मध्य प्रदेश
दमोह की रहस्यमयी मौतें: महिला ने लगाया साजिश का आरोप, पुलिस पर लापरवाही के सवाल
22 Jul, 2025 05:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दमोह। दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले महगवाकला गांव की रहने वाली एक महिला के पति और बेटे की छह महीने के अंदर मौत हो गई। पति का शव जंगल में मिला और बेटे का शव फंदे से लटका था, लेकिन पुलिस आज तक दोनों की मौत के कारण का पता नहीं लगा सकी। जिससे महिला दर-दर की ठोकरें खा रही है, क्योंकि मौत का कारण स्पष्ट न होने से उसे शासन की ओर से कोई सहायता राशि नहीं मिल पाई है।
आखिर कैसे हुई दोनों की मौत?
महिला के ससुर बुद्धू पिता मिट्ठू अहिरवार ने बताया कि जनवरी महीने में मेरा बेटा सत्ती अहिरवार 40 बकरियां लेकर जंगल गया था। शाम को बकरियां घर आ गईं लेकिन बेटा नहीं आया। खोजबीन करने पर उसका शव जंगल में पड़ा मिला। मैंने कुछ संदेहियों के नाम लिखवाए थे, लेकिन पुलिस ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की और न ही बेटे की मौत का कारण पता चला। वहीं, अप्रैल महीने में मैं और मेरी बहू एक रिश्तेदार के यहां शादी में गए थे, इस दौरान मेरा नाती अमित घर में अकेला था। सुबह वापस आए तो उसका शव घर के बरामदे में फंदे से लटका मिला। सूचना पर पुलिस की टीम पहुंची और जांच पड़ताल कर मृतक का फोन जब्त किया। लेकिन, आज तक उसकी भी मौत के कारण का खुलासा नहीं हो सका। पुलिस से मामले को लेकर बात करो तो वह कुछ जवाब नहीं देती है और थाने से भगा देती है।
मेरा तो सब खत्म हो गया
सविता अहिरवार ने बताया, पति अच्छे-भले सुबह घर से गए थे, शाम को जंगल में उनका शव मिला। बेटा 19 वर्ष का था, घर में अच्छा-भला छोड़कर गए थे, लेकिन सुबह आए तो फंदे से उसका शव लटका मिला। पुलिस ने आज तक कोई जांच नहीं की। इसके अलावा आज तक शासन से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली, जबकि पति की मौत को सात माह होने को है। छह महीने के अंदर पति और बेटा दोनों छोड़कर चले गए। पुलिस ने आज तक दोनों घटनाओं के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी कि उनकी मौत कैसे हुई थी। न बेटे का फोन दिया, उसकी जगह दूसरा फोन दे रहे थे, जो मैंने वापस कर दिया।
क्या जांच हुई पता करता हूं
तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी नीतेश जैन ने बताया कि महिला के पति की मौत का मामला उनके पदस्थापन से पहले का है। बेटे अमित की मौत के समय वे अवकाश पर थे। उपनिरीक्षक आरके गोस्वामी द्वारा फोन जब्त किया गया था। अभी तक क्या जांच हुई है, मैं जानकारी लेता हूं।
जानकरी लेता हूं
मृतक सत्ती अहिरवार का संबल कार्ड भी था। इस बारे में जनपद सीईओ मनीष बागरी का कहना है कि संबल कार्ड था तो महिला को अंत्येष्टि सहायता की राशि मिल जानी थी। क्यों नहीं मिली, मैं पंचायत सचिव से इसकी जानकारी लेता हूं।
भैंसों के तबेले में बदला स्कूल भवन, बच्चों की पढ़ाई सड़क और मंदिर पर पहुंची
22 Jul, 2025 05:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीहोर। सीहोर जिले के आष्टा ब्लॉक में एक प्राथमिक स्कूल भवन पर दबंग ने कब्जा कर उसे भैंसों का बाड़ा बना लिया। भवन के एक कमरे में पानी रिसने की समस्या और अधिक बच्चे पंजीकृत होने के कारण अब स्कूल एक मंदिर परिसर में संचालित हो रहा है। हैरानी की बात यह भी है कि स्कूल परिसर में शौचालय तक नहीं है। इसके चलते स्कूल शिक्षक ने प्लास्टिक की पन्नी से अस्थायी शौचालय बना रखा है।
दरअसल, सीहोर जिले के आष्टा ब्लॉक में शिक्षा व्यवस्था का हाल बेहद चिंताजनक है। आष्टा विधानसभा क्षेत्र के गांव रूपकुंड में शासकीय प्राथमिक शाला की स्थिति बेहद दयनीय है। सरकारी स्कूल के भवन पर गांव के ही एक दबंग ने कब्जा कर लिया है, जिसमें वह अपने मवेशियों को बांध रहा है और बच्चे मंदिर परिसर में पढ़ने को मजबूर हैं। पंचायत के सरपंच-सचिव भी इस समस्या को लेकर चुपचाप बैठे हैं। बताया जाता है कि यहां का प्राथमिक शाला भवन काफी जर्जर हो चुका है, जिसमें कई जगह बारिश का पानी टपकता है, कमरों का प्लास्टर भी गिरने लगा है। पूर्व में पंचायत ने शाला संचालन के लिए दो कमरे बनाए थे। एक कमरे पर गांव के एक दबंग ने कब्जा कर लिया है और अब वहां मवेशी बांधे जा रहे हैं। एक कमरा बारिश में पानी रिसने और प्लास्टर गिरने की समस्या के कारण स्कूल संचालन के योग्य नहीं है।
शौचालय के स्थान पर प्लास्टिक की पन्नी लटकाकर की आड़
स्कूल परिसर में शौचालय की भी सुविधा नहीं है। इस समस्या से निपटने के लिए, स्कूल के शिक्षक ने प्लास्टिक की पन्नी से एक अस्थायी शौचालय बना रखा है, जो स्वास्थ्य और स्वच्छता के मानकों पर खरा नहीं उतरता। स्थानीय निवासियों और अभिभावकों ने इस मुद्दे पर कड़ी नाराजगी जताई और मांग करते हुए कहा कि प्रशासन इसका तुरंत समाधान करे। शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार की लापरवाही और अव्यवस्था से बच्चों का भविष्य अधर में लटक सकता है।
प्राथमिक स्कूल में 62 बच्चे
रूपकुंड प्राथमिक स्कूल में कक्षा 1 से 5 तक कुल 62 बच्चे दर्ज हैं। इतने बच्चे एक कमरे में नहीं बैठ सकते हैं, इसलिए मजबूरन समीपस्थ मंदिर प्रांगण में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। शिक्षा विभाग के जिम्मेदार और प्रशासनिक अफसरों ने कभी इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। यह न केवल छात्रों के लिए असुविधाजनक है, बल्कि उनकी शिक्षा के अधिकार का भी उल्लंघन है। इस संबंध में शाला प्रभारी राजेश कुमार व्यास ने बताया कि समस्या के संबंध में कई बार बड़े अफसरों को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। इसके चलते उन्हें मंदिर परिसर में बच्चों का स्कूल संचालित करना पड़ रहा है। इस संबंध में डीपीसी आरआर उइके कहते हैं कि मामला संज्ञान में है। स्कूल भवन डिस्पेंसल हो गया है। भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
दतिया कांड: आत्महत्या से पहले ASI ने खोली थाने की परतें, आरोपी अफसरों पर जाँच की मांग
22 Jul, 2025 04:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दतिया। दतिया जिले के गोंदन थाने में पदस्थ ASI प्रमोद पावन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने कुछ वीडियो जारी किए, जिसमें उन्होंने पुलिस के संरक्षण में चल रहीं अवैध गतिविधियों का खुलासा किया है। एएसआई प्रमोद पावन ने वीडियो में गोंदन थाना प्रभारी अरविंद भदौरिया, थरेट थाना प्रभारी अनफसुल हसन, आरक्षक चालक रुपनारायण यादव और आरक्षक अरविंद यादव पर मानसिक प्रताड़ना और अवैध गतिविधियों में संलिप्त होने के गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में एएसआई ने कहा कि वे बीते कई दिनों से थाना स्तर पर चल रही जुआ, सट्टा और अवैध रेत खनन जैसी गतिविधियों का विरोध कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगे हैं, उन पर पूर्व में भी अवैध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लग चुके हैं।
इधर, घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और मामले की जांच शुरू हो गई है। वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है और आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है। एसपी सूरज वर्मा ने बताया कि मामले की जांच डीएसपी अजाक उमेश गर्ग को सौंपी गई है। एक विशेष टीम का गठन भी किया जा रहा है, जो इस पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी। डीएसपी गर्ग ने कहा कि जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिला रहे हैं।
मोहन यादव कैबिनेट की बैठक संपन्न, 7 नई निवेश नीतियों को मिली मंज़ूरी
22 Jul, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को वल्लभ भवन में कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई है। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि वृंदावन ग्राम योजना को मंजूरी दी गई है।
मप्र कैबिनेट की ख़ास बातें
* सावन में महाकाल की सवारी में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई। प्रशासन की बेहतर व्यवस्था की सराहना हुई और भविष्य में महाकाल यात्रा को पूरे देश में प्रतिष्ठित धार्मिक आयोजन बनाने का संकल्प लिया गया।
* मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों और प्रशासन को निर्देश दिए कि किसानों को बोवनी के समय खाद की कोई कमी या काला बाजारी न हो एवं उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक मिले।
* मध्यप्रदेश में जैव विविधता संवर्धन, टाइगर रिजर्व और पचमढ़ी क्षेत्र को बायोस्फीयर घोषित करने के कार्यों पर जोर दिया गया। इन क्षेत्रों में पर्यटन एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी।
* उज्जैन और ग्वालियर में लगने वाले मेलों (विक्रमोत्सव व्यापार मेला, राजमाता सिंधिया मेला) में ऑटोमोबाइल्स पर 50% टैक्स छूट का अनुमोदन किया गया।
* प्रदेश में विश्वसनीय आधुनिक डाटा सेंटर का निर्माण किया जाएगा। यह डाटा सेंटर देश के अच्छे डाटा सेंटरो में से एक होगा।
* 1960 में स्थापित गांधी सागर जल विद्युत गृह और मेवाड़ के राणा प्रताप जल विद्युत गृह के संयुक्त रूप से नवीनीकरण का निर्णय लिया गया। परियोजना के तहत कुल 1037 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें सरकार का 30% योगदान रहेगा।
सीएम मोहन यादव के विदेश दौरे के बाद मप्र कैबिनेट का ग्लोबल रोडमैप: विकास, तकनीक और निवेश का संगम
22 Jul, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में बैठक होगी। उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय के नाम में बदलाव को लेकर प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। इसके साथ ही प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट और पावर स्टेशन समेत कई अहम मुद्दों पर मुहर लग सकती है। दुबई और स्पेन से लौटने के बाद ये पहली कैबिनेट बैठक है।
इन प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
विधानसभा सत्र से पहले होने वाली मोहन कैबिनेट ये बैठक अहम होगी। मंत्रिपरिषद बैठक के दौरान कई अहम प्रस्ताव को रखा जाएगा। इन प्रस्तावों में से एक उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय लेकर हैं। विक्रम यूनिवर्सिटी का नाम राजा विक्रमादित्य या सप्तऋषि विक्रमादित्य किया जा सकता है। इसके अलावा गौंसनगर पावर स्टेशन के लिए भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है। मध्य प्रदेश विधानसभा का सत्र 28 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। मानसून सत्र को ध्यान में रखते हुए नए विधेयकों को भी पेश करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक खबर है कि राज्य में विकासात्मक कार्य और कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विधेयक हो सकते हैं।
अनुपूरक बजट को मिलेगी मंजूरी
एमपी विधानसभा के मानसून सत्र से पहले अनुपूरक बजट को मंजूरी मिलेगी। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्पेन और दुबई दौरे के दौरान मिले 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही निवेश प्रस्तावों के आधार पर निवेश स्थानों पर चर्चा हो सकती है। आगामी त्योहार और स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री निर्देश दे सकते हैं।
साध्वी लक्ष्मी दास गिरफ्तार: 90 लाख की धोखाधड़ी में फंसी 'धार्मिक' पहचान
22 Jul, 2025 11:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिंदवाड़ा। 90 लाख रुपये की धोखाधड़ी और अदालत को गुमराह करने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहीं साध्वी लक्ष्मी दास (असली नाम रीना रघुवंशी) को छिंदवाड़ा पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी नर्मदापुरम जिले के चंद्रकलां गांव से की गई, जहां साध्वी धार्मिक अनुष्ठान के बहाने छिपकर रह रही थी। पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि साध्वी लक्ष्मी दास गांव में मौजूद है। जैसे ही पुलिस टीम वहां पहुंची, साध्वी को गिरफ्तारी की भनक लग गई और उसने टॉयलेट जाने का बहाना बनाकर वहां से भागने की कोशिश की। इसके बाद वह पास ही की नदी पार कर एक अन्य गांव में छिप गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नाव की मदद से पीछा कर उसे चारों ओर से घेर लिया और हिरासत में ले लिया।
साध्वी लक्ष्मी दास छिंदवाड़ा जिले के चांद क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध रामजानकी मंदिर, लोनीकलां से जुड़े 90 लाख रुपये के गबन के मामले में वांछित थीं। यह रकम मंदिर के पूर्व महंत स्व. कनक बिहारी दास द्वारा घोषित एक करोड़ रुपये की दान राशि का हिस्सा थी, जो उनकी मृत्यु के बाद रहस्यमय ढंग से बैंक खाते से निकाल ली गई। खास बात यह रही कि जिस बैंक खाते से यह राशि निकाली गई, उसमें कोई नॉमिनी नहीं था। पुलिस जांच में यह सामने आया कि इस धोखाधड़ी में साध्वी लक्ष्मी दास के साथ एक बैंक मैनेजर की भूमिका भी संदिग्ध है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए साध्वी ने पहले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन दोनों जगह से उसे कोई राहत नहीं मिली। 19 मई को हाईकोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट कहा था कि उसने तथ्य छुपाए और अदालत को गुमराह करने की कोशिश की। बाद में सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) भी साध्वी ने खुद ही वापस ले ली थी, जिसके बाद से वह फरार चल रही थी। अब छिंदवाड़ा पुलिस की स्पेशल टीम उसे हिरासत में लेकर वापस लौट चुकी है और मंगलवार को साध्वी को अदालत में पेश किया जाएगा। पूछताछ के दौरान यह जानने की कोशिश की जाएगी कि 90 लाख रुपये की रकम कहां और कैसे खर्च की गई। साथ ही पुलिस बैंक अधिकारियों की भूमिका और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की जांच भी करेगी। माना जा रहा है कि यह मामला अब और भी गंभीर मोड़ ले सकता है, क्योंकि इसमें मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई अन्य वित्तीय दस्तावेज और लेनदेन की परतें खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
लोकमाता अहिल्या : अभूतपूर्व प्रस्तुति
22 Jul, 2025 09:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । शौर्य, अदम्य साहस व राजा और प्रजा के बीच अभेध्य विश्वास तथा श्रद्धा की अनुकरणीय मिसाल पेश करने वाली धर्म की प्रतिमूर्ति का अर्थ है—तत्कालीन मालवा राज्य की महान शासक देवी अहिल्याबाई होलकर । आपके जीवन और संघर्ष को दिखाता उद्देश्यपूर्ण व वैचारिक नाटक 'लोकमाता अहिल्या' (लेखक : उमेश कुमार चौरसिया)—जिसके प्रथम मंचन ने हिंदी रंगमंच पर इतिहास रच दिया । भारत सरकार द्वारा एसएनए युवा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित सुपरिचित संस्कृतिधर्मी सरफ़राज़ हसन की परिकल्पना व निर्देशन में इसे यंग्स थिएटर फाउंडेशन के 45 से अधिक कलाकारों द्वारा लिटिल बैले ट्रुप सभागार में प्रस्तुत किया गया । सभागार दर्शकों से खचाखच भरा था । नाटक 80 मिनट का था । मंचन से पूर्व अहिल्याबाई होलकर के जीवन पर निर्देशक ने दर्शकों से संवाद किया।
नाटक की विशेष बात यह रही कि स्क्रिप्ट से इतर सरफ़राज़ हसन द्वारा अनन्य शिवभक्त अहिल्या की कहानी स्वयं मंच पर शिव पार्वती जी की के चरित्रों व संवादों से रचकर भगवान और भक्त की भावनात्मक दृष्टि को अत्यंत सुंदरता से प्रस्तुत किया । यह देशभर में हुए अहिल्याबाई के विषय मे अब तक किसी भी प्रदर्शन से बिलकुल अलग था । इस प्रयोग ने सावन माह में दर्शकों को भी शिवभक्ति से ओतप्रोत व भक्तिमय किया । इस परिकल्पना को प्रस्तुत करने के लिए दर्शकों की तालियों ने निर्देशक हसन की प्रशंसा की। नाटक लोकमाता अहिल्या एक भावनात्मक, ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कथानक को प्रस्तुत करता है। शिवस्तुति से नाटक शुरू होता है । शिव पार्वती कैलाश पर्वत पर प्रकट होते हैं । इसी दृश्य में अहिल्या का बचपन दिखाया गया कि कैसे अहिल्या अपने आराध्य शिवलिंग का निर्माण करते हुए आराधना में तल्लीन रहती है कि उसे अपने पास आ रही सेना को घोड़ों की चापों से भी तनिक डर नही लगता और उसकी इस भक्ति को शिव पार्वती जी स्वयं देख रहे होते हैं । यहां शिव जी बताते हैं कि यह बालिका आने वाले कल में श्रेष्ठ शासक बनेगी, परंतु उसे अपने जीवन में अनेकानेक कठनाइयों का सामना भी करना होगा । किंतु अहिल्या के मन व भक्ति की शुद्धता से प्रसन्न भगवान शिव स्वयं माता पार्वती को अहिल्या बाई होलकर के जीवन वृत्तांत बताते हुए कहते कि मैं स्वयं हरपल अहिल्या के साथ रहूंगा—यहीं से नाटक अपनी कहानी कहता हुआ आगे बढ़ता है। राजा मल्हार राव होल्कर के बेटे और अहिल्या के पति को अल्पायु में ही सूरजमल द्वारा युद्ध मे छल से मार दिया जाता है और उस दौर में सामाजिक प्रथा अनुसार अहिल्या अपने पति की चिता पर सुहागन बनकर सती होने जाती है, जिससे राज्य में हाहाकार मच जाता है । कोई नहीं चाहता था कि ऐसा हो, महाराज भी अहिल्या को सती न होने का आग्रह करते हुए उस उसके मातृधर्म व राष्ट्रधर्म निभाने का आव्हान करते हैं और सती प्रथा को नारी के साथ अन्याय बताते हैं । प्रजा भी अहिल्या से मालवा व प्रजा की भलाई के लिए शेष जीवन लगाने कहते हैं । अहिल्या यह सब देखकर अपने पति की चिता की अग्नि को साक्षी मानकर शेष जीवन राष्ट्र, धर्म व समाज के लिए समर्पित कर देती है । नाटक का कथानक दृश्य के संवादों से एक महान नारी की जीवनी उजागर करता है, जो न-केवल एक धर्मपरायण स्त्री थीं, बल्कि एक न्यायप्रिय शासिका, समाज सुधारक और समर्पित जननेत्री भी साबित होती हैं । बचपन से ही वे धार्मिक प्रवृत्ति, सहनशीलता और सेवा-भाव से ओतप्रोत थीं। शिक्षा में गहरी रुचि थी और उन्होंने संस्कृत, नीति-शास्त्र और धर्मशास्त्र का अध्यनन किया था । मल्हारराव की मृत्यु के पश्चात अहिल्या बाई ने मालवा की बागडोर संभाली । उन्होंने अपने न्याय, कुशल प्रशासन और जन कल्याणकारी योजनाओं से एक आदर्श राज्य की स्थापना की । नाटक में यह दर्शाया गया कि अहिल्या प्रतिदिन खुले दरबार में जनता की समस्याएँ स्वयं सुनती थीं और तुरंत न्याय देती थीं । उन्होंने दरबार में किसी भी व्यक्ति को बोलने और न्याय माँगने की स्वतंत्रता दी । उन्होंने भारत भर में तीर्थ स्थलों का जीर्णोद्धार कराया, जिनमें काशी विश्वनाथ मंदिर, सोमनाथ मंदिर, द्वारका, अयोध्या और हरिद्वार सम्मिलित हैं। यह नाटक एक स्त्री की शक्ति, सहनशीलता, बुद्धिमत्ता और नेतृत्व को दर्शाता है । अहिल्या अपने राज्य की आम कामकाजी महिलाओं को प्रेरणा देकर उनको तलवार का विधिवत प्रशिक्षण दिलाती हैं और दुनिया में अपने तरह के महिला सैन्य दल का गठन करने वाली पहली महिला शासक थीं, जो नारी को अबला नहीं, अपितु सबला बनाती हैं । अहिल्यामाता ने विधवा विवाह का समर्थन किया और महिलाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन दिया, जो उस युग में अत्यंत साहसिक कार्य था । नाटक के एक दृश्य में, जब उन्हें पता चलता है कि राजा राघोबा मालवा पर आक्रमण करने आ रहा है, तो वे न-केवल चुनौती को स्वीकार करती है, बल्कि अत्यंत कुशल रणनीतिकार की तरह उसे एक पूरक-पत्र लिखकर सीधे चेतावनी देते हुए कहती हैं—यदि आप एक महिला से जीत गए, तो यह कोई बड़ी बात नहीं होगी; पर यदि हार गए, तो एक महिला से हार जाने पर बहुत अपमानित होना पड़ेगा। इस तरह अहिल्याबाई अपने साहस व बुद्धि से अपने राज्य के भीतर के जयचंदों को भी परास्त करते हुए निरंतर आगे बढ़ती हैं।
कला व कलाकारों का सामाजिक दायित्व कितना महत्वपूर्ण है, इसकी चिंता करते हुए अंतिम दृश्य में यह दिखाया जाता है कि नगर व अपनी प्रजा का दु:ख-सुख देखने आईं अहिल्यामाता पुणे के प्रसिद्ध श्रृंगार रस कवि अनंत फन्दी को गाते हुए सुनती हैं, जिस पर कुछ लोग बीच सड़क पर नृत्य करते हुए दिखते हैं, तो वे कवि महोदय से कहती हैं कि अपनी काव्य-प्रतिभा का उपयोग समाज उत्थान और जागरूकता के लिए भी करें।
इसी बीच लोकमाता अहिल्या द्वारा मंदिरों, घाटों, धर्मशालाओं आदि का निर्माण व धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन के लिए शालाएँ व मंदिरों के जीणोद्धार के कार्यों के लिए उनका अभिनंदन करने एक ब्राह्मण टोली उससे मिलती है । उनके इन्ही कार्यों के गुणगान में लिखे गए ग्रंथ को वे अहिल्या के समक्ष प्रस्तुत करते हैं, पर यह सब अहिल्या माता को बिल्कुल भी नही पसंद नहीं आता, क्योंकि वे राष्ट्र ,समाज व धर्म कल्याण के लिए किसी शासक के कार्यों को उनका दायित्व समझती हैं, जिस पर व्यक्तिगत प्रशंसा उन्हें पसंद नही आती । इसी कारण अहिल्या अपने ऊपर लिखे गए इस ग्रन्थ को अस्वीकार करते हुए कहती हैं कि शासन करने वाले व्यक्ति-विशेष की प्रशंसा पर इस प्रकार का कोई भी कार्य समय को नष्ठ करने अतिरिक्त कुछ भी नही है । इससे बेहतर है कि आप शिव महिमा पर अथवा समाज को प्रेरणा देने वाला कोई उपयोगी ग्रंथ लिखिए, तब मेरे समक्ष आइयेगा, मैं आपको उचित सम्मान दूंगी । आप अतिशीघ्र इस प्रशंसात्मक ग्रंथ को नर्मदा मैया में प्रवाहित कर दीजिए।
इसके बाद भगवान शिव व पार्वती जी प्रकट होते हैं और बीमार अहिल्या, जो स्वयं अपने द्वारा निर्मित शिवलिंग के साथ बैठे-बैठे बेसुध हो जाती हैं—वे उनकी भक्ति, धर्म व राष्ट्रनिष्ठा के समस्त कार्यों से प्रसन्न हो कहते हैं अहिल्या अब पृथ्वी पर तुम्हारा कार्य पूर्ण हुआ । तुम्हारी दूरदर्शिता, आमजन के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के यत्नों तथा धर्म स्थापना के श्रेष्ठतम कार्यों के लिए तुम युगों-युगों तक लोगों के ह्रदय में पूजनीय लोकमाता के रूप में जीवित रहकर प्रेरणा बनोगी । इसी के साथ अहिल्याबाई शिव जी की परिक्रमा करते हुए उनके श्रीचरणों में समा जाती हैं और नाटक प्रेरणा देते हुए भावपूर्वक समाप्त हो जाता है।
शिवस्तुति से प्रारंभ 80 मिनिट के इस नाटक में तीन नृत्य प्रस्तुतियां है और 7 वर्ष से 65 वर्ष तक के कलाकारों ने नृत्य व अभिनय किया है। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में यह नाटक समाज को एक नई दिशा देता है।
नाटक के प्रमुख संवाद
>सत्य और सेवा के मार्ग पर चलने वालों को सदैव ही विरोध का सामना करना पड़ता है।
>इन्होंने अपराध तो किया है किंतु सभी को न्याय देना शासन का प्रथम कर्तव्य है।
>कोई जाति छोटी या बढ़ी नहीं होती, हमारे विचार, रहन-सहन, जाति या संप्रदाय कोई भी हो—हमारा धर्म एक ही है । हमारे धर्म समाज में समरसता से ही राज्य का विकास संभव है।
>आँच नहीं आने दूँगी अपनी मातृभूमि पर, एक विधवा स्त्री को लाचार न समझें, हाथ में तलवार लेकर निकल पड़ूँगी; तो आतताइयों का सर्वनाश कर दूँगी।
>स्त्री कोमल अवश्य है, भावुक और संवेदनशील भी; किंतु उसे लाचार समझना बड़ी भूल है।
मंच पर
शिव जी - वरुण महापात्र
पार्वती जी - माही चौधरी
महाराज मल्हारराव - डॉ पुनीत चंद्र
महारानी हरकुंवर - सपना पवार
अहिल्या 01 - अनन्य उपाध्याय
अहिल्या 02 - आकांक्षा भदौरिया
अहिल्या 03 - सपना पवार
तुकोजी राव - गौतम लोधी
गंगोबा - आदिल खान
हरबा - अतुल धाकड़
सुंदरी - निकिता ठाकुर
राघोबा - राहुल निमिया
सेनापति - जयदीप चक्रधर
भील सरदार - अभिषेक जाधव
साथी - विवेक साहू , पुनीत चंद्र
ब्राह्मण टोली - सार्थक सक्सेना, पुनीत चंद्र, अभिषेक जाधव , विवेक साहू
सैनिक - सार्थक, अभिषेक, विवेक
मंच परे
मंच व्यवस्थापक : दीपांशु साहू
सहायक : लोकेंद्र सिंह ठाकुर
मंच परिकल्पना : सरफ़राज़ हसन
वेशभूषा : सीमा राय, सना शाहिद
प्रॉप्स/प्रॉपर्टी : जयदीप, वरुण
प्रचार/प्रसार : अमन अग्रवाल
रूप सज्जा : नरेंद्र सिंह राजपूत
प्रकाश परिकल्पना व संचालन : बृजेश अनय
कोरियॉग्राफर : निकिता राव
ग्रुप संजू डांस अकादमी, कोलार रोड
लेखक : उमेश कुमार चौरसिया
पूर्णरंग, परिकल्पना व निर्देशक :
सरफ़राज़ हसन
मध्य प्रदेश में मानसून का कहर! आज 12 जिलों में बरसेंगे बादल
22 Jul, 2025 09:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश में सिस्टम कमजोर पड़ने की वजह से पिछले 4 दिन से भारी बारिश का दौर थमा था। मंगलवार से फिर शुरू होगा। मौसम विभाग ने जबलपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं बुधवार से पूरे प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। इससे पहले सोमवार को इंदौर समेत कई जिलों में बारिश हुई।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास और सीहोर। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी बचे जिलों में भी हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है।
साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव
मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून टर्फ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा।
इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश
बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है।
कई जिलों में हुई बारिश
सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश हुई यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है।
मंत्री सारंग ने किया विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन
21 Jul, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड 38 में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। मंत्री सारंग ने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि नरेला के समग्र विकास का संकल्प हमारी प्रतिबद्धता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार प्रदेश में हर क्षेत्र को विकास, सुशासन और जनकल्याण की मुख्यधारा से जोड़ रही है। मंत्री सारंग ने कहा कि नरेला के हर घर में नर्मदा जल के साथ ही सीएम राइज स्कूल, शासकीय कॉलेज, थीम आधारित आधुनिक पार्क, फ्लाईओवर, स्मार्ट सड़कों का नेटवर्क और आदर्श ड्रेनेज सिस्टम जैसी अधोसंरचनाएं क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि नरेला के रहवासियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और समृद्ध जीवन मिले इसके लिए हम कटिबद्ध हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक सहित बड़ी संख्या में रहवासी उपस्थित रहे।
विकास कार्यों की सौगात
नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड 38 के पुरुषोत्तम नगर, सेमरा, शिव मंदिर के पास सड़क निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा। इन कार्यों से स्थानीय नागरिकों को सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई जाएगी पाइपलाइन : राज्यमंत्री गौर
21 Jul, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने मंत्रालय में विभिन्न विकासकार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पेयजल, सीवेज, सड़क और नाली निर्माण से जुड़ी सुविधाओं पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने गोविंदपुरा के वार्ड 72 की सागर सिटी, सागर धाम और यशोदा नगर में पेयजल आपूर्ति के स्थायी हल करने के लिए पाइपलाइन बिछाने के निर्देश दिए।
राज्यमंत्री गौर ने कहा कि जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्य समय-सीमा में पूर्ण हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है, और गोविंदपुरा क्षेत्र भी इसमें पीछे नहीं रहेगा।
जर्जर आंगनबाड़ी भवन तोड़ने और नए निर्माण के निर्देश
राज्यमंत्री गौर ने वार्ड 72 के बिहारी कॉलोनी स्थित जर्जर आंगनबाड़ी भवन को तत्काल तोड़ने और नई आंगनबाड़ी भवन के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। मालीखेड़ी, दशहरा मैदान, शबरी नगर जैसी बस्तियों में सम्पवेल चालू कर पानी और सड़क निर्माण की योजना भी तत्काल शुरू करने को कहा।
जनप्रतिनिधियों की जानकारी में लाएं कार्य
राज्यमंत्री गौर ने कहा कि जो भी कार्य किए जा रहे हैं, उनकी जानकारी संबंधित जनप्रतिनिधियों को अवश्य दी जाए। भ्रमण के दौरान नागरिकों से मिली शिकायतों का समाधान पारदर्शिता के साथ किया जाना चाहिए।
सीवेज, सड़क निर्माण कार्यों में तेज़ी लाएं
वार्ड 73 की चांदवाड़ी कॉलोनी, शिव नगर, लक्ष्मी नगर आदि क्षेत्रों में सीवेज समस्या के समाधान के लिए ट्रंक लाइन डालने और अमृत 2.0 योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। वार्ड 74 के ग्राम खेजड़ा, भानपुर मल्टी से महोली, इकोग्रीन कॉलोनी सहित अन्य क्षेत्रों में सड़क निर्माण, सीमांकन और सीवेज से संबंधित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
नवीन विधायक विश्राम गृह का नवनिर्माण आधुनिक प्रक्रियाओं के साथ भविष्य की ओर अग्रसर होने के भाव को दर्शाता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
21 Jul, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में सिंहावलोकन की परंपरा रही है। पिछले अनुभवों की समीक्षा करते हुए भविष्य की कार्य योजना बनाना और उसका क्रियान्वयन सुखद और सफलता प्रदान करने वाला रहता है। समय की मांग के अनुरूप हो रहा विधायक विश्रामगृह का नवनिर्माण आधुनिक प्रक्रियाओं के साथ भविष्य की ओर अग्रसर होने के भाव को दर्शाता है। भवन निर्माण और वास्तुकला के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों के उपयोग से बनने वाला यह भवन लोक कल्याण और जन सेवा के लिए विधायकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराएगा। राज्य सरकार ने विधायकों के कार्यालयों के आधुनिकीकरण के लिए बजट में 5-5 लाख रुपए के आवंटन का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन विधायक विश्रामगृह के द्वितीय चरण के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवीन विधायक विश्रामगृह के निर्माण कार्य के भूमि पूजन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में विधायक विश्राम गृह परिसर में नवीन विधायक विश्रामगृह के निर्माण कार्य का भूमि पूजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी उपस्थित थे। नवीन विधायक विश्रामगृह लगभग 160 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा, इसमें सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ 102 फ्लैट्स का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भूमिपूजन के बाद शिलालेख अनावरण किया तथा भगवान श्रीराम और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन और वंदे मातरम गान के साथ हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अगले स्वच्छता सर्वेक्षण में भोपाल को शीर्ष स्तर पर लाने का लक्ष्य रखा है। अगर कुछ कमियां हैं तो उन्हें दूर करेंगे। प्रदेश को नई-नई सौगातें मिल रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 11 साल में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिससे दुनिया चकित है। स्पेन सहित यूरोप में भारतीय संस्कृति, खानपान और पहनावे को वहां के लोग आदर के साथ आत्मसात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश का सिंचाई रकबा बढ़ रहा है, स्वच्छता की मुहिम चल रही है। सरकार विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए आगे बढ़ रही है। श्रावण मास में प्रदेश की लाड़ली बहनों को शगुन के तौर पर 250 रूपये की विशेष सौगात मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में उदारता का भाव कूट-कूट कर भरा है। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संगठित रहने और शिक्षित बनने का संदेश दिया। राज्य सरकार उनके विचारों को क्रियान्वित करते हुए सबके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल उन्नयन के लिए तकनीकी दक्षता उपलब्ध कराने की दिशा में सघन प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रावण मास की एकादशी और बाबा महाकाल की दूसरी सवारी का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के देवस्थानों पर समाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में निवासरत जनजातीय समुदायों के समूह नृत्य और संगीत की छटा बिखेरते हुए महाकाल की सवारी में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार राष्ट्रीय अखंडता के लिए प्रतिबद्ध है, इसी के चलते जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई गई। सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से मुक्ति दिलाई है।
विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि विधायक जनता का प्रतिनिधि होते हैं और उनको समयानुकूल सुविधाएं मिलना आवश्यक है और इसकी पूर्ति करने के लिए नए विधायक विश्राम गृहों का निर्माण किया जा रहा है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश की विधानसभा ई-असेंबली के रूप में तैयार हो जाएगी तो इसका लाभ विधायकों को मिलेगा। वर्तमान विधायक विश्राम गृह का निर्माण वर्ष 1958 में हुआ था जो अब पुराना हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश को विकास में अग्रणी बनाने के लिए संकल्प के साथ जुड़े हैं। प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए उन्होंने विदेश दौरा संपन्न किया है। स्वच्छता में प्रदेश के 8 शहरों ने झंडे गाड़े हैं। इंदौर तो स्वच्छ है ही, अगले वर्ष भोपाल को नंबर-1 बनाने के लिए सभी कृतसंकल्पित हैं।
नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह विश्राम गृह आधुनिक सुविधाओं, सुरक्षा और तकनीकी आवश्यकताओं से सुसज्जित होगा, जो विधायकों को कार्य और चिंतन के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करेगा। उन्होंने विधायक जीवन के प्रारंभिक वर्षों की स्मृतियाँ साझा करते हुए वर्तमान में हो रहे बदलावों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज विधायकों के लिए तकनीकी संसाधनों की दिशा में निरंतर प्रयास हो रहे हैं, इससे वे विकास प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे। मंत्री विजयवर्गीय ने मध्यप्रदेश के आठ शहरों को स्वच्छता पुरस्कार मिलने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की और इसे प्रदेश की विकासशील सोच और समर्पित नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के मार्गदर्शन में विधानसभा को आधुनिक तकनीकी से लैस किया जा रहा है।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि लोकतंत्र केवल संस्थाओं का तंत्र मात्र नहीं है, बल्कि विश्वास का ताना-बाना भी है, जो जनप्रतिनिधियों के उत्तरदायित्व से बुना जाता है। मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर में ही नवनिर्मित विधायक विश्राम गृह के निर्माण का भूमि-पूजन हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में प्रदेश में नए-नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विचार दिया जिससे राज्यों में वैश्विक स्तर पर होने वाले निर्माण मापदण्डों के अनुरूप अधोसंरचना विकास हो रहा है। मध्यप्रदेश अधोसंरचना विकास में निरंतर प्रगति कर रहा है। इंदौर ने इस वर्ष फिर स्वच्छता में शीर्ष स्थान हासिल किया है। भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर को भी स्वच्छ शहरों की सूची में स्थान मिला है। निकट भविष्य में और अधिक शहर स्वच्छता सूची में आएंगे। उन्होंने बताया कि विधायकों के लिए बनाए जा रहे विश्राम गृह पूर्णत: भूकंप और अग्निरोधी होंगे।
प्रमुख सचिव विधानसभा अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि 14 एकड़ में 102 फ्लैट निर्माण किए जाएंगे। इनका निर्माण 18 माह में पूर्ण करने का लक्ष्य है। परिसर में वाहनों की पार्किंग, जिम, फायर अलार्म, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, चिकित्सालय, शॉपिंग कॉम्पलेक्स आदि सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
खेल एवं युवा कल्याण तथा सहाकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्क कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष द्वय डॉ. सीताशरण शर्मा, गिरीश गौतम, विधायक एवं पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा, विधायक विष्णु खत्री, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर भोपाल मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह से गुजरात संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष पालीवाल ने की भेंट
21 Jul, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह से सोमवार को मंत्रालय में गुजरात संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष हिमान्जय पालीवाल एवं उनके दल ने भेंट की। मंत्री सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में राज्य सरकार का स्कूल शिक्षा विभाग संस्कृत के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिये विशेष प्रयास कर रहा है। प्रदेश में 13 जिलों के शासकीय विद्यालयों में अरूण एवं उदय की संस्कृत की कक्षाएं प्रारंभ की जा चुकी है। इन स्कूलों में संस्कृत विषय को पढ़ाने के लिये शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। बैठक में गुजरात के प्रतिनिधि मण्डल को महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान की कार्यप्रणाली के बारे में भी बताया गया।
संस्थान की वेबसाइट
संस्थान के निदेशक प्रभात राज तिवारी ने बताया कि महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान, जीवाजी वेधशाला उज्जैन और योग प्रशिक्षण केन्द्र की समेकित वेबसाइट तैयार की गई है। वेबसाइट में लगभग 538 प्राचीन पुस्तकें, संस्थान की परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को मार्गदर्शन के लिये प्रश्न बैंक, आदर्श उत्तर पाठ्य सामग्री, संस्कृत भाषा में अरूण और उदय कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकें भी अपलोड की गई है। प्रतिनिधिमण्डल ने आदर्श आवासीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय जो संस्कृत माध्यम में अध्ययन कराता है, उसका दौरा किया।
गुजरात के दौरे के लिये आमंत्रण
गुजरात संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष पालीवाल ने स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह एवं बोर्ड निदेशक तिवारी को गुजरात राज्य में संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिये किये जा रहे कार्यों के अवलोकन के लिये आमंत्रण दिया।
उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने किए बाबा महाकाल के दर्शन और लोककल्याण की प्रार्थना की
21 Jul, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : पवित्र श्रावण माह के दूसरे सोमवार को उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री शुक्ल और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल बाबा महाकाल की परंपरागत सवारी में श्रद्धा एवं भक्ति भाव से शामिल हुए। भगवान महाकाल की पालकी जैसे ही महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण से निकली पूरा वातावरण हर-हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि उज्जैन की धरती पर बाबा महाकाल का दर्शन परम सौभाग्य की बात है। श्रावण का यह पावन पर्व हमें भक्ति, सेवा और आत्मिक शुद्धता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान का आधार है। यह आध्यात्मिक शांति, सामाजिक एकता और संस्कारों की चेतना को सशक्त करते हैं।
उल्लेखनीय है कि श्रावण सोमवार को भगवान महाकाल की परंपरागत सवारी नगर भ्रमण पर निकलती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस अवसर पर नगर को भव्य रूप से सजाया गया था और चारों ओर धार्मिक उल्लास का वातावरण था। सवारी में प्रशासन एवं महाकाल मंदिर समिति के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
नरेला में श्रावण माह के अवसर पर निकली बाबा महाकाल की सवारी
21 Jul, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : श्रावण माह के पावन अवसर पर सोमवार को भोपाल के नरेला विधानसभा अंतर्गत मंशापूर्ण हनुमान मंदिर शंकराचार्य नगर से बाबा महाकाल की सवारी निकाली गई। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सवारी में सहभागिता कर बाबा महाकाल से सर्वमंगल की कामना की।
यह सवारी पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और विश्वास का केंद्र बनी रही। हजारों की संख्या में शिवभक्त इस सवारी में शामिल हुए और हर-हर महादेव के उद्घोष से वातावरण को शिवमय कर दिया। इस दौरान मंत्री सारंग का स्वागत विभिन्न मंचों और स्थानों पर पुष्प वर्षा, माल्यार्पण तथा जयकारों के साथ किया गया। मंत्री सारंग ने कहा कि भगवान महाकाल की कृपा सब पर बनी रहे सबका कल्याण हो, सबकी मनोकामनाएं पूर्ण हों हम महादेव के श्रीचरणों में प्रार्थना करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रावण माह शिव आराधना का विशेष समय है और इस अवसर पर महाकाल की सवारी का सहभागी बनना सौभाग्य की बात है। मंत्री सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा के शंकराचार्य नगर क्षेत्र से निकली इस सवारी ने जनमानस को भक्ति, एकता और अध्यात्म के सूत्र में पिरो दिया।
सवारी में धार्मिक झांकियाँ रहीं आकर्षण का केंद्र
सवारी में अनेक सांस्कृतिक व धार्मिक झांकियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। बाल स्वरूप में भगवान शिव की झांकी, माँ काली के दिव्य स्वरूप, ढोल-ताशों की गूंज, पुष्प वर्षा एवं भजन मंडलियों की प्रस्तुति ने सवारी को अद्भुत दिव्यता प्रदान की।
पालकी में भगवान चन्द्रमोलेश्वर व मनमहेश हाथी पर विराजित होकर भक्तों का कुशल-क्षेम लेने उज्जैन नगर भ्रमण पर निकले
21 Jul, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को भगवान महाकाल की श्रावण माह की दूसरी सवारी में शामिल हुए। भगवान महाकालेश्वर पालकी में चन्द्रमोलेश्वर के रूप में तथा हाथी पर मनमहेश के स्वरूप में विराजित होकर अपने भक्तों को दर्शन देने और अपनी प्रजा का कुशल-मंगल जानने नगर भ्रमण पर निकले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सवारी निकलने के पूर्व सभा मंडप में पालकी का पूजन-अर्चन किया। सर्वप्रथम भगवान महाकालेश्वर भगवान का षोडशोपचार से पूजन-अर्चन कर आरती की गई।
भगवान श्रीमहाकाल की सवारी धूमधाम से निकाली गई जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर 08 जनजातीय दलों के द्वारा नृत्य की प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव संपूर्ण सवारी मार्ग पर बाबा महाकाल की आराधना और भजन-कीर्तन करते हुए नंगे पांव चले। इस दौरान उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालुहेडा, महापौर मुकेश टटवाल, संजय अग्रवाल आदि ने भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अर्चन किया और आरती में सम्मिलित हुए।
भगवान महाकालेश्वर की दूसरी सवारी के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरे सवारी मार्ग पर डमरु और झांझ मंजीरे बजाते हुए पैदल चले। स्कूली विदयार्थियों द्वारा घोष वादन किया गया और श्रध्दालुओं के भोले शंभु भोलेनाथ के जयकारों से संपूर्ण उज्जैन नगरी गुंजायमान हुई।
एम्बुलेन्स को निकलने के लिए जगह दी
सवारी के दौरान रोगी को ले जा रही एम्बुलेन्स को सवारी मार्ग के बीच से निकलने के लिए श्रध्दालुओं द्वारा ढाबा रोड व कमरी मार्ग पर रास्ता प्रदान किया गया। सम्पूर्ण सवारी मार्ग में श्रद्धालुओं ने जय महाकाल के उद्घोष के साथ पुष्प वर्षा की।
महाकाल के चन्द्रमोलेश्वर स्वरूप को गार्ड ऑफ ऑनर
भगवान चन्द्रमोलेश्वर पालकी में सवार होकर अपनी प्रजा का हाल जानने और भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकले। पालकी जैसे ही महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंची सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में सवार चन्द्रमोलेश्वर भगवान को सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दिया गया। सवारी मार्ग में श्रद्धालुओं ने जय महाकाल के घोष के साथ अवन्तिका नगरी के राजाधिराज पालकी में विराजित भगवान चन्द्रमोलेश्वर व हाथी पर आरूढ़ भगवान मनमहेश पर पुष्पवर्षा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर सवारी में पुलिस बैंड की प्रस्तुति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरुप 350 पुलिस के जवानों द्वारा पुलिस बैंड के माध्यम से नम: शिवाय ॐ नमः शिवाय, हर हर शंभू देवा महादेवा, मेरे घर राम आए है, देवा हो देवा गणपति देवा, ॐ जय शिव ओमकारा ,सत्यम शिवम सुन्दरम आदि शिवभजनों की सु-मधुर धुनों की प्रस्तुतियां दी गई जिस पर श्रद्धालु मंत्र मुग्ध होकर झूमे।
बाबा महाकाल की एक झलक के लिए असंख्य श्रद्धालु हुए आतुर
भगवान श्रीमहाकाल की सवारी के दौरान पूरी उज्जैन नगरी शिवमय हो गई। महाकालेश्वर भगवान की सवारी में हजारों भक्त झांझ, मंजीरे, डमरू, ढोल आदि वाद्य बजाते हुए महाकाल की आराधना करते हुए पालकी के साथ चल रहे थे। साथ ही उज्जैन के बाहर से आये हुए भक्तगण भी बाबा की एक झलक पाने के लिए उत्सुक थे। महाकालेश्वर भगवान की सवारी महाकाल मंदिर से गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी होते हुए रामघाट पहुंची। रामघाट पर भगवान चन्द्रमोलेश्वर का मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा माँ क्षिप्रा के जल से अभिषेक पूजन किया गया।
रामघाट के दूसरी तरफ दत्त अखाडा घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार किया गया। साथ ही कलाकार सुलक्ष्मी तलरेजा के द्वारा भगवान शिव पर आधारित भजन प्रस्तुत किए गए। भगवान महाकालेश्वर की पालकी के रामघाट पहुंचने पर शंखनाद और भगवान महाकालेश्वर की आरती की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां भगवान महाकालेश्वर का पूजन अर्चन कर प्रदेश की सुख समृद्धि और विकास की कामना की। पूजन - अर्चन के उपरांत भगवान महाकाल की सवारी रामघाट से रामानुज कोट , मोढ की धर्मशाला, कार्तिकचौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक होते हुए गोपाल मंदिर पहुंची। जहाँ परंपरानुसार सिंधिया स्टेट की ओर से गोपाल मंदिर के पुजारी द्वारा पालकी में विराजित चन्द्रमोलेश्वर का पूजन किया गया। सवारी गोपाल मंदिर से पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए महाकालेश्वर मंदिर पहुंची। जहाँ पुनः आरती उपरांत सवारी का विश्राम हुआ।
8 जनजातीय कलाकारों के दल ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुरूप बाबा महाकालेश्वर की सवारी को भव्य स्वरुप देने के लिए 08 जनजातीय कलाकारों के दल ने महाकालेश्वर भगवान की दूसरी सवारी में सहभागिता की। जनजातीय दलों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर लोकनृत्य की आकर्षक प्रस्तुति देकर कला संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरी। छवीलदास भावली के नेतृत्व में नासिक महाराष्ट्र के जनजातीय सौगी मुखोटा नृत्य एवं अजय कुमार के नेतृत्व में हरियाणा का लोकनृत्य हरियाणवी घुमर के दल ने महाकालेश्वर मंदिर परिसर व शहनाई द्वार के पास अपने साथियों के साथ प्रस्तुति दी।
खेमराज के नेतृत्व में राजस्थान का गैर-घूमरा जनजातीय नृत्य व रवि अहिरवार के नेतृत्व में मध्यप्रदेश छतरपुर के बरेदी लोकनृत्य की कोट मोहल्ला चौराहे पर प्रस्तुति दी गई। अज्जू सिसोदिया के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में झाबुआ का भगोरिया नृत्य एवं बनेसिंह भाई के नेतृत्व में गुजरात जनजातीय राठ नृत्य दल ने रामानुजकोट पर अपनी संस्कृति व कला का प्रदर्शन लोकनृत्य के माध्यम से किया। माँ क्षिप्रा के तट रामघाट पर उडीसा के लोकनृत्य शंख ध्वनि सुनील कुमार साहू के नेतृत्व में व छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य लोकपंथी का दिनेश कुमार जागड़े के नेतृत्व में दलों ने महाकालेश्वर भगवान के सवारी के आगमन पर प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रस्तुतियों की प्रशंसा की।
चलित रथ में लगी एलईडी से श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
बाबा महाकाल की सवारी के दर्शन के लिए सवारी के आगे और पीछे एलईडी लगे 2 रथ चले, जिस पर सवारी के लाइव प्रसारण के माध्यम से श्रद्धालुओं ने सुगमता पूर्वक दर्शन किए।
दतिया अस्पताल में हंगामा, नकाबपोश बदमाशों ने अटेंडर को पीटा
विश्व पुस्तक दिवस पर सीएम मोहन यादव का संदेश—किताबों से बढ़ेगा ज्ञान और संस्कार
फर्ज सर्वोपरि: वोट देने के लिए विदेश से स्वदेश लौटे सुपरस्टार अजित कुमार।
ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम, हैदराबाद से नागपुर तक पाइपलाइन का ऐलान
TMC की पूर्व सांसद नुसरत जहां से ED की पूछताछ, हाउसिंग फ्रॉड केस में घिरीं
चार पीढ़ियों के गवाह समीर अंजान बोले- आज की पीढ़ी भावनाओं को 'झूठा' और 'प्रैक्टिकल' होना सही मानती है।
