मध्य प्रदेश
गायों के लिए बना मेटरनिटी वार्ड! MP में शुरू हुई देश की पहली अनोखी सेवा
18 Aug, 2025 01:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP News-मध्य प्रदेश के हरदा जिले में दयोदय गौशाला ने ऐसा कदम उठाया है जिसने सबकों चौंका दिया। यहां गर्भवती गायों के लिए इंसानों जैसा 'मेटरनिटी वार्ड' (Cow Maternity Ward) तैयार किया गया है। हरदा में शुरू हुआ यह प्रयोग पूरे देश में पहली बार हुआ है। जहां अब तक केवल इंसानी अस्पतालों में प्रसव सुविधाएं थी, वहीँ अब गायों को भी यह हक मिला है। इस खास वार्ड में डॉक्टर और गौसेवकों चौबीस घंटे मौजूद रहेंगे। प्रसव के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सकेगा और गायों की जान बच सकेगी। इस वार्ड का उद्घाटन कांग्रेस विधायक राम किशोर डोंगने ने किया।
गायों की मौत की समस्या का हल
कई बार प्रसव के समय जटिलता बढ़ने से गायें दम तोड़ देती थी। यह पहल ऐसे मामलों पर रोक लगाएगी और गायों की मौत दर कम करने में मदद करेगी। गर्भवती गायों के साथ-साथ नवजात बछड़ों की देखभाल भी यहां प्राथमिकता होगी। शुरूआती दिनों में उन्हें बेहतर पोषण और चिकित्सीय निगरानी की जाएगी।
गांव और शहर दोनों में उत्साह
हरदा में नई सुविधा को देखने के बाद ग्रामीण और शहरी लोग उत्साहित हैं। लोग इसे गायों की सेवा और संरक्षण के लिए ऐतिहासिक कदम मान रहे हैं। यह व्यवस्था सिर्फ हरदा (Harda) तक सीमित नहीं रहेगी। उम्मीद है कि आने वाले समय में अन्य जिले और राज्य भी इस मॉडल को अपनाकर गायों की सुरक्षा को प्राथमिकता देंगे।
सीएम ऑफिस में हलचल, नए मुख्य सचिव की तलाश—तीन नाम सबसे मजबूत दावेदार
18 Aug, 2025 12:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में वल्लभ भवन में यह सवाल तैरने लगा है कि अगला मुख्य सचिव कौन होगा। अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिलेगा या फिर नए चेहरे को मौकान मिलेगा। इनसे पहले रहे दो मुख्य सचिव को एक्सटेंशन मिल चुका है। वहीं, कुछ सीनियर आईएएस अधिकारियों के नाम भी इस रेस में आगे हैं।
इन कारणों से मिल सकता है एक्सटेंशन
मुख्य सचिव को लेकर दो संभावनाएं हैं। पहली, अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिल जाए। दूसरी, उन्हें एक्सटेंशन न मिले। अगर उन्हें एक्सटेंशन मिलता है, तो इसके पीछे तीन प्रमुख कारण हो सकते हैं। पहला, केंद्र में बैठे अफसरों और नीति निर्धारकों से उनके अच्छे संबंध हैं। दूसरा, उन्हें वित्त प्रबंधन का अच्छा जानकार माना जाता है। तीसरा, उन्होंने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और नई पॉलिसी बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
ये लोग हैं प्रबल दावेदार
वहीं, अगर अनुराग जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है, तो वरिष्ठता के हिसाब से अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा इस पद के प्रबल दावेदार होंगे। लेकिन अपर मुख्य सचिव वन व पर्यावरण अशोक बर्णवाल और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में पदस्थ अलका उपाध्याय भी इस रेस में शामिल हैं।
राजेश राजौरा हैं सबसे वरिष्ठ
इसके साथ ही अनुराग जैन के रिटायर होने के बाद डॉ. राजेश राजौरा सबसे वरिष्ठ आईएएस अफसर होंगे। डॉ. राजौरा मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव रह चुके हैं। वह मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र उज्जैन संभाग के प्रभारी भी हैं। अशोक बर्णवाल भले ही डॉ. राजौरा से एक बैच जूनियर हैं, लेकिन उन्हें मुख्य सचिव बनाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। बर्णवाल भी निर्विवादित हैं। उनकी छवि तेजतर्रार अधिकारी की है।
महिला आईएएस अफसर भी रेस में
अलका उपाध्याय भी मुख्य सचिव पद की दौड़ में हैं। वे 1990 बैच में डॉ. राजौरा के बाद वरिष्ठता में दूसरे नंबर पर हैं। पिछले दो महीने में जिस तरह से उन्होंने मध्य प्रदेश के दौरों को लेकर दिलचस्पी दिखाई है, इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वे सीएस पद के लिए सक्रिय हैं। अगर अनुराग जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है, तो वे विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष बन सकते हैं। हालांकि पिछले कुछ सालों से मध्य प्रदेश में मुख्य सचिव को एक्सटेंशन मिलता रहा है। ऐसे में इस बार भी संभावना है कि अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिल सकता है।
मध्य प्रदेश में बारिश का कहर! इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
18 Aug, 2025 12:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में एक बार फिर से तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है. मौसम विभाग ने रविवार को कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा 18 अगस्त से भी कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. साथ ही बुरहानपुर, खंडवा और बड़वानी में भीषण बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
18 अगस्त को फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार (18 अगस्त) से बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होगा. जिससे कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. प्रदेश के मालवा-निमाड़ संभाग के 12 जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान यहां भारी बारिश की संभावना है.
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
18 अगस्त को बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं, अलीराजपुर, धार, इंदौर, देवास, सीहोर, हरदा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा बाकी के जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की उम्मीद है.
एक्टिव हुआ लो प्रेशर एरिया
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेन्द्रन ने बताया कि "एक टर्फ दक्षिणी हिस्से में सक्रिय है, एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन यानी, चक्रवात भी एक्टिव है. इन वजहों से प्रदेश में बारिश का दौर जारी है. एक मानसून टर्फ जैसलमेर, जोधपुर, कोटा से गुना-बैतूल होते हुए दक्षिणी छत्तीसगढ़ से गुजर रही है. यहीं पर लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) की एक्टिविटी भी है. 18 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी पर एक नया लो प्रेशर एरिया के सक्रिय होने की संभावना है."
वहीं, शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई. भोपाल, रायसेन, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, नर्मदापुरम, खजुराहो, मंडला, सागर, सतना, सिवनी, शाजापुर, देवास, छिंदवाड़ा, दमोह, सीहोर, रतलाम, बड़वानी और बुरहानपुर सहित 21 जिलों सामान्य से तेज बारिश दर्ज की गई. इस दौरान जबलपुर में भी 1 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई. वहीं रायसेन में सबसे अधिक 2 इंच बारिश दर्ज की गई.
सरकार फिर बढ़ा सकती है मुख्य सचिव का कार्यकाल
18 Aug, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में क्या पहली बार मुख्य सचिवों को एक्सटेंशन देने की हैट्रिक बनने जा रही है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन का कार्यकाल इसी महीने यानी अगस्त में समाप्त होने वाला है। सत्ता के गलियारों में पिछले एक माह से यह सवाल घूम रहा है कि अनुराग जैन एक्सटेंशन मिलेगा या नहीं? यदि उन्हें सेवावृद्धि मिलती है तो प्रदेश के लगभग 69 वर्षों के इतिहास में शायद यह पहला मौका होगा, जब लगातार तीन मुख्य सचिवों को एक्सटेंशन दिया गया। स्वच्छ छवि वाले अनुराग जैन हमेशा अपनी बेहतर कार्यप्रणाली के लिए चर्चा में रहे हैं।
वीरा राणा और इकबाल बैंस को मिल चुका है एक्सटेंशन
अनुराग जैन के पहले पूर्व मुख्य सचिव वीरा राणा और इकबाल सिंह बैंस को एक्सटेंशन मिल चुका है। वीरा राणा की सेवावृद्धि डॉ. मोहन यादव की सरकार ने की थी वहीं, इकबाल को एक्सटेंशन पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिया था। हालांकि मंत्रालय में इस बात की चर्चा है कि अगर अनुराग जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है तो ऐसी स्थिति में वह रिटायर हो जाएंगे और इसके बाद कई अधिकारी मुख्य सचिव बनने की रेस में है।
राजेश राजौरा समेत 3 IAS अधिकारी रेस में
मुख्य सचिव बनने के लिए प्रबल दावेदार अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉक्टर राजेश राजौरा है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर फिलहाल अल्का उपाध्याय हैं, इसलिए उनकी प्रबल संभावना कम है। इसके बाद अशोक वर्णवाल हैं, पिछले दिनों राजेश राजौरा को मुख्यमंत्री कार्यालय से मुक्त किया गया है। वह जल संसाधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं, अगर अनुराग जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है तो यह तय माना जा रहा है कि डॉ. राजेश राजौरा मध्य प्रदेश के अगले मुख्य सचिव हो सकते हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने तीन सीएस को दी थी सेवावृद्धि
दरअसल मुख्य सचिवों को एक्सटेंशन के मामले में शिवराज कुछ ज्यादा ही दिलदार थे। उनके कार्यकाल के दौरान जितने भी मुख्य सचिव रहे उन्हें या तो एक्सटेंशन दिया गया या तत्काल कोई बड़ी जिम्मेदारी दी गई। उनके कार्यकाल के दौरान सात मुख्य सचिव रहे और उनमें से केवल अवनि वैश्य ही ऐसे रहे जिन्हें रिटायरमेंट के बाद न ही एक्सटेंशन दिया गया और न ही कोई पद. दरअसल आजकल मुख्य सचिवों का एक्सटेंशन देशभर में एक नॉर्मल प्रक्रिया बन गई है। हाल ही में केंद्र सरकार ने हरियाणा के मुख्य सचिव को एक वर्ष का और पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को 3 माह का एक्सटेंशन दिया है। हालांकि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को एक्सटेंशन नहीं दिया गया। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, अभी तक प्रदेश की ओर से एक्सटेंशन का कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार को नहीं भेजा गया है, लेकिन मुख्य सचिव के करीबियों का दावा है कि जैन को अपनी प्रतिनियुक्ति के दौरान किए गए कामों का परिणाम अवश्य मिलेगा। माना जा रहा है कि दिल्ली वालों के हस्तक्षेप से टाइम पर वे मुख्य सचिव बने थे।
पहला एक्सटेंशन वर्ष 1991 में दिया गया था
प्रदेश में पहला एक्सटेंशन 1991 में और दूसरा 2013 में दिया गया। मतलब प्रदेश बनने के 35 वर्षों बाद पहली बार किसी मुख्य सचिव को सेवावृद्धि दी गई और दूसरे एक्सटेंशन के लिए 22 वर्षों का इंतजार हुआ। पिछले बारह वर्षों में तीन अधिकारियों को एक्सटेंशन दिया गया है। यह भी दिलचस्प है कि प्रदेश में सारे एक्सटेंशन भाजपा के मुख्यमंत्रियों ने ही दिए, कांग्रेस सरकार के दौरान रिटायरमेंट के बाद उन्हें कोई पद दे दिया जाता था।
मुख्यमंत्री की पसंद एसीएस राजौरा
डॉ राजेश राजौरा मुख्यमंत्री की पहली पसंद है। हालांकि वह मुख्यमंत्री कार्यालय में काम करके मुख्यमंत्री की छवि और उनके मिशन के बारे में बेहतर पता है। कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ राजौरा कई महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं। साथ ही उज्जैन के कलेक्टर भी रहते हुए सिंहस्थ की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
जिम्मेदारी मिलते ही राहुल गांधी का संदेश, कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर मंथन
18 Aug, 2025 10:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्यप्रदेश कांग्रेस के नए नियुक्त जिला अध्यक्षों की पहली बड़ी बैठक 24 अगस्त को दिल्ली में आयोजित की जाएगी, जहाँ वे सीधे राहुल गांधी से संवाद करेंगे. यह बैठक आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर बेहद अहम मानी जा रही है. राहुल गांधी नए अध्यक्षों को चुनावी दिशा-निर्देश देंगे और पार्टी की रणनीति पर चर्चा करेंगे. बैठक दो सत्रों में होगी, जिसमें जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी. संगठन को जमीनी स्तर पर मज़बूत करने के लिए कांग्रेस नेतृत्व इस बार जिला इकाइयों को सीधा मार्गदर्शन देने की रणनीति पर काम कर रहा है.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज नई दिल्ली में विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं. इसके बाद वे दोपहर 12:30 बजे नई दिल्ली से इंदौर के लिए रवाना होंगे. लगभग 01:50 बजे वे इंदौर पहुंचेंगे, जहां से सीधे उज्जैन जाएंगे. उज्जैन में वे स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे. इसके पश्चात दोपहर 03:30 बजे बाबा महाकाल की भव्य “राजसी सवारी” में शामिल होकर दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे. मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था और जनसंपर्क के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
भीड़ का कहर: महापंचायत के बाद मैहर में आगजनी, घर-मकान राख
18 Aug, 2025 10:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Maihar Communal Violence: मैहर तहसील के बिगौड़ी गांव में एक हत्या के मामले को लेकर रविवार को स्थिति बिगड़ गई. हिंदू महासभा द्वारा आयोजित एक सकल हिंदू महापंचायत के दौरान लोगों का आक्रोश इस कदर बढ़ गया कि भीड़ ने हत्या के आरोपियों के मकानों को आग के हवाले कर दिया. घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
हत्या के बाद गहराया मामला
जानकारी के अनुसार, 11 जुलाई को गांव के निवासी शिवनारायण तिवारी की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में साहिल खान को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, वहीं मोहम्मद इसहाक मदनी, मोहम्मद अंजुम खान, और नगर सैनिक पर मामले को दबाने या गलत दिशा देने के आरोप लगे थे. हत्या के बाद से ही गांव में नाराज़गी और असंतोष की स्थिति बनी हुई थी.
महापंचायत में उग्र हुआ माहौल
रविवार को हिंदू महासभा ने मृतक को न्याय दिलाने की मांग को लेकर महापंचायत बुलाई थी, जो शुरुआती दौर में शांतिपूर्ण रही. लेकिन धीरे-धीरे भीड़ उत्तेजित हो गई और कथित आरोपियों के घरों की ओर कूच कर दिया. देखते ही देखते कुछ मकानों को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई.
प्रशासन की तत्काल प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की. अब गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है.
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना न सिर्फ स्थानीय प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है, बल्कि कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं. प्रशासन गांववासियों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है, वहीं हिंदू महासभा का कहना है कि दोषियों को जब तक सज़ा नहीं मिलती, आंदोलन जारी रहेगा.
नेता से किसान बने शिवराज सिंह, खेतों में उगा रहे शिमला मिर्च की खास फसल
18 Aug, 2025 10:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विदिशा: पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा में शिमला मिर्च की वैरायटी लगाई. उन्होंने बताया, ''खेती में मेहनत का आनंद ही कुछ और है. मुझे जब भी अवसर मिलता है, मैं अपने खेत में जाकर काम करता हूं. कृषि में विविधीकरण समय की मांग है. पहले यहां धान की खेती होती थी, लेकिन इस बार मैंने प्रयोग करते हुए शिमला मिर्च लगाई है, नए अनुभव से नई संभावनाएं जुड़ी हैं. आज अपने खेत में शिमला मिर्च लगाई. खेत में काम करते हुए हमेशा यह अहसास होता है कि किसान भाई कितनी मेहनत और लगन से अन्न उपजाते हैं.''
शिवराज सिंह ने देखी खरपतवार से बर्बाद हुई फसलें
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को अचानक विदिशा जिले के ग्राम छीरखेड़ा पहुंचे. जहां उन्होंने किसानों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं. मंत्री चौहान ने बताया कि, ''उन्हें शिकायत मिली थी कि खरपतवार नाशक दवा के कारण किसानों की सोयाबीन की फसल नष्ट हो गई है. मैंने तय किया कि स्वयं निरीक्षण करूंगा. यहां मैंने देखा कि खेत में सोयाबीन की जगह खरपतवार है. एक उच्चस्तरीय वैज्ञानिकों का दल खेतों की जांच करेगा. कंपनी के खिलाफ विधि सम्मत सख्त कार्रवाई करेंगे.''
किसानों को पूरा न्याय दिलाया जाएगा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ''जहां सोयाबीन की फसल होनी चाहिए थी, वहां पूरा खेत खरपतवार से भर गया है. किसानों की मेहनत और जीवन दोनों इसी फसल पर टिका है. यदि फसल नष्ट हो जाएगी तो किसान जीवन यापन कैसे करेंगे? किसान की फसल उसका जीवन है. इसलिए किसान को राहत मिले, इसकी व्यवस्था करेंगे. किसानों को पूरा न्याय दिलाया जाएगा.'' उन्होंने साफ कहा कि, ''इस मामले की जांच उच्च स्तरीय वैज्ञानिक दल से कराई जाएगी और यदि खरपतवार नाशक दवा में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.''
नकली कीटनाशक और खाद के खिलाफ चलेगा अभियान
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि, ''मैं देशभर के किसानों से कहना चाहता हूं कि अगर कहीं दवाई डालने से फसल खराब हुई है तो आप मेरे पास शिकायत भेजें. हम जांच करेंगे और संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई भी होगी. हम नकली कीटनाशकों और खाद के खिलाफ पूरे देश में अभियान चलाएंगे. एक टोल फ्री नंबर भी जारी करेंगे. किसानों को लूटने का धंधा हम चलने नहीं देंगे. हम नया कानून भी बनाएंगे.''
शिवराज सिंह का पर्यावरण प्रेम जगजाहिर
बता दें कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हमेशा से खेती-किसानी और हरियाली के प्रति गहरी लगाव रखते हैं. वे खुद को किसान का बेटा बताते हैं और जमीन से जुड़े नेता हैं. खेती को उन्होंने न सिर्फ आजीविका बल्कि अपनी पहचान भी माना है. पेड़ों और पर्यावरण के लिए उनका प्रेम जगजाहिर है. उन्होंने 'पौधारोपण अभियान' और 'नर्मदा सेवा यात्रा' जैसे कार्यक्रमों से लाखों पौधे लगवाए हैं. उनका मानना है कि खेती और पेड़ ही जीवन की असली ताकत हैं, इसलिए वे किसानों और प्रकृति दोनों को बचाने के लिए लगातार प्रयास करते रहते हैं.
पदों की घोषणा बनी विवाद की वजह, कांग्रेस में उठा विरोध का तूफान
18 Aug, 2025 09:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस ने लंबी मशक्कत के बाद प्रदेश के शहरी ग्रामीण सहित 71 जिलों के अध्यक्षों के नामों का ऐलान कर दिया है, लेकिन अध्यक्षों के नामों के ऐलान के साथ ही विरोध भी शुरू हो गया है. पूर्व मंत्री और राघौगढ़ से विधायक जयवर्धन सिंह के बाद इंदौर शहर और ग्रामीण अध्यक्ष सहित आधा दर्जन से ज्यादा जिलों में विरोध शुरू हो गया है. जिला अध्यक्षों की सूची में दिग्गज अपने-अपने पसंद के नेताओं को अध्यक्ष बनाने में सफल रहे.
मनपसंदों को मिली जिम्मेदारी
इंदौर जिले में अध्यक्ष बनाए गए नेता प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के पसंदीदा बताए जाते हैं. दोनों को रिपीट कराने में जीतू पटवारी की चली. वहीं पांढुर्णा, छिंदवाड़ा में कमलनाथ की पसंद को तवज्जो दी गई. सिंघार, अजय सिंह और अरुण यादव की पसंद को सिर्फ उनके क्षेत्र में ही प्राथमिकता मिली. गुना राजगढ़ दोनों दिग्गी खेमे के हैं.
इंदौर, राघोगढ़ सहित कई जिलों में विरोध
इंदौर में शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे और जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े को बनाए जाने के विरोध में संभागीय प्रवक्ता सन्नी राजपाल ने पद से इस्तीफा दे दिया है. वहीं पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष साक्षी डागा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पटवारी को घेरा है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा "पटवारी को नहीं पता कि सक्रिय मैदानी कार्यकर्ता कौन हैं? हम बिना पद के भी कांग्रेस में काम करेंगे.''
''गांधी भवन में जिस व्यक्ति ने खुलेआम कार्यकर्ताओं से मारपीट की वहीं जीतू पटवारी की नजर में शहर अध्यक्ष बनने के काबिल हो गया. उधर पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े का भी विरोध हो रहा है. कांग्रेस कार्यकर्ता ने इसे वोट चोरी का एक नया प्रकरण बताया है. वानखेड़े आगर से विधायक रहे हैं और इंदौर में रहते हैं, लेकिन अध्यक्ष ग्रामीण इंदौर का बना दिया गया."
जयवर्धन को लेकर जताया विरोध
पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक जयवर्धन सिंह को गुना जिले का अध्यक्ष बनाए जाने का भी विरोध हो रहा है. इसके विरोध में राघोगढ़ में कांग्रेस का पुतला जताया गया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि "जीतू पटवारी एवं मंडली द्वारा युवा और प्रदेश के लोकप्रिय नेता जयवर्धन सिंह की लोकप्रियता से बौखला कर आलाकमान को गुमराह करके जिला कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया है. जबकि पूरे प्रदेश में घूम-घूमकर कांग्रेस में जान सिर्फ जयवर्द्धन सिंह ही फूंक रहे हैं.
इन जिलों में भी विरोध
इंदौर, गुना के अलावा सतना शहर, डिंडौरी, देवास, सतना ग्रामीण, उज्जैन जिलों में भी विरोध सामने आ चुका है. सतना ग्रामीण में सिद्धार्थ कुशवाहा को अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई है. सिद्धार्थ दूसरी बार के विधायक हैं और ओबीसी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं. वे महापौर और लोकसभा के प्रत्याशी भी रह चुके हैं. कार्यकर्ताओं का विरोध इसी को लेकर है कि एक ही नाम के लिए हर पद हैं.
जयवर्द्धन सिंह सहित 6 विधायकों को जिम्मेदारी
कांग्रेस ने 6 विधायकों को जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है. इसमें राघौगढ़ विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्द्धन सिंह को गुना जिला अध्यक्ष बनाया गया है. तराना विधायक महेश परमार को उज्जैन ग्रामीण, डिंडौरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम को डिंडौरी, बैहर विधायक संजय उइके को बालाघाट, सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा को सतना ग्रामीण, सिलवानी विधायक देवेंद्र पटेल को रायसेन जिले का अध्यक्ष बनाया गया है. उधर जयवर्द्धन सिंह को जिला अध्यक्ष बनाए जाने का विरोध भी शुरू हो गया है.
जिनका पैनल में नाम नहीं उन्हें भी बनाया जिला अध्यक्ष
कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों के नामों की रायशुमारी के लिए इस बार राष्ट्रीय स्तर से ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए थे. इनके साथ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय ने भी सहयोगी ऑब्जर्वर बनाए. ऑब्जर्वर ने जिलों में जाकर सक्रिय नेताओं के अध्यक्ष के नाम छांटे और इसके बाद अध्यक्षों के नामों का पैनल तैयार कर उनमें से एक नेता के नाम का ऐलान किया. हालांकि घोषित की गई सूची में 15 नाम ऐसे भी हैं, जिन्होंने जिला अध्यक्ष बनने के लिए आवेदन ही नहीं किया था. लेकिन ऑब्जर्वर की रिपोर्ट और सीनियर नेताओं से चर्चा के नाम इनके नाम जोड़े गए. इनमें ज्यादातर विधायक और पूर्व विधायकों के नाम हैं.
गजेंद्र जाटव को बनाया गया मुरैना जिलाध्यक्ष
कांग्रेस पार्टी ने मुरैना जिले में कांग्रेस की कमान गजेंद्र जाटव को सौंपी है. वहीं ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में मधुराज तोमर को पुनः नियुक्त किया गया है. इस निर्णय को आगामी चुनावी तैयारियों और जातीय समीकरणों को साधने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. पूर्व शहर अध्यक्ष दीपक शर्मा का पांच वर्षीय कार्यकाल पूर्ण होने पर पार्टी ने अब दलित समाज से आने वाले गजेंद्र जाटव को नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. गजेंद्र जाटव पूर्व पार्षद रहे हैं और लंबे समय से कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता हैं. उनका संबंध वर्तमान विधायक दिनेश गुर्जर और कमलनाथ खेमे से बताया जा रहा है. नगर निगम क्षेत्र में दलित वोटरों की संख्या को देखते हुए कांग्रेस ने यह नियुक्ति रणनीतिक रूप से की है.
मध्यप्रदेश को बनायेंगे मिल्क केपिटल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
17 Aug, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। आज प्रदेश का हर कोना विकास कार्यों से सज-संवर रहा है। हम प्रदेश के किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। दुग्ध उत्पादन में तेजी लाकर हम वर्ष 2028 तक मध्यप्रदेश को मिल्क केपिटल बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिर्फ भैंस का नहीं, हमारी सरकार अब गाय का दूध भी खरीदेगी। हम गाय के दूध की खरीदी की कीमत भी ज्यादा देंगे। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के जरिए हमने तय किया है कि 25 गाय और 42 लाख रुपये तक की गौशाला यूनिट स्थापित करने पर दूध और अन्य उत्पाद तो पशुपालक के होंगे, सरकार पशुपालक को 10 लाख रुपये प्रोत्साहन अनुदान के रूप में देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी गौशालाओं के निर्माण पर सरकार निवेश लागत की 25 प्रतिशत तक की निवेश राशि अनुदान के रुप में माफ करेगी। मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर क्षेत्र के धार्मिक स्थल कोटेश्वर एवं विरुपाक्ष महादेव में विकास कराने की बात कही।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रतलाम ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के कुंडाल गांव में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर करीब 246 करोड़ रुपए की लागत वाले विभिन्न 57 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 158.64 करोड़ के 37 कार्यों का लोकार्पण और 87.27 करोड़ लागत के कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय ग्रामीणों की सुविधा के लिए प्रस्तावित 113 करोड़ रुपये की पेयजल योजना और मोरकुंडवा सिंचाई योजना को भी मंजूरी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रतलाम और खाचरोद के बीच परीक्षण कराकर 220 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन रोड़ बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सैलाना के लोग चिंता न करें, जनहित में सरकार हर घड़ी उनके साथ खड़ी है। खरमोर पक्षी अभयारण्य के कारण सैलानावासियों को हो रही परेशानी का समुचित समाधान निकालकर कठिनाई दूर की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम बहुत जल्द 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा योजना' के जरिए प्रदेश में फिर से सार्वजनिक बस परिवहन सेवा प्रारंभ कर रहे हैं। इसकी शुरुआत भी मालवा अंचल से होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जावरा से उज्जैन तक बेहतरीन ग्रीन कॉरीडोर बनाया जा रहा है। इसका सर्वाधिक लाभ रतलाम जिले को ही मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'एक तरफ तमाम-एक तरफ रतलाम' यही इस जिलेवासियों की पुरानी पहचान है। यहां के सोने आभूषण, नमकीन और तेल वाली कचौड़ी ने रतलाम को पूरे विश्व में एक अलग पहचान दिलाई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा और मार्गदर्शन से मध्यप्रदेश अब विकासशील प्रदेश से आत्मनिर्भर एवं विकसित प्रदेश बनने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वाधिक जरूरत गरीबों, लाचारों और जरूरतमंदों को ही होती है, इसलिए इन सबके जीवन में नया उजाला लाना हमारी जिम्मेदारी है। विकास के लाभ से हम किसी को भी वंचित नहीं रहने देंगे। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द रतलाम के समीप धार जिले में बदनावर के निकट पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन होने वाला है। इस पार्क से करीब एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के लिए हमारी सरकार बहुत सारी सौगातें लेकर आई है। पार्वती-काली सिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना से हम रतलाम जिले के एक-एक गांव और खेत तक पानी पहुंचायेंगे। उन्होंने कहा कि सभी किसानों को सोलर पॉवर पंप देंगे। इससे किसान अपने खेतों में सिंचाई के लिए खुद बिजली पैदा करेंगे। सोलर पंप के जरिए हम किसानों को बिजली बिल से हमेशा के लिए मुक्ति दिला देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गरीब से गरीब व्यक्ति को भी 5 लाख तक के फ्री इलाज के साथ बड़े शहर में इलाज के लिए ले जाने के लिए हमारी सरकार एयर एम्बुलेंस और हेलीकॉप्टर सेवा मुफ्त में उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि राहवीर योजना के तहत सड़क में घायल पड़े किसी व्यक्ति को निकटतम अस्पताल तक में पहुंचाने पर हमारी सरकार घायल व्यक्ति का डेढ़ लाख रुपये तक का इलाज करायेगी और घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये ईनाम के रूप में देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मानवता को प्रतिस्थापित करने वाली योजना है। राज्य सरकार सबके कल्याण की चिंता कर रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार अगले 5 साल में 2.5 लाख शासकीय पदों पर भर्ती करेगी। अगले तीन साल में पुलिस विभाग के सभी रिक्त पद भर दिए जायेंगे। रोजगार आधारित उद्योग लगाने पर हम निवेशक को मदद मुहैया कराने के अलावा अपने उद्योग में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगपतियों को 5 हजार रुपये प्रति व्यक्ति की दर से प्रोत्साहन राशि भी देगी। यह राशि उस स्थानीय व्यक्ति को दी जाएगी, जिसे रोजगार पर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबको पक्का मकान बनाकर देंगे। कोई भी पक्के मकान से वंचित नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली दीपावली की भाईदूज से हमारी सरकार सभी लाड़ली बहनों को 1500 रुपये प्रतिमाह राशि देगी। साल-दर-साल इसे बढ़ाते हुए अगले पांच साल में लाड़ली बहनों को दी जाने वाली यह राशि 3000 रुपये प्रतिमाह तक कर दी जाएगी।
कार्यक्रम को रतलाम-झाबुआ लोकसभा क्षेत्र की सांसद अनीता नागर सिंह चौहान एवं रतलाम ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामोर ने भी संबोधित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों के संबंध में प्रस्ताव रखें। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जनजातीय परंपरा की पहचान पगड़ी, बंडी, चांदी का कड़ा पहनाकर और तीर-कमान देकर स्वागत किया गया। इस मौके पर सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, विधायक जावरा डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष लालाबाई चंद्रवंशी, पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी, पूर्व सांसद गुमान सिंह डामोर, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विदेशी निवेश संवर्धन के प्रयासों के उत्साहजनक परिणाम
17 Aug, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विदेशी निवेश आकर्षित करने के प्रयासों के परिणाम आना शुरू हो गए हैं। विदेशी निवेश संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री के यूरोप दौरे के फलस्वरूप अब जर्मन की कंपनियों ने मध्यप्रदेश का रूख किया है। मध्यप्रदेश ग्लोबल स्टार्टअप एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत 18 अगस्त से 22 अगस्त तक पांच अग्रणी जर्मन टेक कंपनियों का दौरा शुरू हो रहा है। इसमें म.प्र. और जर्मनी के बीच व्यापार एवं नवाचार को मजबूती मिलेगी। म.प्र. के उद्यमों और जर्मन कंपनियों के बीच रणनीतिक साझेदारी बढ़ेंगी। साथ ही तकनीकी आदान-प्रदान और निवेश अवसरों में वृद्धि होगी। म.प्र. ग्लोबल स्टार्ट अप एक्सचेंज कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी हस्तांतरण को प्रोत्साहित करना, एआई, डेटा एनालिटिक्स और आईटी उद्योग में श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों, नवाचारी प्रयासों का आदान-प्रदान करना है।
जर्मन कम्पनियों का यह दौरा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं का सेतु बनेगा। इससे प्रदेश में अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा को नई ऊर्जा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि इस तरह की वैश्विक तकनीकी साझेदारी से प्रदेश में नवाचार और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “यह पहल केवल तकनीकी सहयोग का आरंभ नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के लिए एक व्यापक नवाचार यात्रा की नींव है। ग्लोबल नॉलेज एक्सचेंज और कटिंग-एज टेक्नोलॉजी से विकसित होने वाली ट्रांस्फ़ॉर्मेटिव साझेदारियाँ प्रदेश के स्टार्ट-अप्स और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने में सहायक होंगी।”
प्रतिनिधिमंडल में टाइलर्स के स्टीवन रैनविक, टैलोनिक के निकोलस, स्टेएक्स के एलेक्सजेन्ड्रा के मिकीटयूक, क्यू-नेक्ट-एजी के मटियास प्रोग्चा और क्लाउड-स्क्विड के फिलिप रेजमूश शामिल हैं। ये कंपनियां वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा इंटीग्रेशन, वर्कफ़्लो ऑटोमेशन, आईओटी और कनेक्टिविटी सॉल्युशंस, एंटरप्राइज़ सॉफ्टवेयर तथा डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग एआई तकनीक के क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। इन कंपनियों का अनुभव और तकनीकी क्षमता मध्यप्रदेश के उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स और युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगी।
प्रतिनिधिमंडल इंदौर प्रवास के दौरान तकनीकी कार्यशालाओं और रणनीतिक चर्चाओं में शामिल रहेगा। प्रतिनिधिमंडल आईआईटी इंदौर में इनक्यूबेशन सेंटर का भ्रमण करेगा और स्थानीय स्टार्ट-अप्स से संवाद स्थापित करेगा। इसके बाद भोपाल प्रवास के दौरान उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और शैक्षणिक व तकनीकी संस्थानों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें होंगी। यह पूरा कार्यक्रम तकनीकी सहयोग, अनुसंधान और निवेश से जुड़ी ठोस संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा।
प्रतिनिधि मंडल के बी2बी व्यावसायिक बैठकें और कई तकनीकी साझेदारी के समझौते होंगे। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय निवेश और नई साझेदारियों के द्वार खुलेंगे। इस पहल से प्रदेश के उच्च कौशल वाले हजारों युवाओं के लिये रोजगार सृजित होगे। इससे प्रदेश के युवा वैश्विक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ सकेंगे। साथ ही राज्य में नए ‘अनुसंधान औऱ विकास’ केंद्रों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। यह दौरा मध्यप्रदेश के लिए एक व्यापक नवाचार यात्रा की बुनियाद सिद्ध होगा। इस दौरे से वैश्विक नॉलेज और कटिंग एज टेक्नोलॉजी से ट्रांस्फोर्मेटिव साझेदारी विकसित होगी, जो प्रदेश के स्टार्ट-अप्स और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त करेंगी। इस पहल से नवाचार हब के रूप में मध्यप्रदेश की स्थिति और सुदृढ़ होगी और आने वाले वर्षों में राज्य को भारत का टेक्नोलॉजी पॉवर हाउस बनाने की दिशा में निर्णायक गति मिलेगी।
कार्यक्रम का शैड्यूल
इंदौर-उज्जैन (18–20 अगस्त)
• 18 अगस्त: इनफोबीन्स मुख्यालय में स्वागत, “ बिल्डिंग ग्लोबल स्केल डिजिटल प्रोडक्ट्स फ्रॉम इंडिया” पर प्रेज़ेंटेशन, फाइरसाइड चैट, नेटवर्किंग लंच और वैलकम डिनर।
• 19 अगस्त: इनोवेशन लैब टूर, डिजाइन थिंगिंक वर्कशॉप, राउंड टेबल मीट और बीटूबी मैच-मेकिंग और शाम को सांस्कृतिक भ्रमण।
• 20 अगस्त: आईआईटी इंदौर और इनक्यूबेशन सेंटर उज्जैन का भ्रमण, स्टार्ट-अप्स से संवाद और साझेदारी चर्चाएँ।
भोपाल (21–22 अगस्त)
• 21 अगस्त: “इंवेस्ट इन एमपी” राउंडटेबल, एमपीआईडीसी मुख्यालय में बैठकें, बीटूबी मैच-मेकिंग और नेटवर्किंग डिनर।
22 अगस्त: विज्ञान औऱ तकनीक विभाग और बी-नेस्ट इनक्यूबेशन सेंटर का दौरा, आईएम ग्लोबार के ऑफिस का भ्रमण, कल्चरल हैरिटेज टूर और मीडिया ब्रीफिंग।
यह आयोजन इंक्यूबेशन मास्टर्स , जर्मनी- इंडिया इनोवेशन कॉरिडोर और एमपीआईडीसी के सहयोग से हो रहा है। यह राज्य की प्राथमिकताओं “आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” और “डिजिटल इंडिया” के अनुरूप है। भविष्य में अमेरिका, सिंगापुर, यूएई तथा अन्य तकनीकी अग्रणी देशों के साथ भी इसी तरह की सहयोग यात्राएँ आयोजित की जाएँगी, जिससे मध्यप्रदेश को एक ग्लोबल टेक-हब के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य सुदृढ़ होगा।
सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित कराएं : राज्यपाल पटेल
17 Aug, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिविल सेवा में चयनित लोकसेवक केन्द्र और राज्य सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों को सफल बनाएं। गरीब, वंचित और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति हमेशा संवेदनशील रहें और उनकी मदद आगे बढ़कर करें। विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएँ।
राज्यपाल पटेल रविवार को नर्मदा क्लब के सभागार में संकल्प संस्थान से चयनित सिविल सेवकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी सफल प्रतिभागियों को सफलता की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल पटेल ने संकल्प संस्थान के गुरूजन, मार्गदर्शक और सफल प्रतिभागियों को मंच से सम्मानित किया। प्रतिभावान छात्रों को निखारने और सफल बनाने के प्रयासों के लिए संस्थान की सराहना की।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि ऋग्वेद के अनुसार ज्ञानी लोग अज्ञानियों को भी ज्ञानवान बनाते हैं, अर्थात शिक्षा की उपयोगिता अशिक्षितों को भी शिक्षित बनाने में ही है। शिक्षा ही वह माध्यम है जो परिवार और समाज में बदलाव लाती है। राष्ट्र की प्रगति सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से विद्यार्थियों को बंधन मुक्त शिक्षा का अवसर देकर, नए भारत के निर्माण का संकल्प दिया है। विश्वगुरू भारत और नए विश्व के निर्माण के लिए जरूरी है कि युवा हमेशा नए सपने देंखे और बड़े सपने देंखे।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि संस्थान, प्रदेश के गरीब और वंचित वर्ग के प्रतिभागियों को संस्थान की विशेषज्ञता से लाभान्वित करने का विशेष प्रयास करें। दूरस्थ और ग्रामीण अंचल के युवाओं को तलाशने और तराशने के लिए का काम करें। उन्हें आगे बढ़ने प्रेरित और प्रोत्साहित करें। संस्थान, ऐसी व्यवस्था बनाने का चिंतन करें जो दूर-दराज के क्षेत्रों, जरूरतमंदों और प्रतिभावान बच्चों तक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने में मददगार हो। उन्होंने कहा कि संस्थान समाज और राष्ट्र उत्थान से जुड़े सामाजिक सरोकारों में आगे बढ़कर हिस्सा लें। शिक्षा से समाज सेवा का आदर्श प्रस्तुत करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि संस्थान को विश्व जगत की वर्तमान की समस्याओं और भविष्य की चुनौतियों के समाधान और दिशा दर्शन का केन्द्र बनना चाहिए।
राज्यपाल पटेल का कार्यक्रम में शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। संकल्प संस्थान के संस्थापक संतोष तनेजा ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरू विजय मनोहर तिवारी ने विद्वान वक्ता के रूप में अपने विचार रखे। सफल प्रतिभागियों को भावी जीवन की चुनौतियों और चिंतन की प्रेरणा दी। संस्थान से जुड़े शैलेन्द्र चौधरी और सुदीपिका ने सिविल सेवा में सफलता के लिए संस्थान से प्राप्त सहयोग और अनुभवों को साझा किया। आभार संकल्प भोपाल के वी.आर. नायडु ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में संस्थान के सदस्य, सफल प्रतिभागी, उनके परिजन उपस्थित थे।
इसे मर जाने दो यह जीकर क्या करेगी?, कुपोषण से शिवपुरी में लड़की की मौत
17 Aug, 2025 12:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवपुरी: आज बेटियां भले ही जमीन से लेकर आसमान तक बुलंदी के झंडे गाड़कर अपने देश का नाम रौशन कर रही हैं. लेकिन समाज में कई वर्ग और परिवार ऐसे हैं, जो बेटियों को आज भी अभिशाप मानते हैं. ऐसा ही एक उदाहरण शिवपुरी जिले के ग्राम खांदी में सामने आया है. यहां एक मासूम बच्ची दिव्यांशी पुत्री लाखन धाकड़ उम्र 1 साल 3 माह का उसके स्वजनों ने इलाज नहीं कराया. जिसकी वजह से वह बीमार होकर कुपोषण का शिकार हो गई और शनिवार को जिला अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गई.
बच्ची का परिजनों ने नहीं कराया इलाज
इस पूरे मामले में सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषिश्वर का कहना है कि "बच्ची को 1 अगस्त को दस्तक अभियान के तहत चिंहित किया गया. स्वजनों को इस बात के लिए समझाया गया कि वह बच्ची को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवा दें, लेकिन उसके परिवार वाले उसे अस्पताल में भर्ती करवाने को तैयार नहीं हुए. इसके बाद सरपंच से संपर्क कर मोहल्ले, पड़ोस के लोगों की पंचायत बुलवा कर दिव्यांशी के स्वजनों को समझाइश दी गई. इसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन इसके बावजूद उसके परिवार वाले उसे अस्पताल से लेकर घर भाग गए. शनिवार को बच्ची को जिला अस्पताल लेकर आए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी."
5 महीने से अपने मायके में बिहार थी मां
सीएमएचओ ने कहा, "बच्ची की मां खुशबू उसे लेकर पांच माह पहले अपने मायके चली गई थी. वहां से लौटकर आई तो 1 अगस्त को बच्ची को चिंहित किया गया. 4 अगस्त को उसे सतनवाड़ा स्वास्थ्य केंद्र भर्ती कराया गया. 5 अगस्त को सतनवाड़ा स्वास्थ्य केंद्र से बच्ची को जिला अस्पताल रेफर किया गया. यहां पीआईसीयू वार्ड में उसका उपचार चला. इसके बाद बच्चे को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. वहां 7 अगस्त तक तक बच्ची का उपचार चला और हालत स्थिर हो गई. मेडिकल कॉलेज से बच्ची को एनआरसी ले जाने की सलाह देकर डिस्चार्ज किया गया, लेकिन दिव्यांशी के स्वजन उसे एनआरसी ले जाने की बजाय वापस गांव ले गए. वहां बच्ची की तबीयत फिर से खराब हो गई."
बच्ची की उम्र 1 साल 3 माह
बच्ची का वजन 3.700 ग्राम
बच्ची का हिमोग्लोबिन 7.4 ग्राम
एमयूसी टेप से माप 6.4 सेमी
'ये लड़की है इसे मर जाने'
मासूम की मां खुशबू धाकड़ ने कहा, "मेरी सास को बेटी पसंद नहीं थी, जब मैंने बेटी को जन्म दिया तो उन्होंने मुझे और अधिक प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. बेटी बीमार होती तो उपचार करवाने से यह कहकर इंकार कर देती कि लड़की है इसे मर जाने दे. मेरी सास को कोई समझाता था, तो वह समझने को तैयार नहीं होती. पति और देवर से इलाज के लिए कहती तो वे मुझे मारते थे."
एयर इंडिया की फ्लाइट में लैंडिंग के दौरान जोरदार झटके, हलक में आई यात्रियों की जान
17 Aug, 2025 11:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: अहमदाबाद विमान हादसे के बाद एयर इंडिया की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब मध्य प्रदेश के ग्वालियर एयरपोर्ट पर एक बड़ा विमान हादसा टल गया. बेंगलुरु से ग्वालियर पहुंची एयर इंडिया की फ्लाइट IX2742 लैंडिंग के बाद अचानक दोबारा टेकऑफ कर गई और कुछ ही पलों बाद दोबारा जबरदस्त झटकों के साथ लैंड की गई. इस घटना के से विमान में बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया, सभी बेहद घबरा गए. बाहर आए यात्रियों ने विमान की लैंडिंग को लेकर कई आरोप लगाए.
विमान की 2 बार हुई रफ लैंडिंग
घटना शनिवार दोपहर की है. एयर इंडिया की बोइंग फ्लाइट सुबह 10:50 बजे बेंगलुरु से ग्वालियर के लिए रवाना हुई थी. लगभग 1:30 बजे फ्लाइट ने ग्वालियर एयरपोर्ट पर लैंडिंग की, लेकिन इसी दौरान बेहद तेजी से झटका लगा. इससे पहले कि यात्री कुछ समझ पाते, विमान ने दोबारा टेक ऑफ कर लिया. इसके बाद कुछ सेकंड्स में ही फ्लाइट की दोबारा लैंडिंग कराई गई, जो पहली से भी ज्यादा खतरनाक थी. यात्रियों के अनुसार, पायलट या क्रू की ओर से किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी गई, जिससे घबराहट और बढ़ गई.
'जान से किया गया खिलवाड़'
घटना के बाद विमान में मौजूद कई यात्रियों ने एयर इंडिया की सुरक्षा व्यवस्था और सेवाओं पर सवाल उठाए. एक यात्री ने नाराजगी जताते हुए कहा, "अगर कुछ हो जाता तो एयर इंडिया माला, अगरबत्ती चढ़ाती और पैसे दे देती." एक महिला यात्री ने बताया कि "लैंडिंग के दौरान लाइफ जैकेट्स तक सीट से बाहर आ गई थीं, जिससे यात्रियों में और डर फैल गया." एक अन्य पैसेंजर ने आरोप लगाया कि "फ्लाइट के अंदर पायलट द्वारा किसी तरह का कोई कम्युनिकेशन नहीं किया गया."
तकनीकी खराबी या पायलट की गलती?
कई यात्रियों ने तकनीकी खराबी की आशंका जताई है. एक यात्री के अनुसार, "लैंडिंग के समय प्लेन की दाएं विंग का एक पोर्शन नहीं खुला, जो स्पीड कंट्रोल करने के लिए जरूरी होता है. इसके अलावा, विमान की गति भी असामान्य रूप से तेज थी और लैंडिंग बिलकुल भी स्मूथ नहीं थी." घटना के बाद सभी यात्रियों ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को लिखित शिकायत सौंपी है और एयर इंडिया से जवाब मांग रहे हैं. यात्रियों ने यह भी मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए कड़ी जांच और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए.
सवालों के घेरे में एयर इंडिया की सेवाएं
मीडिया ने इस घटना के बारे में जानने के लिए एयरपोर्ट अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश कि लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. एयर इंडिया पहले ही अहमदाबाद घटना को लेकर आलोचना झेल रही है और अब ग्वालियर में हुई इस घटना ने यात्रियों के मन में कंपनी की सुरक्षा को लेकर और ज्यादा संदेह खड़े कर दिए हैं.
प्रमोशन में आरक्षण: फिर तारीख पर तारीख
16 Aug, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मप्र में 9 साल बाद सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन मिलने की आस जगी थी, लेकिन मामला एक बार फिर से अदालत में फंस गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कर्मचारियों की पदोन्नति का रास्ता खोल दिया है, लेकिन कुछ कर्मचारियों के कारण मामला हाई कोर्ट में चला गया है, जहां सुनवाई के लिए तारीख पर तारीख दी जा रही है। गौरतलब है कि प्रदेश में 2016 पर बैन लगा था। कई सरकारें आई-गई लेकिन मामला सुलझ नहीं पाया। अब डॉ. मोहन यादव सरकार ने कर्मचारियों को प्रमोशन देने की कवायद शुरू की है, लेकिन मामला एक बार फिर उलझ गया है। प्रमोशन में आरक्षण को लेकर दायर जनहित याचिका पर 14 अगस्त को मप्र हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में समय मांगा गया, जिसके पीछे कारण बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं सीएस वैद्यनाथन और तुषार मेहता को हाईकोर्ट में बहस के लिए नियुक्त किया गया है। सरकार ने निवेदन किया कि चूंकि दोनों वरिष्ठ अधिवक्ता राज्य का पक्ष रखेंगे, इसलिए उन्हें तैयारी के लिए समय दिया जाए।
चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने यह मांग स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 9 सितंबर की तारीख तय की है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुयश मोहन गुरु ने बताया कि चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा जो चार्ट पेश किया गया है, वह यह स्पष्ट नहीं करता कि आंकड़े जनगणना (सेंसर) के आधार पर हैं या फिर सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों के प्रतिनिधित्व के आधार पर। इस पर कोर्ट ने तुलनात्मक वस्तुस्थिति स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट ने यह भी कहा है की नई पॉलिसी में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन हुआ है या नहीं? यह भी बताया जाए। बता दें कि मध्यप्रदेश में लागू नई प्रमोशन नीति 2025 को लेकर अनारक्षित वर्ग के कर्मचारियों ने यह याचिका दायर की है। इससे पहले सुनवाई 12 अगस्त को प्रस्तावित थी, लेकिन चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच की उपलब्धता नहीं होने के कारण इसे 14 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया था।
नई नीति के तहत पदोन्नति नहीं दी जाएगी
पिछली सुनवाई में कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट को आश्वासन दिया था कि अगली सुनवाई तक किसी को नई नीति के तहत पदोन्नति नहीं दी जाएगी। मामले में भोपाल निवासी डॉ. स्वाति तिवारी सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने दलील दी है कि हाईकोर्ट पहले ही साल 2002 के प्रमोशन नियमों को आरबी राय केस में रद्द कर चुका है। इसके बावजूद राज्य सरकार ने नए सिरे से वही नीति लागू कर दी जबकि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और वहां यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी है। बता दें कि वर्ष 2016 से सुप्रीम कोर्ट में मप्र के कर्मचारियों की पदोन्नति संबंधी याचिका विचाराधीन होने से प्रदेश में कर्मचारियों के प्रमोशन पर रोक लगी थी। पदोन्नति का रास्ता खोलने के लिए डॉ. मोहन यादव कैबिनेट ने 17 जून को मप्र लोक सेवा प्रमोशन नियम-2025 को मंजूरी दी थी। सरकार ने पदोन्नति के नए नियमों के संबंध में 19 जून को गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने 26 जून को सभी विभागों को 31 जुलाई से पहले डीपीसी की पहली बैठक बुलाने के निर्देश दिए थे। सीएस के निर्देश पर सभी विभागों ने डीपीसी की बैठकें बुलाने की तैयारियां कर ली थीं। इस बीच पदोन्नति के नए नियमों के विरोध में कुछ कर्मचारी हाईकोर्ट पहुंच गए। हाईकोर्ट ने 7 जुलाई को कर्मचारियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को अगली सुनवाई (15 जुलाई) में कर्मचारियों की पदोन्नति के पुराने नियम (वर्ष 2002) और नए नियम (वर्ष 2025) में अंतर संबंधी तुलनात्मक चार्ट पेश करने का आदेश दिया था। साथ ही अगली सुनवाई तक पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। तभी से सभी 54 विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया पर रोक लगी है। हाईकोर्ट में 15 जुलाई को सुनवाई टल गई थी। फिर याचिका पर सुनवाई 12 अगस्त को प्रस्तावित थी, लेकिन चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच की उपलब्धता नहीं होने के कारण इसे 14 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया था। प्रदेश में नौ साल से पदोन्नति पर रोक लगी होने के कारण इस अवधि में एक लाख से ज्यादा कर्मचारी बगैर प्रमोशन मिले रिटाराई हो चुके हैं।
7 प्रोजेक्ट के आवासों पर मिले 500 किराएदार, कई मकानों को बेचा
16 Aug, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। राजधानी भोपाल में लोगों को अपना मकान मिल सके और झुग्गियां समाप्त हो इसे लेकर सरकार द्वारा हाउसिंग फॉर ऑल स्कीम के तहत लोगों को घर मुहैया कराया जा रहा है, लेकिन भोपाल में कुछ अपात्र लोगों ने भी इन घरों को खरीद लिया है। लगातार हो रही शिकायत के बाद पिछले 4 माह से जिला प्रशासन द्वारा शहर में बने हाउसिग फार आल के प्रोजेक्ट का सर्वे कराया गया। टीटीनगर एसडीएम अर्चना रावत शर्मा की टीम ने चार महीने में 7 जगह सर्वे किया है, जिसमें पता चला कि 500 आवास किराए से चल रहे हैं।
सर्वे रिपोर्ट को अब कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को भेजा दिया गया है। अब इन आवासों को निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी। टीटीनगर एसडीएम अर्चना रावत शर्मा ने बताया कि रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। निर्देश के बाद इस पर कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होने बताया कि सर्वे में यह साफ हो गया कि लोग योजना का गलत उपयोग कर रहे हैं।
1062 आवासों में ताला लगा
आवासों की जांच टीम द्वारा हाउसिंग फार आल (एचएफए) समेत अन्य योजनाओं के तहत आवंटित मकानों का सर्वे किया गया। इसमें सात प्रमुख प्रोजेक्ट श्याम नगर, अर्जुन नगर फेज-एक, फेज-टू, गंगा नगर, आंबेडकर नगर, राहुल नगर और मद्रासी कालोनी शामिल हैं। इन स्थानों पर चार हजार 561 आवास बने हैं, इनमें से तीन हजार 297 में लोग रह रहे हैं, इन्हीं में से करीब 500 आवास किराए पर हैं और 202 को बेंच दिया गया है। 1062 में ताला लगा है।
सातों प्रोजेक्ट की स्थित
श्याम नगर- 1440 मकान बनाए गए हैं। वर्तमान में 987 लोग रहते हैं। 101 मकान बेच दिए गए। 244 मकान में ताला लगा पाया गया है।
अर्जुन नगर फेज 1- यहां पर 572 मकान है, जिसमें 283 मकान में लोग निवास कर रहे हैं। 27 मकान बेच गए हैं। 156 मकान में ताला लगा पाया गया।
अर्जुन नगर फेज 2- 282 मकान में से 143 मकान में लोग निवास कर रहे हैं। चार मकान बेच दिए गए हैं। 79 मकान में ताला लगा पाया गया।
गंगानगर- 864 मकान बने हैं। 379 मकान में लोग रह रहे हैं। 30 फ्लैट बेच दिए गए हैं। 406 में ताला लगा पाया गया।
अंबेडकर नगर- 300 मकान है। 266 में लोग रह रहे हैं। 10 मकान बेच दिए गए हैं। 17 में ताला लगा पाया गया।
राहुल नगर- 832 मकान है।728 में लोग रह रहे हैं।17 मकान बेच दिए गए। 75 मकान में ताला लगा पाया गया।
मद्रासी कॉलोनी- 576 आवास है जिसमें 511 में लोग रह रहे हैं। 13 मकान बेच दिए गए। 85 में ताला लगा पाया गया।
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