राजनीति
इंडिया गठबंधन की दम पर भाजपा से पंजा लड़ाने वालों ने कांग्रेस को दे दिया झटका
9 Jan, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भाजपा से भिड़ने के लिए तमाम विपक्षी दलों ने एक इंडिया महागठबंधन का गठन किया था। इसमें शामिल दलों का दावा था कि एनडीए से मुकाबले के लिए हमें एकजुट होना पड़ेगा। तभी हम लोकतंत्र और संविधान की रक्षा कर पाएंगे। ये तमाम वादे और दावे उस वक्त धरे रहे गए जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नेतृत्व पर सवाल उठा दिए। फिर क्या था एक के बाद एक कई दलों ने हाथ झटका और इंडिया गठबंधन को ठेंगा दिखा दिया।
सबसे पहले बंगाल की सीएम और टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ने राहुल गांधी के नेतृत्व को चुनौती दी। फिर एक-एक कर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, एनसीपी नेता शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने ममता बनर्जी के नेतृत्व करने के प्रस्ताव पर सहमति जता दी। आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को ममता बनर्जी की तरह अपना दुश्मन ही मान लिया है। अब तो लालू यादव के पुत्र और बिहार में महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव ने इंडिया ब्लॉक को सिर्फ लोकसभा चुनाव तक के लिए की गई व्यवस्था बता कर इसके खात्मे की ही मुनादी कर दी है। इंडिया ब्लॉक में बिखराव का बीजारोपण सबसे पहले ममता बनर्जी ने किया था। देश भर में विपक्षी पार्टियों ने इंडिया ब्लॉक के बैनर तले उम्मीदवार उतारे, लेकिन बंगाल में ममता बनर्जी ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कांग्रेस और वाम दलों को भाजपा की तरह ही दुश्मन बता कर दूरी बना ली। टीएमसी, कांग्रेस और वाम दलों ने अलग-अलग उम्मीदवार उतारे। ममता ने यह साबित भी कर दिया कि बंगाल में भाजपा से टक्कर लेने के लिए वे अकेले ही काफी हैं। टीएमसी संसदीय चुनाव में 22 सीटें जीत कर लोकसभा में चौथी बड़ी पार्टी बन गई। इंडिया ब्लाक में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बाद टीएमसी तीसरी बड़ी पार्टी है।
आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने 18 जनवरी को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। उसी दिन राहुल गांधी भी पटना आ रहे हैं। वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। शायद तेजस्वी को कांग्रेस के इरादे की जानकारी मिल गई है कि सीटों पर वह अड़ सकती है। कांग्रेस को अपनी छवि भी दुरुस्त करनी है कि वह आरजेडी की पिछलग्गू नहीं है। यह सच भी है कि आरजेडी के सहारे कांग्रेस बिहार में 1990 के बाद से ही रही है। राहुल गांधी सीटों को लेकर मुंह न फाड़ें, इसलिए तेजस्वी ने अपने बयान से उनकी बोलती बंद करने की कोशिश की है।
देश में 2019 से ही भाजपा विरोधी मोर्चा बनाने का प्रयास होता रहा है। पहली बार 2019 में आंध्र प्रदेश के सीएम और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) नेता चंद्रबाबू नायडू ने भाजपा विरोधी मोर्चा बनाने की पहल की थी। तब वे एनडीए से बाहर थे। दूसरी बार 2021 में बंगाल फतह करने के बाद ममता बनर्जी ने प्रयास किया। निराशा हाथ लगने पर दोनों ने मौन धारण कर लिया था। तीसरा प्रयास महागठबंधन में रहते बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने किया। उन्हें सफलता जरूर मिली, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले ही उन्होंने अपनी राह अलग कर ली। उन्होंने फिर से भाजपा के साथ जाना पसंद किया। बची कसर जनता ने पूरी कर दी, जब विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ बहुमत से दूर रह गया। दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को भाव नहीं दिया। हरियाणा में तालमेल को लेकर कांग्रेस के रुख से आहत आप ने बिना किसी से तालमेल किए सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। बिहार में भी आरजेडी पिछली बार की तरह कांग्रेस को तवज्जो देने के मूड में नहीं है। 2020 में आरजेडी से 70 सीटें कांग्रेस ने ले ली थीं, लेकिन जीतीं सिर्फ 19 सीटें। तेजस्वी यादव और लालू यादव को अब तक इस बात का मलाल है कि कांग्रेस को उतनी सीटें नहीं मिली होतीं तो तेजस्वी ही शायद सीएम होते। दर्जन भर सीटों की कमी से तेजस्वी चूक गए थे।
विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही तीनों राजनीतिक दलों की निगाहें अब सोशल मीडिया पर मशहूर शख्सियतों पर टिक गई हैं
9 Jan, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही तीनों राजनीतिक दलों की निगाहें अब सोशल मीडिया पर मशहूर शख्सियतों पर टिक गई हैं। वह ऑनलाइन कंटेंट में सियासी संदेश को घोलने के लिए ऐसे प्रचारक की तलाश में हैं, जिनकी पहचान कविता-कहानी, लिखने-पढ़ने, मीम्स-कार्टून बनाने, स्टैंडअप कॉमेडी और लोकगीत व संगीत सुनाने से बनी है। इसमें सियासतदां होना जरूरी नहीं, लेकिन लिखावट में कसावट और पोस्ट में तुकबंदी होनी चाहिए। साथ में पहुंच भी लाखों में हो। वहीं, अलग-अलग इलाकों में सक्रिय यूट्यूबर भी इसमें फिट हैं।
नाम उजागर न करने की शर्त पर पार्टी रणनीतिकार भी मानते हैं कि इस तरह का चलन इस चुनाव में तेजी से बढ़ा है। पूर्वांचल, उत्तराखंड, पंजाब समेत ऐसे राज्यों से दिल्ली में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बुलाए जा रहे हैं, जिनकी स्थानीय पहचान है। दिल्ली में इनको उसी इलाके में भेजा जा रहा है, जहां उनके प्रदेश के लोगों की आबादी ज्यादा है। इनकी रील्स, यूट्यूब ब्लॉग, मीम्स, कार्टून, फोटो पोस्ट, छोटे-छोटे, लेकिन प्रभावी पॉडकास्ट व सनसनीखेज खबरों के जरिये आम यूजर की जिंदगी में दबे पांव सियासी संदेश घोला जा रहा है। इन्फ्लूएंसर व यू-ट्यूबर को इसके बदले अच्छी कीमत का प्रस्ताव भी रखा जा रहा है। आलम यह है कि जितनी अधिक फॉलोइंग, हर पोस्ट के लिए उतनी ही अधिक रकम भी।
नाव में होगा सोशल मीडिया का खूब इस्तेमाल
राजनीतिक दलों को सोशल मीडिया की परामर्शदाता कंपनी दक्ष न्यू कम्यूनिकेशन के डायरेक्टर आशुतोष मिश्रा बताते है कि यू-ट्यूब समेत सभी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफार्म दिल्ली चुनाव में बड़ा बाजार बनकर उभरे हैं। इससे पलक झपकते ही नेताजी के बयान, दिनचर्या और सियासी मुद्दे बड़ी आबादी तक पहुंच रहे हैं। त्वरित टिप्पणी या बार-पलटवार एक क्लिक पर लोगों की नजरों के सामने होता है। अपने पसंददीदा कंटेंट क्रिएटर को किसी पार्टी की तारीफ करते देख लोग उस पर जल्दी भरोसा भी कर लेते हैं।
मुंबई की सोशल मीडिया मार्केटिंग कंपनी की एक्सपर्ट स्वीटी टंडन बताती हैं कि सोशल मीडिया ऐसा प्लेटफार्म बनकर उभरा है, जिससे हम हर घर तक दस्तक दे सकते हैं। इन दिनों हर हाथ में मोबाइल है। चाहे वह झुग्गी-झोपड़ी में रहने बाले लोग हों या रेहड़ी-पटरी वाले। काम के बीच में या बोर होने पर लोग इंस्टा पर रील देख लेते हैं या यूट्यूब पर अपने गांव के व्लॉगर का चैनल खोजते हैं। डेटा अनलिमिटेड है ही।
दिल्ली में बसे पहाड़ के लोगों में लोकप्रिय एक हास्य कलाकार की फॉलोइंग करीब एक लाख है। उनका कहना है कि बीते एक सप्ताह से इनबॉक्स में अलग-अलग दलों से मैसेज आए हैं। हर वीडियो पर हजारों रुपये देने का ऑफर है। इसके बदले में उनके पक्ष में वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपलोड करना होगा।राजनीतिक दलों की निगाहें ऑनलाइन कंटेंट में सियासी संदेश को घोलने के लिए ऐसे प्रचारक की तलाश में हैं, जिनकी पहचान कविता-कहानी, लिखने-पढ़ने, मीम्स-कार्टून बनाने, स्टैंडअप कॉमेडी और लोकगीत व संगीत सुनाने से बनी है।
विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही तीनों राजनीतिक दलों की निगाहें अब सोशल मीडिया पर मशहूर शख्सियतों पर टिक गई हैं। वह ऑनलाइन कंटेंट में सियासी संदेश को घोलने के लिए ऐसे प्रचारक की तलाश में हैं, जिनकी पहचान कविता-कहानी, लिखने-पढ़ने, मीम्स-कार्टून बनाने, स्टैंडअप कॉमेडी और लोकगीत व संगीत सुनाने से बनी है। इसमें सियासतदां होना जरूरी नहीं, लेकिन लिखावट में कसावट और पोस्ट में तुकबंदी होनी चाहिए। साथ में पहुंच भी लाखों में हो। वहीं, अलग-अलग इलाकों में सक्रिय यूट्यूबर भी इसमें फिट हैं।
नाम उजागर न करने की शर्त पर पार्टी रणनीतिकार भी मानते हैं कि इस तरह का चलन इस चुनाव में तेजी से बढ़ा है। पूर्वांचल, उत्तराखंड, पंजाब समेत ऐसे राज्यों से दिल्ली में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बुलाए जा रहे हैं, जिनकी स्थानीय पहचान है। दिल्ली में इनको उसी इलाके में भेजा जा रहा है, जहां उनके प्रदेश के लोगों की आबादी ज्यादा है। इनकी रील्स, यूट्यूब ब्लॉग, मीम्स, कार्टून, फोटो पोस्ट, छोटे-छोटे, लेकिन प्रभावी पॉडकास्ट व सनसनीखेज खबरों के जरिये आम यूजर की जिंदगी में दबे पांव सियासी संदेश घोला जा रहा है। इन्फ्लूएंसर व यू-ट्यूबर को इसके बदले अच्छी कीमत का प्रस्ताव भी रखा जा रहा है। आलम यह है कि जितनी अधिक फॉलोइंग, हर पोस्ट के लिए उतनी ही अधिक रकम भी।
दिलचस्प यह, एक्स पर पोस्ट/रिपोस्ट करने से लेकर इंस्टाग्राम में 24 घंटों के लिए स्टोरी डालने की कीमत महज 300 रुपये से शुरू है। इसमें आपको पैसे देने वाली पार्टी की बढ़ाई या उसके द्वारा किए गए कार्य को हाईलाइट करना होगा। ये रकम यूट्यूब व्लॉग या इंस्टा रील तक पहुंचते-पहुंचते पांच से दस हजार रुपये तक भी पहुंच जाती है। एक्स पर राजनीतिक पेजों के डीएम पर इसको लेकर हजारों रुपये के प्रस्ताव हैं। कई मामलों में तीस से पचास हजार रुपये तक भी दिए जा रहे हैं।
चुनाव में होगा सोशल मीडिया का खूब इस्तेमाल
राजनीतिक दलों को सोशल मीडिया की परामर्शदाता कंपनी दक्ष न्यू कम्यूनिकेशन के डायरेक्टर आशुतोष मिश्रा बताते है कि यू-ट्यूब समेत सभी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफार्म दिल्ली चुनाव में बड़ा बाजार बनकर उभरे हैं। इससे पलक झपकते ही नेताजी के बयान, दिनचर्या और सियासी मुद्दे बड़ी आबादी तक पहुंच रहे हैं। त्वरित टिप्पणी या बार-पलटवार एक क्लिक पर लोगों की नजरों के सामने होता है। अपने पसंददीदा कंटेंट क्रिएटर को किसी पार्टी की तारीफ करते देख लोग उस पर जल्दी भरोसा भी कर लेते हैं।
मुंबई की सोशल मीडिया मार्केटिंग कंपनी की एक्सपर्ट स्वीटी टंडन बताती हैं कि सोशल मीडिया ऐसा प्लेटफार्म बनकर उभरा है, जिससे हम हर घर तक दस्तक दे सकते हैं। इन दिनों हर हाथ में मोबाइल है। चाहे वह झुग्गी-झोपड़ी में रहने बाले लोग हों या रेहड़ी-पटरी वाले। काम के बीच में या बोर होने पर लोग इंस्टा पर रील देख लेते हैं या यूट्यूब पर अपने गांव के व्लॉगर का चैनल खोजते हैं। डेटा अनलिमिटेड है ही।
दिल्ली में बसे पहाड़ के लोगों में लोकप्रिय एक हास्य कलाकार की फॉलोइंग करीब एक लाख है। उनका कहना है कि बीते एक सप्ताह से इनबॉक्स में अलग-अलग दलों से मैसेज आए हैं। हर वीडियो पर हजारों रुपये देने का ऑफर है। इसके बदले में उनके पक्ष में वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपलोड करना होगा।
इंडिया गठबंधन पर उमर अब्दुल्ला ने कहा- न कोई नेतृत्व न कोई एजेंडा, आगे साथ रहेंगे या नहीं? कोई स्पष्टता नहीं... तो इसे बंद करिए
9 Jan, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली: दिल्ली में इंडिया अलायंस के घटक दलों आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के अलग-अलग चुनाव लड़ने से राजनीतिक गलियारों में दोनों दलों के बीच मतभेद की खबरें हैं। इस पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रतिक्रिया दी है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि दिल्ली चुनाव से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने दिल्ली में भाजपा के खिलाफ लड़ रहे दलों को सलाह दी कि भाजपा से सबसे बेहतर तरीके से कैसे लड़ा जाए, इसका फैसला आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और वहां मैदान में उतरने वाली पार्टियों को करना चाहिए। आप को पिछले दो लगातार चुनावों में सफलता मिली थी। हमें इंतजार करना होगा कि इस बार दिल्ली की जनता क्या फैसला लेती है।
इस दौरान उनसे एक और सवाल पूछा गया कि राजद के एक नेता ने कहा है कि इंडिया अलायंस लोकसभा के लिए है। इसका जवाब देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जहां तक मुझे याद है, इस पर कोई समय सीमा नहीं रखी गई थी दिल्ली चुनाव के बाद इंडिया अलायंस के साथियों को बुलाकर ये बातें स्पष्ट करनी चाहिए। अगर ये सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए था तो इसे बंद कर दीजिए, फिर हम अपना काम अलग-अलग करेंगे। अगर लोकसभा चुनाव के बाद ये विधानसभा के लिए भी है तो हमें मिलकर काम करना होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन का किया उद्घाटन, ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
9 Jan, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस भव्य कार्यक्रम में दुनिया भर से आए हजारों प्रवासी भारतीयों ने भाग लिया। इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने एक पर्यटक ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारतीय प्रवासी समुदाय की अद्वितीय भूमिका और उनके योगदान को सराहा।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में प्रवासी भारतीयों को भारत का राष्ट्रदूत बताया और कहा कि उन्होंने अपने परिश्रम और मूल्यों के माध्यम से विश्व मंच पर भारत का सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जब भी वे विदेशी दौरों पर भारतीय समुदाय से मिलते हैं, उन्हें अपार स्नेह और सम्मान प्राप्त होता है।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों के लिए विशेष रूप से शुरू की गई एक पर्यटक ट्रेन को हरी झंडी भी दिखाई। यह ट्रेन तीन सप्ताह तक भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों की यात्रा करेगी, जिससे प्रवासी भारतीय अपनी जड़ों से और अधिक जुड़ सकेंगे। प्रधानमंत्री ने इस पहल को भारत के पर्यटन और सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
वैश्विक मंच पर भारत का योगदान
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय प्रवासियों के योगदान को केवल व्यवसाय और निवेश तक सीमित न मानते हुए कहा कि वे अपनी संस्कृति, जीवनशैली और मूल्यों से भी वैश्विक समाज को समृद्ध करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां की परंपराओं का सम्मान करते हैं और विकास में भागीदार बनते हैं।
भारत की प्रगति की झलक
अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने 21वीं सदी में भारत की तेज़ी से बढ़ती विकास यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बीते दस वर्षों में भारत ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है और अब यह दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने भारत की वैश्विक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत अब वैश्विक दक्षिण की मजबूत आवाज बन चुका है।
अंतरिक्ष और नवीकरणीय ऊर्जा में भारत का योगदान
प्रधानमंत्री मोदी ने चंद्रयान मिशन, नवीकरणीय ऊर्जा, मेट्रो, बुलेट ट्रेन और मेड इन इंडिया उत्पादों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब केवल प्रगति की बात नहीं करता, बल्कि अपने कार्यों से दुनिया को प्रेरित करता है।
ओडिशा की सांस्कृतिक धरोहर की सराहना
ओडिशा की संस्कृति और इतिहास की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह राज्य भारत की आत्मा का प्रतीक है। उन्होंने राज्य की कला, परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों को भारतीय संस्कृति का अमूल्य खजाना बताया।
विशेष पर्यटक ट्रेन का उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों के लिए एक विशेष पर्यटक ट्रेन का उद्घाटन किया। यह ट्रेन तीन सप्ताह तक विभिन्न पर्यटन स्थलों की यात्रा कर प्रवासी भारतीयों को भारत की सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का अवसर प्रदान करेगी।
उपस्थित गणमान्य व्यक्तित्व
इस कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, अश्विनी वैष्णव, ओडिशा सरकार के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तित्व उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने अंत में सभी प्रवासी भारतीयों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी निष्ठा और समर्पण भारत को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक है।
मिजोरम के नए राज्यपाल वीके सिंह का शपथ ग्रहण समारोह टला, अब 15 को होगा
9 Jan, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आइजोल। पूर्व केंद्रीय मंत्री और सेना प्रमुख (सेवानिवृत्त) जनरल विजय कुमार सिंह का मिजोरम के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण समारोह, जो 9 जनवरी को निर्धारित था, उसे स्थगित कर दिया गया है। अब यह समारोह 15 जनवरी को होगा। इससे पहले, मिजोरम सरकार के अधिकारियों ने कहा था कि जनरल वीके सिंह 8 जनवरी को आइजोल पहुंचेंगे और शपथ ग्रहण समारोह अगले दिन यानी 9 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। वीके सिंह अब 15 जनवरी को आइजोल पहुंचेंगे और शपथ ग्रहण समारोह अगले दिन आयोजित किया जाएगा। मिजोरम में वर्तमान में कोई राज्यपाल नहीं है, क्योंकि मौजूदा राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति जो तीन साल और पांच महीने से अधिक समय तक इस पद पर रहे वह दो जनवरी को राज्य छोड़कर चले गए और अगले दिन ओडिशा में राज्यपाल का कार्यभार संभाल लिया। अधिकारियों ने कहा कि नए राज्यपाल पदभार संभालने के बाद अपने शपथ ग्रहण समारोह के बाद बजट सत्र बुलाने की संभावना है।
राजभवन और मिजोरम सरकार के अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर नए राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह को स्थगित करने के कारणों का खुलासा नहीं किया। एक अधिकारी ने कहा कि जनरल वीके सिंह ने मिजोरम में अपने आगमन और राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण समारोह को स्थगित कर दिया है। सूत्रों के हवाले से एक अन्य अधिकारी ने कहा कि यह स्थगन उनके परिवार के किसी सदस्य के चिकित्सा उपचार के कारण हो सकता है।
प्रियंका गांधी ने कहा- बिधूड़ी का बयान बेहूदा, मुद्दों पर करें बात
9 Jan, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी ने भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी के बयान को बेहूदा बताया और कहा कि फालतू की चर्चा करने से बेहतर है मुद्दों की बात की जाए। दरअसल बिधूड़ी ने सड़कों को लेकर विवादित बयान दिया था, जिस पर प्रियंका से सवाल किया गया, जिसे उन्होंने नजरअंदाज कर दिया।
दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक सरगर्मियों तेज हो गई हैं। इसी बीच कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी ने बुधवार को अपने एक बयान में कहा कि भाजपा नेता ने बहुत ही बेहूदा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हमें इस तरह के फिजूल बयानों पर चर्चा नहीं करना चाहिए। अब जबकि हमारे सामने दिल्ली विधानसभा चुनाव हैं, ऐसे में दिल्लीवासियों से जुड़े अहम मुद्दों की बात होनी चाहिए। गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा के लिए 5 फरवरी को एक चरण में मतदान होगा, जबकि 8 फरवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
जहां तक बिधूड़ी के विवादित बयान का सवाल है तो उन्होंने रविवार को कहा था, कि जैसे ओखला और संगम विहार की सड़कें बना दी गई हैं, वैसे ही कालकाजी में सभी सड़कें प्रियंका गांधी के गाल जैसी बना दूंगा। इस बयान के बाद कांग्रेस के अनेक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जाहिर की थी, लेकिन जब प्रियंका गांधी से इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने साफ कह दिया कि ऐसे बेहूदा बयान पर कोई चर्चा नहीं करनी चाहिए, और दिल्ली के असली मुद्दों पर चर्चा की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री आवास को लेकर भाजपा, आप और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज, भाजपा ने आतिशी को बंगले वाली देवी बताया
9 Jan, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली विधानसभा का घमासान:
नई दिल्ली । विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास को लेकर भाजपा, आप और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरू हो चुकी है। भाजपा ने सीएम हाउस को केजरीवाल का शीशमहल तो आप ने नए प्रधानमंत्री आवास को पीएम का राजमहल बताते हुए एक-दूसरे पर निशाना साधा है। भाजपा का आरोप है कि केजरीवाल ने सीएम हाउस रेनोवेट कराने में घोटाला किया। टेंडर 8 करोड़ का था, पेमेंट 4 गुना ज्यादा किया। जवाब में आप ने पीएम आवास को 2700 करोड़ का राजमहल बताया है।
आप सांसद संजय सिंह और मंत्री सौरभ भारद्वाज बुधवार को मीडिया को लेकर सीएम हाउस दिखाने पहुंचे। हालांकि पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। संजय सिंह की पुलिस के साथ बहस भी हुई। दोनों नेता आप समर्थकों के साथ कुछ देर वहीं बैठ गए। इसके बाद वे सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बन रहे नए प्रधानमंत्री आवास की ओर निकले। हालांकि पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते से ही वापस भेज दिया। इसके बाद दिल्ली भाजपा अध्यक्ष विरेंद्र सचदेवा आतिशी के बंगले पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आतिशी को मथुरा रोड का बंगला आवंटित है। वो रहती कालकाजी में हैं। उनके पास दो-दो बंगले हैं। वे बंगले वाली देवी है। भाजपा के बाद कांग्रेस भी शीशमहल विवाद में कूद पड़ी। कांग्रेस नेता गुरुदीप सिंह सप्पल ने कहा- कांग्रेस पार्टी ने 55 साल तक शासन किया है और गांधी परिवार के 3 सदस्य प्रधानमंत्री रहे हैं। गांधी परिवार ने देश के लिए अपना आनंद भवन दान कर दिया। मनमोहन सिंह पीएम बने तो उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की गाड़ी नहीं बदली। 10 साल उसी से चले।
सोने का टॉयलेट कहां है
दिल्ली भाजपा ने बुधवार को एक्स पर एक नया पोस्टर जारी कर केजरीवाल को टॉयलेट चोर बताया। कहा कि केजरीवाल अपने शौक की पोल खुलने की डर से पहले लाखों की टॉयलेट सीट चुरा ले गए और अब जब दिल्ली की जनता के सामने उनकी पोल खुल गई तो 2 लोगों को भेज दिया नौटंकी करने के लिए। संजय सिंह और सौरव भारद्वाज, टॉयलेट सीट के बारे में केजरीवाल से पूछिए कहां छिपा रखा है? बुधवार सुबह आप नेता सौरभ भारद्वाज और संजय सिंह मीडिया को लेकर सीएम हाउस पहुंचे। भारद्वाज ने कहा कि भाजपा रोज सीएम आवास के नए-नए वीडियो और फोटो भेजती थी। आज हम सभी मीडिया वालों को लेकर यहां आए हैं। अब बीजेपी भाग रही है। यहां तीन लेयर की बैरिकेडिंग लगा दी है। पानी फेंकने के लिए वाटर कैनन लगाए हैं और एडिशनल डीसीपी को तैनात कर दिया है। इसे बॉर्डर बना दिया है ताकि मीडिया अंदर न जा सके। ये क्यों हमें अंदर नहीं जाने देना चाहते। भाजपा आरोप लगाती थी कि मुख्यमंत्री आवास में स्विमिंग पूल है, वो कहां है मीडिया भी देखे। मिनी बार कहां है, वो हमें तो आज तक नहीं दिखा। शायद कहीं छिपा हुआ हो। सोने के टॉयलेट कहां लगे हैं, क्योंकि हमने भी इस घर के टॉयलेट इस्तेमाल किए हैं पर वो सोने के तो नहीं थे। इसलिए आज जनता को सीएम और पीएम आवास दोनों देखने दीजिए।
पीएम का राजमहल 2700 करोड़ में बना
संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली मुख्यमंत्री आवास के बारे में नरेंद्र मोदी से लेकर भाजपा के बड़े नेता तक एक ही प्रचार कर रहे हैं। कह रहे हैं कि उसमें मिनी बार बना हुआ है, उसमें सोने का टॉयलेट बना हुआ है, उसमें स्विमिंग पूल बना हुआ है। जबकि इसी दिल्ली में प्रधानमंत्री का राजमहल है जो 2700 करोड़ रुपए में बना है। संजय सिंह ने कहा कि पीएम ने फैशन डिजाइनर्स को फेल कर दिया है। दिन में तीन-तीन बार कपड़े बदलते हैं, 10-10 लाख की पेन रखते हैं, 6700 जूते की जोडिय़ां, 5000 सूट हैं। उनके घर में 300 करोड़ रुपए के कालीन बिछे हैं, जिसमें सोने के तार लगे हुए हैं। 200 करोड़ रुपए का झूमर लगा हुआ है। राजमहल में कहां-कहां हीरे लगे हुए हैं, ये पूरे देश को दिखाइए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी इस देश की जनता को, मीडिया को अपना राजमहल दिखाए।
राजधानी में बंगला सियासत तेज
बुधवार को आम आदमी पार्टी के नेता मीडिया के सामने सीएम आवास पर पहुंचकर सवाल करते हैं तो दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मुख्यमंत्री आतिशी के घर के बाहर पहुंचकर मीडिया के सामने सवाल करते हैं कि सीएम क्यों सच छिपाती हैं। आतिशी को बंगले वाली देवी तक वीरेंद्र सचदेवा कहते हैं। दिल्ली की बंगला सियासत के बीच अब शब्द तीखे होने लगे हैं। जहां अब कब्रगाह-श्मशान तक की बात कही जाने लगी है। आतिशी के आरोपों पर पीडब्ल्यूडी के सूत्रों ने कहा, उन्हें बाहर नहीं निकाला गया है। वे कभी वहां शिफ्ट ही नहीं हुई थीं। उन्हें 17 एबी मथुरा रोड पर सरकारी आवास पहले से ही आवंटित है और उन्हें फिर से दो अन्य बंगलों का ऑफर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार यह घर उनसे दो कारणों से वापस लिया गया है। पहला, उन्हें एक हफ्ते के भीतर घर का पजेशन लेना था और उन्होंने 3 महीने में भी ऐसा नहीं किया, जो नियमों के खिलाफ है। दूसरा, 6 फ्लैग स्टाफ रोड सीबीआई/ईडी की जांच के दायरे में है और अब सीएजी ने इसके निर्माण में भ्रष्टाचार की पुष्टि की है। जब आतिशी को घर आवंटित किया गया था, तो एक शर्त यह थी कि चूंकि 6 फ्लैग स्टाफ आवास की सीबीआई/ईडी द्वारा जांच की जा रही है, इसलिए उन्हें उनके साथ सहयोग करना होगा। पीडब्ल्यूडी का आरोप है कि आतिशी ने जानबूझकर घर का पजेशन नहीं लिया ताकि घर बंद रहे और जांच एजेंसियां रुकी रहें।
एक देश-एक चुनाव...जेपीसी सदस्यों को सूटकेस में सौंपी गई 18 हजार पन्नों की रिपोर्ट
9 Jan, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। एक देश एक चुनाव संबंधी दो विधेयकों के लिए गठित संसदीय समिति ने बुधवार को अपनी पहली बैठक की। इस बैठक में भाजपा सदस्यों ने इस अवधारणा की सराहना की, जबकि विपक्षी सांसदों ने इस पर सवाल उठाए। कानून मंत्रालय की तरफ से जेपीसी के सदस्यों को पढऩे के लिए नीले सूटकेस में 18 हजार पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई।कांग्रेस ने विधेयक को असंवैधानिक और लोकतांत्रिक ढांचे का उल्लंघन बताया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने विधेयक की आर्थिक व्यवहार्यता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह कितना लागत प्रभावी होगा, कितने ईवीएम की जरूरत होगी? बैठक के बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने एक्स पर पोस्ट में भी उस सूटकेस के साथ अपनी फोटो शेयर की है, जिसमें जेपीसी सदस्यों को पढऩे के लिए रिपोर्ट दी गई है। आम सांसद ने फोटो पोस्ट करते हुए लिखा, एक देश-एक चुनाव की जेपीसी में हजारों पन्ने की रिपोर्ट मिली है।
कानून मंत्रायल ने सदस्यों को दी प्रजेंटेशन
सूत्रों ने बताया कि विधि एवं न्याय मंत्रालय के अधिकारियों ने बैठक के दौरान प्रस्तावित कानूनों के प्रावधानों पर एक प्रजेंटेशन दी। इसमें भारतीय विधि आयोग सहित विभिन्न निकायों द्वारा एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने के विचार का समर्थन किया गया। बीजेपी सदस्यों ने वन नेशन वन इलेक्शन प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि यह देश के हित में है।
इंडिया गठबंधन केवल लोकसभा चुनाव के लिए था - तेजस्वी यादव
9 Jan, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बक्सर। बिहार की यात्रा पर निकले राजद नेता तेजस्वी यादव दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर कहा है कि यह पहले से तय था कि इंडिया गठबंधन केवल लोकसभा चुनाव के लिए है, आगे देखा जाएगा कि चुनाव प्रचार में जाएंगे या नहीं।
बक्सर के सभा कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने कहा कि, इंडिया गठबंधन बनने के दौरान यह तय हो गया था कि यह गठबंधन केवल लोकसभा चुनाव के लिए है, विधानसभा चुनाव के लिए यह गठबंधन नहीं है। हालांकि जब उनसे पूछा गया है कि क्या आप चुनाव प्रचार के लिए दिल्ली जाएंगे तो उन्होंने कहा कि यह तय नहीं है, आगे देखा जाएगा। हालांकि तेजस्वी ने यह भी कहा कि बिहार में हम साथ-साथ हैं। दरअसल दिल्ली में विधानसभा का चुनाव की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में इंडिया गठबंधन कई खंड में बंटा हुआ नजर आ रहा है। जहां एक तरफ आम आदमी पार्टी अकेले अपने दम पर दिल्ली का रण जीतने में लगी हुई है तो वहीं कांग्रेस भी दिल्ली विधानसभा में ताल ठोक रही है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मालदीव के रक्षा मंत्री मो.घासन मौमून के साथ बैठक में रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर
9 Jan, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में मालदीव के रक्षा मंत्री मो.घासन मौमून के साथ बैठक कर दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति मोहम्मद मुईज्जू की भारत यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने वाली थी। उन्होंने भारत और मालदीव के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, भाषाई संबंधों को “करीबी और बहुआयामी” बताया। राजनाथ सिंह ने मालदीव को भारत की ‘पड़ोसी प्रथम नीति’ में एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि लाना है।
उन्होंने भारतीय महासागर क्षेत्र में दोनों देशों की संयुक्त भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि भारत और मालदीव ‘सागर’ (सभी के लिए सुरक्षा और विकास) ढांचे के तहत मिलकर काम कर रहे हैं। बैठक में भारत और मालदीव के बीच रक्षा सहयोग पर भी चर्चा हुई, जिसमें प्रशिक्षण कार्यक्रम, संयुक्त अभ्यास और रक्षा उपकरणों की आपूर्ति जैसे विषय शामिल थे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भरोसा दिलाया कि भारत मालदीव को क्षमता निर्माण और विकास आवश्यकताओं में हर संभव सहयोग देता रहेगा।
नितिन गडकरी ने अपनी बनवाई सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे करने दिए सुझाव...
8 Jan, 2025 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देशभर में कुल 1,46,145 किमी नेशनल हाईवे हैं। इसके अलावा कई एक्सप्रेसवे भी हैं, जिनसे सफर आसान हो गया है। यही वजह है कि जब चमचमाती सड़कों की बात होती है तो पहला नाम केन्द्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आता है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक हाईवे और एक्सप्रेसवे का नेटवर्क बिछाने का काम गडकरी ने किया है। लेकिन लोग उस वक्त हैरान हो गए जब गडकरी ने कह दिया इन सड़कों को खुदवा दीजिए।
गडकरी ने बताया कि सरकार सड़क हादसों और इससे होने वाली मौतों को कम करने का लगातार प्रयास कर रही है। लेकिन उम्मीदों के अनुसार सफलता नहीं मिल रही है। इसके लिए सड़क परिवहन मंत्रालय योजनाएं भी लांच कर चुका है। हादसों को कम करने के मंथन के दौरान एक जानकार ने उनसे कहा कि सड़क हादसों की वजह आप ही है। यह सुनकर गडकरी स्तब्ध रह गए, क्योंकि वे हादसों को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। केन्द्रीय मंत्री ने इसकी वजह पूछी तो सज्जन ने बताया कि आपके सड़कें इतनी अच्छी बनवा दी हैं, इस वजह से वाहन चालक स्पीड से गाड़ी चलाते हैं और हादसा की चपेट में आ जाते हैं। इस तरह गडकरी ने उन्हें हंसते हुए सुझाव दिया कि आप जगह-जगह सड़कों पर गड्डे करवा दो, जिससे वाहनों की स्पीड और पैदल चलने वालों की स्पीड एक जैसी हो जाए और इस तरह हादसे कम हो जाएंगे।
दिल्ली -मुंबई (1386 किमी।), अहमदाबाद -धोलेरा ( 109 किमी।), बेंगलुरू-चेन्नई (262 किमी।), लखनऊ कानपुर (63 किमी।) और दिल्ली -अमृतसर- कटरा ( 669 किमी।) हैं। इनमें से तीन एक्सप्रेसवे दिल्ली -मुंबई, अहमदाबाद -धोलेरा, बेंगलुरू चेन्नई इस साल तैयार हो जाएंगे, जबकि लखनऊ कानपुर और दिल्ली -अमृतसर- कटरा 2026 तैयार होंगे। इन एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 2489 किमी। है।
सरकार ने बिहार की प्रगति को दुर्गति की अग्नि में झोंक दिया: तेजस्वी यादव
8 Jan, 2025 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार को सीएम नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा पर हमला बोला। तेजस्वी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक कार्टून पोस्ट किया और लिखा- थके हुए सीएम ने रिटायर्ड अधिकारियों के साथ मिलकर बिहार के युवाओं की आशाओं को निराशाओं में बदल दिया है। विज्ञापनों के जरिए करोड़ रुपए झूठे प्रचार में फूंक रहे हैं। बिहारियों के जीवन को आबाद करने की बजाय उसे बर्बाद कर दिया है। बिहार की प्रगति को दुर्गति की अग्नि में झोंक दिया है।
उन्होंने कहा कि बेसुध सरकार और उसके मुखिया के नेतृत्व में एक बरसात में ही सैंकड़ों पुल-पुलिया ढह गए। दो दशक से हर प्रकार की परीक्षाएं पेपर लीक और धांधलियों की भेंट चढ़ रही हैं। महंगाई हर घर-हर परिवार को खा रही है। छोटे बड़े व्यवसायों का व्यवसाय बर्बादी के कगार पर है। इनके शासन में गरीबी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और पलायन में बिहार अव्वल है।
बता दें तेजस्वी यादव नीतीश सरकार को लगातार निशाना बनाते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर एनडीए सरकार पर निशाना साधा था। तेजस्वी ने लिखा कि बेगूसराय में युवक की हत्या, मधेपुरा में किसान की गोली मार हत्या, कटिहार के कोढा में युवक की हत्या, रामनगर में हत्या और सुपौल के नरहिया में युवक की हत्या सहित अन्य अपराध को लेकर नीतीश सरकार से सवाल पूछे।
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर तेजस्वी यादव मैदान में आ चुके हैं। चुनाव की घोषणा से पहले ही उन्होंने बिहार में माई बहिन मान योजना की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनने पर माई बहिन मान योजना की शुरुआत होगी जिसमें बिहार की महिलाओं को प्रतिमाह 2,500 रुपये देंगे।
दिल्ली चुनाव में कांग्रेस हुए इधर-उधर, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी जोड़ा AAP से रिश्ता
8 Jan, 2025 02:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद राजधानी का सियासी पारा चढ़ने लगा है। ताजा खबर यह है कि कांग्रेस को अलग-थलग करने के लिए INDIA गठबंधन की दूसरी पार्टियां एक साथ आ गई हैं। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा है कि वह दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का समर्थन करेंगे और उनके समर्थन में अरविंद केजरीवाल के साथ मंच भी साझा करेंगे। इसी तरह पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेता कुणाल घोष ने उम्मीद जताई है कि दिल्ली में एक बार फिर आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी।
अखिलेश खुलकर AAP के समर्थन में
अखिलेश यादव ने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी मजबूत स्थिति में है। आम आदमी पार्टी ही यहां बीजेपी को हरा सकती है। मैं आम आदमी पार्टी के लिए प्रचार करूंगा। अखिलेश यादव के खुलकर आम आदमी पार्टी के साथ आने के पीछे की रणनीति को लेकर भी कयासों का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि अखिलेश की नजर 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव पर है।
अखिलेश ने साफ संकेत दिए हैं कि अगले यूपी चुनाव में समाजवादी पार्टी फ्रंटफुट पर चुनाव लड़ेगी। यानी बड़े भाई की भूमिका में होगी। कांग्रेस के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अखिलेश ने कांग्रेस नेतृत्व को यह संदेश भी दिया है कि जिस तरह कांग्रेस का अपने मजबूत राज्यों में सहयोगियों के प्रति रवैया है, वैसा ही उसे अन्य राज्यों में भी झेलना पड़ेगा।
अखिलेश के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस बार दिल्ली में समाजवादी पार्टी का वोट कांग्रेस को जाएगा। दिल्ली की जनता कांग्रेस को जिताने जा रही है, क्योंकि उन्हें शीला दीक्षित का समय याद आ रहा है। संदीप दीक्षित ने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन को लेकर सपा का रवैया चाहे जो भी हो, लेकिन दिल्ली में उसका ठोस वोट बैंक कांग्रेस के पास जाने वाला है। आम
आदमी पार्टी की क्या है रणनीति
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि दिल्ली में कांग्रेस केजरीवाल को हराने के लिए भाजपा के साथ मिलकर साजिश कर रही है। कांग्रेस ने ऐसे उम्मीदवार उतारे हैं, जिससे भाजपा को फायदा पहुंचे। पिछले कुछ दिनों में दिल्ली कांग्रेस के नेताओं द्वारा केजरीवाल और अन्य आप नेताओं पर की गई टिप्पणियों को लेकर भी नाराजगी है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री आतिशी और संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि अगर कांग्रेस अपने नेताओं पर लगाम नहीं लगाएगी तो वे गठबंधन के अन्य दलों से चर्चा कर कांग्रेस को गठबंधन से बाहर करने की मांग करेंगे।
राहुल गांधी ने नहीं दिया जवाब, बरेली कोर्ट से दूसरा समन जारी, ओवैसी को भी पेश होने का आदेश
8 Jan, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बरेली । कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सांसद असदुद्दीन ओवैसी की ओर से बरेली के जिला जज न्यायालय से जारी समन का कोई जवाब नहीं दिया गया। मंगलवार को दोनों नेताओं के खिलाफ दायर रिवीजन याचिकाओं को अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो में स्थानांतरित कर दिया गया। साथ ही दूसरा समन जारी कर कोर्ट ने राहुल गांधी को 18 जनवरी और असदुद्दीन ओवैसी को 19 जनवरी को याचिका पर सुनवाई के दौरान पेश होने के आदेश दिए हैं।
विदित हो कि लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर बयान दिया था। हिंदूवादी संगठनों की ओर से इसका तीखा विरोध हुआ था। इसी मामले में अखिल भारतीय हिंदू महासभा के मंडल अध्यक्ष पंकज पाठक की ओर से बरेली के कोर्ट में अर्जी दी गई थी। एमपी-एमएलए कोर्ट ने उस वक्त अर्जी को खारिज कर दिया था। इस आदेश के संबंध में पंकज पाठक ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील कर दी। मामले का संज्ञान लेते हुए सत्र न्यायालय ने वाद दायर कर सुनवाई के लिए सात जनवरी 2025 की तिथि निर्धारित की। न्यायालय ने नोटिस जारी कर राहुल गांधी को पेश होने का आदेश भी दिया। लेकिन, राहुल गांधी न पेश हुए और न ही उनकी तरफ से कोई जवाब आया। इस पर कोर्ट से दूसरा समन जारी किया गया है।
उधर, जय फलस्तीन बोलने पर ओवैसी के खिलाफ याचिका दाखिल हुई है। बीते वर्ष लोकसभा चुनाव के बाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने संसद में शपथ लेने के बाद जय फलस्तीन का नारा लगाया था। इसके बाद अधिवक्ता वीरेंद्र गुप्ता की ओर से अवर न्यायालय में असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ याचिका दायर की गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद अधिवक्ता ने पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। जिला जज की अदालत ने पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार करते हुए सांसद असदुद्दीन ओवैसी को सात जनवरी को हाजिर होने के लिए नोटिस जारी किया था। ओवैसी की तरफ से भी कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया। इस पर कोर्ट ने 19 जनवरी को पेश होने के आदेश दिए हैं।
चुनावी माहौल में नेता शिष्टाचार और सभ्यता का पालन करें : राजीव कुमार
8 Jan, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । देश के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने दिल्ली के विधानसभा चुनावों की घोषणा से पहले चुनाव प्रचार में भाषा की मर्यादा पर सवाल उठाया। उन्होंने चेतावनी देकर कहा कि चुनावी माहौल में नेता शिष्टाचार और सभ्यता का पालन करे है। नेताओं को अपने शब्दों और भाषा की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए, खासकर महिलाओं और बच्चों को लेकर कोई भी अपमानजनक टिप्पणी करना पूरी तरह से अनुचित है।
चुनावों में पब्लिक ऑफिसर्स की जिम्मेदारी है कि वे किसी भी प्रकार की धांधली या अनियमितता को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखें, और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पक्ष किसी अन्य पक्ष के खिलाफ भेदभाव या दबाव नहीं डाल रहा है। साथ ही, प्रत्येक उम्मीदवार को अपने अभियान में शालीनता और सौम्यता बनाए रखने की आवश्यकता है, ताकि लोकतंत्र की गरिमा बनी रहे और चुनाव निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न हो। इस उद्देश्य के लिए चुनाव आयोग और प्रशासन ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं और सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया है कि वे अवांछनीय दबाव और उकसावे से बचें।
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