राजनीति
मौर्य बोले- अगला नंबर पश्चिम बंगाल में ममता दीदी और फिर यूपी में अखिलेश का
24 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। बिहार विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित जीत से खासे खुश उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ऐसा कुछ कह दिया है, जिसकी चर्चा चारों ओर हो रही है। दरअसल मौर्य का कहना है, कि बिहार के बाद अब अगला नंबर ममता दीदी जी और फिर सपा बहादुर अखिलेश यादव का है।
दरअसल समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एक दिन पहले ही भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग पर साजिश रचने का आरोप लगाया था, जिसके बाद रविवार को डिप्टी सीएम मौर्य ने संकेत दिया, कि अगले चुनावों में पश्चिम बंगाल और फिर उत्तर प्रदेश में महागठबंधन को पराजय का सामना करना पड़ेगा। मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेट्फार्म ‘एक्स’ में एक पोस्ट करते हुए कहा, कि बिहार चुनाव के दरम्यान खुद गोता लगाने के साथ राहुल गांधी ने तेजस्वी यादव को लपेटे में लेकर महागठबंधन का भविष्य भी लिख दिया। अब अगला नंबर ममता दीदी जी (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी) और फिर सपा बहादुर अखिलेश यादव का है।
बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के सह प्रभारी रहे डिप्टी सीएम मौर्य की इस पोस्ट को लेकर अब राजनीतिक गलियारे में जोर-शोर से चर्चा शुरु हो गई है। इसके बहाने एक बार फिर केंद्र और चुनाव आयोग निशाने पर आ गए हैं। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने दो तिहाई बहुमत से जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया। ऐसे में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा, कि भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग मिलकर साजिश के तहत उन विधानसभा क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बहाने 50 हजार से अधिक वोट काटने की तैयारी कर रहे हैं, जहां 2024 में लोकसभा चुनाव में सपा और इंडिया गठबंधन ने जीत हासिल की थी। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने दावा किया कि उन्हें जानकारी हासिल हुई है कि उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में जीत पक्की करने भाजपा ने निर्वाचन आयोग के साथ मिलकर बड़ी तैयारी की हुई है।
अगर आपके पास वोट हैं, तो मेरे पास फंड, हमें रिजेक्ट करोगे तो हम भी...
24 Nov, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डिप्टी सीएम अजित पवार के पंचायत चुनाव में दिए बयान पर सियासत गरमाई
पुणे। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के मालेगांव में पंचायत चुनाव प्रचार के दौरान दिए बयान पर सियासत गरमा गई है। दरअसल अजित पवार ने एक रैली में वोटर्स से कहा था कि अगर आपके पास वोट है, तो मेरे पास फंड है। विपक्ष ने इसे लेकर चुनाव आयोग से सवाल पूछा है।
बता दें अजित पवार ने कहा था कि अगर जनता उनकी पार्टी के उम्मीदवार को चुनेंगे तो वे शहर में फंड की कोई कमी नहीं होने देंगे, लेकिन यदि वे उन्हें रिजेक्ट करते हैं, तो वे भी रिजेक्ट कर देंगे। आपके पास वोट हैं, मेरे पास फंड है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित पवार शुक्रवार को बारामती तहसील में मालेगांव नगर पंचायत चुनाव के लिए प्रचार कर रहे थे। पवार महाराष्ट्र सरकार में वित्त मंत्री भी हैं।
शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे ने अजित पवार पर मतदाताओं को धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि फंड आम लोगों के टैक्स से आता हैं, न कि अजित पवार के घर से। अगर पवार जैसे नेता वोटर्स को धमका रहे हैं, तो चुनाव आयोग क्या कर रहा है?” नगर पंचायत चुनाव 2 दिसंबर को होना हैं। अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और बीजेपी समर्थित पैनल ने मालेगांव में गठबंधन किया है। मालेगांव बारामती का वह इलाका है, जहां अजित पवार परिवार का राजनीतिक प्रभाव है।
बता दें इससे पहले भी 26 सितंबर को अजित पवार मराठवाड़ा के धाराशिव में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे थे। यहां पर उनका किसानों से बातचीत का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे कर्ज माफी की मांग पर गुस्सा करते नजर आ रहे हैं। जब एक किसान ने कर्ज माफी की मांग की तो डिप्टी सीएम अजित पवार ने गुस्से में कहा था- इसे मुख्यमंत्री बना दो! क्या तुम्हें लगता है कि हम कंचे खेलने आए हैं?
बिहार हार को लेकर पीके बोले- ईवीएम हेरफेर के प्रमाण नहीं पर कुछ तो गड़बड़ हुआ
24 Nov, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जंगलराज लौट आएगा फैक्टर भी हार का एक बड़ा कारण
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद जन सुराज के संस्थापक और चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जनता में जंगल राज की वापसी को लेकर फैली आशंका और कुछ छिपे हुए कारक उनकी पार्टी की हार की बड़ी वजह बने। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि उनके आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत नहीं हैं।
एक इंटरव्यू के दौरान पीके ने कहा, कि चुनाव के अंतिम चरण में बड़ी संख्या में मतदाताओं ने मान लिया कि जन सुराज जीतने की स्थिति में नहीं है, और उन्हें डर था कि वोट बंटने से लालू यादव के पुराने जंगल राज की वापसी हो सकती है। पीके ने कहा, अगर लोग सोचते हैं कि हमारा वोट किसी तरह आरजेडी की वापसी का मार्ग खोल देगा, तो वे जोखिम नहीं लेना चाहते। यह डर हमारे खिलाफ गया।
238 सीटों पर उतारे थे प्रत्याशी, जीता एक भी नहीं
बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से 238 पर उम्मीदवार उतारने के बावजूद जन सुराज एक भी सीट नहीं जीत सकी। अनुमानित वोट शेयर 2–3 प्रतिशत के बीच रहा और अधिकांश उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। ऐसे में पीके ने कहा, उनकी 18 महीने लंबी ‘जन सुराज यात्रा’ के दौरान मिला जनमत परिणामों से बिल्कुल मेल नहीं खाता। उन्होंने कहा, कुछ ऐसा हुआ है जो समझ से परे है। जिन पार्टियों को लोग मुश्किल से जानते थे, उन्हें भी लाखों वोट मिले। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि यह संदेह मात्र है, सबूत नहीं।
कुछ तो गलत हुआ
प्रशांत किशोर ने कहा, कि कुछ लोग उन्हें ईवीएम में हेरफेर का आरोप लगाने को कह रहे, लेकिन वे ऐसा दावा बिना सबूत के तो नहीं कर सकते हैं। इसके मेरे पास कोई प्रमाण नहीं है। लेकिन प्रथम दृष्टया कुछ तो गड़बड़ लगता है, पर क्या— यह नहीं पता।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर बोला हमला, कहा-एसआईआर कोई सुधार नहीं, थोपा गया जुल्म
24 Nov, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर एक बार फिर सरकार और चुनाव आयोग पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सरकार और चुनाव आयोग को घेरने की कोशिश की है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने एसआईआर के नाम पर देश भर में अफरा-तफरी मचा रखी। अब इसके नतीजे भी सामने आने लगे। एसआईआर की वजह से पिछले करीब 3 हफ्तों में 16 बूथ स्तर अधिकारियों की जान चली गई।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि इन बीएलओ में से किसी काम के दबाव के चलते आत्महत्या कर ली तो किसी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। आज भी सैकड़ों बीएलओ भारी तनाव में एसआईआर का काम कर रहे हैं। देखा जाए तो एसआईआर कोई सुधार नहीं है, यह एक तरह से लोगों पर थोपा गया जुल्म है। राहुल ने आगे कहा कि सरकार ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर ऐसा सिस्टम बनाया है। अब आयोग के अधिकारी बीएलओ पर दबाव डाल रहे हैं। यही दबाव, तनाव, हार्टअटैक और आत्महत्या का कारण बन रहा है।
चुनाव आयोग आज भी कागजों का जंगल लेकर खड़ा
राहुल गांधी ने आगे कहा कि चुनाव आयोग ने ऐसा सिस्टम बनाया है जिसमें नागरिकों को खुद को तलाशने के लिए 22 साल पुरानी मतदाता सूची के हजारों स्कैन पन्ने पलटने पड़ रहे हैं। मकसद साफ है। सही मतदाता थककर हार जाए और वोट चोरी बिना रोक-टोक जारी रहे। राहुल गांधी ने तंज करते हुए कहा कि भारत दुनिया के लिए अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर बनाता है, मगर भारत का चुनाव आयोग आज भी कागजों का जंगल खड़ा करने पर ही अड़ा है।
विशेष गहन पुनरीक्षण एक सोची-समझी चाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर नीयत साफ होती तो लिस्ट डिजिटल, सर्चेबल और मशीन-रीडेबल होती। चुनाव आयोग 30 दिन की हड़बड़ी में अंधाधुंध काम ठेलने के बजाय उचित समय ले कर पारदर्शिता और जवाबदेही पर ध्यान देता। राहुल गांधी ने कहा कि एसआईआर एक सोची-समझी चाल है, जहां नागरिकों को परेशान किया जा रहा है और बीएलओ की अनावश्यक दबाव से मौतों को कॉलैटरल डैमेज मान कर अनदेखा किया जा रहा है। यह नाकामी नहीं, षडय़ंत्र है और सत्ता की रक्षा में लोकतंत्र की बलि है।
“सीमाएं बदलती रहती हैं… संभव है सिंध एक दिन फिर भारत का हिस्सा बने” - राजनाथ सिंह
24 Nov, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को दिल्ली में आयोजित सिंधी समाज सम्मेलन में संबोधित करते हुए कहा कि भले ही आज सिंध भौगोलिक रूप से भारत का हिस्सा नहीं है, लेकिन सभ्यतागत रूप से वह हमेशा से भारत का अभिन्न अंग रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में सीमाएं बदल सकती हैं और “कौन जानता है, कल सिंध फिर भारत में वापस भी आ जाए।”
राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत–पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान पाकिस्तान का सिंध प्रांत भारतीय उपमहाद्वीप में बसे सिंधी समुदाय का मूल स्थान है और सिंधु घाटी सभ्यता का उद्गम स्थल भी इसी क्षेत्र में है।
लाल कृष्ण आडवाणी का किया जिक्र
रक्षा मंत्री ने विभाजन के बाद भी सिंधी हिंदुओं के सिंध क्षेत्र से भावनात्मक जुड़ाव को सामने रखते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की पुस्तक का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आडवाणी के शब्दों में, “कई सिंधी हिंदू आज भी सिंध के भारत से अलग होने को स्वीकार नहीं कर पाए हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ हिंदू ही नहीं, बल्कि सिंध के कई मुसलमान भी सिंधु नदी को अत्यंत पवित्र मानते हैं। राजनाथ सिंह ने कहा, “सिंध के लोग आज जहां भी हों, वे हमारे अपने हैं।”
सीएए का किया समर्थन
कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई अल्पसंख्यकों पर लंबे समय से अत्याचार होते रहे हैं, उनके घर जलाए गए, परिवारों को सताया गया और जबरन धर्मांतरण तक करवाए गए।
उन्होंने पुराने शासनकाल की तुष्टिकरण राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि “वोट बैंक की राजनीति में असली पीड़ितों की उपेक्षा की गई, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके दर्द को समझा और इसलिए सीएए लाया गया।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून उन लोगों के लिए है जो 31 दिसंबर 2014 से पहले धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए थे।
चंडीगढ़ पर अभी अंतिम फैसला नहीं…बिल पर पंजाब में सियासी बवाल के बाद केंद्र सरकार का आया जवाब
23 Nov, 2025 08:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: चंडीगढ़ (Chandigarh) को आर्टिकल 240 (Article 240) के दायरे में लाने की खबरों के बीच राजनीति गरमा गई है लेकिन अब गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने आधिकारिक बयान जारी कर इस विवाद पर रोक लगाने की कोशिश की है. मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि केंद्र केवल चंडीगढ़ के लिए कानून बनाने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर विचार कर रहा है. यह प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है और इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है.
गृह मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि इस प्रस्ताव से चंडीगढ़ की मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा और न ही पंजाब या हरियाणा के पारंपरिक संबंधों पर कोई असर पड़ेगा. मंत्रालय ने कहा कि चंडीगढ़ के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी हितधारकों के साथ चर्चा के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा. साथ ही, यह भी बताया कि आने वाले शीतकालीन सत्र में इस विषय पर कोई बिल लाने की सरकार की मंशा नहीं है.
दरअसल, विवाद तब बढ़ा जब संसद की बुलेटिन में “संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2025” का जिक्र सामने आया. इस बिल में चंडीगढ़ को आर्टिकल 240 में शामिल करने का प्रस्ताव था, जिससे राष्ट्रपति को चंडीगढ़ के लिए सीधे नियम बनाने का अधिकार मिल जाता. कई राजनीतिक दलों ने आशंका जताई कि इससे चंडीगढ़ का प्रशासन पंजाब के हाथों से निकलकर एक स्वतंत्र प्रशासक के हाथों में चला जाएगा.
इस प्रस्ताव पर पंजाब में कड़ा विरोध देखने को मिला. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे पंजाब के साथ “अन्याय” बताया और कहा कि चंडीगढ़ पंजाब का अभिन्न हिस्सा है. कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने चेतावनी दी कि चंडीगढ़ को “छीनने” की किसी कोशिश के गंभीर नतीजे होंगे. अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल ने इसे पंजाब के अधिकारों पर “हमला” बताया. AAP सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने सभी पंजाब सांसदों से गृह मंत्री से मिलने की अपील की. वहीं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कथित प्रस्ताव पर कड़ी प्रतिक्रिया दी.
कर्नाटक कांग्रेस कलह, सिद्धारमैया बोले- हाईकमान का फैसला हर कोई मानेगा
23 Nov, 2025 06:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ बैठक के बाद राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि लीडरशिप में बदलाव सिर्फ कयास है. ये कयास मीडिया ने लगाया है.
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार रात मल्लिकार्जुन खड़गे से उनके सदाशिवनगर स्थित घर पर मुलाकात कर और दोनों नेताओं ने करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा की. सत्ता के बंटवारे पर बहस के बीच दोनों नेताओं की लंबी बैठक ने काफी उत्सुकता पैदा कर दी.
बैठक के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ बैठक के दौरान हमने पार्टी संगठन के बारे में बात की. स्थानीय निकाय चुनाव आ रहे हैं. तालुक पंचायत चुनाव, जिला पंचायत चुनाव, और जीबीए एरिया में नगर पालिका चुनाव पर बात हुई. उन्होंने कहा कि यह बस एक मैत्रीपूर्ण बैठक थी.
मंत्रिमंडल में फेरबदल के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई. लीडरशिप में बदलाव के बारे में सिर्फ अंदाजे लगाए जा रहे थे. उन्होंने कहा कि आपने ही वो अंदाजा लगाया है. हालांकि मुख्यमंत्री ने सत्ता हस्तांतरण के बारे में कोई जानकारी नहीं दी. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने खड़गे से दिल्ली में कुछ विधायकों के साथ अपनी बैठक के बारे में पूछा था, तो उन्होंने कहा, 'नहीं, मैंने उनसे इस बारे में नहीं पूछा है. मुझे यह जानकारी इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट से मिली है. मैंने खड़गे से इस बारे में बात नहीं की है. यह बस एक फ्रेंडली मीटिंग थी.'
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कुंठित हैं, तो उन्होंने कहा, 'मैं कुंठित नहीं हूं. मैं कभी कुंठित नहीं रहा. आप मुझसे पूछते हैं कि क्या मैं कुंठित हूं. मेरे हमेशा कुंठित होने का कोई सवाल ही नहीं है. मैं बहुत ज्यादा खुश भी नहीं हूं. सिद्धारमैया ने साफ किया.
हाईकमान का फैसला मानना होगा
नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कांग्रेस विधायकों के दिल्ली जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा, 'उन्हें दिल्ली जाने दें. आखिर में हाईकमान जो भी फैसला लेगा उसे सभी को मानना होगा. सभी मंत्रियों को सहमत होना होगा. मुझे भी सहमत होना होगा और डीके शिवकुमार को भी सहमत होना होगा. नेतृत्व परिवर्तन को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे को कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है.'
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई. इसमें मौजूदा तेजी से हो रहे राजनीतिक घटनाक्रम, कैबिनेट में फेरबदल और सत्ता हस्तांतरण के मुद्दों पर चर्चा हुई.
'TVK सत्ता में आई तो सबके लिए पक्का घर और हर आंगन में मोटरसाइकिल होगी': कांचीपुरम में विजय का बड़ा वादा
23 Nov, 2025 06:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चेन्नई: अभिनेता से नेता बने तमिलगा वेत्री कझगम के प्रमुख विजय ने रविवार को लगभग 2 महीने के ब्रेक के बाद 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए अपना अभियान फिर से शुरू किया. सत्तारूढ़ DMK पर निशाना साधते हुए विजय ने कहा कि पार्टी अब अन्ना (सी. एन. अन्नादुरई) को भूल गई है. उन्होंने, डीएमके पर वंशवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया.
30 मिनट तक भाषण दियाः
TVK लीडर विजय ने आज सुबह कांचीपुरम ज़िले के लोगों से मुलाकात की. सुंगुवरछत्रम के पास जेप्पियार इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी कैंपस में हुई मीटिंग में कांचीपुरम ज़िले से कुल 2,000 लोग आए थे. विजय ने उन्हें करीब 30 मिनट तक एड्रेस किया. उन्होंने बताया कि अगर TVK पावर में आती है तो वह लोगों के लिए क्या प्लान लागू करेगी.
अपने भाषण में विजय ने कहा, "कांचीपुरम वह ज़िला है जहां अरिग्नार अन्ना का जन्म हुआ था. MGR ने अरिग्नार अन्ना को अपनी पार्टी के बैनर तले रखा क्योंकि वह उनके गाइड थे. लेकिन मुझे आपको यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि अन्ना की शुरू की गई पार्टी को अभी जो लोग कंट्रोल कर रहे हैं, उन्होंने क्या किया है. लोग यह अच्छी तरह जानते हैं. पर्सनली, हमें उनसे (DMK) कोई प्रॉब्लम नहीं है. पर्सनली, वे चाहें तो बुरा बर्ताव कर सकते हैं. लेकिन मैं लोगों को धोखा देकर वोट पाने के ड्रामा को माफ़ नहीं करूंगा."
विजय के प्लानः
"अगर TVK सत्ता में आई, तो हम सबके लिए पक्के घर बनाएंगे. हर घर में मोटरसाइकिल ज़रूर होगी. हमारा लक्ष्य कार है. इकॉनमी को उसी हिसाब से डेवलप किया जाएगा. हम ऐसी स्थिति बनाएंगे जहां हर किसी के पास कम से कम डिग्री हो. हम यह पक्का करेंगे कि परिवार में एक व्यक्ति की पक्की इनकम हो. हम सरकारी अस्पतालों को भरोसेमंद बनाएंगे. सबसे बढ़कर, हम कानून और व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता देंगे."
वंशवाद पर हमलाः
विजय ने DMK पर वंशवाद की राजनीति को लेकर उस पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला किया. विजय ने DMK का मज़ाक उड़ाया और उस पर दिखावा करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि TVK ने DMK की तरह NEET खत्म करने के "खोखले दावे" नहीं किए, बल्कि उसने शिक्षा को संविधान की समवर्ती सूची से राज्य सूची में शिफ्ट करने की मांग की.
रैली से क्यों दूर थेः
दरअसल, 27 सितंबर को करूर में विजय की रैली के दौरान भगदड़ हुई थी. इस हादसे में 41 लोगों की जान चली गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने करूर भगदड़ की घटना की सीबीआई जांच का आदेश दिया है. सीबीआई जांच की निगरानी सर्वोच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति करेगी. उसके बाद, यह पहली बार है जब विजय ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और लोगों को संबोधित किया.
बनगांव में 25 नवंबर को एसआईआर विरोधी रैली को संबोधित करेंगी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
23 Nov, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता । मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) 25 नवंबर को बनगांव में (In Bangaon on November 25) एसआईआर विरोधी रैली को संबोधित करेंगी (Will address an anti-SIR Rally) । ममता बनर्जी रैली के बाद उत्तर 24 परगना जिले के बनगांव में एक विरोध मार्च में भी भाग लेंगी।
यह दूसरी एसआईआर विरोधी रैली और विरोध मार्च होगा जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री करेंगी। पहली रैली 4 नवंबर को कोलकाता में हुई थी। तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि बनगांव को एसआईआर विरोधी रैली और विरोध मार्च के आयोजन स्थल के रूप में चुना गया है, क्योंकि इन इलाकों में मतुआ समुदाय के लोगों की भारी संख्या है। तृणमूल कांग्रेस ने पहले ही यह प्रचार शुरू कर दिया था कि एसआईआर के कारण मतुआ समुदाय के लोगों के नाम सूची से हटा दिए जाएंगे। मतुआ पिछड़े वर्ग की एक हिंदू आबादी है जो पड़ोसी देश बांग्लादेश से शरणार्थी के रूप में आकर पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में बस रही है, जिनकी अंतरराष्ट्रीय सीमाएं पड़ोसी देश बांग्लादेश से लगती हैं।
इनका जमावड़ा मुख्यतः नादिया और उत्तर 24 परगना जिलों में है। हालांकि, राज्य भाजपा नेतृत्व ने मतुआ समुदाय के लोगों को आश्वासन दिया है कि अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों, जिन्होंने मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है, के अलावा किसी और को संशोधन प्रक्रिया के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है।
गुरुवार को ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर संशोधन प्रक्रिया को स्थगित रखने का अनुरोध किया। पत्र में उन्होंने दावा किया कि जिस तरह से यह प्रक्रिया चुनाव अधिकारियों और राज्य के नागरिकों पर थोपी गई है, वह “अनियोजित, अराजक और खतरनाक” है।
उसी दिन पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) शुभेंदु अधिकारी ने भी मुख्यमंत्री के पत्र का विरोध करते हुए सीईसी को पत्र लिखा। अपने पत्र में विपक्ष के नेता ने दावा किया कि सीएम बनर्जी का मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखा गया पत्र एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान को विफल करने का एक हताश प्रयास था और उनके पत्र की विषयवस्तु राजनीति से प्रेरित और तथ्यात्मक रूप से गलत थी।
अपराधियों को हर हाल में बिहार से बाहर जाना होगा – उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
23 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Deputy Chief Minister Samrat Chaudhary) ने कहा कि अपराधियों को हर हाल में बिहार से बाहर जाना होगा (Criminals will have to leave Bihar at any cost) । बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस बार गृह मंत्रालय की भी जिम्मेदारी मिली है ।
दरअसल, गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे। प्रदेश कार्यालय पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस बीच, मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ” भाजपा नेतृत्व, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर मुझे गृह मंत्री के तौर पर काम करने का मौका दिया है। बिहार की जनता को मैं आश्वस्त करता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार में लगातार सुशासन स्थापित होने की चिंता की जाएगी।”
उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार ने लगातार सुशासन स्थापित किया है। आगे भी सुशासन की पूरी व्यवस्था उनके ही मार्गदर्शन और नेतृत्व में होगी।” बिहार के उप मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “बिहार में सुशासन है। बिहार में एक व्यवस्था खड़ी है। बिहार के सुशासन ने अराजकता और जंगलराज को समाप्त कर दिया है और उसी व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा, लेकिन इतना तय है कि अपराधियों के लिए बिहार नहीं है। बिहार से बाहर ही अपराधियों को जाना होगा।”
दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के एक दिन बाद शुक्रवार को बिहार सरकार में विभागों का बंटवारा कर दिया गया। नई कैबिनेट में सबसे अहम गृह विभाग डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को सौंपा गया है। भाजपा कोटे से आने वाले सम्राट चौधरी अब नीतीश सरकार में कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा की कमान संभालेंगे। गुरुवार को नीतीश कैबिनेट में कुल 26 मंत्रियों ने शपथ ली थी। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने 202 सीटें हासिल कर जबरदस्त सफलता हासिल की है।
कांग्रेस दिल्ली में 14 दिसंबर को ‘वोट चोर गद्दी छोड़ महारैली’ करेगी – केसी वेणुगोपाल
23 Nov, 2025 08:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal) ने कहा कि कांग्रेस दिल्ली में 14 दिसंबर को (Congress in Delhi on December 14) ‘वोट चोर गद्दी छोड़ महारैली’ करेगी (Will hold ‘Vote Chor Gaddi Chhod Maha Rally’) ।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि 14 दिसंबर को दोपहर 1:30 बजे से दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट चोर गद्दी छोड़ महा रैली’ आयोजित की जाएगी । इस रैली का उद्देश्य चुनाव व्यवस्था में कथित धांधलियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हो रहे हमलों के खिलाफ देशभर में संदेश देना है। केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंच रही है। वेणुगोपाल ने एक्स पोस्ट में लिखा, “वोट चोरी का साया आज हमारी डेमोक्रेसी पर मंडरा रहा सबसे बड़ा खतरा है। हमारे संविधान को खत्म करने की इन कोशिशों के खिलाफ पूरे देश में मैसेज देने के लिए, कांग्रेस 14 दिसंबर (दोपहर 1.30 बजे से) नई दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट चोर गद्दी छोड़ महारैली करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “हमें भारत के कोने-कोने से करोड़ों सिग्नेचर मिले हैं, जो भाजपा-भारतीय चुनाव आयोग के गलत तरीकों जैसे बोगस वोटर्स को जोड़ने, विरोधी वोटर्स को हटाने और बड़े पैमाने पर वोटर रोल में हेराफेरी करने को गलत ठहराते हैं। इतना ही नहीं, हर भारतीय ने देखा है कि चुनाव आयोग कैसे नियमों को तोड़ता है, एमसीसी के उल्लंघन को नजरअंदाज करता है और भाजपा को चुनावों में धांधली करने में मदद करने के लिए दिनदहाड़े रिश्वत देता है।
चुनाव आयोग जो कभी एक न्यूट्रल अंपायर था, अब एक खुलेआम पार्टी का खिलाड़ी बन गया है, जो चुनावों में बराबरी के मौके के कॉन्सेप्ट को पूरी तरह से खत्म कर रहा है।” वेणुगोपाल ने आगे लिखा, “जब चुनाव सिस्टम पर यह हमला हमारी आंखों के सामने हो रहा है, तो हम चुप नहीं रहेंगे। यह महारैली वोट चोरों के चंगुल से भारतीय लोकतंत्र को वापस पाने की हमारी लड़ाई की बस शुरुआत है।”
मोहन यादव बोले, हीरा प्रदेश से मोती प्रदेश तक, मिलकर बनाएंगे आर्थिक चमक
22 Nov, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद | मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज हैदराबाद में दक्षिण भारत के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्य प्रदेश’ सत्र में संवाद करने पहुंचे है. यह सत्र राज्य की औद्योगिक नीतियों, मजबूत आधारभूत संरचना और निवेश संभावनाओं से उद्योग समूहों को अवगत कराने का एक प्रमुख मंच बना. हैदराबाद प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ मध्य प्रदेश में निवेश बढ़ाने, नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध सुविधाओं एवं प्रोत्साहनों पर विस्तार से चर्चा की है|
सीएम मोहन यादव ने किया सेशन को संबोधित
हैदराबाद में इंटरएक्टिव सेशन के दौरान मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि “मैं देश के हीरा प्रदेश से आता हूं और हैदराबाद को मोती प्रदेश कहा जाता है, इसलिए मैं यहां हीरा और मोती की जोड़ी की बात करने आया हूं.” उन्होंने कहा कि वे मध्य प्रदेश की ऊर्जा संभावनाओं को लेकर हैदराबाद के उद्योगपतियों के सामने उपस्थित हुए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में हैदराबाद एक ऐसा क्षेत्र है जो आने वाले समय को पहले ही पहचान लेता है और संकल्प के साथ आगे बढ़ता है|
मैं निवेश का हाथ बढ़ाने आया हूं – सीएम यादव
सीएम मोहन यादव ने कहा कि मैं किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ निवेश का हाथ बढ़ाने आया हूं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस समय भारत का स्वर्णिम दौर चल रहा है. आज कई बड़े देश अलग-अलग चुनौतियों से गुजर रहे हैं, लेकिन भारत आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि कई बार दुनिया के शक्तिशाली राष्ट्र अपने चेहरे से तो बहुत आत्मविश्वास में दिखते हैं, लेकिन भीतर कितना तनाव है यह प्रतिदिन महसूस किया जा सकता है. दूसरी ओर पीएम मोदी के नेतृत्व में देश तेज गति से प्रगति कर रहा है और कई मिथकों को तोड़ चुका है. उन्होंने कहा कि अब हमारा देश रेल भी निर्यात करने की स्थिति में पहुंच गया है. रक्षा से लेकर रेलवे तक निवेश के नए आयाम खुल रहे हैं. मध्य प्रदेश में डिफेंस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए भी प्रधानमंत्री का धन्यवाद है|
उन्होंने आगे बताया कि रेल कोच निर्माण के लिए 1800 करोड़ रुपये की फैक्ट्री मध्य प्रदेश में स्थापित की जा रही है. हैदराबाद से निवेशक वहां आ रहे हैं. पहले रेल और डिफेंस में संबंध की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, लेकिन अब सभी को आगे बढ़ने की पूरी स्वतंत्रता है. सभी को काम करने का पूरा अवसर मिल रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतियां तो सभी बनाते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य राज्यों के बीच संबंध मजबूत करना और विकास को गति देना होना चाहिए. उन्होंने चंबल के पानी का उदाहरण देते हुए कहा कि यह डैम एमपी और राजस्थान के बीच है और कांग्रेस शासनकाल में वर्षों तक जल विवाद बना रहा, लेकिन अब मोदी सरकार के नेतृत्व में राज्यों के बीच आपसी सहयोग के साथ कार्य हो रहा है|
सीएम मोहन यादव ने निवेशकों को दिया निमंत्रण
सीएम यादव ने कहा कि हम सभी राज्यों के उद्यमियों को निमंत्रण देने आए हैं कि आप अपने राज्य में काम करने के साथ-साथ हमारे राज्य में भी काम करें. निवेश बढ़ाने का अर्थ है गरीबों को समृद्ध करना और जब जनता समृद्ध होगी तो भारत भी समृद्ध होगा. उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में राजनीतिक कारणों से नहीं जाना चाहिए, बल्कि दो राज्यों के संबंध बेहतर करने और व्यापार बढ़ाने के उद्देश्य से जाना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की 18 नीतियां निवेश के लिए पूरी तरह अनुकूल हैं और इन पर निश्चित रूप से काम होगा. लेकिन इसके अलावा भी यदि किसी राज्य को किसी विशेष व्यवस्था की आवश्यकता हो तो उसके लिए भी उस राज्य के मुख्यमंत्री को बैठकर बात करना चाहिए और बोलना चाहिए कि ये लिखा हुआ तो है ही,जो नहीं लिखा हुआ है वो आप बताइए हम हर जरूरत पूरी करेंगे ताकि राज्य और देश दोनों आगे बढ़ें सके|
सेशन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे द्वारा प्रस्तुति और फिल्म के माध्यम से सब दिखा दिया गया है. आप निवेशक हैं, आपको ज्यादा बताने की जरूरत नहीं होती. आप तो उड़ती चिड़िया के पंख तक गिन लेते हैं. राज्य सरकार की ओर से उन्होंने सभी उद्योगपतियों का अभिनंदन किया और कहा कि मध्य प्रदेश सरकार सभी निवेशकों का दिल से स्वागत करती है|
हिंदू समाज न रहेगा तो दुनिया खो जाएगी दिशा—मणिपुर में बोले RSS प्रमुख
22 Nov, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मणिपुर। आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शुक्रवार को मणिपुर दौरे के दौरान अपने संबोधन में भारत की सभ्यता, समाज और राष्ट्र की शक्ति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत केवल एक देश नहीं बल्कि एक प्राचीन सभ्यता है जिसकी जड़ें इतनी मजबूत हैं कि अनेक उतार-चढ़ावों और आक्रमणों के बावजूद उसका अस्तित्व कभी खत्म नहीं हुआ। भागवत के अनुसार भारतीय समाज की संरचना ऐसी है कि हिंदू समुदाय हमेशा जीवित रहेगा और अगर हिंदू नहीं रहेगा तो दुनिया का अस्तित्व भी संभव नहीं होगा।
दूसरे आए और समाप्त हो गए भारत आज भी जीवंत है – भागवत
संघ प्रमुख भागवत ने कहा कि परिस्थितियां समय के साथ बदलती रहती हैं, कई देशों और साम्राज्यों ने इतिहास में उत्थान और पतन देखा है। यूनान, मिस्र और रोम जैसी सभ्यताएं इतिहास में खो गईं, लेकिन भारत आज भी मजबूती के साथ खड़ा है क्योंकि यहाँ समाज का एक ऐसा मूल नेटवर्क बना जो हमें जीवित रखता रहा। उनके शब्दों में, भारत एक अमर सिविलाइजेशन है यहां दूसरे आए, चमके और समाप्त हो गए, लेकिन भारत आज भी जीवंत है और आगे भी रहेगा।
भागवत ने महाभारत और रामायण का किया जिक्र
महाभारत, रामायण और कालिदास के साहित्य का उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि भारतवर्ष हमेशा से एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से एकीकृत राष्ट्र रहा है। सीमाएं और शासक भले बदलते रहे हों, लेकिन भारत का मूल स्वरूप और सामूहिक चेतना कभी नहीं टूटी। स्वतंत्रता संग्राम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ब्रिटिश साम्राज्य का सूर्य भले दुनिया में कभी अस्त नहीं होता था, लेकिन भारत ने एक लंबी लड़ाई के बाद उसे खत्म कर दिखाया। 1857 से 1947 तक 90 साल संघर्ष करने के बाद आजादी मिली और आवाज कभी दबने नहीं दी गई।
समाज की एकता पर भागवत ने दिया विशेष जोर
भागवत ने समाज की एकता पर विशेष जोर दिया और कहा कि आरएसएस राजनीति नहीं करता और न ही किसी संगठन को नियंत्रित करता है। इंफाल में आदिवासी नेताओं से मुलाकात के दौरान उन्होंने साझा चेतना और आपसी सहयोग की अपील की। उनके अनुसार एकता बनाए रखने के लिए एकरूपता आवश्यक नहीं, लेकिन समाज के भीतर जुड़ाव जरूरी है। आर्थिक स्वावलंबन पर बात करते हुए भागवत ने कहा कि राष्ट्र को इतना सक्षम होना चाहिए कि अर्थव्यवस्था, सैन्य बल और ज्ञान—तीनों के आधार पर भारत किसी पर निर्भर न रहे। उन्होंने लक्ष्य बताया कि एक ऐसा देश बने जहां कोई नागरिक दुखी, बेरोजगार या वंचित न रहे और हर व्यक्ति समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान देकर सम्मान और आनंद से जीवन जी सके।
रीवा भाजपा कार्यालय में हितानंद का संबोधन, संगठनात्मक रणनीतियों पर हुई चर्चा
22 Nov, 2025 01:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एसआईआर लोकतंत्र की सुरक्षा का अभियान, कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से कार्य में जुटें
मतदाता सूची के शुद्धिकरण में भाजपा कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण
रीवा। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद जी ने शुक्रवार को रीवा भाजपा कार्यालय में रीवा संभाग की संभागीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया लोकतंत्र की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। पार्टी कार्यकर्ता पूर्ण निष्ठा के साथ इस अभियान को सफल बनाने में जुट़े। वास्तविक मतदाताओं का नाम सूची में सुरक्षित रहे और किसी पात्र मतदाता को कोई परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। भाजपा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे इस प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता और संकल्प के साथ सफल बनाएं। कार्यकर्ताओं की बूथ-स्तरीय सक्रियता से मतदाता सूची का शुद्धिकरण अभियान निश्चित रूप से सफल होगा और लोकतंत्र की जड़ें और अधिक मजबूत होंगी। बैठक को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल एवं संभाग प्रभारी श्री विजय दुबे ने भी संबोधित किया।
मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक अधिकारों को संरक्षित करने का अभियान
भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद जी ने कहा कि सभी कार्यकर्ता एसआईआर अभियान में सक्रिय सहभागिता कर मतदाताओं की पूरी मदद करें। पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र के बूथ स्तर तक पहुंचकर यह सुनिश्चित करे कि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में सही तरीके से जुड़े। 18 वर्ष आयु पूरी कर चुके युवाओं, विवाह के बाद परिवार में शामिल नए सदस्यों के नाम जोड़ना तथा आजीविका हेतु यहां रह रहे नागरिकों की सहायता करना कार्यकर्ताओं की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी वास्तविक व पात्र मतदाता को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष ध्यान दिया जाए। मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक अधिकारों को संरक्षित करने का अभियान है, इसलिए मतदाताओं में किसी भी प्रकार की आशंका या भ्रम न फैलने पाए, इसका भी कार्यकर्ता ध्यान रखें।
असत्य प्रचार करने वालों को तथ्यात्मक जानकारी के साथ जवाब दें
भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद जी ने कहा कि एसआईआर अभियान मतदाता सूची को स्वच्छ, शुद्ध एवं विश्वसनीय बनाने का माध्यम है। इसलिए बाहरी मतदाताओं या ऐसे लोगों पर भी विशेष ध्यान दिया जाए जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हो सकते हैं। यदि ऐसे नाम पाए जाते हैं, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत जानकारी बीएलओ एवं निर्वाचन आयोग को देकर मतदाता सूची को सटीक बनाने में सहयोग करना है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग एसआईआर को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि यह नाम हटाने का अभियान बिल्कुल नहीं है। इसका मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में केवल वही नाम रहें जो वास्तव में पात्र हैं, तथा कोई भी वास्तविक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता जन-जन को जागरूक करें और असत्य प्रचार करने वालों को तथ्यात्मक जानकारी के साथ जवाब दें। यह अभियान 4 दिसंबर तक चलेगा और इस दौरान सभी कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ कार्य करना है। बैठक में प्रदेश शासन की मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, श्रीमती राधा सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व विधायक श्री गिरीश गौतम, सांसद श्री गणेश सिंह, श्री जनार्दन मिश्रा, डॉ. राजेश मिश्रा, रीवा जिला अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र गुप्ता मंचासीन रहे। बैठक में रीवा संभाग के जिला अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, विधानसभा संयोजक एवं बीएलए उपस्थित रहे।
माघ मेले की तैयारियों पर फोकस: सीएम योगी ने किया स्थल निरीक्षण
22 Nov, 2025 12:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को संगम नगरी प्रयागराज का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संगम पर गंगा पूजन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की और आगामी माघ मेले की तैयारियों का गहनता से जायजा लिया। मुख्यमंत्री का आगमन पूर्वाह्न 10.30 बजे हुआ, जिसके बाद सीएम योगी विधायक हर्षवर्धन वाजपेई के आवास पर पहुंचे। यहां पवनसुत हनुमान जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा में भी भाग लिया। इस अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
संगम पर गंगा पूजन और मेले की समीक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गंगा पूजन कार्यक्रम के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। संगम के बीच एक छोटी फ्लोटिंग जेटी (तैरता हुआ घाट) का निर्माण किया गया, जिससे गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे सामान्य दिनों की भांति स्नान कर सकें। मुख्यमंत्री ने माघ मेले की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी की। उन्होंने मेले के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माघ मेला उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और इसे भव्यता व सुगमता के साथ संपन्न कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने की हिदायत दी।
हनुमान मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा
अपने प्रवास के दौरान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक हर्षवर्धन वाजपेई के आवास पर पहुंचकर पवनसुत हनुमान जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई। इस धार्मिक अनुष्ठान में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया, जो मुख्यमंत्री के आगमन से उत्साहित थे।
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