मध्य प्रदेश
यात्रियों से टिकिट की नियत राशि से ज्यादा वसूलने वाली बसों पर हो सख्त कार्रवाई : परिवहन मंत्री सिंह
16 Oct, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने विभागीय अमले को दीपावली त्यौहार को देखते हुए बसों से यात्रियों से नियत टिकिट की राशि से अधिक वसूली करने वाले बस मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने परिवहन विभाग के अमले को सभी आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिये भी कहा है। परिवहन मंत्री सिंह गुरुवार को भोपाल में परिवहन विभाग के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सचिव परिवहन मनीष सिंह और आयुक्त परिवहन विवेक शर्मा भी मौजूद थे।
मंत्री द्वारा दिये गये निर्देश
बसों की जाँच के दौरान परिवहन जाँच स्टॉफ वर्दी में हों। बॉडीवार्न कैमरे का इस्तेमाल किया जाये। समस्त क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारी उनके जिले में स्थापित एटीएस (ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन) की नियमित जाँच करना सुनिश्चित करें।
बिना वैध बीमा, ओवरलोडिंग, ओवर स्पीडिंग बस पाए जाने पर उन्हें जारी किये गये परमिट की जाँच हो। स्टेज कैरिज वाहनों में लायसेंस प्राप्त कंडक्टर हो।
स्लीपर कोच में प्रवेश एवं निर्गम निर्धारित मापदण्ड के अनुसार हो। स्लीपर कोच में निर्धारित ले-आउट के अनुसार स्लीपर लगे हों, यह सुनिश्चित हो।
अमले को यह निर्देश दिये गये हैं कि लोक सेवा वाहन में ज्वलनशील पदार्थ का परिवहन न किया जाये। समस्त बसों में पोर्टेबल अग्निशमन यंत्र हों। प्रत्येक बस में प्राथमिक चिकित्सा के उपकरण अनिवार्य रूप से हों।
आल इण्डिया टूरिस्ट परमिट एवं अन्य बसों द्वारा परमिट शर्तों का उल्लंघन करने पर हो सख्त कार्यवाही। बीमा नवीनीकरण और वाहन पंजीकरण की जाँच हो। प्रदेश के सभी वाहनों में हाई सिक्यूरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट हो, यह सुनिश्चित किया जाये। वाहन पोर्टल पर माइग्रेट होने के पूर्व जिन वाहनों का मोटर कर और पैनाल्टी की राशि दर्ज न हो, ऐसे प्रकरण का निराकरण 15 दिवस में हो।
दो पहिया वाहनों पर चालक हेलमेट पहने, यह सुनिश्चित हो। हेलमेट उपयोग के लिये निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अगुवाई में शनिवार को होगा किसान सम्मेलन
16 Oct, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में शनिवार 18 अक्टूबर को मुख्यमंत्री निवास पर किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन में नर्मदापुरम, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, रायसेन एवं विदिशा जिले से लगभग 2500 किसान शामिल होंगे।
भावांतर योजना की दी जाएगी जानकारी
सम्मेलन में किसानों को भावांतर योजना के संबंध में जानकारी दी जाएगी एवं योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। योजना अंतर्गत किसान 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक मंडी में फसल बेच सकेंगे। किसानों को 15 दिवस में भावांतर की राशि उनके आधार लिंक बैंक खातों में सीधे अंतरित की जाएगी। भावांतर योजना के ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन 17 अक्टूबर तक होंगे।
श्मशानों को वर्ष 2026 तक अतिक्रमण मुक्त कर फेंसिंग एवं पौधरोपण से किया जाएगा सुसज्जित : प्रहलाद सिंह पटेल
16 Oct, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गुरूवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की तथा आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों की तीन दिवसीय कांफ्रेंस के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। यह कांफ्रेंस आगामी 24, 25 एवं 26 नवंबर 2025 को भोपाल में आयोजित की जाएगी। मंत्री पटेल ने सम्मेलन के एजेंडे को इस प्रकार तैयार करने के निर्देश दिए जिससे पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ग्रामीण विकास, स्वच्छता, सतत आजीविका, स्थानीय स्वशासन और जनसहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक मंथन हो सके।
बैठक में प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों के श्मशानों को व्यवस्थित करने हेतु एक व्यापक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। पटेल ने कहा कि वर्ष 2026 तक प्रदेश के सभी श्मशान स्थलों को अतिक्रमण मुक्त किया जाए और फेंसिंग, पौधरोपण सहित अप्रोच रोड की सुविधा से जोड़ा जाए ताकि उन्हें स्वच्छ एवं सम्मानजनक स्वरूप प्रदान किया जा सके।
मंत्री पटेल ने बताया कि “माँ की बगिया” योजना के अंतर्गत प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना को और गति प्रदान करते हुए अधिकाधिक ग्राम पंचायतों को इससे जोड़ा जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं महिला स्व-सहायता समूहों को सतत आजीविका के अवसर प्राप्त हों।
बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न योजनाओं के प्रभारी उपस्थित रहे।
धार कॉलेज के डॉ. सागर सेन DESY, जर्मनी में करेंगे नैनो-संरचना का अध्ययन
16 Oct, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश के धार जिले के महाराजा भोज शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के भौतिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सागर सेन और उनके शोधार्थी विनय श्रीवास्तव को जर्मनी के प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्थान DESY (Deutsches Elektronen-Synchrotron), हैम्बर्ग में Small Angle X-ray Scattering (SAXS) प्रयोग करने का अवसर प्राप्त हुआ है। यह प्रयोग 19 से 25 अक्टूबर 2025 के मध्य DESY, हैम्बर्ग (जर्मनी) में किया जाएगा।
डॉ. सेन के अनुसार इस तकनीक के माध्यम से वे नैनोस्ट्रक्चर्ड पतली परतों (nanostructured thin films) की सतही संरचना और इलेक्ट्रॉनिक गुणों का अध्ययन करेंगे। इस प्रकार का अध्ययन स्पिन्ट्रॉनिक्स (Spintronics), ऊर्जा संचयन उपकरणों (बैटरी, कैपेसिटर), बायोटेक्नोलॉजी और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस के विकास में सहायक होता है। SAXS तकनीक एक अत्याधुनिक वैज्ञानिक विधि है, जिसमें पदार्थ पर छोटे कोण पर X-ray किरणें डाली जाती हैं और उनके प्रकीर्णन (scattering) का अध्ययन किया जाता है। इस तकनीक से पदार्थ की नैनोस्तरीय संरचना, कणों का आकार, वितरण, सतह की खुरदरापन तथा सूक्ष्म छिद्रों (pores) की जानकारी प्राप्त होती है। सरल शब्दों में यह तकनीक पदार्थ के भीतर की “नैनो दुनिया की तस्वीर” लेने जैसी है।
यह परियोजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा वित्तपोषित है। इस प्रकार के अंतर्राष्ट्रीय प्रयोगों के लिए चयन अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक होता है, जिसमें विश्वभर के वैज्ञानिक भाग लेते हैं। केवल उच्चस्तरीय शोध प्रस्तावों और सक्षम शोधकर्ताओं को ही DESY जैसी विश्वप्रसिद्ध प्रयोगशालाओं में कार्य करने का अवसर प्राप्त होता है। शोधार्थी विनय श्रीवास्तव, जो IUAC परियोजना के अंतर्गत कार्यरत हैं, इस प्रयोग में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व डॉ. सागर सेन ग्रीस और पोलैंड में भी नैनोटेक्नोलॉजी पर अपने व्याख्यान (lectures) दे चुके हैं। वर्तमान में डॉ. सागर सेन तीन प्रमुख शोध परियोजनाओं पर कार्यरत हैं, जिनमें से दो परियोजनाएँ मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (MPCST), भोपाल तथा इंटर यूनिवर्सिटी एक्सेलेरेटर सेंटर (IUAC), नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित है। इन परियोजनाओं का फोकस नैनो संरचना, चुंबकीय पतली परतों (magnetic thin films) एवं आयन बीम विकिरण (ion beam irradiation) के माध्यम से सामग्री के गुणों के नियंत्रण पर केंद्रित है।
फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को हर माह दो बार मिले स्थान चयन का अवसर : उच्च शिक्षा मंत्री परमार
16 Oct, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने गुरुवार को मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग की बैठक विभागीय गतिविधियों एवं कार्यों के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने विभिन्न विभागीय विषयों पर विस्तृत चर्चा कर, आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने उच्च शिक्षा परिषद् की बैठक का आयोजन शीघ्र सुनिश्चित करने को कहा। मंत्री परमार ने नियमित भर्तियों एवं स्थानांतरण की वजह से फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को प्रत्येक माह में दो बार स्थान चयन के लिए अवसर प्रदान किए जाने एवं रिक्त पदों की जानकारी पोर्टल पर अद्यतन किए जाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में लोक सेवा आयोग द्वारा भर्तियां, वरिष्ठता सूची, विभागीय पोर्टल एवं स्वीकृत पदों के युक्तियुक्तकरण सहित अन्य विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन एवं आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में भोपाल की बेटियाँ देंगी बैंड की प्रस्तुति
16 Oct, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : भोपाल की बेटियाँ राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर 2025 को गुजरात के एकता नगर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) परिसर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मध्यप्रदेश का मान बढ़ाएंगी।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित बैंड प्रतियोगिता में सेंट जोसेफ कॉन्वेंट ईदगाह हिल्स स्कूल भोपाल की बालिका टीम ने राज्य में प्रथम स्थान हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल किया था। उसी टीम को केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में 31 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए चुना है। गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय बैंड प्रतियोगिता में शामिल दो टीमों को आमंत्रित किया है। बालिका वर्ग में द्वितीय स्थान हासिल करने वाले भोपाल के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल और बालक वर्ग में देश में पहला स्थान हासिल करने वाली राजस्थान की टीम शामिल है। यह दोनों टीमें संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की मौजूदगी में होने वाले कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देंगी।
यह कार्यक्रम लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश की बैंड टीम राज्य पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, अन्य सुरक्षा बल और एनसीसी की टीमों के साथ मंच साझा करेगी।
बैंड में शामिल 30 बालिकाओं की टीम उनके प्रशिक्षक रसिक नागर पांडेय के साथ 23 अक्टूबर को गुजरात के लिए प्रस्थान करेगी। पांडेय ने बताया कि कार्यक्रम में बैंड टीम द्वारा हिन्दी, गुजराती, अंग्रेजी, स्पेनिश और जर्मन धुनें प्रस्तुत की जाएंगी। स्कूल की प्राचार्य सिस्टर लिली ने बताया कि बैंड की टीम पिछले 15 दिन से इस गौरवपूर्ण कार्यक्रम के लिए तैयारी कर रही है। इस कार्यक्रम में शामिल होना हमारे स्कूल, भोपाल और पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है।
MP पुलिस मुख्यालय में बड़ा फर्जीवाड़ा, कर्मचारियों के नाम पर फर्जी मेडिकल बिल से निकाले 15 लाख
16 Oct, 2025 11:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में पुलिस सवालों के घेरे में घिरती जा रही है। प्रदेश के सिवनी और बालाघाट जिले में MP पुलिस पर गंभीर आरोप का मामला सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय में फर्जी मेडिकल घोटाला सामने आया है। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में मेडिकल शाखा के अधिकारियों ने PTRI (पुलिस ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट) के 25 कर्मचारियों के नाम पर फर्जी बिल बनाकर 15 लाख रुपए हड़प लिए। पूरा मामला सामने आने के बाद जहांगीराबाद थाना पुलिस ने 3 अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं।
25 कर्मचारियों के नाम पर हड़पे 15 लाख
जानकारी के मुताबिक PTRI (पुलिस ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट) के कर्मचारियों ने एक आवेदन दिया, जिसमें फर्जी बिल के बारे में जानकारी दी गई थी। इस आवेदन के आधार पर जब जांच की गई तो खुलासा हुआ कि आरोपी अधिकारियों ने साल 2023 से 2025 के बीच करीब 25 कर्मचारियों के नाम पर फर्जी मेडिकल बिल पास कर करीब 15 लाख रुपए की सरकारी राशि अपने खाते में ट्रांसफर कराई।
बैंक अकाउंट में राशि कराते थे ट्रांसफर
जांच में सामने आया कि आरोपी कर्मचारियों द्वारा फर्जी बिल पास किए जाने के बाद बिल की राशि सीधे उन कर्मचारियों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती थी। इसके बाद आरोपी उन्हें फोन कर बोलते थे कि मेडिकल शाखा की ओर से गलती से राशि उनके अकाउंट में पहुंच गई है। इसके बाद कर्मचारियों को अपना अकाउंट नंबर देकर राशि ट्रांसफर करा लेते थे।
3 अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज, आरोपी फरार
पूरा मामला सामने आने के बाद प्रभारी सहायक उप निरीक्षक हर्ष वानखेड़े, तत्कालीन आंकिक कैशियर सूबेदार नीरज कुमार और सहायक स्टाफ प्रधान आरक्षक राजपाल ठाकुर के खिलाफ जहांगीराबाद थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। FIR दर्ज होने के बाद से तीनों आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
सागर में निकली जादूई बावड़ी!, चमत्कारी जल से बीमारियां ठीक होने का दावा, नहाने को उमड़ रही भीड़
16 Oct, 2025 08:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर: यूपी-एमपी की सीमा से सटे सागर के उत्तर वन मंडल के जंगल में एक रहस्यमई जल स्त्रोत का पता चला है. इसकी जानकारी लगते ही आसपास के लोगों की भीड़ उमड़ने लगी है. इस जलस्त्रोत (झिरिया) की जानकारी एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा दी गई. उसका कहना है कि इस झिरिया के पानी से नहाने पर फोड़े-फुंसी सहित स्किन की कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं. उसने खुद के साथ ऐसा होने का दावा भी किया. इसके बाद से इस पानी को चमत्कारिक मानकर लोग स्नान करने के लिए पहुंचने लगे. एमपी के साथ यूपी से भी रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं.
क्या है पूरा मामला?
सागर के उत्तर वन मंडल की मालथौन रेंज की नौनिया और सेसई बीट के जंगल से गुजरते समय सेसई निवासी पहलवान पटेल नाम के व्यक्ति को एक पत्थर नजर आया. उसने कौतूहलवश उस पत्थर को हटाया, तो उसे दो-तीन सीढ़ियां दिखाई दीं और एक झिरिया नजर आई. जब उसने उस स्थान को साफ किया तो और सीढ़ियां नजर आई.
फिर पहलवान पटेल ने आसपास खुदाई कि तो वहां करीब 9 सीढ़ियां दिखाई पड़ीं और करीब 15 फीट की गहराई में पानी नजर आया. पहलवान को ये सब एक चमत्कार लगा और उसने पानी से अपने हाथ-पैर धुल लिए. पहलवान पटेल के अनुसार, "उसके हाथ में एक फोड़ा था जो इस पानी से हाथ धुलने के बाद बिल्कुल ठीक हो गया."
कई लोगों ने इस पानी से बीमारी ठीक होने का किया दावा
पहलवान पटेल अपने साथ हुए कथित चमत्कार का जिक्र हर जगह करने लगा. देखते ही देखते ये बात आसपास के क्षेत्र में फैल गई. खबर सुन बरोदिया कलां निवासी छोटू पठान नामक युवक उस झिरिया के पास पहुंचा और उसने उस पानी से स्नान किया. छोटू पठान के अनुसार, "उसके हाथ-पैर जाम जैसे हो गए थे. कामकाज करने में दिक्कत होती थी, लेकिन रहस्यमई झिरिया के पानी से नहाने के बाद से उसको आराम है."
वहीं, सेसई गांव निवासी रोहित लोधी की आंख के पास एक गांठ थी, जिसकी वजह से उसे देखने में बहुत दिक्कत होती थी. जब उसने इस झिरिया के चमत्कार के बारे में सुना तो वो भी स्नान करने पहुंच गया. रोहित लोधी का दावा है कि यहां स्नान करने के बाद से ही उसको आराम है.
चमत्कार मान पहुंच रहे सैकड़ों लोग
इस तरह के कई दावों के बाद आसपास के लोग इस रहस्यमई झिरिया में नहाने पहुंच रहे हैं. स्थान उत्तर प्रदेश से सटा होने के कारण वहां के लोग भी भारी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं. लोग झिरिया में स्नान कर रहे हैं, उस पानी को पी रहे हैं और चमत्कारिक जल मानकर घर भी ले जा रहे हैं. इस झिरिया के पास पूजा-पाठ भी शुरू हो गया है. लोगों की भारी आवक को देखते हुए जिला प्रशासन और वन विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. सभी की सुरक्षा का ध्यान रखना पड़ रहा है.
नगर परिषद अध्यक्ष के पति पर फायरिंग, हमलावर फरार
16 Oct, 2025 08:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पन्ना। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पन्ना (Panna) में नगर परिषद अध्यक्ष (City Council President) के पति को गोली मारने से सनसनी फैल गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। ललित गुप्ता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां से उन्हें गंभीर हालत में सतना रेफर किया गया है। हालांकि फायरिंग क्यों की गई, इसका कारण अज्ञात है।
बाजार व्यवस्था को लेकर थाना प्रभारी का पैदल भ्रमण, पुलिस उपायुक्त ने किया निरीक्षण
15 Oct, 2025 11:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
स्टाफ रिपोर्टर
जहांगीराबाद। आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए पुलिस उपायुक्त जोन-1 आशुतोष गुप्ता के निर्देशानुसार जोन अंतर्गत समस्त थाना प्रभारियों को शाम के समय बाजार क्षेत्रों में पैदल भ्रमण करने के आदेश दिए गए हैं।
इसी क्रम में आज दिनांक 15.10.25 को थाना प्रभारी जहांगीराबाद द्वारा समस्त बल के साथ बाजार व्यवस्था बनाए रखने हेतु पैदल भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान बाजार में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण एवं भीड़ प्रबंधन की स्थिति का जायजा लिया गया।
पुलिस उपायुक्त जोन-1 आशुतोष गुप्ता स्वयं एक्सटल चौराहे पर पहुंचे और औचक निरीक्षण कर बाजार व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए त्योहारों के दौरान सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
चाहे जितनी जल्दी हो, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन अवश्य करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
15 Oct, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीवन अनमोल है। तेजी में या असावधानीवश सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में उचित नहीं है। दुनिया का कोई भी काम किसी की जिंदगी से बड़ा नहीं होता, इसलिए चाहे जितनी भी जल्दी हो, सड़क पर चलते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना हर नागरिक का प्राथमिक कर्तव्य है। उन्होंने अपील की कि सभी लोग दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनें और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाना कतई न भूलें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सुधरेंगे, तो जग भी सुधरेगा। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना न केवल हमारी जरूरत है, बल्कि एक जागरूक नागरिक के रूप में हमारी बड़ी जिम्मेदारी भी है। सिविक सेंस कहता है कि वाहन चलाते समय हमें अपने साथ दूसरों के जीवन की सुरक्षा का दायित्व भी समझना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में सड़क सुरक्षा उपायों पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यशाला का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक अच्छे वाहन चालक की सच्ची कुशलता तो इस बात में है कि हम सड़क पर अपनी सेंसिबल ड्राइविंग और जिम्मेदारीपूर्ण आचरण से दूसरों को भी प्रेरणा दें। सड़क सुरक्षा के प्रति सामूहिक सजगता से ही दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। जन-जागरुकता से समाज में एक सुरक्षित यातायात संस्कृति और इसके लिए जरूरी व्यवस्थाओं का निर्माण किया जा सकता है। सड़क सुरक्षा के लिए संसाधन उपलब्ध करवाने में हमारी सरकार कभी भी पीछे नहीं हटेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट का बटन दवाकर सड़क सुरक्षा के आधुनिक उपायों पर आधारित एडवांस एप्लीकेशन "संजय" का शुभारंभ किया। कार्यशाला में लोक निर्माण विभाग एवं मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड द्वारा आईआईटी मद्रास और सेव लाइफ फाउंडेशन के साथ डीडीएचआई और सड़क सुरक्षा प्रबंधन पर दो अलग एमओयू हस्ताक्षरित कर परस्पर आदान-प्रदान किये गये। इस अवसर मुख्यमंत्री ने आईआईटी मद्रास द्वारा तैयार की गई 'सड़क सुरक्षा शिक्षा प्रणाली' पुस्तक एवं 'रोड सेफ्टी' रिपोर्ट का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि को कम करने के लिए लोक निर्माण विभाग नवाचार लागू कर तत्परतापूर्वक कार्य कर रहा है। आधुनिक समय में राजमार्गों के विकास के साथ सुविधा और चुनौतियां बढ़ रही हैं। प्रदेश में 9 हजार किलोमीटर के दायरे में राष्ट्रीय राजमार्ग और करीब 11 हजार किलोमीटर का राज्यमार्ग का रोड नेटवर्क है। उम्मीद है कि यह कार्यशाला सड़क सुरक्षा की दिशा में अपने लक्ष्य तक पहुंचेगी। प्रदेशवासियों की जिंदगी बचाने के लिए जो सुझाव आएंगे, उन्हें लागू करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य शुरू किए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने देश में स्वर्णिम चतुर्भुज का निर्माण कराया था। इन दोनों के बीच 10 साल तक विकास के क्रम में थोड़ी बाधाएं आईं, यह किसी से छिपी नहीं है।
मंथन से निकले सुझाव सड़क के लिये दीर्घकालिक धरोहर साबित होंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में है। यहां सड़क और राजमार्गों का बड़ा नेटवर्क है। देश के प्रमुख महानगरों तक जाने वाले मार्ग मध्यप्रदेश से होकर गुजरते हैं। उन्होंने कहा कि हम सड़क सुरक्षा प्रबंधन और दुर्घटनाएं रोकने के मामले में देश में पांचवें स्थान पर हैं। समाज सरकार, जनप्रतिनिधियों और प्रदेश के हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी से हम इस क्षेत्र में नंबर वन राज्य बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यशाला में मंथन से निकले सुझाव सड़क सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक धरोहर साबित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम की नगरी ओरछा को आज नई सौगातें मिल रही हैं। मध्यप्रदेश विकास के मामले में देश का शीर्ष राज्य बनेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से अपील करते हुए कहा है कि सड़क पर जिम्मेदार नागरिक बनिए। आपकी लापरवाही आपके साथ दूसरों के जीवन पर भी भारी पड़ जाती है। आज भी कई लोग वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने से बचते हैं, सीट बेल्ट लगाने को ज़रूरी नहीं मानते। हेलमेट न पहनना और सीट बेल्ट नहीं लगाना यह सिर्फ नियम तोड़ना नही ज़िंदगी से खिलवाड़ है। स्पीड में गाड़ी चलाकर हीरो बनने की ज़रूरत नहीं, नियमों का पालन करने वाला ही असली हीरो है। उन्होंने कहा कि सरकार सड़कें सुधार सकती है, हेलमेट बांट सकती है, नियम कानून बना सकती है। लेकिन गाड़ी का हैंडल और ब्रेक तो आपके ही हाथ में ही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपील की कि नागरिकों को ट्रैफिक नियमों के बारे जागरूक करें। सड़क पर सुरक्षा आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। हम सब मिलकर सड़क सुरक्षा को एक आदत नहीं, एक संस्कृति बनाएं।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि सड़कों को किसी भी प्रदेश के विकास की रीढ़ माना जाता है, क्योंकि इनके बिना आर्थिक और सामाजिक प्रगति संभव नहीं है। जैसे-जैसे सड़कें आधुनिक और तेज़ रफ्तार यातायात के अनुकूल बन रही हैं, वैसे-वैसे सड़क दुर्घटनाओं की संख्या भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। सड़क सुरक्षा केवल कानून या चालान का विषय नहीं, बल्कि यह एक माइंडसेट का विषय है, जिसे बचपन से विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हमें नागरिकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना होगा, तभी हम दुर्घटनाओं को रोक सकते हैं। मंत्री सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने सड़क सुरक्षा को सशक्त बनाने के लिए कई नवाचार किए हैं। विभाग द्वारा “लोकपथ ऐप” विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति सड़क क्षति या दुर्घटना की जानकारी तुरंत साझा कर सकता है। संबंधित अधिकारी को सात दिन के भीतर उसका समाधान करना होगा। इस ऐप में ब्लैक स्पॉट अलर्ट सिस्टम भी जोड़ा गया है, जो वाहन चालकों को पहले से चेतावनी देगा कि आगे खतरनाक स्थान है। इसके अलावा ऐप में पेट्रोल पंप, रिपेयर स्टेशन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी।
लोक निर्माण मंत्री सिंह ने कहा कि विभाग ने सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण को प्राथमिकता दी है। प्रदेश में हर माह दो बार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं, जिनमें सड़कों और भवनों की गुणवत्ता की जांच की जाती है। भविष्य में छोटी सड़कों पर सुरक्षा मानकों के क्रियान्वयन का कार्य एम्पैनल्ड विशेषज्ञ एजेंसियों को सौंपा जाएगा, जिससे हर सड़क पर आवश्यक साइनबोर्ड, रिफ्लेक्टर और सुरक्षा मानक सुनिश्चित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विभाग का लक्ष्य दुर्घटना-मुक्त मध्यप्रदेश का निर्माण करना है और इस दिशा में तकनीकी सुधार, जनजागरूकता और सामाजिक सहयोग को जोड़कर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तकनीकी सुधारों के साथ नागरिकों की जागरूकता और जिम्मेदारी जरूरी है। उन्होंने बताया कि देश में होने वाली लगभग 53 प्रतिशत दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों से जुड़ी हैं। यदि हेलमेट का सही उपयोग किया जाए तो 60 प्रतिशत जानें बचाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट पहनना केवल नियमों के पालन के लिए नहीं, बल्कि स्वयं की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। मुख्य सचिव जैन ने “जीरो फर्टिलिटी कॉरिडोर” की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि जहाँ सड़क डिज़ाइन, गति नियंत्रण और जनजागरूकता पर ध्यान दिया गया, वहाँ दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा के पांच स्तंभ इंजीनियरिंग, एनफोर्समेंट, एजुकेशन, इमरजेंसी रिस्पॉन्स और इंश्योरेंस पर एक साथ काम करना आवश्यक है। इसके लिए हमें मिलकर काम करना होगा। मुख्य सचिव ने कहा कि भारत सरकार एक नया इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम शुरू कर रही है, जिसके तहत दुर्घटना की सूचना तुरंत अस्पताल तक पहुँचेगी और पहले सात दिनों का इलाज डेढ़ लाख रुपये तक निःशुल्क कराया जाएगा। मुख्य सचिव ने सभी विभागों और नागरिकों से सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान करते हुए कहा कि हर व्यक्ति की छोटी-सी सावधानी हजारों जीवन बचा सकती है।
आईआईटी मद्रास के रोड सेफ्टी के विशेषज्ञ एवं मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम में स्वतंत्र संचालक प्रोफेसर (डॉ.) वेंकटेश बालासुब्रमण्यम ने कहा कि मध्यप्रदेश सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में मॉडल राज्य बनने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा केवल तकनीकी पहल नहीं, बल्कि एक सामाजिक-आर्थिक जिम्मेदारी है, जिसमें शासन, प्रशासन और समाज की समान भागीदारी आवश्यक है। प्रो. बालासुब्रमण्यम ने कहा कि जहाँ अधिकांश दुर्घटनाएँ मानवीय त्रुटियों के कारण होती हैं, वहीं लगभग 3 प्रतिशत दुर्घटनाएँ सड़क डिज़ाइन, ज्यामिति और संकेतकों की कमी जैसी अवसंरचनात्मक कमियों से जुड़ी होती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इन कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर तकनीकी सुधारात्मक कदम उठाए जाएँ जिससे दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि सटीक डेटा संग्रहण और विभागीय समन्वय सड़क सुरक्षा प्रबंधन की कुंजी है। लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी, पुलिस, स्वास्थ्य संस्थान और ज़िला प्रशासन के बीच साझा डेटा से ब्लैक स्पॉट की सटीक पहचान और त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई संभव होगी। यह पहल “हर मोड़ को सुरक्षित” बनाने के राज्य सरकार के संकल्प को और सशक्त बनाएगी।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला सड़क सुरक्षा बढ़ाने और दुर्घटनाएँ कम करने की दिशा में प्रदेश की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। “हर मोड़ को सुरक्षित बनाना” इसका प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि जहां 93 प्रतिशत दुर्घटनाएं मानवीय त्रुटि से होती हैं, वहीं 7 प्रतिशत सड़क की ज्यामिति या साइन बोर्ड की कमी से जुड़ी हैं, जिन पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। सिंह ने कहा कि प्रदेश में 1041 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिन पर लघु अवधि के सुधार कार्य पूरे कर लिए गए हैं, जबकि दीर्घकालिक उपाय लोक निर्माण विभाग द्वारा 2027 और एमपीआरडीसी द्वारा 2028 तक पूर्ण किए जाएंगे। कार्यशाला में आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर, इंदौर और मऊगंज के कलेक्टर और परिवहन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए, जो सड़क सुरक्षा के लिए बहु-विभागीय दृष्टिकोण को सशक्त बनाते हैं।
कार्यशाला के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लोक निर्माण, परिवहन, यातायात (सड़क सुरक्षा प्रबंधन), लोक स्वास्थ्य एवं नगरीय प्रशासन सहित अन्य सम्बद्ध विभागों की सड़क सुरक्षा से जुड़े आधुनिक एवं उन्नत उपकरणों पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यशाला में सचिव, परिवहन मनीष सिंह, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड भरत यादव, एडीजी अबसार, विवेक शर्मा, सुकृष्णा सहित अधिकारी और बड़ी संख्या में सड़क सुरक्षा प्रबंधन से जुड़े तकनीकी अधिकारी उपस्थित थे। प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षकों, जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित करीब 3000 प्रतिभागियों ने कार्यशाला में वर्चुअली सहभागिता की।
आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की नींव स्वस्थ नागरिक और शिक्षित युवा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
15 Oct, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में परिवर्तनकारी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि "आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की नींव स्वस्थ नागरिक और शिक्षित युवा हैं।" सरकार का लक्ष्य है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ और आधुनिक शिक्षा हर नागरिक तक पहुँचे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल के होटल मैरियट में न्यूज़ नेशन चैनल द्वारा आयोजित "एजुकेशन कॉन्क्लेव–2025" में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए जिला अस्पतालों के आधुनिकीकरण, टेलीमेडिसिन सुविधा और मातृ-शिशु स्वास्थ्य केंद्रों के सुदृढ़ीकरण का कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि गैरमानक औषधियों पर नियंत्रण और कोडीन आधारित दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए औषधि प्रशासन को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्राथमिकताओं में स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों ही शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेजों के उन्नयन के साथ नये नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थान भी स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अंचलों में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।
शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, चरित्र निर्माण और सामाजिक विकास का आधार भी है
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि नई शिक्षा नीति–2020 ने देश को शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा दी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में तकनीकी शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और व्यावसायिक प्रशिक्षण को सशक्त बनाने के लिए विशेष कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि "शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और सामाजिक विकास का आधार है।" उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "विकसित भारत" के संकल्प को पूरा करने के लिये प्रदेश सरकार सेवा, सुशासन और विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर है।
विंध्य क्षेत्र के विकास का उल्लेख करते हुए उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा संभाग प्रदेश की ऊर्जा राजधानी के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य का उभरता केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि रीवा मेडिकल कॉलेज को सुपर स्पेशियलिटी केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। औद्योगिक निवेश और सौर ऊर्जा परियोजनाओं से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विंध्य का विकास जनता की मेहनत और सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अन्य समसामयिक विषयों पर अपने विचार साझा किये। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिकों को सम्मानित किया।
दुग्ध उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है : मंत्री वर्मा
15 Oct, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा है कि दुग्ध उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। दुग्ध उत्पादकों के कल्याण के लिए कई योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, जिनसे किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि हो रही है। राजस्व मंत्री वर्मा ने सीहोर जिले के ग्राम टिटोरा में दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित टिटोरा के बोनस वितरण समारोह में यह बात कही। उन्होंने समिति के सदस्यों को बोनस का वितरण और अधिक दुग्ध संकलन करने वाले प्रदायकों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि और समिति के सदस्य उपस्थित थे।
ओरछा में हो रहा दिव्य और भव्य श्रीराम राजा लोक का निर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
15 Oct, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीराम का नाम ही काफी है। यथा नाम तथा गुण। राम अपने गुणों से, अपने आचरण से, अपनी पितृभक्ति से और प्रजाजन का पालनहार बनकर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम बने। ओरछावासी बड़े ही भाग्यशाली हैं कि भगवान श्रीराम ने अपने दरबार के लिए ओरछा को चुना। ओरछा के लोगों को हर दिन अवधपति श्रीराम राजा सरकार के दरबार दर्शन का पुण्य मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को निवाड़ी जिले के ओरछा में श्रीराम राजा लोक के दूसरे चरण के निर्माण कार्यों के भूमिपूजन सहित अन्य विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूर्ण विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर श्रीराम राजा लोक में दूसरे चरण के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओरछा के प्रमुख मंदिर पहुंचकर श्रीराम राजा सरकार के दरबार में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने श्रीराम राजा लोक के भव्य निर्माण के लिए पहले चरण में मंजूर एवं वर्तमान में निर्माणाधीन कार्यों का मौके पर जाकर अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओरछा के साथ चित्रकूट में भी करीब 2200 करोड़ रूपए के निर्माण कार्य चल रहे हैं। श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण के लीला स्थलों को तीर्थ क्षेत्र बनाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने राशि मंजूर कर दी है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश इलेक्ट्रानिक विकास निगम एवं एक एनजीओ के बीच करार की प्रक्रिया पूरी होने पर संस्था को लेटर ऑफ अवार्ड भी प्रदान किया।
निवाड़ी को नगर पालिका परिषद का दर्जा शीघ्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी शहर को 'नगर पालिका परिषद' का दर्जा देने के लिए जल्द ही परीक्षण कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ओरछा को धार्मिक पर्यटन सहित एयर एम्बुलेंस एवं हेलीकॉप्टर सेवाओं से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए एयर स्ट्रीप बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने नेंदुआ के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन कर नया अस्पताल बनाने की घोषणा की। साथ ही क्षेत्रीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए नए सड़क मार्गों के निर्माण की भी घोषणा की गई।
332 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या और ओरछा का 500 साल से अधिक पुराना नाता है। ओरछा के बुंदेला शासक मधुकर शाह की महारानी कुंवरि गणेश जो भगवान श्रीराम की उपासक थीं, 16वीं शताब्दी में भगवान श्रीराम को अयोध्या से लेकर ओरछा आई थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओरछा में जिस रूप में श्रीराम राजा पूजे जाते हैं, वैसे कहीं और नहीं पूजे जाते। उन्होंने ओरछा के विषय में बताया कि मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम अपना दिन ओरछा में ही बिताते हैं, केवल शयन करने के लिए ही अयोध्या जाते हैं। उन्होंने कहाकि आज निवाड़ी जिले को 332.85 करोड़ रुपए की लागत के 21 से अधिक विकास कार्यों की सौगात मिली है। क्षेत्रवासियों को नया सांदीपनि विद्यालय और नया शासकीय महाविद्यालय भी आज मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रभु श्रीराम की अनंत कृपा से हम ओरछा में एक दिव्य और भव्य श्रीराम राजा लोक का निर्माण कर रहे हैं। आज श्रीराम राजा लोक निर्माण के पहले चरण के 130 करोड़ रुपए की लागत वाले विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज ही श्रीराम राजा लोक के दूसरे चरण के लगभग 125 करोड़ रूपए की लागत वाले दूसरे चरण के निर्माण कार्यों की आधारशिला भी रखी जा रही है। साथ ही यहां के ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण एवं पुरातात्विक परिसर का भूमिपूजन भी किया जा रहा है।
देशी-विदेशी पयर्टकों को मिलेगी सुविधा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि श्रीराम राजा लोक के पहले चरण में लगभग 5.50 करोड़ रूपए की लागत से तैयार 103 नवीन दुकानों एवं प्लाज़ा का लोकार्पण भी आज ही किया जा रहा है। यह विकास कार्य ओरछा आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की सुविधाओं में और अधिक इजाफा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ओरछा में श्रीराम राजा लोक के निर्माण के दोनों चरणों सहित सात विभिन्न प्रकार की विकास परियोजनाओं पर करीब 239 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के कई निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। यह सभी कार्य श्रीराम राजा सरकार के चरणों में अर्पित हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवाड़ी प्रदेश का दूसरा जिला जहां हर घर में नल से जल इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट की स्थापना होगी। प्रदेश का दूसरा ऐसा जिला है, जहां हर घर में नल से जल पहुंच रहा है। निवाड़ी केन-बेतवा परियोजना से भी लाभान्वित होने जा रहा है। इससे संपूर्ण क्षेत्र को भरपूर लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीराम राजा लोक के निर्माण से ओरछा में धार्मिक एवं पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा। क्षेत्र का विकास होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि लाड़पुरा खास एवं राधापुर ग्राम की महिलाओं द्वारा संचालित होम-स्टे मध्यप्रदेश में पहले एवं दूसरे स्थान पर रहे हैं। इस वर्ष चंदपुरा तथा जमुनियां खास में एक दर्जन नए होमस्टे प्रारंभ किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बतायाकि निवाड़ी औद्योगिक विकास में भी आगे आ रहा है। जिले के पृथ्वीपुर में पेसिफिक इंडस्ट्री मेटल लिमिटेड द्वारा 3200 करोड़ रूपए की लागत से करीब 300 हेक्टेयर भूमि में 'इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट' की स्थापना की जा रही है। इससे बड़ी संख्या में जिले के युवाओं को ही रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओरछा अब वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा ओरछा में पर्यटन अधोसंरचनाओं और सुविधाओं के विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत टूरिस्ट एक्सपीरियंस सेंटर, हुनरशाला, एंट्री प्लाजा के साथ यात्रा पथ का विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ओरछा को यूनेस्को की एच.यू.एल. (हिस्टोरिकल अर्बन लैंडस्केप) पहल के तहत चुना गया है। केंद्र सरकार ने यूनेस्को से वर्ष 2027-28 में ओरछा को विश्व धरोहर के रूप में मान्यता देने के लिए सिफारिश की है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ओरछा सहित सांस्कृतिक, धार्मिक पुनर्जागरण और पर्यटन विकास के उद्देश्य से 18 प्रकार के लोकों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जन आस्था और धार्मिक महत्व रखने वाले क्षेत्रों को पवित्र बनाए रखने के लिए हमने ओरछा सहित प्रदेश के सभी धार्मिक नगरों में पूर्ण शराबबंदी लागू की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना (एबीएसएस) के तहत 6 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से ओरछा रेलवे स्टेशन का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 6 धार्मिक नगरों मैहर, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, महेश्वर, ओरछा और अमरकंटक में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिये दीनदयाल रसोई योजना का विस्तार किया है। यहां मात्र 5 रुपए में श्रद्धालुओं को भोजन मिल रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि सिंहस्थ-2028 में जब श्रद्धालु मां क्षिप्रा में स्नान कर और महाकाल के दर्शन करके लौटें तो वे ओरछा की भव्यता देखने भी अवश्य ही आएं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रयागराज महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या पहुंचे थे, उसी प्रकार सिंहस्थ आने वाले भक्त ओरछा के भी अविस्मरणीय दर्शन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि ओरछा की आधारभूत सुविधाएं, धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण और यहां की पर्यटन व्यवस्था इतनी सुदृढ़ होगी कि ओरछा प्रदेश में धार्मिक और आध्यात्मिक स्थल के साथ-साथ पर्यटन का भी एक बड़ा केंद्र बनेगा।
विधायक अनिल जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओरछा नगर की सूरत बदल दी है। आज यहां 257 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन हुआ है। निवाड़ी जिले को 112 करोड़ लागत की एक नई सड़क की सौगात मिली है। करीब 35 करोड़ लागत से असाटी गांव में नवीन सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण हुआ है। आज प्रदेश में महिलाएं सशक्त, किसान समृद्ध और उद्योग प्रगतिशील हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में समाज के हर वर्ग के कल्याण का ध्यान रखते हुए विकास कार्य किए जा रहे हैं। ओरछा में एक एयरस्ट्रिप, जिला मुख्यालय पर आधुनिक बस स्टैंड और निवाड़ी नगर परिषद को नगर पालिका परिषद बनाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम को जिलाध्यक्ष राजेश पटेरिया ने भी संबोधित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा आयोजित विकास प्रदर्शनी एवं ग्रामीण आजीविका विकास मिशन की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर सभी को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री और निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, पूर्व विधायक पृथ्वीपुर डॉ. शिशुपाल यादव, श्रीमती निरंजना जैन सहित जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकगण एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवसर पहुंचकर पाठक के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की
15 Oct, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगरौली जिले के देवसर में सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक के निवास पहुँचकर उनकी धर्मपत्नी हीराकली पाठक के निधन पर श्रद्धासुमन अर्पित कर शोक-संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने और शोक संतप्त परिवार को दुख की इस घड़ी में संबल प्रदान करने की बाबा महाकाल से प्रार्थना की। इस दौरान विधायक विश्वमित्र पाठक और परिजन तथा सिंगरौली विधायक राम निवास शाह सहित जन प्रतिनिधि एवं आम जन उपस्थित रहे।
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