राजनीति
सुप्रीम कोर्ट में ममता सरकार ने कहा, ईडी को हथियार के रुप में इस्तेमाल किया जा रहा
19 Feb, 2026 10:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में आई-पैक से जुड़े ईडी की छापेमारी मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान ममता सरकार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का उन राज्यों में हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जहां विरोधी दलों की सरकार है।
वहीं केंद्रीय एजेंसी ने पलटवार कर कहा कि हम किसी के हथियार नहीं हैं। बल्कि बंगाल में ममता सरकार ने हमें धमकाया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसका हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है और किसे धमकाया जा रहा है, यह हम तय करने वाले है।
बात दें कि ईडी ने आई-पैक रेड मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। ईडी का आरोप है कि 8 जनवरी को आई-पैक के ऑफिसों पर रेड के दौरान सीएम ममता बनर्जी और बंगाल पुलिस के अधिकारियों ने उनकी कार्रवाई में बाधा डाली। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 18 मार्च तक टाल दी है। इससे पहले 3 फरवरी को सुनवाई टाली गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 15 जनवरी को कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का ईडी की जांच में बाधा डालना बहुत गंभीर मुद्दा है।
आई-पैक यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है। यह राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है। कंपनी और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। सीबीआई ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को एफआईआर दर्ज की थी। पूरा मामला 2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि 20 करोड़ हवाला के जरिए आई-पैक तक ट्रांसफर हुए। ईडी ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। 8 जनवरी 2026 को ईडी ने कोलकाता में आई-पैक और उसके डायरेक्टर जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था।
ईडी का सर्च ऑपरेशन चल ही रहा था कि तभी सीएम ममता बनर्जी अन्य टीएमसी नेताओं के साथ आई-पैक ऑफिस पहुंचीं। इसके बाद काफी हंगामा हुआ। ममता ऑफिस से कई फाइलें लेकर बाहर निकलीं और मीडिया से बात की। मुख्यमंत्री ममता ने केंद्रीय एजेंसी पर हद से ज्यादा दखलंदाजी का आरोप लगाया। पार्टी ने आरोप लगाया है कि आई-पैक पार्टी के चुनाव रणनीतिकार के रूप में काम करता है और विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ईडी ने गोपनीय चुनाव रणनीति से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए रेड डाली।
जो बात पाकिस्तान बोलता है वही बात राहुल गांधी बोलते हैं - गिरिराज सिंह
19 Feb, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेगूसराय। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे नेता प्रतिपक्ष हैं, लेकिन उनके व्यवहार को समझना मुश्किल है। उन्होंने जॉर्ज सोरोस का जिक्र करते राहुल गांधी से पूछा कि वे बताएं कि उनका क्या संबंध है। जो बात पाकिस्तान बोलता है, वही बात यह बोलते हैं। व्यवहार ऐसे करते हैं जो अर्बन नक्सल की भूमिका में दिखाई देता है। बेगूसराय में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी देश में विपक्ष के नेता हैं, लेकिन सदन के अंदर और देश के बाहर उनकी गतिविधियां और व्यवहार समझना मुश्किल है। कभी-कभी समझ में नहीं आता है कि राहुल गांधी देश के विपक्ष के नेता हैं या हमारे दुश्मन देश के नेता। राहुल गांधी को नसीहत देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि उन्हें अपने व्यवहार से, शब्दों से, नेता प्रतिपक्ष होने को स्थापित करना चाहिए। अगर नहीं करते हैं तो आरोप लगेगा कि देश के दुश्मनों के प्रवक्ता हैं। दुनियाभर के देशों से उनका क्या संबंध है, उन्हें यह बताना चाहिए।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी खुद तुगलक की तरह काम कर रही हैं और न सिर्फ तुगलकी फरमान जारी करती हैं बल्कि औरंगजेब की तरह हिंदुओं को भी दबा रही हैं और बांग्लादेशी मुसलमानों के दम पर सत्ता में आना चाहती हैं, लेकिन अब बंगाल के हिंदू जाग गए हैं। लोग उन्हें शेरनी कहते हैं, लेकिन वे शेरनी नहीं, देश की गद्दार हैं, जो बांग्लादेशी मुसलमानों की इज्जत करती हैं और बंगाल को बांग्लादेश बनाना चाहती हैं।
श्री चैतन्य महाप्रभु ने अज्ञानता में डूबे लोगों को आध्यात्मिक रास्ता दिखाया - अमित शाह
19 Feb, 2026 08:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के नादिया जिले स्थित मायापुर में इंटरनेशनल सोसायटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस (इस्कॉन) मंदिर में एक धार्मिक कार्यक्रम में अपनी आधिकारिक हैसियत से नहीं, बल्कि श्री चैतन्य महाप्रभु के अनुयायी के तौर पर शामिल हुए। 19वीं सदी के वैष्णव पुनरुत्थानवादी और गौड़ीय मठ के संस्थापक भक्तिसिद्धांत सरस्वती के 152वें पवित्र अवतरण दिवस के मौके पर इकट्ठा हुए लोगों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने अपने छोटे से भाषण में समारोह में शामिल होने वाले भक्तों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से शुभकामनाएं भी दीं और इस मौके से जुड़े भक्ति के संदेश को शेयर किया।
उन्होंने कहा, मैंने सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। मैंने उन्हें बताया कि आज मैं मायापुर में भक्तिसिद्धांत सरस्वती की 152वीं जयंती में शामिल होने जा रहा हूं। उन्होंने आप सभी का दिल से अभिवादन किया और आप सभी को ‘हरे कृष्ण’ का संदेश दिया। थोड़ी देर पहले मुझे भारत के गृह मंत्री के तौर पर संबोधित किया गया। मैं यहां भारत के गृह मंत्री के तौर पर नहीं आया हूं। मैं आज यहां चैतन्य महाप्रभु के एक विनम्र भक्त के तौर पर आया हूं।
गृह मंत्री शाह ने कहा कि श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा शुरू किए गए भक्ति आंदोलन को भक्तिसिद्धांत सरस्वती ने मजबूत और संस्थागत बनाया, जिन्होंने आधुनिक समय में वैष्णव दर्शन को फैलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, उस भक्ति आंदोलन को न सिर्फ आगे बढ़ाया गया, बल्कि युवाओं को दुनिया की भलाई में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के एक आधुनिक माध्यम में भी बदला गया।
उन्होंने आगे कहा कि श्री चैतन्य महाप्रभु ने अज्ञानता में डूबे लोगों को आध्यात्मिक रास्ता दिखाया और पूरे भारत और उससे आगे भक्ति का संदेश फैलाने में मदद की।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, इंसान में अच्छे और बुरे दोनों पहलू होते हैं, लेकिन जब कोई इंसान अपना वजूद खोकर भगवान कृष्ण में एक हो जाता है तो सब कुछ अच्छा हो जाता है। इसी रास्ते पर चलते हुए श्री चैतन्य महाप्रभु ने कीर्तन, डांस, भक्ति संगीत और गीता के संदेश के जरिए भारत के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में कई लोगों की जिंदगी में भक्ति का दीया जलाया।
कांग्रेस में फिर बयानबाजी, अय्यर ने साधा निशाना
18 Feb, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने बुधवार को कहा कि वह गांधीवादी, नेहरूवादी और राजीववादी हैं लेकिन "राहुलवादी" नहीं हैं क्योंकि राहुल गांधी उनसे उम्र में बहुत छोटे हैं और राजनीतिक जीवन में भी उनसे बहुत दूर हैं। अय्यर ने कहा कि उन्होंने खुद को 'इंदिरावादी' नहीं कहा क्योंकि वह इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल की घोषणा करके "हमारे लोकतंत्र को तानाशाही में बदलने" के कदम से "पूरी तरह असहमत" थे, भले ही यह आपातकाल केवल 18 महीनों के लिए ही क्यों न रहा हो।
राहुल गांधी पर बयान का कारण
हाल ही में मीडिया में राहुल गांधी पर आए अपने बयान का जिक्र करते हुए अय्यर ने कहा, कोई मुझसे 'राहुलवादी' होने की उम्मीद कैसे कर सकता है, जबकि वह लड़का मुझसे लगभग 30 साल छोटा है और मुझे उसके साथ काम करने का मौका नहीं मिला है? अय्यर ने कहा कि उन्होंने हाल ही में कहा था कि मैं गांधीवादी हूं, मैं नेहरूवादी हूं, मैं राजीववादी हूं, लेकिन मैं राहुलवादी नहीं हूं।
गांधी, नेहरू और राजीव से जुड़ी राजनीति
अपने बयान के बारे में बताते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, मैं छह साल का था और मेरा भाई चार साल का था जब महात्मा गांधी ने हमें गोद में उठाया और कहा था कि ये मेरी आंखों के सूरज और चांद हैं। वहां से मैं 'गांधीवादी' बन गया। नेहरू की बात करें तो जब वे प्रधानमंत्री बने तो मैं छह साल का था और जब वे पीएम नहीं रहे तो मैं 23 साल का था, उस दौर में मैं नेहरूवादी सोच में डूबे रहा इसीलिए मैं खुद को नेहरूवादी भी मानता हूं। उन्होंने कहा, मैं खुद को 'राजीवियन' कहता हूं क्योंकि उन्होंने मुझसे दो साल छोटे होने के बावजूद मुझे पीएमओ में लाकर और जो काम किए, उनसे मुझे हैरान कर दिया... मुझे यकीन नहीं हुआ। इस तरह मैं राजीवियन बन गया। उन्होंने कहा कि यह ध्यान देने वाली बात है कि मैंने खुद को 'इंदिरावादी' नहीं कहा क्योंकि वह इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल की घोषणा करके "हमारे लोकतंत्र को तानाशाही में बदलने" के कदम से "पूरी तरह असहमत" थे, भले ही यह आपातकाल केवल 18 महीनों के लिए ही क्यों न रहा हो।अय्यर ने आगे कहा कि आप मुझसे 'राहुलवादी' होने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं, वह लड़का मुझसे 30 साल छोटा है, जिसके साथ मुझे काम करने का मौका नहीं मिला? अय्यर ने कहा, इसलिए मैं 'राहुलवादी' नहीं हो सकता क्योंकि वह मुझसे बहुत छोटे हैं और अपनी राजनीतिक जिंदगी में मुझसे बहुत दूर हैं। अय्यर की यह बात कांग्रेस के साथ खराब रिश्तों के बीच आई है।
जी राम जी योजना पर बड़ा दांव, 10,428 करोड़ का प्रावधान
18 Feb, 2026 05:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विधानसभा में बजट पेश होने के बाद पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बजट को संतुलित और विकास की दूरदर्शी योजना वाला बताया. मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि किसान मजबूत हों, यही सरकार का उद्देश्य है, इसलिए यह वर्ष किसानों के लिए समर्पित है. यह बजट विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप है. उन्होंने कहा कि उनके विभागों को पर्याप्त धनराशि मिली है, इसके लिए मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री का धन्यवाद|
संबल योजना के लिए 900 करोड़ का प्रावधान
मंत्री ने बताया कि कृषि क्षेत्र को इस बार बजट में 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा मिले हैं. ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग को इस बार 40 हजार 62 करोड़ रुपये का प्रावधान मिला है, जबकि पिछली बार 33 हजार करोड़ रुपये मिले थे. श्रम मंत्रालय के अंतर्गत संबल योजना को कांग्रेस सरकार में बंद कर दिया गया था, लेकिन इस बार सरकार ने इसके लिए 950 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. उन्होंने कहा कि डायरेक्ट सेस से 900 करोड़ रुपये मिलते हैं, जबकि 3400 करोड़ रुपये एफडी में हैं, जिस पर 218 करोड़ रुपये का ब्याज हो गया है. सरकार नई योजना पर विचार कर रही है|
जी राम जी योजना के लिए 10 हजार 428 करोड़ मिले
मंत्री ने बताया कि अब श्रमोदय विद्यालय के विद्यार्थियों को स्कूटी दी जाएगी. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़कों पर काम होगा, पुल-पुलिया बनाए जाएंगे और 12 माह चलने वाले पुलों का निर्माण किया जाएगा. जी राम जी योजना के लिए 10 हजार 428 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि पिछली बार मनरेगा के लिए 5 हजार 12 करोड़ रुपये मिले थे. प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 6 हजार 850 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. अभी 11 लाख 66 हजार नए आवासों का काम चल रहा है और अगले साल करीब पौने 8 लाख नए आवास बनाए जाएंगे|
जनमन योजना में प्रदेश पूरे देश में नंबर वन
उन्होंने बताया कि जनमन योजना में प्रदेश ने देश में नंबर वन काम किया है. इस योजना को पूरा करने के लिए 600 करोड़ रुपये मिले हैं और इसे मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा. मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना के लिए 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसकी राशि आगे बढ़ेगी और इस योजना में कुल 22 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के लिए भी धनराशि मिली है. इसके साथ ही यशोदा योजना नाम से नई योजना शुरू की गई है, जिसके तहत ट्रैक्टर पर दूध उपलब्ध कराया जाएगा|
बेटियों की शिक्षा पर बड़ा फोकस, बजट में 1800 करोड़ का प्रावधान
18 Feb, 2026 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश विधानसभा में आज उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सदन में साल 2026-27 का बजट पेश किया. इस दौरान वित्त मंत्री ने मध्य प्रदेश की महिलाओं के कल्याण के लिए बड़ी घोषणा की है| वित्त मंत्री ने लाड़ली बहना योजना के साथ ही लाड़ली लक्ष्मी योजना की राशि को बढ़ाने का ऐलान किया है|
लाड़ली लक्ष्मी योजना लिए 1800 करोड़ से अधिक का प्रावधान
महिला कल्याण के लिए सरकार ने बजट में लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत अब तक 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को योजना से लाभान्वित किया है. वित्त मंत्री ने कहा की इस बजट में भी लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1 हजार 800 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया है. बजट पेश करते हुए जगदीश देवड़ा ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 में 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभांवित किया है. वहीं 14 लाख 12 हजार को छात्रवृत्ति दी गई है. इसके लिए 1800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है|
महिला कल्याण के लिए कुल 1.27 लाख करोड़
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि प्रदेश में अलग-अलग महिला कल्याण योजनाओं के लिए कुल 1 लाख 27 हजार 555 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. प्रदेश में लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत 1 करोड़ 25 लाख महिलाएं रजिस्टर्ड है और इस बार के बजट में 23 हजार 882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है|वित्त मंत्री ने बजट में ऐलान किया है कि हेल्थ सेक्टर के लिए 23 हजार 747 करोड़ रुपये दिए गए हैं|बजट में राज्य सरकार ने कक्षा 8वीं तक के बच्चों के लिए नई योजना के तहत मुफ्त दूध देने की भी घोषणा की है. इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि मिड-डे मील और आंगनवाड़ी में बच्चों को टेट्रा पैक दूध दिया जाएगा|
श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ रुपये
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट के दौरान कहा कि सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम विभाग के लिए 13.35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इस बजट का मुख्य उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग के लोगों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है. वित्त मंत्री ने कहा कि कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट तय किया है. वहीं जनजातीय क्षेत्रों के लिए 11,277 गांवों के विकास के लिए 793 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है|
लाडली बहनों को बड़ी सौगात, राशि बढ़ाने का वादा
18 Feb, 2026 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल|मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऐलान किया है कि किसीा भी योजना को बंद नहीं किया जा रहा है| सीएम ने लाडली बहना योजना को लेकर भी बड़ी घोषणा की है| उन्होंने कहा कि 2027 को लाडली बहना की राशि बढ़ा दी जाएगी| सीएम ने टैक्स के बारे में कहा कि एक रुपये भी टैक्स नहीं बढ़ाया गया है| उन्होंने कहा कि जब सरकार बनी तब से कोई टैक्स नहीं बढ़ाया गया है| सीएम ने कहा कि टैक्स को लेकर भी बेहतर प्रबंधन किए हैं| रोजगार के लिए कई प्रावधान किए गए हैं|
एमपी में बढ़ रहा चीता परिवार – सीएम
सीएम ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा एमपी के पर्यटक आए हैं|आने वाले समय में ये संख्या और भी बढ़ेगी| उन्होंने कहा कि हमारा चीता परिवार भी बढ़ रहा है| जंगली भैंसे भी एमपी में आ रहे हैं. ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए भी फेंसिंग की बेहतर व्यवस्था की जा रही है|
पूर्व सीएम कमलनाथ बोले- यह बजट जनता से विश्वासघात
18 Feb, 2026 02:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल|मोहन यादव सरकार में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आज अपने कार्यकाल का तीसरा बजट किया| इस बार के बजट में सरकार ने किसानों के लिए कई महत्वाकांक्षी परिजोजनाओं की शुरूआत की हैं| हालांकी दूसरी तरफ विपक्षी पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस बजट को लेकर निराशाजनक प्रतिक्रिया दी है और इस बजट को जनता के साथ विश्वासघात करार दिया हैं| उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर पोस्ट कर लिखा कि मध्य प्रदेश सरकार का आज का बजट जनता से विश्वासघात वाला बजट है|
जनहित का मुद्दा पूरी तरह सफाचट-कमलनाथ
उन्होंने आगे लिखा वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने आज जो बजट पेश किया है उसमें सिर्फ बातों के बताशे बनाए गए हैं और जनहित का मुद्दा पूरी तरह सफाचट है|नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता और मतदाताओं से जो प्रमुख वादे किए थे, वह सारे वादे ढाई साल बाद भी वित्त मंत्री के बजट भाषण से ग़ायब दिखाई दिए। प्रदेश के किसानों, नारी शक्ति, नौजवानों और सभी वर्गों से किए गए चुनावी वादों को बजट में कोई स्थान नहीं दिया गया|
विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता से जो चार प्रमुख वादे किए थे, वह इस प्रकार हैं|
कमलानथ ने याद भाजपा को याद दिलाएं वादे
किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3100 रुपया प्रति क्विंटल
किसानों को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2700 रुपया प्रति क्विंटल
लाड़ली बहन योजना में महिलाओं को प्रति महीने 3 हज़ार रुपया
घरेलू गैस सिलेंडर 450 रुपये में.
कमलनाथ का भाजपा पर आरोप
भारतीय जनता पार्टी ने अपनी इन चारों घोषणाओं को बजट में कोई स्थान नहीं दिया और स्पष्ट कर दिया है कि यह सरकार जनविरोधी है, जनता से विश्वासघात करने वाली है और वादा-खिलाफी इसका स्वभाव है. इस बजट से मध्य प्रदेश की जनता को भारी निराशा हुई है|इसके अलावा वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि पिछले बजट में जो घोषणाएं की गई थीं, उनको पूरा क्यों नहीं किया गया|
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा से पूछा ये सवाल
वित्त मंत्री ने यह भी नहीं बताया कि आख़िर केंद्र सरकार से अगले पाँच साल में मिलने वाले करों की हिस्सेदारी में 50 हज़ार करोड़ रुपये की कमी पर सरकार की क्या रणनीति है. इसके अलावा केंद्र और राज्य के सहयोग से चलने वाली योजनाओं में चालू वित्त वर्ष में मध्य प्रदेश को केंद्र सरकार की ओर से कई हज़ार करोड़ की राशि का भुगतान नहीं किया गया|
जनता के हित को केंद्र के हाथो में रखा गिरवी- कमलनाथ
इन विभिन्न पहलुओं को देखते हुए साफ़ समझ में आता है कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार प्रदेश की जनता के हित को ध्यान में नहीं रख रही है और केंद्र सरकार की कठपुतली के रूप में प्रदेश की जनता के हित को केंद्र के हाथों में गिरवी रख दिया है|
वाराणसी में बिछेगी नई सीवर और जलापूर्ति लाइन
18 Feb, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाराणसी। वार्ड वार काम के लिए पहली बार एक साथ धनराशि जारी की गई। नगर निगम के 18 अति-प्रभावित वार्डों और विस्तारित क्षेत्रों के लिए अमृत-2.0 योजना के तहत 259 करोड़ रुपये की सीवर और पेयजल की तीन बड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। साथ ही प्रथम किस्त भी शासन ने जारी कर दी है। इन योजनाओं का शिलान्यास प्रधानमंत्री के हाथों होना संभावित है। यही नहीं टेंडर की औपचारिकता भी पूरी कर ली गई है। ऐसे में होली के बाद सीवर व पेयजल की पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू होने की संभावना है। नव विस्तारित क्षेत्र रामनगर व सूजाबाद में सीवर और पाइपलाइन का जाल बिछने जा रहा है। रामनगर जोन में सीवर नेटवर्क और हर घर को सीवर कनेक्शन से जोड़ने के लिए शासन ने 190 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। रामनगर के तीनों वार्डों में 69. 98 किमी ब्रांच लाइन और 3.4 राइजिंग ( मेन लाइन) लाइन बिछाई जाएगी। 10 एमएलडी की एसटीपी, दो सीवर पंपिंग स्टेशन (एसपीएस) बनाए जाएंगे। इसी तरह, सूजाबाद जोन में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के विस्तार के लिए 35 करोड़ रुपये की योजना को हरी झंडी मिली है। खास बात यह है कि 13645 घरों में सीवर का कनेक्शन मुफ्त दिया जाएगा।
लाइन लॉस पर लगेगा लगाम, बढ़ेगा प्रेशर
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सीवर व पेयजल की पाइपलाइन 200 साल पुरानी है। शहर में सीवर ओवरफ्लो गंभीर समस्या बनी हुई है। लीकेज होने के कारण 48 प्रतिशत पानी का लाइन लॉस होता है। 18 वार्डों में सीवर के साथ-साथ पेयजल की भी नई पाइपलाइन भी बिछने से लाइन लॉस पर लगाम लगना तय है। ऐसे में पेयजल आपूर्ति का प्रेशर भी बढ़ेगा। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि ये परियोजनाएं काशीवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। अमृत-2.0 के तहत स्वीकृत यह धनराशि शहर के विस्तारित क्षेत्रों की तस्वीर बदल देगी। विशेष रूप से रामनगर और सूजाबाद की जनता को अब सीवर और पेयजल की समस्या से मुक्ति मिलेगी।
तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख ने तृषा को लेकर की विवादित टिप्पणी, विवाद बढ़ने पर मांगी माफी
17 Feb, 2026 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चेन्नई। चेन्नई में राजनीति और फिल्म जगत से जुड़ा एक बयान बड़ा विवाद बन गया, जब भारतीय जनता पार्टी की तमिलनाडु इकाई (Tamilnadu unit) के अध्यक्ष नयनार नागेंद्रन (Nayanar Nagendran) ने अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर टिप्पणी कर दी। सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया के बाद नागेंद्रन को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी।
विजय पर टिप्पणी करते हुए घसीटा तृषा का नाम
विवाद तब शुरू हुआ जब नागेंद्रन ने अभिनेता और तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के प्रमुख विजय की राजनीतिक सक्रियता पर निशाना साधा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि विजय को राजनीति में सफल होने के लिए “पहले तृषा के घर से बाहर आना चाहिए।” यह टिप्पणी तेजी से वायरल हो गई और इसे व्यक्तिगत व असम्मानजनक बताया गया।
माफी में कहा—“शब्द अनजाने में निकल गए”
नागेंद्रन, जो तिरुनेलवेली विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी हैं, ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनका बयान गलती से दिया गया और यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर पार्टी नेताओं वनति श्रीनिवासन और के. अन्नामलाई से चर्चा की।
तृषा की कड़ी प्रतिक्रिया, राजनीति से दूरी बताई
तृषा ने अपने वकील के माध्यम से जारी बयान में टिप्पणी को “अशोभनीय और अनावश्यक” बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है और वे हमेशा राजनीति से दूर रही हैं।अभिनेत्री ने कहा कि उन्हें केवल अपने सिनेमा कार्यों से पहचाना जाना चाहिए, न कि राजनीतिक विवादों में घसीटा जाए। तृषा और विजय ने पहले कई फिल्मों में साथ काम किया है, जिनमें घिल्ली जैसी हिट फिल्म शामिल है, लेकिन दोनों के बीच किसी राजनीतिक जुड़ाव की बात से इनकार किया गया है।
विपक्ष ने भी जताई आपत्ति
विवाद पर विपक्षी दलों ने भी प्रतिक्रिया दी। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) की नेता कनिमोई सहित कई नेताओं ने बयान को महिलाओं के प्रति असम्मानजनक बताते हुए इसकी निंदा की। कांग्रेस नेताओं ने भी राजनीतिक बहस में फिल्म अभिनेत्री का नाम लाने पर सवाल उठाए।
माफी के बाद भी जारी बहस
हालांकि नागेंद्रन की माफी के बाद विवाद कुछ शांत हुआ है, लेकिन इस घटना ने तमिलनाडु की राजनीति में निजी टिप्पणियों, सेलिब्रिटी प्रभाव और राजनीतिक संवाद की मर्यादा पर नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में यूजर्स ने इस तरह की बयानबाजी को अनुचित बताया।
नरेंद्र मोदी से मिले ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र, केरल चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
17 Feb, 2026 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत (India) के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र अहमद (Grand Mufti Sheikh Abubakr Ahmed) ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सामाजिक, मानवीय, शैक्षिक और विकास से जुड़े व्यापक विषयों पर चर्चा की। साथ ही अल्पसंख्यक कल्याण से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। ग्रैंड मुफ्ती ने प्रधानमंत्री को ‘विद ह्यूमैनिटी’ (‘With Humanity’) विषय के तहत हाल ही में किए गए अपने केरल दौरे के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों से प्राप्त चिंताओं और मांगों से अवगत कराया। उन्होंने आगामी पवित्र रमजान माह के लिए अपने संदेश और विचार भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखे। केरल विधानसभा चुनाव (Kerala Assembly Elections) से पहले इसे काफी अहम माना जा रहा है।
सामाजिक कल्याण पहलों की तारीफ
मोदी ने समस्त केरल जमीयतुल उलेमा और जामिया मरकज के नेतृत्व में संचालित शैक्षिक एवं सामाजिक कल्याण पहलों की सराहना की। उन्होंने कहाकि ऐसे प्रयास समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं तथा वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करते हैं। चर्चा के दौरान समावेशी विकास पर जोर दिया गया, जिसमें समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने, आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ खुशी और मानव विकास सूचकांकों को प्राथमिकता देने तथा जनसंख्या अनुपात और क्षेत्रीय संतुलन के आधार पर संसाधनों के न्यायसंगत आवंटन की आवश्यकता रेखांकित की गई।
एसआईआर से जुड़े विषयों पर चर्चा
बैठक में वक्फ और एसआईआर से जुड़े विषयों, ऐतिहासिक मस्जिदों और इस्लामी विरासत स्मारकों के संरक्षण और मौलाना आजाद राष्ट्रीय फेलोशिप सहित अल्पसंख्यक शैक्षिक कल्याण योजनाओं की बहाली पर चर्चा की गई। इसके अलावा निर्दोष व्यक्तियों को न्याय सुनिश्चित करने, उत्तर भारत में मुबारकपुर जामिया अशरफिया जैसे इस्लामी संस्थानों के समक्ष चुनौतियों, दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों को जोड़ने वाली रेल सेवाओं के प्रस्ताव तथा अलीगढ़ विश्वविद्यालय के मलप्पुरम केंद्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
इसके अलावा केन्द्र सरकार और देशभर के अल्पसंख्यक समुदायों के बीच अधिक निकट संवाद की जरूरत पर भी बल दिया गया। बैठक में समस्त केरल जमीयतुल उलेमा के सचिव शेख अब्दुल रहमान सकाफी और मरकज नॉलेज सिटी के प्रबंध निदेशक डॉ. मुहम्मद अब्दुल हक्कीम अजहरी भी उपस्थित थे।
बुर्का पहनकर कांवड़ लाने का मामला गरमाया, मौलाना का एतराज; महिला बोली-मन्नत पूरी होने पर उठाया कदम
17 Feb, 2026 06:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संभल। संभल में बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) में शामिल हुईं दो मुस्लिम महिलाओं का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। घटना को लेकर जहां कुछ लोग इसे सांप्रदायिक सौहार्द (Communal Harmony) की मिसाल बता रहे हैं, वहीं अन्य लोग धार्मिक परंपराओं और पहचान से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच बरेली के एक मुस्लिम धर्मगुरु ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
मौलाना ने जताया विरोध
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजबी ने बयान जारी कर कहा कि कांवड़ यात्रा में बुर्का पहनकर शामिल होने का मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है और लोग धार्मिक दृष्टिकोण से इसके बारे में सवाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस्लामी शिक्षाओं के अनुसार किसी भी मुसलमान-चाहे पुरुष हो या महिला—को दूसरे धर्म के धार्मिक अनुष्ठानों या परंपराओं को अपनाने की अनुमति नहीं है। मौलाना के मुताबिक ऐसे आयोजनों में भाग लेना अनुचित है और समुदाय को इससे बचना चाहिए। उन्होंने लोगों से “गुनाह से तौबा करने” और भविष्य में ऐसे कदम न उठाने की अपील की।
महिला ने बताया-मन्नत पूरी होने पर लाई कांवड़
दूसरी ओर, इस मामले में चर्चा में आई तमन्ना मलिक ने अपनी ओर से सफाई दी है। उनका कहना है कि उन्होंने भगवान से एक मन्नत मांगी थी, जो पूरी होने के बाद उन्होंने कांवड़ यात्रा करने का संकल्प लिया। तमन्ना के अनुसार, उन्होंने अमन त्यागी से विवाह की कामना की थी और मन्नत पूरी होने पर वह हरिद्वार से कांवड़ लेकर आईं। उन्होंने बताया कि पूरी यात्रा के दौरान उनके पति साथ रहे।
मंदिर में जलाभिषेक की तैयारी
तमन्ना ने कहा कि वह आगामी पर्व पर संभल स्थित छैमनाथ मंदिर में जलाभिषेक करेंगी। उनका कहना है कि यह उनका व्यक्तिगत विश्वास और मन्नत से जुड़ा निर्णय है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत आस्था और सामाजिक मेलजोल का उदाहरण बता रहे हैं। वहीं अन्य लोग इसे धार्मिक सीमाओं के उल्लंघन के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल यह मामला स्थानीय स्तर से निकलकर व्यापक सामाजिक और धार्मिक विमर्श का विषय बन गया है।
भारतीय जनता पार्टी का तंज: “असफल वंशज पर न नेताओं को भरोसा, न सहयोगियों को”, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर निशाना
17 Feb, 2026 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी (Congress Party) के लिए सोमवार का दिन उलझनों भरा रहा। मणिशंकर अय्यर (Mani Shankar Aiyar.) जैसे नेता ने पार्टी हाई कमान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, तो वहीं असम के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा (Bhupen Bora) ने भी पार्टी को अपना इस्तीफा भेज दिया। उन्होंने पार्टी हाई कमान पर उन्हें नजर अंदाज करने का आरोप लगाया था। इस उठा पटक के बीच भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के नेतृत्व के ऊपर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। भाजपा की तरफ से राहुल गांधी को एक ‘असफल वंशज’ करार देते हुए कहा गया कि उन पर न तो उनकी पार्टी के नेताओं को भरोसा है और न ही उनके सहयोगियों को भरोसा है।
दिन भर से कांग्रेस पार्टी के अंदर जारी घमासान पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने जमकर तंज कसा। उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस कहती है राहुल को हटाओ, ममता को लाओ, ‘इंडी-गठबंधन’ को बचाओ। असम के कांग्रेस नेता भूपेन बोरा ने इस्तीफा दिया। मणिशंकर अय्यर कहते हैं कि कांग्रेस केरल हारेगी और विजयन जीतेंगे।” भाजपा नेता ने सवाल किया कि क्या यह समझने के लिए और सबूतों की जरूरत है कि न तो गांधी की अपनी पार्टी के नेता और न ही उनके सहयोगी उन्हें गंभीरता से लेते हैं। भाजपा नेता ने अपने हमले को और भी तीखा करते हुए कहा, “राहुल गांधी के पास न तो जनमत है और न ही संगत… वह बस एक असफल विशेषाधिकार प्राप्त वंशवादी हैं।”
आपको बता दें, खबर लिखे जाने तक असम के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने इस्तीफे को वापस ले लिया था। इसके अलावा मणिशंकर अय्यर को लेकर कांग्रेस पार्टी की तरफ से कहा गया कि वह अब पार्टी में नहीं है, ऐसे में उनके बयान को पार्टी से जोड़ने का कोई मतलब नहीं है। दरअसल, मणिशंकर अय्यर ने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अपने पद पर बने रहेंगे। इसके अलावा उन्होंने प्रवक्ता पवन खेड़ा और शशि थरूर पर भी निशाना साधा था। उनके इस बयान को लेकर कांग्रेस पार्टी की तरफ से जबरदस्त विरोध देखने को मिला था। पार्टी की तरफ से कांग्रेस से संबंध न होने की बात पर पूर्व सांसद ने कहा कि उन्हें केवल अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ही पार्टी से निकाल सकते हैं।
कांग्रेस पार्टी ने भले ही खुद को इस बयान से दूर कर लिया हो लेकिन भाजपा ने हमला बोलने का कोई मौका नहीं छोड़ा। प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, “कांग्रेस नेताओं द्वारा राहुल गांधी को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया है। राहुल गांधी को कांग्रेस के कट्टर वफादार मणिशंकर अय्यर ने खुलेआम नकार दिया।”
भंडारी ने कहा, ”अय्यर हों या तृणमूल कांग्रेस या भूपेन बोरा सब जानते हैं। राहुल गांधी राजनीतिक ‘पप्पू’ हैं। कांग्रेस में अपना पूरा जीवन बिताने वाले वफादार अब खुलेआम राहुल गांधी के खिलाफ बोल रहे हैं।”
दरअसल, यह पूरा मामला कांग्रेस के पूर्व सांसद मणिशंकर अय्यर के बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेताओं के ऊपर निशाना साधा। उन्होंने पवन खेड़ा, केसी वेणुगोपाल और शशि थरूर को भी अपने निशाना पर लिया। इसके अलावा असम से पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन के इस्तीफे ने भी कांग्रेस पार्टी के दिन को बर्बाद करने की कोशिश की। मणिशंकर के मामले पर कांग्रेस पार्टी की तरफ से तीखी टिप्पणी आई, जिसमें कहा गया कि मणिशंकर अय्यर अब पार्टी में नहीं है, तो उस पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वह नेहरू वादी और राजीववादी हैं लेकिन राहुलवादी नहीं है। इतना ही नहीं अय्यर ने कहा कि उन्हें पार्टी से निकालने का अधिकार केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को है।
'95 चुनाव हारने का रिकॉर्ड, कांग्रेसी भी नहीं मानते नेता'; राहुल गांधी पर BJP नेता शहजाद पूनावाला ने कसा तंज
17 Feb, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। मणिशंकर अय्यर की धुआंधार टिप्पणियों पर केरल भाजपा ने भी कांग्रेस और राहुल गांधी की चुटकी ली। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस का कोई भी सदस्य लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लेता और उन्हें अपना नेता भी नहीं मानता।इंडिया गठबंधन के साझेदार, चाहे वे तृणमूल कांग्रेस हो, सपा हो, सुप्रिया सुले हों या उमर अब्दुल्ला, सभी राहुल गांधी से दूरी बना रहे हैं।
राहुल हटाओ, ममता को लाओ
भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने केवल मणिशंकर अय्यर ही नहीं, बल्कि बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने कथित तौर पर नारा दिया है- राहुल हटाओ, ममता को लाओ, इंडिया ब्लाक को बचाओ। अब असम के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने भी पार्टी छोड़ दी है।
95 चुनाव हारने का बना चुके रिकार्ड
पूनावाला ने कहा कि इससे एक चीज स्पष्ट है कि किसी को भी राहुल गांधी में भरोसा नहीं है। वह रिकार्ड 95 चुनाव हार चुके हैं। उनके पास कोई जनादेश नहीं है। उनके सहयोगी दल, चाहे वो तृणमूल कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, सुप्रिया सुले हों या उमर अब्दुल्ला या हेमंत सोरेन, सभी राहुल गांधी से दूरी बना रहे हैं।इंडिया ब्लाक के लिए वह एक बोझ बनते जा रहे हैं। यही वजह है कि किसी को उनमें भरोसा नहीं रह गया है। वह जहां भी जाते हैं, चुनाव हार जाते हैं।
‘गुरु दक्षिणा से चलता है RSS?’ प्रियंक खरगे के बयान से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर सियासी घमासान
17 Feb, 2026 09:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। कर्नाटक के मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना शैतान से करते हुए कहा कि भाजपा उसका साया है। उन्होंने कहा कि हम साये से लड़ रहे हैं। यदि हम सीधे दानव से लड़ें तो देश प्रगति करेगा। उन्होंने आरएसएस की फंडिंग पर भी सवाल उठाए। साथ ही कहा कि यदि क्लबों और संघों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है तो आरएसएस को भी पंजीकरण के दायरे में क्यों नहीं लाया जाना चाहिए। इस पर पलटवार करते हुए भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि दूसरे संगठनों के पंजीकरण पर सवाल उठाने से पहले प्रियांक खरगे को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके पिता मल्लिकार्जुन के नेतृत्व वाली कांग्रेस की कर्नाटक इकाई का ही पंजीकरण कहीं रद न हो जाएं। जनता तेजी से कांग्रेस के सफाये में जुटी है।
देश के कानून का पालन क्यों नहीं करते?
कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने कहा- ''वे अपंजीकृत हैं। वे पंजीकरण नहीं कराना चाहते। वह देश के कानून का पालन क्यों नहीं करते? आप घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतनी बड़ी गतिविधियां चला रहे हैं, और फिर भी आप कर नहीं चुका रहे हैं?''
आरएसएस गुरु दक्षिणा पर चलता है
उन्होंने आगे कहा ''आरएसएस का 2,500 से अधिक संगठनों का नेटवर्क है। ये लोग उनसे पैसे लेते हैं। ये लोग मनी लांड्रिंग में शामिल हैं।'' कांग्रेस नेता ने कहा- ''संघ कहता है कि आरएसएस गुरु दक्षिणा पर चलता है। लेकिन देश में एक मंदिर में भी जब कोई दान करता है तो उसका आडिट होता है। क्या वे कानून से ऊपर हैं?''
कहीं कांग्रेस का पंजीकरण रद न हो जाए
उधर, कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र ने प्रियांक को आड़े हाथों लेते हुए तंज कसा-''दूसरे संगठनों के पंजीकरण पर सवाल उठाने से पहले प्रियांक को इस पर चिंता करनी चाहिए कि कहीं कांग्रेस की कर्नाटक इकाई का पंजीकरण ही रद न हो जाए क्यों कि कांग्रेस तेजी से गर्त की ओर जा रही है।''
उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस को निशाना बनाना, हिंदू धर्म को छोटा दिखाना और हिंदू समर्थकों को अलग करना कांग्रेस पार्टी के ''छिपे हुए एजेंडे'' का हिस्सा है। विजयेंद्र ने कहा कि धर्म कभी पराजित नहीं हुआ और आरएसएस ने एक शताब्दी पूरी कर ली है और अपने वैचारिक सिद्धांतों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध एक संगठन के रूप में लगातार बढ़ता जा रहा है। विजयेंद्र ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस ने प्रियांक खरगे जैसे नेताओं को हिंदू परंपराओं और हिंदू समर्थक संगठनों को बदनाम करने के लिए नियुक्त किया है।
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