राजनीति
बिहार चुनाव में शिकस्त के बाद कांग्रेस में महाभारत, अपनों ने खोली पोल
16 Nov, 2025 09:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. बिहार (Bihar) विधानसभा चुनाव (elections) में कांग्रेस (Congress) के बेहद कमजोर प्रदर्शन के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है. देशभर के कई वरिष्ठ नेताओं, पूर्व नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संगठन की कमजोरी, गलत टिकट वितरण, बूथ-स्तर तक कमजोरी और नेतृत्व से दूरी जैसे कारणों को खुलकर सामने रखा है.
पटना में कांग्रेस नेता कृपानाथ पाठक ने कहा कि पार्टी के अंदर सही जानकारी शीर्ष नेतृत्व तक नहीं पहुंचाई गई, जिससे “इतनी बड़ी चूक” हुई. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नेतृत्व अब भी नहीं जागा, तो आने वाले समय में “गंभीर संकट” खड़ा हो सकता है.
केरल से सांसद शशि थरूर ने भी हार को “गंभीर निराशा” बताते हुए कहा कि पार्टी को सिर्फ आत्ममंथन नहीं, बल्कि रणनीतिक और संगठनात्मक गलती की वैज्ञानिक समीक्षा करनी चाहिए.
उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें बिहार में प्रचार के लिए आमंत्रित भी नहीं किया गया था, इसलिए ज़मीनी स्थिति का प्रत्यक्ष अनुभव नहीं है. पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने कटाक्ष करते हुए कहा, “कांग्रेस ने मुझे उस लायक नहीं समझा.”
कई दिग्गजों ने उठाए सवाल
पार्टी के वरिष्ठ नेता निखिल कुमार ने संगठन की कमजोरी को हार का सबसे बड़ा कारण बताया. उनका कहना है कि मजबूत संगठन ही चुनाव जिता सकता है; उम्मीदवार अच्छे थे, लेकिन रणनीति और प्रबंधन में गंभीर कमियां रहीं.
पटना में कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि पार्टी को गंभीर समीक्षा करनी होगी. साथ ही उन्होंने नीतीश कुमार और NDA को जीत की बधाई दी. उन्होंने माना कि RJD और कांग्रेस के बीच “फ्रेंडली फाइट” ने भी नुकसान पहुंचाया.
नेता जमीनी हकीकत से कटे हुए- मुमताज
कांग्रेस नेता मुमताज़ पटेल का बयान सबसे तीखा रहा. उन्होंने नेतृत्व पर तंज कसते हुए कहा कि “अब न बहाना चलेगा, न दोषारोपण”, पार्टी बार-बार इसलिए हार रही है क्योंकि सत्ता कुछ लोगों के हाथों में केंद्रित है जो ज़मीनी हकीकत से पूरी तरह कटा हुआ है.
हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद ने टिकट वितरण में अनियमितताओं की ओर इशारा किया और कहा कि यदि आरोप सही हों, तो कार्रवाई होने चाहिए. AIMIM के कांग्रेस से अधिक सीटों पर बढ़त पाने पर उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के लिए “चौंकाने वाली और चिंताजनक बात” है, खासकर इसलिए क्योंकि अतीत में कांग्रेस सीमांचल की कई सीटें जीतती रही है.
कुल मिलाकर, कांग्रेस के भीतर आत्ममंथन की जगह अब सीधी आलोचना और नेतृत्व पर सवाल तेज़ी से उभरकर सामने आने लगे हैं. बिहार का परिणाम उसके लिए एक बड़ा संकेत है.
सिर्फ नकारात्मक राजनीति कर रही कांग्रेस…. हो सकता है उसमें बड़ा विभाजन: PM मोदी
16 Nov, 2025 08:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बिहार चुनाव (Bihar Elections) की जीत पर भाषण देते हुए कांग्रेस (Congress) पर भी हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति का आधार अब सिर्फ नकारात्मक राजनीति (Only Negative Politics) हो गया है। कभी ‘चौकीदार चोर’ का नारा, संसद का समय बर्बाद करना, ईवीएम पर हमला करना, कभी चुनाव आयोग को गाली, जाति और धर्म के आधार पर लोगों को बांटना, यही कांग्रेस का काम है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास देश के लिए कोई सकारात्मक विजन नहीं है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी पर भी जमकर निशाना साधा और कहा कि मुझे आशंका है कि हो सकता है आगे कांग्रेस का एक और बड़ा विभाजन हो।
कांग्रेस में बन रहा गुट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि आज कांग्रेस मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस बन गई है…कांग्रेस का पूरा एजेंडा इसी के इर्द-गिर्द घूमता है। इसलिए कांग्रेस के भीतर एक अलग गुट उभर रहा है जो नकारात्मक राजनीति से असहज है। ये कांग्रेस के नामदार कांग्रेस को जिस रास्ते पर ले जा रहे हैं, उससे गहरी निराशा और आक्रोश बढ़ रहा है। मुझे आशंका है कि हो सकता है आगे कांग्रेस का एक और बड़ा विभाजन हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सहयोगी भी समझ रहे हैं कि कांग्रेस सभी को निगेटिव दिशा में लेकर जा रही है। यह पार्टी सहयोगियों के वोट बैंक को निगलकर खुद को आगे बढ़ा रही है।
खत्म हो रहा जनता का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दशकों तक देश पर राज करने वाली पार्टी पर जनता का भरोसा लगातार कम होता जा रहा है। कांग्रेस देश के कई राज्यों में वर्षों से सत्ता से बाहर है। पिछले तीन लोकसभा चुनावों में कांग्रेस तीन अंकों तक नहीं पहुंच पाई। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद देश के छह राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए और इनमें भी कांग्रेस 100 सीटों का आंकड़ा पार नहीं कर पाई। आज भी हमारे चुने गए विधायकों की संख्या कांग्रेस द्वारा पिछले छह विधानसभा चुनावों में जीते गए विधायकों से अधिक है।
चुनाव हार के बाद बड़ा धमाका: रोहिणी आचार्य का राजनीति छोड़ने का ऐलान
15 Nov, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की बुरी तरह हार के बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने राजीनीति छोड़ने का ऐलान किया है. इसके साथ ही उन्होंने परिवार को छोड़ने की बात भी कही है. रोहिणी आचार्य ने अपनी पोस्ट में संजय यादव और रमीज का जिक्र किया है.
‘सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं’
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर ट्वीट करके लिखा, ‘मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं. संजय यादव और रमीज ने मुझसे यही करने को कहा था और मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं.’
दोबारा पोस्ट करके संजय यादव पर लगाए आरोप
हैरान करने वाली बात ये है कि रोहिणी ने पहले तो सिर्फ राजनीति छोड़ने की बात कही थी. लेकिन इसके थोड़ी देर बार रोहिणी ने अपनी पोस्ट को एडिट किया. इसके बाद उन्होंने संजय यादव और रमीज पर आरोप लगाए. पोस्ट एडिट करके रोहिणी ने संजय और रमीज पर आरोप लगाया कि उन्होंने ऐसा करने के लिए कहा था. रोहिणी आचार्य और संजय यादव के बीच पहले भी मनमुटाव की खबरें देखी गईं थी. इसके बाद अब राजनीति छोड़ने की बात कहकर उन्होंने संजय यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
पॉलिटिकल डेब्यू में ही मिली थी मात
रोहिणी आचार्य ने 2024 में ही पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा था. उन्होंने आरजेडी की परंपरागत सीट सारण से डेब्यू किया था. लेकिन वह यहां भी चुनाव हार गईं थीं. उन्हें राजीव प्रताप रूडी ने हराया था. इस बार उन्होंने आरेजेडी के लिए प्रचार किया था. लेकिन अब आरेजेडी की बिहार विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हार के बाद ही उन्होंने राजनीति को अलविदा कहने का ऐलान कर दिया है.
अपनी ही पार्टी के खिलाफ बयानबाज़ी भारी पड़ी, आरके सिंह हुए पार्टी से बाहर
15 Nov, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह पर बीजेपी ने आखिरकार एक्शन ले लिया है. बीजेपी ने आरके सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है. आरके सिंह पर ये कार्रवाई अनुशासनहीनता के कारण हुई है. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान आरके सिंह के बयानों ने बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी थीं. जिसके बाद से ही यह अनुमान लगाया जा रहा था कि बीजेपी आरके सिंह पर कार्रवाई कर सकती है.
नीतीश सरकार पर लगाए थे गंभीर आरोप
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान आरके सिंह नीतीश सरकार पर गई गंभीर आरोप लगाए थे. इसके अलावा उन्होंने भोजपुरी स्टार पवन सिंह को भी पार्टी में शामिल करने पर सवाल उठाए थे. उन्होंने आरोप लगाया था कि बीजेपी कई नेताओं ने पैसे लेकर पवन सिंह को काराकाट लोकसभा से निर्दलीय चुनाव लड़वाया था. इतना ही नहीं उन्होंने तारापुर सीट से बीजेपी नेता सम्राट चौधरी को वोट ना देने की अपील की थी. आरके सिंह के नीतीश सरकार पर लगातार हमले के कारण पार्टी असहज स्थिति में पहुंच गई थी. पीएम मोदी समेत बीजेपी के कई बड़े नेताओं की रैलियों में भी आरके सिंह नजर नहीं आए थे. जिसके कारण पार्टी के कई नेता आरके सिंह से खफा थे.
चुनाव के दौरान पार्टी ने नहीं की कार्रवाई
बिहार में विधानसभा चुनाव के दौरान आरके सिंह लगातार अपनी बयानबाजी के कारण पार्टी के लिए सिरदर्द बन गए थे. नीतीश सरकार और बीजेपी के ही नेताओं के खिलाफ बयानबाजी के कारण पार्टी असहज स्थिति में आ गई थी. इसके बाद लगातार कयास लगाए जा रहे थे कि आरके सिंह पर बीजेपी कार्रवाई कर सकती है. लेकिन विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने आरके सिंह पर कोई कार्रवाई नहीं की. 14 नवंबर को बिहार में विधानसभा चुनाव के परिणाम आए. जिसमें एनडीए ने प्रचंड बहुमत हासिल की और बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. जिसके एक दिन बाद ही बीजेपी ने आरके सिंह पर कार्रवाई की है.
CM मोहन यादव का बड़ा बयान, अंग्रेजों ने जितना नुकसान किया, कांग्रेस ने उतना भरने नहीं दिया
15 Nov, 2025 05:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आलीराजपुर। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश के आलीराजपुर में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों को वोट बैंक समझा, आदिवासी अंचल को लूटा।
अंग्रेज चले गए कांग्रेस छोड़ गए
आलीराजपुर में आयोजित कार्यक्रम में सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद आदिवासी नेतृत्व पर पहले अंग्रेजों ने दमन किया। अंग्रेज चले गए, कांग्रेस छोड़ गए. कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों को वोट बैंक समझा, आदिवासी अंचल को लूटा। हम आदिवासी नायकों का जन्मदिन मनाते हैं, तो कांग्रेस को तकलीफ होती है। आदिवासी, गरीब, महिला, युवा और किसानों को जोड़कर पीएम मोदी ने सरकार बनाई। उन्होंने आगे कहा कि बिहार को कितना बदनाम किया. कल (14 नवंबर) बिहार में धूमधाम से कांग्रेस की झाड़ू लगी। विकास क्या होता है ये बिहार ने बता दिया। ये राजकुमार को घर भेजना पड़ेगा. कांग्रेस कहती है कि चुनाव तक बहनों को पैसे देंगे लेकिन हम हर महीने बहनों को पैसे दे रहे हैं। कांग्रेसी देख लें, हमारी सरकार जो कहती है वो करके दिखाती है।कांग्रेसी रोते रहेंगे, हम देते रहेंगे।
244 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
सीएम मोहन यादव ने आलीराजपुर में कुल 244.51 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें 194.78 करोड़ रुपये के 104 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और 49.73 करोड़ रुपये की लागत के 51 नए कार्यों का भूमि पूजन शामिल है। ग्राम बड़ागुड़ा के 33/11 केवी विद्युत केंद्र का लोकार्पण किया। इसके साथ ही कट्ठीवाड़ा में 10 बिस्तरों वाले आयुष विद्यालय का भूमिपूजन भी किया।
बिहार की सियासत में JDU का दावा— सिर्फ नीतीश कुमार ही बनेंगे मुख्यमंत्री
15 Nov, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आ चुके हैं, जिसमें एनडीए ने बंपर जीत अपने नाम की है. अब सबसे बड़ा सवाल है कि सीएम कौन बनेगा? चुनाव के पहले और परिणाम आने के बाद भी चर्चा है सीएम नीतीश कुमार ही बनेंगे लेकिन अभी तक आधिकारिक रूप से किसी के नाम की घोषणा नहीं की गई है. हालांकि (जनता दल यूनाइटेड) जदयू नेता श्याम रजक ने सीएम फेस को लेकर बड़ा बयान दिया है.
फुलवारी विधानसभा सीट से JDU के विजयी उम्मीदवार श्याम रजक ने कहा, “यह बिहार की जनता की जीत है जिसने हमारे नेता नीतीश कुमार पर भरोसा जताया और उनके काम के आधार पर उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाया. हम बिहार के मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हैं. यहां (मुख्यमंत्री पद के लिए) कोई जगह खाली नहीं है. नीतीश कुमार ने अपने काम के दम पर जनता का दिल जीता है.”
सबसे ज्यादा सीटों पर BJP का कब्जा
इस बार के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें भाजपा को मिली हैं. चर्चा यह भी है कि भाजपा अपना सीएम बना सकती है, लेकिन अभी तक बीजेपी हाई कमान ने कोई टिप्पणी नहीं की है. इस बीच जदयू की तरफ से सीएम पद को लेकर बयान आने लगे हैं.
नीतीश कुमार ही बनेंगे सीएम: संतोष सुमन
जदयू ही नहीं, एनडीए के घटक दल हम (HAM) के नेता संतोष सुमन ने भी सीएम पद को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार ही सीएम होंगे”. एलजेपी-आर प्रमुख चिराग पासवान भी नीतीश को सीएम के तौर पर देखना चाहते हैं. ऐसे में नीतीश कुमार की 10वीं बार ताजपोशी में कोई अड़चन नहीं होनी चाहिए. हालांकि भाजपा नेता विनोद तावड़े ने कहा था कि चुनाव परिणाम के बाद हम बैठक करेंगे और तय करेंगे कि बिहार का सीएम कौन होगा. इस बयान के बाद अटकलों का बाजार गर्म हो गया था.
BJP को पहली बार मिलीं 89 सीटें
बिहार में भाजपा पहली बार इतनी ज्यादा सीटों के साथ चुनाव जीती है. इस चुनाव में भाजपा को 89 तो वहीं जदयू को 85 सीटें मिली हैं. जबकि पिछले चुनाव में सबसे ज्यादा सीट पाने वाली आरजेडी सिर्फ 25 सीटों पर आकर टिक गई है. बिहार में भाजपा की इतनी सीट आने के बाद सीएम फेस को लेकर काफी चर्चा हो रही है. बात करें सीएम की दौड़ की तो, नीतीश कुमार के अलावा नित्यानंद राय, सम्राट चौधरी, राजीव प्रताप रूडी और रेणु देवी का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है.
10वीं बार बनेंगे सीएम
बता दें, नीतीश कुमार पहली बार 3 मार्च 2000 को 7 दिनों के लिए सीएम बने थे. पहली बार साल 1985 में लोकदल के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचे थे. नीतीश कुमार 2023 में 9वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले चुके हैं. वे बिहार के सबसे लंबे समय तक रहने वाले मुख्यमंत्री हैं. ऐसे में अगर उन्हें इस बार सीएम बनाया जाएगा, तो नीतीश कुमार 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे.
प्रशांत किशोर के दावे पर लगी लगाम, राजनीति छोड़ने के सवाल पर जन सुराज का जवाब
15 Nov, 2025 03:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पूर्व चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अपना खाता भी नहीं खोल पाई। शनिवार (15 ननंबर, 2025) को पार्टी की ओर से चुनावी हार पर प्रतिक्रिया आई।
जन सुराज का कहना है कि एनडीए की जीत में महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की गई रकम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने कहा, "हम विधानसभा चुनाव के नतीजों से निराश हैं, लेकिन परेशान नहीं हैं। हालांकि हमें एक भी सीट नहीं मिली है, फिर भी हम सत्तारूढ़ एनडीए का विरोध करते रहेंगे।"
'राजद की वापसी नहीं चाहते थे बिहार के लोग'
उन्होंने कहा कि पार्टी बिहार में मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने में कामयाब नहीं हो पाई। उदय सिंह ने कहा, "जनादेश यह भी साबित करता है कि लोग राजद की वापसी नहीं चाहते थे।" उन्होंने दावा किया कि बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए सरकार की ओर से महिलाओं के खातों में 40,000 करोड़ रुपये के नकद हस्तांतरण ने उनकी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
'चुनाव से पहले रिश्वत देने की कोशिश की गई'
जुन सुराज के अध्यक्ष यहां पर बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का जिक्र कर रहे थे, जिसके तहत राज्य की महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे गए। उन्होंने आरोप लगाया, "यह सरकार की ओर से चुनाव से पहले लोगों को रिश्वत देने की एक कोशिश थी। वोट खरीदे गए। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद भी नकद लाभ हस्तांतरित किए गए।"
जन सुराज नेता ने कहा, "अब हम यह देखना चाहते हैं कि सरकार राज्य की महिलाओं के खातों में शेष 2 लाख रुपये कैसे हस्तांतरित करती है।"
प्रशांत किशोर के राजनीति छोड़ने पर क्या बोली पार्टी?
यह पूछे जाने पर कि क्या प्रशांत किशोर राजनीति में सक्रिय रहेंगे, जबकि जदयू ने 25 से अधिक सीटें जीती हैं। इसके जवाब में जन सुराज नेता ने कहा, "आपको यह सवाल किशोर से ही पूछना चाहिए।" किशोर ने पहले दावा किया था कि अगर नीतीश कुमार की जदयू 25 से अधिक सीटें जीतती है तो वह राजनीति छोड़ देंगे। विधानसभा चुनाव में जदयू को 85 सीटें मिलीं।
मोहन यादव के छोटे बेटे की शादी 30 नवंबर को, जानें कौन हैं उनकी होने वाली पत्नी
15 Nov, 2025 01:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे बेटे अभिमन्यु नवंबर के महीने में शादी के बंधन में बंधने वाले हैं. वह इशिता यादव के साथ 30 नवंबर को सामूहिक विवाह सम्मेलन में सात फेरे लेंगे. जानिए कौन हैं CM डॉ. मोहन यादव की छोटी बहू इशिता यादव.
CM मोहन यादव के बेटे की शादी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु 30 नवंबर को शादी के बंधन में बंधने वाले हैं. अभिमन्यु उज्जैन में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में इशिता यादव के साथ 7 फेरे लेंगे. दोनों की सगाई इसी साल जून के महीने में हुई थी.
कौन हैं CM मोहन यादव की छोटी बहू?
CM मोहन यादव की छोटी बहू इशिता यादव खरगोन जिले के सेल्दा गांव की रहने वाली हैं. वह किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं. इशिता यादव भी पेशे से डॉक्टर हैं. साथ ही PG की पढ़ाई भी कर रही हैं. उन्होंंने MBBS की पढ़ाई पूरी कर ली है. उनके पिता दिनेश यादव इलाके के बड़े किसान माने जाते हैं.
क्या हैं अभिमन्यु?
बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तीन संतानें हैं. उनके दो बेटे और एक बेटी हैं. बेटी डॉ. आकांक्षा और बड़े बेटे की शादी हो चुकी है. वहीं. उनके छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु एक कुशल सर्जन हैं और समाजसेवा में भी सक्रिय रहते हैं.
इशिता से CM मोहन यादव की बेटी का खास रिश्ता
CM मोहन यादव की होने वाली छोटी बहू इशिता से उनकी बेटी डॉ. आकांक्षा का खास रिश्ता है. दरअसल, आकांक्षा की शादी दिनेश यादव के बेटे डॉ. आयुष से हुई है. यानी इशिता उनकी ननद भी हैं. बता दें कि CM मोहन यादव की बेटी डॉ. आकांक्षा गायनोकॉलॉजिस्ट डॉक्टर हैं.
बिहार में हार के बाद कांग्रेस में तूफ़ान, मुमताज पटेल ने उठाए कड़े सवाल
15 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बिहार में महागठबंधन की करारी हार के बाद जहां राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवा उठाए, तो वहीं कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कांग्रेस मुट्ठीभर लोगों के हाथों में कैद है. शशि थरूर ने कांग्रेस पार्टी की नीतियों पर सवाल उठाया है. उन्होंने पूछा कि कब तक कांग्रेस का वफादार कार्यकर्ता इंतजार करे? इसके अलावा बिहार कांग्रेस नेता अखिलेश प्रताप सिंह और शकील अहमद ने भी हार के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने कहा, “जब हमें पता है कि हम एक ऐसी व्यवस्था से लड़ रहे हैं जो इतनी शक्तिशाली है, जिसका पूरा नियंत्रण है, तो जाहिर है कांग्रेस पार्टी को सतर्क रहना होगा. जमीन से वाकिफ लोगों को मौका ही नहीं दिया जाता. फैसले लेने का काम चंद लोगों के हाथों में सिमट जाता है. कांग्रेस पार्टी के देश भर में ऐसे कार्यकर्ता हैं, जो जीत हो या हार, मैं हमेशा कहती हूं कि दिल से कांग्रेसी हैं. लेकिन उन्हें कोई पूछता नहीं, कोई मानता नहीं, और उन्हें कोई पद या अधिकार नहीं दिया जाता. हमारी पार्टी में भी, अगर हम लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं, अगर हम लोकतंत्र बचाने की बात करते हैं, अगर हम चुनावी प्रक्रिया बचाने की बात करते हैं, तो हमारी अपनी पार्टी में भी सत्ता चंद लोगों के हाथों में सिमट जाती है, और उन्हीं लोगों को बार-बार इनाम मिलता है.“किसी भी तरह की कोई जवाबदेही नहीं है, और आप असली कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल नहीं करते, आप उनसे पूछते भी नहीं, आप उन्हें पहचानते भी नहीं और मैं यह भी कहना चाहूंगी कि अगर चुनावी प्रक्रिया भ्रष्ट है, तो या तो पूरा विपक्ष एकजुट हो जाए और कहते हैं कि हम चुनावों का बहिष्कार करेंगे. कांग्रेस पार्टी को लोगों का दिल और विश्वास फिर से जीतना होगा. राहुल गांधी कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन मेरा मानना है कि हमारी पार्टी के भीतर सत्ता का दुरुपयोग करने वाले कुछ लोग जो सत्ता का दुरुपयोग करते हैं, वही हमारी पार्टी को बार-बार हार का सामना करवा रहे हैं.”
राहुल गांधी ने निष्पक्षता पर उठाए सवाल
वहीं, बिहार में मिली करारी हार के बाद राहुल गांधी ने कहा, “बिहार का यह परिणाम वाकई चौंकाने वाला है. हम एक ऐसे चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सके, जो शुरू से ही निष्पक्ष नहीं था. यह लड़ाई संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की है. कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन इस परिणाम की गहराई से समीक्षा करेंगे और लोकतंत्र को बचाने के अपने प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाएंगे.”
अखिलेश प्रताप ने ‘फ्रेंडली फाइट’ को बताया नुकसान
कांग्रेस नेता अखिलेश प्रताप सिंह ने ‘महागठबंधन’ की हार के लिए RJD के रणनीतिकार संजय यादव और कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू को जिम्मेदार ठहरा दिया. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सीट शेयरिंग में देरी और कई जगहों पर ‘फ्रेंडली फाइट’ ने महागठबंधन को भारी नुकसान पहुंचाया है. वहीं शकील अहमद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि फलां व्यक्ति ने गलत कारणों से टिकट बांटे हैं. हालांकि उन्होंने उसका नाम नहीं लिया.
JDU ने नहीं किया BJP का इंतजार, नीतीश के CM बनने का कर दिया ऐलान, बाद में ट्वीट किया डिलीट
14 Nov, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बिहार (Bihar) विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में एनडीए (NDA) बंपर जीत की ओर बढ़ रही है. अभी तक आए रुझानों में नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की जेडीयू, बीजेपी और चिराग पासवान (Chirag Paswan) की एलजेपी-आर करीब 200 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है. नतीजों का फाइनल आंकड़ा सामने आने में कुछ वक्त लगेगा, लेकिन उससे पहले जीत से गदगद जेडीयू ने बड़ा ऐलान कर दिया है. जेडीयू ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनना का ऐलान कर दिया है जबकि बीजेपी की ओर से सीएम को लेकर अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया है. नतीजों में बीजेपी का प्रदर्शन जेडीयू से बेहतर नजर आ रहा है.
जेडीयू ने ट्वीट कर कहा है, ‘न भूतो न भविष्यति.. नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री थे, हैं और रहेंगे.’ जेडीयू ने ट्वीट कर चुनाव नतीजों से पहले ही एक तरह से संदेश देने की भी कोशिश की है कि एनडीए में भले ही बीजेपी बीस रहे, लेकिन मुख्यमंत्री का चेहरा नीतीश कुमार ही हैं. इस बार के चुनाव में जेडीयू और बीजेपी 101-101 सीट पर चुनाव लड़ी थी. सीटों पर दोनों बराबर के हिस्सेदार थे, लेकिन नतीजों में बीजेपी जेडीयू से आगे निकलती दिख रही है. हालांकि, अंतर 8-10 सीटों का ही नजर आ रहा है. हालांकि, जेडीयू ने थोड़ी देर बाद अपना ये ट्वीट डिलीड कर दिया है, लेकिन उसका स्क्रीन शॉट हम आपको दिखा रहे हैं.
दरअसल, बिहार में सीट शेयरिंग फाइनल होने और चुनाव नतीजों से पहले बीजेपी यह बात लगातार कहती आ रही है कि चुनाव नीतीश कुमार के चेहरे पर लड़ा जा रहा है, लेकिन वो ये कहने से कतराती रही कि अगल चुनाव में एनडीए की जीत होती है तो नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री होंगे. इसकी जगह वो विधायक दल की बैठक का हवाला देती रही है और कहती रही है कि विधायक जिसे अपने नेता चुनेंगे वो मुख्यमंत्री बनेगा.
‘2 लाख रुपये के चक्कर में आ गई जनता, जनादेश खरीदा गया’, बिहार में हार के बाद बोले मुकेश सहनी
14 Nov, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार (Bihar) विधानसभा चुनावों के नतीजे सामने आ गए हैं. इस चुनाव (Election) में एक बार फिर एनडीए (NDA) को बंपर बहुमत मिला है. जबकि महागठबंधन (Grand Alliance) को करारा झटका लगा है. सबसे बड़ा झटका VIP के मुकेश सहनी (Mukesh Sahni) को लगा है, क्योंकि वे शुरुआत से ही खुद को डिप्टी सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट करते आ रहे थे. उनकी इस चुनाव में एक भी सीट नहीं आई है. अपनी हार पर मुकेश सहनी ने कहा कि यह सब 2 लाख रुपये के चक्कर में हुआ है.
विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी ने कई सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. यही वजह है कि खुद को डिप्टी सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट करते नजर आ रहे थे. हालांकि वे इस चुनाव में एक भी सीट हासिल नहीं कर पाए हैं.
चुनाव नतीजों के बाद मुकेश सहनी ने हार के कारणों के बारे में चर्चा की है. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता 2 लाख रुपये के चक्कर में आ गई थी. इससे बिहार जनादेश खरीदा गया है. माता बहिन को लगा कि 2 लाख रुपया मिलना है. अब सरकार ने महिलाओं और बहनों के 1 लाख 90 हजार रुपये लेने हैं. इसके लिए हम सड़क पर लड़ाई लड़ेंगे.
यही वजह है कि इस योजना ने काम किया है. जो पहले रात के अंधेरे में होता था. अब उजाले में हो रहा है. यही वजह है कि वे इस चुनाव में सफल नहीं हो पाए हैं. नीतीश कुमार ने पैसा देकर वोट लिया है.
मुकेश सहनी ने कहा कि मैं जनादेश को स्वीकार करता हूं. इस प्रकार की हार कभी नहीं सोची थी. हालांकि जनता का जो भी फैसला रहा है, हम स्वीकार करते हैं. हममें कुछ कमी है, इस बात को हम स्वीकार करते हैं. एनडीए छोड़कर महागठबंधन में आना मेरा अपना फैसला था. आज मैं यहां हूं पूरी मजबूती से हूं. मैं पावर के लिए लड़ाई नहीं लड़ा हूं.
तेजस्वी यादव की जीत, खेसारी यादव की हार...बिहार चुनाव के नतीजे में जानिए कौन जीता, कौन हारा?
14 Nov, 2025 07:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Election Results 2025 Live: तेजस्वी यादव, मांझी परिवार, भोजपुरी सितारे, बाहुबली नेताओं के वारिस और नए चेहरे सभी ने इस चुनाव में दांव लगाया था. देखिए जनता ने किसे सियासत के इस महासंग्राम में विजेता बनाया और कौन रह गए फिसड्डी.
बिहार में NDA ने प्रचंड बहुमत से सत्ता में वापसी की है. 243 सीटों की विधानसभा में NDA का स्कोर 200 के पार है. महागठबंधन के सारे खिलाड़ी बोल्ड हो गए हैं. कांग्रेस दहाई के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच पाई. तेजस्वी की आरजेडी 26 सीटों पर सिमट रही है. लालू यादव के दोनों बेटे तेजस्वी और तेज प्रताप कड़े मुकाबले में फंसे रहे. राघोपुर सीट से तेजस्वी यादव यादव की सांसें आखिर समय तक अटकी रहीं. हालांकि वह बाद में विजयी बढ़त लेने में कामयाब रहे. तेज प्रताप अपने डेब्यू मैच में जीरो पर ही आउट हो गए. महुआ में वह चौथे नंबर पर फिसल रहे हैं.
धान खरीदी से पहले साय कैबिनेट की बड़ी बैठक: किसानों, आवास योजनाओं और खेल अवसंरचना पर महत्वपूर्ण फैसले
14 Nov, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर। धान खरीदी शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई साय कैबिनेट की अहम बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक में खरीफ और रबी विपणन मौसम के लिए दलहन-तिलहन फसलों के उपार्जन से लेकर शासन के ढांचे में सुधार और खेल अवसंरचना के विस्तार तक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मंत्रिपरिषद ने पूर्व वर्ष की भांति ‘‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान’’ (PSS) के तहत अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन सहित रबी मौसम की चना, सरसों और मसूर की खरीदी समर्थन मूल्य पर जारी रखने का फैसला लिया। इसका उद्देश्य किसानों को बेहतर मूल्य दिलाना और मंडी में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनाए रखना है। शासन कार्य में सुशासन और दक्षता बढ़ाने के लिए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन करते हुए—सार्वजनिक उपक्रम विभाग को वाणिज्य एवं उद्योग विभाग में, बीस सूत्रीय कार्यक्रम विभाग को योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में
विलय करने का निर्णय लिया। इसे ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है। धान खरीदी व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए वर्ष 2024-25 हेतु स्वीकृत 15,000 करोड़ रुपये की शासकीय प्रत्याभूति को 2025-26 के लिए पुनर्वेधित किया गया। इसके साथ विपणन संघ को 11,200 करोड़ रुपये अतिरिक्त सरकारी गारंटी देने पर भी सहमति बनी। दीनदयाल आवास योजना, अटल आवास योजना, अटल विहार व नवा रायपुर मुख्यमंत्री आवास योजना में नई पात्रता जोड़ते हुए कैबिनेट ने निर्णय लिया—EWS और LIG श्रेणी के अविक्रित मकान तीन बार विज्ञापन के बाद अन्य आय वर्गों को बेचे जा सकेंगे, लेकिन उन्हें कोई सरकारी अनुदान नहीं मिलेगा। यदि किसी संस्था या व्यक्ति द्वारा Bulk Purchase का प्रस्ताव आता है, तो एक से अधिक भवन भी बेचे जा सकेंगे, पर अनुदान केवल पात्र आय वर्ग के लिए ही रहेगा। शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को दीर्घकालीन संचालन और विकास के लिए अनुबंध के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ को लीज पर देने की स्वीकृति दी गई। इससे खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय सुविधाएं और भविष्य में अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
तेज प्रताप यादव हारे चुनाव लेकिन जीत गई उनकी साली, तेजस्वी ने दिया था टिकट
14 Nov, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महुआ: बिहार (Bihar) विधानसभा चुनाव में तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) की जनशक्ति जनता दल खाता भी नहीं खोल पाई है. वह खुद महुआ विधानसभा सीट पर करीब 33 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं. लेकिन उनकी चचेरी साली डॉ करिश्मा राय (Karishma Roy) परसा विधानसभा सीट से जीत की ओर कदम बढ़ा रही हैं. तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने बड़े भाई तेज प्रताप यादव की साली को RJD से उम्मीदवार बनाया था. जनशक्ति जनता दल ने 21 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे.
अंता उपचुनाव: गहलोत ने लगा दी बीजेपी के वोट बैंक में सेंध, कांग्रेस जीती
14 Nov, 2025 04:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जयपुर। राजस्थान की सियासत को गरमाने वाली अंता विधानसभा सीट के उपचुनाव का नतीजा जारी हो गया है। इस चुनाव में कांग्रेस के अनुभवी नेता प्रमोद जैन भाया चौथी बार चुनकर विधानसभा पहुंचने वाले हें। 20 राउंड की मतगणना में, भाया ने 15,594 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की है। इस जीत से तय हो गया है, कि बीजेपी की रणनीति यहां आकर फेल हो गई।
यहां बताते चलें कि राजस्थान की राजनीति में अंता उपचुनाव को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लिए पहले जनमत संग्रह के तौर पर देखा जा रहा था। ऐसे में ये परिणाम बता रहे हैं कि सरकार के कामकाज को लेकर जनता ज्यादा खुश नहीं है। भाजपा की दिग्गज नेत्री वसुंधरा राजे और स्वयं मुख्यमंत्री शर्मा ने यहां पार्टी प्रत्याशी का प्रचार किया था। इस उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार मोरपाल सुमन दूसरे स्थान पर आए हें, जबकि निर्दलीय नरेश मीणा तीसरे स्थान पर पहुंच गए। मतगणना के अनुसार कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया को कुल 69,571 वोट मिले, जबकि भाजपा के मोरपाल सुमन को 53959 वोट और निर्दलीय नरेश मीणा 53800 वोट मिले हैं।
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