राजनीति
शशिकला बोलीं- अम्मा के जन्मदिन पर मिलेगी खुशखबरी
24 Feb, 2026 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चेन्नई|तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। एआईएडीएमके से निष्कासित नेता वीके शशिकला ने कहा है कि अम्मा के जन्मदिन पर खुशखबरी आएगी। उनके इस बयान ने नए राजनीतिक दल की अटकलों को हवा दे दी है। पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की जयंती पर कार्यक्रम के दौरान दिए गए संकेतों को उनकी संभावित वापसी से जोड़कर देखा जा रहा है।शशिकला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अम्मा के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में अच्छी खबर मिलेगी। उन्होंने इससे पहले एआईएडीएमके संस्थापक एमजी रामचंद्रन और जयललिता को पुष्पांजलि अर्पित की। उनके बयान को नए राजनीतिक ऐलान की भूमिका माना जा रहा है। पार्टी से निष्कासन के बाद से ही वह वापसी की जमीन तलाश रही हैं।
नई पार्टी बनाने के संकेत
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शशिकला 2026 विधानसभा चुनाव से पहले नई पार्टी बना सकती हैं। हाल ही में उन्होंने चेन्नई में समर्थकों के साथ बैठक की थी। उनके करीबी अरासन ने कहा कि वे हर फैसले में चिन्नम्मा के साथ खड़े रहेंगे। समर्थकों का दावा है कि शशिकला की राजनीति में फिर से सक्रिय भूमिका होगी।
निष्कासन और सियासी पृष्ठभूमि
शशिकला कभी एआईएडीएमके की कार्यकारी महासचिव और जयललिता की करीबी मानी जाती थीं। आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया था। अब वह फिर से राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश में हैं। उनका लक्ष्य 2026 का चुनाव बताया जा रहा है।तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए 2026 में चुनाव होने हैं। वर्तमान में एमके स्टालिन के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में है। भाजपा और एआईएडीएमके गठबंधन भी चुनावी तैयारी में जुटा है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके के मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। 2021 में डीएमके ने 133 सीटें जीती थीं, जबकि एआईएडीएमके को 66 सीटें मिली थीं।
पीएम मोदी और अमित शाह ने किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व तमिलनाडु मुख्यमंत्री जे जयललिता की 78वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उन्हें करिश्माई नेता तथा उत्कृष्ट प्रशासक बताया। उन्होंने कहा कि जयललिता ने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर आधारित जनकल्याणकारी शासन को बढ़ावा दिया। पीएम मोदी ने अपने संदेश में उनके साथ हुई मुलाकातों को याद करते हुए कहा कि अम्मा को जनता का गहरा स्नेह मिला। मन की बात में भी उन्होंने उनका उल्लेख किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उन्हें नमन करते हुए गरीबों और महिलाओं के लिए किए गए कार्यों को याद किया।
PM Surya Ghar Yojana: पीएम सूर्य घर योजना से 30 लाख घर रोशन, बिजली बिल में राहत; प्रधानमंत्री मोदी ने भी सराहा
24 Feb, 2026 11:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश में 30 लाख घरों में रूफटॉप सोलर लगाने की उपलब्धि को भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा का बड़ा मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम है। प्रधानमंत्री ने योजना के लाभार्थियों को बधाई दी और इसे बचत, स्थिरता और आत्मनिर्भरता से जुड़ा जनआंदोलन बताया।प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि रूफटॉप सोलर अपनाने वाले परिवारों ने न केवल अपने बिजली बिल में कमी लाई है, बल्कि देश को हरित ऊर्जा की ओर आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह योजना ऊर्जा सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल और भविष्य के लिए तैयार भारत बनाने की सरकार की सोच का हिस्सा है।
30 लाख घरों तक पहुंची योजना
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अब तक 30 लाख घरों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। उन्होंने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। जोशी ने कहा कि यह कदम सूरज की रोशनी को बचत और सतत विकास में बदलने का उदाहरण है। इससे बिजली बिल कम हो रहे हैं और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो रही है।
बचत और आत्मनिर्भरता पर जोर
सरकार का दावा है कि रूफटॉप सोलर से आम परिवारों को सीधा फायदा मिल रहा है। बिजली खर्च में कमी के साथ अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचने का भी विकल्प मिलता है। इससे परिवारों की आय में भी बढ़ोतरी हो सकती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना लोगों को आत्मनिर्भर बना रही है और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रही है।
हरित परिवर्तन की रफ्तार
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हो रहे हरित परिवर्तन की गति को दर्शाती है। सरकार का लक्ष्य देश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता घटाकर सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है।प्रधानमंत्री ने दोहराया कि आने वाले समय में और अधिक घरों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि हर परिवार तक सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा पहुंचे। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी गति से रूफटॉप सोलर का विस्तार होता रहा तो भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
एआई समिट बवाल: यूथ कांग्रेस अध्यक्ष समेत आठ आरोपी हिरासत में
24 Feb, 2026 10:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली।दिल्ली पुलिस ने पिछले हफ्ते एआई इम्पैक्ट समिट में भारतीय युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के मामले में यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार किया है। इस मामले में यह 8वीं गिरफ्तारी है। दिल्ली पुलिस ने इंडियन यूथ कांग्रेस के दिल्ली अध्यक्ष उदय भानु चिब को भी सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया था। गिरफ्तार की बाद पुलिस ने उदय भानु चिब को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया है। इससे पहले सोमवार को तीन और आरोपियों जितेंद्र यादव, राजा गुर्जर व अजय कुमार को ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शन वाले दिन युवा कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। इनके खिलाफ तिलक मार्ग थाने में मामला दर्ज किया गया था।
नई दिल्ली जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले में एक व्यापक साजिश के पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता हॉल नंबर-5 के लॉबी क्षेत्र में शुक्रवार को घुस गए और अपनी कमीजों के नीचे पहनी हुई टी-शर्ट उतारकर या हाथों में पकड़कर नारे लगाने लगे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने के लिए क्यूआर कोड प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। आरोपियों ने पहले काले रंग की छतरियों पर स्टिकर चिपकाकर उन्हें चुपके से भारत मंडपम में ले जाने की योजना बनाई थी। एक सूत्र ने बताया कि हालांकि, बाद में उन्हें लगा कि काले छाते प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों का ध्यान आकर्षित करना चाहते थे, मगर उन्होंने अपनी योजना बदल दी और टी-शर्ट पर छपे स्टिकर लगवाकर उन्हें अपनी कमीज के नीचे पहन लिया।
टी-शर्ट पर ये लिखा था
अंदर प्रवेश करने के बाद उन्होंने नारे छपे टी-शर्ट के ऊपर पहनी हुई कमीजें उतार दीं। उनकी टी-शर्ट पर पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता और एप्स्टीन फाइल्स लिखा था। सूत्रों ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिस अधिकारियों के साथ मारपीट भी की और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांचकर्ता विरोध-प्रदर्शन के पीछे के वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रहे हैं।
टी-शर्ट बरामद की हैं
दिल्ली पुलिस ने आरोपी और यूथ कांग्रेस के नेता कृष्ण हरि की गाड़ी 22 फरवरी को टी-शर्ट बरामद कीं थीं।। कार से पीएम मोदी चेहरा छपी टी-शर्ट और पोस्टर भी मिले हैं। प्रदर्शन में इसमें 10 से ज्यादा कार्यकर्ता हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए हुए थे। टी-शर्ट पर पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो लगी है।
इन चार को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था
पुलिस ने चार आरोपियों बिहार से यूथ कांग्रेस के नेशनल सेक्रेटरी कृष्ण हरि, बिहार में यूथ स्टेट सेक्रेटरी कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश में यूथ स्टेट प्रेसिडेंट अजय कुमार और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था
मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एआई समिट यूथ कांग्रेस प्रदर्शन मामले की जांच के लिए स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम(एसआईटी) बनाई गई है। दक्षिणी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त एस के जैन को एसआईटी का प्रमुख बनाया गया है। एसआईटी में कई जिले के पुलिस उपायुक्त भी शामिल हैं। नई दिल्ली जिले की टीमों के अलावा, स्पेशल सेल व अन्य टीमें मामले की जांच कर रही हैं।
राज्यसभा चुनाव में तेलंगाना से कांग्रेस को लग सकता है झटका.......केसीआर एक सीट पर दावा करने की तैयारी में
23 Feb, 2026 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। बिहार में 5 सीटों पर चुनाव में एनडीए की जीत तय मानी जा रही है। वहीं तेलंगाना में भी 2 सीटों पर वोटिंग होनी है। इन दो सीटों पर कांग्रेस की जीत अब तक तय मानी जा रही थी, लेकिन अब खेल बदलता नाराज आ रहा है। इस राज्य में भाजपा इस स्थिति में नहीं है कि कांग्रेस को चुनौती दे, लेकिन भारत राष्ट्र समिति के नेता के. चंद्रशेखर राव ने एक उम्मीदवार खड़ा करने का फैसला लिया है। इन खबरों से कांग्रेस नेतृत्व को झटका लगाना लाजिमी है, जो पहले ही ज्यादातर राज्यों में सीटें जीतने की स्थिति में नहीं है। अप्रैल में दो सीटें खाली हो रही हैं। अब तक कांग्रेस तेलंगाना में मानकर चल रही थी कि इन दोनों सीटों पर आसानी से जीत मिल जाएगी।
लेकिन केसीआर ने जिस तरह से राज्य में राज्यसभा चुनाव को लेकर समीकरण बदलने की कोशिश की है, इससे कांग्रेस टेंशन में आ गई है। अब कांग्रेस के लिए स्पष्ट हो गया होगा कि मुकाबला गणित, गठबंधन और अन्य तमाम चीजों से तय होगा। मीडिया में खबरें हैं कि केसीआर किसी चर्चित व्यक्ति को उतारना चाहते हैं। विधानसभा रिकॉर्ड्स के अनुसार केसीआर के पास कुल 37 विधायक हैं। इसमें से 10 विधायक हैं, जो कांग्रेस के पास जा चुके हैं और उनकी अयोग्यता को लेकर मामला चल रहा है। इस मामले में 8 विधायकों पर बीआरएस की आपत्ति को स्पीकर ने खारिज किया है। वहीं दो पर अभी ट्राइब्यूनल में मामला लंबित है।
यदि एक राज्यसभा सीट जीतनी है, तब किसी भी दल को 41 विधायकों की जरूरत है। कुल 37 विधायकों का दावा करने वाली बीआरएस के साथ यदि उसके अपने सभी विधायक बने रहते हैं, तब बीआरएस को अलग से सिर्फ 4 विधायकों की ही जरूरत होगी। फिलहाल खबर है कि बीआरएस की ओर से उन दलों से वार्ता हो रही है, जिनके समर्थन से इस आंकड़े को हासिल कर सकते है। राज्य में कांग्रेस के पास 66 विधायक हैं। इसके अलावा सीपीआई के भी एक विधायक का कांग्रेस को समर्थन है। अब तक वह मान रही थी कि बीआरएस मुकाबले से दूर रहेगी। लेकिन जब एक राज्यसभा सीट हासिल करने की स्थिति केसीआर को दिखी, तब उन्होंने मुकाबले में उतरना ही ठीक समझा है।
फिलहाल पूरा मामला इस बात पर अटक गया है कि आखिर वे 10 विधायक किसके साथ जाते हैं, जो बीआरएस से बागी हुए हैं। इसके अलावा भाजपा और ओवीसी के एआईएमआईएम पर भी नजरें टिक गई हैं। राज्य में ओवैसी के पास कुल 7 विधायक हैं, जबकि भाजपा के पास भी 8 का समर्थन है। इस तरह से मुकाबला काफी पेंचीदा हो सकता है। साफ है कि एक सीट भले कांग्रेस आसानी से पा जाए, लेकिन दूसरी सीट जीतना टेढ़ी खीर बन सकता है। दरअसल कांग्रेस की आंतरिक कलह भी उसके लिए हालात मुश्किल कर रही है। दो सीटों में से एक पर अभिषेक मनु सिंघवी को फिर से भेजा जा सकता है। अब रही बात दूसरी सीट की, तब उसके लिए सीएम के सलाहकार वी. नरेंद्र रेड्डी का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा रिटायर्ड जज जस्टिस सुदर्शन रेड्डी भी मुकाबले में हैं।
रिटायर सैन्य अधिकारियों पर किताब लिखने की कोई पाबंदी नहीं: रक्षा मंत्री का स्पष्टीकरण
23 Feb, 2026 12:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे (M.M. Naravane) की प्रस्तावित पुस्तक को लेकर उठे विवाद के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों (retired military officers) के किताब (Book) लिखने या संस्मरण प्रकाशित करने पर किसी तरह की रोक नहीं है। उन्होंने उन अटकलों को भी खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि रिटायरमेंट के बाद 20 साल तक लेखन पर ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ लागू करने का विचार सरकार के स्तर पर चल रहा है। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार या कैबिनेट के सामने विचार के लिए आया ही नहीं है। उनके मुताबिक, पूर्व सैन्य अधिकारी निर्धारित नियमों और संवेदनशील जानकारी से जुड़े प्रावधानों का पालन करते हुए अपने अनुभव लिखने के लिए स्वतंत्र हैं।
किताब को लेकर कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह चर्चा उस समय तेज हुई जब जनरल नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक Four Stars of Destiny के कुछ अंशों को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई। बताया गया कि पुस्तक में चीन के साथ लद्दाख गतिरोध जैसे अहम सैन्य घटनाक्रमों का उल्लेख है, जिसके बाद इस पर सार्वजनिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई।
संसद तक पहुंचा मुद्दा, राजनीतिक बयानबाज़ी तेज
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे लेकर सवाल उठाए, जबकि सत्तापक्ष के सांसदों ने सरकार का बचाव किया। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिससे यह मुद्दा राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया।राजनाथ सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ जैसी कोई नीति लागू करने की न तो योजना है और न ही इस संबंध में कोई औपचारिक प्रस्ताव आया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सैन्य परंपराओं, राष्ट्रीय सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन पहले से ही स्थापित प्रक्रियाओं के तहत बनाए रखा जाता है।
अन्य रक्षा मामलों पर भी दिया संकेत
रक्षा मंत्री ने बातचीत के दौरान यह भी बताया कि सरकार आने वाले महीनों में रक्षा सहयोग से जुड़े अंतरराष्ट्रीय समझौतों को आगे बढ़ाने के प्रयास में है और संबंधित प्रक्रियाएं जारी हैं। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि रिटायर सैन्य अधिकारियों के लेखन पर कोई नई रोक या 20 साल का इंतजार नियम लागू नहीं किया जा रहा। मौजूदा सुरक्षा दिशानिर्देशों के भीतर रहकर वे अपने अनुभव साझा कर सकते हैं।
कांग्रेस को झटका, असम के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने थामा बीजेपी का दामन
23 Feb, 2026 11:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डब्रूगढ़। असम कांग्रेस के पूर्व चीफ भूपेन बोरा ने कई अटकलों के बीच बीजेपी का दामन थाम लिया है। असम बीजेपी चीफ दिलीप सैकिया और बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा की मौजूदगी में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। एक दिन पहले ही बोरा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। बोरा ने असम के सीएम हिमंत विश्व सरमा, बैजयंत पांडा और लखीमपुर के विधायक मनाब डेका की मौजूदगी में शाह से मुलाकात की थी। बैठक के बाद बोरा ने पत्रकारों को बताया कि सीएम सरमा ने उन्हें शाह से मिलने के लिए कहा था, इसलिए वह उनसे शिष्टाचार भेंट करने आए थे।
उन्होंने दावा किया कि 8 मार्च तक आत्मसम्मान और राज्य के प्रति राष्ट्रवादी भावना रखने वाले करीब 50 फीसदी कांग्रेस सदस्य बीजेपी में शामिल होंगे। हालांकि उन्होंने रविवार 22 फरवरी को ही बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली। बोरा पिछले सोमवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि पार्टी आलाकमान ने इसे स्वीकार नहीं किया और वरिष्ठ नेता उनके आवास पर मिलने पहुंचे थे। राहुल गांधी ने भी उनसे फोन पर बात की थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बोरा से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था, लेकिन अगले दिन असम सीएम सरमा उनके आवास पर पहुंचे और घोषणा की कि बोरा 22 फरवरी को बीजेपी में शामिल होंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री शाह 25 फरवरी को बिहार दौरे पर आएंगे, जवानों को ट्रांजिट कैंप की दे सकते हैं सौगात
23 Feb, 2026 10:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 फरवरी को बिहार के सीमावर्ती जिलों के दौरे पर आ सकते हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत वे नेपाल सीमा से सटे चयनित ‘वाइब्रेंट विलेज’ गांवों का निरीक्षण करेंगे और विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। उनके दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, गृहमंत्री अंतरराष्ट्रीय सीमाओं—नेपाल और बांग्लादेश—से जुड़े गांवों में जाकर स्थानीय लोगों से संवाद करेंगे और एक जनसभा को भी संबोधित कर सकते हैं। केंद्र सरकार की ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना के तहत इन सीमावर्ती गांवों का चयन किया गया है, ताकि बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया जा सके।\
जवानों के लिए ट्रांजिट कैंप की सौगात
दौरे के दौरान सीमा पर तैनात सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सौगात की घोषणा संभव है। जानकारी के मुताबिक, कटिहार रेलवे जंक्शन के पास सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की ओर से ट्रांजिट कैंप (परागमन शिविर) तैयार किया गया है, जिसका औपचारिक लोकार्पण गृहमंत्री कर सकते हैं। सीमावर्ती इलाकों में हजारों जवान तैनात हैं, जिनका आवागमन मुख्यतः कटिहार के रास्ते होता है। ऐसे में ट्रांजिट कैंप से जवानों को ठहरने और आवागमन में सुविधा मिलेगी।
अररिया और किशनगंज भी कार्यक्रम में शामिल
इंडो-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी की 52वीं बटालियन के लेटी कैंप (अररिया) में 25 फरवरी को गृहमंत्री के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार, वे हेलीकॉप्टर से वहां पहुंच सकते हैं। हालांकि प्रशासन ने अभी विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
इसके अलावा 26 फरवरी को किशनगंज दौरे की भी संभावना है। प्रदेश के उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि गृहमंत्री के आगमन की सूचना मिली है, लेकिन अंतिम कार्यक्रम जारी होना बाकी है। जिला प्रशासन ने भी कहा है कि विस्तृत कार्यक्रम मिलने के बाद ही आधिकारिक जानकारी दी जाएगी।
‘चिकन नेक’ कॉरिडोर की सुरक्षा पर फोकस
गृहमंत्री के दौरे के दौरान ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर अहम फैसला लिया जा सकता है। यह संकरा भू-भाग भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को मुख्य भूमि से जोड़ता है और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। किशनगंज जिला नेपाल और बांग्लादेश की सीमाओं से सटा होने के कारण रणनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता है।
कांग्रेस से निष्कासित नवजोत कौर बनाएगी नई पार्टी, एक साल पति सिद्धू रहेंगे राजनीति से दूर
23 Feb, 2026 10:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। कांग्रेस से निष्कासित पंजाब की डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा है कि उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू अगले एक साल तक सक्रिय राजनीति से दूर रहेंगे। सिद्धू 6 निजी कंपनियों के साथ करार कर चुके हैं, जिसके चलते वे किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग नहीं लेंगे। नवजोत कौर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि यह फैसला पूरी तरह पेशेवर प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सिद्धू आगामी एक साल तक अपने नए प्रोजेक्ट्स और कार्पोरेट एंगेजमैंट्स पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इस घोषणा के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल मच गई है। नवजोत कौर ने कहा कि वे जल्द ही अपनी नई राजनीतिक पार्टी का गठन करेंगी। पार्टी का आधिकारिक कार्यालय भी शीघ्र खोला जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पोस्ट में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कई कांग्रेसी नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि पंजाब की राजनीति में भ्रष्टाचार और अवसरवादी राजनीति ने जनता का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी नई पार्टी आम लोगों की आवाज बनेगी और राज्य को भ्रष्टाचार और गलत राजनीतिक प्रथाओं से बचाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस के अंदर भी चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
कांग्रेस से निष्कासित होने के बाद से नवजोत कौर लगातार पार्टी पर हमलावर हैं। एक दिन पहले ही उन्होंने पंजाब कांग्रेस के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने पोस्ट के जरिये राजा वड़िंग से पूछा था कि उन्होंने 100 एकड़ जमीन कैसे खरीदी? साथ ही राजस्थान से जुड़े पंजाब के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष के साथ मिलकर 2400 करोड़ रुपए का घोटाला करने का भी आरोप लगाया है। नवजोत कौर ने राजा वड़िंग को चेतावनी देते हुए कहा था कि अब वे कोर्ट में जवाब देने और जेल जाने के लिए तैयार रहें। वहीं नवजोत कौर के इन आरोपों पर वडिंग ने कहा था कि जिन लोगों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होती, उनके बयानों पर रोज प्रतिक्रिया देना उचित नहीं।
बंगाल की राजनीति को बड़ा झटका: पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय नहीं रहे
23 Feb, 2026 10:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दिग्गज नेता और पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का रविवार देर रात निधन हो गया. पिछले कुछ दिनों से कोलकाता के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली. मुकुल रॉय 72 साल के थे. परिवार ने उनके निधन की घोषणा की. मुकुल रॉय के निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है.
मुकुल रॉय बंगाली राजनीति के चाणक्य कहे जाते थे. उन्होंने राजनीतिक करियर की शुरुआत लेफ्ट कैंप से की थी, लेकिन वाम खेमे में बहुत कम समय तक रहे. उत्तर 24 परगना के कांग्रेस नेता मृणाल सिंघराई उन्हें पार्टी में ले आए. मुकुल ने कांग्रेस में अपना सफर छात्र परिषद में शामिल होकर शुरू किया. तब से, वह ममता बनर्जी के करीबी रहे हैं.
टीएमसी के संस्थापक सदस्य रहे
ममता बनर्जी ने नब्बे के दशक के आखिर में एक नई पार्टी बनाने का फैसला किया. उस समय की विपक्षी नेता ममता ने मुकुल और कुछ अन्य लोगों के साथ एक नई पार्टी बनाने का प्लान बनाया. मुकुल, अतिन घोष और तमोनाश घोष जैसे 9 नेताओं ने नई पार्टी तृणमूल कांग्रेस बनाने के लिए चुनाव आयोग में आवेदन किया. ममता उस समय ऑफिशियली तृणमूल की सदस्य नहीं बनी थीं. बाद में, वह सदस्य बन गईं.
UPA-2 सरकार में शिपिंग राज्य मंत्री बने
तब से लेकर 2017 तक मुकुल तृणमूल कांग्रेस की पहचान बन गए. 2009 में वह UPA-2 सरकार में शिपिंग राज्य मंत्री बने. फिर 2011 में तृणमूल कांग्रेस के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद ममता मुख्यमंत्री बनीं. दिनेश त्रिवेदी ने उनसे रेल मंत्रालय संभाला. बाद में, रेल किराए में बढ़ोतरी से नाराजगी के कारण दिनेश को मंत्रालय छोड़ना पड़ा. इसके बाद मुकुल रेल मंत्री बने.
2017 में टीएमसी छोड़ बीजेपी में शामिल हुए
2017 में दुर्गा पूजा की पंचमी पर, नेता ने निजाम पैलेस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके तृणमूल कांग्रेस से अलग होने का ऐलान किया था. पूजा खत्म होने के बाद, पूर्व रेल मंत्री ने अपनी राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था. कई महीनों से मुकुल के BJP में शामिल होने की अटकलें लग रही थीं. आखिरकार, 3 नवंबर 2017 को, वह दिल्ली में BJP के सेंट्रल ऑफिस गए और BJP के सदस्य बन गए.
मुकुल रॉय जून 2021 तक BJP में रहे. मुकुल कृष्णानगर नॉर्थ सीट से तृणमूल की कैंडिडेट कौशानी मुखर्जी को हराकर पहली बार विधायक बने थे. हालांकि, उस चुनाव में BJP की हार के बाद उन्होंने पाला बदल लिया और फिर टीएमसी में शामिल हो गए. लेकिन, तब से मुकुल राजनीतिक में अधिक एक्टिव नहीं दिखे.
पुडुचेरी में कांग्रेस संभाले गठबंधन की कमान, राजनीति में नंबर ही सर्वोपरि: नारायणसामी
23 Feb, 2026 09:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुडुचेरी। पुडुचेरी का सियासी पारा तब चढ़ गया जब कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व सीएम वी. नारायणसामी ने 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले बयान दे दिया। उनका तर्क है कि पुडुचेरी में कांग्रेस को गठबंधन की कमान संभालनी चाहिए। यह मांग केवल एक इच्छा नहीं, बल्कि आंकड़ों की बाजीगरी है जिसने साथी दल डीएमके की पेशानी पर बल डाल दिए हैं।
नारायणसामी की इस दावेदारी की बुनियाद हालिया प्रदर्शन और वोट शेयर पर टिकी है। राजनीति में नंबर ही सर्वोपरि होते हैं, और यहां कांग्रेस का पलड़ा भारी है। पार्टी का दावा है कि उनके पास 26फीसदी का मजबूत वोट बैंक है। साथ ही गठबंधन सहयोगी डीएमके फिलहाल 8फीसदी वोट शेयर के साथ पीछे खड़ी दिख रही है। इन्हीं आंकड़ों के दम पर नारायणसामी का तर्क है कि जिस पार्टी की जड़ें जनता में ज्यादा गहरी हैं, नेतृत्व का हक भी उसी का बनता है।
पुडुचेरी के राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस का इतिहास काफी पुराना और दमदार रहा है। केंद्र शासित प्रदेश होने के नाते यहां की सत्ता की चाबी अक्सर कांग्रेस के पास रही है जो स्थानीय भावनाओं को दिल्ली की राजनीति के साथ तालमेल बिठाकर चल सके। 2026 के चुनावों की आहट ने अब क्षेत्रीय दलों को अपनी ताकत दिखाने पर मजबूर कर दिया है। कांग्रेस को लगता है कि पिछले कुछ चुनावों के उतार-चढ़ाव के बाद अब वक्त आ गया है कि वह जूनियर पार्टनर की छवि से बाहर निकलकर फ्रंट सीट पर बैठे।
रिपोर्ट के मुताबिक अब सवाल उठ रहा है कि क्या डीएमके इस मांग के आगे झुकेगी? तमिलनाडु में मजबूत स्थिति रखने वाली डीएमके के लिए पुडुचेरी में कांग्रेस की शर्तों पर समझौता करना आसान नहीं होगा। उनके फैसले को कई कारक प्रभावित करेंगे। क्या डीएमके के समर्थक नेतृत्व छोड़ने के फैसले को स्वीकार करेंगे? और क्या विपक्षी दलों को हराने के लिए क्या दोनों दल अपनी ईगो को किनारे रख पाएंगे? पुडुचेरी का यह फैसला केवल एक छोटे प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह इंडिया गठबंधन के भविष्य के समीकरणों की दिशा भी तय करेगा। वी. नारायणसामी का यह रुख केवल एक बयान नहीं, बल्कि एक रणनीतिक दबाव है। 2026 के चुनावों की छाया में, कांग्रेस और डीएमके के बीच की यह सौदेबाजी भारतीय गठबंधन राजनीति के बदलते स्वरूप को दर्शाती है। यदि कांग्रेस नेतृत्व हथियाने में सफल रहती है, तो यह पार्टी के पुनरुत्थान के लिए एक बड़ा बूस्टर शॉट होगा। आने वाले महीनों में होने वाली वार्ताएं न केवल पुडुचेरी का भविष्य तय करेंगी, बल्कि पूरे देश में यह संदेश भी देंगी कि क्षेत्रीय गठबंधन में शक्ति संतुलन किस करवट बैठ रहा है।
यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर कुमार विश्वास का तंज, AI समिट में गरमाई सियासत
22 Feb, 2026 08:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। राजधानी नई दिल्ली (New Delhi) में आयोजित एआई (AI Sumit) से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर कवि कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शर्टलेस प्रदर्शन को विपक्ष की “मुद्दाविहीन राजनीति” करार देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
सम्मेलन स्थल पर हुआ विरोध प्रदर्शन
यह प्रदर्शन राष्ट्रीय यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। कार्यक्रम भारत मंडपम में आयोजित था, जहां प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। यूथ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह विरोध सम्मेलन के खिलाफ नहीं, बल्कि अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते और किसानों-युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर था। संगठन के अध्यक्ष उदय भानू ने कहा कि जब रोजगार और कृषि जैसे सवालों पर चिंता हो, तब विरोध दर्ज कराना लोकतांत्रिक अधिकार है।
कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी
कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब देश वैश्विक मंच पर अपनी तकनीकी क्षमता दिखा रहा हो, उस समय इस तरह का प्रदर्शन “देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला” है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह विरोध असल मुद्दों के अभाव को दर्शाता है।
भाजपा ने भी की आलोचना
प्रदर्शन को लेकर भाजपा के नेताओं ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। पार्टी प्रवक्ता Shehzad Poonawalla ने इसे देश की उपलब्धियों के खिलाफ बताया, जबकि दूसरे प्रवक्ता Pradeep Bhandari ने भी सोशल मीडिया पर कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का व्यवहार अनुचित है।
दिल्ली में आयोजित एआई सम्मेलन के दौरान हुए इस विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। एक ओर विपक्ष इसे नीतिगत असहमति का प्रतीक बता रहा है, तो दूसरी ओर सत्ता पक्ष और अन्य आलोचक इसे देश की छवि से जोड़कर देख रहे हैं।
बिहार में बलात्कारियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है – राजद नेता तेजस्वी यादव
21 Feb, 2026 08:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । राजद नेता तेजस्वी यादव (RJD leader Tejaswi Yadav) ने कहा कि बिहार में बलात्कारियों (Rapists in Bihar) को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है (Are protected by the Government) ।
विधानसभा में विपक्ष के नेता और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार को नीतीश सरकार पर जोरदार निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चंद दिनों में घटित वीभत्स घटनाओं पर उनकी मौन स्वीकृति प्रमाणित करती है कि बलात्कारियों को सत्ता संरक्षण प्राप्त है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने एक बयान जारी कर विभिन्न घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सहरसा में डेढ़ साल की बच्ची से दुष्कर्म, किशनगंज में छह वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म, दरभंगा में बच्ची से दुष्कर्म, पटना में महिला से रेप, बचाने गए पति को पीटा, सारण में नाबालिग से किया गया दुष्कर्म, भागलपुर में दुष्कर्म और हत्या मामले में पीड़िता की मां न्याय के लिए भटक रही है। लखीसराय में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म, तो भोजपुर में यूपी की डांसर से सामूहिक दुष्कर्म। उन्होंने ऐसी 14 घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि डेढ़ साल से लेकर 11 साल की बच्चियों के साथ बलात्कार हुए हैं, क्योंकि मशीनी मंगलराज में तंत्र इनका है और अपराधी इनके हैं।
तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाए और कहा, “मोदी जी अब चुनावों में आएंगे और बिहार को बदनाम कर चले जाएंगे। चंद दिनों में घटित इन वीभत्स घटनाओं पर उनकी मौन स्वीकृति प्रमाणित करती है कि बलात्कारियों को सत्ता संरक्षण प्राप्त है।” राजद नेता ने सरकार को ‘निकम्मी’ बताते हुए कहा कि अब ‘बयान बहादुर’ जवाब दें। बता दें कि बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन और सदन के बाहर विपक्ष लगातार प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरता रहा है। हालांकि, सत्ता पक्ष इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रेरित बता रहा है। सत्ता पक्ष का कहना है कि पुलिस हर मामले में त्वरित कार्रवाई कर रही है।
प्रियंका गांधी ने साधा निशाना, कहा—राजनीतिक मतभेद हों, परिवार को बीच में लाना ठीक नहीं
21 Feb, 2026 02:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुवाहाटी। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई (Priyanka Gandhi Vadra) ने असम में चल रहे सियासी विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी नेता के परिवार और बच्चों को निशाना बनाना “गलत राजनीति” है।
गौरव गोगोई पर आरोपों को लेकर बयान
असम कांग्रेस अध्यक्ष Gaurav Gogoi पर लगाए गए कथित आरोपों के संदर्भ में प्रियंका गांधी ने कहा कि राजनीति में दो तरह के नेता होते हैं—एक जो सकारात्मक मुद्दों पर बात करते हैं और दूसरे जो समाज को ध्रुवीकृत करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में राज्य में ध्रुवीकरण की राजनीति की जा रही है, जबकि जनता रोजगार, युवाओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर जवाब चाहती है।
“परिवार को निशाना बनाना ठीक नहीं”
प्रियंका गांधी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक नेता के परिवार को विवाद में घसीटना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। “राजनीतिक लड़ाई मुद्दों पर होनी चाहिए, न कि निजी हमलों के जरिए,” उन्होंने कहा।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचीं थीं प्रियंका
प्रियंका गांधी Guwahati के बाहरी इलाके सोनपुर स्थित ‘जुबीन क्षेत्र’ में दिवंगत गायक Zubeen Garg को श्रद्धांजलि देने पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि जुबीन गर्ग “राजनीति से ऊपर” थे और उनके स्मारक स्थल का उपयोग राजनीतिक उद्देश्य से नहीं किया जाना चाहिए।
चुनावी माहौल में तेज हुई बयानबाज़ी
यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस राज्य में आगामी चुनावों की तैयारियों में जुटी है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि वह राज्य में संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को लेकर गंभीर है।
सरकार पर रोजगार और भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए
प्रियंका गांधी ने राज्य सरकार से सवाल करते हुए कहा कि युवाओं के रोजगार, महिलाओं की स्थिति और कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।
असम की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप के बीच प्रियंका गांधी ने निजी हमलों से परहेज की नसीहत देते हुए राजनीतिक बहस को जनहित के मुद्दों पर केंद्रित करने की बात कही है। चुनावी माहौल में यह बयान राज्य की सियासत को और गरमा सकता है।
MVA में सीट बंटवारे को लेकर तनातनी, उद्धव सेना आक्रामक; शरद पवार की भूमिका पर चर्चा तेज
21 Feb, 2026 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (MVA) के भीतर राज्यसभा की एकमात्र संभावित सीट (Rajya Sabha seat) को लेकर सियासी रस्साकशी शुरू हो गई है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने इस सीट पर अपना दावा ठोक दिया है, जिससे गठबंधन सहयोगियों के बीच बातचीत और मोलभाव के संकेत मिल रहे हैं।
आदित्य ठाकरे ने संख्या बल का दिया हवाला
पार्टी नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर यह सीट उनकी पार्टी के हिस्से में आनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सीट बंटवारे पर अभी गठबंधन के घटकों—कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के साथ औपचारिक चर्चा नहीं हुई है, लेकिन बातचीत इसी दिशा में आगे बढ़ेगी।
MVA केवल एक सीट जीतने की स्थिति में
मौजूदा संख्याबल के हिसाब से MVA महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों में से केवल एक सीट ही जीत सकता है। यही वजह है कि गठबंधन के भीतर यह तय करना अहम हो गया है कि उम्मीदवार किस दल का होगा।
शरद पवार ने जताई राज्यसभा लौटने की इच्छा
शिवसेना (UBT) सांसद Sanjay Raut ने बताया कि NCP प्रमुख Sharad Pawar ने राज्यसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। उनका मौजूदा कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है। राउत के मुताबिक, “जब कोई वरिष्ठ नेता इस तरह इच्छा जताता है, तो गठबंधन को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।”
सूत्रों का कहना है कि शिवसेना (UBT) और कांग्रेस, पवार की उम्मीदवारी का समर्थन कर सकते हैं। बदले में व्यापक सीट-बंटवारे के तहत शिवसेना विधान परिषद की सीट की मांग उठा सकती है।
उद्धव ठाकरे की विधान परिषद में वापसी पर भी चर्चा
राउत ने यह भी कहा कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री Uddhav Thackeray से विधान परिषद में दोबारा आने का आग्रह किया है। उनका कार्यकाल मई में खत्म हो रहा है और पार्टी मानती है कि संगठनात्मक और विधायी कामकाज के लिए उनका सदन में रहना जरूरी है।
चुनाव कार्यक्रम घोषित, समीकरण साफ
राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों के लिए Election Commission of India ने 16 मार्च को मतदान की घोषणा की है।
विधानसभा की मौजूदा ताकत के आधार पर Bharatiya Janata Party चार सीटें जीतने की स्थिति में मानी जा रही है, जबकि सहयोगी दलों को अन्य सीटें मिल सकती हैं। यदि MVA एकजुट रहता है, तो उसके खाते में सिर्फ एक सीट आना तय माना जा रहा है।
एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 प्रथम-वरीयता वोटों की जरूरत होती है।
कांग्रेस ने दिया संतुलित संकेत
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि गठबंधन के सहयोगियों को सामूहिक निर्णय से पहले अपना राजनीतिक रुख स्पष्ट करना चाहिए, ताकि उम्मीदवार पर सहमति बन सके।
राज्यसभा की एक सीट ने MVA के भीतर शक्ति-संतुलन का सवाल खड़ा कर दिया है। उद्धव ठाकरे गुट की दावेदारी, शरद पवार की संभावित वापसी और सीट समायोजन की चर्चाएं आने वाले दिनों में गठबंधन की अंदरूनी राजनीति को और गर्मा सकती हैं।
पीएम मोदी के आगमन से पहले बयानबाज़ी तेज, गहलोत ने रिफाइनरी प्रोजेक्ट और पंचायत चुनाव को बनाया मुद्दा
21 Feb, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जोधपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को राजस्थान आ रहे हैं। पीएम मोदी के अजमेर दौरे से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रिफाइनरी उद्घाटन का मुद्दा उठाया। रिफाइनरी परियोजना को लेकर उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के जोधपुर दौरे के बावजूद उद्घाटन की तारीख स्पष्ट नहीं है। प्रधानमंत्री से उद्घाटन क्यों नहीं करवाया जा रहा? बार-बार तिथियां घोषित होती हैं, लेकिन परियोजना शुरू नहीं होती। जोधपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में जनहित की योजनाएं ठप पड़ी हैं और सरकार विकास के बजाय राजनीतिक एजेंडे पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नगर निकाय और पंचायत चुनावों पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट स्पष्ट कर चुके हैं कि स्थानीय चुनाव समय पर होना संवैधानिक दायित्व है। इसके बावजूद राज्य सरकार चुनाव टाल रही है।
बजट में मारवाड़ की उपेक्षा
राज्य बजट पर गहलोत ने कहा कि मारवाड़ और जोधपुर की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल के थर्ड फेज पर 1400 करोड़ रुपए खर्च किए थे। इससे जोधपुर और आसपास के गांवों को पेयजल उपलब्ध होना था। अब परियोजना की रफ्तार धीमी पड़ गई है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र के भरोसे रहते तो यह योजना शुरू भी नहीं हो पाती।
तैयार इमारतें, खाली पद
गहलोत ने कहा कि जोधपुर में लाइब्रेरी, अस्पताल और विश्वविद्यालयों की शानदार इमारतें बनी हैं, लेकिन स्टाफ और संसाधनों की कमी है। मगरा पूंजला अस्पताल की नई बिल्डिंग तैयार है, पर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति नहीं हुई। कई संस्थान अधूरे संचालन के कारण प्रभावित हैं।
सामाजिक योजनाएं बंद
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बुजुर्गों की पेंशन, छात्राओं की स्कूटी योजना और छात्रवृत्तियां बंद पड़ी हैं। ठेकेदारों के भुगतान लंबित हैं, जिससे काम रुक गए हैं। उन्होंने केंद्र पर चुनावी ध्रुवीकरण का आरोप लगाया। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान खातों में राशि भेजी जाती रही, तब चुनाव आयोग ने आपत्ति नहीं जताई थी।
अफगानिस्तान में आया 5.0 तीव्रता का भूकंप, कश्मीर में भी लगे झटके
ध्रुव योग का खास संयोग: इस साल मोहिनी एकादशी पर बन रहे हैं कई मंगलकारी मुहूर्त
बेड के सामने न रखें शीशा: वास्तु के अनुसार नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकती हैं ये चीजें
दुर्लभ दर्शन: यहाँ विराजते हैं मूंछों वाले प्रभु श्रीराम, 'कर्ज मुक्ति' के लिए प्रसिद्ध है यह धाम
अक्षय तृतीया पर बन रहा खास संयोग, आज करें ये शुभ कार्य और पाएं अक्षय फल
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
