राजनीति
‘अनुसंधान और विकास के बिना आगे नहीं बढ़ सकता कोई भी देश…’, रक्षा विनिर्माताओं से बोले राजनाथ सिंह
27 Oct, 2025 07:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने सोमवार को भारतीय रक्षा विनिर्माता सोसायटी (Indian Defence Manufacturers Society) के वार्षिक सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, यह सच्चाई है कि कोई भी देश अनुसंधान (Research) और विकास (Development) के बिना आगे नहीं बढ़ सकता। चाहे अमेरिका हो, चीन हो या दक्षिण कोरिया..जो भी देश आगे गए हैं, वो अनुसंधान और विकास की वजह से ही गए हैं।
उन्होंने आगे कहा, सीखने के लिए तो हमें कहीं से भी किसी से भी सीखना चाहिए। हम तो ‘आनो भद्रा क्रतवो यन्तु विश्वत:’ की सोच को मानने वाले लोग हैं। दुनिया में अगर कहीं भी अच्छा अभ्यास हो रहा है, तो उसको अपनाने में हमें पीछे नहीं रहना चाहिए। जैसा कि मैने कहा है कि सरकार का काम एक लेवल प्लेइंग फील्ड (समान अवसर प्रदान करना) देना है और आपको लेवल प्लेइंग फील्ड मिल रही है। लेकिन खेलना तो आप लोगों को ही है। खेल का अभ्यास भी करते रहिए। मैं चाहता हूं आप ऐसा खेलें कि पूरी दुनिया दर्शक बनकर आपकी ओर देखें।
राजनाथ सिंह ने कहा, हाल ही में पहलगाम हमले के बाद जिस तरह हमने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। उसके बाद स्थितियां कुछ ऐसी बनीं थी कि युद्ध हमारे दरवाजे पर दस्तक दे रहा था। हालांकि, हमारी सेनाएं किसी भी स्थिति में अपनी सीमाओं की रक्षा करने में पूरी तरह तैयार थीं। लेकिन मैं बस यह कहना चाहता हूं कि दुनिया में शांति और कानून-व्यवस्था में अनिश्चितता तो बढ़ ही गई है। इसलिए उस अनिश्चितता को ध्यान में रखते हुए हमें हर डोमेन का सावधानी से विश्लेषण करते हुए अपने कदम उठाने होंगे। आज रक्षा और युद्ध क्षेत्र में जो परिवर्तन हो रहे हैं, उनसे केवल स्वदेशीकरण के माध्यम से ही निपटा जा सकता है।
‘एक दशक में किए सुधारों से समुद्री क्षेत्र में उभरती हुई ताकत बना देश’, गृह मंत्री अमित शाह का बयान
27 Oct, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने सोमवार को ‘इंडिया मैरीटाइम वीक 2025’ (India Maritime Week) का उद्घाटन किया। इस दौरान महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, गोवा के सीएम प्रमोद सावंत और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी मौजूद रहे। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि गेटवे ऑफ इंडिया की जगह ये सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में मंथन के बाद जो विचार सामने आएंगे, उनसे गेटवे ऑफ इंडिया गेटवे ऑफ वर्ल्ड में बदल जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि ‘बीते एक दशक में मेरीटाइम इकॉनोमी में जो सुधार किए गए हैं, उनके चलते भारत वैश्विक समुद्री नक्शे पर एक उभरती हुई ताकत बनकर खड़ा है।’ केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत की मेरीटाइम स्थिति, लोकतांत्रिक स्थिरता और नौसैन्य क्षमताएं हिंद प्रशांत और वैश्विक दक्षिण क्षेत्र में विकास, सुरक्षा और पर्यावरण को बढ़ावा दे रही हैं। शाह ने कहा कि भारत का समुद्री इतिहास 5000 साल पुराना है और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नया समुद्री इतिहास लिख रहा है।
अमित शाह ने कहा कि ‘भारत की समुद्री ताकत और सुरक्षा की दृष्टि से इसकी लोकेशन बेहद अहम है। भारत की तट रेखा 11 हजार किलोमीटर लंबी है। देश में 13 तटीय राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं। देश की जीडीपी में समुद्री व्यापार करीब 60 प्रतिशत है। हिंद महासागर के 28 देश वैश्विक निर्यात में 12 प्रतिशत का योगदान देते हैं। आज मेरीटाइम सम्मेलन के जरिए हम वैश्विक निवेशकों और वैश्विक मेरीटाइम इंडस्ट्री के सामने अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र में भारत मेरीटाइम वीक सबसे प्रतिष्ठित मंच बनकर उभरा है। यह सम्मेलन का चौथा संस्करण है और मुझे उम्मीद है कि ये विकसित भारत के लक्ष्य को पाने में अहम योगदान देगा। यहां 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश के अवसर बनेंगे।’
बिहार चुनाव में बगावत पर बीजेपी की बड़ी कार्रवाई, 4 नेताओं को 6 साल के लिए निष्कासित
27 Oct, 2025 04:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पार्टी से बगावत करके विधानसभा चुनाव लड़ने वाले चार नेताओं को 6 साल के लिए निकाल दिया है. पार्टी ने यह कदम उन नेताओं के खिलाफ उठाया है, जिन्होंने एनडीए गठबंधन के उम्मीदवारों के खिलाफ जाकर चुनाव लड़ने का फैसला किया. बीजेपी ने इसे पार्टी विरोधी गतिविधियां बताते हुए चारों नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया है.
जिन चार नेताओं को पार्टी से निष्कासित किया गया है, उनमें बहादुरगंज से विधानसभा चुनाव लड़ने वाले वरुण सिंह शामिल हैं. इसके अलावा, गोपालगंज से चुनाव लड़ रहे अनूप कुमार श्रीवास्तव भी निष्कासित किए गए हैं.बीजेपी ने कहलगांव से चुनाव लड़ने वाले विधायक पवन यादव को भी पार्टी से निष्कासित कर दिया है. पवन यादव पर पार्टी के फैसले का उल्लंघन करने का आरोप है. बड़हरा से चुनाव लड़ने वाले सूर्य भान सिंह को भी पार्टी से 6 साल के लिए बाहर कर दिया गया है.
पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल नेताओं पर खास नजर
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियां अब पूरे दमखम से साथ मैदान में उतर चुकी हैं. पार्टियों की नजर उन नेताओं पर भी है जो टिकट पाने के लिए जुटे हुए थे लेकिन उन्हें नहीं मिला. ऐसे में अब कुछ नेता बाहर से पार्टी के साथ खड़े नजर आ रहे हैं, लेकिन अंदर ही अंदर वो पार्टी विरोधी गतिविधियों में भी शामिल पाए जा रहे हैं.
बीजेपी से पहले एनडीए में गठबंधन की सहयोगी जेडीयू ने भी अपने कई नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया था. 25 अक्टूबर को जेडीयू ने पूर्व मंत्री समेत 11 नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था. इसमें पूर्व मंत्री शैलेश कुमार भी शामिल थे. इन सभी नेताओं पर आरोप था कि ये चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए गए थे जिसके बाद पार्टी ने इन पर एक्शन लेते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया.
जेडीयू ने पूर्व मंत्री को कर दिया है बाहर
जेडीयू की ओर से जिन नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया गया उसमें शैलेश कुमार, संजय प्रसाद, श्याम बहादुर सिंह, रणविजय सिंह, सुदर्शन कुमार, अमर कुमार सिंह, आसमा परवीन, लब कुमार, आशा सुमन, दिव्यांशु भारद्वाज, विवेक शुक्ला शामिल थे.
इन नेताओं को निकालने के बाद जेडीयू ने रविवार को भी पांच नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया. नीतीश कुमार ने जिन पांच नेताओं को पार्टी से निकाला है, उनमें पूर्व मंत्री हिमराज सिंह, पूर्व विधायक गोपाल मंडल, पूर्व विधायक संजीव श्याम सिंह, महेश्वर यादव और उनके बेटे प्रभात के नाम शामिल हैं. इस तरह से देखें तो बिहार बीजेपी और जेडीयू की नजर सभी नेताओं की गतिविधियों पर है.
सत्ता में आए तो वक्फ कानून को कूड़ेदान में फेंक देंगे…चुनावी रैली में बोले तेजस्वी यादव
27 Oct, 2025 12:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) अभियान के बीच आरजेडी नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव (Chief Ministerial candidate Tejashwi Yadav) ने रविवार को बड़ा राजनीतिक बयान दिया. उन्होंने कहा कि अगर बिहार में इंडिया गठबंधन की सरकार बनी तो केंद्र सरकार द्वारा पारित ‘वक्फ (संशोधन) कानून’ को कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा.
कटिहार और किशनगंज के मुस्लिम बहुल इलाकों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कहा, “मेरे पिता लालू प्रसाद यादव ने कभी भी सांप्रदायिक ताकतों से समझौता नहीं किया. लेकिन नीतीश कुमार हमेशा ऐसी ताकतों के साथ रहे हैं. उन्हीं की वजह से आरएसएस और उसके संगठन नफरत फैला रहे हैं. बीजेपी को भारत जलाओ पार्टी कहा जाना चाहिए.”
तेजस्वी यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब अप्रैल में संसद ने वक्फ (संशोधन) कानून, 2024 पारित किया था. एनडीए सरकार ने इसे मुस्लिम समुदाय, पिछड़ों और महिलाओं के अधिकारों को सशक्त करने वाला पारदर्शी कानून बताया था. वहीं विपक्ष का कहना है कि यह कानून मुसलमानों के धार्मिक और संपत्ति संबंधी अधिकारों का हनन करता है. एक दिन पहले ही आरजेडी के एमएलसी मोहम्मद कारी सोहैब ने भी विवाद खड़ा करते हुए कहा था कि अगर तेजस्वी मुख्यमंत्री बने तो सभी बिल, वक्फ बिल समेत, फाड़कर फेंक दिए जाएंगे. इसके बाद बीजेपी ने सवाल उठाया था कि कोई मुख्यमंत्री केंद्र के कानून को कैसे रद्द कर सकता है.
तेजस्वी यादव ने अपनी रैली में कहा, “यह चुनाव संविधान, लोकतंत्र और भाईचारे की रक्षा की लड़ाई है. लोग 20 साल से नीतीश कुमार से परेशान हैं. सरकार के हर विभाग में भ्रष्टाचार फैला है और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है.” उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की लंबी सत्ता के बावजूद बिहार आज भी देश का सबसे गरीब और पिछड़ा राज्य है.
तेजस्वी ने कहा कि अगर इंडिया ब्लॉक की सरकार बनी तो सीमांचल विकास प्राधिकरण बनाया जाएगा. इसके तहत क्षेत्र में एक विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का एक केंद्र स्थापित किया जाएगा. सीमांचल प्रदेश का सबसे पिछड़ा इलाका है, अब इनसे हिसाब लेने का वक्त आ गया है.
तेजस्वी ने गृह मंत्री अमित शाह पर भी पलटवार किया. उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले अमित शाह बिहार आए थे और धमकी दे रहे थे कि हमें चुनाव लड़ने लायक नहीं छोड़ेंगे. लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं. हम सच्चे बिहारी हैं. ‘एक बिहारी सब पे भारी.’” उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार उनके वादों की नकल कर रही है. उन्होंने कहा, “हमने बुजुर्गों की पेंशन बढ़ाने की बात की थी, तो नीतीश सरकार ने उसे 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये कर दिया. हमारी सरकार बनी तो इसे 2,000 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा.”
ऐतिहासिक गलती: कभी सीएम नहीं रहीं विजयाराजे सिंधिया, फिर भी वेबसाइट पर दर्ज हुआ नाम
27 Oct, 2025 12:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्यप्रदेश की विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर एक बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई है. ऑफिशियल वेबसाइट पर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों की सूची में विजयाराजे सिंधिया का नाम भी ‘भूतपूर्व मुख्यमंत्री’ के रूप में लिखा गया है. वेबसाइट के अनुसार विजयाराजे एमपी की 5वें नंबर की सीएम रहीं. जबकि वह कभी भी मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री नहीं रहीं. विधानसभा की वेबसाइट पर ‘मुख्यमंत्री’ वर्तमान और पूर्व मुख्यमंत्रियों की सूची में पांचवें क्रम पर विजयाराजे सिंधिया का नाम दर्ज है। लेकिन उनके नाम के आगे एक स्टार (*) लगाया गया है. इसके अलावा सबसे नीचे स्पष्टीकरण भी दिया गया है, जिसमें लिखा कि “सामान्यतः मुख्यमंत्री ही सदन का नेता होता है, लेकिन चौथी विधानसभा में गोविंद नारायण सिंह के कार्यकाल के दौरान विजयाराजे सिंधिया सदन की नेता रहीं.” बता दें, इस सूची में विजयाराजे सिंधिया का जो कार्यकाल बताया गया है. उस दौरान मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री के रूप में गोविंद नारायण सिंह और राजा नरेश सिंह कार्यरत थे. वहीं प्रदेश के जनसंपर्क विभाग की वेबसाइट पर जारी आधिकारिक सूची में विजयाराजे सिंधिया का नाम नहीं है. जानकारी के अनुसार विधानसभा के सीनियर अधिकारियों को इस बात की जानकारी मिल चुकी है. उन्होंने भी गलती स्वीकार्य करते हुए जल्द ठीक करने की बात कही है.
कौन थीं विजयाराजे सिंधिया
विजयाराजे सिंधिया भारतीय राजनीति की एक प्रभावशाली हस्ती रही हैं. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1957 में कांग्रेस पार्टी से की थी. गुना लोकसभा सीट से सांसद रहीं. हालांकि कुछ समय बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ कर स्वतंत्र पार्टी से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. 1967 में वे जनसंघ में शामिल हुईं और करेरा विधानसभा सीट से विधायक बनीं. इसके बाद उन्होंने 1989, 1991, 1996 और 1998 में बीजेपी के टिकट पर गुना लोकसभा सीट से जीत दर्ज की. आपातकाल के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा था, जहां वे तिहाड़ जेल में बंद रहीं. उनका परिवार भी भारतीय राजनीति में काफी प्रभावशाली रहा. पुत्र माधवराव सिंधिया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रहे, जबकि पोते ज्योतिरादित्य सिंधिया वर्तमान में केंद्रीय मंत्री हैं. 25 जनवरी 2001 में उनका निधन हो गया.
बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप! J-K में क्रॉस वोटिंग पर डिप्टी CM ने दिया सनसनीखेज बयान
27 Oct, 2025 11:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर(Jammu and Kashmir) के डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुरिंदर चौधरी(Deputy Chief Minister Surinder Chaudhary) ने शनिवार को आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर(Jammu and Kashmir) से बीजेपी की राज्यसभा सीट जीतने से पार्टी पर लगे ‘वोट चोरी’ के आरोप सही साबित हुए हैं। जम्मू-कश्मीर में राज्यसभा सीट के लिए हुए चुनाव में गैर-बीजेपी पार्टियों के बीच क्रॉस-वोटिंग को लेकर चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच, चौधरी ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) बीजेपी के साथ गठबंधन करने के बजाय सरकार छोड़ना पसंद करेगी।
शुक्रवार को, सत्ताधारी एनसी ने तीन सीटें जीतीं, जबकि BJP 2019 में केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में हुए पहले राज्यसभा चुनाव में चौथी सीट जीतने में कामयाब रही। उन्होंने कहा, ”हम सुनते थे कि बीजेपी वोट खरीदती और चुराती है लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोग इस पर विश्वास नहीं करते थे। लेकिन इस बार यह साबित हो गया है कि बीजेपी सच में वोट चोरी में शामिल है।”
डिप्टी चीफ मिनिस्टर ने उधमपुर जिले में पत्रकारों से कहा, “मैं यह नहीं बताऊंगा कि उन्होंने यह कैसे किया, इसमें पैसा लगा या नहीं, लेकिन जो भी हुआ, उन्होंने कुछ वोट मैनेज कर लिए।” विपक्षी पार्टियां, खासकर कांग्रेस, आरोप लगा रही हैं कि चुनाव जीतने के लिए बीजेपी और इलेक्शन कमीशन ने ‘वोट चुराने’ के लिए मिलीभगत की है।
चौधरी, जो एनसी कैंडिडेट शमीम बेगम के साथ नगरोटा उपचुनाव के लिए कैंपेन करने वाले हैं, ने कहा कि BJP के पास सिर्फ 28 मेंबर थे लेकिन उनके कैंडिडेट को 32 वोट मिले। “उन्हें चार एक्स्ट्रा वोट कहां से मिले?” उन्होंने कहा, “यह लॉलीपॉप पार्टी हमें तहजीब और उसूलों का सबक सिखाती है लेकिन उन्हें तहज़ीब और उसूलों का सबक हमसे सीखना चाहिए।”
चौधरी ने कहा कि एनसी ने पैसे के बदले वोट नहीं दिए या कोई और वादा नहीं किया और कहा कि चीफ मिनिस्टर उमर अब्दुल्ला शुरू से कह रहे हैं कि बीजेपी हॉर्स-ट्रेडिंग करने जा रही है। उन्होंने कहा, “उन्होंने हॉर्स ट्रेडिंग की है, जो अब साबित हो गया है।” उन्होंने कहा कि एनसी के किसी भी लेजिस्लेटर ने BJP कैंडिडेट के पक्ष में राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग नहीं की।उन्होंने कहा, “हम सरकार छोड़ सकते हैं, लेकिन हम BJP के साथ अलायंस नहीं करेंगे। हमें चारों सीटें जीतनी थीं, लेकिन हम एक सीट हार गए क्योंकि कुछ गद्दारों ने सपोर्ट का भरोसा दिलाने के बाद हमें धोखा दिया।”
जम्मू-कश्मीर : राज्यसभा चुनाव में BJP की जीत से घाटी में सियासी भूचाल, NC विधायकों पर क्रॉस वोटिंग का शक
27 Oct, 2025 10:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) की राजनीति में तापमान बढ़ गया है, क्योंकि बीजेपी (BJP) ने शुक्रवार को राज्यसभा (Rajya Sabha) की चार में से एक सीट जीत ली और यह जीत उसे पार्टी के बाहर के चार विधायकों (MLA) के समर्थन से मिली। इस परिणाम ने घाटी में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने अपने विधायकों पर क्रॉस-वोटिंग के आरोपों से इनकार किया है, हालांकि पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने यह कहकर हलचल मचा दी कि बीजेपी ने चुनाव से पहले एनसी से संपर्क किया था। वहीं, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है कि 4-0 की जीत की कोशिश थी, लेकिन कुछ लोगों ने साथ छोड़ दिया।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पार्टी क्लीन स्वीप नहीं कर पाई क्योंकि कुछ लोगों ने पीठ में छुरा घोंपा। उन्होंने कहा, “3-1 का स्कोर बुरा नहीं है। हम 4-0 जीतना चाहते थे, लेकिन कुछ लोगों ने आखिरी वक्त में हमें धोखा दिया।” उन्होंने यह भी कहा कि सभी जानते हैं किसने धोखा दिया, लेकिन नाम बताना उचित नहीं होगा। सीएम ने स्पष्ट किया कि एनसी के किसी विधायक ने क्रॉस-वोटिंग नहीं की, सभी ने अपनी मतदान पर्चियां पार्टी एजेंट को दिखाईं।
उमर ने कांग्रेस और अन्य सहयोगियों को धन्यवाद दिया, लेकिन उन्होंने महबूबा मुफ्ती की पीडीपी का नाम नहीं लिया, जिससे संदेह बना हुआ है। उन्होंने पीपल्स कॉन्फ्रेंस (PC) प्रमुख सज्जाद लोन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने वोटिंग से दूरी बनाकर बीजेपी की मदद की और अब हमें उपदेश दे रहे हैं जैसे प्रोफेसर हों।
सज्जाद लोन ने पलटवार करते हुए कहा, “सारी क्रॉस-वोटिंग एनसी ने की। उमर अब्दुल्ला बीजेपी के सबसे बड़े समर्थक हैं। राज्यसभा चुनाव बीजेपी और एनसी के बीच फिक्स था। पहले से तय था कि एनसी को तीन सीटें और बीजेपी को एक।” बीजेपी ने इस बार अपने 28 विधायकों की संख्या से चार वोट ज्यादा पाकर जीत दर्ज की। यह अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहला राज्यसभा चुनाव था।
बीजेपी की जीत के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “लोग कुछ भी कहेंगे, लेकिन हमने बीजेपी को कोई सीट गिफ्ट नहीं की। वे हमारे पास आए थे और एक सीट मांगी थी। हमने इनकार कर दिया और लड़ाई जारी रखी।” इस बयान पर सज्जाद लोन ने कहा कि यह खुद एनसी और बीजेपी के बीच संपर्क होने की स्वीकारोक्ति है। उन्होंने कहा, “इसका मतलब है दोनों पार्टियों के बीच बातचीत चल रही थी। वही तो हम कह रहे थे कि पूरा मैच पहले से तय था।”
जेल में बंद आम आदमी पार्टी के विधायक मेहराज मलिक ने बयान जारी कर कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के व्यापक हित में एनसी को वोट दिया, हालांकि पार्टी ने उनसे संपर्क नहीं किया था। उन्होंने कहा कि अब एनसी के कुछ नेता उन्हें बीजेपी को वोट देने का झूठा आरोप लगाकर निशाना बना रहे हैं।
आपको बता दें कि राज्यसभा चुनावों में बीजेपी की अप्रत्याशित जीत न केवल संख्याबल से परे जाकर हुई, बल्कि उसने विपक्षी दलों में अविश्वास और आरोप-प्रत्यारोप की नई लहर भी पैदा कर दी है। इस नतीजे के बाद घाटी की सियासत में नए समीकरणों की शुरुआत हो सकती है।
अभी तक बिहार के चुनाव मैदान में नहीं उतरे राहुल गांधी, कैंडिडेट कर रहे प्रचार की मांग, आखिर क्या है वजह ?
27 Oct, 2025 09:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) के करीब आते ही कांग्रेस (Congress) खेमे में यह चर्चा तेज हो गई है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अब तक चुनावी मैदान में क्यों नहीं उतरे हैं। राहुल गांधी ने आखिरी बार एक सितंबर को पटना में अपने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के समापन के दौरान राज्य का दौरा किया था। यह यात्रा 15 दिनों में 1,300 किलोमीटर और 20 जिलों को कवर करती हुई पूरी हुई थी। इसके बाद से वह बिहार नहीं पहुंचे हैं। हालांकि, इस बीच तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) जरूर दिल्ली पहुंचे थे। कहा जा रहा है कि वहां उन्होंने सीएम फेस को लेकर अपने नाम की घोषणा की मांग कर दी थी।
कांग्रेस के कई प्रत्याशियों ने पार्टी हाईकमान और राहुल गांधी के कार्यालय से अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार के लिए उनके आने की गुजारिश की है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी की अनुपस्थिति से स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि महागठबंधन के भीतर अधिकतर मुद्दे सुलझ जाने के बाद राहुल गांधी अगले सप्ताह से बिहार में चुनावी प्रचार अभियान की शुरुआत कर सकते हैं।
तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी आरजेडी के द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने की मांग पर पहले कांग्रेस ने सहमति नहीं जताई है। कांग्रेस को इस बात का डर था कि एक नए मामले में चार्जशीटेड होने के बाद तेजस्वी यादव के नाम की घोषणा पार्टी और गठबंधन दोनों के लिए अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने समान थी।
कांग्रेस आलाकमान ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को बिहार भेजा। बिहार की राजधानी पटना में उन्होंने लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की और इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तेजस्वी यादव के नाम का ऐलान हुआ।
आपको बता दें कि ‘इंडिया’ गठबंधन में तेजस्वी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया है, जबकि गठबंधन ने निषाद नेता व विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) अध्यक्ष मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री बनाने का वादा किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने हालांकि घोषणा करते समय कहा था कि “अन्य सामाजिक व धार्मिक समूहों” से भी अधिक उपमुख्यमंत्री बनाए जाएंगे लेकिन राजग नेताओं का आरोप है कि करीब 17 प्रतिशत मुस्लिम आबादी के बावजूद विपक्ष ने समुदाय की अनदेखी की है।
CM नीतीश कुमार ने फिर लिया एक्शन, विधायक समेत 5 लोगों को JDU से किया सस्पेंड
27 Oct, 2025 08:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बिहार चुनाव (Bihar elections) की तैयारियों में जुटे नीतीश कुमार पार्टी की सफाई करते हुए दिख रहे हैं। लगातार दूसरे दिन सीएम नीतीश कुमार ने पार्टी के विरुद्ध कार्य करने वाले नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है। जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने रविवार को विधायक गोपाल मंडल सहित 5 लोगों को सस्पेंड कर दिया है। जेडीयू के प्रदेश महासचिव चंदन कुमार सिंह ने इसके लिए पत्र जारी किया।
जेडीयू से भागलपुर में गोपालपुर से विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल, पूर्व मंत्री हिमराज सिंह, पूर्व एमएलसी संजीव श्याम सिंह, पूर्व विधायक महेश्वर प्रसाद यादव और गायघाट के प्रभात किरण को पार्टी से बाहर निकाल दिया है।
इससे पहले शनिवार को नीतीश कुमार ने पार्टी के विरुद्ध जाकर काम करने वाले 11 लोगों को पार्टी से सस्पेंड कर दिया था। इसमें पूर्व मंत्री ग्रामीण कार्य विभाग और जमालपुर से विधायक शैलेश कुमार भी शामिल थे। दो दिनों में कुल 16 लोगों को पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया है।
दो दिन में 16 पर गिरी गाज
शैलेश कुमार- पूर्व मंत्री, जमालपुर, मुंगेर.
संजय प्रसाद- पूर्व एमएलसी, चकाई, जमुई.
श्याम बहादुर सिंह- पूर्व विधायक, बडहरिया, सीवान.
रणविजय सिंह- पूर्व एमएलसी, बड़हरा, भोजपुर.
सुदर्शन कुमार- पूर्व विधायक, बरबीधा, शेखपुरा.
अमर कुमार सिंह- साहेबपुर कमाल, बेगूसराय.
डॉ. आसमा परवीन- महुआ, वैशाली.
लब कुमार- नवीनगर, औरंगाबाद.
आशा सुमन- कदवा, कटिहार.
दिव्यांशु भारद्वाज- मोतिहारी, पूर्वी चम्पारण.
विवेक शुक्ला- जिरादेई, सीवान.
नरेन्द्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल, विधायक, गोपालपुर,
हिमराज सिंह, पूर्व मंत्री, कदवा,
संजीव श्याम सिंह, पूर्व एमएलसी, गया जी
महेश्वर प्रसाद यादव, पूर्व विधायक गायघाट
प्रभात किरण, मुजफ्फरपुर
क्रिकेट स्टेडियम बनवाकर भारत-पाकिस्तान का मैच करवाऊंगा…बिहार चुनाव के बीच तेज प्रताप ने किया बड़ा वादा
26 Oct, 2025 12:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बिहार चुनाव (Bihar elections) का काउंटडाउन शुरू हो गया है. लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के बड़े बेटे तेज प्रताप (Tej Pratap) की जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) पार्टी चुनावी मैदान में ताल ठोक रही है. वह खुद महुआ सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. इस बीच उन्होंने महुआ सीट को लेकर अपनी योजनाओं पर बात की. तेज प्रताप ने कहा कि महुआ सीट से हमें अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. हमने महुआ में मेडिकल कॉलेज दिया. अब हम जीत के बाद यहां इंजीनियरिंग कॉलेज भी खोलेंगे. इतना ही नहीं, हम महुआ में क्रिकेट स्टेडियम बनाएंगे और यहां भारत और पाकिस्तान का मैच भी कराएंगे. महुआ में कोई टक्कर में नहीं है.
उन्होंने कहा कि जननायक अभी हम नहीं बता सकते. जननायक लोहिया जी, कर्पूरी जी और लालू प्रसाद यादव हैं. तेजस्वी जननायक नहीं हो सके. क्योंकि वो अपने बलबूते नहीं है. वो हमारे पिता के बलबूते हैं. जिस दिन वो अपने बलबूते हो जाएंगे. सबसे पहले हम उन्हें जननायक कहेंगे. तेज प्रताप ने लालटेन युग के अंत के सवाल पर कहा कि लालटेन युग का अंत होगा तो वो लालटेन वाले बनाएंगे. अब आरजेडी में नहीं हूं. मुझे किसी पद का लालच नहीं है.
अगर मुझे आरजेडी में कोई पद मिलेगा, तो मैं सबसे पहले उसे ठुकराऊंगा. मैं कभी किसी के साथ गठबंधन भी नहीं करूंगा. बता दें कि बिहार में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होना है. पहले चरण के तहत छह नवंबर और दूसरे चरण के तहत 11 नवंबर को चुनाव होगा. मतगणना 14 नवंबर को होगी.
प्रकृति, श्रद्धा और अनुशासन का एक अनुपम संगम है छठ महापर्व – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
26 Oct, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने कहा, छठ महापर्व (Chhath Mahaparva) प्रकृति, श्रद्धा और अनुशासन (Nature, Devotion and Discipline) का एक अनुपम संगम है (Is a unique Confluence) । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सूर्य उपासना और लोक आस्था के महापर्व छठ की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि सभी लोग स्वस्थ, सुख और समृद्धि का जीवन पाएं और यह महान परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी जारी रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा, “आप सभी पर छठी माता की कृपा बनी रहे। परिवार के लिए कठिन व्रत रखने वाली माताओं और बहनों को मेरी तरफ से विशेष मंगलकामनाएं। जय छठी माता।” उन्होंने कहा, “छठ महापर्व प्रकृति, श्रद्धा और अनुशासन का एक अनुपम संगम है। सूर्य उपासना के माध्यम से यह हमें जीवन में प्रकाश, ऊर्जा और संतुलन का संदेश देता है। यह पर्व सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव है। छठी मइया की कृपा से व्रती अपने संकल्प में सफल हों।”
इस मौके पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा, “समस्त श्रद्धालुओं को सूर्य उपासना और लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के प्रथम अनुष्ठान नहाय-खाय की हार्दिक शुभकामनाएं। छठी मैया के आशीर्वाद से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार हो, यही प्रार्थना है।”
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपने संदेश में लिखा, “समस्त श्रद्धालुओं को सूर्य उपासना एवं लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के प्रथम अनुष्ठान नहाय-खाय की हार्दिक शुभकामनाएं।” गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने भी छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा के प्रथम अनुष्ठान नहाय खाय की हार्दिक शुभकामनाएं।”
छठ महापर्व शनिवार को ‘नहाय-खाय’ के साथ शुरू हुआ। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू होने वाली छठ पूजा का समापन सप्तमी तिथि (28 अक्टूबर) को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा। ‘संध्या अर्घ्य’ (डूबते सूर्य को शाम का अर्घ्य) का मुख्य अनुष्ठान 27 अक्टूबर को होगा, जिसके बाद अगले दिन ‘उषा अर्घ्य’ (सुबह का अर्घ्य) होगा। यह पर्व बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल में बड़े उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है।
झूठ के बेताज बादशाह और जुमलों के सरदार की छठ महापर्व पर 12000 रेलगाड़ियां चलवाने की बात निकली सफेद झूठ – राजद अध्यक्ष लालू यादव
26 Oct, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । राजद अध्यक्ष लालू यादव (RJD President Lalu Yadav) ने कहा कि झूठ के बेताज बादशाह और जुमलों के सरदार की छठ महापर्व पर 12000 रेलगाड़ियां चलवाने की बात (Talk of the Uncrowned King of Lies and the Leader of Jumlas about running 12,000 Trains on the occasion of Chhath Mahaparva) सफेद झूठ निकली (Turned out to be blatant Lie) ।
उन्होंने छठ पर्व पर आवश्यकता के मुताबिक ट्रेन नहीं चलवाने को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार ने कहा था कि 12,000 रेलगाड़ियां छठ पर्व के अवसर पर बिहार के लिए चलाई जाएंगी, लेकिन यह भी सफेद झूठ निकला। राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर लिखा, “झूठ के बेताज बादशाह और जुमलों के सरदार ने शेखी बघारते हुए कहा था कि देश की कुल 13,198 ट्रेनों में से 12,000 रेलगाड़ियां छठ पर्व के अवसर पर बिहार के लिए चलाई जाएंगी। यह भी सफेद झूठ निकला।” उन्होंने आगे कहा कि 20 सालों की एनडीए सरकार में पलायन का दंश झेल रहे बिहारियों के लिए लोक आस्था के महापर्व छठ पर भी ये लोग रेलगाड़ियां ढंग से नहीं चला सकते। मेरे बिहारवासियों को अमानवीय तरीके से ट्रेनों में सफर करना पड़ रहा है। कितना शर्मनाक है?
बता दें कि बिहार के अन्य राज्यों में रहने वाले लोग छठ पर्व को लेकर अपने गांव लौटते है। लालू यादव ने आगे पलायन को लेकर डबल इंजन की सरकार को निशाने पर लेते हुए लिखा, “डबल इंजन सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रतिवर्ष बिहार के 4 करोड़ से अधिक लोग काम के लिए अन्य राज्यों में पलायन करते हैं। यूपीए सरकार के बाद से एनडीए सरकार ने बिहार में कोई बड़ा उद्योग नहीं लगाया। ये लोग बिहार विरोधी हैं।”
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होता जा रहा है। कोई भी दूसरे पर आरोप लगाने से नहीं चूक रहा है। ऐसे में लालू यादव भले चुनावी मैदान से अस्वस्थता के कारण दूर हैं लेकिन सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर हमलावर हैं।
केंद्र सरकार का 12 हजार स्पेशल ट्रेने चलाने का दावा निकला झूठ – कांग्रेस सांसद राहुल गांधी
26 Oct, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Congress MP Rahul Gandhi) ने कहा कि केंद्र सरकार का 12 हजार स्पेशल ट्रेने चलाने का दावा (Central Government’s claim of running 12000 Special Trains) निकला झूठ (Has turned out to be Lie) ।
बिहार में विधानसभा चुनावों और छठ महापर्व से पहले घर लौटने की चाह में लोगों की भीड़ ट्रेनों पर उमड़ पड़ी है। केंद्र सरकार ने पहले दावा किया था कि यात्रियों की सुविधा के लिए 12 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, ताकि किसी को भी घर जाने में परेशानी न हो, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। बिहार जाने वाली ज्यादातर ट्रेनें ठसाठस भरी हुई हैं, टिकट मिलना मुश्किल है और कई जगह यात्रियों को खड़े होने तक की जगह नहीं मिल रही।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा —त्योहारों का महीना है – दिवाली, भाईदूज, छठ। बिहार में इन त्योहारों का मतलब सिर्फ़ आस्था नहीं, घर लौटने की लालसा है – मिट्टी की खुशबू, परिवार का स्नेह, गांव का अपनापन। लेकिन यह लालसा अब एक संघर्ष बन चुकी है। बिहार जाने वाली ट्रेनें ठसाठस भरी हैं, टिकट मिलना असंभव है, और सफ़र अमानवीय हो गया है।
कई ट्रेनों में क्षमता से 200% तक यात्री सवार हैं – लोग दरवाज़ों और छतों तक लटके हैं।फेल डबल इंजन सरकार के दावे खोखले हैं।कहां हैं 12,000 स्पेशल ट्रेनें? क्यों हालात हर साल और बदतर ही होते जाते हैं? क्यों बिहार के लोग हर साल ऐसे अपमानजनक हालात में घर लौटने को मजबूर हैं?अगर राज्य में रोज़गार और सम्मानजनक जीवन मिलता, तो उन्हें हज़ारों किलोमीटर दूर भटकना नहीं पड़ता। ये सिर्फ़ मजबूर यात्री नहीं, एनडीए की धोखेबाज़ नीतियों और नियत का जीता-जागता सबूत हैं । यात्रा सुरक्षित और सम्मानजनक हो यह अधिकार है, कोई एहसान नहीं।
अगर एनडीए की सरकार बनी तो ‘विकसित बिहार’ पूरे भारत में अपना डंका बजाएगा – केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
26 Oct, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खगड़िया । केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने कहा कि अगर एनडीए की सरकार बनी (If NDA Government Formed) तो ‘विकसित बिहार’ (Then ‘Developed Bihar’) पूरे भारत में अपना डंका बजाएगा (Will make its mark across India) । अमित शाह ने चुनाव प्रचार अभियान में शनिवार को लगातार दूसरे दिन चुनावी सभा को संबोधित किया।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शनिवार को खगड़िया में आयोजित एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह चुनाव विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री बनाने का चुनाव नहीं है, बल्कि यह चुनाव बिहार में जंगलराज लाना है या विकास का राज लाना है, यह तय करने वाला चुनाव है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उपस्थित लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि आप अपने वोटों का इस्तेमाल सही जगह पर कीजिए। उन्होंने कहा कि आज हम पांच दल एकजुट होकर पांडव की तरह चुनावी मैदान में हैं। उन्होंने इस गठबंधन के प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अगर राजद की सरकार आई तो उसके साथ जंगलराज भी आएगा और अगर एनडीए की सरकार बनी तो ‘विकसित बिहार’ पूरे भारत में अपना डंका बजाएगा। उन्होंने राजद शासन काल की चर्चा करते हुए कहा कि उस दौर में अपहरण, हत्या, लूट और दुष्कर्म रोज की बात होती थी। आज राजद के नेता हत्या की बात कर रहे हैं, ऐसा लगता है कि सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। उन्होंने कहा कि एनडीए की 20 साल की सरकार में एक भी बड़ा नरसंहार बिहार में नहीं हुआ। एनडीए सरकार ने बिहार को जंगलराज से मुक्ति दी, परिवारवाद समाप्त किया और सबसे बड़ी बात, बिहार को नक्सलवाद से मुक्त किया।
उन्होंने कहा कि बिहार विकास के इंजन से लैस होकर डबल इंजन के साथ विकास की राह पर है। उन्होंने कहा कि हम लोगों की नीति स्पष्ट है: स्कूल, कॉलेज में पढ़ाई, समय पर दवाई, खेतों में सिंचाई, और सभी घरों में पानी की सप्लाई। उन्होंने महागठबंधन को निशाने पर लेते हुए कहा कि वहां सिर्फ दो चीजें हैं: भ्रष्टाचार और परिवारवाद।
उन्होंने जोर देकर कहा कि नीतीश कुमार के ऊपर जहां चार आने के घोटाले का भी आरोप नहीं है, जबकि लालू यादव ने चारा घोटाला, अलकतरा घोटाला सहित कई घोटाले किए। उन्होंने घुसपैठियों की चर्चा करते हुए उपस्थित लोगों से पूछा कि क्या बिहार से घुसपैठियों को भगा देना है या नहीं? सभी लोगों ने हाँ में जवाब दिया। इस क्रम में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की चलाई जा रही योजनाओं का भी जिक्र किया।
पवन सिंह नहीं लड़ना चाहते विधानसभा चुनाव, मनोज तिवारी ने बताया भाजपा की रणनीति और समय
25 Oct, 2025 03:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भोजपुरी स्टार पवन सिंह(Bhojpuri star Pawan Singh) के बिहार (Bihar )विधानसभा चुनाव (Assembly Elections)नहीं लड़ने पर भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के सांसद मनोज तिवारी(MP Manoj Tiwari) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि पवन सिंह विधायक नहीं बनना चाहते हैं। वह विधानसभा नहीं, बल्कि लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहते हैं। भाजपा के सांसद तिवारी ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने ही पवन सिंह को पार्टी से 2024 में आसनसोल से टिकट दिलवाया था।
बता दें कि पवन सिंह ने बाद में बगावत कर आसनसोल का टिकट ठुकरा दिया और काराकाट सीट पर निर्दलीय चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे। भाजपा ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। अब बिहार चुनाव से पहले उनकी पार्टी में वापसी हुई है।
पवन सिंह को कब चुनाव लड़ाएगी भाजपा?
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने शुक्रवार को समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि मशहूर भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है और उनकी नजर लोकसभा चुनावों पर है। उन्होंने कहा, “पवन सिंह सांसद बनना चाहते हैं, भविष्य में हम (BJP) उन्हें सही जगह से चुनाव लड़वाएंगे।”
बता दें कि लोकसभा चुनाव 2024 में बगावत कर बिहार की काराकाट सीट से पवन सिंह के निर्दलीय मैदान में उतरने पर एनडीए के प्रत्याशी रहे आरएलएम चीफ उपेंद्र कुशवाहा को हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, भाजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पवन सिंह की उपेंद्र कुशवाहा से सुलह करवाई और पिछले महीने भोजपुरी स्टार की पार्टी में वापसी करवा दी।
इसके बाद, पवन के भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, भाजपा की 101 उम्मीदवारों की जारी हुई सूची में उनका नाम नहीं था।
वनाधिकार पट्टा और पीएम आवास से मुरिया परिवार को मिला नया जीवन
वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
राज्यपाल पटेल से भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले
मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये करें समन्वित प्रयास : मंत्री कुशवाह
लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन
चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर
कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल
द्वारका नगरी योजना से शहरी विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से बदली तस्वीर
