राजनीति
राहुल गांधी समेत सोनिया-प्रियंका को नोटिस
25 Dec, 2025 09:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत सोनिया-प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खडग़े को लखनऊ कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। राहुल गांधी के एक बयान को लेकर दाखिल परिवाद पर एमपी-एमएलए कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा- विवादित बयान को लेकर सभी 5 जनवरी 2026 को जवाब दाखिल करें। परिवाद अधिवक्ता नृपेन्द्र पांडेय की ओर से दाखिल किया गया था।
नृपेन्द्र पांडेय ने कोर्ट को बताया-15 जनवरी 2025 को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस के नवनिर्मित मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ के उद्घाटन के अवसर पर राहुल गांधी गांधी ने कहा था- वी आर नाउ फाइटिंग द बीजेपी, द आरएसएस एंड द इंडियन स्टेट इटसेल्फ। परिवाद में दावा है कि यह बयान भारत राष्ट्र और उसकी संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है, जिसे जानबूझकर और सोच-समझकर दिया गया है।
‘इंडियन स्टेट’ की व्याख्या को बनाया आधार
परिवाद में ‘इंडियन स्टेट’ की व्याख्या करते हुए कहा गया है कि इसका अर्थ केवल सत्ताधारी दल नहीं, बल्कि भारत की संसद, न्यायपालिका, कार्यपालिका और समूची संवैधानिक व्यवस्था से है। ऐसे में ‘इंडियन स्टेट’ के खिलाफ लडऩे की बात करना भारत राष्ट्र, उसकी एकता और अखंडता के विरुद्ध है। यह राष्ट्र दोह के दायरे में आता है।
बयान का कोई विरोध या खंडन नहीं किया
परिवाद में कहा गया है कि कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खडग़े, सोनिया गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी वाड्रा और जयराम रमेश ने राहुल गांधी के इस बयान का कोई विरोध या खंडन नहीं किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि बयान सामूहिक सहमति से दिया गया है।
देश को अस्थिर करने की साजिश का आरोप
परिवादी नृपेन्द्र पांडेय ने अदालत में दलील दी कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी बार-बार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर, युवाओं और आम जनता के मन में भ्रम और असंतोष फैलाने का काम कर रहे हैं। इससे देश को अस्थिर करने और सामाजिक सौहार्द बिगाडऩे की साजिश की आशंका जताई गई है। लखनऊ के हजरतगंज थाने से जुड़े इस परिवाद की सुनवाई एसीजेएम तृतीय/एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट में हुई। न्यायालय ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए 5 जनवरी 2026 को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई में अदालत यह तय करेगी कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई किस दिशा में बढ़ेगी।
राहुल गांधी ने दिया विवादित बयान.........फंस गए खुद और सोनिया-प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन
25 Dec, 2025 08:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सहित सोनिया-प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खड़गे को लखनऊ कोर्ट ने नोटिस दिया है। राहुल गांधी के एक बयान को लेकर दाखिल परिवाद पर एमपी-एमएलए कोर्ट ने सख्त रुख दिखाकर कहा कि विवादित बयान को लेकर सभी 5 जनवरी 2026 को जवाब दाखिल करें। परिवाद अधिवक्ता नृपेन्द्र पांडेय की ओर से दाखिल किया गया था।
पांडेय ने कोर्ट को बताया कि 15 जनवरी 2025 को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस के नवनिर्मित मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ के उद्घाटन के मौके पर राहुल गांधी ने कहा था कि वी आर नाउ फाइटिंग द बीजेपी, द आरएसएस एंड द इंडियन स्टेट इटसेल्फ। परिवाद में दावा है कि यह बयान भारत राष्ट्र और उसकी संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है, इतना ही नहीं इस बयान को जानबूझकर और सोच-समझकर दिया गया है।
परिवाद में ‘इंडियन स्टेट’ की व्याख्या कर बताया गया कि इसका अर्थ केवल सत्ताधारी दल नहीं, बल्कि भारत की संसद, न्यायपालिका, कार्यपालिका और समूची संवैधानिक व्यवस्था से है। इसतरह से ‘इंडियन स्टेट’ के खिलाफ लड़ने की बात करना भारत राष्ट्र, उसकी एकता और अखंडता के विरुद्ध है। यह राष्ट्र दोह के दायरे में आता है।
परिवाद में इस बात का भी ज्रिक किया गया कि कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी वाड्रा और जयराम रमेश ने राहुल गांधी के बयान का कोई विरोध या खंडन नहीं किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि बयान सामूहिक सहमति से दिया गया है।
CM हिमंत बिस्वा बोले…अगर 10 फीसदी घुसपैठिये बढ़े तो असम भी बन जाएगा बांग्लादेश का हिस्सा
24 Dec, 2025 05:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुवाहाटी: असम (Assam) के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (CM Himanta Biswa Sarma) ने मंगलवार को बांग्लादेश से अवैध अप्रवासन (Illegal immigration from Bangladesh) के गंभीर जनसांख्यिकीय प्रभाव पर चिंता जताई। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस प्रवृत्ति को नहीं रोका गया तो असम को गंभीर राजनीतिक और क्षेत्रीय परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। एक आधिकारिक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सरमा ने कहा कि जनसांख्यिकीय परिवर्तन का मुद्दा पिछले पांच वर्षों से उनके लिए एक प्रमुख चिंता का विषय रहा है। उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेशी मूल के लोग वर्तमान में असम की आबादी का लगभग 40 प्रतिशत हैं और चेतावनी दी कि इसमें और वृद्धि होने से राज्य अत्यधिक संवेदनशील स्थिति में आ सकता है।
असम में लगभग 40 प्रतिशत आबादी बांग्लादेशी मूल की
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बांग्लादेश में हाल के घटनाक्रमों पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि असम में लगभग 40 प्रतिशत आबादी बांग्लादेशी मूल की है। अगर इसमें 10 प्रतिशत की और वृद्धि होती है, तो असम स्वतः ही बांग्लादेश में शामिल हो जाएगा। इसीलिए मैं पिछले पांच वर्षों से लगातार इस मुद्दे को उठा रहा हूं। सरमा की ये टिप्पणी बांग्लादेश की नवगठित नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के नेता हसनत अब्दुल्ला द्वारा इसी महीने दिए गए एक विवादास्पद बयान के संदर्भ में आई है।
एनसीपी नेता के बयान पर पलटवार
अब्दुल्ला ने कथित तौर पर कहा था कि अगर भारत बांग्लादेश को अस्थिर करने का प्रयास करता है, तो ढाका को भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को अलग-थलग कर देना चाहिए और क्षेत्र में अलगाववादी तत्वों को समर्थन देना चाहिए। एनसीपी नेता ने भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र को भौगोलिक रूप से कमजोर भी बताया था और इसकी निर्भरता संकरे सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर बताई थी, जिसे आमतौर पर ‘चिकन नेक’ कहा जाता है, जो पूर्वोत्तर को देश के शेष भाग से जोड़ता है। इन बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरमा ने दोहराया कि अनियंत्रित अवैध अप्रवासन न केवल असम के जनसांख्यिकीय संतुलन के लिए, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, राजनीतिक स्थिरता और पूर्वोत्तर की संवैधानिक अखंडता के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है।
‘तत्काल समाधान किया जाना चाहिए’
उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ के कारण होने वाले जनसांख्यिकीय परिवर्तन के दीर्घकालिक परिणाम होंगे और इनका तत्काल समाधान किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने असम की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा और स्वदेशी समुदायों के अधिकारों और पहचान की सुरक्षा के लिए कड़े और निरंतर उपायों की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार असम के भविष्य के लिए किसी भी खतरे को रोकने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरमा ने आगे कहा कि क्षेत्रीय और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच क्षेत्र में शांति, स्थिरता और एकता सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता और निर्णायक कार्रवाई आवश्यक है।
‘ऐसे दिखा रहे हैं जैसे पुतिन-जेलेंस्की साथ आ गए’, ठाकरे बंधुओं के गठबंधन पर CM फडणवीस का तंज
24 Dec, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। ठाकरे बंधु (Thackeray Brothers) बीएमसी चुनाव (BMC Election) के लिए साथ आए हैं। बुधवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने शिवसेना यूबीटी और मनसे के गठबंधन का एलान किया। हालांकि सीएम फडणवीस (CM Devendra Fadnavis) के एक बयान से लग रहा है कि भाजपा ने ठाकरे बंधुओं के इस गठबंधन को कोई तवज्जो नहीं दी है। सीएम फडणवीस ने कहा, ‘शिवसेना यूबीटी और मनसे के गठबंधन को ऐसे प्रचारित किया जा रहा है, जैसे रूस और यूक्रेन साथ आ गए हो और जेलेंस्की और पुतिन बातचीत कर रहे हो।’
मुख्यमंत्री ने शिवसेना यूबीटी और मनसे पर निशाना साधते हुए कहा, ‘दोनों पार्टियां अस्तित्व के संकट से जूझ रही हैं, इन पार्टियों ने बार-बार अपनी भूमिकाएं बदलकर लोगों के बीच अविश्वास पैदा किया है, इन्होंने तुष्टिकरण की राजनीति कर अपना वोटबैंक खो दिया है। इनके साथ आने से कौन सा फर्क पड़ने वाला है। अगर ये अपना अस्तित्व बचाने के लिए साथ आ रही हैं तो ये चुनाव नहीं जीत सकते। दोनों भाईयों की अब कोई विचारधारा नहीं बची है, ये सिर्फ अवसरवादिता की राजनीति कर रहे हैं।’
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने ठाकरे बंधुओं के गठबंधन पर कहा, ‘वे अपनी जमीन खो चुके हैं। उद्धव ठाकरे की पार्टी निकाय चुनाव में 228 सीटों से आठ सीटों पर सिमट गई है। ऐसा ही मुंबई में होगा। यही वजह है कि वे साथ आ रहे हैं। हम उन्हें साथ आने के लिए शुभकामनाएं देते हैं। मुंबई के लोग विकास के लिए वोट करेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विकसित मुंबई का संकल्प लिया है मुंबई को अंतरराष्ट्रीय शहर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। हमारा घोषणा पत्र हमें जीत दिलाएगा। दोनों भाई साथ आ रहे हैं, सिर्फ इसलिए उन्हें सहानुभूति वोट नहीं मिलेंगे। उनके पास सभी सीटों पर उम्मीदवार भी नहीं है और न ही कार्यकर्ता हैं।’
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उद्धव और राज ठाकरे के गठबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा, अगर इन लोगों के पास असल में इतनी ताकत है तो वे हालिया निकाय चुनाव में बुरी तरह से क्यों हारे? कांग्रेस न उद्धव ठाकरे के साथ है और न ही शरद पवार के साथ, इसलिए इन्हें किसी की जरूरत है, जैसे डूबते को तिनके का सहारा। इसी तरह से उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे का समर्थन चाहते हैं। मुझे नहीं लगता इससे बहुत फायदा होगा।
उद्धव और राज ठाकरे के गठबंधन पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता विजय वडेट्टिवार ने कहा, हालिया निकाय चुनाव में कांग्रेस, जो महाविकास अघाड़ी गठबंधन में बड़े भाई की भूमिका में है, सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और गठबंधन की दोनों पार्टियों से ज्यादा सफल रहे। अगर दोनों भाईयों ने साथ आने का फैसला किया है तो हम इससे खुश हैं। हम उन्हें बधाई देते हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी कभी भी मनसे के साथ नहीं जुड़ेगी। हम शिवसेना यूबीटी और एनसीपी एसपी के साथ खड़े रहेंगे। महाराष्ट्र के लिए मराठी लोग क्या फैसला करते हैं, ये उन पर है।
संचार राज्य मंत्री ने कहा- नागरिक सेवा और राजस्व स्थिरता साथ चलनी चाहिए
24 Dec, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ.पेम्मासानी चंद्र शेखर ने भारतीय डाक विभाग को व्यावसायिक प्रगति के लिए सक्रिय और रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया है, जिसमें उच्च वस्तु और सेवा कर भुगतान करने वाले व्यवसायों और संस्थाओं तक पहुंच बनाना शामिल है। उन्होंने प्रत्येक डाक मंडल में उत्पाद या सेवा में रुचि दिखाने वाले व्यक्तियों और कंपनियों को भुगतान करने वाले ग्राहक में बदलने और अर्जित राजस्व की दैनिक स्तर पर निगरानी के लिए समर्पित मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव टीमों की स्थापना की वकालत की। उन्होंने डाक मंडल प्रमुखों से स्थानीय स्थिति, कारोबार और व्यावसायिक क्षमता अनुरूप वहां की क्षेत्रीय शक्ति का लाभ उठाकर अनुकूलित विकास रणनीतियां लागू करने का आह्वान किया।
संचार राज्य मंत्री प्रमुख डाक सर्किलों के कामकाज पर नज़दीकी नज़र रखने के लिए मासिक स्तर पर समीक्षा बैठकें आयोजित कर रहे हैं। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा निर्धारित त्रैमासिक निगरानी ढांचे के अंतर्गत इन बैठकों का नेतृत्व हर महीने डॉ. चंद्र शेखर स्वयं करते हैं ताकि इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित हो। इन समीक्षाओं का उद्देश्य समस्याओं की शीघ्र पहचान, त्वरित सुधार और सुनिश्चित करना है कि भारतीय डाक विभाग अपने सेवा और प्रदर्शन लक्ष्यों को निरंतर पूरा करे।
सभी 24 डाक सर्किलों से संबंधित चर्चा में परिचालन दक्षता, वित्तीय समावेशन, प्रचालन विस्तार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत दृष्टिकोण के अनुरूप प्रौद्योगिकी-आधारित सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया गया। संचार राज्य मंत्री ने वितरण सेवा मजबूत करने और बचत एवं बीमा पॉलिसी विस्तारित करने के लिए संसाधनों के अधिकतम उपयोग का आह्वान किया, जिससे देश की परिचालन संबंधी आवश्यकताएं पूरी की जा सकें। उन्होंने सभी प्रदर्शन मापदंडों - डाक और पार्सल संचालन, बचत और बीमा सेवाओं में - जन कल्याण के साथ ही वित्तीय समझदारी का संतुलन बनाए रखने का भी निर्देश दिया।
महाराष्ट्र की सियासत में बड़ी उठा-पटक: कांग्रेस से हाथ मिलाएंगे अजीत
24 Dec, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की सियासत में बड़ी उठा-पटक के संकेत मिले हैं। पुणे नगर निगम चुनाव में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए अजीत पवार वाली राकांपा कांग्रेस से गठबंधन करने जा रही है। यहां भाजपा ने अकेले चुनाव लडऩे का संकेत दिया है।
अजीत पवार ने स्वयं गठबंधन की संभावना तलाशने के लिए खुद ही कांग्रेस नेता सतेज पाटिल से फोन पर बातचीत की है। बातचीत के दौरान अजीत पवार ने संभावित गठबंधन पर चर्चा का प्रस्ताव रखा। इस पर सतेज पाटिल ने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी से बात करनी होगी, क्योंकि कांग्रेस पुणे नगर निगम में सम्मानजनक सीट हिस्सेदारी चाहती है। हालांकि सूत्रों का मानना है कि एनसीपी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावना फिलहाल बहुत कम है, लेकिन बड़ी बात ये है कि उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने खुद ये पहल की है। यह गठबंधन इतना आसान नहीं है, क्योंकि कांग्रेस 165 सदस्यीय पुणे नगर निगम में कम सीटों पर समझौते के पक्ष में नहीं है। कांग्रेस का तर्क है कि पुणे लोकसभा सीट पहले से ही पार्टी के हिस्से में है और जमीनी ताकत बनाए रखने के लिए उससे अधिक सीटों की मांग होगी।
कृभको द्वारा पंचकूला में आयोजित राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन को संबोधित करेंगे केंद्रीय गृहमंत्री शाह
24 Dec, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सतत कृषि को बढ़ावा देने, प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) की भूमिका के विस्तार, लघु एवं सीमांत किसानों की आय स्थिरता, सहकारिता आधारित कृषि मॉडल को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के अनुरूप मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर नीति एवं क्रियान्वयन से जुड़े पहलुओं पर विचार-विमर्श हेतु, कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) द्वारा 24 दिसंबर 2025 को पंचकूला, हरियाणा के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन ‘सहकार से समृद्धि – सतत कृषि में सहकारिता की भूमिका’ का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे।
यह सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के दूरदर्शी विज़न को साकार करने तथा माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता मॉडल को जमीनी स्तर तक सुदृढ़ कर किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सम्मेलन में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा, केंद्रीय राज्य मंत्री (सहकारिता मंत्रालय) कृष्ण पाल गुर्जर एवं मुरलीधर मोहोल, हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा तथा कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भी सम्मेलन में भाग लेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दूध शीतकरण केंद्र, सलेमपुर (भिवानी) प्लांट और जाटूसाना (रेवाड़ी) हैफड आटा मिल का इ-लोकार्पण करेंगे। इसके साथ-साथ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री हरियाणा राज्य के सहकारी बैंकों के लाभार्थियों को रुपे प्लैटिनम डेबिट कार्ड का वितरण तथा हरियाणा कृभको द्वारा बनाये गए M-PACS के अध्यक्षों को पंजीकरण प्रमाणपत्रों का वितरण करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष (IYC) में हो रहीं विभिन्न गतिविधियों पर आधारित पोर्टल का लोकार्पण भी किया जायेगा।
विकसित भारत- जी राम जी योजना से विकसित, गरीबीमुक्त और रोजगारयुक्त गांव बनेंगे- मंत्री शिवराज चौहान
24 Dec, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान में नागौर की मेड़ता सिटी में वृहद किसान सम्मेलन में विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों के बैंक खातों में सहायता राशि हस्तातंरित की। कृषि मंत्री ने कहा कि राजस्थान ने पिछले 2 साल में विकास का नया इतिहास रचा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की 12,600 सड़कों के निर्माण के लिए 2 हजार 89 करोड़ रुपये की धनराशि आज जारी कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक नए भारत का उदय हो रहा है। एक वैभवशाली, गौरवशाली, संपन्न, समृद्ध, शक्तिशाली, विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की ओर हम तेजी से बढ़ रहे हैं। चौहान ने कहा कि राजस्थान में कृषि क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। ज्यादा उपज देने वाले जलवायु अनुकूल नई किस्म के बीज का निर्माण प्रदेश में तेजी से हुआ है। साथ ही उत्पादन की लागत कम करने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 6,000 रुपये की धनराशि के साथ अतिरिक्त 3,000 रुपये की राशि देने का काम भी राज्य सरकार ने किया है। 9,000 रुपये की इसी राशि से किसान लाभांवित हुए हैं और कृषि उत्पादन की लागत में कमी आई है।
मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि पिछले 2 वर्षों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री के नेतृत्व राजस्थान को 29 हजार करोड़ रु की धनराशि दी गई है। उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में जो कमियां थी उसे भी दूर करने का प्रयास किया है। क्लेम में देरी करने पर बीमा कंपनियों को 12 प्रतिशत ब्याज सीधे किसानों के बैंक खातों में डालने का प्रावधान किया है।
केंद्रीय मंत्री ने एमएसपी का भी जिक्र कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में एमएसपी दोगुना करने का काम किया गया है। इस साल केंद्र सरकार ने राजस्थान से लगभग 2 हजार 680 करोड़ रुपये की 3 लाख 5 हजार मीट्रिक टन मूंग खरीद को मंजूरी दी। वही 5 लाख 54 हजार मीट्रिक टन मूंगफली खरीदने का काम भी किया जाएगा, 2 लाख 65 हजार मीट्रिक टन सोयाबीन भी खरीदने का काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब भी जरूरत होगी केंद्र सरकार किसानों को उचित दाम देगी और एमएसपी खरीद में कोई कमी नहीं छोड़ेगी।
केंद्रीय मंत्री ने नए बने विकसित भारत- जी राम जी कानून की भी चर्चा की और कहा कि विपक्ष इसकी बेवजह आलोचना करने में जुटा है, वास्तविकता यह है कि इस कानून से भारत के गांवों का कायाकल्प होने जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक बेहतरीन योजना का निर्माण हुआ है। इस योजना में मजदूरों का कल्याण और किसानों का ध्यान दोनों को बराबर महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि नए कानून के तहत रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिए गए हैं। मजदूरों को डराने और भ्रम फैलाने की साजिश रची जा रही है। श्री चौहान ने कहा कि यूपीए काल में 40 हजार करोड़ से अधिक धनराशि मनरेगा पर खर्च नहीं की गई, वही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 1 लाख 11 हजार करोड़ रुपये तक प्रतिवर्ष मनरेगा के तहत खर्च किए गए और इस साल इसके लिए प्रस्तावित बजट राशि लगभग 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये है।
महाराष्ट्र स्थानीय चुनाव में BJP की जीत से विपक्ष के साथ सहयोगियों पर पड़ेगा असर, बढ़ सकती है शिंदे की टेंशन
23 Dec, 2025 12:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । महाराष्ट्र (Maharashtra) में स्थानीय निकाय चुनाव (Local body elections) में भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Congress) गठबंधन ‘महायुति’ ने 75 प्रतिशत सीटों पर जीत दर्ज की है। महायुति ने कुल 288 में से 215 निकायों में अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। विधानसभा चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव में भी सबसे बड़े दल के तौर पर उभरकर सामने आई है। पार्टी ने 129 अध्यक्ष की कुर्सी हासिल की हैं। अब कहा जा रहा है कि इस जीत का असर विपक्ष के साथ-साथ राज्य में भाजपा के सहयोगियों पर भी पड़ सकता है।
चुनाव और नतीजे
महाराष्ट्र में 286 नगर पंचायतों और नगर परिषदों के लिए दो चरणों में दो दिसंबर और 20 दिसंबर को मतदान हुआ था। इनमें 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायत शामिल हैं। पहले चरण में 263 निकायों के लिए 67 प्रतिशत, जबकि दूसरे चरण में 23 निकायों के लिए 47 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया था। रविवार सुबह से सभी निकायों के लिए मतगणना आरंभ हुई।
देर शाम तक जारी नतीजों में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी (अजित पवार) की महायुति 215 निकाय अध्यक्ष पदों पर जीत दर्ज कर चुकी थी। इनमें भारतीय जनता पार्टी ने 129, शिवसेना ने 51 और एनसीपी (अजित पवार) ने 35 अध्यक्ष पद जीते हैं।
महायुति प्रत्याशियों में कई जगह रही ‘फ्रेंडली फाइट’
महायुति के तीनों घटक दलों भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के बीच कई निकायों में फ्रेंडली फाइट भी रही। इन स्थानों पर इन दलों ने अपने-अपने अलग प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। ऐसे मुकाबलों में कणकवली, दहानू, पालघर में शिवसेना ने भाजपा को हराया। वहीं, लोहा में अजित पवार की एनसीपी ने भाजपा के अध्यक्ष प्रत्याशी गजानन सूर्यवंशी और उनके पांच परिजनों को शिकस्त दी। दिलचस्प यह है कि यहां एनसीपी के विजयी अध्यक्ष प्रत्याशी का नाम शरद पवार है। दूसरी ओर, भाजपा ने वडनगर में शिवसेना पर जीत दर्ज की।
सहयोगियों के लिए क्या मायने
लोकसभा या विधानसभा चुनाव की तरह भाजपा ने स्थानीय चुनाव में प्रचार किया। कहा जा रहा है कि इसके जरिए पार्टी के पास यह जानने का मौका था कि वह अपने लक्ष्य ‘शत प्रतिशत भाजपा’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है या नहीं। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह वह राजनीतिक भविष्य है, जहा भाजपा को अपने सहयोगियों की जरूरत नहीं होगी।
ऐसे में स्थानीय चुनाव अहम मील का पत्थर साबित हुए। नतीजतन, भाजपा के सहयोगी इस चुनाव को उतने सकारात्मक ढंग से न देखें, जितना पार्टी खुद देखेगी। अखबार से बातचीत में भाजपा के एक नेता ने कहा, ‘ये नतीजे 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनाव में कार्यकर्ताओं का आत्मविश्वास बढ़ाएंगे।’
विपक्ष का क्या
विधानसभा चुनाव में बड़े झटके के बाद स्थानीय चुनाव में पिछड़ना विपक्ष की मुश्किलें बढ़ा सकता है। खासतौर से तब जब BMC यानी बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव में कुछ हफ्तों का समय बाकी रह गया है। यहां शिवसेना (यूबीटी) 3 दशक के अपने प्रभाव को बनाए रखना चाहेगी। स्थानीय चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एसपी) सीटों के दोहरे आंकड़ों को भी नहीं छू पाई। पहले से ही फूट के कारण कमजोर हुए दलों के लिए ये नतीजे चिंता का सबब बन सकते हैं।
देवेंद्र फडणवीस का बयान
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा, ‘यह संगठन और सरकार दोनों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। हमने विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा। मैंने सकारात्मक विकास एजेंडे पर आधारित अभियान का नेतृत्व किया और मैंने कभी किसी राजनीतिक नेता या पार्टी की आलोचना नहीं की।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने विकास एजेंडा, अब तक किए गए कार्यों और भविष्य की योजनाओं के आधार पर वोट मांगे। उन्होंने कहा, ‘पहली बार मैंने शत-प्रतिशत सकारात्मक वोट मांगे थे, और लोगों ने हमें शत-प्रतिशत सकारात्मक वोट दिए।’
कर्नाटक में CM पद के लिए खींचतान जारी… जानिए विवाद को लेकर क्या बोले खरगे
23 Dec, 2025 11:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। कर्नाटक (Karnataka) में मुख्यमंत्री पद (Chief Minister’s post) को लेकर चल रही टसल ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच रखा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Chief Minister Siddaramaiah) और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (Deputy Chief Minister DK Shivakumar) के बीच खुलेआम तो नहीं लेकिन एक खींचतान तो चलती आ रही है। नेता भले ही खुलेआम कुछ न बोलें, लेकिन समर्थक जरूर बात करते हैं। इस समस्या को लेकर कई लोगों का मानना है कि यह कांग्रेस हाई कमान की अस्पष्ट सोच के कारण हुआ है। इसका जवाब देते हुए खरगे ने रविवार को साफ किया कि कर्नाटक का सत्ता संघर्ष केवल स्थानीय स्तर पर है, इसका कांग्रेस हाई कमान से कोई लेना देना नहीं।
पत्रकारों से बात करते हुए खरगे ने इस बात से पूरी तरह से इनकार किया कि कांग्रेस हाई कमान की वजह से अनिश्चितता पैदा हुई है। उन्होंने तर्क दिया कि स्थानीय नेताओं को अपने आंतरिक मतभेदों की जिम्मेदारी खुद लेनी चाहिए। उन्होंने कहा, “हाईकमान ने कोई भ्रम की स्थिति पैदा नहीं की। यह सब स्थानीय स्तर की बात है। इसका दोष हाई कमान पर मढ़ना सही नहीं है।
पार्टी के कर्नाटक चुनाव जीतने को लेकर शिवकुमार और सिद्धारमैया दोनों पक्षों के बीच में चल रहे विवाद में जीत का श्रेय लेने की भी खूब होड़ लगी हुई है। कांग्रेस अध्यक्ष ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने संगठन और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि पार्टी की जीत सामूहिक प्रयास का नतीजा है, न कि किसी एक व्यक्ति कि महत्वाकांक्षा का।
खरगे का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब राज्य में मुख्यमंत्री विवाद चरम पर नजर आ रहा है। दोनों पक्ष के लोग एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और सार्वजनिक रूपसे अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। खरगे से जब पूछा गया कि क्या कर्नाटक की सत्ता को लेकर डीके शिवकुमार दिल्ली में हाई कमान से मिलेंगे। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह की किसी भी यात्रा की जानकारी नहीं है।
टीएमसी से निकाले गए हुमायूं ने भरी हुंकार..........2026 में ममता सत्ता में नहीं वापस आएगी
23 Dec, 2025 10:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने नया राजनीतिक दल बनाने की घोषणा की। कबीर ने बताया कि उनकी पार्टी का नाम जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) होगा। इसकी राज्य समिति में 75 सदस्य हैं, जिसमें करीब 20 प्रतिशत प्रतिनिधित्व हिंदू समुदाय का होगा। कबीर ने बताया कि पार्टी की औपचारिक शुरुआत मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में एक जनसभा के दौरान होगी।
बात कि मुर्शिदाबाद मुस्लिम बहुल जिला है। इस क्षेत्र में राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से 30 सीटें हैं। वर्ष 2026 के मार्च-अप्रैल में बंगाल विधानसभा चुनाव होने हैं। श्री कबीर ने कहा कि इस दौरान वह आगामी विधानसभा चुनावों के लिए करीब पांच संभावित उम्मीदवारों की भी घोषणा करने वाले है।
उन्होंने कहा कि वे रेजीनगर और बेलडांगा दोनों सीटों से चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं और उन्हें 2026 में दोनों सीटें जीतने का भरोसा है। बेलडांगा मैदान में उनके सैकड़ों समर्थकों के बीच कुछ के हाथों में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के झंडे भी लहरा रहे थे।
सुंदरबन उन्नयन शैक्षिक ट्रस्ट से जुड़े एक समर्थक ने शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने के लिए एक करोड़ की राशि देने की भी घोषणा की। कबीर ने कहा कि प्रस्तावित बाबरी मस्जिद परिसर के पास इस भविष्य में स्थापित किया जाएगा। कबीर ने दावा किया कि उनकी पार्टी का झंडा जल्द ही पूरे राज्य में दिखेगा। पार्टी का झंडा तृणमूल कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज जैसा होगा। उन्होंने कहा कि वह पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए काम करता रहूंगा। कबीर ने कहा, चुनाव आयोग की ओर से आवंटन के आधार पर पार्टी का चिह्न टेबल, जोड़ा गुलाब या नारियल पेड़ हो सकता है। मेरी पहली पसंद टेबल है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी राज्य में अगली सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी और मुर्शिदाबाद में जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) सीपीआई(एम), इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) और कांग्रेस के साथ गठबंधन करेगी। कबीर ने कहा, हम मुर्शिदाबाद में नया इतिहास रचने जा रहे हैं। 2026 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस समाप्त हो जाएगी।
केंद्र सरकार पर बरसीं सीएम ममता बनर्जी
23 Dec, 2025 09:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चुनाव आयोग केवल भाजपा के इशारे पर कर रहा काम
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कोलकाता में आयोजित पार्टी बैठक में ममता ने कहा कि चुनाव आयोग अब स्वतंत्र संस्था की तरह काम नहीं कर रहा, बल्कि भाजपा के निर्देशों पर चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची तैयार करने में भारी स्तर पर गलतियां हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया जानबूझकर की जा रही है ताकि खास समुदायों के वोट छीने जा सकें। उन्होंने ने साफ चेतावनी दी कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जो पार्षद और पार्टी कार्यकर्ता निष्क्रिय रहेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बूथ स्तर के एजेंटों को सतर्क रहने और मतदाताओं की रक्षा करने का निर्देश दिया।
मटुआ समुदाय को निशाना बनाने का दावा
ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि मटुआ समुदाय के मताधिकार को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए प्रशासनिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। ममता ने केंद्र से भेजे गए माइक्रो ऑब्जर्वरों की नियुक्ति पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों को स्थानीय भाषा और हालात की समझ नहीं है, जिससे आम मतदाताओं को परेशानी हो रही है।
लोकतंत्र बचाने की लड़ाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
सोनिया बोलीं-मनरेगा खत्म होगा तो करोड़ों गरीब बेरोजगार होंगे, सालभर काम की गारंटी खत्म हो जाएगी
23 Dec, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोदी मजदूरों का पैसा बढऩे नहीं देना चाहते
नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी मनरेगा को खत्म करने से गांवों में रहने वाले करोड़ों लोगों पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने मनरेगा के खत्म होने को सामूहिक नाकामी बताया और इसके खिलाफ सभी से एकजुट होने की अपील की है। सोनिया गांधी का यह बयान तब आया है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विकसित भारत ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) बिल को मंजूरी दे दी है, जो मनरेगा की जगह लेगा। इस नए कानून में ग्रामीण मजदूरों को 125 दिन काम देने की गारंटी दी गई है। सोनिया गांधी ने एक अंग्रेजी अखबार में लिखे अपने कॉलम द बुलडोजर डिमॉलिश ऑफ मनरेगा में यह बात कही।
सोनिया गांधी ने कहा कि मनरेगा, महात्मा गांधी के सर्वोदय यानि ‘सबका कल्याण’ के विचार पर आधारित था। इसने काम के अधिकार को मजबूत किया है। उन्होंने कहा, संकट से बचने के लिए ग्रामीणों के लिए बने इस रोजगार गारंटी कानून को बुलडोजर चलाकर खत्म कर दिया गया है। रूत्रहृक्रश्वत्र्र संविधान के अनुच्छेद 41 से प्रेरित था, जिसमें नागरिकों को काम का अधिकार देने की बात कही गई है। सोनिया ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने बिना चर्चा, बिना सलाह और संसद की प्रक्रिया का सम्मान किए बिना योजना को खत्म कर दिया। जबकि महात्मा गांधी का नाम हटाना तो सिर्फ शुरुआत थी, असल में पूरी योजना को ही खत्म कर दिया गया है।
नया कानून अफसरशाही नियमों का ढांचा
सोनिया ने नए कानून को अफसरशाही नियमों का ढांचा बताया। उन्होंने दावा किया कि इस योजना का दायरा अब केंद्र सरकार की मर्जी से होगा। पहले जहां बजट की कोई सीमा नहीं थी। अब तय बजट होगा, जिससे राज्यों में काम के दिनों की संख्या सीमित हो जाएगी। इससे सालभर रोजगार की गारंटी खत्म हो जाएगी। सोनिया ने कहा की मनरेगा की सबसे बड़ी सफलता थी कि इससे ग्रामीण गरीबों, खासकर भूमिहीन मजदूरों की सौदेबाजी की ताकत बढ़ी और मजदूरी में सुधार हुआ। नया कानून इस ताकत को कमजोर कर देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मजदूरों का पैसा बढऩे से रोकना चाहती है, जबकि आजादी के बाद पहली बार कृषि क्षेत्र में रोजगार बढ़ा है।
रोजगार 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने का दावा झूठा
उन्होंने यह भी कहा कि नए कानून में खर्च का बड़ा बोझ राज्यों पर डालकर सरकार उन्हें इस योजना के तहत काम देने की राह में रुकावट डाल रही है। राज्यों की आर्थिक स्थिति पहले ही खराब है, अब यह और बिगड़ेगी। सोनिया गांधी ने कहा कि सरकार झूठा दावा कर रही है कि रोजगार 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि, मोदी सरकार ने पिछले 10 सालों में बजट रोकी, तकनीकी मुश्किलें खड़ी की और मजदूरों को देर से पैसा देकर मनरेगा को कमजोर किया है।
मनरेगा खत्म करना, संविधान पर हो रहे हमलों का हिस्सा
सोनिया गांधी ने अपने लेख में लिखा, काम का अधिकार खत्म करना संविधान पर लगातार हो रहे हमलों का हिस्सा है। वोट देने का अधिकार, सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, वन अधिकार कानून और भूमि अधिग्रहण कानून को भी कमजोर किया गया है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, तीन कृषि कानूनों के जरिए किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि रूस्क्क का अधिकार छीना गया और अब नेशनल फूड सिक्योरिटी कानून भी खतरे में है।
नगर परिषद चुनावों में मिली करारी हार.........वंचित बहुजन आघाड़ी से हाथ मिलने को बेकरार कांग्रेस
22 Dec, 2025 07:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव की ओर इशारा करती है। नगर परिषद चुनावों में महायुति (बीजेपी, शिंदे सेना, और अजीत पवार एनसीपी) की बड़ी जीत के बाद, विपक्षी दल अब बीएमसी (बीएमसी) चुनावों के लिए अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर हैं।
दरअसल नगर परिषद चुनाव में महायुति ने स्पष्ट बढ़त हासिल की हैं, जबकि महा विकास आघाड़ी काफी पीछे रह गई है। इस हार ने कांग्रेस को आत्मनिरीक्षण और नए सहयोगियों की तलाश के लिए प्रेरित किया है। वहीं शिवसेना-यूबीटी और मनसे (मनसे) के बीच संभावित गठबंधन की चर्चाओं ने कांग्रेस को असहज किया है, जिससे वह अब वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) की ओर हाथ बढ़ा रही है। पिछले 10 दिनों में 4 बैठकें हो चुकी हैं। रविवार की बैठक में मुंबई प्रभारी यूबी वेंकटेश, वर्षा गायकवाड़, असलम शेख और सचिन सावंत जैसे बड़े नेता शामिल थे। वहीं प्रकाश अंबेडकर की वीबीए का मुंबई के दलित और हाशिए पर रहने वाले समुदायों में मजबूत जनाधार है। कांग्रेस को उम्मीद है कि यह साथ मिलकर बीएमसी में सत्ताधारी गठबंधन को चुनौती दे पाएंगे। प्रतिनिधिमंडल में सावंत और शेख भी शामिल थे। पुरानी पार्टी ने इसके लिए एक 3 सदस्यीय समिति भी बनाई है, जिसमें अमीन पटेल, मधु चव्हाण और सचिन सावंत शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच अब तक सकारात्मक बातचीत हुई है और जल्द ही गठबंधन की घोषणा की जा सकती है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा ने कहा, इस बातचीत ने आने वाले दिनों में रचनात्मक बातचीत और लोकतांत्रिक जुड़ाव के महत्व को रेखांकित किया।
बीएमसी और अन्य 28 नगर निगमों के लिए 15 जनवरी को मतदान होना है, जिसका अर्थ है कि गठबंधन पर अंतिम मुहर बहुत जल्द लगनी होगी। मुंबई की 227 सीटों पर कांग्रेस और वीबीए के बीच सम्मानजनक समझौता करना सबसे बड़ी चुनौती होगी। यदि कांग्रेस और उद्धव ठाकरे अलग-अलग सहयोगियों के साथ चुनाव लड़ते हैं, तब इसका सीधा फायदा महायुति को मिल सकता है।
भागवत के बयान पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश का पलटवार...........गृहमंत्री पटेल ने गुरु गोलवलकर से क्या कहा था?
22 Dec, 2025 07:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और महासचिव जयराम रमेश ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भगवत के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने आरएसएस के गठन के कारण और सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा दिए गए निर्देशों पर सवाल उठाया था। कांग्रेस नेता रमेश ने कहा कि सरदार पटेल ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था। देश के पहले गृहमंत्री पटेल ने गुरु गोलवलकर से क्या कहा था? आप एक गुप्त संगठन हैं। एक संस्था बनिए। पारदर्शिता लाइए। गुप्त रूप से काम मत कीजिए। यह सरदार पटेल का आरएसएस को लिखा पत्र है।
कांग्रेस नेता रमेश ने आरएसएस की इस बात पर आलोचना की कि संगठन ने 50 वर्षों से अधिक समय तक अपने नागपुर मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया, ध्वज संहिता में बदलाव के बाद ही 2002 में फिर से शुरू किया। इसके अलावा, रमेश ने संघ की विचारधारा पर सवाल उठाकर 26 नवंबर, 1949 को भारत के संविधान को अपनाने के कुछ दिनों बाद रामलीला मैदान में अंबेडकर, सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू और महात्मा गांधी के पुतले जलाने की घटना का जिक्र किया। उन्होंने पूछा, किस विचारधारा ने ऐसा माहौल बनाया, जिसके कारण महात्मा गांधी की हत्या हुई?
उन्होंने पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसद और कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश का जिक्र किया, जिनसे जब पूछा गया कि गांधी या गोडसे? तब उन्होंने कहा, मुझे सोचना पड़ेगा, फिर भी उन्हें टिकट मिला और जिताया गया। उन्होंने कहा कि इसतरह के लोग राष्ट्रवाद के प्रमाण पत्र बांटने में व्यस्त हैं। उनकी ये टिप्पणियां आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत के उस बयान के बाद आईं, जिसमें उन्होंने कहा था कि आरएसएस एक कट्टर राष्ट्रवादी संगठन है।
कोलकाता में आरएसएस 100 व्याख्यान माला कार्यक्रम को संबोधित कर संघ प्रमुख भागवत ने कहा कि संघ हमेशा से यह तर्क देता आया है कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है, क्योंकि यहां की संस्कृति और बहुसंख्यक लोगों का हिंदू धर्म से जुड़ाव है। हालांकि, धर्मनिरपेक्ष शब्द मूल रूप से संविधान की प्रस्तावना का हिस्सा नहीं था, लेकिन इस तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लागू आपातकाल के दौरान संविधान (42वां संशोधन) अधिनियम, 1976 द्वारा समाजवादी शब्द के साथ जोड़ा गया था।
प्रधानमंत्री आवास योजना से स्वयं के पक्के मकान का सपना हुआ साकार
केदारनाथ मंदिर में नए नियम लागू, मोबाइल इस्तेमाल पर पूरी तरह बैन
मनरेगा की ‘डबरी’ और ‘बिहान’ के सहयोग से सविता बनीं आत्मनिर्भर
दिलीप घोष बोले- बंगाल में खिलेगा कमल, BJP की जीत का भरोसा
लेमरू में दौड़ी जिंदगी की नई रफ्तार, संजीवनी 108 सेवा से ग्रामीणों को मिल रहा त्वरित उपचार
छत के नेट से टीम इंडिया की कैप तक का सफर
केदारनाथ धाम में उत्सव का माहौल, कल सुबह खुलेंगे कपाट
सुपर सकर मशीन द्वारा लगातार चौथे दिन तानसेन नगर में सीवर सफाई कार्य जारी
रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में सूरजपुर बना प्रदेश में प्रथम स्थान पर
