राजनीति
बिहार SIR मामले पर कांग्रेस का तंज: ‘EC में सच्चाई बताने की किसी में हिम्मत नहीं’
7 Oct, 2025 03:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस (Congress) ने मंगलवार को चुनाव आयोग (Election Commission) पर फिर से हमला बोलते हुए कहा कि मतदाता सूची (Voter List) से गैर नागरिकों (Non-Citizens) को हटाने के लिए मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (Deep Revision) की जरूरत पर बल दिया गया, लेकिन चुनाव आयोग में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह देशवासियों को बता सके कि बिहार में कितने गैर नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। कांग्रेस महासचिव और पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया में समानता और पारदर्शिता की कमी है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अगर चुनाव आयोग ने यह जानकारी दी होती कि बिहार में कितने गैर-नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, तो उसकी पोल और भी ज्यादा खुल जाती। जयराम रमेश ने बताया कि बिहार विशेष गहन पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई मंगलवार से फिर शुरू हो रही है। उन्होंने एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक लेख की तस्वीर भी सोशल मीडिया पोस्ट में साझा की, जिसमें एसआईआर प्रक्रिया का विश्लेषण किया गया है। विश्लेषण में दावा किया गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप ने बड़े पैमाने पर लोगों के मताधिकार से वंचित होने की आशंकाओं को कम किया है, लेकिन एसआईआर की पूरी प्रक्रिया में सटीकता, समानता, पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
कर्नाटक में जारी सर्वे के बीच सिद्धारमैया का बड़ा बयान, लिंगायत को बताया अलग धर्म
7 Oct, 2025 11:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कर्नाटक (Karnataka) के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Chief Minister Siddaramaiah) ने लिंगायत (Lingayat) को अलग धर्म (Religion) बताया है। यह बयान विपक्ष के उन आरोपों को फिर से हवा दे सकता है कि वे वीरशैव-लिंगायत समुदाय को विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं। लिंगायत सीयर्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित बासव सांस्कृतिक अभियान 2025 के समापन समारोह में बोलते हुए सीएम ने यह बात कही। सिद्धारमैया ने कहा, ‘जाति व्यवस्था हमारे समाज में गहरी जड़ें जमा चुकी है। इस जाति व्यवस्था को उखाड़ फेंकने के लिए बासवन्ना ने एक अलग धर्म की शुरुआत की।’
यह बयान लिंगायत समुदाय के भीतर मौजूद भ्रम के बीच आया है, जो इस बात को लेकर विभाजित है कि मौजूदा सामाजिक-शैक्षिक सर्वे में खुद को एक अलग धर्म के रूप में दर्ज करना चाहिए या हिंदू धर्म के तहत एक जाति के रूप में। राज्य में विपक्षी बीजेपी वीरशैव-लिंगायतों से आग्रह कर रही है कि वे खुद को एक जाति के रूप में पहचानें और राज्य में हिंदू समुदाय को मजबूत करें। वहीं, कांग्रेस नेतृत्व इस समुदाय को एक अलग धर्म के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है।
‘मैं शूद्र हूं और मुझे…’
सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि वे लिंगायत सम्मेलन में कई मुद्दों पर ज्यादा बात नहीं करना चाहते क्योंकि वे जो भी कहते हैं, वह जल्द ही विवाद में बदल जाता है। अपने भाषण में जाति व्यवस्था पर हमला करते हुए सिद्धारमैया ने कहा, ‘मैं चातुर्वर्ण्य व्यवस्था के तहत शूद्र हूं। केवल इसलिए कि मैं शूद्र हूं, मुझे शिक्षा और समानता के अवसर से वंचित नहीं किया जा सकता। जाति किसी को बड़ा या प्रसिद्ध नहीं बनाती। ज्ञान किसी की संपत्ति नहीं है और इसे अस्वीकार नहीं किया जा सकता।’
लोहिया को भी किया याद
सिद्धारमैया ने निचली जातियों और बासवन्ना के सिद्धांतों का पालन करने वाले सभी लोगों से देश में जातिविहीन समाज सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘राम मनोहर लोहिया ने एक बार कहा था कि अगड़ी जातियों की रैलियां जाति को मजबूत करने का प्रयास हैं। लेकिन पिछड़ी जातियों और दबे-कुचले लोगों की रैलियां मजबूती नहीं, बल्कि समानता की मांग की ओर एक रैली हैं। अगर हम एक समान और मानवीय समाज चाहते हैं तो हमें इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एकजुट होना होगा।’
मनोज जरांगे की मराठा आरक्षण पर पंकजा मुंडे को चेतावनी, कहा-“भुजबल का समर्थन किया तो…”
7 Oct, 2025 10:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । महाराष्ट्र (Maharashtra) में मराठा आरक्षण (Maratha reservation) को लेकर लगी आग अभी भी भड़क रही है। इस आंदोलन का प्रमुख चेहरा बने मनोज जरांगे पाटिल (Manoj Jarange Patil) ने महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे (Minister Pankaja Munde) और पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) को ओबीसी नेता छगन भुजबल (Chhagan Bhujbal) के मराठा आंदोलन के विरोध का समर्थन न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने पंकजा और धनंजय का नाम लेते हुए कहा कि अगर वह छगन भुजबल के समर्थन में मराठा समुदाय का विरोध करते हैं तो अपने राजनीतिक पतन के लिए तैयार रहें।
मराठा आरक्षण को लेकर छगन भुजबल और मनोज जरांगे पाटिल के बीच में पिछले कुछ हफ्तों से टकराव बढ़ा हुआ है। इसी क्रम ने उन्होंने पंकजा और धनंजय को भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, “छगन भुजबल के जाल में मत फंसो। अगर आप उनका समर्थन करके मराठा समुदाय का विरोध करते हैं, तो यह आपके राजनीतिक पतन और आपके करियर को खत्म कर देगा।”
आपको बता दें, राज्य की फडणवीस सरकार ने हाल ही में मराठा समुदाय के सदस्यों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने की सुविधा के लिए हैदराबाद गजेटियर को लागू करने का प्रस्ताव जारी किया है। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने हालांकि इस फैसले को अवैध बताया है और इसे वापस लेने की मांग की है। भुजबल ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार ने विधि एवं न्यायपालिका विभाग से परामर्श किए बिना प्रस्ताव को कैसे लागू किया।
ओबीसी नेता इस मुद्दे पर आक्रामक हो गए हैं और उनका कहना है कि मराठा समुदाय को ओबीसी कोटे में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। जवाब में जरांगे पाटिल ने वडेट्टीवार और भुजबल दोनों की आलोचना की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मराठा आरक्षण का विरोध करने वालों का समर्थन करने वाले किसी भी व्यक्ति को मराठा समुदाय चुनावों में सबक सिखाएगा।
कुछ दिनों पहले पंकजा मुंडे ने भी अपनी सरकार के इस फैसले के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा था कि हम मराठा आरक्षण के विरोध में नहीं है। लेकिन यह ओबीसी वर्ग की थाली में से छीन कर नहीं दिया जाना चाहिए।
राहुल गांधी पर जमकर बरसे किरेन रिजिजू, बोले- भारत विरोधी बयान देने वाले पहले नेता हैं
7 Oct, 2025 09:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू (Union Minister Kiren Rijiju) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर लटवार किया है। कोलंबिया यात्रा (Colombia trip) के दौरान की गई टिप्पणियों को लेकर उनकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी पहले ऐसे विपक्षी नेता हैं जो विदेश जाकर देश, इसकी व्यवस्था और लोकतंत्र के विरुद्ध बोले। रिजिजू ने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी भारत से जुड़े तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं, जिससे देश की छवि को ठेस पहुंच सकती है।
देश की इज्जत दांव पर लग जाती है
मीडिया से बात करते हुए रिजिजू ने कहा कि मैंने राहुल गांधी के कोलंबिया वाले बयान को सुना। उन्होंने दावा किया कि भारत वैश्विक नेतृत्व नहीं कर सकता। यह बयान पूरी तरह गलत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कई क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व स्थापित किया है। लेकिन हमारे विपक्ष के नेता विदेश में जाकर कहते हैं कि भारत वैश्विक नेता नहीं बन सकता। समस्या तब पैदा होती है जब विदेशी लोग सोचने लगें कि भारत में सभी राहुल गांधी जैसे हैं, इससे तो देश की इज्जत दांव पर लग जाती है।
केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि हमारे देश में बुद्धिमान लोग, मजबूत नेता और सकारात्मक विचारधारा वाले नागरिक हैं। लेकिन राहुल गांधी के ऐसे बयानों से लोग यह भ्रमित हो सकते हैं कि भारत में ऐसे लोग ही बहुमत में हैं। यह सच्चाई से परे है। संसदीय कार्य मंत्री ने भाजपा की ओर से राहुल के बयानों पर की गई प्रतिक्रिया का बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्तिगत वैमनस्य से प्रेरित नहीं, बल्कि विपक्ष के नेता के रूप में उनकी जिम्मेदारी से जुड़ा मुद्दा है।
देश या सरकार के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया
उन्होंने आगे कहा कि इंदिरा गांधी, लालकृष्ण आडवाणी, अटल बिहारी वाजपेयी, सुषमा स्वराज और शरद पवार जैसे पूर्व विपक्षी नेताओं ने कभी विदेश में रहते हुए देश या सरकार के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया। जब उनसे पूछा गया कि भाजपा हमेशा राहुल गांधी की टिप्पणियों पर ही क्यों प्रतिक्रिया देती है, तो रिजिजू ने जवाब दिया कि हमारा उनसे कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है। वे विपक्ष के नेता हैं। अगर वे गैर-जिम्मेदाराना बोलते हैं, तो हमें यह स्वीकार्य नहीं लगेगा।
उन्होंने आगे कहा कि इंदिरा गांधी चुनाव हारने के बाद भी विपक्ष की नेता रहीं, लेकिन उन्होंने कभी विदेश में देश के खिलाफ कुछ नहीं कहा। उसके बाद आडवाणी, वाजपेयी, सुषमा स्वराज या शरद पवार जैसे नेताओं ने भी ऐसा नहीं किया। केंद्रीय मंत्री ने चुनौती देते हुए कहा कि मुझे एक भी विपक्षी नेता का नाम बताइए, जो भारत से बाहर जाकर देश या सरकार के खिलाफ बोला हो। राहुल गांधी पहले ऐसे नेता हैं, जो विदेश यात्रा पर जाकर देश, हमारी प्रणाली और लोकतंत्र पर प्रहार करते हैं।
कोलंबिया में क्या बोले थे राहुल गांधी
कोलंबिया के ईआईए विश्वविद्यालय में एक आयोजन के दौरान राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि भारत के समक्ष सबसे बड़ी समस्या लोकतंत्र पर हो रहे हमले की है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत के पास इंजीनियरिंग और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में मजबूत क्षमता है, इसलिए मैं देश को लेकर बहुत आशावादी हूं। लेकिन व्यवस्था में कमियां भी हैं, जिन्हें सुधारना जरूरी है। सबसे बड़ा खतरा लोकतंत्र पर चल रहा हमला है।
इस दौरान कांग्रेस नेता ने तर्क दिया कि लोकतांत्रिक प्रणाली विविधता को बढ़ावा देती है, जो अलग-अलग परंपराओं, रीति-रिवाजों, विचारों और धार्मिक मान्यताओं को फलने-फूलने का मौका प्रदान करती है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि भारत में लोकतंत्र पर व्यापक प्रहार हो रहा है, जो एक गंभीर जोखिम है। उन्होंने कहा कि भारत में कई धर्म, परंपराएं और भाषाएं हैं। यह देश मूल रूप से इन सभी संस्कृतियों के बीच संवाद का पुल है। विविध विचारों, धर्मों और परंपराओं को जगह देने का सबसे अच्छा माध्यम लोकतंत्र है।
आरएसएस और बीजेपी पर हमला
उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल इस लोकतांत्रिक व्यवस्था पर व्यापक हमला हो रहा है, जो बड़ा खतरा है। एक अन्य बड़ा जोखिम देश के विभिन्न भागों में विचारधाराओं के बीच पैदा हो रहा तनाव है। 16-17 प्रमुख भाषाओं और अनेक धर्मों वाले देश में इन विविधताओं को पनपने देना और उन्हें उचित स्थान प्रदान करना बेहद जरूरी है। इस दौरान राहुल गांधी ने आरएसएस-भाजपा की विचारधारा पर भी प्रहार किया और कहा कि इसके मूल में ‘कायरता’ छिपी है।
कांग्रेस नेता ने कहा था कि यह भाजपा-आरएसएस का मूल स्वभाव है। अगर विदेश मंत्री के बयान पर ध्यान दें, तो उन्होंने कहा था कि चीन हमसे कहीं ज्यादा ताकतवर है, मैं उनसे कैसे टकरा सकता हूं? इस विचारधारा की जड़ में कायरता ही है। भाजपा ने राहुल गांधी की इन टिप्पणियों पर तीखी आपत्ति जताई और उन्हें ‘भारत-विरोधी’ करार देते हुए देश का अपमान करने वाला बताया।
क्या बिहार में विपक्ष करेगा उलटफेर? चुनाव में बन रहे ये नए समीकरण
7 Oct, 2025 08:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Elections 2025) का बिगुल बज चुका है. आज चुनाव आयोग (election Commission) ने ऐलान किया कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव 22 नवंबर तक संपन्न कर लिए जाएंगे. चुनाव आयोग ने प्रति पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की संख्या को 1200 तक सीमित करने, सभी बूथ पर वेबकास्टिंग करने समेत EVM पर प्रत्याशियों की कलर फोटो तक करीब 17 नए प्रयोग इस बार चुनाव में किए हैं.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने साफ कहा कि चुनाव को लेकर पूरी तैयारी है, जल्द ही तारीखों की घोषणा कर दी जाएगी. इसी बीच सत्ताधारी NDA गठबंधन में सीट बंटवारे को अंतिम रूप देती दिखाई पड़ रही है. 5 अक्टूबर को बीजेपी बिहार प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और जनता दल यूनाइटेड के ललन सिंह से मीटिंग की. ये बैठकों काफी महत्वपूर्ण बताई जा रही हैं.
बता दें बीते दिनों एक्टर पवन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा के बीच मुलाकात हुई है, जिसके बाद अनुमान है कि पवन एनडीए के घटक दल के बैनर तले चुनाव लड़ेंगे। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक NDA की एकजुटता को मजबूत करने के लिए मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) और अन्य सहयोगियों के साथ बातचीत में 102:101 (JDU:BJP) का फॉर्मूला पर विचार किया जा रहा है. सहमति बनने पर इसे रणनीति को सार्वजनिक करते हुए प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया जाएगा.
धमेंद्र प्रधान ने उपेंद्र कुशवाहा से भी मुलाकात की है. प्रधान का पटना में डेरा डालना और अमित शाह की संभावित यात्रा से संकेत मिलता है कि NDA विपक्षी महागठबंधन को कड़ी टक्कर देने को तैयार है और नए समीकरण बना रही है. उधर, RJD-कांग्रेस गठबंधन ने आयोग के ऐलान पर सतर्कता बरतने का आह्वान किया है, जबकि NDA विकास और सुशासन के मुद्दों पर जोर दे रहा है.
बिहार चुनावी मैदान में जातिगत समीकरण, युवा मतदाताओं की भूमिका और महिलाओं के लिए आरक्षण जैसे मुद्दे निर्णायक साबित होंगे. बिहार चुनाव 2025 न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए मील का पत्थर साबित होंगे. क्या NDA अपनी लय बरकरार रख पाएगा या विपक्ष उलटफेर करेगा? आने वाले दिनों में यह साफ होगा. आइए आपको बिहार में चुनावी समर का ताजा हाल बताते हैं.
जलपाईगुड़ी में भाजपा सांसद खगेन मुर्मू पर जानलेवा हमला, अमित मालवीय ने TMC पर लगाया आरोप
6 Oct, 2025 03:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जलपाईगुड़ी। पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी (Jalpaiguri) में भाजपा सांसद (BJP MP) खगेन मुर्मू (Khagen Murmu) पर जानलेवा हमला किया है। वहीं इसे लेकर भाजपा नेता अमित मालवीय (Amit Malviya) ने टीएमसी (TMC) पर आरोप है, एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा- बंगाल में टीएमसी का जंगलराज! उत्तरी मालदा से दो बार सांसद रहे और एक सम्मानित आदिवासी नेता, भाजपा सांसद खगेन मुर्मू पर टीएमसी के गुंडों ने उस समय हमला किया जब वे जलपाईगुड़ी के दुआर्स क्षेत्र के नागराकाटा में विनाशकारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत और बचाव कार्यों में मदद करने जा रहे थे।
अमित मालवीय ने अपने पोस्ट में आगे लिखा- जब ममता बनर्जी अपने कोलकाता कार्निवल में नाच रही थीं, तब टीएमसी और राज्य प्रशासन गायब था। जो लोग वास्तव में लोगों की मदद कर रहे थे, भाजपा नेता और कार्यकर्ता, उन पर राहत कार्य करने के लिए हमला किया जा रहा है। यह टीएमसी का बंगाल है, जहां क्रूरता का बोलबाला है और दया की सजा।
वहीं पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा- ममता बनर्जी पूरी तरह से दहशत में हैं। उन्हें (काफी देर से) एहसास हुआ है कि पश्चिम बंगाल की जनता ने उनके ‘सेलिब्रिटीज के साथ कार्निवल में नाचने’ के अमानवीय कृत्य को उस समय नफरत की नजर से देखा है जब उत्तर बंगाल बाढ़ और भूस्खलन से जूझ रहा था, जिसमें कई लोगों की जान चली गई और हजारों लोग बेघर हो गए। इसके विपरीत, बंगाल भाजपा के विधायक और सांसद प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर अपना योगदान दे रहे थे।
दो चरणों में होंगे बिहार चुनाव, 6 और 11 नवंबर को वोटिंग; 14 नवंबर को आएंगे नतीजे
6 Oct, 2025 02:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बिहार (Bihar) में चुनाव से पहले इलेक्शन कमीशन ने कई अहम बदलाव (Important Changes) किए हैं. सीईसी ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में एक मतदान केंद्र (Polling Station) में 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि बिहार में कुल 90 हजार बूथ रहेंगे. इस बार किसी भी बूथ पर 1,200 से ज्यादा वोटरों का नाम नहीं रहेगा. आम तौर पर 1,500 या उससे अधिक मतदाता होने पर लंबी लाइन लग जाती थी.
बिहार दौरे के बाद पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण से 22 साल बाद मतदाता सूची का शुद्धिकरण हुआ है. उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कई नई पहल की जा रही हैं, जिन्हें आने वाले समय में पूरे देश में दोहराया जाएगा.
नामांकन की अंतिम तारीख
बिहार में दो चरणों में मतदान होंगे. पहले चरण में 121 सीटों पर दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदान होगा. पहले चरण का नामांकन 17 अक्टूबर तक और दूसरे चरण का 20 अक्टूबर तक होगा.
‘CAPF को पहले से किया जाएगा तैनात’
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “विश्वास बहाली के उपाय के तौर पर CAPF को पहले से तैनात किया जाएगा. सभी अधिकारियों को पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से काम करना होगा. अगर किसी भी माध्यम या प्लेटफॉर्म पर कोई फर्जी खबर या गलत सूचना है तो उसका खंडन किया जाएगा. ड्रग्स, शराब और नकदी के लेन-देन को रोकने के लिए सभी चौकियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी.”
दो चरणों में होंगे बिहार में चुनाव
बिहार विधानसभा के चुनाव दो चरण में वोट होंगे. पहले चरण का मतदान 6 नवंबर 2025 और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर 2025 को होगा. वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी.
‘एक बूथ पर 1200 से ज्यादा वोटर नहीं होंगे’
मुख्य चुनाव आयुक्त ने ज्ञानेश कुमार ने कहा, “EVM पर सभी उम्मीदारों की रंगीन फोटो लगी रहेगी और उनके नाम बड़े अक्षरों में लिखे होंगे. एक बूथ पर 1200 से ज्यादा वोटर नहीं होंगे. मतदान केंद्र के 100 मीटर दूरी पर उम्मीदवारों के बूथ बनेंगे.”
‘जिन मतदाताओं का पता बदला, उन्हें नए वोटर कार्ड देगा EC’
मुख्य चुनाव आयुक्त ने ज्ञानेश कुमार ने कहा, “सच्चाई ये ये है कि लोगों ने सोशल मीडिया एसआईआर को बहुत कुछ कहा. लेकिन सच ये है कि पॉलिटिकल पार्टीज ने SIR की मांग की. जिन मतदाताओं के पता बदला उन्हें चुनाव आयोग नया वोटर कार्ड देगा.”
बिहार चुनाव में इस बार 17 पहल किए जा रहे
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “बिहार चुनाव में इस बार 17 पहल किए जा रहे हैं. वोटर लिस्ट की तमाम त्रुटियां दूर की गई है. बिहार का मॉडल पूरे देश में लागू करेंगे. पोलिंग कमरे के ठीक बाहर मतदाता अपना फोन जमा करा सकता है और वोट डालने के बाद फोन लेकर जा सकता है.”
फेक न्यूज के खिलाफ फौरन कार्रवाई होगी
चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “फेक न्यूज के खिलाफ फौरन कार्रवाई की जाएगी. सभी बूथ पर हिंसा के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के निर्देश दिए गए हैं. सभी अधिकारी निष्पक्ष तरीके से काम करेंगे.”
बुजुर्ग मतदाताओं के लिए होगी ये सुविधा
चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “11 सीटों पर घोड़ों से पेट्रोलिंग की जाएगी. 197 सीटों पर नाव से पेट्रोलिंग की जाएगी. बुजुर्ग मतदाताओं के लिए रैंप, व्हीलचेयर की सुविधा होगी. सभी बूथों पर चुनाव प्रक्रिया लाइव दिखाई जाएगी.”
बिहार में कितने महिला और पुरुष वोटर?
चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “इस बार बिहार चुनाव सुगम और सरल होंगे.चुनाव के लिए बिहार की जनता का सहयोग चाहते हैं. बिहार में कुल 7.42 करोड़ मतदाता हैं. इसमें 3.92 करोड़ महिला और 3.5 करोड़ महिला मतदाता हैं. 14 लाख मतदाता पहली बार वोट डालेंगे. हर पोलिंग बूथ पर 1200 वोटर होंगे.”
चुनाव से 10 दिन पहले तक जुड़वा सकते हैं नाम
चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “वोटिंग से 10 दिन पहले तक नाम जोड़े जा सकते हैं. 30 सितंबर को फाइनल लिस्ट जारी हुई है. चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था पर पूर्ण निगरानी रखी जाएगी.”
वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण किया गया
मुख्य चुनाव आयुक्त बिहार एसआईआर को लेकर कहा, “वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण किया गया है. चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है. फाइनल मतदाता सूची सभी राजनीति पार्टियों को दे दी गई है. अभी भी कोई दिक्कत अगर है तो अभी भी अप्लाई कर सकते हैं.”
बिहार चुनाव से पहले आया चौंकाने वाला सर्वे… महागठबंधन को झटका, NDA को मिलेंगी इतनी सीटें
6 Oct, 2025 02:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बिहार (Bihar ) विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) की तारीखों का ऐलान किया जा चुका है. इसे लेकर MATRIZE-IANS ने ओपिनियन पोल (Opinion Poll) किया है. इस सर्वे (Survey) की मानें तो बिहार में एनडीए (NDA) का पलड़ा भारी नजर आ रहा है. लोग सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के कामों पर मुहर लगाते नजर आ रहे हैं. पोल के मुताबिक बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए को 150-160 सीटें मिल सकती है. वहीं महागठबंधन के 70-80 सीटें और अन्य को 9-12 सीटें मिल सकती है. सर्वे की मानें तो एनडीए क 49 फीसदी, महागठबंधन को 36 फीसदी और अन्य को 15 फीसदी वोट मिल सकता है.
एनडीए में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है. सर्वे की माने तो बीजेपी को 80-85, जेडीयू को 60-65, हम (HAM) को 3-6 सीटें, एलजेपी (आर) 406 सीटें, आरएलएम को 1-2 सीटें आ सकती है. महागठबंधन में आरजेडी को 60-65 सीटें, कांग्रेस को 7-10 सीटें, CPI-ML को 6-9 सीटें, सीपीआई को 0-1 सीटें, CPIM को 0-1 सीट, वीआईपी को 2-4 सीटें मिलने का अनुमान है.
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आगामी 6 नवंबर और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा और मतगणना 14 नवंबर होगी. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की. ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पहले चरण में 121 और दूसरे चरण में 122 सीट के लिए मतदान होगा. बिहार में विधानसभा की कुल 243 सीट हैं. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने यह भी बताया कि चुनाव के लिए अधिसूचना 10 अक्टूबर को जारी होगी, नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर को होगी, 18 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 20 अक्टूबर तक नामांकन पत्र वापस लिए जा सकते हैं.
MP में मोहन भागवत ने फिर दोहराया अखंड भारत का संकल्प, कहा- हमारा एक कमरा किसी ने हथिया लिया, वहां फिर डेरा डालना है…
6 Oct, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने मध्य प्रदेश के सतना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास ने भी जब आंखें खोली तो हम उसे उन्नत स्वरूप में ही दिखे. उससे पहले हमारे ऋषि-मुनियों ने इस सत्य को खोजा और इसके आधार पर एक पूरे राष्ट्र को बनाया उसेक काऱण भरतव मतसमय सम पर विशफअ को ये ज्ञान दे सकता है. गुरु
मोहन भागवत ने बीटीआई ग्राउंड में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे बहुत सारे सिंधी भाई यहां हैं. वो पाकिस्तान नहीं गए थे. वो अविभाजित भारत आए. ये आदत नई पीढ़ी तक जानी चाहिए क्योंकि हमारा एक घर है, परिस्थिति ने हमें उस घर से यहां भेजा है क्योंकि वो घर और ये घर अलग नहीं है. पूरा भारतवर्ष एक घर है. परंतु हमारे घर का एक कमरा, जिसने मेरा टेबल, कुर्सी और कपड़ा वगैरह रहता था. वो किसी ने हथिया लिया. कल मुझे उसे वापस लेकर वहां फिर से अपना डेरा डालना है और इसलिए याद रखना है कि ये अविभाजित भारत है.
भागवत ने अखंड भारत का संकल्प दोहराते हुए कहा कि हमें एक बात तय कर लेनी है कि भाषा-भूषा, भजन, भवन, भ्रमण और भोजन ये हमें हमारा चाहिए. जैसा हमारी पंरपरा में है वैसा चाहिए. कभी कभी खुद को हिंदू ना कहने वाले भी जब विदेशों में जाते हैं तो उन्हें हिंदी या हिंदवी कहा जाता है. तब वो अचरज में पढ़ जाते हैं कि हम तो है नहीं. वो पूरी ताकत लगाकर मना करते हैं. ऐसा लगातार कहने के बावजूद दुनिया हमें आज भी हिंदू कहती है. इस सत्य को हम माने. हम सब लोग एक साथ रहे.
उन्होंने भाषा विवाद पर कहा कि भाषा अनेक है, भाव एक ही होता है. बहुत सारी भाषाएं मूल भाषा से ही निकली हैं. सारी भाषाएं भारत की राष्ट्र भाषा हैं. हर नागरिक को तीन भाषा कम से कम आनी चाहिए. घर, राज्य और राष्ट्र की भाषा आनी ही चाहिए. बता दें कि मोहन भागवत ने सतना में अपने प्रवास के दूसरे दिन रविवार को बाबा मेहर शाह दरबार की नवनिर्मित बिल्डिंग का उद्घाटन किया.
अरविंद केजरीवाल ने कहा – गोवा विधानसभा चुनाव में ‘आप’ अकेले लड़ेगी
6 Oct, 2025 10:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोवा । आप संयोजक अरविंद केजरीवाल (AAP Convener Arvind Kejriwal) ने कहा कि गोवा विधानसभा चुनावों में (In Goa Assembly Elections) ‘आप’ कांग्रेस से गठबंधन नहीं करेगी (AAP will not form an alliance with Congress) ।
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 2027 के गोवा विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के गठबंधन से इनकार करते हुए कहा, ‘‘किसी भी परिस्थिति में कांग्रेस के साथ ‘आप’ गठबंधन नहीं करेगी।’’ दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उन दावों को खारिज किया, जिसमें कहा जा रहा था कि पार्टी के कुछ कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि गोवा के लोगों को सबसे ज्यादा कांग्रेस ने निराश किया और धोखा दिया है। कांग्रेस पिछले कुछ वर्षों में भाजपा को विधायकों की थोक आपूर्ति करने वाली कंपनी बन गई है। क्या कांग्रेस गोवा के मतदाताओं को यह आश्वासन दे सकती है कि भविष्य में कोई भी पार्टी विधायक भाजपा में शामिल नहीं होगा?
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “2017 और 2019 के बीच कम से कम 13 कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हो गए। 2022 में, 10 कांग्रेस विधायक पाला बदलकर भाजपा में शामिल हो गए।” उन्होंने कहा कि अगर ‘आप’ कांग्रेस के साथ गठबंधन करती हैं, तो यह भाजपा को विधायक मुहैया कराने के बराबर होगा। हम ऐसी किसी भी कवायद का हिस्सा नहीं बनना चाहते, जिससे गोवा में भाजपा सरकार बनने में मदद मिले।
केजरीवाल ने पुरानी राजनीतिक व्यवस्था को खत्म करके एक नई राजनीतिक व्यवस्था पेश करने का भी संकल्प लिया। उन्होंने कहा, “यह भाजपा और कांग्रेस से जुड़ी एक सड़ी-गली राजनीतिक व्यवस्था है। अब समय आ गया है कि इस व्यवस्था को उखाड़ फेंका जाए और गोवावासियों को एक नया विकल्प दिया जाए।” उन्होंने पहले आरोप लगाया था कि राज्य के संसाधन चुनिंदा 13-14 राजनीतिक परिवारों के नियंत्रण में हैं, जो सत्ता में बने रहने, राज्य को लूटने और स्विस बैंकों में धन जमा करने के लिए लगातार दल बदलते रहते हैं।
वह नारा लगाया तो ना कानून छोड़ेगा और ना इस देश के हिंदू: कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बड़ा बयान
6 Oct, 2025 10:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । बाबा बागेश्वर(Baba Bageshwar) के नाम मशहूर प्रसिद्ध कथावाचक(famous storyteller)धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री(Dhirendra Krishna Shastri) ने ‘सर तन से जुदा’ के नारे को लेकर कहा है कि यदि यह लगाया गया तो कानून नहीं छोड़ेगा। लेकिन अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले बाबा यहीं नहीं रुके और यह भी कह डाला कि इस देश के हिंदू भी नहीं छोड़ेंगे। ‘आई लव मोहम्मद’ मुहिम को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यह बात कही।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हैं। यहां वह 4 अक्टूबर से ‘श्री हनुमंत कथा’ सुना रहे हैं। रविवार को उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कई सवालों के जवाब अपने अंदाज में दिए। इस दौरान जब उनसे आई लव मोहम्मद को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इसमें कोई बुराई नहीं है। बाबा बागेश्वर ने कहा कि आई लव महादेव में भी बुराई नहीं होनी चाहिए।
बाबा बागेश्वर ने कहा, ‘कोई बुराई नहीं है आई लव मोहम्मद में। आई लव महादेव में भी बुराई नहीं होनी चाहिए। लेकिन यदि आप सर तन से जुदा का नारा दोगे तो ना कानून छोड़ेगा और ना इस देश का हिंदू छोड़ेगा।’ भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने को लेकर मुहिम चलाने वाले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कई बार अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। अब एक बार फिर उनका यह बयान वायरल हो गया है।
पिछले दिनों कानपुर में सबसे पहले आई लव मोहम्मद का एक पोस्टर लगाया गया। बिना अनुमति लगाए गए पोस्टर को लेकर आपत्ति जाहिर की गई तो इसका स्थान बदल दिया गया। इस दौरान एक अन्य पोस्टर को नुकशान पहुंचाए जाने पर एफआईआर दर्ज की गई तो कुछ अफवाहें फैल गईं।
इसके बाद यूपी, उत्तराखंड समेत कई जगहों पर मुस्लिम समाज के लोग विरोध प्रदर्शन करने लगे। प्रशासन की अनुमति के बिना जुलूस और पोस्टरबाजी से विवाद पैदा हुआ। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में इस मुहिम को लेकर तनाव बढ़ा, जगह-जगह झड़पें और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं।
BJP को UP से पहले मिल सकता है नया राष्ट्रीय अध्यक्ष, जानिए किसके नाम की हो रही चर्चा
6 Oct, 2025 09:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी(Bharatiya Janata Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष(National President) को लेकर स्थिति साफ नहीं हो सकी है। वहीं, उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के पार्टी प्रमुख(party chief) को लेकर भी अटकलों का दौर जारी है। कहा जा रहा है कि भाजपा यूपी से पहले अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान कर सकती है। फिलहाल, इसपर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अटकलें ये भी हैं कि भाजपा बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नया कप्तान नियुक्त कर सकती है।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि राष्ट्रीय और यूपी अध्यक्ष के लिए विचार विमर्श का दौर पूरा हो गया है। आने वाले दिनों में भाजपा दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटक और त्रिपुरा के अध्यक्षों का ऐलान कर सकती है। वहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद यूपी भाजपा को नया कप्तान मिल सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी नेतृत्व को फैसला लेना है कि वह ओबीसी चेहरे के साथ जाएगी या ब्राह्मण नेता का चुनाव करेगी।
बिहार विधानसभा चुनाव के बाद यूपी अध्यक्ष की घोषणा की जा सकती है। दोनों ही नियुक्तियों के लिए भाजपा पहले RSS यानी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को विश्वास में लेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के संबंध में 80 से ज्यादा भाजपा नेताओं से सुझाव मांगे गए हैं। इनमें कुछ सक्रिय और कुछ दिग्गज नेता शामिल हैं। फिलहाल, जगत प्रकाश नड्डा भाजपा की कमान संभाल रहे हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी के अंदर जारी चर्चाओं में दो नेताओं का नाम सामने आ रहा है, जो बड़े स्तर पर भाजपा में चुनाव की जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। साथ ही एक पूर्व मुख्यमंत्री के नाम की भी चर्चा है। सूत्रों ने बताया कि दक्षिण भारतीय राज्य से आने वाले एक केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि वह खुद को पद के लिए सक्षम नहीं मानते हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि भाजपा अध्यक्ष 60 साल के आसपास का होना चाहिए।
रिपोर्ट के मुताबिक, संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि सरकार और संगठन दो अलग चीजें हैं। सरकार में संघ दखल नहीं देगा, लेकिन संगठन संघ परिवार का हिस्सा है और एक योग्य संगठक की जरूरत है।
बिहार चुनाव के बाद इस राज्य में बदलेगा मुख्यमंत्री? भाजपा नेता ने किया बड़ा दावा
6 Oct, 2025 08:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र (Karnataka BJP President BY Vijayendra) ने बिहार चुनावों के बाद कर्नाटक (Karnataka) में कई बड़े राजनीतिक बदलावों का अनुमान जताया है. इस बीच उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच सत्ता को लेकर तनातनी का इशारा किया.
विजयेंद्र ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस पार्टी में भ्रम की स्थिति है. पार्टी के विधायक सार्वजनिक रूप से नेतृत्व परिवर्तन के बारे में बयानबाजी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया कुछ जल्दबाजी में दिख रहे हैं. आपने दो महीने पहले मैसूर में उनका शक्ति प्रदर्शन देखा होगा. वह अपनी ताकत दिखा रहे हैं. सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक और मंत्री खुलकर अक्टूबर और नवंबर में क्रांति की बात कर रहे हैं, जबकि बीजेपी ने ऐसा कुछ नहीं कहा.
उन्होंने बताया कि कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अपनी पार्टी के नेताओं से नेतृत्व परिवर्तन पर चर्चा न करने को कहा है और यह भी बताया कि इस मामले में पार्टी हाईकमान फैसला लेगा. विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व में कोई भी यह नहीं कह रहा कि नेतृत्व में बदलाव नहीं होगा. इसका मतलब है कि बिहार चुनावों के बाद राज्य में कई राजनीतिक बदलाव होंगे. यह स्पष्ट है कि राज्य में अराजकता होगी.
उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी में भ्रम की स्थिति है. पिछले हफ्ते कांग्रेस विधायक एचडी रंगनाथ और पूर्व मांड्या सांसद एलआर शिवरामे गौड़ा ने यह दावा करके मुख्यमंत्री बदलने की बहस को फिर से हवा दी कि शिवकुमार नवंबर में अगले मुख्यमंत्री बनेंगे. हालांकि, सिद्धारमैया ने फिर से दावा किया है कि वह पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे.
उन्होंने कहा कि वह अपने दूसरे कार्यकाल में ढाई साल तक मुख्यमंत्री रहे हैं और अगले ढाई साल तक इस पद पर बने रहेंगे. यह पूछे जाने पर कि राजनीतिक बदलाव की स्थिति में उनकी पार्टी की क्या भूमिका होगी. इस पर विजयेंद्र ने कहा कि जब स्थिति आएगी, तब देखेंगे. बीजेपी एक जिम्मेदार विपक्षी पार्टी के रूप में काम कर रही है और आगे भी करेगी.
उन्होंने कहा कि हमारी ताकत 66 सीटों से घटकर 63 सीटों पर आ गई है. हम विपक्ष में हैं. हम एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में काम कर रहे हैं. हमें राज्य के सामने आने वाली समस्याओं पर चर्चा करनी है. उन्होंने कांग्रेस पर शून्य विकास, गरीब विरोधी और किसान विरोधी होने का आरोप लगाया. राज्य के राजनीतिक हलकों में विशेष रूप से सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर, कुछ समय से यह अटकलें चल रही हैं कि इस साल के अंत में सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच सत्ता साझेदारी समझौते के आधार पर मुख्यमंत्री बदला जा सकता है.
बता दें कि मई 2023 में विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए कड़ा मुकाबला था और कांग्रेस ने शिवकुमार को समझा-बुझाकर उपमुख्यमंत्री बनाया था. उस समय कुछ खबरें थीं कि रोटेशनल मुख्यमंत्री फॉर्मूला के आधार पर एक समझौता हुआ था, जिसके तहत शिवकुमार ढाई साल बाद मुख्यमंत्री बनेंगे, लेकिन पार्टी ने आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की.
‘देश में अमीरी और गरीबी की खाई को बढ़ा रही सरकार’, कांग्रेस ने केंद्र पर आरोप लगाकर किया दावा
5 Oct, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस (Congress) ने रविवार को सरकार (Goverment) पर आरोप लगाया कि केंद्र अमीरी और गरीबी (Wealth and Poverty) की खाई को बढ़ा रहा है। पार्टी ने कहा कि यह सिर्फ अर्थव्यवस्था (Economy) के लिए समस्या नहीं है, बल्कि लोकतंत्र (Democracy) की आत्मा पर सीधा हमला है।
कांग्रेस महासचिव व संचार प्रभारी जयराम रमेश ने एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत अब अरबपतियों का नया केंद्र बनता जा रहा है और देश में अमीर लोगों की संख्या साल दर साल तेजी से बढ़ रही है। रमेश ने एक्स पर हिंदी में लिखे एक पोस्ट में कहा, “एक के बाद एक रिपोर्ट भारत में धन के एक खास वर्ग के बारे में सीमित होने की चेतावनी दी जा रही है। जहां लाखों भारतीय अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं सिर्फ 1,687 लोगों के पास देश की आधी संपत्ति है।”
उन्होंने कहा, “मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण देश का पैसा कुछ खास लोगों के बीच केंद्रित हो गया है। इसके कारण हमारे देश में भारी आर्थिक असमानता पैदा हुई है। यह असमानता व्यापक सामाजिक असुरक्षा और असंतोष को जन्म दे रही है।” उन्होंने कहा कि अन्य देशों में हाल की घटनाओं से पता चला है कि यही चरम आर्थिक असमानता और अपंग लोकतांत्रिक संस्थाएं राजनीतिक अराजकता की उत्प्रेरक बनी हैं।
रमेश ने कहा कि यह सरकार भारत को उसी रास्ते पर धकेल रही है। उन्होंने आरोप लगाया, “सत्ता के गठजोड़ के कारण कुछ उद्योगपति और अधिक अमीर होते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री की नीतियां पूरी तरह से उनके कुछ उद्योगपति मित्रों के लाभ पर केंद्रित हैं।” रमेश ने दावा किया है कि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ एमएसएमई क्षेत्र अभूतपूर्व दबाव में है। यह दबाव न केवल घरेलू नीतियों का बल्कि विदेश नीति के मोर्चे पर सरकार की विफलताओं का भी परिणाम है।
रमेश ने कहा, “आम लोगों के लिए कमाई के अवसर कम होते जा रहे हैं। मुद्रास्फीति इतनी बढ़ गई है कि नौकरीपेशा लोग भी बचत के बजाय कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश लगातार घट रहा है और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं कमजोर होती जा रही हैं।” उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी सफल योजनाएं, जिसने लाखों लोगों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान की, अब मजदूरी संकट से जूझ रही हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को समय पर भुगतान भी नहीं मिल पा रहा।
रमेश ने कहा, “देश में आर्थिक खाई का चौड़ा होगा न केवल अर्थव्यवस्था के लिए समस्या है, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा पर सीधा हमला है। जब आर्थिक शक्ति मुट्ठी भर लोगों के हाथों में केंद्रित हो जाती है, तो राजनीतिक फैसले भी उनके पक्ष में होने लगते हैं।” उन्होंने कहा कि इससे सामाजिक और आर्थिक असमानता बढ़ रही है।
रमेश ने कहा कि इसका परिणाम यह हो रहा है कि लाखों लोग धीरे-धीरे लोकतंत्र और विकास की प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं। एम3एम हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 में शामिल लोगों की कुल संपत्ति 167 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। यह भारत के सकल घरेलू उत्पाद के लगभग आधे के बराबर है। सूची में 1,000 करोड़ रुपये की संपत्ति वाले 1,687 व्यक्ति शामिल हैं। इसमें 284 लोग बढ़े हैं और 148 पहली बार शामिल हुए हैं। हुरुन ने कहा कि भारत में पिछले दो वर्षों से हर हफ्ते एक अरबपति बना है। इस सूची में शामिल लोग हर दिन 1,991 करोड़ रुपये की संपत्ति जोड़ रहे हैं।
भाजपा का राहुल पर तंज, कहा- उनमें ऐसी कौन सी प्रतिभा, जिसके लिए विदेशी विश्वविद्यालय उन्हें बुलाते हैं
5 Oct, 2025 11:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) पर एक बार फिर विदेश (Foreign) में जाकर देश की छवि खराब करने का आरोप लगाया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी (Sudhanshu Trivedi) ने पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए यह आरोप लगाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी का नेता प्रतिपक्ष होना भारत के लिए शूल है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सवाल यह है कि कांग्रेस नेता में ऐसी कौन सी प्रतिभा है जिसके लिए उन्हें विदेश के विश्वविद्यालय बुलाते हैं, जबकि कांग्रेस में एक से एक बुद्धिमान लोग हैं, उन्हें नहीं बुलाया जाता। त्रिवेदी ने कहा कि जब राहुल गांधी को भारत के किसी भी विश्वविद्यालय में नहीं बुलाया जाता है, तो फिर सवाल उठता है कि उन्हें भारत के बाहर ही क्यों बुलाया जाता है।
त्रिवेदी ने कहा कि देश में पिछले 36 घंटे में दो प्रकार के दृश्य देखने को मिले हैं, पहला 100 वर्षों से देश के लिए निरंतर समर्पित विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष का देशभर में समारोह होना। इस शताब्दी वर्ष के अवसर पर इतिहास में पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मां भारती के अंकित चित्रों वाला 100 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया। दूसरी तरफ देश की 140 साल पुरानी पार्टी के नेता ने विदेश की धरती से एक और देश विरोधी बयान दिया है, जिसमें कुछ भी आश्चर्यजनक नहीं है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि ग्लोबल टाइम्स ने जनवरी 2023 में कहा कि भारत ने कुछ वर्षों में अपनी अर्थव्यवस्था में जिस तेजी से संस्थानिक सुधार ( स्ट्रक्चर रिफॉर्म) किया है उससे वह बहुत शक्तिशाली बना है। उन्होंने कहा कि सवाल यह उठता है कि कांग्रेस नेता गांधी जब विदेश जाते हैं तो उन्हें कैंब्रिज यूनिवर्सिटी द्वारा दिसंबर 2024 में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का डिजिटल ट्रासफॉर्मेशन पर हुई केस स्टडी और स्टेनफोर्ड द्वारा तैयार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) इंडेक्स, जिसके अनुसार भारत एआई कौशल निवेश में पहले स्थान पर और एआई जीवंतता में शीर्ष चार देशों में शामिल है क्यों नहीं दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि गांधी इसी स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में जाकर भारत के बारे में अपशब्द, अपमानजनक और निरर्थक बातें करते हैं।
क्यों है केदारनाथ का शिवलिंग अलग? पांडवों की मुक्ति से जुड़ी कहानी
चमत्कारी धाम का रहस्य! दक्षिण में बसे इस खाटू श्याम मंदिर की महिमा
शनि की उल्टी चाल से बदलेगा भाग्य, इन 3 राशियों को मिलेगा धन और प्यार
वनाधिकार पट्टा और पीएम आवास से मुरिया परिवार को मिला नया जीवन
वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
राज्यपाल पटेल से भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले
मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये करें समन्वित प्रयास : मंत्री कुशवाह
लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन
