मध्य प्रदेश
विधानसभा में पेश होगा वेतन वृद्धि का बिल, यात्रा व आवास भत्ते भी बढ़ाए जाने की संभावना
25 Aug, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश के विधायकों के वेतन-भत्ते जल्द ही बढ़ने वाले हैं। विधानसभा सदस्य समिति ने सरकार को विधायकों के वेतन और भत्तों में 45 फीसदी का इजाफा करने के लिए सिफारिश की है। इसके साथ ही पूर्व विधायकों की पेंशन में वृद्धि का प्रस्ताव रखा है, वेतन में वृद्धि होती है तो विधायकों की सैलरी 1.60 लाख रुपये हो जाएगी।
तीन सदस्यीय समिति लेगी फैसला
विधायकों की सैलरी में वृद्धि को लेकर प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रदेश सरकार को भेज दिया है।इस प्रस्ताव पर तीन सदस्यीय समिति फैसला लेगी, इस समिति के अध्यक्ष वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा होंगे। एक विधायक पक्ष और दूसरा विपक्ष से होगा, यानी बीजेपी और कांग्रेस से एक-एक विधायक होंगे। जल्द ही दोनों सदस्यों का चयन किया जाएगा।
राजस्थान और गुजरात से ज्यादा होगी सैलरी
वर्तमान में मध्य प्रदेश के विधायकों को 30 हजार रुपये वेतन मिलता है। इसके अलावा 35 हजार रुपये निर्वाचन भत्ता, 10 हजार रुपये टेलीफोन खर्च, 10 हजार रुपये चिकित्सा भत्ता, 15 हजार रुपये अर्दली भत्ता और निज सचिव भत्ता और 10 हजार रुपये किताबें और पत्रिकाओं के लिए मिलता है। कुल मिलाकर विधायकों को 1 लाख 10 हजार रुपये सैलरी मिलती है, इसमें 45 फीसदी का इजाफा होने के बाद ये 1.60 लाख रुपये हो जाएगी। इस तरह एमपी के विधायकों का वेतन राजस्थान और गुजरात के विधायकों से ज्यादा हो जाएगा।
हर महीने 99 लाख रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा
एमपी विधानसभा में 230 विधायक हैं, इनमें से 31 मंत्री हैं. प्रदेश में मंत्रियों का वेतन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिया जाता है. मुख्यमंत्री को हर माह 2 लाख रुपये, कैबिनेट मंत्रियों को 1.70 लाख रुपये और राज्य मंत्रियों को 1.45 लाख रुपये वेतन मिलता है. बचे हुए 199 विधायकों की सैलरी विधानसभा के बजट से दी जाती है.वहीं विधानसभा अध्यक्ष को हर महीने 1.87 लाख रुपये वेतन मिलती है. इस पर हर महीने 2 करोड़ 18 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं. सैलरी वृद्धि के बाद 99 लाख रुपये अतिरिक्त बोझ हो जाएगा.
जेल से रिहा हुआ युवक जब घर पहुँचा, तो प्रेमिका ने मचाया हंगामा, थोड़ी देर बाद मिली मौत की खबर
25 Aug, 2025 11:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: युवती द्वारा रेप के मामले में फंसाने के बाद जेल की सजा काट रहे युवक ने अपनी जान दे दी। हाल ही में हाई कोर्ट ने उसे जमानत दी थी, इसके बाद वह घर पहुंचा था। घर आते ही उप पर रेप का आरोप लगाने वाली प्रेमिका ने हंगामा मचा दिया। युवक इस बात को बर्दाश्त नहीं कर सका और उसने अपनी जान दे दी।
युवक ने दे दी जान
मामला भोपाल के टीला जमालपुरा में रहने वाले युवक से जुड़ा है। उसने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात फांसी पर झूलकर अपनी जान दे दी। बताया जाता है कि इस घटना से पहले प्रेमिका ने उसके घर में घुसकर हंगामा किया था।
रेप का दर्ज कराई थी एफआईआर
पुलिस के अनुसार हंगामा करने वाली इसी युवती ने एक महीने पहले युवक पर दुष्कर्म का एफआईआर दर्ज कराई थी। इस कारण मृतक युवक के खिलाफ रेप पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। जिस दिन युवक ने सुसाइड किया उसके एक दिन पहले ही हाई कोर्ट से जमानत मिली थी और भोपाल जेल से उसकी रिहाई हुई थी।
चाय-नाश्ते की दुकान चलाता था मृतक
पुलिस के अनुसार 25 वर्षीय फैजान हुसैन पुत्लीघर टीलाजमालपुरा में चाय-नाश्ते की दुकान चलाता था। पिछले दिनों एक 22 वर्षीय युवती ने फैजान के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया था। युवती ने अपने आरोप में कहा था कि जब वह नाबालिग थी तब से आरोपी उसके साथ दुष्कर्म करते आ रहा है। आरोपी ने शादी करने का वादा किया था, लेकिन अब तक शादी नहीं की। इसके बाद फैजान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। शुक्रवार को जेल से उसकी रिहाई हुई थी। इसके बाद रेप केस दर्ज कराने वाली युवती अपनी एक साथी महिला के साथ उनके घर आई और तत्काल निकाह करने की बात को लेकर हंगामा किया।
युवती को पुलिस ने हिरासत में लिया
फैजान की मौत के बाद रविवार की तड़के सुबह युवती दोबारा उसके घर पहुंची और हंगामा करने लगी। पुलिस ने युवती और उसकी महिला साथी को हिरासत में लिया। पीड़िता के साथ आई महिला स्टेशन बजरिया इलाके के बदमाश दानिश की पत्नी है। पुलिस दोनों महिलाओं के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज कर सकती है। उधर, फैजान के भाई सलमान हुसैन के अनुसार जिस लड़की ने रेप का केस दर्ज कराया था। उसने राजीनामा करने के एवज में पांच लाख रुपए लिए। जिसके बाद भाई की जमानत हुई थी।
बहन को छेड़ने की सज़ा मिली मौत, भाई ने दिया खौफनाक अंजाम
25 Aug, 2025 11:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुना: मध्य प्रदेश के गुना में एक चौंकानी वाली घटना सामने आई है। 21 वर्षीय युवक ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक आदमी की हत्या कर दी। मृतक पर आरोपी ने अपनी बहन को परेशान करने का आरोप लगाया है। वहीं, गुना पुलिस ने बताया कि जिस चाकू से हत्या की गई है, उससे आरोपी ने अपनी बहन के बर्थडे पर केक काटा था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आठ आरोपियों की पहचान की है। साथ ही सभी को गिरफ्तार कर लिया है।
बहन को परेशान करता था मृतक
गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि मृतक अनिल उसकी बहन को परेशान कर रहा था। साथ ही बार-बार फोन कर परेशान करता था। उससे फोन पर गलत बातें करता था। पुलिस के अनुसार मृतक अनिल ने महिला से कहा था कि मुझसे शादी करोगी तो सोने और चांदी के गहने दूंगा। इस बात की जानकारी बहन ने अपने भाई को दी तो उसने अनिल को मारने का प्लान बनाया।
भाई ने मारने का प्लान बनाया
गुना एसपी अंकित सोनी ने बताया कि महिला के भाई ने इन कार्यों को आपत्तिजनक माना। इसके बाद दोस्तों के साथ मिलकर मारने का प्लान बनाया। प्लान के हिसाब से आरोपी ने ऑनलाइन पांच चाकू मंगवाए। फिर मृतक की गतिविधियों पर नजर रखने लगे। मुख्य आरोपी ने बताया कि मेरी बहन अभी जवान है और वह उसे परेशान कर रहा था। उससे मृतक अश्लील भाषा में बात करता था। ऐसे में मैं क्या करता।
शराब पीने के दौरान हत्या
वहीं, शुक्रवार अनिल एक इलाके में शराब पी रहा था। इस दौरान आरोपियों को उसके बारे में जानकारी मिल गई। इसके बाद वहां अपने दोस्तों के साथ पहुंचा। साथ ही घेरकर चाकू से उसकी हत्या कर दी। गुना एसपी ने कहा कि वे अनिल को इस तरह से मारना चाहते थे कि वे इलाके में बदनाम हो जाएं। उन्होंने पहले एक शॉपिंग वेबसाइट से पांच चाकू मंगवाए, फिर उन्होंने बहन का जन्मदिन मनाया, उससे केक कटवाया और उसी चाकू को हत्या के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया।
कमल नाथ और दिग्विजय की तकरार से कार्यकर्ता असमंजस में
25 Aug, 2025 11:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस छोड़े हुए पांच साल हो गए हैं। अब तक सियासी गलियारों में यही माना जाता रहा है कि वह दिग्विजय सिंह की वजह से कांग्रेस छोड़कर गए हैं। लेकिन हाल ही में दिग्विजय सिंह ने एक इंटरव्यू में बंद कमरे वाली बात को सार्वजनिक कर दी है। साथ ही कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए मैं जिम्मेदार नहीं हूं। वह कमल नाथ की वजह से गए हैं। इसके बाद कांग्रेस के अंदर फिर से आग लग गई है। अब कमल नाथ ने भी दिग्विजय सिंह पर खुलकर पलटवार किया है।
कमल नाथ नहीं मानी बात
दरअसल, मार्च 2020 में एमपी में कमल नाथ की सरकार गिर गई थी। मुख्यमंत्री कमल नाथ थे। सरकार ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत के कारण गिरी थी। इसे लेकर हाल ही में दिग्विजय सिंह से एक इंटरव्यू में सवाल किया गया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को जाने को लेकर आपको जिम्मेदार बताया जाता है। इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि आप तक गलत खबर है। मैंने चेतावनी दी थी कि ये घटना (ज्योतिरादित्य सिंधिया जा सकते हैं) हो सकती है। उन्होंने ने कहा कि एक बड़े उद्योगपति हैं, जिनके कमल नाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया से अच्छे संबंध हैं। मैं उनके पास जाकर कहा कि इन दोनों की लड़ाई में हमारी सरकार गिर जाएगी। आप दोनों को संभालिए।
उद्योगपति के घर डिनर पर मिले दोनों
दिग्विजय सिंह ने बताया कि बड़े उद्योगपति के घर डिनर पर कमल नाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया मिले। मैं भी वहां मौजूद था। कोशिश की गई कि मामला निपट जाए। वहीं, जिन मुद्दों पर वहां बात हुई, उसका पालन नहीं हुआ। मेरे सतत प्रयासों के बाद भी पालन नहीं हुआ। दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे बातें छोटी-मोटी थीं, ग्वालियर-चंबल संभाग में हम जैसा कहेंगे, वैसा कर दीजिए। हम और ज्योतिरादित्य सिंधिया एक पेपर पर दस्तख्त करके दे दी। उसका पालन नहीं हुआ और क्लैश का कारण बना।
कमल नाथ को ठहराया जिम्मेदार
वहीं, दिग्विजय सिंह की इन बातों से स्पष्ट है कि कांग्रेस की सरकार गिराने को लेकर कमल नाथ ही जिम्मेदार हैं। पांच साल बाद बंद कमरे वाली यह बात जब सार्वजनिक हुई है तो कमल नाथ भी भन्ना गए हैं। उन्होंने तल्ख लहजे में इस पर पलटवार किया है। साथ ही सरकार गिराने को लेकर दिग्विजय सिंह को जिम्मेदार ठहरा दिया है।
दिग्विजय सिंह की वजह से गिरी सरकार
कमल नाथ ने एक्स पर लिखा कि मध्य प्रदेश में 2020 में मेरे नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिरने को लेकर हाल ही में कुछ बयानबाजी की गई है। मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि पुरानी बातें उखाड़ने से कोई फ़ायदा नहीं। लेकिन यह सच है कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया को यह लगता था कि सरकार दिग्विजय सिंह चला रहे हैं। इसी नाराजगी में उन्होंने कांग्रेस के विधायकों को तोड़ा और हमारी सरकार गिराई।
दोनों नेताओं में खींची तलवार
गौरतलब है कि एमपी में कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने में जुटी है। हाल ही में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इस बीच दो बड़े नेताओं के बीच की कलह सार्वजनिक हो गई है। ऐसे में प्रदेश के अंदर फिर से बगावत की आग भड़क रही है। कांग्रेस हमेशा से ही गुटबाजी से जूझती रही है। इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा है। अब देखना होगा कि राहुल गांधी कैसे इस मसले को हल करते हैं।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ ठीक हो रहे रिश्ते
वहीं, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के रिश्ते ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ ठीक हो रहे हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान दिग्विजय सिंह मंच के नीचे बैठे थे तो ज्योतिरादित्य सिंधिया उन्हें उठाकर मंच तक ले गए थे। इस साफ है कि दोनों नेताओं में दूरियां कम हो रही हैं।
MP में उद्यमियों को बड़ी सौगात, NOC नियमों में जल्द होगा बदलाव
25 Aug, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में किसानों के बाद अब जल्द ही छोटे उद्योगों को भी डबल ड्यूटी से छुटकारा मिलेगा. इसके अलावा उद्योगों द्वारा ली जाने वाली एनओसी को सरकार और सरल बनाने नियमों में संशोधन करने जा रही है. इसका ऐलान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्टार्टअप एवं लघु उद्यमियों के महाकुंभ समारोह के दौरान किया है. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि "सरकार अब एक साल की योजना नहीं, बल्कि अगले 5 सालों का रोडमैप तैयार कर रही है. बिजली जरूरतों के लिए तो अगले 20 सालों का रोडमैप बनाया जा रहा है.
उद्योगों को डबल ड्यूटी से मिलेगी छुट्टी
कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के सामने कई मांगों को रखा. उन्होंने कहा कि एमएसएमई को मोर्गेज (मोर्टगेज) रखकर लोन लेने की स्थिति में डबल ड्यूटी भरने की बात उठाई. इसके बाद जब मुख्यमंत्री बोलने के लिए खड़े हुए तो उन्होंने कहा कि आपको परेशानी है, वह किसानों की भी परेशानी थी. किसान लोन के लिए जमीन मोर्गेज करता था. लोन खत्म करने के बाद भी मोर्टगेज बैंक में बरकरार रहता था. ऐसे में यदि किसान का जब कोई नया काम करना होता था, तो मोर्गेज खत्म कराने के लिए अलग से ड्यूटी देनी होती थी.
सरकार ने इसका मामला ही खत्म कर दिया कि जैसे ही किसान लोन चुकाएगा, मोर्गेज भी अपने आप खत्म हो जाएगा. किसानों जैसी समस्या ही एमएसएमई की भी है. लोन चुकाने के बाद भी मोर्गेज खत्म कराने के लिए अलग से ड्यूटी देनी होती है. एमएसएमई को भी सरकार इसका लाभ देगी. डबल ड्यूटी की व्यवस्था को खत्म किया जाएगा.
मोहन सरकार ला रही नया बिल
मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने मल्टी स्टोरी पर काम शुरू कर दिया है. ताकि छोटे-छोटे उद्योगपति अपना छोटा उद्यम भी लगा सकें. हमारे लिए जो महत्व बड़े उद्योगपति का है, वहीं छोटे उद्योगपति का भी है. जो भी उद्यम के लिए कदम बढ़ा रहे हैं. उनको सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडस्ट्री में कई बार आगजनी जैसी घटनाएं हो जाती है.
ऐसे मामलों में कई बार उद्योगपति पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया जाता था. हमने कोशिश की है कि घटना को घटना के रूप में लिया जाएगा. दिसंबर के सत्र में सरकार एक नया बिल लेकर आ रही है. जिसमें समय सीमा और सरलता से उद्योग के लिए फायर एनओसी सहित सभी एनओसी दिलाई जाएगी.
5 साल का रोडमैप तैयार कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बड़े उद्योगों के अलावा रोजगार आधारित छोटे उद्योगों से एमओयू कर रही है. इसमें उद्योग में काम करने वाले लेबर के लिए सरकार 10 साल तक 5 हजार रुपए महीना देगी. इस तरह की व्यवस्था हॉस्पिटल में भी करने जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने तय किया है एक-एक साल की नीति नहीं बननी चाहिए. 5 साल के आधार पर अपने सभी कामों का रोडमैप तैयार किया जा रहा है.
बिजली की जरूरत का रोडमैप तो अगले 20 साल के बारे में सोच रहे हैं. यदि उद्योगों को लगता है कि सरकार द्वारा खरीदी जा रही बिजली महंगी पड़ेगी तो उद्योग अपनी बिजली खुद उत्पादित करे, सरकार उसमें सहयोग करेगी.
पन्ना में वायरल फीवर का कहर, जिला अस्पताल की OPD में रोजाना 900 मरीज
25 Aug, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पन्ना: पन्ना में पिछले एक हफ्ते से वायरल फीवर का प्रकोप जारी है. रोजाना सैकड़ों की संक्या में मरीज जिला चिकित्सालय पहुंच रहे हैं. पिछले एक हफ्ते के आंकड़ों की माने तो ओपीडी में प्रतिदिन 700 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. जिनकी जांच करने के बाद उन्हें आवश्यक दवाई एवं ज्यादा गंभीर स्थिति में भर्ती किया जा रहा है. लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या के मद्देनजर ओपीडी में रजिस्ट्रेशन करने के लिए लंबी-लंबी लाइन नजर आ रही है.
डॉक्टर के कमरे के बाहर भी मरीजों की कतार लगी हुई है. डॉक्टर द्वारा जांच के बाद गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है. कई मरीजों में मलेरिया, डेंगू और तेज बुखार जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं. मरीजों का तुरंत उपचार शुरू किया जा रहा है.
जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन पहुंच रहे हैं 900 से अधिक मरीज
वायरल फीवर के कारण लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है. पिछले एक हफ्ते के आंकड़ों के अनुसाक स्थिति काफी गंभीर दिख रही है. सोमवार, 18 अगस्त 2025 को ओपीडी में 1100 मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया. वहीं मंगलवार को 800, बुधवार को 700, गुरुवार को 970, शुक्रवार को 900 मरीज और शनिवार को करीब 850 मरीजों ने ओपीडी में इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन कराया. इन मरीजों में सर्दी, जुकाम, सिर दर्द, ठंड लगना एवं शरीर में दर्द और तेज बुखार के लक्षण पाए गए.
सीएमओ ने कहा- हमारे पास मरीजों को देने के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध
जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजेश प्रसाद तिवारी ने बताया "मौसम बदलने के कारण लोग वायरल फीवर के शिकार हो रहे हैं. जिसकी वजह से जिला चिकित्सालय में मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है. हमारे पास मरीजों को देने के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध हैं. मरीजों की जांच के बाद डॉक्टरों द्वारा दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं. ज्यादा गंभीर मरीजों को जिला चिकित्सालय में भर्ती किया जा रहा है."
करिश्मा कपूर को देख रीवा में उमड़ा फैंस का हुजूम, इसी शहर से जुड़ी है राजकपूर की प्रेम कहानी
25 Aug, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रीवा: लोगों के दिलों में राज करने वालीं और 90 के दशक की मशहूर फिल्म अभिनेत्री करिश्मा कपूर रविवार शाम रीवा पहुंचीं. ये वहीं जगह है, जहां उनके दादा राज कपूर दिल दे बैठे थे. यहां करिश्मा कपूर स्थानीय ज्वेलरी शॉप के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुईं. करिश्मा पहली बार रीवा पहुंचीं, जिससे उन्हें देखने के लिए फैंस का हुजूम उमड़ पड़ा. करिश्मा ने भी रीवा और रीवा के लोगों की खूब तारीफ की और उनकी फरमाइश पर मंच पर जमकर थिरकीं.
फैंस ने भेंट की करिश्मा को उनकी स्केच पेंटिग
कार्यक्रम के दौरान करिश्मा के एक फैन ने अपनी कलाकारी से बनाई करिश्मा की स्केच पेंटिंग भेंट कर उनका दिल जीत लिया. इस दौरान अपने ही एक मशहूर गाने पर करिश्मा मंच पर जमकर थिरकीं और अपने फैंस को भी झूमने पर मजबूर कर दिया. करिश्मा भले ही पहली बार रीवा पहुंची हों पर इससे पहले उनके पिता अभिनेता रणधीर कपूर भी 2 बार रीवा आ चुके हैं.
करिश्मा का रीवा से है गहरा नाता
करिश्मा कपूर का रीवा से एक गहरा नाता है. दरअसल, करिश्मा कपूर के दादा राज कपूर और दादी कृष्णा राज कपूर की शादी रीवा में ही हुई थी. इस खास पल को संजो कर रखने के लिए उसी वैवाहिक स्थल पर भव्य और खूबसूरत कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम बना हुआ हैं. 'ग्रेट शो मैन' कहे जाने वाले राज कपूर की रीवा से जुड़ी बहुत ही दिलचस्प कहानी है. फिल्मी दुनिया से हटके निजी जिंदगी में राज कपूर का रीवा से जुड़ी कई किस्से हैं. वे यहां पर नाटक करने आया करते थे और यहीं से शुरू हुई उनकी प्रेम कहानी.
राज कपूर के पिता नाटक के लिए उन्हें भेजते थे रीवा
फिल्मी जगत के दिग्गज अभिनेता राज कपूर का जन्म 14 दिसंबर 1924 को कपूर हवेली, पेशावर (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था. पेशावर में ही राज कपूर के पिता पृथ्वीराज कपूर के बचपन के एक दोस्त हुआ करते थे, करतार नाथ मल्होत्रा. समय बीतने के बाद पृथ्वीराज कपूर भारत के मुंबई शहर आए और यहां थिएटर की स्थापना की. जबकि उनके दोस्त करतार नाथ मल्होत्रा भारत के कई अलग-अलग राज्यों में पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं देते हुए रीवा पहुंचे. यहां पर वे आईजी के पद पर थे.
पृथ्वीराज कपूर देश के कई इलाको में नाट्य का मंचन करते थे. इसी सिलसिले से वे अपनी थियेटर की टीम के साथ एक बार रीवा पहुंचे. रीवा में पृथ्वीराज कपूर की सुरक्षा की जिम्मेदारी तत्कालीन आईजी और उनके दोस्त करतार नाथ मल्होत्रा को सौंपी गई. यहां पर पृथ्वीराज कपूर ने अपने बचपन के दोस्त से मिलकर पुरानी यादें ताजा की. इसके बाद पृथ्वीराज कपूर ने नाटकों के लिए राज कपूर को रीवा भेजना शुरू कर दिया. तब राज कपूर की उम्र महज 22 साल ही थी.
पिता के दोस्त की बेटी को दिल दे बैठे राज कपूर
नाटकों के सिलसिले में अक्सर रीवा आने वाले राज कपूर पिता के दोस्त आईजी करतार नाथ के यहां आने जाने लगे. पहली बार आईजी करतार नाथ के यहां पहुंचे तो राज कपूर ने उनकी बेटी कृष्णा मल्होत्रा को देखा था. जिसके बाद उनकी निगाहें कृष्णा मल्होत्रा पर ही टिकी रह गईं. राज कपूर पहली नजर में ही कृष्णा को अपना दिल दे बैठे थे.
बताया यह भी जाता है कि पिता पृथ्वीराज कपूर और आईजी करतार नाथ अपनी दोस्ती को रिश्तेदारी में बदलने का फैसला पहले ही कर चुके थे. लेकिन जब पृथ्वीराज कपूर को अपने बेटे राज कपूर की प्रेम कहानी के बारे में पता चला तो उन्होंने एक दिन राज और कृष्णा के सामने ही दोनों की शादी का प्रस्ताव रख दिया. जिसे सुन राज कपूर ने बिना देरी किए ही एक पल में राजी हो गए. उधर कृष्णा मल्होत्रा भी विवाह के लिए तैयार हो गई.
ट्रेन से रीवा पहुंची थी बारात
13 मई 1946 को राजकपूर और कृष्णा मल्होत्रा दोनों वैवाहिक बंधन में बंधे. मुंबई से बॉम्बे हावड़ा ट्रेन में सवार होकर बारात रीवा पहुंची थी. दोनों की शादी में कई दिग्गज लोग पहुंचे थे और भव्य तरीके से आईजी बंगले में शादी हुई. राजकपूर और कृष्णा की शादी के ठीक 72 साल बाद वर्ष 2018 में उसी स्थान पर भव्य कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम बनकर तैयार हुआ जहां पर दोनों वैवाहिक बंधन में बंधे थे.
राज कपूर की पोती हैं करिश्मा कपूर
रविवार को रीवा पहुंची बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री करिश्मा कपूर रणधीर कपूर की बेटी और राज कपूर की पोती हैं. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "रीवा वासियों से मिलकर बहुत खुशी हुई. यहां के लोगों में बहुत एनर्जी है, जिसे देखकर बहुत अच्छा लगा."
ग्वालियर के पर्यटन क्षेत्र में निवेश को मिलेगा नया आयाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
24 Aug, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्वालियर में 29 एवं 30 अगस्त को होने वाली रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में निवेशकों से रू-ब-रू होकर प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं से अवगत करा कर सीधा संवाद भी करेंगे। प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि और ग्वालियर–चंबल एवं सागर संभाग में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव होगा। ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में होने वाले इस रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर की विशेष उपस्थिति होगी।
पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है। इससे ग्वालियर के पर्यटन श्रेत्र में निवेश को नया आयाम मिलेगा। “टाइमलेस ग्वालियर: इकोज़ ऑफ़ कल्चर, स्पिरिट ऑफ़ लेगेसी” थीम पर केन्द्रित यह कॉन्क्लेव पर्यटन निवेश, सांस्कृतिक धरोहर, अनुभवात्मक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि कॉन्क्लेव में होटल, रिसोर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म क्षेत्र के निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) प्रदान किए जाएंगे। साथ ही एमओयू एवं अनुबंध भी होंगे। इन परियोजनाओं से स्थानीय समुदाय को पर्यटन आधारित रोजगार प्राप्त होगा और क्षेत्रीय पर्यटन को स्थायित्व के साथ बल मिलेगा। क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिये जाएंगे। कॉन्क्लेव में विशेष पर्यटन प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें मध्यप्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों, पर्यटन इकाइयों, हॉस्पिटैलिटी ब्रांड्स, होम-स्टे, रिसॉर्ट्स, हैंडलूम/हैंडिक्राफ्ट, साहसिक गतिविधियाँ और सांस्कृतिक धरोहरों को समर्पित स्टॉल शामिल किये जायेंगे।
प्रमुख सचिव शुक्ला ने बताया कि रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में दो महत्वपूर्ण सत्र होंगे। पहला “टूरिज़्म ऐज़ अ कल्चरल ब्रिज – ब्रांडिंग ग्वालियर एंड हार्टलैंड ऑफ़ एमपी” विषय पैनल डिस्कशन होगा, जिसमें ग्वालियर की सांस्कृतिक धरोहर, शास्त्रीय संगीत और स्थापत्य कला को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की रणनीतियों पर विचार होगा। दूसरा पैनल डिस्कशन “ग्वालियर एंड चंबल राइजिंग – इनबाउंड अपील थ्रू हेरिटेज, लग्ज़री एंड एक्सपीरियंस” विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें विरासत, लग्ज़री स्टे, डेस्टिनेशन वेडिंग और अनुभवात्मक पर्यटन जैसे नए आयामों पर संवाद होगा।
मातृ मृत्यु दर व नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने में समन्वित प्रयास आवश्यक : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
24 Aug, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मातृ मृत्यु दर व नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने में समन्वित प्रयास आवश्यक है। रीवा जिले में इस चुनौती को अवसर के तौर पर लेना होगा। जनप्रतिनिधि एवं स्वास्थ्य व महिला बाल विकास के मैदानी अमले के अधिकारी-कर्मचारी लोगों को जागरूक करें तथा मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर को न्यून करने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा में ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस पर जिला प्रशासन एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित नवजात बच्चों की देखभाल एवं किशोर मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में पंचायतीराज संस्थाओं के सदस्यों की प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीयन कराकर उनकी नियमित जाँच की जाए। स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रत्येक माह की 9 व 25 तारीख को स्वास्थ्य केन्द्र में अनिवार्यत: उपस्थित रहें और इनकी जाँच करें। टेलीमेडिसिन सुविधा का लाभ प्राप्त कर वरिष्ठ चिकित्सकों से भी परामर्श लेकर गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जाँच व इलाज कराएं। उन्होंने यूनिसेफ के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की कि गांवों में शत-प्रतिशत महिलाओं व नवजात शिशुओं के इलाज व जाँच में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम के सहयोग व निष्ठापूर्वक किए गए कार्य से ही रीवा जिले में आगामी 6 माह में सार्थक परिणाम सामने आएंगे और इस कार्यशाला का औचित्य सफल होगा। उन्होंने कहा कि स्कूल जाने वाली बालिकाओं के स्वास्थ्य की भी नियमित जाँच हो।
पशुपतिनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं एवं डेयरी विभाग के परिसर में स्थापित पशुपतिनाथ मंदिर में आयोजित मानस पाठ के समापन अवसर पर पशुपतिनाथ भगवान एवं हनुमान जी की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने परिसर में वृक्षारोपण भी किया।
मनकामेश्वर मंदिर में निर्माणाधीन कार्यों का लिया जायजा
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा शहर के कोठी कंपाउण्ड में स्थित मनकामेश्वर मंदिर में चल रहे सौंदर्यीकरण के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना भी की।
भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं लघु उद्योग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
24 Aug, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योगों के हित में ही राष्ट्र का हित निहित है। लघु और कुटीर उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सीमित संसाधनों का समुचित उपयोग कर हम इन उद्योगों के विकास की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत काल में लघु उद्योग भारती के प्रदेश कार्यालय का लोकार्पण हमारे उत्कर्ष को दर्शाता है। उद्योगों के विकास के लिए हमें पूरे देश के परिदृश्य में सोचना होगा। सभी जगह समान रूप से उद्योग लगाने होंगे, तभी संतुलित विकास हो सकेगा। देश हित में हम सब मिलजुलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हम उद्योगों को विस्तार देने के लिए उद्योगपतियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। हमने समाज के सभी वर्गों का बराबर ध्यान रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को लघु उद्योग भारती के गोविंदपुरा औद्योगिक प्रक्षेत्र में नवनिर्मित प्रदेश कार्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लघु उद्योग भारती के करीब 4 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित प्रदेश कार्यालय भवन 'उद्यम सेतु'का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर लोकार्पण किया।लोकार्पण अवसर पर लघु उद्योग भारती का द्वि-वार्षिक प्रादेशिक सम्मेलन और स्टार्टअप एवं लघु उद्यमी महाकुंभ-2025 भी आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य अतिथियों के साथ लघु उद्योग भारती के नए ब्रोशर का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि किसी भी प्रकार का संस्थागत या बैंक लोन चुकता होते ही संबंधित बंधक संपत्ति मॉर्टगेज या डबल मॉर्टगेज से मुक्त हो जाएगी। इस प्रावधान का लाभ हम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम उद्योगों (एमएसएमई इंडस्ट्री) को भी देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लघु उद्योगों की स्थापना और इससे जुड़ी सभी कठिनाइयों का समुचित हल भी निकाला जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम एमएसएमई उद्योगों की स्थापना से जुड़ी सभी प्रकार की अनुमतियां को समयबद्ध कार्य योजना की अनुरूप समय-सीमा में देने का प्रावधान करने जा रहे हैं। प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योग लगाने वाले उद्योगपतियों को प्रोत्साहन दे रहे हैं। प्रदेश में नया आईटीआई पॉलिटेक्निक कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के लिए भी नीति से प्रावधान अनुसार सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश में रिसर्च वर्क को बढ़ावा देने के लिए आगे आ रहे हैं। आईआईटी इंदौर में शोध कार्यों के लिए देशी और विदेशी शिक्षण संस्थानों के स्टडी सेंटर के लिए हमारी चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लघु उद्योगों के साथ हमेशा साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें लघु उद्योगों को पुनर्जीवित करना होगा। इसी से हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि विरासत से विकास का सबसे सटीक उदाहरण भारतीय लघु उद्योग ही हैं। यह कारोबार नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की आशा, आत्म-सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन का आधार हैं। जैसे शरीर की मजबूती रीढ़ पर टिकी होती है, वैसे ही भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती लघु उद्योगों पर टिकी है। लघु उद्योग सिर्फ कारखाने नहीं हैं, ये रोज़गार के सबसे बड़े निर्माता हैं। एमएसएमई वह पुल है, जो मेहनतकश हाथों को बड़े बाज़ारों से जोड़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भारत में 6 करोड़ से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) हैं, जो देश की जीडीपी में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं और कुल निर्यात में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। आज हम विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन पाए हैं, तो इसमें एक बड़ा योगदान लघु उद्योगों का ही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का "मेक इन इंडिया" और "वोकल फॉर लोकल" का आव्हान हमें बताता है कि आत्मनिर्भर भारत का मार्ग बड़े -बड़े उद्योगों से नहीं, बल्कि घर-घर की चौखट से चलने वाले छोटे उद्योगों से ही निकलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने माइक्रो, स्माल और मीडियम इंटरप्राइजेज को मैक्सिमम स्पोर्ट देने की बात कहीं है, जिससे ये सभी उद्योग मैक्सिमम ग्रोथ हासिल कर सकें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लघु उद्योग भारती से जुड़े लघु उद्योगपति केवल मुनाफे के लिए काम नहीं करते, गौरव, परंपरा और नवाचार को बढ़ावा देते हैं। आप हर छोटे उद्यमी की आवाज़ बन रहे हैं। आप संगठन में शक्ति को चरितार्थ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योगपति "दाम कम, दम ज्यादा" मंत्र के साथ अपनी विश्वसनीयता बनाएं, एक बार जो आपका प्रोडक्ट खरीदे, वो बार-बार खरीदें। तकनीकी से जुड़ें, मार्केटिंग सीखें, ऑनलाइन बाजार से जुड़ें। अपने उत्पादों को ई-कॉमर्स बेवसाइट से जोड़कर लोकल से ग्लोबल बनाएं। कौशल भारत अभियान और नई शिक्षा नीति इस दिशा में बड़ा कदम है। छोटे उद्योगों के केंद्र में हमारी मातृशक्ति है। लाड़ली बहनों की भागीदारी से न सिर्फ परिवार की आमदनी बढ़ती है, साथ ही समाज में आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण का मार्ग भी खुलता है। लघु उद्योग ही स्वदेशी का आधार हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत विकसित और आत्मनिर्भर होगा, उसमें लघु उद्योगों की भूमिका सबसे बड़ी होगी।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि लघु उद्योग की की सुरक्षा जरूरी है। यह लोगों को रोजगार देते हैं। यह घरों को आबाद बनाए रखते हैं। इनसे समाज के कमजोर वर्ग के लोग रोजगार पाते हैं। यह लघु उद्योग ही देश को चलाते हैं। इस मायने में लघु उद्योग हमारे देश की सामाजिक संरचना के संरक्षक भी हैं। बड़े उद्योगों के सामने बने रहना इनके लिए एक बड़ी चुनौती होती जा रही है।
डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि लघु उद्योग सिर्फ भारत देश में नहीं, पूरे विश्व में संकट में हैं। परंतु भारत में फिर भी ये उद्योग जीवित हैं और आगे भी रहेंगे, क्योंकि हम भारतीय अपनी परंपराओं, अपने मूल्यों और अपने लोगों से अंतर्मन से जुड़े हुए हैं। हमें एक बार फिर स्वदेशी भाव से जोड़ना होगा। लघु उद्योगों से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होता, क्योंकि यह कार्बन उत्सर्जन नहीं करते। उन्होंने कहा कि लघु उद्योगों में काम करने वाले मजदूर और कारीगरों का सम्मान होना चाहिए। हम सभी को देश के उद्योग कानून और नियमों का पालन करना चाहिए। कर का अपवंचन नहीं करना चाहिए, क्योंकि करों से ही देश की बुनियाद तैयार होती है, विकास होता है। उन्होंने बताया कि लघु उद्योग भारती द्वारा प्रदेश के पांच आईटीआई को मॉडल आईटीआई के रूप में डेवलप कर दिया गया है।
कार्यक्रम को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री तथा भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, लघु भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा, लघु उद्योग भारती के प्रांताध्यक्ष राजेश मिश्रा एवं अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में खेल एवं युवक कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर,संस्था के अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र सहित अन्य पदाधिकारी, लघु उद्योगपति एवं बड़ी संख्या में लघुउद्यमी उपस्थित थे।
बच्चे देश की धरोहर, इनकी प्रतिभाओं को संवारना हम सबका दायित्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
24 Aug, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बच्चे देश की अमूल्य धरोहर हैं। इनमें निहित असीमित प्रतिभाओं को निखारना और आगे बढ़ाना हम सबका दायित्व है। बच्चों और युवाओं की प्रतिभाएं ही देश को विकास पथ पर आगे ले जाती है। उन्होंने कहा कि बच्चे खूब पढ़े-लिखें और अपना भविष्य संवारें, सरकार हर घड़ी उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रायमरी कक्षा से लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हमारी सरकार छात्रवृत्ति दे रही है। सबके रोजगार की व्यवस्था भी हम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम 1 लाख पदों पर भर्ती करने जा रहे हैं। अगले पांच साल में 2.50 लाख शासकीय पदों पर भर्ती करेंगे। पुलिस की भर्तियां भी जारी हैं। इस साल 7500 पदों पर भर्तियां निकाली हैं। पुलिस की भर्ती के लिए अलग से पुलिस भर्ती बोर्ड भी बनाया जा रहे हैं। अगले तीन साल में हर साल 7500 पदों पर भर्ती कर हम पुलिस विभाग के सभी रिक्त पदों की पूर्ति कर लेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भोपाल स्थित हिन्दी भवन में फूल माली समाज के 16वें राज्यस्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में विभिन्न परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और प्रावीण्य सूची में स्थान पाने वाले फूल माली समाज के प्रतिभाशाली एवं मेधावी विद्यार्थियों को मंच से प्रशस्ति-पत्र और सम्मान निधि देकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फूल-माली समाज के व्यवसाय को बढ़ाने के लिए हमारी सरकार पुष्प कलाकारी (फ्लॉवर डेकोरेशन) को बढ़ावा दे रही है। अभी हाल ही में जन्माष्टमी में सरकार ने सभी कृष्ण मंदिरों में पुष्प सज्जा के लिए आकर्षक पुरस्कार भी घोषित किए। उन्होंने कहा कि पुष्प और संस्कार दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। जिस तरह फूल सभी को प्रिय हैं, उसी प्रकार फूल-माली समाज भी सबका प्रिय है। खेती-किसानी और बागवानी का चोली-दामन का साथ है। किसान खेत में परिश्रम करता है और फूल माली समाज बागों में। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बागवानी संवर्धन के लिए भी राज्य सरकार अनेक कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फूल माली समाज ने अपने परिश्रम, लगन और कर्मठता से एक अलग पहचान बनाई है। समाज के बच्चों और युवाओं ने अपनी प्रतिभा से न केवल प्रदेश, बल्कि देश-विदेश में भी नाम रोशन किया है। ऐसे होनहारों का सम्मान करना वास्तव में हम सबके लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने बच्चों और युवाओं को कड़ी मेहनत, लगन और ईमानदारी से अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि वे बड़ा करने का सपना देखें। सपने पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार हमेशा उनके साथ है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार समाज के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, स्वरोजगार, व्यवसाय के साथ पुष्प श्रृंगार कला को और अधिक संवर्धन पर ध्यान दे रही है। राज्य सरकार सबका साथ-सबका विकास के साथ-साथ सबका विश्वास-सबका प्रयास के मूल मंत्र पर काम कर रही है। विकास की धारा से किसी भी समाज को वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का फूलमाली समाज के प्रतिनिधियों द्वारा पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाज के मांग-पत्र पर उज्जैन में समाज के लिए धर्मशाला निर्माण के लिए सहायता राशि दिए जाने और समाज की राष्ट्रीय विभूतियों को भारत रत्न दिए जाने के लिए समर्थन की मांग की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में समाज की धर्मशाला के निर्माण के लिए हर संभव सहायता देने की बात कही।
स्वागत उद्बोधन में फूल माली समाज के प्रादेशिक पदाधिकारी हरिनारायण माली ने बताया कि समाज का यह 16वां प्रतिभा सम्मान समारोह है। समाज की गतिविधियों के विस्तार के लिए सरकार का साथ चाहिए। समारोह में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, विधायक भगवान दास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, समाजसेवी रविन्द्र यति, जी.पी. माली, हरिनारायण माली, भगवान भाई माली, शांति, गीता प्रसाद,नरेन्द्र राहुल सहित समाज के अन्य पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में समाजजन एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
बुरहानपुर में बड़ा हादसा, गणेश प्रतिमा गिरने से युवक की मौत, 1 करोड़ मुआवजे की मांग
24 Aug, 2025 06:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP News: बुरहानपुर में सड़कों पर गड्डों की वजह गणेश प्रतिमा के नीचे दबकर युवक की मौत हो गई। इस घटना ने अब सियासी रंग ले लिया है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार को इसका जिम्मेदार ठहराया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जीतू पटवारी ने लिखा कि, 'बुरहानपुर में 12 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा ले जाते समय सड़कों पर गड्डों की वजह से प्रतिमा गिर गई। प्रतिमा के नीचे दबने से खंडवा निवासी शशांक जोशी (26) की मौत हो गई। मुख्यमंत्री जी, यह भी "सरकारी-हत्या" है। दोषी पूरी सरकार और भाजपा द्वारा बनाया सिस्टम है।'
1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग
जीतू पटवारी ने आगे लिखा कि, इस अक्षम्य अपराध के जिम्मेदारों पर तत्काल हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया जाए। पीड़ित परिवार को न्यूनतम 1 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि भी तत्काल दी जाए।
ये है पूरा मामला
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात 9:30 बजे खंडवा से गणेशोत्सव समिति के युवा गणेशजी की बड़ी प्रतिमा लेने के लिए बुरहानपुर के लालबाग आए थे। ट्रॉली से प्रतिमा ले जाते समय लालबाग रोड तुलसी मॉल के सामने ट्रॉली से प्रतिमा अनियंत्रित होकर गिर गई। हादसे में शशांक जोशी निवासी हरीगंज खंडवा प्रतिमा के नीचे दब गया। शोर मचने पर स्थानीय लोगों द्वारा प्रतिमा के नीचे से युवक को निकाल कर निजी अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक चेकअप के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद लालबाग रोड सहित अस्पताल में लोगों की भीड़ लग गई।
दो दिन में दूसरी घटना
महाराष्ट्र सहित आसपास के जिलों से समितियों के लोग बड़ी प्रतिमाएं लेने बुरहानपुर आ रहे है। दो दिन पहले गुरुवार को भी इंदौर इच्छापुर हाइवे पर दापोरा के पास प्रतिमा भी ट्रॉली से गिरकर खंड़ित हुई थी। लालबाग रोड पर शनिवार रात को यह घटना हो गई। दोनों ही घटनाओं के पीछे रोड खराब होने एवं गड्ढों के कारण प्रतिमा अनियंत्रित होकर गिरने की बात कही जा रही है।
विजयपुर में शव वाहन की व्यवस्था नहीं, पोस्टमार्टम के बाद मिलता है जवाब खुद कर लो व्यवस्था
24 Aug, 2025 12:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्योपुर: मध्य प्रदेश में विकास के लाख दावे उस जगह आकर फेल हो जाते हैं जहां मरने के बाद भी एक ग्रामीण के शव को उसके घर तक पहुंचाने के लिए शव वाहन तक नहीं मिलता. परिजन राह ताकते रहें लेकिन व्यवस्था की कोई उम्मीद नहीं लगती. जी हां ठीक ऐसी ही तस्वीर प्रदेश के श्योपुर से निकल कर आई है. एक बुजुर्ग जिसने इलाज के दौरान सरकारी अस्पताल में दम तोड़ दिया लेकिन उसके शव को घर तक पहुंचाने के लिए शव वाहन तक नहीं मिला.
एक्सीडेंट में हुई थी महिला की मौत
असल में मामला श्योपुर के विजयपुर क्षेत्र का है, वही विजयपुर जहां लगभग 30 सालों तक रामनिवास रावत विधायक रहे. बीजेपी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी बने लेकिन उस विधानसभा के मुख्यालय विजयपुर में शव वाहन की व्यवस्था नहीं है. ये बात तब एक बार फिर अखरी जब शुक्रवार को विजयपुर के इकलौद रोड पर 2 मोटर साइकिल की भिड़ंत हो गई. इस हादसे में दो मासूम बच्चों समेत कुल 5 लोग घायल हुए थे, एक तरह से सामान्य सड़क दुर्घटना थी. लेकिन इलाज के दौरान हादसे का शिकार हुई 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला भग्गो बाई की मौत हो गई.
अस्पताल कर्मचारियों ने कहा खुद करो इंतजाम
मौत के बाद भग्गो बाई के शव का पोस्टमार्टम भी विजयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही किया गया. पोस्टमार्टम के बाद जब परिजन को शव सौंपा गया तो वाहन शव ले जाने के लिए शव वाहन नहीं था. जब पीड़ित परिवार के लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से शव वाहन उपलब्ध कराने को कहा तो अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें खुद इंतजाम करने की बात कह दी.
ट्रैक्टर ट्रॉली से शव घर ले जाने मजबूर हुए ग्रामीण
इन हालातों में ग्रामीण काफी देर तक परेशान होते रहे. आखिर में एक निजी ट्रैक्टर ट्रॉली बुलवाई गई और मजबूरन ग्रामीण उसमें शव रख कर गांव के लिए रवाना हुए. ये ऐसी घटना थी जिसने मानवीय पहलुओं पर एक बार फिर शासन के दावों की कलई खोल दी.
कई बार कलेक्टर से की गई शव वाहन की मांग
स्थानीय बीजेपी नेता सौरभ जादौन तो इस समस्या को लेकर श्योपुर कलेक्टर को कई बार पत्राचार भी कर चुके हैं. बीजेपी नेता का कहना है कि "वे कई बार कलेक्टर को लिखित में शव वाहन ना होने की जानकारी और मांग रख चुके हैं लेकिन आज तक किसी तरह की सुनवाई नहीं हुई है.
ये विजयपुर में बहुत आम हो चुका है कि, लोग अस्पताल में आते हैं इलाज कराते हैं और यदि किसी की मौत हो जाती है तो उसके लिए शव वाहन होता ही नहीं है. पीड़ित परिवारों को खुद शव ले जाने की व्यवस्था करनी पड़ती है. जिसकी वजह से उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों ही परेशानियों से गुज़रना पड़ता है." हालांकि इस बारे में जानने के लिए हमने श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा से संपर्क का भी प्रयास किया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.
पति ने गुटखा खाने से रोका, महिला ने बच्चों संग लगाया मौत को गले
24 Aug, 2025 11:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सतना: जिले के मझगवा सिविल अस्पताल में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक मां ने बड़ा आत्मघाती कदम उठा लिया, जिसे जानकार आपके होश उड़ जाएंगे. मां में अपने 2 मासूम बच्चों के साथ आत्महत्या कर ली. वहीं एक मासूम बेटे का गंभीर हालात में इलाज जारी है. घटना उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के मारकुंडी थाना के इटमा डुड़ैला ग्राम की है.
मां ने बच्चों के साथ उठाया आत्मघाती कदम
उत्तर प्रदेश के इटमा डुड़ैला गांव में एक महिला ने अपने तीन मासूम बच्चों के साथ आत्महत्या की कोशिश की. जानकारी लगते ही परिजन ने चारों को तत्काल पास के ही सतना जिले के मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल पहुंचाया. जहां प्राथमिक इलाज के दौरान करीब आठ वर्षीय बेटी की मौत हो गई. बाकी मां और दो मासूम बेटे एवं बेटी की हालत गंभीर होने पर उन्हें सतना जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया.
पति ने गुटखा खाने से रोका था
सतना जिला अस्पताल पहुंचने पर 26 वर्षीय महिला ज्योति यादव और 5 वर्षीय बेटी ने भी दम तोड़ दिया. 4 वर्षीय एक मासूम बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है, जहां उसका उपचार जारी है. मृतिका ज्योति यादव के पति बब्बू यादव ने बताया कि, ''हम अपनी पत्नी को गुटखा खाने के लिए मना करते थे, और हमारी पत्नी नहीं मान रही थी. जिसकी वजह से मैंने अपनी पत्नी ज्योति को पैसे देना बंद कर दिया था. शनिवार सुबह मैंने इसी बात को लेकर उसे डाटा था.''
''इसके बाद मैं काम पर चले गया था. जब शाम को घर आया तो देखा कि घर का सामने से दरवाजा बंद था. फिर अंदर पीछे की ओर से जब पहुंचा तो बच्चे ने बताया कि, मम्मी ने मारने की कोशिश की है. मेरी पत्नी और बच्चों की हालत खराब होने पर हम उन्हें अस्पताल ले गए. जिसमें पत्नी ज्योति सहित दोनों बेटियों की मौत हो गई. बेटे का इलाज चल रहा है.''
4 वर्षीय बेटे का इलाज जारी
हालांकि मामला उत्तर प्रदेश से जुड़ा हुआ है. अभी तक पूरे मामले पर कही भी पुलिस सामने नहीं आई है. वहीं, जिला अस्पताल सतना के मेडिकल आफिसर डॉ. प्रणव ने बताया कि, महिला और दो बच्चे गंभीर हालत में अस्पताल में आए थे. जिसमें से इलाज के दौरान महिला और एक बच्ची की मौत हो गई. जबकि चार साल के बेटे का इलाज जारी है.''
हॉस्टल के खाने में जंप कर रहा था मेंढक, निवाला बनने से पहले छात्रों के उड़े होश
24 Aug, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवपुरी: कोलारस कस्बे के जगतपुर स्थित छात्रावास में बच्चों को खाने में सब्जी के साथ मेंढक परोसा गया. ऐसा वहां के छात्रों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है. बकायदा छात्रों ने इस घटना से जुड़ी फोटो और वीडियो बनाए. जिसके बाद अधिकारियों के पास इस फोटो-वीडियो भेज इसकी कंप्लेंट की और हॉस्टल का खाना खाने से मना कर दिया. छात्रों का आरोप है कि आए दिन खाने में कीड़े-मकोड़े नजर आते हैं.
खराब क्वालिटी खाना से नाराज हुए छात्र
जगतपुर स्थित हॉस्टल के छात्रों ने आरोप लगाया है कि लगातार खाने की क्वालिटी खराब होते जा रही है. इसके साथ ही गंभीर आरोप लगाए हैं कि आए दिन खाने में कीड़े-मकोड़े भी नजर आते हैं. शनिवार को तो हद तब हो गई जब एक बच्चे की थाली में परोसे गए खाने में मेंढक का एक बच्चा दिखा. इसके बाद छात्रों ने हॉस्टल में हंगामा मचा दिया और इसका विरोध किया. नाराज छात्रों ने कहा कि हॉस्टल में अच्छा खाना और शुद्ध पानी तक हमें नहीं मिल रहा है.
वार्डन पर धमकी देने का आरोप
छात्रों का आरोप है कि खराब व्यवस्था के कारण हॉस्टल में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. खाने की क्वालिटी सुधारने की मांग हमलोग कई बार कर चुके हैं लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है. इसके साथ ही किसी प्रकार की शिकायत करने पर हॉस्टल वार्डन धमकी देता है कि शिकायत करने वालों का खाना पीना बंद कर दिया जाएगा. जिससे बच्चे शिकायत करने से डरते हैं. लेकिन शनिवार को सब्जी में मेंढक देख बच्चों का सब्र टूट गया और सभी छात्रों ने मिलकर एक साथ इसका विरोध किया.
जांच के बाद होगी कार्रवाई
इस संबंध में आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक आर. के. सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा, "बच्चों ने जो वीडियो बनाए हैं उसके माध्यम से हमें इसकी जानकारी मिली है. ये एक गंभीर मामला है. इसलिए वार्डन को नोटिस जारी किया जा रहा है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी. वहीं, एसडीएम ने खाने का सैंपल लिया है और मामले की जांच करवाने की बात कही है.
कोलारस एसडीएम अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि "हमारे संज्ञान में वीडियो के जरिए छात्रों की बात सामने आई है. हमने लगातार इस मामले पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं. खाने की क्वालिटी बेहतर हो और शासन की नीति के अनुसार छात्रों को बेहतर जीवन छात्रावास में दिया जाए, इस तरह का ख्याल रखना जरूरी है. हम पूरे मामले की जांच करवा रहे हैं"
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