राजनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16वें वित्त आयोग के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की
19 Nov, 2025 08:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने 16वें वित्त आयोग के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की (Met the delegation of 16th Finance Commission) ।
आयोग ने 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाली पांच वर्षों की अवधि को कवर करने वाली अपनी रिपोर्ट की एक प्रति प्रस्तुत की, जिसमें केंद्र और राज्यों के बीच करों की शुद्ध आय के वितरण के साथ-साथ राज्यों के बीच ऐसी आय के संबंधित हिस्सों के आवंटन, राज्यों को सहायता अनुदान, आपदा प्रबंधन पहलों के वित्तपोषण की व्यवस्था की समीक्षा आदि पर सिफारिशें की गईं। प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में 16वें वित्त आयोग के सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।”
इससे पहले, एक्सवीआईएफसी के सदस्यों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंपी। आयोग ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भी रिपोर्ट की एक प्रति सौंपी। अपने कार्यकाल के दौरान, एक्सवीआईएफसी ने केंद्र और राज्यों के वित्त का विस्तृत विश्लेषण किया और केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, विभिन्न स्तरों पर स्थानीय सरकारों, पूर्व वित्त आयोगों के अध्यक्षों और सदस्यों, प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों, बहुपक्षीय संस्थानों, आयोग की सलाहकार परिषद और अन्य क्षेत्र विशेषज्ञों के साथ व्यापक परामर्श के बाद एक रिपोर्ट तैयार की।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, “केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा अनुच्छेद 281 के तहत संसद में प्रस्तुत किए जाने के बाद यह रिपोर्ट सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध होगी।” आयोग (एक्सवीआईएफसी) का गठन भारत के राष्ट्रपति द्वारा किया गया था और इसके अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया थे। एक्सवीआईएफसी के सदस्य एनी जॉर्ज मैथ्यू, डॉ. मनोज पांडा, टी. रबी शंकर और डॉ. सौम्यकांति घोष थे, और एक्सवीआईएफसी के सचिव ऋत्विक पांडे अध्यक्ष के साथ थे।
लालू यादव की बेटियां क्या करती हैं, कौन राजनीति में है या नहीं ? जानिए
18 Nov, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar assembly elections) में हार के बाद से लालू यादव (Lalu Yadav) के परिवार में संघर्ष छिड़ा हुआ है। पूर्व सीएम और पिता लालू यादव को किडनी डोनेट करनी वालीं रोहिणी आचार्य घर से निकल गई हैं। यहां तक कि अपने जैसी बेटी किसी परिवार में ना हो, जैसी मन्नत मांगकर उन्होंने परिवार के संग्राम को सरेआम कर दिया है। भाइयों में बड़े तेज प्रताप तो पहले ही नाराज हैं और अलग दल बनाकर हार चुके हैं। खबर यहां तक आई कि परिवार के झगड़े के बाद तीन और बहनें भी लालू यादव का घर छोड़कर ससुराल के लिए निकली हैं। इस झगड़े को परिवार के मतभेदों से ज्यादा सत्ता के लिए संग्राम के तौर पर देखा जा रहा है।
इसमें कुछ बेटियां भी शामिल हैं तो लोग उनका भी परिचय जानना चाहते हैं। आइए जानते हैं, लालू यादव की कौन सी बेटी क्या करती है और उनके कितने दामाद राजनीति में सक्रिय हैं…
मीसा भारती और उनके इंजीनियर पति शैलेष
लालू यादव की सबसे बड़ी बेटी मीसा भारती 49 साल की हैं। MBBS की डिग्री रखने वाली मीसा भारती फिलहाल पाटलिपुत्र लोकसभा से सांसद हैं। वह राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। बड़ी होने के नाते उनकी घर में चलती रही है और लालू यादव से लेकर परिवार के अन्य तमाम सदस्य उन्हें महत्व देते रहे हैं। लेकिन कहा जाता है कि हाल के झगड़ों में वह भी तेजस्वी यादव से खुश नहीं हैं। उनके पति शैलेष कुमार एक कंप्यूटर इंजीनियर हैं और अकसर चर्चाओं से दूर ही रहते हैं।
किडनी डोनेट करने वालीं रोहिणी आचार्य
रोहिणी आचार्य भी MBBS डिग्रीधारी हैं। वह फिलहाल सिंगापुर में रहती हैं और उनकी शादी समरेश सिंह यादव से हुई थी। उनकी भी राजनीतिक महत्वाकांक्षा रही है, लेकिन राजीव प्रताप रूडी के मुकाबले लोकसभा चुनाव हार गई थीं। सारण जैसी सीट से उनकी हार चौंकाने वाली थी। लेकिन फिर भी उनकी राजनीतिक सक्रियता बनी रही है। अकसर वह सोशल मीडिया पर ऐक्टिव रहती हैं और अब उसी मंच पर बिहार चुनाव के नतीजों के बाद परिवार और राजनीति से नाता तोड़ने का ऐलान कर दिया है। उनके पति का भी राजनीति से ताल्लुक नहीं है।
चंदा यादव और उनके पायलट पति
लालू यादव की दो बड़ी बेटियों के मुकाबले तीसरी नंबर की चंदा यादव राजनीति में दिलचस्पी नहीं रखतीं। परिवार के विवादों के बीच भी उनका नाम कम ही चर्चा में रहता है। उनके पति विक्रम सिंह एक पायलट हैं और वह भी राजनीति से दूर हैं।
रागिनी यादव और उनके पति सपा नेता राहुल यादव
रागिनी यादव का बिहार की राजनीति से कोई लेना-देना नहीं रहा है, लेकिन उनके पति राहुल यादव जरूर दिलचस्पी लेते हैं। वह सपा के नेता हैं और सिकंद्राबाद से चुनाव भी लड़ चुके हैं। यह सीट यूपी के बुलंदशहर जिले में आती है। उनके पिता जितेंद्र यादव भी समाजवादी पार्टी के बड़े नेताओं में गिने जाते हैं। हालांकि इस परिवार को जनप्रतिनिधि बनने का मौका कई प्रयासों के बाद भी नहीं मिल सका।
हेमा यादव और उनके पति राजनीति से दूर
लालू यादव की पांचवें नंबर की बेटी हेमा यादव बीटेक की पढ़ाई कर चुकी हैं। वह कम ही चर्चा में रहती हैं। उनके पति विनीत यादव भी चर्चाओं से दूर रहते हैं।
राजनीतिक परिवार में ब्याही हैं अनुष्का राव
अब बात करते हैं अनुष्का यादव की। उनका विवाह हरियाणा के राजनीतिक घराने में हुआ है। उनके ससुर कैप्टन अजय यादव कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं। वहीं उनके पति चिरंजीव राव की भी राजनीति में दिलचस्पी रही है। हालांकि यह परिवार बिहार में लालू फैमिली के आंतरिक मामलों से दूर ही दिखता है।
मुलायम परिवार की बहू राजलक्ष्मी यादव
लालू यादव की सबसे छोटी बेटी राजलक्ष्मी का विवाह मुलायम सिंह यादव के पोते तेज प्रताप यादव से हुआ था। तेज प्रताप मुलायम सिंह के बड़े भाई के पोते हैं। इस तरह उनका तो परिवार यूपी का सबसे बड़ा राजनीतिक परिवार माना जाता है। तेज प्रताप यादव सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा फिलहाल वह मैनपुरी की करहल विधानसभा से विधायक हैं। उनकी अखिलेश यादव से भी अच्छी करीबी है।
सपा विधायक बोले-अब‘अखिलेश यादव को इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व’ करना चाहिए
18 Nov, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ । बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar assembly elections) में कांग्रेस की करारी हार के बाद विपक्षी इंडिया गठबंधन में नेतृत्व परिवर्तन (leadership change) की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के एक विधायक ने कहा है कि पार्टी प्रमुख और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी देश के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक राज्यों में से एक, उत्तर प्रदेश में अपने दम पर सरकार बनाने में सक्षम है।
लोकसभा चुनाव 2024 में समाजवादी पार्टी ने 37 सीटों पर जीत हासिल की थी। कांग्रेस के बाद लोकसभा में समाजवादी पार्टी दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है।
लखनऊ मध्य से विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा है कि अगर बिहार में चुनाव बैलेट से होते तो इंडिया गठबंधन की सरकार बनती। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव बार-बार बैलेट पद्धति से मतदान की वकालत करते रहे हैं और ईवीएम पर सवाल उठाते रहे हैं। सपा विधायक ने कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को इंडिया गठबंधन का नेतृत्व करना चाहिए। समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में अपने दम पर सरकार बनाने में सक्षम है।
बिहार चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के मद्देनजर ये टिप्पणियां महत्वपूर्ण हैं। देश की मुख्य विपक्षी पार्टी, जिसने 2020 के चुनावों में 19 सीटें जीती थीं, इस बार सिर्फ़ छह सीटें ही जीत पाई। यह तब हुआ जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं ने चुनाव से पहले कई रैलियां कीं। कांग्रेस की सहयोगी राजद ने 25 सीटें जीतीं, जो 2020 की तुलना में 50 कम हैं। एनडीए ने बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा में 202 सीटें जीतकर भारी जीत दर्ज की।
चुनाव दर चुनाव कांग्रेस के खराब प्रदर्शन ने इंडिया गठबंधन में नेतृत्व परिवर्तन की मांग को ज़ोर दिया है। पिछले साल लोकसभा चुनावों में 99 सीटें जीतने वाली मुख्य विपक्षी पार्टी ने उसके बाद हुए विधानसभा चुनावों में भी खराब प्रदर्शन किया है। भाजपा और उसके सहयोगियों ने पिछले साल हुए आठ विधानसभा चुनावों में से छह में जीत हासिल की, जिनमें हरियाणा और महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण चुनाव भी शामिल हैं।
इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने सुझाव दिया था कि पार्टी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व करना चाहिए। बनर्जी ने पिछले साल मीडिया से कहा था, “इंडिया गठबंधन में नेता कौन है? किसी को नेता या विपक्ष का चेहरा नहीं चुना गया है। अब यह तय होना ही है। कांग्रेस विफल हो गई है। यह बात स्थापित हो चुकी है। कांग्रेस नेताओं ने हरियाणा में कोशिश की, लेकिन वे असफल रहे। महाराष्ट्र में भी वे असफल रहे। हमने कांग्रेस में अपना विश्वास जताया, लेकिन वह परिणाम हासिल नहीं कर सकी।”
दिलचस्प बात यह है कि राजद के संरक्षक लालू प्रसाद यादव ने भी तृणमूल प्रमुख को इंडिया ब्लॉक का प्रमुख बनाने की वकालत की थी। कांग्रेस नेताओं द्वारा बनर्जी को भारतीय ब्लॉक का नेता मानने में हिचकिचाहट के बारे में पूछे जाने पर राजद संस्थापक ने पिछले साल कहा था कि कांग्रेस के विरोध से कोई फर्क नहीं पड़ेगा…उन्हें इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व करने दिया जाना चाहिए।
भाजपा की 2014 से भी ज्यादा ताकत, जानें देशभर में पार्टी के कितने विधायक
18 Nov, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) पिछले 11 सालों से देश में सत्ता में है। वहीं 15 से अधिक राज्यों में भी अभी बीजेपी (BJP) या उसके सहयोगी दलों का शासन है। 2014 से बीजेपी की ताकत लगातार बढ़ती गई है। वर्तमान में बीजेपी (BJP) के 1600 से अधिक विधायक हैं। हम यह कह सकते हैं कि बीजेपी का स्वर्णिम काल चल रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत हुई और उसके 89 विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।
2014 से बढ़ती गई बीजेपी की ताकत
देश भर में अब बीजेपी के विधायकों की संख्या 1654 हो गई है। वहीं 2014 के बाद से कांग्रेस लगातार कमजोर होती गई है। बीजेपी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि किस प्रकार से कांग्रेस ने 1985 में रिकॉर्ड बनाया था लेकिन अब बीजेपी लगातार बढ़ती जा रही है और 2027 तक देश भर में उसके 1800 से अधिक विधायक हो जाएंगे।
बीजेपी के पोस्ट के अनुसार वर्ष 2014 में बीजेपी के पूरे देश में 1035 विधायक थे। जबकि 2015 में यह संख्या घटकर 997 हो गई। 2016 में बीजेपी को कुछ राज्यों में जीत मिली और उसकी संख्या बढ़कर 1063 हो गई। 2017 में बीजेपी के देश भर में कुल 1365 विधायक हो गए। इसमें सबसे अहम योगदान उत्तर प्रदेश का रहा, जहां पर बीजेपी को प्रचंड जीत मिली थी। 2017 में उत्तर प्रदेश में बीजेपी 312 सीटों के साथ सत्ता में आई थी।
2018 में बीजेपी के विधायकों की संख्या घट गई और यह 1184 पर आ गई। 2019 में बीजेपी के विधायकों की संख्या 1160 पर आ गई। 2020 में बीजेपी के विधायकों की संख्या 1207, जबकि 2021 में 1278, 2022 में 1289 और 2023 में 1441 हो गई। 2024 के लोकसभा में चुनाव में बीजेपी को झटका लगा लेकिन हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में उसकी जीत हुई। 2024 में बीजेपी के विधायकों की संख्या 1588 पहुंच गई। वहीं अब 2025 खत्म होने वाला है और बिहार विधानसभा चुनाव भी खत्म हो गया है। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के देश भर में 1654 विधायक हो गए हैं, जो अब तक सबसे अधिक है।
कांग्रेस ने 1985 में बनाया था रिकॉर्ड
बीजेपी ने X पर एक पोस्ट में लिखा, “भाजपा अब राज्य विधानसभाओं में अपनी सर्वोच्च शक्ति पर है और यह गति बढ़ती ही जा रही है। इसी गति से भाजपा अगले दो वर्षों में आराम से 1800 सीटों का आंकड़ा पार कर लेगी। तुलना के लिए कांग्रेस ने इंदिरा गांधी की हत्या के बाद आई व्यापक सहानुभूति लहर पर सवार होकर 1985 में लगभग 2018 सीटों के अपने शिखर को छुआ था। तब सत्ता को मजबूत करना और मतदाताओं को प्रभावित करना आसान था। अब अंतर स्पष्ट है: कांग्रेस को अपना शिखर विरासत में मिला जबकि भाजपा ने अपनी उन्नति अर्जित की है और उसे सहन किया है – सीट दर सीट, राज्य दर राज्य, संघर्ष दर संघर्ष। भविष्य उस पार्टी का है जो काम करती है, न कि उस पार्टी का जो विरासत पर टिकी रहती है।”
भाजपा और शिवसेना के बीच तनातनी की खबरें, कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं हुए शिंदे खेमे के मंत्री
18 Nov, 2025 08:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र (Maharashtra) में होने वाले निकाय चुनावों (Civic Elections) से पहले महायुति के अंदर कलह की खबरें सामने आ रही है। महायुति सरकार (Mahayuti Goverment) के अधिकांश शिवसेना (Shiv Sena) के खेमें के मंत्री (Minister) मंगलवार को साप्ताहिक कैबिनेट बैठक से दूर रहे। सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में केवल उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Ek Nath Shinde) मौजूद थे। हालांकि भाजपा (BJP) ने गठबंधन में किसी भी तरह के मतभेद होने की खबरों का खंडन किया है।
सूत्रों का कहना है कि शिवसेना खेमे के मंत्री इसलिए दूर रहे ताकि वे भाजपा को संदेश दे सकें कि जैसा हो रहा है, वह स्वीकार नहीं किया जाएगा। दरअसल दोनों दलों के बीच की रार बीएमसी चुनाव से पहले शुरू हुई है। डोंबिवली में कई शिवसैनिक हाल ही भाजपा में शामिल हो गए थे। जिसे लेकर शिवसेना में नाराजगी है। सूत्रों ने बताया, कल्याण-डोंबिवली में शिवसेना से भाजपा में शामिल हुए एक नेता भी इस विरोध का एक मुख्य कारण हो सकता है।
इसके अलावा इस पूरे प्रकरण को लेकर शिवसेना के मंत्रियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके कक्ष में मुलाकात की और डोंबिवली के घटनाक्रम पर अपनी नाराजगी जताई,इस पर फडणवीस ने कहा कि पड़ोसी उल्हासनगर में भाजपा सदस्यों को सबसे पहले शिवसेना ने ही अपने पाले में शामिल किया था। मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर शिवसेना नेताओं से कहा कि जब उनकी पार्टी अन्य सहयोगियों के सदस्यों को अपने पाले में लेती है, तो भाजपा द्वारा ऐसा करने पर उन्हें शिकायत नहीं करनी चाहिए।
फडणवीस ने कथित तौर पर शिवसेना नेताओं से कहा कि अब से गठबंधन साझेदारों को एक-दूसरे के कार्यकर्ताओं को शामिल नहीं करना चाहिए। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में भाजपा, शिवसेना के अलावा अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं। हालांकि महायुति में तनाव की खबरों का भाजपा की ओर से खंडन किया गया है।
थरूर का PM मोदी पर बड़ा बयान, पार्टी में बढ़ी बेचैनी
18 Nov, 2025 08:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की खुलकर सराहना की है। दिल्ली में एक निजी कार्यक्रम में पीएम मोदी के भाषण से प्रभावित थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर उनकी तारीफ की। यह कोई पहला मौका नहीं है जब थरूर ने पीएम मोदी की प्रशंसा की हो, इससे पहले भी कई बार उनकी तारीफ करने पर कांग्रेस के अंदर उनके खिलाफ असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं।
भारत उभरता हुआ मॉडल
शशि थरूर ने बताया कि उन्हें दिल्ली में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, जहां प्रधानमंत्री ने “विकास के लिए भारत की रचनात्मक अधीरता” और उत्तर-औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति पर विस्तार से बात की। थरूर के अनुसार, पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब सिर्फ एक ‘उभरता हुआ बाजार’ (emerging market) नहीं रहा, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक ‘उभरता हुआ मॉडल’ (emerging model) बन गया है। थरूर ने पीएम के हवाले से लिखा, “लोग मुझ पर हर समय ‘चुनावी मोड’ में रहने का आरोप लगाते हैं, लेकिन असल में मैं जनता की समस्याओं के समाधान के लिए ‘भावनात्मक मोड’ में रहता हूं।”
मैकाले की गुलामी मानसिकता को पलटने का आह्वान
प्रधानमंत्री के भाषण का सबसे प्रमुख हिस्सा ब्रिटिश शिक्षा नीति के जनक थॉमस बेबिंगटन मैकाले की 200 साल पुरानी “गुलामी मानसिकता” को पूरी तरह उलटने पर केंद्रित था। पीएम मोदी ने भारत की अपनी विरासत, भाषाओं और प्राचीन ज्ञान प्रणालियों पर फिर से गौरव बहाल करने के लिए अगले 10 वर्षों को “राष्ट्रीय मिशन” बनाने की अपील की। थरूर ने इसे आर्थिक दृष्टिकोण के साथ-साथ सांस्कृतिक आह्वान बताया, जिसमें राष्ट्र को प्रगति के लिए बेचैन रहने का संदेश दिया गया। सर्दी-जुकाम से जूझते हुए भी कार्यक्रम में मौजूद रहने की बात करते हुए थरूर ने लिखा, “प्रधानमंत्री के संबोधन से प्रभावित हुआ। दर्शकों के बीच रहकर खुशी हुई!”
कांग्रेस के साथ बढ़ता तनाव
शशि थरूर और कांग्रेस नेतृत्व के बीच संबंध पिछले कुछ महीनों से लगातार खराब हो रहे हैं। अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद सरकार ने मित्र देशों को भेजे गए संसदीय प्रतिनिधिमंडलों में थरूर को विपक्ष की ओर से शामिल किया था। उन्होंने अमेरिका सहित पांच देशों के दौरे का नेतृत्व किया था। इसके बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पीएम मोदी की “ऊर्जा, गतिशीलता और वैश्विक जुड़ाव की इच्छा” की सार्वजनिक तारीफ करने पर पार्टी के अंदर उनकी आलोचना और तेज हो गई थी। कांग्रेस के कई नेताओं का मानना है कि थरूर बार-बार पीएम मोदी की तारीफ करके पार्टी लाइन से अलग व्यवहार कर रहे हैं, जिससे उनके और पार्टी हाईकमान के बीच दूरी बढ़ती जा रही है।
हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात के दौरान उमा भारती ने रखे नए सुझाव
18 Nov, 2025 04:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती मंगलवार को बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचीं। यहां उन्होंने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मिलने पहुंची। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं अपने भाई से मिलने आई हूं। दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में संगठन और अन्य विषयों पर चर्चा हुई।
मुझे कार्यालय आकर अच्छा लगता है
बीजेपी की सीनियर लीडर उमा भारती मंगलवार को मध्य प्रदेश के बीजेपी कार्यालय पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘मुझे बीजेपी कार्यालय आकर अच्छा लगता है। मैं पहले भी बीच में एक बार कार्यलाय आई थी मैं अपने भाई और पार्टी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात करने आई हूं। मैं चाहती हूं कि गाय के संरक्षण, संवर्धन के लिए समन्वय बने, कुछ दिन पहले गौ संवर्धन को लेकर विराट सभा हुई थी। जिसमें बड़ी संख्या में किसान इकट्ठा हुए थे, कल मोहन जी से बात हुई। आज हेमंत जी से मिलने कार्यालय आई हूं संगठन, सरकार और समाज मिलकर काम करेगा तो गौ संवर्धन का विकास होगा। किसानों ने जो मांगे पारित की थी, वह हेमंत खंडेलवाल को बताई हैं।
सरकार सुझावों पर अमल करेगी
वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी उमा भारती से मुलाकात की जानकारी दी। खंडेलवाल ने कहा, ‘उमा भारती ने गाय को लेकर कई सुझाव दिए हैं। संगठन प्रमुख होने के नाते मुझे सुझाव दिए हैं, उनकी सभी बातों से सरकार और संगठन सहमत है। कुछ बातों पर काम भी चल रहा है। कल मुख्यमंत्री को भी सुझाव दिए थे. सरकार उनके सुझावों पर अमल करेगी, गोपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार अग्रसर है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मिले जगदीप धनखड़, शपथ ग्रहण के बाद पहली बार औपचारिक मुलाकात
18 Nov, 2025 04:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) ने आज उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन (CP Radhakrishnan) से मुलाकात की है। बता दें कि उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह के बाद ये दोनों की पहली औपचारिक मुलाकात (Formal Meeting) है। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके अचानक इस्तीफे के बाद इस पद के लिए चुनाव हुए थे।
अधिकारियों ने बताया कि आलीशान उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में रहने वाले पहले उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज दोपहर राधाकृष्णन से मुलाकात की। सितंबर में सीपी राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद से यह दोनों की पहली मुलाकात है। जगदीप धनखड़ ने आखिरी बार राधाकृष्णन से राष्ट्रपति भवन में उनके शपथ ग्रहण समारोह में मुलाकात की थी।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मौलाना आजाद रोड स्थित उपराष्ट्रपति निवास में रहते थे। लगभग दो साल पहले, उपराष्ट्रपति एन्क्लेव उनका नया आधिकारिक निवास बन गया। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 13 एकड़ में फैली इस संपत्ति के पहले निवासी थे।
बिहार : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा, 19 को 17वीं विधानसभा होगी भंग, कैबिनेट में पास हुआ प्रस्ताव
18 Nov, 2025 12:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना. आज मुख्यमंत्री (Chief Minister) नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के लिए बड़ा दिन है। पहले सीएम मंत्रिमंडल (Cabinet) की बैठक में यह वर्तमान सरकार की अंतिम कैबिनेट खत्म हो गई। इस बैठक में 17वीं विधानसभा (17th Assembly) भंग (dissolved) करने की सिफारिश की गई। सभी मंत्रियों ने अपना इस्तीफा दे दिया। 19 नवंबर को मौजूदा विधानसभा भंग हो जाएगी। इसके बाद सीएम नीतीश कुमार राजभवन पहुंचे। वहां उन्होंने कुछ राज्यापल से बातचीत की। इसके बाद अपना इस्तीफा राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को सौंप दिया। जनता दल यूनाईटेड विजय चौधरी ने कहा कि राजभवन में सीएम नीतीश कुमार ने विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव राज्यपाल को सौंप दिया। मंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी गई है। 20 नवंबर को नई सरकार का शपथ ग्रहण होगा। पीएम मोदी भी इसमें शामिल होंगे।
इधर, कैबिनेट की बैठक शुरू होने से पहले उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीएम हाउस पहुंचे। उनके साथ कुछ अन्य मंत्री भी थे। इसके बाद सभी मंत्री सीएम नीतीश कुमार के साथ सचिवालय पहुंचे। यहां बैठक शुरू हुई। इधर, सचिवालय के अंदर किसी को भी अंदर जाने नहीं दिया गया। राजभवन के बाहर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
इधर, राजभवन से निकलने के बाद नीतीश कुमार अपनी पार्टी के नेताओं के साथ विधायक दल की बैठक करेंगे। जदयू के नेता सीएम नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुनेंगे। मंगलवार भाजपा के विधायक दल की बैठक होगी। गुरुवार को नई सरकार का गठन होगा। नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्ममंत्री पद की शपथ लेंगे।
गांधी मैदान में पांच हजार वीआईपी आएंगे
इधर, गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी शुरू हो चुकी है। आम लोगों के लिए 17 से 20 नवंबर को प्रवेश में पाबंदी लगा दी गई है। गांधी मैदान में लगभग 5000 वीवीआईपी अतिथियों के बैठने के लिए एक विशेष खंड तैयार किया जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा समेत सभी भाजपा और एनडीए शासित मुख्यममंत्री के साथ-साथ विपक्ष के कुछ बड़े चेहरे भी शामिल हो सकते हैं।
कर्नाटक : डिप्टी CM शिवकुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे की अटकलों का किया खंडन, कही ये बात
18 Nov, 2025 11:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कर्नाटक (Karnataka) की कांग्रेस सरकार (Congress government) को लेकर पिछले कुछ महीनों से लगातार नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें लग रही है। शनिवार को मुख्यमंत्री सिद्दारमैया (Chief Minister Siddaramaiah) की राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से मुलाकात के बाद कैबिनेट फेरबदल और वरिष्ठ नेता शिवकुमार (Shivkumar) के पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफे की अटकलें लगाई जा रही थी। अब डिप्टी सीएम शिवकुमार ने पार्टी की प्रदेश इकाई अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की अटकलों को रविवार को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के एक अनुशासित सिपाही हैं।
सरकार में मंत्रिमंडल में होने वाले फेरबदल पर जोर देते हुए डिप्टी सीएम शिवकुमार ने इस बात पर जोर दिया कि फेरबदल का निर्णय पूरी तरह सीएम सिद्धरमैया का विशेषाधिकार है और यह पार्टी आलाकमान के साथ विचार-विमर्श के बाद किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कर्नाटक में 100 नए कांग्रेस कार्यालयों के शिलान्यास समारोह का निमंत्रण देने के लिए राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पास दिल्ली आए थे।
नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए डिप्टी सीएम शिवकुमार ने कहा, ‘‘शिलान्यास समारोह और कई अन्य कार्यक्रम होने वाले हैं। यह सब कौन संभालेगा? मुझे ही करना है। मैं (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से) इस्तीफा देने की बात क्यों कहूंगा? अभी ऐसी स्थिति नहीं आई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं एक अनुशासित सिपाही की तरह पार्टी की सेवा के लिए समर्पित हूं और मुझे जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाती है, मैं उसे पूरा करता हूं। मैं इस्तीफे की धमकी देकर पार्टी को ब्लैकमेल नहीं करता हूं।’’
शिवकुमार ने इन अटकलों को मीडिया की उपज बताया और कहा, ‘‘मैं कांग्रेस को ब्लैकमेल करने वाला नहीं हूं। मैंने इस पार्टी को खड़ा किया है और इसके लिए दिन-रात अथक परिश्रम किया है। मैं आगे भी ऐसा करता रहूंगा। हमारी पार्टी 2028 में (कर्नाटक में) सत्ता में वापसी करेगी।’’
जिस परिवार में बहू-बेटियों को बाल पकड़कर और चप्पल से पीटा जाता हो…लालू के पारिवारिक विवाद पर BJP का तंज
18 Nov, 2025 10:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के परिवार के भीतर मचे विवाद ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है. रोहिणी आचार्य के राजनीति छोड़ने और अपने ही परिवार से दूरी बनाने के फैसले ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है. मामला जैसे-जैसे बढ़ रहा है, विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं.
बीजेपी ने सबसे तीखा हमला बोला. पार्टी की तरफ से जारी एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया, “बिहार की जनता ने RJD को नहीं चुनकर जंगलराज से बचा लिया. जिस परिवार में बहू-बेटियों को बाल पकड़कर और चप्पल से पीटा जाता हो, सोचिए… अगर ये लोग सत्ता में आ जाते तो बिहार की बहन-बेटियों का क्या हाल होता.” बीजेपी के इस बयान ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है.
उधर, एलजेपी (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन रोहिणी भी मेरा परिवार है. किसी भी परिवार में तनाव होने पर कितना दर्द होता है, मैं समझ सकता हूं. ससुराल ही बेटी का एकमात्र घर है – यह सोच मैं नहीं मानता. रोहिणी जो महसूस कर रही हैं, वह पीड़ा मैं समझ पा रहा हूं. उम्मीद है कि सब जल्द ठीक होगा.” जेडीयू नेता अशोक चौधरी ने विवाद को पारिवारिक मामला बताते हुए कहा, “यह उनका निजी विषय है. इस पर राजनीतिक टिप्पणी उचित नहीं. इतना बड़ा परिवार है, ऐसी स्थिति का बनना दुखद है.” चौधरी ने साफ कहा कि यह RJD के लिए भी असहज स्थिति है.
इस बीच, राबड़ी देवी के भाई और रोहिणी के चाचा साधु यादव ने भी खुलकर पक्ष रखा. उन्होंने कहा, “रोहिणी परिवार की बड़ी बेटी है. अगर किसी ने उनके साथ गलत कहा है तो वह गलत है. वह अपने घर में रहने वालों पर आपत्ति उठाने का पूरा अधिकार रखती है. अगर कोई बाहरी व्यक्ति घर में रह रहा है और समस्या पैदा कर रहा है, तो उसे बाहर निकालने का अधिकार रोहिणी को है.”
रोहिणी आचार्य की इस नाराजगी और उसके इर्द-गिर्द उठे इन बयानों ने लालू परिवार के अंदरूनी मतभेदों को पहली बार इतने खुले तौर पर सामने ला दिया है. राजनीतिक हलकों में भी यह चर्चा तेज है कि यह विवाद आने वाले दिनों में RJD और उसके नेतृत्व की छवि पर किस तरह का असर डालेगा.
बिहार की हार पर कांग्रेस में रार, राशिद अल्वी बोले- कांग्रेस का संगठन कागजों पर है, जमीन पर नहीं
18 Nov, 2025 09:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. बिहार चुनाव (Bihar elections) में हार (defeat) के बाद आरजेडी (RJD) में पहले से सिर फुटव्वल जारी है. अब चुनाव नतीजे को लेकर कांग्रेस (Congress ) के अंदर की कलह खुलकर सामने आ गई है और बगावत के सुर फटने लगे हैं. कांग्रेस नेता राशिद अल्वी (Rashid Alvi) ने कहा कि कांग्रेस का संगठन कागजों पर है, जमीन पर नहीं. केवल मीटिंग करने से कुछ नही होगा, संगठन को मजबूत करना पड़ेगा.
साथ ही उन्होंने बीजेपी पर इस चुनाव में काले धन का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. इसके अलावा उन्होंने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा है.
‘संगठन को किया जाए मजबूत’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने बिहार चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी और चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों ने बिहार में मिलकर चुनाव लड़ा है. बीजेपी ने बिहार चुनाव में काले धन का इस्तेमाल किया है, लेकिन विपक्ष-खासतौर पर कांग्रेस को आत्ममंथन और ये विचार करने की जरूरत है कि संगठन को मजबूत किया जाए.
‘नेताओं के मैनस्ट्रीम में लाना होगा’
अल्वी ने पार्टी हाईकमान पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस संगठन की कमजोरी ही हार का मुख्य कारण है, न कि केवल बीजेपी की ताकत. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस का संगठन कागजों पर है, जमीन पर नहीं है और इसके लिए कई नेताओं को मैनस्ट्रीम में लाने की जरूरत है. केवल मीटिंग करने से कुछ नही होगा, संगठन को मजबूत करना पड़ेगा.’
बिहार में कांग्रेस का प्रदर्शन लगातार गिरता जा रहा है. 2020 में उसे 19 सीटें मिली थीं जो इस बार घटकर 6 रह गई हैं. कांग्रेस का ग्राफ नीचे गिरने से महागठबंधन या इंडिया ब्लॉक की रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं. पार्टी के अंदर कई नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं. वहीं, हाल ही में संपन्न हुई बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी-कांग्रेस नेतृत्व महागठबंधन को 35 सीटें मिली हैं, जबकि एनडीए ने 202 सीटों के साथ सत्ता में शानदार वापसी की है.
नतीजे कुकृत्यों को छिपा नहीं सकते, बिहार चुनाव को लेकर MK स्टालिन किस पर भड़के
18 Nov, 2025 08:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन (MK Stalin) ने जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार को उनकी जीत के लिए शनिवार को बधाई दी। स्टालिन (MK Stalin) ने साथ ही निर्वाचन आयोग की आलोचना करते हुए कहा कि इस चुनाव के नतीजे उसके कुकृत्यों को छिपा नहीं सकते। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janata Dal) के युवा नेता तेजस्वी यादव की उनके अथक प्रचार अभियान के लिए सराहना की। सीएम स्टालिन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘बिहार चुनाव परिणाम सभी के लिए एक सबक है। चुनाव नतीजे कल्याणकारी योजनाओं को लाभार्थियों तक पहुंचाए जाने, सामाजिक व वैचारिक गठबंधन, राजनीतिक संदेश और अंतिम वोट पड़ने तक समर्पित प्रबंधन को दर्शाते हैं।’
मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेता अनुभवी हैं, जो संदेश को समझने और उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए रणनीतिक योजना बनाने में सक्षम हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग की आलोचना करते हुए कहा, ‘इस चुनाव के नतीजे निर्वाचन आयोग के कुकृत्यों और लापरवाह कार्यों को नहीं छिपा सकते। निर्वाचन आयोग की प्रतिष्ठा अपने सबसे निचले स्तर पर है।’
निर्वाचन आयोग पर स्टालिन क्या बोले
एमके स्टालिन ने कहा कि देश के नागरिक ऐसे मजबूत और अधिक निष्पक्ष निर्वाचन आयोग के हकदार हैं, जिसके चुनाव संचालन से उन लोगों में भी विश्वास पैदा हो जिनकी जीत नहीं हुई। 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 243 सीटों में से 202 सीटें जीत लीं, जो राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय रच गया। जदयू के नेतृत्व वाले नीतीश कुमार ने अपनी 20 साल पुरानी सरकार को मजबूत आधार दिया, जबकि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। विपक्षी महागठबंधन को मात्र 35 सीटें मिलीं, जो उनकी उम्मीदों पर पानी फेर गई।
राजद सुप्रीमो का घरेलू विवाद: भाजपा ने लालू-राबड़ी की सुरक्षा पर उठाए सवाल, कहा- रोहिणी को एफआईआर कराना चाहिए
17 Nov, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। भाजपा के प्रवक्ता अजय आलोक ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबडी देवी की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। साथ उन्होंने यह भी कहा कि रोहिणी को तत्काल एफआईआर कराना चाहिए। आलोक ने एक्स पर लिखा, ‘क्या लालू जी और राबड़ी देवी को क़ैद कर लिया गया हैं? जान पे खतरा? रोहिणी जी को एक एफआईआर करवानी चाहिए साथ में तेज प्रताप भी रहे। मिसा क्यों चुप हैं? लालू प्रसाद यादव इससे पहले इसी साल अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को घर और पार्टी से बेदखल कर चुके हैं। अब तेजप्रताप की बहन और लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया है कि उनके साथ मारपीट की गई है।
बता दें कि बिहार के सबसे बड़े सियासी घराने में बवाल मचा हुआ है। राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी आचार्य ने लगातार दूसरे दिन रविवार को भी अपना दर्द साझा किया। दिल्ली से सिंगापुर जाने के क्रम में रोहिणी एक बार फिर अपने छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव, राजद सांसद संजय यादव और इनके करीबी रमीज पर हमलावर रहीं। रोहिणी आचार्य ने रविवार को आरोप लगाया कि भाई तेजस्वी यादव के कुछ सहयोगी उनके बारे में कह रहे हैं कि मैंने अपने पिता को गंदी किडनी दी और इसके बदले करोड़ों रुपये व पार्टी का टिकट लिया। आचार्य ने भावुक होते हुए ‘एक्स’पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा कि किसी घर रोहिणी जैसी बेटी न हो।
रोहिणी ने कहा- मुझसे कहा गया गंदी किडनी दी
रोहिणी आचार्य ने राजनीति छोड़ने और अपने परिवार से नाता तोड़ने की घोषणा के एक दिन बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपनी भड़ास निकाली। हाल में हुए बिहार चुनाव में राजद की हार के लिए रोहिणी ने अपने भाई तेजस्वी यादव के करीबी सहयोगियों, हरियाणा से ताल्लुक रखने वाले राजद सांसद संजय यादव और उत्तर प्रदेश के एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले रमीज, को जिम्मेदार ठहराया था। पिछले साल के आम चुनावों में सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने वाली आचार्य ने कहा, कल मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूं और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी, करोड़ों रुपये लिए, टिकट लिया।
किडनी देते वक्त पति की अनुमति नहीं ली- रोहिणी
रोहिणी ने कहा, मुझसे तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनों बच्चों को नहीं देखा। किडनी देते वक्त न अपने पति, न अपने ससुराल से अनुमति ली। अपने भगवान, अपने पिता को बचाने के लिए वह कर दिया, जिसे आज गंदा बता दिया गया। आप सब मेरे जैसी गलती कभी न करें। किसी घर रोहिणी जैसी बेटी (पैदा) न हो। एक अन्य पोस्ट में लालू प्रसाद की बेटी ने आरोप लगाया, कल एक बेटी, एक बहन, एक शादीशुदा महिला, एक मां को जलील किया गया। मारने के लिए चप्पल (भी) उठाया गया। मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया। सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी।
बिहार में जीता सनातन धर्म: नीतीश-मोदी की तस्वीर वाले लगे पोस्टर
17 Nov, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली प्रचंड जीत से हिंदू संगठन गदगद हैं। यहां जगह जगह नीतीश मोदी के पोस्टर लगाए गए हैं और उसमें बिहार की जीत को सनातन धर्म की जीत बताया जा रहा है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नीतीश कुमार का शपथ ग्रहण समारोह होगा। बिहार में नई सरकार सरकार के शपथ लेने से पहले पटना में लगे एक पोस्टर की काफी चर्चा हो रही है। इस पोस्टर में नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर है। पोस्टर पर लिखा गया है, सनातन धर्म की जीत।बहरहाल आपको बता दें कि बिहार एनडीए की नई सरकार के शपथग्रहण समारोह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। बिहार में मिले बड़े जनादेश का जश्न मनाने के लिए ऐतिहासिक स्थल पर शपथग्रहण का निर्णय लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा देशभर के शीर्ष एनडीए नेताओं की मौजूदगी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ ही उपमुख्यमंत्री और कुछ चुनिंदा मंत्री शपथ लेंगे। दरअसल चुनाव में एनडीए की जीत के बाद पटना में कई पोस्टरों के जरिए बधाई दी जा रही है। इसी कड़ी में सनातन धर्म की जीत लिखी पोस्टर भी लगाई गई है। इस पोस्टर में नीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर के अलावा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, सम्राट चौधऱी, विजय सिन्हा, मंगल पांडेय समेत कुछ अन्य दिग्गज नेताओं की तस्वीर भी है।
अमित शाह का तीखा हमला, बोले—राहुल की पार्टी बंगाल में शून्य पर सिमटेगी
शांति वार्ता पर संकट, होर्मुज में फिर भड़का सैन्य तनाव
टिफिन में परांठे हो जाते हैं कड़े? सुबह से शाम तक नरम रखने के लिए अपनाएं ये 5 जादुई टिप्स।
बयान पर नहीं थम रहा विवाद, BJP ने EC के सामने रखा मुद्दा
आसमान में गरजे सुखोई-मिराज, एक्सप्रेस-वे पर दिन-रात युद्धाभ्यास
इंतजार खत्म! यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं का रिजल्ट कल शाम 4 बजे जारी
होमस्टे में अपराध: विदेशी महिला को नशीला ड्रिंक देकर दुष्कर्म, पुलिस ने दबोचे आरोपी
IPL 2026: तिलक वर्मा ने जड़ा ऐतिहासिक शतक, गेल और डिविलियर्स के खास क्लब में मारी एंट्री।
