राजनीति
ममता बनर्जी ने एसआईआर को बताया वोटबंदी.. कहा- उनका गला भी काट सकती है…
12 Nov, 2025 09:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने निर्वाचन आयोग (Election Commission) द्वारा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) (Special Intensive Revision (SIR) of Electoral Rolls) कराने को ‘वोटबंदी’ करार दिया। साथ ही उन्होंने आयोग से यह प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग की। बनर्जी ने कहा कि भाजपा (BJP) एसआईआर के खिलाफ बोलने पर उन्हें जेल भेज सकती है या उनका गला भी काट सकती है। बनर्जी ने यह भी कहा कि वह चुनाव से ठीक पहले एसआईआर कराने की जल्दबाजी को समझ नहीं पा रही हैं।
ममता बनर्जी ने सिलीगुड़ी में मीडिया से कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार एसआईआर के नाम पर लोगों को परेशान कर रही है। जैसे कुछ मुद्राओं को चलन से बाहर करना ‘नोटबंदी’ थी, वैसे ही एसआईआर ‘वोटबंदी’ है। उन्होंने कहा कि यह ‘सुपर इमरजेंसी’ का ही एक और रूप है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले एसआईआर कराने की इतनी जल्दी मुझे समझ नहीं आ रही। निर्वाचन आयोग को यह प्रक्रिया तुरंत बंद करनी चाहिए। मतदाता सूची का पुनरीक्षण दो या तीन महीने में पूरा नहीं हो सकता। इसे जबरन अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से लोगों के मताधिकार पर अंकुश नहीं लगाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने जीएसटी की आलोचना की और इसे एक भूल बताया और कहा कि इसे वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता को जीएसटी के नाम पर लूट रही है। बता दें कि पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में मतदाता सूचियों के एसआईआर में राहत की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह मामला सोमवार को जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने पेश किया गया। वकील ने कि याचिका को मंगलवार को सूचीबद्ध किए जाने का यह कहते हुए अनुरोध किया कि अन्य राज्यों में एसआईआर को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर कल सुनवाई होनी है।
पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पहले से ही कलकत्ता उच्च न्यायालय में लंबित है, जहां याचिकाकर्ता ने एसआईआर की समयसीमा बढ़ाने और प्रक्रिया की अदालत की निगरानी में निगरानी की मांग की है। हाई कोर्ट ने हाल ही में चुनाव आयोग को संशोधन के लिए अपनाई जा रही प्रक्रियाओं की व्याख्या करते हुए हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है।
बिहार विधानसभा चुनाव: 7 एग्जिट पोल में फिर एनडीए सरकार?
12 Nov, 2025 08:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अपने-अपने एग्जिट पोल अनुमान मंगलवार शाम चुनाव ख़त्म होते ही जारी कर दिए गए हैं। मैट्रिज, जेवीसी, एक्सिस माई इंडिया (प्रदीप गुप्ता), सी-वोटर, दैनिक भाष्कर और चाणक्य ने एग्जिट पोल अनुमान किया है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 दो चरणों में हुए थे। 6 नवंबर को हुए पहले चरण में 65.08 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि दूसरे चरण में 67.14 प्रतिशत मतदान हुआ। मतगणना 14 नवंबर को होगी। चुनाव आयोग नतीजों की घोषणा करेगा। 243 विधानसभा सीटों में से, एनडीए के सीट बंटवारे के तहत जदयू और भाजपा को 101-101 सीटें आवंटित की गई हैं।
- दिल्ली सट्टा बाजार अनुमान-
भाजपा: 69-71
जदयू: 59-61
राजद: 67-69
एनडीए: 142-145
महागठबंधन: 88-91
भविष्यवाणी: एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद।
2) मैट्रिज-आईएएनएस
एनडीएः 147-167
महागठबंधनः 70-90
जन सुराजः 0-2
अन्यः 2-8।
3) पीपल्स इंसाइट-
एनडीएः 133-148
महागठबंधनः 87-102
जन सुराजः 0-2
अन्यः 3-6।
4) जेवीसी पोल-
एनडीएः 130-150
महागठबंधनः 88-103
जन सुराजः 0-2
अन्यः 3-6।
5) दैनिक भाष्कर
एनडीएः 145-160
महागठबंधनः 73-91
जन सुराजः 0-2
अन्यः 5-10।
6) पीपुल्स पल्स-एनडीटीवी इंडिया
एनडीए: 133-159
महागठबंधन: 75-101
अन्य: 02-08।
7) ईटी एग्जिट पोल-
एनडीएः 135-150
महागठबंधनः 88-103
अन्यः 3-7।
एक सर्वे में महागठबंधन को बढ़त, बाकी में एनडीए की साफ़ बढ़त
11 Nov, 2025 09:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में 11 नवंबर को वोटिंग के बाद एग्जिट पोल सामने आ गए हैं। अधिकतर एक्जिट पोल में एनडीए की बहुमत दिखाई गई है। सर्वे एजंसियों के मुताबिक बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनती दिख रही है. लेकिन एक एग्जिट पोल ऐसा भी है, जिसमें एनडीए को नहीं बल्कि महागठबंधन की सरकार बनती दिखाई गई है।
जर्नो मिरर के सर्वे में महागठबंधन की सरकार
जहां हर एग्जिट पोल बिहार में एनडीए की सरकार बनता दिखा रहा है, वहीं जर्नो मिरर(Journo Mirror) के एग्जिट पोल में महागठबंधन को बहुमत दी गई है। जर्नो मिरर के एग्जिट पोल की मानें तो महागठबंधन की चुनाव में 130 से 140 सीटें आ रही हैं।जबकि एनडीए की 100 से 110 सीटें आ सकती हैं, वहीं बाकी अन्य को 3-6 सीटें दी गई हैं।
चाणक्य स्ट्रेटजी में महागठबंधन को 108 सीटें
इसके अलावा चाणक्य स्ट्रेटजी के एग्जिट पोल में भी एनडीए और महागठबंधन के बीच टक्कर दिखाई दे रही है। चाणक्य स्ट्रेटजी के एग्जिट पोल में 100 से 108 सीटें दी गई हैं। हालांकि चाणक्य स्ट्रेटजी ने भी इसमें एनडीए की सरकार बनने का अनुमान लगाया है। चाणक्य स्ट्रेटजी के मुताबिक एनडीए में बीजेपी को 70 से 75, जेडीयू को 52 से 57, लोजपा(आर) को 14 से 19, आरएलएम को 2 से 3 और जीतनराम मांझी की पार्टी को 0 से 2 सीटें आने का अनुमान लगाया गया है।
RJD को 80 सीटों तक का अनुमान
वहीं अगर महागठबंधन की बात करें तो चाणक्य स्ट्रेटजी के अनुसार इसमें आरजेडी को 75 से 80, कांग्रेस को 17 से 23, वाम दलों को 10 से 16 और वीआईपी पार्टी को 7 से 9 सीटें आने का अनुमान है। हालांकि अधिकांश एग्जिट पोल में एनडीए को बहुमत दी गई है। लेकिन ये सिर्फ एग्जिट पोल के अनुमान हैं। सही आंकड़े 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद ही आएंगे।
बिहार का मूड साफ? एग्जिट पोल में NDA को बढ़त, RJD–कांग्रेस गठबंधन में मायूसी
11 Nov, 2025 07:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बिहार में एक बार फिर से एनडीए की बहार आती नजर आ रही है. एग्जिट पोल में एनडीए की बहुमत दिखाई दे रही है. वहीं Matrize IANS एग्जिट पोल में एनडीए को 147 से 167 सीटों के बीच में सीटें दी हैं, वहीं महागठबंधन को 70 से 90 सीटें बताई हैं. वहीं पहली बार चुनावी मैदान में उतरी प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को 0-2 सीटें दी गई हैं.
NDA में JDU को सबसे ज्यादा सीटें
मैट्रिज आईएएनएस के मुताबिक एनडीए में जेडीयू को सबसे ज्यादा 67 से 75 सीटें दी हैं. वहीं बीजेपी को 65 से 73 सीटें दी गई हैं. जबकि एनडीए में तीसरी सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने वाली एलजेपी(आर) को 7 से 9 सीटों का अनुमान है. वहीं हम पार्टी को 4 से 5 सीटें आरएलएम की एक से दो सीटें आने का अनुमान हैं.
नहीं चला महागठबंधन का जादू
मैट्रिज आईएएनएस के मुताबिक महागठबंधन को 70 से 90 सीटें दी गई हैं. जिसमें आरजेडी को 53 से 58, कांग्रेस को 10 से 12, वाम दलों को 9 से 14 और वीआईपी को एक से 4 सीटें दी गई हैं. लगभग 10 एजेंसियों के एग्जिट पोल में सभी ने एनडीए को बहुमत दिया है. इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड वोटिंग हुई है. अगर एग्जिट पोल की मानें तो बिहार में एक बार फिर जनता नीतीश कुमार पर भरोसा दिखाती नजर आ रही है.
बिहार की सियासत में गर्मी, एग्जिट पोल से पहले हर खेमे में हलचल
11 Nov, 2025 06:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए आज अंतिम चरण का मतदान है. जो शाम 6 बजे खत्म हो जाएगा. मतदान होने के बाद सबकी नजर एग्जिट पोल पर टिकी रहती है. एग्जिट पोल भी शाम 6:30 पर जारी कर दिया जाएगा. जिससे एक अनुमान मिल जाएगा कि एनडीए सत्ता में वापसी कर पाएगी या महागठबंधन दल अपनी सरकार बनाने में कामयाब रहेगी, या चुनावी रणनीतिकार अपना दमखम दिखा पाएंगे. अगर आप भी एग्जिट पोल का इंतजार कर रहे हैं तो सी-वोटर, एक्सिस माय इंडिया, टुडेज चाणक्य और जन की बात समेत कई एजेंसियां हैं, जहां से सीधे देख सकते हैं. इसके अलावा आप टीवी या मोबाइल पर भी लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं. चुनाव आयोग के अनुसार, जब तक मतदान खत्म नहीं होता. तब तक एग्जिट पोल जारी नहीं कर सकते हैं. इसलिए 6 बजे मतदान खत्म होने के आधे घंटे बाद एग्जिट पोल जारी किए जाएंगे. पहले चरण में इस बार रिकॉर्ड 65.08 प्रतिशत वोटिंग हुई. दूसरे चरण के चुनाव में भी बंपर वोटिंग जारी है. अभी इसका फाइनल डेटा सामने नहीं आया है.
2 चरणों में हुआ मतदान
बिहार विधानसभा का चुनाव 2 चरणों में हुआ. पहले चरण में 121 सीटों पर वोटिंग 6 नवंबर को और दूसरे चरण की 122 सीटों के लिए 11 नवंबर को वोटिंग हुई. यानी कुल 243 सीटों के लिए 2 चरणों में चुनाव कराए गए हैं. फिलहाल, बिहार विधानसभा में एनडीए के पास 131 सीटें हैं जिसमें से 80 सीटें बीजेपी के पास, जेडीयू के पास 45, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के पास 4 सीटें हैं. इसके अलावा 2 निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन नीतीश सरकार को प्राप्त है. वहीं महागठबंधन दल के पास कुल 111 सीटें हैं, जिसमें RJD के पास 77, कांग्रेस के पास 19, सीपीआई (एमएल) 11 और सीपीआई और सीपीएम के 2-2 विधायक हैं. इस बार के चुनाव ये सीटें बढ़ती हैं या घटती हैं. यह तो परिणाम आने पर ही तय होगा.
एग्जिट पोल परिणाम नहीं सिर्फ अनुमान
बता दें, एग्जिट पोल सिर्फ संभावनाओं पर आधारित होता है. एग्जिट पोल रिजल्ट नहीं तय करता है. कई बार एजेंसियों के बताए गए पोल गलत भी हो जाते हैं. पिछली बार का ही परिणाम एग्जिट पोल से बिल्कुल अलग रहा. एग्जिट पोल के हिसाब से 2020 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की सरकार बन रही थी लेकिन परिणाम आने के बाद एनडीए की सरकार बिहार में बनी थी.
MP युवक कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर दिल्ली में विवाद, ऐलान फिलहाल होल्ड किया
11 Nov, 2025 10:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष (New state president of Youth Congress) के नाम को लेकर दिल्ली में जमकर विवाद की खबर है। यूथ कांग्रेस के चुनाव में वोट चोरी और धांधली की शिकायत के बाद नए अध्यक्ष का नाम होल्ड कर दिया है। धांधली की शिकायत के बाद यूथ कांग्रेस चुनाव को लेकर जांच कराई जाएगी।
यूथ कांग्रेस चुनाव में 8:30 लाख वोट रिजेक्ट किए गए थे। चुनाव में पहले नंबर पर आए यश घनघोरिया को लाभ पहुंचने के आरोप लगे है। अन्य उम्मीदवारों ने चुनाव कराने वाली बेंगलुरु की एजेंसी पर भी शक जताया है। चुनाव परिणाम के बाद पहले, दूसरे और तीसरे नंबर के उम्मीदवार को दिल्ली बुलाये गए थे। दिल्ली में जांच के बाद प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान होगा।चुनाव में करोड़ों रुपए की धांधली के भी आरोप लग चुके है।
बता दें कि दिल्ली में मध्यप्रदेश यूथ कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर इंटरव्यू हुआ। टॉप 3 यश घनघोरिया, अभिषेक परमार और देवेंद्र सिंह का इंटरव्यू हुआ। युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब और यूथ कांग्रेस के प्राभारी मनीष शर्मा ने इंटरव्यू लिया था। इंटरव्यू के दौरान चुनाव में गड़बड़ी की शिकायत की गई। जांच के बाद दो से तीन दिन में अध्यक्ष का ऐलान हो सकता है।
पप्पू यादव के “भगवान के बाप की औकात..” बयान पर विवाद, जनसुराज ने दी ये प्रतिक्रिया…
11 Nov, 2025 09:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार (Bihar) में चुनावी हलचल (Election activity) तेज है। इस बीच कांग्रेस नेता और पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव (MP Pappu Yadav) के एक बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है। दरअसल पप्पू यादव ने एक साक्षत्कार में निर्दलीय सांसद बनने में आने वाली मुश्किलों का हवाला देते हुए कहा कि ‘निर्दलीय सांसद बन जाना भगवान के बाप की औकात नहीं।’ सांसद के इस बयान के बाद अब जन सुराज पार्टी (Jan Suraj Party) की तरफ से इसपर प्रतिक्रिया आई है। जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती (Manoj Bharti) ने कहा कि यह भाषा लोकतंत्र को नहीं बल्कि अहंकार को दिखाती है।
मनोज भारती ने पप्पू यादव के इस बयान पर एक्स पर प्रतिक्रिया दी है। मनोज भारती ने लिखा, ‘जीत चाहे निर्दलीय की हो या किसी दल की लोकतंत्र में ताकत सिर्फ जनता की होती है। लेकिन भगवान के बाप की औकात नहीं’ जैसी भाषा लोकतंत्र नहीं, सिर्फ अहंकार दिखाती है। जो नेता जनता की कृपा को अपना चमत्कार समझ लेते हैं, वे भूल जाते हैं कि कुर्सी आती-जाती है लेकिन शब्दों की मर्यादा हमेशा साथ चलती है। खैर, इस तरीके की बातें करना अब पप्पू यादव का स्वभाव बन गया है।’
पप्पू यादव ने क्या कहा था…
पप्पू यादव अपने बेबाक बयान की वजह से अक्सर चर्चा में रहते हैं। एक साक्षात्कार में हाल ही में पप्पू यादव ने निर्दलीय सांसद चुने जाने को लेकर अपनी बात रखी थी। पप्पू यादव ने कहा था, ‘निर्दलीय सांसद बनना, ये भगवान के बाप की भी औकात नहीं। आप सोचिए, बिना किसी बड़े दल या गठबंधन के जनता के बीच से अकेले निकलना कितना कठिन है।’
भूपेंद्र सिंह का अपनी ही पार्टी के नेता पर निशाना, बोले- अवसरवादी राजनीति लोकतंत्र के लिए घातक
11 Nov, 2025 09:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर: वैसे तो बुंदेलखंड के दिग्गजों की जंग उजागर है. किसी ना किसी बहाने ये भाजपाई दिग्गज एक दूसरे पर निशाना साधते रहते हैं. हालांकि कभी सीधे तौर पर निशाना साधते हैं, तो कभी अपने बयानों के जरिए नाम लिए बिना ये काम किया जाता है. अब पूर्व गृहमंत्री और भाजपा विधायक भूपेन्द्र सिंह का बयान भारी चर्चा बटोर रहा है. जो दीपावली मिलन के कार्यक्रम में उन्होंने दिया. उन्होंने अवसरवादी राजनीति पर हमला करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए घातक बताया.
हालांकि इसमें उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों से लेकर चौक चौराहों पर उनके बयानों के मायने निकालने का काम जारी है. माना जा रहा है कि ये निशाना उन नेताओं पर साधा गया है, जो सत्ता के सुख के लिए अपने दलों को छोड़कर दूसरे दलों में चले जाते हैं.
अवसरवादी राजनीति को बताया लोकतंत्र को घातक
नगर निगम एमआईसी सदस्य राजकुमार पटेल और उमेश यादव ने नगर निगम के बाघराज वार्ड में दीपावली मिलन समारोह का आयोजन किया था. जहां पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे. कार्यक्रम में उन्होंने समाज और संस्कृति पर तो चर्चा की, लेकिन राजनीति पर भी अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि "राजनीति सभी के भविष्य का निर्णय करती है. हमारे वोट से अगर अयोग्य व्यक्ति चुन कर आता है, तो खामियाजा पूरे समाज को उठाना पड़ता है. इसलिए हमेशा चरित्रवान और सेवाभावी जनप्रतिनिधि चुनिए, क्योंकि राजनीति सेवा और जनकल्याण का माध्यम है.
इसके बाद उन्होंने कहा कि अवसरवादी राजनीति का प्रभाव देश, समाज और परिवार पर पड़ता है और ये लोकतंत्र के लिए घातक है. अवसरवादी राजनीति में नैतिकता और मूल्य नहीं होते, इसलिए इसे नकारना सभी का दायित्व है. ऐसी राजनीति लोकतंत्र को कमजोर करती है. लोकतंत्र में नागरिकों की आस्था को कम करती है. अवसरवादी राजनीति से लोकतंत्र में लोगों की आस्था धीरे-धीरे कम होती जाती है."
राजनीति में अच्छे लोग आएं आगे
हालांकि अपने वक्तव्य के दौरान उन्होंने किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों और चौराहों पर ये चर्चा जोर पकड़ रही है कि आखिरकार भूपेंद्र सिंह के निशाने पर कौन था. उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि राजनीति में युवा आगे आएं, ये समय की आवश्यकता है. भ्रष्ट लोग समाज के दीमक हैं. ऐसे लोगों के हाथों में राजनीति होने से गलत फैसले होते हैं और समाज गलत दिशा में जाती है. जनता जागरूक व चरित्रवान हो,तो भ्रष्ट राजनीति अपने आप खत्म हो जाएगी. राजनीति की आत्मा सेवा है.
गृह मंत्रालय ने किया बड़ा फैसला, बिहार चुनाव के बीच तेज प्रताप को मिलेगी Y प्लस सिक्योरिटी
11 Nov, 2025 08:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । बिहार चुनाव(Bihar elections) के बीच तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav)को लेकर बड़ा फैसला(Big decision) आया है। तेज प्रताप यादव को वाई प्लस कैटेगरी (Y Plus Category)की सुरक्षा मुहैया(security provided) कराई गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस बाबत आदेश दिया है। अब सीआरपीएफ की सुरक्षा टीम तेज प्रताप को प्रोटेक्शन देगी। लालू यादव द्वारा परिवार और पार्टी से बेदखल किए जाने के बाद तेज प्रताप ने जनशक्ति जनता दल नाम से अपनी पार्टी बनाई है। बिहार चुनाव में तेज प्रताप महुआ सीट से उम्मीदवार हैं।
जानकारी के मुताबिक हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों ने तेज प्रताप यादव की सिक्योरिटी को लेकर एक रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह फैसला लिया है। एक बयान में तेज प्रताप ने यहां तक कहा था कि बिहार के हालात ऐसे हैं कि कब कहां हमला हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। उन्होंने केंद्र सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी की थी।
दिल्ली ब्लास्ट पर प्रशांत किशोर का अजीबोगरीब बयान, बोले- 'चुनाव के समय इस तरह की बातें यदा-कदा होती हैं..'
11 Nov, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान अब से थोड़ी ही देर में शुरू होगा. 20 जिलों के 122 सीटों के लिए मतदाता वोट डालेंगे. दूसरे और अंतिम चरण में 1,302 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. इस चरण में तीन दलों के प्रदेश अध्यक्षों भी चुनावी मैदान में हैं. इसके अलावा कई दिग्गजों के राजनीतिक भविष्य का फैसला मतदाता करेंगे. पूर्वी चंपारण में सबसे अधिक 12 सीटों पर मतदान है. वहीं गयाजी, मधुबनी जिले की 10-10 सीटों पर वोटिंग , जबकि पश्चिमी चंपारण की 9 सीटों पर भी थोड़ी देर में वोटिंग शुरू हो जाएगी. सीतामढ़ी की 8 सीटें, रोहतास, भागलपुर,पूर्णिया, कटिहार की 7-7 सीटों पर पोलिंग है. औरंगाबाद,अररिया में 6-6 सीटों पर मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे. नवादा, बांका और सुपौल में 5-5 सीटों पर वहीं कैमूर, जमुई, किशनगंज में 4-4 सीटों पर जबकि जहानाबाद की 3 सीटों पर चुनाव है. अरवल में दो सीटों पर और शिवहर में एक सीट पर मतदान होना है.
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा, बिहार के लोगों से अपील करेंगे कि जो पिछले चरण में रिकॉर्ड मतदान हुआ है उसको आज ब्रेक करिए. बिहार में बदलाव के लिए वोट करें अपने बच्चों के शिक्षा और रोजगार के लिए वोट करें. जैसे पहले चरण में लोगों ने वोट किया है उससे भी ज्यादा बढ़-चढ़कर वोट करिए. दिल्ली ब्लास्ट पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव के समय में इस तरह की बातें यदा कदा होती रहती है. उससे बिहार के लोगों को विचलित होने की जरूरत नहीं है. बिहार का चुनाव है बिहार के मुद्दे पर वोट होना चाहिए. सुरक्षा के लिए बिहार और देश के लोगों ने संसद में लोगों को भेजा है. पक्ष-विपक्ष वहां है. राष्ट्रीय सुरक्षा देश का मामला है. सब लोग सरकार के साथ खड़े हैं. उचित कार्रवाई सरकार करेगी.
हाई अलर्ट के बीच बिहार में अंतिम चरण का मतदान जारी, दिल्ली धमाके के बाद बढ़ी चौकसी
दिल्ली में हुए भीषण धमाके के बाद चुनाव के मद्देनजर बिहार में हाई अलर्ट है. चुनाव होने की वजह से हालांकि बिहार पहले से ही अलर्ट मोड पर है. बिहार के डीजीपी ने मतदाताओं से अपील की है कि सभी लोग निर्भिक होकर मतदान करें. बिहार में एयरपोर्ट से लेकर रेलवे स्टेशन तक में चौकसी बढ़ा दी गई है. गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है.
'मैं जीत रही हूं'.. काराकाट से निर्दलीय उम्मीदवार ज्योति सिंह का दावा
काराकाट से निर्दलीय उम्मीदवार ज्योति सिंह ने कहा कि जनता से मैं बस इतना ही कहूंगी बहुत जगहों पर मैं नहीं पहुंच पाई उसके लिए मैं माफी मांगती हूं. आगे भी मुझे एक सेवा का मौका दें. बस एक मौका चाहती हूं. जनता का जिस हिसाब से प्यार मिला और जिस तरह से समर्थन मैंने देखा उस हिसाब से लोगों ने पहले ही अंदाजा लगा लिया है कि मैं जीत रही हूं. लोग भी आकर बोल रहे हैं. परिणाम 14 नवंबर को पता चलेगा.
भाषण के दौरान लोगों के जाने पर झल्लाए कर्नाटक CM सिद्दारमैया, बोले- अरे! कहां जा रहे हो?
10 Nov, 2025 11:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कर्नाटक (Karnataka) के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया (Chief Minister Siddaramaiah) के साथ रविवार को एक अजीब घटना हो गई। विजयनगर के कुडलिगी में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे मुख्यमंत्री के सामने ही कुछ लोग उनका भाषण छोड़कर जाने लगे। मुख्यमंत्री ने झल्लाते हुए उन लोगों को टोका और बैठने के लिए कहा, जिसके बाद वह लोग वहीं बैठ गए और फिर उनका पूरा भाषण सुना।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने जैसे ही अपना भाषण शुरू किया कई लोग जाने के लिए उठ खड़े हुए। मुख्यमंत्री यह देखकर बोल पड़े, “अरे, कहाँ जा रहे हो? बैठ जाओ!” लोग फिर अपने सीटों पर बैठ गए। दरअसल सिद्दारमैया ने कई नेताओं के बोलने के बाद बोलना शुरू किया था, तब तक कई लोगों को शायद देर होने लगी और वह उठकर जाने लगे थे। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक आए थे।
इस अवरोध के बाद सिद्धारमैया ने अपना भाषण जारी रखा। हालांकि, भाषण के दौरान जनता के साथ बात थोड़ी ऊपर नीचे होती रही। उन्होंने कहा, “हम हर घर को 200 यूनिट मुफ़्त बिजली दे रहे हैं। सच है या झूठ?” लोग हालांकि चुप रहे। मुख्यमंत्री ने पूछा, “आप हाथ क्यों नहीं उठा रहे हैं?” फिर भी कोई जवाब नहीं आया। पास बैठे पार्टी नेताओं की ओर मुड़कर उन्होंने कहा, “देखिए, आप नेता भी हाथ नहीं उठा रहे हैं!” उनकी टिप्पणी के बाद, नेताओं ने तुरंत हाथ उठाकर समर्थन जताया।
इसके बाद कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का भरपूर साथ दिया। मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “विपक्ष कहता है कि हमारे पास अपनी गारंटी के लिए पैसे नहीं हैं। फिर हजारों करोड़ रुपये कहाँ से आए? भाजपा झूठ बोलने में माहिर है। वे मतदाताओं के साथ धोखाधड़ी करके सत्ता में आए हैं। अगर उनमें जरा भी आत्मसम्मान है, तो उन्हें इस्तीफा देकर घर चले जाना चाहिए।” सिद्दारमैया ने भाजपा पर बड़े पैमाने पर चुनावी हेराफेरी का आरोप लगाते हुए कहा, “महादेवपुरा में, एक घर से 80 वोट कैसे हो सकते हैं? भाजपा सत्ता के बिना नहीं रह सकती। यह पानी से बाहर निकाली गई मछली के मरने जैसा है।”
अपनी जिद पर दिल्ली पहुंच रहे सिद्धारमैया? कांग्रेस हाईकमान ने मिलने से किया इनकार
10 Nov, 2025 10:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. कर्नाटक (Karnataka) की राजनीति (Politics) में इन दिनों कांग्रेस हाईकमान (high command) और मुख्यमंत्री कैंप (Chief Minister’s Camp) के बीच तल्खी और ताकत का प्रदर्शन साफ नजर आ रहा है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 15 नवंबर को दिल्ली पहुंचने वाले हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि हाईकमान से मिलने की कोई जरूरत नहीं है और उनके लिए ऑडियंस नहीं रखा जाएगा.
इस बार उनका दिल्ली दौरा महज एक किताब विमोचन कार्यक्रम में शामिल होने तक सीमित रहेगा, इसके बाद वे बिना कोई राजनीतिक मुलाकात किए सीधे बेंगलुरु लौट जाएंगे.
हाईकमान की तरफ से सख्त निर्देश जारी हुए हैं कि कर्नाटक के किसी भी नेता या मंत्री को उनसे मिलने की कोई अनुमति नहीं मिलेगी. इस रोक की वजह, पार्टी के अंदर बढ़ती गुटबाजी, नेतृत्व संघर्ष और राज्य-राष्ट्रीय राजनीति के उबाल को माना जा रहा है.
एकजुटता और शक्ति का संदेश देने की कोशिश
इस पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री कैंप के विधायक राघवेंद्र हितनाल ने दिल्ली में अपने भाई, कोप्पल सांसद राजशेखर हितनाल के आवास पर कैंप विधायकों और मंत्रियों के लिए रात्रिभोज रखा है. इसे ताकत और नंबर गेम की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है – CM कैंप अपनी एकजुटता और शक्ति का संदेश देना चाहता है.
इसी बीच, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर सात दिन में दूसरी बार दिल्ली की यात्रा की है. ये दौरा पार्टी में चल रही अंतर्कलह और शक्तिपरीक्षण के संकेत भी देता है.
कांग्रेस में क्या कुछ चल रहा है?
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, कांग्रेस में अगले कुछ महीनों में नेतृत्व परिवर्तन, कैबिनेट फेरबदल या पार्टी पदों के नए समीकरण तय हो सकते हैं. हाईकमान फिलहाल किसी भी गुट को सीधे तवज्जो देने से बच रहा है और सार्वजनिक रूप से एक दूरी बना रखी है ताकि दल में बड़े असंतोष या बगावत की संभावनाओं को रोका जा सके.
तेज प्रताप को मिली वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा
10 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । बिहार चुनावी सरगर्मी के बीच राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को गृह मंत्रालय की ओर से वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। इस श्रेणी में अब वे आरपीएफ जवानों की सुरक्षा घेरे में रहेंगे।
तेज प्रताप यादव, जो हाल ही में पार्टी से निष्कासित किए गए थे, को यह सुरक्षा प्रोटेक्शन लिस्ट के तहत प्रदान की गई है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह कदम तेज प्रताप के भाजपा के प्रति झुकाव से जुड़ा हो सकता है। गृह मंत्रालय की ओर से आधिकारिक रूप से सुरक्षा दिए जाने की पुष्टि हुई है, लेकिन राजनीतिक अटकलों पर किसी भी पक्ष से अब तक बयान नहीं आया है।दरअसल, एक दिन पहले ही तेज प्रताप ने भाजपा के सांसद रवि किशन का समर्थन किया था और उन्होंने यहां तक कह दिया कि जो रोजगार देगा, मैं उसके साथ रहूंगा। तेज प्रताप पटना एयरपोर्ट पर भाजपा सांसद रवि किशन के साथ तेज प्रताप यादव नजर आए थे। इस दौरान भाजपा सांसद ने तेज प्रताप यादव की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इनके हृदय को सब लोग बहुत प्रेम कर रहे हैं। ये दिल वाले इंसान हैं। भोलेनाथ के भक्त हैं। वह सारे लोग जिसका लक्ष्य सेवा है उसके लिए भाजपा सीना खोलकर रखती है। इनकी छवि वही आ रही है।
रैलियों-वादों का चुनाव...मतदाता किसके साथ
10 Nov, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
-उम्मीदवारों के साथ दिग्गजों की साख दांव पर
-बिहार विधानसभा चुनाव: दूसरे चरण के प्रचार का शोर थमा, 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान 1302 उम्मीदवार, नेपाल बॉर्डर 11 नवंबर तक सील,
-पीएम मोदी, अमित शाह और नीतीश कुमार ने मुख्य रूप से विकास, सुरक्षा और परिवारवाद पर की बड़ी रैलियां
-तेजस्वी, राहुल, प्रियंका ने बेरोजगारी, सामाजिक न्याय और वोट चोरी पर रैलियां-रोड शो कर बढ़ाया जनसमर्थन
पटना/नई दिल्ली । बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे फेज की 122 सीटों पर रविवार शाम 5 बजते ही चुनाव प्रचार खत्म हुआ। इन सीटों पर वोटिंग 11 नंवबर को होनी है। 14 नवंबर को रिजल्ट आएगा। धूल और उम्मीदों से भरा बिहार का चुनावी माहौल इस बार केवल नारों से नहीं, बल्कि रैलियों की संख्या और नेताओं की मेहनत से गूंजता रहा। एक तरफ, एनडीए के अनुभवी नेता अपनी रैलियों की संख्या को विकास का प्रमाण बताते रहे। वहीं, महागठबंधन ने कम समय में दोहरी गति से जनसभाएं कर एनडीए को चुनौती दी है। ये आंकड़े बताते हैं कि इस बार सत्ता की लड़ाई सिर्फ मंच पर नहीं, बल्कि सीधे जनता तक पहुंचने की रफ्तार से तय होगी। एनडीए की तरफ से पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और नीतीश कुमार ने मुख्य रूप से विकास, सुरक्षा और परिवारवाद पर बड़ी रैलियां की। वहीं महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी ने बेरोजगारी, सामाजिक न्याय और वोट चोरी पर रैलियां-रोड शो कर जनसमर्थन बढ़ाया है। अब देखना है कि 11 नवंबर को मतदाता किसको वोट देते हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में कुल 1165 पुरुष उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। इनके साथ 136 महिला उम्मीदवार भी मैदान में हैं, जबकि एक थर्ड जेंडर उम्मीदवार भी चुनावी मुकाबले में अपनी किस्मत आजमा रहा है। 122 सीटों पर होने वाले इस चरण के मतदान में सभी उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला 11 नवंबर को वोटिंग के जरिए होगा। दूसरे चरण के मतदान से पहले भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी बढ़ाई गई है। बॉर्डर को 11 नवंबर की रात तक सील की गई। इस दौरान सीमा पर लोगों के आने-जाने पर रोक है। प्रचार के अंतिम दिन रविवार को कई नेताओं ने सभाएं की। अमित शाह, राहुल गांधी और योगी आदित्यनाथ समेत नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव सहित दिग्गज नेताओं ने कई जिलों में रैलियां को संबोधित किया।
एनडीए ने 120, महागठबंधन ने की 150 सभाएं
एनडीए प्रत्याशियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित प्रमुख नेताओं ने लगभग 120 बड़ी रैलियां और रोड शो किए हैं। ये रैलियां मुख्य रूप से उन 60 सीटों पर हुईं, जहां पिछली बार मुकाबला कड़ा था। मुख्य विषय रहे, विकास, सुरक्षा और परिवारवाद पर हमला। वहीं तेजस्वी प्रसाद यादव और उनके सहयोगियों ने 150 से अधिक रैलियां की हैं। तेजस्वी ने एक दिन में 15-18 सभाओं का रिकॉर्ड भी बनाया। उनकी रैलियां खासकर बेरोजग़ारी और पलायन वाले क्षेत्रों में हुईं, और मुख्य संदेश रहा 10 लाख सरकारी नौकरियाँ, महंगाई और सामाजिक न्याय।यह साफ दिखाता है कि एनडीए अपनी स्थापित ताकत पर भरोसा कर रहा है, जबकि महागठबंधन सीधे जनता तक पहुंचने की रणनीति पर जोर दे रहा है।
3.70 करोड़ मतदाता डालेंगे वोट
इस चरण में कुल 1302 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें 1165 पुरुष, 136 महिला और 1 थर्ड जेंडर के उम्मीदवार शामिल हैं। इन प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला कुल 3,70,13,556 मतदाता करेंगे। मतदाताओं में 1,95,44,041 पुरुष, 1,74,68,572 महिला एवं 943 थर्ड जेंडर के मतदाता शामिल हैं। इस चरण में हरेक बूथ पर औसतन 815 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। खास बात यह है कि इस चरण के सभी 122 विधानसभा क्षेत्रों में दो लाख से अधिक मतदाता हैं। मतदाताओं की संख्या के अनुसार, सबसे छोटा विधानसभा क्षेत्र मखदुमपुर है, जहां 2,47,574 मतदाता वोट डालेंगे, जबकि सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र हिसुआ है, जहां सर्वाधिक 3,67,667 मतदाता मतदान करेंगे। दूसरे चरण में प्रत्याशियों की संख्या को लेकर कुछ सीटों पर विशेष प्रतिस्पर्धा दिख रही है। सर्वाधिक 22-22 उम्मीदवारों वाले तीन विधानसभा क्षेत्र हैं- कैमूर में चैनपुर, रोहतास का सासाराम और गया जी का गया शहर। वहीं, सबसे कम उम्मीदवार (5-5) वाले छह विधानसभा क्षेत्र भी हैं। इन छह क्षेत्रों में पश्चिमी चंपारण का लौरिया और चनपटिया; पूर्वी चंपारण के रक्सौल और सुगौली; सुपौल का त्रिवेणीगंज; एवं पूर्णिया का बनमनखी विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
45 हजार 399 मतदान केंद्र बनाए गए
चुनाव आयोग ने दूसरे चरण के लिए 45 हजार 399 मतदान केंद्र बनाए हैं, जिनमें से 4109 बूथों को संवेदनशील घोषित किया गया है। सुरक्षा कारणों से इन संवेदनशील बूथों पर वोटिंग का समय घटाया गया है। इनमें 19 विधानसभा सीटों के 4003 बूथों पर शाम 4 बजे तक और बोधगया के 106 बूथों पर शाम 5 बजे तक मतदान होगा। बाकी 41 हजार 290 बूथों पर वोटिंग का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। संवेदनशील घोषित किए गए 4109 बूथों में कटोरिया के 121, बेलहर के 140, चैनपुर के 430, चेनारी के 62, गोह के 25, नवीनगर के 26, कुटुंबा के 169, औरंगाबाद के 57, रफीगंज के 125, गुरुआ के 12, शेरघाटी के 48, इमामगंज के 354, बाराचट्टी के 36, रजौली के 399, गोविंदपुर के 404, सिकंदरा के 376, जमुई के 396, झाझा के 413 और चकाई के 410 बूथ शामिल हैं।
राहुल गांधी ने जंगल सफारी के साथ भाजपा पर साधा निशाना-कहा वोट चोरी का खेल मप्र में भी, करेंगे खुलासा
10 Nov, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी रविवार सुबह पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों में जंगल सफारी के लिए निकले। दो दिनों से मध्यप्रदेश के हिल स्टेशन पर प्रवास कर रहे राहुल गांधी ने प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाया। इस दौरान राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हरियाणा में 25 लाख वोट चोरी हुई है। उस डाटा को देखने के बाद लग रहा है कि यही मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में भी हुआ है। ये बीजेपी और इलेक्शन कमीशन का सिस्टम है। मध्य प्रदेश में भी ऐसा हुआ है। हमारे पास सबूत हैं, जो हम आहिस्ते आहिस्ते दिखाएंगे। राहुल ने कहा कि मेन मुद्दा वोट चोरी है, जिसे अब विशेष गहन पुनरीक्षण से कवर किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मिलकर लोकतंत्र का नुकसान कर रहे हैं। अब एसआईआर के जरिए उसको कवर करने की कोशिश की जा रही है। राहुल ने कहा कि हमारे पास डिटेल में जानकारी हैं, धीरे धीरे उसका उसका भी खुलासा करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर आक्रमण हो रहा हैं। बाबा साहब के संविधान पर आक्रमण हो रहा है। अमित शाह जी, मोदी जी और ज्ञानेश जी साथ में मिलकर यह कर रहे हैं। इससे देश का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। भारत माता का नुकसान हो रहा हैं। एमपी में भी हम खुलासा करेंगे, हमारे पास बहुत जानकारी है। लोकतंत्र का नुकसान हो रहा है, नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश जी ये सब कर रहे है। वहीं उन्होंने बताया कि जिला अध्यक्षों से अच्छा फीडबैक मिला है।
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