मध्य प्रदेश
मौसम विभाग का अलर्ट: खरगोन, धार और बुरहानपुर में जमकर बरसेंगे बादल
30 Aug, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश में बारिश के दो स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की वजह से कई दिनों में तेज बारिश का दौर चल रहा है। शनिवार को इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के 19 में से 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक बारिश का अलर्ट जारी किया है।
इसलिए हो रही तेज बारिश
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक ने बताया कि प्रदेश से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। वहीं, एक अन्य ट्रफ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है। इस वजह से शुक्रवार को कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा। शनिवार को भी बारिश का सिस्टम एक्टिव रहेगा।प्रदेश में शुक्रवार को बारिश का दौर बना रहा। सिवनी और इंदौर में आधा इंच पानी गिर गया। वहीं, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, इटारसी-पिपरिया, धार के पीथमपुर, बैतूल, टीकमगढ़ में भी बारिश हुई।
प्रदेश में अब तक 36.5 इंच बारिश
प्रदेश में अब तक औसत 36.5 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 30 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.5 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। 0.5 इंच बारिश होते ही इस बार भी बारिश का कोटा फुल हो जाएगा। पिछली बार 44 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार बारिश के मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां औसत 54.5 इंच पानी गिर चुका है। वहीं, मंडला में 53.8 इंच बारिश हुई है। अशोकनगर में 50.9 इंच, शिवपुरी में 50.7 इंच और श्योपुर में 50.3 इंच बारिश हुई है।वहीं, सबसे कम बारिश वाले 5 जिलों में सभी इंदौर संभाग के हैं। इंदौर सबसे आखिरी में है। यहां अब तक औसत 18.7 इंच बारिश हुई है। बुरहानपुर में 22.7 इंच, खरगोन में 19.8 इंच, खंडवा में 21.5 इंच और बड़वानी में 21.4 इंच पानी गिरा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का शुभारंभ पर्यटन परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ अवार्ड कार्य प्रदाय
30 Aug, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्वालियर में शनिवार को सुबह 10.30 बजे रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि केंद्रीय संचार मंत्री और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर तथा पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी होंगे। प्रसिद्ध अभिनेता पीयूष मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस कॉन्क्लेव में पर्यटन विकास को गति देने के लिए कई अहम करार होंगे। होटल, रिसोर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म क्षेत्र के निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) प्रदान किए जाएंगे। पारंपरिक संगीतज्ञों, लोक कलाकारों और पर्यटक ग्रामों के कलाकारों की क्षमता निर्माण के लिए ग्वालियर की मान सिंह तोमर यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू होगा। इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग और प्रचार-प्रसार के लिए याप डिजिटल, क्रायोन्स एडवरटाइजिंग, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजे़स लिमिटेड, कॉन्सेप्ट कम्युनिकेशन्स साथ अनुबंध होंगे। इन समझौतों से न केवल निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय समुदाय और कलाकार भी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।
नई परियोजनाओं का होगा शुभारंभ
कॉन्क्लेव में कई नई परियोजनाओं की शुरुआत होगी। इनमें हस्तशिल्पों की मार्केटिंग में संस्था डेलबर्टो महत्वपूर्ण साझेदारी होगी। इस साझेदारी से, हस्तशिल्प प्रेमी एक विशेष ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म के जरिए सीधे हमारे कारीगरों से जुड़कर उनके द्वारा तैयार किए गए उत्कृष्ट और प्रामाणिक उत्पाद घर बैठे ही खरीद सकेंगे। इंडिगो और आगा खां फाउंडेशन के सहयोग से सीएसआर के अंतर्गत ग्वालियर किले में संरक्षण, लैंडस्केपिंग और इल्युमिनेशन कार्यों का शिलान्यास होगा। स्वदेश दर्शन 2.0 के अंतर्गत ग्वालियर के फूल बाग में अनुभवात्मक पर्यटन परियोजनाओं का शिलान्यास होगा तथा मान सिंह तोमर म्यूजिक यूनिवर्सिटी में विकास कार्यों का शिलान्यास होगा।
विरासतों, धरोहरों और अनुभवात्मक पर्यटन की संभावनाओं पर होगा मंथन
रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में दो महत्वपूर्ण सत्र होंगे। “टूरिज़्म ऐज़ अ कल्चरल ब्रिज – ब्रांडिंग ग्वालियर एंड हार्टलैंड ऑफ़ एमपी” विषय पैनल डिस्कशन होगा, जिसमें ग्वालियर की सांस्कृतिक धरोहर, शास्त्रीय संगीत और स्थापत्य कला को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की रणनीतियों पर विचार होगा। दूसरा पैनल डिस्कशन “ग्वालियर एंड चंबल राइजिंग – इनबाउंड अपील थ्रू हेरिटेज, लग्ज़री एंड एक्सपीरियंस” विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें विरासत, लग्ज़री स्टे, डेस्टिनेशन वेडिंग और अनुभवात्मक पर्यटन जैसे नए आयामों पर संवाद होगा।
हितधारक पर्यटन व्यवसाय में निवेश की संभावनाओं पर करेंगे चर्चा
रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में ट्रैवल ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। यह सत्र न केवल क्षेत्रीय पर्यटन के विकास के लिए, बल्कि राष्ट्रीय पर्यटन समृद्धि के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
संस्कार युक्त शिक्षा से ही प्राप्त की जा सकती हैं उंचाईयाँ : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
29 Aug, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि संस्कार युक्त शिक्षा से ही उंचाईयाँ प्राप्त की जा सकती हैं। सर्वोच्च पद पर पहुंचकर भी आमजनों के कल्याण व देश के विकास के लिये प्रयत्नशील रहें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के रीवा परिसर में नवागत विद्यार्थियों के प्रबोधन कार्यक्रम अभ्युदय के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। यहां के विद्यार्थियों ने देश-विदेश में पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट स्थान बनाया है। रीवा परिसर के विद्यार्थी भी लगन व मेहनत से शिक्षित होकर अपने संस्थान का नाम रोशन करें। यह संस्थान उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में इसकी और प्रतिष्ठा होगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम के साथ ही आदर्श पुस्तकों का अध्ययन करें और देश को विश्वगुरू बनाने में सहभागी बनें।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि लक्ष्य को प्राप्त करने में जागरूकता व शिक्षा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विन्ध्य में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, वर्तमान में देश की सेना के दो सर्वोच्च पदों पर विन्ध्य के ही लाल विराजमान हैं। उप मुख्यमंत्री ने परिसर में स्थापित विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय का उद्घाटन भी किया। उन्होंने परिसर में वृक्षारोपण किया। संवाद-सत्र में उप मुख्यमंत्री शुक्ल एवं कुलगुरू तथा वरिष्ठ पत्रकारों ने विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया।
कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने बताया कि पत्रकारिता के साथ कंप्यूटर शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों को आने वाले समय में आईटी क्षेत्र में ख्यातिलब्ध विद्वानों का मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने नवागत विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं तथा अपेक्षा की कि वे अपने परिजनों की आशाओं पर खरे उतरेंगे और देश-विदेश में स्वयं व संस्थान का नाम रौशन करेंगे। वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण मोहन मिश्रा, प्रकाश हिंदुस्तानी, संजय पाण्डेय, आशुतोष तिवारी, जयराम शुक्ला ने भी संबोधित किया। आभार प्रदर्शन केंद्र प्रभारी डॉ. सत्येंद्र डेहरिया द्वारा किया गया।
भारतीय दृष्टिकोण से समृद्ध साहित्य से पुस्तकालयों को समृद्ध करने की आवश्यकता : मंत्री परमार
29 Aug, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा है कि भारतीय ज्ञान परम्परा में पुस्तकालय सदैव ही समृद्ध रहे हैं। नालंदा विश्वविद्यालय में विश्व का सबसे विशाल पुस्तकालय था और तब भारत विश्व गुरु की संज्ञा से सुशोभित था। विश्व भर के लोग हमारे यहां शिक्षा ग्रहण करने आते थे। भारत का ज्ञान सार्वभौमिक था। हमारी संस्कृति में ज्ञान का दस्तावेजीकरण नहीं था। हमारे पूर्वजों ने शोध एवं अध्ययन कर ज्ञान को परंपरा के रूप में समाजव्यापी बनाया। अतीत के विभिन्न कालखंडों में योजनाबद् तरीके से हमारे ज्ञान को दूषित करने का कुत्सित प्रयास किया गया। भारतीय समाज में विद्यमान परंपरागत ज्ञान को पुनः शोध एवं अनुसंधान के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण के सापेक्ष युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में दस्तावेजीकरण से समृद्ध करने की आवश्यकता है। पुस्तकालय मानवता, नवाचार और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण के मूल आधार हैं। भारतीय दृष्टिकोण से समृद्ध साहित्य से समस्त पुस्तकालयों को समृद्ध करने की आवश्यकता है। यह बात मंत्री परमार ने शुक्रवार को भोपाल स्थित राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय (एनएलआईयू) में संस्थान के केंद्रीय पुस्तकालय ज्ञान मंदिर के तत्वावधान में "विकसित भारत के पुस्तकालयों की पुनर्कल्पना" विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन "ज्ञानोत्सव-2025" में कही।
मंत्री परमार ने कहा कि भारत में हर क्षेत्र हर विषय में व्यापक ज्ञान था और भारत हर क्षेत्र में विश्वमंच पर अग्रणी एवं समृद्ध था। भारत की धरोहर इस परंपरागत ज्ञान को भारत के सापेक्ष भारतीय दृष्टि से संजोने एवं सहेजने की आवश्यकता है। पुस्तकालयों को भारतीय दृष्टि से समृद्ध साहित्य से समृद्ध बनाना होगा, समृद्ध पुस्तकालयों से विकसित एवं समृद्ध राष्ट्र का बौद्धिक सृजन होगा।
मंत्री परमार ने कहा कि भारत की गृहणियों की रसोई में कोई तराजू नहीं होता है, गृहणियों को भोजन निर्माण के लिए किसी संस्थान में अध्ययन करने की आवश्यकता नहीं होती है। भारतीय गृहणियों में रसोई प्रबंधन का उत्कृष्ट कौशल, नैसर्गिक एवं पारम्परिक रूप से विद्यमान है। भारत की रसोई विश्वमंच पर प्रबंधन का उत्कृष्ट आदर्श एवं श्रेष्ठ उदाहरण है। भारतीय समाज में ऐसे असंख्य संदर्भ, परम्परा के रूप में प्रचलन में हैं, उनमें वर्तमान परिदृश्य अनुरूप शोध एवं अनुसंधान के साथ समृद्ध करने की आवश्यकता है। मंत्री परमार ने भारतीय ज्ञान परम्परा के आलोक में अभियांत्रिकी, तकनीकी, चिकित्सा सहित हर क्षेत्र, हर विषय में सदियों से विद्यमान वैज्ञानिक दृष्टिकोण आधारित भारतीय परम्परागत ज्ञान के अनेकों उदाहरण प्रस्तुत किए।
मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने भारतीय ज्ञान परम्परा पर पुनर्चिंतन का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है। परमार ने भारतीय पुरातन न्याय प्रणाली के संदर्भ में कहा कि हमारा समाज उन कालखंडों में स्वयं अनुशासित रहने वाला समाज था। उस समय किसी के घर में ताले नहीं लगाए जाते थे, समाज स्वयं नैतिक मूल्यों की अवधारणा को आत्मसात करता था। मंत्री परमार ने न्यायिक प्रणाली के परिप्रेक्ष्य में भारतीय ज्ञान परम्परा की आवश्यकता एवं महत्ता पर भी बल दिया। मंत्री परमार ने कहा कि देश के हृदय प्रदेश की संज्ञा से सुशोभित हिंदी भाषी मध्यप्रदेश ने भारत की अनेकता में एकता की संस्कृति को चरितार्थ करते हुए एक नई पहल की है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में देश की सभी प्रमुख भाषा जैसे कन्नड़, तमिल, तेलगु, बांग्ला, असमिया आदि भारतीय भाषाएं सिखाई जाएंगी। इससे प्रदेश के विश्वविद्यालयों से पूरे देश में भाषाई सौहार्दता का संदेश जाएगा। मंत्री परमार ने कहा कि भाषाएं जोड़ने का काम करती हैं, तोड़ने का नहीं, यह व्यापक संदेश प्रदेश के उच्च शैक्षणिक संस्थानों से देश भर में गुंजायमान होगा। हमारा यह नवाचार देश भर में "भाषाई एकात्मता" का संदेश देगा।
मंत्री परमार ने कहा कि कृतज्ञता का भाव भारतीय संस्कृति एवं विरासत है। हमारे पूर्वज सूर्य सहित समस्त प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों के प्रति कृतज्ञता का भाव रखते थे। पूर्वजों के ज्ञान के आधार पर स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष-2047 तक भारत सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर अन्य देशों की पूर्ति करने में समर्थ देश बनेगा। साथ ही वर्ष-2047 तक खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर अन्य देशों का भरण-पोषण करने में भी सामर्थ्यवान देश बनेगा। हम सभी की सहभागिता से अपने पूर्वजों के ज्ञान के आधार पर पुनः विश्वमंच पर सिरमौर राष्ट्र का पुनर्निर्माण होगा।
मंत्री परमार ने संस्थान के कुलगुरु एवं पुस्तकालयाध्यक्ष के साझे प्रयासों से संपादित "लाइब्रेरीज इन विकसित भारत : ब्रिजिंग ट्रेडिशन, टेक्नोलॉजी एंड ट्रांसफॉर्मेशन" पुस्तक का विमोचन भी किया। मंत्री परमार ने संस्थान के कुलगुरु एवं विधि विभाग के प्राध्यापक द्वारा रचित पुस्तक "प्रोटेक्शन ऑफ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स इन साइबर स्पेस" का भी अनावरण किया। संस्थान की समाचार पत्रिका के नवीन संस्करण का भी विमोचन किया, यह संस्करण "ऑपरेशन सिंदूर" में भारतीय सेना के शौर्य पर आधारित है।
सम्मेलन का उद्देश्य "विकसित भारत के पुस्तकालयों की पुनःपरिकल्पना” विषय पर ज्ञान, परम्परा तथा तकनीक के समावेश के माध्यम से पुस्तकालयों को नवाचार, समावेशन एवं नीति निर्माण का केंद्र बिंदु बनाना है। विविध सम्मेलन में देशभर के विभिन्न प्रांतों से 150 से अधिक प्रतिभागी सहभागिता कर रहे हैं। इनमें आईआईटी, आईआईएम, एनएलयू, उच्च न्यायालय, योजना संस्थान, शोध केंद्रों, प्रदेश एवं केंद्रीय विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि सम्मिलित हैं।
सम्मेलन में राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय भोपाल के कुलगुरु डॉ. एस. सूर्यप्रकाश, रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी के पुस्तकालयाध्यक्ष एवं रजिस्ट्रार डॉ. शिवपाल सिंह कुशवाह, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) दिल्ली की पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. प्रिया राय, राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय भोपाल के कुलसचिव विवेक बक्शी एवं कार्यक्रम समन्वयक मोहित गुप्ता सहित देश भर से पुस्तकालयाध्यक्ष, विषयवेत्ता सहित संस्थान के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्य सचिव अनुराग जैन ने की सौजन्य भेंट
29 Aug, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शुक्रवार को राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल का मुख्य सचिव जैन ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मुख्य सचिव अनुराग जैन को आगामी एक वर्ष के कार्यकाल विस्तार के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। शासन द्वारा मुख्य सचिव जैन का कार्यकाल आगामी एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया है।
मध्यप्रदेश के कण-कण में है सौंदर्य
29 Aug, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : भारत का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश अप्रतिम सौंदर्य से समृद्ध प्रदेश है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि मध्यप्रदेश सर्वाधिक सम्मोहित करने वाला राज्य है। इसके कण-कण में सौंदर्य है। जो एक बार आता है यहां की स्मृतियों के सम्मोहन में बंधकर बार-बार आता है। मध्यप्रदेश में हर आयु के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता है।
पर्यटन के संबंध में दशकों पहले की अवधारणाएं अब समाप्त हो गई हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन ने अब उद्योग का रूप ले लिया है। हमारी नीतियों और दूरदर्शी निर्णयों से पर्यटन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। यह सर्वमान्य तथ्य है कि अर्थव्यवस्था में पर्यटन सर्वाधिक रोजगार उत्पन्न करने वाला सैक्टर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अतुल्य भारत का वैश्विक स्तर पर मान-सम्मान बढ़ा है। इसका सकारात्मक प्रभाव सभी राज्यों के पर्यटन उद्योग पर पड़ा है। देश का घरेलू पर्यटन बढ़ने से मध्यप्रदेश जैसे तेजी से बढ़ते राज्य को सीधा लाभ हुआ है।
मध्यप्रदेश के शांतिप्रिय नागरिकों के लिये सबसे ज्यादा खुशी की बात है कि मध्यप्रदेश अब वैश्विक पर्यटन नक्शे पर ध्रुव तारे जैसा चमक रहा है। हमारे पर्यटन की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह अत्यंत समृद्ध और विविधता से सम्पन्न है। साथ ही जिम्मेदार और सुरक्षित भी।
प्रदेश में पर्यटन की नई-नई शाखाएं उभरी हैं। प्राकृतिक पर्यटन हो या सांस्कृतिक पर्यटन, आध्यात्मिक पर्यटन हो या वन्यजीव पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन हो या रोमांचकारी पर्यटन, कृषि पर्यटन हो या फिल्म पर्यटन या नया उभरता हुआ चिकित्सा पर्यटन। इन सभी नये स्वरूपों के साथ मध्यप्रदेश की पहचान बहु आयामी पर्यटन प्रदेश के रूप में हो रही है।
प्रदेश में अब पर्यटकों की संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है। गत वर्ष देश में सर्वाधिक पर्यटक मध्यप्रदेश में आए। नैसर्गिक सौन्दर्य, वन्य प्राणी, धार्मिक स्थल, आकर्षक ऐतिहासिक विरासतें और हरे-भरे वन हमारी विशेषता हैं। हमारे वन जीवित हैं। देश में सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में हैं। चंबल सबसे साफ नदी है जिसमें घड़ियालों का संरक्षण हो रहा है। नर्मदा मैया के दर्शन करने हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि से मध्यप्रदेश अब देश का एकमात्र चीता प्रदेश बन गया है। चीतों का परिवार पालपुर कूनो में फल फूल रहा है।
सांची, खजुराहो और भीमबेटका जैसी विश्वविख्यात धरोहर हमारी वैश्विक सांस्कृतिक पहचान है। अब यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, चंबल के पत्थर कला स्थल, भोजेश्वर महादेव मंदिर भोजपुर, रामनगर मंडला के गोंड स्मारक और मंदसौर का धमनार भी जुड़ने की तैयारी में हैं। इसके अलावा नर्मदा परिक्रमा, गोंड चित्रकला और भगोरिया उत्सव भी पर्यटन के नक्शे पर प्रमुखता से उभरे हैं। मध्यप्रदेश ऐसा अग्रणी राज्य बन गया है, जिसने सबसे ज्यादा 18 स्थलों को विश्व विरासत सूची में शामिल करने की पहल की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश के पर्यटन को नई दिशा मिली है। केन्द्र का भरपूर सहयोग मिल रहा है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां ईको सेंसिटिव जोनल मास्टर प्लान बनाने का काम शुरू किया गया और 27 राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों में से सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान और बोरी वन्य जीव अभयारण्य में पूरा हो गया। हैरिटेज पर्यटन की कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं।
प्रदेश में अधोसंरचना मजबूत होने, सड़क संपर्क में निरंतर सुधार होने और केन्द्र सरकार के सहयोग से रेल सुविधाओं के बढ़ने से पर्यटन क्षेत्र और उद्योग को लाभ मिला है। इस क्षेत्र में निवेश निरंतर बढ़ रहा है। हाल में रीवा पर्यटन कॉन्क्लेव में तीन हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। पर्यटन स्थलों में सुविधाएं निरंतर बढ़ाई जा रही हैं। पीएमपर्यटन वायु सेवा की शुरुआत हुई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सतना और सिंगरौली के मध्य वायु सेवा का संचालन हो रहा है।
मध्यप्रदेश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। इसी समय आध्यात्मिक पर्यटन भी निरंतर विस्तार ले रहा है। भगवान श्रीमहाकाल की नगरी उज्जैन और यहां श्रीमहाकाल लोक विश्व विख्यात हैं। पिछले साल सात करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र के योगदान में आध्यात्मिक पर्यटन भागीदारी को और ज्यादा सशक्त बनाने की तैयारी चल रही है।
ओरछा में भगवान श्रीराम का मंदिर है। यह विश्व का एकमात्र मंदिर है, जहां भगवान को राजा के रूप में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। यह अभूतपूर्व आध्यात्मिक घटनाक्रम है। यहां भगवान श्रीराम राजा की सरकार स्थापित है। ग्वालियर के ऐतिहासिक भव्य किले के संबंध में उल्लेख मिलता है कि भारत में पहली बार जीरो का लिखित इस्तेमाल कहां हुआ। ग्वालियर किले में नवीं शताब्दी के इस चतुर्भुज मंदिर में शून्य का सबसे शुरुआती शिलालेख पर उकेरा हुआ प्रमाण मिलता है। इस मंदिर को दुनिया में 'टैंपल ऑफ जीरो' के नाम से भी पहचाना जाता है। धार्मिक आयोजनों को नया स्वरूप दिया जा रहा है। बाबा श्रीमहाकाल की दिव्य सवारी को भव्य रूप दिया गया। रक्षा बंधन के त्यौहार और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को सार्वजनिक रूप से प्रदेश के कोने-कोने में मनाया गया।
धार्मिक महत्व के स्थलों में धार्मिक और सांस्कृतिक लोगो और स्मारकों का निर्माण आध्यात्मिक पर्यटन को नया आयाम देगा। संत रविदास लोक सागर, रानी दुर्गावती स्मारक जबलपुर, देवी लोक सलकनपुर सीहोर, रामराजा लोक ओरछा, जाम सांवली हनुमान लोक पांढुर्ना, पशुपतिनाथ लोक मंदसौर, परशुराम लोक जानापाव महू, महाराणा प्रताप लोक भोपाल, भादवा माता लोक नीमच, रानी अवंतीबाई स्मारक जबलपुर, माँ नर्मदा महालोक अमरकंटक अनूपपुर, देवी अहिल्या लोक खरगौन और नागलवाड़ी लोक बड़वानी में किया जा रहा है।
एक ओर जहां आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन समृद्ध हो रहा है वहीं दूसरी ओर फिल्म पर्यटन भी तेजी से बढ़ रहा है। फिल्म निर्माताओं को मध्यप्रदेश में आकर्षक सुविधाएं मिल रही हैं। कई प्रसिद्ध फिल्मों की शूटिंग मध्यप्रदेश में हुई है। इससे स्थानीय कलाकारों को फिल्मो में काम मिला। फिल्म यूनिट के सदस्यों को होम स्टे की सुविधाओं का लाभ मिला। होम स्टे की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। प्रदेश की ग्रामीण संस्कृति को देखने-समझने में होम स्टे अच्छी भूमिका निभा रहे हैं। फिलहाल 100 पर्यटन ग्राम विकसित किए गए हैं, जिनमें से 63 पर्यटन ग्राम विकसित हो चुके हैं। इनमें 470 से ज्यादा होम स्टे हैं। देश के पहले हैंडलूम गाँव प्राणपुर को वैश्विक पहचान मिली है। गॉड, भील पेंटिंग और मांडना आर्ट जैसी जनजातीय कलाओं से पर्यटक परचित हुए हैं।
हमारा लक्ष्य है कि पर्यटन उद्योग का निरंतर विस्तार हो, ताकि पर्यटन की संभावनाओं को पूरी तरह रोजगार सृजन के लिये उपयोग किया जा सके। वर्ष 2024 में 13 करोड़ 41 लाख से ज्यादा पर्यटक प्रदेश में आये, जो एक रिकार्ड है। विदेशी पर्यटकों की संख्या भी बढ़ रही है। बांधवगढ़, कान्हा, पन्ना और पेंच में आवागमन बढ़ा है। जिस प्रकार मध्यप्रदेश ने आर्थिक निवेश के द्वार खोले हैं, पर्यटन क्षेत्र पर इसका सीधा प्रभाव पड़ा है। स्थानीय समुदाय की भागीदारी, उद्योग समूहों के सहयोग और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता से पर्यटन का क्षेत्र मध्यप्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।
भिंड विधायक नरेंद्र कुशवाह को भाजपा अध्यक्ष का सख्त रुख, संगठन में अनुशासन सर्वोपरि
29 Aug, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश के भिंड में विधायक भाजपा नरेंद्र सिंह कुशवाह ने दो दिनों पहले कलेक्टर दफ्तर पहुंचकर बदसलूकी की थी। इस दौरान उन्होंने मुक्का दिखाकर कलेक्टर को धमकाया भी था। इस घटना को पार्टी संगठन ने गंभीरता से लिया है और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विधायक कुशवाह को तलब किया, जिसके बाद वे शुक्रवार को पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान भिंड विधायक को संगठन ने कड़ी चेतावनी दी है विधायक कुशवाह ने भोपाल में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से मुलाकात की। इसके बाद संगठन ने विधायक के व्यवहार को गंभीर मानते हुए कड़े शब्दों में चेतावनी दी और साफ कहा, आपका व्यवहार पार्टी लाइन के विपरीत है, इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में इस तरह का आचरण स्वीकार्य नहीं होगा।
क्या है मामला?
भिंड जिले में खाद की कमी को लेकर बुधवार सुबह हालात तनावपूर्ण हो गए. भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह अपने समर्थकों के साथ कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के सरकारी आवास पर पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। विधायक का कहना था कि कलेक्टर बाहर आकर किसानों की समस्या पर चर्चा करें, जब कलेक्टर बाहर नहीं निकले तो माहौल गरम हो गया। गुस्से में विधायक ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया और यहां तक कह दिया कि जनता को कलेक्टर के घर में घुसा देंगे, तनाव तब और बढ़ गया जब कलेक्टर और विधायक आमने-सामने हो गए. कलेक्टर ने विधायक को औकात में रहने की नसीहत दी, जिस पर कुशवाह भड़क उठे और हाथ उठाकर धमकाने लगे। इस दौरान समर्थकों ने नारेबाजी की और कलेक्टर को ‘चोर’ कह डाला।
आला अधिकारियों ने किया था बीच बचाव
स्थिति बिगड़ती देख कलेक्टर ने समर्थकों को वीडियो बनाने से रोका और कड़ी फटकार भी लगाई। इधर विधायक लगातार नाराजगी जताते रहे और कलेक्टर पर निजी लाभ के लिए वसूली करने का आरोप लगाया। मौके पर एसपी असित यादव, एएसपी संजीव पाठक और एडीएम एलके पांडेय पहुंचे और विधायक को समझाने की कोशिश की।विधायक ने फोन पर चंबल कमिश्नर मनोज खत्री से भी शिकायत की कि खाद वितरण में कोई तैयारी नहीं की गई है.करीब एक घंटे तक चले विवाद के बाद प्रशासन और पुलिस के बीच-बचाव से हालात काबू में आए।
निकिता के भागने से लेकर शादी कर लौटने तक का सफर बना चर्चा का विषय, मोहल्ले में जुटी भारी भीड़
29 Aug, 2025 12:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायसेन: जिले के गैरतगंज की 18 साल की एक लड़की 18 अगस्त को कॉलेज की फीस भरने गई थी। लगभग 12 दिन से वह लापता थी। रायसेन पुलिस ने उसे पंजाब से बरामद कर लिया है। लड़की ने पंजाब के ही एक लड़के से शादी कर ली है। वह लड़के से तब मिली थी जब वह पंजाब से उसके गांव हार्वेस्टर चलाने आता था। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की।
कॉलेज की फीस भरने निकली थी निकिता
गैरतगंज की रहने वाली लड़की 18 अगस्त को कॉलेज की फीस ऑनलाइन भरने कंप्यूटर की दुकान पर गई थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। परिवार वालों ने उसे बहुत ढूंढा। जब वह नहीं मिली तो उन्होंने गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन से पता लगाया कि वह पंजाब में है।
दोनों ने थाने पहुंच दिया आवेदन
एसपी पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि लड़की ने पंजाब के ही एक लड़के से शादी कर ली है। दोनों थाने पहुंचे और शादी का आवेदन दिया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। लड़की की लोकेशन बार-बार बदल रही थी। इससे पुलिस को उसे ढूंढने में परेशानी हो रही थी। जब बुधवार को उसकी लोकेशन पंजाब में मिली, तो रायसेन से एक टीम तुरंत रवाना हुई। टीम ने मौके पर पहुंचकर लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया।
फिल्मी है ये कहानी
एसपी पंकज कुमार पांडेय के अनुसार, लड़की ने पंजाब पहुंचकर जिस लड़के से शादी की है, वह रायसेन जिले में पंजाब से हार्वेस्टर चलाने आता था। इसी दौरान वह उसके संपर्क में आई थी। 18 अगस्त को जब वह लापता हुई तो लड़के को भी उसके साथ देखा गया था। रायसेन पुलिस टीम ने लड़की को बरामद किया तो लड़का भी उसके साथ था। दोनों ने शादी कर ली है। पुलिस की टीम पंजाब से लड़की को लेकर रायसेन के लिए रवाना हो चुकी है।
मध्यप्रदेश की नौकरशाही में बड़ा फेरबदल, IAS अफसरों के बॉस पर आया दिल्ली का सीधा असर
29 Aug, 2025 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में बीते कुछ दिनों इसे लेकर चर्चाएं हो रही थीं कि मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिलेगा या नहीं। गुरुवार को इन अटकलों पर विराम लग गया है। मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक साल का एक्सटेंशन मिला है। यह मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार हुआ है कि किसी मुख्य सचिव को इकट्ठे एक साल का एक्सटेंशन मिला है। बताया जाता है कि सीएस अनुराग जैन दिल्ली के खास हैं। पीएमओ का उन पर अटूट भरोसा है। इस बार सेवा विस्तार पीएमओ के दखल के बाद ही मिला है। वह अब अगस्त 2026 तक मुख्य सचिव रहेंगे।
कुछ घंटों बाद ही हो गई घोषणा
दरअसल, मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को रिटायर हो गए थे। शुक्रवार को उनका आखिरी वर्किंग डे था। आखिरी वक्त तक यह चर्चाएं चल रही थीं कि सेवा विस्तार मिलेगा या फिर एमपी को कोई नया मुख्य सचिव मिलेगा। दो पूर्ववर्ती मुख्यसचिवों को सेवा विस्तार मिलता रहा है। बताया जा रहा है कि पीएमओ से मंजूरी मिलने के बाद फोन आया। इसके बाद एमपी सरकार रेस हो गई। गुरुवार शाम छह बजे के करीब कार्मिक विभाग को एमपी सरकार ने पत्र भेजा। करीब डेढ़ घंटे बाद सीएम मोहन यादव ने अनुराग जैन के सेवा विस्तार की घोषणा कर दी। साथ ही सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई दे दी।
अनुराग जैन के लिए बदल गया इतिहास
मुख्य सचिव अनुराग जैन की छवि साफ सुथरी है। साथ ही काम को समय पर डिलीवर करने के लिए जाने जाते हैं। साथ ही पीएमओ के भरोसेमंद अधिकारियों में उनकी गिनती होती है। 4 अक्टूबर 2024 को वह पहली बार एमपी के मुख्य सचिव बनकर पहुंचे थे। उस वक्त भी कहा गया था कि वह दिल्ली की पसंद हैं। 31 अगस्त 2025 को रिटायरमेंट से पहले उन्हें एक साल का एक्सटेंशन मिल गया है। इससे पहले वीरा राणा को छह महीने और इकबाल सिंह बैंस को छह-छह महीने कर दो बार मिला था। अनुराग जैन पहले ऐसे मुख्य सचिव हैं, जिन्हें इकट्ठे एक साल का एक्सटेंशन मिला है। यह एमपी के इतिहास में पहली बार हुआ है।
कौन हैं अनुराग जैन
मुख्य सचिव अनुराग जैन 1989 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। मूल रूप से वह ग्वालियर के रहने वाले हैं। एमपी के मुख्य सचिव बनने से पहले वह केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय में सचिव थे। साथ ही लंबे समय तक पीएमओ में काम किया है। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से बीटेक किया है। साथ ही यूएसए स्थित मैक्सवेल यूनिवर्सिटी से एमए किया है।
पीएमओ से है डायरेक्ट लिंक
वहीं, इनकी गिनती पीएम मोदी के खास अफसरों में होती है। अनुराग जैन पीएमओ में संयुक्त सचिव के तौर पर 2015 में तैनात रहे हैं। इनके पास सभी मंत्रालयों से समन्वय की जिम्मेदारी थी। काम से इन्होंने पीएमओ में अच्छी छाप छोड़ी थी। यही वजह है कि पीएम मोदी के फेवरेट लिस्ट में हैं। वहीं, सड़क परिवहन मंत्रालय में रहने के दौरान भी इन्हें कई प्रोजेक्टस को गति दी है। इसमें सबसे अहम पीएम गति शक्ति परियोजना है। इनके काम की वजह से दिल्ली में इन्हें लोग हाईवे मैन भी कहते हैं।
सादगी के साथ रहते हैं हमेशा
अनुराग जैन हमेशा सादगीपूर्ण रहते हैं लेकिन काम को लेकर 24 घंटे एक्टिव रहते हैं। लाइमलाइट से दूर रहकर काम पर ही फोकस करते हैं। सहकर्मियों के साथ भी व्यवहारिक हैं। साथ ही एमपी में काम करने का लंबा अनुभव है।
प्रवचन के दौरान बाबा साहेब अंबेडकर और आरक्षण नीति पर टिप्पणी कर गए बाल बिहारी शास्त्री, सोशल मीडिया पर मचा बवाल
29 Aug, 2025 11:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवपुरी: मध्य प्रदेश में एक धार्मिक प्रवचन के दौरान उपदेशक बाल बिहारी शास्त्री के आरक्षण और डॉ. बी.आर. अम्बेडकर पर दिए गए विवादित बयानों से हंगामा मच गया है। मध्य प्रदेश समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। शास्त्री के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह घटना शिवपुरी जिले में हुई। एक वीडियो में शास्त्री को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि 'बाबा साहेब अम्बेडकर ने 11 साल के लिए आरक्षण लागू किया था, लेकिन यह अभी भी लागू है क्योंकि हमारा दिल बड़ा है। हम चाहते हैं कि पिछड़े वर्ग के लोग हमारे बराबर खड़े हों और हमें गले लगाएं, लेकिन अगर ऊंची जाति के लोग सरकार के खिलाफ लाठी लेकर उठेंगे, तो सरकार क्या करेगी?'
डॉ. अंबेडकर के बारे में भी दिया विवादित बयान
शास्त्री ने संविधान के निर्माता डॉ. अम्बेडकर के बारे में भी विवादित बयान दिया। डॉ. अम्बेडकर ने अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़े वर्गों के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने यह भी कहा, 'अगर उच्च जाति का समाज एकजुट हो जाए, तो हम ऐसे कानून का पालन नहीं करेंगे, हम राम राज्य का पालन करेंगे। सरकार क्या करेगी?'
कानून को जलाने की दी थी धमकी
बुडेरा गांव के रहने वाले मनोज अहिरवार ने 14 अगस्त को भौंती पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि शास्त्री ने SC, ST, OBC और बहुजन समुदायों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और यहां तक कि 'कानून को जलाने' की धमकी भी दी। शिकायत और वीडियो सबूत के आधार पर, पुलिस ने शास्त्री के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (धर्म, जाति, भाषा या जाति के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी या वैमनस्य को बढ़ावा देना) और 299 (किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक मान्यताओं का अपमान करने के इरादे से किए गए कार्य) के तहत मामला दर्ज किया है।
कौन हैं बाल बिहारी शास्त्री
बाल बिहारी शास्त्री मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कथावाचक हैं। मध्य प्रदेश के कई जिलों में वह भागवत कर चुके हैं। हाल ही में वह शिवपुरी में कथा कर रहे थे, जहां उन्होंने डॉ. बीआर अंबेडकर और संविधान के बारे में कुछ ऐसा कह दिया, जिससे विवाद हो गया।
चीतों के तैरने की दुर्लभ घटना कैमरे में कैद, अफ्रीका से आए विशेषज्ञ भी इस नजारे को देखकर रह गए दंग
29 Aug, 2025 11:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्योपुर: चीता प्रोजेक्ट के एक्सपर्ट्स ने तीन साल पहले कहा था कि चीते आम तौर पर 'पानी से दूर रहते हैं' लेकिन हाल ही में बारिश के दौरान, कुछ चीता शावकों और उनकी नामीबियाई मूल की मां को कूनो नदी को तैरकर पार करते हुए देखा गया, जिससे लंबे समय से चली आ रही मान्यताएं टूट गईं है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों के तैरने की घटना ने विशेषज्ञों को आश्चर्यचकित कर दिया है।
अफ्रीका में पानी से दूर रहते हैं चीते
अफ्रीका में चीतों को पानी से दूर रहने के लिए जाना जाता है, लेकिन भारत में जन्मे शावकों ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया है। वे न केवल नदियों के पास सहज हैं, बल्कि उन्हें कूनो और चंबल दोनों नदियों को तैरकर पार करते हुए भी देखा गया है।
कूनो और चंबल को पार करते दिखे शावक
कूनो में अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 'देसी' शावक न केवल नदियों के पास सहज हैं, बल्कि उन्हें कूनो और चंबल दोनों नदियों को पार करते हुए भी देखा गया है। कूनो परियोजना के फील्ड डायरेक्टर उत्तम शर्मा ने कहा, 'हमने शावकों को आसानी से तैरते हुए देखा है। माना जाता है कि 'ज्वाला' भी अपने शावकों के साथ चलते हुए कूनो नदी को तैरकर पार कर गई थी।'
ज्वाला, जिसे इस महीने राजस्थान के रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के पास से बचाया गया था, कूनो राष्ट्रीय उद्यान से भटक गई थी। उसने चंबल नदी को भी तैरकर पार किया था।
कूनो परियोजना के फील्ड डायरेक्टर उत्तम शर्मा
एक्सपर्ट्स क्या कह रहे
सफारी टूर ऑपरेटर और दक्षिण अफ्रीका के मेटा पॉपुलेशन इनिशिएटिव/चीता मेटा पॉपुलेशन प्रोजेक्ट के बोर्ड चेयरमैन केविन लियो-स्मिथ ने समझाया, 'बोत्सवाना के ओकावांगो डेल्टा में चीते उन बाढ़ के मैदानों को पार करते हैं जो मौसमी रूप से उनके क्षेत्रों में होते हैं, लेकिन ये तेजी से बहने वाले नहीं होते हैं। यही बात शेरों और तेंदुओं के लिए भी सच है जो पानी पार करने से बचने को प्राथमिकता देते हैं।' मोज़ाम्बिक में, चीते प्रमुख नदियों से दूर रहते हैं क्योंकि वहां शिकारी होते हैं।
पन्यामे में ज़म्बेज़ी नदी निश्चित रूप से एक प्राकृतिक बाधा प्रदान कर रही है। यदि चीतों में से कोई एक पार करने की कोशिश करता है, तो मगरमच्छों के घनत्व के कारण इसका मतलब निश्चित मौत होगी।
मजबूत तैराक नहीं माने जाते हैं चीते
अफ्रीका में, डूबने से होने वाली मौतें असामान्य नहीं हैं, क्योंकि चीतों को मजबूत तैराक नहीं माना जाता है। व्यवहार में इस बदलाव ने विशेषज्ञों को रोमांचित कर दिया है, लेकिन प्रबंधकों को फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। एक अधिकारी ने कहा, 'कूनो में, नदी केवल 200 मीटर चौड़ी थी। यह संभव है कि चीते गांधी सागर अभयारण्य में चंबल को तैरकर पार करने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए हमें अब सावधान रहना होगा।'
वैज्ञानिकों के लिए यह दुर्लभ व्यवहार
यह व्यवहार वैज्ञानिकों के लिए दुर्लभ है, लेकिन यह चीतों की अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है। यह घटना प्रबंधकों को चीता पुनर्वास कार्यक्रम पर फिर से सोचने पर मजबूर कर रही है। उन्हें अब यह सुनिश्चित करना होगा कि चीते नदियों को पार करते समय सुरक्षित रहें। चीतों के तैरने की घटना दर्शाती है कि चीते भारतीय वातावरण में अनुकूल हो रहे हैं।
राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
28 Aug, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का विषय सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। प्रदेश में सभी राजनीतिक दल अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए सहमत हैं। विभिन्न पक्षों के अधिवक्ता इस विषय में न्यायालय के सामने अपने-अपने बिन्दु रख रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण विषय पर 22 सितम्बर से प्रतिदिन सुनवाई करेगा। इस विषय पर सभी दलों की सहमति हो, इस संबंध में गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से संकल्प पारित किया गया कि इस विषय में सभी दल एकजुट होकर एक फोरम पर आएंगे और विभिन्न पक्षों के अधिवक्तागण भी 10 सितम्बर तक एक साथ बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई सर्वदलीय बैठक के बाद जारी अपने संदेश में यह बात कही।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी राजनीतिक दल एक मत से राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए कटिबद्ध हैं। प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों को राज्य शासन और उसके विभिन्न घटकों द्वारा की गई चयन प्रक्रिया में विभिन्न न्यायिक आदेशों के फलस्वरूप नियुक्ति आदेश जारी किए जाने से वंचित शेष 13 प्रतिशत अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाने सभी दल एकजुट होकर इसे क्रियान्वित करने के लिए विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका के सभी फोरम पर मिलकर प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुसार हरसंभव प्रयास किए हैं। जिन विभागों में गुंजाइश थी उन सभी विभागों में आरक्षण देने में सरकार पीछे नहीं रही। कई विभाग जिनमें स्टे नहीं था, जैसे लोक निर्माण विभाग आदि में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। इस विषय में राज्य सरकार वरिष्ठतम अधिवक्ताओं की सलाह लेने और राज्य सरकार का पक्ष रखने में उनका सहयोग लेने के लिए वर्तमान में भी सहमत और तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग को उनका हक दिलाने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर हो रही जातिगत जनगणना से भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इस विषय पर सर्वदलीय बैठक आयोजित करने की पहल की राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सराहना की। सर्वदलीय बैठक में शामिल सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों और सदस्यों ने अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष एवं विधायक उमंग सिंघार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस अरूण यादव, प्रदेश अध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी रमाकांत पिप्प्ल, प्रदेश अध्यक्ष समाजवाद पार्टी मनोज यादव, प्रदेश अध्यक्ष गोंडवाना गणतंत्र पार्टी एवं विधायक तलेश्वर सिंह मरकाम, प्रदेश अध्यक्ष आम आदमी पार्टी एवं महापौर नगर पालिक निगम सिंगरौली रानी अग्रवाल, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के जे.पी दुबे, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल तथा अधिवक्ता वरूण ठाकुर उपस्थित थे। बैठक में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग रामकृष्ण कुसमारिया, विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष भाजपा हेमंत खंडेलवाल, सतना सांसद गणेश सिंह तथा विधायक प्रदीप शामिल हुए। बैठक में एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह ने वर्चुअली सहभागिता की। मुख्य सचिव अनुराग जैन, प्रमुख सचिव विधि एन.पी. सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सर्वदलीय बैठक को स्वागत योग्य पहल बताया। समाजवाटी पार्टी के मनोज यादव ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग को उनका अधिकार मिलना चाहिए। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडलवाल तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जे.पी. दुबे ने भी अपने विचार रखे।
अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए शिक्षा एवं सेवाओं में आरक्षण 27 प्रतिशत किए जाने संबंधी जानकारी
दिनांक 08 मार्च 2019 को म.प्र. शासन द्वारा अध्यादेश जारी कर अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए शिक्षा एवं सेवाओं में आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया गया। दिनांक 14 अगस्त 2019 को विधानसभा में विधेयक पारित कर इसे कानून के रूप में लागू किया गया।
वर्तमान में 19 मार्च 2019 को दायर WP 5901/ 2019 (आशिता दुबे विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन) सहित 40 से अधिक प्रकरण उच्चतर न्यायालयों में प्रचलन में हैं, जिनमें मूलतः अंतरिम आदेश द्वारा अध्यादेश/अधिनियम में 14 प्रतिशत से अधिक आरक्षण के क्रियान्वयन पर रोक लगाई गई है, परंतु अधिनियम की वैधानिकता पर न्यायालय द्वारा कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की गई है। अतः उपरोक्त अधिनियम आज की स्थिति में वैधानिक है एवं इसकी वैधानिकता पर वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में याचिका क्रमांक Writ Petition (s) (Civil) No(s). 606/2025 में अंतिम सुनवाई 22 सितंबर 2025 से प्रारंभ होना नियत है।
दिनांक 19 मार्च 2019 को दायर याचिका WP 5901/2019 (आशिता दुबे विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन) में अंतरिम आदेश द्वारा अध्यादेश के आधार पर 14 प्रतिशत से अधिक आरक्षण महाविद्यालय में प्रवेश के दौरान न देने के निर्देश दिये। (चिकित्सा शिक्षा विभाग) WP No.-25181/2019, WP No.-8923/2020 एवं 40 अन्य याचिकाओं में 27 प्रतिशत आरक्षण के साथ प्रकाशित विज्ञापनों (यथा MPPSC, PEB, TET आदि) पर रोक लगाई गई। उपरोक्त प्रकरणों में समय-समय पर पारित अंतरिम आदेश के कारण प्रावधानित 27 प्रतिशत अन्य पिछडा वर्ग आरक्षण का क्रियान्वयन प्रायोगिक रूप से संभव नहीं हो पाया है।
शासन द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रचलित WP No.-25181/2019, WP No.-8923/2020 एवं 40 अन्य याचिकाओं को WP 5901/2019 के साथ सम्मिलित कराया गया। उपरोक्त याचिकाओं में पारित अंतरिम आदेशों के मद्देनजर महाधिवक्ता के माध्यम से मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रभावी प्रतिरक्षण की कार्यवाही सुनिश्चित की गई।
दिनांक 29 सितंबर 2022 को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को परीक्षा परिणाम दो भागों में, 87 प्रतिशत पदों पर मुख्य तथा 13 प्रतिशत पदों पर प्रावधिक परिणाम घोषित करने के निर्देश जारी किये गए।
दिनांक 27 जनवरी 2024 को सामान्य प्रशासन विभागद्वारा मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड को परीक्षा परिणाम दो भागों में, 87 प्रतिशत पदों पर मुख्य तथा 13 प्रतिशत पदों पर प्रावधिक परिणाम घोषित करने के निर्देश जारी किये गए।
50 प्रतिशत की उपरोक्त सीमा के संबंध में विद्यमान असाधारण परिस्थितियों (Extra ordinary circumstances) का विवरण/विश्लेषण का आधार अधिनियम में स्पष्ट नहीं है। अधिनियम के प्रभावी प्रतिरक्षण का सशक्त प्रयास मध्यप्रदेश शासन द्वारा महाधिवक्ता के माध्यम से किया जा रहा है।
दिनांक 02 सितंबर 2021 को मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का गठन किया गया। मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के उद्देश्य अनुसार - पिछड़े वर्गों की सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक प्रस्थिति, इस वर्ग के पिछड़ेपन के कारणों के अध्ययन हेतु शासन आदेश दिनांक 06/10/2023 द्वारा दो सदस्यों की नियुक्ति की गई। अन्य असाधारण परिस्थितियों का चिन्हांकन भी उद्देश्यों में शामिल है।
दिनांक 05 मई 2022 को मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग द्वारा म.प्र. शासन को प्रथम प्रतिवेदन एवं दिनांक 12 मई 2022 को द्वितीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
सुरेश महाजन बनाम म.प्र. शासन WP 278/2022 केस में दिनांक 18 मई 2022 को उच्चतम न्यायालय द्वारा स्थानीय निर्वाचन (ग्रामीण एवं नगरीय निकाय), अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण (35 प्रतिशत तक) के साथ चुनाव करवाने हेतु अनुमति प्रदान की गई। अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनैतिक प्रतिनिधित्व के लिए यह अभूतपूर्व कदम था।
विभिन्न राज्यों में अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण और कुल आरक्षण की सापेक्ष स्थिति के दृष्टिगत भी राज्य सरकार अपना पक्ष रख रही है।
उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में विचाराधीन समस्त याचिकाएँ उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली, स्थानांतरित की गयी। वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में याचिका क्रमांक Writ Petition(s) (Civil) No(s). - 606/2025 में अंतिम सुनवाई 22 सितंबर 2025 से प्रारंभ होना नियत है।
दिनांक 23 जुलाई 2025 को पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के नए अध्यक्ष और सदस्य की नियुक्ति की गई है।
मध्यप्रदेश पिछडा वर्ग कल्याण आयोग ने शासन स्तर पर अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं राजनैतिक आंकड़ों को एकत्रित करने के साथ साथ उनके पिछड़ेपन के कारणों का सर्वेक्षण तथा वैज्ञानिक अध्ययन करने के लिए डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय (महू) एवं म.प्र. जन अभियान परिषद (योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग) को कार्य सौंपा है। साथ ही उपलब्ध आंकड़ों के सामाजिक-वैज्ञानिक अनुसन्धान एवं सांख्यिकीय विश्लेषण हेतु विशेषज्ञ संस्थाओं की सेवायें भी ली जा रही हैं।
मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग द्वारा उपरोक्त बिन्दुओं पर अनुभवजन्य एवं विश्लेषणात्मक प्रतिवेदन तैयार करने की प्रक्रिया प्रचलन में है। प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत शासन द्वारा आगामी कार्यवाही की जाएगी।
सारंग बोले राहुल गांधी ने की भारतीय राजनीति की परंपरा को कलंकित
28 Aug, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। बिहार के दरभंगा में राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा में प्रधानमंत्री मोदी को गाली देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने भी इसको लेकर गुस्सा जाहिर किया है। विश्वास सारंग ने कहा कि इस देश की ऐसी परंपरा कभी भी नहीं रही है। राहुल गांधी को तुरंत इसके लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
देश की राजनीति को बदनाम किया जा रहा
मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने राहुल गांधी पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी इस देश की परंपराओं को और इस लोकतंत्र को तारतार कर रहे हैं। पहले तो झूठ की यात्रा और अब इस वोट अधिकार यात्रा में चुने हुए प्रधानमंत्री को मां-बहन की गाली देना आपत्तिजनक ही नहीं खेदजनक है। इस देश की कभी ये परंपरा नहीं रही कि आप प्रधानमंत्री को गाली दे रहे हैं। राहुल गांधी को चाहिए और खुद आगे आकर जनता से माफी मांगे, ये नरेंद्र मोदी का अपमान नहीं बल्कि देश की जनता का अपमान है। प्रधानमंत्री को गाली देकर इस देश की राजनीति को बदनाम किया जा रहा है।
वोटर अधिकार यात्रा में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल
बिहार के दरभंगा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिससे सियासी विवाद खड़ा हो गया है।इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है, इसे ‘नीचता की पराकाष्ठा’ करार दिया। बीजेपी ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से माफी की मांग की है, जबकि कांग्रेस ने सफाई दी कि यह किसी बाहरी व्यक्ति की हरकत थी।
यूथ कांग्रेस के नेता ने आयोजित किया था कार्यक्रम
बिहार के दरभंगा जिले के अतरबेल में राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान एक रैली में मंच से पीएम मोदी के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। यह कार्यक्रम यूथ कांग्रेस से जुड़े मोहम्मद नौशाद ने आयोजित किया था। वायरल वीडियो में मंच से पीएम मोदी और उनकी स्वर्गीय मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की गई हालांकि, इस दौरान राहुल गांधी, तेजस्वी यादव या कोई अन्य वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद नहीं थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में वन्यजीवों के पुर्नवास के लिए हुआ एमओयू
28 Aug, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में गुरूवार को मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन समिति और ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर समिति के बीच एमओयू हुआ। चिड़ियाघरों, रेस्क्यू सेंटर्स और सफारी में रखे गए वन्यजीवों के पुर्नवास, संरक्षण, पशु स्वास्थ्य और कल्याण में सहयोग करना इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य है, इस दिशा में संयुक्त प्रयासकिए जाएंगे। उज्जैन में प्रस्तावित चिड़ियाघर-सह-सफारी केंद्र की स्थापना के लिए तकनीकी सहायता सहित वन कर्मियों, पशु चिकित्सकों और हाथी महावतों के लिए विशेष क्षमता-निर्माण और कौशल उन्नयन के कार्यक्रम संचालित होंगे। साथ ही पशु चिकित्सा अस्पताल और नैदानिक प्रयोगशालाओं सहित उन्नत वन्यजीव स्वास्थ्य और बचाव बुनियादी ढांचे का सहयोगात्मक विकास भी किया जाएगा।
बाघों की आबादी के आणविक आनुवंशिक विश्लेषण के लिए मिलेगी प्रयोगशाला सुविधा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुए इस एमओयू के अंतर्गत प्रदेश के चिड़ियाघर संस्थानों के लिए एकीकृत डिजिटल चिड़ियाघर प्रबंधन सूचना प्रणाली का डिजाइन और विकास किया जाएगा। संरक्षण योजना और साक्ष्य-आधारित वन्यजीव प्रबंधन के लिए, विशेष रूप से चिडि़याघर के बाघों (Pantheratigris) की आबादी के आणविक आनुवंशिक विश्लेषण के लिए ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर की उन्नत प्रयोगशाला की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। वन्यजीवों को प्रभावित करने वाली बीमारियों की रोकथाम, निदान और उपचार के लिए भी संयुक्त अनुसंधान आरंभ होंगे। यह एमओयू दो साल की अवधि के लिए लागू रहेगा। समझौते के अनुक्रम में ग्रीन्स सेंटर तकनीकी प्रोटोकॉल, पशु चिकित्सा पद्धतियों और पशु कल्याण मानकों की समीक्षा कर, इस संबंध में सलाह राज्य शासन के वन विभाग को दे सकेगा।
मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुए एमओयू हस्ताक्षर और आदान-प्रदान अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वी.एन. अम्बाड़े, ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर के डॉ. बृज किशोर गुप्ता, अनुपम जैन और संदीप दीक्षित उपस्थित रहे।
ग्वालियर की दो दिवसीय ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’, पर्यटन को देगी नई दिशा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
28 Aug, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा 29 एवं 30 अगस्त को ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि केंद्रीय संचार मंत्री और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर तथा पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी होंगे। प्रसिद्ध अभिनेता पीयूष मिश्रा और फैसल मलिक विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
ग्वालियर–चंबल एवं सागर क्षेत्र की पर्यटन क्षमताओं को पहचानते हुए प्रदेश में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की जा रहा है। “टाइमलेस ग्वालियर: इकोज़ ऑफ़ कल्चर, स्पिरिट ऑफ़ लेगेसी” थीम पर केन्द्रित कॉन्क्लेव पर्यटन निवेश, सांस्कृतिक धरोहर, अनुभवात्मक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा 11 से 13 अक्टूबर-2025 तक भोपाल में मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट का आयोजन किया जाएगा।
अनुबंध और साझेदारियों से होगा पर्यटन का विकास
कॉन्क्लेव में पर्यटन विकास को गति देने के लिए कई अहम करार होंगे। होटल, रिसोर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म क्षेत्र के निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) प्रदान किए जाएंगे। पारंपरिक संगीतज्ञों, लोक कलाकारों और पर्यटक ग्रामों के कलाकारों की क्षमता निर्माण के लिए ग्वालियर की मान सिंह तोमर यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू होगा। इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग और प्रचार-प्रसार के लिए याप डिजिटल, क्रायोन्स एडवरटाइजिंग, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजे़स लिमिटेड, कॉन्सेप्ट कम्युनिकेशन्स साथ अनुबंध होंगे। इन समझौतों से न केवल निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय समुदाय और कलाकार भी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।
नई परियोजनाओं का होगा शुभारंभ
कॉन्क्लेव में नई परियोजनाओं की शुरुआत भी होगी। इनमें हस्तशिल्पों की मार्केटिंग में संस्था डेलबर्टो महत्वपूर्ण साझेदारी होगी। इस साझेदारी से हस्तशिल्प प्रेमी एक विशेष ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म के जरिए सीधे हमारे कारीगरों से जुड़कर उनके द्वारा तैयार किए गए उत्कृष्ट और प्रामाणिक उत्पाद घर बैठे ही खरीद सकेंगे। इंडिगो और आगा खां फाउंडेशन के सहयोग से सीएसआर के अंतर्गत ग्वालियर किले में संरक्षण, लैंडस्केपिंग और इल्युमिनेशन कार्यों का शिलान्यास होगा। स्वदेश दर्शन 2.0 के अंतर्गत ग्वालियर के फूल बाग में अनुभवात्मक पर्यटन परियोजनाओं का शिलान्यास होगा। साथ ही मान सिंह तोमर म्यूजिक यूनिवर्सिटी में विकास कार्यों का शिलान्यास किया जायेगा।
विरासतों, धरोहरों और अनुभवात्मक पर्यटन की संभावनाओं पर होगा मंथन
रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में दो महत्वपूर्ण सत्र होंगे। “टूरिज़्म ऐज़ अ कल्चरल ब्रिज – ब्रांडिंग ग्वालियर एंड हार्टलैंड ऑफ़ एमपी” विषय पैनल डिस्कशन होगा, जिसमें ग्वालियर की सांस्कृतिक धरोहर, शास्त्रीय संगीत और स्थापत्य कला को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की रणनीतियों पर विचार होगा। दूसरा पैनल डिस्कशन “ग्वालियर एंड चंबल राइजिंग – इनबाउंड अपील थ्रू हेरिटेज, लग्ज़री एंड एक्सपीरियंस” विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें विरासत, लग्ज़री स्टे, डेस्टिनेशन वेडिंग और अनुभवात्मक पर्यटन जैसे नए आयामों पर संवाद होगा।
हितधारक पर्यटन व्यवसाय में निवेश की संभावनाओं पर करेंगे चर्चा
रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में ट्रैवल ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। यह सत्र न केवल क्षेत्रीय पर्यटन के विकास के लिए, बल्कि राष्ट्रीय पर्यटन समृद्धि के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
सांस्कृतिक संध्या में दिखेगा मध्य प्रदेश का गौरव
रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के प्रथम दिवस सांस्कृतिक संध्या में मध्यप्रदेश का गौरव देखने को मिलेगा। इस दौरान कलाकारों द्वारा लोककला की प्रस्तुति दी जाएगी। इसी प्रकार मैहर बैंड समां बांधेगा। इस कॉन्क्लेव में विशेष पर्यटन प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें मध्यप्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों, पर्यटन इकाइयों, होस्पिटैलिटी ब्रांड्स, होमस्टे, रिसॉर्ट्स, हैंडलूम/हैंडिक्राफ्ट, साहसिक गतिविधियों और सांस्कृतिक धरोहरों को समर्पित स्टॉल लगाए जाएंगे। यह प्रदर्शनी निवेशकों, ट्रैवल एजेंट्स, टूर ऑपरेटर्स, स्थानीय उद्यमियों और आगंतुकों को एक मंच पर लाकर पर्यटन क्षेत्र में संभावनाओं को प्रत्यक्ष रूप से प्रस्तुत करने का अवसर देगी।
जुटेंगे इंफ्लुएंसर्स, हितधारक जानेंगे समृद्ध विरासत
कॉन्क्लेव में इंफ्लुएंसर्स मीट भी होगी। इसमें ग्वालियर–चंबल क्षेत्र के इंफ्लुएंसर्स शामिल होंगे और उन्हें अभिनेता फैसल मलिक के साथ रूबरू होने का अवसर मिलेगा। इसी तरह ग्वालियर किले पर 30 एवं 31 अगस्त को सुबह 6:30 बजे से योग सत्र का आयोजन किया जाएगा। चयनित अतिथियों एवं प्रतिनिधियों के लिए फैमिलियाराइज़ेशन टूर (FAM Tour) का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य ग्वालियर एवं आसपास के पर्यटन स्थलों की संभावनाओं से प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है। इस विशेष भ्रमण के माध्यम से प्रतिनिधियों को क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व आदि का अनुभव कराया जाएगा, जिससे वे निवेश, प्रचार-प्रसार और पर्यटन विकास की दृष्टि से गहराई से जुड़ सकें।
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