मध्य प्रदेश
पटवारी ने बताया- राहुल गांधी ने व्यक्तिगत रूप से दी नियुक्ति की जानकारी
18 Aug, 2025 04:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद प्रदेश भर में विरोध के बीच पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा दावा किया है। जीतू पटवारी ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर कहा कि बडे़ नेताओं को सीधे राहुल गांधी ने फोन कर जिला अध्यक्ष बनाए जाने की सूचना दी है। नेताओं की सहमति के बाद नाम जारी किए गए। जयवर्धन सिंह, ओंकार सिंह मरकाम, प्रियव्रत सिंह जैसे पार्टी के दिग्गज नेताओं को जिला अध्यक्ष बनने का फैसले राहुल गांधी ने ही किया है। कांग्रेस के अंदर दावेदारों के विरोध को लेकर पटवारी ने कहा कि सब पार्टी के सदस्य, उचित फोरम पर बात रख सकते हैं। पीसीसी चीफ ने जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में सेटिंग के आरोपों पर कहा कि इसमें मेरा कोई हस्तक्षेप नहीं है। प्रभारी की फीडबैक के बाद ही नियुक्ति की गई है।
जिला अध्यक्षों की 24 को दिल्ली में होगी ट्रेनिंग
मध्य प्रदेश कांग्रेस के नव नियुक्त जिला अध्यक्षों को दिल्ली बुलाया गया हैं। दिल्ली में 24 अगस्त को एक दिवसीय ट्रेनिंग होगी। जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी शामिल होंगे। बिहार यात्रा से एक दिन ब्रेक कर जिला अध्यक्षों की मीटिंग लेंगे।
पचौरी के जाने के बाद रात भर नहीं आती थी नींद
पटवारी ने कहा आज मै अंतर मन से बहुत खुशी हूं। पचौरी जी जब बीजेपी में गए थे उस समय मुझे रात-रात भर नींद नहीं आती थी उनके साथ कई जिला अध्यक्ष भी गए थे। यह कांग्रेस पार्टी का सकारात्म संदेश है कि जो अध्यक्ष पार्टी छोड़कर जा रहे थे उसी अध्यक्ष पद के लिए लोग इतनी लड़ाई लड़ रहे हैं। जो डिसीजन लिए जाते हैं उसमें 100% पॉजिटिविटी नहीं आती है। पर 90% पॉजिटिविटी आती है।मैं समझता हूं इसी तरह का वातावरण है। राहुल गांधी जी ने संगठन सृजन के लिए जो अब्जॉर्बर भेजे थे उन्हीं के रिपोर्ट के आधार पर जिला अध्यक्षों की नियुक्ति हुई है। किसी नेता का किसी प्रकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है।
राहुल गांधी ने कहा था लंबे रेस का घोड़ा होगा जिला अध्यक्ष
प्रेस कांफ्रेंस में विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि स्वयं राहुल गांधी ने जून माह में कहा था की हर जिले में जो सबसे प्रभावशाली नेता हो जो लंबी रेस के घोड़े हैं उनको अध्यक्ष बनाया जाएगा। मै बहुत आभारी हूं राहुल गांधी जी का जिन्होंने मुझे मौका दिया है। जो लोग विरोध कर रहे हैं उनको संगठन सृजन के बारे में जानकारी नहीं है। हम सब साथ मिलकर काम करेंगे। राहुल गांधी जी की सोच है कि जिला अध्यक्ष ताकतवर होना चाहिए। मैं तीन बार का विधायक हूं एक बार मंत्री रहा हूं। जो पार्टी कहेगी वह काम करूंगा। हम पार्टी में मिलकर काम करें।
शहर और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान के तहत 71 शहर और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की। भोपाल में प्रवीण सक्सेना को एक बार फिर शहर अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है। इंदौर में चिंटू चौकसे को नया शहर अध्यक्ष नियुक्त किया गया। गुना से जयवर्धन सिंह को जिला अध्यक्ष बनाया गया। इसके अलावा कई जिलों में नए चेहरों को मौका दिया गया, जिनमें बालाघाट से संजय उइके, रतलाम ग्रामीण से हर्ष गहलोत और बैतूल से निलय डागा जैसे नाम शामिल हैं।
61 लाख की लूट में बड़ा ट्विस्ट, शिकायतकर्ता ही बने लुटेरे
18 Aug, 2025 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में 61 लाख की लूट हुई थी। एटीएम में रकम डालने के लिए जब वाहन जा रहा था। तभी उसे लूटा गया था। इसकी शिकायत लेकर हिटैची कंपनी एटीएम फ्रेंचाइजी संचालक मनीष गौरिहार थाने में रिपोर्ट लिखाने पहुंचा था। शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता के तहत लूट का अपराध पंजीबद्ध किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए आसपास के क्षेत्र में नाकेबंदी कर दी गई थी।
इसके बाद पुलिस ने अपनी तफ्तीश शुरू की। पुलिस का संदेह शिकायत करने वाले मनीष पर भी था। ये शक तब और गहरा गया जब मनीष का बैक ग्राउंड खंगाला गया। पुलिस ने जांच में पाया कि मनीष पर कर्ज है। इसके बाद उसके एकाउंट के बैंक डिटेल खंगाले गए। इसके बाद शक साक्ष्य में तब्दील हो गया। मनीष के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिले। हालांकि जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 30 हजार के इनाम की घोषणा की गई थी।
पुलिस टीम ने जांच के दौरान पाया कि मनीष का पूर्व से इंडिया वन एटीएम फ्रेंचाइजी से 17 लाख रुपये का लेनदेन विवाद था। 53 लाख के करीब ज्यादा कर्ज था। इन सब साक्ष्यों के साथ पुलिस ने मनीष से सख्ती से पूछताछ की।इस पर मनीष ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। मनीष ने पुलिस को बताया कि योजनाबद्ध तरीके से उसने अपने भाई पुष्पेंद्र अहिरवार के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के एक दिन पहले विभिन्न क्षेत्र के एटीएम में पैसे भरने के लिए महोबा की एक्सिस बैंक से रकम निकाली गई थी। आरोपी 61 लाख से अधिक राशि लेकर वाहन से कस्टोडियन के साथ एटीएम में पैसे भरने जा रहे थे। तभी मोटरसाइकिल में सवार प्रदीप और रवि ने वाहन को रोका और कट्टा लगाकर पैसों से भरा बैग लूट लिया।
घटना को अंजाम देने वाले चारों आरोपी
फ्रेंचाइजी संचालक मनीष कुमार अहिरवार पिता भान सिंह अहिरवार निवासी ग्राम लुहेड़ी थाना श्रीनगर हाल निवासी महोबा जिला महोबा (उ.प्र) एवं दोनों सगे भाई
पुष्पेन्द्र सिंह अहिरवार पिता भान सिंह अहिरवार निवासी गायत्री कालौनी नौगांव थाना नौगांव जिला छतरपुर
प्रदीप अहिरवार पिता भान सिंह अहिरवार निवासी गायत्री कालौनी नौगांव थाना नौगांव जिला छतरपुर
रवि अहिरवार पिता रामआसरे अहिरवार निवासी मलका थाना गढीमलहरा जिला छतरपुर (ममेरा भाई)
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी मनीष सहित सभी के पास से लूटी गई राशि 61 लाख रुपये से अधिक, अवैध 315 बोर का देसी कट्टा, पांच मोबाइल फोन, कार, मोटरसाइकिल कुल संपत्ति करीब 70 लाख रुपये बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी प्रदीप अहिरवार पर लूट चोरी दुष्कर्म जैसे 5 अपराध पूर्व से दर्ज हैं।
मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका, विदिशा में भर्ती रैली
18 Aug, 2025 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। सेना भर्ती कार्यालय, भोपाल की ओर से आगामी 22 अगस्त से 2 सितम्बर 2025 तक विदिशा के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्टेडियम में सेना भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न श्रेणियों के उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।
सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर (छत्तीसगढ़) के अंतर्गत केंद्रीय नियंत्रण श्रेणी के पदों सिपाही फार्मा, सिपाही तकनीकी नर्सिंग सहायक, धर्म गुरु (जेसीओ), जेसीओ कैटरिंग, एजुकेशन हवलदार और हवलदार सर्वेयर ऑटोमेटेड कार्टोग्राफर की भर्ती प्रक्रिया 31 अगस्त से एक सितम्बर 2025 को होगी।
इन पदों के लिए केवल वे ही उम्मीदवार पात्र होंगे, जिन्होंने सेना द्वारा जून-जुलाई 2025 में आयोजित कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (सीईई) उत्तीर्ण किया है। रैली के दौरान अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता, दस्तावेज़ों की जांच और चिकित्सीय परीक्षण किया जाएगा।
भर्ती में शामिल होने वाले योग्य उम्मीदवारों को प्रवेश पत्र शीघ्र ही उनके ई-मेल पर भेज दिए जाएंगे। भर्ती स्थल पर प्रवेश केवल प्रवेश पत्र पर अंकित तिथि और समय के अनुसार ही मिलेगा। विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है कि अभ्यर्थियों की दौड़ रात्रि एक बजे से प्रारंभ होगी। रैली में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड, सभी आवश्यक दस्तावेज अधिसूचना अनुसार तथा आधार कार्ड से लिंक मोबाइल फोन साथ लाना अनिवार्य होगा।
UIDAI संग शिक्षा केंद्र की साझेदारी, स्टूडेंट्स का आधार बनेगा कैंपस में
18 Aug, 2025 03:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में अब सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए आधार कार्ड बनाना और अपडेट करना आसान होगा। राज्य शिक्षा केंद्र और UIDAI ने मिलकर 18 अगस्त से एक अभियान शुरू किया है।। यह अभियान 40 जिलों में चलेगा। इसका मकसद है कि बच्चों को एडमिशन, स्कॉलरशिप और DBT जैसे फायदे मिल सकें। खासकर, स्कूल जाने वाली लड़कियों को इसका लाभ मिलेगा।
कैंप लगाकर चलेगा अभियान
स्कूल शिक्षा विभाग इस काम को आगे बढ़ाएगा। इसके लिए कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट किए जाएंगे। आधार कार्ड में बच्चों के फिंगरप्रिंट, आंखों की स्कैनिंग और फोटो अपडेट किए जाएंगे। इससे उन्हें योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। सरकार का ध्यान खासकर स्कूल जाने वाली लड़कियों के आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने पर है।
नियम के तहत अपडेट होते हैं आधार कार्ड
आधार कार्ड अपडेट करने का एक नियम है। जब बच्चा पांच साल का हो जाता है, तब पहली बार बायोमेट्रिक अपडेट कराना जरूरी है। यह मुफ्त में होता है। यह अपडेट पांच से सात साल की उम्र के बीच कराना होता है। इसके बाद पैसे लगते हैं। दूसरा अपडेट तब कराना होता है जब बच्चा पंद्रह साल का हो जाता है। यह अपडेट सत्रह साल तक मुफ्त है। इसके बाद पैसे लगते हैं।
पहले चरण में 40 जिले शामिल
अभियान 18 अगस्त से शुरू हुआ है। पहले चरण में 40 जिलों को शामिल किया जाएगा। कैंप लगाए जाएंगे ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के आधार कार्ड बनाए और अपडेट किए जा सकें। आधार कार्ड से बच्चों को 'एडमिशन, एग्जामिनेशन, स्कॉलरशिप और DBT' जैसी योजनाओं का फायदा मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा बच्चों के आधार कार्ड अपडेट हों।
घने जंगलों में कॉम्बिंग ऑपरेशन, अर्चना तिवारी की तलाश में जुटी टीमें
18 Aug, 2025 03:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कटनी: सिविल जज की तैयारी कर रही अर्चना तिवारी को लापता हुए 12 दिन हो गए हैं। अभी तक अर्चना तिवारी के बारे में कोई सुराग नहीं मिला है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि मिडघाट के जंगलों में वह गिर गई होगी। संभावना यह भी है कि गिरने के बाद कही बाघ ने उसका शिकार नहीं कर लिया न। इन आशंकाओं को लेकर पुलिस की टीम ने जंगल में सर्च ऑपरेशन की शुरुआत कर दी है।
जंगल में तलाश शुरू
अब जीआरपी और वन विभाग की टीम मिडघाट के जंगल में उतरी है। साथ ही अर्चना तिवारी की तलाश शुरू हो गई। मिडघाट जंगल का हिस्सा बुधनी से बरखेड़ा के बीच में है। यह इंदौर-कटनी रेल रूट पर ही है। जीआरपी की चार टीमें यहां अर्चना तिवारी की तलाश में जुटी है। क्योंकि अर्चना तिवारी का अंतिम लोकेशन नर्मदा ब्रिज के पास ही मिला था।
क्या बाघ ने कर लिया शिकार
एक आशंका यह भी व्यक्त की जा रही है कि अगर वह मिडघाट के जंगलों में गिरी होगी तो क्या बाघ ने उसका शिकार कर लिया। जंगल में बाघ काफी हैं और बीते कुछ दिनों में कई इंसानों पर हमला भी किया है। हालांकि अभी तक अर्चना तिवारी को लेकर पुलिस के पास कोई पुख्ता सुराग नहीं है।
सात अगस्त को हुई थी लापता
दरअसल, अर्चना तिवारी रक्षाबंधन के लिए इंदौर स्थित हॉस्टल से सात अगस्त को निकली थी। उसे कटनी स्थित अपने घर जाना था। भोपाल पहुंचने तक उसने परिवार से बात की थी। उसके बाद से अर्चना तिवारी का कुछ पता नहीं चल पाया है। सहयात्रियों ने बताया था कि भोपाल तक ही अर्चना सीट पर दिखी थी।
गौरतलब है कि अर्चना तिवारी में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही थी। वह इंदौर-बिलासपुर एक्सप्रेस से कटनी के लिए निकली थी। ट्रेन से वह कटनी में नहीं उतरी लेकिन उसका बैग उमरिया में ट्रेन के अंदर मिला था। कॉल रेकॉर्ड में भी बहुत ज्यादा जानकारी नहीं मिली है। ऐसे में परिवार के लोगों की बेचैनी भी बढ़ गई।
किसानों की हालत देखकर तमतमाए CM, नकली प्रोडक्ट बेचने वाली कंपनी पर गिरी गाज
18 Aug, 2025 01:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विदिशा: नकली कीटनाशक और खाद की वजह से किसानों की फसल जल गई है। किसानों की शिकायत पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा जिले स्थित छीरखेड़ा गांव के खेत में अचानक औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे। किसानों की जली फसल देखकर शिवराज सिंह चौहान तमतमा गए। इस मौके पर उन्होंने जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। खेत में शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से बात भी की है।
दवा डालने से जल गई फसल
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खरपतवार दवाई डालने के कारण पूरी फसल जल गई है। उन्होंने कहा कि नकली दवाई से किसानों की सोयाबीन की फसल जलकर खाक हो गई। HPM कंपनी की दवाई डालने के कारण नुकसान हुआ है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उच्च स्तरीय वैज्ञानिकों का दल कल इन खेतों का निरीक्षण करेगा। साथ ही कहा कि कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किसानों को मिलेगा पूरा न्याय
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पीड़ित किसानों को पूरा न्याय दिया जाएगा। ऐसी कंपनियों के खिलाफ पूरे देश में एक अभियान शुरू होगा। निरीक्षण के बाद उन्होंने आईसीएआर की टीम गठित कर दी है। जांच दल में चार लोग होंगे। 18 अगस्त को यह टीम निरीक्षण के लिए पहुंची है।
वहीं, टीम में ICAR-DWR के निदेशक डॉ. जे. एस. मिश्रा, डॉ. एस.आर.के. सिंह शामिल रहेंगे। इसे लेकर शिवराज सिंह ने कृषि विभाग और आईसीएआर के वरिष्ठ अधिकारियों की दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक ली है। साथ ही कहा है कि नकली खाद-बीज बेचने वालों के खिलाफ कृषि विभाग कड़ी कार्रवाई करें।
सैंपल फेल होने पर करें कार्रवाई
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की फसलें खराब होने को अत्यंत गंभीरता से लें अधिकारी, सैंपल फेल होने पर कार्रवाई की जाएं। उन्होंने कहा कि एक नहीं, सैकड़ों किसान हो रहे हैं परेशान, किसानों की पीड़ा को गंभीरता से समझें। मैंने खुद किसान के खेत में जाकर देखा, खराब दवाई के कारण फसल पूरी नष्ट हो गई, नकली खाद, बीज और कीटनाशक किसानों के लिए अभिशाप है।
खेतों में जाकर जांच करें
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेतों में जाकर जांच करें और व्यापक पैमाने पर आकस्मिक छापेमारी करके कृषि अधिकारी कार्रवाई करें। साथ ही पॉली हाउस, ग्रीन हाउस, मैकेनाइजेशन के लिए केंद्र सरकार से दी जा रही सहायता का टीम सत्यापन करे। उन्होंने कहा कि हम कार्रवाई करेंगे तो गड़बड़ करने वाले लोगों में भय पैदा होगा और किसानों को राहत मिलेगी। साथ ही गड़बड़ी मिलने पर सील करें फैक्ट्रियां और दुकानें।
उन्होंने कहा कि अगर कहीं गलत हो तो किसानों के हित में कड़ी कार्रवाई करना हमारा धर्म है। किसानों की शिकायतों को सुनने के साथ ही उनका पूरा समाधान जल्द से जल्द करने के निर्देश, प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करेंगे।
जिलाध्यक्षों की नई सूची बनी विवाद का कारण, कार्यकर्ताओं का भरोसा टूटा
18 Aug, 2025 01:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति हो गई है। राज्य में पार्टी को पुनर्जीवित करने की कोशिश में जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए पूर्व मंत्रियों, विधायकों और प्रभावशाली नेताओं के रिश्तेदारों को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है। 71 जिला अध्यक्षों में से 21 को रिपीट किया गया है, जबकि 50 नए चेहरे हैं। लेकिन कई नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के कारण पार्टी में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
जिलाध्यक्षों के नाम की घोषणा के बाद विरोध
नए जिलाध्यक्षों के ऐलान के बाद पार्टी में गुटीय कलह उजागर हो गई है। पार्टी के इस कदम से कई इस्तीफे हुए हैं और असंतोष खुलकर सामने आ गया है। राहुल गांधी ने भोपाल में कहा था कि सबसे मजबूत नेता को जिला अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए। कांग्रेस की जिला इकाई में फेरबदल के बाद कई नेताओं ने अपनी नियुक्ति को डिमोशन के रूप में देखा है, जिसके कारण विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
सतना में विरोध, बुरहानपुर और देवास में इस्तीफे
एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, 'ऐसे 15 लोग हैं जिन्होंने कभी जिला अध्यक्ष बनने के लिए नहीं कहा। क्या जमीनी स्तर से कोई प्रतिक्रिया ली गई? सतना जैसी जगहों पर उन्होंने ऐसे लोगों को चुना है जिनके नाम स्थानीय नेता पहली बार सुन रहे हैं।' इसके अलावा बुरहानपुर में हेमंत पाटिल ने सभी पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया, और गौतम बंटू गुर्जर ने देवास ग्रामीण में शीर्ष पद के लिए दरकिनार किए जाने के बाद पार्टी ही छोड़ दी। डिंडोरी में कांग्रेस नेता अजय साहू ने पुतला दहन की घोषणा की और नए जिला प्रमुख की नियुक्ति को 'सबसे खराब गठन' बताया। उज्जैन के वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने भी नेतृत्व की पसंद पर नाखुशी व्यक्त की। नियुक्तियों के विश्लेषण से पता चलता है कि पार्टी ने संतुलन बनाने की नाकाम कोशिश की।
किस-किसको मिले पद
71 जिला अध्यक्षों में से तीन पूर्व मंत्री, छह मौजूदा विधायक और 11 पूर्व विधायक हैं। पहली बार, चार महिलाओं को जिला प्रमुख पद मिले, और कुल 37 नियुक्तियां आरक्षित श्रेणियों में हुईं। इनमें 12 ओबीसी, 10 एसटी, 8 एससी, चार महिलाएं और तीन अल्पसंख्यक समुदायों से हैं।
कमलनाथ-दिग्विजय खेमे को भी खुश करने की कोशिश
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, जिन्हें जीतू पटवारी को प्रदेश पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद से हाशिए पर कर दिया गया था, अपने समर्थकों के लिए 10 जिला अध्यक्ष पद हासिल करने में सफल रहे। इनमें छिंदवाड़ा, जबलपुर और रीवा ग्रामीण शामिल हैं। जबकि दिग्विजय सिंह के खेमे को पांच प्रमुख पद मिले, जिनमें राजगढ़ भी शामिल है जहां उनके भतीजे प्रियव्रत पदभार संभालेंगे। जीतू पटवारी के सहयोगियों ने भोपाल और इंदौर सहित पांच शहरी केंद्रों में अपनी पकड़ बनाए रखी।
विधायकों को जिलाध्यक्ष बनाने पर विवाद
आलोचना कई मौजूदा विधायकों को जिला अध्यक्ष बनाने की भी हो रही है। अनुभवी नेताओं का मानना है कि यह ऐसा कदम है, जिससे विधायकों की अपने निर्वाचन क्षेत्रों की प्रभावी ढंग से सेवा करने की क्षमता से समझौता होगा। कांग्रेस के प्रमुख आदिवासी चेहरों में से एक, डिंडोरी के विधायक ओमकार सिंह मरकाम, एक ऐसे विधायक हैं जो अब एक जिला इकाई का नेतृत्व करेंगे।
विधायक क्या कह रहे?
यह पूछे जाने पर कि क्या वह डिंडोरी जिला अध्यक्ष नियुक्त किए जाने से खुश हैं, दिग्विजय सिंह के पुराने विश्वासपात्र मरकाम ने कहा, पार्टी जो भी दिशा-निर्देश देगी, मैं उसे पूरा करूंगा। यह पूछे जाने पर कि क्या उनके समर्थकों ने नियुक्ति पर असंतोष व्यक्त किया है, मरकाम ने कहा, 'समर्थक अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र हैं।'
बीजेपी को फायदा पहुंचने का आरोप
पार्टी के मनोबल के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदेह आरोप हैं कि कुछ नियुक्तियों के सत्तारूढ़ भाजपा के साथ अनौपचारिक संबंध हैं। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि लगभग एक दर्जन से अधिक नेता बीजेपी से जुड़े हुए हैं। इसका खंडन करते हुए एक अन्य नेता ने कहा कि जिला अध्यक्ष के रूप में केवल उन्हीं लोगों को नियुक्त किया जाए 'जो भाजपा के संपर्क में नहीं हैं।'
हिम्मत और जुनून का सफर— 16,000 किमी कार चला भोपाल पहुंचे इंजीनियर
18 Aug, 2025 01:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : 42 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर हुकुमचंद रतनचंद शाह ने लंदन से भोपाल तक की यात्रा सड़क मार्ग से तय की है। 16,000 किमी की यह दूरी उन्होंने 35 दिनों में पूरी की है। दो साल की तैयारी के बाद हुकुमचंद रतनचंद शाह ने लंदन से भोपाल तक के सफर को पूरा किया है। इस पर उन्होंने एक करोड़ रुपए खर्च किए हैं। उन्होंने यह यात्रा भोपाल में अपनी पत्नी, बच्चों और ससुराल वालों के साथ 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए की है।
नेपाल में छोड़नी पड़ी कार
दरअसल, उनके दोस्त, सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिजीत पाटिल भी उनके साथ थे। नेपाल में भूस्खलन के कारण रास्ता बंद हो जाने से शाह को अपनी कार वहीं छोड़नी पड़ी। अब वह उसे वापस लाने के लिए 2,000 किलोमीटर की अतिरिक्त यात्रा करेंगे। शाह की इस यात्रा में कुल 1 करोड़ रुपये का खर्च आया।
35 दिन में 16000 किमी का सफर
हुकुमचंद रतनचंद शाह ने लंदन से भोपाल तक कार से एक लंबा सफर तय किया। यह सफर 16,000 किलोमीटर का था और इसे पूरा करने में 35 दिन लगे। शाह ने इस यात्रा पर 1 करोड़ रुपये खर्च किए। शाह ने कहा कि यह यात्रा यादगार थी। हमने भारत पहुंचने से पहले 19 देशों की यात्रा की। यह मेरा सालों पुराना सपना था जो अब पूरा हो गया है।
पत्नी लंदन के बैंक में करती है काम
उनकी पत्नी, ऋचा शाह, जो लंदन में एक बैंक में काम करती हैं, बच्चों के साथ पहले ही भोपाल पहुंच चुकी थीं। ऋचा ने कहा कि मेरे पति ने एक अद्भुत अभियान किया है। हमें उन पर गर्व है।
चीन होते हुए आए यहां
शाह ने अपनी यात्रा के बारे में कहा कि उनके अभियान को सभी देशों में सराहा गया। उन्होंने कहा कि सभी ने हमें बहुत प्रोत्साहित किया। हमने चीन में लगभग 12 दिनों तक यात्रा की और वहां के लोगों ने हमारे साथ बहुत सम्मान से व्यवहार किया।
75 लाख में खरीदी नई कार
इस यात्रा के लिए, शाह ने पिछले साल लगभग 75 लाख रुपए में एक नई कार खरीदी थी। शाह ने कहा कि कार के अलावा, हमारा यात्रा खर्च लगभग 35 लाख रुपए था। महाराष्ट्र के सोलापुर के रहने वाले शाह ने पहले भारत में पुणे से लद्दाख तक कई यात्राएं की हैं। शाह की यात्रा भारत और लंदन के बीच होने वाली लंबी सड़क यात्राओं के चलन का हिस्सा है। 'रोड टू लंदन' जैसे कई संगठित अभियान 2017 से हो रहे हैं। इन यात्राओं में आमतौर पर 20 देशों में 16,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी 50-65 दिनों में तय की जाती है।
ये यात्राएं सांस्कृतिक खोज, मुश्किलों और व्यक्तिगत उपलब्धि का मिश्रण हैं। गौरतलब है कि शाह ने इस यात्रा के लिए बहुत तैयारी की और काफी पैसे खर्च किए। नेपाल में परेशानी होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और यात्रा पूरी की।
गायों के लिए बना मेटरनिटी वार्ड! MP में शुरू हुई देश की पहली अनोखी सेवा
18 Aug, 2025 01:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP News-मध्य प्रदेश के हरदा जिले में दयोदय गौशाला ने ऐसा कदम उठाया है जिसने सबकों चौंका दिया। यहां गर्भवती गायों के लिए इंसानों जैसा 'मेटरनिटी वार्ड' (Cow Maternity Ward) तैयार किया गया है। हरदा में शुरू हुआ यह प्रयोग पूरे देश में पहली बार हुआ है। जहां अब तक केवल इंसानी अस्पतालों में प्रसव सुविधाएं थी, वहीँ अब गायों को भी यह हक मिला है। इस खास वार्ड में डॉक्टर और गौसेवकों चौबीस घंटे मौजूद रहेंगे। प्रसव के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सकेगा और गायों की जान बच सकेगी। इस वार्ड का उद्घाटन कांग्रेस विधायक राम किशोर डोंगने ने किया।
गायों की मौत की समस्या का हल
कई बार प्रसव के समय जटिलता बढ़ने से गायें दम तोड़ देती थी। यह पहल ऐसे मामलों पर रोक लगाएगी और गायों की मौत दर कम करने में मदद करेगी। गर्भवती गायों के साथ-साथ नवजात बछड़ों की देखभाल भी यहां प्राथमिकता होगी। शुरूआती दिनों में उन्हें बेहतर पोषण और चिकित्सीय निगरानी की जाएगी।
गांव और शहर दोनों में उत्साह
हरदा में नई सुविधा को देखने के बाद ग्रामीण और शहरी लोग उत्साहित हैं। लोग इसे गायों की सेवा और संरक्षण के लिए ऐतिहासिक कदम मान रहे हैं। यह व्यवस्था सिर्फ हरदा (Harda) तक सीमित नहीं रहेगी। उम्मीद है कि आने वाले समय में अन्य जिले और राज्य भी इस मॉडल को अपनाकर गायों की सुरक्षा को प्राथमिकता देंगे।
सीएम ऑफिस में हलचल, नए मुख्य सचिव की तलाश—तीन नाम सबसे मजबूत दावेदार
18 Aug, 2025 12:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में वल्लभ भवन में यह सवाल तैरने लगा है कि अगला मुख्य सचिव कौन होगा। अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिलेगा या फिर नए चेहरे को मौकान मिलेगा। इनसे पहले रहे दो मुख्य सचिव को एक्सटेंशन मिल चुका है। वहीं, कुछ सीनियर आईएएस अधिकारियों के नाम भी इस रेस में आगे हैं।
इन कारणों से मिल सकता है एक्सटेंशन
मुख्य सचिव को लेकर दो संभावनाएं हैं। पहली, अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिल जाए। दूसरी, उन्हें एक्सटेंशन न मिले। अगर उन्हें एक्सटेंशन मिलता है, तो इसके पीछे तीन प्रमुख कारण हो सकते हैं। पहला, केंद्र में बैठे अफसरों और नीति निर्धारकों से उनके अच्छे संबंध हैं। दूसरा, उन्हें वित्त प्रबंधन का अच्छा जानकार माना जाता है। तीसरा, उन्होंने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और नई पॉलिसी बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
ये लोग हैं प्रबल दावेदार
वहीं, अगर अनुराग जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है, तो वरिष्ठता के हिसाब से अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा इस पद के प्रबल दावेदार होंगे। लेकिन अपर मुख्य सचिव वन व पर्यावरण अशोक बर्णवाल और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में पदस्थ अलका उपाध्याय भी इस रेस में शामिल हैं।
राजेश राजौरा हैं सबसे वरिष्ठ
इसके साथ ही अनुराग जैन के रिटायर होने के बाद डॉ. राजेश राजौरा सबसे वरिष्ठ आईएएस अफसर होंगे। डॉ. राजौरा मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव रह चुके हैं। वह मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र उज्जैन संभाग के प्रभारी भी हैं। अशोक बर्णवाल भले ही डॉ. राजौरा से एक बैच जूनियर हैं, लेकिन उन्हें मुख्य सचिव बनाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। बर्णवाल भी निर्विवादित हैं। उनकी छवि तेजतर्रार अधिकारी की है।
महिला आईएएस अफसर भी रेस में
अलका उपाध्याय भी मुख्य सचिव पद की दौड़ में हैं। वे 1990 बैच में डॉ. राजौरा के बाद वरिष्ठता में दूसरे नंबर पर हैं। पिछले दो महीने में जिस तरह से उन्होंने मध्य प्रदेश के दौरों को लेकर दिलचस्पी दिखाई है, इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वे सीएस पद के लिए सक्रिय हैं। अगर अनुराग जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है, तो वे विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष बन सकते हैं। हालांकि पिछले कुछ सालों से मध्य प्रदेश में मुख्य सचिव को एक्सटेंशन मिलता रहा है। ऐसे में इस बार भी संभावना है कि अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिल सकता है।
मध्य प्रदेश में बारिश का कहर! इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
18 Aug, 2025 12:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में एक बार फिर से तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है. मौसम विभाग ने रविवार को कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा 18 अगस्त से भी कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. साथ ही बुरहानपुर, खंडवा और बड़वानी में भीषण बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
18 अगस्त को फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार (18 अगस्त) से बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होगा. जिससे कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. प्रदेश के मालवा-निमाड़ संभाग के 12 जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान यहां भारी बारिश की संभावना है.
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
18 अगस्त को बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं, अलीराजपुर, धार, इंदौर, देवास, सीहोर, हरदा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा बाकी के जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की उम्मीद है.
एक्टिव हुआ लो प्रेशर एरिया
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेन्द्रन ने बताया कि "एक टर्फ दक्षिणी हिस्से में सक्रिय है, एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन यानी, चक्रवात भी एक्टिव है. इन वजहों से प्रदेश में बारिश का दौर जारी है. एक मानसून टर्फ जैसलमेर, जोधपुर, कोटा से गुना-बैतूल होते हुए दक्षिणी छत्तीसगढ़ से गुजर रही है. यहीं पर लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) की एक्टिविटी भी है. 18 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी पर एक नया लो प्रेशर एरिया के सक्रिय होने की संभावना है."
वहीं, शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई. भोपाल, रायसेन, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, नर्मदापुरम, खजुराहो, मंडला, सागर, सतना, सिवनी, शाजापुर, देवास, छिंदवाड़ा, दमोह, सीहोर, रतलाम, बड़वानी और बुरहानपुर सहित 21 जिलों सामान्य से तेज बारिश दर्ज की गई. इस दौरान जबलपुर में भी 1 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई. वहीं रायसेन में सबसे अधिक 2 इंच बारिश दर्ज की गई.
सरकार फिर बढ़ा सकती है मुख्य सचिव का कार्यकाल
18 Aug, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में क्या पहली बार मुख्य सचिवों को एक्सटेंशन देने की हैट्रिक बनने जा रही है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन का कार्यकाल इसी महीने यानी अगस्त में समाप्त होने वाला है। सत्ता के गलियारों में पिछले एक माह से यह सवाल घूम रहा है कि अनुराग जैन एक्सटेंशन मिलेगा या नहीं? यदि उन्हें सेवावृद्धि मिलती है तो प्रदेश के लगभग 69 वर्षों के इतिहास में शायद यह पहला मौका होगा, जब लगातार तीन मुख्य सचिवों को एक्सटेंशन दिया गया। स्वच्छ छवि वाले अनुराग जैन हमेशा अपनी बेहतर कार्यप्रणाली के लिए चर्चा में रहे हैं।
वीरा राणा और इकबाल बैंस को मिल चुका है एक्सटेंशन
अनुराग जैन के पहले पूर्व मुख्य सचिव वीरा राणा और इकबाल सिंह बैंस को एक्सटेंशन मिल चुका है। वीरा राणा की सेवावृद्धि डॉ. मोहन यादव की सरकार ने की थी वहीं, इकबाल को एक्सटेंशन पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिया था। हालांकि मंत्रालय में इस बात की चर्चा है कि अगर अनुराग जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है तो ऐसी स्थिति में वह रिटायर हो जाएंगे और इसके बाद कई अधिकारी मुख्य सचिव बनने की रेस में है।
राजेश राजौरा समेत 3 IAS अधिकारी रेस में
मुख्य सचिव बनने के लिए प्रबल दावेदार अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉक्टर राजेश राजौरा है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर फिलहाल अल्का उपाध्याय हैं, इसलिए उनकी प्रबल संभावना कम है। इसके बाद अशोक वर्णवाल हैं, पिछले दिनों राजेश राजौरा को मुख्यमंत्री कार्यालय से मुक्त किया गया है। वह जल संसाधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं, अगर अनुराग जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है तो यह तय माना जा रहा है कि डॉ. राजेश राजौरा मध्य प्रदेश के अगले मुख्य सचिव हो सकते हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने तीन सीएस को दी थी सेवावृद्धि
दरअसल मुख्य सचिवों को एक्सटेंशन के मामले में शिवराज कुछ ज्यादा ही दिलदार थे। उनके कार्यकाल के दौरान जितने भी मुख्य सचिव रहे उन्हें या तो एक्सटेंशन दिया गया या तत्काल कोई बड़ी जिम्मेदारी दी गई। उनके कार्यकाल के दौरान सात मुख्य सचिव रहे और उनमें से केवल अवनि वैश्य ही ऐसे रहे जिन्हें रिटायरमेंट के बाद न ही एक्सटेंशन दिया गया और न ही कोई पद. दरअसल आजकल मुख्य सचिवों का एक्सटेंशन देशभर में एक नॉर्मल प्रक्रिया बन गई है। हाल ही में केंद्र सरकार ने हरियाणा के मुख्य सचिव को एक वर्ष का और पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को 3 माह का एक्सटेंशन दिया है। हालांकि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को एक्सटेंशन नहीं दिया गया। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, अभी तक प्रदेश की ओर से एक्सटेंशन का कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार को नहीं भेजा गया है, लेकिन मुख्य सचिव के करीबियों का दावा है कि जैन को अपनी प्रतिनियुक्ति के दौरान किए गए कामों का परिणाम अवश्य मिलेगा। माना जा रहा है कि दिल्ली वालों के हस्तक्षेप से टाइम पर वे मुख्य सचिव बने थे।
पहला एक्सटेंशन वर्ष 1991 में दिया गया था
प्रदेश में पहला एक्सटेंशन 1991 में और दूसरा 2013 में दिया गया। मतलब प्रदेश बनने के 35 वर्षों बाद पहली बार किसी मुख्य सचिव को सेवावृद्धि दी गई और दूसरे एक्सटेंशन के लिए 22 वर्षों का इंतजार हुआ। पिछले बारह वर्षों में तीन अधिकारियों को एक्सटेंशन दिया गया है। यह भी दिलचस्प है कि प्रदेश में सारे एक्सटेंशन भाजपा के मुख्यमंत्रियों ने ही दिए, कांग्रेस सरकार के दौरान रिटायरमेंट के बाद उन्हें कोई पद दे दिया जाता था।
मुख्यमंत्री की पसंद एसीएस राजौरा
डॉ राजेश राजौरा मुख्यमंत्री की पहली पसंद है। हालांकि वह मुख्यमंत्री कार्यालय में काम करके मुख्यमंत्री की छवि और उनके मिशन के बारे में बेहतर पता है। कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ राजौरा कई महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं। साथ ही उज्जैन के कलेक्टर भी रहते हुए सिंहस्थ की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
जिम्मेदारी मिलते ही राहुल गांधी का संदेश, कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर मंथन
18 Aug, 2025 10:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्यप्रदेश कांग्रेस के नए नियुक्त जिला अध्यक्षों की पहली बड़ी बैठक 24 अगस्त को दिल्ली में आयोजित की जाएगी, जहाँ वे सीधे राहुल गांधी से संवाद करेंगे. यह बैठक आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर बेहद अहम मानी जा रही है. राहुल गांधी नए अध्यक्षों को चुनावी दिशा-निर्देश देंगे और पार्टी की रणनीति पर चर्चा करेंगे. बैठक दो सत्रों में होगी, जिसमें जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी. संगठन को जमीनी स्तर पर मज़बूत करने के लिए कांग्रेस नेतृत्व इस बार जिला इकाइयों को सीधा मार्गदर्शन देने की रणनीति पर काम कर रहा है.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज नई दिल्ली में विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं. इसके बाद वे दोपहर 12:30 बजे नई दिल्ली से इंदौर के लिए रवाना होंगे. लगभग 01:50 बजे वे इंदौर पहुंचेंगे, जहां से सीधे उज्जैन जाएंगे. उज्जैन में वे स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे. इसके पश्चात दोपहर 03:30 बजे बाबा महाकाल की भव्य “राजसी सवारी” में शामिल होकर दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे. मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था और जनसंपर्क के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
भीड़ का कहर: महापंचायत के बाद मैहर में आगजनी, घर-मकान राख
18 Aug, 2025 10:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Maihar Communal Violence: मैहर तहसील के बिगौड़ी गांव में एक हत्या के मामले को लेकर रविवार को स्थिति बिगड़ गई. हिंदू महासभा द्वारा आयोजित एक सकल हिंदू महापंचायत के दौरान लोगों का आक्रोश इस कदर बढ़ गया कि भीड़ ने हत्या के आरोपियों के मकानों को आग के हवाले कर दिया. घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
हत्या के बाद गहराया मामला
जानकारी के अनुसार, 11 जुलाई को गांव के निवासी शिवनारायण तिवारी की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में साहिल खान को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, वहीं मोहम्मद इसहाक मदनी, मोहम्मद अंजुम खान, और नगर सैनिक पर मामले को दबाने या गलत दिशा देने के आरोप लगे थे. हत्या के बाद से ही गांव में नाराज़गी और असंतोष की स्थिति बनी हुई थी.
महापंचायत में उग्र हुआ माहौल
रविवार को हिंदू महासभा ने मृतक को न्याय दिलाने की मांग को लेकर महापंचायत बुलाई थी, जो शुरुआती दौर में शांतिपूर्ण रही. लेकिन धीरे-धीरे भीड़ उत्तेजित हो गई और कथित आरोपियों के घरों की ओर कूच कर दिया. देखते ही देखते कुछ मकानों को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई.
प्रशासन की तत्काल प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की. अब गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है.
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना न सिर्फ स्थानीय प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है, बल्कि कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं. प्रशासन गांववासियों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है, वहीं हिंदू महासभा का कहना है कि दोषियों को जब तक सज़ा नहीं मिलती, आंदोलन जारी रहेगा.
नेता से किसान बने शिवराज सिंह, खेतों में उगा रहे शिमला मिर्च की खास फसल
18 Aug, 2025 10:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विदिशा: पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा में शिमला मिर्च की वैरायटी लगाई. उन्होंने बताया, ''खेती में मेहनत का आनंद ही कुछ और है. मुझे जब भी अवसर मिलता है, मैं अपने खेत में जाकर काम करता हूं. कृषि में विविधीकरण समय की मांग है. पहले यहां धान की खेती होती थी, लेकिन इस बार मैंने प्रयोग करते हुए शिमला मिर्च लगाई है, नए अनुभव से नई संभावनाएं जुड़ी हैं. आज अपने खेत में शिमला मिर्च लगाई. खेत में काम करते हुए हमेशा यह अहसास होता है कि किसान भाई कितनी मेहनत और लगन से अन्न उपजाते हैं.''
शिवराज सिंह ने देखी खरपतवार से बर्बाद हुई फसलें
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को अचानक विदिशा जिले के ग्राम छीरखेड़ा पहुंचे. जहां उन्होंने किसानों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं. मंत्री चौहान ने बताया कि, ''उन्हें शिकायत मिली थी कि खरपतवार नाशक दवा के कारण किसानों की सोयाबीन की फसल नष्ट हो गई है. मैंने तय किया कि स्वयं निरीक्षण करूंगा. यहां मैंने देखा कि खेत में सोयाबीन की जगह खरपतवार है. एक उच्चस्तरीय वैज्ञानिकों का दल खेतों की जांच करेगा. कंपनी के खिलाफ विधि सम्मत सख्त कार्रवाई करेंगे.''
किसानों को पूरा न्याय दिलाया जाएगा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ''जहां सोयाबीन की फसल होनी चाहिए थी, वहां पूरा खेत खरपतवार से भर गया है. किसानों की मेहनत और जीवन दोनों इसी फसल पर टिका है. यदि फसल नष्ट हो जाएगी तो किसान जीवन यापन कैसे करेंगे? किसान की फसल उसका जीवन है. इसलिए किसान को राहत मिले, इसकी व्यवस्था करेंगे. किसानों को पूरा न्याय दिलाया जाएगा.'' उन्होंने साफ कहा कि, ''इस मामले की जांच उच्च स्तरीय वैज्ञानिक दल से कराई जाएगी और यदि खरपतवार नाशक दवा में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.''
नकली कीटनाशक और खाद के खिलाफ चलेगा अभियान
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि, ''मैं देशभर के किसानों से कहना चाहता हूं कि अगर कहीं दवाई डालने से फसल खराब हुई है तो आप मेरे पास शिकायत भेजें. हम जांच करेंगे और संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई भी होगी. हम नकली कीटनाशकों और खाद के खिलाफ पूरे देश में अभियान चलाएंगे. एक टोल फ्री नंबर भी जारी करेंगे. किसानों को लूटने का धंधा हम चलने नहीं देंगे. हम नया कानून भी बनाएंगे.''
शिवराज सिंह का पर्यावरण प्रेम जगजाहिर
बता दें कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हमेशा से खेती-किसानी और हरियाली के प्रति गहरी लगाव रखते हैं. वे खुद को किसान का बेटा बताते हैं और जमीन से जुड़े नेता हैं. खेती को उन्होंने न सिर्फ आजीविका बल्कि अपनी पहचान भी माना है. पेड़ों और पर्यावरण के लिए उनका प्रेम जगजाहिर है. उन्होंने 'पौधारोपण अभियान' और 'नर्मदा सेवा यात्रा' जैसे कार्यक्रमों से लाखों पौधे लगवाए हैं. उनका मानना है कि खेती और पेड़ ही जीवन की असली ताकत हैं, इसलिए वे किसानों और प्रकृति दोनों को बचाने के लिए लगातार प्रयास करते रहते हैं.
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