राजनीति
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सियासी हलचल, DMK में शामिल हुए ओ पन्नीरसेल्वम
27 Feb, 2026 09:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चेन्नई: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. नेताओं के पाला बदलने का सिलसिला शुरू हो गया है. ताजा जानकारी के मुताबिक राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके (AIADMK) से निकाले गए नेता ओ पन्नीरसेल्वम आज शुक्रवार को द्रविण मुनेत्र कणगम (DMK) में शामिल हो गए हैं. यह कदम हाल ही में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के लिए पन्नीरसेल्वम कैंप की तारीफ और राज्य में डीएमके सरकार की वापसी से जुड़ी भविष्यवाणी के बाद लिया गया है.
ताजा घटनाक्रम के मुताबिक पन्नीरसेल्वम राज्य के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की मौजूदगी में डीएमके पार्टी में शामिल हुए.
बता दें, राज्य के तीन बार से ज्यादा मुख्यमंत्री रह चुके पन्नीरसेल्वम को पूर्व सीएम स्व. जे जयललिता का काफी खास माना जाता रहा है. एआईएडीएमके (AIADMK) में उनके और एडप्पादी के पलानीस्वामी के बीच काफी लंबे समय तक चले नेतृत्व संघर्ष के बाद उनको पार्टी से निष्काषित कर दिया गया था. इससे पहले शुक्रवार को, पन्नीरसेल्वम कैंप के विधायक पी अय्यप्पन ने अगले विधानसभा चुनावों के बाद एम. स्टालिन को फिर से राज्य का नेतृत्व करते देखने की इच्छा जताई थी. अय्यप्पन ने विधानसभा में कहा कि पुरैची थलाइवर एमजी के आशीर्वाद से एमके स्टालिन को एक बार फिर तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनना चाहिए.
वहीं, राजनीतिक एक्सपर्ट्स का इस विषय पर मानना है कि पन्नीरसेल्वम के डीएमके में शामिल होने के बाद दक्षिण तमिलनाडु का वोट बैंक खासा प्रभावित हो सकता है. इस इलाके के थेवर समुदाय में पन्नीरसेल्वम का काफी प्रभुत्व माना जाता है.
234 सदस्यों वाली तमिलनाडु विधानसभा के लिए 2026 के पहले छह महीनों में चुनाव होंगे, जहां एमके स्टालिन के नेतृत्व वाला गठबंधन BJP-AIADMK गठबंधन के खिलाफ जीत के लिए 'द्रविड़ मॉडल 2.0' को प्रोजेक्ट करने की कोशिश करेगा. वहीं, एक्टर से नेता बने विजय की तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के साथ एंट्री से तमिलनाडु चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है.
पिछले विधानसभा चुनाव 2021 में DMK ने 133 सीटें जीती थीं. कांग्रेस ने 18, PMK ने पांच, VCK ने चार और अन्य ने आठ सीटें जीतीं. DMK के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA), जिसमें कांग्रेस शामिल थी, ने कुल मिलाकर 159 सीटें जीतीं. जबकि NDA ने 75 सीटें जीतीं, AIADMK 66 सीटों के साथ अलायंस में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी.
पन्नीरसेल्वम ने पहली बार साल 2001 में राज्य के मुख्यमंत्री का पद संभाला था, हालांकि वे सिर्फ 6 महीने तक ही इस पद पर बने रहे. उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद वे 2014 में दोबारा सीएम बने, लेकिन इस बार वे केवल एक महीने तक ही कुर्सी पर बने रहे. तीसरी बार उन्होंने 2016 में मुख्यमंत्री का पद संभाला, लेकिन 2017 में फिर एक बार उन्होंने पद से हटना पड़ा.
हवा में दौड़ती ट्रेन में दिखे CM योगी, हाई-स्पीड टेक्नोलॉजी ने खींचा ध्यान
26 Feb, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर प्रदेश। के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस समय जापान के दौरे पर हैं. मुख्यमंत्री का जापान दौरे का आज आखिरी दिन है. जापान यात्रा के आखिरी दिन यामानाशी में सीएम योगी ने हाई स्पीड मैग्लेव ट्रेन का सफर किया. ये ट्रेन हवा में 500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती है. हवा में तैरती इस ट्रेन की सवारी करके सीएम योगी मुस्करा दिए. मुख्यमंत्री के मैग्लेव ट्रेन में सवारी करने की तस्वीर काफी चर्चा का विषय बनी हुई है।
CM योगी ने किया 100 किलोमीटर का सफर
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ सिंगापुर के बाद अब जापान के दौरे पर हैं. सीएम योगी ने टोक्यो में हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन में सफर किया. ये ट्रेन 501 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है. सीएम योगी ने ट्रेन में बैठकर 100 किलोमीटर की दूरी तय की।
नई तकनीक को समझने के लिए टोक्यो की यात्रा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टोक्यो-नागोया कॉरिडोर के निरीक्षण के दौरान सबसे तेज मैग्लेव ट्रेन का सफर किया. ये योजना साल 2027 तक लागू होने का लक्ष्य है. सीएम योगी की यह यात्रा यूपी में परिवहन के आधुनिक मोर्चों पर चल रही विकास योजनाओं के लिए की जा रही कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
मैग्लेव तकनीक से ट्रेन को मिलती है 500 की रफ्तार
मैग्लेव टेक्निक के जरिए ट्रेन को 500 की रफ्तार से दौड़ाया जाता है. इस तकनीक में ट्रेन पटरियों को नहीं छूती है. जिसके कारण जमीन घर्षण हुए बिना ही ट्रेन बिजली की रफ्तार से दौड़ती है. पॉवरफुल मैग्नेटिक फोर्स के कारण ट्रेन पटरियों से कुछ इंच ऊपर उठी रहती है.इसके पहले चीन ने साल 2025 में ट्रायल के दौरान मैग्लेव ट्रेन की स्पीड 700 किमी/घंटा दौड़ाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था. वहीं जापान की मैग्लेव ट्रेन 500 से भी ज्यादा रफ्तार से दौड़ चुकी है।
गुना पुलिस अधीक्षक पर सवाल, सदन में गरजीं प्रियंका पेंची
26 Feb, 2026 03:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुना|भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की गुना से विधायक प्रियंका पेंची ने गुना के पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी पर क्षेत्र की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है. विधायक ने कहा कि जनप्रतिनिधि द्वारा उठाए गए मामलों पर अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई जा रही, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है|
‘SP को फोन करने पर अपेक्षित जवाब नहीं मिलता‘
विधायक प्रियंका पेंची ने इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया. उनका कहना है कि जब भी वे क्षेत्र के नागरिकों की शिकायतों के संबंध में एसपी से फोन पर संपर्क करती हैं, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता या मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती. उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार तो फोन कॉल का भी जवाब नहीं दिया जाता. विधायक ने इस व्यवहार को जनप्रतिनिधि की गरिमा के विपरीत बताते हुए एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है|
CM ने विधानसभा में लिखित जवाब प्रस्तुत किया
इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विधानसभा में लिखित जवाब प्रस्तुत किया. जवाब में बताया गया कि विधायक द्वारा वर्ष 2025 में सात पत्र लिखे गए थे, जिनमें विभिन्न मामलों की जानकारी दी गई थी. इन पत्रों के संबंध में संबंधित अधिकारियों द्वारा समय-समय पर अवगत कराया गया. जानकारी के अनुसार, दो मामलों में 20 जनवरी 2026 को सूचना दी गई, एक प्रकरण में 12 जनवरी को तथा अन्य मामलों में नवंबर और अक्टूबर 2025 में जानकारी उपलब्ध कराई गई थी|सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए सक्षम अधिकारियों से जानकारी लेने और अवगत कराने का अधिकार है. अधिकारियों को भी इस संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश हैं|हालांकि विधायक का कहना है कि कागजी जवाब और जमीनी हकीकत में अंतर है. उनके अनुसार, कई मामलों में कार्रवाई में देरी होती है, जिससे जनता में असंतोष बढ़ता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि क्षेत्र की समस्याओं का त्वरित समाधान है|
28 फरवरी को सैलरी ट्रांसफर, यूपी सरकार ने दी खुशखबरी
26 Feb, 2026 02:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने होली से पहले अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा तोहफा दिया है. सरकार के अनुसार, फरवरी महीने का वेतन 28 फरवरी को ही जारी कर दिया जाएगा. इसके साथ ही पेंशन का भी भुगतान किया जाएगा. सरकार ने यह निर्णय होली जैसे बड़े त्योहार होने की वजह से लिया है. ताकि त्योहार में किसी को पैसे की कोई दिक्कत न हो सके. जानें यूपी सरकार ने क्या कहा? इसके लिए राज्यपाल ने प्रदेश सरकार को इजाजत दे दी है. राज्यपाल से इजाजत मिलने के बाद यूपी सरकार ने आदेश जारी कर दिया है. जिसके अनुसार, 1 मार्च को रविवार होने की वजह से सामान्य अवकाश रहेगा और 2 मार्च को होलिका दहन के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा. ऐसे में लगातार अवकाश के चलते वेतन बांटने में किसी प्रकार की कोई समस्या न हो. इसलिए सरकार ने 28 फरवरी को ही वेतन देने का फैसला लिया है. यूपी सरकार की इस पहल से कर्मचारी वर्ग और पेंशनर्स काफी खुश हैं।
28 फरवरी को होगा भुगतान
दरअसल, यह आदेश वित्त विभाग ने जारी किया है. वित्त विभाग के वित्त (लेखा) अनुभाग-1 के अनुसार, 1 मार्च और 2 मार्च 2026 को लगातार अवकाश रहेगा, जिसकी वजह से वेतन भुगतान में समस्या हो सकती है. ऐसे में प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, शहरी स्थानीय निकायों और पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों का भुगतान 28 फरवरी को ही किया जाएगा. सरकार ने इसके लिए सभी जिलाधिकारियों एवं मुख्य कोषाधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा लाभ
सरकार ने होली से पहले बड़ा कदम उठाते हुए कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत दी है. आदेश में स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर भुगतान में देरी न हो. यूपी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा और वे त्योहार के मौके पर अपनी खुशी जाहिर कर सकेंगे।
इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ फॉलोअर्स के साथ दुनिया के पहले राजनेता बने पीएम मोदी
26 Feb, 2026 12:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. सोशल मीडिया के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी के 100 मिलियन यानी 10 करोड़ फॉलोअर्स पूरे हो चुके हैं और इसी के साथ उन्होंने विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. पीएम मोदी दुनिया के पहले ऐसे राजनेता बन गए हैं, जिन्होंने इस मुकाम को हासिल किया है।
साल 2014 से इंस्टाग्राम की यात्रा शुरू हुई
बता दें कि साल 2014 में उन्होंने पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी और इसी वर्ष के साथ उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी यात्रा की शुरुआत की थी. साल 2014 से लेकर अब तक पीएम मोदी के चाहने वालों की संख्या दिन-प्रतिदिन लगातार बढ़ती गई है. इंस्टाग्राम के जरिए ही पीएम मोदी की राजनीतिक छवि और जनसंपर्क मजबूत हुआ साथ ही वह दुनिया भर के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक बन गए हैं. पीएम मोदी की इस सफलता से पता चलता है कि जनता और एक नेता के बीच कितना गहरा लगाव है।
‘डिजिटल इंडिया’ को बढ़ावा मिला
प्रधानमंत्री मोदी के इंस्टाग्राम पर ऐक्टिव रहने और अपनी निजी लाइफ की झलकियां शेयर करने की सरल रणनीति ने उन्हें आम जनता के बेहद करीब ला दिया है. उनके नेतृत्व में ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को जो रफ्तार मिली उसी का नतीजा है कि साल 2014 से 2026 के बीच करोड़ों भारतीयों के हाथों में इंटरनेट पहुंचा और उन्होंने डिजिटल माध्यम से अपनी बात रखनी शुरू की।
डोनाल्ड ट्रंप को पीछे छोड़े पीएम मोदी
इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन (10 करोड़) फॉलोअर्स का आंकड़ा छूने के साथ ही पीएम मोदी दुनिया के सभी राजनेताओं में पहले स्थान पर हैं. दूसरे स्थान पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं जिनके इंस्टाग्राम पर 43.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं. यानी वैश्विक स्तर पर सबसे ताकतवर माने जाने वाले नेता भी पीएम मोदी की लोकप्रियता से काफी पीछे हैं. वहीं इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के 15 मिलियन, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला के 14.4 मिलियन और तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयप एर्दोगन के 11.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं. इसके अलावा, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई के इंस्टाग्राम पर 6.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं।
पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर कितने पोस्ट किए?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का जादू इंस्टाग्राम पर भी सिर चढ़कर बोल रहा है. साल 2014 में शुरू हुए उनके ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर अब तक करीब 1205 पोस्ट किए जा चुके हैं. दिलचस्प बात यह है कि पीएम मोदी खुद किसी को भी फॉलो नहीं करते, लेकिन उन्हें फॉलो करने वालों का आंकड़ा 10 करोड़ (100 मिलियन) को पार कर चुका है. इतनी बड़ी संख्या उन्हें दुनिया के अन्य सभी बड़े नेताओं से कहीं आगे खड़ा करती है.
यह उपलब्धि साफ दिखाती है कि वे न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया के डिजिटल मंच पर सबसे प्रभावशाली और लोकप्रिय लीडर बन चुके हैं।
ब्लैक कॉफी से दिन की शुरुआत, जानिए अमित शाह की डाइट
26 Feb, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया: देश के गृह मंत्री अमित शाह एक बार फिर सीमांचल के तीन दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं. इस दौरे पर वे किशनगंज, अररिया और पूर्णिया में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे. लेकिन इस बार चर्चा उनके राजनीतिक मिशन के साथ-साथ उनके रहन-सहन और खान-पान की भी हो रही है. पूर्णिया के गुलाबबाग जीरो माइल स्थित मेफेयर होटल में अमित शाह का रात्रि विश्राम तय है. यह होटल न केवल बिहार का सबसे बड़ा होटल है. बल्कि अब यह गृह मंत्री का पसंदीदा ठिकाना भी बन चुका है.
38 एकड़ में फैला ‘लग्जरी’ का ठिकाना
क्षेत्रफल की दृष्टि से बिहार के इस सबसे बड़े होटल में अमित शाह का यह दूसरा प्रवास होगा. 38 एकड़ में फैले इस 5-सितारा होटल में क्रिकेट ग्राउंड, स्विमिंग पूल, भव्य मंदिर, स्पा सेंटर और स्वीट रूम जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं मौजूद हैं. होटल के जनरल मैनेजर रूपेश कुमार के अनुसार गृहमंत्री अमित शाह को यहां की हरियाली और शांति बहुत पसंद आती है. यही वजह है कि व्यस्त चुनावी और प्रशासनिक दौरों के बीच वे इस शांत और भव्य परिसर को चुनते हैं.
ब्लैक कॉफी के शौकीन और सेहत के प्रति सजग
न्यूज 18 लोकल से बातचीत में होटल के जीएम रूपेश कुमार ने गृह मंत्री की पसंद से जुड़े कई दिलचस्प खुलासे किए. उन्होंने बताया कि अमित शाह अपनी सेहत को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं. उनकी डाइट काफी संतुलित है. अमित शाह को ब्लैक कॉफी बेहद पसंद है. वे दिन भर में करीब 4 बार ब्लैक कॉफी पीते हैं. दिलचस्प बात यह है कि जब भी कोई उनसे मिलने आता है, तो वे बड़े प्यार से उन्हें भी ब्लैक कॉफी पीने का ऑफर करते हैं. उनकी यह सादगी और दूसरों का ख्याल रखने का अंदाज होटल स्टाफ को काफी प्रभावित करता है.
खाने में क्या है पसंद, जानें फिटनेस मंत्र
अमित शाह को पूर्णिया की धरती पर उगी ऑर्गेनिक सब्जियां भाती हैं. उनके मेन्यू में ताजी गोभी, पालक और अन्य मौसमी हरी सब्जियां खास तौर पर शामिल की जाती हैं. वे जंक फूड से पूरी तरह परहेज करते हैं और सादा भोजन पसंद करते हैं. गृह मंत्री अपनी भारी व्यस्तता के बावजूद फिटनेस से समझौता नहीं करते. वे होटल के जिम में घंटों वक्त बिताते हैं. ट्रेडमिल पर व्यायाम करते हैं. वे न केवल खुद फिट रहते हैं, बल्कि स्टाफ और मिलने वालों को भी व्यायाम करने और स्वस्थ रहने की सलाह देते हैं.
किले में तब्दील हुआ होटल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
26 फरवरी की रात अमित शाह इसी होटल में ठहरेंगे. उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन और होटल मैनेजमेंट हाई अलर्ट पर है. सुरक्षा इतनी कड़ी है कि बिना आईडी कार्ड और पुलिस वेरिफिकेशन के होटल परिसर में परिंदा भी पर नहीं मार सकता. होटल के हर कोने पर सीसीटीवी और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है.
दौरे का मुख्य उद्देश्य, सीमा सुरक्षा पर मंथन
27 फरवरी को अमित शाह पूर्णिया में ही भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों के अधिकारियों के साथ बड़ी बैठक करेंगे. 700 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा, घुसपैठ और आर्थिक प्रबंधन जैसे गंभीर मुद्दों पर इस दौरे के दौरान नीति बनाई जाएगी. गृह मंत्री का यह दौरा सीमांचल की सुरक्षा की दृष्टि से मील का पत्थर साबित हो सकता है.
बीजेपी ने राहुल गांधी को घेरा, उमर खालिद से तुलना पर मचा घमासान
26 Feb, 2026 09:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली|भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने दिल्ली ऑफिस के बाहर बड़े पोस्टर लगाए हैं, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तुलना 2020 के दिल्ली दंगों के जेल में बंद आरोपी उमर खालिद से की गई है. यह पोस्टर BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता R.P. सिंह ने लगाए हैं|दरअसल, यह पोस्टर दिल्ली में हुए AI Impact Summit के दौरान शर्टलेस प्रदर्शन के विरोध में लगाए गए हैं. भाजपा ने राहुल गांधी को ही AI Impact Summit के दौरान हुए प्रदर्शन का जिम्मेदार ठहराया है और 2020 के दंगे में शामिल आरोपी उमर खालिद से तुलना की है. पोस्टर में लिखा, एक अराजक तरीका, देशद्रोहियों के अलग-अलग चेहरे. यानी पोस्टर के माध्यम से भाजपा कहना चाह रही है कि अराजकता का तरीका केवल एक है, बस देश विरोधी चेहरे बदलते रहते हैं|
पोस्टर में क्या?
पोस्टर में एक तरफ 2020 के दिल्ली दंगे के मुख्य उमर खालिद की फोटो लगी है, जिसमें उसे सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए दिखाया गया है, तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष के नेता राहुल गांधी हैं, जिन्हें शर्टलेस कार्यकर्ताओं की तस्वीरों के साथ दिखाया गया है, जो एआई समिट का विरोध कर रहे हैं. हालांकि, दिल्ली भाजपा कार्यालय के बाद पोस्टर लगने के बाद कांग्रेस के बड़े नेताओं का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है|
क्या है शर्टलेस प्रदर्शन विवाद?
दिल्ली के भारत मंडपम में AI Impact Summit के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस प्रदर्शन किया था. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु चिब समेत कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है. भानु चिब को पटियाला कोर्ट ने मंगलवार को 4 दिनों की रिमांड पर भेज दिया है. भाजपा ने पोस्टर के माध्यम से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को घेरने का प्रयास किया है|
भारत-फिलीपींस संबंधों को नई मजबूती देने की जिम्मेदारी
25 Feb, 2026 05:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
असम कांग्रेस के अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य गौरव गोगोई को इंडिया-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह का अध्यक्ष बनाने का नाकांकन हुआ है। उनके नामांकन पर असम के मुख्यमंत्री ने बयान दिया था कि गोगोई को पाकिस्तान से जुड़ी जिम्मेदारी दी जानी चाहिए थी। इस पर गोगोई ने कहा कि सीएम के बयानों पर किसी गंभीर जवाब की जरूरत नहीं है।पत्रकारों से बात करते हुए गोगोई ने कहा कि पार्लियामेंट्री नियुक्ति पर राजनीतिक बयान बाजियां करने के बजाय गवर्नेंस और लोगों की भलाई पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा मुख्यमंत्री के बयानों को गंभीरता से लेने की ज़रूरत नहीं है। सब कुछ साफ-साफ लिखकर बताया गया है, और ऐसे कमेंट्स को बेवजह अहमियत देने की कोई ज़रूरत नहीं है। गोगोई ने कहा मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो हर राजनीतिक बयान पर प्रतिक्रिया दे। मेरी ज़िम्मेदारी संसद और मुझे चुनने वाले लोगों के प्रति है।संसदीय मैत्री समूह एक तय संस्थागत प्रक्रिया के जरिए बनाए जाते हैं और इनका मकसद भारत के वैश्विक संसदीय जुड़ाव को मज़बूत करना है। उन्होंने आगे कहा, “फिलीपींस के साथ संसदीय मैत्री समूह दो लोकतांत्रिक देशों के बीच कोऑपरेशन और बातचीत बढ़ाने के लिए बनाया गया है। यह लोकसभा की सौंपी हुई ज़िम्मेदारी है, और मैं इसे पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा।”
‘गांधी परिवार ने देश से किया समझौता’ – Piyush Goyal का बड़ा आरोप
25 Feb, 2026 05:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली।एआई समिट की प्रदर्शन में भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं के शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग जारी है। इसी कड़ी में, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का भी जिक्र किया।पीयूष गोयल ने कहा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पटना में पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि किस तरह गांधी परिवार 'समझौता करने वाली राजनीति' का उदाहरण रहा है। पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस पार्टी लगातार देशहित से समझौता करती रही है। उन्होंने कहा, कांग्रेस का इतिहास हो या वर्तमान या फिर भ्रष्टाचार से जुड़े विभिन्न मामले, इन सभी से संकेत मिलते हैं कि पार्टी विदेशी ताकतों के प्रभाव में जनहित और राष्ट्रहित से समझौता करती रही है। इस तरह की राजनीति देश और देशवासियों के उज्ज्वल भविष्य को नुकसान पहुंचाती है और इसके अनेक उदाहरण जनता के सामने हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कभी सोरोस तो कभी पाकिस्तान जैसे मुद्दों पर अपने ही देश के खिलाफ रुख अपनाते नजर आते हैं। केंद्रीय मंत्री गोयल ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का काम किया है और वह विदेशी ताकतों के प्रभाव में काम करते दिखाई देते हैं।गोयल ने राहुल गांधी को 'नकारात्मक राजनीति के पोस्टर ब्वॉय' बताते हुए कहा कि वह 247 बार विदेश यात्राएं कर चुके हैं और कई बार प्रोटोकॉल की अनदेखी की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संवेदनशील सीमा क्षेत्र लद्दाख में राहुल गांधी ऐसे विदेशी व्यक्तियों के संपर्क में रहे जो भारत के हितों के खिलाफ काम करते हैं।बोफोर्स मामले का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि एक मित्र ओटावियो को बचाने के लिए निष्पक्ष जांच नहीं होने दी गई और गांधी परिवार ने देश से समझौता किया। उन्होंने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी के दौर में भी कांग्रेस पर विदेशी एजेंसियों के प्रभाव के आरोप लगते रहे।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केवल सोनिया गांधी और राहुल गांधी ही नहीं, बल्कि जवाहरलाल नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक, परिवार के कई नेताओं पर देशहित से समझौते के आरोप लगे। उन्होंने 1971 के शिमला समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि 93 हजार पाकिस्तानी युद्धबंदियों को रिहा कर दिया गया, लेकिन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर वापस क्यों नहीं लिया गया?उन्होंने यह भी कहा कि 1954 में नेहरू ने तिब्बत में भारत के अधिकार छोड़ दिए थे, जो एक और बड़ा समझौता था। उन्होंने दावा किया कि नेहरू-गांधी परिवार की राजनीति हमेशा से देशहित के साथ समझौते की रही है।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते के विरोध में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जवाहर चौक पर कांग्रेस ने 'किसान महाचौपाल' में राहुल गांधी ने सरकार पर जमकर निशाना साधा था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अंतरराष्ट्रीय समझौते के जरिये देश के किसानों के हितों से समझौता किया। उन्होंने कहा कि यह समझौता चार महीने तक रुका हुआ था और कृषि से जुड़े मुद्दों पर बातचीत ठप पड़ी थी। राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने इस दौरान संबंधित मंत्रियों से कोई चर्चा नहीं की और अचानक फैसला ले लिया।राहुल गांधी ने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि अमेरिका की बड़ी कंपनियां सोया, कपास और मक्का जैसे कृषि उत्पाद भारत में बेचें, क्योंकि इससे भारतीय किसानों को नुकसान हो सकता था। उनके अनुसार, चार महीने तक बातचीत रुकी रही, लेकिन उनके भाषण के बाद प्रधानमंत्री ने बिना कैबिनेट से चर्चा किए अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन कर समझौते के लिए सहमति दे दी। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश के किसानों को कमजोर किया और उनका डाटा तक बाहर दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से कपड़ा उद्योग भी प्रभावित हुआ है।
सिंधिया का ऐलान—दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा
25 Feb, 2026 02:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीएसएनएल के निदेशक विवेक बंजल के प्रस्तावित प्रयागराज दौरे वाला विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे अनुचित और अस्वीकार्य बताया। साथ ही यह भी कहा कि निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है।दरअसल दौरे की तैयारी में करीब 50 अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपे जाने के निर्देश थे। निजी उपयोग की वस्तुओं तक की व्यवस्था के लिखित निर्देश थे। इसके बाद से ही ये पत्र वायरल हो गया। और मामले ने तूल पकड़ लिया।
क्या बोले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया?
सिंधिया ने साफ कहा कि स्थापित नियमों और प्रशासनिक परंपराओं का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निदेशक को सात दिन में जवाब देने को कहा गया है। जवाब मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि यह 21वीं सदी है और इस तरह का व्यवहार चौंकाने वाला है। सरकार ने यह भी कहा कि संस्थागत अनुशासन और प्रोटोकॉल का पालन सर्वोपरि है।
दौरे की तैयारी में क्या-क्या लिखा गया था?
कार्यालय आदेश के अनुसार विवेक बंजल 25-26 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर प्रयागराज आने वाले थे। 19 फरवरी को जारी प्रोटोकॉल नोटिस में लगभग 50 अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग-अलग कार्य सौंपे गए। कार्यक्रम में स्वागत, संगम स्नान, नौका विहार और बड़े हनुमान मंदिर, अक्षयवट तथा पातालपुरी मंदिर के दर्शन शामिल थे। हर स्थल पर किस अधिकारी की क्या भूमिका होगी, यह लिखित में दर्ज था।
स्नान किट से लेकर होटल व्यवस्था तक निर्देश
सबसे ज्यादा विवाद स्नान किट की सूची को लेकर हुआ। आदेश में संगम स्नान के समय तौलिया, अंडरवियर, चप्पल, कंघी, दर्पण और तेल की बोतल तक की व्यवस्था का उल्लेख था। पुरुषों के लिए छह किट और महिलाओं के लिए दो किट का निर्देश दिया गया था। इसके अलावा घाट पर बेडशीट रखने और होटल व सर्किट हाउस में सूखे मेवे, फल, शेविंग किट, टूथपेस्ट, ब्रश, साबुन, शैम्पू और तेल की व्यवस्था करने की बात लिखी गई थी। कुल 20 कार्यों के लिए करीब 50 अधिकारियों को तैनात किया गया था।
आदेश वायरल होते ही दौरा रद्द
जैसे ही यह कार्यालय आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। इसके बाद आनन-फानन में निदेशक का प्रयागराज दौरा रद्द कर दिया गया। प्रयागराज के एक वरिष्ठ बीएसएनएल अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यह विभाग की छवि खराब करने की कोशिश हो सकती है, लेकिन उन्होंने आदेश की सत्यता पर टिप्पणी करने से इनकार किया। एक अन्य अधिकारी ने भी कहा कि दौरा रद्द हो चुका है, पर आदेश पर कुछ नहीं कहा।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहला मामला नहीं है जब किसी अधिकारी के व्यवहार पर सवाल उठे हों। दिल्ली में स्टेडियम खाली कराकर कुत्ता घुमाने के आरोप में चर्चा में आए अधिकारी संजीव खैरवार का मामला पहले सुर्खियों में रहा था। तब उन्हें दिल्ली से बाहर तैनात किया गया था। अब बीएसएनएल प्रकरण ने फिर से प्रशासनिक मर्यादा और प्रोटोकॉल पर बहस छेड़ दी है। सरकार ने संकेत दिया है कि मामले को हल्के में नहीं लिया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई होगी।
इजराइल यात्रा पर घमासान, कांग्रेस बनाम बीजेपी आमने-सामने
25 Feb, 2026 11:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्राइल दौरे से पहले उन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी ऐसे समय में नैतिक कायरता दिखा रहे हैं, जब पूरी दुनिया उनके प्यारे दोस्त की आलोचना कर रही है।
नेहरू और पुराने दौर की याद दिलाई
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में रमेश ने फिलिस्तीन के समर्थन में पुरानी सरकारों के कदमों को याद किया। उन्होंने बताया कि 20 मई 1960 को जवाहरलाल नेहरू गाजा गए थे और वहां संयुक्त राष्ट्र की भारतीय टुकड़ी से मिले थे। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भारत ने 29 नवंबर 1981 को फिलिस्तीन के साथ एकजुटता दिखाने के लिए एक यादगार डाक टिकट जारी किया था। इसके बाद 18 नवंबर 1988 को भारत ने फिलिस्तीन को औपचारिक रूप से एक देश के तौर पर मान्यता दी थी।रमेश ने लिखा, 'वह एक अलग दौर था। अब भारतीय प्रधानमंत्री खुलेआम इस्राइल के प्रधानमंत्री को गले लगा रहे हैं। नेतन्याहू ने गाजा को मलबे और धूल में बदल दिया है और वे अवैध बस्तियों को बढ़ाने की साजिश कर रहे हैं। जब पूरी दुनिया नेतन्याहू की बुराई कर रही है, तो मोदी नैतिक रूप से कायरता दिखा रहे होंगे।'
प्रियंका गांधी ने की न्याय की मांग
इससे पहले कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पीएम मोदी से एक अपील की। उन्होंने कहा कि जब पीएम इस्राइल की संसद (नेसेट) में बोलें तो वे गाजा संघर्ष पर भी बात करें। प्रियंका ने लिखा, 'मुझे उम्मीद है कि पीएम मोदी गाजा में मारे गए हजारों बेगुनाह लोगों के नरसंहार का जिक्र करेंगे और उनके लिए न्याय की मांग करेंगे। भारत हमेशा सच्चाई और शांति के लिए खड़ा रहा है।'
25-26 फरवरी को होगा दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 और 26 फरवरी को इस्राइल के राजकीय दौरे पर रहेंगे। यह दौरा इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बुलावे पर हो रहा है। यह मोदी का इस्राइल का दूसरा दौरा है। इससे पहले 2017 में वे वहां जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे।
इन मुद्दों पर होगी बात
इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी और नेतन्याहू के बीच मुलाकात होगी। दोनों नेता भारत और इस्राइल की साझेदारी की समीक्षा करेंगे। वे विज्ञान, तकनीक, रक्षा, सुरक्षा, खेती, पानी के प्रबंधन, व्यापार और अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बात करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। पीएम मोदी इस्राइल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से भी मिलेंगे। इस्राइल के पीएम नेतन्याहू ने रविवार को इस दौरे को ऐतिहासिक बताया था। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है।
जनकल्याण पर फोकस, सरकार का बड़ा ऐलान
24 Feb, 2026 05:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नए प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर, सेवा तीर्थ में अपनी पहली बैठक में संकल्प लिया कि नए भवन में लिया गया प्रत्येक निर्णय 1.4 अरब नागरिकों के प्रति सेवा की भावना से प्रेरित होगा और राष्ट्र निर्माण के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा होगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह भी संकल्प लिया गया कि मंत्रिमंडल के लिए संवैधानिक मूल्य उस नैतिक प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति हैं, जो शासन को प्रत्येक नागरिक की गरिमा, समानता और न्याय से जोड़ती है।
जनता की आकांक्षाओं के प्रति जवाबदेह होगा हर निर्णय
इस संकल्प के अनुसार सेवा तीर्थ में कार्य संस्कृति उस भावना से निर्देशित होगी, जहां प्रत्येक नीति संविधान के मूलभूत लोकाचार के अनुरूप होगी। प्रत्येक निर्णय जनता की आकांक्षाओं के प्रति जवाबदेह होगा। यह बैठक और यह इमारत 'सेवा संकल्प' प्रस्ताव के अनुसार नए भारत के पुनर्निर्माण की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति हैं।सेवा संकल्प प्रस्ताव में कहा गया है, 'इस शुभारंभ के साथ हम उस भविष्य का स्वागत करते हैं जिसकी नींव सदियों के प्रयासों से रखी गई है। स्वतंत्रता के बाद, कई दशकों तक, सरकारों ने साउथ ब्लॉक स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय से कार्य किया, विरासत को संरक्षित किया और भविष्य की परिकल्पना की।'
सेवा संकल्प प्रस्ताव में क्या कहा गया?
प्रस्ताव में कहा गया है, 'हमने एक ऐसे भारत की कल्पना की जिसकी विचारधारा स्वदेशी हो, जिसका स्वरूप आधुनिक हो और जिसकी क्षमता असीमित हो। आज, सेवा तीर्थ उसी परिकल्पना का साकार रूप है, जो लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत के गौरव को और बढ़ाएगा। इस अवसर पर हम इस स्थान के इतिहास को भी याद करते हैं। ब्रिटिश काल की अस्थायी बैरकों के स्थान पर 'सेवा तीर्थ' का निर्माण किया गया है। उस स्थान पर राष्ट्रीय शासन की एक सक्रिय संस्था की स्थापना भी नए भारत के रूपांतरण का प्रतीक है।'
सिंचाई और पंप कनेक्शन के लिए विशेष वित्तीय सहायता
24 Feb, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सत्र 2026-27 का बजट सदन में पेश किया है. बजट में सरकार ने किसानों को विशेष महत्व दिया है. सदन में बजट पेश करते हुए मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि किसानों के लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है. उन्होंने बजट में किसानों को मिलने वाले लाभ के बारे में बताया कि किसानों को ब्याज मुक्त लोन मिलेगा. इसके लिए सरकार ने 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.
दलहन के लिए बजट में 100 करोड़ का प्रावधान
वित्त मंत्री ने कहा कि दलहन फसलों के लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है. सरकार ने कृषि पंपो के लिए बजट में 5500 करोड़ का प्रावधान किया है. वहीं मार्कफेड के लिए सरकार ने बजट में 6000 करोड़ का प्रवधान किया है. उन्होंने बताया कि सरकार ने 437 लाख मिट्रिक की धान खरीदी की गई है.
सिकासार लिंर्किंग परियोजना के लिए 3047 करोड़ का प्रावधान
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट पेश करते हुए कहा कि सिकासार लिंकिंग परियोजना के लिए सरकार ने 3047 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. उन्होंने बताया कि भूमिहीन किसाना परिवारों के लिए 10 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है. वहीं नेचुरल फॉर्मिंग के लिए सरकार ने बजट में 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.
महापंचायत से पहले बयानबाजी, कृषि ज्ञान पर उठे सवाल
24 Feb, 2026 02:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज राहुल गांधी किसान महापंचायत करने जा रहे हैं. लेकिन इससे पहले सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला हैं. CM मोहन यादव ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘ चौपाल लगाई जा रही है अच्छी बात है लेकिन राहुल गांधी रबी और खरीफ की फसल क्या होती है ये भी अच्छी तरह से जान लें. एमपी के दुग्ध उत्पादन के लिए भी राहुल गांधी बोलें. राहुल गांधी आज आ रहे हैं, हम 365 दिन किसानों के लिए काम कर रहे हैं।’
राहुल गांधी माफी मांगें- सीएम मोहन यादव
सीएम ने आगे कहा कि ‘राहुल गांधी माफी मांगे क्योंकि कांग्रेस ने मप्र में कुछ नहीं किया. 2003 तक साढ़े सात लाख हेक्टेयर सिंचाई रकवा क्यों रहा, कांग्रेस ने किसानों के साथ अन्याय किया. कांग्रेस ने 55 साल में सिंचाई में जो कुछ किया. उससे अधिक तो हमने डेढ़ साल में कर दिया. ये किसानो के लिए आदर्श जगह है. राहुल गांधी को अपने कार्यकर्ताओं को डांट लगाना चाहिए’।
कपड़े उतारकर प्रदर्शन करना गंदी मानसिकता-सीएम मोहन यादव
उन्होंने कहा कि- इंडिया इंपैक्ट एआई समिट में कपड़े खोलकर प्रदर्शन के लिए अपने यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को डांट लगाना चाहिए. सीएम मोहन यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में सबसे ज्यादा कॉटन मिलें बंद हुईं. एआई समिट के दौरान कांग्रेस के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए सीएम ने कहा कि कपड़े उतारकर प्रदर्शन करना गंदी मानसिकता है इसे देश और प्रदेश की छवि खराब होती है।
ये रहा राहुल गांधी का पूरा कार्यक्रम
बता दें कि राहुल गांधी दोपहर समय 14:00 बजे जवाहर चौक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे. 4 घंटे भोपाल में ट्रेड डील के खिलाफ महा पंचायत के कार्यक्रम में शामिल होंगे और जनता को संबोधित करेंगे. इसके बाद समय 16:15 बजे वापस दिल्ली के लिए रवाना होंगे. राहुल गांधी के महापंचायत को सफल बनाने के लिए कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता ने पूरी तैयारियां कर ली हैं।
पेंशन मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने
24 Feb, 2026 12:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के तीसरे दिन की कार्यवाही मंगलवार को प्रश्न काल से शुरू हुई। इससे पहले कांग्रेस के विधायकों ने सरकार के खिलाफ भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अगुवाई में मार्च निकाला। बजट सत्र के दौरान बुढ़ापा पेंशन को लेकर हंगामा हो गया। कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला ने पूछा कि कितने लोगों की वृद्धावस्था पेंशन जांच के नाम पर रोकी गई है। 2024 के बाद कितने पेंशन रोकी गई हैं। इसका क्या पैमाना है।
जवाब में कृष्ण बेदी ने काटी गई पेंशन के आंकड़े गिनाए तो इस पर विधायक ने कहा-इतना टाइम वेस्ट करने की जरूरत नहीं। सिर्फ यह बताएं कि कितनी पेंशन वेरिफिकेशन के नाम पर रोकी हैं। इस पर बेदी बोले-तसल्ली तो बैठानी पड़ेगी। आप लोग गुमराह कर रहे हैं। इस पर सीएम नायब सैनी ने कहा कि विपक्ष ने बुजुर्गों के बीच अफवाह फैलाकर पाप किया है। हम तो पेंशन बढ़ा कर उनका सम्मान बढ़ा रहे हैं। मंत्री ने सही जवाब दिया है कि अगर कोई शिकायत आती है तो सरकार की जिम्मेदारी है जांच कराना। अब कोई पेंशन रोकी नहीं है। सारी जारी कर दी है।
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