मध्य प्रदेश
प्रशासन बनाम जनप्रतिनिधि: कलेक्टर-विधायक विवाद को जीतू पटवारी ने बताया अराजकता का संकेत
28 Aug, 2025 01:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर : बीजेपी विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बीच हुई तीखी बहस और हंगामे के बाद अब यह मामला राजनैतिक तौर पर भी तूल पकड़ता जा रहा है. इस पूरे विवाद पर अब कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी निशाना साधा है.जीतू पटवारी ने अब इस मामले में प्रदेश की मोहन यादव सरकार को घेरा.
दरअसल, भिंड में खाद संकट पर कलेक्टर और बीजेपी विधायक के बीच हुए हंगामे पर कांग्रेस भी सवाल खड़े कर रही है.दतिया में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी ग्वालियर से गुजरते वक्त मीडिया के बीच सरकार को घेरा है.
सिंहस्थ 2028 से पहले मेट्रो का काम पूरा करने का लक्ष्य
28 Aug, 2025 01:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार शहरों के भीतर बेहतर कनेक्टिविटी और ट्रैफिक से राहत देने के लिए मेट्रो प्रोजेक्ट पर जोर दे रही है। इंदौर मेट्रो के सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सीमित दूरी तक कमर्शियल रन शुरू हो चुका है और भोपाल मेट्रो का भी कुछ हिस्सा जल्द चालू किया जा सकता है। इसी बीच सरकार ने उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर मेट्रो लाइन को हरी झंडी दी है. इस 84 किलोमीटर लंबे ट्रैक की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार करने का जिम्मा दिल्ली मेट्रो कॉर्पोरेशन लिमिटेड को सौंपा गया है और इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले तक रखा गया है।
इंदौर-उज्जैन रूट पर होंगे 11 स्टेशन
डीपीआर के मुताबिक इंदौर से उज्जैन तक 45 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर कुल 11 स्टेशन बनाए जाएंगे. इनमें भरवला, बरौली, धरमपुरी, तराना, सांवेर, पंथ पिपलाई, निनोरा, त्रिवेणी घाट, नानाखेड़ा, उज्जैन आईएसबीटी और उज्जैन रेलवे स्टेशन शामिल हैं। उज्जैन शहर में मेट्रो एलिवेटेड और भूमिगत दोनों तरह की होगी. खास बात यह है कि नानाखेड़ा से उज्जैन रेलवे स्टेशन तक भूमिगत ट्रैक का निर्माण होगा। माना जा रहा है कि इस पूरे सफर को मेट्रो से महज 45 से 50 मिनट में तय किया जा सकेगा, जबकि फिलहाल सड़क मार्ग से यह दूरी डेढ़ से दो घंटे में पूरी होती है।
बजट, फायदे और चुनौतियां
इस मेट्रो प्रोजेक्ट पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। ट्रैक और स्टेशन बनने से आसपास के इलाकों में रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। जमीन अधिग्रहण के दौरान किसानों और भूमि मालिकों को मुआवजा मिलेगा जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। इंदौर-उज्जैन मेट्रो की गति 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक रखी जाएगी, हालांकि स्टेशनों की दूरी कम होने के कारण इसकी स्पीड व्यावहारिक रूप से तय होगी। सरकार का लक्ष्य है कि 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले तक मेट्रो को चालू कर दिया जाए, मगर बजट और तकनीकी चुनौतियां फिलहाल बड़ी रुकावट बनी हुई हैं।
कांग्रेस विधायक का बेटा भी आरोपियों में, अदालत करेगी सुनवाई
28 Aug, 2025 12:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। व्यापमं फर्जीवाड़ा मामले में FIR होने के 10 साल बाद करीब 122 लोगों पर आरोप तय किए जाएंगे।उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले में जांच के आदेश दिए थे। कोर्ट के इस आदेश के बाद केस को एसआईटी से सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया था। अब CBI कोर्ट में आरोपियों का ट्रायल किया जाएगा।
10 साल पहले केस दर्ज किया था
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जुलाई 2015 में सीबीआई ने केस दर्ज किया था। CBI ने 5 दिसंबर 2020 को चार्जशीट पेश की थी। इसी साल 26 जुलाई को मामला ट्रायल के लिए सीबीआई की विशेष अदालत में पहुंचा। अब फर्जीवाड़ा मामले में आरोपियों पर चार्ज लगाए जाएंगे।
9 डॉक्टर्स पर भी तय होंगे आरोप
इस मामले में कई चर्चित नाम शामिल हैं, जिनमें कांग्रेस विधायक फुंदेलाल मार्को के बेटे अमितेष कुमार, निगम अधिकारी डॉक्टर अतिबल सिंह यादव के बेटे अरुण यादव, डॉ स्वाति सिंह (लखनऊ) का नाम शामिल है। ये एफआईआर ग्वालियर के झांसी रोड स्थित पुलिस थाने में साल 2013 में करवाई गई थी। इस केस जुड़े वकील अभिषेक पाराशर का कहना है कि स्वाति सिंह ने मोनिका यादव के स्थान पर प्री-मेडिकल टेस्ट की परीक्षा दी थी।
8 लोगों की हुई थी मौत
प्रदेश में सरकारी परिक्षाओं को आयोजित कराने के लिए मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल है। इसे पहले व्यावसायिक परीक्षा मंडल के नाम से जाना जाता था। मेडिकल कॉलेज के लिए प्रवेश परीक्षा यानी एमपी पीएमटी भी व्यापमं ही करवाती थी। इस परीक्षा में बड़े स्तर पर धांधली उस वक्त सामने आई, जब ग्वालियर के झांसी रोड स्थित पुलिस थाने में इस बारे में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। साल-दर-साल परत खुलती गई तो खुलासा हुआ कि ये धांधली बड़े स्तर पर की जा रही थी। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए परीक्षार्थियों के स्थान पर डमी कैंडिडेट्स एग्जाम देते थे और उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।
तीर्थयात्रा बनी त्रासदी: वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन से MP के यात्रियों की मौत
28 Aug, 2025 12:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मंदसौर: भारी बारिश के कारण वैष्णो देवी मार्ग में हुए भूस्खलन की घटना में मंदसौर जिले के 2 तीर्थयात्रियों की मौत होने की जानकारी सामने आई है. इस घटना में मंदसौर के ही 3 तीर्थयात्री गंभीर रूप से घायल हैं और 2 यात्री लापता हैं. इस घटना के बाद मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने ट्वीट कर मृतकों को श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने सरकार की ओर से घायलों को हर संभव मदद करने का आश्वासन भी दिया है. वहीं, जम्मू कश्मीर सरकार, प्रशासन और श्राइन बोर्ड की मदद से प्रभावित लोगों की सुरक्षित वापसी की कोशिश की जा रही है.
जम्मू कश्मीर में कई जगह लैंडस्लाइड
पिछले 48 घंटे के दौरान हुई भारी बारिश के कारण जम्मू कश्मीर में कई जगह लैंडस्लाइड की घटना हुई है. वहीं, वैष्णो देवी मार्ग पर अर्धकुंवारी और उसके रास्ते में हुए लैंडस्लाइड में करीब 41 लोगों के मरने की पुष्टि की गई है. जिसमें मंदसौर जिले के 2 लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं. बता दें कि मंदसौर के भीलखेड़ी गांव से तीर्थ यात्रियों का एक जत्था 23 अगस्त को वैष्णो देवी की यात्रा पर गया था.
शवों की नहीं हो पाई है पहचान
घटना की जानकारी मिलते ही मल्हारगढ़ एसडीओपी नरेंद्र सोलंकी भीलखेड़ी गांव पहुंचे. उन्होंने पीड़ित परिवार के घर जाकर उनसे मुलाकात की. उन्होंने बताया कि "अभी लापता लोगों के मरने की पुष्टि नहीं हुई है क्योंकि शवों की पहचान नहीं हो सकी है. मैं वहां के सरकारी अधिकारियों और सेना के जवानों के संपर्क में हूं. मृतकों के शवों को सुरक्षित घर पहुंचाने और घायलों के इलाज के लिए वहां के अधिकारियों से बातचीत जारी है."
पीड़ित परिवार को मदद का आश्वासन
इस मामले में मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग ने जम्मू कश्मीर सरकार और श्राइन बोर्ड के अधिकारियों से तत्काल बातचीत की. उन्होंने मृतकों के शवों को तत्काल घर रवाना करने और घायलों को उचित इलाज कराने की भी बातचीत की. कलेक्टर ने बताया कि "इस घटना में पीड़ित लोगों के बारे में जम्मू कश्मीर सरकार के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं." कलेक्टर ने पीड़ित परिवार को मदद करने का आश्वासन दिया है.
घटना के बाद गांव में पसरा सन्नाटा
ग्राम भीलखेड़ी से 23 अगस्त के दिन 7 लोगों का जत्था वैष्णो देवी के लिए रवाना हुआ था. जिसमें फकीरचंद, रतनबाई, सोहनबाई, देवीलाल, ममता, अर्जुन, परमानंद गुर्जर का नाम शामिल है. इस घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया है. क्षेत्रीय विधायक और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी पीड़ित परिवारों के लोगों से तत्काल बातचीत की है और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है.
"खुद की उतरी नहीं होगी रात की" बयान पर भड़के मोहन यादव, पटवारी को दिया तीखा जवाब
28 Aug, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उज्जैन: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर शराब बयान मामले में एक बार फिर पलटवार किया है. उज्जैन पहुंचे एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बोले पता नहीं कहां के आंकड़े ले आए, खुद की उतरी नहीं होगी रात की. पता नहीं क्या हुआ किसके लिए कह रहे हैं. भगवान जाने क्या मालूम क्या चक्कर है. जैसी बुद्धि वैसी बात, हमारी पार्टी और सरकार बहनों का अपमान करने का अधिकार किसी को नहीं देगी.
जीतू पटवारी के शराब बयान पर मोहन यादव का पलटवार
उज्जैन के एक कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जीतू पटवारी के महिलाओं द्वारा सबसे ज्यादा शराब पीने के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कार्यक्रम में जीतू पटवारी का नाम लिए बगैर कहा कि "कोई कहता है कि बहनों को पैसा मिल गया तो दारू पीती हैं. अरे शर्म आना चाहिए डूब मरना चाहिए. ऐसे बयान पर माफी मांगना चाहिए.
पता नहीं कहां के आंकड़े ले आए, खुद की उतरी नहीं होगी रात की. हमारी पार्टी प्रदेश की बहनों का अपमान बिलकुल सहन नहीं करेगी. हमारे यहां साल में 365 दिन में 500 से ज्यादा त्योहार मनाते हैं ऐसे में हर त्योहार में बहन-बेटियां को आगे रखा जाता है. लोकतंत्र में इस प्रकार की बातें कतई बर्दाशत नहीं होंगी."
मुख्यमंत्री के बयान पर जीतू पटवारी ने दिया जवाब
सीएम डॉ मोहन यादव के बयान के बाद प्रदेश पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि मैं पूरी विनम्रता से इसे अस्वीकार करता हूं. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी द्वारा मेरे प्रति की गई टिप्पणी उनकी निजी समझ के सरोकारों एवं बौद्धिक स्तर के आकलन से जुड़ी हुई है. मैं पूरी विनम्रता से इसे अस्वीकार करता हूं.
आदर्श राजनीति की पहचान है, बहस, संवाद और जनता के मुद्दे सामने लाने की ईमानदारी! न कि बिना प्रमाण के व्यक्तिगत आरोप और अपशब्दों में उलझने की नासमझी. मैं अपने तथ्यात्मक बयान का संदर्भ लेता हूं. फिर कहता हूं कि शराब का सरकारी व्यापार प्रदेश का भविष्य बर्बाद कर रहा है.
'भाजपा की सत्ता में फैल रहा नशा का कारोबार'
मेरे बयान में प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक बेहतरी के लिए आगाह करने वाली आवाज है. भाजपा सत्ता के समर्थन से यहां नशे का कारोबार फलफूल रहा है. नशे क फैल कारोबार पर लगाम लगाने की है. यदि हम व्यक्तिगत आरोपों में उलझेंगे, तो प्रदेशवासियों के असली मुद्दों से दूर होते चले जाएंगे और मैं ऐसा होने नहीं दूंगा. अपने मध्य प्रदेश के वास्तविक विकास के लिए, हमें साथ आकर, सहमति और समझदारी से काम करना ही होगा.
मुख्यमंत्री ने कहां दिया ये बयान?
दरअसल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का ये बयान बुधवार को उज्जैन में पुराने रीगल टॉकीज की जगह बनने वाली कमर्शियल काम्प्लेक्स, पार्किंग के साथ ही शहर के 2 प्रमुख मार्ग गाड़ी अड्डा से बड़ा पुल एवं गदा पुलिया से लालपुल ब्रिज तक चौड़ीकरण एवं निर्माण कार्य का भूमि पूजन के दौरान आम जन को संबोधित करते हुए दिया गया. निर्माण कार्य नगर निगम उज्जैन द्वारा सिंहस्थ मद से 79.27 करोड की लागत से किए जाएंगे.
ग्वालियर बनेगा पर्यटन विकास का केंद्र, 29-30 अगस्त को रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन
28 Aug, 2025 11:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर : मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रीवा के बाद अब ग्वालियर में भी रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है. आगामी 29 और 30 अगस्त को आयोजित होने वाले इस कॉन्क्लेव में देश भर से आने वाले टूरिज्म और होटल इंडस्ट्रियलिस्ट ग्वालियर चंबल अंचल और सागर संभाग में पर्यटन में निवेश की संभावनाए देखेंगे. इस कार्यक्रम में खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ-साथ राज्य और केंद्र सरकार के नेता मंत्री भी शामिल होंगे.
ये है ग्वालियर में आयोजित कॉन्क्लेव की थीम
पिछले दिनों रीवा में आयोजित हुए टूरिज्म कॉन्वलेव में करीब 3 हजार करोड़ रु के एमओयू साइन हुए थे. ऐसे में अब ग्वालियर आयोजित होने वाले दूसरे कॉन्क्लेव में भी पर्यटन क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावना मध्यप्रदेश सरकार देख रही है, क्योंकि निवेश के साथ-साथ यहां पर्यटन क्षेत्र से जुड़े व्यापार और उद्योग में बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर भी खुलेंगे. इस कॉन्क्लेव की थीम "टाइमलैस ग्वालियर इकोज ऑफ कल्चर, स्पिरिट ऑफ लेगेसी'' रखी गई है.
दो महत्वपूर्ण सत्रों में होगा पैनल डिस्कशन
ग्वालियर में आयोजित होने वाला कार्यक्रम शहर में स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के दंतोपत्त ठेंगढ़ी सभागार में होगा. ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान के मुताबिक, " इस दो दिवसीय कार्यक्रम में दो महत्वपूर्ण सत्र आयोजित होंगे, जिनमें पहला 'टूरिज्म इज अ कल्चरल ब्रिज– ब्रांडिंग ग्वालियर एंड हार्टलैंड ऑफ एमपी' विषय पर पैनल डिस्कशन होगा. इसमें ग्वालियर की सांस्कृतिक धरोहर, शास्त्रीय संगीत और स्थापत्य कला को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की रणनीतियों पर विचार होगा. दूसरा पैनल डिस्कशन 'ग्वालियर एंड चंबल राइजिंग– इनबाउंड अपील थ्रू हेरिटेज, लग्जरी एंड एक्सपीरियंस' विषय पर केंद्रित होगा. इसमें अंचल में होम स्टे, लग्जरी स्टे, डेस्टिनेशन वेडिंग और अनुभवात्मक पर्यटन जैसे नए आयामों पर बातचीत की जाएगी."
पर्यटन को बढ़ाने पर डबल जोर
मुख्य रूप से ग्वालियर में आयोजित होने वाले इस रीजनल कॉनक्लेव का उद्देश्य प्रदेश में खासकर ग्वालियर चंबल और सागर संभाग में पर्यटन स्थलों पर सैलानियों को आकर्षित कर संख्या बढ़ाना है, जिसके साथ साथ होटल इंडस्ट्री, टूर ऑपरेटर्स और पर्यटन व्यवसायियों के बीच पार्टनरशिप बढ़ाना है. इस कॉनक्लेव में शामिल होने वाले होटल, रिसॉर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म क्षेत्र के निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए जाएंगे. साथ ही पर्यटन विभाग और मध्य प्रदेश सरकार से कई एमओयू और अनुबंध भी होंगे.
प्रदर्शनी में दिखेगी प्रदेश की सांस्कृतिक झलक
ग्वालियर में होने वाले रीजनल टूरिज्म कॉनक्लेव में लगाई जाने वाली प्रदर्शनियां भी आकर्षण का केंद्र होंगी. इनमे मध्यप्रदेश के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल, टूरिज्म यूनिट, सांस्कृतिक धरोहरें, होम स्टे, हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट, हॉस्पिटैलिटी ब्रांड्स और रिसॉर्ट्स के स्टॉल लगा कर भी सभी को रूबरु कराया जाएगा.
कौन सी बड़ी हस्तियां होंगी शामिल?
ग्वालियर में आयोजित होने वाले रीजनल टूरिज्म कॉनक्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ, केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, पर्यटन व संस्कृति मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र लोधी और अन्य मंत्री शामिल होंगे. वहीं फिल्म इंडस्ट्री के जाने माने डायरेक्टर प्रकाश झा और एक्टर पीयूष मिश्रा भी शामिल होंगे. इनके साथ-साथ एस्सार ग्रुप के असद लालजी और इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के अध्यक्ष रवि गोसाई भी शिरकत करेंगे.
भोपाल में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, पैदल मार्च से गरमाएगा माहौल
28 Aug, 2025 10:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राजधानी भोपाल में आज कांग्रेस का बड़ा विरोध प्रदर्शन होने जा रहा है। मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी राजधानी में पैदल मार्च का ऐलान किया है। इस मार्च का नारा है “वोट चोर, गद्दी छोड़”। इसके साथ ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष, भोपाल शहर बनने पर कार्यकर्ताओं का आभार एवं सम्मान कार्यक्रम और वोटर अधिकार सत्याग्रह सभा का भी आयोजन किया गया है।
रोशनपुरा जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू होगा मार्च
कांग्रेस का यह प्रदर्शन रोशनपुरा स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू होगा। इस मार्च में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार खुद शामिल होंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कार्यक्रम भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस की आवाज को और बुलंद करेगा।
कांग्रेस का आरोप जनादेश के साथ छल
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रदेश में सत्ता ‘जनादेश के साथ छल’ से हासिल की गई है और जनता अब जवाब मांग रही है। इसी को लेकर आज राजधानी की सड़कों पर कांग्रेसजन उतरेंगे और पैदल मार्च कर सरकार को चुनौती देंगे।
मध्यप्रदेश में मानसून सक्रिय, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात की तैयारी
28 Aug, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्यप्रदेश मैं एक बार फिर से तेज बारिश कर दो और शुरू हो रहा है। मानसून ट्रफ की एक्टिविटी होने की वजह से प्रदेश में गुरुवार को खरगोन, खंडवा समेत 10 जिलों में तेज पानी गिर सकता है। अगले 4 दिन कई जिलों में बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान जताया है। वहीं, भोपाल-इंदौर में रिमझिम बारिश हो सकती है।
प्रदेश के 12 जिलों में हुई बारिश
बुधवार को प्रदेश के 12 जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश का दौर बना रहा। इंदौर, उज्जैन और श्योपुर में आधा इंच पानी गिर गया। वहीं, सागर, शाजापुर, मंदसौर, जबलपुर, नर्मदापुरम, धार, बालाघाट, खरगोन और रतलाम में भी हल्की बारिश हुई। भोपाल में दिनभर तेज धूप रही, लेकिन शाम को बादलों ने डेरा डाल दिया। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी भी हुई।
एक लो प्रेशर एरिया हो रहा है एक्टिव
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक ने बताया कि बुधवार को एक मानसून ट्रफ प्रदेश के बीचोंबीच से गुजरी। एक अन्य ट्रफ की सक्रियता भी देखने को मिली। वहीं, बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया एक्टिव हो रहा है। इसका अगले कुछ दिन में असर देखने को मिलेगा। ऐसे में प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर बना रहेगा।
प्रदेश में अब तक 35.6 इंच बारिश
प्रदेश में 16 अब तक औसत 35.9 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 29.2 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.7 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 97 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है। 1.1 इंच बारिश होते ही इस बार भी बारिश का कोटा फुल हो जाएगा। पिछली बार 44 इंच से ज्यादा पानी गिरा था।
विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह का कलेक्टर को चेतावनी भरा अंदाज़
27 Aug, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिंड। भिंड जिले में खाद संकट गहराने पर बुधवार सुबह भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह अपने समर्थकों के साथ कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के आवास पहुंचे। यहां वे धरने पर बैठ गए और कलेक्टर से बाहर आकर किसानों की समस्याओं पर बातचीत करने की मांग करने लगे। जब कलेक्टर बाहर नहीं आए तो विधायक भड़क उठे। उन्होंने गुस्से में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और धमकी दी कि जनता को कलेक्टर के घर में घुसा देंगे। दरअसल, तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब दोनों आमने-सामने हो गए. कलेक्टर ने विधायक को औकात में बात करने की नसीहत दी, जिस पर विधायक ने मुक्का बांधकर हाथ उठाया और गुस्से में आंखें दिखाई। तभी उनके समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और कलेक्टर को ‘चोर’ तक कह डाला।
आला अधिकारियों ने दी समझाइश
विवाद बढ़ने पर कलेक्टर ने विधायक के समर्थकों को घर के भीतर वीडियो बनाने से रोका और डांट लगाई। लेकिन उधर विधायक लगातार नाराज होते रहे और कलेक्टर पर निजी लाभ के लिए वसूली कराने के आरोप लगाने लगे। स्थिति बिगड़ती देख एसपी असित यादव, एएसपी संजीव पाठक और एडीएम एलके पांडेय मौके पर पहुंचे और विधायक को समझाने लगे। विधायक ने फोन पर चंबल कमिश्नर मनोज खत्री से भी बात की और कहा कि खाद वितरण को लेकर कोई तैयारी नहीं की गई है। बाद में इस मामले में अधिकारियों के बीच-बचाव के बाद हालात काबू में तो आ गए।
खाद वितरण में गड़बड़ी का आरोप
धरने में शामिल किसानों ने बताया कि वे रात 12 बजे से समितियों के बाहर लाइन में लग जाते हैं, लेकिन सुबह तक मुश्किल से एक-दो बोरी खाद ही मिल पाती है। उनका आरोप है कि खुले बाजार में खाद आसानी से मिल जाती है, लेकिन इसके लिए ज्यादा कीमत देनी पड़ती है। इससे कालाबाजारी की आशंका और बढ़ रही है. किसानों का कहना था कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। किसान परेशान हैं और अब हालात बेकाबू हो रहे हैं, इस मुद्दे को उठाने पहुंचे विधायक ने भी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए कि खाद वितरण सही ढंग से नहीं हो रहा और अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
यात्री और माल दोनों को लाभ पहुंचाने वाला निर्णय; कच्छ में नई रेल लाइन, सीमावर्ती कच्छ के रण, हड़प्पा स्थल धोलावीरा, कोटेश्वर मंदिर, नारायण सरोवर और लखपत किले को जोड़कर पर्यटन को बढ़ावा देगी।
27 Aug, 2025 07:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेल मंत्रालय की चार परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी कुल लागत लगभग 12,328 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं में शामिल हैं: -
(1) देशलपार - हाजीपीर - लूना और वायोर - लखपत नई लाइन
(2) सिकंदराबाद (सनथनगर) - वाडी तीसरी और चौथी लाइन
(3)भागलपुर-जमालपुर तीसरी लाइन
(4) फुर्केटिंग - न्यू तिनसुकिया दोहरीकरण
उपरोक्त परियोजनाओं का उद्देश्य यात्रियों और माल दोनों का निर्बाध और तेज़ परिवहन सुनिश्चित करना है। ये पहल कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी और यात्रा सुविधा में सुधार के साथ-साथ रसद लागत को कम करेंगी और तेल आयात पर निर्भरता कम करेंगी। इसके अतिरिक्त, ये परियोजनाएँ CO2 उत्सर्जन को कम करने में योगदान देंगी , जिससे टिकाऊ और कुशल रेल संचालन को बढ़ावा मिलेगा। ये परियोजनाएँ अपने निर्माण के दौरान लगभग 251 (दो सौ इक्यावन) लाख मानव-दिवसों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न करेंगी।
प्रस्तावित नई रेल लाइन कच्छ क्षेत्र के सुदूर इलाकों को कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। यह गुजरात के मौजूदा रेलवे नेटवर्क में 145 रूट किमी और 164 ट्रैक किमी जोड़ेगी, जिसकी अनुमानित लागत 2526 करोड़ रुपये है। परियोजना की पूर्ण होने की समय-सीमा 3 वर्ष है। गुजरात राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के अलावा, यह नई रेल लाइन नमक, सीमेंट, कोयला, क्लिंकर और बेंटोनाइट के परिवहन में भी मदद करेगी। इस परियोजना का सामरिक महत्व यह है कि यह कच्छ के रण को कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। हड़प्पा स्थल धोलावीरा, कोटेश्वर मंदिर, नारायण सरोवर और लखपत किला भी रेल नेटवर्क के अंतर्गत आएंगे क्योंकि 13 नए रेलवे स्टेशन जोड़े जाएँगे जिससे 866 गाँवों और लगभग 16 लाख आबादी को लाभ होगा।
कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए, स्वीकृत मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से लगभग 3,108 गाँवों और लगभग 47.34 लाख की आबादी और एक आकांक्षी जिले (कलबुर्गी) तक कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जिससे कर्नाटक, तेलंगाना, बिहार और असम राज्यों को लाभ होगा। कर्नाटक और तेलंगाना में फैली 173 किलोमीटर लंबी सिकंदराबाद (सनथनगर) - वाडी तीसरी और चौथी लाइन के पूरा होने की समय-सीमा 5012 करोड़ रुपये है और यह पाँच साल में पूरी होगी, जबकि बिहार में 53 किलोमीटर लंबी भागलपुर - जमालपुर तीसरी लाइन के लिए यह तीन साल है और इसकी लागत 1156 करोड़ रुपये है। 194 किलोमीटर लंबी फुरकेटिंग - न्यू तिनसुकिया दोहरीकरण परियोजना का कार्य, जिसकी लागत 3634 करोड़ रुपये है, चार वर्षों में पूरा होगा।
बढ़ी हुई लाइन क्षमता से गतिशीलता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में सुधार होगा। ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव परिचालन को सुव्यवस्थित करने और भीड़भाड़ को कम करने के लिए तैयार हैं। ये परियोजनाएँ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी के नए भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, जो क्षेत्र के लोगों को व्यापक विकास के माध्यम से "आत्मनिर्भर" बनाएगा जिससे उनके रोज़गार/स्वरोज़गार के अवसर बढ़ेंगे।
ये परियोजनाएँ पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुसार बनाई गई हैं, जिनका उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारक परामर्श के माध्यम से मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है। गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, बिहार और असम राज्यों के 13 जिलों को कवर करने वाली ये चार परियोजनाएँ भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क को लगभग 565 किलोमीटर बढ़ा देंगी।
ये कोयला, सीमेंट, क्लिंकर, फ्लाईऐश, स्टील, कंटेनर, उर्वरक, कृषि उत्पाद और पेट्रोलियम उत्पादों आदि जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं। क्षमता वृद्धि कार्यों के परिणामस्वरूप 68 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी। रेलवे, पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन माध्यम होने के कारण, जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की रसद लागत को कम करने, तेल आयात (56 करोड़ लीटर) कम करने और CO2 उत्सर्जन (360 करोड़ किलोग्राम) कम करने में मदद करेगा, जो 14 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।
प्रस्तावित परियोजनाओं का उद्देश्य कोयला, कंटेनर, सीमेंट, कृषि वस्तुओं, ऑटोमोबाइल, पीओएल, लोहा एवं इस्पात तथा अन्य वस्तुओं के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण मार्गों पर लाइन क्षमता बढ़ाकर रसद दक्षता में वृद्धि करना है। इन सुधारों से आपूर्ति श्रृंखलाओं के अनुकूलन और त्वरित आर्थिक विकास में सहायता मिलने की उम्मीद है।
आवारा मवेशियों की समस्या पर उठे सवाल, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
27 Aug, 2025 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सड़कों पर मवेशियों की समस्या का स्थायी समाधान जरूरी - नागरिकों की मांग
बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के सारणी नगर पालिका क्षेत्र के बगडोना इलाके में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। शराब के नशे में धुत तेज़ रफ़्तार ट्रक चालक ने सड़क पर बैठे दर्जनभर से अधिक मवेशियों को कुचल दिया।
9 मवेशियों की मौत, कई घायल
हादसे में 9 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ मवेशियों को मामूली चोटें भी आई हैं। यह पूरा हादसा पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।
लोगों का गुस्सा, नगर पालिका पर आरोप
स्थानीय लोगों ने घटना के बाद भारी नाराजगी जताई और नगर पालिका परिषद को जिम्मेदार ठहराया। लोगों का कहना है कि नगर पालिका की लापरवाही के चलते सड़कों पर आवारा मवेशी बैठे रहते हैं, जिनकी वजह से अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं।
घायलों का इलाज और आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल मवेशियों को पशु चिकित्सालय भिजवाया। वहीं ट्रक चालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि सड़कों पर मवेशियों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
MP में ओबीसी आरक्षण पर टकराव खत्म होगा? कल होगी अहम बैठक
27 Aug, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार ने 28 अगस्त को सर्वदलीय बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से 27 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, ओबीसी आरक्षण से जुड़े मामले को सुप्रीम कोर्ट ने टॉप ऑफ द बोर्ड को भेजा है, जो 28 अगस्त के बाद रोजाना इसकी निगरानी करेगा और राज्य सरकार से प्रगति रिपोर्ट मांगेगा। ओबीसी आयोग द्वारा कराए गए सर्वे में सामने आया कि प्रदेश की कुल आबादी में इस वर्ग की हिस्सेदारी करीब 52 प्रतिशत है। हालांकि, आरक्षण की प्रक्रिया बार-बार न्यायालय में चुनौती मिलने के कारण भर्ती और अन्य प्रक्रियाओं में इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार अब सभी दलों से सुझाव लेकर ओबीसी की सहभागिता के प्रतिशत पर स्पष्ट रुख तय करेगी और इसके आधार पर रिपोर्ट बोर्ड को सौंपी जाएगी।
सियासत भी हो गई तेज
ओबीसी वर्ग को आरक्षण देने को लेकर दोनों ही दल श्रेय लेते हैं। अब सर्वदलीय बैठक को लेकर भी सियासत तेज हो गई हैं। कांग्रेस विधायक और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि बीते छह वर्षों से शिवराज सिंह चौहान और मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार की वजह से ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए अध्यादेश विधानसभा में लाया गया था, जो बाद में कानून का रूप ले चुका है। इसके बावजूद आरक्षण लागू नहीं हो सका। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री खुद कहते हैं कि वे ओबीसी आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, तब सर्वदलीय बैठक बुलाने की आवश्यकता ही क्या है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को अब और देरी नहीं करनी चाहिए बल्कि दो दिनों के भीतर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर मामला वापस लेना चाहिए, ताकि ओबीसी वर्ग को उनका हक मिल सके।
बारिश थमी तो बढ़ी उमस, पर कल से फिर बदलेगा मौसम
27 Aug, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम कमजोर पड़ने की वजह से बुधवार को प्रदेश के किसी भी जिले में भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में हल्की बारिश बूंदाबांदी देखने को मिलेगी। जबकि 28 अगस्त से नया सिस्टम एक्टिव होगा। इस वजह से दक्षिणी हिस्से में एक बार फिर तेज बारिश शुरू होगी।
रतलाम में शव इंच बारिश
इससे पहले मंगलवार को जबलपुर के बरगी डैम के 9 और नर्मदापुरम के तवा बांध के 3 गेट खुले रहे। रतलाम में करीब सवा इंच बारिश हुई। वहीं, नर्मदापुरम, उज्जैन, दमोह, खजुराहो, नौगांव, उमरिया में भी हल्की बारिश हुई।
कल स्ट्रॉन्ग सिस्टम होगा एक्टिव
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक ने बताया, प्रदेश के ऊपर से एक मानसून टर्फ गुजर रही है। इस वजह से मंगलवार को कई जिलों में हल्की बारिश का दौर बना रहा। बुधवार को टर्फ प्रदेश से दूर रहेगी। जिससे तेज बारिश नहीं होगी, लेकिन 28 अगस्त से सिस्टम स्ट्रॉन्ग हो सकता है।
प्रदेश में अब तक 35.6 इंच बारिश
प्रदेश में अब तब से अब तक औसत 35.6 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 29 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.6 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 96 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है। 1.4 इंच बारिश होते ही इस बार भी बारिश का कोटा फुल हो जाएगा। पिछली बार 44 इंच से ज्यादा पानी गिरा था।
राइट ब्रदर्स के हवाई जहाज बनाने से पहले ही भारत के पास पुष्पक विमान : शिवराज सिंह चौहान
26 Aug, 2025 07:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आईआईएईआर (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च का 12वां दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रुप में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने एक दिलचस्प बयान दिया। चौहान ने कहा कि राइट ब्रदर्स के हवाई जहाज बनाने से पहले ही भारत के पास पुष्पक विमान था। चौहान ने कहा कि हमारा देश प्राचीन और महान राष्ट्र है। जब दुनिया के विकसित देशों में सभ्यता के सूर्य का उदय नहीं हुआ था, तब हमारे यहां वेद रच दिए गए थे। ये वो धरती है, जब दुनिया अज्ञान के अंधकार से ढकी थी, तब भारत ने ज्ञान का प्रकाश दिया।
12वां दीक्षांत समारोह में 423 छात्रों को स्नातक की डिग्री प्रदान की गई। इस दौरान आईआईएसईआर चेयरपर्सन प्रो अरविंद आनंद ने मंच पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बुलाया। इस पर उन्होंने कहा कि मैं यहां मामा बनकर आया हूं।
चौहान ने कहा, ‘भारत कोई आज का राष्ट्र थोड़ी है। हमारा देश प्राचीन और महान राष्ट्र है। जब दुनिया के विकसित राष्ट्रों में सभ्यता के सूर्य का उदय नहीं हुआ था, तब हमारे यहां वेद रच दिए गए थे। हमारी तकनीक काफी उन्नत थी। आज हमारे पास जो ड्रोन और मिसाइलें हैं, वे हजारों साल पहले से ही हमारे पास थीं, हमने यह सब महाभारत में पढ़ा है। हमारे देश का विज्ञान और तकनीक हजारों साल पहले ही विकसित हो चुका था।
इससे पहले हमीरपुर के बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी दावा किया था। अंतरिक्ष यात्रा दिवस पर उन्होंने कहा था कि भगवान हनुमान अंतरिक्ष में जाने वाले पहले व्यक्ति थे। उनके बयान पर काफी बवाल हुआ था।
उच्चशिक्षा विभाग की यूजी-पीजी प्रवेश प्रक्रिया अंतिम दौर में, कॉलेजों में बड़ी संख्या में सीटें खाली
26 Aug, 2025 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्यप्रदेश में इस बार उच्च शिक्षा विभाग की यूजी और पीजी की प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई हैं। कुल 6.50 लाख सीटों में से केवल 4.64 लाख पर ही दाखिले हुए हैं, जबकि करीब 1.86 लाख सीटें रिक्त रह गईं हैं।
जानकारी अनुसार उच्च शिक्षा विभाग की प्रवेश प्रक्रिया में यूजी की 5.30 लाख सीटों में से 3.58 लाख पर प्रवेश किए जा चुके हैं। यानी करीब 1.72 लाख सीटें खाली रह गईं हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार करीब 33 हजार कम एडमिशन हुए हैं। वहीं, पीजी की 1.20 लाख सीटों में से 1.06 लाख पर दाखिले हो चुके हैं और करीब 18 हजार सीटें अब भी खाली बताई गई हैं।
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, यूजी की प्रवेश प्रक्रिया अब पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। वहीं, पीजी में रिक्त सीटों को भरने के लिए 30 अगस्त तक अतिरिक्त कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) का एक और चरण चलाया जा रहा है। इस प्रकार से उच्च शिक्षा विभाग की ओर से संचालित यूजी और पीजी प्रवेश प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन बड़ी संख्या में सीटें अब भी खाली रह गई हैं।
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