मध्य प्रदेश
कांग्रेस ने दी चेतावनी, आरक्षण बिना विधानसभा सत्र होगा ठप
26 Aug, 2025 03:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा हॉट टॉपिक में शामिल ओबीसी (OBC) आरक्षण के मामले में कांग्रेस पूरी तरीके से मुखर हो गई है। ओबीसी को आरक्षण देने की लड़ाई में कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि आरक्षण नहीं दिया तो अगला विधानसभा सत्र नहीं चलने देंगे। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार 27 की आरक्षण लागू करने के लिए कोर्ट में हलफनामा दें। इसके साथ ही रुकी हुई नियुक्ति को ही बहाल किया जाए, 13% होल्ड पद पर नियुक्ति की जाए।
बीजेपी के कारण नहीं मिला ओबीसी आरक्षण
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कोर्ट में अड़चन डालने वाले विभागों की जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ और मानना की कार्रवाई की जाए। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनाव हारने के बाद कोर्ट से ओबीसी आरक्षण के मामले में स्टे लेकर आई थी। आरक्षण बीजेपी के कारण ओबीसी वालों को नहीं मिला। उन्हें उम्मीद है कि आरक्षण सुप्रीम कोर्ट की वजह से मिलेगा। बीजेपी सरकार अब 28 तारीख को आरक्षण को लेकर सब दिल्ली बैठक बुला रही है। इस बैठक की क्या मंशा है, पहले स्पष्ट करें कि ओबीसी को आरक्षण देना है या नहीं।
साढे़ 6 साल बाद भी क्यों लटका आरक्षण
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि बैठक का क्या मतलब है? सरकार सुप्रीम कोर्ट में ऐफिडेविट देकर 27 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान करें। साढे 6 साल के बाद भी आखिर आरक्षण को लटका के क्यों रखा गया है। इसको बीजेपी पर जवाब देना चाहिए। जबकि साल 2021 में मुख्य क्षितिज ने सभी विभागों को आदेश जारी करके 27 फीसदी आरक्षण अग्रिम कोर्ट के आदेश नहीं होने तक देने के लिए कहा गया था लेकिन इस पर भी पालन नहीं किया गया। वहीं जीतू पटवारी ने कहा कि ओबीसी को आरक्षण देने की पहल दिग्विजय सिंह सरकार में हुई थी।कमलनाथ आरक्षण को लेकर अध्यादेश लेकर आए थे, अध्यादेश के विरोध में बीजेपी कोर्ट के रास्ते गई थी। बीजेपी ने आरक्षण देने का कोई काम नहीं किया, ओबीसी को आरक्षण अब तक क्यों नहीं मिला है।
6 महीने के बाद बन सकते हैं कई जिला अध्यक्ष
मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने भले ही 71 जिला अध्यक्ष तैयार कर लिए हैं लेकिन विरोध अभी जारी है। इस बीच जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष के कामकाज का हर 6 महीने में आकलन किया जाएगा। 6 महीने की रिपोर्ट कार्ड के आधार पर अध्यक्षों की किस्मत होगी। काम नहीं करने वाले अध्यक्ष भी बाहर होंगे, जैसा कि पिछले दिनों भोपाल, इंदौर सहित कई जिलों में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर विरोध हुआ था। अब उनके कामकाज की निगरानी भी कांग्रेस हाई कमान करने जा रही है।
कैबिनेट की बैठक में प्रदेश सरकार के अहम फैसले, चुनाव सुधार और पुलिस सशक्तिकरण पर फोकस
26 Aug, 2025 02:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंगलवार को कैबिनेट मीटिंग हुई। इस मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट मीटिंग के फैसलों की जानकारी कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दी। पिछली सरकार में नगर पालिका, नगर पंचायत के चुनाव इनडायरेक्ट होते थे। इसमें काफी अराजकता की स्थिति होती है।अध्यक्ष को ब्लैकमेल तक किया जाता है। अध्यक्ष परिषद में लेनदेन ना हो. अस्थिरता बन जाती है, आने वाले समय में हम इनडायरेक्ट चुनाव नहीं करेंगे। अविश्वास लाने की प्रवृत्ति खत्म हो जाएगी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि इस पर अध्यादेश लेकर आया जाए। नगर पालिका, नगर पंचायत निर्भीकता पूर्वक कम कर सके। डायरेक्ट चुनाव कराने का प्रस्ताव बाद में लेकर आया जाएगा।
पब्लिक प्रोसिक्यूशन ऑफिसर के 610 पदों को मंजूरी
वन कोर्ट वन प्रॉसिक्यूटर के तहत अभियोजन की स्वीकृति के लिए पद बढ़ाए जाएंगे। एडीपीओ और डीपीओ की संख्या कम होने की वजह से कई बार सरकार केस भी हार जाती है। इस व्यवस्था से लोगों को न्याय भी जल्दी मिलेगा। न्यायालय की हमेशा शिकायत रहती है कि उपस्थिति नहीं होने की वजह से तारीख आगे बढ़ानी पड़ती है।185 अतिरिक्त लोक अभियोजन, अतिरिक्त जिला अभियोजन के 225, सहायक जिला अभियोजन के 100 पद पद स्वीकृत किए हैं। करीब 610 स्वीकृत किए गए हैं, 60 करोड रुपए का खर्च आएगा।
25 हजार टैबलेट खरीदे जाएंगे
मध्य प्रदेश पुलिस को हाईटेक बनाने के लिए टैबलेट खरीदे जाएंगे, पुलिस अधिकारियों को टैबलेट दिए जाएंगे।फिलहाल 1732 अधिकारियों को टैबलेट दिए जाएंगे, इसके बाद चरणबद्ध रूप से कुल 25 हजार टैबलेट खरीदे जाएंगे।
उज्जैन में होगी ग्लोबल स्पिरिचुअल कांग्रेस
उज्जैन में 27 अगस्त को ग्लोबल स्पिरिचुअल कांग्रेस का आयोजन किया जाएगा। महाकाल लोक बनाया गया है इसी तर्ज पर ओंकारेश्वर का भी काम चल रहा है। धार्मिक स्थल के साथ पर्यटक स्थल भी बने. इस विषय में काम कर रहे हैं। तिरुपति बालाजी, शिरडी वाले साईं बाबा ट्रस्ट से सुझाव मांगे गए हैं. कैसे विकास के कार्य हो सकें, इस पर भी उनसे सुझाव दिए जाएंगे।
ग्वालियर स्वास्थ्य विभाग सख्त, नकली क्लीनिकों पर शिकंजा
26 Aug, 2025 12:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर। ग्वालियर में सोमवार को CMHO डॉ. सचिन श्रीवास्तव की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी तरीके से चल रहे पांच क्लीनिकों को सील कर दिया। ये सभी क्लीनिक लंबे समय से बिना पंजीकरण के चल रहे थे और शहर के कई लोगों का इलाज बिना डर के कर रहे थे। इन क्लीनिकों में इलाज करने वाले लोग लोग मान्य मेडिकल डिग्रीधारी नहीं थे।
हजीरा और लश्कर इलाके में रेड
CMHO टीम ने हजीरा और लश्कर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान यह सामने आया कि इन क्लीनिकों में RMP, B. Pharma और अन्य डिप्लोमा धारक लोग एलोपैथिक इलाज कर रहे थे, जबकि उन्हें इसकी अनुमति नहीं है। जांच में पता चला कि कई जगह डिग्रीधारी खुद मरीजों का इलाज नहीं कर रहे थे, बल्कि उनकी जगह अन्य लोग दवाएं दे रहे थे। टीम ने पाया कि कुछ संचालक सिर्फ बी.फार्मा या होम्योपैथी की डिग्री रखते थे, लेकिन यहां एलोपैथिक इलाज कर रहे थे, जो नियमों का उल्लंघन है।
तुरंत सील किए गए पांच क्लीनिक
निरीक्षण में जिन क्लीनिकों को सील किया गया, उनमें विश्वास क्लीनिक सेवा नगर किलागेट, विश्वास क्लीनिक चार शहर का नाका, के.टी. दीवान क्लीनिक हजीरा, पी.सी. बाथम क्लीनिक हजीरा और हाकिम सिंह क्लीनिक लक्ष्मीगंज रोड शामिल हैं। इनमें से कोई भी क्लीनिक नियमानुसार पंजीकृत नहीं था। कुछ संचालकों के पास होम्योपैथी या फार्मेसी की डिग्री थी, लेकिन वे एलोपैथिक इलाज कर रहे थे, जो कानून के खिलाफ है।
एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी
सीएमएचओ डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने कहा कि यह मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है और इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस से चर्चा की जा चुकी है और मंगलवार तक सभी संचालकों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आगे भी इस तरह की जांच जारी रहेगी ताकि फर्जी क्लीनिकों पर पूरी तरह रोक लग सके।
ड्रग्स की 'क्वीन': मध्य प्रदेश में 1 करोड़ की ब्राउन शुगर के साथ महिला तस्कर दबोची गई
26 Aug, 2025 10:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर: महाराष्ट्र की हसीना पारकर की तरह पर मध्य प्रदेश के इंदौर में भी एक महिला द्वारा ड्रग्स तस्करी का पूरा रैकेट संचालित किया जा रहा था, सोमवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला तस्कर को गिरफ्तार किया है. उसके पास से बड़ी मात्रा में ब्राउन शुगर और लगभग 48 लाख रुपए बरामद किये गये हैं. पुलिस गिरफ्तार महिला से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.
हसीना की तर्ज पर तस्करी
इंदौर पुलिस लगातार मादक पदार्थ की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. इसी कड़ी में इंदौर क्राइम ब्रांच को सूचना मिला कि द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में एक महिला द्वारा मादक पदार्थ सप्लाई करने का गिरोह संचालित किया जा रहा है. जिसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी महिला के घर पर दबिश दी. तलाशी के दौरान तकरीबन 516 ग्राम ब्राउन शुगर और बरामद हुआ. जिसकी कीमत लगभग 1 करोड़ रुपए बताई जा रही है.
राजस्थान से जुड़ा है तार
इसके अलावा आरोपी महिला के घर से 48 लाख 50 हजार नकद बरामद हुआ. इंदौर के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि "आरोपी महिला राजस्थान के प्रतापगढ़ सहित अन्य जगहों से अवैध तरीके से मादक पदार्थ इंदौर लेकर आती थी और अपने कुछ तस्करों के माध्यम से सप्लाई करती थी."
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारी ने बताया कि "जब पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया तो महिला के घर करीब 18 हजार नोट मिला. इसमें 100, 200 और 500 का नोट शामिल है. इसकी गिनती करने के लिए बाकायदा नोट गिनने की मशीन का प्रयोग किया गया. आरोपी इंदौर में ड्रग्स तस्करी के मामले में काफी सालों से सक्रिय थी. उसके खिलाफ पूर्व में भी पुलिस के द्वारा सख्त कार्रवाई की जा चुकी है."
महाराष्ट्र की बड़ी गैंगस्टर हसीना पारकर की तर्ज पर आरोपी महिला ड्रग्स की तस्करी करती थी. आरोप है कि वह इंदौर से बैठकर पूरे मध्य प्रदेश में ड्रग्स तस्करी कर रही थी. पुलिस काफी सख्ती से पूछताछ करने में जुटी हुई है. जल्द ही आने वाले दिनों में पुलिस कुछ और तस्करों को महिला की निशानदेही पर गिरफ्तार कर सकती है.
कौन थी हसीना पारकर ?
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की छोटी बहन है हसीना इब्राहिम पारकर. जिन्हें हसीना आपा और अंडरवर्ल्ड क्वीन के नाम से भी जाना जाता था. हसीना पारकर का जन्म महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के मुमका गांव में हुआ था. वह 12 भाई और बहनों में से 7वें स्थान पर थी, वहीं दाऊद इब्राहिम तीसरे नंबर पर है. हसीना के खिलाफ सरकारी लैंड प्रोजेक्ट को लेकर साल 2006 में पहला केस दर्ज हुआ था. उसके बाद हसीना के खिलाफ विभिन्न तरह के कुल 88 मामले दर्ज थे. जुलाई 2014 में 51 साल की उम्र में हसीना पारकर की हार्टअटैक से मौत हो गई थी.
ग्रेटर नोएडा जैसी हैवानियत अब ग्वालियर में: नवविवाहिता को ज़हर देकर मारने की कोशिश
26 Aug, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: ग्रेटर नोएडा की तरह ग्वालियर में भी एक नवविवाहिता दहेज प्रताड़ना की शिकार हुई है. आरोप है कि ससुरालियों ने दहेज की डिमांड पूरी ना होने पर उसे कई बार जमकर मारा पीटा. इसके बाद उसे जहर देकर जान से मारने की कोशिश की. पीड़िता फिलहाल एक महीने से दिल्ली में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है. पिछले साल ही उसकी शादी हुई थी.
पिता ने ससुरालियों पर दर्ज कराया मामला
असल में ग्वालियर के बीएसएफ कॉलोनी में रहने वाली नवविवाहिता पिछले एक महीने से दिल्ली के बड़े अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है. पिता सतीश शर्मा का आरोप है कि "बेटी के ससुराल वालों ने उसे दहेज के लिए जहर दे दिया. पीड़ित पिता ने ग्वालियर के महाराजपुरा थाने में ससुराल वालों पर मामला भी दर्ज कराया है."
पिछले साल धूमधाम से की थी शादी
सतीश शर्मा का कहना है कि "वे किसान हैं और भिंड जिले के दबोहा गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने 18 फरवरी 2024 को मेहगांव क्षेत्र के गिंगरखी निवासी आदित्य शर्मा जो ग्वालियर के डीडीनगर बीएसएफ कॉलोनी में रहते हैं से अपनी बेटी सोनाली की धूमधाम से शादी की थी. शादी में साढ़े 14 लाख रुपये कैश और सारा सामान भी दिया था."
शादी के बाद की बुलट की डिमांड
लड़की के पिता सतीश शर्मा का कहना है कि "शादी के बाद बेटी के ससुराल वाले बुलट मोटीसाइकल की डिमांड करने लगे. बेटी ने ये बात पिता को भी बताई तो उन्होंने कुछ समय बाद अपने बेटे की शादी करने और उसकी शादी के बाद विदाई के तौर पर बुलट देने की बात कही थी".
'पहले गर्म रॉड से दागा फिर कोल्ड ड्रिंक में दे दिया जहर'
फरियादी किसान पिता सतीश शर्मा का कहना है कि "उनके द्वारा वादा किए जाने के बावजूद ससुराल वालों को तसल्ली नहीं हुई. बेटी को प्रताड़ित करने लगे, उसे लोहे की रॉड से जलाया भी और फिर 19 जुलाई 2025 को उसे मारने के लिए कोल्ड ड्रिंक में मिलाकर जहर दे दिया. "
अब तक इलाज में 35 लाख खर्च
पीड़िता के पिता सतीश शर्मा के मुताबिक "उसे पहले गंभीर हालत में ग्वालियर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. एक दिन बाद उसे दिल्ली रेफर कर दिया. जहां पिछले एक महीने से वह वेंटीलेटर पर है. अब तक इलाज में 35 लाख रुपये खर्च हो चुका है. लेकिन आरोपी ससुरालियों पर महाराजपुरा थाना में एफाईआर कराने के बावजूद कोई गिरफ्तारी नहीं हुई. पुलिस उनकी कोई सुनवाई नहीं करती."
भाई ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
पीड़िता के भाई मयंक शर्मा ने भी बहन पर प्रताड़ना की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर दी है, अपनी पोस्ट में उसने बताया कि "उसकी बहन एक महीने से आईसीयू में है. जिसकी हालत में कोई सुधार नहीं है साथ ही आरोप लगाया कि पुलिस मामले को नजरअंदाज कर रही है और अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है."
पुलिस बोली- गिरफ्तारी के कर रहे प्रयास
इस मामले में सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार का कहना है कि "यह घटना लगभग एक महीने पुरानी है. डीडी नगर की एक महिला की घरेलू हिंसा की एफआईआर दर्ज हुई थी. फरियादी परिजन ने जहर खिलाने का शक बताया था. फिलहाल पीड़िता दिल्ली में इलाजरत है, वहीं आरोपी फरार हैं जिन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं."
ग्रीन गणेश अभियान से जगाई पर्यावरण संरक्षण की अलख
25 Aug, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : एप्को के चार दिवसीय ग्रीन गणेश अभियान, जिसका शुभारंभ 22 अगस्त को किया गया था, सोमवार को समापन हुआl जागरूकता अभियान के अंतर्गत आयोजित चार दिवसीय "आओ बनाओ, निशुल्क घर ले जाओ "प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रमुख रूप से भोपाल के शा. नवीन उ. मा. विद्यालय ओल्ड कम्पियन, शासकीय मा. विद्यालय बोर्ड कालोनी, शा. हाई स्कूल बैरागढ़ चीचली, शा. राजा भोज उ. मा. विद्यालय, शा. नवीन कन्या हाई स्कूल नेहरू नगर, जागरण लेक यूनिवर्सिटी, आनंद विहार महिला महाविद्यालय, शा. नवीन हायर सेकंड्री स्कूल चूनाभट्टी, सेज इंटरनेशनल स्कूल, शा. एम. एल. बी. कन्या स्कूल बरखेड़ा, व्ही. एन. एस. कालेज तथा एक्सीलेंस कालेज के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ प्रतिभागिता कीl
एप्को टीम द्वारा अभियान के अंतर्गत भोपाल के बाल संप्रेषण गृह सहित चार अन्य स्कूलों में जाकर मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाना सिखाया गया और जल-स्रोतों के लिण् हेतु घर पर ही प्रतिमाओं विसर्जन के लिऐ प्रेरित भी किया। एप्को टीम द्वारा इस अभियान के अंतर्गत दो दिवसीय वेबिनार का भी आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 8000 ईको क्लब्स से जुड़े शिक्षक एवम् विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षित किया गया। भोपाल के छात्र- छात्राओं, शिक्षक तथा कई अधिकारी / कर्मचारियों एवम् आम नागरिकों सहित अभियान में लगभग 2150 प्रतिभागियों ने उत्साह से हिस्सा लिया और अपने हाथों से गणेश प्रतिमा का निर्माण किया।
अभियान के समन्वयक एप्को के कार्यपालन यंत्री राजेश रायक्वार, प्रशासनिक अधिकारी मनोहर पाटिल द्वारा कार्यशाला के समापन समारोह में प्रतिभागियों को अभियान के उद्देश्यों से परिचित कराते हुए पर्यावरण प्रदूषण के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई l मूर्ति को प्राकृतिक रंगो से सजाने के साथ उनका विसर्जन घर पर ही करने के लिए प्रतिभागियों को प्रेरित भी किया गयाl यह भी आग्रह किया गया कि प्लास्टर ऑफ पेरिस तथा रासायनिक रंगों से निर्मित प्रतिमाओं का उपयोग न करें। इसके स्थान पर मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की स्थापना करें तथा उनका विसर्जन घर पर ही करें हमारे जिससे जल स्रोत प्रदूषित न होने पाएं।
प्रतिभागियों ने इसे जलीय संरचनाओं के संरक्षण की दिशा में सराहनीय प्रयास बतायाl मूर्ति बनाने के लिए एप्को के कमलेश वर्मा, वास्तुविद के मार्गदर्शन में एप्को के प्रशिक्षक सर्व मनीष, महेंद्र, शिवलाल, सुनील, राकेश एवं राजेंद्र द्वारा प्रतिभागियों की सहायता की गई।
गो-डॉउन में ही उपार्जन केन्द्र बनाने को दी जायेगी प्राथमिकता : अपर मुख्य सचिव खाद्य शमी
25 Aug, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : गो-डॉउन में ही उपार्जन केन्द्र बनाने को प्राथमिकता दी जायेगी। जिससे उपार्जित अनाज के परिवहन में लगने वाला खर्च बच सके। अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण रश्मि अरूण शमी ने यह बात प्रोक्योरमेंट रिफार्म पर हुई स्टेट लेवल वर्कशॉप में कही। वर्कशॉप कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में संपन्न हुई। वर्कशॉप में भारत सरकार के अपर मुख्य सचिव एवं वित्तीय सलाहकार खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति संजीव शंकर, भारत सरकार में संयुक्त सचिव सुसी. शिखा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
अपर मुख्य सचिव शमी ने कहा कि गत रबी सीजन में लगभग 9 लाख किसानों से 77 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं का उपार्जन किया गया और लगभग 20 हजार करोड़ रूपये किसानों के खाते में अंतरित किये गये। गेहूं के उपार्जन में राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल का बोनस दिया गया है। इसी तरह लगभग 6 लाख 50 हजार किसानों से 43.5 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। उपार्जन के लिये किसानों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में आधार नम्बर को भी जोड़ा गया है। उपार्जन केन्द्रों से ही मिलर्स को धान देने का प्रावधान किया गया है। उपार्जन केन्द्रों पर किसानों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। पीडीएस दुकानों में अनाज ले जाने वाले वाहनों की सघन मॉनिटरिंग की जाती है। प्रदेश में उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केन्द्र के रूप में विकसित करने की भी योजना है। वर्तमान में इंदौर में यह कार्य शुरू कर दिया गया है। उचित मूल्य की दुकानों से खाद्यान्न लेने वाले उपभोक्ताओं की ई-केवायसी कराई जा रही है। ई-केवायसी के बाद अपात्र लोगों को बाहर किया गया है और लगभग 5 लाख 70 हजार नये उपभोक्ताओं को सूची में जोड़ा गया है।
वर्कशॉप में भारत सरकार के अपर सचिव एवं वित्तीय सलाहकार खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति संजीव शंकर ने आयोजन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्कशॉप में उपस्थित अधिकारी अपने सुझाव जरूर दें। शंकर ने कहा कि उपार्जन की प्रक्रिया को और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है, इस संबंध में गहन विमर्श किया जायेगा। भारत सरकार की संयुक्त सचिव पॉलिसी एण्ड एफसीआई सुसी. शिखा ने बिलिंग प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सब्सिडी की जानकारी प्रतिमाह भेजें। उन्होंने मध्यप्रदेश की गुड प्रेक्टिसेस के बारे में भी जानकरी दी और विभाग की कार्यप्रणाली की सराहना की।
जनरल मैनेजर एफसीआई विशेष गढ़पाले ने प्रोक्योरमेंट सेंटर सेल्फ असेसमेंट प्रोग्राम (पीसीएसएपी) के बारे में जानकारी दी। आयुक्त खाद्य कर्मवीर शर्मा ने गेहूं और धान के उपार्जन के संबंध में बनाये गये एक्शन प्लान की जानकारी दी। उन्होंने उपार्जन प्रक्रिया के सरलीकरण के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये। एमडी नागरिक आपूर्ति निगम अनुराग वर्मा ने उपार्जन और भंडारण की प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं से अवगत कराया। अश्विनी गुप्ता ने फिजिकल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। अन्य उपस्थित अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव विद्युत कंपनियों के 1060 कर्मचारियों को देंगे नियुक्ति-पत्र
25 Aug, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 अगस्त को दोपहर 12 बजे रवीन्द्र भवन भोपाल में विद्युत कंपनियों के नवनियुक्त 1060 कार्मिकों को नियुक्त-पत्र वितरित करेंगे। कार्यक्रम में बिजली कंपनियों के लिए नवीन संगठनात्मक संरचना के तहत 51 हजार 711 नये स्थाई पदों की स्वीकृति के लिये मुख्यमंत्री का अभिनंदन भी किया जायेगा। ऊर्जा विभाग की विभिन्न बिजली कंपनियों में रिक्त पदों की परीक्षा के बाद कर्मचारियों का चयन किया गया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार को मंत्रालय में 26 अगस्त के कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने अधिकारियों को सभी तैयारियां समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कार्यक्रम स्थल का भी निरीक्षण किया। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई ने कार्यक्रम आयोजन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि संकल्प-पत्र के आधार पर विभिन्न पदों पर एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भर्ती की गई है। चयनित पदों में बिजली इंजीनिय़र, सिविल इंजीनियर, लेखाधिकारी, सूचना प्रौद्योगिकी प्रबंधक, सहायक विधि अधिकारी, लाइन अटैंड़ेंट, सिक्य़ोरिटी ऑफिसर, पॉवर प्लांट फार्मासिस्ट, केमिस्ट, एएनएम, ट्रेसर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्निशियन, रेडियोग्राफर, ईसीजी टैक्निशियन, पब्लिसिटी ऑफिसर, मेडिकल ऑफिसर आदि पद शामिल हैं। भोपाल में होने वाले इस राज्य स्तरीय समारोह में नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं के परिजनों को भी आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर प्रदेश की विभिन्न बिजली कंपनियों की उपलब्धियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। साथ ही विद्युत कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी कर्मचारी हितों और उपभोक्ता सेवाओं को लेकर चर्चा भी की जाएगी। बैठक में एम.डी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी अविनाश लवानिया और एम.डी. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षितिज सिंघल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा भर्ती अभियान शुरू
25 Aug, 2025 08:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भोपाल के रवीन्द्र भवन में सोमवार 26 अगस्त को दोपहर 12 बजे राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ऊर्जा विभाग की विभिन्न कंपनियों में चयनित 1060 युवाओं को नियुक्ति-पत्र सौंपेंगे। इन पदों पर भर्ती एमपी ऑनलाइन के माध्यम से लिखित परीक्षा और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद की गई है।
51 हजार से अधिक नए पदों की स्वीकृति
इस आयोजन में बिजली कंपनियों के लिए हाल ही में स्वीकृत 51 हजार 711 नए स्थाई पदों को लेकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन भी किया जाएगा। इससे न केवल बिजली कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी बल्कि प्रदेश में हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि यह नियुक्तियां भाजपा के संकल्प-पत्र के आधार पर की गई हैं और इससे कंपनियों की संगठनात्मक संरचना मजबूत होगी।
इंजीनियर से मेडिकल ऑफिसर तक होंगे नियुक्त
इस भर्ती प्रक्रिया में बिजली इंजीनियर, सिविल इंजीनियर, लेखाधिकारी, सूचना प्रौद्योगिकी प्रबंधक, सहायक विधि अधिकारी, लाइन अटेंडेंट, सिक्योरिटी ऑफिसर, पावर प्लांट फार्मासिस्ट, केमिस्ट, एएनएम, ट्रेसर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्निशियन, रेडियोग्राफर, ईसीजी टेक्निशियन, पब्लिसिटी ऑफिसर और मेडिकल ऑफिसर जैसे पद शामिल हैं।कार्यक्रम में चयनित युवाओं के परिजनों को भी आमंत्रित किया गया है। साथ ही बिजली कंपनियों की उपलब्धियों को दर्शाने वाली प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा का सत्र भी होगा।
शिवराज सरकार की वापसी का असली कारण बताए कमलनाथ ने
25 Aug, 2025 07:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्यप्रदेश की राजनीति में साल 2020 में सरकार गिराने की हुई घटना पर फिर से पुराने जख्म कुरेदे जा रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 5 साल बाद बड़ी बात स्वीकार की है।उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सिर्फ व्यक्तिगत महत्वकांक्षा की वजह से नहीं गिरी थी, बल्कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की यह धारणा भी बड़ी वजह बनी कि सरकार असल में दिग्विजय सिंह चला रहे थे। कमलनाथ ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अब पुरान बातों को उखाड़ने का कोई फायदा नहीं है, लेकिन यह सच है कि सिंधिया को लगा कि सरकार दिग्जिवजय सिंह चला रहे हैं। इसी नाराजगी में उन्होंने कांग्रेस के विधायकों को तोड़ा और सरकार गिरा दी। कमलनाथ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राहुल गांधी प्रदेश के नए जिला अध्यक्षों से मुलाकात कर कांग्रेस को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, दूसरी ओर पार्टी के बड़े नेता फिर पुराने मुद्दों को हवा दे रहे हैं।
दिग्विजय का खुलासा
हाल ही में दिग्विजय सिंह ने एक पॉडकास्ट में बताया था कि एक बड़े उद्योगपति के घर डिनर के दौरान सिंधिया ने कमलनाथ को ग्वालियर-चंबल से जुड़ी समस्याओं की एक सूची दी थी। लेकिन, जब उस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो सिंधिया को लगा कि दिग्विजय सिंह का सरकार पर ज्यादा असर है।
सिंधिया के साथ चले गए 22 विधायक
इसके बाद ही कांग्रेस की बालात बिगड़ गए और मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। उनके साथ 22 विधायक भी चले गए थे। नतीजा यह हुआ कि कांग्रेस अल्पमत में आ गई और शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार फिर सत्ता में लौट आई।
भोपाल में गरमाई सियासत, जीतू पटवारी बोले- कमलनाथ और दिग्विजय की टकराहट असली है या रणनीति, समझना मुश्किल
25 Aug, 2025 04:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिरने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बीच बयानबाजी का दौर चल रहा है। इसी बीच सोमवार को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले पर अपना बयान दिया।जीतू पटवारी ने कहा कि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ बड़े छोटे भाई हैं, दोनों की केमिस्ट्री है। दोनों का 45 साल का रिश्ता है, उनकी केमिस्ट्री समझना बहुत मुश्किल है। पुरानी बातों का कोई औचित्य नहीं है। हमें पीछे की बात नहीं करनी है। मुझे आने वाले भविष्य की ओर देखना है। वहीं पटवारी ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को सरकार गिराने की सजा मिलनी चाहिए।
सबसे ज्यादा कर्जदार राज्य मध्यप्रदेश
जीतू पटवारी ने कहा कि आज देश में जनसंख्या अनुपात के हिसाब से सबसे ज्यादा कर्जदार राज्य मध्यप्रदेश है। सरकार जनता के नाम पर कर्ज लेती हैं और उसका इस्तेमाल विधायकों की तनख्वाह बढ़ाने, मंत्रियों के घरों के सौंदर्यीकरण, महंगी गाड़ियां खरीदने, 1000 करोड़ के विज्ञापन और 5000 करोड़ के आयोजन करने में कर रहे हैं। प्रदेश में अद्भुत भ्रष्टाचार का आलम है। सरकार का हर विभाग और हर योजना कमीशनखोरी पर चल रही है।
आईटी पार्क को10 लाख रुपये सालाना किराए पर दिया
पटवारी ने कहा कि हाल ही में एक आईटी पार्क को महज 10 लाख रुपये सालाना किराए पर दे दिया गया, जबकि उससे लगभग 1.75 करोड़ रुपये मासिक आय होती है। यह प्रदेश की संपत्तियों को कौड़ियों के भाव बेचने जैसा है।नशामुक्ति अभियान की घोषणा करके तारीख दी, लेकिन उन्हीं दिनों में प्रदेश में सबसे ज्यादा नशा होता रहा। आज मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां महिलाएं भी सबसे ज्यादा शराब पीने को मजबूर हैं और ड्रग्स का सबसे बड़ा कारोबार यहीं फल-फूल रहा है।
कमलनाथ के खुलासे को बीजेपी ने बनाया हथियार, नरोत्तम मिश्रा ने कहा- कांग्रेस का पतन उसकी खुद की नेतृत्वहीनता का नतीजा
25 Aug, 2025 04:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। 2020 में कांग्रेस की सरकार गिरने को लेकर दिग्विजय सिंह और कममलनाथ की बयानबाजी पर भाजपा सक्रिय हो गई है। इसी क्रम में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के सोशल मीडिया पर सरकार गिरने के रखी बात पर तंज कसा है। डॉ. शायराना अंदाज में कहा कि ऐ क़ाफ़िले वालों, तुम इतना भी नहीं समझे थे,लूटा है तुम्हें रहज़न ने, रहबर के इशारे पर।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को बुढ़ापे में बच्चा रूपी सरकार मिली थी, लेकिन नेताओं ने उसे “चूम-चूमकर ही मार डाला।”
कमलनाथ सच की राह पर चल पड़े हैं
पूर्व मंत्री ने कहा कि हम पहले से कहते आ रहे थे कि कमलनाथ नहीं, बल्कि दिग्विजय सिंह सरकार चला रहे थे और यही कारण था कि सरकार गिरी। उस समय खुद मंत्री उमंग सिंघार ने भी यह बात कही थी, लेकिन कमलनाथ की आंखों पर दिग्विजय सिंह ने पट्टी बांध रखी थी। आज कमलनाथ को सच्चाई याद आ रही है। मिश्रा ने आगे कहा कि अब जब कमलनाथ सच की राह पर चल ही पड़े हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि डेढ़ साल की सरकार में दिग्विजय सिंह ने उनसे कौन-कौन से भ्रष्टाचारी फैसले करवाए।
“जनता गुमराह नहीं होगी”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कमलनाथ यह खुलासा नहीं करते, तो जनता मान लेगी कि दोनों नेता केवल एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि “असलियत यही है कि आप दोनों के बयानों ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस की नाव जो डूबी, उसे कप्तान ने ही छेद कर डुबोया था।”
मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया करेंगे ग्वालियर टूरिज्म कॉन्क्लेव का उद्घाटन, उद्योगपतियों का होगा जमावड़ा
25 Aug, 2025 04:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि और ग्वालियर–चंबल एवं सागर संभाग में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में ग्वालियर में 29 एवं 30 अगस्त को रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले इस रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में केंद्रीय संचार मंत्री और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्याेतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, तथा पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी की विशेष उपस्थिति होंगी।
राज्यमंत्री लोधी ने बताया कि मध्य प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ–साथ पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की जा रहा है। ग्वालियर के पर्यटन श्रेत्र में निवेश को नया आयाम मिलेगा। 'टाइमलेस ग्वालियर: इकोज ऑफ कल्चर, स्पिरिट ऑफ लेगेसी' थीम पर आधारित ये कॉन्क्लेव पर्यटन निवेश, सांस्कृतिक धरोहर, अनुभवात्मक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि कॉन्क्लेव में होटल, रिसोर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म क्षेत्र के निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (एलओए) प्रदान किए जाएंगे, एमओयू एवं अनुबंध होंगे। इन परियोजनाओं से स्थानीय समुदाय को पर्यटन आधारित रोजगार प्राप्त होगा और क्षेत्रीय पर्यटन को स्थायित्व के साथ बल मिलेगा। क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण घाेषणाएं होंगी। विशेष पर्यटन प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें मध्यप्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों, पर्यटन इकाइयों, हॉस्पिटैलिटी ब्रांड्स, होम स्टे, रिसॉर्ट्स, हैंडलूम/हैंडीक्रॉफ्ट, साहसिक गतिविधियों और सांस्कृतिक धरोहरों को समर्पित स्टॉल लगाए जाएंगे।
प्रमुख सचिव शुक्ला ने बताया कि रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में दो महत्वपूर्ण सत्र होंगे। “टूरिज्म इज अ कल्चरल ब्रिज– ब्रांडिंग ग्वालियर एंड हार्टलैंड ऑफ एमपी” विषय पर पैनल डिस्कशन होगा। इसमें ग्वालियर की सांस्कृतिक धरोहर, शास्त्रीय संगीत और स्थापत्य कला को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की रणनीतियों पर विचार होगा। दूसरा पैनल डिस्कशन 'ग्वालियर एंड चंबल राइजिंग– इनबाउंड अपील थ्रू हेरिटेज, लग्जरी एंड एक्सपीरियंस' विषय पर केंद्रित होगा, इसमें विरासत, लग्जरी स्टे, डेस्टिनेशन वेडिंग और अनुभवात्मक पर्यटन जैसे नए आयामों पर संवाद होगा।
गरीबी और संघर्ष को मात देकर मछुआरे की बेटी दीपिका ढीमर ने डल झील में भारत का परचम लहराया, जीता सिल्वर मेडल
25 Aug, 2025 04:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीहोर। कभी पिता का कर्ज चुकाने के लिए नाव चलाने वाली सीहोर जिले की मंडी गांव की 15 वर्षीय बेटी दीपिका ढीमर ने आज पूरे प्रदेश को गौरवान्वित कर दिया। जम्मू-कश्मीर की डल झील में आयोजित 'प्रथम खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल 2025' में दीपिका ने महिला वर्ग सी-2500 मीटर कयाकिंग-केनोइंग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर सीहोर का नाम रोशन किया। 21 से 23 अगस्त तक चले इस फेस्टिवल में मध्यप्रदेश वाटर स्पोर्ट्स केनो स्लालम और रोइंग अकादमी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 स्वर्ण, 2 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 11 पदक जीते। झील की लहरों पर हुए संघर्षपूर्ण मुकाबले खिलाड़ियों की मेहनत और कौशल का साक्षात उदाहरण बने।
कर्ज चुकाने नाव चलाती थीं बेटियां
दीपिका और उनकी बड़ी बहन कावेरी ढीमर का बचपन संघर्ष से भरा रहा। कभी वे इंदिरा सागर बांध के किनारे नाव चलाकर मछलियां पकड़ा करती थीं, ताकि पिता का कर्ज उतारा जा सके। वही नाव चालन आज उनकी ताकत बन गया और खेल की दिशा में उनकी नई पहचान गढ़ी।
बहन कावेरी बनी प्रेरणा
दीपिका की बड़ी बहन कावेरी ढीमर पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की चैंपियन हैं। महज 13 साल की उम्र में कावेरी ने वॉटर स्पोर्ट्स की शुरुआत की और अब नौसेना में भी उनका चयन हो चुका है। कावेरी ने ही दीपिका को अकादमी से जोड़कर खेल की राह दिखाई। दोनों बहनों की यह प्रेरणादायक कहानी पूरे प्रदेश की बेटियों के लिए मिसाल है।
प्रदेश को गौरवान्वित किया
खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल के समापन पर प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह जीत मध्यप्रदेश के खेल भविष्य की नई दिशा तय करेगी। दीपिका और प्रगति शर्मा की जोड़ी ने महिला वर्ग में पदक जीतकर प्रदेश की खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।
सीहोर की पहचान बनी
15 वर्षीय दीपिका अब तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर मेडल जीत चुकी हैं। उनकी सफलता न केवल जिले के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गौरव की बात है। संघर्षों से निकली यह बेटी आज सीहोर की पहचान बन गई है।
ससुराल में रहने की जिद बनी विवाद की जड़, पार्टनर ने अस्पताल में उठाया खतरनाक कदम
25 Aug, 2025 02:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: शादी को लेकर लिव इन पार्टनर से झगड़े के बाद एक युवती ने आत्महत्या कर ली है। युवती अस्पताल में फांसी पर लटकी मिली है। वह शाहपुरा इलाके के एक अस्पताल में काम करती थी। अंतरजातीय युवक ने युवती से कहा था कि शादी के बाद वह उसके माता-पिता के साथ रहेगी। युवती ने ससुराल में रहने पर आपत्ति जताई और यह कदम उठा लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
तान्या सूर्यवंशी है युवती का नाम
घटना भोपाल के शाहपुरा इलाके की है। युवती की पहचान तान्या सूर्यवंशी के रूप में हुई है। वह एक प्राइवेट अस्पताल में काम करती थी। वह शाहपुरा में किराए के कमरे में रहती थी। पुलिस के अनुसार, तान्या ने रात में फांसी लगाकर आत्महत्या की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं, उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे मामला क्लियर नहीं है।
लड़के ने ससुराल में रहने की बात कही
तान्या के पिता, साहब लाल सूर्यवंशी ने पुलिस को बताया कि दोनों परिवार जाति अलग होने के बावजूद शादी के लिए राजी हो गए थे। लेकिन, विवाद तब शुरू हुआ जब लड़के ने तान्या पर शादी के बाद अपने ससुराल में रहने का दबाव डाला। शाहपुरा पुलिस ने मृतका के लिव-इन पार्टनर की तलाश शुरू कर दी है। तान्या का मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है ताकि सबूत मिल सके।
सहयोगियों से भी होगी पूछताछ
अधिकारियों ने कहा कि उसके सहयोगियों से भी पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि क्या उसे उसके पार्टनर से कोई परेशानी थी। इस मामले ने रिश्तों में विवादों के कारण उठाए जाने वाले चरम कदमों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है। पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। वे सभी पहलुओं से जांच कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तान्या ने आत्महत्या क्यों की।
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