राजनीति
रीवा भाजपा कार्यालय में हितानंद का संबोधन, संगठनात्मक रणनीतियों पर हुई चर्चा
22 Nov, 2025 01:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एसआईआर लोकतंत्र की सुरक्षा का अभियान, कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से कार्य में जुटें
मतदाता सूची के शुद्धिकरण में भाजपा कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण
रीवा। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद जी ने शुक्रवार को रीवा भाजपा कार्यालय में रीवा संभाग की संभागीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया लोकतंत्र की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। पार्टी कार्यकर्ता पूर्ण निष्ठा के साथ इस अभियान को सफल बनाने में जुट़े। वास्तविक मतदाताओं का नाम सूची में सुरक्षित रहे और किसी पात्र मतदाता को कोई परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। भाजपा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे इस प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता और संकल्प के साथ सफल बनाएं। कार्यकर्ताओं की बूथ-स्तरीय सक्रियता से मतदाता सूची का शुद्धिकरण अभियान निश्चित रूप से सफल होगा और लोकतंत्र की जड़ें और अधिक मजबूत होंगी। बैठक को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल एवं संभाग प्रभारी श्री विजय दुबे ने भी संबोधित किया।
मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक अधिकारों को संरक्षित करने का अभियान
भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद जी ने कहा कि सभी कार्यकर्ता एसआईआर अभियान में सक्रिय सहभागिता कर मतदाताओं की पूरी मदद करें। पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र के बूथ स्तर तक पहुंचकर यह सुनिश्चित करे कि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में सही तरीके से जुड़े। 18 वर्ष आयु पूरी कर चुके युवाओं, विवाह के बाद परिवार में शामिल नए सदस्यों के नाम जोड़ना तथा आजीविका हेतु यहां रह रहे नागरिकों की सहायता करना कार्यकर्ताओं की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी वास्तविक व पात्र मतदाता को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष ध्यान दिया जाए। मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक अधिकारों को संरक्षित करने का अभियान है, इसलिए मतदाताओं में किसी भी प्रकार की आशंका या भ्रम न फैलने पाए, इसका भी कार्यकर्ता ध्यान रखें।
असत्य प्रचार करने वालों को तथ्यात्मक जानकारी के साथ जवाब दें
भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद जी ने कहा कि एसआईआर अभियान मतदाता सूची को स्वच्छ, शुद्ध एवं विश्वसनीय बनाने का माध्यम है। इसलिए बाहरी मतदाताओं या ऐसे लोगों पर भी विशेष ध्यान दिया जाए जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हो सकते हैं। यदि ऐसे नाम पाए जाते हैं, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत जानकारी बीएलओ एवं निर्वाचन आयोग को देकर मतदाता सूची को सटीक बनाने में सहयोग करना है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग एसआईआर को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि यह नाम हटाने का अभियान बिल्कुल नहीं है। इसका मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में केवल वही नाम रहें जो वास्तव में पात्र हैं, तथा कोई भी वास्तविक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता जन-जन को जागरूक करें और असत्य प्रचार करने वालों को तथ्यात्मक जानकारी के साथ जवाब दें। यह अभियान 4 दिसंबर तक चलेगा और इस दौरान सभी कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ कार्य करना है। बैठक में प्रदेश शासन की मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, श्रीमती राधा सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व विधायक श्री गिरीश गौतम, सांसद श्री गणेश सिंह, श्री जनार्दन मिश्रा, डॉ. राजेश मिश्रा, रीवा जिला अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र गुप्ता मंचासीन रहे। बैठक में रीवा संभाग के जिला अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, विधानसभा संयोजक एवं बीएलए उपस्थित रहे।
माघ मेले की तैयारियों पर फोकस: सीएम योगी ने किया स्थल निरीक्षण
22 Nov, 2025 12:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को संगम नगरी प्रयागराज का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संगम पर गंगा पूजन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की और आगामी माघ मेले की तैयारियों का गहनता से जायजा लिया। मुख्यमंत्री का आगमन पूर्वाह्न 10.30 बजे हुआ, जिसके बाद सीएम योगी विधायक हर्षवर्धन वाजपेई के आवास पर पहुंचे। यहां पवनसुत हनुमान जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा में भी भाग लिया। इस अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
संगम पर गंगा पूजन और मेले की समीक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गंगा पूजन कार्यक्रम के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। संगम के बीच एक छोटी फ्लोटिंग जेटी (तैरता हुआ घाट) का निर्माण किया गया, जिससे गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे सामान्य दिनों की भांति स्नान कर सकें। मुख्यमंत्री ने माघ मेले की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी की। उन्होंने मेले के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माघ मेला उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और इसे भव्यता व सुगमता के साथ संपन्न कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने की हिदायत दी।
हनुमान मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा
अपने प्रवास के दौरान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक हर्षवर्धन वाजपेई के आवास पर पहुंचकर पवनसुत हनुमान जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई। इस धार्मिक अनुष्ठान में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया, जो मुख्यमंत्री के आगमन से उत्साहित थे।
नीतीश कैबिनेट की पहली बैठक में होंगे बड़े फैसले, जानिए क्या हो सकता है खास
22 Nov, 2025 12:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना : बैठक 25 नवंबर को होने वाली है। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों के अलावा विधानसभा की बैठक आदि को लेकर भी फैसले होंगे और उसके बाद बैठक की तारीख तय होगी।
गौरतलब हो कि विभागों के बंटवारे के बाद यह बैठक विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यहीं से सरकार अपने पहले बड़े फैसलों की दिशा तय करेगी।
टीआरई-4 और बड़े निर्माण कार्यों के प्रस्ताव पर चर्चा संभव
सूत्रों के अनुसार, यह मंत्रिमंडल बैठक कई अत्यंत महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित प्रस्तावों पर मुहर लगाने के लिए बुलाई गई है। एजेंडे में सबसे ऊपर शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) के आगामी चरण से संबंधित प्रस्तावों पर गहन चर्चा होने की संभावना है, जिसके तहत बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्ती की जानी है। इसके अतिरिक्त, राज्य के विकास को गति देने वाले कई नए निर्माण कार्यों और बुनियादी ढाँचे से जुड़े बड़े प्रस्तावों को भी अनुमोदन के लिए रखा जाएगा।
निवेश बढ़ाने की कवायद: हैदराबाद में उद्यमियों से मिलेंगे सीएम मोहन यादव
22 Nov, 2025 11:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए शनिवार (22 नवंबर) को हैदराबाद में ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सेशन में दक्षिण भारत के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ संवाद करेंगे. यह सत्र उद्योग समूहों के लिए प्रदेश की नीतियों, आधारभूत संरचना और निवेश के अवसरों को जानने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा. मुख्यमंत्री हैदराबाद में उद्योग जगत के विभिन्न प्रतिनिधियों के साथ राज्य में निवेश विस्तार, नई इकाइयों की स्थापना और विभिन्न सेक्टरों में दी जा रही सुविधाओं पर चर्चा करेंगे।
ग्रीनको हेडक्वार्टर का करेंगे भ्रमण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्रीनको मुख्यालय का भ्रमण करेंगे. इसके साथ ही ग्रीनको समूह के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक भी करेंगे. इस बैठक में ऊर्जा क्षेत्र में संभावित सहयोग और बड़े पैमाने के औद्योगिक निवेश पर चर्चा की जाएगी. मुख्य सत्र में उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे, जिनमें IT, आईटीआईएस (ISDM), ईएसडीएम (ESDM), बायोटेक, मैन्युफैक्चरिंग और एमएसएमई (MSME) जैसे क्षेत्रों में निवेश योजनाओं और आगामी प्रोजेक्ट्स पर चर्चा होगी. सेशन के दौरान बायोटेक क्षेत्र पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण राउंड टेबल मीटिंग होगी. इसमें इनोवेशन आधारित उद्योगों और अनुसंधान-आधारित परियोजनाओं के लिए मध्य प्रदेश में बन रहे अनुकूल वातावरण पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. सीएम मोहन यादव पूरे दिन उद्योगपतियों के साथ संवाद जारी रखेंगे, जिसमें अलग-अलग समूह राज्य में अपने निवेश प्रस्तावों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत विमर्श करेंगे।
प्रदेश में प्रचलित नीतियों को बताया जाएगा
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह निवेशकों के समक्ष मध्य प्रदेश की उद्योग-हितैषी नीतियों, विकसित इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, सेक्टर-बेस्ड क्लस्टर्स, औद्योगिक अधोसंरचना और निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाने के प्रयासों की जानकारी साझा करेंगे. उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि भी मध्य प्रदेश को लेकर अपनी अपेक्षाएं और अनुभव साझा करेंगे।
ममता बनर्जी ने एसआईआर प्रक्रिया को जबरदस्ती थोपने वाली और खतरनाक बताया
21 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने गुरुवार को राज्य में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया को रोकने की मांग करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेटर लिखा। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को जबरदस्ती थोपने वाली और खतरनाक बताया है।
उन्होंने कहा कि प्रक्रिया में बहुत गड़बड़ियां हैं। ममता ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त ट्रेनिंग, गाइडलाइन और तैयारी के एसआईआर प्रक्रिया को जबरदस्ती थोपने वाली और खतरनाक बताया को लागू किया जा रहा है, जिससे बीएलओ और लोगों दोनों पर दबाव बन रहा है।
उन्होंने दावा किया कि कई बीएलओ टीचर, फ्रंटलाइन वर्कर और दूसरे नियमित कर्मचारी हैं, जिन्हें एक साथ घर-घर सर्वे और ऑनलाइन फॉर्म भरने जैसे काम भी करने पड़ रहे हैं। उन्होंने इसे इंसानी क्षमता से ज्यादा का दबाव बताया।
इधर, पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ ने दावा किया है कि राज्य में एसआईआर प्रक्रिया के बाद से बॉर्डर पार करने की कोशिश करने वाले अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। रोज 150 से ज्यादा अवैध बांग्लादेशी लौट रहे हैं।
नीतीश मंत्रिमंडल में महिलाओं की 11फसीद हिस्सेदारी, 26 में से 3 महिला मंत्री शामिल
21 Nov, 2025 09:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक नया राजनीतिक अध्याय शुरू कर दिया है। भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी के बीच नीतीश कुमार के साथ 26 मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें 3 महिलाएं शामिल हैं, जो कुल मंत्रिमंडल का 11 फीसदी हिस्सा बनाती हैं। महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है।
मंत्रिमंडल में जगह पाने वाली तीनों महिला नेताओं का राजनीतिक आधार मजबूत है और यह माना जा रहा है कि महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और इस बार की अभूतपूर्व मतदान भागीदारी का असर भी कैबिनेट की संरचना में दिखा है।
लेशी सिंह : धमदाहा सीट से लगातार छह बार विधायक रहीं लेशी सिंह पर नीतीश कुमार ने एक बार फिर भरोसा जताया है। वे पिछली सरकार में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री थीं। इस चुनाव में उन्होंने आरजेडी के संतोष कुमार को 55,159 वोट के बड़े अंतर से हराया।
श्रेयसी सिंह : भारतीय जनता पार्टी की ओर से मंत्रिमंडल में शामिल श्रेयसी सिंह पहली बार मंत्री बनी हैं। जमुई से विधायक श्रेयसी सिंह ने आरजेडी के मोहम्मद शमशाद आलम को 54,498 वोट से हराकर जोरदार जीत दर्ज की।
रमा निषाद : औराई विधानसभा सीट से विजयी रमा निषाद को भी नए मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। वे मुजफ्फरपुर के पूर्व भाजपा सांसद अजय निषाद की पत्नी हैं। रमा निषाद ने वीआईपी के भोगेंद्र सहनी को 54,000 वोट के अंतर से मात देकर विधानसभा में प्रवेश किया।
महिला मतदाताओं की निर्णायक भूमिका
इस बार बिहार में रिकॉर्ड मतदान हुआ और महिला मतदाताओं ने पुरुषों की तुलना में अधिक संख्या में वोट करके राजनीतिक समीकरण बदल दिए। नीतीश सरकार की योजनाएँ, विशेषकर जीविका समूहों और दीदियों को आर्थिक मजबूती देने वाले कार्यक्रम, महिलाओं के बीच खासे लोकप्रिय रहे। माना जा रहा है कि एनडीए को मिली 202 सीटों की बड़ी जीत में महिलाओं का समर्थन महत्वपूर्ण रहा।
सरकार में बड़ा बदलाव! विधायकों ने मल्लिकार्जुन खरगे से की सिद्धारमैया को हटाकर शिवकुमार को सीएम बनाने की मांग, जानिए आगे क्या होगा?
21 Nov, 2025 08:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान जारी है. कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के खास विधायकों के एक समूह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की. उन्होंने मांग की कि सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री पद से हटाया जाए और शिवकुमार को प्रदेश की कमान सौंपी जाए. उन्होंने खरगे से मांग की कि राजनीतिक हलकों में पावर शेयरिंग समझौते को लेकर जारी अटकलों का सम्मान करें और शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाएं.
एक विधायक ने बताया कि हमने राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात की है. हमने उनसे कहा कि कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष होने के वजह से उन्होंने पार्टी को सत्ता में लाने के लिए कड़ी मेहनत की है. इसलिए उनको मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए.
क्या बोले खरगे
सूत्रों की मानें तो खरगे ने विधायकों को साफ कर दिया है कि नेतृत्व और कैबिनेट में बदलाव करने पर राहुल गांधी ही अंतिम फैसला लेंगे. खरगे ने विधायकों को साफ कर दिया है कि इस मांग के साथ अब कभी भी दिल्ली न आएं क्योंकि इससे अटकलें ही बढ़ेंगी. इसके अलावा, विधायकों ने कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल से मिलने की भी कोशिश की. लेकिन उन्हें अपॉइंटमेंट नहीं मिल पाया.
कर्नाटक के मंत्री भी दिल्ली में
विधायकों के अलावा, प्रदेश के कृषि मंत्री चालुवरायस्वामी और शुगर मिनिस्टर शिवानंद पाटिल भी दिल्ली में थे. हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि वे खरगे से मिलने नहीं आए बल्कि केंद्रीय मंत्रियों से मिलने के लिए आए थे. पाटिल ने साफ कहा कि नेतृत्व में बदलाव करने का मुद्दा पार्टी के आलाकमान के पास है. खरगे से मिलने के लिए उन्होंने अपॉइंटमेंट मांगा था लेकिन उन्हें मिला नहीं. उन्होंने बताया कि शनिवार को खरगे बंगलूरू आएंगे. मैं उनसे तभी मिलूंगा.
शिवकुमार के वफादार विधायकों में- श्रीनिवास, टी डी राजेगौड़ा, एच डी रंगनाथ, बी शिवन्ना, महेंद्र कल्लप्पा तम्मनवर और सी रवि शामिल हैं.
रॉबर्ट वाड्रा की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, ईडी ने संजय भंडारी मामले में दाखिल की चार्जशीट
21 Nov, 2025 08:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा की कानूनी परेशानी एक बार फिर बढ़ सकती है। दरअसल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ब्रिटेन में बसे कथित हथियार कारोबारी संजय भंडारी से जुड़े धन शोधन मामले में उनके खिलाफ विशेष पीएमएलए अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यह आरोप पत्र ईडी द्वारा लंबे समय से चल रही जांच का हिस्सा है, जिसमें वाड्रा की भूमिका और भंडारी से कथित संबंधों की पड़ताल की जा रही है।
यह मामला मूल रूप से 2015 के कालाधन रोकथाम कानून के तहत आयकर विभाग द्वारा दर्ज किए गए आरोप पत्र से उपजा था। आयकर विभाग ने 2016 में भंडारी के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसके बाद वह लंदन भाग गया था। इसी वर्ष जुलाई में दिल्ली की एक अदालत ने भंडारी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी भी घोषित कर दिया था। इसके अलावा ब्रिटेन की अदालत पहले ही भारत सरकार के प्रत्यर्पण अनुरोध को खारिज कर चुकी है।
ईडी ने फरवरी 2017 में भंडारी और अन्य के खिलाफ पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया था। एजेंसी इससे पहले भंडारी से जुड़े मामलों में दो चार्जशीट दायर कर चुकी है और अब यह नई चार्जशीट रॉबर्ट वाड्रा की कथित भूमिका पर केंद्रित है। ईडी की जांच में विशेष रूप से लंदन स्थित एक संपत्ति को लेकर वाड्रा और भंडारी के बीच संभावित लेनदेन पर सवाल उठे हैं। हालांकि रॉबर्ट वाड्रा ने बार-बार इस बात से इंकार किया है कि लंदन या किसी अन्य विदेशी स्थान पर उनकी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई भी संपत्ति है। गौरतलब है कि वाड्रा के खिलाफ यह दूसरी चार्जशीट है। इससे पहले, जुलाई 2024 में ईडी ने हरियाणा के शिकोहपुर जमीन सौदे में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। नई चार्जशीट के बाद माना जा रहा है कि मामले की सुनवाई में तेजी आएगी और वाड्रा को आगे की कानूनी प्रक्रिया में चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
बिना चुनाव लड़े नीतिश कैबिनेट में मंत्री बने उपेंद्र कुशवाहा के सुपुत्र
20 Nov, 2025 06:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान में बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने नीतीश के साथ 26 मंत्रियों ने भी शपथ ली है। मंत्रिमंडल में इस बार कई नए चेहरों को भी शामिल किया गया है। खास बात यह है कि इस बार दीपक प्रकाश ने भी शपथ ली, लेकिन वे चुनाव नहीं लड़े है।
दीपक को उनके नाम और तस्वीर से भले ही आपने ना पहचाना हो, लेकिन उनके पिता को अच्छी तरह पहचानते है। दीपक प्रकाश बिहार के बड़े नेता उपेंद्र कुशवाहा के सुपुत्र हैं। कुशवाहा अपने ‘लव-कुश’ समीकरण के लिए मशहूर हैं। दरअसल, ओबीसी कुर्मी समुदाय और ओबीसी कुशवाहा (कोइरी) समूह को एक साथ लव-कुश कहा जाता है। इनकी बिहार में अच्छी आबादी है और उपेंद्र कुशवाहा को इस वर्ग का सबसे प्रमुख नेता माना जाता है।
एनडीए के सहयोगी के रूप में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) ने चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है। पार्टी को 6 सीटें मिली थीं जिसमें से चार जीतने में कामयबा रही। हालांकि, उपेंद्र कुशवाहा ने मंत्री पद के लिए अपने विधायकों की बजाय अपने सुपुत्र पर भरोसा जताया है, जो इस समय किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। उन्हें अगले छह महीने में विधानपरिषद या विधानसभा का सदस्य बनना होगा।
पत्नी विधायक और बेटा मंत्री
राज्यसभा सासंद कुशवाहा ने 20 फरवरी 2023 को नई पार्टी का गठन किया था। पहली बार विधानसभा चुनाव मैदान में उतरी आरएलएम को नीतीश कैबिनेट में एक मंत्री पद मिला है। उपेंद्र ने 2013 में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) की स्थापना की थी, जिसे उन्होंने 2021 में जनता दल (यूनाइटेड) में विलय किया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने अब अपने बेटे को सियासत में स्थापित करने के लिए मंत्री पद दिया है, तब उनकी पत्नी भी विधानसभा में मौजूद रहेंगी।
BJP के साए में चुनाव आयोग; वोट चोरी और SIR पर खरगे की नई चुनौती
20 Nov, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनाव आयोग की बदनियत करार देते हुए कहा है कि उसकी इस प्रक्रिया को लेकर पूरे देश में रोष है और पार्टी इसके विरोध में दिसम्बर के पहले सप्ताह में दिल्ली में विशाल रैली करेगी जिसमें चुनाव आयोग (EC) के राजनीतिकरण करने का पर्दाफाश किया जाएगा। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने SIR प्रक्रिया से गुजर रहे 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश के नेताओं के साथ मंगलवार को पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में एक अहम बैठक की और चुनाव आयोग पर भाजपा के साए में काम करने का आरोप लगाया।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, (Mallikarjun Kharge, former President, Rahul Gandhi) कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल समेत पार्टी के कई बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया। इसी बैठक में दिसम्बर के पहले सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली आयोजित करने का फैसला लिया गया है, जिसमें देशभर से कांग्रेस नेता शामिल होंगे। उनका कहना था कि रैली की तारीख का ऐलान जल्द किया जाएगा।
SIR को वोट चोरी का हथियार बना रही BJP
अपने ‘वोट चोरी’ के स्टैंड पर तीखा प्रहार करते हुए कांग्रेस ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग का आचरण “बेहद निराशाजनक” रहा है। पार्टी ने मांग की है कि चुनाव आयोग को यह तुरंत यह साबित करना चाहिए कि वह भाजपा के साये में काम नहीं कर रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को “वोट चोरी” के लिए हथियार बनाने की कोशिश कर रही है।
SIR पर बैठक की अध्यक्षता करने के बाद खरगे ने सोशल मीडिया X पर लिखा, “हमने उन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिवों, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारियों, प्रदेश कांग्रेस कमेटी, कांग्रेस विधायक दल और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिवों के साथ एक व्यापक रणनीति समीक्षा की, जहाँ एसआईआर प्रक्रिया चल रही है। कांग्रेस पार्टी मतदाता सूची की अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
आयोग का आचरण “बेहद निराशाजनक”
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास पहले से ही कमज़ोर है, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग का आचरण “बेहद निराशाजनक” रहा है। उन्होंने कहा, “उसे तुरंत यह दिखाना चाहिए कि वह भाजपा के साये में काम नहीं कर रहा है और उसे भारत की जनता के प्रति, न कि किसी सत्तारूढ़ दल के प्रति, अपनी संवैधानिक शपथ और निष्ठा का ध्यान है।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “हमारा दृढ़ विश्वास है कि भाजपा वोट चोरी के लिए एसआईआर प्रक्रिया को हथियार बनाने की कोशिश कर रही है और अगर चुनाव आयोग इस पर ध्यान नहीं देता है, तो यह विफलता केवल प्रशासनिक नहीं है – बल्कि यह चुप्पी की मिलीभगत बन जाती है।” खरगे ने कहा, “इसलिए हमारे कार्यकर्ता, बीएलओ और ज़िला/शहर/ब्लॉक अध्यक्ष निरंतर सतर्क रहेंगे। हम असली मतदाताओं को हटाने या फ़र्ज़ी मतदाताओं को शामिल करने की हर कोशिश का पर्दाफ़ाश करेंगे, चाहे वह कितनी भी सूक्ष्म क्यों न हो।”
संस्थाओं को कमजोर नहीं होने देंगे: खरगे
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कांग्रेस संस्थाओं के पक्षपातपूर्ण दुरुपयोग से लोकतांत्रिक सुरक्षा को कम नहीं होने देगी। बिहार में करारी हार का सामना करने के बाद कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया में चुनाव आयोग (ईसी) की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। बिहार में एनडीए ने महागठबंधन की 35 सीटों के मुकाबले 202 सीटें जीती हैं। चुनाव आयोग ने सोमवार को कहा कि नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 51 करोड़ मतदाताओं में से 50 करोड़ से ज़्यादा लोगों को मतदाता सूची की चल रही एसआईआर के तहत गणना फ़ॉर्म प्राप्त हो चुके हैं।
12 राज्यों में शुरू हो चुका SIR
अपने दैनिक एसआईआर बुलेटिन में, चुनाव प्राधिकरण ने कहा कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 50.11 करोड़ गणना फ़ॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। दूसरे शब्दों में, 50.99 करोड़ मतदाताओं में से 98.32 प्रतिशत को आंशिक रूप से भरे हुए फॉर्म प्राप्त हुए हैं। ये राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं: छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप। इनमें से तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में चुनाव होंगे। असम में, जहाँ 2026 में चुनाव होने हैं, चुनाव आयोग ने सोमवार को मतदाता सूची के ‘विशेष पुनरीक्षण’ की घोषणा की। एसआईआर का दूसरा चरण 4 नवंबर को गणना के साथ शुरू हुआ और 4 दिसंबर तक चलेगा।
नीतीश कुमार ने 10वीं बार ली मुख्यमंत्री पद की शपथ
20 Nov, 2025 12:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव (2025) में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला है। आज पटना के गांधी मैदान में मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी है। नीतीश कुमार के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहने वाला है। बुधवार (18 नवंबर) को नीतीश कुमार को एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया। आज गुरुवार सुबह 11:30 बजे 10वीं बार नीतीश कुमार सीएम पद की शपथ ली। इस समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्रियों के साथ ही कई प्रदेश के सीएम और डिप्टी सीएम शामिल।
बिहार में ये नेता बनेगे मंत्री
भाजपा कोटे से 14 और जेडीयू से 11 मंत्रियों की आज शपथ ग्रहण करने की संभावना है। भाजपा से संभावित मंत्रियों में दिलीप जायसवाल, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, नितिन नवीन, नीतीश मिश्रा, रेणु देवी, मंगल पांडेय, नीरज सिंह बबलू, हरि सहनी, संजय सरावगी, रमा निषाद,कृष्ण कुमार ऋषि, रजनीश कुमार और श्रेयसी सिंह का नाम शामिल है।
जेडीयू कोटे से आज शपथ लेने वाले मंत्री
लेशी सिंह (राजपूत)
विजय चौधरी (भूमिहार)
श्रवण कुमार (कुर्मी)
अशोक चौधरी (दलित)
विजेंद्र यादव (पिछड़ा)
जमा खान (मुस्लिम)
मदन सहनी (निषाद)
BJP से शपथ लेने वाले मंत्री
सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम)
विजय कुमार सिंहा (भूमिहार, डिप्टी सीएम)
संजय टाइगर (राजपूत)
श्रेयसी सिंह (राजपूत)
रामा निषाद
रामकृपाल यादव
दिलीप जायसवाल
नितिन नवीन
मंगल पांडे
प्रेम कुमार (स्पीकर)
लखेद्र पासवान
प्रमोद चंद्रवंशी
नारायण प्रसाद
सुरेन्द्र मेहता
HAM से (मांझी की पार्टी)
संतोष कुमार सुमन
उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा
स्नेहलता कुशवाहा
चिराग़ पासवान की पार्टी (LJP R)
संजय सिंह
संजय कुमार पासवान
रीना बौरासी सेतिया MP महिला कांग्रेस की अध्यक्ष नियुक्त
20 Nov, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आज एक आदेश जारी कर रीना बौरासी सेतिया को मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एवं प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बधाई दी है।
यह नियुक्ति प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी की अनुशंसा के आधार पर की गई है। पूरे देश में महिला कांग्रेस की जितनी भी प्रदेश अध्यक्ष है उनमें रीना बौरासी सेतिया पहली ऐसी प्रदेश अध्यक्ष है, जो कि दलित वर्ग का प्रतिनिधित्व करती है। इंदौर जिले की महिला कांग्रेस की वे पूर्व में अध्यक्ष रह चुकी है। उनके कार्यकाल में महिला कांग्रेस का बड़ा सदस्यता अभियान इंदौर में चलाया गया था।
कांग्रेस को लेकर पीएम मोदी का तंज, ऑडियंस में बैठे शशि थरूर ने बाद में की तारीफ
20 Nov, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Prime Minister Narendra Modi) ने एक कार्यक्रम के दौरान गुलामी की मानसिकता(slavery mentality) का जिक्र करते हुए कांग्रेस(कांग्रेस ) को जमकर सुनाया। एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा छ राजनीतिक दल और नेता सामाजिक न्याय के नाम पर केवल अपने हित साधते हैं।
कांग्रेस सरकारों ने ‘अर्बन नक्सलियों’ को शीर्ष पद दिए; ‘मुस्लिमलीगी माओवादी कांग्रेस’ अब भी राष्ट्रीय हित को दरकिनार कर रही है। इस कार्यक्रम की ऑडियंस में कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर भी मौजूद थे। उन्होंने पीएम मोदी के भाषण के कुछ अंश साझा करते हुए सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की जमकर तारीफ की है। हालांकि भाषा को लेकर उन्होंने इतना जरूर कहा कि उम्मीद है प्रधानमंत्री अंग्रेजी के योगदान पर भी ध्यान देते होंगे।
शशि थरूर ने कहा, प्रधानमंत्री ने गुलामी की मानसिकता से निकलने और रचनात्मक विकास पर बल दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब केवल एक उभरता हुआ बाजार नहीं बल्कि दुनिया के लिए एक मॉडल है। शशि थरूर ने कहा, पीएम मोदी ने अपने भाषण में जिक्र किया कि लोग आरोप लगाते हैं कि वह हमेशा चुनाव के मूड में ही रहते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। लोगों की समस्याओं को लेकर मैं भावनात्मक मूड में रहता हूं।
शशि थरूर ने आगे कहा, इस भाषण का महत्वपूर्ण हिस्सा यह था कि पीएम मोदी ने मैकॉले के 200 साल के थोपी गई गुलामी की मानसिकता से निकलने और 10 साल अपनी संस्कृति, भाषा और नॉलेज सिस्टम को रीस्टोर करने में लगाने की बात कही है। मुझे उम्मीद है कि उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिया होगा कि रामनाथ गोयंका ने कैसे अंग्रेजी भाषा में राष्ट्रवाद की आवाज बुलंद की थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण आर्थिक परिदृश्य, सांस्कृतिक आह्वान और अथक परिश्रम की प्रेरणा से ओतप्रोत था।
बता दें कि पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम में कहा, वैश्विक अस्थिरता के बावजूद हमारी जीडीपी लगभग सात प्रतिशत की दर से बढ़ रही है; भारत न केवल एक उभरता हुआ बाजार है, बल्कि एक उभरता हुआ मॉडल भी है। दुनिया भारत के विकास मॉडल को ‘उम्मीद के मॉडल’ के रूप में देख रही है। आज का भारत विकसित राष्ट्र बनने के लिए व्यग्र है, वैश्विक चुनौतियों के बावजूद वह तेजी से आगे बढ़ रहा है। लोगों का कल्याण करने के लिए व्यक्ति को भावनात्मक होकर काम करना चाहिए, चुनाव को ध्यान में रखकर नहीं। हम चुनाव जीतते हैं क्योंकि हम विकास और कल्याण के लिए चौबीस घंटे प्रतिबद्ध हैं।
आजादी के बाद भी लंबे समय तक आयातित विचारों, आयातित वस्तुओं और आयातित सेवाओं को बढ़ावा दिया गया लेकिन हमने वह सब बदल दिया है : प्रधानमंत्री मोदी। मैं सभी राज्यों से कहना चाहता हूं कि बिहार के नतीजे बताते हैं कि लोग किस तरह की सरकार चाहते हैं, सभी को केवल विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा, हम अंग्रेजी भाषा के खिलाफ नहीं हैं, हम सभी भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना चाहते हैं।
आज 10वीं बार सीएम की शपथ लेंगे नीतीश
20 Nov, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। गुरुवार को वे 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे। शपथ समारोह सुबह 11.30 बजे गांधी मैदान में होगा। समारोह के लिए 2 मंच बनाए गए हैं। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी समेत 11 राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। साथ ही 150 मेहमानों को भी निमंत्रण भेजा गया।
इससे पहले बिहार विधानमंडल के सेंट्रल हॉल में नीतीश कुमार को एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया। वहीं, सुबह 11 बजे पटना के भाजपा ऑफिस में विधायक दल की बैठक हुई। इसमें सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया है। विजय सिन्हा को विधानमंडल का उपनेता चुना गया है। मतलब सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा दोनों डिप्टी ष्टरू होंगे। जानकारी के मुताबिक, नीतीश के साथ-साथ सम्राट और विजय सिन्हा भी डिप्टी सीएम की शपथ ले सकते हैं। इधर, भाजपा के विधायक दल की बैठक से पहले जदयू के विधायक दल की बैठक हुई जिसमें नीतीश कुमार को नेता चुना गया।
मुख्यमंत्री ही तय करेंगे कैबिनेट भी
वहीं बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने सरकार गठन की प्रक्रिया पर जानकारी देते हुए कहा कि कैबिनेट का गठन मुख्यमंत्री तय करेंगे। हम पहले राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। इसके बाद ही बाकी बातें स्पष्ट होंगी। जदयू के बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने बैठक के बाद कहा कि शपथ ग्रहण समारोह गुरूवार को होगा। एनडीए नेता का चयन हो चुका है। सभी एनडीए सहयोगियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एनडीए विधायक दल का नेता चुना है। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता व सीवान सदर के विधायक मंगल पांडेय ने नीतीश कुमार को एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने पर उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व व मार्गदर्शन में प्रदेश का समावेशी विकास हुआ है। उनके नेतृत्व में विकास व सुशासन का राज स्थापित हुआ है।
बिहार परिणाम के बाद सपा का बदला तेवर: अब मायावती पर नहीं होंगे निजी हमले
20 Nov, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों को देखते हुए सपा ने अपने तेवर बदल लिए हैं। इसके चलते अब मायावती पर किसी भी तरह के निजी हमले नहीं करने के सख्त निर्देश अखिलेश यादव ने दिए हैं। दरअसल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी अपनी राजनीतिक रणनीति में बड़ा बदलाव करने जा रही है। यह कदम भी उसी का हिस्सा माना जा रहा है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने सभी मीडिया पैनलिस्टों को साफ निर्देश दे दिए हैं कि बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती पर किसी भी प्रकार के निजी हमले नहीं किए जाएं। यह फैसला बिहार चुनाव 2025 में विपक्षी महागठबंधन की करारी हार के बाद लिया गया बताया जा रहा है। पिछले कुछ समय में सपा द्वारा मायावती और बसपा को लगातार भाजपा की बी टीम कहकर निशाने पर लिया जाता रहा है। लेकिन पार्टी के भीतर अब यह समझ बन रही है कि मायावती पर हमले दलित वोट बैंक पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं, जो आने वाले चुनावों में सपा के लिए नुकसानदेह हो सकता है। ऐसे में जानकारों का कहना है कि सपा के कई प्रवक्ताओं को अखिलेश यादव ने खुद यह निर्देश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक सपा के लगभग 20 प्रवक्ता विभिन्न टीवी चैनलों पर पार्टी का पक्ष रखते हैं, इन्हीं में से कुछ ने पुष्टि की है कि बिहार चुनाव के बाद पार्टी हाईकमान की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है, कि मायावती पर निजी हमला नहीं करना है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बिहार चुनाव में महागठबंधन द्वारा बसपा और एआईएमआईएम को बी टीम कहकर खारिज करने की कोशिश उलटी पड़ गई। वहीं ओवैसी की पार्टी ने 5 सीटें जीतीं और 10 पर दूसरे स्थान पर रही, जबकि बसपा भी एक सीट जीतने में सफल रही। इसके उलट महागठबंधन की मुख्य पार्टियां खराब प्रदर्शन कर गईं। इससे स्पष्ट हुआ कि जिन दलों को बी टीम कहा जा रहा था, उन्होंने विपक्षी दलों से बेहतर प्रदर्शन कर लिया। जानकार कह रहे हैं कि सपा समझ रही है, कि यूपी का चुनाव राष्ट्रीय मुद्दों पर नहीं, बल्कि स्थानीय समीकरणों पर लड़ा जाएगा। लोकसभा चुनाव में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की राजनीति ने भाजपा को कठिन चुनौती दी थी, लेकिन विधानसभा चुनाव में दलित वोटों का बिखराव सपा के लिए बड़ा जोखिम बन सकता है। मायावती पर निजी हमले करने से दलित समाज खुद को निशाना बना हुआ महसूस करता है, जिससे दलित वोट भाजपा के खिलाफ एकजुट होने के बजाय बसपा की ओर लौट सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यूपी में दलित मतदाताओं की अहम भूमिका को ध्यान में रखते हुए अखिलेश यादव अब किसी भी परिस्थिति में इस वोट बैंक को नाराज नहीं करना चाहेंगे। इसलिए सपा की रणनीति में बड़ा बदलाव साफ दिख रहा है—अब मायावती पर निजी हमले नहीं होंगे और दलित समाज को साधने की कोशिश तेज होगी।
राजनीतिक गलियारों में यह कदम सपा की 2027 की तैयारी का अहम संकेत माना जा रहा है।
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