मध्य प्रदेश
बहनें अब "जॉब सीकर" नहीं, "जॉब क्रिएटर" बन रही हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
26 Oct, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बहनें अब "जॉब सीकर" नहीं, "जॉब क्रिएटर" बन रही हैं। उद्योग और निवेश के क्षेत्र में महिलाएं वह आत्मविश्वास लेकर आई हैं, जो आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर भारत का "ग्रोथ इंजन" बनाएगा। प्रदेश के 47 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप में महिलाओं की हिस्सेदारी है। लखपति दीदी योजना से प्रदेश की एक लाख से अधिक महिलाएं प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। आज 5 लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों से लगभग 62 लाख बहनें जुड़कर न सिर्फ अपने घर की आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुधारने में भी अपना योगदान दे रही हैं। ग्रामीण अंचलों में स्व-सहायता समूह अब उत्पादन, पैकेजिंग, मार्केटिंग और डिज़ाइनिंग के क्षेत्र में कदम रख चुके हैं। प्रदेश की महिलाएं कृषि-उद्योग, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र निर्माण, बायोटेक और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में भोपाल वुमेन हब द्वारा आयोजित एमपी एक्सीलेंस अवार्ड-2025 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर सभी को छठ पूजा की शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति को समाज की धूरी माना गया है। हम माँ सरस्वती से ज्ञान और बुद्धि, माँ लक्ष्मी से धन और सम्पदा और माँ दुर्गा से शक्ति मांगते हैं। हमारे लिए बहन, बेटियां देवी समान हैं। महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म महिला सशक्तिकरण का प्रभावी प्लेटफार्म बन चुका है। यह महिलाओं को आत्मनिर्भरता, उद्यमिता और नेतृत्व क्षमता की दिशा में सशक्त बनाने में सहायक है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बालिकाओं द्वारा स्वागत स्वरूप कथक नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर भोपाल वुमेन हब की गतिविधियों और एमपी एक्सीलेंस अवार्ड समारोह के उद्देश्यों पर लघु फिल्म की प्रस्तुति दी गई। प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ.यादव के नेतृत्व और मार्गदर्शन में जारी महिला सशक्तिकरण, औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, प्रदेश में संचालित विकास गतिविधियों और जनकल्याण कार्यक्रमों पर भी लघु फिल्म दिखाई गई। कार्यक्रम में विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मान समारोह में श्रेणी-1 में सुगौरांशी शर्मा, सरगम कुशवाहा, भावना देहरिया, सिद्धि मिश्रा, निशिता पाठरकर, शांति देवी, श्रुति अधिकारी, लता मुंशी, मुस्कान रघुवंशी, संगीता राजगीर, शिवि श्रीवास्तव, सोमित दुबे, कनिष्का शर्मा, शिखा शर्मा, मनन सिंह और अविराज सिंह ठाकुर को सम्मानित किया। श्रेणी-2 में नमन देशमुख, मयंक तिवारी, सिमरन बहल, विजय निहाल चंदानी, माही पवार, इशिका ककड़े, देवेंद्र गोरे, चिन्मय गोधा, आयुष गुप्ता, दैविका वघेला, वंशदीप, आरविका गुप्ता और सुषांत कौशल को सम्मानित किया।
चतुर्भुजी फ्लाईओवर कर देगा ट्रैफिक की समस्या का समाधान, चारों तरफ हो जाएगी शानदार कनेक्टिविटी
26 Oct, 2025 11:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर: मध्य प्रदेश के बीचों बीच बसे सागर शहर से लगभग हर दिशा में प्रमुख नेशनल हाइवे और सड़कें जुड़ी हुई हैं. नतीजा ये है कि सागर के उपनगर मकरोनिया में भारी ट्रैफिक दबाव के हालात बन रहे हैं. ऐसे में बाहर से आने वाले भारी और बडे़ वाहनों को शहर के बाहर से निकालने के लिए मकरोनिया में दो भुजाओं का फ्लाईओवर स्वीकृत हुआ था.
चतुर्भजी फ्लाईओवर से कई शहरों तक होगी सीधी पहुंच
लेकिन ये प्रोजेक्ट स्थानीय व्यापारियों के विरोध के चलते ठंडे बस्ते में चला गया और अब नए सिरे से एक चतुर्भजी फ्लाईओवर का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है. प्रस्ताव पर केंद्र और राज्य सरकार की सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है. खास बात ये है कि ये फ्लाईओवर सागर को चारों तरफ जोड़ने का काम करेगा. सागर से कानपुर, नागपुर, झांसी, भोपाल चारों तरफ से शहर फ्लाईओवर के जरिए जुड़ जाएगा और इन शहरों से आने वाले भारी वाहन शहर के ट्रैफिक को डिस्टर्ब किए बिना आ जा सकेंगे.
पहले हुआ था दो भुजी फ्लाईओवर स्वीकृत
उपनगर मकरोनिया में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए 78 करोड़ की लागत से दो भुजी फ्लाईओवर स्वीकृत हुआ था. जिसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गयी थी. लेकिन स्थानीय व्यापारियों के विरोध के चलते ये प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया था. इस दो भुजी फ्लाईओवर को मकरोनिया में कानपुर मार्ग और सिविल लाइन मार्ग से जोड़ा जाना था. इसका व्यापारी तो विरोध कर ही रहे थे. वहीं सिविल लाइन से जोड़ने पर ट्रैफिक का दबाब सागर शहर में जस का तस बना रहता, ऐसे में ये प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया.
160 करोड़ की लागत से तैयार होगा चतुर्भुजी फ्लाईओवर
विरोध और ट्रैफिक समस्या का पूर्ण निदान ना होने की स्थिति में अब दो भुजी की जगह चार भुजाओं वाले फ्लाईओवर का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है. इसमें मकरोनिया चौराहे के ऊपर से चार भुजाओं वाला फ्लाईओवर गुजरेगा. इसकी एक भुजा मकरोनिया से बहेरिया की तरफ जाएगी. जोकि मकरोनिया स्टेशन के बहेरिया फाटक पर बने आरओबी से कनेक्ट किया जाएगा. यहां से कानपुर, छतरपुर, टीकमगढ, खजुराहो, रीवा और सतना की कनेक्टिविटी होगी.
नेशनल हाइवे 44 से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
दूसरी भुजा सिविल लाइन रोड पर शंकरगढ़ तक जाएगी, जहां इसे सागर शहर से जोड़ा जाएगा. तीसरी भुजा नरसिंहपुर मार्ग से जोड़ी जाएगी, जो बम्होरी तिराहे पर नेशनल हाइवे 44 से कनेक्ट हो जाएगी. चौथी भुजा रजाखेडी तक जाएगी, इसके जरिए झांसी, भोपाल और बीना मार्ग का ट्रैफिक जा सकेगा.
क्या बोले स्थानीय विधायक
नरयावली विधायक प्रदीप लारिया का कहना है कि "चूकिं मकरोनिया फ्लाईओवर पूर्व में स्वीकृत हो गया था, लेकिन कुछ व्यापारियों की आपत्ति थी. जिसके चलते प्रोजेक्ट स्वीकृत, टेंडर मिलने के बाद काम शुरू होने से पहले रोक दिया था. लेकिन अब हम लोगों ने फिर से 160 करोड़ का प्रस्ताव दिया है. ये चार भुजाओं का फ्लाईओवर रजाखेडी, नरसिंहपुर रोड, बहेरिया और सिविललाइन रोड को शंकरगढ़ से जोड़ेगा."
आगे उन्होंने बताया कि "जो प्रस्ताव हम लोगों ने दिया है. वह शहर के विकास के लिए आवश्यक है. आज शहरों में ट्रैफिक एक बड़ी समस्या है. इसका समाधान फ्लाईओवर से हो सकेगा. पहले वाले प्रस्ताव को समाप्त कर दिया गया. अब नए सिरे से इसे फिर से भेजा गया, पहले वो कानपुर और सागर शहर से जुड़ रहा था. लेकिन इसमें चार भुजाओं को शामिल किया गया है. मेरा मानना है कि मकरोनिया की समस्या जटिल है. इसका ट्रैफिक डायवर्ट हो या बिना डिस्टर्ब किए निकल जाए. इसके लिए फ्लाई ओवर ही जरूरी है."
सतपुड़ा के टाइगर्स का दीदार करेंगे नितिन गडकरी, परिवार सहित प्रकृति के बीच गुजारेंगे सुकून के पल
26 Oct, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नर्मदापुरम: सतपुड़ा टाइगर रिजर्व अभिनेताओं के साथ-साथ मंत्रियों की भी पहली पसंद बन गया है. शनिवार को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी परिवार के साथ दो दिन के निजी दौरे पर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के चूरना रेंज पहुंचे. वह नागपुर बैतूल से होते हुए पहुंचे. यहां उन्होंने पहले सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बारे में अधिकारियों से जाना. जिसके फोटो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर फोटो शेयर कर जानकारी साझा की. नितिन गडकरी जंगल सफारी का आनंद लेने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व पहुंचे हैं.
परिवार सहित सतपुड़ा पहुंचे नितिन गडकरी
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है. यही कारण है कि शनिवार को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी दो दिन के निजी प्रवास पर एस टी आर पहुंचे. जानकारी के मुताबिक, ''केंद्रीय मंत्री के पहुंचने से पहले ही उनका परिवार एक दिन पहले एसटीआर पहुंच चुका था. दोपहर में नितिन गडकरी नागपुर बैतूल होते हुए चूरना रेंज पहुंचे. यहां उन्होंने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बारे में जाना. केंद्रीय मंत्री के पहुंचने पर उनका स्वागत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री डी डी उईके, घोड़ाडोंगरी विधायक गंगा बाई उईके ने किया.
शनिवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने नितिन गडकरी के साथ सोशल मीडिया पर फोटो जारी करते हुए लिखा, ''सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बैतूल जिले के ग्राम चूरना में अपने परिवार के साथ पधारे केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जी का आत्मीय स्वागत किया. इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास ऊइके, घोड़ाडोंगरी विधायक गंगाबाई उइके जी, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री सुधाकर पवार जी साथ रहे."
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में कई वन्य जीव मौजूद
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में वनस्पतियों और जीवों की एक समृद्ध विविधता पाई जाती है. यहां के जंगल मुख्य रूप से साल और सागौन के पेड़ों से बने हैं. इसके अलावा यहां बांस और कई तरह के औषधीय पौधे भी पाए जाते हैं. यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है. यहां कई तरह के वन्यजीव पाए जाते हैं. यहां बाघ,तेंदुए, भालू,ढोल (जंगली कुत्ते),चीतल (धब्बेदार हिरण),सांभर हिरण,भारतीय विशाल गिलहरी, बाइसन (गौर),चार सींग वाले मृग यहां पर्यटकों को देखने को मिलते हैं.''
छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत पर दिग्विजय सिंह के 14 सवाल, पीड़ित परिवारों को 50 लाख मुआवजे की मांग
26 Oct, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने राज्य सरकार से लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से 14 सवाल पूछे हैं. 14 सवालों के इस प्रश्नपत्र में जहरीली दवा के बाजार में आने से लेकर उसके बच्चों की खुराक बनने तक हर मोर्चे पर हुई लापरवाही को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं. दिग्विजय सिंह ने कहा इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने के साथ जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनी पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए.
दिग्विजय का राज्य सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से सवाल
भोपाल में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि "किस आधार पर स्वास्थ्य मंत्री ने इस जहरीली सिरप को क्लीन चिट दे दी थी. क्या स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा नहीं होना चाहिए." उन्होंने पूछा कि "क्या प्रभारी मंत्री और जिला कलेक्टर ने कभी बैठक की. जब 2 सितम्बर को पहली मौत हुई थी तो क्या वजह है कि सरकार को इस पूरे मामले को समझने में एक महीने का वक्त लग गया."
दिग्विजय सिंह ने कहा कि "मुख्यमंत्री खुद स्टेट हेल्थ सोसायटी के अध्यक्ष हैं और स्वास्थ्य मंत्री इसमें सह अध्यक्ष हैं. इस समिति ने क्या जवाबदारी निभाई. उन्होंने पीड़ित परिवारों को 50 लाख रुपए का मुआवजा देने की भी सरकार से मांग की है.
दिग्विजय सिंह का राज्य सरकार से 10 सवाल
सवाल नंबर 1- मुख्यमंत्री स्टेट हेल्थ सोसायटी के अध्यक्ष हैं और स्वास्थ्य मंत्री सह अध्यक्ष हैं. सवाल ये है कि इस समिति की क्या जवाबदारी थी. इस समिति ने आम जनों के स्वास्थ्य के प्रति अपनी जवाबदारी क्यों नहीं निभाई.
सवाल नंबर 2- कोल्ड्रिफ जैसी जहरीली दवा प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टर्स के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध कैसे होती रही, जबकि टेंडर और नियामक प्रक्रियाओं में एक्सिपिएंट्स (जैसे ग्लिसरीन) के लिए टाइप वन ड्रग मास्टर फाईल या सर्टिफिकेट ऑफ स्टेबिलिटी अनिवार्य होना चाहिए था.
सवाल नंबर 3- क्या बच्चों की जान की कीमत पर कमीशन का खेल सरकार की नाक के नीचे सरेआम नहीं चल रहा था?
सवाल नंबर 4- राज्य के मुख्य सचिव राज्य स्वास्थ्य समिति की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष हैं. उन्होंने एक्टिव फार्मास्यूटिकल इनग्रेडिएंट टेस्टिंग, मेथड ऑफ एनालिसिस और गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस चेक करने को क्यों नजरअंदाज किया.
सवाल नंबर 5- नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ऑडिट 2023 में मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन पर देरी और अतिरिक्त खर्च का आरोप लगाया था. फिर भी मुख्य सचिव ने अपना दायित्व क्यों नहीं निभाया?
दिग्विजय सिंह का केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से सवाल
सवाल नंबर 6- आपके मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में 2022 के गाम्बिया और 2023 के उज्बेकिस्तान हादसों के बाद भी भारत से बिक्री होने वाली दवाओं में डाई-एथिलीन ग्लाइकोल कंटेमिनेशन क्यों जारी रहा?
सवाल नंबर 7- केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने सिर्फ 9 प्रतिशत फैक्ट्रियों का ही निरीक्षण किया और इनमें से 36 प्रतिशत फेल पाई गईं. फिर भी केंद्र सरकार क्यों सोती रही?
सवाल नंबर 8- केंद्र सरकार ने जन विश्वास अधिनियम 2023 से नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी दवाओं पर जेल की सजा के बजाए सिर्फ 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का निर्णय किस आधार पर लिया? भाजपा पर आरोप है कि फार्मास्यूटिकल कंपनियों से इलेक्टोरल बॉन्ड के रूप में 945 करोड़ रुपये का चंदा लिया गया और कंपनियों को मनमानी करने की छूट दे दी गई.
सवाल नंबर 9- केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन का अलर्ट 4 अक्टूबर 2025 को आया, लेकिन दवा के रिकॉल में औसतन 42 दिन क्यों लगे?
सवाल नंबर 10- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में सालाना 1,000 से ज्यादा नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी सैंपल मिलते रहे. फिर सरकार ने सख्त कार्यवाही क्यों नहीं की?
सवाल नंबर 11- जन औषधि केंद्रों में भी नकली दवाएं पकड़ी गईं, फिर भी क्वालिटी फर्स्ट प्रोक्योरमेंट मॉडल क्यों नहीं अपनाया गया?
सवाल नंबर 12- क्या भारतीय जनता पार्टी की फार्मा फंडिंग के कारण नियामक संस्थाओं को अपना कार्य नहीं करने दिया जा रहा है?
सवाल नंबर 13- क्या विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुमान के अनुसार 10-25 प्रतिशत दवाएं फेक या नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी दवाएं होने से सरकारी कोष को सालाना 52,000 करोड़ रुपये का नुकसान नहीं हो रहा है?
सवाल नंबर 14- एंटीमाइक्रोबॉयल रेजिस्टेंस से 49,000 अतिरिक्त मौतें हो रही हैं. फिर भी निरीक्षकों की संख्या विश्व स्वास्थ्य संगठन मानक से 70 प्रतिशत कम क्यों है? सरकार एक दशक में भी पर्याप्त निरीक्षकों की भर्ती क्यों नहीं कर सकती है?
बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने दिग्विजय सिंह के राज्य सरकार पर किए गए हमले के जवाब में कहा कि "वो जो अमानक दवाइयां थी वो दिग्विजय सिंह के दल के इंडी गठबंधन के दल की सरकार में बनी थी. मध्य प्रदेश की सरकार ने तो एसआईटी गठित कर उस ड्रग हत्यारे को दबोचा, उस पर दिग्विजय सिंह क्यों मौन हैं. सरकार सभी पक्षों पर कार्रवाई कर रही है. असल में दिग्विजय सिंह खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए और अपने पुत्र को स्थापित करने के लिए केवल सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रहे हैं."
श्रीराम के आदर्श और चरित्र को जन-जन तक पहुंचायेंगी राम यात्रा
25 Oct, 2025 11:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : पूज्य संत मुरारी बापू द्वारा 25 अक्टूबर से 4 नवंबर तक रामकथा पर चित्रकूट से अयोध्या तक राम वन गमन पथ के मार्गो पर राम यात्रा शुरू की गई है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने चित्रकूट सतना के अत्रि मुनि आश्रम, सती अनुसुइया से प्रारंभ हुई इस राम यात्रा के शुभारंभ अवसर पर कहा कि पूज्य संत बापू जी द्वारा प्रभु श्रीराम के वनवास काल के दौरान राम वन गमन पथ के मार्गो से होते हुई प्रारंभ राम यात्रा भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम हमारे प्राण है जिनके स्मरण से जीवन धन्य हो जाता है। यह देश का सौभाग्य है कि श्रद्धेय मुरारी बापू जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन श्रीराम के आदर्श और चरित्र को जन-जन तक पहुंचाने तथा हमारी आस्था को प्रमाणित कर श्रीराम जन्म भूमि में बहुप्रतीक्षित श्रीराम मंदिर स्थापना कार्य में सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के चित्रकूट के पावन स्थल से लेकर पूरे देश में श्रीराम वन गमन मार्ग पर जिन स्थानों पर प्रभु श्रीराम के चरण पडे है। उस धरती में बहुमूल्य खनिज और अयस्कों का भण्डार पाया गया है जो देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि राम यात्रा रामेश्वरम तक रेल मार्ग से और श्रीलंका तक हवाई मार्ग से पहुंचेगी और इसी क्रम में अयोध्या तक वापसी होगी। पूरी यात्रा की मंगलकामना करते हुए उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हम सब इस पावन यात्रा के साक्षी बने है।
पूज्य संत मुरारी बापू ने कहा कि श्रीराम यात्रा विशुद्ध रूप से आध्यात्मिक और अंतरआत्मा की यात्रा है। जिसे सभी संतों, महापुरूषों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह राम यात्रा सत्य, प्रेम और करूणा की यात्रा है। विश्व के हित को ध्यान में रखकर चित्रकूट जैसे पावन स्थल से यह यात्रा शुरू की है। संत मुरारी बापू ने मध्यप्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री शुक्ल की उपस्थिति और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा यात्रा के लिए प्रदान की गई सदभावना के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर राम यात्रा के संयोजक मदन जी पालीवाल, रेल्वे टूरिज्म आईआरसीटीसी की पमिला गुप्ता, बालेन्द्र गौतम सहित राम यात्रा के सहभागी देश भर के भक्तजन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अवधारणा का पर्याय बना मनासा का सांदीपनि विद्यालय
25 Oct, 2025 11:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मध्यप्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की उत्कृष्ट और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर परिणाम परिलक्षित हो रहे हैं। उन्होंने यह निर्णय भगवान श्रीकृष्ण के गुरू आचार्य सांदीपनि के सम्मान में लिया है। उच्च गुणवत्ता शिक्षा, अनुशासन और बेहतर शिक्षण शोध के संगम से सांदीपनि विद्यालय एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गए हैं। नीमच जिले के उपखण्ड मुख्यालय मनासा का सांदीपनि विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। यहाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध है, जिससे यह विद्यालय क्षेत्र में एक आदर्श शैक्षणिक संस्थान के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। इस विद्यालय ने शिक्षा के साथ ही अनुशासन संस्कार और आधुनिक तकनीकी शिक्षण में उत्कृष्ट उपलब्धियाँ हासिल की है।
सांदीपनि स्कूल के नवाचार
घर से विद्यालय तक के नवाचार सभी कक्षाओं के लिए सुबह उठने के बाद माता-पिता के चरण स्पर्श करने, विद्यालय आते समय दादा-दादी, नाना-नानी या जो भी बड़े हों, उनका आशीर्वाद लेने जैसे संस्कार विद्यालय को अनूठा बना रहे हैं। बस के लिए अनुशासन में खड़े रहने, बस में अनुशासन से चढ़ने व बैठने, विद्यालय पहुंचते ही पंक्तिबद्ध होकर उतरने,विद्यालय की दहलीज को नमन करने, गुरुजनों को नमन करने, मां सरस्वती को नमन करना, अपने पगवेश (जूते) पंक्तिबद्ध तरीके से रखने, प्रार्थना सभा के लिए पंक्तिबद्ध होकर आने, कॉरिडोर में हमेशा हाथ बांधकर चलने, प्रार्थना सभा में सक्रिय सहभागिता करने, प्रार्थना सभा समाप्त होने पर मौन होकर कक्षा में जाने जैसे अनुशासन ने इस विद्यालय को उच्च संस्कार से सुशोभित किया है। कक्षा के प्रवेश द्वार पर कक्षा अध्यापक का आशीर्वाद एवं अनुमति लेकर प्रवेश करने, विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए कक्षा के नियमों का पालन करने, कक्षा की शुरुआत संस्कारों की बातों से करने,सभी विषयों का गहन अध्ययन करने, भोजन से पहले हाथ धोने, भोजन प्रार्थना एक स्वर में बोलने, थाली में झूठा भोजन न छोड़ने और न नीचे गिराने,एक साथ भोजन करने और भोजन के बाद अपनी थाली उठाने, छुट्टी समय पंक्तिबद्ध होकर कक्षा से बाहर आने,कक्षा की लाइट व पंखे बंद करने, रूट नंबर के अनुसार लाइन बनाने एवं अनुशासन से बस में बैठने सम्बधी नवाचार किए जा रहे है। कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा में प्रदेश मेरिट सूची में आने पर विद्यार्थी के नाम से कक्षा का नामकरण किया जा रहा है।
एक दिन का प्राचार्य
विद्यालय में कक्षा 8वीं, 10वीं एवं 12वीं अर्द्धवार्षिक परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त तीन विद्यार्थियों को “एक दिन का प्राचार्य” बनाया जाता है। ऑनलाइन टेस्ट-सीरीज के माध्यम से विषय सामग्री को सरल और रोचक बनाया गया है।, जिससे विद्यार्थी बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकें। विद्यालय की प्रत्येक गतिविधि में विचारशील व कर्मशील व्यक्तियों का सम्मान किया जाता है। ताकि विद्यार्थियों को प्रेरणा मिल सके। उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों को एक दिवस का प्राचार्य बनाया जाता है, जिससे उनमें नेतृत्व व प्रबंधन कौशल का विकास हो सके।
सर्वसुविधा युक्त विद्यालय
विद्यालय में चार मंज़िला भव्य इमारत निर्मित है। भवन सर्वसुविधा युक्त एवं आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप है। संपूर्ण विद्यालय परिसर में विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। सभी गतिविधियों पर सुरक्षा गार्ड एवं कैमरों की निगरानी रहती है। विद्यार्थियों के लिए बड़ा खेल मैदान उपलब्ध है। विद्यालय परिसर में बगीचा एवं बाल-बगीचा बच्चों के मनोरंजन व विकास हेतु बनाया गया है। विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था है। साफ-सुथरे सुविधा घर उपलब्ध हैं। पूरा विद्यालय भवन वातावरणानुकूल बनाया गया है जिससे विद्यार्थियों को स्वस्थ व सुखद वातावरण मिल रहा है। प्रत्येक कक्षा में विद्यार्थियों के लिए सुंदर व आरामदायक फर्नीचर उपलब्ध है। शासन द्वारा सांदीपनि विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन की व्यवस्था की गई है। 17 बसों से 1220 विद्यार्थी दूरस्थ क्षेत्रों से आसानी से विद्यालय पहुँच रहे हैं। यह सुविधा पूर्णतः निशुल्क है और सभी बसों में ड्राइवर पुरुष है और कंडक्टर महिलाएं हैं।
विषय विशेषज्ञ अनुभवी शिक्षक
विद्यालय में सभी विषयों के लिए विषय विशेषज्ञ और अनुभवी शिक्षक हैं, जिनकी कुल संख्या 56 है। प्रत्येक विषय में बच्चों को स्मार्ट बोर्ड, ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी और प्रयोगशालाओं के माध्यम से आधुनिक शिक्षा दी जाती है जिसमें संगीत एवं खेलकूद एवं व्यायाम शिक्षकों द्वारा भी विद्यार्थियों को दक्षता प्रदान की जा रही है गुणात्मक एवं मात्रात्मक दृष्टिकोण से परीक्षा परिणाम श्रेष्ठतम आ रहे हैं।
विद्यालय में भौतिक विज्ञान रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान की लेब सर्व संसाधनों से युक्त है जिसका लाभ विद्यार्थी ले रहे है और अपने कौशल विकास मे प्रमुख परफॉर्मेंस प्रदर्शित कर रहे हैं । केमिस्ट्री लैब: नवीनतम उपकरणों के साथ रासायनिक प्रयोग की सुविधा है। फिजिक्स लैब से सिद्धांतों को व्यवहार में समझने का अवसर उपलब्ध हो रहा है। बायोलॉजी लैब जीवन विज्ञान से जुड़े प्रयोगों और अध्ययन के लिए संसाधन उपलब्ध है। आईटी विषय में विद्यालय में 172 विद्यार्थी नामांकित है विद्यार्थी सूचना प्रौद्योगिकी लैब के माध्यम से कौशल विकास पर कार्य कर रहे हैं नेटवर्किंग एनालिसिस प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग प्रोग्राम तकनीकी ज्ञान और इलेक्ट्रॉनिक प्रयोगों के लिए विशेष लैब की सुविधा भी इस विद्यालय मे उपलब्ध है। इस विषय मे वर्तमान में 139 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यार्थियों को सर्किट प्रोटेक्शन, पीसीबी डिजाइनिंग, रोबोटिक तकनीक, एम्बेडेड सिस्टम, माइक्रोप्रोसेसिंग एवं माइक्रोकंट्रोलिंग, और आधुनिक विकासात्मक प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने की जानकारी दी जा रही है।
विद्यालय में जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान हेतु संसद लैब स्थापित की गई है। यहाँ विद्यार्थी विभिन्न विषयों पर तकनीकी अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। विद्यार्थी स्वयं प्रयोग कर रहे हैं और विज्ञान की गहराई को समझते हुए अपने कौशल को विकसित कर रहे हैं। जिले में 9 विद्यार्थियों का चयन। विशेष मॉडल प्रस्तुति: होनहार विद्यार्थी लकी राज ने “स्वचालित कपड़ा संरक्षण प्रणाली” तैयार की। डिजिटल और इंटरएक्टिव शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया गया है।
विद्यालय में सुसज्जित पुस्तकालय है जिसमें 100 बच्चों की बैठक व्यवस्था है। पाठ्यपुस्तकों के साथ-साथ सामान्य ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रेरणादायक साहित्य और ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपलब्ध हैं। संदीपनी विद्यालय में दो छात्रावास संचालित है। दूरदराज़ से आने वाले विद्यार्थियों के लिए 100 सीटर बालिका हॉस्टल और 100 सीटर बालक हॉस्टल है। सुरक्षित, अनुशासित और घर जैसे वातारण में बच्चे,योग कक्षाओं और संस्कारी गतिविधियों के माध्यम से सर्वांगीण विकास कर रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने किया मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का औचक निरीक्षण
25 Oct, 2025 09:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने शनिवार को सतना जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवां का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत प्रदेश के सभी सामुदायिक केन्द्रों में प्रतिमाह 9 और 25 तारीख को लग रहे स्वास्थ्य जांच शिविरों की गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के विभिन्न वार्डो, आपरेशन थियेटर, पैथालॉजी, प्रसूति वार्ड का निरीक्षण कर मरीजों को दी जारी उपचार सेवायें, जांच सुविधाओं और साफ-सफाई का निरीक्षण किया।
स्वास्थ्य मंत्री और उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मझगवां के ओपीडी, आयुष्मान कक्ष, चिकित्सक कक्ष, रसोई, प्रतीक्षा कक्ष, प्रसूति वार्ड, नेत्र परीक्षण कक्ष, जनरल भर्ती वार्ड, टू्र नॉट प्रयोगशाला में डीएन एक्सटेक्शन मशीन, पैथालॉजी में सैम्पलिंग और जांच प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं और विकासखण्ड मझगवां की स्वास्थ्य केन्द्र संस्थाओं में दी जा रही सुविधाओं और उपचार सेवाओं की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत सभी सामुदायिक केन्द्रों में प्रतिमाह 9 और 25 तारीख को लगाये जा रहे शिविरों में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करे तथा इसका बेहतर प्रचार-प्रसार कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ दिलायें। स्वास्थ्य मंत्री ने टेली मेडीसिन के संबंध में जानकारी ली और सेटअप जमा कर इसकी निगरानी भी करने के निर्देश दिये।
डॉ. खेमरिया बने दिव्यांगजन आयुक्त
25 Oct, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्य शासन ने शिवपुरी में दिव्यांगजनों के लिए संचालित मंगलम संस्था के संचालक डॉ. अजय खेमरिया को मप्र का दिव्यांगजन आयुक्त नियुक्त किया है। डॉ. खेमरिया का पद राज्य सरकार के सचिव के समकक्ष रहेगा। आयुक्त का कार्यालय दिव्यांगजन न्यायालय के रूप में कार्य करता है एवं दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रवर्तन का कार्य करता है।
डॉ. खेमरिया का चयन तीन सदस्यीय राज्य स्तरीय सर्च कमेटी की अनुशंसा पर शासन द्वारा किया गया है। डॉ. खेमरिया वर्तमान में मंगलम संस्था के संचालक भी हैं। इससे पूर्व वे, नागरिक सहकारी बैंक, पीजी कॉलेज प्रबंधन समिति के साथ बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य रहे हैं।
शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार और मानवीय गुणों का होना आवश्यक : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
25 Oct, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार व मानवीय गुणों का होना आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सैनिक स्कूल रीवा में अखिल भारतीय सैनिक स्कूल खेल प्रतियोगिता 2025 का शुभारंभ अवसर पर यह बात कही।
उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिता में कश्मीर से लेकर केरल तक के छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। आप सब पूरे प्रयास से जीतने की कोशिश करें और आगे बढ़ें। यदि नहीं जीत पाते हैं तो जीतने की ललक मन में रहे। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल रीवा देश के प्रमुख सैनिक स्कूलों में है। इस स्कूल का मस्तक गर्व से और ऊंचा हो जाता है क्योंकि देश के थल सेनाध्यक्ष व नौ सेनाध्यक्ष इसी स्कूल के विद्यार्थी हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की सेना ने जो शौर्य दिखाया है उसमें इन दोनों सेनाध्यक्षों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने खेल प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं तथा सैनिक स्कूल प्रबंधन से अपेक्षा की कि सभी को व्हाइट टाइगर सफारी का भ्रमण अवश्य कराएं।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रतियोगिता के समापन समारोह में थल सेनाध्यक्ष व नौ सेनाध्यक्ष रीवा आएंगे जो हम सबके लिए गर्व की बात है। इससे पहले उन्होंने सैनिक स्कूल में वीर शहीदों के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की रक्षा में अपना बलिदान देने वाले अमर शहीद हमें अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देते रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि सैनिक स्कूल रीवा में 25 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक बास्केट बाल, वॉलीबाल तथा एथलेटिक्स खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में मेजबान सैनिक स्कूल रीवा सहित देश भर के 36 सैनिक स्कूलों के 460 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। ये सभी खिलाड़ी गत वर्ष आयोजित ग्रुप स्तर की प्रतियोगिताओं के विजेता हैं और अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम में प्राचार्य कर्नल अविनाश रावल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रतिभागी छात्र-छात्राएं एवं आफिशियल्स उपस्थित रहे।
जनजातीय समुदाय की समृद्धि के लिए संकल्पित राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
25 Oct, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जनजातीय समुदाय की समृद्धि के लिए संकल्पित है। सरकार के रणनीतिक प्रयासों से विकास के हर क्षेत्र में जनजातीय समुदाय आगे बढ़ रहा है। जनजातीय कल्याण की योजनाओं के लिए बजट बढ़ाकर 47 हजार 295 करोड़ किया गया है जो पिछले वर्ष से 6,491 करोड़ रूपये ज्यादा है। सरकार के सतत् प्रयासों से मध्यप्रदेश आज जनजातीय कल्याण के क्षेत्र में देश का अग्रणी प्रदेश बनकर उभर रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समुदायों को आर्थिक विकास के भरपूर अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'सबका साथ-सबका विकास' दर्शन अपनाते हुए जनजातीय समुदायों योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विशेष रूप से पिछ़डी और कमजोर जनजातियों (पीवीटीजी) के समग्र विकास और कल्याण के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने कई ऐतिहासिक प्रयास और नवाचार किए हैं। जनजातीय समुदाय के जीवन स्तर को गुणवत्तापूर्ण बनाने और देशज संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए समर्पित प्रयास किए गए हैं। परिणामस्वरूप जनजातीय समुदाय को न केवल अपने अधिकार मिले हैं, बल्कि संस्कृति की भी रक्षा हुई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा के लोकव्यापीकरण के जरिए जनजातीय युवाओं को चयन प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए आजीविका के नए-नए विकल्प और जरूरी साधन भी दिए जा रहे हैं। आदि संस्कृति को आजीविका से जोड़ने की पहल की गई है।
जनजातीय समुदायों के जन, जल, जंगल, जमीन और वन्यप्राणियों की नैसर्गिक सुरक्षा के अधिकार से लेकर वन अधिकार पत्र और इनकी आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य, सांस्कृतिक संरक्षण के लिए भी सरकार ने व्यापक दृष्टिकोण अपनाया है।
पेसा नियमों से सशक्त हुई ग्राम सभाएं
मध्यप्रदेश में पेसा नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन से जनजातीय ग्राम सभाओं को अपने जैविक संसाधनों, भूमि, जल, वन और पारम्परिक व्यवस्थाओं पर अधिकार प्राप्त हुए हैं। अब ग्राम सभाएं विकास योजनाओं में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं, जिससे जनजातीय अंचलों में स्वशासन की दिशा में एक सशक्त आधार स्थापित हुआ है। वे अपने गांवों की विकास योजनाएं खुद बना रही हैं।
तेंदूपत्ता संग्राहकों का बढ़ा पारिश्रमिक
जनजातीय समुदाय की आजीविका से जुड़े लाखों तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक बढ़ाकर अब 4,000 रुपये प्रति मानक बोरी कर दिया गया है। इस निर्णय से संग्राहकों की आय बढ़ी है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। तेंदू पत्ता व्यापार बढ़ने से उन्हें लाभ हुआ है।
‘पीएम जनमन’ और ‘धरती आबा’ योजनाओं से विकास को गति
प्रदेश में प्रधानमंत्री जन-मन एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष जैसी योजनाओं के अंतर्गत 68 करोड़ 30 लाख रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। साथ ही, जनजातीय अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ कराने के लिये 21 जिलों में 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (एमएमयू) प्रारंभ की गई हैं।
सिकलसेल उन्मूलन मिशन का विस्तार
मध्यप्रदेश में सिकलसेल हीमोग्लोबिनोपैथी मिशन सभी 89 जनजातीय विकासखंडों में लागू किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर-कमलों से प्रदेश में हाल ही में एक करोड़वां सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं काउंसिलिंग कार्ड वितरण का ऐतिहासिक क्षण भी दर्ज हुआ है।
शिक्षा एवं छात्रवृत्ति में उल्लेखनीय कार्य
जनजातीय वर्ग के सभी विद्यार्थियों की शिक्षा के प्रोत्साहन के लिए इन्हें छात्रवृत्ति देने की अवधि साल में 10 माह से बढ़ाकर अब पूरे 12 माह कर दी गई है। उनके छात्रावासों को सुविधा संपन्न बनाया गया है।जनजातीय वीर नायकों की शौर्य कथाएं और गौरवगाथाएं स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल की गई हैं। भगवान बिरसा मुंडा जी की जीवनी अब विद्यालयीन शिक्षा के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेगी। प्रदेश के सभी जनजातीय कन्या आवासीय शिक्षा परिसरों को अब ‘माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर’ नाम दिया गया है। यह जनजातियों को सम्मान देने का एक अनूठा उदाहरण है।
आंगनवाड़ी भवन निर्माण में म.प्र. अव्वल
‘पीएम जन-मन कार्यक्रम’ अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा है। इस योजना से विशेष पिछड़ी जनजातियों (बैगा, भारिया, सहरिया) को अत्यधिक लाभ मिला है। इससे पीवीटीजी परिवारों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा में उत्तरोत्तर सुधार देखा जा रहा है।
सांस्कृतिक गौरव की पुनर्स्थापना
राज्य सरकार द्वारा जनजातीय गौरव और पहचान को सम्मान देने के लिए अलीराजपुर जिले का नाम परिवर्तित कर अब ‘आलीराजपुर’ कर दिया गया है। यह निर्णय जनजातीय वर्ग की अस्मिता के सम्मान और इनके सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।
पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के लोकार्पण की नई डेडलाइन, संत रविदास मंदिर की फिनिशिंग बाकी
25 Oct, 2025 08:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर : सागर जिले के बडतूमा में निर्माणाधीन 101 करोड़ की लागत से बन रहा संत रविदास मंदिर एवं संग्रहालय का काम जारी है. जिस विधानसभा क्षेत्र में ये मंदिर बन रहा है, वहां के भाजपा विधायक प्रदीप लारिया का दावा है कि अगली रविदास जयंती यानि फरवरी माह में मंदिर का लोकार्पण करने का लक्ष्य है. उम्मीद है कि जनवरी में काम पूरा हो जाएगा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे.
संत रविदास मंदिर बडतूमा में निर्माणाधीन
ये मंदिर सागर की नरयावली विधानसभा क्षेत्र के बडतूमा में निर्माणाधीन है. इसका करीब 70 फीसदी काम हो चुका है. निर्माण एजेंसी का वादा किया है कि मंदिर जनवरी तक बनकर तैयार हो जाएगा. हालांकि बजट की कमी की चर्चा काम में देरी के लिए जिम्मेदार मानी जा रही है. वहीं, विधायक प्रदीप लारिया का कहना है कि ऐसी कोई समस्या नहीं है. हम चाहते हैं कि फरवरी में रविदास जयंती पर प्रधानमंत्री मंदिर का लोकार्पण करने एक बार फिर सागर आएं.
12 एकड़ में बन रहा रविदास मंदिर
संत रविदास मंदिर 101 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा है. मंदिर और संग्रहालय का भूमिपूजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2023 में किया था. संत रविदास के विचार, दर्शन और अध्यात्म्य को एक परिसर में स्थान देने मध्य प्रदेश सरकार का संस्कृति विभाग संत रविदास मंदिर और संग्रहालय का निर्माण कर रहा है. 12 एकड़ परिसर में ये भव्य मंदिर और संग्रहालय बनाया जा रहा है. राजस्थान के धौलपुर के वंशीपहाडपुर के लाल पत्थरों से मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है.
अगस्त 2025 में पूरा होना था निर्माण कार्य
संत रविदास मंदिर का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य अगस्त 2025 रखा गया था. पिछले कुछ दिनों से मंदिर का काम बंद पड़ा था. हालांकि निर्माण एंजेसी पर्यटन निगम का कहना है "मंदिर का 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है और सिर्फ फिनिशिंग का काम बाकी है." लेकिन मंदिर निर्माण अपने तय समय अगस्त माह तक पूरा नहीं हो पाया. इस मामले में विधायक प्रदीप लारिया ने पिछले दिनों निर्माण एजेंसी और पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी.
नरयावली विधानसभा की मकरोनिया नगर पालिका के बडतूमा में 55 वर्गफीट जगह पर नागरशैली में मुख्य मंदिर बनाया जा रहा है. इसमें गर्भगृह, अंतराल मंडप और अर्धमंडप का निर्माण हो रहा है. इसके अलावा यहां पर रविदास के जीवन का वर्णन दीवार पर कलाकृति (म्युरल स्कल्प्चर) के जरिए किया जा रहा है. संत रविदास के दर्शन को प्रदर्शित करने कुल 14 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल में व्य़ाख्या संग्रहालय ( इंटरप्रिटेशन म्यूजियम)
प्रथम गैलरी - संत रविदास की जीवनगाथा का प्रदर्शन
द्वितीय गैलरी - संत रविदास का भक्ति मार्ग और निर्गुण पंथ में योगदान
तृतीय गैलरी - संत रविदास का दर्शन और रविदासिया पंथ
चतुर्थ गैलरी- संत रविदास के साहित्य का विवरण
विशाल जलकुंड का निर्माण, जिसके चारों तरफ शानदार बगीचा, आकर्षक नक्काशी के साथ संत रविदास के दर्शन और जीवन से जुडी मूर्तियों की स्थापना
10 हजार वर्गफीट का पुस्तकालय, जहां संत रविदास के कृतित्व, शिक्षा, अध्यात्मय की पुस्तकें होगीं
फूलों की पंखुड़ियों की तरह संगत सभाखंड का आकर्षक भवन, जिसमें संत रविदास और अन्य धर्म के दर्शन, शिक्षा आध्यात्म्य से प्रेरित संगोष्ठी, कार्यशाला, प्रवचन, आख्यान और सम्मेलन होंगे.
संत रविदास परिसर में देश-विदेश से आने वाले श्रृद्धालुओं के लिए विशाल भक्त निवास 12 हजार 500 वर्गफीट में बनाया जा रहा है. 15 एसी कमरे, अटैल बाथरूम वाले और एक साथ 50 व्यक्तियों की क्षमता वाला आवासगृह भी होगा.
परिसर में 15 हजार वर्गफीट का अल्पाहार गृह का निर्माण किया जा रहा है. तंबू के आकार वाले गृह में बैठने की व्यवस्था.
BJP विधायक का ऐलान: “अकील पर लगेगा NSA, सड़कों पर निकलेगा जुलूस”
25 Oct, 2025 06:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर। इंदौर में ऑस्ट्रेलिया की महिला खिलाड़ियों से हुई छेड़छाड़ को लेकर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने दुख जताया है. इसके साथ ही आरोपी अकील पर भी जमकर बरसे. रामेश्वर शर्मा ने कहा कि इंदौर जो साफ सफाई और संस्कारों के लिए दुनिया में पहचाना जाता है, अकील ने उस इंदौर को बदनाम करने की साजिश की है.
‘अकील पर रासुका लगाकर जुलूस निकालेंगे’
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, ‘इंदौर में ऑस्ट्रेलिया की महिला खिलाड़ी के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है. मोहन यादव की सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपराधी अकील को पकड़ा है. अकील पर NSA की कार्यवाही की जाएगी सार्वजनिक जुलूस भी निकाला जाएगा. निश्चित रूप से बेटी ऑस्ट्रेलिया की हो या इंग्लैंड की उसकी सुरक्षा की गारंटी हमारी है.’इसके अलावा विधायक रामेश्वर शर्मा ने उत्तरप्रदेश के मदरसे में वहां के प्राचार्य द्वारा 13 साल की मुस्लिम बेटी के साथ किए गए दुर्व्यवहार पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी है. शर्मा ने कहा रेप जैसी घटना पर हंसी मजाक किया जा रहा है.
महाआर्यमन सिंधिया बोले- इस घटना से स्तब्ध हूं
वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे और मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष महाआर्यमान सिंधिया ने घटना पर दुख जताया है. उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर ट्वीट करके लिखा, ‘इंदौर में ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम की दो खिलाड़ियों के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना से मन अत्यंत व्यथित, स्तब्ध और दुखी है. किसी भी महिला को इस प्रकार के अनुचित व्यवहार का सामना नहीं करना चाहिए. प्रभावित खिलाड़ियों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं. यह घटना न केवल खिलाड़ियों बल्कि पूरे खेल जगत और हमारे राज्य एवं शहर के लिए अत्यंत पीड़ादायक है. पूरा मध्यप्रदेश, विशेष रूप से इंदौर, सदैव अपने अतिथियों के सम्मान एवं सुरक्षा के लिए प्रसिद्ध रहा है. एक व्यक्ति की अनुचित व्याहवार ने इस प्रतिष्ठित छवि को आघात पहुंचाया है, जिससे हम सभी अत्यंत दुखी हैं. हम स्थानीय प्रशासन और पुलिस की त्वरित एवं दृढ़ कार्रवाई की सराहना करते हैं, जिन्होंने तत्परता से आरोपी की पहचान कर गिरफ्तारी की. एमपीसीए इस कठिन समय में प्रभावित खिलाड़ियों और ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ पूर्ण एकजुटता के साथ खड़ा है तथा जांच एजेंसियों को हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है.’
ऑस्ट्रेलिया महिला खिलाड़ियों से इंदौर में छेड़छाड़
इंदौर में वर्ल्ड कप का मैच खेलने आई ऑस्ट्रेलिया की महिला खिलाड़ियों के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया. बताया जा रहा है कि होटल से नजदीकी कैफे पर जाने के लिए दो खिलाड़ी पैदल निकाली थीं, तभी अकील नामक एक बदमाश द्वारा एक खिलाड़ी के साथ छेड़छाड की गई.इस घटना से घबराई हुई खिलाड़ियों ने तुरंत अपनी टीम की सिक्योरिटी टीम को कॉल किया और एसओएस के माध्यम से अपनी लोकेशन भेजी. सिक्योरिटी टीम ने स्थानीय स्तर पर मदद लेकर दोनों खिलाड़ियों को सुरक्षित वहां बाहर निकाला और उन्हें होटल पहुंचाया गया.
दिग्विजय सिंह ने साधा सरकार पर निशाना, बोले- जहरीली दवा कांड में मंत्री की लापरवाही साफ
25 Oct, 2025 04:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भोपाल में आज पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्वास्थ्य विभाग और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए है. उन्होंने कहा कि बच्चों को जो दवाई दी जा रही थी, वह जहरीली थी, जिसमें 18% DEG मिला हुआ था. उन्होंने कहा कि दो सितंबर से जब लगातार घटनाएं बढ़ती चली गईं, तब भी स्वास्थ्य मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी.
स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दें – दिग्विजय सिंह
दिग्विजय सिंह ने जहरीली दवा से बच्चों की मौत पर स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य समिति के साथ-साथ अलग-अलग समितियां बनी हुई हैं, लेकिन इनकी कभी कोई बैठक नहीं हुई. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस राज्य स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष हैं, तो सवाल यह है कि अब तक इस समिति की बैठक क्यों नहीं हुई. इस मामले में क्या जिला कलेक्टरों ने मीटिंग ली या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए. दिग्विजय सिंह ने बताया कि 2023 में ऐसे मामलाें में सजा खत्म कर केवल जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया, जिसमें 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है. दिग्विजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि 945 करोड़ रुपये फार्मा कंपनियों से चंदे के रूप में लिए गए हैं. उन्होंने दोहराया कि 945 करोड़ रुपये फार्मा कंपनियों से चंदा लिया गया, और इसी फार्मा फंडिंग के चलते नियामक संस्थाएं अपना काम सही तरीके से नहीं कर पा रही हैं.
प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
दिग्विजय सिंह ने कहा कि इन लापरवाहियों के कारण देश को हर साल लगभग 52 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि एक भी सरकारी टेस्टिंग लैब मौजूद नहीं है, और दवाओं की जांच निजी लैब में कराई जा रही है. सिंह ने कहा कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी और शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दी है.
भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: इंदौर में थाना प्रभारी और ASI का हुआ डिमोशन, पहुंचे आरक्षक पद पर
25 Oct, 2025 04:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर। इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने भ्रष्टाचार के गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मियों को पदावनत (डिमोट) कर दिया है. यह कार्रवाई करीब दो साल चली विभागीय जांच के बाद की गई है. मामला एमआईजी थाना क्षेत्र का है, जहां वर्ष 2022 में एक महिला ने रवि नामक व्यक्ति पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था. जांच में सामने आया कि कारोबारी से थाना प्रभारी अजय वर्मा और एएसआई धीरज शर्मा ने मामले को दबाने और समझौता करवाने के लिए बीस लाख रुपए की रिश्वत ली थी.
पुलिसकर्मियों का हुआ डिमोशन
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस विभाग ने इस पूरे प्रकरण की आंतरिक जांच शुरू की, जो लगभग दो वर्षों तक चली. जांच रिपोर्ट में दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए. इसके बाद पुलिस कमिश्नर ने सख्त कदम उठाते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी अजय वर्मा को उनके वर्तमान पद से घटाकर दो साल के लिए सब-इंस्पेक्टर बना दिया, जबकि एएसआई धीरज शर्मा को पांच साल के लिए आरक्षक के पद पर पदावनत (डिमोट) किया गया. जानकारी के अनुसार, 3 मार्च 2022 को कॉन्स्टेबल गोविंद द्विवेदी के जरिए महिला का आवेदन थाने पहुंचा था, जिसे टीआई अजय वर्मा और एएसआई धीरज शर्मा को मार्क किया गया. उन्होंने कानूनी प्रक्रिया अपनाने के बजाय सीधे व्यापारी को थाने बुलाकर दबाव बनाया कि अगर मामला यहीं सुलटा दिया जाए तो महिला रिपोर्ट दर्ज नहीं करेगी. व्यापारी ने डरकर बीस लाख रुपए दे दिए, जिसके बाद मामले को वहीं दबा दिया गया. शिकायत मिलने के बाद एसीपी भूपेंद्र सिंह ने जांच की, जिसमें पता चला कि महिला की शिकायत फर्जी थी और पुलिसकर्मियों ने साजिश के तहत व्यापारी से धनराशि वसूली थी. इसके बाद मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा और पुलिस कमिश्नर ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी पाए गए दोनों अधिकारियों को पदावनत (डिमोट) कर दिया.
भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई कार्रवाई
कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जनता के भरोसे को बनाए रखना पुलिस की पहली जिम्मेदारी है, और जो अधिकारी इस विश्वास से खिलवाड़ करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. यह कार्रवाई इंदौर पुलिस में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है. बीते 15 दिनों में यह पांचवां मामला है जब कमिश्नर ने भ्रष्ट आचरण में लिप्त पुलिसकर्मियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. इससे पहले भी कई एएसआई और एसआई को बर्खास्त या डिमोट किया जा चुका है. इस घटनाक्रम ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है और इसे ईमानदारी व पारदर्शिता की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है.
रेसलर-एक्टर सौरभ गुर्जर का दर्द छलका, बोले—‘जाम में फंसकर थक गया हूं, अब क्या पलायन करूं?’
25 Oct, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डबरा। डबरा कृषि उपज मंडी में धान की भारी आवक के कारण शुक्रवार को पूरे शहर में फिर से जाम की स्थिति बन गई. मंडी गेट के सामने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे जेल रोड सहित कई इलाकों में यातायात ठप हो गया. शहर के लोगों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा.
रेसलर सौरभ गुर्जर ने शेयर किया वीडियो
इस बीच, फिल्म अभिनेता और डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलर सौरभ गुर्जर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने बताया कि वे शुक्रवार देर रात इंदौर से डबरा लौट रहे थे, लेकिन हरिपुर और जेल रोड दोनों जगहों पर जाम में फंस गए. सौरभ ने सुबह करीब 4 बजे फेसबुक पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रशासन की लापरवाही के कारण लोगों को कई-कई घंटे परेशान होना पड़ रहा है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा ”डबरा से पलायन ही करना पड़ेगा क्या अब”
डबरा कृषि उपज मंडी ए ग्रेड मंडियों में शामिल
गौरतलब है कि डबरा की कृषि उपज मंडी प्रदेश की ए ग्रेड मंडियों में शामिल है, जहां प्रतिदिन हजारों ट्रॉलियां धान लेकर पहुंचती हैं. हर साल इस सीजन में इसी तरह के हालात बनते हैं, लेकिन प्रशासन की तमाम तैयारियों के बावजूद जाम की समस्या जस की तस बनी रहती है. इस बार भी अधिकारियों ने व्यापारियों और किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर रोडमैप तैयार किया था, मगर उस पर अमल नहीं किया गया. दीपावली के बाद पहले ही दिन सड़कों पर लगे लंबे जाम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं.
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