत सरकार का पॉवर ग्रिड कॉर्पोरेशन आदि शामिल हैं।
नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के सफल एवं दक्षतापूर्ण क्रियान्वयन से निश्चित ही प्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में होगा।
घायल छात्रा से मिलीं राज्यमंत्री गौर, अधिकारियों को हर संभव मदद करने के दिए निर्देश
20 Jul, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के बरखेड़ा स्थित पीएममहारानी लक्ष्मीबाई स्कूल का औचक निरीक्षण किया। हाल ही में स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने से घायल हुई छात्रा संजना गिरी से वे उनके घर जाकर मिलीं और स्वास्थ्य की जानकारी ली।
राज्यमंत्री गौर ने निरीक्षण के दौरान स्कूल प्रबंधन पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर समय रहते हमें छत की जर्जर हालत की जानकारी दी जाती, तो यह हादसा टल सकता था। सरकार के पास बजट की कमी नहीं है, लेकिन समस्या से अवगत कराना आवश्यक है। यह दुर्घटना स्पष्ट रूप से प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा है। घटना में घायल हुई 10वीं की छात्रा संजना गिरी ने बताया कि हादसे में सिर पर चोट लगने से टांके आए हैं। राज्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्ची का सिटी स्कैन कराया जाए और इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। साथ ही डॉक्टर को निर्देशित किया जाए कि बारिश के मौसम में टांकों की नियमित जांच की जाए।
राज्यमंत्री गौर ने यह भी कहा कि छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जाएं। यदि बच्ची को चलने में परेशानी हो रही है, तो तीन पहिया वाहन की व्यवस्था के लिए कलेक्टर को आवेदन दिलवाया जाए और आवश्यक आर्थिक मदद भी उपलब्ध कराई जाए। इस मौके पर सुरेंद्र घोटे, पार्षद नीरज सिंह, बी. शक्तिराव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने किया महर्षि वाल्मीकि एवं महर्षि वेदव्यास की प्रतिमा का अनावरण
20 Jul, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने तुलसी मानस प्रतिष्ठान मानस भवन भोपाल के प्रमुख प्रवेश द्वार पर रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि और महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास की प्रतिमाओं का अनावरण किया।
इस अवसर पर तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष रघुनंदन शर्मा, सुरेश पचौरी, रमेश शर्मा, पदमविजयदत्त श्रीधर और प्रतिष्ठान के सदस्य उपस्थित थे।
नेपानगर में 36 करोड़ की लागत से हर घर तक पहुँचा नल जल
20 Jul, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : बुरहापुर जिले के नेपानगर में अब हर घर तक नल का स्वच्छ जल पहुँच रहा है। नगरीय विकास एवं आवास के उपक्रम म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा संचालित यह परियोजना, एशियन डेवलपमेंट बैंक की सहायता से संचालित हो रही है। परियोजना की कुल लागत लगभग 36 करोड़ रुपये है। इसमें आगामी दस वर्षों का संचालन और संधारण भी शामिल है।
बुरहानपुर जिले की नेपानगर की इस परियोजना के अंतर्गत, ताप्ती नदी से जल लेकर इसे 7.7 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र के माध्यम से शोधित किया जा रहा है। शोधित जल को संग्रहित करने के लिए नगर में 150 किलोलीटर और 160 किलोलीटर की क्षमता वाले दो ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। इसके साथ ही 1900 किलोलीटर क्षमता का ग्राउंड स्टोरेज रिजर्वायर भी स्थापित किया गया है।
इस जल प्रदाय परियोजना से नेपानगर की 35 हजार से अधिक आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। हर घर तक पहुँचते नल कनेक्शन न केवल स्वच्छ जल की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि आमजन के जीवन स्तर को भी सुदृढ़ बना रहे हैं। घर में आसानी से जल उपलब्ध होने पर क्षेत्रीय नागरिक भी खासे उत्साहित हैं। नेपानगर वार्ड क्रमांक 22निवासी हेमंत पाटिल का कहना है कि इस योजना के माध्यम से हमें पर्याप्त जल मिल रहा है। स्वच्छ जल मिलने से बीमारियों का खतरा कम हुआ है। वार्ड क्रमांक 23 निवासी भास्कर पवार का कहना है कि नल के माध्यम से जल मिलने से अब समय की बचत हो रही है।
मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा संचालित यह प्रयास न केवल शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति की ओर भी अग्रसर है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. ब्रम्हानंद यादव को पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
20 Jul, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विदेश यात्रा से लौटने के बाद नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचकर अपने ससुर स्वर्गीय ब्रम्हानंद यादव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा में संजय नगर में स्व. ब्रम्हानंद यादव के आवास पर पहुंचकर परिजन से भेंटकर सांत्वना दी तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा को चरणों में स्थान देने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. ब्रम्हानंद यादव के पुत्र रामानंद यादव, सदानंद यादव तथा सच्चिदानंद यादव से भेंट कर उन्हें ढाढ़स बंधाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की धर्मपत्नी सीमा यादव भी साथ थी। इस अवसर पर विधायक नागेन्द्र सिंह, सिद्धार्थ तिवारी, नरेन्द्र प्रजापति एवं जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पत्नी साधना को भूल शिवराज सिंह का काफिला बढ़ गया आगे, करती रहीं वेटिंग रूम में इंतजार
20 Jul, 2025 05:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: गुजरात दौरे पर गए केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान दिल्ली वापस लौटने की जल्दबादी में अपनी पत्नी को ही भूल गए. शिवराज सिंह चौहान पत्नी साधना सिंह को वेटिंग रूम में बैठा छोड़कर जूनागढ़ से राजकोट के लिए अपने 22 गाड़ियों के काफिले के साथ रवाना हो गए. करीब एक किलोमीटर निकलने के बाद उन्हें याद आया कि पत्नी साधना तो उनके साथ हैं ही नहीं. इसके बाद शिवराज सिंह का काफिला फिर लौटकर मूंगफली शोध संस्थान पहुंचा, जहां साधना सिंह उनका इंतजार कर रही थीं.
सरकारी दौरे पर गुजरात गए थे शिवराज
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत आने वाले गुजरात के जूनागढ़ में शनिवार को मूंगफली अनुसंधान निदेशालय पहुंचे थे. इस सरकारी और धार्मिक यात्रा में उनके साथ उनकी पत्नी साधना सिंह भी मौजूद थीं.
शिवराज सिंह चौहान ने पत्नी के साथ सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर पहुंचकर दर्शन किए. इसके बाद शेर देखने के लिए गिर में सफारी का आनंद लिया. इसके बाद शिवराज सिंह चौहान मूंगफली अनुसंधान केन्द्र पहुंचे. यहां किसानों और लखपति दीदी योजना को लेकर महिलाओं का कार्यक्रम रखा गया था. यहां उन्होंने महिलाओं से संवाद भी किया.
प्लाइट पकड़ने की हड़बड़ी में साधना सिंह को भूले
शिवराज सिंह चौहान को जूनागढ़ से राजकोट पहुंचकर वहां से दिल्ली के लिए फ्लाइट पकड़नी थी. इसलिए उन्होंने महिलाओं से संवाद का कार्यक्रम भी जल्दी से निपटाया. इस दौरान कार्यक्रम में वे कई बार घड़ी देखते नजर आए. कार्यक्रम में अपना भाषण जल्दी से खत्म करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राजकोट तक का रास्ता थोड़ा खराब है, इसलिए उन्हें थोड़ा जल्दी निकलना है. इस दौरान उन्होंने अपना भाषण थोड़ा छोटा किया और तेजी से काफिले के साथ निकल गए. इस दौरान साधना गिरनार दर्शन के बाद उनका वेटिंग रूम में इंतजार कर रहीं थी.
शिवराज काफिले के साथ हो गए रवाना
कार्यक्रम जल्दी खत्म कर शिवराज सिंह 22 गाड़ियों के काफिले के साथ जूनागढ़ से राजकोट के लिए रवाना हो गए. इस दौरान वे भूल ही गए कि पत्नी साधना सिंह गिरनार दर्शन करने के बाद उनका वेटिंग रूम में इंतजार कर रही हैं. काफिला करीबन एक किलोमीटर से आगे पहुंच चुका था, तभी शिवराज सिंह को याद आया कि उनके साथ तो पत्नी साधना भी थीं.
पत्नी साधना सिंह को वापस लेने लौटे शिवराज
शिवराज सिंह के साथ 22 वाहनों का काफिला था. जब रास्ते में उन्हें पत्नी साधना सिंह का ख्याल आया तो फिर इसके बाद उन्होंने पत्नी साधना सिंह से मोबाइल से संपर्क किया. यहां उन्होंने वेटिंग रूम में इंतजार करने की बात कही. इसके बाद शिवराज फिर काफिले संग वापस एक किलोमीटर लौटकर पत्नी साधना सिंह के पास पहुंचे. यहां से साधना सिंह को साथ लेकर वे राजकोट के लिए रवाना हुए. बता दें कि जूनागढ़ से राजकोट की दूरी करीबन 109 किलोमीटर है.
भारत का गौरव है 'गिर'
गुजरात दौरे के दौरान शिवराज सिंह ने पत्नी साधना सिंह के साथ गिर पहुंचकर जंगल सफारी का आनंद लिया. दौरे के बाद उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा कि "गुजरात के गौरव, गिर के अद्भुत जंगल में प्रकृति के अलौकिक सौंदर्य को बहुत करीब से अनुभव करने का अवसर प्राप्त हुआ. सफारी के दौरान प्रकृति के अनगिनत रंग देखने को मिले. यहां की जैव विविधता, पेड़ों की प्रजातियां, शेर का राजसी अंदाज, पेड़ों पर तेंदुओं का चढ़ना- बैठना, सबकुछ अभूतपूर्व था.
पक्षियों का मधुर कलरव, घोंसला बनाती चिड़िया और उत्साह से नाचते मोर को देखकर मन झूम उठा. यहां आकर लगा कि सभी को जीवन में एक बार अवसर निकालकर भारत की इस अमूल्य धरोहर को देखने अवश्य आना चाहिए. यह केवल एक जंगल नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, हमारे गौरव और प्रकृति के साथ हमारे संबंधों का जीवंत प्रतीक है. यहां की अति उत्तम व्यवस्थाओं के लिए प्रबंधन को बधाई."
छतरपुर में पिछले 48 घंटे की बारिश ने मचाई तबाही, प्रशासन करा रहा नुकसान का सर्वे
20 Jul, 2025 11:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छतरपुर: जिले में लगातार पिछले 20 घंटों से हो रही बारिश के चलते लोगो का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, उसकी तबाही की तस्वीरें अब सामने आई है. कहीं मकान धराशाई हुए तो कहीं घर के अंदर नदी का पानी घुस गया. फसलें पूरी तरह तबाह हो गईं. ग्रामीण इलाकों को मुख्यालयों से जोड़ने वाले मार्ग बंद हो गए.
दरसल छतरपुर जिले में 48 घंटे हुई लगातार बारिश ने तबाही मचा दी. किशोर सागर तालाब का पानी घरों में घुस गया और लोग पलायन कर गए. छतरपुर लवकुश नगर को जोड़ने वाला मार्ग तेज बहाव के कारण बह गया. भोपाल से छतरपुर आई एंबुलेंस कैंडी गांव के पास रिपटा पार करते समय तेज़ बहाव में बह गई ग्रमीणों ने ड्राइवर को बचाया.
छतरपुर जिले में दर्ज की गई 12.2 इंच बारिश, लबालब भर गए बांध
वही छतरपुर जिले के गौरिहार से बांदा जाने वाले गौरिहार से उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले मार्ग खड्डी के पास बने पुल पर 2 फुट करीब ऊपर से पानी बह रहा है. जिसके बावजूद लोग अपनी और बच्चों की जान जोखिम में डाल कर नदी पार करने में लगे हैं. छतरपुर जिले में 12.2 इंच बारिश दर्ज की गई है, बांध लबालब भर गए और धसान देवरी के गेट खोले गए हैं. नदी किनारे के गांवों में रहने वालों को अलर्ट किया गया है.
छतरपुर लवकुश नगर रास्ता बंद, रोड बह गया
बारिश के बीच उर्मिल नदी भी उफान पर है. नदी के बहाव के रास्ते बंद हो गए. नदी का पानी इतना बढ़ गया कि लवकुश नगर के पास संजय नगर टोल प्लाजा तक डूब गया. तेज बहाव के कारण टोल प्लाजा से होकर जाने वाला मुख्य मार्ग जलमग्न हो गया और सड़क पानी में बह गई. लवकुश नगर का छतरपुर से सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया.
भारी बारिश से किसान हुए बर्बाद
वहीं 20 घंटों से जिले में हो रही बारिश के चलते किसान बर्बादी की कगार पर दिखाई दे रहे हैं. तेज बहाव के कारण किसानों के बोए हुए बीज और अंकुरित फसलें पानी में बह गईं. जिले के भुसोर, संदनी, बंदनी, कर्री, पहरा, ईशानगर, पहाडगांव सहित कई गांव के किसानों को अब बुवाई के लिए दोबारा मेहनत और पैसा लगाना होगा. जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ेगा.
राम बाग होगा भोपाल में इस जगह का नया नाम, 24 जुलाई को लग सकती है मुहर
20 Jul, 2025 10:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: भोपाल में गली-मोहल्ले और सड़कों के नाम परिवर्तन का मुद्दा थमने का नाम नहीं ले रहा है. बीते 2 सालों में नगर निगम परिषद की बैठक में एक दर्जन से अधिक सड़क, मोहल्ले और गलियों के नाम बदलने के प्रस्ताव पारित हो चुके हैं. अब एक बार फिर पुराने भोपाल के एक मोहल्ले और सड़क का नाम बदलने की तैयारी है. आगामी 24 जुलाई 2025 को होने वाली नगर निगम परिषद की बैठक में चर्चा करने के लिए भी इसे एजेंडे में शामिल किया गया है.
रामबाग होगा इस जगह का नया नाम
वार्ड क्रमांक 69 के पार्षद सूर्यकांत गुप्ता ने अशोका गार्डन का नाम बदलने का प्रस्ताव परिषद में भेजा है. इसके तहत अब अशोका गार्डन का नया नाम रामबाग होगा. पार्षद गुप्ता ने बताया कि इसकी मांग अशोका गार्डन सुधार समिति की बैठक में रखी गई थी. इसके साथ ही विवेकानंद पार्क के पास स्थित चौराहे का नाम भी विवेकानंद चौराहा रखने का प्रस्ताव भेजा गया है. चूंकि पार्षद गुप्ता भाजपा दल के पार्षद हैं और सदन में यह दल बहुमत में है. ऐसे में माना जा रहा है कि 24 जुलाई को इन दोनों प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है.
नाम बदलने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
राजधानी में सड़क, मोहल्ले और कालोनियों का नाम बदलने की राजनीति कोई नई नहीं है. लेकिन अब इसमें एक नया विवाद छिड़ गया है. राजधानी में नवाबों के नाम पर बने सरकारी संस्थानों के नाम बदलने की कवायद तेज हो गई है. दरअसल, भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, स्वास्थ्य मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर हमीदिया अस्पताल, हमीदिया कॉलेज और हमीदिया स्कूल के नाम बदलने की मांग की है.
नाम बदलने में यह परेशानी आ रही आड़े
बता दें कि सितंबर 2023 में नगर निगम परिषद की बैठक में हमीदिया रोड का नाम बदलकर गुरुनानक मार्ग किया गया था, लेकिन यह नाम अब तक चलन में नहीं आ पाया है. इसका कारण संबंधित सड़क पर गुरुनानक मार्ग का बोर्ड नहीं गड़ना है. इस सड़क का रखरखाव पीडब्ल्यूडी करता है. इसका चौड़ीकरण का काम चल रहा है. इसके टेंडर और वर्क ऑर्डर हर जगह हमीदिया रोड नाम ही दर्ज है. यानि कि नगर निगम परिषद में भले नया नाम बदल दिया जाए, लेकिन उसे चलन में लाने के लिए नगर निगम प्रचार-प्रसार नहीं कर पाता और न ही संबंधित एजेंसियों से समन्वय की उनके दस्तावेजों में नया नाम दर्ज करा पाता.
नगर निगम परिषद की बैठक में अब तक इनके नाम भी बदले
अप्रैल 2025 में आयोजित निगम परिषद की बैठक में भोपाल के लोकतंत्र सेनानी नानकराम वाधवानी के नाम पर बैरागढ़ की एक सड़क के नामकरण का प्रस्ताव पास किया गया. यह प्रस्ताव एमआइसी मेंबर राजेश हिंगोरानी ने दिया था.
अप्रैल 2025 में ही टीटी नगर स्थित सरकारी आवास का नाम सीएम मोहन यादव के कहने पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी परिसर के नाम पर किया गया था. नगर निगम में इसका प्रस्ताव एमआइसी मेंबर रविन्द्र यति ने रखा था.
सितंबर 2023 में आनंद नगर तिराहे से इस्कान मंदिर, पटेल नगर तक की सड़क का नाम स्वामी प्रभुपाद मार्ग किया गया. जबकि पटेल नगर बस स्टाप का नाम इस्कान मंदिर स्टाप किया गया.
अप्रैल 2023 में बरखेड़ा पठानी क्षेत्र का नाम बदलकर लाल बहादुर शास्त्री नगर (भेल) कर दिया गया. जबकि भोपाल के हॉकी स्टेडियम जिसका नाम ऐशबाग स्टेडियम था, इसका नाम भोपाल के पूर्व सांसद और बीजेपी के दिग्गज नेता रहे कैलाश सारंग के नाम पर रखा गया है.
इसी तरह ट्रांसपोर्ट नगर आवासीय परियोजना का नाम बदलकर स्वर्गीय बाबूलाल गौर और बावड़ियों रेलवे ओवर ब्रिज का नाम भी बाबू लाल गौर के नाम पर किया जा चुका है.
उमा भारती के तरकश में कितने तीर? अब किसकी मुश्किल बढ़ाएंगी साध्वी?
20 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उमा भारती करीब बीस साल बाद फिर उसी बेबाकी से सुनाई दी हैं, आर पार के उन्हीं तेवरों में जो दो दशक से ठंडे पड़े हुए थे. निशाने पर कौन आया और व्यापम का जिन्न उमा ने क्यों जगाया? उसके आगे सवाल ये कि अब उमा भारती के अचानक हुए इस बेबाक अंदाज़ का सबब क्या है? राजनीति से किनारे कर दी गई साध्वी के ये तेवर क्या अब ऐसे ही बने रहेंगे?
2006 के बाद से लगातार एक सुर आवाज में चल रही बीजेपी सरकार और संगठन के शांत सरोवर में उमा के बयान क्या हलचल मचाएंगे. क्या ये आरोप दिल्ली में गौर देकर सुने जाएंगे? चुनाव के चार साल पहले उमा का ये दांव किसी रणनीति के तहत है या जज्बाती उमा फिर जज्बात में मन की बात मीडिया से कह गईं, इसे लेकर ऐसे तमाम कयास लगाए जा रहे हैं.
दो दशक बाद फिर बदले उमा भारती के तेवर
गौर करें तो बीते दो दशक में उमा भारती की राजनीति का अंदाज बदल गया था. चूंकि फायर ब्रांड हैं, तो साल में दो चार के औसत से विवादित या बेबाक बयान सुनाई पड़ भी जाएं, लेकिन उमा भारती ने उन तेवरों से किनारा कर लिया था, जिनके लिए वे पहचानी जाती रही हैं. छिटपुट बयानों को छोड़ दीजिए तो पूरे बीस साल बाद उमा उन्हीं तेवरों में वापसी करती दिखाई दे रही हैं. 2005 में जिस तरह अपने साथ हुई नाइंसाफी के खिलाफ वे बोलीं थी, अपने परिवार को मिली प्रताड़ना के साथ उन्होंने दो सरकारों के कार्यकाल का जिक्र किया जिसमें उनकी ही पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यंत्री शिवराज सिंह चौहान का कार्यकाल भी था.
क्या हैं उम भारती के बदल अंदाज के मायने?
वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक प्रकाश भटनागर कहते हैं, '' उमा भारती हमेशा से ही अनप्रडिक्टेबल रही हैं. लेकिन बीते लंबे समय से कुछ बयानों को छोड़ दें तो उन्होने अपने मूल स्वभाव से किनारा कर लिया था. पार्टी में फिलहाल उनकी भूमिका आर्शीवाद देने वाले नेताओं तक सीमित रह गई जबकि तजुर्बे, लोकप्रियता और एज क्राइटेरिया से देखा जाए तो उमा भारती अब भी बीजेपी की एक प्रोमिसिंग लीडर हैं. क्या ये बयान इस बात का संकेत हैं कि उमा बता रही हैं कि वे भी हैं? क्या उमा अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही हैं या राष्ट्रीय चुनाव के दरमियान उनके बयान कोई सियासी दांव हैं? क्या शिवराज सिंह चौहान से उनकी पुरानी सियासी रंजिश अब फिर सतह पर आ रही है? सवाल ये है कि अगर मूल स्वभाव में लौट रही हैं उमा तो इन बेबाक बयानों के साथ मध्यप्रदेश से लेकर दिल्ली तक पार्टी में कहां कितनी मुश्किल बढ़ाएंगी?''
उमा के वो बयान जो बवाल करते रहे
उमा भारती कितनी ही अपने स्वभाव के विपरीत जाएं लेकिन उनके बयानों में बेबाकी आ ही जाती है. वे एक ना एक ऐसा बयान दे देती हैं जो ये बता देता है कि इसलिए वे फायर ब्रांड कहीं जाती हैं. उमा भारती ने बीते वर्षों में जो विवादित बयान दिए उसमें उन्होंने भगवान राम और हनुमान को लेकर कह दिया था कि वे बीजेपी के कार्यकर्ता नहीं है.
इसी तरह से उनका एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वे लोधी समुदाय को ये कहती हुई सुनाई पड़ी थीं कि ये जिसे चाहें वोट दें स्वतंत्र हैं. मैंने कभी नहीं कहा कि केवल बीजेपी को वोट दें. फिर इस बात को उन्होंने बड़ी बेबाकी से अपने मन की बात जैसे मीडिया में कह दी. खुलकर कहा कि कैसे वे अपनी ही पार्टी की सरकार में प्रताड़ित हुईं, कैसे उनके परिवार को इस प्रताड़ना का हिस्सा बनना पड़ा. नाम नहीं लिया लेकिन निश्चित कार्यकाल का हवाला देकर उन्होंने अपने सबसे बड़े राजनीतिक विरोधी भी निशाने पर ले लिए.
मध्यप्रदेश उमा भारती का हरा ज़ख्म है
2003 में मध्यप्रदेश में बीजेपी उमा भारती के चेहरे पर ही सत्ता में आई थी. लेकिन जिसकी उमा भारती हकदार थीं, वो उन्हें बहुत लंबे समय तक नहीं मिल पाया. कर्नाटक के हुबली में हुए एक मामले में गैर जमानती वारंट होने से पूरी कहानी पलट गई और उमा को कुर्सी छोड़नी पड़ी. इस यकीन पर कि वापिस आकर कुर्सी संभालेंगी. बाबूलाल गौर इस कुर्सी पर बैठे लेकिन जब उमा वापिस आईं तब तक कहानी पूरी तरह पलट चुकी थी. तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के खिलाफ भी पार्टी में नाराजगी बढ़ी लेकिन उन्हें पद से हटाने के बाद मौका शिवराज सिंह चौहान को दिया गया.
उमा भारती समर्थक विधायकों ने इसके बाद बगावत कर दी. एक दर्जन से ज्यादा विधायकों को नोटिस जारी हुए. उमा भारती को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी से बाहर किया गया.
राम रोटी यात्रा से लेकर जनशक्ति पार्टी के गठन तक उमा ने हार नही मानी. फिर बीजेपी में वापिसी भी की और केन्द्रीय मंत्री के पद तक भी गईं. और शांत रहकर अपनी बारी का सब्र के साथ इंतजार भी किया. लेकिन अब उमा के बयानों छटपटाहट नजर आ रही है. हाल ही में मीडिया से मुखातिब उमा भारती ने एक शेर के जरिए अपनी बयानी की थी और कहा था, '' एहसास दिला दो कि मैं जिंदा हूं अभी''
बारिश में सिस्टम धराशायी, पहले सर्पदंश का नहीं मिला इलाज, तिरपाल तान अंतिम संस्कार
20 Jul, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुना: एक इंसान अगर असामयिक काल के गाल में समा जाये तो उसके पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है. उस पर भी अगर अंतिम संस्कार की जद्दोजहद हो तो इससे शर्म की क्या बात होगी. कुछ ऐसी ही तस्वीर मध्य प्रदेश से सामने आई है. जब सर्पदंश से मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए छत तक ना मिली. भारी बारिश में परिजन को तिरपाल के नीचे बुजुर्ग की अंत्येष्टि करना पड़ी.
दिल को झकझोर देने वाली यह तस्वीरें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र गुना की हैं. जहां सतनपुर गांव के रहने वाले बुजुर्ग हजरत सिंह अहिरवार बारिश के मौसम में सर्पदंश का शिकार हो गए. समय पर सही इलाज ना मिल सका तो उनकी मौत हो गई. परिवार अभी इस गम में डूबा था कि उनका अपना दुनिया छोड़ गया था. लेकिन जब अंतिम संस्कार का समय आया तो एक बार फिर सिस्टम की नाकामी ने आइना दिखा दिया.
तिरपाल लगाने को मजबूर परिजन, पेट्रोल-डीजल से जलाई चीता
बारिश में भीगते जैसे-तैसे परिजन और ग्रामीण बुजुर्ग का शव लेकर सतनपुर गांव के मुक्तिधाम पर पहुंचे. लेकिन यहां मुक्ति धाम में बना शेड टूटा हुआ था, परिजन ने अंतिम शैया बनाकर चिता को आग लगाई. लेकिन बारिश की वजह से वह काम भी ठीक से ना हो पाया. लाखों खर्च कर पंचायतों में बनाये गए इस बिना शेड के शमशान में आखिरकार परिजन ने तिरपाल लगाकर बुजुर्ग का अंतिम संस्कार किया. शेड ना होने से बारिश की वजह से चीता को जलाने के लिए भी ग्रामीणों को पेट्रोल डीजल का उपयोग करना पड़ा.
सरपंच बोले- 6 दिन पहले आंधी में उड़ा आधा शेड
सिस्टम की हार दर्शाते इस मामले को लेकर सतनपुर के सरपंच जितेन्द्र तोमर का कहना है कि, "ये मुक्तिधाम 2013 में बना था. हर साल इसका मेंटेनेंस होता रहता है, लेकिन कुछ दिन पहले आई आंधी में मुक्तिधाम के शेड का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. बारिश की वजह से वेल्डिंग का काम नहीं हो पा रहा है. इसी बीच अचानक ही सर्पदंश की वजह से यह मृत्यु हुई और आधे खुले शेड में अंतिम संस्कार करना पड़ा है." सरपंच का कहना है कि, मौसम खुलते ही इसे दुरुस्त करा दिया जाएगा.
बारिश से पहले ही एस्टीमेट के लिए करा लिया था सर्वे
इस मामले पर जब जनपद पंचायत सीईओ गौरव खरे से बात की गई तो उनकी बात से सरपंच का बयान मेल नहीं खाया. जहां सरपंच ने 6 दिन पहले शेड क्षतिग्रस्त होने की बात कही थी, वहीं जनपद पंचायत सीईओ का कहना था कि "सतनपुर गांव का मुक्ति धाम अव्यवस्थित है, बारिश से पहले ही उन्होंने इसका सर्वे करा लिया था और एस्टीमेट भी बनवा दिया था. यहां शेड की दिक्कत आ रही थी, आधा अधूरा शेड क्षतिग्रस्त था. जल्द से जल्द एक दो दिन में ही इसे रिपेयर करा दिया जाएगा.''
किस बात का इंतजार करते हैं जिम्मेदार?
बहरहाल, इस मामले ने पूरे सिस्टम की हार को सामने लाकर रख दिया है. क्योंकि सही इलाज ना मिलने से जहां बुजुर्ग की जान गई तो वहीं मरने के बाद अंतिम संस्कार तक तिरपाल में हुआ. इन हालातों के बावजूद अब जिम्मेदार जल्द सुधार की बात कह रहे हैं. लेकिन सवाल इस बात पर भी उठता है कि आखिर क्यों ये सरकारी नुमाइंदे इस तरह घटनाओं से पहले ही व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं करते. क्यों आम आदमी को इस तरह के हालातों से जूझना पड़ता है.
अटल पेंशन योजना में मध्यप्रदेश का जलवा : 10 जिले टॉप-10 में शामिल, बालाघाट देश में नंबर-1
20 Jul, 2025 07:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल/इंदौर । असंगठित क्षेत्र के कामगारों को 60 वर्ष की आयु के बाद निश्चित पेंशन सुनिश्चित करने वाली अटल पेंशन योजना (APY) में मध्यप्रदेश ने शानदार प्रदर्शन किया है। केंद्र सरकार द्वारा 1 मई से 15 जुलाई, 2025 तक चलाए गए विशेष अभियान में नए लाभार्थियों को जोड़ने में मध्यप्रदेश के 10 जिलों ने देश के टॉप-10 जिलों में स्थान बनाया है। सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि बालाघाट जिले ने इस अभियान में पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। यह जानकारी पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा 18 जुलाई को जारी अंतिम स्कोर में सामने आई है।
:: मध्यप्रदेश के जिलों का शानदार प्रदर्शन ::
बालाघाट जिले ने अपने 2992 के लक्ष्य के मुकाबले 12,507 लोगों को अटल पेंशन योजना से जोड़कर 418% की असाधारण उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही, मध्यप्रदेश के नौ अन्य जिलों ने भी शीर्ष 10 में जगह बनाई है:
- श्योपुर : 304% उपलब्धि के साथ दूसरा स्थान (836 के मुकाबले 2538 लाभार्थी)
- अलीराजपुर : 194% उपलब्धि के साथ तीसरा स्थान (880 के मुकाबले 1705 लाभार्थी)
- उज्जैन : 191% उपलब्धि के साथ चौथा स्थान (5676 के मुकाबले 10813 लाभार्थी)
- अनूपपुर : 189% उपलब्धि के साथ पांचवां स्थान (1342 के मुकाबले 2542 लाभार्थी)
- उमरिया : 184% उपलब्धि के साथ छठा स्थान (990 के मुकाबले 1819 लाभार्थी)
- छिंदवाड़ा : 183% उपलब्धि के साथ सातवां स्थान (4994 के मुकाबले 9148 लाभार्थी)
- डिंडोरी : 182% उपलब्धि के साथ आठवां स्थान (946 के मुकाबले 1720 लाभार्थी)
- शहडोल : 178% उपलब्धि के साथ नौवां स्थान (1936 के मुकाबले 3445 लाभार्थी)
- दमोह : 177% उपलब्धि के साथ दसवां स्थान (1870 के मुकाबले 3314 लाभार्थी)
इन सभी शीर्ष 10 जिलों को अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस प्रदान किया जाएगा।
:: बालाघाट की सफलता का राज ::
बालाघाट जिले में कलेक्टर मृणाल मीणा और जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक सराफ के समन्वय व नेतृत्व में इस योजना में लोगों को जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री संजीव कुमार ने बताया कि अभियान के बाद भी जिले में पात्र लोगों को इस योजना से जोड़ने का काम निरंतर जारी रहेगा, जिसका लक्ष्य 50 हजार लाभार्थियों तक पहुँचना है।
:: अटल पेंशन योजना : एक सामाजिक सुरक्षा कवच ::
अटल पेंशन योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसे विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के कामगारों (जैसे दिहाड़ी मजदूर, छोटे व्यापारी, घरेलू कामगार, रेहड़ी-पटरी वाले, किसान आदि) के लिए तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
:: पात्रता मापदंड ::
- 18 से 40 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक।
- असंगठित क्षेत्र के कामगार।
- किसी बैंक या डाकघर में आधार से लिंक बचत खाता होना अनिवार्य।
- आयकर दाता नहीं होने चाहिए।
- किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना (जैसे NPS, EPS) के लाभार्थी नहीं होने चाहिए।
यह योजना 60 वर्ष की आयु के बाद 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक की मासिक पेंशन प्रदान करती है, जिससे लाभार्थियों का वृद्धावस्था में जीवन आर्थिक रूप से सुरक्षित बना रहता है।
दर्दनाक हादसा: बस के बंपर में फंसी महिला, इलाज के दौरान तोड़ा दम
19 Jul, 2025 07:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक अंधे मोड़ पर बड़ा हादसा हो गया। मंडीदीप स्टाफ बस ने एक बाइक सवार को इतनी जोरदार टक्कर मार दी कि बाइक बस के नीचे फंस गई। इस हादसे में बाइक पर सवार एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है। बाइक चलाने वाले युवक को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
दरअसल, पूरा मामला गोविंदपुरा थाना क्षेत्र के बरखेड़ा पठानी का है। गायत्री मंदिर के पास एक तीराहा है। वहां पर अंधा मोड़ है। शुक्रवार की शाम को साकेत नगर की रहने वाली किरण केतवास (38) अपने भाई उमेश केतवास (34) के साथ मंदिर पूजा करने जा रही थी। तभी मंदिर के पास तीराहे के अंधे मोड़ पर पीछे से आ रही बस ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। जिसमें बाइक के साथ महिला भी बस के नीचे बंपर में फंस गई। लोगों ने बाइक और महिला दोनों को खींच कर निकाला। हादसे में महिला बुरी तरह घायल हो गई और बाइक चालक को भी मामूली चोट आई।
बस में आगे फंस गई थी बाइक
मौके पर मौजूद लोगों ने महिला और उसके भाई को अस्पताल पहुंचाया। महिला की इलाज के दौरान के मौत हो गई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस तीराहे पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। शाम को बस ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के नीचे बाइक और महिला दोनों फंस गई थी।
पुलिस ने क्या कहा?
सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस केस की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी खेत सिंह ने नवभारत टाइम्स को बताया कि महिला अपने भाई के साथ मंदिर जा रही थी। पीछे से मंडीदीप की फैक्ट्री स्टाफ बस (MP04 AP3379) ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। जिसमें महिला की मौत हो गई है। टक्कर मारने वाली बस मंडीदीप से मजदूरों को लाने और ले जाने का काम करती है। घटना के समय बस में मजदूर सवार थे। पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया है। साथ ही पुलिस ने पीएम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच जारी है।
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