राजनीति
सिंघवी और अठावले समेत कई नेता निर्विरोध निर्वाचित, बाकी 11 सीटों पर चुनावी टक्कर
10 Mar, 2026 09:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Rajya Sabha Election: राज्य सभा की 37 सीटों में से 26 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। दरअसल, 10 राज्यों की इन सीटों के लिए 40 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। अब 11 सीटों पर 14 प्रत्याशी मैदान में हैं। जो प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, उनमें अभिषेक मनु सिंघवी, शरद पवार, रामदास अठावले और राहुल सिन्हा का नाम शामिल है।
दरअसल, कई राज्यों में विपक्षी पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों का ऐलान किया था, इसलिए इन नेताओं ने निर्विरोध जीत दर्ज की है। अब बिहार, हरियाणा और ओडिशा की 11 सीटों पर चुनाव होगा।
किन राज्यों की कितनी सीटों पर होगा चुनाव?
37 में से 26 निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद अब 11 सीटों पर चुनाव होगा। इन सीटों पर 14 प्रत्याशी मैदान में हैं। बिहार की 5, ओडिशा की 4 और हरियाणा की 2 सीटों पर वोटिंग होगी। इन सीटों पर 16 मार्च को मतदान किया जाएगा।
जो सबसे ज्यादा चर्चा में है वो बिहार की पांच सीटें हैं। हालांकि बिहार से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना तय माना जा रहा है, लेकिन पांचवीं सीट के लिए किसी भी गठबंधन के पास पर्याप्त नंबर गेम नहीं है।
वहीं हरियाणा में भी कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है। इसके लिए पार्टी ने अपनी रणनीति तय कर ली है। वोटिंग के दिन तक अपने विधायकों को कांग्रेस शासित राज्य में शिफ्ट करने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस अपने विधायकों को हिमाचल प्रदेश शिफ्ट कर सकती है। हरियाणा में कांग्रेस का इतिहास रहा है कि क्रॉस वोटिंग के चलते उनके प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ता है।
प्रधानमंत्री का बयान: बजट का मूल उद्देश्य जनता की उम्मीदों को पूरा करना
10 Mar, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बजट-पश्चात वेबिनार शृंखला के चौथे सत्र को संबोधित किया। इस वेबिनार की थीम “सबका साथ, सबका विकास – जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति” रही। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के बजट का मूल उद्देश्य देशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करना है और सरकार उसी दिशा में काम कर रही है।
प्रधानमंत्री ने वेबिनार में शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल और संस्कृति जैसे क्षेत्रों को देश के समग्र विकास का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं से बजट में की गई घोषणाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सुझाव देने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने कहा, “जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति मात्र एक विषय नहीं है, यह इस बजट का मूल उद्देश्य और इस सरकार का संकल्प है।”
प्रधानमंत्री ने निवारक और समग्र स्वास्थ्य की परिकल्पना पर जोर देते हुए स्वास्थ्य अवसंरचना के तेजी से सुदृढ़ीकरण और योग एवं आयुर्वेद की वैश्विक लोकप्रियता का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि सैकड़ों जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं। आयुष्मान भारत योजना और आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच का विस्तार हुआ है।
विदेश नीति पर बयान को लेकर तनातनी: जयशंकर पर थरूर का सवाल
10 Mar, 2026 07:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को मिडिल ईस्ट के हालात पर संसद में बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया में बदलते हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। गल्फ देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं। ताजा हालात को देखकर उन्हें सुरक्षित भारत लाने का ऑपरेशन तेजी से जारी है। हालांकि, मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस जयशंकर के बयान से संतुष्ट नहीं है। पार्टी ने दो टूक कहा कि पश्चिम एशिया के मुद्दे पर वे चर्चा चाहते हैं। वहीं इस मामले पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रतिक्रिया दी है।
थरूर ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर विदेश मंत्री जयशंकर के बयान को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनका बयान सुना है, लेकिन हम इस मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं। यह एक बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है। देश इससे बुरी तरह प्रभावित है। हमारी ऊर्जा सुरक्षा खतरे में है।
थरूर ने कहा कि सोमवार सुबह तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई। कतर से गैस की आपूर्ति पूरी तरह से बंद कर दी गई है। फिलहाल कतर से हमारे कारखानों को भारत में गैस नहीं मिल रही है। हम पूर्वी देशों से गैस प्राप्त कर सकते हैं।
थरूर ने कहा कि परसों ही एलपीजी की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई, और निश्चित रूप से, पेट्रोल भी महंगा होगा। इसलिए यह सब हमारे देश के लिए एक गंभीर समस्या बनने वाला है। इसके बाद हमें सरकार से एक बहुत ही जिम्मेदार और सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता की उम्मीद है।
थरूर ने कहा कि सदन में बिना चर्चा के बस बयान पढ़ देना गलत है। यही वजह है कि जयशंकर के बयान पर कांग्रेस पार्टी ने नाराजगी जाहिर की है। थरूर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों को लेकर कई अहम सवाल हैं। संसद ऐसी जगह है जहां इन मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। हम ये नहीं कह रहे कि हम सरकार हैं।
बिहार की राजनीति में नया सवाल, क्या निशांत उठा पाएंगे नीतीश की विरासत
9 Mar, 2026 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार जेडीयू में शामिल हो गए हैं. पार्टी में बड़े नेता जरूर हैं लेकिन अपने पिता की सियासी विरासत को निशांत कितना संभाल पाएंगे ये सबसे बड़ा सवाल है. पार्टी के युवा विधायक हों या फिर कार्यकर्ता, उन्हें निशांत पर भरोसा है. वे काफी दिनों से मांग कर रहे थे कि निशांत आएं. उनके आने से पार्टी बचेगी. अब जब वे जेडीयू में शामिल हो ही गए हैं तो उनके सामने एक दो नहीं बल्कि पांच ऐसी चुनौतियां हैं जिससे उनका सामना होगा. इसे समझिए|
1) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुरू से अति पिछड़ा वोट बैंक को गोल बंद करने की राजनीति की. यही वजह रही कि 1994 में जैसे ही वह लालू यादव से अलग हुए तो 1995 में उन्होंने अकेले दम पर समता पार्टी से चुनाव लड़ा. एक साल में ही सात सीटों पर कब्जा जमाया था और 2000 में वह संख्या बढ़कर 37 हो गई थी. इसकी बड़ी वजह रही थी कि गैर यादव पिछड़ा और अति पिछड़ा का वोट नीतीश के पाले में जाता रहा. ऐसे में निशांत कुमार के लिए बड़ी चुनौती होगी कि जेडीयू का जो कोर वोटर है उसमें कोई बिखराव नहीं हो|
2) 2005 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से नीतीश कुमार ने महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया. यही वजह रही कि हर चुनाव में महिला वोट नीतीश के पाले में जाते रहा. महिला वोटर्स के लिए उन्होंने कई तरह की योजनाओं को लागू किया. शराबबंदी जैसे बड़े फैसले लिए. ऐसे में निशांत को भी सरकार में रहकर महिलाओं से जुड़ी योजनाओं पर ज्यादा से ज्यादा फोकस करना होगा|
3) दूसरी ओर निशांत को जेडीयू के सभी बड़े नेताओं, छोटे नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का भरोसा जीतना होगा ताकि आने वाले 2030 के बिहार विधानसभा चुनाव में निशांत की अलग पहचान बन सके. इस पर उन्हें विशेष काम करना होगा. जनता के बीच जाना होगा. उनका भरोसा जीतना होगा|
4) नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद चर्चा है कि बीजेपी का मुख्यमंत्री होगा. खैर नई सरकार में जो भी हो और निशांत को जो भी जिम्मेदारी मिले लेकिन उन्हें सियासत में पूर्ण रूप से एक्टिव रहने की जरूरत होगी. खुद के लिए एक तरफ जहां मेहनत की जरूरत होगी तो वहीं दूसरी ओर पार्टी के लिए अपनी ओर से क्या करते हैं यह भी देखने वाली बात होगी|
5) वहीं सबसे बड़ी बात है कि जिस तरह से वोटर्स ने नीतीश कुमार पर भरोसा किया उसी तरह निशांत पर भी करें. क्योंकि नीतीश कुमार की साफ छवि रही है. बेटे निशांत के लिए एक तरफ जहां पार्टी है तो दूसरी ओर पिता की ओर से किए गए काम को और आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है. इसके लिए वे प्रचार-प्रसार करें, सभा करें, यानी जनता के सामने यह बात लानी होगी कि निशांत जो हैं वो अपने पिता की तरह ही हैं|
पश्चिम बंगाल SIR मामला संसद में गरमा सकता है, बजट सत्र में जोरदार बहस की संभावना
9 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है और पहले ही दिन लोकसभा में जोरदार हंगामे के संकेत मिल रहे हैं। विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा कराने जा रहा है। इस प्रस्ताव को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही के दौरान पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया और कांग्रेस के सांसदों को लेकर कुछ गलत दावे भी किए। इसी वजह से कई विपक्षी दलों के नेताओं ने उन्हें हटाने का प्रस्ताव दिया है। नियमों के अनुसार, प्रस्ताव दिए जाने के बाद ओम बिरला ने खुद को कार्यवाही से अलग कर लिया है और कहा गया है कि प्रस्ताव पर फैसला होने के बाद ही वह फिर से सदन की कार्यवाही संभालेंगे।
हालांकि संख्या बल के लिहाज से सरकार मजबूत स्थिति में है। भाजपा और उसके सहयोगी दलों के पास लोकसभा में बहुमत है, इसलिए माना जा रहा है कि यह प्रस्ताव पारित नहीं हो पाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ओम बिरला के समर्थन में सामने आए हैं और कहा है कि उन्होंने हमेशा संविधान और संसदीय लोकतंत्र की भावना के अनुसार काम किया है।
इन-इन मुद्दों के जोरदार तरीके से उठने की संभावना
सत्र के दौरान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठने की संभावना है। अमेरिका और इस्राइल की तरफ से ईरान पर किए गए हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिससे तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है और कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ रही हैं। विपक्ष इस मामले में सरकार की विदेश नीति और रूस से तेल खरीद पर अमेरिका द्वारा दिए गए छूट को लेकर सवाल उठा सकता है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष संशोधन में करीब 60 लाख नाम हटाए जाने का मुद्दा भी संसद में गरमा सकता है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद इस मामले को जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में हैं। वहीं भाजपा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल उल्लंघन के मुद्दे को उठा सकती है।
सत्र में विधेयकों को पास कराने पर सरकार का रहेगा फोकस
सरकार इस सत्र में बिजली संशोधन विधेयक समेत कई लंबित विधेयकों को भी पास कराने की कोशिश करेगी। वहीं सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही की शुरुआत शिलांग से सांसद रहे रिक्की सिंगकोन के निधन पर श्रद्धांजलि के साथ हो सकती है, जिसके कारण प्रश्नकाल स्थगित होने की भी संभावना है।
जदयू में शामिल हुए निशांत कुमार, राजनीति में किया नया कदम
9 Mar, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार जनता दल यूनाईटेड में शामिल हो चुके हैं। वीर चंद्र पटेल रोड स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय में हजारों कार्यकर्ताओं के बीच कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने निशांत को पार्टी की सदस्यता दिलाई। जदयू में शामिल होने के बाद निशांत ने कहा कि मैं जदयू के कार्यकर्ता, नेता और बिहार की जनता को नमन करता हूं। मैं आज से पार्टी का सदस्य बन चुका हूं। एक कार्यकर्ता के रूप में मैं सेवा करता रहूंगा। मेरे पिता ने राज्यसभा जाने की घोषणा की है। यह उनका निजी फैसला है। मैं इस फैसले का आदर करता हूं और इसे स्वीकार करता हूं।
निशांत कुमार ने कहा कि मेरे पिता ने बिहार की जनता के लिए जो काम किया है, उसे मैं जनता तक बढ़ाने का काम करूंगा। आप सब ने जो विश्वास किया, उस पर खड़ा उतरने की कोशिश करूंगा। जनता के हृदय में खड़ा उतरने की कोशिश करूंगा। मेरे पिता ने जनता के लिए जो किया, वह सबको याद रहेगा। जनता को मेरे पिता पर गर्व है। वह अपना जीवन बिहार के लिए समर्पित कर दिया। आज से मैं राजनीतिक जीवन की शुरुआत कर रहा हूं। अभी मुझे बहुत कुछ सीखना है। इसके लिए मुझे जनता का आशीर्वाद चाहिए। मैं आप सभी को नमन करता हूं।
वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को किया नमन
पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद निशांत कुमार ने जदयू के वरिष्ठ नेताओं के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया। इसके बाद कार्यकर्तओं का धन्यवाद किया। इधर, जदयू दफ्तर में सुबह से राज्य के सभी जिलों से वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। कई कार्यकर्ता घोड़ा और हाथी लेकर पहुंचे। सीएम नीतीश कुमार और निशांत के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। जदयू कार्यकर्ताओं ने कहा कि आज हमलोगों के बहुत बड़ा दिन है। निशांत पार्टी में शामिल हुए इससे हमलोगों में काफी खुशी है। वह भी इंजीनियर हैं। नीतीश कुमार की तरह ही वह भी बिहार के विकास का काम करेंगे। इधर, जदयू कार्यकर्ताओं की भीड़ को देखते हुए जदयू कार्यालय में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। समर्थकों में उत्साह है।
निशांत ने पूरे बिहार का दौरा करने का फैसला किया
जदयू के वरिष्ठ नेता और एमएलसी नीरज कुमार ने बताया कि आज पार्टी के लिए बड़ा दिन है। निशांत कुमार पार्टी में शामिल हो चुके हैं। सदस्यता ग्रहण करने के बाद उन्होंने पूरे बिहार का दौरा करने का फैसला किया है और वह जल्द ही संगठन से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। निशांत कुमार की जदयू में एंट्री का सभी विधायकों, सांसदों और विधान परिषद् सदस्यों ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह निशांत का राजनीति में शामिल होना, मास्टर स्ट्रोक है। इससे कितने लोग परेशान हो जाएंगे? यह आने वाला समय बताएगा। पार्टी सूत्रों की मानें तो निशांत कुमार को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि हमलोग चाहते हैं निशांत ही बिहार के मुख्यमंत्री बनें। नीतीश कुमार के बाद वह अच्छे तरीके से राज्य संभाल सकते हैं।
ममता बनर्जी बोलीं: ‘एक देश, एक नेता, एक पार्टी का पागलपन सवार’
9 Mar, 2026 08:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का धरना रविवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। टीएमसी सुप्रीमो ने चुनाव आयोग को वैनिश कमीशन कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इलेक्टोरल रोल से सही वोटर्स के नाम हटाने के लिए वैनिश कमीशन का गलत इस्तेमाल कर रही है। उनका यह कमेंट ऐसे दिन आया है जब चुनाव आयोग की पूरी बेंच राज्य विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव की तैयारियों का रिव्यू करने के लिए कोलकाता आने वाली है। ममता ने कहा कि एक देश, एक नेता, एक पार्टी के पागलपन में, भाजपा ने जन-विरोधी इच्छाओं को पूरा करने के लिए हर लोकतांत्रिक संस्था और संवैधानिक पद को सिस्टमैटिक तरीके से हथियार बना लिया है।
बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा का आखिरी मकसद बाबासाहेब अंबेडकर के बनाए गए संविधान को अपने पार्टी मैनिफेस्टो से बदलना है। ममता ने राज्य में स्पेशल इंटेसिव रिविजिन में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के विरोध में 6 मार्च दोपहर 2 बजे से कोलकाता के एस्प्लेनेड मेट्रो चैनल पर धरना शुरू किया है। ममता बनर्जी ने कहा कि सालों से उन्होंने सेंट्रल एजेंसियों, नेशनल कमीशन, एक गुलाम गोदी मीडिया और ज्यूडिशियरी के एक आज्ञाकारी हिस्से को बंगाल के खिलाफ इस्तेमाल किया है। वे वोटर्स को वोटर लिस्ट से हटाने के लिए वैनिश कमीशन का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। भाजपा लीडरशिप दिल्ली की जमींदार है। हम उन्हें बंगाल को अपने अधीन करने के मिशन में कभी कामयाब नहीं होंगे। धर्मतला में हमारा धरना हर उस बांग्ला-विरोधी (बंगाल-विरोधी) एजेंडे का जवाब है जो इस राज्य के लोगों को बेइज्जत करने, डराने और परेशान करने की कोशिश करता है। भाजपा की एकमात्र प्राथमिकता सत्ता है, लेकिन हमारी प्राथमिकता हमेशा से राज्य की जनता रही है।
बंगाल चुनाव से पहले ममता का बड़ा ऐलान, युवाओं को हर महीने मिलेगा 1500 रुपये बेरोजगारी भत्ता
8 Mar, 2026 10:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच ममता बनर्जी ने बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री ने राज्य के युवाओं को हर महीने 1500 रुपये भत्ता देने की घोषणा की है।मुख्यमंत्री ममता ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य युवाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करना है। ममता बनर्जी ने यह घोषणा मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में आयोजित धरना-प्रदर्शन स्थल से ही की। ममता बनर्जी ने बताया कि सरकार पहले इस योजना को 1 अप्रैल से लागू करने वाली थी, लेकिन अब इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्य के युवाओं को यह एक तरह का उपहार है। इसके तहत लाभार्थियों को अब अप्रैल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और भुगतान की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी।
कौन होंगे योजना के पात्र
मुख्यमंत्री ने योजना की पात्रता को लेकर भी जानकारी दी। इसके तहत 21 से 40 वर्ष की आयु के युवक और युवतियां आवेदन कर सकेंगे। लाभ पाने के लिए कम से कम माध्यमिक परीक्षा (कक्षा 10वीं) पास होना अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो छात्र अभी पढ़ाई कर रहे हैं और छात्रवृत्ति के अलावा किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं, उन्हें भी इस योजना के तहत भत्ता मिल सकेगा।
रोजगार के आंकड़े भी रखे सामने
विपक्ष के आरोपों के बीच ममता बनर्जी ने अपने शासनकाल में रोजगार के क्षेत्र में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी दर में करीब 40 प्रतिशत की कमी आई है। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य में लगभग 40 लाख लोगों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से करीब 10 लाख लोगों को रोजगार मिल चुका है। उन्होंने बताया कि उत्कर्ष बांग्ला के तहत प्रशिक्षित युवाओं का डेटा उद्योगपतियों की वेबसाइटों से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें रोजगार मिलने में आसानी हुई है।
किसानों और प्रवासी मजदूरों के लिए भी राहत
ममता बनर्जी ने भूमिहीन किसानों के लिए भी 4000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पहले यह लाभ केवल सीमित जमीन वाले किसानों को मिलता था, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा प्रवासी श्रमिकों को राज्य के भीतर ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लघु और मध्यम उद्योगों के क्षेत्र में करीब 1.5 करोड़ लोग कार्यरत हैं और इस क्षेत्र को और मजबूत किया जाएगा।
पीएम मोदी ने ममता पर साधा निशाना और कहा- राष्ट्रपति मुर्मू के अपमान को बंगाल की जनता कभी माफ नहीं करेगी
8 Mar, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कथित अपमान को लेकर एक बार फिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कि पश्चिम बंगाल की प्रबुद्ध जनता टीएमसी को एक नारी के अपमान, एक आदिवासी के अपमान और देश के महामहिम राष्ट्रपति के अपमान के लिए कभी माफ नहीं करेगी। पीएम मोदी ने उल्लेख किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संथाल आदिवासी परंपरा के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेने बंगाल गई थीं, लेकिन टीएमसी ने उस आयोजन का बहिष्कार किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश, आदिवासी समाज और नारी शक्ति भी इस अपमान को माफ नहीं करेगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पूरे देश की नारी शक्ति को बधाई दी और उनके योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि भारत में महिला सशक्तिकरण नई ऊँचाइयों पर है और नारी शक्ति हर क्षेत्र—राजनीति, प्रशासन, खेल, विज्ञान और समाज सेवा—में अग्रणी भूमिका निभा रही है।
आप पर भी बरसे
दिल्ली में 33,500 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण के अवसर पर पीएम मोदी ने आम आदमी पार्टी (आप) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पहले प्रोजेक्ट फाइलों में अटके रहते थे और जनता की सुविधा प्रभावित होती थी, लेकिन अब भाजपा सरकार के तहत प्रोजेक्ट जमीन पर उतरते हैं और विकास की गति तेज हुई है। पीएम मोदी ने कहा, अगर यहां आपदा सरकार न होती, तो मेट्रो फेज 4 प्रोजेक्ट बहुत पहले पूरा हो जाता। लेकिन राजनीतिक स्वार्थ के कारण आम आदमी पार्टी ने लाखों लोगों की सुविधा को नजरअंदाज किया। उन्होंने भाजपा सरकार के विकास मॉडल की तुलना पूर्व व्यवस्था से करते हुए जनता के सामने इसे सफलता का प्रतीक बताया।
बिहार में सीएम चेहरे को लेकर हलचल तेज.........शाह ने सम्राट चौधरी को दिल्ली बुलाया
8 Mar, 2026 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के डिप्टी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को दिल्ली बुलाया है। दोनों नेताओं के बीच बैठक होने वाली है। यह बैठक तब हो रही है, जब राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा जारी हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन के बाद बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है।
दरअसल, नीतीश ने हाल ही में पटना में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शाह भी मौजूद थे। नीतीश ने बताया कि वे अपनी इच्छा से राज्यसभा जा रहे हैं। इसके बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे हैं कि राज्यसभा सांसद बनने के बाद वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तब बिहार में नई सरकार का गठन होगा और नए मुख्यमंत्री का चयन होगा।
सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने संभावित मुख्यमंत्री के नामों पर विचार-विमर्श शुरू किया है। फिलहाल सम्राट चौधरी को इस दौड़ में प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। वे वर्तमान में बिहार सरकार में डिप्टी सीएम हैं और गृह विभाग भी संभाल रहे हैं, जो पहले नीतीश कुमार के पास था। इसके अलावा उनका संबंध पिछड़ा वर्ग की कुशवाहा जाति से है, जिससे उन्हें सामाजिक समीकरणों के लिहाज से मजबूत माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में एक और नाम केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का भी चर्चा में है। वे भाजपा के प्रमुख यादव चेहरे माने जाते हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व किसी नए चेहरे को भी सामने ला सकता है, जैसा कि उसने हाल के वर्षों में कई राज्यों में किया है। इधर, जेडीयू की बैठक में महत्वपूर्ण फैसला हुआ है। बैठक में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने को लेकर भी सहमति बनी है। इससे राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है। बिहार में राज्यसभा की पाँच सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होने हैं। अप्रैल में मौजूदा सांसदों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नए सदस्यों का कार्यकाल शुरू होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। फिलहाल अमित शाह और सम्राट चौधरी की दिल्ली बैठक को इसी राजनीतिक प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है।
अन्ना हजारे की पीएम मोदी से अपील, कहा- भारत आगे बढ़कर मिडिल ईस्ट युद्ध रोकने की पहल करे
8 Mar, 2026 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री पीएम मोदी को पत्र लिखकर भारत से शांति स्थापना के लिए मिडिल ईस्ट युद्ध रोकने की पहल करने की अपील की है।
अन्ना हजारे ने अपने पत्र में कहा कि विभिन्न देशों के बीच बढ़ता सैन्य टकराव बेहद चिंताजनक स्थिति पैदा कर रहा है। उनका कहना है कि युद्ध का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ता है, खासकर महिलाओं और बच्चों पर। उन्होंने लिखा कि युद्ध की खबरें बेहद दर्दनाक हैं और कई निर्दोष परिवार इसकी चपेट में आ रहे हैं।
अन्ना हजारे ने अपने संदेश में भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि देश हमेशा से अहिंसा और संवाद का समर्थक रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया को हथियारों और युद्ध की नहीं, बल्कि विश्वास, बातचीत और समझौते की जरूरत है। उनके अनुसार युद्ध केवल विनाश लाता है, जबकि संवाद से स्थायी समाधान निकल सकता है।
अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि भारत तटस्थ रहते हुए वैश्विक शांति के लिए पहल करे। उन्होंने लिखा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत हुई है और कई मुद्दों पर देश ने सकारात्मक योगदान दिया है। ऐसे में अगर भारत शांति और मानवता के पक्ष में आगे आएगा तो यह पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा बन सकता है।
ममता बनर्जी ने कहा- बंगाल चुनावों से पहले राजनीति कर रही राष्ट्रपति
8 Mar, 2026 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में आदिवासियों के विकास की गति पर सवाल उठाने के लिए शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर निशाना साधा। उन पर भाजपा के इशारों पर विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति करने का आरोप लगाया।
उत्तर बंगाल की यात्रा के दौरान मुर्मू द्वारा की गई टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति कार्यालय का दुरुपयोग कर रही है। मुख्यमंत्री ने कोलकाता में एक धरना स्थल पर कहा कि भाजपा इतना नीचे गिर गई है कि वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस्तेमाल राज्य को बदनाम करने के लिए कर रही है। राष्ट्रपति के कार्यक्रम में राज्य प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति के बारे में उन्हें दी गई जानकारी गलत थी।
पीएम मोदी का हमला: ममता सरकार पर निशाना, राष्ट्रपति मुर्मू का अपमान करने का आरोप
8 Mar, 2026 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राज्य दौरे के दौरान उनका अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह "शर्मनाक और अभूतपूर्व" है और टीएमसी सरकार ने "सच में सारी हदें पार कर दी हैं".
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति मुर्मू के राज्य में हुए नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन की जगह बदलने और उनके दौरे में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्रियों के न होने पर नाराजगी जताने के बाद यह बात कही. राष्ट्रपति मुर्मू ने इस सम्मेलन में हिस्सा लिया था.पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और इसकी पवित्रता का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि पश्चिम बंगाल सरकार और सत्ताधारी टीएमस को सद्बुद्धि आएगी.
मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "यह शर्मनाक और पहले कभी नहीं हुआ. हर कोई जो लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के अधिकारिता में विश्वास करता है, निराश है." प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति, जो खुद एक आदिवासी समुदाय से हैं, ने जो दर्द और पीड़ा ज़ाहिर की है, उससे भारत के लोगों के मन में बहुत दुख है.
उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने सच में सारी हदें पार कर दी हैं. राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन ज़िम्मेदार है." मोदी ने कहा कि यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय को पश्चिम बंगाल सरकार इतनी लापरवाही से ले रही है.
इससे पहले, राष्ट्रपति मुर्मू ने विधाननगर के बजाय बागडोगरा एयरपोर्ट के पास संथाल आदिवासी समुदाय का सम्मेलन करने पर नाराजगी जताई और हैरानी जताई कि क्या राज्य प्रशासन को उम्मीद थी कि कोई भी इसमें शामिल नहीं हो पाएगा.
उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि प्रशासन के दिमाग में क्या आया कि उन्होंने सम्मेलन के लिए ऐसी जगह चुनी जहां संथाल लोग नहीं जा सकते थे." मुर्मू ने कहा, "शायद राज्य सरकार आदिवासियों की भलाई नहीं चाहती और इसीलिए उन्हें यहां आने से रोका गया."
मुर्मू की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति कार्यालय का इस्तेमाल कर रही है.
कोलकाता में एक विरोध प्रदर्शन स्थल पर सीएम ने कहा, "बीजेपी इतना नीचे गिर गई है कि वे राज्य को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस्तेमाल कर रहे हैं."
मुर्मू को सालाना कार्यक्रम में बुलाया गया था, जो असल में सिलीगुड़ी के बिधाननगर में होना था. लेकिन, सुरक्षा और दूसरे कारणों का हवाला देते हुए, अधिकारियों ने जगह बदलकर बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोपालपुर कर दी.
शनिवार दोपहर जब राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं, तो वहां कुछ ही लोग मौजूद थे. सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब एयरपोर्ट पर उन्हें रिसीव करने के लिए मौजूद राज्य सरकार के एकमात्र प्रतिनिधि थे.
मुर्मू ने कहा कि उन्हें "बहुत दुख" है कि लोग सम्मेलन में नहीं पहुंच पाए क्योंकि यह बहुत दूर हुई थी. "शायद प्रशासन को उम्मीद थी कि कोई भी इसमें शामिल नहीं हो पाएगा, और राष्ट्रपति बस वापस लौटकर चली जाएंगी."
मुर्मू ने कहा, "अगर राष्ट्रपति किसी जगह जाते हैं, तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी आना चाहिए. लेकिन वह नहीं आईं... मैं भी बंगाल की बेटी हूं. ममता दीदी भी मेरी बहन हैं, मेरी छोटी बहन. मुझे नहीं पता कि वह मुझसे नाराज़ थीं, इसलिए ऐसा हुआ."
दिल्ली मेट्रो विस्तार: पीएम मोदी आज खोलेंगे दो नए कॉरिडोर, परियोजना की लागत 33,500 करोड़
8 Mar, 2026 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के बुनियादी ढांचे और ट्रांसपोर्ट सिस्टम को नई ऊंचाई देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 8 मार्च को लगभग 33,500 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. दोपहर करीब 12 बजे आयोजित होने वाले इस मुख्य कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री सरोजिनी नगर में नवनिर्मित GPRA टाइप-5 आवासों का दौरा करेंगे और महिला आवंटियों को उनके घरों की चाबियाँ सौंपेंगे. बुराड़ी स्थित निरंकारी ग्राउंड में आयोजित समारोह की तैयारियों का मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार शाम को जायज लिया था.
प्रधानमंत्री दिल्ली मेट्रो के लगभग 18,300 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उपहार देंगे. इसमें दो प्रमुख कॉरिडोर का उद्घाटन शामिल है. पिंक लाइन पर तैयार मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर (12.3 किमी) और मजेंटा लाइन दीपाली चौक से मजलिस पार्क (9.9 किमी) लाइन आज से आम लोगों के लिए चालू हो जाएगा. मेट्रो के इस विस्तार से बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक और हैदरपुर बादली मोड़ जैसे इलाकों के लाखों यात्रियों का सफर आसान होगा.
दो नए मेट्रो कॉरिडोर चालू होने से पिंक लाइन बन जाएगी रिंग मेट्रो: मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर सेक्शन की लंबाई 12.3 किलोमीटर है और इसमें 8 एलिवेटेड स्टेशन हैं. यह कॉरिडोर पहले से संचालित मजलिस पार्क-शिव विहार पिंक लाइन का हिस्सा है. इस सेक्शन के जुड़ने से पिंक लाइन की कुल लंबाई लगभग 71.56 किलोमीटर हो जाएगी और दिल्ली को देश की पहली पूर्ण रूप से संचालित ‘रिंग मेट्रो’ मिलेगी. इस कॉरिडोर पर मजलिस पार्क, बुराड़ी, झड़ौदा माजरा, जगतपुर-वजीराबाद, सूरघाट, नानकसर-सोनिया विहार, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार और मौजपुर-बाबरपुर स्टेशन होंगे.
दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक का कॉरिडोर मैजेंटा लाइन का हिस्सा है जिसकी लंबाई 9.92 किलोमीटर है और इसमें 7 एलिवेटेड स्टेशन हैं. यह कॉरिडोर पहले से संचालित बोटैनिकल गार्डन-कृष्णा पार्क एक्सटेंशन मैजेंटा लाइन का विस्तार है. इसके जुड़ने से मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई लगभग 49 किलोमीटर हो जाएगी. इस सेक्शन पर दीपाली चौक, मधुबन चौक, उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार, हैदरपुर गांव, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क स्टेशन होंगे. मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर कॉरिडोर के निर्माण में यमुना नदी पर एक नए पुल का निर्माण करना पड़ा और डबल-डेकर वायडक्ट तैयार किया गया जिसमें मेट्रो ट्रैक और सड़क फ्लाईओवर को एक साथ समाहित किया गया है. यह दिल्ली मेट्रो का यमुना नदी पर पांचवां पुल है.
पीएम करेंगे मेट्रो के पांचवें चरण के तहत तीन कॉरिडोर का शिलान्यास: प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली मेट्रो के फेज-V (ए) के अंतर्गत तीन नए कॉरिडोर के निर्माण का भी शिलान्यास किया जाएगा, जिससे दिल्लीवासियों की यात्रा और अधिक सुगम होगी. इनमें रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर, एरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन विस्तार और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक गोल्डन लाइन विस्तार शामिल हैं. रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर की लंबाई 9.913 किलोमीटर होगी और यह भूमिगत बनाया जाएगा.
सरकारी आवासों का कायाकल्प (GPRA पुनर्विकास): इसमें नौ नए स्टेशन होंगे जिनमें आर. के. आश्रम मार्ग (निर्माणाधीन), शिवाजी स्टेडियम, युगे-युगेन भारत, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ स्टेशन शामिल हैं. यह कॉरिडोर कर्तव्य भवनों, भारत मंडपम और युगे-युगेन भारत संग्रहालय जैसे प्रमुख स्थलों को मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. एरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन विस्तार की लंबाई 2.263 किलोमीटर होगी और यह भूमिगत बनाया जाएगा. इसमें एक नया स्टेशन होगा और दोनों पहले से संचालित स्टेशनों को आपस में जोड़ा जाएगा. तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक गोल्डन लाइन विस्तार की लंबाई 3.9 किलोमीटर होगी और यह एलिवेटेड कॉरिडोर होगा. इसमें सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर और कालिंदी कुंज स्टेशन शामिल होंगे.
प्रधानमंत्री करीब 15,200 करोड़ रुपये की आवासीय परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी जैसे क्षेत्रों में आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया गया है. इन परियोजनाओं की सबसे बड़ी विशेषता इनका स्व-वित्तीय मॉडल है. सरकार ने परियोजना के एक सीमित हिस्से का व्यावसायिक उपयोग कर राजस्व जुटाया है, जिससे सार्वजनिक खजाने पर बिना भार डाले 9,350 आधुनिक फ्लैट और 48 लाख वर्ग फुट कार्यालय क्षेत्र तैयार किया गया है.
राष्ट्रपति पद को लेकर सियासत गरम, नरेंद्र मोदी ने टीएमसी को लताड़ा
7 Mar, 2026 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार (7 मार्च) को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं. उन्होंने यहां कार्यक्रम के लिए तय स्थल को लेकर ममता सरकार से सवाल कर दिए. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने इसे शर्मनाक बताया है. कहा कि टीएमसी ने सारी हदें पार कर दी हैं. राष्ट्रपति मुर्मू के बयान पर सीएम ममता बनर्जी ने कहा था कि वे बीजेपी की नीतियों के जाल में फंस गईं हैं।
‘ऐसा पहले कभी नहीं हुआ’
पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इस पूरे मामले में अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की. सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा कि ये शर्मनाक है, इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ. हर कोई जो लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करता है, वह निराश है. सोशल मीडिया पोस्ट में पीएम ने लिखा राष्ट्रपति खुद एक आदिवासी समुदाय आती हैं. उन्होंने जो दर्द और पीड़ा जाहिर की है, उससे भारत के लोगों के मन बहुत दुखी है।
टीएमसी ने सारी हदें पार की- PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि पश्चिम बंगाल की TMC सरकार ने सच में सारी हदें पार कर दी हैं. राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जवाबदेह है. ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल सरकार संथाल संस्कृति जैसे जरूरी विषयों पर लापरवाही बरत रही है. उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और इस पद की पवित्रता का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए. उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल सरकार और TMC में समझदारी आएगी।
राष्ट्रपति ने जाहिर की थी नाराजगी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को सिलीगुड़ी के बिधाननगर में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं. उन्होंने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की गैर- मौजूदगी को लेकर सवाल उठा दिए. इसके साथ ही तय कार्यक्रम स्थल को लेकर उन्होंने कहा था कि वह छोटा है, जिससे बड़ी संख्या में संथाल समुदाय के लोग शामिल नहीं हो सके।
ममता बनर्जी का पलटवार
सीएम ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा कि वे राष्ट्रपति का सम्मान करती हैं लेकिन कोई 50 बार आए तो कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ जा सकता है. उन्होंने आगे कहा कि उन्हें उस कार्यक्रम की जानकारी नहीं है. वे धरने पर बैठी हैं. बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी ने राष्ट्रपति को अपना एजेंडा आगे बढ़ाने के लिए भेजा है. वे बीजेपी की नीतियों के जाल में फंस गई हैं।
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