राजनीति
कांग्रेस की हताशा का प्रतीक है एआई समिट में यूथ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन – केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
21 Feb, 2026 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Union Minister Piyush Goyal) ने कहा कि एआई समिट में यूथ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन (Youth Congress’ Protest at AI Summit) कांग्रेस की हताशा का प्रतीक है (Is symbol of Congress’s Frustration) ।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पोस्ट में लिखा कि यह कांग्रेस का घमंड और फ्रस्ट्रेशन दिख रहा है। राहुल गांधी, सरकार को टारगेट करने के लिए भारत को बेइज्जत करना ही आपका और विपक्ष का आइडिया है। एक तरफ आप हाल के ट्रेड डील्स के बारे में झूठ फैलाकर भारत के डेवलपमेंट को रोकना चाहते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ आपके मातहत आने वाले (पीछे खड़े लोग) मशहूर एआई समिट में बिना शर्ट के मार्च कर रहे हैं और दुनिया भर में 140 करोड़ भारतीयों को शर्मिंदा करने की कोशिश कर रहे हैं। यह रुकावट डालने की रणनीति सिर्फ आपके और आपकी पार्टी के भारत के लिए विजन की कमी को दिखाती है।
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने एक्स पोस्ट में कहा कि देश के लिए शर्म की बात है कि ऐसे समय में जब भारत एक मशहूर ग्लोबल एआई समिट होस्ट कर रहा है और दुनिया को अपना इनोवेशन, विजन और टेक्नोलॉजिकल लीडरशिप दिखा रहा है, कांग्रेस पार्टी ने इज्जत के बजाय रुकावट को चुना। राहुल गांधी की लीडरशिप में, कांग्रेस वर्कर्स ने टॉपलेस होकर वेन्यू पर हंगामा किया। ऐसा लगा कि यह काम वैश्विक मंच पर भारत को शर्मिंदा करने के लिए किया गया था। जब देश खुद को एक लीडिंग टेक्नोलॉजी पावरहाउस के तौर पर बनाने की कोशिश कर रहा है, तो ऐसा बर्ताव उन लोगों को ही मजबूत करता है जो भारत को लड़खड़ाते हुए देखना चाहते हैं। पॉलिटिकल विरोध एक डेमोक्रेटिक हक है, लेकिन देश की ग्लोबल इमेज को कमजोर करना नहीं। भारत इससे बेहतर का हकदार है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एक्स पोस्ट में कहा कि राहुल गांधी के फॉलोअर्स एआई समिट में अपनी शर्ट उतारकर बदतमीजी से घूमते हैं। लीडरशिप स्टैंडर्ड तय करती है, और वे ठीक यही दिखाते हैं।
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि राहुल गांधी ने आज इंडियन नेशनल यूथ कांग्रेस से एआई समिट में जो प्रोटेस्ट करवाया, उसमें विदेशी मेहमानों के सामने कपड़े उतारकर किया गया यह ‘नंगा नाच’ बेहद शर्मनाक है। प्रोटेस्ट करना एक अलग बात है, मगर ऐसा प्रोटेस्ट जिसमें अपने देश को छोटा पेश किया जा रहा हो, अपने देश की छवि को ही धूमिल किया जा रहा हो? यह घटिया मानसिकता सिर्फ कांग्रेस के पास है। आज गांधी परिवार को जरूर सोचना चाहिए कि गिरते-गिरते कितना गिर गए कि आज वो ये भूल ही गए कि देश का मान-सम्मान विदेशी मेहमानों के सामने कैसा होना चाहिए। मैं ऐसी घटिया किस्म के प्रोटेस्ट की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं।
आरएसएस मानहानि केस: राहुल गांधी आज भिवंडी कोर्ट में होंगे पेश
21 Feb, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ठाणे (महाराष्ट्र): आरएसएस से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज ठाणे जिले के भिवंडी में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश होंगे. राहुल के बयानों को लेकर एक RSS कार्यकर्ता ने उनके खिलाफ मानहानि का केस किया है.
राहुल गांधी के वकील नारायण अय्यर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, "गांधी से नई जमानत देने को कहा गया है, क्योंकि (कांग्रेस नेता) शिवराज पाटिल चाकुरकर, जो उनके मौजूदा जमानतदार थे, की 12 दिसंबर को मौत हो गई थी."
जब राहुल गांधी को इस मामले में जमानत मिली थी, तो पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल उनकी जमानत के लिए खड़े हुए थे. वकील ने कहा कि जज ने खास तौर पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नई जमानत से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए खुद कोर्ट में मौजूद रहने का निर्देश दिया है.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ता राजेश कुंते ने कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई कि कांग्रेस नेता राहुल ने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान सोनाले गांव में एक रैली में कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे संघ का हाथ था. कुंते ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 500 (मानहानि) के तहत अपनी शिकायत में कहा कि इस झूठी टिप्पणी से आरएसएस की छवि धूमिल हुई है.
ट्रायल के दौरान कुंते का क्रॉस-एग्जामिनेशन और पुनर्परीक्षा खत्म हो गया है.
इसस पहले, सुनवाई 20 दिसंबर, 2025 को होनी थी, लेकिन नए जमानतदार की जरूरत के कारण इसे 17 जनवरी तक के लिए टाल दिया गया था. 17 जनवरी को मजिस्ट्रेट ने मामले को 21 फरवरी तक के लिए आगे बढ़ा दिया.
तकनीक तभी सार्थक जब वह मानव हित में हो, हम एआई को सुशासन और सबके विकास के लिए अपनाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
20 Feb, 2026 05:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
निर्भय होकर एआई से प्रदेश के विकास की सभी संभावनाओं पर करेंगे काम
प्रदेश में एआई बेस्ड डेटा सेंटर की स्थापना के लिए निवेशक आमंत्रित
मध्यप्रदेश जल्द लांच करेगा स्टेट एआई मिशन
कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सुशासन में एआई का करेंगे उपयोग
नई दिल्ली 20 फरवरी 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम् में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के समापन सत्र में सहभागिता की। उन्होंने भारत मंडपम् स्थित भोपाल मीडिया सेंटर में नेशनल मीडिया करेस्पांडेंट्स से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य और इसके इस्तेमाल पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एआई से निर्भय होकर देश के हित में काम करने पर जोर दिया है। हमारी सरकार प्रदेश की समृद्धि के लिए सभी चुनौतियों से उबरकर तेज गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें मध्यप्रदेश भी अपनी बड़ी भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश, भारत का 5वां बड़ा राज्य है। राज्य के चिकित्सा क्षेत्र में एआई की मदद से सही समय पर बीमारियों की पहचान और उनका निदान एवं सुदूर अंचलों तक बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है
मध्यप्रदेश में एआई का एक पूरा नया ईको सिस्टम तैयार किया जाएगा
प्रदेश के बड़े और छोटे शहरों में आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में एआई का एक पूरा नया ईको सिस्टम तैयार किया जाएगा। इस मजबूत ईको सिस्टम के पांच मुख्य हिस्से होंगे। पहला कम्प्यूटर इंफ्रास्ट्रक्चर- इसमें साझा जीपीयू और डेटा सेंटर होगा। दूसरा टैलेंट डेवलपमेंट- इसमें कॉलेजों में एआई की पढ़ाई और इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन किया जाएगा। तीसरा स्टार्ट-अप सपोर्ट- इसमें फंडिंग, मेंटरशिप और इन्क्यूबेशन की सुविधा दी जाएगी। चौथा इंडस्ट्री में उपयोग- इसके तहत एआई अपनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। पांचवां रिसर्च एंड इनोवेशन- इसमें इंडस्ट्री से जुड़े रिसर्च सेंटर्स और नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिर्फ एआई का उपयोग ही नहीं करेंगे, बल्कि एआई बनाने की क्षमता भी विकसित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में स्थित है। हमारे पास पर्याप्त लैंड बैंक है। इसलिए प्रदेश में एआई आधारित एक बड़ा डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस डेटा सेंटर की स्थापना के लिए हमने बड़े निवेशकों और कम्पनियों को भी आमंत्रित किया है।
वैश्विक टेक कंपनियों से किया वन-टू-वन संवाद
एआई समिट में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न अग्रणी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के वरिष्ठ नेतृत्वकर्ताओं के साथ वन-टू-वन संवाद किया। एनवीडिया की उपाध्यक्ष (ग्लोबल एआई इनिशिएटिव्स) सुश्री कैलिस्टा रेडमंड से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप की स्थापना, स्टार्टअप्स को सब्सिडी दरों पर जीपीयू उपलब्ध कराने, स्थानीय साझेदारों को सशक्त बनाने के लिए सहयोग तंत्र विकसित करने और तकनीकी टूल्स, संसाधन और लाइब्रेरी उपलब्ध कराने पर चर्चा की। साथ ही एलएलएम मॉडल, सॉवरेन एआई की दिशा में सहयोग और एनवीडिया के फ्लैगशिप कार्यक्रम में आमंत्रण पर भी विचार-विमर्श किया गया। एनवीडिया अमेरिका स्थित एक वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी है, जो जीपीयू, एआई कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर समाधान तथा उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग के क्षेत्र में अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेनस्पार्क एआई के वैश्विक जीटीएम प्रमुख श्री ब्रेनो मेलो से वन-टू-वन बैठक कर राज्य में समाधान प्रदाता के रूप में उनकी भूमिका, उपलब्ध तकनीकी समाधानों के उपयोग और एमओयू के अनुरूप पायलट प्रोग्राम प्रारंभ करने पर चर्चा की। सर्वम एआई के सह-संस्थापक डॉ. प्रत्युष कुमार से वन-टू-वन बैठक में फुल-स्टैक सॉवरेन एआई मॉडल विकसित करने, स्टार्टअप्स और डेवलपर्स के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने पर चर्चा की। सर्वम एआई बेंगलुरु स्थित एक भारतीय एआई स्टार्टअप है, जो भारतीय भाषाओं के लिए सॉवरेन जनरेटिव एआई प्लेटफॉर्म और बड़े भाषा मॉडल विकसित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने के-जन एआई की सुश्री श्रुति वर्मा से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में क्षमता निर्माण, गेम जैम आयोजन, गेम डेवलपमेंट और एआई में अपस्किलिंग, मध्यप्रदेश के अटल प्रोजेक्ट से कनेक्टिविटी और इंदौर में स्टूडियो स्थापना के विषय पर चर्चा की। के-जन एआई बेंगलुरु स्थित एआई-सक्षम गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म है।
गूगल प्ले के निदेशक श्री कुणाल सोनी से गेमिंग स्टार्टअप्स एवं विद्यार्थियों को सहयोग, एआई स्किलिंग और प्रशिक्षण, अपस्किलिंग, प्रमाणन एवं पाठ्यक्रम विकास, गेमिंग पार्टनरशिप और एक्सेलरेटर कार्यक्रमों पर चर्चा की। इंदौर और भोपाल में गूगल प्ले इवेंट आयोजित करने, कंटेंट एक्सपोर्ट और पब्लिशिंग सपोर्ट प्रदान करने और उज्जैन सिंहस्थ 2028 के अवसर पर संभावित सहयोग पर भी विचार किया गया। गूगल प्ले वैश्विक डिजिटल ऐप एवं गेम वितरण प्लेटफ़ॉर्म है। सबमर टेक्नोलॉजीज (भारत) के अध्यक्ष श्री देव त्यागी के साथ कम जल उपयोग वाली इमर्सिव कूलिंग तकनीक, बिजली खपत में 40 प्रतिशत तक कमी, सतत एआई डेटा सेंटरों के विकास पर चर्चा की। सबमर टेक्नोलॉजीज, बार्सिलोना (स्पेन) स्थित वैश्विक डेटा सेंटर टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो लिक्विड इमर्शन कूलिंग समाधान विकसित करती है। इनविसिड एआई के संस्थापक एवं मुख्य कार्यवाही अधिकारी श्री कपिल जैन से फिजिक्स-आधारित एआई समाधान विकसित करने, मध्यप्रदेश के डेटा सेंटरों के उन्नयन और रूपांतरण, डिजिटल ट्विन सिमुलेशन, ऊर्जा खपत प्रबंधन और प्रदेश में 8 मेगावाट तक विद्युत उत्पादन वृद्धि की संभावनाओं पर चर्चा की। इनविसिड एआई अमेरिका स्थित उन्नत फिजिक्स-इन्फॉर्म्ड एआई कंपनी है, जो इंजीनियरिंग और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए स्मार्ट समाधान विकसित करती है।
विभिन्न कंपनियों के साथ हुए एओयू
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के माध्यम से राज्य के एआई मिशन के प्रमुख स्तंभों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के लिए 3 महत्वपूर्ण रणनीतिक समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। इन एमओयू में जेनस्पार्क एआई इंक. के साथ एआई इन्फॉस्ट्रक्चर के अनुकूलन, सृजनात्मक एआई आधारित शासन समाधानों के विकास और नवाचार परीक्षण मंच की स्थापना पर सहमति बनी। इनविसिड एआई कंपनी के साथ राज्य डेटा केंद्र में एआई संचालित डिजिटल प्रतिरूप (डिजिटल ट्विन) की तैनाती के लिए सहयोग किया जाएगा। वहीं सर्वम एआई (एक्सोनवाइज प्रा. लि.) के साथ सॉवरेन एआई अवसंरचना के निर्माण और एआई-सक्षम सार्वजनिक सेवाओं के विकास के लिए सहभागिता सुनिश्चित की गई है।इसके अतिरिक्त, सबमर टेक्नोलॉजीज़ एस.एल. को ऊर्जा-कुशल, द्रव-शीतित एवं एआई-तत्पर डेटा केंद्र अवसंरचना के विकास तथा भविष्य में एक गीगावाट तक एआई-अनुकूलित क्षमता निर्माण के उद्देश्य से आशय पत्र जारी किया गया।
गूगल पेवेलियन का किया आवलोकन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गूगल पेवेलियन का अवलोकन किया। उन्होंने कंट्री डायरेक्टर श्री आशीष वाटल एवं कंपनी के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ उच्च-स्तरीय संवाद किया। एआई, संवर्धित वास्तविकता (एआर) और आभासी वास्तविकता (वीआर) सहित मानचित्र-आधारित प्रौद्योगिकियों के माध्यम से मध्यप्रदेश में पर्यटन नवाचार को सुदृढ़ करने की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
म.प्र. पेवेलियन का किया भ्रमण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश पवेलियन का भ्रमण कर अवलोकन किया। पेवेलियन में विभिन्न नवप्रवर्तनशील उद्यमों एवं प्रतिष्ठित संस्थानों के अत्याधुनिक एआई समाधान का अवलोकन किया।
AI समिट में कांग्रेस के विरोध पर सियासी घमासान, BJP का आरोप– राहुल के घर में बनी रणनीति
20 Feb, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Youth Congress Protest India AI Impact Summit 2026: देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे इंडिया एआई समित 2026 में शुक्रवार को यूथ कांग्रस के कार्यकर्ताओं ने अर्द्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन किया। 8 से 10 कांग्रेस कार्यकर्ता क्यू आर कोड के जरिए भारत मण्डपम में प्रवेश कर गए। जैसे ही अंदर पहुंचे कांग्रेस के इन कार्यकर्ताओं ने अपने कपड़े उतारना शुरू कर दिया और मंच के पास जाकर जोरदार हंगामा करने लगे। इस दौरान ये कार्यकर्ता अपनी शर्ट और बनियान दोनों ही उतार दिए। हालांकि बाद में उनको पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस पर भारतीय जनता पार्टी ने जोरदार हमला बोला है।
इन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया
प्रदर्शन कर रहे सभी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को तिलक मार्ग थाने में ले जाया गया है। दिल्ली पुलिस इनके खिलाफ एक्शन लेगी। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में कृष्णा हरि, राष्ट्रीय सचिव, यूथ कांग्रेस, कुंदन यादव, बिहार सचिव, अजय कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष और नरसिम्हा यादव, तेलंगाना को हिरासत में लिया है।
'विदेशी मेहमानों के सामने नंगा नाच'
यूथ कांग्रस के कार्यकर्ताओं के इस विरोध प्रदर्शन पर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इंडिया समिट में कांग्रेस के लोगों ने शर्टलेस प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह प्रदर्शन देश के लिए शर्म की बात है। विदेशी महमानों के सामने कांग्रेस ने नंगा नाच किया है।
सीएम मोहन यादव ने कंपनियों को मध्य प्रदेश आने का दिया निमंत्रण
20 Feb, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल|मध्य प्रदेश के मुख्ममंत्री डॉ मोहन यादव दिल्ली में आयोजित एआई समिट में शुक्रवार को शामिल हुए. इस दौरान मुख्यमंत्री ने भारत मंडपम में एआई इनोवेटर्स से मुलाकात की. सीएम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में मध्य प्रदेश की संभावनाओं पर चर्चा
‘5 सेक्टरों में AI के इस्तेमाल पर हमारा जोर’
भारत मंडपम में सीएम मोहन यादव ने कहा कि पांच सेक्टर्स में एआई के इस्तेमाल पर हमारा फोकस है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हेल्थ, कृषि, एजुकेशन, इंडस्ट्रीज और टूरिज्म में AI को लेकर हमारा विशेष जोर है. सीएम मोहन यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि एनर्जी सेविंग के क्षेत्र में भी लाभ उठाने के लिए कंपनियों से बातचीत की गई है. कई कंपियों को साथ MoU और मध्य प्रदेश आने का निमंत्रण दिया गया है. उन्होंने आगे कहा कि किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं. नवाचार और टैलेंट को और ज्यादा स्किलफुल करने पर हम काम कर रहे हैं. पर्यटन और खासकर धार्मिक पर्यटन को एआई से जोड़ने पर भी हम हम लगातार काम कर रहे हैं|
CM मोहन यादव के एआई समिट की कुछ प्रमुख हाईलाइट
NVIDIA के साथ बातचीत में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप, स्टार्टअप्स के लिए रियायती दरों पर GPU उपलब्ध कराने और डेवलपर्स को उन्नत एआई टूल्स, लाइब्रेरी व संसाधन प्रदान करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई. कंपनी ने मुख्यमंत्री को अपने प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में आमंत्रित भी किया|
Google Play टीम के साथ बैठक में गेमिंग स्टार्टअप्स और छात्र डेवलपर्स को समर्थन देने, एक्सेलरेटर कार्यक्रम, प्रमाणन, पाठ्यक्रम सहयोग और ऐप पब्लिशिंग सहायता जैसे मुद्दों पर विचार हुआ. इंदौर और भोपाल में डेवलपर इवेंट आयोजित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई|Sarvam AI ने राज्य में स्टार्टअप्स और डेवलपर्स को सक्षम बनाने के लिए फुल-स्टैक सोवरेन एआई इकोसिस्टम विकसित करने का प्रस्ताव रखा और संभावित एमओयू बिंदुओं पर विचार-विमर्श हुआ. वहीं Genspark AI ने सरकारी कार्यालयों के लिए एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर समाधान प्रस्तुत करते हुए पायलट प्रोग्राम की पेशकश की|सतत डिजिटल ढांचे पर हुई चर्चा में Submer ने इमर्सिव कूलिंग तकनीक प्रदर्शित की, जिससे डेटा सेंटर की बिजली खपत 40% तक कम हो सकती है और पानी का उपयोग न्यूनतम रहता है. इसके साथ ही मौजूदा डेटा सेंटरों के एकीकरण और तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी विचार किया गया|Inviscid AI ने फिजिक्स-इन्फॉर्म्ड एआई और डिजिटल ट्विन तकनीक प्रस्तुत की, जो डेटा सेंटर आधुनिकीकरण और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने में सहायक हो सकती है|अलग बैठक में KGen ने विश्वविद्यालयों में क्षमता निर्माण, गेम डेवलपमेंट प्रशिक्षण, गेम जैम आयोजन और इंदौर में स्टूडियो स्थापित करने का प्रस्ताव दिया, जिससे युवाओं को गेमिंग और एआई कौशल में अवसर मिल सकें|अधिकारियों ने इन बैठकों को राज्य को एआई नवाचार, सतत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक आधारित रोजगार के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया|
योगी से मुलाकात के बाद दोनों डिप्टी CM से मिले संघ प्रमुख मोहन भागवत, सियासी तापमान बढ़ा
20 Feb, 2026 11:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ. लखनऊ (Lucknow) में मुख्यमंत्री (CM) योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) से मुलाकात के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने प्रदेश के दोनों उप मुख्यमंत्री (deputy CMs) केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक से मुलाकात की। इसे एक शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है। हालांकि, प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में फेरबदल की चर्चाओं के बीच सीएम व डिप्टी सीएम से संघ प्रमुख की मुलाकात ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। संघ प्रमुख ने दोनों डिप्टी सीएम से बृहस्पतिवार सुबह करीब 10-10 मिनट के लिए मुलाकात की।
इसके पहले, मुख्यमंत्री बुधवार को रात आठ बजे संघ प्रमुख से मिले राजधानी के निराला नगर स्थित संघ कार्यालय परिसर में सरस्वती शिशु मंदिर पहुंचे। एकांत में दोनों के बीच करीब 35 मिनट तक बातचीत हुई।
संघ प्रमुख दो दिवसीय प्रवास पर राजधानी लखनऊ में थे और बुधवार को उनके प्रवास का अंतिम दिन था। सीएम की भागवत से मुलाकात निहायत ही एकांत में बंद कमरे में हुई। मौजूदा समय में प्रदेश की सियासत के स्तर पर होने वाले बदलाव को देखते हुए इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। दोनों के बीच मुलाकात को भले ही शिष्टाचार बताया जा रहा है किस लेकिन योगी की बार-बार संघ प्रमुख से होने वाली मुलाकातों को लेकर अटकलों का बाजार गरम है।
2027 का तानाबाना बुनने में संघ की अहम भूमिका के संकेत
सूत्रों का कहना है कि इधर बीच जिस तरह से संघ प्रमुख का फोकस यूपी को लेकर दिख रहा है और वह किसी न किसी कार्यक्रम के बहाने यूपी आ रहे हैं। उससे साफ है कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव का ताना-बाना बुनने में संघ परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। वह जब भी यूपी के दौरे पर होते हैं, सीएम योगी की मुलाकात भी होती रही है। यूपी में अगले साल विधानसभा का चुनाव होने वाला है। इस लिहाज से भी सरकार और संघ के मुखिया की मुलाकात अहम है।
उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण वोट बैंक पर सियासी जंग, भारतीय जनता पार्टी-बहुजन समाज पार्टी-समाजवादी पार्टी-भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस आमने-सामने
20 Feb, 2026 10:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Brahmin Power Play Begins in UP: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर ‘ब्राह्मण पावर प्ले’ की चर्चा तेज हो गई है। आगामी चुनावी परिदृश्य को देखते हुए राज्य की प्रमुख राजनीतिक पार्टियां ब्राह्मण मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की रणनीति पर सक्रिय हो गई हैं। भाजपा, बसपा और कांग्रेस के बीच ब्राह्मण वोट बैंक को लेकर प्रतिस्पर्धा साफ दिखाई दे रही है, वहीं समाजवादी पार्टी भी इस समीकरण से खुद को दूर नहीं रखना चाहती।
हाल ही में ब्राह्मण विधायकों की बैठक और उससे जुड़े राजनीतिक संदेशों के बाद प्रदेश की सियासत में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ब्राह्मण समुदाय, जो परंपरागत रूप से राज्य की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाता रहा है, आगामी चुनावों में निर्णायक साबित हो सकता है।
भाजपा की सक्रियता
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak ने हाल ही में धार्मिक अनुष्ठान के दौरान बटुकों का तिलक कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की। इसे भाजपा की ओर से ब्राह्मण समाज के प्रति सम्मान और जुड़ाव के प्रतीकात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा के भीतर ब्राह्मण नेतृत्व की मौजूदगी को भी प्रमुखता से रेखांकित किया जा रहा है। पार्टी के रणनीतिकार मानते हैं कि ब्राह्मण मतदाता भाजपा के पारंपरिक समर्थकों में शामिल रहे हैं, लेकिन बदलते सामाजिक समीकरणों के बीच इस आधार को और मजबूत करना जरूरी है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, भाजपा का प्रयास है कि संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर ब्राह्मण चेहरों को प्रमुखता देकर संतुलन का संदेश दिया जाए।
बसपा की रणनीति: सामाजिक संतुलन की वापसी
बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो Mayawati ने कई मौकों पर ब्राह्मण समाज के प्रति खुलकर समर्थन जताया है। बसपा पहले भी ‘ब्राह्मण-दलित’ सामाजिक समीकरण के सहारे सत्ता में आ चुकी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बसपा एक बार फिर उसी सामाजिक इंजीनियरिंग मॉडल को सक्रिय करने की कोशिश कर रही है। पार्टी के कार्यक्रमों और बयानों में ब्राह्मण समाज के सम्मान और भागीदारी पर जोर दिया जा रहा है। वरिष्ठ राजनीतिक मनोज श्रीवास्तव का मानना है कि बसपा की रणनीति का उद्देश्य पारंपरिक वोट बैंक को बनाए रखते हुए नए सामाजिक गठजोड़ तैयार करना है।
सपा की सक्रिय भागीदारी
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav भी इस सियासी समीकरण से दूरी नहीं बनाए हुए हैं। सपा ने भी ब्राह्मण नेताओं और प्रतिनिधियों के साथ संवाद बढ़ाने की पहल की है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सपा का प्रयास है कि वह ‘समाज के सभी वर्गों’ को साथ लेकर चलने का संदेश दे। ब्राह्मण सम्मेलन और प्रतिनिधि बैठकों के जरिए पार्टी अपने आधार का विस्तार करना चाहती है। कहना है कि सपा की रणनीति सामाजिक संतुलन और व्यापक समर्थन हासिल करने की दिशा में है।
कांग्रेस की भूमिका
हालांकि चर्चा में मुख्य रूप से भाजपा और बसपा की सक्रियता दिखाई दे रही है, लेकिन कांग्रेस भी इस होड़ से बाहर नहीं है। पार्टी के नेता लगातार सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व के मुद्दों को उठा रहे हैं। कांग्रेस का प्रयास है कि वह पारंपरिक वोटरों के साथ-साथ नए सामाजिक वर्गों को भी जोड़ सके। ब्राह्मण समाज के साथ संवाद और संपर्क कार्यक्रमों के जरिए पार्टी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में जुटी है।
क्यों अहम है ब्राह्मण वोट बैंक
उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या कई विधानसभा क्षेत्रों में निर्णायक मानी जाती है। ऐतिहासिक रूप से यह वर्ग राजनीति में प्रभावशाली रहा है और विभिन्न दलों को समर्थन देता रहा है। वरिष्ठ राजनीतिक मनोज का कहना है कि ब्राह्मण मतदाता अक्सर मुद्दों, नेतृत्व और स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखकर मतदान करते हैं। इसलिए उन्हें साधने के लिए प्रतीकात्मक और व्यावहारिक दोनों स्तरों पर प्रयास किए जाते हैं।
ब्राह्मण विधायकों की बैठक का असर
हाल में हुई ब्राह्मण विधायकों की बैठक के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हुई। इस बैठक को सामाजिक और राजनीतिक संदेश के रूप में देखा गया। बैठक के बाद विभिन्न दलों ने अपने-अपने स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी। इससे संकेत मिलता है कि आगामी चुनावों से पहले सामाजिक समीकरणों को लेकर दल गंभीरता से काम कर रहे हैं।
सियासी संदेश
‘ब्राह्मण पावर प्ले’ केवल प्रतीकात्मक राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले महीनों में टिकट वितरण, संगठनात्मक पदों और चुनावी रणनीति में भी इसका असर दिखाई दे सकता है। प्रदेश की राजनीति में सामाजिक संतुलन बनाना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे में ब्राह्मण मतदाताओं को साथ लाने की कोशिशें आगामी चुनावी परिदृश्य को प्रभावित कर सकती हैं।
राहुल गांधी के मनाने के बाद भी नहीं माने भूपेन बोरा? भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज
20 Feb, 2026 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुवाहाटी। असम की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। भूपेन बोरा (Bhupen Bora) के इस्तीफे के बाद अब उनके भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने दावा किया है कि बोरा 22 फरवरी को भाजपा का दामन थाम सकते हैं और उनके साथ कई अन्य कांग्रेस नेता भी पार्टी में आ सकते हैं।
इस्तीफा, मनुहार और अब नया सियासी मोड़
सोमवार को बोरा ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। बाद में पार्टी नेतृत्व के आग्रह पर उन्होंने कहा था कि वह अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगे। बताया गया कि राहुल गांधी ने भी उन्हें मनाने की कोशिश की थी, लेकिन अब उनके भाजपा में जाने की संभावनाओं ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
हिमंत सरमा बोले-“यह उनके लिए घर वापसी”
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उनकी संभावित जॉइनिंग को मंजूरी दे दी है और भाजपा में उनका स्वागत होगा। उन्होंने इसे “घर वापसी” बताते हुए कहा कि भाजपा वंशवाद की राजनीति नहीं, बल्कि कार्यकर्ता आधारित राजनीति में विश्वास करती है। सरमा हाल ही में गुवाहाटी के घोरमारा स्थित बोरा के आवास भी पहुंचे थे, जहां उनका पारिवारिक स्वागत हुआ। उन्होंने पहले भी संकेत दिया था कि भाजपा के दरवाजे बोरा के लिए खुले हैं।
अंतिम फैसला लेने से पहले समर्थकों से चर्चा
दिन में पत्रकारों से बातचीत में बोरा ने कहा कि वह अंतिम निर्णय से पहले अपने समर्थकों और लखीमपुर के लोगों से चर्चा करेंगे। उन्होंने कांग्रेस के भीतर कुछ नेताओं पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि वह “एपीसीसी में रह सकते हैं, लेकिन एपीसीसी (आर) में नहीं”, जिसे राजनीतिक रूप से धुबरी के सांसद रकीबुल हुसैन पर टिप्पणी माना जा रहा है।
टिकट विवाद और पुराने मतभेद भी बने वजह
बोरा ने आरोप लगाया कि समागुरी विधानसभा उपचुनाव में वरिष्ठ नेताओं ने उनका नाम सुझाया था, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया। यह सीट खाली होने के बाद उम्मीदवार के रूप में रकीबुल हुसैन के बेटे को उतारा गया, जिन्हें भाजपा प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा।
AIUDF गठबंधन पर भी जताई थी नाराजगी
बोरा ने 2021 विधानसभा चुनाव के दौरान ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के साथ कांग्रेस के गठबंधन का विरोध किया था। उनका कहना था कि इस फैसले पर उन्होंने पार्टी नेतृत्व को कई बार पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी। बाद में गठबंधन टूट गया और लोकसभा चुनाव में रकीबुल हुसैन ने AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल को बड़े अंतर से हराया। भूपेन बोरा का अगला कदम असम की राजनीति की दिशा तय कर सकता है। अगर वह भाजपा में शामिल होते हैं तो यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका और राज्य की सियासत में एक अहम पुनर्संरेखण माना जाएगा। फिलहाल सबकी नजर उनके अंतिम फैसले पर टिकी है।
पीएम मोदी ने पेश किया 'MANAV' विजन, जानिए क्या है यह
19 Feb, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: देश की राजधानी नई दिल्ली में आज गुरुवार को पीएम मोदी ने इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 (AI Impact Summit 2026) का उद्घाटन किया. इस अवसर पर पीएम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए भारत के बड़े 'MANAV विजन' को पेश किया, जिसमें नैतिक, जवाबदेह और सबको साथ लेकर चलने वाले AI गवर्नेंस के लिए इंसानी सोच वाला फ्रेमवर्क बताया गया.
प्रधानमंत्री मोदी ने दुनियाभर के AI कंपनियों के तमाम सीईओ (CEO) को संबोधित करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को सही दिशा पर जोर दिया. बता दें, राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित हो रहे समिट में डेलीगेट्स को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज AI इम्पैक्ट समिट में, मैं AI के लिए MANAV विजन पेश करता हूं. MANAV का मतलब है इंसान.
पीएम मोदी ने कहा कि MANAV विजन ग्लोबल AI इकोसिस्टम के लिए एक गाइडिंग फ्रेमवर्क के तौर पर काम करेगा. उन्होंने कहा कि भारत का यह MANAV विजन 21वीं सदी की AI-बेस्ड दुनिया में मानवता की भलाई के लिए एक जरूरी कड़ी बनेगा. उभरते खतरों के बारे में चिंताओं पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने खास तौर पर बच्चों के लिए मजबूत सुरक्षा उपायों की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि हमें बच्चों की सुरक्षा को लेकर ज्यादा सावधान रहना होगा. AI स्पेस भी बच्चों के लिए सुरक्षित और परिवार के हिसाब से होना चाहिए.
इसके अलावा, पीएम मोदी ने कहा कि यह विजन बदलते टेक्नोलॉजिकल माहौल को दिखाता है. उन्होंने कहा कि हम एक ऐसे दौर में जा रहे हैं जहां इंसान और इंटेलिजेंट सिस्टम मिलकर काम करते हैं, और मिलकर आगे बढ़ते हैं. इस सेक्टर में भारत की बढ़ती क्षमताओं पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भारत AI में एक मजबूत भविष्य देखता है. हमारे पास टैलेंट, एनर्जी कैपेसिटी और पॉलिसी क्लैरिटी है. प्रधानमंत्री ने समिट में नए घरेलू इनोवेशन की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि मुझे आप सभी को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस समिट में तीन भारतीय कंपनियों ने अपने AI मॉडल और ऐप लॉन्च किए हैं. ये मॉडल हमारे युवाओं के टैलेंट को दिखाते हैं.
ग्लोबल सहयोग को न्योता देते हुए, पीएम मोदी ने टेक्नोलॉजी लीडर्स और इनोवेटर्स से भारत के साथ पार्टनरशिप करने की अपील की. उन्होंने कहा कि मैं आप सभी को भारत में डिजाइन और डेवलप करने, दुनिया और मानवता तक पहुंचाने के लिए आमंत्रित करता हूं. इंडिया AI इम्पैक्ट समिट (India AI Impact Summit 2026) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ग्लोबल चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए नई दिल्ली में दुनिया भर के सरकारी पॉलिसीमेकर्स, इंडस्ट्री AI एक्सपर्ट्स, एकेडेमिक्स, टेक्नोलॉजी इनोवेटर्स और सिविल सोसाइटी को एक साथ लाया है.
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट, ग्लोबल साउथ में होने वाला पहला ग्लोबल AI समिट है. यह 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' (सबका भला, सबकी खुशी) के नेशनल विजन और AI फॉर ह्यूमैनिटी के ग्लोबल प्रिंसिपल के साथ AI के बदलाव लाने वाले पोटेंशियल को दिखाता है. यह समिट एक डेवलप हो रहे इंटरनेशनल प्रोसेस का हिस्सा है जिसका मकसद AI के गवर्नेंस, सेफ्टी और सोशल इम्पैक्ट पर ग्लोबल कोऑपरेशन को मजबूत करना है.
विपक्ष पर पिछड़ा वर्ग के अधिकारों की अनदेखी का आरोप
19 Feb, 2026 03:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल| मध्य प्रदेश में ओबीसी जनगणना को लेकर सियासत गरमा गई है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ओबीसी जनगणना को लेकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के माथे पर ओबीसी जनगणना को रोकने का कलंक है. कांग्रेस का काम सिर्फ झूठ बोलने का है. इसलिए चुनावों में जनता कांग्रेस को हर बार नकार देती है|
‘कांग्रेस ऊंचे और नीचे वर्ग को लड़ाने का काम करती है’
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा, ‘कांग्रेस हमेशा झूठ बोलो और आगे बढ़ो, इसी योजना पर चलती है. कांग्रेस के झूठ को जनता जानती है, इसलिए हर चुनाव में कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ती है. कांग्रेस ने 1971 में गरीबी हटाने की बात कही. गरीबी हटी नहीं, कांग्रेस लगातार बेवकूफ बनाती रही. ओबीसी की जनगणना को बंद करवाने का आरोप भी कांग्रेस के माथे पर है. कांग्रेस सामाजिक विद्वेष फैलाना का काम करती है. ऊंचे वर्ग, नीचे वर्ग करके लड़ाने का काम करती है. इन्होंने फूलसिंह बरैया भी कभी कार्रवाई नहीं की.’
‘कांग्रेस ना समाज की है और ना ही भगवान ही है’
सीएम डॉ मोहन यादव ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने राम मंदिर के मामले में अड़ंगा लगाया. ना कांग्रेस भगवान की हुई और ना ही समाज की हुई. कांग्रेस सिर्फ अपने स्वार्थ की है|’वहीं विधानसभा सत्र के दौरान हंगामे को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पास सिर्फ झूठ फैलाना का काम है. कांग्रेस मैदान में काम करने के बजाय हंगामा मचाने का काम करती है|
‘जब प्यास लगती है, तब भाजपा कुआं नहीं खोदती है’
वहीं प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बात की. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम चुनाव से पहले ही तैयारी में लगे रहते हैं. भाजपा ऐसी पार्टी नहीं है, जो जब प्यास लगे तब ही कुआं खोदे. जब चुनाव आता है तब कांग्रेस सोचती है, इसलिए हारती है|’
सत्ता समीकरण साधने में क्यों कारगर मानी जाती है ‘सेटिंग’?
19 Feb, 2026 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता|पश्चिम बंगाल की राजनीति में 'सेटिंग' ऐसा शब्द है, जो बहुत सुनने को मिलता है और यह शब्द रहस्य और आरोप—दोनों का पर्याय बन चुका है। 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले यह शब्द एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में लौट आया है। प्रतिद्वंद्वी दलों के बीच गुप्त समझौते (सेटिंग) के आरोप लग रहे हैं। राज्य की सत्ताधारी टीएमसी, मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा और वाम मोर्चा सभी एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।
बंगाल की राजनीति में क्या है ये 'सेटिंग' शब्द
बंगाल की राजनीति में अक्सर सीपीमूल (सीपीआईएम और तृणमूल), बिजेमूल (भाजपा और तृणमूल) और राम-बाम (भाजपा और वाम मोर्चा) जैसे शब्द सुनाई देते हैं। टीएमसी लंबे समय से 'राम-बाम की थ्योरी पेश करती रही है, जिसके अनुसार 2019 के बाद वाम दलों के वोट धीरे-धीरे भाजपा की ओर स्थानांतरित हुए, जिससे भाजपा को मजबूती मिली। वहीं सीपीआई(एम) दोनों प्रमुख दलों पर एक-दूसरे के अस्तित्व से लाभ उठाने का आरोप लगाती है। भाजपा नेताओं का कहना है कि जब भी चुनावी समीकरण बनते हैं, टीएमसी और वाम दलों के बीच 'रणनीतिक सहयोग' दिखता है। चुनाव नजदीक आते ही यह बयानबाजी और तीखी हो गई है। शासन और विकास के मुद्दों से ध्यान हटकर कथित गुप्त गठबंधनों की चर्चा प्रमुख हो गई है।
आरोप-प्रत्यारोप तेज
टीएमसी नेता कुनाल घोष ने 'सेटिंग' (गुप्त समझौते) के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जो राजनीतिक रूप से चुनौती नहीं दे पाते, वही ऐसी बातें गढ़ते हैं।
राज्य भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य का कहना है कि कई महत्वपूर्ण सीटों पर विपक्षी वोटों का बिखराव सत्तारूढ़ दल को फायदा पहुंचाता है। उनका आरोप है कि वाम दल और कांग्रेस अप्रत्यक्ष रूप से टीएमसी को लाभ पहुंचाते रहे हैं।
सीपीआईएम नेता सुजन चक्रवर्ती ने भाजपा और टीएमसी के बीच 'डर की राजनीति' करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का कहना है कि जब राजनीति व्यक्तिकेंद्रित हो जाती है, तो वैचारिक बहस की जगह अफवाहें ले लेती हैं।
निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर की नई पार्टी 'जनता उन्नयन पार्टी' ने भी नई चर्चाओं को जन्म दिया है। इसने इन आशंकाओं को हवा दी है कि नए दल वोट समीकरण बदलने के लिए खड़े किए जा रहे हैं।
टीएमसी नेताओं का आरोप है कि उभरते छोटे दल भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए वोट काटने का काम कर रहे हैं। इसी तरह आईएसएफ और एआईएमआईएम पर भी ऐसे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन दलों ने आरोपों को खारिज किया है।
विश्लेषकों के अनुसार, बंगाल में 'सेटिंग' की राजनीति नई नहीं है। 1967 में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार के गठन और संयुक्त मोर्चा के दौरान भी गुप्त समझौतों के आरोप लगे थे।
वाम मोर्चा शासनकाल में टीएमसी ने कांग्रेस और सीपीआईएम की नजदीकी के आरोप लगाए थे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे आरोपों को ठोस सबूत की जरूरत नहीं होती। जांच में देरी, केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई या राजनीतिक चुप्पी—सब अटकलों को जन्म देती हैं।
बंगाल में 'सेटिंग' अब महज चुनावी स्टंट नहीं है, बल्कि चुनावी हकीकत बन चुकी है, जिसे सभी दल सार्वजनिक रूप से नकारते हैं, लेकिन मतदाता उत्सुकता से सुनते हैं।
राहुल गांधी के मनाने के बाद भी नहीं माने भूपेन बोरा? भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज
19 Feb, 2026 12:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुवाहाटी। असम की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। भूपेन बोरा (Bhupen Bora) के इस्तीफे के बाद अब उनके भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने दावा किया है कि बोरा 22 फरवरी को भाजपा का दामन थाम सकते हैं और उनके साथ कई अन्य कांग्रेस नेता भी पार्टी में आ सकते हैं।
इस्तीफा, मनुहार और अब नया सियासी मोड़
सोमवार को बोरा ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। बाद में पार्टी नेतृत्व के आग्रह पर उन्होंने कहा था कि वह अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगे। बताया गया कि राहुल गांधी ने भी उन्हें मनाने की कोशिश की थी, लेकिन अब उनके भाजपा में जाने की संभावनाओं ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
हिमंत सरमा बोले-“यह उनके लिए घर वापसी”
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उनकी संभावित जॉइनिंग को मंजूरी दे दी है और भाजपा में उनका स्वागत होगा। उन्होंने इसे “घर वापसी” बताते हुए कहा कि भाजपा वंशवाद की राजनीति नहीं, बल्कि कार्यकर्ता आधारित राजनीति में विश्वास करती है।
सरमा हाल ही में गुवाहाटी के घोरमारा स्थित बोरा के आवास भी पहुंचे थे, जहां उनका पारिवारिक स्वागत हुआ। उन्होंने पहले भी संकेत दिया था कि भाजपा के दरवाजे बोरा के लिए खुले हैं।
अंतिम फैसला लेने से पहले समर्थकों से चर्चा
दिन में पत्रकारों से बातचीत में बोरा ने कहा कि वह अंतिम निर्णय से पहले अपने समर्थकों और लखीमपुर के लोगों से चर्चा करेंगे।
उन्होंने कांग्रेस के भीतर कुछ नेताओं पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि वह “एपीसीसी में रह सकते हैं, लेकिन एपीसीसी (आर) में नहीं”, जिसे राजनीतिक रूप से धुबरी के सांसद रकीबुल हुसैन पर टिप्पणी माना जा रहा है।
टिकट विवाद और पुराने मतभेद भी बने वजह
बोरा ने आरोप लगाया कि समागुरी विधानसभा उपचुनाव में वरिष्ठ नेताओं ने उनका नाम सुझाया था, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया।
यह सीट खाली होने के बाद उम्मीदवार के रूप में रकीबुल हुसैन के बेटे को उतारा गया, जिन्हें भाजपा प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा।
AIUDF गठबंधन पर भी जताई थी नाराजगी
बोरा ने 2021 विधानसभा चुनाव के दौरान ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के साथ कांग्रेस के गठबंधन का विरोध किया था।
उनका कहना था कि इस फैसले पर उन्होंने पार्टी नेतृत्व को कई बार पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी। बाद में गठबंधन टूट गया और लोकसभा चुनाव में रकीबुल हुसैन ने AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल को बड़े अंतर से हराया।
भूपेन बोरा का अगला कदम असम की राजनीति की दिशा तय कर सकता है। अगर वह भाजपा में शामिल होते हैं तो यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका और राज्य की सियासत में एक अहम पुनर्संरेखण माना जाएगा। फिलहाल सबकी नजर उनके अंतिम फैसले पर टिकी है।
मायावती की समर्थकों से अपील........बीएसपी के खिलाफ साजिश की जा रही, सभी इससे सतर्क रहें
19 Feb, 2026 11:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख और पूर्व सीएम मायावती ने अपने समर्थकों को बीएसपी को सत्ता से बाहर करने के उद्देश्य से राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा जारी तीव्र साजिशों और हथकंडों के प्रति आगाह किया। प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए, मायावती ने कहा कि राज्य और देश भर में डॉ.बी.आर. अंबेडकर के सभी अनुयायियों से आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अंबेडकरवादी आंदोलन को एकजुट करने और मजबूत करने का आह्वान किया। मायावती ने कहा कि जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश में चुनाव नजदीक आ रहे हैं, हमारे विरोधी हमें सत्ता से दूर रखने और हमारे खिलाफ साजिश रचने के और भी अधिक प्रयास कर रहे है। उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के सभी अंबेडकरवादियों को आत्मसम्मान प्राप्ति के लिए डॉ. अंबेडकर के आंदोलन को मजबूत करने के लिए निरंतर काम करना चाहिए। इससे पहले, उन्होंने पार्टी को कमजोर करने की साजिशों का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को इन साजिशों के प्रति सतर्क किया जाएगा। 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बसपा कार्यकर्ताओं की बैठक से पहले, मायावती ने कहा कि पार्टी का ध्यान गरीबों, दलितों, आदिवासी लोगों, पिछड़े वर्गों और धार्मिक अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर केंद्रित किया जाएगा। बसपा प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बहुत कम समय शेष है। पार्टी कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश देने के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय बैठक बुलाई गई है... चल रहे एसआईआर अभ्यास के कारण पार्टी के काम में देरी हुई है, लेकिन इसके पूरा करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। पार्टी सदस्यों को बसपा को कमजोर करने के लिए विपक्षी दलों द्वारा रची जा रही नई रणनीति और साजिशों के प्रति सतर्क किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, इस बैठक में दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों, मुसलमानों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ-साथ किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, व्यापारियों और अन्य कामकाजी लोगों की दयनीय और खराब स्थिति की ओर ध्यान दिलाया जाएगा, जो केंद्र और राज्य सरकारों के तहत मौजूदा सरकारों के साथ-साथ पिछली सरकारों के तहत भी बनी हुई है। यूपी में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां बसपा 2022 के चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद वापसी करने की कोशिश करेगी। मायावती के नेतृत्व वाली बसपा, जो कभी राज्य में सत्ता में थी, 2022 के चुनावों में सिर्फ एक सीट तक सिमट गई थी।
विपक्ष को लग सकता है बड़ा झटका, बंपर फायदे में रहेगी NDA
19 Feb, 2026 10:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। इस साल विभिन्न राज्यों की 72 राज्यसभा (Rajya Sabha) सीटों पर चुनाव (Elections) होने हैं। अगले माह दस राज्यों की 37 सीटों पर चुनाव की घोषणा कर दी गई है। राज्यसभा सदस्य के चुनाव के लिए विधायक ही मतदान करते हैं। मार्च में होने वाले चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी ही लाभ की स्थिति में हैं, विपक्षी खेमे को झटका लग सकता है। 37 सीटों में भाजपा (BJP) को तीन और उसके सहयोगी दलों को दो सीट का अतिरिक्त लाभ हो सकता है।
16 मार्च 2026 को दस राज्यों की 37 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। इन चुनाव में जिन प्रमुख नेताओं का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें शरद पवार, हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा, रामदास अठावले, एम थंबीदुरई, प्रियंका चतुर्वेदी, प्रेमचंद गुप्ता व अभिषेक मनु सिंघवी शामिल हैं।
बिहार में सबसे अधिक फायदा
बिहार में पांच सीटें रिक्त हो रही है, जिनमें जदयू की दो, राजद की दो और आरएलएम की एक सीट शामिल है। जदयू और भाजपा दोनों दो-दो सीट और उनका सहयोगी एक सीट जीत सकता है। यहां पर एक सीट के लिए 42 वोट चाहिए। राजग के पास 202 विधायक हैं। यानी चार सीट पक्की। विपक्ष के पास 42 विधायक नहीं हैं। ऐसे में राजग जोड़ तोड़ से पांचवी सीट भी जीत सकती है, क्योंकि चुनाव की स्थिति में विपक्ष के लिए राजग में सेंध लगाना मुश्किल है।
असम में खाली हो रही तीन सीटों में दो भाजपा व एक निर्दलीय सांसद है। इस बार भाजपा के दो और कांग्रेस के एक सांसद का चुना जाना लगभग तय है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के ही दोनों सांसद रिटायर हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के ही दोनों सांसद रिटायर हो रहे हैं। चुनाव के बाद भाजपा व कांग्रेस को एक-एक सीट मिलने की संभावना है। हरियाणा में दोनों सीटें भाजपा की रिक्त हो रही है, लेकिन चुनाव के बाद भाजपा की एक ही सीट आएगी एक सीट कांग्रेस के पास जाएगी। हिमाचल में भाजपा की एक सीट रिक्त हो रही है और यह सीट कांग्रेस के पास जाएगी।
महाराष्ट्र में खाली हो रही 7 सीटें
महाराष्ट्र में 7 सीटें खाली हो रही हैं, जिनमें भाजपा की दो, शिवसेना उद्धव ठाकरे की एक, राकांपा शरद पवार की दो, कांग्रेस की एक और रिपब्लिकन पार्टी की एक सीट शामिल है। चुनाव के बाद भाजपा के तीन, राकांपा (अजित पवार) एक, शिवसेना (शिंदे) को एक, कांग्रेस को एक व भाजपा चाहे तो आरपीआई को एक सीट मिल सकती है। यहां पर शरद पवार मुश्किल में हैं उनके लिए इंडिया गठबंधन के दलों को अपनी सीट छोड़नी पड़ सकती है, लेकिन यह आसान नहीं है।
ओडिशा में चार सीटें खाली हो रही हैं। इनमें दो भाजपा की और दो बीजे़ी की है। वहां पर फिर से दोनों दलों की दो-दो सीटें आने की संभावना है। तमिलनाडु की छह सीटें रिक्त हो रही है। इनमें चार द्रमुक की और एक टीएमसी व एक अन्नाद्रमुक की है। द्रमुक फिर से चार सीटें जीतने की स्थिति में है। अन्नाद्रमुक भी एक सीट जीत लेगी। एक सीट का फैसला स्थानीय चुनावी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। तेलंगाना की खाली हो रही दो सीटों में एक कांग्रेस की और एक बीआरएस की है। इस बार दोनों सीटें कांग्रेस के पास जाएंगी।
पश्चिम बंगाल से पांच सीटें रिक्त हो रही हैं। इनमें चार तृणमूल कांग्रेस के पास थी और एक माकपा के पास थी। मौजूदा विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस की फिर से चार सीटें आएंगी, जबकि एक सीट भाजपा को मिलेगी।
यूपी में अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा
19 Feb, 2026 10:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव अकेले लडऩे का ऐलान कर दिया है। उन्होंने गठबंधन को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं को पूरी तरह भ्रामक और निराधार करार दिया है। मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे गठबंधन से जुड़ी उल्टी खबरों पर ध्यान न दें और हाथी की मस्त चाल चलते हुए चुनावी तैयारियों में जुट जाएं। मायावती का टार्गेट 2007 की तरह ही प्रदेश में बीएसपी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाना है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में खुद को आवंटित हुए टाइप-8 बंगले को लेकर भी सफाई दी और कहा कि यह सुरक्षा की दृष्टि से आवंटित किया गया है। मायावती ने कहा कि बीएसपी के किसी अन्य दल के साथ हाथ मिलाने की खबरें सिर्फ भ्रम फैलाने की कोशिश हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी चर्चाएं जानबूझकर चलाई जा रही हैं, जिससे कार्यकर्ताओं का ध्यान भटकाया जा सके। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि पार्टी अपनी ताकत पर भरोसा करती है और बिना किसी बैसाखी के चुनाव लड़ेगी।
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