मध्य प्रदेश
प्रकृति के प्रति आस्था ही हमें जीवन का सच्चा अर्थ सिखाती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
28 Oct, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रकृति के प्रति आस्था ही हमें जीवन का सच्चा अर्थ सिखाती है। भारतीय संस्कृति ने सदैव प्रकृति के साथ सामन्जस्य से जीने की परम्परा अपनाई है। दुनिया के कई देश प्रकृति का दोहन कर रहे हैं पर भारत ने सदियों से प्रकृति का पोषण किया है। उपभोग प्रधान जीवन शैली वर्तमान के जलवायु संकट को बढ़ाती है जबकि उपयोग से पहले संरक्षण की समझ और भोग से पहले योग का संतुलन ही भारतीय संस्कृति का सार है। भोपाल प्रकृति और प्रगति का अनूठा संगम है। प्राकृतिक सुंदरता और जैव-विविधता सहेजे इस सुंदर शहर में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कार्यशाला का आयोजन शहर की विशेषता के अनुरूप है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण और जीवन शैली-जलवायु परिवर्तन और सतत विकास वैचारिक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य नीति आयोग, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और ऐप्को के संयुक्त तत्वावधान में मानव संग्रहालय में आयोजित संगोष्ठी का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। नर्मदा समग्र, सिकोईडिकोन, पैरवी और राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, कार्यक्रम के सह आयोजक हैं। जलवायु परिवर्तन के समाधान में राज्यों की भूमिका पर विचार विमर्श और व्यक्ति-समाज एवं सरकारों की सहभागिता से सतत विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य है। उल्लेखनीय है कि जल, जंगल, जमीन, जैव विविधता और मानव जीवन के पहलुओं को प्रभावित कर रहे जलवायु संकट पर ब्राजील में नवंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन होगा। वैचारिक संगोष्ठी में प्राप्त सुझाव और विचार, ब्राजील के सम्मेलन में साझा किए जाएंगे। मध्यप्रदेश, इस चर्चा को आरंभ करने वाला भारत का पहला राज्य है। लिविंग द राइट वे की थीम पर आधारित संगोष्ठी में पर्यावरण और जीवन शैली, जलवायु और सतत विकास के बीच संबंधों का सुदृढ़ीकरण और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्यों की भूमिका जैसे विषयों पर विचार विमर्श हो रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण जीवन शैली का हिस्सा बनना चाहिए। राज्य सरकार प्रदेश में ग्रीन कव्हरेज बढ़ाने, वेटलैंड संरक्षण, जलस्रोतों के पुनर्जीवन और हरित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित हो रही हैं। प्रदेश के 32 लाख किसानों को सोलर पम्प उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज की यह संगोष्ठी मानवता के अस्तित्व, धरती के संतुलन और आने वाली पीढ़ियों से जुड़ा है। हमें स्थानीय सोच को वैश्विक समाधान से जोड़ने और विकास तथा पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि, शासकीय अधिकारी और संचार माध्यमों से जुड़े प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
मिशन वात्सल्य’—हर बच्चे के सुरक्षित और उज्जवल भविष्य की दिशा में ठोस कदम
28 Oct, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने मंगलवार को ‘मिशन वात्सल्य’ योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि मिशन वात्सल्य केवल एक योजना नहीं, बल्कि हर बच्चे के उज्जवल भविष्य की हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राज्य का कोई भी बच्चा असुरक्षित या असहाय न रहे, और हर बच्चे को शिक्षा, संरक्षण और सम्मान का अधिकार मिले।
दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को और सरल, पारदर्शी व समयबद्ध बनाएं
मंत्री भूरिया ने कहा कि बच्चों के दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया को और आसान, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि होम विजिट की प्रक्रिया एक माह के भीतर पूरी कर ली जाए ताकि बच्चे शीघ्र सुरक्षित परिवारों से जुड़ सकें। मंत्री ने बताया कि दत्तक ग्रहण की संपूर्ण प्रक्रिया अब ‘CARA पोर्टल’ के माध्यम से की जा रही है और दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 के प्रावधानों के तहत ही सभी कार्यवाहियां संपादित की जा रही हैं इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है।
ऑफ्टर केयर, स्पॉन्सरशिप और बालिकाओं के भविष्य निर्माण पर विशेष निर्देश
मंत्री भूरिया ने कहा कि ऑफ्टर केयर योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान किए जाएं। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों में लिप्त किशोरों के लिए ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ की व्यवस्था हेतु भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि कंपोजिट भवन निर्माण का प्रस्ताव भी भेजा गया है, जिससे बाल देखरेख, ऑफ्टर केयर और दत्तक ग्रहण जैसी सेवाओं को एक ही परिसर में एकीकृत किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि यह मॉडल भवन तैयार होता है तो मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा जो इस प्रकार का आदर्श भवन (Ideal Building) बनाएगा। उन्होंने सुझाव दिया कि अनाथ बच्चों के लिए विशेष इंटरैक्शन प्रोग्राम और जॉब फेयर आयोजित किए जाएं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि महाराष्ट्र सरकार की तरह मध्यप्रदेश में भी अनाथ बच्चों को सरकारी सेवाओं में 1% आरक्षण देने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
आयुक्त महिला बाल विकास निधि निवेदिता ने कहा कि दत्तक ग्रहण की टाइमलाइन एक माह में निर्धारित की जाए तथा होम विजिट और लीगल प्रोसेस को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए।उन्होंने बताया कि स्पॉन्सरशिप योजना के तहत विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता माताओं के बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए फील्ड अधिकारियों को लक्ष्य आधारित मैपिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
निधि ने कहा कि ऑफ्टर केयर योजना के बच्चों को अभी से कैरियर गाइडेंस और ट्रेनिंग दी जाए तथा बालिकाओं को शिक्षा और पुलिस भर्ती में 33% आरक्षण का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने सभी सीडीपीओ, डीपीओ, सुपरवाइजर और एडी को नियमित मैदानी निरीक्षण (Field Visit) करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
08 बाल देखरेख संस्थाओं को बंद करने के प्रस्ताव
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में इंदौर जिले के 2 बालिका गृह तथा खंडवा, बुरहानपुर, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम जिलों के 1-1 बालक गृह, साथ ही नर्मदापुरम जिले के 2 खुले आश्रय गृह इस प्रकार कुल 08 बाल देखरेख संस्थाओं को बंद करने के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
इन संस्थाओं में फिलहाल कोई बालक या बालिका निवासरत नहीं है। संबंधित जिलों से संस्थाओं को बंद करने की कार्यवाही के लिए प्रस्ताव मंत्रालय को भेजे गए हैं। मंत्री भूरिया ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बंद की जा रही संस्थाओं के अंतर्गत कोई भी बच्चा असुरक्षित स्थिति में न रहे तथा प्रत्येक बच्चे के पुनर्वास की प्रक्रिया नियमानुसार पूर्ण हो।
बैठक में बाल संरक्षण, दत्तक ग्रहण, ऑफ्टर केयर, स्पॉन्सरशिप और संस्थागत देखरेख से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
सरलता, निश्चलता, क्षमता और योग्यता के बल पर संपूर्ण भारत में बिहारवासीयों ने बनाई अपनी पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
28 Oct, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वांचल और पूर्वोत्तर के अद्भुत छठ महापर्व की प्रदेशवासियों को मंगलकामनाएं और बधाइयां देते हुए कहा कि छठ मैया का महापर्व वैज्ञानिक पद्धति आधारित होकर सूर्य और जल की उपासना का पर्व है। भगवान सूर्यनारायरण सम्पूर्ण सृष्टि को ऊर्जा देकर सृष्टि का संचालन करते है, वही जल से ही जीवन की उत्पत्ति हुई है। छट व्रत हमें आत्म नियंत्रण, संयम और आत्मबल प्रदान करता है। अस्त और उदय होते हुए सूर्य का पूजन करने वाले इस पर्व की बात ही निराली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय स्थित विक्रम सरोवर पर मंगलवार को आयोजित छठ पूजन में शामिल होने के बाद श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की बिहार भारत की दिशा तय करता है। बिहार पर परमात्मा का विशेष आशीर्वाद है। बिहार बुद्ध और महावीर की भूमि भी है, जिन्होंने अपने ज्ञान से देश ही नहीं संपूर्ण दुनिया को दिशा प्रदान है। सबसे ज्यादा आईएएस, आईपीएस किसी राज्य से निकलते हैं तो वह बिहार है। सरलता, निश्चलता, क्षमता और योग्यता के बल पर संपूर्ण भारत में बिहारवासी अपनी पहचान बनाते है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की मध्यप्रदेश से बिहार का संबंध आदिकाल से रहा है। मध्यप्रदेश को नदियों का मायका कहा गया है। शिप्रा मैया का जल बिहार तक चंबल मैया, यमुना मैया और गंगा मैया के माध्यम से पहुंचता है। अमरकंटक से निकली सोन नदी गंगा मैया के माध्यम से बिहार पहुंचकर वहां समृद्धि फैलाती है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की माताओं और बहनों द्वारा देश , प्रदेश और परिवार की समृद्धि के लिए छठी मैया का व्रत रखा जाता है। माताओं और बहनों का त्याग कुटुंब और परिवार की एकता को कायम रखता है। हमारी संस्कृति मातृ शक्ति आधारित संस्कृति है, हमारे देश को "भारत माता" माना गया है। माताएं और बहनें अपने परिवार में सभी कष्ट सहकर भी पूरे परिवार की सेवा कर मंगल की कामना करती है। माताएं और बहने सबसे बड़ी योद्धा होती है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की एकता में सभी पर्व और त्यौहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। माता और बहनों का त्याग ही हमारे देश को "अखंडता" और "अनेकता में एकता" के सूत्र में पिरोता है। कुटुंब परंपरा का यह पर्व लाखों सालों से चलता आया है। छठ मैया का यह पर्व माता सीता से भी जुड़ता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना है। वही सीतामढ़ी में भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 800 करोड़ की लागत से भव्य मंदिर बनाया जा रहा है। माता सीता का जीवन संपूर्ण भारत के लिए प्रेरणा स्त्रोत है वो राजकुमारी होकर भी वन में गई। राम राज्य की अवधारणा भी माता सीता के संकल्प से पूर्ण हुई।
उज्जैन स्थित विक्रम सरोवर पर मिथिला घाट निर्माण की दी सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. यादव विक्रम सरोवर पर छठ पूजन किया और श्रद्धालुओं से चर्चा कर छठ महापर्व की मंगलकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की विक्रम सरोवर सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम सरोवर पर मिथिला घाट के निर्माण की घोषणा की।
कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सरकार की सफलता कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
28 Oct, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार की सफलता कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं है। प्रदेश के विकास में अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। शासकीय कर्मचारियों के चेहरे की खुशी ही हमारे विकास का आधार है। कर्मचारी प्रदेश के सच्चे कर्मयोगी हैं जो प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है। कर्मचारियों के कल्याण के कार्यों के लिए राज्य सरकार सदैव तत्पर है। राज्य शासन ने 1 जनवरी 2005 को या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना लागू करने के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया है, इससे पेंशन की विसंगतियों को दूर करने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार सभी वर्गों का समान रूप से ध्यान रख रही है। विभिन्न कर्मचारी संवर्गों की वेतन विसंगति, ग्रेड पे, पदनाम परिवर्तन के लिए सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मलित कर नया आयोग बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जन सामान्य के कार्यो का त्वरित रूप से निराकरण और अपने कर्त्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता, शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों का दायित्व है। शासन-प्रशासन परस्पर सहयोग से प्रदेश को तेज गति से सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य कर्मचारी संघ द्वारा मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित दीपावली मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीपावली मिलन समारोह के अयोजन पर प्रसन्न्ता व्यक्त की।
नई भर्ती आरंभ कर 2 लाख नए पद सृजित किए जाएंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए राज्य सरकार ने 9 साल से लंबित हाउस रेंट अलाउंस का निराकरण कराया है। सरकार की मंशा है कि सभी पात्र अधिकारी-कर्मचारियों के प्रमोशन हों लेकिन प्रकरण अभी कोर्ट में लंबित है। हमें विश्वास है कि प्रदेश के लगभग 4 लाख अधिकारी-कर्मचारियों को जल्द ही पदोन्नति का लाभ मिलेगा। साथ ही नई भर्ती आरंभ कर 2 लाख नए पद भी सृजित किए जाएंगे। यूपीएससी की तर्ज पर एक परीक्षा कराई जाएगी, जिससे अलग-अलग पदों को भरने के लिए कई परीक्षाएं न कराना पड़े। पुलिस भर्ती में तेजी लाने के लिए पुलिस भर्ती बोर्ड बनाया जा रहा है। पुलिस विभाग में 20 हजार पद भरे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों के 476 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं के 19,504 नए पदों पर पहली बार डिजिटल पद्धति से भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही हैं।
कर्मचारियों के हित में जल्द ही निर्णय लेगी राज्य सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के समान राज्य कर्मचारियों को भी 55 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ दिया है और एरियर का भुगतान भी 5 समान किस्तों में जून से अक्टूबर 2025 तक कर्मचारियों को किया जा चुका है। जल्द ही राज्य सरकार के दो साल पूरे होने जा रहे हैं कर्मचारियों के हित में हर संभव निर्णय लिए जाएंगे। अब तक कर्मचारियों को स्मार्ट सिटी परियोजना के 366 आवास आवंटित किए जा चुके हैं। नए 300 से अधिक आवास भी बनकर तैयार हैं जल्द ही इन्हें सिंगल क्लिक के माध्यम से अधिकारियों-कर्मचारियों को आवंटित किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को भी जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ देने की स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छठ पर्व की बधाई और मंगलकामनाएं भी दीं।
कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह, मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत श्रीवास्तव,प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह सहित विभिन्न कर्मचारियों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
भारिया, बैगा एवं सहरिया समुदाय के घरों के विद्युतीकरण के लिए 78 करोड़ 94 लाख रुपये का अनुमोदन
28 Oct, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) अंतर्गत प्रदेश में PVTG समूहों यथा भारिया, बैगा एवं सहरिया समुदाय के घरों के विद्युतीकरण के लिए विद्युत वितरण कंपनियों की अतिरिक्त कार्ययोजना द्वितीय चरण का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
स्वीकृति अनुसार प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) के अंतर्गत अतिरिक्त 18 हजार 338 अविद्युतीकृत PVTG घरों के विद्युतीकरण के लिए विद्युत अधोसंरचना विस्तार के लिए लगभग 78 करोड़ 94 लाख रुपये की द्वितीय चरण की कार्ययोजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस के लिए 60 प्रतिशत राशि 47 करोड़ 36 लाख रूपये केन्द्र शासन से अनुदान प्राप्त होगा व शेष 40 प्रतिशत राशि 31 करोड़ 58 लाख रुपये राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंशपूंजी के रूप में उपलब्ध कराई जायेगी।
पीएम जनमन अन्तर्गत प्रदेश के 24 जिलों में निवासरत भारिया, बैगा एवं सहरिया समुदाय के अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण के लिये बसाहट वार पूर्व स्वीकृत सीमा एक लाख रूपये प्रति हाउसहोल्ड को बढ़ाकर 2 लाख रुपये प्रति हाउसहोल्ड किये जाने की स्वीकृति दी गई। विद्युत कंपनियों द्वारा 2 लाख रूपये प्रति हाउसहोल्ड तक आकलित लागत से विद्युतीकरण किया जायेगा। लागत अधिक होने की स्थिति में ऊर्जा विकास निगम द्वारा एक किलोवाट क्षमता का आफ ग्रिड सोलर पैनल और बैटरी लगाकर विद्युतीकरण किया जायेगा। 211 घरों का विद्युतीकरण आफ ग्रिड प्रणाली से किया जायेगा।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) के अंतर्गत प्रदेश में 3 PVTG जनजाति, यथा भारिया, बैगा एवं सहरिया समूहों के अविद्युतीकृत घरों का विद्युतीकरण किया जा रहा है। 11 मार्च, 2024 को संपन्न मंत्रि-परिषद बैठक में योजनांतर्गत प्रथम चरण में 10 हजार 952 घरों के विद्युतीकरण के लिए लगभग 65 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिसमें से 8 हजार 752 घरों को विद्युत कनेक्शन प्रदाय किये जा चुके हैं।
132 K.V. और उससे बड़ी लाईन बिछाने के कारण क्षतिपूर्ति राशि और क्षतिपूर्ति क्षेत्रफल में वृद्धि की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा अति उच्च दाब पारेषण 132 K.V. और उससे बड़ी लाईन बिछाने के लिए किसानों को दी जाने वाली मुआवजा/क्षतिपूर्ति राशि में वृद्धि करने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार टॉवर लगाने पर दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि को 85 प्रतिशत से बढ़ाकर 200 प्रतिशत किया गया है साथ ही लाइन ट्रान्समिशन लाइन के ROW (Right of way) में आने वाली भूमि की क्षतिपूर्ति राशि को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया गया है। क्षतिपूर्ण क्षेत्रफल में टॉवर के चार पाए के अलावा सब तरफ 1-1 मीटर की अतिरिक्त वृद्धि की गयी है। भूमि का स्वामित्व किसान का ही रहेगा। टॉवर के बीच में और लाइन के नीचे की फसल किसान ले सकेगा।
केवल तार के नीचे की जमीन 132 K.V. लाईन में 7 मीटर क्षतिपूर्ण क्षेत्रफल को बढाकर कारिडोर अनुसार 28 मीटर किया गया है। उसी तरह 220 K.V. लाईन 14 मीटर में वृद्धि कर कॉरीडोर अनुसार 35 मीटर किया गया है। इसके अतिरिक्त 400 K.V. लाईन के नीचे की जमीन का क्षतिपूर्ति क्षेत्रफल 52 मीटर निर्धारित किया गया है।
बक्स्वाहा जिला छतरपुर में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड स्तर के लिए कुल 7 पदों की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा बक्स्वाहा जिला छतरपुर में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड स्तर का एक नवीन पद व उनके अमले अंतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 06 पद, इस प्रकार कुल 07 नवीन पदों का सृजन के लिए 52 लाख 46 हजार रूपये प्रति वर्ष की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के नियम 17 एवं नियम 37 में संशोधन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के नियम 17 एवं नियम 37 में संशोधन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार भोपाल से बाहर स्थानांतरण होने की स्थिति में अधिकतम 06 माह तक की अवधि के लिए शासकीय सेवक सामान्य दर पर आवास धारित कर सकेगा। सेवानिवृत्त होने की स्थिति में शासकीय सेवक 06 माह तक आवास धारण कर सकेगा। सेवानिवृत्त शासकीय सेवक प्रथम 03 माह की अवधि के लिए आवंटित आवास सामान्य दर पर धारण कर सकेगा। उक्त अवधि के अवसान उपरांत पुनः आगामी 03 माह की अवधि के लिए किराया सामान्य दर से 10 गुना दर पर आवास धारण कर सकेगा। इसके उपरांत दाण्डिक दर से किराया वसूल किया जाएगा एवं बेदखली की कार्यवाही की जायेगी। पहले केवल 3 माह तक ही शासकीय आवास धारण करने की अनुमति थी।
इसी तरह त्यागपत्र देने, सेवा से पृथक होने अथवा अन्य किन्ही कारणों से आवास रखने के लिए अनधिकृत होने पर 03 माह तक की अवधि के लिए शासकीय सेवक द्वारा सामान्य दर पर आवास धारित किया जा सकेगा। 03 माह की अवधि के अवसान पर नियमानुसार दाण्डिक किराया वसूल किया जाएगा एवं बेदखली की कार्यवाही की जायेगी।
अनधिकृत आधिपत्य के लिये नियम 37 के तहत वेतनमान के आधार पर आवास की पात्रता और लायसेंस शुल्क की दरों का निर्धारण भी संशोधित किया गया है। दाण्डिक मासिक किराया 10 गुना से बढ़कर 30 गुना किया गया है। प्रति माह 10 प्रतिशत की उत्तरोत्तर वृद्धि की जायेगी।
DA की उम्मीदों पर फिरा पानी, मोहन यादव ने बताया आखिर कब मिलेगा महंगाई भत्ता
28 Oct, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश के कर्मचारियों की महंगाई भत्ते को लेकर बंधी आस को जोरदार झटका लगा है. कर्मचारियों को फिलहाल महंगाई भत्ता मिलने की उम्मीद नहीं है. दीपावली मिलन समारोह में कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने अपनी मांगें रखीं. कर्मचारियों ने महंगाई भत्ते की मांग उठाते हुए कहा कि उम्मीद है कि मांग की पूर्ति से उनकी भी दीवाली मन जाए, लेकिन मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि पिछली बार बढ़ाए गए महंगाई भत्ते का एरियर ही अक्टूबर माह में आया है, तो मान लीजिए मन गई दीवाली. हालांकि, सीएम ने डीए को लेकर कुछ और संकेत भी दिए..
सीएम बोले कर्मचारियों की खुशी हमारी ताकत
मंत्रालय के सामने वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित कर्मचारियों के दीपावली समारोह में सीएम के संबोधन के पहले कर्मचारी संगठन ने अपनी मांगें रखीं. मुख्यमंत्री जब संबोधन के लिए खड़े हुए तो उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, '' दीपावली मिलन के लिए आए हैं वह तो ठीक है लेकिन बुलाया क्यों गया है यह समझ नहीं आया.'' सीएम ने कहा, '' सरकार कोई भी हो सरकार की सफलता की गारंटी बगैर अधिकारी कर्मचारियों के पूरी नहीं सकती. आपकी भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है. आपके चेहरे की खुशी हमारी ताकत है.''
केंद्र और राज्य के बीच DA का अंतर खत्म
सीएम ने कहा, '' राज्य सरकार ने 55 फीसदी का जो महंगाई भत्ता दिया उसने केंद्र और राज्य के कर्मचारियों के बीच का अंतर खत्म कर दिया. इसकी एरियर की राशि का भुगतान 5 समान किस्तों में दिया गया. एक किस्त अक्टूबर माह में आई होगी.'' महंगाई भत्ते पर सीएम ने कहा, '' थोड़ा इंतजार और कीजिए अभी सरकार को 2 साल भी पूरे नहीं हुए, हम यह कमिटमेंट करते हैं कि जो भी वादे किए गए हैं, वह धीरे-धीरे पूरे किए जाएंगे.''
सीएम द्वारा की गईं अन्य घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने पेंशन विसंगतियों को लेकर ऐलान किया कि इन्हें दूर करने के लिए राज्य सरकार कमेटी गठित करेगी.
अभी अलग-अलग विभागों की अलग परीक्षाएं होती हैं. हमने निर्णय लिया है कि एक ही परीक्षा कराई जाएगी और सभी तरह की भर्तियां एक साथ की जाएंगी.
सरकार पुलिस भर्ती बोर्ड भी बनाने जा रही है.
सीएम ने ऐलान किया कि वेतन विसंगतियों सहित अन्य परेशानियों को दूर करने के लिए राज्य सरकार द्वारा जल्द ही कर्मचारी आयोग का गठन किया जाएगा.
सीएम ने कहा कि कर्मचारी संगठन ही आयोग के लिए बेहतर नाम का सुझाव दे, जो सभी मामलों को गंभीरता से समझता हो.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों को 365 आवास उपलब्ध कराए गए हैं. अभी और आवास बन रहे हैं. हमने कहा है कि जितना जल्दी हो आवास बनाए जाएं और कर्मचारियों को आवंटित किए जाएं.
मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: PM आवास योजना के लिए वन टाइम पेमेंट की मंजूरी
28 Oct, 2025 07:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में मंगलवार को मोहन सरकार की कैबिनेट मीटिंग हुई. मीटिंग में कई अहम प्रस्ताव पास हुए हैं. कैबिनेट मीटिंग को लेकर नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रेस ब्रीफिंग दी. उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस के मौके पर एक नवंबर को रोजगार और कौशल विकास के साथ विजन डाक्यूमेंट में पेश किया जाएगा.
बिजली के लिए आदिवासी अंचलों में मुहैया होगा फंड
हर घर तक बिजली पहुंच जाने के लिए आदिवासी अंचलों में सरकार में फंड मुहैया करेगी. केंद्र की ओर से राशि भी मिलेगा. 211 सुदूर इलाकों में 18 हजार घरों तक 78 करोड़ की लागत से सोलर पैनल लगाए जाएंगे. खेतों में बिजली 132 केवी टावर के लिए 75 फीसदी राहत राशि दी जाती थी. अब 200 फीसदी राशि दी जाएगी. सरकार ने क्षतिपूर्ति राशि को 30 फीसदी बढ़ाया है.वहीं पीएम आवास परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए वन टाइम पेमेंट किया जाएगा. 80 करोड़ रुपए हर जिले को दिया जाएगा.
भोपाल के ड्राइवर को दिया जाएगा गार्ड ऑफ ऑनर
भोपाल में एक ऑटो ड्राइवर गणेश की मौत हो गई थी. गणेश के परिवार ने अंगदान का फैसला किया है. गणेश के अंतिम संस्कार के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा. इसके साथ ही 150वीं बिरसामुंडा जयंती वर्ष समारोह पंचायत से लेकर पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा. जो सम्मान उन्हें नहीं मिल पाया था. उनकी जीवनी के बारे में स्कूलों के सिलेबस में शामिल किया जाएगा.
वेतन विसंगति और ग्रेड पे अंतर खत्म करने को बनेगा नया कर्मचारी आयोग
28 Oct, 2025 07:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को राज्य के युवाओं और कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने घोषणा की कि अब मध्यप्रदेश में सभी सरकारी भर्तियों के लिए एक समान परीक्षा प्रणाली लागू की जाएगी। यह परीक्षा यूपीएससी (UPSC) की तर्ज पर होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी अलग-अलग विभागों में भर्ती परीक्षाएं होने से न केवल समय अधिक लगता है, बल्कि रोजगार मिलने में भी देरी होती है। अब एकीकृत परीक्षा प्रणाली से युवाओं को अवसर तेजी से मिल सकेंगे। डॉ. यादव राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य कर्मचारी संघ के दीपावली मिलन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न मांगों पर भी गंभीरता से काम किया जा रहा है।
तीन साल में पूरी होंगी पुलिस भर्तिया
सीएम ने बताया कि पुलिस विभाग में 20 हजार से अधिक रिक्त पद हैं, जिन्हें अगले तीन वर्षों में भरने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विभिन्न संवर्गों में वेतन विसंगतियों और ग्रेड पे में अंतर को दूर करने के लिए एक कर्मचारी आयोग का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी करेंगे।
प्रमोशन और भत्तों पर बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी और कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस दिशा में काम अंतिम चरण में है और जल्द ही इसका समाधान निकलेगा। महंगाई भत्ते को लेकर सीएम यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र के समान भत्ता देने के लिए प्रतिबद्ध है। अक्टूबर तक पांच समान किस्तों में एरियर देने का काम पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकारी आवासों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को जीवन ज्योति बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है। साथ ही इन पदों पर 19,504 नई भर्तियां भी की जा रही हैं।
2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए नई व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 जनवरी 2005 या उसके बाद नियुक्त हुए कर्मचारियों के लिए नई पेंशन व्यवस्था (NPS) को लेकर एक कमेटी गठित की गई है, जो जल्द अपनी रिपोर्ट देगी।
नौ साल बाद मिला हाउस रेंट अलाउंस
डॉ. यादव ने कहा कि कर्मचारियों के हाउस रेंट अलाउंस (HRA) का भुगतान नौ साल से लंबित था, जिसे उनकी सरकार ने पूरा किया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के चेहरों की मुस्कान हमारी ताकत है। वे ही सरकार की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने का कार्य करते हैं।
कर्मचारियों ने सौंपा मांग पत्र
कार्यक्रम के दौरान राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा। इसमें कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु समान करने, महंगाई भत्ता बढ़ाने और शिक्षकों की वरिष्ठता नियुक्ति तिथि से तय करने जैसी प्रमुख मांगें रखी गईं।
SIR विवाद पर गरमाई सियासत, रामेश्वर शर्मा बोले – कांग्रेस संविधान विरोधी पार्टी
28 Oct, 2025 03:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में SIR मामले पर सियासत तेज हो गई है. कल चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से ही इस मुद्दे कांग्रेस पार्टी और कई विपक्षी दल टिप्पणी करते नजर आ रहे है. ऐसे में इस मामले में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग ने दावा और आपत्ति की तारीख खत्म कर दी है. उन्होंने कहा कि दावे और आपत्तियों के लिए समय देना चाहिए. जो 18 साल के हो चुके हैं, उनके नाम भी जोड़े जाने चाहिए. वरना उनके नाम भी खत्म हो जाएंगे. पीसी शर्मा ने कहा कि पहले भी बिहार में फर्जी तरीके से 68 लाख लोगों के नाम काटे गए थे. चुनाव आयोग को मध्य प्रदेश में भी इस बात की तस्दीक करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी ने भी इस मामले पर मीटिंग ली थी. हर विधानसभा में एक-एक पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं और पीसीसी में भी मीटिंग हो चुकी है.उन्होंने यह भी कहा कि अगर मतदाता सूची को आधार कार्ड से लिंक किया जाए, तो समस्या खत्म हो जाएगी और यही हमारी मांग है.
कांग्रेस संविधान विरोधी : रामेश्वर शर्मा
वहीं, मामले पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जीतू पटवारी हों या कांग्रेस के अन्य नेता, ये सभी संविधान विरोधी हैं और निर्वाचन आयोग के भी खिलाफ हैं.उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग अपनी मंशा के अनुसार सही काम कर रहा है. सभी नामों का सत्यापन होना चाहिए. उन्होंने कहा कि नए नाम जोड़े जाएं और जो लोग अब नहीं रहे या जिनका स्थान बदल गया है, उनके नाम हटाए जाने चाहिए. विधायक ने आगे कहा कि लोग शहर, जिला या गांव बदलते हैं, तो उनके नाम नहीं बदले जाने चाहिए क्या? रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कई नाम फर्जी भी होते हैं. कुछ बांग्लादेशी या पाकिस्तान के नागरिक भी हो सकते हैं, जो भारत के लिए खतरा हैं. इस मामले में राजनीति नहीं की जानी चाहिए.
कोर्ट का सख्त रुख: अदनान सामी की टीम पर 17.62 लाख न लौटाने का आरोप
28 Oct, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर। ग्वालियर में मशहूर गायक अदनान सामी एक कानूनी विवाद में फंस गए हैं। उनके खिलाफ शहर की निवासी लावन्या सक्सेना ने 17.62 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। यह मामला वर्ष 2022 का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, लावन्या सक्सेना ने अदनान सामी की टीम को एक संगीत कार्यक्रम के लिए 33 लाख रुपये में बुक किया था। समझौते के अनुसार, उन्होंने 17 लाख 62 हजार रुपये एडवांस के रूप में भुगतान भी कर दिया था। कार्यक्रम 27 सितंबर 2022 को होना था, लेकिन गायक की टीम ने अचानक शो रद्द करते हुए बाद में आयोजन करने की बात कही। लावन्या के अनुसार, जब उन्होंने एडवांस राशि वापस मांगी तो गायक की टीम ने लौटाने से इनकार कर दिया। इस पर उन्होंने इंदरगंज थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस अधीक्षक से संपर्क करने के बाद भी राहत न मिलने पर उन्होंने जिला न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अधिवक्ता अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि न्यायालय ने इस मामले में इंदरगंज थाना पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। वहीं, अदनान सामी की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
एडवांस के तौर पर लिए थे पैसे
हाईकोर्ट ग्वालियर के वकील अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि अदनान सामी का एक कार्यक्रम ग्वालियर में कराया जाना था. जिसकी फीस 33 लाख रुपए थी. सामी के खाते में लावन्या सक्सेना द्वारा एडवांस के तौर पर 17 लाख 62 हजार रुपये का भुगतान किया था. बाकि बची राशि कार्यक्रम के बाद देना तय हुआ था. लेकिन कार्यक्रम के कुछ ही दिन पहले उन्होंने अचानक से रद्द करते हुए कहा कि बाद में आयोजन करा लीजिए.
पुलिस से नहीं मिली मदद
उन्होंने बताया कि जब एडवांस दिए गए पैसे वापस करने के लिए कहा गया तो उनकी टीम ने मना कर दिया. इसके बाद इंदरगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई लेकिन वहां कोई कार्रवाई नहीं हुई. कार्रवाई नहीं होने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक से भी संपर्क किया गया लेकिन वहां भी कोई मदद नहीं मिली. जिसके बाद कोर्ट की शरण लेनी पड़ी. यह पूरा मामला साल 2022 का है. हालांकि इस मामले को लेकर अभी तक सिंगर अदनान सामी की ओर से कोई आधिकारिक रूप से प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. बता दें, अदनान सामी का जन्म पाकिस्तान में हुआ था. वे 2016 में भारतीय नागरिक बने हैं. ‘तेरा चेहरा’ गाना के बाद सुर्खियों में आए थे.
नर्मदापुरम में तांत्रिकों जमघट, 200 साल पुराने मढ़ई मेले में तंत्र साधना, पैदल चली मिट्टी की मूर्ति
28 Oct, 2025 12:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नर्मदापुरम: दीपावली के बाद भाई दूज पर सोहागपुर तहसील में अद्भुत मेला लगता है. यहां पर दूर-दराज के अलग-अलग स्थानों से तांत्रिकों का जमावड़ा लगता है. इस मेले में करीब 200 तांत्रिक एकत्रित होते हैं, जो तंत्र की देवी गांगो की परिक्रमा कर लोगों की खुशहाली की दुआ मांगते हैं. यहां तांत्रिक अपने अपने निशान के रूप में मोर पंख की ढाल लेकर आए थे. सभी ढालों को पारंपरिक तरीके से सजाकर गांगो देवी के पास लाकर उनकी पूजा की गई. इसके अलावे आदिवासी गीत संगीत नृत्य का दौर भी चलता रहा.
200 सालों से जुट रहे तांत्रिक
मढ़ई मेले के रूप में पहचान रखने वाला यह मेला आदिवासी वर्ग के लोगों की आस्था का विशेष केंद्र है. यहां आदिवासी वर्ग के लोग बड़ी संख्या में आकर अपनी समस्याओं का समाधान तांत्रिकों के माध्यम से करते हैं. सोहागपुर के सुखराम कोरी अपने पूर्वजों द्वारा शुरू किए गए मढ़ई मेले की 200 वर्ष पुरानी परंपरा को याद करते हुए कहते हैं कि "हम आज भी उसी परंपरा को बनाए हुए हैं, जो हमारे पूर्वजों ने लोगों की विभिन्न समस्याओं का समाधान करने के लिए शुरू की थी."
यहां भी लगाता है तांत्रिक मेला
यहां आने वाले लोगों का मानना है कि "तंत्र-मंत्र से जुड़ी जो भी परेशानी होती है उसका समाधान यहां आकर हो जाता है. सोहागपुर के अलावा अलग-अलग तिथियों में बनखेड़ी, पिपरिया सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी मढ़ई मेला लगता है. लेकिन सोहागपुर का मेला क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है. इस मेले की खास बात यह है कि यहां आसपास से बड़ी संख्या में तांत्रिक अपनी तंत्र विधा की देवी की पूजा करने और उसकी परिक्रमा करने पहुंचे हैं.
तांत्रिकों ने की तंत्र साधना
यहां तांत्रिकों को स्थानीय भाषा में पडियार कहा जाता है. नर्मदापुरम के आदिवासी अंचल और खासकर जंगलों के आसपास बसे ग्रामीण क्षेत्रों में तंत्र विधा को जानने वालों की संख्या काफी है. जिसके चलते ये सभी आदिवासी तांत्रिक इस मेले में शामिल होकर देवी के सामने आकर अराधना करते हैं. अपने अपने निशान के रूप में ढाल लेकर आते हैं, जिसे एक बांस में मोर पंखों को सजा कर बनाया जाता है.
यह है तांत्रिक मेले की पौराणिक कहानी
पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष संतोष मालवीय ने कहा कि सोहागपुर क्षेत्र में कविंदतियां प्रचलित हैं कि "भगवान शिव के गण भीलट देव और तंत्र की देवी गांगो दोनों तंत्र विधा में माहिर थे. एक समय दोनों आपस में ही अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने लगे, जिसमें तंत्र की देवी गांगो ने भीलट देव को तंत्र विधा के दम पर बैल बना दिया. शिव जी ने दोनों को आपस में लड़ता देख समझाया और कहा कि तुम दोनों भाई बहन हो, आपस में लड़ना बंद करो.
भगवान शिव ने गांगो को आर्शीवाद देकर कहा कि आज से सभी तंत्र के देवता और गण भाई दूज के दिन तुम्हारी पूजा करके परिक्रमा करेंगे. तभी से तंत्र के जानने वाले पडियार गांगो माता की पूजा करते हैं. तांत्रिकों के मेले में जितने भी तांत्रिक यानि पडियार शामिल होते हैं, वे अपनी निशानी लेकर जरूर आते हैं."
भीलट देव के निशान के बाद होती है पूजा
इस मेले में तंत्र की देवी की पूजा और परिक्रमा तब तक शुरू नहीं होती है, जब तक भीलट देव का निशान वहां नहीं आ जाता. भीलट देव का निशान एक बांस में लोटा बांधकर बनाया जाता है और बाकी तांत्रिक गण अपने निशान बांस में मोर पंख बांधकर बनाते हैं. ग्रामवासी विवेक ने बताया कि "हमारे पूर्वजों ने इस देवी की प्रतिमा को शोभापुर के राजा से जीता था, जिसे सुखराम के पूर्वज मिट्टी की प्रतिमा को पैदल चला कर अपने तंत्र शक्ति के बल पर लाए थे."
न क्लिक न OTP, सिर्फ एक कॉल और खाते से उड़ गए 6.58 लाख रुपए
28 Oct, 2025 11:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रीवा। मऊगंज (Mauganj) से साइबर अपराध (Cyber Crime) का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वार्ड क्रमांक 7 चक्रभाठी निवासी गल्ला व्यापारी मानिक लाल गुप्ता (Manik Lal Gupta) के बैंक खाते (Bank Account) से 6 लाख 58 हजार रुपये की ठगी (Fraud) कर ली गई। वो भी बिना किसी ओटीपी या बैंक डिटेल साझा किए। पीड़ित मानिक लाल गुप्ता के अनुसार, शनिवार शाम उन्हें 9960494075 नंबर से एक वॉट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताते हुए कहा कि “आपके खाते का प्रमाणीकरण किया जा रहा है, खाता 24 घंटे में दोबारा चालू हो जाएगा, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद उनके खाते से आठ ट्रांजेक्शन में कुल ₹6.58 लाख रुपये उड़ गए।
व्यापारी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने न तो कोई ओटीपी बताया, न किसी लिंक पर क्लिक किया, इसके बावजूद ठगी हो गई। विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला एडवांस टेक्निकल हैकिंग तकनीक से जुड़ा हो सकता है। पीड़ित ने तुरंत मऊगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी की पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस साइबर सेल की मदद से ठगों के मोबाइल नंबर और बैंक खातों की ट्रेसिंग कर रही है।
मालगाड़ी में ओवरलोड कोयला बिजली के तार से टकराया, जमकर हुए धमाके
28 Oct, 2025 09:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अनूपपुर। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के अनूपपुर रेलवे स्टेशन (Anuppur Railway Station) में सुबह बड़ा हादसा टल गया। यहां चलती मालगाड़ी (Goods Train) में कई विस्फोट (Explosion) हुए। इससे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। इस वजह से कई ट्रेनों का संचालन भी बाधित हुआ। दुर्घटना कोयला (Coal) ओवरलोड होने के कारण हुई। जानकारी के अनुसार अनूपपुर रेलवे स्टेशन में बिलासपुर की ओर से कटनी की ओर जा रही एक मालगाड़ी, जिसमें ओवरलोड कोयला होने के कारण ऊपर फैली हाई टेंशन लाइन में छू गई। इस कारण से स्टेशन परिसर पर ही विस्फोट होने लगा और चारों ओर बिजली की चिंगारी दिखाई देने लगी।
बताया जा रहा है कि जिस दौरान यह घटना घटी उसी दौरान स्टेशन परिसर के प्लेटफार्म नंबर एक में रीवा चिरमिरी पैसेंजर खड़ी हुई थी और यात्री भी वहीं पर आवागमन कर रहे थे। गनीमत रही की मालगाड़ी दूसरी पटरी पर गुजर रही थी। इस वजह से कोई हताहत नहीं हुआ। घटना का वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में गाड़ी के ऊपर तेज चिंगारी आग के रूप में चारों ओर फैलती हुई दिखाई दे रही है। हालांकि, आनन-फानन में रेल कर्मियों ने कोयले से ओवरलोड मालगाड़ी को प्लेटफार्म नंबर 4 के अतिरिक्त यार्ड में खड़ा कर दिया।
कार्तिक माह में नगर भ्रमण पर निकले बाबा महाकाल, मनमहेश रूप में भक्तों को दिए दर्शन
28 Oct, 2025 08:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उज्जैन: हर साल श्रावण-भाद्रपद माह की तरह महाकालेश्वर भगवान कार्तिक-अगहन माह में भी नगर भ्रमण पर निकलते हैं. इसी क्रम में 27 अक्टूबर यानि सोमवार को बाबा महाकाल रजत पालकी में सवार नगर भ्रमण पर निकले. सवारी के पहले दिन बाबा ने मनमहेश रूप में भक्तों को दर्शन दिए. खास बात यह भी है पहली बार सवारी में महाकालेश्वर मंदिर का बैंड शामिल हुआ. सवारी निकलने से पहले बाबा का विधि-विधान से पूजन-अर्चना किया गया. इसके बाद शासकीय पुजारी घनश्याम शर्मा, कलेक्टर, एसपी और मंदिर प्रशासक ने पालकी उठाई.
शाम को जनता का हाल जानने निकले भगवान
सोमवार शाम 4 बजे जैसे ही सवारी मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंची. पालकी में विराजित भगवान मनमहेश को पुलिस के जवानों द्वारा सलामी यानि गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके बाद भगवान मनमहेश अपनी प्रजा का हाल जानने भ्रमण पर निकले. भगवान की सवारी में पहली बार महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा संचालित महाकालेश्वर बैंड भी सम्मिलित हुआ.
कार्तिक माह की पहली सवारी विधिवत पूजन- अर्चन के बाद महाकालेश्वर मंदिर से गुदरी चैराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी होते हुए क्षिप्रा के रामघाट क्षिप्रा तट पहुंची. जहं पर भगवान मनमहेश का मां क्षिप्रा के जल से पूजन किया गया. पूजन के बाद सवारी रामघाट से गणगौर दरवाजा, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चैक, खाती का मंदिर, सत्य-नारायण मंदिर, ढाबा रोड, छत्री चैक, गोपाल मंदिर पहुंची. गोपाल मंदिर पर पूजा के बाद सवारी पटनी बाजार, गुदरी चैराहा होते हुए महाकालेश्वार मंदिर लौटी.
पलक पावड़े बिछाए भक्त इंतजार करते आए नजर
भगवान मनमहेश की सवारी के मार्ग में भक्त पलक पावड़े बिछाकर इंतजार करते नजर आए. भगवान की एक झलक पाने, भगवान के ऊपर फूलों की बारिश करने के लिए लालायित दिखे. सवारी में आगे-आगे तोपची कड़ाबीन के माध्यम से राजाधिराज के आगमन की सूचना भक्तों को दी गई. सवारी में मंदिर के पुजारी, पुरोहित, पुलिस बैंड, घुडसवार दल, सशस्त्रस पुलिस बल के जवान, भजन मंडलियां और जनता भगवान का गुणगान करते चल रहे थे.
कब कब निकलना है सवारी?
महाकालेश्वर भगवान की कार्तिक व अगहन (मार्गशीर्ष) माह में निकलने वाली सवारियां इस प्रकार रहेगी. खास बात यह है 3 नवंबर को 2 सवारी निकलेगी. जानिए कैसे...
पहली सवारी - 27 अक्टूबर
दूसरी सवारी - 03 नवंबर शाम 04 बजे
तीसरी सवारी - 03 नवंबर रात 12 बजे हरिहर मिलन
चौथी सवारी - 10 नवंबर
पांचवी व राजसी सवारी - 17 नवंवर 2025 को निकाली जाएगी.
डॉक्टरों तक दवा पहुंचाने वाला फार्मा कंपनी का MR गिरफ्तार, SIT करेगी कमीशन नेटवर्क की जांच
28 Oct, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिंदवाड़ा। जहरीले कफ सिरप (Cough Syrup) से हुई मौतों के मामले में पुलिस (Police) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। सन फार्मा कंपनी (Sun Pharma Company) के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (Medical Representative) सतीश वर्मा (Satish Varma) को परासिया पुलिस ने उसके घर से गिरफ्तार किया। सतीश वर्मा पर आरोप है कि उसने डॉक्टरों को कमीशन देकर कंपनी की दवाइयां मरीजों को लिखवाने का दबाव बनाया था।
अब मामले की जांच विशेष जांच टीम (SIT) के पास है। टीम यह पता लगाएगी कि किन डॉक्टरों को कमीशन दिया गया। किनके माध्यम से दवाई की सप्लाई की गई। कंपनी ने कैसे जहरीली दवाइयां बाजार में पहुंचाईं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में कुछ प्रमुख निजी डॉक्टरों और मेडिकल एजेंसियों के नाम सामने आने की संभावना है।
छिंदवाड़ा पुलिस इस पूरे मामले की हर परत खोलने में जुटी है। कंपनी के मालिक, एजेंसी संचालक, डॉक्टर और अब एमआर की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और विस्तृत हो गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “सतीश वर्मा की गिरफ्तारी के बाद अब यह स्पष्ट होगा कि कमीशन की लालच में किन डॉक्टरों ने मरीजों को जहरीली दवाइयां लिखीं।”
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