मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में लाड़ली बहनों को 1500 मिलना तय, मोहन यादव ने बताई 5000 वाली स्कीम
24 Oct, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में अब लाड़ली बहना योजना में हर महीने 1500 रुपए महीने की मासिक किस्त दिए जाने पर मुहर लग गई है. भाईदूज के मौके पर मुख्यमंत्री निवास में जुटीं प्रदेश भर की लाड़ली बहनों से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि अब वे हर महीने रक्षाबंधन और भाईदूज मना सकेंगी. उन्होंने ये भी बताया कि लाड़ली बहनों को किस तरह हर महीने 5 हजार रुपए की मासिक किस्त भी मिल सकती है. उन्होंने बताया कि 29 किस्तों में अब तक 1 करोड़ 26 लाख लाड़ली बहनों के खाते में करीब 45 हजार करोड़ की धनराशि दी जा चुकी है.
कैसे हर महीने मना सकेंगी भाईदूज और राखी
भाईदूज के मौके पर मुख्यमंत्री निवास पर आयोजन रखा गया था. जिसमें प्रदेश भर की लाड़ली बहनों को भी न्यौता दिया गया. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मौके पर कहा कि "मेरा सौभाग्य है कि मुझे 1 करोड़ 26 लाख बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मिल रहा है. उन्होंने एलान किया कि प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को अब हर महीने 1500 रुपए की राशि मिलेगी. आज हम शगुन के 250 रुपए भेज रहे हैं, लेकिन फिर उन्होंने ये भी बताया कि किस तरह से प्रदेश की लाड़ली बहनों के खाते में सरकार 5 हजार की राशि भी भेजेगी.
सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है. जहां लाड़ली बहनें अब हर महीने भाई दूज और रखी मना सकती हैं. उन्होंने बताया कि अब तक लाड़ली बहनों को सरकार 29 किस्तों में करीब 45 हजार करोड़ रुपए की राशि दे चुकी है."
लाड़ली बहनों को ऐसे मिल सकते हैं हर महीने 5000
सीएम यादव ने बताया कि "लाड़ली बहना योजना में जो 1500 रुपए की राशि मिलेगी. उसके अलवा भी लाड़ली बहनें हर महीने 5000 रुपए अतिरिक्त सहायता के रुप में ले सकती हैं. सरकार ने ये निर्णय लिया है कि हर महने लाड़ली बहनों के खाते में 5 हजार रुपए की राशि अलग से दी जाएगी. उन्होंने कहा कि अगर लाड़ली बहनें रेडीमेड गारमेंट्स के काम में जुड़ती हैं, तो 5 हजार रुपए तक की सहायता राशि उन्हें आगामी 10 साल तक मिलेगी. अगर वे खुद का कारखाना खोलना चाहे, तो अलग से दो परसेंट की छूट मिलेगी."
मंच पर इशारा 2029 में बहनों की ताकत और बढ़ेगी
मुख्यमंत्री जॉ मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में 2028 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनाव में बहनों की ताकत और बढेगी. उन्होने बिना नाम लिए ये भी कहा कि जिन बहनों को जहां तक बढ़ाया जा सकता है हम आगे बढ़ाने का पूरा प्रयास करेंगे. उन्होने कहा कि हम प्रदेश में ऐसा माहौल बना रहे हैं कि बहनें इत्मीनान से दिन और रात काम कर सकें. मध्यप्रदेश में नियोक्ताओं के लिए ये अनिवार्य कर दिया गया है कि वे महिलाओँ की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ख्याल रखे. सीएम डॉ मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश के 47 स्टार्टअप का नेतृत्व बहनें कर रही है.
2 साल में ऐसे बढ़ती गई धनराशि
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लाड़ली बहना योजना को एक नए चरण में ले जा रहे हैं. जिस योजना ने करोड़ों बहनों के जीवन में उजाला भरा, अब वह और भी बड़ी होने जा रही है. प्रदेश की बहनों के खाते में 1250 नहीं, बल्कि अब हर महीने 1500 रुपए आएंगे. यह जो 250 रुपए बढ़ रहे हैं, यह बहनों को नई हिम्मत, नई उम्मीद देंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी. तब से अक्टूबर 2025 तक हमने करोड़ों रुपए की राशि बहनों के खातों में भेजी है.
मुझे यह जानकर बेहद खुशी होती है कि किसी बहन ने इस पैसे से सिलाई मशीन खरीदी, तो किसी ने फोटोकॉपी मशीन, किसी बहन ने अचार-पापड़ का बिजनेस शुरू किया, तो किसी बहन ने बकरी और गाय खरीदकर डेयरी शुरू की. अब उसकी कमाई से बच्चों को अच्छी शिक्षा, परिवार को अच्छा जीवन देने में सफल हो रही हैं. उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में 51 लाख से ज्यादा लाड़ली लक्ष्मी बेटियां हैं. जो अब स्कूल कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर पा रही हैं.
हेमंत खंडेलवाल की टीम 29 घोषित, जानिए किस पद पर कौन सा चेहरा, सिंधिया गुट से बस एक
24 Oct, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने साढे़ 3 महीने बाद आखिरकार अपनी टीम का एलान कर दिया है. खंडेलवाल की टीम में 9 उपाध्यक्ष 3 महामंत्री और 9 मंत्री बनाए गए हैं. इसके साथ ही किसान मोर्चा, अनुसूचित जाति, अनसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग इन चार मोर्चे के अध्यक्षों के भी नाम घोषित कर दिए गए हैं. खंडेलवाल की मोर्चे समेत घोषित हुई टीम 29 में वीडी शर्मा की टीम के कई भरोसेमंद चेहरों को भी जगह मिली है.
खंडेलवाल की टीम 29 में किन्हें मिली जगह
हेमंत खंडेलवाल ने पूरे साढे़ तीन महीने के इंतजार के बाद अपनी टीम का एलान किया, लेकिन जिस तरह की अटकलें थी कि उनकी कार्यकारिणी में पूरे चेहरे बदल जाएंगे. वो तस्वीर दिखाई नहीं दी. खंडेलवाल ने जो 29 सदस्यीय टीम घोषित की है. उसमें उपाध्यक्ष पद पर 9 नाम हैं. जबकि 4 महामंत्री और 9 मंत्री घोषित किए गए हैं. इसके अलावा कोषाध्यक्ष कार्यालय मंत्री और मीडिया प्रभारी का पद है. उपाध्यक्ष पद पर रणवीर सिंह रावत, कांतदेव सिंह, प्रभुराम चौधरी, शैलेन्द्र बरुआ, मनीषा सिंह, डॉ नन्दिता पाठक, सुरेन्द्र शर्मा, निशांत खरे, प्रभुलाल जाटव के नाम है.
जबकि महामंत्री के पद पर सांसद लता वानखेड़े, राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी, राहुल कोठारी, गौरव रणदिवे का नाम है. टीम में 9 मंत्री बनाए गए हैं. जिनमें रजनीश अग्रवाल, लोकेन्द्र पाराशर, जयदीप पटेल, क्षितिज भट्ट, संगीता सोनी, राजेन्द्र सिंह, अर्चना सिंह, राजो मालवीय और बबीता परमार हैं. कोषाध्यक्ष के पद पर अखिलेश जैन, कार्यालय मंत्री श्याम महाजन और मीडिया प्रभारी के पद पर आशीष उषा अग्रवाल हैं.
टीम खंडेलवाल में वीडी के भरोसेमंदों को भी जगह
टीम खंडेलवाल में पूर्व प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा के भरोसेमंद चेहरों को भी जगह मिली है. इनमें कई वो चेहरे हैं, जो वीडी शर्मा की टीम में बने हुए थे. जिनमें प्रमुख रुप से लता वानखेड़े, संगीता सोनी, रजनीश अग्रवाल, लोकेन्द्र पाराशर, राहुल कोठारी और मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल प्रमुख नाम है.
7 महिलाएं भी, सिंधिया खेमे से केवल एक
खंडेलवाल ने अपनी 29 सदस्यीय टीम में सात महिलाओं को भी जगह दी है. उपाध्यक्ष पद पर मनीषा सिंह, डॉ नन्दिता पाठक, महामंत्री के पद पर लता वानखेड़े हैं. जबकि प्रदेश मंत्री के पद पर संगीता सोनी, अर्चना सिंह, राजो मालवीय और बबीता परमार को जगह मिली है. सिंधिया खेमे से इस सूची में केवल एक प्रभुराम चौधरी का नाम है.
कार्यकारिणी के साथ चार मोर्चे भी घोषित
कार्यकारिणी के साथ प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने चार मोर्चे के अध्यक्ष भी घोषित कर दिए हैं. किसान मोर्चे का अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा को बनाया गया है. जबकि एससी मोर्चे की जिममेदारी भगवान सिंह परमार के पास है. एसटी मोर्चे पर पंकज टेकाम हैं और पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष पवन पाटीदार हैं.
बहनों की मुस्कान ही सरकार की पूंजी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
23 Oct, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भाईदूज हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा है। यह पर्व भाई और बहन के सहोदर स्नेह, परस्पर अपनत्व का प्रतीक है। भाईदूज भाई-बहन के पवित्र बंधन के नैसर्गिक संरक्षण और पारिवारिक जीवन मूल्यों को मजबूत बनाता है। यह पर्व भारतीय समाज की उस देशज परम्परा का निर्वहन है, जहां बहन के स्नेह में भाई का नैतिक दायित्व और जीवन पर्यन्त रक्षा का संकल्प निहित होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाईदूज का यह पर्व न केवल भाई-बहन के स्नेह का उत्सव है, बल्कि सामाजिक एकता, नारी सम्मान के साथ हमारे पारिवारिक जीवन मूल्यों के संरक्षण का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास परिसर में आयोजित (भातृ द्वितीया/यम द्वितीया) भाईदूज के विशेष कार्यक्रम में बहनों को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों के साथ आत्मीय संवाद कर सभी को भाईदूज की शुभकामनाएं दीं। प्रदेश की बहनों के साथ संवाद के दौरान उनसे राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और भावी प्राथमिकताओं की जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे लाड़ली बहनों के रूप में 1 करोड़ 26 लाख से अधिक बहनें मिली हैं। हम बहनों के जीवन में नई रोशनी, नई खुशी जोड़ रहे हैं। प्रदेश की सभी लाडली बहनों को अब हर माह 1500 रुपए मिलेंगे। बहनों के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है। बहनों के शब्द और उद्गार सुनकर अभिभूत हूं। हमारी बहनें लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती का समग्र रूप हैं। मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा प्रदेश है, जहां लाड़ली बहना योजना से हमारी बहनें हर महीने राखी और भाईदूज मनाती हैं। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना प्रदेश की बहनों की समृद्धि का सीधा मार्ग है। किसी भी जरूरत के वक्त लाड़ली बहनों को इस योजना से बड़ा संबल और सहयोग मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनों को हमारी सरकार अब तक 29 किश्तों में करीब 45 हजार करोड़ रुपए की सहायता राशि दे चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों की मुस्कान ही मध्यप्रदेश की और हमारी सरकार की जमा पूंजी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भाईदूज के पावन पर्व पर सभी लाड़ली बहनों पर पुष्पवर्षा कर भाईदूज की बधाई देकर मुख्यमंत्री निवास में आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित बहनों ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाया, साफा पहनाया, नारियल भेंट कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को उपहार भेंट दी और मिठाई खिलाकर आभार जताया। कार्यक्रम में मौजूद लाड़ली बहनों ने भाई-बहन के प्रेम और स्नेह पर केन्द्रित निमाड़ी लोकगीत गाये, नृत्य किया और परम्परागत स्वर लहरियों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम स्थल को अपनत्व से भाव-विभोर कर दिया। लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तिलक कर उनकी दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों का आशीर्वाद सदैव सरकार के साथ है। इसी कारण हम निर्भय होकर काम कर पाते हैं। आज बड़े सौभाग्य का दिन है। प्रदेश का मुख्यमंत्री निवास बहनों का घर बना है। बहनों के माध्यम से दो परिवार एक साथ जुड़ते हैं। बहनों का हृदय विशाल है। वे शादी के बाद नए घर में जाकर नए माता-पिता के साथ रहती हैं। सनातन संस्कृति में उन्हें जगदंबा और लक्ष्मी का रूप कहा जाता है। वे परेशानी के समय परिवार के साथ सदैव चट्टान की तरह खड़ी रहती है। प्रदेश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भी बहनों की ताकत 2029 में और बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर वीरांगनाओं को भी याद करते हुए कहा कि रानी दुर्गावती ने अपने शौर्य के बल पर मुगलों के साथ 52 युद्ध लड़े। रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों से लोहा लिया और रानी अवंति बाई लोधी जैसी अनेक देवियों ने देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भाई दूज का पर्व भगवान श्रीकृष्ण और उनकी प्यारी बहन सुभद्रा के परस्पर स्नेह सहित यमराज और उनकी बहन से जुड़ी एक कहानी से प्रारंभ होता है। जो रक्षाबंधन का महत्व है, वही भाईदूज का भी महत्व है। राज्य सरकार ने रोजगारपरक नीति तैयार कर बहनों को उद्योग में काम करने पर 5 हजार रुपए की राशि अतिरिक्त सहायता के रूप में देने का निर्णय लिया है। अगर बहनें अपना उद्योग स्थापित करें, तो उन्हें 2 प्रतिशत की छूट अलग से दी जा रही है। बहनों के नाम पर मकान, दुकान और जमीन की रजिस्ट्री कराने पर अलग से छूट दिये जाने का प्रावधान है। बहनें अपना उद्योग स्थापित करें और समृद्ध बने।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश की लाड़ली बहनों को नि:शुल्क आवास प्रदान किए। उनका खुद का घर नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में देशभर में बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास बहनों के लिए सदैव खुला है। मुख्यमंत्री निवास बहनों का अपना मायका है। सैकड़ों बहनों ने अपनी चरण रज से आज फिर मेरे आंगन को धन्य कर दिया है। ईश्वर हमारी सभी बहनों का घर खुशियों से भर दे। आप हमारी लाड़ली और हम आपके लाड़ले बने रहें। यह ऐतिहासिक भाईदूज मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों को समर्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन को अपनी नीति के केंद्र में रखा है। लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण, मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना जैसी योजनाओं से महिलाओं के जीवन स्तर में व्यापक सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश की हर बहन आत्मनिर्भर बने और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करे। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके का जिक्र करते हुए कहा कि बहन संपतिया भी बहुत अच्छा कार्य कर रही हैं। जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक गांव के हर घर में नल से जल पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार बहनों के कल्याण में जी-जान से लगी है। हम प्रदेश में एक ऐसा वातावरण बना रहे हैं, जहां हमारी बहनें निश्चिंत होकर दिन हो या रात, किसी भी समय काम कर सकें। इसके लिए श्रम कानूनों में संशोधन किया गया है। नियोक्ताओं के लिए भी यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा की पूरी जिम्मेदारी निभाएं। प्रदेश के कई औद्योगिक क्षेत्रों में अब वर्किग वूमन हॉस्टल/आश्रय गृह की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश के 47 प्रतिशत स्टार्ट अप्स का नेतृत्व हमारी बहनें कर रही हैं। बहनों के लिए हमारे खजाने में कोई कमी नहीं है। बहनें अपनी सेहत का ध्यान जरूर रखें। स्वस्थ बहनें ही समृद्ध मध्यप्रदेश बनाएंगी। मध्यप्रदेश की हर बहन का सुख, सुरक्षा और सम्मान हमारा दायित्व है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संसार की किसी भी सभ्यता में नारी शक्ति को इतना ऊंचा स्थान नहीं मिला, जितना भारतीय सनातन संस्कृति में दिया जाता है। भाईदूज बहन के आशीर्वाद और भाई के उत्तरदायित्व का पर्व है। मुझे इस बात का गर्व है कि मध्यप्रदेश इस परंपरा को न केवल जीवित रख रहा है, बल्कि उसे समाज की ताकत बना रहा है। हम लाड़ली बहना योजना को एक नए चरण में ले जा रहे हैं। इस योजना ने करोड़ों बहनों के जीवन में उजाला भरा, अब वह और भी बड़ी होने जा रही है। प्रदेश की बहनों के खाते में 1250 नहीं, बल्कि अब हर महीने 1500 रुपए आएंगे। यह जो 250 रुपए बढ़ रहे हैं, यह बहनों को नई हिम्मत, नई उम्मीद देंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी, तब से अक्टूबर 2025 तक हमने करोड़ों रुपए की राशि बहनों के खातों में भेजी है। मुझे यह जानकर बेहद खुशी होती है कि किसी बहन ने इस पैसे से सिलाई मशीन खरीदी, तो किसी ने फोटोकापी मशीन, किसी बहन ने अचार-पापड़ का बिजनेस शुरू किया, तो किसी बहन ने बकरी और गाय खरीदकर डेयरी शुरू की। अब उसकी कमाई से बच्चों को अच्छी शिक्षा, परिवार को अच्छा जीवन देने में सफल हो रही हैं। बहनें अब अपने परिवारों का आर्थिक संबल भी बन रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति कहती है कि बहन-बेटियों का सम्मान और संबल देने से घर-आंगन में समृद्धि और सौभाग्य हमेशा बना रहता है। मध्यप्रदेश में यह अनुभव बिलकुल सत्य साबित हुआ है। पिछ़ले डेढ़ साल में मध्यप्रदेश ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐसे कदम उठाए हैं, जो पूरे देश के लिए मिसाल बन गए हैं। लाड़ली लक्ष्मी योजना से प्रदेश की बेटियां पैदा होते ही लखपति बन रही हैं। वर्तमान में प्रदेश में 51 लाख से अधिक लाड़ली लक्ष्मी बेटियां हैं। इस योजना से मिलने वाली राशि से स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई कर रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना ने गरीब बेटियों का जीवन संवारा है। जननी सुरक्षा योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से गर्भवती माताओं का ख्याल रखा जा रहा है। महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए हमने देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन की शुरुआत की है, जो हमारी बहनों को हर स्तर पर नई ताकत और अवसर दे रहा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इस अभिनव योजना के लिए आभार ज्ञापित किया। लाड़ली बहन सुपिंकी जैन ने कहा कि लाड़ली बहनों को योजना का लाभ मिलने से बहने सशक्त हुई हैं। मैंने पापड़ बनाने के लिए मशीन लगाई है। बहन सुसंगीता ने कहा कि प्रदेश की बहनें लाडली योजना की राशि से आर्थिक रूप से समृद्ध हुई हैं। भाई के रूप में मिले प्रदेश के मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हैं। आगे हर माह सभी लाडली बहनों को 1500 रुपए मिलेंगे। इस योजना की राशि से बहनों को अपने व्यवसाय और स्वरोजगार स्थापित करने में बहुत बड़ी मदद मिली है।
लाड़ली बहनें बन रही हैं आत्मनिर्भर : मंत्री सुभूरिया
महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने कहा कि भाई दूज के अवसर पर प्रदेश की सभी बहनें मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आशीर्वाद प्रदान कर रही हैं। लाडली बहना योजना से प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली बहनें अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर रही हैं। बच्चों की स्कूल फीस भर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आर्थिक रूप से बहनों को स्वावलंबी बनाने के लिए नई योजनाएं लागू करने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। राज्य सरकार ने नगरीय निकायों और पंचायती राज व्यवस्था में बहनों को आरक्षण प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री निवास बना लाड़ली बहनों का मायका : राज्यमंत्री गौर
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि आज मुख्यमंत्री निवास प्रदेश की लाडली बहनों का मायका बना है। भाईदूज ऐसा पर्व है जिसमें भाई अपनी बहनों के लिए रक्षा, सुरक्षा और मान सम्मान का संकल्प लेता है। लाड़ली बहना योजना से बहनों का घर परिवार में सम्मान बढ़ने लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह संकल्प लिया है कि अब प्रदेश की बहनें मजबूरी का नहीं, मजबूती का जीवन जी रही हैं। ये बहनों का गर्व है कि प्रदेश को ऐसे संवेदनशील मुख्यमंत्री मिले हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार कर रही है। हमारे मुख्यमंत्री कदम-कदम पर लाडली बहनों के साथ उनकी ढाल बनकर खड़े हैं।
राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बहनों को हर माह लाड़ली बहना योजना की राशि का तोहफा मिल रहा है। अगले माह से बहनों के खाते में हर महीने 1500 रुपए दिए जाएंगे।
कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, विधायक विष्णु खत्री, महापौर भोपाल मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, रविन्द्र यति, जनप्रतिनिधि, आयुक्त महिला एवं बाल विकास निधि निवेदिता सहित बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित थीं।
रीवा एयरपोर्ट के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए शीघ्र बनायें प्रस्ताव : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
23 Oct, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि विंध्य क्षेत्र में विकास की गति तेज़ हुई है और औद्योगिक विस्तार निरंतर गति पकड़ रहा है। रीवा एयरपोर्ट का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण समय की आवश्यकता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि रीवा एयरपोर्ट के रनवे को बड़ा करने और आवश्यक अधोसंरचना विकास के लिए विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाये। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के साथ नियमित सामंजस्य बनाकर कार्यवाही को गति दी जाये।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बताया कि रीवा एयरपोर्ट वर्तमान में एटीआर-72 विमान के संचालन के लिए लाइसेंस प्राप्त है और नाइट लैंडिंग की सुविधा से युक्त है। उन्होंने कहा कि हवाई सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए एयरपोर्ट के रनवे विस्तार और सुविधाओं के उन्नयन की दिशा में त्वरित कदम उठाए जाना आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि नई एविशन नीति के अंतर्गत रीवा एयरपोर्ट के लिए दो एयरलाइन मार्गों के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं जिन्हें शीघ्र अंतिम रूप दिए जाने की आवश्यकता है। इस संबंध में उन्होंने तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए ताकि रीवा की हवाई सेवाओं के विस्तार में विलंब न हो।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा एयरपोर्ट के सुदृढ़ीकरण से विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा। इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी सशक्त होगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। बैठक में अपर मुख्य सचिव (एविएशन) संजय कुमार शुक्ला, आयुक्त (एविएशन) चंद्रमौली शुक्ला, उप सचिव (एविएशन) कैलाश बुंदेला और निदेशक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया भोपाल रामजी अवस्थी उपस्थित थे।
“एमएसएमई फॉर भारत” सम्मेलन
23 Oct, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : नई दिल्ली के प्रगति मैदान में भारत मंडपम में “एमएसएमई फॉर भारत” सम्मेलन में मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल को काफी सराहना मिल रही है और लोगों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। ग्वालियर के (ओडीओपी) एक जिला-एक उत्पाद के तहत सैण्डस्टोन की दो इकाइयों श्री साईं राम स्टोन और सेंचुरी स्टोन - की कलाकृतियां स्टॉल में प्रदर्शित की गई हैं। स्टॉल पर प्रदर्शित सेंचुरी स्टोन से स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाई गई भगवान श्रीराम की मूर्ति ने सभी का मन मोहा और निवेशकों, उद्योगपतियों और उद्यमियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा इस महत्वपूर्ण आयोजन में विशेष रूप से भागीदारी की गई। विभाग के सहायक संचालक श्री अर्पित पवार ने राज्य में संचालित विभिन्न योजनाओं, औद्योगिक नीतियों और निवेश अवसरों के बार में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति और स्टार्टअप नीति ने युवाओं को स्व-रोजगार की दिशा में प्रेरित किया है।
सम्मेलन का आयोजन एक मीडिया संस्थान द्वारा किया गया। इस अवसर पर केंद्र और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों, उद्योग विशेषज्ञों, उद्यमियों तथा नीति निर्माताओं ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की संभावनाओं और चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया
राष्ट्रीय बालरंग भोपाल में 5 दिसम्बर को
23 Oct, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : भोपाल में राष्ट्रीय बालरंग-2025 इस वर्ष 5 दिसम्बर को इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर, श्यामला हिल्स, भोपाल में आयोजित होगा। आयोजन की व्यवस्था एवं तैयारियों को लेकर संचालक डी.एस. कुशवाह की अध्यक्षता में गुरूवार को लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल में बैठक हुई।
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय बालरंग में 20 से अधिक राज्यों के स्कूल के विद्यार्थी अपने राज्यों की लोक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियाँ देंगे। बालरंग में 500 से अधिक विद्यार्थी भागीदारी करेंगे। इसी के साथ बालरंग में 5 हजार विद्यार्थी सहभागिता कर एक भारत-श्रेष्ठ भारत की थीम पर राज्यों की लोक कलाओं से परिचित हो सकेंगे। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय बालरंग का आयोजन वर्ष 2005 से निरंतर भोपाल में हो रहा है। बैठक में विद्यार्थियों के आवास, परिवहन एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा की गयी। विभिन्न राज्यों से आये विद्यार्थियों को भोपाल के नजदीक पुरातत्व धरोहर भोजपुर, भीमबेटका और साँची का भ्रमण भी कराया जायेगा।
शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषकों को फसल ऋण दिये जाने की योजना को निरंतर रखे जाने का निर्णय
23 Oct, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक गुरूवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए सहकारी बैंकों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषकों को अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना को निरंतर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी। खरीफ 2025 सीजन की ड्यू डेट 28 मार्च, 2026 और रबी 2025-26 सीजन की ड्यू डेट 15 जून 2026 नियत की गयी है।
योजनान्तर्गत खरीफ एवं रबी सीजन की निर्धारित तिथि (ड्यू डेट) तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों से प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) द्वारा 3 लाख रूपये तक के दिये गये अल्पावधि फसल ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जायेगा। राज्य शासन द्वारा सभी किसानों के लिए 1.5 प्रतिशत सामान्य ब्याज अनुदान और निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रोत्साहन स्वरूप अतिरिक्त ब्याज अनुदान दिया जायेगा। वर्तमान वर्ष में 23 हजार करोड़ रूपये वितरण का लक्ष्य रखा गया हैं।
एसडीजी मूल्यांकन योजना का अनुमोदन
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में सतत् विकास लक्ष्यों के क्रियान्वयन के लिए "एसडीजी (सतत् विकास लक्ष्य) मूल्यांकन योजना" को आगामी 5 वर्षों (वर्ष 2025-30 तक) के लिए स्वीकृत किये जाने का निर्णय लिया गया है।
योजना अंतर्गत सतत् विकास के लक्ष्यों का राज्य, जिला एवं विकासखंड स्तर पर स्थानीयकरण, क्रियान्वयन, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों के सतत् विकास लक्ष्यों और उनके संकेतक के आधार पर डैशबोर्ड के माध्यम से रैंकिंग तय की जायेगी। डैशबोर्ड आधारित रैंकिंग अनुसार दो शीर्ष प्रदर्शन किये जाने वाले जिलों को पुरस्कार राशि का वितरण किया जाएगा।
प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले जिले को 1 करोड़ रुपए और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले जिले को 75 लाख रुपए की वित्तीय सहायता का वार्षिक प्रावधान किया जाएगा। चयनित जिला अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 17 सतत् विकास लक्ष्यों में से किसी भी लक्ष्य में सुधार के लिए पुरस्कार राशि का उपयोग कर सकता है। प्रदेश के ऐसे जिले जिनका रैंकिंग में प्रदर्शन कमजोर स्तर का होगा, उन्हें प्रदेश में चल रही कल्याणकारी योजनाओं की सहायता से विकास की मुख्य धारा में सम्मिलित किया जायेगा, जो प्रदेश के समग्र विकास में सहायक होगा। योजना पर 19 करोड़ 10 लाख रूपये (3 करोड़ 82 लाख प्रतिवर्ष) का अनुमानित व्यय होगा।
उल्लेखनीय है कि योजना अंतर्गत सतत् विकास लक्ष्य, जिन्हें वैश्विक लक्ष्य भी कहा जाता है, वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2030 तक के 17 अंतर्राष्ट्रीय लक्ष्यों को तय किया गया है। सतत् विकास लक्ष्यों का उद्देश्य सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय संतुलन स्थापित करना है। इसी तारतम्य में मध्यप्रदेश शासन द्वारा तैयार किया गया "विकसित मध्यप्रदेश@ 2047 दृष्टिपत्र" राज्य के दीर्घकालिक विकास की ठोस रूपरेखा प्रस्तुत करता है। "एसडीजी (सतत् विकास लक्ष्य) मूल्यांकन योजना विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत के निर्माण के आधार में सहायक होगी।
चिकित्सालयों में बिस्तरों की संख्या का उन्नयन और नए पद सृजन की मंजूरी
मंत्रि-परिषद द्वारा जिला चिकित्सालय टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर एवं डिण्डौरी में 800 बिस्तरों का उन्नयन और चिकित्सालयों के संचालन के लिए 810 नए पद की स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें 543 नियमित, 04 संविदा एवं आउटसोर्सिंग एजेन्सी के माध्यम से 263 पदों की स्वीकृति दी गयी हैं। पदों के सृजन पर वार्षिक व्यय 39 करोड़ 50 लाख रूपये की भी स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ में बिस्तर की संख्या 300 से बढ़ाकर 500, नीमच में 200 से बढ़ाकर 400, सिंगरौली में 200 से बढ़ाकर 400, श्योपुर में 200 से बढ़ाकर 300 और जिला चिकित्सालय डिंडौरी में बिस्तरों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 की गयी है।
मालथौन कनिष्ठ खण्ड न्यायालय की स्थापना और नवीन पद की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा रजिस्ट्रार उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर के न्यायिक जिला सागर की तहसील मालथौन में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड स्तर के एक नवीन पद और उनके अमले अंतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 6 पद इस प्रकार कुल 7 नवीन पदों का सृजन किये जाने का निर्णय लिया गया हैं।
निवर्तन के लिए भूखण्ड का आरक्षित मूल्य कलेक्टर गाइडलाइन के 100 प्रतिशत क्षेत्रफल पर तय किये जाने का निर्णय
मंत्रि-परिषद द्वारा निवर्तन के लिए भूखण्ड का आरक्षित मूल्य कलेक्टर गाईडलाईन अनुसार शत-प्रतिशत क्षेत्रफल पर तय किये जाने का निर्णय लिया गया है। इससे राज्य शासन को अधिक राजस्व प्राप्त होगा। निर्णय अनुसार पुनर्घनत्वीकरण नीति 2022 की कंडिका 10.11 में संशोधन कर ऑफसेट मूल्य के निर्धारण में बदलाव की स्वीकृति दी गई। पहले 60% क्षेत्रफल और 100% कलेक्टर गाइडलाइन रेट पर ऑफसेट मूल्य का निर्धारण होता था, अब 100% क्षेत्रफल और 100% कलेक्टर गाइडलाइन रेट पर ऑफसेट मूल्य का निर्धारण होगा। इससे विकास कार्यों के लिये अधिक राशि उपलब्ध होगी।
मध्य प्रदेश में मॉनसून रिटर्न, 27 अक्टूबर तक बारिश का अलर्ट, नवंबर में कड़ाके की ठंड
23 Oct, 2025 06:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मानसून 13 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के सभी जिलों से वापस लौट चुका है, लेकिन अभी ठंड के लिए नवंबर महीने का इंतजार करना पड़ेगा. बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया की वजह से दक्षिणी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है. वहीं सेंट्रल एमपी में बादल छाए रहेंगे और मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में मौसम शुष्क बना रहने की संभावना है. गुरुवार को मौसम विभाग ने इंदौर, धार और नर्मदापुरम समेत 15 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है.
आज इन जिलों में बारिश की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के उपर एक लो प्रेशर सिस्टम बना हुआ है. जिससे मध्य प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बादल छाए हैं और बारिश हो रही है. गुरुवार को अलीराजपुर, धार, बड़वानी, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, देवास, सीहोर, हरदा, बैतूल, पांढ़ुर्ना, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन जिलों में हल्की बारिश की चेतावनी जारी की गई है. इन जिलों में बारिश के साथ आंधी-तूफान का अलर्ट भी जारी किया गया है.
27 अक्टूबर तक बारिश का अलर्ट
मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि "दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में अपदाब का क्षेत्र बना हुआ है. जो उत्तर-पश्चिमी दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है. इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी के उपर बना एक लो प्रेशर एरिया बना हुआ है, जो आज दक्षिण भारत के तट पर पहुंचकर अपदाब के क्षेत्र में बदलने की संभावना है. वहीं प्रदेश में पूर्वी हवाएं चल रही हैं, जिससे बादल छाए हुए हैं. आने वाले 5 दिनों तक एमपी के दक्षिणी हिस्से में आइसोलेटेड बारिश होने की संभावना है.
बादल के कारण तापमान में बढ़ोत्तरी
प्रदेश के अधिकतर जिलों में बादल छाए हुए हैं, जिसके कारण रात के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी हुई है. मंडला, बलाघाट, सिवनी और उमरिया ही केवल ऐसे जिले हैं, जहां बीते 24 घंटे में न्यूनतम तापमान और कम हुआ है. जबकि बीते 24 घंटे में राजगढ़ के न्यूनतम तापमान में 3.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी हुई है. 22-23 अक्टूबर की दरमियानी रात सबसे कम न्यूनतम तापमान शिवपुरी और नवगांव में 17 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान दमोह में 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
24 अक्टूबर को इन जिलों में चेतावनी
बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा और पांढुर्ना जिलों के कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है.
25 अक्टूबर को इन जिलों में बारिश
रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, उज्जैन, धार, इंदौर, देवास, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, कटनी, उमरियश, शहडोल, अनुपपुर, सीधी, सिंगरौली, बडत्रवानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा और पांढुर्ना में हल्की बारिश की संभावना है.
26 अक्टूबर को इन जिलों में बारिश
अलीराजपुर, धार, इंदौर, देवास, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, कटनी, उमरियश, शहडोल, अनुपपुर, सीधी, सिंगरौली, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा और पांढुर्ना में हल्की बारिश की संभावना है.
मप्र में किसानों के चेहरे खिले, अब 3 लाख तक का लोन बिना ब्याज — कैबिनेट में हुआ अनुमोदन
23 Oct, 2025 03:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई. इस बैठक में प्रदेश के किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया गया है. अब किसानों को 3 लाख तक का ब्याज 0% ब्याज पर मिलेगा. इसके अलावा 5 जिलों के जिला अस्पतालों में बेड बढ़ाने, नए पद सृजन करने समेत कई अहम फैसले लिए गए हैं.
किसानों को 0% ब्याज पर 3 लाख तक का लोन
कैबिनेट बैठक खत्म होने के बाद डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ला ने अहम फैसलों की जानकारी दी. उन्होंने बताया किसानों को 0% ब्याज पर जो लोन दिया जा रहा है यह निरंतर जारी रहेगा. वहीं, अब 3 लाख तक का लोन 0% ब्याज पर मिलेगा.
5 जिला अस्पतालों में बढ़ेंगे बेड
डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि पांच जिला अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया है. इन जिलों में टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर और डिंडौरी के जिला अस्पताल शामिल हैं. इन अस्पतालों में बेड संख्या 1000 से बढ़कर 1800 हो जाएगी. इससे 810 नए पद सृजित होंगे.
MP पुलिस महकमे में हलचल! रातों-रात बदले गए सीनियर IPS अधिकारी
23 Oct, 2025 02:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में रातों रात एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है. प्रदेश सरकार ने एक साथ बुधवार की आधी रात 7 सीनियर IPS अधिकारियों को यहां से वहां कर दिया है. इनमें ADG-IG स्तर के अधिकारी शामिल हैं. वरिष्ठ IPS राजाबाबू सिंह, डीपी गुप्ता, केपी व्यंकटेश्वर राव और इरशाद वली की भूमिका में बदलाव किया गया है. इस संबंध में गृह विभाग की ओर से आदेश भी जारी कर दिया गया है.
MP में 7 IPS अधिकारियों का ट्रांसफर
मध्य प्रदेश में 7 सीनियर IPS अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है. IG SAF PHQ इरशाद वली को IG SAF भोपाल रेंज और IG SAF पुलिस मुख्यालय भोपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. वहीं, IPS राजाबाबू सिंह को को ADG प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है. देखें लिस्ट-
ADG प्रशिक्षण PHQ और शिकायत व मानव अधिकार PHQ (अतिरिक्त प्रभार) राजाबाबू सिंह को को ADG प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
IG SAF PHQ इरशाद वली को IG SAF भोपाल रेंज और IG SAF पुलिस मुख्यालय भोपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
IPS देव प्रकाश गुप्ता को ADG मानव अधिकार, शिकायत PHQ की जिम्मेदारी के साथ ADG सामुदायिक पुलिसिंग, RTI, को-ऑपरेटिव फ्रॉड, लोक सेवा गारंटी, पुलिस मैन्युअल, आरएंडडी और पुलिस सुधार पीएचक्यू का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
ADG नारकोटिक्स केपी व्यंकटेश्वर राव को ADG तकनीकी सेवाएं PHQ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
IG EOW भोपाल सुशांत सक्सेना को IG इन्वेस्टिगेशन PHQ की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
चैत्रा एन आईजी शिकायत और मानव अधिकार को आईजी एससीआरबी पीएचक्यू की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
IPS कुमार सौरभ आईजी आजाक पीएचक्यू को आईजी एसआईएसएफ और आजाक आईजी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.
PM मोदी ने बुंदेलखंड को दी बड़ी सौगात, जल्द शुरू होगी खजुराहो-वारणसी वंदे भारत एक्सप्रेस
23 Oct, 2025 01:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बुंदेलखंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बुंदेलखंड (Bundelkhand) को बड़ी सौगात दी है. पीएम मोदी ने खजुराहो-वारणसी वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन की मंजूरी दे दी है. खजुराहो लोकसभा सांसद डॉ. विष्णु दत्त शर्मा लगातार इसे लेकर प्रयास कर रहे थे, उनके प्रयासों के बाद यह निर्णय लिया गया है. इस सुपरफास्ट ट्रेन के चलने से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और विकास को तेजी से बढ़ावा मिलेगा. साथ ही कई शहरों के बीच कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी.
यह नई वंदे भारत एक्सप्रेस खजुराहो से चित्रकूट और प्रयागराज होते हुए वाराणसी तक चलेगी. इस वंदे भारत एक्सप्रेस के शुरू होने से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा का अनुभव मिलेगा. इसके साथ ही यह खजुराहो और काशी जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के बीच सीधा रेल संपर्क भी स्थापित करेगी. इस घोषणा के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है.
नागपुर के अस्पताल का अलर्ट, चिट्ठी मिलने पर भी नहीं जागी सरकार, बच्चों की मौत पर बोले नकुलनाथ
23 Oct, 2025 10:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिंदवाड़ा: जहरीले कफ सिरप से छिंदवाड़ा जिले सहित मध्य प्रदेश में हुई मासूम बच्चों की मौत के मामले में पूर्व सांसद और कांग्रेस के नेता नकुलनाथ ने दावा किया है कि सिरप में गड़बड़ी की आशंका 16 सितंबर को ही नागपुर के डॉक्टर ने बता दी थी. लेकिन इसके बाद भी छिंदवाड़ा जिला प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाए.
सो रहा था छिंदवाड़ा का स्वास्थ्य अमला, बच्चों की हुई मौत
नकुलनाथ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया है कि, ''स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर सो रहे थे, सरकार में बैठे लोग सत्ता का आनंद उठा रहे थे, इसीलिये बार-बार जगाने पर भी कोई नहीं जागा और जिले के मासूम बच्चों की असमय मृत्यु हो गई. दुर्भाग्य इस बात का है कि कांग्रेस के साथ ही नागपुर के अस्पताल ने भी जिम्मेदारों को बच्चों की बीमारी से अवगत कराया, किन्तु किसी ने भी तत्काल ठोस कदम नहीं उठाए.''
नागपुर के अस्पताल ने 16 सितंबर को लिखी थी चिठ्ठी
नकुलनाथ ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि, ''नागपुर के न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल धंतौली ने 16 सितम्बर 2025 को एक पत्र DHO छिंदवाड़ा (डिस्ट्रिक हेल्थ ऑफिसर) को लिखा, जिसमें उन्होंने परासिया से भर्ती किए गए सभी मासूम बच्चों में एक जैसी गम्भीर बीमारी होने का उल्लेख किया. बाल रोग विशेषज्ञों के द्वारा की गई जांच में सामने आया कि दो से तीन दिनों तक बच्चों में तेज बुखार के बाद उनकी पेशाब बंद हुई और फिर किडनी फेल होने से मौत हो गई. न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल के द्वारा जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी छिन्दवाड़ा को भेजे गए पत्र में बच्चों की मौत के कारणों को लगभग स्पष्ट किया, अगर जिम्मेदार नींद में नहीं होते और गंभीरता दिखाते तो मासूम बच्चों की जान बचाई जा सकती थी.''
आज भी कागजी खानापूर्ति हो रही
नकुलनाथ ने कहा कि, ''आज भी जिम्मेदार इस सम्पूर्ण मामले में कागजी खानापूर्ति के सिवाए और कुछ नहीं कर रहे हैं. बीमार बच्चों के इलाज पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा, ना ही इलाज में लगने वाले खर्च का प्रदेश सरकार की ओर से पैमेंट किया जा रहा.'' प्रदेश सरकार से कहा कि, ''कागजी खानापूर्ति को बंद कर इलाजरत बच्चों को आर्थिक मदद पहुंचाए ताकि उनके परिजन मानसिक तनाव से बाहर निकल सकें.''
सरकार ने उठाया बेहतर कदम, कांग्रेस बयानबाजी में व्यस्त
पूर्व सांसद नकुलनाथ के द्वारा लगाए गए आरोपों पर भाजपा के नेता और पार्षद संदीप सिंह चौहान ने बताया कि, ''जैसे ही बच्चों की मौत का पता चला सबसे पहले स्थानीय कलेक्टर ने दो कफ सिरप पर बैन लगाया था. उसके बाद सरकार ने जांच के बाद पूरे प्रदेश में रोक लगा दी थी. उसके साथ ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर सभी वरिष्ठ नेताओं ने नागपुर के अस्पताल सहित छिंदवाड़ा के हर पीड़ित के घर पहुंचे. उनके दुख में सहभागी बनते हुए तत्काल आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराने के साथ ही बच्चों के इलाज का खर्च संबंधित अस्पतालों को देना शुरू किया है.
पूर्व सांसद नकुलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सिर्फ सोशल मीडिया पर बयानबाजी कर रहे हैं. उन्हें तो छिंदवाड़ा आने तक की फुर्सत नहीं थी. जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष छिंदवाड़ा आ गए उसके बाद कमलनाथ और नकुलनाथ पीड़ितों से मिलने शहंशाह की तरह पहुंचे थे और उन्होंने अपना दरबार लगाया था.''
मध्य प्रदेश में बाघों की काउंटिंग के लिए जंगल में लगेंगे CCTV कैमरे, एप से होगी डिजिटल निगरानी
23 Oct, 2025 09:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क के बाहर स्थित वन क्षेत्रों में बाघों की गणना की तैयारियां शुरू हो गई हैं. इसके लिए टाइगर रिजर्व में सर्वे करने वाली टीम को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे इनकी गणना वैज्ञानिक ढंग से की जा सके. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मध्य प्रदेश के जंगल बाघों के लिए अनुकूल हैं. इस बार प्रदेश में इनकी संख्या एक हजार से अधिक दर्ज की जा सकती है. हालांकि, इसकी रिपोर्ट साल 2027 में आएगी.
एप के माध्यम से होगी डिजिटल निगरानी
अधिकारियों ने बताया कि इस बार बाघों की वैज्ञानिक तरीके से गणना के लिए डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल किया जाएगा. मोबाइल एप के माध्यम से इनकी डिजिटल निगरानी की जाएगी. जंगल में बाघों को ट्रैप करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इसके साथ ही अखिल भारतीय बाघ गणना-2026 की राज्य स्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यशाला में टाइगर एस्टीमेशन की वैज्ञानिक कार्य-प्रणालियों, ऐप आधारित डिजिटल मॉनिटरिंग और फील्ड अभ्यास पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
एमपी में देश के सबसे अधिक टाइगर रिजर्व
बता दें कि अगली जनगणना में बेहतर डाटा संग्रहण के साथ वन्य-प्राणी प्रबंधन को और अधिक मजबूत किया जा रहा है. ट्रांसलोकेशन और हैचरी विकास से प्रदेश में हर साल 10 से 12 फीसदी की दर से बाघ बढ़ रहे हैं. प्रदेश के वनक्षेत्रों में बाघों को बेहतर सहवास उपलब्ध कराने के लिए गांवों का विस्थापन तक किया गया.
पिछले 12 साल में टाइगर रिजर्व के विस्तार के लिए 200 से अधिक गांवों का विस्थापन हो चुका है. प्रदेश में नए वनक्षेत्रों में भी अब बाघों ने अपना ठिकाना बना लिया है. वहीं प्रदेश में बाघों के संरक्षण के लिए पिछले 2 साल में 3 नए टाइगर रिजर्व बन चुके हैं. देश में सबसे अधिक टाइगर रिजर्व वाला राज्य मध्य प्रदेश है.
10 साल में तीन गुना तेजी से बढ़ी संख्या
पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ शुभरंजन सेन ने बताया कि वर्ष 2014 में प्रदेश में जहां 308 बाघ थे. वहीं, साल 2022 में यह संख्या बढ़कर 785 तक पहुंच गई. आठ वर्षों में 477 बाघ बढ़े, जो कुल 154.87 फीसदी है. प्रदेश में बाघों की औसत वार्षिक वृद्धि दर 12.12 फीसदी रही, जो राष्ट्रीय स्तर पर भी एक मिसाल है.
साल 2018 में एमपी में बाघों की संख्या 526 थी. साल 2022 की गणना में बाघों की संख्या 785 हो गई. इस अवधि में हर साल प्रदेश में 10.57 फीसदी की दर से बाघ बढ़े. अगली बाघ गणना में प्रदेश में इनकी संख्या 1 हजार से ज्यादा होने का अनुमान है."
छतरपुर में सुअरों की भरमार, नर्मदापुरम में सबसे ज्यादा गधे
23 Oct, 2025 08:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में 21वीं पशु गणना 2024 के आंकड़े आ गए हैं. पशुपालन विभाग द्वारा प्रदेश के 55 जिलों में किए गए सर्वे में पशुओं की संख्या करीब पौने 4 करोड़ दर्ज की गई है. इनमें सबसे अधिक संख्या गोवंश की है. 21वीं पशु गणना के अनुसार मध्य प्रदेश में गाय और बैल जैसे गोवंश की संख्या 1,57,48,498 दर्ज की गई है. इसके बाद प्रदेश में सबसे अधिक संख्या बकरियों की है. इनकी संख्या एक करोड़ से अधिक है.
1.80 करोड़ घरों में किया गया सर्वे
यह सर्वे प्रदेश में एक करोड़ 80 लाख पशु पालकों के घर-घर जाकर किया गया है. जिसमें 5,264 गांव और 728 शहरी वार्ड शामिल थे. पशु गणना के लिए पशुपालन विभाग ने 970 सुपरवाइजर्स को नियुक्त किया था. इनमें 828 को ग्रामीण क्षेत्रों में और 142 सुपरवाइजर्स को शहरी क्षेत्रों में लगाया गया था. यानी करीब 3 हजार परिवारों पर एक सुपरवाइजर की नियुक्ति की गई थी.
झाबुआ में केवल 4 सुअर, छतरपुर में 9 हजार पार
मध्य प्रदेश में पशुओं के मामले में 5वीं सबसे बड़ी संख्या सुअरों की है. प्रदेश में सबसे अधिक सुअर छतरपुर में पाए गए. यहां इनकी संख्या 9,113 है. दूसरे नंबर पर 6,880 सुअरों के साथ सीधी और तीसरे नंबर पर रीवा है. जबकि झाबुआ में केवल 4 सुअर पाए गए हैं. इसी प्रकार बुरहानपुर और अलीराजपुर में भी सुअरों की संख्या 100 से भी कम है.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल बघेल परिवार को ढांढस बंधाया
22 Oct, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को विदिशा जिले के ग्राम बल्लाखेड़ी पहुँचे और शोकाकुल बघेल परिवार से भेंटकर स्व. विशाल सिंह बघेल के निधन पर अपनी गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मालवा प्रांत के प्रांत प्रचारक राजमोहन के पिता स्व. विशाल सिंह बघेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर परिवार के सदस्यों से आत्मीय संवाद करते हुए ढांढस बंधाया।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री लखन पटेल, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े, विदिशा विधायक मुकेश टंडन, शमशाबाद विधायक सूर्य प्रकाश मीणा, कुरवाई विधायक हरि सिंह सप्रे, बासौदा विधायक हरि सिंह रघुवंशी ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की है।
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो प्रतिष्ठित पुरस्कार
राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
महतारी वंदन योजना से संवर रही पहाड़ी कोरवा परिवारों की तकदीर
