मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विदेशी निवेश संवर्धन के प्रयासों के उत्साहजनक परिणाम
17 Aug, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विदेशी निवेश आकर्षित करने के प्रयासों के परिणाम आना शुरू हो गए हैं। विदेशी निवेश संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री के यूरोप दौरे के फलस्वरूप अब जर्मन की कंपनियों ने मध्यप्रदेश का रूख किया है। मध्यप्रदेश ग्लोबल स्टार्टअप एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत 18 अगस्त से 22 अगस्त तक पांच अग्रणी जर्मन टेक कंपनियों का दौरा शुरू हो रहा है। इसमें म.प्र. और जर्मनी के बीच व्यापार एवं नवाचार को मजबूती मिलेगी। म.प्र. के उद्यमों और जर्मन कंपनियों के बीच रणनीतिक साझेदारी बढ़ेंगी। साथ ही तकनीकी आदान-प्रदान और निवेश अवसरों में वृद्धि होगी। म.प्र. ग्लोबल स्टार्ट अप एक्सचेंज कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी हस्तांतरण को प्रोत्साहित करना, एआई, डेटा एनालिटिक्स और आईटी उद्योग में श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों, नवाचारी प्रयासों का आदान-प्रदान करना है।
जर्मन कम्पनियों का यह दौरा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं का सेतु बनेगा। इससे प्रदेश में अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा को नई ऊर्जा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि इस तरह की वैश्विक तकनीकी साझेदारी से प्रदेश में नवाचार और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “यह पहल केवल तकनीकी सहयोग का आरंभ नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के लिए एक व्यापक नवाचार यात्रा की नींव है। ग्लोबल नॉलेज एक्सचेंज और कटिंग-एज टेक्नोलॉजी से विकसित होने वाली ट्रांस्फ़ॉर्मेटिव साझेदारियाँ प्रदेश के स्टार्ट-अप्स और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने में सहायक होंगी।”
प्रतिनिधिमंडल में टाइलर्स के स्टीवन रैनविक, टैलोनिक के निकोलस, स्टेएक्स के एलेक्सजेन्ड्रा के मिकीटयूक, क्यू-नेक्ट-एजी के मटियास प्रोग्चा और क्लाउड-स्क्विड के फिलिप रेजमूश शामिल हैं। ये कंपनियां वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा इंटीग्रेशन, वर्कफ़्लो ऑटोमेशन, आईओटी और कनेक्टिविटी सॉल्युशंस, एंटरप्राइज़ सॉफ्टवेयर तथा डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग एआई तकनीक के क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। इन कंपनियों का अनुभव और तकनीकी क्षमता मध्यप्रदेश के उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स और युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगी।
प्रतिनिधिमंडल इंदौर प्रवास के दौरान तकनीकी कार्यशालाओं और रणनीतिक चर्चाओं में शामिल रहेगा। प्रतिनिधिमंडल आईआईटी इंदौर में इनक्यूबेशन सेंटर का भ्रमण करेगा और स्थानीय स्टार्ट-अप्स से संवाद स्थापित करेगा। इसके बाद भोपाल प्रवास के दौरान उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और शैक्षणिक व तकनीकी संस्थानों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें होंगी। यह पूरा कार्यक्रम तकनीकी सहयोग, अनुसंधान और निवेश से जुड़ी ठोस संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा।
प्रतिनिधि मंडल के बी2बी व्यावसायिक बैठकें और कई तकनीकी साझेदारी के समझौते होंगे। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय निवेश और नई साझेदारियों के द्वार खुलेंगे। इस पहल से प्रदेश के उच्च कौशल वाले हजारों युवाओं के लिये रोजगार सृजित होगे। इससे प्रदेश के युवा वैश्विक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ सकेंगे। साथ ही राज्य में नए ‘अनुसंधान औऱ विकास’ केंद्रों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। यह दौरा मध्यप्रदेश के लिए एक व्यापक नवाचार यात्रा की बुनियाद सिद्ध होगा। इस दौरे से वैश्विक नॉलेज और कटिंग एज टेक्नोलॉजी से ट्रांस्फोर्मेटिव साझेदारी विकसित होगी, जो प्रदेश के स्टार्ट-अप्स और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त करेंगी। इस पहल से नवाचार हब के रूप में मध्यप्रदेश की स्थिति और सुदृढ़ होगी और आने वाले वर्षों में राज्य को भारत का टेक्नोलॉजी पॉवर हाउस बनाने की दिशा में निर्णायक गति मिलेगी।
कार्यक्रम का शैड्यूल
इंदौर-उज्जैन (18–20 अगस्त)
• 18 अगस्त: इनफोबीन्स मुख्यालय में स्वागत, “ बिल्डिंग ग्लोबल स्केल डिजिटल प्रोडक्ट्स फ्रॉम इंडिया” पर प्रेज़ेंटेशन, फाइरसाइड चैट, नेटवर्किंग लंच और वैलकम डिनर।
• 19 अगस्त: इनोवेशन लैब टूर, डिजाइन थिंगिंक वर्कशॉप, राउंड टेबल मीट और बीटूबी मैच-मेकिंग और शाम को सांस्कृतिक भ्रमण।
• 20 अगस्त: आईआईटी इंदौर और इनक्यूबेशन सेंटर उज्जैन का भ्रमण, स्टार्ट-अप्स से संवाद और साझेदारी चर्चाएँ।
भोपाल (21–22 अगस्त)
• 21 अगस्त: “इंवेस्ट इन एमपी” राउंडटेबल, एमपीआईडीसी मुख्यालय में बैठकें, बीटूबी मैच-मेकिंग और नेटवर्किंग डिनर।
22 अगस्त: विज्ञान औऱ तकनीक विभाग और बी-नेस्ट इनक्यूबेशन सेंटर का दौरा, आईएम ग्लोबार के ऑफिस का भ्रमण, कल्चरल हैरिटेज टूर और मीडिया ब्रीफिंग।
यह आयोजन इंक्यूबेशन मास्टर्स , जर्मनी- इंडिया इनोवेशन कॉरिडोर और एमपीआईडीसी के सहयोग से हो रहा है। यह राज्य की प्राथमिकताओं “आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” और “डिजिटल इंडिया” के अनुरूप है। भविष्य में अमेरिका, सिंगापुर, यूएई तथा अन्य तकनीकी अग्रणी देशों के साथ भी इसी तरह की सहयोग यात्राएँ आयोजित की जाएँगी, जिससे मध्यप्रदेश को एक ग्लोबल टेक-हब के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य सुदृढ़ होगा।
सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित कराएं : राज्यपाल पटेल
17 Aug, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिविल सेवा में चयनित लोकसेवक केन्द्र और राज्य सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों को सफल बनाएं। गरीब, वंचित और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति हमेशा संवेदनशील रहें और उनकी मदद आगे बढ़कर करें। विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएँ।
राज्यपाल पटेल रविवार को नर्मदा क्लब के सभागार में संकल्प संस्थान से चयनित सिविल सेवकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी सफल प्रतिभागियों को सफलता की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल पटेल ने संकल्प संस्थान के गुरूजन, मार्गदर्शक और सफल प्रतिभागियों को मंच से सम्मानित किया। प्रतिभावान छात्रों को निखारने और सफल बनाने के प्रयासों के लिए संस्थान की सराहना की।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि ऋग्वेद के अनुसार ज्ञानी लोग अज्ञानियों को भी ज्ञानवान बनाते हैं, अर्थात शिक्षा की उपयोगिता अशिक्षितों को भी शिक्षित बनाने में ही है। शिक्षा ही वह माध्यम है जो परिवार और समाज में बदलाव लाती है। राष्ट्र की प्रगति सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से विद्यार्थियों को बंधन मुक्त शिक्षा का अवसर देकर, नए भारत के निर्माण का संकल्प दिया है। विश्वगुरू भारत और नए विश्व के निर्माण के लिए जरूरी है कि युवा हमेशा नए सपने देंखे और बड़े सपने देंखे।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि संस्थान, प्रदेश के गरीब और वंचित वर्ग के प्रतिभागियों को संस्थान की विशेषज्ञता से लाभान्वित करने का विशेष प्रयास करें। दूरस्थ और ग्रामीण अंचल के युवाओं को तलाशने और तराशने के लिए का काम करें। उन्हें आगे बढ़ने प्रेरित और प्रोत्साहित करें। संस्थान, ऐसी व्यवस्था बनाने का चिंतन करें जो दूर-दराज के क्षेत्रों, जरूरतमंदों और प्रतिभावान बच्चों तक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने में मददगार हो। उन्होंने कहा कि संस्थान समाज और राष्ट्र उत्थान से जुड़े सामाजिक सरोकारों में आगे बढ़कर हिस्सा लें। शिक्षा से समाज सेवा का आदर्श प्रस्तुत करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि संस्थान को विश्व जगत की वर्तमान की समस्याओं और भविष्य की चुनौतियों के समाधान और दिशा दर्शन का केन्द्र बनना चाहिए।
राज्यपाल पटेल का कार्यक्रम में शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। संकल्प संस्थान के संस्थापक संतोष तनेजा ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरू विजय मनोहर तिवारी ने विद्वान वक्ता के रूप में अपने विचार रखे। सफल प्रतिभागियों को भावी जीवन की चुनौतियों और चिंतन की प्रेरणा दी। संस्थान से जुड़े शैलेन्द्र चौधरी और सुदीपिका ने सिविल सेवा में सफलता के लिए संस्थान से प्राप्त सहयोग और अनुभवों को साझा किया। आभार संकल्प भोपाल के वी.आर. नायडु ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में संस्थान के सदस्य, सफल प्रतिभागी, उनके परिजन उपस्थित थे।
इसे मर जाने दो यह जीकर क्या करेगी?, कुपोषण से शिवपुरी में लड़की की मौत
17 Aug, 2025 12:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवपुरी: आज बेटियां भले ही जमीन से लेकर आसमान तक बुलंदी के झंडे गाड़कर अपने देश का नाम रौशन कर रही हैं. लेकिन समाज में कई वर्ग और परिवार ऐसे हैं, जो बेटियों को आज भी अभिशाप मानते हैं. ऐसा ही एक उदाहरण शिवपुरी जिले के ग्राम खांदी में सामने आया है. यहां एक मासूम बच्ची दिव्यांशी पुत्री लाखन धाकड़ उम्र 1 साल 3 माह का उसके स्वजनों ने इलाज नहीं कराया. जिसकी वजह से वह बीमार होकर कुपोषण का शिकार हो गई और शनिवार को जिला अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गई.
बच्ची का परिजनों ने नहीं कराया इलाज
इस पूरे मामले में सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषिश्वर का कहना है कि "बच्ची को 1 अगस्त को दस्तक अभियान के तहत चिंहित किया गया. स्वजनों को इस बात के लिए समझाया गया कि वह बच्ची को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवा दें, लेकिन उसके परिवार वाले उसे अस्पताल में भर्ती करवाने को तैयार नहीं हुए. इसके बाद सरपंच से संपर्क कर मोहल्ले, पड़ोस के लोगों की पंचायत बुलवा कर दिव्यांशी के स्वजनों को समझाइश दी गई. इसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन इसके बावजूद उसके परिवार वाले उसे अस्पताल से लेकर घर भाग गए. शनिवार को बच्ची को जिला अस्पताल लेकर आए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी."
5 महीने से अपने मायके में बिहार थी मां
सीएमएचओ ने कहा, "बच्ची की मां खुशबू उसे लेकर पांच माह पहले अपने मायके चली गई थी. वहां से लौटकर आई तो 1 अगस्त को बच्ची को चिंहित किया गया. 4 अगस्त को उसे सतनवाड़ा स्वास्थ्य केंद्र भर्ती कराया गया. 5 अगस्त को सतनवाड़ा स्वास्थ्य केंद्र से बच्ची को जिला अस्पताल रेफर किया गया. यहां पीआईसीयू वार्ड में उसका उपचार चला. इसके बाद बच्चे को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. वहां 7 अगस्त तक तक बच्ची का उपचार चला और हालत स्थिर हो गई. मेडिकल कॉलेज से बच्ची को एनआरसी ले जाने की सलाह देकर डिस्चार्ज किया गया, लेकिन दिव्यांशी के स्वजन उसे एनआरसी ले जाने की बजाय वापस गांव ले गए. वहां बच्ची की तबीयत फिर से खराब हो गई."
बच्ची की उम्र 1 साल 3 माह
बच्ची का वजन 3.700 ग्राम
बच्ची का हिमोग्लोबिन 7.4 ग्राम
एमयूसी टेप से माप 6.4 सेमी
'ये लड़की है इसे मर जाने'
मासूम की मां खुशबू धाकड़ ने कहा, "मेरी सास को बेटी पसंद नहीं थी, जब मैंने बेटी को जन्म दिया तो उन्होंने मुझे और अधिक प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. बेटी बीमार होती तो उपचार करवाने से यह कहकर इंकार कर देती कि लड़की है इसे मर जाने दे. मेरी सास को कोई समझाता था, तो वह समझने को तैयार नहीं होती. पति और देवर से इलाज के लिए कहती तो वे मुझे मारते थे."
एयर इंडिया की फ्लाइट में लैंडिंग के दौरान जोरदार झटके, हलक में आई यात्रियों की जान
17 Aug, 2025 11:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: अहमदाबाद विमान हादसे के बाद एयर इंडिया की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब मध्य प्रदेश के ग्वालियर एयरपोर्ट पर एक बड़ा विमान हादसा टल गया. बेंगलुरु से ग्वालियर पहुंची एयर इंडिया की फ्लाइट IX2742 लैंडिंग के बाद अचानक दोबारा टेकऑफ कर गई और कुछ ही पलों बाद दोबारा जबरदस्त झटकों के साथ लैंड की गई. इस घटना के से विमान में बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया, सभी बेहद घबरा गए. बाहर आए यात्रियों ने विमान की लैंडिंग को लेकर कई आरोप लगाए.
विमान की 2 बार हुई रफ लैंडिंग
घटना शनिवार दोपहर की है. एयर इंडिया की बोइंग फ्लाइट सुबह 10:50 बजे बेंगलुरु से ग्वालियर के लिए रवाना हुई थी. लगभग 1:30 बजे फ्लाइट ने ग्वालियर एयरपोर्ट पर लैंडिंग की, लेकिन इसी दौरान बेहद तेजी से झटका लगा. इससे पहले कि यात्री कुछ समझ पाते, विमान ने दोबारा टेक ऑफ कर लिया. इसके बाद कुछ सेकंड्स में ही फ्लाइट की दोबारा लैंडिंग कराई गई, जो पहली से भी ज्यादा खतरनाक थी. यात्रियों के अनुसार, पायलट या क्रू की ओर से किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी गई, जिससे घबराहट और बढ़ गई.
'जान से किया गया खिलवाड़'
घटना के बाद विमान में मौजूद कई यात्रियों ने एयर इंडिया की सुरक्षा व्यवस्था और सेवाओं पर सवाल उठाए. एक यात्री ने नाराजगी जताते हुए कहा, "अगर कुछ हो जाता तो एयर इंडिया माला, अगरबत्ती चढ़ाती और पैसे दे देती." एक महिला यात्री ने बताया कि "लैंडिंग के दौरान लाइफ जैकेट्स तक सीट से बाहर आ गई थीं, जिससे यात्रियों में और डर फैल गया." एक अन्य पैसेंजर ने आरोप लगाया कि "फ्लाइट के अंदर पायलट द्वारा किसी तरह का कोई कम्युनिकेशन नहीं किया गया."
तकनीकी खराबी या पायलट की गलती?
कई यात्रियों ने तकनीकी खराबी की आशंका जताई है. एक यात्री के अनुसार, "लैंडिंग के समय प्लेन की दाएं विंग का एक पोर्शन नहीं खुला, जो स्पीड कंट्रोल करने के लिए जरूरी होता है. इसके अलावा, विमान की गति भी असामान्य रूप से तेज थी और लैंडिंग बिलकुल भी स्मूथ नहीं थी." घटना के बाद सभी यात्रियों ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को लिखित शिकायत सौंपी है और एयर इंडिया से जवाब मांग रहे हैं. यात्रियों ने यह भी मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए कड़ी जांच और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए.
सवालों के घेरे में एयर इंडिया की सेवाएं
मीडिया ने इस घटना के बारे में जानने के लिए एयरपोर्ट अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश कि लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. एयर इंडिया पहले ही अहमदाबाद घटना को लेकर आलोचना झेल रही है और अब ग्वालियर में हुई इस घटना ने यात्रियों के मन में कंपनी की सुरक्षा को लेकर और ज्यादा संदेह खड़े कर दिए हैं.
प्रमोशन में आरक्षण: फिर तारीख पर तारीख
16 Aug, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मप्र में 9 साल बाद सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन मिलने की आस जगी थी, लेकिन मामला एक बार फिर से अदालत में फंस गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कर्मचारियों की पदोन्नति का रास्ता खोल दिया है, लेकिन कुछ कर्मचारियों के कारण मामला हाई कोर्ट में चला गया है, जहां सुनवाई के लिए तारीख पर तारीख दी जा रही है। गौरतलब है कि प्रदेश में 2016 पर बैन लगा था। कई सरकारें आई-गई लेकिन मामला सुलझ नहीं पाया। अब डॉ. मोहन यादव सरकार ने कर्मचारियों को प्रमोशन देने की कवायद शुरू की है, लेकिन मामला एक बार फिर उलझ गया है। प्रमोशन में आरक्षण को लेकर दायर जनहित याचिका पर 14 अगस्त को मप्र हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में समय मांगा गया, जिसके पीछे कारण बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं सीएस वैद्यनाथन और तुषार मेहता को हाईकोर्ट में बहस के लिए नियुक्त किया गया है। सरकार ने निवेदन किया कि चूंकि दोनों वरिष्ठ अधिवक्ता राज्य का पक्ष रखेंगे, इसलिए उन्हें तैयारी के लिए समय दिया जाए।
चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने यह मांग स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 9 सितंबर की तारीख तय की है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुयश मोहन गुरु ने बताया कि चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा जो चार्ट पेश किया गया है, वह यह स्पष्ट नहीं करता कि आंकड़े जनगणना (सेंसर) के आधार पर हैं या फिर सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों के प्रतिनिधित्व के आधार पर। इस पर कोर्ट ने तुलनात्मक वस्तुस्थिति स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट ने यह भी कहा है की नई पॉलिसी में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन हुआ है या नहीं? यह भी बताया जाए। बता दें कि मध्यप्रदेश में लागू नई प्रमोशन नीति 2025 को लेकर अनारक्षित वर्ग के कर्मचारियों ने यह याचिका दायर की है। इससे पहले सुनवाई 12 अगस्त को प्रस्तावित थी, लेकिन चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच की उपलब्धता नहीं होने के कारण इसे 14 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया था।
नई नीति के तहत पदोन्नति नहीं दी जाएगी
पिछली सुनवाई में कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट को आश्वासन दिया था कि अगली सुनवाई तक किसी को नई नीति के तहत पदोन्नति नहीं दी जाएगी। मामले में भोपाल निवासी डॉ. स्वाति तिवारी सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने दलील दी है कि हाईकोर्ट पहले ही साल 2002 के प्रमोशन नियमों को आरबी राय केस में रद्द कर चुका है। इसके बावजूद राज्य सरकार ने नए सिरे से वही नीति लागू कर दी जबकि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और वहां यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी है। बता दें कि वर्ष 2016 से सुप्रीम कोर्ट में मप्र के कर्मचारियों की पदोन्नति संबंधी याचिका विचाराधीन होने से प्रदेश में कर्मचारियों के प्रमोशन पर रोक लगी थी। पदोन्नति का रास्ता खोलने के लिए डॉ. मोहन यादव कैबिनेट ने 17 जून को मप्र लोक सेवा प्रमोशन नियम-2025 को मंजूरी दी थी। सरकार ने पदोन्नति के नए नियमों के संबंध में 19 जून को गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने 26 जून को सभी विभागों को 31 जुलाई से पहले डीपीसी की पहली बैठक बुलाने के निर्देश दिए थे। सीएस के निर्देश पर सभी विभागों ने डीपीसी की बैठकें बुलाने की तैयारियां कर ली थीं। इस बीच पदोन्नति के नए नियमों के विरोध में कुछ कर्मचारी हाईकोर्ट पहुंच गए। हाईकोर्ट ने 7 जुलाई को कर्मचारियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को अगली सुनवाई (15 जुलाई) में कर्मचारियों की पदोन्नति के पुराने नियम (वर्ष 2002) और नए नियम (वर्ष 2025) में अंतर संबंधी तुलनात्मक चार्ट पेश करने का आदेश दिया था। साथ ही अगली सुनवाई तक पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। तभी से सभी 54 विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया पर रोक लगी है। हाईकोर्ट में 15 जुलाई को सुनवाई टल गई थी। फिर याचिका पर सुनवाई 12 अगस्त को प्रस्तावित थी, लेकिन चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच की उपलब्धता नहीं होने के कारण इसे 14 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया था। प्रदेश में नौ साल से पदोन्नति पर रोक लगी होने के कारण इस अवधि में एक लाख से ज्यादा कर्मचारी बगैर प्रमोशन मिले रिटाराई हो चुके हैं।
7 प्रोजेक्ट के आवासों पर मिले 500 किराएदार, कई मकानों को बेचा
16 Aug, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। राजधानी भोपाल में लोगों को अपना मकान मिल सके और झुग्गियां समाप्त हो इसे लेकर सरकार द्वारा हाउसिंग फॉर ऑल स्कीम के तहत लोगों को घर मुहैया कराया जा रहा है, लेकिन भोपाल में कुछ अपात्र लोगों ने भी इन घरों को खरीद लिया है। लगातार हो रही शिकायत के बाद पिछले 4 माह से जिला प्रशासन द्वारा शहर में बने हाउसिग फार आल के प्रोजेक्ट का सर्वे कराया गया। टीटीनगर एसडीएम अर्चना रावत शर्मा की टीम ने चार महीने में 7 जगह सर्वे किया है, जिसमें पता चला कि 500 आवास किराए से चल रहे हैं।
सर्वे रिपोर्ट को अब कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को भेजा दिया गया है। अब इन आवासों को निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी। टीटीनगर एसडीएम अर्चना रावत शर्मा ने बताया कि रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। निर्देश के बाद इस पर कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होने बताया कि सर्वे में यह साफ हो गया कि लोग योजना का गलत उपयोग कर रहे हैं।
1062 आवासों में ताला लगा
आवासों की जांच टीम द्वारा हाउसिंग फार आल (एचएफए) समेत अन्य योजनाओं के तहत आवंटित मकानों का सर्वे किया गया। इसमें सात प्रमुख प्रोजेक्ट श्याम नगर, अर्जुन नगर फेज-एक, फेज-टू, गंगा नगर, आंबेडकर नगर, राहुल नगर और मद्रासी कालोनी शामिल हैं। इन स्थानों पर चार हजार 561 आवास बने हैं, इनमें से तीन हजार 297 में लोग रह रहे हैं, इन्हीं में से करीब 500 आवास किराए पर हैं और 202 को बेंच दिया गया है। 1062 में ताला लगा है।
सातों प्रोजेक्ट की स्थित
श्याम नगर- 1440 मकान बनाए गए हैं। वर्तमान में 987 लोग रहते हैं। 101 मकान बेच दिए गए। 244 मकान में ताला लगा पाया गया है।
अर्जुन नगर फेज 1- यहां पर 572 मकान है, जिसमें 283 मकान में लोग निवास कर रहे हैं। 27 मकान बेच गए हैं। 156 मकान में ताला लगा पाया गया।
अर्जुन नगर फेज 2- 282 मकान में से 143 मकान में लोग निवास कर रहे हैं। चार मकान बेच दिए गए हैं। 79 मकान में ताला लगा पाया गया।
गंगानगर- 864 मकान बने हैं। 379 मकान में लोग रह रहे हैं। 30 फ्लैट बेच दिए गए हैं। 406 में ताला लगा पाया गया।
अंबेडकर नगर- 300 मकान है। 266 में लोग रह रहे हैं। 10 मकान बेच दिए गए हैं। 17 में ताला लगा पाया गया।
राहुल नगर- 832 मकान है।728 में लोग रह रहे हैं।17 मकान बेच दिए गए। 75 मकान में ताला लगा पाया गया।
मद्रासी कॉलोनी- 576 आवास है जिसमें 511 में लोग रह रहे हैं। 13 मकान बेच दिए गए। 85 में ताला लगा पाया गया।
श्रीकृष्ण की ज्वेलरी का 100 करोड़ का बीमा, साल में सिर्फ एक दिन होते हैं दर्शन
16 Aug, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: जन्माष्टमी आज दुनिया भर में धूमधाम से मनाया जा रहा है, विभिन्न मंदिरों में आज भगवान का विशेष श्रृंगार होता है. वहीं ग्वालियर में एक ऐसा मंदिर है जहां भगवान के अद्भुत श्रृंगार के दर्शन साल के केवल इसी दिन होते हैं. श्रीकृष्ण और राधा रानी को यहां जो आभूषण पहनाएं जाते हैं, उनका अकेला बीमा ही 100 करोड़ रु का होता है. हम बात कर रहे हैं ग्वालियर के गोपाल जी मंदिर के बारे में.
लगभग 100 करोड़ के बताए जाते हैं आभूषण
ग्वालियर में स्थित गोपाल जी मंदिर 100 साल से ज्यादा पुराना है. और यहां विराजमान कृष्ण और राधा हर साल जन्माष्टमी पर अद्भुत गहने धारण करते हैं. वैसे तो भगवान के आभूषणों की कीमत नहीं आंकी जा सकती लेकिन इन आभूषणों के इंश्योरेंस के मुताबिक इनकी कीमत लगभग 100 करोड़ रु है. जन्माष्टमी के दिन इन आभूषणों से श्रृंगार कर भगवान अपने भक्तों को साल में एक बार जन्माष्टमी के दिन दर्शन देते हैं.
क्यों खास हैं भगवान श्रीकृष्ण और राधा के आभूषण
भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के आभूषणों में बेहद बेशकीमती गहने शामिल हैं. सोने के मुकुट, पन्ना जड़ित सात लड़ियों का हार, हीरे और रत्न से जड़े राधा जी के कंगन और तो और कृष्ण की बांसुरी भी सोने की है, जिसमें हीरे जड़े हुए हैं. वहीं, चांदी के बर्तनों में जन्माष्टमी के दिन यहां पूजन किया जाता है.
200 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में होते हैं अनमोल गहने
राधा कृष्ण के यह एंटीक जेवरात नगर निगम की देख रेख में हैं, जिन्हें ग्वालियर की सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के बैंक लॉकर में रखा जाता है. और साल में जन्माष्टमी के दिन सिर्फ एक दिन के लिए निकाला जाता है, भगवान का श्रृंगार किया जाता है और फिर वापस रखवा दिया जाता है. ये पूरा कार्य भारी पुलिस सुरक्षा के बीच पूरा किया जाता है. हर साल जन्माष्टमी के दिन लगभग 200 पुलिसकर्मी इनकी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए जाते हैं. इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जाती है.
बीमा और पत्रक निर्धारित करते हैं आभूषणों की कीमत
नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय के मुताबिक, " ये बेशकीमती जेवरात बेहद खास हैं. भगवान के इस लिए अनमोल हैं, जिसकी वजह से इनकी कीमत नहीं आंकी जा सकती है. हालांकि, इनकी सुरक्षा बैंक के जिम्मे है. ऐसे में बैंक के नियम के अनुसार इन आभूषणों का बीमा कराया जाता है. राघव जी के इन गहनों का बीमा लगभग 100 करोड़ रु का होता है.'' इसके अलावा उन्होंने बताया, " इसके लिए पत्रक भी बैंक में रखवाया गया है, जिसके अनुसार साल दर साल इनकी कीमत का आंकलन किया जाता है और उनकी कीमत बढ़ाई जाती है." बीमा इसलिए अगर कि कोई ऊंच नीच हो जाए तो बीमा कंपनी द्वारा इन गहनों के बदले इतनी रकम चुकाई जा सके. हालांकि, इससे अधिक जानकारी सुरक्षा कारणों से नहीं दी जा सकती है.''
क्या- क्या है राधा कृष्ण के श्रृंगार का हिस्सा?
दो सोने के 3-3 किलो के मुकुट.
मुकुटों में 16 ग्राम पन्ना, 50 हीरे और 25 माणिक जड़े हैं.
श्रीकृष्ण की सोने की बांसुरी, इसमें 20 हाई क्वालिटी डायमंड लगे हैं.
राधा रानी का सात लड़ियों का हार.
हार में 55 पन्ना, 62 एंटीक मोती और 30 से ज्यादा हीरे लगे हैं.
राधा रानी के हीरे, पुखराज जड़े सोने के कंगन.
क्या है मंदिर का इतिहास?
मंदिर के पुजारी सागर बाबा बताते हैं, '' यह मंदिर स्टेट के जमाने का है. इसे सिंधिया राजवंश द्वारा लगभग 100 से ज्यादा समय पहले बनवाया गया था. इस मंदिर में श्रीकृष्ण और राधा जी की प्रतिष्ठा कराई गई थी. इसके बाद सिंधिया राजवंश के तत्कालीन महाराज माधवराव सिंधिया प्रथम ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा के लिए आभूषण बनवाए थे. हालांकि, रियासतों के विलय के बाद इन्हें सुरक्षित रखवा दिया गया था. बाद में 2007 से नगर निगम द्वारा इनकी जिम्मेदारी संभालते हुए हर साल जन्माष्टमी पर इन्हें निकाला जाता है.''
मोहन यादव ने रायसेन में मनाई जन्माष्टमी, दोस्तों की मदद करने का तरीका बताया
16 Aug, 2025 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायसेन : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जन्माष्टमी के दिन रायसेन जिले के ग्राम महलपुरपाठा पहुंचे. यहां भगवान श्रीकृष्ण के 700 साल पुराने मंदिर में उन्होंने हलधर महोत्सव, लीलाधर पुरुषोत्तम का प्रकटोत्सव कार्यक्रम में भाग लिया.
इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवान श्री कृष्ण के जीवन से सीख लेने की सलाह दी. दोस्ती कैसी की जाती है, कैसे निभाई जाती है, ये भी श्री कृष्ण से सीखें. किसी दोस्त की मदद करें तो पीठ पीछे करें और सामने से उसे गले लगाएं.
मेट्रोपॉलिटन सिटी का अहम हिस्सा होगा रायसेन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा "रायसेन बहुत जल्द भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रहा है. जहां युवाओं व महिलाओं को रोजगार मिलेगा, गरीबों की जिंदगी बदलेगी और किसानों को सम्मान मिलेगा." श्री कृष्ण मंदिर मे पूजा करने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जनसभा को संबोधित किया. इसके साथ ही 700 साल पुराने मंदिर के जीर्णोद्धार करने की घोषणा की. इसके बाद रायसेन जिले में 138 करोड़ के विकास कार्यों को लोकार्पण किया.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा "अगली बैठक रायसेन के किले पर होगी. मेट्रोपॉलिटन सिटी में रायसेन के अलावा विदिशा, होशंगाबाद, राजगढ़, सीहोर जिले मेट्रोपॉलिटन सिटी में शामिल होंगे." मंच पर श्रीकृष्ण केंद्रित भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई. समारोह में सागर के कडोरी प्रजापति एवं ग्रुप द्वारा बधाई एवं बरेदी लोकनृत्य की प्रस्तुति दी गई.
इसके बाद भोपाल की वाणी राव एवं साथी कलाकारों का भक्ति गायन किया. कार्यक्रम में विधायक प्रभुराम चौधरी ने क्षेत्र के विकास से जुड़ी मांगें रखी. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा "छोटी-मोटी मांगें नहीं करते ये तो वैसे ही पूरी हो जाएंगी. आने वाले सालों में आपकी सारी मांगें पूरी कर दी जाएंगी."
शिवपुरी हादसा: ट्रैवलर और ट्रक की जोरदार भिड़ंत, मातम में बदली यात्रा
16 Aug, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में शनिवार को भीषण सड़क हादसा हो गया। ट्रैवलर बस और मिनी ट्रक में जोरदार भिड़ंत हो गई।इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई और 7 लोग घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
ड्राइवर को आई झपकी की वजह से हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक सड़क हादसा शिवपुरी के सुरवाया पुलिस थाने क्षेत्र के अमोला घाटी में शनिवार सुबह करीब 6.30 बजे हुआ। एक तेज रफ्तार ट्रैवलर गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार करती हुई मिनी ट्रक से जा भिड़ी। पुलिस ने बताया कि ड्राइवर को नींद की झपकी आने की वजह से हादसा हो गया।
वाराणसी से लौट रहा था गुजरात का ग्रुप
जानकारी के मुताबिक 20 लोगों के म्यूजिशियन का ग्रुप उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आयोजित शिवकथा में शामिल होने के बाद गुजरात लौट रहे थे। ग्रुप के सभी सदस्य गुजरात के सुरेंद्रनगर और मेहसाणा के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि एक शख्स की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दो लोगों को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।घायलों को शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
हादसे में ये लोग हुए घायल
शिवपुरी सड़क हादसे में रावल मोहित, आशीष व्यास, मोहलिक, नरेंद्र नायक, चेतन कुमार, ऋषिकेश, विपुल, अरविंद, अर्जुन, हर्षद गोस्वामी और ड्राइवर घायल है। इन सभी में से 7 की हालत नाजुक बताई जा रही है।
9 दिन से लापता अर्चना की खोज तेज, टीवी पर भी दिखेगा प्रसारण
16 Aug, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। लापता अर्चना तिवारी मामले में सबसे बड़ा अपडेट सामने आया है। अर्चना तिवारी की तलाश अब देश भर में होगी। ऑल इंडिया तलाश करने के लिए आदेश भी जारी हो गया है। अर्चना तिवारी की खोजबीन करने के लिए देश भर के सभी राज्यों के सभी जिलों के एसपी को पत्र के माध्यम से सूचना भेज दी गई है। यह पत्र राजधानी भोपाल के रानी कमलापति जीआरपी थाने ने भेजा है।जीआरपी थाना ने देश भर के सभी जिलों के जीआरपी थाने और एसपी को अर्चना की तलाश में मदद करने के लिए कहा गया है।
भोपाल जीआरपी थाने ने देशभर में भेजा पत्र
दरअसल GRP थाना ने देशभर के सभी जिलों के एसपी को अर्चना का सुराग मिलने पर जीआरपी थाने में जानकारी देने के लिए निवेदन किया है। पत्र में लिखा गया है कि अर्चना 7 अगस्त को रानी कमलापति स्टेशन पर नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन में आखिरी बार देखी गई थी। इसके बाद लापता होने की सूचना होने पर पुलिस ने सर्चिंग की लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला। इस वजह से मध्य प्रदेश के अलावा किसी भी राज्य में किसी भी जिले में अगर अर्चना दिखती है तो इसकी सूचना जीआरपी थाना रानी कमलापति को दी जाए। ऑल इंडिया सर्चिंग होने पर अर्चना जल्द मिल सकती है, या फिर अर्चना से संबंधित कोई ठोस सुराग पुलिस को मिल सकता है।
दूरदर्शन पर होगा गुमशुदगी का प्रसारण
बता दें कि अर्चना तिवारी को गायब हुए 9 दिन हो गए हैं, लगातार पुलिस तलाश कर रही है लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं। अर्चना का कोई भी सुराग पुलिस को नहीं मिला है। मध्य प्रदेश में अर्चना का सुराग नहीं मिलने पर अब देश भर में अर्चना तिवारी की तलाश करने में पुलिस जुट गई है। इसके साथ ही पुलिस ने यह भी फैसला लिया है कि अब दूरदर्शन पर देश भर में अर्चना की गुमशुदगी की सूचना प्रसारित की जाएगी। जिससें आम लोगों तक अर्चना की की गुमशुदगी का समाचार जाएगा, जिससे अर्चना को ढूंढ़ने में पुलिस को मदद मिलेगी. दूरदर्शन पर लोगों से अपील की जाएगी कि यदि कहीं भी अर्चना दिखे तो पुलिस को सूचना दी जाए।
सीएम का बड़ा तोहफ़ा: युवाओं के लिए नौकरी का दरवाज़ा खुला
16 Aug, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए खुशखबरी है। इस साल पुलिस विभाग के अलग-अलग पदों पर भर्ती होने वाली है. रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए राज्य सरकार जल्द साढ़े 7 हजार पदों पर भर्ती करने जा रही है। सीएम मोहन यादव ने 15 अगस्त को पदक विजेता पुलिसकर्मियों को भोपाल के समत्व भवन में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में अगले 3 साल में राज्य में 21 हजार से ज्यादा खाली पदों को भरा जाएगा। इस साल साढ़े 7 हजार पदों पर भर्ती होगी. फिर इसके बाद अगले दो साढ़े सात-साढ़े सात हजार पदों पर भर्ती होगी।
भर्ती प्रक्रिया को मिली मंजूरी
सीएम मोहन यादव ने कहा कि इस साल होने वाली भर्ती के लिए साढ़े सात हजार पदों को मंजूरी दे दी है। उन्होंने आगे कहा कि भर्ती प्रक्रिया अभी से शुरू कर दी गई है. अगले तीन साल में सभी रिक्त पद भरे जाएंगे।
पुलिस भर्ती बोर्ड बनाया जाएगा
पुलिस भर्ती को सुचारू रूप से करने के लिए सीएम ने पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग के रिक्त पदों पर भर्ती पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा की जाएगी। इससे कर्मचारी चयन मंडल के कारण पुलिस मुख्यालय में आने वाली समस्या का निराकरण होगा। इसके साथ ही सीएम ने पुलिस हेडक्वॉर्टर को निर्देश देते हुए कहा कि जल्द से जल्द भर्ती बोर्ड का गठन करें।
पुलिस भर्ती बोर्ड से क्या फायदे होंगे?
पुलिस विभाग में आरक्षकों से लेकर सब इंस्पेक्टर पदों पर होगी भर्ती
भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी
चयन प्रक्रिया में दिक्कत खत्म होगी
भर्ती प्रक्रिया पर नजर रखी जा सकती है
भ्रष्टाचार खत्म होगा, पारदर्शिता आएगी
मध्य प्रदेश में 6 महीने में 69 हजार हादसे, आंकड़ों ने खोली सड़क सुरक्षा की पोल
16 Aug, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में सड़क हादसे को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। प्रदेश में 6 महीने में 69, 951 ज्यादा सड़क हादसे हुए, इन हादसों में 61 फीसदी से ज्यादा लोग 30 साल की उम्र से कम हैं यानी 40 हजार 441 लोग हैं। वहीं 108 एंबुलेंस से मिले आंकड़ों के अनुसार 35 से 40 फीसदी घटनाएं ओवर स्पीडिंग के कारण होती है।
30 साल से कम उम्र के सबसे ज्यादा लोग
सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए लोगों में सबसे ज्यादा 30 साल से कम उम्र के लोग हैं, इनकी संख्या 40 हजार 441 है। वहीं 31 से 45 साल के आयु वर्ग में 18 हजार 324 केस, 46 से 60 साल के आयु वर्ग में 6 हजार 788 केस हैं। 15 साल से कम आयु वर्ग में 2498 केस हैं।
ओवर स्पीडिंग के सबसे ज्यादा मामले
सड़क हादसों में सबसे बड़ी वजह वाहनों की ओवर स्पीडिंग है. लगभग 35 से 40 फीसदी मामले ओवर स्पीडिंग के हैं। इसके बाद लापरवाही से ड्राइविंग (20-25 फीसदी), ड्रिंक एंड ड्राइव (10 से 15 फीसदी), यातायात नियमों का उल्लंघन (10 से 12 प्रतिशत) और वाहनों की स्थिति (5 से 8 प्रतिशत) के मामले हैं।
इन वजहों से बढ़ रही सड़क दुर्घटनाएं
4 मुख्य वजहों से सड़क दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। इनमें सीट बेल्ट और हेलमेट की अनदेखी, तेज रफ्तार और ओवर स्पीडिंग, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल और ड्रिंक एंड ड्राइव शामिल हैं।
यूनियन कार्बाइड की 850 मीट्रिक टन राख का मामला, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी ये जानकारी
16 Aug, 2025 11:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जबलपुर : यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के बाद अब उसकी राख सरकार के लिए सिरदर्द बनी हुई है. दरअसल, हाईकोर्ट ने राख विनिष्टिकरण की पूरी रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं. हालांकि, मध्य प्रदेश राज्य प्रदूषण बोर्ड ने विनष्टीकरण की जानकारी प्रस्तुत करने के लिए हाईकोर्ट से समय प्रदान करने के आग्रह किया.
जहरीले कचरे से निकली 850 मीट्रिक टन राख
गौरतलब है कि वर्ष 2004 में आलोक प्रताप सिंह ने यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनष्टीकरण की मांग करते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी. याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई संज्ञान याचिका के रूप में हो रही थी. पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से पेश रिपोर्ट में बताया गया था कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का विनष्टीकरण सफलतापूर्वक पीथमपुर स्थित सुविधा केंद्र में कर दिया गया है. जहरीले कचरे से 850 मीट्रिक टन राख व अवशेष एकत्रित हुआ है.
क्या कचरे से निकली राख भी जहरीली?
कचरे से निकली राख को एमपीपीसीबी से क्लीयरेंस मिलने के बाद अलग लैंडफिल सेल में उसे नष्ट किया जाएगा. इस दौरान हाईकोर्ट में एक अन्य जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें कहा गया था कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की राख में रेडियो एक्टिव पदार्थ सक्रिय हैं, जो चिंता का विषय है. इसके अलावा राख में मरकरी है, जिसे नष्ट करने की तकनीक सिर्फ जपान व जर्मनी के पास है.
17 अगस्त को फिर होगी मामले की सुनवाई
हाईकोर्ट ने इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद मुख्य याचिका के साथ सुनवाई के आदेश जारी किए थे. वहीं, याचिका पर अगले सुनवाई के दौरान जहरीले कचरे की राख के विनिष्टिकरण के संबंध में जानकारी पेश करने मप्र पीसीबी की ओर से समय प्रदान करने का आग्रह किया गया, जिसे युगलीपीठ ने स्वीकार कर लिया.
जस्टिस अतुल श्रीधरन व जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने आग्रह को स्वीकार करते हुए चार सप्ताह का समय प्रदान किया है. याचिका पर अगली सुनवाई 17 अगस्त को निर्धारित की गई है.
शिवपुरी में भीषण हादसा, ट्रक से टकराई मिनी बस, गुजरात के सिंगर समेत 4 की मौत
16 Aug, 2025 10:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी में भीषण हादसा हो गया. सुरवाया थाना क्षेत्र के कोटा झांसी नेशनल हाईवे पर ट्रेवल कार और ट्रक की भिड़ंत हो गई. हादसे में 4 यात्रियों की मौत हो गई. जबकि एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए.
शिवपुरी जिले के सुरवाया थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। एनएच-46 पर ट्रेवलर मिनी बस डिवाइडर पार कर सामने से आ रहे ट्रक से जा भिड़ी। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हैं. घटना शुनिवार सुबह करीब साढ़े 5 बजे की बताई जा रही है.
जानकारी के अनुसार, गुजरात के मेहसाना और सुरेंद्रनगर जिले के रहने वाले करीब 20 म्यूजिशियन सदस्य काशी विश्वनाथ में आयोजित शिवकथा कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के बाद शुक्रवार शाम को वापस लौट रहे थे. शनिवार तड़के जैसे ही ट्रेवलर बस सुरवाया थाना क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी वह अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई और दूसरी लेन में पहुंचकर ट्रक से भिड़ गई. हादसे में चार लोगों की मौत हो गई. जबकि 7 लोग घायल हो गए.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री निवास परिसर में किया ध्वजारोहण
15 Aug, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री निवास परिसर में ध्वजारोहण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर सलामी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सचिवालय तथा निवास कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों तथा निवास के समस्त कर्मयों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं और बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनकी सुरक्षा में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें सम्मानित करते हुए प्रमाण-पत्र और पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा भी की।
शौर्य स्मारक में किया शहीदों को नमन
भारत माता की प्रतिमा पर अर्पित की पुष्पांजलि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता दिवस पर शौर्य स्मारक पहुंचकर देश के वीर सपूतों की शहादत को नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लास्ट पोस्ट की धुन पर शहीद स्तंभ पर पुष्प चक्र अर्पित किया। उन्होंने शौर्य स्मारक स्थित भारत माता की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
BJP जॉइन करने की खबरों पर भड़के संजय सिंह, बोले—जनता नहीं करेगी माफ
बार-बार भूख लगना भी फाइबर की कमी का इशारा
भंडारा में दर्दनाक एक्सीडेंट—शादी से लौट रहे लोगों की कार ट्रक से टकराई, 5 की मौत
एक एमवीए तक की उत्पादन इकाइयों के लिए अब विद्युत निरीक्षण की जरूरत नहीं
रविचंद्रन अश्विन ने बताया—मैच टर्निंग पॉइंट क्या रहा
स्वर्णिम भारत के लिए सब मिलकर प्रयास करें-राज्यपाल
मिचेल स्टार्क की उपलब्धता पर सस्पेंस, प्लेइंग 11 में हो सकते हैं शामिल
AAP में सियासी भूचाल—राघव चड्ढा बोले- दो तिहाई सांसद बदलेंगे पाला, BJP में होंगे शामिल
भोपाल-इटारसी-जबलपुर समेत कई शहरों को तोहफा, पीएम मोदी देंगे 2 अमृत भारत ट्रेन
