मध्य प्रदेश
ग्वालियर में दबंगों का तांडव, युवक को किया अपमानित और बेरहमी से पीटा
19 Aug, 2025 09:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: चंबल अंचल में एक बार फिर रंगदारी को लेकर युवक के साथ बेरहमी से मारपीट करने का मामला सामने आया है. पीड़ित युवक को ना सिर्फ पीटा गया बल्कि उससे बदमाशों ने खुद के पैर छूने को मजबूर किया. इन बदमाशों ने बकायदा इस पूरे घटनाक्रम को मोबाइल में कैद कर सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया. वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस जांच में जुटी है.
5 युवकों पर रंगदारी में मारपीट का आरोप
चंबल में दबंगई लोगों के जहन से निकलने का नाम नहीं ले रही है. ग्वालियर में भी 5 बदमाशों ने मिलकर एक युवक को बेरहमी से मारा पीटा और अपशब्द कहे और पूरी घटना का वीडियो भी बनाया. ये घटना करीब 2 से 3 दिन पुरानी है और मामला कंपू थाना क्षेत्र के आमखो इलाके का है.
ग्वालियर सीएसपी रोबिन जैन के मुताबिक, "2 दिन पहले रात करीब 2 बजे पीड़ित अंशुल गुर्जर को कुछ बदमाश रंगदारी में साथ ले गए थे. इसके बाद पुरानी टशन में आमखो रोड पर इन 5 बदमाश वीर सिंह तोमर, विक्रम सिंह तोमर, देवराज परमार, मोंटी चौहान और अंकित तोमर ने उसके साथ मारपीट करते हुए रंगदारी दिखाई और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया."
बदमाशों ने पूरी घटना को अंजाम देने के बाद पीड़ित युवक को जान से मारने की धमकी दी. जिससे वह इतना डर गया कि शिकायत करने पुलिस के पास तक नहीं गया. इधर सोशल मीडिया पर वायरल मारपीट और रंगदारी का वह वीडियो पुलिस की जानकारी में भी आया. जिसके बाद पुलिस के आला अधिकारियों ने इसमें संज्ञान लेकर पीड़ित युवक का पता लगाया और एफआईआर दर्ज कराने की सलाह दी.
समाज के लोगों ने दर्ज कराया मामला
पुलिस की समझाइश के बावजूद युवक इतना डरा हुआ था कि, शिकायत करने की हिम्मत ना दिखा सका. आखिर में जब वायरल वीडियो सामाजिक स्तर पर उसके जानने वाले और समाज के लोगों के बीच पहुंचा तो वे उसे लेकर थाने पहुंचे और पांचों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया.
'बदमाशों पर दर्ज हैं कई मामले'
सीएसपी रोबिन जैन का कहना है कि, "पांचों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के साथ ही आरोपियों की तलाश में टीमों को लगाया गया है. जब इनके क्रिमिनल बैकग्राउंड की भी जांच की गई तो कुछ बदमाशों के ऊपर पूर्व में भी मामले दर्ज हैं. ऐसे में इन आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है."
जबलपुर लोकायुक्त का छापा,भोपाल में सरकारी बाबू एक लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार
19 Aug, 2025 08:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जाति प्रमाण पत्र की जांच दबाने मांगे पांच लाख
भोपाल । राजधानी में अनुसूचित जाति विकास कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड वन के बाबू को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने रंगेहाथ पकड़ा। आरोपी बाबू जीवन लाल बरार ने छिंदवाड़ा में सहायक ग्रेड 2 में पदस्थ उषा दाभीरकर के जाति प्रमाण पत्र की जांच को दबाने के लिए 5 लाख रुपए मांगे थे। पहली किश्त लेकर आरोपी ने अपने घर जी-1 प्रशासनिक अकादमी के सामने पंचशील नगर भोपाल बुलाया था।
वाणिज्य कर कार्यालय छिंदवाड़ा में सहायक ग्रेड 2 में पदस्थ उषा दाभीरकर की जाति प्रमाण पत्र को लेकर कुछ समस्या थी। इसकी जांच कार्यालय आयुक्त अनुसूचित जाति विकास विभाग राजीव गांधी भवन भोपाल द्वारा की जा रही थी। उषा दाभीरकार की नौकरी 2 साल की बची थी। वरिष्ठ अधिकारियों से जांच दबाकर रखने के लिए आरोपी रिश्वत की डिमांड कर रहा था।
जांच से बचने के लिए जीवन लाल बरार ने उषा से 5 लाख रुपए की डिमांड की। उसने यह भी आश्वासन दिया कि जांच पत्र अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाएगा, लेकिन इसके लिए रुपए देने होंगे। उषा ने रिश्वत की राशि कम करने को कहा, लेकिन जीवन लाल तैयार नहीं हुआ।
इस बात से परेशान होकर उषा ने जबलपुर लोकायुक्त एसपी अंजुलता पटले से मामले की शिकायत कर दी। जांच पर रिश्वत की बात सही पाई गई। इसके बाद जबलपुर लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई के लिए टीम गठित की गई। लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम1988 (संशोधन) 2018 की धारा 7,13 (1) B ,13 (2) के अंतर्गत कार्रवाई की।
भोपाल में नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई, ₹92 करोड़ की एमडी जब्त
19 Aug, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर नशे की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड हुआ है. इस बार भी कार्रवाई मध्य प्रदेश पुलिस ने नहीं, बल्कि डीआरई यानी डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने की है. डीआईआई ने इसका भंडाफोड करने के लिए ऑपरेशन क्रिस्टल ब्रेक चलाया और भोपाल के जगदीशपुर (इस्लाम नगर) स्थित एक फैक्ट्री से 61.02 किलोग्राम मेफेड्रोन यानी एमडी ड्रग्स जब्त किया है. इसकी कीमत करीबन 92 करोड़ रुपए आंकी गई है.
डीआईआर द्वारा चलाए गए इस ऑपरेशन में मुंबई और सूरत पुलिस ने भी सहयोग किया है. 10 माह पहले भोपाल में 1800 करोड़ रुपए कीमत की एमडी ड्रग्स भी पकड़ी जा चुकी है. यह भोपाल की एक फैक्ट्री में बनाई जा रही थी.
इस तरह पकड़ी गई ड्रग्स फैक्ट्री
प्रेस इंफोर्मेशन ब्यूरो दिल्ली के अनुसार डीआरआई को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित कई राज्यों में मेफेड्रोन को बनाने और इसका व्यापार करने की गोपनीय सूचना मिली थी. इसके बाद मध्य प्रदेश के भोपाल सहित गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के साथ ही कई स्थानों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की गई.
भोपाल में यह कार्रवाई जगदीशपुर की एक अवैध फैक्ट्री पर भी कार्रवाई की गई. कार्रवाई के दौरान 61.02 किलोग्राम मेफेड्रोन लिक्विड रूप में जब्त किया गया. इसके अलावा इसे बनाने में उपयोग आने वाला कच्चा माल भी बरामद किया गया है. इसमें 541 किलोग्राम कच्चा माल, इसमें मेथिलीन डायक्लोराइड, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, मोनोमेथिमाइन और 2 ब्रोमो को जब्त किया गया. भोपाल का यह कारखाना सुनसान इलाके में बनाया गया था और इसे चारों तरफ से कवर किया गया था, ताकि इसमें कोई अंदर ताक-झांक न कर सके.
भोपाल से 2 आरोपियों को दबोचा
डीआईआर ने कार्रवाई के दौरान 7 आरोपियों को दबोचा है. इनमें भोपाल से 2 आरोपियों को पकड़ा गया है. इन्हें फैक्ट्री से ड्रग्स बनाते पकड़ा गया है. इसके अलावा मुंबई से भोपाल तक कच्चे माल की सप्लाई करने का काम करने वाला एक आरोपी उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया है. केमिकल और कच्चा माल सप्लाई करने वाले दो आरोपी मुंबई से और ट्रांजैक्शन का काम देखने वाला एक आरोपी सूरत से पकड़ा गया है. एक अन्य आरोपी को भी मुंबई से गिरफ्तार किया गया है.
भोपाल में पहले भी पकड़ी जा चुकी फैक्ट्री
भोपाल में यह दूसरा मौका है जब मेफेड्रोन बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी गई है. इसके पहले अक्टूबर 2024 में भोपाल में एनसीबी और गुजरात एसटीएफ ने एक फैक्ट्री का भंडाफोड किया था. इस कार्रवाई में 1814 करोड़ कीमत की ड्रग्स पकड़ी गई थी. यह कार्रवाई भोपाल के बगरौदा इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्री में हुई थी.
उज्जैन नगर भ्रमण पर निकले राजाधिराज बाबा महाकाल
19 Aug, 2025 07:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजसी सवारी मार्ग पर पालकी पर की गई हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा
राजसी सवारी मार्ग पर उमड़ा देश के कोने-कोने से आये भक्तों का जनसैलाब
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभामंडपम् में भगवान श्री चंद्रमोलेश्वर का किया पूजन-अर्चन
राजसी सवारी में त्रिनेत्रधारी भगवान श्रीमहाकाल के दर्शन कर भाव-विभोर हुए भक्तजन
मुख्यमंत्री ने सवारी मार्ग पर डमरु और झांझ बजाकर रजत पालकी में विराजित भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर का किया स्वागत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को उज्जैन में निकली राजाधिराज बाबा महाकाल की राजसी सवारी के अवसर पर देश एवं प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से प्रदेशवासियों के कल्याण और मंगलमय जीवन की कामना की है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देशभर में श्रावण मास में पूर्णिमा से पूर्णिमा तक महादेव की सवारियां निकलती हैं। लेकिन उत्तर और दक्षिण परम्पराओं के अनुसार भादवा (भाद्रपद) के दो सोमवार तक भी बाबा महाकाल की सवारी निकलती है। आज उज्जैन में बाबा महाकाल ने आखिरी (राजसी) सवारी कर नगर भ्रमण किया और अपनी प्रजा (जनता) के हाल-चाल जाने। बाबा ने अपने राजाधिराज स्वरुप में भक्तों को दिव्य दर्शन दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से बाबा की भव्य राजसी सवारी के लिए सभी व्यवस्थाएं की गईं और धूमधाम से सवारी की अगवानी की गई। बाबा की सवारी सहित सवारी पथ पर पुष्पवर्षा भी की गई। इस वर्ष विजयादशमी पर्व पर बाबा महाकाल एक बार फिर सवारी के साथ जनदर्शन के लिए पधारेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से कामना करते हुए कहा कि बाबा का शुभाशीष प्रदेशवासियों पर हमेशा बना रहे। कृपावंत भगवान महाकाल सबका कल्याण करें, सबके दुःख हर लें।
भगवान श्री महाकालेश्वर की इस वर्ष की श्रावण-भाद्रपद माह में निकलने वाली सवारियों के क्रम में सोमवार,18 अगस्त को सायं 4 बजे राजसी सवारी धूमधाम से निकाली गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभामंडपम में भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर का पूजन-अर्चन किया। रजत पालकी में विराजित श्री चंद्रमौलेश्वर भगवान अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले तो सम्पूर्ण उज्जयिनी भगवान श्री महाकालेश्वर की जय-जयकार से गुंजायमान हो गई। चारों दिशाओं में भगवान श्रीमहाकाल की भक्ति में लीन भक्तों के नेत्र त्रिनेत्रधारी भगवान श्री शिव की एक झलक पाकर भाव-विभोर हो उठे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव और प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने सवारी निकलने के पूर्व महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप में भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर का पूजन-अर्चन विधिवत रूप से किया। सभा मंडप में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक सतीश मालवीय, विधायक महेश परमार, महापौर मुकेश टटवाल, सभापति श्रीमती कलावती यादव ने भी भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन किया और आरती में सम्मिलित हुए। पूजन के बाद निर्धारित समय पर भगवान महाकाल की पालकी को नगर भ्रमण के लिये रवाना किया गया। पूजन-अर्चन पुजारी पं. घनश्याम शर्मा व अन्य पुजारियों द्वारा सम्पन्न करवाया गया। इस अवसर पर सभा मंडप में पूजन-अर्चन के दौरान संजय अग्रवाल, रवि सोलंकी आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंशानुरुप सवारी के मुख्य द्वार पर पहुंचने पर रजत पालकी में विराजित भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। रजत पालकी में विराजित भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर जैसे ही मुख्य द्वार पर पहुंचे असंख्य श्रद्धालुओं ने भगवान श्री महाकालेश्वर का स्वागत-वन्दन किया। सशस्त्र पुलिस बल के जवानों तथा प्रदेश के विभिन्न बटालियनों के जवानों द्वारा सवारी को सलामी दी गई। पालकी के आगे घुड़सवार दल, सशस्त्र पुलिस बल के जवान आदि की टुकडियां मार्च पास्ट करते हुए चल रही थी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सवारी में शामिल हुए और सवारी मार्ग पर उन्होंने ड़मरु और झांझ बजाया। राजाधिराज भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी में असंख्य श्रध्दालुओं ने सवारी मार्ग पर ड़मरु, झांझ-मंजीरे बजाकर अवंतिकानाथ भगवान श्री महाकालेश्वर की जय जयकार की।
भगवान श्रीमहाकाल ने भक्तों को छह रूपों में दिये दर्शन
राजसी सवारी में भगवान श्री महाकालेश्वर ने छह विभिन्न स्वरूपों में अपनें भक्तों को दर्शन दिये। भगवान श्रीमहाकाल की राजसी सवारी में रजत पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरूड़ रथ पर श्री शिवतांडव, नन्दी रथ पर श्री उमा-महेश और डोल रथ पर होल्कर स्टेट के मुखारविंद एवं षष्ठम् सवारी में सप्तधान मुखारविंद के रूपों में भक्तों को दर्शन दिए।
भगवान श्रीमहाकालेश्वर की सवारी परम्परागत मार्गों से होती हुई रामघाट पहुंची। रामघाट पर भगवान श्री महाकाल का क्षिप्रा के जल से जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की गई। पूजन-अर्चन पं. घनश्याम शर्मा और अन्य पुजारियों के द्वारा सम्पन्न कराया गया। पूजन के दौरान प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, महापौर मुकेश टटवाल,वैभव यादव सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
70 भजन मण्डलियां सवारी में हुई शामिल
श्रीमहाकालेश्वर भगवान की प्रमुख राजसी सवारी के चल समारोह में सबसे आगे श्रीमहाकालेश्वर मंदिर का प्रचार वाहन चला। उसके बाद यातायात पुलिस, तोपची, भगवान महाकालेश्वर का रजत ध्वज, घुडसवार, विशेष सशस्त्र बल सलामी गार्ड, स्काउट / गाइड सदस्य, सेवा समिति बैंड के बाद उज्जैन के अतिरिक्त मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से परंपरागत रूप से सवारी सम्मिलित होने वाली 70 भजन मंडलियां चल समारोह में प्रभु का गुणगान करते हुए शामिल हुई।
साथ ही नगर के साधु-संत व गणमान्य नागरिक, पुलिस बैंड, नगर सेना के सलामी गार्ड की टुकड़ी, महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी व पुरोहितगण सवारी के साथ रहे। उनके बाद महाकालेश्वर भगवान (श्री चंद्रमौलेश्वर) की प्रमुख पालकी, भारत बैंड, रथ पर गरुड़ पर विराजित शिव-तांडव, रमेश बैंड, नंदी रथ पर उमा महेश स्वरुप, गणेश बैंड, रथ पर होल्कर स्टेट मुखारविंद, आर.के. बैंड, रथ पर सप्तधान मुखारविंद के पश्चात राजकमल म्युजिकल ग्रुप बैंड व मनमहेश स्वरुप हाथी पर विराजित रहे।
चलित रथ के माध्यम से श्रद्धालुओं ने करे दर्शन
भगवान श्रीमहाकालेश्वर की सवारी के सुगमतापूर्वक दर्शन के लिये चलित रथ की व्यवस्था की गई। जिसके दोनों ओर एलईडी के माध्यम से सवारी का लाईव प्रसारण किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को भगवान के सहज दर्शन का लाभ मिला। साथ ही उज्जैन के अन्य स्थानों फ्रीगंज, नानाखेड़ा, दत्तअखाड़ा आदि क्षेत्रों में भी सवारी का लाइव प्रसारण किया गया।
सवारी में जनजातीय एवं लोक नृत्य कलाकारों ने दीं आकर्षक प्रस्तुतियां
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुरूप बाबा श्रीमहाकालेश्वर की सवारी को भव्य स्वरुप देने के लिए जनजातीय कलाकारों के दल ने महाकालेश्वर भगवान की राजसी सवारी में सहभागिता की। इसमें लामूलाल धुर्वे अनूपपुर के नेतृत्व में ढुलिया जनजातीय गुदुमबाजा नृत्य, भुवनेश्वर से अभिजीत दास नेतृत्व में श्रृंगारी लोक नृत्य, सुमित शर्मा एवं साथी हरदा से डण्डा लोक नृत्य एवं साधूराम धुर्वे बालाघाट के नेतृत्व में बैगा जनजातीय करमा नृत्य की प्रस्तुतियां दी गई। यह सभी दल महाकालेश्वर भगवान की राजसी सवारी के साथ अपनी प्रस्तुति देते हुए चले। सभी जनजातीय दलों ने संस्कृति विभाग भोपाल, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद व त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय के माध्यम से भगवान महाकालेश्वर की राजसी सवारी में सहभागिता की। एम्बुलेन्स, विद्युत मंडल का वाहन, फायर ब्रिगेड, वन विभाग आदि भी सुरक्षा की दृष्टि से सम्पूर्ण सवारी मार्ग में साथ में चले।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव भंडारे में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजसी सवारी में शामिल होने के बाद हरिफाटक ब्रिज के नीचे राजसी सवारी के लिए देश के विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आायोजित भोजन वितरण भंडारे में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं को भोजन वितरण किया।
प्रदेश का गौरव बढ़ाया छिंदवाड़ा की सरपंच कविता धुर्वे ने
18 Aug, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के लाल किले में आयोजित समारोह में छिन्दवाड़ा जिले की जनपद पंचायत जुन्नारदेव की जनजातीय बहुल ग्राम पंचायत खुमकाल की सरपंच कविता शनिराम धुर्वे ने विशिष्ट अतिथि का गौरव पाकर पूरे मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। धुर्वे पर आज छिंदवाड़ा के साथ संपूर्ण प्रदेश गर्व कर रहा है। कविता धुर्वे का यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि जनजातीय बहुल क्षेत्र से महिलाओं की सशक्त पहचान का भी प्रतीक है। राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान से जनजातीय समाज में गर्व और खुशी की लहर है।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री के.आर. पाटिल तथा मंत्रालय की प्रमुख सचिव सुदेवोलीना मुखर्जी की उपस्थिति में उन्हें स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत किए गए प्रेरणादायक नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मान पत्र प्रदान किया गया।
खुमकाल सरपंच धुर्वे ने अपनी ग्राम पंचायत में स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने में पूरी ताकत झोंक दी। उनके द्वारा ग्राम पंचायत खुमकाल में विभिन्न नवाचार किये गये। उनके द्वारा ‘कबाड़ से जुगाड़’ की थीम पर जनसहयोग से स्वच्छता पार्क तैयार किया गया, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन की टीम का विशेष योगदान रहा। ग्राम आराडोंगरी को ओडीएफ प्लस मॉडल गांव के रूप में विकसित करने के लिए चौपाल, ग्राम सभा एवं गृह भेंटों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया गया। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कम्पोज्ड पिट, प्लास्टिक संग्रहण यूनिट, सॉकपिट और मैजिक पिट का निर्माण कराया गया। सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त ग्राम की दिशा में कार्य करते हुए ग्रामीणों को कपड़े के थैले वितरित किए गए। सरपंच कविता धुर्वे के नवाचारों को ग्रामीणों के साथ ही छिंदवाड़ा जिला प्रशासन का भी पूरा-पूरा सहयोग मिला। नवाचारों को मिले प्रोत्साहन से महिला सरपंचों को नवाचार के लिए प्रेरणा मिली।
"कर्मयोगी बनें" का विजन है, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना : उच्च शिक्षा मंत्री परमार
18 Aug, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सोमवार को मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत "कर्मयोगी बनें" के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए देश के लब्ध प्रतिष्ठित विद्वतजनों की उपस्थिति में सर्वोच्च परामर्शदायी समिति की प्रथम बैठक ली।
उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने उच्च शिक्षा में प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर "कर्मयोगी बनें" के विज़न (दृष्टि) को रेखांकित किया। मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता एवं जवाबदेहिता के लिए सरकार संकल्पित है। उच्च शैक्षणिक संस्थानों के परिवेश को सर्वसाधनसम्पन्न, विद्यार्थी अनुकूल, उत्कृष्ट एवं सकारात्मक बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं। मंत्री परमार ने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए सहानुभूति एवं सख्ती के समन्वय के साथ, विद्यार्थी केंद्रित कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता है। परमार ने कहा कि प्राध्यापक के प्रति विद्यार्थी का लगाव बने और विद्यार्थी, प्राध्यापक के आचरण एवं व्यक्तित्व का अनुसरण करें, इसके लिए प्राध्यापकों को अपनी जवाबदेहिता स्वतः ही सुनिश्चित करनी होगी। प्राध्यापकों के लिए भी सहानुभूति एवं सख्ती दोनों के समन्वय के साथ, शिक्षक प्रशिक्षण के लिए कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता है। प्राध्यापक एवं विद्यार्थियों दोनों के लिए इंडेक्स बनाने के लिए, जवाबदेही निर्धारित करना आवश्यक है।
उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि रिक्त पदों की पूर्ति, अधोसंरचना विकास एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की पूर्ति के लिए सतत् कार्य किया जा रहा है। विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालयों में आपसी समन्वय भी स्थापित हों। विद्यार्थियों के समग्र हितों को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा विभाग 'कर्मयोगी बने' के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए क्रियाशील है। इस संबंध में प्राप्त सुझावों के आधार पर सतत रूप से चर्चा की जाएगी और सभी शिक्षाविद एवं विद्वतजन के सुझावों एवं परामर्श के आधार पर, विचार प्रक्रिया के क्रियान्वयन में सफल होंगे।
अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अवधारणा के अनुरूप एक-एक बिन्दु पर कार्य करने एवं उच्च शिक्षा मंत्री जी परमार के निर्देश एवं सभी से प्राप्त सुझावों के आधार पर और बेहतर कार्य करने की बात कही। राजन ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग, जावबदेही तय करने और उच्च शिक्षा में नैतिकता, गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बढ़े, इसके लिए प्रतिबद्धता से कार्यरत है।
यूनाइटेड कान्शसनेस के संयोजक एवं वैश्विक शिक्षाविद् डॉ विक्रांत सिंह तोमर ने विश्वविद्यालयों से प्राप्त सुझावों एवं उच्च शिक्षा में जवाबदेही योजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने द्वारा 'कर्मयोगी बने' आधारित चिन्हित किए गए 10 प्रमुख बिन्दुओं पर प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें मुख्य चुनौतियां, समाधान, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किए जाने तथा विद्यार्थियों की उपस्थिति, नैतिक मूल्यों, अधोसंरचना एवं रोजगार इत्यादि के संबंध में सभी विद्ववतजनों से सुझाव आमंत्रित किए गए।
बैठक में देश के ख्यातिलब्ध शिक्षाविदों ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर, महत्वपूर्ण प्रासंगिक सुझाव एवं परामर्श दिए। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स आईआईटी कानपुर के अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन ने कहा कि भारत एवं मध्यप्रदेश के संदर्भ में भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए प्राथमिकता के दिशा निर्देश एवं समाधान के बिन्दु सभी विश्वविद्यालय के कुलपति मिलकर तय कर लें, जिससे अच्छा कार्य हो सके।
राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (NAAC) बेंगलुरू के अध्यक्ष प्रो. अनिल सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि राष्ट्रीय नीति-2020 के अंतर्गत 12 हजार से अधिक शिक्षक एवं विद्यार्थियों से सुझाव प्राप्त किया जाना उत्कृष्ट कार्य है। कर्मयोगी शिक्षकों के लिए सभी आयाम पूर्ण करने के लिए 'नैक' के बिन्दु भी शामिल होना चाहिए। कक्षायें आकर्षक हों, लर्निंग रिसोर्स बढ़ाया जाए एवं शैक्षणिक कार्यप्रणाली आकर्षक हों। संबंधित विषय, पाठ्यक्रम के वीडियो भी विकसित किए जाएं।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली की कुलगुरु प्रो. शांति धुलीपुड़ी ने कहा कि टोटल मॉडल के शार्ट एवं लांग टर्म तय करें, शिक्षक आगे चलकर निश्चित ही निष्काम कर्मयोगी की तरह कार्य करेंगे। विद्यार्थियों के लिए विजन और मिशन का दृष्टिकोण बनाने के लिए छोटे छोटे मॉड्यूल बनाएं। कर्मयोगी बनना बहुत बड़ा कदम है।
आईआईएम अहमदाबाद के निदेशक प्रो. भरत भास्कर ने 'कर्मयोगी बनें' के लिए लक्ष्य निर्धारण कर क्रियन्वित किए जाने का विचार प्रस्तुत किया। प्रो. भास्कर ने कहा कि शिक्षकों का मोटिवेशन बढ़ाना होगा। विद्यार्थी कोंचिग की ओर अग्रसर न हों। विद्यार्थी संबंधित विषय वस्तु स्वंय पढ़कर कक्षाओं में आएं।
बैठक में विषयानुरूप विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई और विश्वविद्यालयों से प्राप्त सुझावों एवं उच्च शिक्षा में जवाबदेही योजना को लेकर व्यापक विचार-मंथन किया गया। प्रमुख सचिव राजभवन डॉ. नवनीत मोहन कोठारी एवं विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी उच्च शिक्षा डॉ धीरेंद्र शुक्ल सहित उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे। डॉ. विक्रांत सिंह तोमर ने उक्त बैठक में सभी विद्वतजनों के संकलित सुझावों का वाचन किया। आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा ने आभार व्यक्त किया।
जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश में एआई, नवाचार और अनुसंधान एवं विकास के अवसर तलाशे
18 Aug, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : इंदौर स्थित इन्फोबीन्स कैंपस में सोमवार को “एमपी-ग्लोबल इनोवेशन एवं अनुसंधान और विकास एक्सचेंज प्रोग्राम-2025” की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में हुई। पाँच दिवसीय इस आयोजन के प्रथम दिवस पर जर्मन व्यवसायिक प्रतिनिधिमंडल ने कॉर्पोरेट इंटरैक्शन की श्रृंखला में भाग लिया और मध्यप्रदेश में नवाचार तथा अनुसंधान और विकास की संभावनाओं का गहन अवलोकन किया।
यह कार्यक्रम एमपीआईडीसी और जर्मन-इंडिया इनोवेशन कोर (जीआईआईसी) के बीच हुए समझौते का ठोस स्वरूप है, जिसे इन्क्यूबेशन मार्क्स के सहयोग से आयोजित किया गया। नवंबर 2024 में मुख्यमंत्री की जर्मनी यात्रा तथा भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के दौरान हुए इस एमओयू ने द्विपक्षीय सहयोग को नए आयाम दिए हैं। इसके तहत जर्मन निवेशकों को मध्यप्रदेश में प्रमुख निवेश स्थान के रूप में आकर्षित करने, नवाचार और अनुसंधान को सशक्त बनाने तथा तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में “भारत से वैश्विक स्तर के डिजिटल उत्पाद बनाना”, "भारतीय नवाचार परिदृश्य" और “एजिलिटी के साथ स्केलिंग- भारतीय और जर्मन दृष्टिकोण” विषयों पर फायरसाइड चैट आयोजित की गई। इस दौरान दोनों पक्षों के विशेषज्ञों ने नवाचार, अनुसंधान और विकास तथा सीमा-पार कारोबारी सहयोग पर अपने विचार साझा किए। प्रतिनिधियों ने टैलेंट एक्विज़िशन प्रैक्टिस, कल्चर-फोकस्ड एचआर मॉडल और शक्ति महिला सशक्तिकरण पहल का भी अवलोकन किया।
भारतीय यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स जैसे जोहो, फ्रेशवर्क्स और ब्राउज़रस्टैक की सफलता का उल्लेख करते हुए जर्मन प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश में एआई विकास, तकनीकी साझेदारी, संभावित अनुसंधान एवं विकास केंद्र और युवाओं के लिए रोजगार अवसर तलाशने में गहरी रुचि दिखाई।
जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों के लिए हैल्पलाइन 181 और 1098 बनी संबल
18 Aug, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों के लिए प्रदेश में चलाई जा रही हैल्पलाइन 181 और 1098 संबल बन गई है। महिला एवं बाल विकास सचिव जी.व्ही. रश्मि ने सोमवार को विभागीय नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण कर हैल्पलाइन नम्बर 181 (महिला हैल्पलाइन) और 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कॉल प्रबंधन, शिकायत पंजीकरण एवं उनके निराकरण की प्रक्रिया का विस्तृत अवलोकन किया।
सचिव रश्मि ने कॉल रिस्पॉन्स, डेटा प्रबंधन प्रणाली तथा आपात स्थितियों में विभिन्न विभागों के साथ समन्वय की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने नियंत्रण कक्ष में कार्यरत कर्मचारियों से चर्चा कर उनकी चुनौतियों की जानकारी भी प्राप्त की।
रश्मि ने कहा कि हैल्पलाइन का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक पीड़ित महिला और बच्चे को सुरक्षा, सहयोग और न्याय दिलाना है। दोनों हेल्पलाइनें पूरी निष्ठा और सेवा-भाव से कार्य करते हुए समय पर सहायता सुनिश्चित कर रही हैं। उन्होंने 181 और 1098 टीम की प्रतिबद्धता को सराहते हुए भविष्य में कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए दिशा-निर्देश भी दिए। इस अवसर पर संयुक्त संचालक डॉ. प्रज्ञा अवस्थी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मध्यप्रदेश की नदियाँ भारत की सनातन संस्कृति की संवाहक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
18 Aug, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत का हृदय मध्यप्रदेश, यहां के अप्रतिम प्राकृतिक सौंदर्य और अथाह, अविरल जल राशि के लिए समूचे विश्व में जाना जाता है। मध्यप्रदेश में बहने वाली नदियां भारत की सनातन संस्कृति की संवाहक हैं, जिनके किनारे सदियों से हमारी शाश्वत सभ्यता फल फूल रही है। यहाँ की पहचान केवल प्राचीन धरोहरों, मंदिरों, किलों और जनजातीय संस्कृति तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ की छोटी-बड़ी 750-800 नदियों से भी है।प्रदेश की इस समृद्ध जल राशि के कारण ही मध्यप्रदेश को ‘नदियों का मायका’ कहा जाता है। मध्यप्रदेश से उद्गमित छोटी-बड़ी नदियाँ, गंगा, नर्मदा, ताप्ती, गोदावरी, माही और महानदी जैसे विशाल नदी प्रवाह तंत्रों में समाहित होकर पूरे भारत की जीवन-रेखा बनाती हैं।
मध्यप्रदेश की नदियाँ केवल भौतिक जल स्रोत नहीं, बल्कि संस्कृति की वाहक भी हैं। नदियों के किनारे प्राचीन नगरों, धार्मिक स्थलों और व्यापारिक मार्गों का विकास हुआ। क्षिप्रा नदी के तट पर बसा उज्जैन प्राचीन समय से ही खगोल विज्ञान और महाकालेश्वर ज्योतिर्लंग के कारण धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है। प्राचीन उज्जयिनी सिंहस्थ ‘कुंभ’ समागम का तीर्थ क्षेत्र भी है। नर्मदा नदी के तट पर बसे महेश्वर और ओंकारेश्वर शहर शैव परंपरा के प्रमुख तीर्थ-स्थल हैं। ओंकारेश्वर 12 ज्योर्तिलिंगों में एक है। बेतवा नदी के तट औऱ प्रवाह क्षेत्र के ओरछा, सांची और विदिशा मध्यकालीन भारत की सांस्कृतिक यशोगाथा के प्रतीक होने के साथ ही बौद्ध संस्कृति के उदयावसान के साक्षी भी रहे हैं।
मध्यप्रदेश का अधिकांश भूभाग विंध्य और सतपुड़ा की पहाड़ियों से आच्छादित है। यही कारण है कि यह अनेक महत्वपूर्ण नदियों का उद्गम स्थल है। नर्मदा और ताप्ती पश्चिम की ओर बहने वाली नदियाँ हैं, जबकि सोन, क्षिप्रा, चंबल, बेतवा उत्तर और पूर्व की ओर बहकर अपनी अथाह जलराशि के साथ गंगा-यमुना में समाहित हो जाती हैं। माही, वैंगंगा, तवा जैसी नदियाँ भी अलग-अलग बेसिन को जल-पोषित करती हैं। इस भौगोलिक विविधता ने ही प्रदेश को नदी समृद्ध राज्य के रूप में प्रतिष्ठा दी है।
पुण्य सलिला मां नर्मदा का दूसरा नाम रेवा भी है।भगवान शिव की पुत्री मानी जाने वाली रेवा मध्यप्रदेश और गुजरात दोनों की जीवन रेखा है। मान्यता है कि मां नर्मदा के दर्शन मात्र से ‘गंगा स्नान’ का पुण्य मिलता है। श्रद्धालुओं के लिए 3000 किमी से अधिक लंबी नर्मदा परिक्रमा जीवन का सबसे बड़ा तप माना जाता है। मां नर्मदा अमरकंटक से जन्म लेकर लेकर जबलपुर में धुआंधार जलप्रपात बनाती हुई गुजरात को अभिसिंचित कर लगभग 1312 किलोमीटर की यात्रा तय कर अरब सागर की खंभात की खाड़ी में विराम पाती हैं।
महाभारत काल में चंबल नदी का नाम चर्मणवती था। यह भगवान परशुराम के जन्म-स्थल जानापाव से निकली। यह राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा बनाती है। जानापाव से निकलकर चंबल नदी मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित ‘पंचनदा’ संगम पर यमुना में परिमित जलराशि के साथ समाहित हो जाती है। बेतवा (वेत्रवती) को मध्यप्रदेश की गंगा भी कहा जाता है। इसके तट पर राम राजा का ऐतिहासिक शहर ओरछा बसा है। विदिशा और सांची जैसे नगरों को भी इसने पोषित किया है। विंध्यांचल पर्वत से निकल कर लगभग 590 किलोमीटर दूरी तय कर यमुना नदी में जा मिलती है।
मोझदायिनी क्षिप्रा नदी के तट पर प्राचीन उज्जयिनी शहर बसा है। ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर और सिंहस्थ कुम्भ समागम का यह तीर्थ क्षेत्र विश्वविख्यात है। क्षिप्रा को भी मालवा की गंगा कहा जाता है। क्षिप्रा नदी इंदौर जिले में उज्जैनी-मुंडला गांव के ककड़ी-बड़ली नामक स्थान से निकल कर लगभग 195 किलोमीटर की यात्रा के बाद चंबल नदी में मिल जाती है। रामायण और महाभारत में सोन नदी का उल्लेख मिलता है। इसे पुरुष वाचक ‘नद’ की संज्ञा भी दी गई है। महर्षि वाल्मीकि ने इसे सुभद्र कहा है। यह नदी प्रदेश में शहडोल और रीवा के क्षेत्रों को सींचती हुई बिहार में प्रवेश कर लगभग 784 किलोमीटर लंबी यात्रा के बाद पतितपावनी गंगा से संगम करती है।
ताप्ती नदी सतपुड़ा की पहाड़ियों से निकलकर गुजरात तक जाती है और लगभग 724 किलोमीटर की दूरी तय कर खंभात की खाड़ी में मिल जाती है। माही नदी की विशेषता है कि यह कर्क रेखा को दो बार पार करती है। माही नदी भी मध्यप्रदेश से गुजरात तक 583 किलोमीटर की यात्रा कर खंभात की खाड़ी में मिल जाती है। मध्यप्रदेश से उद्गम पाने वाली अन्य प्रमुख नदियों में वैंनगंगा गोंडवाना क्षेत्र की जीवनरेखा है। तवा नर्मदा की सहायक नदी है, जिस पर मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा बाँध बना है। कालीसिंध, पार्वती, केन, शक्कर, जोहिला स्थानीय कृषि और वन्य जीवन के लिए महत्त्वपूर्ण हैं।
मध्यप्रदेश की नदियों पर अनेक सिंचाई एवं जलविद्युत परियोजनाएँ बनी हैं, जिनसे लाखों हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होती है। चंबल-पार्वती-कालीसिंध रिवर लिंक परियोजना मध्यप्रदेश और राजस्थान दोनों के साझा महत्व की परियोजना है। केन-बेतवा रिवर लिंक परियोजना मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए समृद्धि की गंगोत्री मानी जा रही है। ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्च परियोजना मध्यप्रदेश के बुरहानपुर एवं खंडवा और महाराष्ट्र के अकोला, अमरावती और बुलढाणा ज़िलों के भू-जल संकट और अनियमित वर्षा की समस्या का स्थायी समाधान मानी जा रही है। बाणसागर परियोजना सोन नदी पर बनी है। इससे शहडोल, रीवा और सीधी जिलों को लाभ पहुंच रहा है। तवा परियोजना नर्मदा की सहायक तवा पर निर्मित है। इससे होशंगाबाद क्षेत्र को सिंचाई और पेयजल की पूर्ति हो रही है। गांधीसागर परियोजना चंबल नदी पर बनाई गई है। इससे जलविद्युत बनाई जा रही है, साथ ही बड़े क्षेत्र में सिंचाई हो रही है। ओंकारेश्वर एवं बरगी परियोजना नर्मदा नदी पर निर्मित है। यह प्रदेश की ऊर्जा और जल आपूर्ति के प्रमुख आधारों में से एक है।
उज्जैन नगर भ्रमण पर निकले राजाधिराज बाबा महाकाल
18 Aug, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को उज्जैन में निकली राजाधिराज बाबा महाकाल की राजसी सवारी के अवसर पर देश एवं प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से प्रदेशवासियों के कल्याण और मंगलमय जीवन की कामना की है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देशभर में श्रावण मास में पूर्णिमा से पूर्णिमा तक महादेव की सवारियां निकलती हैं। लेकिन उत्तर और दक्षिण परम्पराओं के अनुसार भादवा (भाद्रपद) के दो सोमवार तक भी बाबा महाकाल की सवारी निकलती है। आज उज्जैन में बाबा महाकाल ने आखिरी (राजसी) सवारी कर नगर भ्रमण किया और अपनी प्रजा (जनता) के हाल-चाल जाने। बाबा ने अपने राजाधिराज स्वरुप में भक्तों को दिव्य दर्शन दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से बाबा की भव्य राजसी सवारी के लिए सभी व्यवस्थाएं की गईं और धूमधाम से सवारी की अगवानी की गई। बाबा की सवारी सहित सवारी पथ पर पुष्पवर्षा भी की गई। इस वर्ष विजयादशमी पर्व पर बाबा महाकाल एक बार फिर सवारी के साथ जनदर्शन के लिए पधारेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से कामना करते हुए कहा कि बाबा का शुभाशीष प्रदेशवासियों पर हमेशा बना रहे। कृपावंत भगवान महाकाल सबका कल्याण करें, सबके दुःख हर लें।
भगवान महाकालेश्वर की इस वर्ष की श्रावण-भाद्रपद माह में निकलने वाली सवारियों के क्रम में सोमवार,18 अगस्त को सायं 4 बजे राजसी सवारी धूमधाम से निकाली गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभामंडपम में भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन-अर्चन किया। रजत पालकी में विराजित चंद्रमौलेश्वर भगवान अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले तो सम्पूर्ण उज्जयिनी भगवान महाकालेश्वर की जय-जयकार से गुंजायमान हो गई। चारों दिशाओं में भगवान श्रीमहाकाल की भक्ति में लीन भक्तों के नेत्र त्रिनेत्रधारी भगवान शिव की एक झलक पाकर भाव-विभोर हो उठे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव और प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने सवारी निकलने के पूर्व महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप में भगवान चन्द्रमौलेश्वर का पूजन-अर्चन विधिवत रूप से किया। सभा मंडप में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक सतीश मालवीय, विधायक महेश परमार, महापौर मुकेश टटवाल, सभापति श्रीमती कलावती यादव ने भी भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन किया और आरती में सम्मिलित हुए। पूजन के बाद निर्धारित समय पर भगवान महाकाल की पालकी को नगर भ्रमण के लिये रवाना किया गया। पूजन-अर्चन पुजारी पं. घनश्याम शर्मा व अन्य पुजारियों द्वारा सम्पन्न करवाया गया। इस अवसर पर सभा मंडप में पूजन-अर्चन के दौरान संजय अग्रवाल, रवि सोलंकी आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंशानुरुप सवारी के मुख्य द्वार पर पहुंचने पर रजत पालकी में विराजित भगवान चंद्रमौलेश्वर पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। रजत पालकी में विराजित भगवान चंद्रमौलेश्वर जैसे ही मुख्य द्वार पर पहुंचे असंख्य श्रद्धालुओं ने भगवान महाकालेश्वर का स्वागत-वन्दन किया। सशस्त्र पुलिस बल के जवानों तथा प्रदेश के विभिन्न बटालियनों के जवानों द्वारा सवारी को सलामी दी गई। पालकी के आगे घुड़सवार दल, सशस्त्र पुलिस बल के जवान आदि की टुकडियां मार्च पास्ट करते हुए चल रही थी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सवारी में शामिल हुए और सवारी मार्ग पर उन्होंने ड़मरु और झांझ बजाया। राजाधिराज भगवान महाकालेश्वर की सवारी में असंख्य श्रध्दालुओं ने सवारी मार्ग पर ड़मरु, झांझ-मंजीरे बजाकर अवंतिकानाथ भगवान महाकालेश्वर की जय जयकार की।
भगवान श्रीमहाकाल ने भक्तों को छह रूपों में दिये दर्शन
राजसी सवारी में भगवान महाकालेश्वर ने छह विभिन्न स्वरूपों में अपनें भक्तों को दर्शन दिये। भगवान श्रीमहाकाल की राजसी सवारी में रजत पालकी में चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरूड़ रथ पर शिवतांडव, नन्दी रथ पर उमा-महेश और डोल रथ पर होल्कर स्टेट के मुखारविंद एवं षष्ठम् सवारी में सप्तधान मुखारविंद के रूपों में भक्तों को दर्शन दिए।
भगवान श्रीमहाकालेश्वर की सवारी परम्परागत मार्गों से होती हुई रामघाट पहुंची। रामघाट पर भगवान महाकाल का क्षिप्रा के जल से जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की गई। पूजन-अर्चन पं. घनश्याम शर्मा और अन्य पुजारियों के द्वारा सम्पन्न कराया गया। पूजन के दौरान प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, महापौर मुकेश टटवाल,वैभव यादव सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
70 भजन मण्डलियां सवारी में हुई शामिल
श्रीमहाकालेश्वर भगवान की प्रमुख राजसी सवारी के चल समारोह में सबसे आगे श्रीमहाकालेश्वर मंदिर का प्रचार वाहन चला। उसके बाद यातायात पुलिस, तोपची, भगवान महाकालेश्वर का रजत ध्वज, घुडसवार, विशेष सशस्त्र बल सलामी गार्ड, स्काउट / गाइड सदस्य, सेवा समिति बैंड के बाद उज्जैन के अतिरिक्त मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से परंपरागत रूप से सवारी सम्मिलित होने वाली 70 भजन मंडलियां चल समारोह में प्रभु का गुणगान करते हुए शामिल हुई।
साथ ही नगर के साधु-संत व गणमान्य नागरिक, पुलिस बैंड, नगर सेना के सलामी गार्ड की टुकड़ी, महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी व पुरोहितगण सवारी के साथ रहे। उनके बाद महाकालेश्वर भगवान (चंद्रमौलेश्वर) की प्रमुख पालकी, भारत बैंड, रथ पर गरुड़ पर विराजित शिव-तांडव, रमेश बैंड, नंदी रथ पर उमा महेश स्वरुप, गणेश बैंड, रथ पर होल्कर स्टेट मुखारविंद, आर.के. बैंड, रथ पर सप्तधान मुखारविंद के पश्चात राजकमल म्युजिकल ग्रुप बैंड व मनमहेश स्वरुप हाथी पर विराजित रहे।
चलित रथ के माध्यम से श्रद्धालुओं ने करे दर्शन
भगवान श्रीमहाकालेश्वर की सवारी के सुगमतापूर्वक दर्शन के लिये चलित रथ की व्यवस्था की गई। जिसके दोनों ओर एलईडी के माध्यम से सवारी का लाईव प्रसारण किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को भगवान के सहज दर्शन का लाभ मिला। साथ ही उज्जैन के अन्य स्थानों फ्रीगंज, नानाखेड़ा, दत्तअखाड़ा आदि क्षेत्रों में भी सवारी का लाइव प्रसारण किया गया।
सवारी में जनजातीय एवं लोक नृत्य कलाकारों ने दीं आकर्षक प्रस्तुतियां
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुरूप बाबा श्रीमहाकालेश्वर की सवारी को भव्य स्वरुप देने के लिए जनजातीय कलाकारों के दल ने महाकालेश्वर भगवान की राजसी सवारी में सहभागिता की। इसमें लामूलाल धुर्वे अनूपपुर के नेतृत्व में ढुलिया जनजातीय गुदुमबाजा नृत्य, भुवनेश्वर से अभिजीत दास नेतृत्व में श्रृंगारी लोक नृत्य, सुमित शर्मा एवं साथी हरदा से डण्डा लोक नृत्य एवं साधूराम धुर्वे बालाघाट के नेतृत्व में बैगा जनजातीय करमा नृत्य की प्रस्तुतियां दी गई। यह सभी दल महाकालेश्वर भगवान की राजसी सवारी के साथ अपनी प्रस्तुति देते हुए चले। सभी जनजातीय दलों ने संस्कृति विभाग भोपाल, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद व त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय के माध्यम से भगवान महाकालेश्वर की राजसी सवारी में सहभागिता की। एम्बुलेन्स, विद्युत मंडल का वाहन, फायर ब्रिगेड, वन विभाग आदि भी सुरक्षा की दृष्टि से सम्पूर्ण सवारी मार्ग में साथ में चले।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव भंडारे में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजसी सवारी में शामिल होने के बाद हरिफाटक ब्रिज के नीचे राजसी सवारी के लिए देश के विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आायोजित भोजन वितरण भंडारे में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं को भोजन वितरण किया।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्य सचिव ने की सौजन्य भेंट
18 Aug, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सोमवार को राजभवन पहुंचकर सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल का मुख्य सचिव ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण
18 Aug, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पार्लियामेंट हाउस नई दिल्ली में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुलाकात कर मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में हाल ही में होने वाले किसान सम्मेलन और भोपाल मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ करने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिवादन किया।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगीकरण का वातावरण चल रहा है। इस दिशा में स्वदेशी का अभियान भी पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। आत्मनिर्भर भारत बनाने की कड़ी में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य है कि स्वदेशी अभियान के तहत गुणवत्तायुक्त उत्पाद बनाए जाए। इसके लिए हम सबको अधिक काम करने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पिछले सवा साल से औद्योगीकरण का प्रदेश में बड़ा अभियान चलाया जा रहा है, जिसके फलस्वरुप 30 लाख करोड़ से अधिक के एमओयू किए जा चुके हैं। इसमें 21 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में इसी क्रम से राज्य सरकार काम करती रहेगी और निरंतर विकास की राह पर अग्रसर होती रहेगी।
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद पर फर्जी दस्तावेज़ से कॉलेज मान्यता का मामला गरमाया
18 Aug, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को हाई कोर्ट से झटका मिला है। फर्जी दस्तावेजों से कॉलेज की मान्यता लेने के मामले में हाई कोर्ट ने कांग्रेस विधायक पर FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को निर्देश भी दिया है कि FIR दर्ज करने के बाद 3 दिन के अंदर जानकारी दें।
आरिफ मसूद के कॉलेज में नए दाखिले पर रोक
आरोप है कि कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने फर्जी दस्तावेज देकर अपने कॉलेज की मान्यता ली थी। जिसको लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई जिसके बाद हाई कोर्ट ने माना कि फर्जी दस्तावेज के जरिए मान्यता ली गई है और आरिफ मसूद पर FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है। साथ ही हाई कोर्ट ने आरिफ मसूद के इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज में नए दाखिलों पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
SIT जांच के आदेश
मामले में हाई कोर्ट ने SIT जांच के आदेश दिए हैं। ADG संजीव शर्मा के नेतृत्व में 3 सदस्यी टीम मामले में जांच करेगी, साथ ही 3 महीने में जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
गोकशी के विरोध में बवाल, भोपाल की 80 फीट रोड पर लगा जाम
18 Aug, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राजधानी भोपाल में सोमवार को लोगों ने मांस से भरा लोडिंग ऑटो पकड़ा. आरोप है कि इस लोडिंग आटो में जो मांस है, वह गाय का है. लोगों का आरोप है कि ऐशबाग थाना क्षेत्र में स्थित कम्मू के बाग में गोकशी की जा रही थी, जिसके बाद कुछ संगठन के सदस्यों ने यहां की रैकी शुरू की. जब सुनिश्चित हो गया कि कम्मू के बाग में गायों की हत्या की जाती है और मांस व अन्य अवशेष को लोडिंग ऑटो के जरिए बाहर भेज दिया जाता है तो रोष फैल गया.
दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज, गिरफ्तार
लोगों को शनिवार रात में भी कम्मू के बाग में स्थित एक मकान गोकशी होने की सूचना मिली. इसके बाद सोमवार सुबह कुछ संगठन के कार्यकताओं ने एक लोडिंग ऑटो का पीछा किया. भोपाल-रायसेन रोड पर जब लोडिंग ऑटो में भरकर इसके अवशेष को आदमपुर छावनी की ओर ले जाया जा रहा था, उसी समय कार्यकर्ताओं ने लोडिंग ऑटो को पकड़ लिया. इसका रजिस्ट्रेशन नंबर एमपी 04, एलडी 3399 है. इसकी शिकायत पर ऐशबाग थाना पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया है, इनसे पूछताछ की जा रही है.
गोकशी के विरोध में 80 फीट रोड जाम
सोमवार सुबह कम्मू के बाग में गोकशी की जानकारी सोशल मीडिया पर तेजी से फैली. नतीजन कुछ ही देर में ऐशबाग थाना क्षेत्र पर संगठन के कार्यकर्ता इकठ्ठा हो गए. ये लोग कम्मू के बाग में गोकशी का आरोप लगाते हुए सड़क पर ही प्रदर्शन करने लगे. इसके बाद कार्यकर्ताओं ने अशोका गार्डन क्षेत्र में स्थित 80 फीट रोड को जाम कर दिया. इस दौरान गोकशी के विरोध में नारे लगाए गए.
आरोपियों के मकान में पशुओं के अवशेष मिले
एडिशनल डीसीपी जोन वन रश्मि अग्रवाल ने बताया "कुछ कार्यकर्ताओं की शिकायत पर ऐशबाग थाने में मामला दर्ज किया गया है. जिन लोगों पर संदेह जताया गया था, उनके घर में पशु हत्या के अवशेष पाए गए हैं. अब इनकी जांच की जाएगी, जिससे स्पष्ट हो सके कि यह मांस गाय का है या नहीं. फिलहाल दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनसे पूछताछ की जा रही है. वहीं मांस परिवहन करने वाले लोडिंग ऑटो को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है."
रासुका की कार्रवाई और मकान गिराने की मांग
संस्कृत बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्र शेखर तिवारी ने बताया "पुराने भोपाल में गोकशी के इस मामले को लेकर पुलिस से शिकायत की गई है. प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया है. कम्मू के बाग में गोकशी हो रही है. यहां कल रात्रि में 4 से 5 गायों की हत्या की गई है. आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाए. आरोपियों के मकान पर बुलडोजर चलाने की भी प्रशासन से की गई है."
मॉनसून की फुहारों में निखरा मिनी गोवा, सैलानियों की भीड़ उमड़ी
18 Aug, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खंडवा : बारिश का मौसम जिले के चारखेड़ा पर्यटन स्थल को गोवा वाली वाइब्स दे रहा है. जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर बैकवॉटर के बीच स्थित यह टापू इन दिनों हरियाली की चादर ओढ़े हुए है. मॉनसून की फुहारें और लहलहाती हरियाली यहां के नजारे को और भी अद्भुत बना रही हैं.
भारी बारिश से एक और जहां इंदिरा सागर डैम पानी से लबालब हो गया है. तो वहीं दूसरी ओर पानी बढ़ जाने से किनारों पर पसरी हरियाली और अधिक गहरी हो गई है. चारों ओर फैला पानी और उसके बीच उभरता यह टापू गोवा से कम नजर नहीं आ रहा है.
चारखेड़ा में बढ़ी सैलानियों की भीड़
वन विभाग द्वारा विकसित किए गए चारखेड़ा पर्यटन स्थल पर तितली पार्क और ईको टूरिज्म स्पॉट पर पर्यटकों की संख्या बढ़ गई है. बारिश के साथ छुट्टियों और वीकेंड होने से आसपास के जिलों से भी लोग यहां पहुंचते हैं. फैमिली और फ्रेंड्स के लिए यह जगह पिकनिक स्पॉट है, तो युवाओं के लिए फोटोग्राफी और ट्रैकिंग का रोमांचक केंद्र.
वन विभाग की पहल
वन विभाग इस स्थल को और आकर्षक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. यही वजह है कि पर्यटन स्थल के रूप में विकसित इस मिनी गोवा की सैर करने वालों की संख्या बढ़ गई है. एक तरह से चारखेड़ा को ईको-टूरिज्म के रूप में विकसित किया गया है. यह प्रदेश के पर्यटन स्थलों में खास जगह बनाने में कामयाब हुआ है.
प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग
पर्यटक मानते हैं कि चारखेड़ा का वातावरण मन को सुकून देने वाला है. शहर की भागदौड़ और शोरगुल से दूर यह स्थान लोगों का मन मोह रहा है. पूरा इलाका हरियाली से भरा हुआ है और बैकवॉटर लबालब भरा हुआ है. यही वजह है कि चारखेड़ा पर्यटन स्थल प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग से कम नहीं है.
डीएफओ राकेश कुमार डामोर कहते हैं, '' चारखेड़ा टापू करीब 3 हजार हेक्टेयर में फैला हुआ है. चारों तरफ से पानी से घिरे इस टापू तक नाव से पर्यटक पहुंचते हैं. प्राकृतिक सौंदर्य के साथ लोग बोटिंग का आंनद ले रहे हैं. बारिश में टापू का सौंदर्य और अधिक निखर आया है.''
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कटहल: पोषक तत्वों से भरपूर एक बहुमुखी फल
दिल्ली में हुई घटना को लेकर सरकार पर निशाना
