राजनीति
महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर बवाल, बन सकता है नया समीकरण
13 Oct, 2025 11:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) से ठीक पहले महागठबंधन को बड़ा झटका (Big blow to the grand alliance) लगा है. राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस और राजद के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रही बातचीत टूट के कगार पर पहुंच गई है. अगर बातचीत नहीं संभलती तो इसे महागठबंधन के लिए बड़ा झटका कहा जा रहा है. इसके साथ ही बिहार चुनाव में एक नया समीकरण भी देखने को मिल सकता है.
सूत्रों के मुताबिक, राजद ने पारस को अपनी पार्टी का विलय करने के बदले तीन सीटों का प्रस्ताव दिया था लेकिन आज पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक में शामिल सभी जिला अध्यक्ष ने इसका पूरा विरोध करते हुए स्वतंत्र चुनाव लड़ने की बात कही. कोई भी जिला अध्यक्ष पार्टी विलय के फैसले के साथ खड़ा नही दिखा.
बैठक के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति पारस को गठबंधन से संबंधित हर फैसला लेने के लिए अधिकृत कर दिया गया है. पारस ने मीडिया से बात करते हुए अगले 24 घण्टो में अपना पक्ष रखने की बात कही है. सूत्रों की मानें तो पारस की पार्टी बीएसपी (बसपा) और ओवैसी की AIMIM के साथ गठबंधन बनाकर बिहार विधानसभा चुनाव मैदान में उतरेगी. यह नया समीकरण महागठबंधन के लिए सिरदर्द साबित हो सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां पारस गुट का दलित और पासवान वोट बैंक प्रभावी रहा है.
कमलनाथ ने ‘कोल्ड्रिफ’ कांड के लिए सरकार को ठहराया जिम्मेदार, कही ये बात
13 Oct, 2025 10:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा (Chhindwara) में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से मासूम बच्चों की मौत पर बोलते हुए पूर्व सीएम और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दवा की गड़बड़ी का ठीकरा सरकार पर फोड़ते हुए कहा कि सरकार ने दवाओं की ठीक से जांच नहीं की।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा, “यह बहुत दुखद है। मैं इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार मानता हूं, क्योंकि इन दवाओं की जो जांच होती है वो कभी की ही नहीं गई। अभी भी पता नहीं कितनी दवाएं हैं जिनकी जांच नहीं हो रही है। मैंने मुख्यमंत्री से बात की है। मुख्यमंत्री और सरकार को मिलकर कुछ करना चाहिए, और मुझे जो भी करना होगा, मैं करूंगा।”
बता दें कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले में डॉक्टर की गिरफ्तारी का विरोध चल रहा है। मामले में अब तक कई लोगों पर कार्रवाई की गई है। दवा निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मा के मालिक एस रंगनाथन को गिरफ्तार किया गया है।
RJD और तेजस्वी को तगड़ा झटका, बिहार चुनाव से पहले 2 विधायकों ने दिया इस्तीफा
13 Oct, 2025 09:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Elections 2025) से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को तगड़ा झटका लगा है। नवादा और रजौली से पार्टी के विधायकों विभा देवी और प्रकाश वीर ने इस्तीफा दे दिया है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) जॉइन कर ली है। दोनों ने विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव को अपना इस्तीफा दे दिया है। BJP जॉइन करने के बाद दोनों नेताओं ने कहा कि वे अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP के नेतृत्व के साथ विकास की राजनीति में भागीदार बनना चाहते हैं।
बता दें कि दोनों ने अपने इस्तीफा का कारण RJD में अंतर्कलह और नेतृत्व में गहराए संकट का परिणाम बताया। बता दें कि पार्टी को झटका ऐसे समय में लगा है, जब तेजस्वी यादव चुनावी तैयारियों में पूरी ताकत झोंके हुए हैं। नवादा जिला RJD का पारंपरिक गढ़ माना जाता रहा है, जहां अब पार्टी की पकड़ कमजोर होती दिख रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विभा देवी और प्रकाश वीर का BJP में जाना RJD के संगठनात्मक मनोबल पर असर डाल सकता है, खासकर दक्षिण बिहार के इलाकों में।
वहीं, BJP इसे अपने मिशन बिहार की बड़ी उपलब्धि के तौर पर देख रही है। BJP को उम्मीद है कि पहले से चुनाव जीते जिताए विधायक उनके यहां आएंगे तो उनकी सीट पर BJP की जीत के चांस बढ़ जाएंगे और एक बार फिर बिहार में NDA गठबंधन की सरकार बनने के चांस बनेंगे। दूसरी ओर, RJD की ओर से अब तक इस राजनीतिक घटनाक्रम पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी के सूत्रों का कहना है कि जो जाना चाहते हैं, उन्हें रोका नहीं जाएगा, पार्टी जनता के भरोसे पर कायम है।
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का ऐलान होने के बाद प्रदेश में जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है। वहीं अब तक न दोनों महागठबंधन सीट शेयरिंग फाइनल कर पाए हैं और न ही अभी तक किसी ने उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जबकि नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई और 6 नवंबर को 121 सीटों पर पहले चरण का मतदान होना है। वहीं 11 नवंबर को दूसरे चरण में 122 सीटों पर वोटिंग होगी. 14 नवंबर को मतगणना होगी और 16 नवंबर तक चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
अंतिम सांस तक PM मोदी के साथ रहूंगा…सीट बंटवारे पर सहमति के बाद बोले HAM के अध्यक्ष मांझी
13 Oct, 2025 08:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) से पहले NDA में सीटों के बंटवारे को लेकर मशक्कत जारी है, इसी बीच एनडीए के सहयोगी और HAM के अध्यक्ष जीतनराम मांझी (HAM President Jitan Ram Manjhi) का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि मैं अपनी अंतिम सांस तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रहूंगा. दरअसल, एक दिन पहले ही यानी शनिवार को एनडीए की दिल्ली में 8 घंटे तक मैराथन मीटिंग हुई थी. इसमें सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर चर्चा हुई, लेकिन मांझी इसे लेकर नाराज बताए गए.
सीट शेयरिंग को लेकर दिल्ली में आज भी बैठक जारी है. इसमें जीतनराम मांझी शामिल हुए. इसके बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अभी मैं पटना निकल रहा हूं, वैसे एक बात बता दूं. मैंने पहले भी कहा था और आज फिर कह रहा हूं कि मैं जीतनराम मांझी अपनी अंतिम सांस तक प्रधानमंत्री मोदी के साथ रहूंगा. बिहार में बहार होगी, नीतीश संग मोदीजी की सरकार होगी.
सूत्रों के मुताबिक, सीट बंटवारे को लेकर HAM से बात बन गई है. बीजेपी के शीर्ष नेताओं से बातचीत के बाद जीतनराम मांझी मान गए हैं. बताया जा रहा है कि HAM को 6 विधानसभा सीटें देने पर सहमति बनी है, इतना ही नहीं, भविष्य में एक MLC सीट भी मिलेगी. सहमति बनने के बाद जीतनराम मांझी पटना के लिए निकल रहे हैं.
राज्यसभा चुनाव : भाजपा ने एक मुस्लिम सहित तीन प्रत्याशियों का किया ऐलान
12 Oct, 2025 08:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) से राज्यसभा (Rajya Sabha) के द्विवार्षिक चुनावों के लिए उम्मीदवारों (candidates) के नाम का ऐलान कर आधिकारिक लिस्ट जारी कर दी है. वहीं, जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने शुक्रवार को राज्यसभा चुनाव के लिए अपने तीन उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया था और दावा किया कि चौथी सीट के लिए कांग्रेस के साथ बातचीत चल रही है.
भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने रविवार प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि पार्टी ने जम्मू-कश्मीर में होने वाले तीन अलग-अलग द्विवार्षिक चुनावों के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. बीजेपी ने अधिसूचना 01 के तहत एक राज्यसभा सीट के लिए गुलाम मोहम्मद मीर को उम्मीदवार बनाया गया है.
बीजेपी की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि अधिसूचना 02 के तहत एक राज्यसभा सीट के लिए राकेश महाजन को उम्मीदवार बनाया गया है. वहीं, अधिसूचना 03 में दो राज्यसभा सीट के लिए सतपाल शर्मा के नाम को स्वीकृति दी गई है. ये ऐलान राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह द्वारा जारी किया गया है.
NC ने किया तीन उम्मीदवारों के नाम का ऐलान
वहीं, विधानसभा में अपनी ताकत के आधार पर एनसी को तीन सीटों पर बढ़त हासिल है, जबकि बीजेपी को एक सीट पर बढ़त है. बीजेपी से एनसी ने तीन सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया था. साथ ही सत्तारूढ़ ने दावा किया कि चौथी सीट के लिए वह कांग्रेस से बातचीत कर रहे हैं.
J-K के लिए महत्पूर्ण है चुनाव
ये चुनाव जम्मू और कश्मीर की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. बीजेपी ने राज्यसभा में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए तीनों उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है. इन उम्मीदवारों की जीत पार्टी के लिए क्षेत्रीय उपस्थिति और संसद में प्रतिनिधित्व को बढ़ाने में सहायक होगी.
तालिबान पर दबाव डालेगी सरकार? अफगान महिलाओं के अधिकारों को लेकर बोली प्रियंका चतुर्वेदी
12 Oct, 2025 12:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। तालिबान(Taliban) के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी (Foreign Minister Amir Khan Muttaqi)की पहली भारत यात्रा(India trip) जारी है। जयशंकर से मुलाकात क बाद मुत्ताकी ने भारत और अफगानिस्तान के संबंधों(India-Afghanistan relations) को और मजबूत बनाने की बात कही। इसके बाद मुत्ताकी ने अफगानिस्तान एम्बेसी में पत्रकारों के साथ सीधी बात भी की, लेकिन इस दौरान महिला पत्रकारों को न बुलाने की खबर ने भी काफी सुर्खियां बटोरी। इसी बीच शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी आमिर की यात्रा को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या केंद्र सरकार अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करने के लिए तालिबान के ऊपर दबाव डालेगी।
एएनआई से बात करते हुए चतुर्वेदी ने कहा, “अफगानिस्तान के विदेश मंत्री भारत दौरे पर हैं। भारत और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से संबंध रहे हैं, जो मुख्य रूप से लोगों के बीच संबंधों पर आधारित हैं। भारत ने हमेशा अपने नागरिकों का समर्थन किया है। हालाँकि, वर्तमान में अफगानिस्तान पर शासन करने वाली सरकार तालिबान है। ये वही लोग हैं जिन्होंने पाकिस्तान के सहयोग से हमारी उड़ान IC 814 का अपहरण किया था… ये तालिबान हैं, जो महिलाओं को शिक्षा प्राप्त करने की अनुमति नहीं देते… तो क्या हमारी सरकार उन पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के अनुसार महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करने का दबाव बनाएगी?”
इससे पहले मीडिया से बात करते बामियान बुद्ध की तस्वीर के सामने बैठकर मीडिया से बात कर रहे मुत्ताकी ने भारत और अफगानिस्तान के संबंधों में पिछले चार सालों में आई तरक्की का भी जिक्र किया। हालांकि मुत्ताकी की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोई भी महिला पत्रकार को नहीं बुलाया गया था। मुत्ताकी ने यहां अफगान राजदूतों को भी जल्दी ही भारत भेजने के प्रति भी अपनी प्रतिबद्धता जताई। मुत्तकी ने कहा कि काबुल जल्द ही अपने राजनयिकों को नयी दिल्ली भेजेगा। उन्होंने कहा, ‘‘विदेश मंत्री (एस. जयशंकर) ने कहा है कि आप अभी नयी दिल्ली में राजनयिक भेज सकते हैं। जब हम वापस जायेंगे, तो हम लोगों का चयन करेंगे और उन्हें भेजेंगे। हम अब राजनयिक भेजेंगे और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ेंगे।
अब तक, भारत में अफगान मिशनों में ऐसे अधिकारी हैं जिनकी नियुक्ति मुख्यतः पिछली अशरफ गनी सरकार द्वारा की गयी थी। इस सवाल पर कि क्या भारत सरकार नयी दिल्ली स्थित अफागान दूतावास परिसर तालिबान शासन को सौंपेगी, तालिबान विदेश मंत्री ने कहा,‘‘यह अफगानिस्तान के पास है; यह हमारा है।’’
सीट बंटवारे पर NDA में बनी सहमति, चिराग पासवान 25 पर राजी, भाजपा से मिला है एक भरोसा
12 Oct, 2025 11:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) के लिए सीट बंटवारे (seat sharing) पर एनडीए (NDA) में बड़ी सहमति बनती दिख रही है। पिछले कुछ दिनों से खबरें थीं कि चिराग पासवान (Chirag Paswan) अड़े हुए हैं और 40 विधानसभा सीटों से कम पर राजी नहीं हैं। अब सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि वह 25 सीट पर सहमत हो सकते हैं। इसकी एवज में उन्हें भाजपा से केंद्र से लेकर बिहार सरकार तक में ज्यादा महत्व और मंत्रालय दिए जाने का भरोसा मिला है। इसके अलावा उनकी पार्टी को एक राज्यसभा सीट भी ऑफर की जा सकती है। भाजपा की ओर से मिले इस भरोसे के बाद चिराग पासवान 25 सीटें लड़ने पर ही राजी हो सकते हैं।
इसके संकेत चिराग पासवान के बयान से भी मिल रहे हैं। चिराग पासवान का कहना है कि एनडीए में सब ऑल इज वेल है और जल्दी ही सीट बंटवारे को लेकर ऐलान हो जाएगा। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा जा रहा है, लेकिन यह माना जा रहा है कि 25 सीटों पर चिराग राजी हो सकते हैं। गुरुवार को दोनों पक्षों की ओर से मीटिंग हुई थी, जिसमें भाजपा और एलजेपी के कई नेता दिन भर मौजूद रहे। इस मीटिंग में नित्यानंद राय के अलावा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे। चिराग पासवान का इन मीटिंगों के बाद ही कहना है कि सब कुछ अच्छा चल रहा है और चीजें फाइनल स्टेज में हैं।
दरअसल बिहार में 6 और 11 नवंबर को मतदान होना है। ऐसे में भाजपा चाहती है कि उसके उम्मीदवारों को कम से कम 20 दिनों का टाइम कैंपेन के लिए मिले। इसीलिए गठबंधन में जल्दी ही सीट बंटवारे पर जोर दिया जा रहा है। जीतनराम मांझी, चिराग पासवान जैसे सहयोगी दलों को साधने में भाजपा उलझी हुई है। वहीं महागठबंधन में भी आरजेडी, कांग्रेस के बीच कम तनाव नहीं है। चिराग पासवान का कहना है कि हमारा स्ट्राइक रेट लोकसभा चुनाव में काफी अच्छा रहा है। इसलिए ज्यादा सीटें दी जाएं। चिराग पासवान के बारे में कहा जा रहा है कि वह मुख्यमंत्री बनने की भी आकांक्षा रखते हैं।
MP में भारत जोड़ो यात्रा की तर्ज पर निकाली जाएगी पदयात्रा, दिग्विजय सिंह ने दिया प्रस्ताव
12 Oct, 2025 10:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) की तर्ज पर मध्यप्रदेश में पदयात्रा (Hiking in Madhya Pradesh) निकाली जाएगी। जिला प्रभारियों की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Former Chief Minister Digvijay Singh) ने प्रस्ताव दिए हैं। इस प्रपोजल के बाद मीटिंग में फैसला लिया गया कि इसे लेकर दिग्विजय प्लानिंग करेंगे।
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने जिला प्रभारियों की बैठक में एक प्रस्ताव दिया हैं। उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा की तर्ज पर मध्य प्रदेश में पदयात्रा निकालने का प्रस्ताव रखा। इस पदयात्रा में जनता से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। इस प्रस्ताव के बाद बैठक में फैसला हुआ कि दिग्विजय सिंह पदयात्रा को लेकर रणनीति बनाएंगे।
आपको बता दें कि भारत जोड़ो यात्रा का ब्लूप्रिंट भी दिग्विजय सिंह ने तैयार किया था। कांग्रेस को उम्मीद है कि इस पदयात्रा के जरिए पार्टी एमपी में मजबूत होगी। गौरतलब है कि कांग्रेस सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकाली थी। यात्रा के दौरान एक दर्जन राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में सार्वजनिक बैठकें और प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया था।
कैबिनेट से 50 फीसदी मंत्रियों को हटाने की तैयारी कर रहे CM सिद्धारमैया, बनाया मास्टर प्लान
12 Oct, 2025 09:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस शासित कर्नाटक (Karnataka) में जल्द ही बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल के आसार हैं। अटकलें लगाई जा रही हैं कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Chief Minister Siddaramaiah) कैबिनेट से करीब आधे मंत्रियों (Ministers) को हटाने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (Deputy Chief Minister DK Shivakumar) ने कहा है कि इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने कहा है कि सिद्धारमैया ने ने 13 अक्तूबर को सभी कैबिनेट मंत्रियों के लिए रात्रिभोज पर बुलाया है। सूत्रों ने बताया है कि मुखअयमंत्री मौजूदा मंत्रियों में से 50 प्रतिशत को हटाकर नए चेहरों को लाने की योजना बना रहे हैं। रिपोर्ट में पार्टी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि करीब 15 नए मंत्रियों के शामिल होने से आलाकमान को तत्काल बदलना मुश्किल हो जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, AICC यानी ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी से साथ हुई चर्चा में सिद्धारमैया ने नवंबर में कैबिनेट फेरबदल के संकेत दिए थे। खास बात है कि नवंबर में सिद्धारमैया के सीएम के तौर पर ढाई साल पूरे हो रहे हैं। माना जा रहा है कि फेरबदल बिहार विधानसभा चुनाव के बाद हो सकता है।
इधर, डिप्टी सीएम शिवकुमार ने कहा, ‘मुझे ऐसी कोई जानकारी नहीं है। यह काम मुख्यमंत्री का है। हम सी पार्टी के लिए काम करते हैं। मैं इसमें कोई दखल नहीं दूंगा। यह मुख्यमंत्री और पार्टी पर छोड़ा गया है। मैं सिर्फ सुझाव दे सकता हूं। किसी को भी कंफ्यूजन नहीं होना चाहिए।’ दरअसल, कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सिद्धारमैया सरकार के गठन के बाद से ही कथित ढाई साल फॉर्मूले को लेकर चर्चाएं जारी थी। हालांकि, किसी भी नेता ने इसपर खुलकर बात नहीं की है।
दलित नेता मिले
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इन घटनाक्रमों के बीच तीन दलित मंत्रियों की मुलाकात हुई थी। इनमें जी परमेश्वरा, सतीश जरकिहोली और महादेवप्पा का नाम शामिल है। कथित तौर पर इन नेताओं ने इस मुद्दे पर चर्चा की है कि अगर मुख्यमंत्री बदला जाता है, तो दलित नेताओं का कदम क्या होगा। कहा जा रहा है कि दलित मंत्री सीएम पद के लिए परमेश्वरा का नाम आगे बढ़ा सकते हैं।
उद्धव की SC से मांग, निकाय चुनाव से पहले हो चुनाव चिह्न का निपटारा, 12 नवंबर को होगी सुनवाई
12 Oct, 2025 08:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष (Maharashtra Legislative Assembly Speaker) द्वारा एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के नेतृत्व वाले शिवसेना (Shiv Sena) के गुट को ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न देने के फैसले के खिलाफ दायर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले धड़े की याचिका पर सुनवाई के लिए बुधवार को 12 नवंबर की तारीख तय की। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि याचिका पर सुनवाई 12 नवंबर से शुरू होगी और जरूरत पड़ी तो 13 नवंबर को भी जारी रहेगी।
ठाकरे गुट ने अदालत से अनुरोध किया है कि इस मामले की सुनवाई जनवरी 2026 में होने वाले महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनावों से पहले की जाए, ताकि विवाद का समाधान हो सके। शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव अगले साल जनवरी में होने की संभावना है और इसलिए इस मामले में तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि अदालत स्थानीय निकाय चुनावों से पहले इस मामले की अंतिम सुनवाई कर सकती है। पीठ ने कहा, ‘‘हम 12 नवंबर को सभी पक्षों की दलीलें सुनेंगे और अगर जरूरत पड़ी तो हम 13 नवंबर को सुनवाई जारी रख सकते हैं।’’ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी और नीरज किशन कौल पेश हुए।
इससे पहले 14 जुलाई को शीर्ष अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई तय करते हुए कहा था कि यह मुद्दा काफी समय से लंबित है और अनिश्चितता को जारी रहने नहीं दिया जा सकता। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट ने पहले कहा था कि 2023 में विधायी बहुमत के आधार पर पार्टी का चुनाव चिह्न प्रतिद्वंद्वी गुट को सौंपने का विधानसभा अध्यक्ष का फैसला शीर्ष अदालत की संविधान पीठ के फैसले के विपरीत है।
उसने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ अपनी याचिका पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया था जिसके बाद शीर्ष अदालत ने सात मई को ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट से स्थानीय निकाय चुनावों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा था। महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने 10 जनवरी, 2024 को शिंदे सहित सत्तारूढ़ खेमे के 16 विधायकों को अयोग्य ठहराने की शिवसेना (उबाठा) की याचिका खारिज कर दी थी।
विधानसभा अध्यक्ष द्वारा पारित आदेशों को शीर्ष अदालत में चुनौती देते हुए ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट ने दावा किया था कि वे ‘‘स्पष्ट रूप से गैरकानूनी और प्रतिकूल’’ हैं और दलबदल करने वालों को दंडित करने के बजाय, उन्होंने दलबदलुओं को यह कहकर पुरस्कृत किया कि वे असली राजनीतिक दल हैं।
याचिका में दावा किया गया कि विधानसभा अध्यक्ष ने शिवसेना के बहुमत वाले विधायकों को शिवसेना राजनीतिक दल की इच्छा का प्रतिनिधित्व करने वाला मानकर गलती की। अयोग्यता याचिकाओं पर अपने फैसले में, विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों प्रतिद्वंद्वी खेमों के किसी भी विधायक को अयोग्य नहीं ठहराया था।
अध्यक्ष के फैसले ने ठाकरे के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व करने के 18 महीने बाद, तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में शिंदे की स्थिति को और मजबूत कर दिया तथा 2024 के लोकसभा चुनावों और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन (जिसमें भारतीय जनता पार्टी और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भी शामिल हैं) में उनकी राजनीतिक ताकत को और बढ़ा दिया।
पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में शिंदे के नेतृत्व वाले गुट ने सात सीट जबकि विधानसभा चुनावों में 57 सीटें जीतीं, भाजपा ने 132 सीट जीतीं और अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा ने 41 सीट जीतीं। देवेंद्र फडणवीस ने दिसंबर 2024 में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में वापसी की जबकि शिंदे और पवार उपमुख्यमंत्री बने।
‘RSS जैसा संगठन नागपुर में ही…’, छत्रपति शिवाजी महाराज का जिक्र कर बोले मोहन भागवत
11 Oct, 2025 10:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने आरएसएस के गठन और विकास में नागपुर (Nagpur) के अद्वितीय योगदान पर जोर देते हुए कहा कि संगठन का उद्भव केवल शहर में ही हो सकता है, क्योंकि इसमें त्याग और सामाजिक प्रतिबद्धता की अंतर्निहित भावना है.
महाराजा नागपुर ट्रस्ट द्वारा आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए शुक्रवार (10 अक्टूबर) को संघ सरसंघचालक ने कहा, “देश भर में ऐसे लोग हैं जो हिंदुत्व पर गर्व करते हैं और हिंदुओं के बीच एकता का आह्वान करते हैं, मेरा मानना है कि आरएसएस जैसा संगठन केवल नागपुर में ही आकार ले सकता है. त्याग और सामाजिक प्रतिबद्धता की भावना यहां पहले से ही मौजूद थी, जिसने डॉ. हेडगेवार को आरएसएस की स्थापना में मदद की.”
आरएसएस प्रमुख ने छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत का भी ज़िक्र किया और स्वराज और एकता के उनके दृष्टिकोण की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज के प्रयास व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि ईश्वर, धर्म और राष्ट्र के लिए थे. उन्होंने आगे कहा कि उनके आदर्श आज भी शासकों, स्वतंत्रता सेनानियों और यहां तक कि 1857 के विद्रोह को प्रेरित करते हैं.
भागवत ने कहा, “जब शिवाजी महाराज ने स्वराज की स्थापना शुरू की तो उन्होंने लोगों को अपने लिए नहीं बल्कि महान उद्देश्य के लिए एकजुट किया था. उनकी एकता की भावना ने ही लोगों को ताकत दी. जब तक उनके आदर्श समाज को प्रेरित करते रहे, उस युग का इतिहास प्रगति और विकास से भरा रहा. शिवाजी महाराज के दर्शन ने देश भर के शासकों और स्वतंत्रता सेनानियों को प्रभावित किया और 1857 के विद्रोह को भी प्रेरित किया.
दिल्ली में BJP की महाबैठक, बिहार चुनाव को लेकर शाह-नड्डा वरिष्ठ नेताओं के साथ कर रहे मंथन
11 Oct, 2025 09:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार (Bihar) विधानसभा चुनाव (Assembly elections) में सीट बंटवारे को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (National Democratic Alliance) में बातचीत का दौर अब अंतिम चरण है। भाजपा (BJP) और जदयू (JDU) ने अपने कई पुराने चेहरों को हरी झंडी भी दे दी है। लेकिन, अब तक औपचारिक रूप से घोषणा नहीं की है। यह घोषणा आज शाम तक संभावित है। लेकिन, इससे पहले भारतीय जनता पार्टी की कोर कमेटी के सदस्य दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर पर जुटे हैं। गृह मंत्री अमित शाह, बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय समेत भाजपा के वरिष्ठ नेता सीट शेयरिंग समेत कई मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीट बंटवारे का काम 95 फीसदी तक हो चुका है। भाजपा और जदयू दोनों 100 से अधिक पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। केंद्रीय चिराग पासवान की पार्टी को 28, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को आठ और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को करीब पांच सीटें भाजपा और जदयू देना चाहती है। लेकिन, लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा मानने को तैयार नहीं। चिराग 35 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। वहीं जीतन राम मांझी का तर्क है कि राज्य स्तर की पार्टी बनने के लिए आठ विधायक चाहिए। हमारे पास पहले से चार विधायक हैं। ऐसे में 15 सीटों से कम पर चुनाव हमलोग नहीं लड़ कसते हैं। वहीं आरएलएसपी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने 24 सीटों की मांग की है। तीनों पार्टी के नेताओं ने चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से मिलकर अपनी-अपनी बात रख दी है। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने दावा किया है कि एनडीए के घटक दलों के कहीं कोई मतभेद नहीं है। सबलोग एकजुट हैं। जल्द ही सीट बंटवारे का एलान कर दिया जाएगा।
पवन सिंह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, कहा- BJP का सच्चा सिपाही हूं और रहूंगा
11 Oct, 2025 08:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोजपुरी के सुपरस्टार पवन सिंह (Pawan Singh) विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) नहीं लड़ेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स एक पोस्ट के जरिए चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि मैंने बिहार (Bihar) विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी ज्वाइन नहीं किया था। पार्टी का सच्चा सिपाही हूं और रहूंगा।
पवन सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- मैं भोजपुरीया समाज से बताना चाहता हूं कि मैं बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी ज्वाइन नहीं किया था और नाहीं मुझे विधानसभा चुनाव लड़ना है। मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूं और रहूंगा।
PM मोदी की किसानों को बड़ी सौगात, 35 हजार करोड़ की योजनाओं का किया शुभारंभ
11 Oct, 2025 06:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शनिवार को देश के किसानों (Farmers) को बड़ी सौगात (Gift) दी। प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector) के लिए करीब 35,440 करोड़ रुपये की दो अहम योजनाओं की शुरुआत की। इसमें करीब 24 हजार करोड़ रुपये की ‘धन धान्य कृषि योजना’ (Dhan Dhanya Krishi Yojana) की भी शुरुआत की गई। पीएम मोदी ने नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में विशेष कृषि योजना में शिरकत की। कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लोकनायक जयप्रकाश की जयंती के अवसर पर जेपी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना के तहत सरकार देश के 100 जिलों में कृषि उत्पादन को बढ़ाने, किसानों को कर्ज देने, सिंचाई और फसलों में विविधता और फसल प्रबंधन को बेहतर करने का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही पीएम मोदी ने दालों में मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए छह वर्षीय मिशन योजना की भी शुरुआत की। यह योजना 11,440 करोड़ रुपये की है। करीब 3,650 करोड़ रुपये की लागत से कृषि आधारभूत ढांचा फंड योजना की शुरुआत की गई है। पशुपालन के लिए 17 विभिन्न प्रोजेक्ट्स के लिए करीब 1166 करोड़ रुपये भी जारी किए गए हैं।
पीएम मोदी ने मतस्य पालन योजना के लिए भी करीब 693 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। फूड प्रोसेसिंग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए करीब 800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार किसानों के बीच प्राकृतिक खेती को लोकप्रिय करने के लिए भी योजना चला रही है। विशेष कृषि कार्यक्रम में हिस्सा लेने से पहले पीएम मोदी ने विभिन्न किसानों से मुलाकात की और उनसे कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और इस क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों पर चर्चा की।
‘सभी को प्रमोशन में रिजर्वेशन मिलेगा’, सीएम मोहन यादव बोले- कुछ लोग कोर्ट चले गए, आज नहीं तो कल फैसला होगा
11 Oct, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में आरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने ओबीसी आरक्षण को लेकर विपक्ष के हमले पर पलटवार किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग ओबीसी आरक्षण को लेकर कोर्ट चले गए। आज नहीं तो कल फैसला आएगा. सामान्य, ओबीसी सभी को आरक्षण मिलेगा।
चमत्कारी धाम का रहस्य! दक्षिण में बसे इस खाटू श्याम मंदिर की महिमा
शनि की उल्टी चाल से बदलेगा भाग्य, इन 3 राशियों को मिलेगा धन और प्यार
वनाधिकार पट्टा और पीएम आवास से मुरिया परिवार को मिला नया जीवन
वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
राज्यपाल पटेल से भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले
मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये करें समन्वित प्रयास : मंत्री कुशवाह
लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन
चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर
कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल
