राजनीति
कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की आहट ? कांग्रेस विधायक के बयान से अटकलें तेज
2 Oct, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। कुनिगल से कांग्रेस विधायक एच डी रंगनाथ ने बुधवार को अपने राजनीतिक गुरु उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को एक दिन मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखने की इच्छा जताई। हालांकि सीएम सिद्धारमैया ने एक बार फिर इन अटकलों को खारिज कर दिया है।
एच डी रंगनाथ का कहना है,कि पार्टी हाईकमान को 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत (224 में से 140 सीटें) दिलाने में शिवकुमार की भूमिका को मान्यता देनी चाहिए।
रंगनाथ ने कहा, मेरे लिए मेरे राजनीतिक गुरु डीके शिवकुमार हैं। हमने देखा है कि वह सामाजिक सेवा करते हैं, प्रशासनिक दक्षता दिखाते हैं और विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हैं। हर नेता कह रहा है कि कांग्रेस को 140 सीटें शिवकुमार की मेहनत से मिलीं। इसलिए हाईकमान को उन्हें उचित सम्मान और स्थान देना चाहिए।
रंगनाथ, जो शिवकुमार के रिश्तेदार भी हैं, ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनता की भावना को देखते हुए यह उम्मीद स्वाभाविक है कि वह आने वाले दिनों में कर्नाटक की कमान संभालेंगे।
उन्होंने कहा, सुबह 8 बजे से रात 3 बजे तक मेहनत करने वाला कोई दूसरा नेता दिखाइए। उनके पास भगवान का आशीर्वाद है, हाईकमान का भरोसा है और जनता का प्यार है। इसलिए एक दिन वह मुख्यमंत्री जरूर बनेंगे।
हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि यह कब होगा, तो उन्होंने कहा, मैं इतना बड़ा नहीं हूं कि भविष्यवाणी कर सकूं। यह हाईकमान का फैसला है।
सीएम सिद्धारमैया की भी तारीफ की
रंगनाथ ने मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की भी तारीफ की और कहा कि उन्होंने गरीबों के लिए पांच गारंटी योजनाएं लागू कीं, जो पूरे देश के लिए मॉडल बन गई हैं। फिर भी, उन्होंने दोहराया कि आने वाले दिनों में शिवकुमार मुख्यमंत्री बनेंगे।
इसी बीच, पूर्व मांड्या सांसद एल आर शिवरामे गौड़ा ने भी कहा कि शिवकुमार के भविष्य को लेकर कोई संदेह नहीं है, लेकिन अंतिम फैसला हाईकमान का होगा। उन्होंने दावा किया कि नवंबर में सत्ता परिवर्तन संभव है।
पांच साल का कार्यकाल पूरा करूंगा: सीएम सिद्धारमैया
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, लोग कहते रहते हैं कि नवंबर में ढाई साल पूरे हो जाएंगे। मैं कहना चाह रहा हूं कि आलाकमान का जो भी फैसला हो, हमें उसका पालन करना होगा। अगले साल मैसूर दशहरा पर मैं फूल क्यों न चढ़ाऊं? मुझे उम्मीद है कि मैं चढ़ाऊंगा। मैं इतने सालों से यही करता आ रहा हूं। मैंने ढाई साल पूरे कर लिए हैं और अगले ढाई साल तक सत्ता में बना रहूंगा।
कांग्रेस ने पार्टी नेताओं को जारी किया था नोटिस
बता दें कि कांग्रेस नेतृत्व पहले ही कार्यकर्ताओं और नेताओं को सत्ता परिवर्तन पर सार्वजनिक बयान देने से मना कर चुका है। कई नेताओं को इस तरह की टिप्पणी के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।
उधर, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 11 जुलाई को भी साफ कहा था कि वह अपना पूरा पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। हालांकि, पहले यह चर्चा थी कि कांग्रेस में पावर-शेयरिंग फॉर्मूला है जिसके तहत सिद्धारमैया ढाई साल और उसके बाद ढाई साल शिवकुमार मुख्यमंत्री रहेंगे। नवंबर में सिद्धारमैया का यह ढाई साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है, ऐसे में राजनीतिक हलकों में अटकलें फिर तेज हो गई हैं।
राजनाथ सिंह का बयान, मजबूत रक्षा व्यवस्था के लिए वित्तीय अनुशासन अनिवार्य
2 Oct, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने कहा कि सैन्य शक्ति को बनाए रखने के लिए (To maintain Military Strength) वित्तीय अनुशासन भी जरूरी है (Financial discipline is also Necessary) ।
ऑपरेशन सिंदूर में पूरी दुनिया ने देखा कि किस तरह से हमारी सेनाओं ने एक ऐतिहासिक और निर्णायक जीत हासिल की। हमने अपनी सेनाओं का शौर्य देखा, उनका पराक्रम देखा। यह बात कहने के साथ ही रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि वित्तीय अनुशासन के बिना किसी भी सैन्य शक्ति को नहीं बनाए रखा जा सकता । रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी सेनाओं के शौर्य के पीछे जो शक्ति होती हैं, उसमें डिफेंस अकाउंट डिपार्टमेंट की एक बड़ी भूमिका है। यहां उन्होंने कहा कि शांति काल में तो पेंशन और वेलफेयर स्कीम में इस विभाग की भूमिका तो रहती ही है, लेकिन युद्ध के दौरान में भी आप लोग संसाधनों के सदुपयोग में तथा युद्ध की तैयारियों में जो भूमिका निभाते हैं, उसके लिए आप बधाई के पात्र हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि अब यह समय की मांग है कि हम भारत में एक ऐसा इनोवेटिव इकोसिस्टम तैयार करें जो रिसर्च व डेवलपमेंट आधारित टेक्नोलॉजी को हमारे रक्षा क्षेत्र में बढ़ावा दे। राजनाथ सिंह ने कहा, “मेरा मानना है कि रक्षा बजट के संरक्षक के रूप में आप सभी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए आप रिसर्च व डेवलपमेंट को सुगम बनाने की दिशा में भी जरूर विचार-विमर्श करें।”
उन्होंने कहा, “यदि हम सही सोच और समन्वय के साथ काम करें, तो नियमों का पालन करते हुए भी, हमारी सेनाओं की आवश्यकताओं को समय पर पूरा किया जा सकता है। यही संतुलन हमारे कार्य का सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर है। जब यह संतुलन साध लिया जाता है, तब चाहे कितनी भी बड़ी चुनौती क्यों न आ जाए, हम उसे न केवल पार कर सकते हैं, बल्कि उससे और मजबूत बनकर भी निकलते हैं।” उन्होंने जीएसटी पर बोलते हुए कहा कि भारत सरकार ने, अभी हाल ही में, एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत जीएसटी दरों में सुधार किया गया है। इसका सीधा प्रभाव रक्षा खरीद पर भी पड़ना तय है। यह हमारे लिए बहुत अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि चीजों के दाम कम होने से, अधिक से अधिक रक्षा खरीद संभव हो सकेगी।
रक्षा मंत्री ने कहा, “किसी भी राष्ट्र की शक्ति, उसकी सेनाओं के साथ-साथ, उन लोगों की निष्ठा में भी होती है जो पर्दे के पीछे रहकर उस सेना को मजबूत करते हैं। आप लोगों की जिम्मेदारियां और आप लोगों का महत्व, दोनों ही बहुत ज्यादा हैं। आपका काम आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का भी कार्य है। आपके भीतर यह विश्वास होना चाहिए कि आप सिर्फ आज का नहीं, बल्कि आने वाले कल का भारत भी गढ़ रहे हैं।” उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वित्तीय जड़ें कितनी मजबूत हैं, उससे उस राष्ट्र की मजबूती दिखती है। फाइनेंस किसी भी देश की जीवनरेखा होती है। जिस प्रकार हमारे शरीर में रक्त का संचार निरंतर बना रहना चाहिए, उसी प्रकार राष्ट्र की गवर्नेंस और उसकी डिफेंस मशीनरी को सुचारू रूप से चलाने के लिए, फाइनेंशियल फ्लो भी बहुत अनिवार्य है।
रक्षा मंत्री ने कहा, “हम सबको अपने मन में यह बात बहुत स्पष्ट रखनी चाहिए कि हम जो भी काम कर रहे हैं, वह केवल ‘काम करने के लिए काम’ न हो। यह केवल एक ड्यूटी या प्रोफेशन न हो। यह हमारे लिए सेवा हो, साधना हो। हमें यह समझना होगा कि हमारा हर निर्णय सीधे-सीधे हमारे जवानों की सुरक्षा, उनके मनोबल और हमारे राष्ट्र की शक्ति से जुड़ा है। मुझे पूरा विश्वास है कि आपके अंदर यह भावना अवश्य होगी कि आप राष्ट्र उत्थान में योगदान देना चाहते हैं, लेकिन मैं चाहता हूं कि यह भावना केवल एक अचानक आने वाली प्रेरणा के रूप में न रहे, बल्कि यह आपके अंदर स्थायी रूप से संस्कारित हो जाए।” उन्होंने कहा कि चाहे हमारी सेना कितनी भी सक्षम क्यों न हो, यदि समय पर उनके लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं होंगे, तो उनकी क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में डिफेंस अकाउंट डिपार्टमेंट (डीएडी) के 278वें स्थापना दिवस के अवसर पर बोलते हुए यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि डीएडी वह अदृश्य सेतु है, जो वित्त और फोर्स को जोड़ता है।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी बोले- जनगणना 2027 बनेगी सामाजिक बदलाव का माध्यम
2 Oct, 2025 11:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ । कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी (Congress MP Manish Tiwari) ने कहा कि जनगणना 2027 (Census 2027) को सामाजिक न्याय का परिवर्तनकारी उपकरण बनाया जाए (Make transformative tool for Social Justice) ।
आगामी जनगणना 2027 में उप-जातियों की गणना अवश्य शामिल की जानी चाहिए । मनीष तिवारी ने कहा कि संविधान सभा ने सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय पर आधारित आधुनिक राष्ट्र-राज्य के निर्माण का संकल्प लिया था। इसी के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों को समान अवसर और अधिकार सुनिश्चित करने के लिए संवैधानिक प्रावधान किए गए।
उन्होंने कहा कि उप-जातियों और गोत्र जैसे वंशानुगत पहचान चिह्नों को शामिल किए बिना, और उन्हें आर्थिक संकेतकों से जोड़े बिना, जनगणना 2027 भारतीय समाज की वास्तविक तस्वीर सामने नहीं ला पाएगी। यह केवल राजनीतिक प्रतीकवाद तक सीमित रह जाएगी और नीतिनिर्माण में इसका ठोस उपयोग नहीं हो सकेगा।
मनीष तिवारी ने ज़ोर दिया कि जस्टिस रोहिणी आयोग की रिपोर्ट पहले ही दिखा चुकी है कि ओबीसी उप-जातियों में असमानता बनी हुई है, जहाँ केवल 25% उप-जातियों ने 97% आरक्षण लाभ उठाया। यदि विस्तृत दस्तावेज़ीकरण नहीं होगा, तो नीतियाँ केवल प्रभुत्वशाली उप-समूहों को ही लाभ पहुंचाएँगी और आंतरिक विषमता बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि डिजिटल जनगणना से यह अवसर है कि समाज का एक्स रे, एमआरआई और सीटी स्केन तैयार किया जाए, ताकि वास्तविक वंचित वर्गों तक लाभ पहुँच सके। इसके लिए आवश्यक है कि राजनीतिक और प्रशासनिक इच्छाशक्ति दिखाई जाए और जनगणना 2027 को मात्र गिनती और आँकड़े से आगे ले जाकर सामाजिक न्याय का परिवर्तनकारी उपकरण बनाया जाए|
उन्होंने कहा कि यह देश की पहली पूर्णत: डिजिटल जनगणना होगी, जो परिष्कृत डेटा एनालिटिक्स और मेटाडेटा अध्ययन का अभूतपूर्व अवसर प्रदान करती है, लेकिन यदि डेटा संग्रहण केवल व्यापक जाति श्रेणियों तक सीमित रहा, तो यह अवसर व्यर्थ हो जाएगा।
मुख्यमंत्री मान बोले- पंजाब को उद्योग और निवेश का हब बनाया जाएगा
2 Oct, 2025 10:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ । मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Chief Minister Bhagwant Singh Mann) ने कहा कि पंजाब को निवेशकों (For Investors Punjab) की पहली पसंद बनाया जाएगा (Will be made the First Choice) ।
पंजाब सरकार ने विकास और निवेश की एक नई शुरुआत की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का लक्ष्य है कि पंजाब को सिर्फ़ खेती पर निर्भर राज्य न माना जाए, बल्कि इसे उद्योग और रोज़गार के लिए भी जाना जाए। सरकार ने ठान लिया है कि पारदर्शी शासन, बेहतर नीतियाँ और मज़बूत ढाँचा देकर पंजाब को निवेशकों की पहली पसंद बनाया जाएगा। इसी सोच के साथ पंजाब अब तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
सीएम मान ने कहा कि पंजाब में निवेश करने से उद्योगपतियों को सुरक्षित माहौल और तेज़ी से बढ़ते बाज़ार का लाभ मिलेगा। इस कार्यक्रम में पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों ने हीरो साइकिल्स, राल्सन इंडिया, एम्बर एंटरप्राइजेज, उन्मिंडा, जीएमआर एयरपोर्ट्स और कई अन्य बड़ी कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात की। बैठकों में मोबिलिटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, उपभोक्ता उत्पाद, ऑटोमोबाइल पार्ट्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों पर चर्चा हुई। इन कंपनियों ने पंजाब में निवेश की संभावनाओं को लेकर उत्साह दिखाया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मौके पर बताया कि सरकार ने ‘इन्वेस्ट पंजाब’ नाम से एक विशेष तंत्र बनाया है। इसके ज़रिए उद्योगपतियों को सारी ज़रूरी सुविधाएँ और मंज़ूरियाँ तेज़ी से दी जाएँगी। इससे निवेशकों का समय बचेगा और उन्हें बिना रुकावट के अपना काम आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा। मान सरकार का मानना है कि निवेश बढ़ने से पंजाब के युवाओं को रोज़गार मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था और मज़बूत होगी।
गुरुग्राम का यह रोड शो प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट 2026 की तैयारियों का हिस्सा था। यह सम्मेलन पंजाब को निवेश और उद्योग का बड़ा केंद्र बनाने के लिए एक अहम कदम है। इस आयोजन के ज़रिए राज्य सरकार ने पूरे देश के उद्योगपतियों को संदेश दिया है कि पंजाब अवसरों से भरा हुआ है और निवेश करने के लिए बिल्कुल तैयार है।
इस मौके पर जेनपैक्ट के संस्थापक और पंजाब इनोवेशन मिशन के चेयरमैन प्रमोद भसीन ने भी पंजाब सरकार की पहल की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि पंजाब का माहौल निवेश के लिए बहुत अच्छा है और यहाँ तेज़ी से नए अवसर पैदा हो रहे हैं। पंजाब सरकार की दूरदर्शी सोच और नीतियों से साफ है कि आने वाले समय में पंजाब उद्योग, रोज़गार और विकास का नया केंद्र बनेगा।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि गुरुग्राम में हाल ही हुए एक बड़े रोड शो में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने देश के प्रमुख उद्योगपतियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि पंजाब निवेश के लिए पूरी तरह सुरक्षित और अनुकूल राज्य है। यहाँ सरकार उद्योगों के लिए हर तरह की मदद करेगी और विकास को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी।
आसियान समिट में होगी मोदी-ट्रंप की मुलाकात
2 Oct, 2025 09:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टैरिफ संकट और एच-1बी वीजा की कड़वाहट होगी दूर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसी महीने अक्टूबर के आखिर में होने वाले 47वें आसियान समिट के दौरान पहली बार आमने-सामने आ सकते हैं। यह बैठक हालिया टैरिफ विवाद और बढ़ते वैश्विक तनावों के बीच अहम मानी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी 26-28 अक्टूबर 2025 को मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में होने वाले 47वें आसियान समिट में भाग लेंगे। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने मोदी और ट्रंप दोनों की उपस्थिति की पुष्टि करते हुए कहा कि यह सम्मेलन वैश्विक तनावों के बीच एक बड़ा नेविगेशन कार्य होगा।
ट्रंप को मलेशिया ने आधिकारिक निमंत्रण भेजा था, जिसे उन्होंने जुलाई 2025 में अनवर को फोन कर स्वीकार किया। यह उनका 2017 के बाद पहला आसियान समिट होगा। इस यात्रा के दौरान ट्रंप एशिया के कई देशों का दौरा भी करेंगे। अगर मोदी और ट्रंप की मुलाकात होती है तो यह अगस्त 2025 में अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद उनकी पहली बहुपक्षीय मुलाकात होगी। इस टैरिफ का असर भारत के टेक्सटाइल, जेम्स-ज्वेलरी और केमिकल जैसे क्षेत्रों पर पड़ा है, जिससे करीब 8-27 अरब डॉलर के निर्यात प्रभावित होने का अनुमान है। गौरतलब है कि दोनों नेता जून 2025 में कनाडा में हुए जी-7 समिट के दौरान आमने-सामने नहीं आ सके थे। ऐसे में कुआलालंपुर समिट द्विपक्षीय संबंधों के लिए अहम अवसर माना जा रहा है।
ट्रंप-मोदी मीटिंग का एजेंडा
विशेषज्ञों का मानना है कि बैठक के एजेंडे में व्यापार तनाव कम करने, एच-1बी वीजा, इंडो-पैसिफिक रणनीतिक सहयोग और रूस से भारत के तेल आयात जैसे मुद्दे प्रमुख हो सकते हैं। चर्चाओं के जरिए एक रीसेट की संभावना भी जताई जा रही है। अमेरिकी टैरिफ का बोझ भारत की जीडीपी वृद्धि दर पर भी असर डाल सकता है। हालांकि भारत ने अब तक कोई जवाबी टैरिफ लागू नहीं किया है और मेड इन इंडिया पहल और जीएसटी सुधारों के जरिए आत्मनिर्भरता पर जोर दिया है।
मुख्यमंत्री धामी बोले- बुजुर्गों की देखभाल के लिए राज्य में मास्टर ट्रेनर बनाए जा रहे हैं
2 Oct, 2025 09:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) ने कहा कि उत्तराखंड में बुजुर्गों के लिए (For the elderly in Uttarakhand) मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं (Master Trainers are being Prepared) ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को ‘वृद्धजन दिवस’ के अवसर पर देहरादून के हिमालयन कल्चरल सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बुजुर्गों के कल्याण और देखभाल के लिए अनेक योजनाएं चल रही हैं। उनके स्वास्थ्य से लेकर उनके समग्र कल्याण और उनके इलाज का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि उत्तराखंड के रुद्रपुर और देहरादून में आधुनिक वृद्धाश्रम बनाए जा रहे हैं। राज्य के हर जिले में हम वृद्धाश्रम बना रहे हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं। इस साल राज्य में सभी बुजुर्गों को मानव संसाधन के लिए कमी न पड़े, इसके लिए 150 से ज्यादा मास्टर ट्रेनर हर जिले में प्रशस्त करने का लक्ष्य रखा है, ताकि समय पर बुजुर्गों की देखभाल हो पाए। सीएम धामी ने बताया कि बुजुर्गों की मोतियाबिंद की बीमारी को लेकर सरकार ने लक्ष्य रखा है कि इस बार 1300 लोगों का ऑपरेशन कराया जाएगा। इसके अलावा, बुजुर्गों के लिए अन्य व्यवस्थाएं भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं आशीर्वाद चाहता हूं। हमारे बुजुर्ग हमारी संस्कृति और मूल्यों के रक्षक और जीवंत वाहक हैं। हमारी सरकार वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत बुजुर्गों को 1,500 रुपये मासिक पेंशन प्रदान कर रही है।”
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अगर छात्रों के लिए सिर कटाना पड़े तो सिर भी कटा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों के भविष्य की बात है तो वह झुकना तो दूर, सर कटाने को भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि गैप के कारण संवाद ठीक तरीके से नहीं हो पा रहा था, इसलिए मौके पर जाकर खुद संवाद स्थापित किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “गर्मी में हमारे बेटे-बेटियां धरने पर बैठे थे और मांग कर रहे थे। कुछ लोगों को जरूर लगता होगा कि मैं वहां क्यों चला गया, क्या मैं झुक गया? लेकिन मुझे लगता है कि बच्चों के लिए झुकना क्या, अगर उनके लिए सिर कटाना पड़े तो सिर भी कटाएंगे। वे हमारे देश का भविष्य हैं।”
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी समारोह पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 100 वर्षों की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यात्रा देश के वैभव को आगे बढ़ाने वाली रही है। राष्ट्रवाद व समाज का निर्माण करना हो या कोई आपदा की स्थिति हो, संघ का हर दृष्टि से वैभव काल रहा है। पूरे देश में अनेक कार्यक्रम हो रहे हैं, यह हम सबके लिए अनुकरणीय है।
हरियाणा : राव नरेंद्र कांग्रेस अध्यक्ष बनते ही विवादों में घिरे, INLD ने दिखाई घोटाले की सीडी
1 Oct, 2025 07:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस (Congress) हाईकमान ने बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) से पहले हरियाणा अध्यक्ष (Haryana President) बदल दिया है। पूर्व मंत्री राव नरेंद्र (Rao Narendra) को हरियाणा कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है लेकिन राव की नियुक्ति से जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी है तो वहीं, विपक्ष ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने सोमवार को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राव नरेंद्र की पुरानी सीडी दिखाई, जिसमें वह किसी व्यक्ति से 30 एकड़ जमीन की सीएलयू (चेंज आफ लैंड यूज) का सौदा करने की बातचीत कर रहे हैं।
रामपाल माजरा ने पत्रकारों को सीडी दिखाने के साथ-साथ उसमें हुई बातचीत का ब्योरा लिखित में भी दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए राव नरेंद्र सिंह पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप हैं और उन पर पहले से एफआईआर दर्ज है।
माजरा और डबवाली के विधायक आदित्य देवीलाल ने सीडी जारी करते हुए कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कांग्रेस ने विपक्ष का नेता बनाया है। हुड्डा तो इसके लिए बधाई के पात्र हैं ही, साथ ही भाजपा भी बधाई की पात्र हैं, क्योंकि भाजपा जिसे चाहती थी, कांग्रेस हाईकमान ने विपक्ष का नेता उसे बना दिया है। माजरा ने कहा कि राहुल गांधी ने हाल ही में बयान दिया था कि हरियाणा की कमान किसी युवा के हाथ में देंगे, लेकिन उसके उलट भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों को प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बना दिया गया है। भाजपा के लिए हुड्डा हमेशा फायदेमंद रहे हैं। इसीलिए भाजपा ने पिछले एक साल से विपक्ष का नेता नहीं होते हुए भी हुड्डा से सरकारी कोठी खाली नहीं करवाई।
राबर्ट वाड्रा की कंपनी को भी सीएलयू देने के चलते हरियाणा कांग्रेस संगठन में हुए बदलाव
माजरा ने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा के राज में हरियाणा में कई जमीन घोटाले हुए थे। विधायकों को सीएलयू दिए जाते थे और उनसे मोटी रकम ली जाती थी। तब इनेलो ने कांग्रेस के तत्कालीन मंत्री राव नरेंद्र का स्टिंग आपरेशन करने के बाद सीडी जारी की थी। माजरा ने आरोप लगाया कि इस सीडी में राव नरेंद्र सीएलयू करवाने के 30 करोड़ से 50 करोड़ रुपए तक मांगते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस ने अपनी पार्टी में हर तरफ देखा, लेकिन कोई भी साफ सुथरी छवि वाला व्यक्ति नहीं मिला। कैप्टन अजय यादव ने राव नरेंद्र सिंह की नियुक्ति को लेकर जो सवाल उठाए हैं, वह बिल्कुल सही हैं।
उन्होंने कहा कि राव नरेंद्र को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की कांग्रेस पार्टी की कौन-सी मजबूरी थी, यह राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हुड्डा सरकार में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हास्पिटेलिटी को भी सीएलयू दिया गया था। शायद उसी के चलते हरियाणा कांग्रेस के संगठन में यह बदलाव हुए हैं। कांग्रेस ने पुरानी शराब को नई बोतल में डाल के दिया है। अगर कांग्रेस को प्रदेशाध्यक्ष चुनना था तो कुमारी सैलजा, अशोक अरोड़ा, रणदीप सुरजेवाला, कैप्टन अजय यादव और कुलदीप शर्मा में से किसी को चुन सकती थी।
क्या था सीडी कांड
सीडी कांड साल 2013 का है, जब इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कांग्रेस के तत्कालीन पांच विधायकों राव नरेंद्र, विनोद भ्याना, नरेश सेलवाल, जरनैल सिंह और रामनिवास घोड़ेला की सीडी जारी की थी। इसमें इन सभी पर सीएलयू के बदले पैसे मांगने के आरोप थे। लोकायुक्त ने पांचों तत्कालीन विधायकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। अब भी एंटी करप्शन ब्यूरो के पास जांच लंबित है। विनोद भ्याना इस समय हांसी से भाजपा के विधायक हैं। बाकी चारों कांग्रेस की राजनीति कर रहे हैं। राव नरेंद्र व रामनिवास घोड़ेला इस समय विधायक नहीं हैं, जबकि नरेश सेलवाल और जरनैल सिंह कांग्रेस के विधायक हैं।
भाजपा के हाथों में खेल रही इनेलो, इसलिए लगा रही झूठे आरोप: राव नरेंद्र सिंह
नए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र ने इनेलो द्वारा लगाए गए आरोपों का कहा कि इनेलो नेता भाजपा के हाथों में खेल रहे हैं और इसीलिए कांग्रेस पर हमेशा से तथ्यहीन, झूठ और राजनीतिक द्वेष पूर्ण आरोप लगाते आए हैं। सच्चाई यह है कि इतने वर्षों से इनेलो नेता, इस मामले में खुद कोर्ट में बुलाने पर भी पेश नहीं हो रहे हैं, जबकि हम स्वयं 2016 में इस मामले को लेकर कोर्ट में गुहार लगाई थी और इनेलो के नेताओ को पार्टी बनाया था। कोई भी नेता 9 साल में कोर्ट में पेश तक नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि इनेलो ना तो सबूत लेकर कोर्ट में आई और ना ही जवाब देने की हिम्मत कर पाई, क्योंकि इस पार्टी को पता है कि उनके द्वारा जारी किया गया वीडियो पूरी तरह से एडीटिड है। इनेलो यह फर्जी वीडियो लेकर सामने आई थी, तब लोकायुक्त ने भी इसकी जांच की थी। फॉरेंसिक जांच में यह साबित हो चुका है कि इनेलो की वीडियो एडेटिड थी। इनेलो नेताओं से जब मूल वीडियो मांगा गया, तो उन्होंने जानबूझकर ब्लैंक पेन ड्राइव लोकायुक्त को सौंप दी और मूल वीडियो को छिपा लिया क्योंकि मूल वीडियो सामने आने पर यह पार्टी पूरी तरह बेनकाब हो जाती।
राव नरेंद्र ने कहा कि इनेलो हरियाणा में पूरी तरह साख खो चुकी और बीजेपी की प्रोक्सी के रूप में काम करने वाली इस पार्टी के बयानों या टिप्पणियों का कोई महत्व नहीं है। ये लोग केवल झूठ और तथ्यहीन आरोपों के आधार पर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। इनके हर झूठ का जवाब पहले भी कोर्ट में दिया गया है। हम कोर्ट को मानने वाले लोग है। भविष्य में भी कोर्ट में ही जवाब दिया जाएगा।
असदुद्दीन ओवैसी से पूछा सवाल, पहलगाम हमले के समय आप PM होते क्या करते? दिया ये जवाब
1 Oct, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने मंगलवार को कहा कि पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam terror attack) के बाद पाकिस्तान (Pakistan) को करारा जवाब देने का सुनहरा अवसर था, लेकिन केंद्र सरकार ने कार्रवाई रोककर राष्ट्र की भावनाओं की अनदेखी की। पुणे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ओवैसी ने कहा, “एक भारतीय होने के नाते मैं कहना चाहता हूं कि पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान को जवाब देने का मौका था। मैं हैरान हूं कि सरकार ने क्यों रोक दिया। पूरे देश का माहौल तैयार था, लेकिन कार्रवाई रोक दी गई। ऐसे अवसर बार-बार नहीं आते।”
एक सवाल पर कि अगर वह प्रधानमंत्री होते तो क्या करते ओवैसी ने कहा कि उन्हें ऐसे काल्पनिक सवालों में दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं वास्तविकता पर ध्यान देता हूं और अपनी सीमाएं जानता हूँ। मेरा लक्ष्य सिर्फ प्रधानमंत्री या मंत्री बनना नहीं है।”
पाकिस्तान पर सख्त रुख की मांग
ओवैसी ने दावा किया कि पाकिस्तान की ओर से गुजरात से लेकर कश्मीर तक ड्रोन गतिविधियां देखी गईं, जिससे युद्ध जैसे हालात थे। उन्होंने कहा, “ऐसे समय सरकार को पीछे नहीं हटना चाहिए था। अब संसद में बैठकर पीओके हासिल करने की बात करते हैं।”
गौरतलब है कि सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन सिंदूर को समाप्त नहीं बल्कि विराम दिया गया है। यह अभियान 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत ने जवाबी कार्रवाई में आतंकियों के ठिकानों और हवाई ठिकानों को निशाना बनाया था।
ओवैसी ने एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान पाकिस्तान को लेकर केंद्र की नीति की भी आलोचना की। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र में आगामी नगर निकाय चुनाव लड़ने का ऐलान किया।
चुनाव लड़ने पर अभी तक मन नहीं बना सके चिराग पासवान, बोले- पहले सीट साफ हो, फिर फैसला करेंगे
1 Oct, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । लोक जनशक्ति पार्टी – रामविलास (एलजेपी-आर) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (Union Minister Chirag Paswan) अभी तक मन नहीं बना सके हैं कि बिहार (Bihar) के विधानसभा चुनाव (assembly elections) में वो खुद लड़ेंगे या नहीं लड़ेंगे। चिराग पासवान ने कहा है कि पहले सीट बंटवारा हो जाए कि किस पार्टी को कितनी और कौन सीटें मिलीं, तब उनकी पार्टी का केंद्रीय संसदीय बोर्ड तय कर लेगा कि उनको चुनाव लड़ना है या नहीं लड़ना है। ‘बिहार बुला रहा है’ बोलकर चुनाव से पहले संकल्प सभाओं के साथ चिराग ने मुख्यमंत्री पद की रेस में कूदने का माहौल बना दिया था, लेकिन बाद में उन्होंने साफ कर दिया कि नीतीश कुमार सीएम हैं और आगे भी सीएम रहेंगे।
चिराग पासवान की शुरुआती सभाओं के दौरान यह बात भी चली थी कि वो आरा में किसी सीट से खुद भी लड़ सकते हैं। उनके बहनोई और पार्टी के सांसद अरुण भारती ने भी इस तरह की बातों को हवा दी। लेकिन जब चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी से कोई कार्यकर्ता डिप्टी सीएम पद को सुशोभित करे तो यह समझ बनी कि सीएम पद की सीधी दावेदारी साफ नहीं हो तो चिराग खुद नहीं लड़ेंगे लेकिन डिप्टी सीएम पद के लिए पार्टी से किसी को बढ़ाएंगे। इस रेस में अरुण भारती का ही नाम चला और सीट सिकंदरा बताई जा रही है, जहां से जीतनराम मांझी की पार्टी हम के प्रफुल्ल मांझी सिटिंग विधायक हैं।
चिराग पासवान ने मंगलवार को कहा- “एक बार सीट शेयरिंग हो जाए। ये तमाम विषय ऐसे हैं, जो हमारे सेंट्रल पार्लियामेंट्री बोर्ड में पेंडिंग पड़े हैं, जिस पर अंतिम फैसला केंद्रीय संसदीय बोर्ड को लेना है। लड़ना चाहिए, नहीं लड़ना चाहिए, सारे मत केंद्रीय संसदीय बोर्ड के पास आ गए हैं। पहले यह साफ होना जरूरी है कि कितनी सीटों पर लोक जनशक्ति रामविलास चुनाव लड़ रही है। गठबंधन का क्या स्वरूप होने वाला है। कौन कहां से चुनाव लड़ रहा है। सीटों की संख्या ही नहीं, सीटों का चयन भी प्राथमिकता में है। इन तमाम विषयों पर जब स्थिति साफ होगी तो उसी के साथ यह भी तय कर लिया जाएगा कि मैं विधानसभा का चुनाव लड़ूंगा या नहीं लड़ूंगा। या मेरी पार्टी से और कौन से सांसद विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे।”
राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी दिए जाने पर सिद्धारमैया हैरान, भाजपा की चुप्पी पर उठाए सवाल
1 Oct, 2025 04:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बंगलूरू। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (CM Siddaramaiah) ने एक भाजपा नेता (BJP Leader) की उस टिप्पणी पर हैरानी जाहिर की, जिसमें भाजपा नेता ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को सीने में गोली मारने की बात कही थी। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) इस विचार का समर्थन करते हैं? मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वैचारिक विरोधियों की आवाज दबाने की धमकी देना और जब वे नाकाम हो जाए, तो उन्हें खत्म कर देना, भाजपा और संघ परिवार के लिए कोई नई बात नहीं है।
कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा, ‘चौंकाने वाली बात यह है कि भाजपा के एक प्रवक्ता ने खुलेआम जान से मारने की धमकी देते हुए कहा है कि हम राहुल गांधी को सीने में गोली मार देंगे। यह धमकी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को दी गई है, जो लगातार भाजपा और संघ परिवार के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। इस धमकी ने पूरे देश को हैरान कर दिया है।’ सिद्धारमैया ने कहा, ‘इस तरह के बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी ने स्वाभाविक रूप से सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या वे भी इस विचार का समर्थन करते हैं?’
सिद्धारमैया ने आरोप लगाया, ‘क्या संघ परिवार के चरमपंथियों के शिकार सिर्फ एक या दो हैं? महात्मा गांधी से शुरू होकर गोविंद पानसरे, नरेंद्र दाभोलकर, एम. एम. कलबुर्गी, गौरी लंकेश और कई अन्य लोगों की हत्याओं की सूची बढ़ती ही जा रही है।’ सिद्धारमैया ने कहा कि ‘ये तथ्य है कि वे अपने विरोधियों का मुकाबला बातचीत और बहस के जरिए नहीं कर सकते और इसके बजाय शारीरिक हिंसा का सहारा लेते हैं, यह उनके बौद्धिक दिवालियापन को उजागर करता है।’ उन्होंने कहा कि भले ही संघ परिवार के नेता इन हत्यारों से कोई संबंध न होने का दावा करके अपना पल्ला झाड़ लेते हैं, लेकिन वे अपने हाथों पर लगे खून के दाग कभी नहीं धो पाए हैं।
सिद्धारमैया ने दावा किया, ‘पहले भी, न सिर्फ मुझे, बल्कि देश के कई लेखकों, विचारकों और कार्यकर्ताओं को पत्रों के जरिए जान से मारने की धमकियां मिली हैं। पुलिस इन घटनाओं की जांच कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि वह कभी भी ऐसी धमकियों के आगे नहीं झुके और न ही अपने आदर्शों से समझौता किया।’ सिद्धारमैया ने कहा, ‘ऐसे ही हत्यारों के हाथों राहुल गांधी ने अपनी दादी और पिता दोनों को खोया। भाजपा वालों को पता चल जाना चाहिए कि राहुल गांधी अकेले नहीं हैं, उन्हें लाखों कार्यकर्ताओं और नागरिकों का अटूट समर्थन मिला हुआ है।’
RSS के कार्यक्रम में मां को न्योते पर CJI के भाई बोले – राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंध अलग-अलग
1 Oct, 2025 01:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई (Chief Justice of India BR Gavai) की मां कमलताई गवई (Mother Kamaltai Gawai) को मिले RSS के कार्यक्रम के न्योते पर चर्चाएं जारी हैं। उन्होंने न्योता स्वीकार भी कर लिया। अब उनके इस कदम का सीजेआई के भाई डॉक्टर राजेंद्र गवई (Dr Rajendra Gawai) ने बचाव किया है। उन्होंने साफ किया है कि राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंध अलग होते हैं। संघ ने कमलताई को 5 अक्तूबर को होने वाले कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि की सूची में शामिल किया है।
जानकारी के अनुसार, कमलताई के बेटे डॉक्टर राजेंद्र गवाई ने कहा, ‘मेरी मां को अमरावती में 5 अक्टूबर को होने वाले आरएसएस के कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है और मेरी मां ने उसे स्वीकार भी कर लिया है। 5 अक्टूबर को होने वाला कार्यक्रम मुख्य कार्यक्रम नहीं है। विजयदशमी का मुख्य कार्यक्रम नागपुर में 2 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा।’
उन्होंने कहा, ‘व्यक्तिगत संबंध और राजनीतिक रिश्ते अलग-अलग होते हैं। हमने किसी भी हाल में अपनी विचारधारा को पीछे नहीं छोड़ा है। हमारी विचारधारा मजबूत है।’ साल 1925 में विजयादशमी के दिन स्थापित आरएसएस गुरुवार को अपने 100 वर्ष पूरे कर लेगा। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देश भर में एक लाख से अधिक ‘हिंदू सम्मेलनों’ सहित कई कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारियां जारी हैं।
सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री बुधवार को संगठन के शताब्दी वर्ष समारोह की पूर्व संध्या पर आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले की उपस्थिति में स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को आरएसएस की निस्वार्थ सेवा और अनुशासन की प्रशंसा की थी और कहा था कि उसके स्वयंसेवकों के हर कार्य में ‘राष्ट्र प्रथम’ हमेशा सर्वोच्च होता है।
अपने मासिक ‘मन की बात’ संबोधन में, प्रधानमंत्री ने कहा कि आरएसएस की स्थापना केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में विजयादशमी के दिन देश को बौद्धिक गुलामी से मुक्त कराने के लिए की थी और तब से इसकी यात्रा जितनी प्रेरणादायक है, उतनी ही उल्लेखनीय और अभूतपूर्व भी रही है।
स्वयं आरएसएस प्रचारक रहे मोदी ने हेडगेवार के उत्तराधिकारी एमएस गोलवलकर की भी प्रशंसा की और कहा कि उनका यह कथन कि ‘यह मेरा नहीं, राष्ट्र का है’ लोगों को स्वार्थ से ऊपर उठने और राष्ट्र के प्रति समर्पण को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
राहुल गांधी को धमकाने वाले का ABVP से संबंध नहीं, छात्र संगठन ने की घटना की निंदा
1 Oct, 2025 12:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। एबीवीपी (ABVP) का कहना है कि केरल (Kerala) के एक टीवी चैनल (TV channel) की बहस के दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर अशोभनीय टिप्पणी करने वाले का विद्यार्थी परिषद से कोई संबंध नहीं है। वहीं एनएसयूआई ने एक टीवी डिबेट पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी को धमकी दिए जाने की घटना की तीखी निंदा की है।
एनएसयूआई अध्यक्ष वरुण चौधरी (NSUI President Varun Chaudhary) ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं बल्कि लोकतंत्र पर सीधा वार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-आरएसएस की वही नफरतभरी सोच, जिसने महात्मा गांधी की हत्या करवाई थी, आज फिर सामने आ रही है।
उन्होंने कहा कि गांधी परिवार पहले ही देश की रक्षा के लिए इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसे नेताओं का बलिदान दे चुका है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल पहले ही गृह मंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों और युवाओं की आवाज़ उठा रहे हैं, भाजपा उन्हें धमकियों या हिंसा से चुप नहीं करा सकती।
उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे शर्मनाक बयानों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी नेता इस तरह की खतरनाक राजनीति की हिम्मत न कर सके। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर टीवी बहस के दौरान टिप्पणी संबंधी विषय में एबीवीपी ने भी बयान जारी किया है।
एबीवीपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक हर्ष अत्री ने कहा है कि केरल के एक टीवी चैनल की बहस के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर एक नेता द्वारा की गई टिप्पणी के संदर्भ में विभिन्न मीडिया समूहों द्वारा चलाए जा रहे समाचारों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) का नाम प्रयोग करने के संबंध में यह स्पष्ट करना है कि संदर्भित टीवी पैनलिस्ट की विद्यार्थी परिषद से वर्तमान में कोई सम्बद्धता नहीं है। इसलिए इस संदर्भ में विद्यार्थी परिषद नेता या पूर्व नेता के रूप में उनके विचारों को प्रकट करना पूरी तरह से अनुचित तथा गलत है।
विद्यार्थी परिषद, विभिन्न मीडिया समूहों द्वारा इस संदर्भ में कवर किए गए समाचारों से एबीवीपी का नाम हटा लेने का अनुरोध करती है। विद्यार्थी परिषद छात्र संगठन की अपनी महती भूमिका में सतत सक्रिय है। राजनीतिक विषयों से विद्यार्थी परिषद की सम्बद्धता नहीं है, इसलिए ऐसे विचारों को विद्यार्थी परिषद के मत के रूप में मीडिया द्वारा प्रचारित नहीं किया जा सकता है।
बीटीसी चुनावों में BJP का टूटा 10 साल का विक्ट्री रिकॉर्ड, CM सरमा के गढ़ में लगा दी सेंध
1 Oct, 2025 11:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । BTC यानी बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (Bodoland Territorial Council) के चुनाव के नतीजे (Election results) भारतीय जनता पार्टी (BJP) की चिंता बढ़ाने वाले हो सकते हैं। चुनाव में NDA के ही दल बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट ने आधे से ज्यादा सीटें जीतकर भाजपा के दबदबे को चुनौती दी है। हालांकि, भाजपा इसे एनडीए की जीत के रूप में ही देख रही है, लेकिन एक ओर जहां BTC में पार्टी की सीटों की संख्या घटी है। वहीं, बीते करीब एक दशक से चला आ रहा विजय रथ भी थम गया है।
क्यों अहम थे चुनाव
दरअसल, बीटीसी चुनावों को साल 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा था। इसके अलावा खुद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा चुनावों में आक्रामक प्रचार अभियान चलाते नजर आए थे। चुनाव से पहले ही सीएम सरमा ने बीपीएफ के साथ गठबंधन का विकल्प खुला रखा था। कहा जा रहा है कि उन्होंने भाजपा विरोधी मुद्दे पर चुनाव लड़ा था।
सरमा ने कहा, मैं हाग्रामा मोहिलरी और बीपीएफ को बीटीसी चुनावों में जीत की बधाई देता हूं। बीपीएफ भी एनडीए का हिस्सा है और अब बीटीसी की सभी 40 सीटें एनडीए घटकों के पास हैं। हाग्रामा मोहिलरी मुझसे सुबह मिलने आए थे और वह एनडीए के साथ ही रहेंगे। गठबंधन में किसी तरह की कोई समस्या नहीं है और हम साथ मिलकर काम जारी रखेंगे।
साल 2016 से अब तक विधानसभा, लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों में भी भाजपा को जमकर सफलता मिली थी, लेकिन बीटीसी चुनाव ने भाजपा की सीटों का ग्राफ नीचे गिरा दिया है।
क्या रहे नतीजे
हाग्रामा मोहिलरी के नेतृत्व वाले BPF ने 40 में से 28 सीट पर जीत दर्ज की। UPPL यानी यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल को 7 और भाजपा को 5 सीटें मिलीं। खास बात है कि पिछले चुनाव में UPPL को 12 और भाजपा को 9 पर जीत मिली थी। बीपीएफ 2020 के चुनावों में 17 सीट पर जीत दर्ज करके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन यूपीपीएल ने भाजपा और गण सुरक्षा पार्टी (जीएसपी) के साथ मिलकर परिषद का गठन किया था।
कौन हैं हाग्रामा मोहिलरी
बीपीएफ प्रमुख मोहिलरी पूर्व विद्रोही नेता हैं। वह विद्रोही समूह बोडोलैंड लिबरेशन टाइगर के चीफ थे। हालांकि, साल 2003 में बोडो समझौते के बाद बीटीसी की स्थापना हुई थी और तब उन्होंने राजनीति में एंट्री ली थी। साल 2003 में हथियार छोड़ने के बाद उन्होंने 2005 में बीपीएफ की स्थापना की। वह बीटीसी के पहले CEM यानी चीफ एग्जिक्यूटिव मेंबर भी बने थे। साल 2005 और 2020 के बीच उन्होंने पद पर तीन कार्यकाल पूरे किए।
2010 और 2016 विधानसभा चुनाव बीपीएफ के लिए अच्छे साबित हुए। हालांकि, साल 2020 में नेताओं के टूटकर भाजपा और UPPL में शामिल होने के चलते उन्हें सत्ता गंवानी पड़ी थी।
मोहिलरी ने कहा कि बीपीएफ किसी भी पार्टी, चाहे वह यूपीपीएल हो या भाजपा के समर्थन को अस्वीकार नहीं करेगा, अगर वे आगे आते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने सुना है कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि हम राजग के सहयोगी के रूप में साथ मिलकर काम करेंगे। हम इसका स्वागत करते हैं।’
दावा पेश किया
बीपीएफ ने रविवार को असम में अगली BTC के गठन का दावा पेश किया। मोहिलरी के नेतृत्व में बीपीएफ के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों ने राजभवन में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात की थी। मोहिलरी को शनिवार को पार्टी की नीति-निर्धारक संस्था द्वारा सर्वसम्मति से अगली परिषद का अध्यक्ष चुना गया।
बिहार में बीजेपी के टिकट पर लड़ने को बेचैन कांग्रेस विधायक, बिक्रम विधानसभा में चुनावी मुकाबला होगा रोचक
1 Oct, 2025 10:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । सोन नद के पूरबी तट पर बसे बिक्रम में खेती जितनी मुश्किल होती जा रही लोगों के लिए वहां की राजनीति को समझना भी उतनी ही टेढ़ी खीर साबित हो रही। वजह प्रत्यशियों (Candidates) का पाला बदलना। बिक्रम (Bikram) से तीन बार विधायक (MLA) रह चुके अनिल कुमार (Anil Kumar) आज कांग्रेस (Congress) में शामिल हो चुके हैं, तो वर्तमान विधायक सिद्धार्थ सौरव ने भी पाला बदल लिया है। भले ही वह कांग्रेस में रहते हुए दो चुनाव जीतने में कामयाब रहे, लेकिन तीसरी पारी वह भाजपा से खेलने को बेचैन हैं।
क्षेत्र में चार बार जीती भाकपा
बिक्रम विधानसभा क्षेत्र भूमिहार बहुल है। सिर्फ कांग्रेस, भाजपा और जनता पार्टी के उम्मीदवार ही यहां से चुनाव नहीं जीते, बल्कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के रामनाथ यादव ने लगातार चार बार यहां का प्रतिनिधत्व किया। भाजपा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले कैलाशपति मिश्र और स्थानीय नेता खदेरन सिंह भी बिक्रम से विधानसभा तक पहुंचे। जनता पार्टी की सरकार में कैलाशपति मिश्र वित्तमंत्री भी बने थे। सन 1952, 57 और 62 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मनोरमा देवी ने बिक्रम सीट पर जीत दर्ज की। सन् 1967 में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में महावीर गोप इस सीट से विधायक बने।
इस सीट पर कांग्रेस पार्टी को पहला झटका सन् 1969 के मध्यावधि चुनाव में लगा। तब भारतीय क्रांति दल के प्रत्याशी खदेरन सिंह जीते थे। दोबारा 1972 में भी उन्हें जीत मिली। सन् 1977 में जनता पार्टी के उम्मीदवार कैलाशपति मिश्र इस सीट से विजयी हुए। 1980 में जनता पार्टी की सरकार गिर गई और प्रदेश में मध्यावधि चुनाव हुआ। इस चुनाव में पहली बार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार रामनाथ यादव की जीत हुई। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी दिवाकर शर्मा को पराजित किया। 1980 से लेकर 1995 तक इस सीट पर वह जीतते रहे।
पहली बार 2000 में भाजपा ने जमाया कब्जा
बिक्रम में पहली बार भाजपा प्रत्याशी रामजनम शर्मा ने सन् 2000 में विजय पताका फहरायी। वर्ष 2010 के चुनाव में अनिल कुमार भाजपा के ही टिकट पर विजयी हुए। सन् 2020 में वह दोबारा चुनाव जीते। तब अनिल कुमार निर्दलीय मैदान में थे। विधायक सिद्धार्थ सौरव ने कहा कि बिक्रम क्षेत्र के सभी गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने का कार्य हुआ है। बिक्रम में जनता द्वारा 25 वर्षों से की जा रही ट्रामा सेंटर की मांग पूरी हुई। नौ करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले ट्रामा सेंटर का शिलान्यास के साथ टेंडर हुआ और अब निर्माण कार्य जारी है। नौबतपुर में लोगों को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए फ्लाईओवर का शिलान्यास हुआ। बिक्रम के दतियाना में सीएचसी का निर्माण हुआ।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का बड़ा आरोप, कहा- BJP सरकार आने के बाद 2500 गायों की मौत, 5 लाख गोवंश गायब
1 Oct, 2025 09:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) प्रदेश कांग्रेस कमेटी (Congress committee) के प्रेसीडेंट और बस्तर के पूर्व सांसद दीपक बैज (Lamp badge) ने राज्य की भाजपा सरकार (BJP government) पर गोवंश की बढ़ती मौतों और गायब होने के मामलों पर जोरदार हमला बोला है। दीपक बैज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाते हुए दावा किया कि जब से राज्य में भाजपा सरकार आई है, तब से 2500 से अधिक गायों की मौत हुई है और 5 लाख से अधिक गोवंश गायब हो गए हैं।
2500 गायों की मौत, 5 लाख गायब
दीपक बैज ने कहा- “भारतीय जनता पार्टी और उनके कार्यकर्ता सिर्फ गो माता के नाम पर राजनीति करते हैं। सिर्फ गो माता के नाम पर राजनीतिक रोटी सेंकते हैं। जब से पौने दो साल से भाजपा की सरकार बनी है, तब से पूरे प्रदेश में 2500 से अधिक गायों की मौत- भूख, एक्सीडेंट और जहरीला पदार्थ खाने से हुई हैं। और तो और पूरे प्रदेश में पांच लाख से अधिक गोवंश कम हुए हैं।”
एक्सीडेंट, भूख और जहर खाने से मौत
दीपक बैज ने सवाल करते हुए कहा- “आखिर इतनी गायें गईं कहां हैं, ये अपने आप में सबसे बड़ा सवाल है।” आगे कहा- “विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से जो खबरें छपी हैं, उसके अनुसार 850 से अधिक गायों की मौत सड़क एक्सीडेंट में हुई है। लगभग 1200 से अधिक गायों की मौत भूख से हुई है। 200 से अधिक गायों की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई है।”
गर्भवती गाय का फट गया पेट
ताजा आंकड़ों को पेश करते हुए कहा- “16 सितंबर को बिलासपुर- रतनपुर हाइवे पर तेज रफ्तार ट्रक ने गायों के एक झुण्ड को कुचल दिया, जिसमें 19 गायों की मौत हो गई। उस घटना में एक गर्भवती गाय भी थी, जिसका पेट फट गया और गाय का बछड़ा बाहर आ गया। इस तरह की वीभत्स घटनाएं हो रही हैं। उसी 16 सितंबर को दुर्ग जिले में एक कंटेनर ने 8 गायों को कुचल दिया। अगस्त 2025 में तीन अलग-अलग घटनाओं में 90 गायों की मौत हुई है।”
भारत बीफ निर्यात में दुनिया में दूसरे नंबर पर
दीपक बैज ने कहा- “मोदी सरकार बनने के बाद भारत बीफ निर्यात में पूरी दुनिया में दूसरे नंबर पर आ गया है। और तो और गाय का बीफ निर्यात करके सरकार सालाना 4.3 अरब डॉलर कमाई कर रही है। 2014 के बाद भाजपा की सरकार बनने के बाद दुनिया के 65 देशों में भारत बीफ निर्यात कर रहा है। ब्राजील के बाद भारत दूसरे नंबर पर है।”
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