राजनीति
महाराष्ट्र में दिखने लगा कांग्रेस की बिहार में हार का परिणाम, दुत्कारने लगे उद्धव ठाकरे
17 Nov, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बहुत बुरी हार हुई है। इसका असर महाराष्ट्र में अभी से दिखाई देने लगा है।शिवसेना (यूबीटी) चीफ उद्धव ठाकरे अब कांग्रेस को आंख दिखाने लगे हैं। उन्होंने साफ कर दिया कि कांग्रेस अपने निर्णय खुद लेने के लिए स्वतंत्र है और उनकी पार्टी भी अपने फैसले स्वतंत्र रूप से लेती है। दरअसल कांग्रेस ने ही ऐलान किया था कि वह बीएमसी चुनाव अकेले लड़ेगी। इसके एक दिन बाद यानी रविवार को आया उद्धव का यह बयान इस बात का संकेत है कि वह कांग्रेस को मनाने की कोई कोशिश नहीं करने वाले हैं।
उद्धव ठाकरे ने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली भारी जीत पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि राजद नेता तेजस्वी यादव को मिले विशाल समर्थन को लेकर यह जांच होनी चाहिए कि यह समर्थन वास्तविक था या फिर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के ज़रिये ‘तैयार’ किया गया।महाराष्ट्र कांग्रेस प्रभारी रमेश चेन्निथला और मुंबई कांग्रेस प्रमुख वरखा गायकवाड़ ने शनिवार को कहा था कि पार्टी स्थानीय इकाई की सलाह के अनुसार 227 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारेगी। चेन्निथला ने कहा, ‘स्थानीय निकाय चुनाव होने के कारण हमने मुंबई इकाई की राय को प्राथमिकता दी है।’ कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई मनसे चीफ राज ठाकरे की हालिया नज़दीकियों से पार्टी में असहजता बढ़ी है। दोनों नेताओं के बीच बढ़ती बातचीत को कांग्रेस अपने लिए राजनीतिक जोखिम के रूप में देख रही है। वहीं बीएमसी चुनाव से ठीक पहले राज्य सरकार ने ‘बालासाहेब ठाकरे राष्ट्रीय स्मारक सार्वजनिक ट्रस्ट’ का पुनर्गठन कर उद्धव ठाकरे को दोबारा इसके अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया है। उन्होंने यह पद 2019 में मुख्यमंत्री बनने के बाद छोड़ दिया था। नए गठन में बीजेपी का प्रतिनिधि भी वापस शामिल किया गया है, जिसे एमवीए सरकार ने 2020 में ट्रस्ट से हटा दिया था। अब बीजेपी विधायक पराग अलवानी, उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) नेता शिशिर शिंदे इस ट्रस्ट के सदस्य होंगे।
गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक
17 Nov, 2025 08:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फरीदाबाद में जुटे कई प्रदेश के मुख्यमंत्री
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को हरियाणा के फरीदाबाद में उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ उत्तरी क्षेत्र के प्रमुख राजनेता शामिल हुए। इसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शामिल हुए।
उत्तर क्षेत्रीय परिषद में निम्नलिखित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब राजस्थान, दिल्ली (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र), जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, चंडीगढ़ शामिल है।
बैठक की शुरुआत में, दिल्ली लाल किला विस्फोट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट का मौन रखा गया। बैठक के दौरान जिन महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है, वे हैं राज्य सरकारों के बीच समन्वय, जल बंटवारे से संबंधित मुद्दे और विकास कार्यों की प्रगति।
क्षेत्रीय परिषदों का महत्व
क्षेत्रीय परिषदें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीम भारत के दृष्टिकोण को पूरा करती हैं। ये इस विश्वास के साथ महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं कि सशक्त राज्य एक मजबूत राष्ट्र बनाते हैं। ये दो या दो से अधिक राज्यों या केंद्र को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर संवाद के लिए एक संरचित तंत्र प्रदान करती हैं। ये पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में आपसी समझ और सहयोग के स्वस्थ संबंधों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित हुई हैं।
ये महिलाओं, बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों के मामलों की त्वरित जांच और उनके शीघ्र निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों के कार्यान्वयन जैसे राष्ट्रीय महत्व के व्यापक मुद्दों पर भी चर्चा करती हैं।
पटना में RJD की मीटिंग, विधायक दल का नेता चुने गए तेजस्वी यादव
17 Nov, 2025 06:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद सरकार के गठन की कवायद शुरू हो गई है. चुनाव में बंपर जीत हासिल करने के बाद से NDA में बैठकों का दौर भी जारी है. दूसरी ओर सोमवार को विपक्षी आरजेडी पार्टी आरजेडी की विधायक दल की बैठक हुी.
इस बैठक में आरडेजेडी के हारे-जीते सभी 143 उम्मीदवार शामिल हुए. मीटिंग में हार पर चर्चा भी हुई और इसके बाद तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता भी चुना गया है. विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अब तेजस्वी यादव विधानसभा में एक बार फिर से नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में नजर आएंगे.
कागज पर खदान का मालिक एक, जांच में निकले 9 लोग… सोनभद्र हादसे के बाद खनन का खेल उजागर
17 Nov, 2025 05:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र की बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र स्थित कृष्णा माइनिंग खदान हादसे में मजदूरों की मौत की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. अब तक 6 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. इस भीषण हादसे ने न सिर्फ जिले को हिलाकर रख दिया, बल्कि सालों से चले आ रहे खनन माफिया और खनन विभाग की सांठगांठ की परतें भी खोल दीं. जांच में सामने आया है कि कागज पर भले ही खदान एक व्यक्ति के नाम थी, लेकिन असल में इसे 9 प्रभावशाली लोगों की अवैध हिस्सेदारी में नियमों के विपरीत संचालित किया जा रहा था.
यह खदान साल 2016 से सक्रिय थी और लगातार सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर संचालन जारी था. खनन विभाग की अनदेखी और खनन माफिया के संरक्षण ने इस अवैध तंत्र को मजबूत बना दिया. खदान कुछ समय बाद एक स्थानीय ठेकेदार को दे दी गई, जिसके बाद पैसे, हिस्सेदारी और गैरकानूनी खनन का खेल और गहरा होता चला गया. हादसे के बाद तीन विशेष जांच टीमें बनाई गई हैं.
शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि सालों से इस खदान का संचालन स्थानीय सफेदपोश, ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से होता रहा है. खनन विभाग ने अब पट्टाधारकों के खिलाफ रिपोर्ट तैयार की है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि 52 घंटे पहले जब मजदूर जिंदा दबे थे, तब विभाग की यह सक्रियता कहां गई थी. लगातार 52 घंटे के रेस्क्यू में अब तक 6 शव बरामद किए जा चुके हैं.
जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने बताया कि ऑपरेशन अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही अंतिम शव भी निकाल लिया जाएगा. इस मामले में माइंस संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिनकी तलाश पुलिस ने शुरू कर दी है. यह त्रासदी सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि सोनभद्र में सैकड़ों करोड़ के अवैध खनन नेटवर्क और सिस्टम की घोर विफलता का प्रमाण है, जिसमें माफिया और विभाग की चुप्पी ने छह मजदूरों की जान ले ली.
बिहार में सियासी तूफान : नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा, नई सरकार की तैयारी!
17 Nov, 2025 03:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया और साथ ही नई सरकार के गठन का दावा पेश किया.
बिहार विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद नई सरकार बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है. इससे पहले राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक हुई.
जिसमें मंत्रिपरिषद को भंग करने का निर्णय लिया गया. ऐसे में नई सरकार बनाने के सभी औपचारिकता पूरी की जा रही है. .
बिहार में नई सरकार के गठन का फॉर्मूला तय, JDU ने कल बुलाई विधायक दल की बैठक, ऐसा हो सकता है नया मंत्रिमंडल
17 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बिहार में नई सरकार के गठन और नई सरकार में गठबंधन के सहयोगी दलों की हिस्सेदारी का फॉर्मूला तय हो गया है. कल नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) पार्टी ने विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें विधायक दल का नेता चुना जाएगा. वहीं 6 विधायकों पर एक मंत्री का फॉर्मूला लागू हो सकता है, यानी गठबंधन की मंशा इस बार सरकार में सभी दलों को शामिल करने की है.
सूत्रों के अनुसार, 22 नवंबर को वर्तमान सरकार का आखिरी दिन है तो 18 नवंबर तक मुख्यमंत्री का चुनाव हो जाएगा और 19 या 20 नवंबर को शपथ ग्रहण समारोह होगा. शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी भी शिरकत करेंगे. उन्होंने खुद समारोह में मौजूद रहने के संकेत दिए हैं. पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है. कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है. BJP शासित राज्यों के मुख्यमंत्री बुलाए जा सकते हैं.
चर्चा है कि नीतीश कुमार कल गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात करके इस्तीफा सौंप सकते हैं और उनसे नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तारीख पर चर्चा कर सकते हैं. वहीं JDU नेता ललन सिंह, संजय झा, विजय कुमार सिन्हा समेत कई नेता दिल्ली पहुंच गए हैं, जहां उनकी पार्टी हाईकमान और गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुलाकात शेड्यूल है. चिराग पासवान बीते दिन नीतीश कुमार से मिलकर उन्हें बधाई दे चुके हैं और चर्चा भी कर चुके हैं.
बिहार की नई सरकार में इस बार गठबंधन के सभी सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व मिल सकता है. चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा, जीतन राम मांझी की पार्टी को भी मंत्री पद मिल सकते हैं. विधायकों की संख्या के अनुसार इस बार मंत्रिमंडल में 36 मंत्री हो सकते हैं. चिराग पासवान डिप्टी CM का पद मांग सकते हैं, वहीं इस बार भी 2 उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं. वहीं पिछली सरकार के कुछ मंत्रियों को भी इस बार मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है.
बिहार में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होता तो बसपा ज्यादा सीटें जीतती – बसपा प्रमुख मायावती
17 Nov, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ । बसपा प्रमुख मायावती (BSP chief Mayawati) ने कहा कि बिहार में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होता (If there had been free and fair elections in Bihar) तो बसपा ज्यादा सीटें जीतती (BSP would have won more Seats) ।
बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”बिहार विधानसभा के अभी हाल ही में संपन्न हुए आम चुनाव में कैमूर जिले की रामगढ़ विधानसभा सीट (संख्या 203) पर बसपा के उम्मीदवार सतीश कुमार सिंह यादव को जीत दिलाने के लिए पार्टी के सभी लोगों को बधाई और उनका पूरे तहेदिल से आभार प्रकट। हालांकि वोटों की गिनती बार-बार कराने के बहाने से वहां के प्रशासन व एकजुट होकर सभी विरोधी पार्टियों द्वारा बसपा उम्मीदवार को हराने का पूरा-पूरा प्रयास किया गया, किंतु पार्टी के बहादुर कार्यकर्ताओं के पूरे समय तक डटे रहने से विरोधियों का यह षड्यंत्र सफल नहीं हो सका।”
उन्होंने आगे कहा, “इतना ही नहीं, बल्कि बिहार के इस क्षेत्र की अन्य सीटों पर भी विरोधियों को कांटे की टक्कर देने के बावजूद बसपा उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सके, जबकि फीडबैक के अनुसार अगर चुनाव पूरी तरह से फ्री एंड फेयर होता तो बसपा और भी कई सीटें जरूर जीतती, लेकिन ऐसा नहीं हो सका, जिससे पार्टी के लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि आगे और भी अधिक तैयारी के साथ काम करते रहने की जरूरत है।”
मायावती ने आगे एक्स पर लिखा, ”बिहार विधानसभा के इस चुनाव में अपने ख़ून-पसीने व पूरी लगन से चुनाव लड़ने के लिए बसपा के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं एवं शुभचिन्तकों आदि का तहेदिल से आभार प्रकट तथा आगे बिहार में पूरे जी-जान से लगे रहने का आह्वान ताकि बिहार, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं कांशीराम जी के सपनों की, ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की धरती बन सके।” ज्ञात हो कि बिहार की रामगढ़ विधानसभा सीट के बसपा प्रत्याशी सतीश कुमार यादव ने कड़े मुकाबले के बीच जीत दर्ज की। बसपा उम्मीदवार सतीश कुमार यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी अशोक कुमार सिंह को मात्र 30 वोटों के अंतर से हराया।
नीतीश कुमार बिहार के बिकास को और ज्यादा गति देंगे – निशांत कुमार
17 Nov, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । निशांत कुमार (Nishant Kumar) ने कहा कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) बिहार के बिकास को (To the development of Bihar) और ज्यादा गति देंगे (Will give more Impetus) । उन्होंने जीत का श्रेय मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार की 20 साल की मेहनत को दिया और आशीर्वाद के लिए जनता का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने रविवार को कहा, “यह बिहार की जनता का आशीर्वाद और समर्थन है। मेरे पिता ने पिछले 20 सालों में जो कड़ी मेहनत की है, उसका फल मिला है, इसके लिए जनता का धन्यवाद करते हैं।” उन्होंने कहा, “मैं बिहार की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने एक बार फिर मेरे पिता पर भरोसा जताया और उन्हें यह जीत दिलाई। पूरी उम्मीद होगी कि पिताजी जनता के विश्वास पर खरा उतरें और पहले जो विकास किया है, उसको जारी रखें ।”
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बड़े भाई सतीश कुमार ने कहा, “बहुत कुछ किया गया है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। उनके दिमाग में सब कुछ योजनाबद्ध है, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित हैं। वे बिहार के लिए और भी बहुत कुछ करेंगे। जब एक और कार्यकाल पूरा होगा, तो आप बिहार को चमकते हुए देखेंगे।”
इससे पहले, बिहार चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उनसे मिले सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने जनता को भरोसा दिया कि सबके सहयोग से बिहार और आगे बढ़ेगा व बिहार देश के सबसे ज्यादा विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।
गौरतलब है कि 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में एनडीए ने चुनाव के दौरान 202 सीटों पर जीत हासिल की। एनडीए के घटक दलों में शामिल भाजपा को सबसे अधिक 89 सीटें मिली, जबकि 85 सीटें जीतकर जदयू राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी। इसके अलावा, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 19, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को पांच और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को चार सीटों पर विजय प्राप्त हुई।
बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण इस दिन, PM मोदी होंगे शामिल, जानिए पूरी जानकारी!
17 Nov, 2025 09:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Government Oath Ceremony: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड जीत मिली है. एनडीए की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में गुरुवार, 20 नवंबर को किया जाएगा. जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे.
नीतीश कुमार दसवीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे. शपथ समारोह के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं. अब चार दिनों के लिए गांधी मैदान आम जानता के लिए बंद रहेगा.
NDA को नैतिक समर्थन…हार की समीक्षा बैठक में तेज प्रताप यादव की पार्टी का ऐलान
17 Nov, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) में तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल की जमानत जब्त हो गई. इसके बाद रविवार को तेज प्रताप यादव के आवास पर समीक्षा बैठक की गई. इस बैठक में चुनाव में मिली करारी हार पर उम्मीदवारों ने अपनी बातें रखीं. बैठक के बाद जेजेडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम यादव ने कहा कि जनशक्ति जनता दल ने एनडीए को नैतिक समर्थन देने का फैसला किया है.
बैठक में कहा गया कि रोहिणी आचार्य के साथ जो हुआ है, उसका बदला लेंगे. उन्होंने कहा कि आरजेडी अब संजय यादव की पार्टी हो गई है, तेजस्वी यादव की पार्टी भी नहीं रही. लालू यादव की नई पार्टी जनशक्ति जनता दल है. आरजेडी से निकाले जाने के बाद तेज प्रताप ने अपनी अलग पार्टी बनाई थी, जिसका नाम उन्होंने जनशक्ति जनता दल रखा. इसके बाद उन्होंने महुआ से ही चुनाव लड़ने की ठानी, जहां से वो पहली बार 2015 में विधायक बने थे.
तेज प्रताप यादव ने अपनी बहन रोहिणी आचार्य के कथित अपमान पर नाराजगी व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि मेरे साथ जो हुआ, उसे मैंने सह लिया, लेकिन मेरी बहन का अपमान किसी भी हाल में असहनीय है. तेज प्रताप ने कुछ लोगों को ”जयचंद” बताते हुए कहा कि बिहार की जनता उन्हें माफ नहीं करेगी. उन्होंने अपने पिता और आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से आग्रह किया है कि वे केवल एक संकेत दें, जिसके बाद बिहार की जनता ऐसे ‘जयचंदों’ को सबक सिखा देगी.
तेज प्रताप की पार्टी जेजेडी ने कुल 22 उम्मीदवार उतारे थे. सभी सीटों पर जमानत जब्त हो गई. तेज अपनी सीट भी नहीं बचा पाए. वह महुआ से चुनाव लड़ रहे थे. यहां वह तीसरे नंबर पर रहे. 51938 वोट से चुनाव हार गए. लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के संजय कुमार सिंह ने हराया. तेज प्रताप की उम्मीदवारी के बाद यह सीट काफी चर्चा में आ गई थी.
महुआ सीट लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास संजय कुमार सिंह ने जीत हासिल की. उन्होंने तेज प्रताप को 51938 वोटों से हराया. संजय को 87641 वोट मिले जबकि RJD के मुकेश कुमार रौशन 42644 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे. तेज प्रताप तीसरे नंबर पर रहे. उन्हें 35703 वोट मिले. 2015 के चुनाव में तेज यहां से विधायक चुने गए थे. वैशाली जिले की महुआ सीट पर पहले चरण में छह नवंबर को मतदान हुआ था.
जनता के खजाने की संरक्षक है सीएजी – उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन
17 Nov, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन (Vice President C.P. Radhakrishnan) ने कहा कि सीएजी (CAG) जनता के खजाने की संरक्षक है (Is the guardian of the Public Treasury) ।
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने रविवार को भारत की नैतिक संपदा को बनाए रखने के लिए जवाबदेही, पारदर्शिता और ईमानदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) के योगदान की सराहना भी की। लेखापरीक्षा दिवस समारोह 2025 में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए, उपराष्ट्रपति ने सीएजी की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की और इस संस्था को ‘जनता के खजाने का संरक्षक’ बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लेखापरीक्षा में निष्पक्षता और सत्य को कायम रखते हुए सीएजी जवाबदेही, पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा, भारत की नैतिक संपदा का एक स्तंभ है।
राधाकृष्णन ने केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों के लिए “एक राष्ट्र, एक वस्तु व्यय शीर्ष” अधिसूचित करने के लिए भारत के सीएजी की भी सराहना की। यह एक ऐसा सुधार है जो सरकारी व्यय की पारदर्शिता और तुलनात्मकता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा। उपराष्ट्रपति ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए बाह्य लेखा परीक्षक के रूप में अपनी भूमिका के माध्यम से सीएजी की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ी है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि सीएजी वर्तमान में एशियाई सर्वोच्च लेखापरीक्षा संस्थानों के संगठन (एएसओएसएआई) की अध्यक्षता कर रहे हैं, जो भारत के अनुयायी से वैश्विक नेता के रूप में उभरने की यात्रा का प्रमाण है।
उपराष्ट्रपति ने कहा, “जैसे-जैसे देश ‘विकसित भारत 2047’ के विजन की ओर बढ़ रहा है, सीएजी प्रभावी शासन के लिए राजकोषीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में एक प्रमुख भागीदार बना रहेगा।” उन्होंने अधिकारियों से सार्वजनिक व्यय में पारदर्शिता बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने के लिए अपने कौशल और लेखा परीक्षा क्षमताओं को निरंतर एडवांस बनाने का आग्रह किया, ताकि जनता का पैसा जन कल्याण के लिए उपयोग किया जाए।
दिल्ली में एक अलग मीडिया पुरस्कार समारोह में, उपराष्ट्रपति ने केंद्रीय पर्यटन और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी को सम्मानित किया। अपने संबोधन में, उपराष्ट्रपति ने कहा कि सिनेमा और राजनीति दो बिल्कुल अलग दुनियाएं हैं, लेकिन एक बात समान है – दोनों ही अनिश्चित क्षेत्र हैं। उन्होंने दोनों में बने रहने और सफल होने के लिए सुरेश गोपी की सराहना की। उपराष्ट्रपति ने युवाओं में आशावाद को प्रेरित करने के लिए देश के सकारात्मक विकास को उजागर करने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पत्रकारिता बेजुबानों को आवाज देती है और जागरूकता फैलाकर और जिम्मेदार सार्वजनिक संवाद को आकार देकर नशा मुक्त समाज बनाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
अमित शाह का वादा, बिहार में इन 2 नेताओं को ‘बड़ा आदमी’ बनाएगी भाजपा
16 Nov, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election) के दौरान भाजपा के दिग्गज नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार भाजपा के दो नेताओं के लिए जब चुनाव प्रचार में पहुंचे तो उन्होंने प्रचंड बहुमत से जीत दिलाने की अपील उन क्षत्रों की जनता से की थी। इसके बदले में उन्होंने इन दोनों नेताओं के ‘बड़ा आदमी’ (big man) बनाने का वादा उन विधानसभा क्षेत्रों की जनता से किया था। इनमें पहला नाम बिहार सरकार में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का है। वहीं, दूसरा नाम सीतमढ़ी से चुनाव लड़ रहे सुनील कुमार पिंटू का है।
तारापुर से विधानसभा चुनाव लड़ रहे सम्राट चौधरी के पक्ष में जब मुंगेर पहुंचे थे तो उन्होंने लोगों से भाजपा के पक्ष में वोट डालने की अपील की थी। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘आप भरोसा रखिए। सम्राट चौधरी को प्रचंड बहुमत से जिताइए। मोदी जी सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बनाएं।’ इसके अलावा उन्होंने मुंगेर के लिए किए गए विकास कार्यों का भी हिसाब किताब दिया। साथ ही बताया कि कैसे डबल इंजन की सरकार का फायदा बिहार को मिल रहा है।
वहीं, सीतामढ़ी से चुनाव लड़ रहे सुनील कुमार पिंटू के पक्ष में चुनाव प्रचार करने के लिए पहुंचे अमित शाह ने उन्हें अपना दोस्त बताया था। लोगों से अपील करते हुए कहा था, “सुनील कुमार पिंटू मेरा दोस्त है। आप इसे प्रचंड बहुमत से जिताओ। हम इसे बड़ा आदमी बनाएंगे।’
आपको बता दें कि तारापुर में सम्राट चौधरी ने आरजेडी के अरुण कुमार को 45843 मतों से चुनाव हराया। भाजपा को यहां 122480 मत मिले थे। वहीं, अरुण कुमार के खाते में 76637 मत गए। सीतामढ़ी की बात करें तो यहां भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ रहे सुनील कुमार पिंटू को 104226 मत मिले। उन्होंने आरजेडी प्रत्याशी सुनील कुमार को 5562 मतों से हराया।
बिहार में सरकार के गठन का फॉर्मूला तैयार, किसके बनेंगे कितने मंत्री!
16 Nov, 2025 04:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार चुनाव में एनडीए को 202 विधानसभा सीटों पर जीत मिली है तो विपक्षी महागठबंधन मात्र 35 सीटों पर सिमट गया है। अब सरकार गठन की कवायद तेज हो गई है। बिहार की नई एनडीए सरकार का स्वरूप कैसा होगा, किस दल से कितने मंत्री बनेंगे यह सवाल बिहार वासियों के मन में कौंध रहा है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक किस दल से कितने मंत्री होंगे इस पर तकरीबन सहमति बन गई है। हालांकि अंतिम समय में इसमें फेरबदल से इनकार नहीं किया जा सकता।
मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया है कि सीएम नीतीश कुमार के अलावा जेडीयू से 14+1 विधायक मंत्री बन सकते हैं। इस प्रकार विधायकों की संख्या को देखते हुए बीजेपी के 15 से 16 विधायक मंत्री बन सकते हैं। चिराग पासवान की लोजपा आर के 3 मंत्री बनाए जाने की संभावना है। वहीं जीतनराम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो के एक विधायक मंत्री बन सकते हैं। उपेंद्र की पत्नी स्नेह लता देवी और जीतनराम मांझी के पुत्र संतोष कुमार सुमन के मंत्री बनने की चर्चा चल रही है।
जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार सीएम बनेंगे और बीजेपी से दो डिप्टी सीएम हो सकते हैं। उनके अलावा लोजपा से एक डिप्टी सीएम हो सकता है। बीजेपी के सम्राट चौधरी डिप्टी सीएम फिर से बन सकते हैं। लोजपा के 19 विधायक जीतकर आए हैं। पार्टी चीफ और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान न सिर्फ इलेक्शन में ऐक्टिव रहे बल्कि अभी भी पटना में जमे हैं। शनिवार को उन्होंने सीएम आवास जाकर नीतीश कुमार से मुलाकात की।
डिप्टी सीएम के तौर पर विजय सिन्हा का कट सकता है पत्ता। जदयू से सीएम तो बीजेपी से विधानसभा स्पीकर होंगे। विजय सिन्हा को फिर से इसकी जिम्मेदारी मिल सकती है। 2020 में भी उन्हें स्पीकर बनाया गया था। इस बार चुनाव में जदयू को 85 तो बीजेपी को 89 सीटें मिली हैं। चिराग की लोजपा को 19, मांझी की हम को पांच तो उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो से 4 सीटों पर जीत हासिल हुई है। विपक्ष में राजद के 25 तो कांग्रेस के 6 उम्मीदवार जीतकर आए। माले के तीन सीपीएम के एक विधायक हैं। असदुद्दीन औवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने फिर से पांच सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाबी हासिल किया है तो मायावती कि बहुजन समाज पार्टी का एक उम्मीदवार जीतकर आया। मुकेश सहनी की वीआईपी और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का खाता भी नहीं खुला है।
बिहार की शानदार जीत पर BJP का राहुल गांधी पर कटाक्ष, कहा- अब तक 95 चुनाव हार चुके
16 Nov, 2025 11:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को मिली शानदार और निर्णायक बढ़त के बाद भगवा पार्टी ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। शुरुआती रुझानों के अनुसार, NDA दो-तिहाई बहुमत से अधिक सीटें हासिल करता दिख रहा है, जबकि कांग्रेस और राजद (RJD) के नेतृत्व वाला महागठबंधन बड़ी हार की ओर बढ़ रहा है। भाजपा ने इस जीत को भुनाते हुए विपक्षी एकता और विशेष रूप से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाने पर लिया।
भाजपा नेता अमित मालवीय ने राहुल गांधी का मजाक उड़ाते हुए कहा, “राहुल गांधी! एक और चुनाव, एक और हार! यदि चुनावी हार में निरंतरता के लिए कोई पुरस्कार होता तो वह उन सभी को जीत जाते। इस गति से तो पराजय भी सोच रही होगी कि वह उन्हें इतनी मजबूती से कैसे ढूंढ लेते हैं।”
वहीं, सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर तंज कसने के लिए कवि कबीर दास के दोहे का सहारा लिया। उन्होंने कहा, “बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोई। जो मन खोजा अपना, तो मुझसे बुरा न कोई।” उन्होंने कांग्रेस से परिणाम की सटीकता की पुष्टि के लिए मतदाता सूचियों को सत्यापित करने का भी आग्रह किया।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “मतगणना के रुझान स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि बिहार की जनता का रुख स्पष्ट है। न जंगल राज, न कट्टर राज, न गुंडाराज, न तुष्टिकरण, न परिवारवाद, न घोटाले, न भ्रष्टाचार, न अहंकार और न जातिवाद। बिहार केवल सुशासन, विकास और पारदर्शी नेतृत्व को स्वीकार करता है।”
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा, “राहुल गांधी नंबर वन हैं- निर्विवाद, अप्रतिद्वंद्वी और अपराजेय।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि “95 चुनाव हारे और गिनती जारी है। यह कोई संयोग नहीं है कि यह जवाहरलाल नेहरू जी के जन्मदिन पर होता है।” ताजा रुझानों के अनुसार, NDA गठबंधन ने निर्णायक बढ़त बना ली है और स्पष्ट बहुमत की ओर अग्रसर है।
एक ओर BJP जश्न मना रही है, वहीं विपक्षी दलों ने इस परिणाम को ‘चुनावी साजिश’ बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन खेड़ा ने कहा कि शुरुआती रुझान बताते हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बिहार की जनता की इच्छा के विरुद्ध काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह लड़ाई केवल BJP, कांग्रेस, RJD और JDU के बीच नहीं है, यह ज्ञानेश कुमार और भारत के लोगों के बीच सीधा टकराव है।”
आप नेता संजय सिंह ने चुनावी प्रक्रिया के ‘अपहरण’ का दावा किया और हाल ही में मतदाता सूचियों के ‘विशेष सघन पुनरीक्षण’ पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा,”हमने पहले भी कहा था कि इस चुनाव को हाईजैक कर लिया गया है और इस चुनाव का कोई मतलब नहीं है। ज्ञानेश कुमार ने पहले ही मोदी जी को बिहार में जीत का प्रमाण पत्र दे दिया है। उस राज्य में परिणाम क्या होंगे जहां 80 लाख वोट हटाए गए, जहां 5 लाख वोट डुप्लीकेट हैं और जहाँ 1 लाख वोट अज्ञात हैं?”
कांग्रेस ने बिहार हार पर उठाया सवाल, चुनाव आयोग और उसके SIR को जिम्मेदार ठहराया
16 Nov, 2025 10:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । बिहार विधानसभा चुनाव 2025(Bihar Assembly Elections 2025) अपने अंतिम चरण(Final stage) में है। मतगणना(Counting of votes) के शुरुआती रुझान(Early trends) में महागठबंधन(Grand Alliance) बुरी तरह से पिछड़ता हुआ नजर आ रहा है, जबकि एनडीए के बार फिर से सत्ता पर अपनी पकड़ को मजबूत बनाता हुआ दिख रहा है। कांग्रेस पार्टी ने अपनी इस हालत के लिए चुनाव आयोग और एसआईआर को जिम्मेदार बताया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा की चुनाव की मतगणना के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह चुनाव उनके और बिहार की जनता के बीच सीधी लड़ाई बन गया है।
एएनआई से बात करते हुए खेड़ा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि इस मुकाबले में उनकी बढ़त बिहार की जनता पर भारी पड़ रही है। रुझानों को लेकर उन्होंने कहा, “यह तो अभी शुरुआती रुझान हैं, हम थोड़ा इंतजार कर रहे हैं। शुरुआती रुझान साफतौर पर बता रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार बिहार की जनता पर बढ़त बनाते हुए दिख रहे हैं। मैं बिहार की जनता को कम नहीं मानता। उन्होंने एसआईआर और वोट चोरी के बावजूद मुकाबला किया। यह मुकाबला सीधे तौर पर बिहार की जनता और भारत के चुनाव आयोग के बीच है, अब देखते हैं कौन जीतता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि एक किताब है ‘प्रेम से सेवा करना’। ज्ञानेश कुमार अब प्रधानमंत्री मोदी के लिए भी यही किताब लिख रहे हैं।
पवन खेड़ा के अलावा कांग्रेस के दूसरे नेता उदित राज ने बिहार चुनाव में कांग्रेस और महागठबंधन की हार के लिए चुनाव आयोग और एसआईआर को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “यह भाजपा या एनडीए की नहीं, बल्कि एसआईआर की जीत है; यह एकतरफ़ा प्रतीत होता है। हमने एसआईआर का लगातार विरोध किया है और जवाब माँगा है, लेकिन चुनाव आयोग ने निर्देशानुसार जवाब दिया। चुनाव आयोग अब भी दावा कर रहा है कि उसे कोई आपत्ति नहीं मिली।”
आपको बता दें कांग्रेस नेता की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब बिहार चुनाव की मतगणना में कांग्रेस पार्टी और उनका गठबंधन बुरी तरह से पिछड़ रहा है। वहीं, दूसरी और भाजपा और उनका गठबंधन एक बार फिर से सत्ता की तरफ बढ़ता दिख रहा है।
Lenskart पॉलिसी विवाद गरमाया, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी से बढ़ी बहिष्कार की मांग
स्पष्टीकरण न देने वालों पर गिरेगी गाज, संगठन में मचा हड़कंप
अमित शाह का तीखा हमला, बोले—राहुल की पार्टी बंगाल में शून्य पर सिमटेगी
हवाई यात्रियों के लिए गुड न्यूज: बिलासपुर से देश की राजधानी के लिए हवाई मार्ग से जुड़ाव शुरू
शांति वार्ता पर संकट, होर्मुज में फिर भड़का सैन्य तनाव
टिफिन में परांठे हो जाते हैं कड़े? सुबह से शाम तक नरम रखने के लिए अपनाएं ये 5 जादुई टिप्स।
बयान पर नहीं थम रहा विवाद, BJP ने EC के सामने रखा मुद्दा
आसमान में गरजे सुखोई-मिराज, एक्सप्रेस-वे पर दिन-रात युद्धाभ्यास
