मध्य प्रदेश
हरतालिका तीज पर महिलाओं को रेलवे का बड़ा गिफ्ट, ससुराल और मायके के लिए स्पेशल ट्रेन
24 Aug, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शहडोल: हरतालिका तीज के पावन पर्व पर ज्यादातर महिलाएं ससुराल से मायके या मायके से ससुराल पहुंचती हैं. ऐसे में रेलवे ने आने वाले तीज पर्व को देखते हुए महिलाओं को स्पेशल ट्रेन की सुविधा दी है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे तीजा पर्व के मौके पर 2 स्पेशल ट्रेन चलाने जा रहा है क्योंकि इस पर्व के समय आवागमन ज्यादा होता है. जिससे ट्रेनों में काफी भीड़ भी होती है. इसको ध्यान में रखते हुए रेलवे ये 2 स्पेशल ट्रेन चलाने जा रही है.
हरतालिका तीज पर 2 स्पेशल ट्रेनों की सुविधा
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के पीआरओ अंबिकेश साहू ने बताया कि "तीजा पर्व को ध्यान में रखते हुए महिला यात्रियों की विशेष सुविधा के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे दो जोड़ी तीजा फेस्टिवल फास्ट मेमू ट्रेन चलाने जा रहा है. ये गाड़ियां
रायपुर-अनूपपुर-रायपुर और रायपुर-ताड़ोकी-रायपुर के बीच चलेंगी."
गाड़ी संख्या 06803/06804 रायपुर-अनूपपुर-रायपुर तीजा फेस्टिवल फास्ट मेमू 24 और 28 अगस्त 2025 को चलाई जाएगी.
गाड़ी संख्या 06805/6806 रायपुर-ताड़ोकी-रायपुर तीजा फेस्टिवल फास्ट मेमू 25 और 29 अगस्त को चलाई जाएगी.
कब-किस समय पर चलेगी ट्रेन
तीजा स्पेशल फास्ट मेमू रायपुर-अनूपपुर ट्रेन 24 और 28 अगस्त को सुबह 04.50 बजे रवाना होगी. जो इस रूट के कई स्टेशन में रुकते हुए भाटापारा, उसलापुर, पेंड्रा होते हुए अनूपपुर सुबह 10.15 बजे पहुंचा देगी. इसी तरह अनूपपुर-रायपुर तीजा फेस्टिवल फास्ट मेमू ट्रेन अनूपपुर से 24 और 28 अगस्त को 13.30 बजे दोपहर रवाना होगी, जो पेंड्रा, उसलापुर होते हुए भाटापारा रूट होते हुए रायपुर पहुंचेगी. आते और जाते दोनों समय इस दौरान ये स्पेशल फास्ट मेमू ट्रेन इन रूटों के कई छोटे-बड़े स्टेशनों पर रुकते हुए जाएगी.
इसके अलावा रायपुर-ताड़ोकी तीजा स्पेशल ट्रेन 25 और 29 अगस्त को 6 बजे सुबह रवाना होगी और 10.15 बजे ताड़ोकी स्टेशन पहुंचेगी. इसके अलावा ताड़ोकी-रायपुर स्पेशल ट्रेन 25 और 29 अगस्त को दोपहर में 12 बजे रवाना होगी, जो कि 16.25 बजे रायपुर पहुंचेगी.
शहडोल संभाग को सबसे ज्यादा फायदा
तीजा का पावन पर्व 26 अगस्त को है. शहडोल संभाग में भी तीजा का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. तीजा के इस पावन पर्व के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने ये जो 2 स्पेशल ट्रेन चलाई हैं. इसमें एक ट्रेन रायपुर से अनूपपुर तक के लिए है, जो शहडोल संभाग के महिला यात्रियों के लिए बहुत ही अच्छी ट्रेन है क्योंकि शहडोल संभाग छत्तीसगढ़ से लगा हुआ इलाका है. यहां आज भी छत्तीसगढ़ में शहडोल संभाग के कई लोगों की रिश्तेदारी है और लोगों का वहां आना जाना लगातार होता है. ऐसे में इसका सबसे अधिक फायदा महिला यात्रियों को मिलेगा.
प्रदेश के 14 हजार पात्र बंदियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मिली सजा में छूट
23 Aug, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जेल विभाग को प्रदेश की जेलों के पात्र दंडित बंदियों की सजा में लगभग 60 दिन की छूट देने के निर्देश दिए हैं। सजा में दी गई इस छूट से विभिन्न जेलों में बंद 21 हजार बंदियों में से लगभग 14 हजार बंदी लाभान्वित होंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की इस समय पूर्व रिहाई नीति में आतंकवादी गतिविधि, लैंगिक अपराध (पास्को, बलात्कार), मादक पदार्थ और दो से अधिक हत्या जैसे गंभीर अपराध के दोषी बंदी पात्र नहीं होते हैं, उनकी सजा यथावत रहेगी।
देहदान का पुण्यकारी निर्णय परोपकार की अद्वितीय मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
23 Aug, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देहदान करने वाली भोपाल निवासी रमा चौदा जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि देहदान का यह पुण्यकारी निर्णय समाज में करुणा, सहअस्तित्व की भावना और परोपकार की अद्वितीय मिसाल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुसार राज्य शासन द्वारा गांधी मेडिकल कॉलेज में देहदान के उपरांत रमा को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ ससम्मान अंतिम विदाई दी गई। भोपाल में यह पहला अवसर है जब किसी का राजकीय सम्मान के साथ देहदान संपन्न हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फ्लाईओवर और सड़क परियोजनाओं के लिए महाकौशलवासियों को दी बधाई
23 Aug, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर के फ्लाईओवर सहित दो सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं के आज हो रहे लोकार्पण और सड़क निर्माण व चौड़ीकरण संबंधी 6 कार्यों के शिलान्यास के लिए महाकौशलवासियों को बधाई दी। उन्होंने कटनी में शनिवार को आयोजित मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0 के लिए भी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर प्रवास से पहले जारी अपने संदेश में कहा कि जबलपुर का एलिवेटेड कॉरिडोर प्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाईओवर होगा। हमारा सौभाग्य है कि लोकार्पण समारोह में केंद्रीय केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी पधार रहे हैं। कार्यक्रम में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकौशल में कटनी और शहडोल खनन गतिविधियों का प्रमुख केन्द्र है। कटनी में खनन आधारित उद्योगों में निवेश बढ़ाने के लिए माइनिंग इंडस्ट्री कॉन्क्लेव-2025 का आयोजन हो रहा है। इस आयोजन में देश के कई प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर से बेहतर दोहन करते हुए राज्य सरकार गरीब कल्याण, युवाओं के रोजगार और नारी सशक्तिकरण किसान कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं। राज्य सरकार ने अलग-अलग सेक्टर्स में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाया हुआ है, जिससे प्रदेश के हर वर्ग के लोगों को लाभ मिल रहा है। अब प्रदेश के युवाओं को दूसरे राज्यों में काम करने के लिए नहीं जाना पड़ेगा। सरकार के इन प्रयासों से उन्हें अपनी क्षमता और योग्यता के बल पर प्रदेश में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। मध्यप्रदेश देश का नंबर-1 राज्य बनेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार पूरी क्षमता के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है।
पानी में उगने वाली ड्रग्स को लेकर डीआरआई टीम ने किया दो को गिरफ्तार
23 Aug, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में लगातार नशीली ड्रग्स की खेप पकड़ी जा रही है। कहीं ड्रग्स की फैक्ट्री मिल रही है तो कहीं विदेशी सप्लायर इसे प्रदेश में खपा रहे हैं। वहीं अब भोपाल रेलवे स्टेशन पर एक ऐसी ड्रग पकड़ी गई है, जो पानी में उगती है। रेव पार्टियों में इस्तेमाल होने वाली ये गांजे की एक महंगी किस्म की ड्रग है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत एक करोड़ रुपए किलो है। इसे देखते हुए लोग कह रहे हैं कि उड़ता पंजाब के बाद कहीं यह उड़ता मध्य प्रदेश की निशानी तो नहीं है?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह कार्रवाई भी केंद्र सरकार की एजेंसी डीआरआई द्वारा भोपाल और बेंगलुरू में एक साथ की गई है। बताया जा रहा है कि पकड़ी गई ड्रग्स पानी में उगने वाला विदेशी गांजा है जिसे हाइड्रोपोनिक वीड के नाम से जाना जाता है। डीआरआई के अफसरों ने भोपाल जंक्शन पर दो आरोपियों के पास से 24.186 किग्रा हाइड्रोपोनिक वीड बरामद किया है। डीआरआई की टीम ने यह कार्रवाई 20 अगस्त को बेंगलुरु और भोपाल स्टेशन पर एक साथ की, जिसकी जानकारी अब सामने आई है। बेंगलुरु में 29.88 किग्रा हाइड्रोपोनिक वीड जब्त की है।
रिपोर्ट के मुताबिक बताया जा रहा है कि डीआरआई ने ऑपरेशन वीड आउट चलाकर तस्करी में शामिल गिरोह का भंडाफोड़ किया। तस्करों के मास्टरमाइंड आरोपी सहित पांच यात्रियों को भी गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह सोशल मीडिया के जरिए कॉलेज ड्रॉप आउट, अंशकालिक नौकरी पेशा या बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाते थे। डीआरआई की टीम ने राजधानी एक्सप्रेस में सवार दो यात्रियों के सामान की तलाशी ली थी। बेंगलुरु में 29.88 किग्रा हाइड्रोपोनिक वीड मिला। साथ ही एक टीम ने 19 अगस्त 2025 को बेंगलुरु से राजधानी ट्रेन में सवार हुए 2 यात्रियों से भोपाल जंक्शन पर पकड़ा था। इस बीच गिरोह के सहयोगी मास्टरमाइंड का नई दिल्ली में पता चला। उसके कब्जे से 1.02 करोड़ रुपए की मादक पदार्थों की तस्करी की राशि बरामद की गई। भोपाल में हुई जांच के बाद 20 अगस्त को थाईलैंड से बेंगलुरु पहुंचे एक यात्री को 21 अगस्त की सुबह बेंगलुरु के एक होटल में रोका गया। उससे 17.958 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड मिला।
विशेषज्ञों के मुताबिक हाइड्रोपोनिक वीड जिसे मरिजुआना भी कहते हैं। यह गांजे की एक वैरायटी है जो कि हाइड्रोपोनिक तकनीक से समुद्री पानी में उगती है। यह भारत में जमीन में उगने वाले पारंपरिक गांजे से ज्यादा नशीला होता है। इसकी कीमत भी पारंपरिक गांजा से कई गुना ज्यादा है। इसकी मांग रेव पार्टियों में ज्यादा होती है। ये वीड थाईलैंड, कनाडा, यूएसए में उगाई जाती है, इसलिए फ्लाइट में पार्सल के जरिए ही इसकी सप्लाई होती है।
प्रदेश महामंत्री सबनानी ने मुकेश नायक की अभद्र भाषा को लेकर दी प्रतिक्रिया
23 Aug, 2025 08:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी ने कांग्रेस के प्रदेश मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक द्वारा प्रशासनिक अधिकारी के प्रति अभद्र शब्दों के प्रयोग को निंदनीय बताते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता लंबे समय तक विपक्ष में रहने के कारण बौखला गए हैं। इसीलिए वो कभी महिलाओं, कभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे राष्ट्रवादी संगठन और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। कांग्रेस नेता नौटंकी और हास्यास्पद हरकतों के सहारे सुर्खियां बटोरना चाहते हैं, लेकिन मध्यप्रदेश की जनता सब देख रही है और आने वाले समय में कांग्रेस को मानसिक दिवालियापन का करारा जवाब देगी।
मानसिक तौर पर कंगाल हुई कांग्रेस
भाजपा के प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता मानसिक तौर पर कंगाल हो चुके हैं। उनके पास अपनी बात कहने के लिए शब्द ही नहीं बचे हैं, इसलिए वो अभद्र शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। श्री सबनानी ने कहा कि प्रशासन के अधिकारी शासन के प्रति उत्तरदायी होते हैं, उनका किसी से कोई लेना-देना नहीं होता, वो अपना काम करते हैं और जनता की समस्याओं का समाधान करते हैं, लेकिन आश्चर्य की बात है कि कांग्रेस के नेता उनके प्रति ऐसी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के इस व्यवहार की मैं कड़ी निंदा करता हूं और उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में जहां कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां भी कांग्रेस के नेता प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति ऐसी ही भाषा, ऐसे ही विशेषणों का प्रयोग करते हैं?
भाजपा सरकारों ने महिला सशक्तिकरण के लिए किए अनेक कार्य
भाजपा के प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में भाजपा सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कार्य किए है। प्रदेश में लाड़ली बहना योजना के माध्यम से बहनों की आर्थिक मजबूती और सामाजिक सम्मान को सुनिश्चित किया है, जबकि कांग्रेस नेता आए दिन बहनों को अपमानित करने का काम कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में हमारी सरकार के कार्यक्रम बच्चियों के पैर पूजने से शुरू होते हैं, लेकिन कांग्रेस के नेता अपनी बौखलाहट में माता-बहनों के प्रति भी अभद्र शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता माता-बहनों का ऐसा अनादर बर्दाश्त नहीं करेंगे और भाजपा महिला मोर्चा ने आज राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में महिला विरोधी कांग्रेस को आईना दिखाने का काम किया है। महिलाओं के इस अपमान का विरोध जारी रहेगा।
भोपाल से जबलपुर के बीच बनाया जाएगा 255 किलोमीटर लंबा नया ग्रीन फील्ड हाई-वे : केन्द्रीय मंत्री गडकरी
23 Aug, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश के लिये शनिवार का दिन ऐतिहासिक रहा। इस दिन केन्द्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 4250 करोड़ से अधिक की लागत वाली 174 किलोमीटर लंबी 9 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें देश का सबसे बड़ा दमोह नाका-रानीताल-मदनमहल-मेडिकल रोड फ्लाय ओवर भी शामिल है। जबलपुर के महानद्दा में आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने मध्यप्रदेश के लिये 60 हजार करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न सड़क परियोजनाओं की घोषणाएँ भी की।
जबलपुर के रानी दुर्गावती फ्लाई ओवर के लिए देश में पहली बार 1200 करोड़ रुपए का सेंट्रल रोड फंड मंजूर
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि देश को 2047 तक शक्तिशाली और विश्वगुरु बनाने के संकल्प के साथ कार्य जारी है। भारत अभी 22 लाख करोड़ रुपए का ईंधन आयात कर रहा है। लेकिन हाइड्रोजन हमारे भविष्य का ईंधन है। हाइड्रोजन के बल पर हम ऊर्जा का निर्यात करेंगे, हमारा अन्नदाता, ऊर्जा उत्पादक होगा और वह समृद्ध भी होगा। देश में केवल स्मार्ट शहर नहीं, स्मार्ट विलेज भी बनेंगे। गांव का युवा गांव में ही रोजगार पाए, यही हमारा सपना है। मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। देश में 2000 अमृत सरोवर बने हैं, जिनमें से 109 मध्य प्रदेश के हैं। इनसे निकली मिट्टी सड़कों के निर्माण में उपयोग की गई और मिट्टी निकालने से बनीं संरचनाओं को जल संचय कर आसपास के क्षेत्रों का भूजल स्तर बढ़ाने के लिए तालाब के रूप में उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जबलपुर में निर्मित रानी दुर्गावती फ्लाई ओवर के लिए देश में पहली बार 1200 करोड़ रुपए का सीआरएफ (सेंट्रल रोड फंड) मंजूर किया गया है।
साढ़े 4 घंटे में पहुंचेंगे ग्वालियर से दिल्ली
केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए 3 लाख करोड़ रुपए की सड़क परियोजनाएं स्वीकृत की हैं, जिनमें से 75 हजार करोड़ के कार्य पूरे किए हैं और 65 हजार करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं। आगामी समय में डेढ़ लाख करोड़ रुपए लागत से करीब ढाई हजार किलोमीटर के कार्य डीपीआर के लिए रखे हैं। मध्यप्रदेश में 33 हजार करोड़ रुपए की लागत से 5 ग्रीन फील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इंदौर से हैदराबाद कॉरिडोर पर ओंकारेश्वर के पास नर्मदा नदी पर एक भव्य ब्रिज का निर्माण किया गया है। जल्द ही इसका उद्घाटन किया जाएगा। उज्जैन-गरोठ 4 लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे, भोपाल से कानपुर 440 किलोमीटर लंबा 4 लेन इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने पर 15 घंटे की यात्रा 8 घंटे में पूरी होगी। आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे का भूमिपूजन भी जल्द होगा। साढ़े 4 घंटे में ग्वालियर से दिल्ली पहुंचेंगे। दिल्ली से मुंबई के बीच बनाए जा रहे एक्सप्रेस वे में मध्यप्रदेश में 245 किलोमीटर का हिस्सा बनकर पूरा हो गया है। मुंबई में भी कार्य अंतिम चरण में है।
एक ही रोड से जुड़ेंगे कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना और पेंच टाइगर रिजर्व
केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि आज जबलपुर से 15 हजार करोड़ रुपए लागत की सड़क परियोजनाओं की घोषणा की जा रही है। जबलपुर से मंडला और छत्तीसगढ़ सीमा तक 2.5 हजार करोड़ रुपए का 150 किलोमीटर का 6 लेन के चौड़ीकरण का कार्य किया जाएगा, यह कार्य 6 महीने में शुरू होगा। सिवनी-छिंदवाड़ा-सावनेर 4 लेन चौड़ीकरण का कार्य 2.5 हजार करोड़ रुपए लागत से आगामी 6 माह में शुरू किया जाएगा। खरगोन-देशगांव-जुलवानिया मार्ग के 108 किलोमीटर 4 लेन चौड़ीकरण का कार्य 2300 करोड़ रुपए से किया जाएगा तथा महाराष्ट्र सीमा तक बैतूल-परसवाड़ा 2 लेन मार्ग को भी मंजूरी दी गई है। बालाघाट से मंडला के बीच बेहतर संपर्क के लिए सड़क बनाई जाएगी। मध्य प्रदेश में टाइगर कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत जबलपुर से बांधवगढ़ तक 4600 करोड़ रुपए की लागत से 4 लेन सड़क बनाई जानी थी, जिसे बढ़ाकर अब 5500 करोड़ रुपए किया गया है। यह रोड कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना और पेंच टाइगर रिजर्व को कनेक्ट करेगी। इससे मध्यप्रदेश के टूरिज्म, आर्थिक विकास और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होगी।
उज्जैन में 510 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी नई सड़क और फ्लाई ओवर
केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कहा कि भारत सरकार प्रदेश में जिला स्तर तक जल्द ड्राइविंग सेंटर आरंभ करने की इच्छुक है। इसके लिए प्रस्ताव राज्य सरकार की ओर से शीघ्रता से भेजे जाएं। केंद्र द्वारा इन्हें तत्काल स्वीकृति प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सीआरएफ फंड से 1500 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की जा रही है। इससे उज्जैन, जबलपुर और रीवा में नए फ्लाई ओवर बनाए जाएंगे। उज्जैन में 510 करोड़ रुपए की लागत से नई सड़क और फ्लाई ओवर बनेंगे। अशोकनगर से विदिशा के बीच 96 करोड़ रुपए की लागत से सड़क बनाई जाएगी। उज्जैन में कालभैरव मंदिर की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ब्रिज बनाया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि भोपाल से जबलपुर के बीच 255 किलोमीटर लंबा नया ग्रीन फील्ड हाईवे बनाया जाएगा, जिसकी लागत 15 हजार करोड़ रुपए होगी। इसके लिए डीपीआर दिसंबर तक पूर्ण कर लिया जाएगा। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण होने पर अप्रैल-मई 2026 से हाईवे निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। लखनादौन से रायपुर के बीच 220 किलोमीटर लंबा 4 लेन हाईस्पीड कॉरिडोर, 10 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा, यह रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से कनेक्ट होगा। इस प्रकार मध्यप्रदेश सीधे विशाखापट्टनम बंदरगाह से जुड़ेगा। इंदौर से भोपाल 160 किलोमीटर ग्रीन फील्ड कॉरिडोर को स्वीकृति दी जा रही है। इसकी लागत 12 हजार करोड़ रुपए होगी।
60 हजार करोड़ रुपए से अधिक लागत की सड़क विकास परियोजनाओं की घोषणा
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि आज मध्यप्रदेश के लिए 60 हजार करोड़ से ज्यादा लागत की सड़क विकास परियोजनाओं की घोषणा की गई है। सतना-चित्रकूट 4 लेन, रीवा-सीधी 4 लेन, ग्वालियर-भिंड 4 लेन बनाए जाएंगे। उज्जैन-झालावाड़ मार्ग 2 हजार करोड़ रुपए, बदनावर-टिमरनी मार्ग 2 हजार करोड़ रुपए से विकसित होगा। बमीठा-पन्ना-सतना 4 लेन, खजुराहो और बांघवगड़ राष्ट्रीय उद्यानों को कनेक्ट करेगा। खंडवा-बैतूल 4 लेन 4 हजार करोड़ रुपए, इंदौर 6 लेन पूर्वी बायपास 3.5 हजार करोड़ रुपए, जबलपुर-दमोह 1700 करोड़ रुपए, संदलपुर-नसरुल्लागंज-बुधनी-शाहगंज 3.5 हजार करोड़ रुपए से जून 2027 तक पूरा होगा। जबलपुर-डिंडौरी 4 लेन 200 किलोमीटर मार्ग दिसंबर 2026 तक पूरा होगा। इंदौर से हरदा 4 लेन 3400 करोड़ रुपए, ग्वालियर में पश्चिमी बायपास 1300 करोड़ रुपए, इंदौर में 6 लेन बायपास 3 हजार करोड़ रुपए लागत की परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की जा रही है। मध्यप्रदेश में 2100 करोड़ रुपए की लागत से 7 रोपवे बनाए जा रहे हैं। इसमें उज्जैन स्टेशन से महाकाल मंदिर, जबलपुर में एम्पायर टॉकीज से गुरुद्वारा, जबलपुर में सिविक सेंटर से बड़ाफुआरा भी शामिल हैं। केंद्र सरकार ने वार्षिक पास जारी कर टोल को कम कर दिया है। इसका अच्छा रिस्पांस मिला है। एक साल के 3000 रुपए का पास दिया जा रहा है, जिससे 200 टोल नि:शुल्क क्रास किए जा सकेंगे।
यात्री परिवहन सेवा को बनाया जायेगा सुगम
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि जबलपुर के नगरीय विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा समन्वित रूप से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्री परिवहन सेवा को सुगम बनाया जायेगा। भविष्य में फ्लैश चार्जिग बसें चलाई जायेंगी। उन्होंने बताया कि नागपुर में फ्लैश चार्जिंग अत्याधुनिक बसें शुरू की गई हैं। इस 160 सीटर एसी बस में बस होस्टेस भी कार्यरत होंगी। बस का किराया डीजल बस की तुलना में 30 प्रतिशत कम होगा, बसों की क्षमता और सुविधाएं मेट्रो के समान होंगी। देश में अभी मेट्रो निर्माण में 500 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर खर्च आ रहा है। यह बस 2 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर में संचालित होती हैं। ये बसें जनसामान्य को राहत देंगी। आधुनिक बस और हाईवे नेटवर्क से यात्रियों का सफर आसान होगा। जिस प्रकार रोड नेटवर्क में सुधार हुआ है उसी प्रकार परिवहन के साधनों को भी विश्वस्तरीय किया जाएगा। अत्याधुनिक बस निर्माण परियोजना में टाटा समूह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएगा। ईंधन के नए विकल्प आने से हमारी निर्भरता पेट्रोल-डीजल पर निरंतर कम होती जाएगी।
सड़कों के आधार पर बदलता है देश का भाग्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सड़कों के आधार पर देश का भाग्य बदलता है। यह हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सड़क आधोसंरचना निर्माण और विस्तार का दायित्व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी संभाल रहे हैं। यह गडकरी के प्रबंधन का चमत्कार है कि देश में सड़क और अधो-संरचना निर्माण के लिए वह कभी पैसे की कमी होने ही नहीं देते। देश की सीमा पर जवान और खेत में किसान की सजगता और मेहनत से ही देश की ताकत बनती है। बेहतर रोड नेटवर्क दोनों की ही सक्रियता और सामर्थ्य का आधार हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सुगम संपर्क, तेज विकास, बेहतर सुरक्षा और सब की समृद्धि सुनिश्चित करने के प्रण को पूरा करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्धता के साथ अद्यतन अधोसंरचना निर्माण के लिए निरंतर सक्रिय है। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने महाकौशल सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों और निवासियों की रोड नेटवर्क संबंधी आकांक्षा-अपेक्षा को पूर्ण किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को दी गई रोड नेटवर्क संबंधी सौगातों के लिए प्रदेशवासियों की ओर से केंद्रीय मंत्री गडकरी का अभिवादन करते हुए आभार माना।
विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति के लिए बह रही है विकास की गंगा : मंत्री सिंह
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि केंद्रीय मंत्री गडकरी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति के लिए विकास की गंगा बह रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेश के नए-नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि भारत में 21वीं सदी, अधोसंरचना विकास के लिए है। केंद्रीय मंत्री गडकरी की पहल पर देश में पहली बार नागपुर में हाइड्रोजन बसें चलाई जा रही हैं। उन्होंने एक टाइगर सर्किट और टाइगर एक्सप्रेस वे बनाने का सुझाव दिया। मंत्री सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने लोकपथ ऐप तैयार किया है, जिसमें गड्ढे की फोटो अपलोड करने पर 7 दिन में इसे ठीक करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में सड़क निर्माण के लिए पेड़ों की शिफ्टिंग की जा रही है। स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर से स्ट्रांग एमपी की यात्रा तेज गति से चल रही है।
केंद्रीय मंत्री गडकरी की अधोसंरचना और विकास की दूरदृष्टि : मंत्री पटेल
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने केंद्रीय मंत्री गडकरी की सड़क अधोसंरचना विकास में दूरदृष्टि और व्यहारिकता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने दमोह को राष्ट्रीय राजमार्ग की सौगात दी। साथ ही लखनादौन से ललितपुर के बीच दुर्घटना प्रभावित क्षेत्र समाप्त करने के लिए 27 ओवरब्रिज को स्वीकृति प्रदान की। सांसद जबलपुर आशीष दुबे ने कहा कि वीरांगना दुर्गावती के शहर जबलपुर में आज केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में नवाचार एक चमत्कार के रूप में धरातल पर उतरा है। उन्होंने जबलपुर के चारों ओर विद्यमान पर्यटन की असीम संभावनाओं के दृष्टिगत जबलपुर से बांधवगढ़ की रोड कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने का अनुरोध किया।
लोकार्पण समारोह में उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उईके, सांसद वी.डी. शर्मा, जनार्दन मिश्रा, राज्यसभा सदस्य सुमित्रा बाल्मीक, विधायक अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी, डॉ. अभिलाष पांडे, नीरज सिंह ठाकुर, संतोष बरकड़े, महापौर जगत बहादुर सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।
पैसों के लिए बेटे ने तोड़ा रिश्ता, मां को मार डाला, पिता की मिन्नतें रह गईं अधूरी
23 Aug, 2025 06:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अशोकनगर : मध्य प्रदेश के अशोकनगर से झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एक बेटे ने पिता के सामने अपनी मां को मौत के घाट उतार दिया। बचाने आए पिता के सिर में भी डंडा मार दिया था। मां की हत्या का कारण सिर्फ इतना था कि उसने बेटे को पैसे नहीं दिए थे।
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार नईसरायं थाना क्षेत्र के अखाईघाट गांव के रहने वाले भगल्ली और उनकी पत्नी भागवती घर के निकट ही स्कूल के पास बैठे थे। इसी दौरान उनका बेटा शीलकुमार वहां आया और अपनी मां से पैसों की मांग करने लगा। भागवती ने कहा कि उसके पास पैसे नहीं हैं तो शीलकुमार अपनी मां को ही गालियां देने लगा। पिता ने जब उसे रोका तो उसने डंडे से पिता पर हमला कर दिया।
सिर में डंडा मारा, मौके पर ही ढेर हो गई मां
शीलकुमार ने पिता के सिर पर जोरदार डंडे से प्रहार कर दिया। कुछ समय के लिए उनकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया। इसी दौरान उसने अपनी मां को मारना शुरू कर दिया पिता बीच में आया तो फिर से डंडा मारकर उन्हें घायल कर दिया और मां के सिर में इतनी जोर से डंडा मारा कि मां वहीं ढेर हो गई। मां को जमीन पर पड़ा देखकर वह मौके से भाग निकला।
स्कूल के बाथरूम में छिपा दिया था डंडा
भगल्ली आदिवासी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पुत्र शीलकुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम बनाकर सर्चिंग शुरू कराई तो मां का हत्यारा महज 24 घंटे में पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि मां को जिस डंडे से मारा था। उसे स्कूल के बाथरूम में छिपा दिया है। पुलिस ने वह भी बरामद कर लिया।
ऑपरेशन थिएटर के बाहर बैठकर सर्जरी! भोपाल में पहुंची भारत की पहली मोबाइल रोबोटिक यूनिट
23 Aug, 2025 05:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भारत में बनी पहली मोबाइल टेली रोबोटिक सर्जरी यूनिट एसएसआई मंत्रा एम राजधानी भोपाल पहुंची। शहर के एक नजी अस्पताल में एक महिला की बच्चेदानी निकालने की सर्जरी (हिस्ट्रैक्टोमी) की गई। जिसमें मरीज ओटी में थी, जबकि ऑपरेटिंग सर्जन बस में लगे टेली रोबोटिक कंसोल पर मौजूद थीं। यह सर्जरी डॉ. प्रिया भावे चित्तावर और उनकी टीम द्वारा की गईं। डॉ. चित्तवार के अनुसार, यह मध्य भारत में महिलाओं पर की गई पहली टेली-रोबोटिक सर्जरी और भारत में दूसरी ऐसी प्रक्रिया है जिसमें सर्जन दूरस्थ कंसोल से रोबोट को नियंत्रित करते हैं और ओटी में रोबोट वास्तविक सर्जरी करता है। नियंत्रण पूरी तरह सर्जन के हाथ में रहता है। बस के भीतर लगे कंसोल से सर्जन ने इंस्ट्रूमेंट आर्म्स को कंट्रोल किया, जबकि ओटी के भीतर रोबोट ने सटीक मूवमेंट्स से टिश्यू डिसेक्शन और हेमोस्टेसिस को अंजाम दिया। कैंपस में आए डॉक्टरों और पीजी विद्यार्थियोंं ने लाइव-फीड पर प्रक्रिया देखी और सिस्टम की बारीकियों को समझा।
विशेषज्ञों की कमी वाले क्षेत्रों में भी होगी क्वालिटी सर्जरी
मोबाइल टेली-रोबोटिक यूनिट एसएस इनोवेशन ने विकसित की है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां रोबोटिक सर्जरी की पहुंच कम है, वहां टेक्नोलॉजी को मरीज तक ले जाना। टीम का विजन ऐसा नेटवर्क बनाना है कि भोपाल के विशेषज्ञ जरूरत पड़ने पर किसी दूरस्थ जिले के ओटी में रोबोट के जरिए सर्जरी कर सकें। इससे विशेषज्ञों की कमी वाले क्षेत्रों में भी क्वालिटी सर्जरी, समय पर उपलब्ध हो सकेगी।
700 किमी का सफर पर है यूनिट
जानकारी के मुताबिक यह रोबोटिक सर्जिकल यात्रा 21 अगस्त को गुरुग्राम से शुरू हुई है। भोपाल के बाद यूनिट इंदौर और फिर जबलपुर जाएगी। कुल 9 दिनों में लगभग 700 किमी का सफर तय करते हुए यह बस कई शहरों में रुकेगी, जहां डॉक्टर्स, मेडिकल स्टूडेंट्स और हेल्थ-स्टाफ के लिए लाइव डेमो और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग आयोजित की जा रही है।
जाने क्या है टेली-रोबोटिक सर्जरी
1- सर्जन OT में मौजूद न हो तो भी लो-लेटेंसी कनेक्टिविटी (फाइबर,5G या समर्पित नेटवर्क) के माध्यम से कंसोल से रोबोटिक आर्म्स को चलाते हैं।
2- 3D हाई-डेफिनिशन विजन और फाइन मूवमेंट से सूक्ष्म कट, कम खून बहाव और बेहतर टिश्यू प्रिजर्वेशन संभव होता है।
3- छोटे चीरे और कम ट्रॉमा से कम दर्द, कम अस्पताल में रहने की अवधि, और रोगी की जल्दी वापसी संभव।
4- छोटे शहरों/जिलों में बैठे मरीज को मेट्रो-लेवल विशेषज्ञता मिल सकती है। यात्रा, खर्च और देरी, तीनों घटते हैं।
त्यौहार का स्वाद बना ज़हर! MP में रोज़ मिल रहे मिलावट के 7 नए केस
23 Aug, 2025 04:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: त्योहारों के इस मौसम में मिठाई या खाने की चीजें खरीदते समय सावधान रहें। मध्य प्रदेश में हर दिन खाने में मिलावट के कम से कम सात मामले सामने आ रहे हैं। पूरे देश में, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बाद MP खाने में मिलावट के मामले में तीसरे नंबर पर है। MP उन राज्यों में भी तीसरे स्थान पर था, जहां खाने में मिलावट के मामलों में जुर्माना लगाया गया।
हर दिन सामने आ रहे 7 मामले
2024-25 में, MP में खाद्य सुरक्षा और मानक (FSS) अधिनियम, 2006 के तहत 2,597 मामलों में जुर्माना लगाया गया। कुल 13,920 नमूने लिए गए थे। इसका मतलब है कि 2,597 मामलों में भोजन में मिलावट पाई गई, जिसके परिणामस्वरूप जुर्माना लगाया गया। MP में खाने में मिलावट के 7 मामले हर दिन सामने आते हैं। इस वजह से MP देश में तीसरे स्थान पर है।
हर साल बढ़ाकर लिए जा रहे नमूने
MP में खाने में मिलावट बढ़ने का कारण यह है कि 2023-24 में कुल 13,998 नमूने लिए गए थे, तब 1,938 मामलों में जुर्माना लगाया गया था। 2024-25 में, जुर्माने वाले मामले बढ़कर 2,597 हो गए। यह 2023-24 से 659 अधिक था। हालांकि, 2024-25 और 2023-24 के बीच लिए गए नमूनों में ज्यादा अंतर नहीं था, सिर्फ 78 नमूने अधिक थे।
यूपी और राजस्थान के बाद एमपी का नंबर
उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बाद, MP में खाने में मिलावट के लिए सबसे ज्यादा जुर्माना लगाया गया। MP में खाने में मिलावट के लिए जुर्माने वाले मामलों की संख्या भी पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा थी। खाने में मिलावट की जानकारी 19 अगस्त को राज्यसभा में केरल से INC के जेबी मथेर हिशाम के एक सवाल के जवाब में दी गई।
मंत्री ने बताया था क्या हुई कार्रवाई
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव ने एक लिखित जवाब में पिछले पांच सालों में नियमों का पालन न करने वाले खाद्य व्यवसाय ऑपरेटरों के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण दिया। इस जवाब में मंत्री ने बताया कि क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी बताया कि नियमों का पालन न करने वालों पर क्या जुर्माना लगाया गया।
बिना AC के भी ठंडा रहेगा अस्पताल, भोपाल में बन रहा है प्रदेश का पहला ग्रीन हॉस्पिटल
23 Aug, 2025 04:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। राजधानी भोपाल में एक ऐसा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का निर्माण हो रहा है जो ग्रीन हॉस्पिटल के तौर पर जाना जाएगा. जिसमें बिना AC लगाए ही मरीजों को ठंडक महसूस होगी। बिना एसी लगे ही लोगों को प्राकृतिक हवा का लाभ मिलेगा, जो मरीजों के सेहत के लिए फायदेमंद होगा। यहां तक की दिन में अस्पताल के अंदर लाइट जलाने की भी जरूरत नहीं होगी। क्रॉस वेंटिलेशन के कारण अस्पताल के अंदर नेचुरल लाइट भरपूर होगी। कुल मिलाकर पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए हाईटेक और मॉडर्न हॉस्पिटल का निर्माण किया जा रहा है। इस हॉस्पिटल का नाम सुल्तानिया मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा। भोपाल में 136 करोड़ रुपए की लागत से 300 बेड का अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। अगस्त 2026 तक यह अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा, जिसके बाद यहां लोगों को इलाज कराने की सुविधा मिलेगी। यह अस्पताल सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।
केवल ICU और सेंसटिव एरिया में लगाए जाएंगी AC
दरअसल भोपाल का 135 साल पुराना सरकारी सुल्तानिया जनाना अस्पताल अब सुल्तानिया मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के तौर पर जाना जाएगा। अस्पताल 6 मंजिला इमारत में बनकर तैयार हो रही है। इसकी बिल्डिंग इस तरह बनाई जा रही है, जिसमें दिन में लाइट जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंस्ट्रक्शन कंपनी और मध्य प्रदेश बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉरपोरेशन का दावा है कि इस अस्पताल में एयर कंडीशनर (AC) की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।ओपीडी और वार्डों में ऐसी ही नहीं लगाई जाएगी। केवल आईसीयू और सेंसेटिव एरिया में ही AC लगाई जाएगी।अस्पताल का स्ट्रक्चर ही ऐसा बनाया गया है कि मरीजों को फ्रेश एयर और वातावरण का लाभ मिलेगा। ऐसा भोपाल में पहली बार किसी सरकारी अस्पताल में किया जा रहा है।
हॉस्पिटल में रहेगी ये सुविधाएं
इस अस्पताल में ICU और सेंसिटिव एरिया छोड़कर कहीं भी AC नहीं लगाई जाएगी। इससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा।
इस अस्पताल में प्राकृतिक रोशनी के लिए बड़ी-बड़ी खिड़कियां लगाई गई हैं।
अस्पताल की छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे बिजली की खपत कम होगी।
इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए पार्किंग में चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
अस्पताल के चारों ओर पेड़-पौधे लगाए जाएंगे ताकि हरियाली बनी रहेगी।
क्रॉस वेंटिलेशन की सुविधा रहेगी, जिससे हवा ब्लॉक न होकर आर-पार होते रहेगी।
तीन अलग-अलग ब्लॉक तैयार
अस्पताल में ओपीडी, आईपीडी और इमरजेंसी के अलग-अलग तीन ब्लॉक बनाए गए हैं। जिससे गंभीर मरीज, भर्ती मरीज और सिर्फ ओपीडी में दिखाकर लौट जाने वाले मरीज एक-दूसरे से अलग रहेंगे। गंभीर और भर्ती मरीज ओपीडी की भीड़ से बच सकेंगे। इनकी जांच और बिलिंग भी अलग-अलग होगी. यहां 24×7 इमरजेंसी सेवा मिलेगी। अस्पताल में अलग से ट्रॉमा केयर यूनिट होगी, जिसमें दुर्घटना की चपेट में आए मरीजों का इलाज किया जाएगा।
लेजर मशीनों से लैस एडवांस फिजियोथेरेपी यूनिट
बता दें कि सुल्तानिया मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का निर्माण 1 जनवरी 2024 से चल रहा है। अस्पताल का काम जोरों शोरों से जारी है। यह अस्पताल मध्य प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। हॉस्पिटल का निर्माण मध्य प्रदेश बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा किया जा रहा है।
CAG रिपोर्ट के लिए तरस रहा है सिस्टम, 34 विभागों ने नहीं दी कोई जानकारी
23 Aug, 2025 04:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार के कई विभागों की हालत अच्छी नहीं है। मंत्रियों की उदासीनता और अफसरों की लापरवाही का नतीजा यह हो रहा है कि 34 विभाग अब तक बजट के बारे में जानकारी नहीं दे पा रहे। यह जानकारी ऑडिटर जनरल कार्यालय द्वारा मांगी गई है, लेकिन उसे जानकारी नहीं मिल पाई। दरअसल, महालेखाकार कार्यालय कैग ने 31 मार्च 2025 की स्थिति तक विभागों से जानकारी मांगी है। यह जानकारी मांगी गई है कि विभाग के अधीन बजट नियंत्रण अधिकारियों ने बैंकों में कितनी राशि जमा कर रखी थी? इस अवधि में कौन-कौन से बड़े कार्य और परियोजनाएं अधूरी रहीं?
कई बार पत्र लिख चुका CAG
महालेखाकार कार्यालय ने इसको लेकर इस वित्त वर्ष में सबसे पहले 29 अप्रैल को, फिर 20 मई और इसके बाद 24 जुलाई को पत्र लिखा था। महालेखाकार कार्यालय इस बार सीधे मुख्य सचिव को पत्र लिख चुका है। इसके बाद गुरुवार तक सभी विभागों को जानकारी भेजने के निर्देश एक बार फिर जारी किए गए थे। इसके बाद भी जवाब नहीं मिला तो एक अगस्त को वित्त विभाग को अलग और मुख्य सचिव को अलग पत्र भेजकर जानकारी दिलाने को कहा है। वित्त विभाग ने बार-बार विभागों को जानकारी भेजने के निर्देश दिए हैं। बताया जाता है कि बजट नियंत्रण अधिकारियों की इस लापरवाही का सीधा असर सरकार की वित्तीय रिपोर्टिंग पर पड़ रहा है। इससे राज्य के वित्तीय लेनदेन का ब्यौरा तैयार करने में मुश्किलें आ रही हैं।
यह विभाग बने लापरवाह
राजस्व विभाग, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, एमएसएमई, जनजातीय कार्य विभाग, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, अनुसूचित जाति कल्याण, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, महिला एवं बाल विकास, वाणिज्यिक कर, संसदीय कार्य, विमानन, लोक सेवा प्रबंधन, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, वित्त विभाग, गृह विभाग, स्कूल शिक्षा, विधि एवं विधायी कार्य, जनसंपर्क विभाग, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, संस्कृति विभाग, उच्च शिक्षा, सामान्य प्रशासन, वन विभाग, खनिज साधन, किसान कल्याण एवं कृषि विकास, श्रम विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, नगरीय विकास एवं आवास, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विभाग और लोक निर्माण विभाग।
वित्त विभाग ने मांगी थी यह जानकारी
तय बजट के अलावा अन्य खर्च, अनपेड बिलों से संबंधित देनदारियां, आउट साइड फंड ऑपरेशन की स्थिति, बैंकों में जमा राशि, पंचायत राज संस्थाओं को दी जाने वाली बकाया ग्रांट, अपूर्ण बड़े कार्यों की सूची, नए ऋण और अग्रिम (एडवांस) की जानकारी, ऋण की अदायगी और बकाया स्थिति, ऋण और अग्रिम का समेकित विवरण (समरी), निगमों, सरकारी कंपनियों और सहकारी संस्थाओं को दी गई सहायता, पीपीपी मोड और जनभागीदारी के तहत हुए निवेश की जानकारी, नई योजनाओं पर लिए गए नीतिगत निर्णयों का संभावित कैश फ्लो, संस्थाओं को दी गई ग्रांट की पूरी जानकारी, सिंचाई परियोजनाओं के वित्तीय परिणाम, अब तक नहीं दी गई यह महत्वपूर्ण जानकारी, बिजली योजनाओं के वित्तीय परिणाम, ऋण व लाभांश की रिपोर्ट।
महाराज’ ने किया कलेक्टर को सम्मानित, तालियों से गूंजा पंडाल, नेता रह गए हैरान
23 Aug, 2025 04:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अशोकनगरः केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इन दिनों अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर है। इस बीच जिले में पिछले दिनों बाढ़ से हुए नुकसान के बाद इन क्षेत्रों का दौरा किया। इसी कड़ी में जिले के बाढ़ग्रस्त नईसराई क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने बाढ़ग्रस्त इलाकों का भ्रमण किया। साथ ही पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी। इसी कार्यक्रम में उन्होंने कलेक्टर की जमकर तारीफ की।
जनसभा को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि सरकार आपके साथ खड़ी है। और आपके पास तो ऐसे कलेक्टर हैं जो गाड़ी में बैठकर बत्ती नहीं चलाते वह तो साइकिल पर बैठकर अशोकनगर से चंदेरी पहुंच जाते हैं। इन के लिए तालियां बजाएं। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने भी सिंधिया से कलेक्टर आदित्य सिंह की तारीफ की और कहा कि वे कीचड़ में चलकर एक-एक घर तक पहुंचे थे। जिस पर से सिंधिया ने फिर एक बार उनके लिए ताली बजवाई।
सिंधिया ने तारीफ में पढ़े कसीदे
मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधियाने इस दौरान संबोधित करते हुए कहा हमारे नाम भी एक ही है ये आदित्य है और मैं ज्योतिरादित्य हूं। उन्होंने कलेक्टर को धन्यवाद देते कहा कि ये लोग और हम कई रात से सोए नहीं हैं। बाढ़ के समय आप लोगों की चिंता बनी रहती थी। उस समय इन्होंने कलेक्टर की तरह नहीं बल्कि परिवार के सदस्य की तरह लोगों की सेवा। सिंधिया की तारीफ पर से कलेक्टर मस्कुराए और केंद्रीय मंत्री सिंधिया को थैंक्यू बोला।
कलेक्टर की कार्यशैली से हुए प्रभावित
अक्सर केंद्रीय मंत्री सिंधिया अधिकारियों की कम ही तारीफ करते है। वह उन्हें डांटते फटकारते नजर आते हैं। लेकिन केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अशोक नगर कलेक्टर ने अपनी कार्यशैली से प्रभावित कर चुके हैं। सिंधिया ने पहली बार कलेक्टर आदित्य सिंह की तारीफ नहीं की है। इससे पहले भी जब केंद्रीय मंत्री सिंधिया दौरे पर आए थे तो चंदेरी में भी कलेक्टर की जमकर तारीफ की थी।
4 महीने पहले की है ज्वाइन
कलेक्टर आदित्य सिंह पिछले चार माह पहले अशोकनगर में ज्वॉइन किया था। इसके बाद से ही लगातार अपनी ताबड़तोड़ कार्रवाई करने के लिए चर्चा में बने रहते हैं। इसके साथ साइकिल से क्षेत्र का 65 किमी का दौरा करने वाले पहले कलेक्टर बने। जिनकी पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गए हैं।
कौन हैं कलेक्टर आदित्य सिंह
अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह 2014 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। यहां पदभार संभालने से पहले वे हरदा में कलेक्टर के पद पर रहे हैं। हादसा पटाखा फैक्टी ब्लास्ट के समय उनकी संकट प्रबंधन क्षमता और प्रशासनिक दक्षता के लिए फेमस हुए थे। प्रशासनिक फेरबदल के बाद अशोकनगर में पोस्टिंग हुई। इसके बाद से ही यहां विकास कार्यों, बाढ़ आपदा प्रबंधन के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने उनकी निगरानी करने में सक्रिय हैं।
रीवा जिले में जन्मे आदित्य सिंह का बचपन अनुशासन में बीता। डॉक्टर पिता और माता गृहणी है। इसके साथ ही आदित्य सिंह ने रुणकी के इंजीनियरिंग की डिग्री ली है। उन्होंने 2013 में पीएससी के पहले ही प्रयास में 47वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना पूरा किया।
राजधानी एक्सप्रेस में माल के साथ सफर कर रहे थे तस्कर, भोपाल स्टेशन पर पकड़े गए
23 Aug, 2025 04:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर की नशीली ड्रग्स की खेप पकड़ में आ रही हैं। कहीं ड्रग्स की फैक्ट्री मिल रही है तो कहीं विदेशी सप्लायर इसे प्रदेश में खपा रहे हैं। इसी तरह एक चौंकाने वाला खुलासा भोपाल स्टेशन पर हुआ, जहां एक ऐसी ड्रग पकड़ी गई है, जो पानी में उगती है। रेव पार्टियों में इस्तेमाल होने वाली ये गांजे की एक महंगी किस्म है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 1 करोड़ रुपए प्रति किलो है।
डीआरआई की कार्रवाई में पकड़ी गई खेप
यह कार्रवाई भी केंद्र सरकार की एजेंसी डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) द्वारा भोपाल और बेंगलुरू में एक साथ की गई है। बताया जा रहा है कि पकड़ी गई ड्रग्स पानी में उगने वाला विदेशी गांजा है जिसे हाइड्रोपोनिक वीड के नाम से पहचाना जाता है। डीआरआई के अफसरों ने भोपाल जंक्शन पर दो आरोपियों के पास से 24.186 किग्रा हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की है।
बेंगलुरु और भोपाल में एक साथ कार्रवाई
बताया जा रहा है कि डीआरआई की टीम ने यह कार्रवाई 20 अगस्त को बेंगलुरु और भोपाल स्टेशन पर एक साथ की है, जिसकी जानकारी अब सामने आई है। बेंगलुरु में 29.88 किग्रा हाइड्रोपोनिक वीड जब्त किया गया है। बताया जा रहा है कि डीआरआई ने ऑपरेशन 'वीड आउट' चलाकर तस्करी में शामिल गिरोह का भंडाफोड़ किया है। तस्करों के मास्टरमाइंड आरोपी सहित 5 यात्रियों को भी गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह सोशल मीडिया के जरिए कॉलेज ड्रॉप आउट, अंशकालिक नौकरी पेशा या बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाते थे।
भोपाल स्टेशन पर केंद्र के अफसरों ने पकड़ा
मिली सूचना के अनुसार डीआरआई की टीम ने राजधानी एक्सप्रेस (22691) में सवार हुए दो यात्रियों के सामान की तलाशी ली थी। बेंगलुरु में 29.88 किग्रा हाइड्रोपोनिक वीड मिला। साथ ही एक टीम ने 19 अगस्त 2025 को बेंगलुरु से राजधानी ट्रेन में सवार हुए 2 यात्रियों से भोपाल जंक्शन पर पकड़ा। इस बीच गिरोह के सहयोगी मास्टरमाइंड का नई दिल्ली में पता चला। उसके कब्जे से 1.02 करोड़ रुपए की मादक पदार्थों की तस्करी की राशि बरामद की गई। भोपाल में हुई जांच के बाद 20 अगस्त को थाईलैंड से बेंगलुरु पहुंचे एक यात्री को 21 अगस्त की सुबह बेंगलुरु के एक होटल में रोका गया। उससे 17.958 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड मिला।
क्या है यह पानी वाली ड्रग्स
विशेषज्ञों के अनुसार हाइड्रोपोनिक वीड जिसे मरिजुआना भी कहते हैं। यह गांजे की एक वैरायटी है जो कि हाइड्रोपोनिक तकनीक से समुद्री पानी में उगती है। यह भारत में जमीन में उगने वाले पारंपरिक गांजे से ज्यादा नशीला होता है। इसकी कीमत भी पारंपरिक गांजा से कई गुना ज्यादा है। इसकी मांग रेव पार्टियों में ज्यादा रहती है। ये वीड थाईलैंड, कनाडा, यूएसए में उगाई जाती है, इसलिए फ्लाइट में पार्सल के जरिए ही इसकी सप्लाई होती है।
सेवा की मिसाल: मुस्लिम युवक बोले – प्रेमानंद जैसे लोग जिंदा रहें, ये जरूरी है
23 Aug, 2025 03:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नर्मदापुरम: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज के लिए नर्मदापुरम के एक मुस्लिम युवक ने अपनी किडनी दान करने की पेशकश की है। युवक ने नर्मदापुरम कलेक्टर और प्रेमानंद जी के वृंदावन स्थित आश्रम को डाक से पत्र भेजकर यह इच्छा जताई है। युवक ने पत्र में प्रेमानंद जी को महान संत बताते हुए हिन्दू-मुस्लिम एकता का प्रतीक बताया है और कहा है कि वह आज के नफरती माहौल में कौमी एकता की अनूठी मिसाल हैं। युवक का कहना है कि वह भविष्य में वृंदावन जाकर प्रेमानंद जी के दर्शन करना चाहता है और यदि अनुमति मिलती है तो किडनी दान करने को तैयार है।
संत प्रेमानंद के विचारों से प्रभावित है युवक
आरिफ खान चिश्ती नाम के इस युवक ने नफरत भरे माहौल में सांप्रदायिक एकता का संदेश देने के लिए यह कदम उठाया है। उन्होंने इस बारे में नर्मदापुरम कलेक्टर और वृंदावन स्थित प्रेमानंद जी के आश्रम को पत्र भेजा है। चिश्ती, प्रेमानंद जी के विचारों से बहुत प्रभावित हैं और उन्हें कौमी एकता की मिसाल मानते हैं। अपने पत्र में चिश्ती ने प्रेमानंद महाराज को एक महान संत बताया है। उन्होंने कहा कि वे आज के नफरत के माहौल में एकता की मिसाल हैं। चिश्ती के अनुसार, देश में भाईचारे का संदेश देने के लिए उन्होंने यह पहल की है।
सोशल मीडिया से लगी जानकारी
उन्होंने सोशल मीडिया से प्रेमानंद जी के स्वास्थ्य के बारे में जाना और किडनी दान करने का फैसला किया। चिश्ती ने कहा कि वे भविष्य में वृंदावन जाकर प्रेमानंद जी के दर्शन करना चाहते हैं। अगर प्रेमानंद जी अनुमति देते हैं, तो वे उन्हें अपनी किडनी दान करने के लिए तैयार हैं। चिश्ती ने बताया कि वे एक कंसल्टेंसी फर्म चलाते हैं और एक NGO के माध्यम से बेसहारा लाशों के कफन दफन का काम भी करते हैं।
'प्रेमानंद जी का रहना आवश्यक'
चिश्ती ने पत्र में लिखा है कि संत प्रेमानंद जी देश में हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक हैं। उनके अनुसार, 'आज के नफरती दौर में उनका संसार में रहना आवश्यक है। मैं रहूं या न रहूं, लेकिन उनकी समाज और संसार को जरूरत है।' चिश्ती, संत प्रेमानंद के फैन हैं और उनकी वाणी से प्रेरित हैं।
कौन हैं वृंदावन के संत प्रेमानंद
प्रेमानंद महाराज प्रवचन देने वाले संत हैं, जो वृंदावन में निवास करते हैं। सोशल मीडिया पर उनकी काफी अच्छी फैन-फॉलोइंग है। वह लंबे समय से किडनी की समस्या से जूझ रहे हैं। उनके उपदेश देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं। खासकर युवाओं में उनके प्रति रुझान बढ़ रहा है। चिश्ती ने अपना पत्र श्री हित राधा केली कुंज आश्रम, वृंदावन के पते पर भेजा है।
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