राजनीति
कई बार अनुपस्थित रहे शशि थरूर, CWC मीटिंग में दौड़ते हुए पहुंचे, सीट किसके बगल में मिली?
27 Dec, 2025 04:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली में इंदिरा भवन स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक आयोजित की गई थी. जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के सभी दिग्गज नेता शामिल हुए. इस दौरान कई बार मीटिंग से गैर-हाजिर रहने वाले कांग्रेस सांसद शशि थरूर भी भागते-भागते पहुंचे. इस दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए मीडिया का अभिवादन भी किया. अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है |
CWC बैठक में शशि थरूर को सलमान खुर्शीद के बगल में बैठने की जगह मिली. इस बैठक में सबकी निगाहें शशि थरूर के ऊपर ही टिकी रहीं, क्योंकि वे कांग्रेस की कई बैठकों में अनुपस्थित रहे. इसके साथ ही पार्टी की लाइन से हटकर भी कई बार बयानबाजी कर चुके हैं. शशि थरूर संसद की शीतकालीन सत्र की बैठक के दौरान भी शामिल नहीं हुए थे. इसके अलावा पिछले महीने हुए 18 नवंबर बैठक से भी दूरी बनाए रखी. हालांकि, उन्होंने दोनों मीटिंग में न पहुंचने की भी वजह बताई थी |
बैठक के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे बोले कि मनरेगा को निरस्त किए जाने के खिलाफ देशव्यापी अभियान की जरूरत है. इसके लिए उन्होंने उदाहरण भी दिया कि कैसे सरकार को विरोध के बाद तीन कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ा था. इसके अलावा उन्होंने मतदाता सूची के एसआईआर की प्रक्रिया को लोकतांत्रित अधिकारों को कम करने की सुनियोजित साजिश बताया. खड़गे ने यह भी कहा कि बैठक उस दौरान हो रही है, जब लोकतंत्र, नागरिकों के अधिकारों और संविधान पर खतरा मंडरा रहा है. इसके साथ ही खड़गे ने बांग्लादेश में हो रहे हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले की निंदा करते हुए चिंता जताई |
बैठक में मनरेगा पर भी विस्तार से चर्चा हुई. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मनरेगा योजना को प्रमुख बिंदु बनाकर सारे देश में बड़ा आंदोलन चलाने का फ़ैसला किया गया है. उन्होंने बैठक में 5 प्वाइंट्स पर चर्चा के बारे में जानकारी दी |
5 प्वाइंट्स पर हुई चर्चा
1. 5 जनवरी से मरेगा के लिए आंदोलन
2. मनरेगा की कांग्रेस रक्षा करेगी
3. ग्रामीण मज़दूर के सम्मान, रोजगार और मजदूरी के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेंगे |
4. मनरेगा से गांधी जी का नाम मिटाने और मजदूर के रोजगार छीनने का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे |
5. हम गांव-गांव में संविधान और मजदूरों के अधिकार के लिए लड़ेंगे |
अखिलेश यादव बोले- SIR की चाल ने BJP को ही नुकसान पहुंचाया, यूपी में 2.89 करोड़ वोटर प्रभावित
27 Dec, 2025 03:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर प्रदेश में SIR की प्रक्रिया पूरा कर ली गई है, जिसमें 2.89 करोड़ वोटर्स के नाम काटे गए हैं. इसका फाइनल आंकड़ा और ड्राफ्ट लिस्ट 31 दिसम्बर को जारी किया जाएगा. यूपी में अब तक कुल 15 करोड़ करोड़ 44 लाख वोटर थे, जिसमें 2.89 करोड़ नाम कटने के बाद लगभग 12 करोड़ 55 लाख मतदाता बचेंगे. एसआईआर में नाम काटने को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपाई SIR ने अपने खोदे गड्ढे में भाजपा को ही गिरा दिया है |
यूपी में एसआईआर की आखिरी तारीख 26 दिसंबर 2025 रखी गई थी, जिसमें अंतिम डेट तक लगभग 2.89 करोड़ यानि 18.7 फीसदी मतदाता के नाम दर्ज नहीं हो पाए हैं. जानकारी के अनुसार इसमें 1.25 करोड़ वोटर्स ऐसे हैं, जो परमानेंट कहीं दूसरी जगह पर शिफ्ट हो चुके हैं. उन्होंने BLO को इसके बारे में खुद जानकारी दी है. इसके अलावा 45.95 लाख वोटर्स की मौत हो चुकी और 23.59 लाख डुप्लीकेट वोटर हैं. वहीं, 9.57 लाख वोटरों ने फॉर्म ही जमा नहीं किए और करीब 84 लाख वोटर लापता हैं |
SIR को लेकर सरकार को घेरा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने SIR को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि अब PDA सरकार बनाएगा, भाजपा का पीड़ा-राज मिटाएगा, सबके हिस्से तरक्की-खुशहाली लाएगा. उन्होंने कहा कि भाजपाई विधायकों के बीच यह समाचार पहले ही प्रसारित हो चुका है कि SIR में 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कट गए हैं |
दहाई का आंकड़ा नहीं पार कर पाएगी भाजपा: अखिलेश
अखिलेश यादव ने आगे कहा, “बकौल ‘एक वर्ष-शेष’ UP के सीएम इसमें से 85-90% उनके अपने वोटर कटे हैं. इसका राजनीतिक गणितीय विश्लेषण है. 2.89 करोड़ का अगर केवल 85% भी मान लिया जाए तो ये आंकड़ा होगा लगभग 2.45 करोड़. अब इस आंकड़े को यूपी की कुल 403 सीट से भाग दे दिया जाए तो ये आंकड़ा लगभग 61,000 वोट प्रति सीट आएगा. यानी BJP यूपी की हर एक सीट पर आनुपातिक रूप से 61000 वोट कम पाएगी. ऐसे में वो सरकार क्या बनाएगी, दहाई का अंक भी पार नहीं कर पायेगी. भाजपाई SIR ने अपने खोदे गड्ढे में भाजपा को ही गिरा दिया है.”
31 दिसंबर के बाद कर सकते हैं दावा-आपत्ति
बता दें, यूपी में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 31 दिसम्बर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी. इसके बाद 28 फरवरी 2026 को फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित होगी. अगर आपको एसआईआर को लेकर कोई दावा-आपत्ति करनी है तो 31 दिसंबर 2025 से 30 जनवरी 2026 के बीच कर सकते हैं |
हनुमान चालीसा बयान पर सियासत गरम, भूपेश बघेल पर अजय चंद्राकर का तंज
27 Dec, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर में सियासत उस वक्त गरमा गई जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हनुमान चालीसा को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। भूपेश बघेल हनुमान चालीसा बयान पर तंज कसते हुए चंद्राकर ने कहा कि बघेल भले ही हनुमान चालीसा पढ़ते हों, लेकिन उनका साथ “खड़े कुंभकरण-रावण” के साथ नजर आता है। उन्होंने दावा किया कि बघेल की वाणी और आचरण में हनुमान चालीसा का कोई प्रभाव दिखाई नहीं देता।
नाम नहीं, नियमों पर हो बहस
कांग्रेस द्वारा किसी नाम के विरोध पर चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि विवाद नाम को लेकर नहीं, बल्कि उसके प्रारूप और नियमों को लेकर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नए कानून के नए स्वरूप पर चर्चा जरूरी है। साथ ही यह भी जोड़ा कि भाजपा ने कभी राजीव गांधी या इंदिरा गांधी का नाम नहीं हटाया, वे सभी के लिए पूजनीय हैं और महात्मा गांधी विश्व आइकॉन हैं।
राहुल गांधी दौरे पर कटाक्ष
राहुल गांधी के संभावित छत्तीसगढ़ दौरे पर भी अजय चंद्राकर ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले आत्मचिंतन करना चाहिए कि पांच साल सत्ता में रहने के बाद जनता ने उन्हें क्यों नकारा। आरोप लगाया कि पार्टी के पास कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण का स्पष्ट विजन नहीं है और ग्रामीण कार्यकर्ता परेशान हैं।
कांग्रेस संगठन और गिरफ्तारी पर बयान
दिल्ली में कांग्रेस की बैठक पर टिप्पणी करते हुए चंद्राकर ने कहा कि पार्टी अब तक ब्लॉक अध्यक्ष तक तय नहीं कर पा रही है। वहीं, कांग्रेस नेता विनोद तिवारी की गिरफ्तारी पर उन्होंने साफ कहा कि यह न्यायालय के आदेश से हुई है, न कि भाजपा के कहने पर।
पानी संकट पर विधायक का अनोखा तरीका, अफसरों को फटकारते कहा ‘मेरा कनेक्शन भी काटो’
27 Dec, 2025 11:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजस्थान की भजनलाल सरकार के दो साल पूरे हो गए हैं, जिसके उपलक्ष्य में ‘विकास रथ’ के माध्यम से जनता से रूबरू होने के लिए सभी नेता गांव-गांव घूम रहे हैं. इस दौरान कामां से विधायक नौक्षम चौधरी भी दो साल के कार्यों को लेकर जनता के बीच पहुंची, जहां उनसे कुछ महिलाओं ने पानी की समस्या को लेकर शिकायत की. फिर क्या विधायक चौधरी नाराज होकर अधिकारियों को फोन घुमा दिया |
दरअसल, नौक्षम चौधरी जब कामां के वार्ड क्रमांक 6 पर पहुंची तो कई महिलाओं ने उनसे पानी की किल्लत को लेकर शिकायत की. महिलाओं का कहना था कि यहां एक हफ्ते से पानी नहीं आया. विधायक नौक्षम चौधरी को यह शिकायत भी उस दौरान मिली, जब वे जनता के बीच अपनी योजनाओं का बखान करने पहुंची थीं |
अफसरों की ली क्लास
महिलाओं की शिकायत सुनकर वह आगबबूला हो गईं और तुरंत जल विभाग के अधिकारी को फोन मिला दिया. इस दौरान विधायक ने कहा कि वार्ड क्रमांक 6 पर कई महिलाएं बैठी हैं, जो बता रही हैं कि यहां पानी 6-6 दिन नहीं आता. आप इसका तुरंत निदान करें. नहीं तो मेरे भी दफ्तर का पानी बंद कर दें. इस दौरान अधिकारी ने पानी की समस्या से तुरंत निजात दिलाने का आश्वासन दिया |
अधिकारियों को दी चेतावनी
इस दौरान फोन पर ही विधायक ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि कल से हर वार्ड का दौरा करें और पानी की समस्या को निपटाएं. उन्होंने कहा कि जनता को पानी के लिए तरसाना सरकार की मंशा के खिलाफ है. यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. विधायक के तुरंत एक्शन को लेकर वहां पर मौजूद लोगों ने कहा, विधायक हो तो ऐसा |
कामां होगा कामवन
इसके अलावा उन्होंने कामां का नाम बदलने की भी बात कही. विधायक ने कहा कि काफी समय से क्षेत्रवासियों की मांग है कि कामां का नाम बदल दिया जाए, तो बता दें कि जल्द ही यह मांग अब पूरी होने वाली है. नए साल में कामां का नाम बदलकर ‘कामवन’ कर दिया जाएगा. यानी अब नए साल से कामां, कामवन के नाम से जाना जाएगा |
शशि थरूर ने भारत में बांग्लादेश जैसी हिंसा की संभावना से किया इनकार, यूनुस सरकार को दी नसीहत
26 Dec, 2025 11:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । बांग्लादेश (Bangladesh) में जारी हिंसा के बीच वहां के हिंदुओं (Hindus) के लिए हालात नाजुक हो गए हैं। इसकी प्रतिक्रिया स्वरूप भारत में भी कुछ समूहों ने बांग्लादेश के विरोध में प्रदर्शन किया है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Congress MP Shashi Tharoor) से जब इन विरोध प्रदर्शनों के हिंसक होने की आशंका के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इससे इनकार किया। केरल सांसद ने कहा कि हमारे लोकतंत्र में किसी को भी प्रदर्शन करने का अधिकार है। अभी तक ऐसा किसी को भी महसूस नहीं हुआ कि यह प्रदर्शन नियंत्रण से बाहर जा रहे हैं।
मीडिया से बात करते हुए थरूर ने कहा, “सीमा पार जिस तरह की अस्थिर और तनावपूर्ण माहौल है, उसे देखते हुए यह हैरान करने वाली बात नहीं है कि भारत में भी कुछ समूहों ने प्रदर्शन करना शुरू किया है। हमारे लोकतंत्र में सभी को ऐसा करने का अधिकार है। मुझे नहीं लगता कि अभी तक किसी को ऐसा महसूस हुआ हो कि यह प्रदर्शन नियंत्रण से बाहर जा रहे हैं।”
थरूर ने कहा, “अब तक न तो कोई हिंसा हुई है, न ही किसी तरह की लिंचिंग और निश्चित तौर पर यदि किसी प्रकार की हिंसा की कोशिश की जाती है तो हमारी पुलिस उसे सख्ती के साथ रोकने में सक्षम है।”
सौरभ भारद्वाज समेत AAP के वरिष्ठ नेताओं पर FIR दर्ज, लगा ये आरोप
26 Dec, 2025 11:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेताओं सौरभ भारद्वाज, संजय झा और आदिल अहमद खान के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है. यह मामला ईसाई समुदाय के पवित्र प्रतीक ‘सांता क्लॉज’ के कथित अपमानजनक चित्रण से जुड़ा है. एफआईआर अधिवक्ता खुशबू जॉर्ज की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है.
शिकायत के अनुसार, यह विवाद 17 और 18 दिसंबर 2025 को इन नेताओं के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स से साझा किए गए एक वीडियो के बाद शुरू हुआ. यह वीडियो दिल्ली के कनॉट प्लेस में आयोजित एक राजनीतिक स्किट का हिस्सा था. आरोप है कि इस वीडियो में ईसाई समुदाय के सम्मानित धार्मिक-सांस्कृतिक प्रतीक सांता क्लॉज को बेहद मजाकिया और अपमानजनक तरीके से पेश किया गया.
शिकायतकर्ता का कहना है कि वीडियो में सांता क्लॉज को सड़क पर बेहोश होकर गिरते हुए दिखाया गया है. उन्हें एक गंभीर धार्मिक व्यक्तित्व के बजाय राजनीतिक संदेश देने के लिए एक ‘प्रॉप’ (साधन) की तरह इस्तेमाल किया गया. वीडियो के एक हिस्से में सांता क्लॉज को नकली CPR (जीवन रक्षक प्रक्रिया) देते हुए दिखाया गया, जिसे ईसाई समाज ने सेंट निकोलस और क्रिसमस पर्व की पवित्रता का उपहास माना है.
प्राथमिकी में उल्लेख किया गया है कि यह कृत्य जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से किया गया. विशेष रूप से ‘एडवेंट’ (क्रिसमस से पहले का पवित्र समय) के अंतिम दिनों में इस तरह का वीडियो साझा करना ईसाई धर्म के प्रति अनादर दर्शाता है. ईसाई समुदाय का मानना है कि राजनीतिक लाभ के लिए एक पवित्र प्रतीक का इस तरह सार्वजनिक मजाक उड़ाना उनकी आस्था पर गहरी चोट है.
दिल्ली पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस के अनुसार, सार्वजनिक रूप से किसी भी धार्मिक प्रतीक का मजाक उड़ाना या उसका अपमान करना कानूनन अपराध है. पुलिस ने बताया, “धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिशों के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है. डिजिटल साक्ष्यों और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच की जा रही है.”
लोकसभा चुनाव के लिए बृजभूषण ने अभी से की तैयारी…सांसद बेटे ने किया बड़ा ऐलान
26 Dec, 2025 10:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोंडा: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गोंडा में आज गुरुवार (25 दिसंबर) को सांसद खेल महोत्सव (Parliamentarian Sports Festival) में समापन के दिन पुरस्कार वितरण किया गया है. इस दौरान पूर्व WFI चीफ बृजभूषण शरण सिंह के बेटे और कैसरगंज से बीजेपी सांसद करण भूषण सिंह ने 2029 लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है. पूर्व WFI चीफ व बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह के छोटे बेटे बीजेपी सांसद करण भूषण सिंह ने पिता को लेकर दिया बड़ा बयान कहा 2029 में हम पिता और पुत्र बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़कर संसद जाएंगे, पिता और हम दोनों एक साथ पार्लियामेंट में जाएंगे और बीजेपी के ही सीट से ही लड़ेंगे.
वहीं कोल्ड सिरप को लेकर बीजेपी सांसद करण भूषण सिंह ने कहा बीजेपी की सरकार है और यह महाराज की निगरानी में जांच चल रही है जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी तो उस पर बुलडोजर चलेगा कोई बच नहीं पाएगा. बीजेपी सांसद ने कहा कि जो भी दोषी होगा चाहे वह बीजेपी का ही नेता ही क्यों ना हो अगर उसे दोषी पाया गया तो उस पर भी बुलडोजर की कार्रवाई होगी.
बता दें कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उत्तर प्रदेश की कैसरगंज सीट से मौजूदा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को टिकट नहीं दिया था. हालांकि उनकी जगह बीजेपी ने उनके छोटे बेटे करण भूषण सिंह को उम्मीदवार बनाया था और वह चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. बीजेपी के इस फैसले का मुख्य कारण महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप थे.
उस समय बीजेपी के लिए यह स्थिति बेहद असहज थी क्योंकि ऐसे समय पर बृजभूषण को टिकट देना महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकता था. हालांकि नाबालिग महिला पहलवान द्वारा लगाए गए आरोपों पर दिल्ली पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट ने बड़ी राहत दी थी और पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मुकदमा समाप्त कर दिया गया था.
सोनिया-राहुल गांधी से मिली उन्नाव रेप पीड़िता, इन मुद्दों पर हुई बात
25 Dec, 2025 08:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। उन्नाव रेप पीड़िता (Unnao rape victim) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान कांग्रेस की सीनियर नेता और राहुल की मां सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) भी मौजूद रहीं। सूत्रों के हवाले से ये जानकारी सामने आई है। रेप पीड़िता ने राहुल गांधी से 3 मांगें की हैं, जिस पर राहुल गांधी ने उन्हें मदद का पूरा भरोसा दिलाया है।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी उन्नाव रेप पीड़िता से मिले हैं। पीड़िता और उसके परिवार ने राहुल गांधी से 3 बड़ी बातें रिक्वेस्ट की हैं।
रेप पीड़िता और उसके परिवार ने राहुल गांधी से रिक्वेस्ट की कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट में कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ लड़ने के लिए एक टॉप वकील दिलाने में मदद करें। राहुल गांधी ने ऐसा करने का वादा किया।
रेप पीड़िता और उसके परिवार ने राहुल गांधी से रिक्वेस्ट की कि उन्हें कांग्रेस शासित राज्य में शिफ्ट होने में मदद करें क्योंकि उन्हें मारे जाने का डर था और उन्हें अपनी सुरक्षा पर भरोसा नहीं था। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि वह ऐसा करेंगे।
पीड़िता के पति ने विपक्ष के नेता से बेहतर नौकरी के लिए रिक्वेस्ट की, जिस पर राहुल गांधी ने कहा कि वह इस पर देखेंगे।
मीटिंग में सोनिया गांधी भी मौजूद थीं। दोनों ने उन्नाव परिवार से वादा किया है कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करेंगे कि उन्हें न्याय और सुरक्षा मिले।
कुलदीप सिंह सेंगर को सशर्त जमानत देने पर सामने आया वकील महमूद प्राचा का बयान
दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा उन्नाव रेप केस के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को सशर्त जमानत दिए जाने पर, वकील महमूद प्राचा ने कहा, “पीड़िता और उसका परिवार अभी भी खतरे में है। यह जमानत, या सजा का निलंबन, जो दिया गया है, वह कानून का पूरी तरह से गलत इस्तेमाल है। यह किस तरह का तर्क है? वह दया का हकदार क्यों है? इस पर फैसला सुनाना सभी नागरिकों का कर्तव्य है। क्या यह आदमी अपने किए गए सभी कामों के बाद भी दया का हकदार है, जब उसने उस पर हमले करवाना जारी रखा? इसका क्या नतीजा होगा? उसने पुलिस SHO से उसके पिता को मरवा दिया था। इसलिए पांच किलोमीटर के दायरे के अंदर या बाहर होने से कोई फर्क नहीं पड़ता।”
वकील ने कहा, “केंद्र सरकार कोर्ट के अंदर और बाहर, दोनों जगह पूरी ताकत से हमारा विरोध कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार भी पूरी ताकत से हमारा विरोध कर रही है, उसकी सुरक्षा हटाने और उसके खिलाफ केस बनाने के लिए टॉप वकीलों को हायर कर रही है। इन हालात को देखते हुए, हमें ठीक से तैयारी करने के लिए समय चाहिए। हम इस लड़ाई में बिना तैयारी के नहीं जाना चाहते लेकिन अगर जनता अपनी आवाज उठाती है, तो मुझे कुछ उम्मीद है कि न्याय मिलेगा। हालांकि, मुझे सुप्रीम कोर्ट से बहुत कम उम्मीद है।”
जयंती स्पेशल आडवाणी से खटास, BJP छोड़ नई पार्टी बनाने की योजना
25 Dec, 2025 06:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दो मजबूत स्तंभ माने जाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी (AtalBihariVajpayee)और लालकृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani)की जोड़ी भारतीय राजनीति(Indian politics) में दशकों तक अटूट मानी जाती रही, लेकिन एक समय ऐसा भी आया था जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बनाने पर गंभीरता से विचार किया था। यह खुलासा वरिष्ठ पत्रकार नीरजा चौधरी ने बुधवार को प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय में आयोजित एक सार्वजनिक व्याख्यान(public speaking) के दौरान किया। यह व्याख्यान अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित किया गया था और इसका विषय था- “अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन और योगदान (contributions)।
अटल बिहारी वाजपेयी , लालकृष्ण आडवाणी ,भारतीय राजनीति ,सार्वजनिक व्याख्यान ,योगदान
नीरजा चौधरी के अनुसार, जब 1984 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को सिर्फ दो सीटें मिली थीं और वाजपेयी ग्वालियर से चुनाव हार गए थे। उसी दौर में आडवाणी पार्टी के भीतर तेजी से उभर रहे थे। इससे आहत होकर वाजपेयी ने कुछ समय के लिए भाजपा से अलग होकर नई पार्टी बनाने का मन बनाया था, हालांकि यह विचार ज्यादा समय तक नहीं टिका और उन्होंने भाजपा के साथ ही बने रहने का फैसला किया।
पोखरण-2 और आडवाणी की पीड़ा
नीरजा चौधरी ने अपने व्याख्यान में पोखरण-2 परमाणु परीक्षण (1998) से जुड़ा एक संवेदनशील प्रसंग भी साझा किया, जिसने दोनों नेताओं के रिश्तों में आए तनाव को उजागर किया। उन्होंने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने परमाणु परीक्षण की जानकारी अपने प्रधान सचिव बृजेश मिश्रा और तीनों सेना प्रमुखों के साथ साझा की थी, लेकिन लालकृष्ण आडवाणी को इस फैसले में शामिल नहीं किया गया। निरजा चौधरी के मुताबिक, मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों को भी परीक्षण से सिर्फ दो दिन पहले सूचना दी गई, वह भी बिना तारीख बताए।
उन्होंने याद करते हुए कहा कि 11 मई 1998 को जब वह नॉर्थ ब्लॉक में आडवाणी से मिलने पहुंचीं, तो वे पार्टी कार्यकर्ताओं से घिरे होने के बजाय अकेले बैठे थे और बेहद आहत नजर आ रहे थे। उनकी आंखों में आंसू थे। आडवाणी को इस बात का गहरा दुख था कि दशकों की मित्रता और पार्टी की पुरानी प्रतिबद्धता के बावजूद उन्हें भरोसे में नहीं लिया गया।
1990 के दशक में बढ़ता वाजपेयी का प्रभाव
नीरजा चौधरी ने कहा कि 1990 के दशक में अटल बिहारी वाजपेयी की सर्वमान्य छवि और सभी दलों से अच्छे संबंधों ने उन्हें बेहद प्रभावशाली बना दिया था। उन्होंने यह भी बताया कि वाजपेयी और पूर्व प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिंह राव के बीच भी करीबी संबंध थे। इसके पीछे या तो दोनों का ब्राह्मण होना था या फिर 1977 में विदेश मंत्री रहते हुए वाजपेयी के समय से दोनों की पुरानी जान-पहचान।
उन्नाव रेप कांड के दोपी की जमानत पर भड़के राहुल गांधी… बोले- हम बनते जा रहे ‘मृत समाज’
25 Dec, 2025 05:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Congress MP Rahul Gandhi) ने उन्नाव बलात्कार मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित (Sentence Suspended) किए जाने की कड़ी आलोचना की है। राहुल गांधी ने बुधवार को एक बयान में कहा है कि सेंगर को जमानत मिलना निराशाजनक और शर्मनाक है। इस दौरान राहुल गांधी ने यह भी कहा है कि इस तरह की अमानवीय घटनाओं के साथ हम एक ‘मृत समाज’ बनते जा रहे हैं।
गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने मंगलवार को उन्नाव दुष्कर्म मामले में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया। वहीं हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि के खिलाफ दायर उसकी अपील पर अंतिम फैसला आने तक सेंगर को जमानत पर रिहा करने का आदेश भी दिया। इससे पहले दिसंबर 2019 में निचली अदालत ने 2017 में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म मामले में सेंगर को दोषी ठहराते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
राहुल गांधी ने इसी फैसले पर अपना गुस्सा जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है? क्या उसकी “गलती” ये है कि वो न्याय के लिए अपनी आवाज उठाने की हिम्मत कर रही है? उसके अपराधी (पूर्व BJP MLA) को ज़मानत मिलना बेहद निराशाजनक और शर्मनाक है, खासकर तब, जब पीड़िता को बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा हो, और वो डर के साए में जी रही हो।”
राहुल गांधी ने आगे लिखा, “बलात्कारियों को जमानत, और पीड़िताओं के साथ अपराधियों सा व्यवहार, ये कैसा न्याय है? हम सिर्फ एक मृत अर्थव्यवस्था नहीं, ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ हम एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं। लोकतंत्र में असहमति की आवाज उठाना अधिकार है, और उसे दबाना अपराध। पीड़िता को सम्मान, सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए, ना कि बेबसी, भय और अन्याय।”
मुकेश नायक के बयान ने मचाई हलचल, बुंदेली में बोले- बीजेपी में चलो गओ दीपक जोशी
25 Dec, 2025 05:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीनियर नेता और प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. एक बार फिर उनका बयान चर्चा का विषय बना हुआ है. बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री दीपक जोशी की शादी को लेकर दिया बयान सोशल मीडिया पर बयान वायरल हो रहा है |
मुकेश नायक ने क्या बयान दिया?
दीपक जोशी की शादी पर मुकेश नायक ने बयान दिया जो अब वायरल हो रहा है. उन्होंने बुंदेली में बोला कि बीजेपी में चलो गओ दीपक जोशी. वैसे ही हमाई पार्टी में आओ और हमाई पार्टी में कार्यकर्ताओं की कमी थी. एक लुगाई और ले गओ इतेसे, बताओ ना आप. इसका हिंदी में मतलब है कि दीपक जोशी बीजेपी में चले गए. वैसे ही हमारी पार्टी में कार्यकर्ताओं की कमी है, एक महिला कार्यकर्ता को और ले गए. ये बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है |
पहले भी दे चुके हैं अजीबोगरीब बयान
कांग्रेस नेता मुकेश नायक पहले भी अजीबोगरीब बयान दे चुके हैं. इस साल फरवरी में बाबा बागेश्वर पर विवादित बयान देते हुए कहा था कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कौन सा नया हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं. दो कौड़ी की जानकारी नहीं है. रामायण छोड़कर दुनिया भर की बात करते रहते हैं |
इसी साल अगस्त में अधिकारियों पर विवादित बयान दिया था. दरअसल, कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल छिंदवाड़ा जिला कलेक्टर के पास ज्ञापन देने के लिए पहुंचा था, जिसे अधिकारी ने स्वीकार करने से मना कर दिया था. इस पर मुकेश नायक ने कहा ये लोग कुत्ते से भी बुरे हैं. कुत्ते तो मालिक के लिए वफादार होते हैं लेकिन अधिकारी तो सत्ता के तलवे चाट रहे हैं |
दीपक जोशी ने कांग्रेस नेत्री से की शादी
बीजेपी नेता दीपक जोशी (65 साल) ने कांग्रेस नेत्री पल्लवी राज सक्सेना (45 साल) से 4 दिसंबर को शादी की थी. दो और महिलाओं की ओर दावा किया गया है कि दीपक जोशी ने उनके साथ भी शादी की थी. इसके बाद उनकी ये शादी वायरल हो रही है |
पीएम ने लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का किया शुभारंभ, 3 ब्राह्मण की मूर्ति लगीं
25 Dec, 2025 04:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। पीएम नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का शुभारंभ किया। उन्होंने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की मूर्तियों का उद्घाटन कर पुष्पांजलि अर्पित की। हाथ जोड़कर प्रणाम किया। सीएम योगी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इस अवसर पर मौजूद थे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी ने यहां भारत माता की मूर्ति का भी उद्घाटन किया। पुष्प अर्पित किए और हाथ जोड़कर प्रणाम किया। इससे पहले एयरपोर्ट पर सीएम योगी ने पीएम मोदी का स्वागत किया। प्रेरणा स्थल श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय और अटल जी को समर्पित है। तीनों नेताओं की 65-65 फीट ऊंची मूर्तियां लगाई गई हैं। बीच में दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा है, जबकि दोनों ओर अटल बिहारी वाजपेयी जी और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाएं हैं। मूर्तियों का वजन 42-42 टन है।
बता दें गुरुवार 25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती मनाई जा रही है। राष्ट्र प्रेरणा स्थल 65 एकड़ क्षेत्र में 230 करोड़ रुपए की लागत से बना है। इसका निर्माण 2022 में शुरू हुआ था और तीन साल में तैयार हुआ। कार्यक्रम में 25 जिलों से दो लाख लोगों को बुलाया गया, जिसके लिए 3500 से ज्यादा बसें लगाई गई। सुरक्षा की सख्त व्यवस्था है। 10 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी, एनएसजी, एटीएस और बम स्क्वायड की टीमें तैनात रहीं। ड्रोन से निगरानी की गई। तीनों ब्राह्मण नेताओं की प्रतिमाएं स्थापित कर बीजेपी यूपी में ब्राह्मण वोटबैंक को साधने की कोशिश में है। यूपी में ब्राह्मणों की आबादी करीब 10फीसदी यानी 2.5 करोड़ है। 90 विधानसभा और 18 लोकसभा सीटों पर इनका प्रभाव माना जाता है।
शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के गठबंधन पर बावनकुले का बयान, मुंबई की जनता अब इस पर भरोसा नहीं करेगी
25 Dec, 2025 12:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम बुधवार को हुआ। जहां शिवसेना (यूबीटी) उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवर्निमाण सेना प्रमुख राज ठाकरे एक मंच पर दिखाई दिए। करीब दो दशकों के बाद दोनों भाईयों ने गठबंधन का ऐलान कर दिया। इस ऐलान के बाद भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने स्पष्ट किया कि मुंबई की जनता अब राजनीतिक बयानबाजी के बजाय अंतरराष्ट्रीय शहर बनने के मॉडल और विकास को प्राथमिकता देगी। भाजपा ने उद्धव ठाकरे पर अपने पिता बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों से समझौता करने का आरोप लगाया है। खासकर धाराशिव की घटना (पाकिस्तानी झंडे का जिक्र) को लेकर उन्हें घेरा गया है। भाजपा का दावा है कि उद्धव गुट के पास चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त कार्यकर्ता भी नहीं बचे हैं और उनकी सीटें 228 से घटकर 8 पर आ गई हैं। भाजपा के अनुसार, राज और उद्धव का साथ आना केवल अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश है, जिससे उन्हें जनता की सहानुभूति नहीं मिलेगी। वहीं शिंदे गुट के नेताओं ने भी इस गठबंधन पर सवाल उठाए हैं। राजू वाघमारे जैसे नेताओं का मानना है कि शिवाजी पार्क पर श्रद्धांजलि देना केवल एक दिखावा है जिसे मराठी जनता स्वीकार नहीं करेगी। लेकिन महाविकास अघाड़ी (एमवीए) में शामिल कांग्रेस भी इस नए गठबंधन के प्रभाव को लेकर सतर्क दिख रही है। यह बयानबाजी दर्शाती है कि आने वाले समय में मुंबई नगर निगम का चुनाव मराठी अस्मिता और शहरी विकास के इर्द-गिर्द सिमट जाएगा। भाजपा जहाँ देवेंद्र फडणवीस के विकसित मुंबई विजन को आगे रख रही है, वहीं ठाकरे बंधुओं का साथ आना एक बड़े वोट बैंक को एकजुट करने की कोशिश है।
प्रियंका गांधी का एकमात्र उद्देश्य भाई राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना: शिवकुमार
25 Dec, 2025 11:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का यह बयान हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली में मीडिया से बात कर उन्होंने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट की, बल्कि कर्नाटक की राजनीति में चल रही उथल-पुथल पर भी अपनी राय रखी। शिवकुमार ने उन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें प्रियंका गांधी वाड्रा को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में देखा जा रहा था।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रियंका गांधी का एकमात्र उद्देश्य अपने भाई राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाना है। शिवकुमार ने कहा कि उनके लिए मल्लिकार्जुन खड़गे (एआईसीसी अध्यक्ष) ही सर्वोच्च नेता हैं और राहुल गांधी विपक्ष के नेता के रूप में पार्टी का मुख्य चेहरा हैं।
दरअसल यह स्पष्टीकरण रॉबर्ट वाड्रा के उस बयान के बाद आया जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी प्रियंका गांधी वाड्रा की नेतृत्व क्षमता की तारीफ कर उनके राजनीति में उज्ज्वल भविष्य की बात की थी, जिससे नेतृत्व को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
वहीं पिछले कुछ समय से कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच ढाई-ढाई साल के सत्ता हस्तांतरण के समझौते की खबरें आ रही थीं। इस विवाद पर शिवकुमार ने कहा कि वर्तमान में नेतृत्व को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा, मैं उपमुख्यमंत्री के रूप में खुश हूं और मुझे एक पार्टी कार्यकर्ता बने रहना पसंद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेतृत्व को लेकर कोई भी निर्णय लेना पूरी तरह से कांग्रेस आलाकमान का अधिकार है और जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह उन्हें स्वीकार होगा।
डीके का यह बयान कांग्रेस के भीतर एकता दिखाने और नेतृत्व को लेकर किसी भी तरह के भ्रम को दूर करने की एक कोशिश है। विशेष रूप से प्रियंका गांधी को लेकर उनके बयान ने यह संदेश दिया है कि परिवार के भीतर और पार्टी में राहुल गांधी ही प्रधानमंत्री पद के लिए पहली पसंद बने हुए हैं।
उद्धव और राज ठाकरे एकसाथ आए, कांग्रेस ने दी बधाई..........लेकिन एकला चलो रे की रणनीति अपनाएगी
25 Dec, 2025 10:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक दिलचस्प मोड़ पर आ गई है। वहीं कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार का यह बयान स्पष्ट करता है कि कांग्रेस गठबंधन धर्म और जमीनी संगठन की मजबूती के बीच एक महीन संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।
दरअसल कांग्रेस ने उद्धव और राज ठाकरे के बीच संभावित राजनीतिक समझौते का स्वागत किया है। वडेट्टीवार ने इसे पारिवारिक एकता बताकर बधाई दी है, लेकिन साथ ही एक लक्ष्मण रेखा भी खींच दी है। कांग्रेस महाराष्ट्र नवनिमार्ण सेना (मनसे) के साथ किसी भी औपचारिक गठबंधन के पक्ष में नहीं है। उनकी प्राथमिकता हमेशा की तरह शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की एनसीपी के साथ ही रहेगी।
कांग्रेस नेता वडेट्टीवार ने साफ कर दिया है कि स्थानीय स्तर पर कांग्रेस एकला चलो रे की रणनीति अपनाएगी है। इसके पीछे के तर्क ये हैं हालिया नगर परिषद चुनावों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि अपने दम पर लड़ने से पार्टी का आधार बढ़ता है। कांग्रेस का दावा है कि पार्षद सीटों और महापौर पदों के मामले में उनका प्रदर्शन सहयोगियों से बेहतर रहा है। वहीं कांग्रेस अब आक्रामक रूप से मराठी कार्ड खेलती नजर आ रही है। वडेट्टीवार ने उद्धव ठाकरे के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि मुंबई में मराठी भाषा और लोगों के अधिकारों पर अतिक्रमण हो रहा है। मुंबई को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, जिसका कांग्रेस विरोध करेगी।
वडेट्टीवार का यह बयान एमवीए (एमवीए) के भीतर किसी दरार का संकेत नहीं, बल्कि एक रणनीतिक स्वायत्तता है। कांग्रेस यह संदेश देना चाहती है कि वह राज्य स्तर पर गठबंधन के प्रति वफादार है, लेकिन स्थानीय निकायों में अपनी ताकत को किसी के साथ साझा करके कम नहीं करना चाहती।
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