राजनीति
असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची की जारी
15 Mar, 2026 07:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस ने असम में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए 23 उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूची शनिवार को जारी कर दी, जबकि पूर्वोत्तर राज्य में अपने गठबंधन सहयोगियों के लिए 15 सीटें छोड़ी हैं, असम में विधानसभा चुनाव अप्रैल में होने हैं। इस घोषणा के साथ कांग्रेस ने अब तक 126-सदस्यीय असम विधानसभा के लिए 65 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल द्वारा जारी सूची के मुताबिक नूरुल इस्लाम श्रीजंग्राम से, अब्दुल खालेक मांडिया से, रकीबुद्दीन अहमद चमारिया से, डेविड फुकन तिनसुकिया से और बिपुल गोगोई तिनखोंग से चुनाव लड़ेंगे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस ने 3 मार्च को असम विधानसभा चुनावों के लिए 42 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी, जिसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई को जोरहाट सीट से मैदान में उतारा था। चुनावों की घोषणा से पहले ही अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करने में बढ़त बनाते हुए, कांग्रेस ने कहा कि असम में कांग्रेस विधायक दल के नेता देबब्रत सैकिया नाज़िरा सीट से चुनाव लड़ेंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रिपुन बोरा को बरछल्ला सीट से मैदान में उतारा है।
कांग्रेस ने चुनावों की औपचारिक घोषणा से पहले ही टिकट वितरण में बढ़त बनाकर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश की है। पार्टी के कई बड़े चेहरे मैदान में उतर चुके हैं जिनमें गौरव गोगोई जोरहाट सीट से ताल ठोक रहे हैं। देबब्रत सैकिया अपनी परंपरागत नाज़िरा सीट से चुनाव लड़ेंगे। रिपुन बोरा बरछल्ला सीट से मैदान में उतारे गए हैं।
असम में बीजेपी विरोधी मतों के बिखराव को रोकने के लिए कांग्रेस ने महागठबंधन मॉडल को प्राथमिकता दी है। 15 सीटें सहयोगियों के लिए छोड़कर पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह क्षेत्रीय दलों को उचित सम्मान देने के पक्ष में है। अप्रैल में होने वाले इन चुनावों में यह गठबंधन सत्ता विरोधी लहर को भुनाने की कोशिश करेगा।
मोहन यादव का राहुल पर हमला: कांग्रेस पूर्ण रूप से रसातल में जाएगी
15 Mar, 2026 10:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की कड़ी निंदा की है। मोहन यादव ने कहा कि ईरान-अमेरिका और ईरान युद्ध से वैश्विक हालात जिस प्रकार से है और पीएम मोदी द्वारा वैश्विक हालात हालात से निपटने के लिए कुशलता से प्रबंध किए जा रहे हैं।
पूरा देश इस वैश्विक हालात से जूझ रहा है। इस दौरान रसोई गैस को लेकर पीएम मोदी और केंद्र सरकार बहुत अच्छी तरह से प्रबंधन किया जा रहा है। इतनी चुनौती के बीच जहाज वहां से लाना और सुव्यवस्था स्थापित करना बहुत बड़ी बात है। लेकिन कांग्रेस के नेता जिस प्रकार षडयंत्र रच रहे हैं, जनता सब जानती है। इसी कारण से लगातार कांग्रेस सत्ता से दूर है। राहुल गांधी द्वारा गैर जवाबदारी पूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। इसकी मैं कड़ी निंदा करता हूं।
राहुल गांधी के बयान की निंदा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस वैश्विक हालात में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति की गई निम्न स्तरीय बयानबाजी घोर निंदनीय है। राष्ट्रीय स्तर पर और राज्य स्तर पर कांग्रेस पार्टी और उसके नेता हालात के मद्देनजर जनहित में अपनी जिम्मेदारी को समझें अन्यथा कांग्रेस पूर्ण रूप से रसातल में चली जाएगी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिया था ये बयान
बता दें कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने अमेरिका के सामने ‘आत्मसमर्पण’ कर दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि “नरेंद्र मोदी मानसिक रूप से खत्म हो चुके हैं। वह अब भारत के PM के तौर पर काम नहीं कर रहे हैं। वह अमेरिका के लिए काम कर रहे हैं।”
कांग्रेस नेता ने कहा, “नरेंद्र मोदी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता कर लिया है। अमेरिका यह तय कर रहा है कि हमें किससे तेल खरीदना चाहिए। ऊर्जा क्षेत्र में स्थिति और खराब होगी। उन्होंने कहा कि वह संसद में इस मुद्दे को उठाना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने की इजाज़त नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता देश के हित में नहीं था।
राहुल गांधी का बड़ा बयान: ‘कांग्रेस गरीबों की पार्टी, नेता अमीर’, BJP पर भी निशाना
15 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition in Lok Sabha) और कांग्रेस सांसद (Rahul Gandhi) ने लखनऊ में आयोजित संविधान सम्मेलन (constitutional convention) में अपनी ही पार्टी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक गरीबों की पार्टी है, लेकिन उसके कई बड़े नेता अमीर हैं।राहुल गांधी ने कहा, “कांग्रेस गरीब पार्टी है, लेकिन उसके जो बड़े-बड़े नेता हैं वे बहुत अमीर हैं। हम अमीर पार्टी बनना भी नहीं चाहते, क्योंकि जिस दिन कांग्रेस अमीर पार्टी बन जाएगी, वह भाजपा बन जाएगी।”उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह ढांचा Mahatma Gandhi के समय से ही तय किया गया था और पार्टी का उद्देश्य हमेशा गरीबों और वंचितों की आवाज बनना रहा है।
कांशीराम की जयंती पर सम्मेलन
लखनऊ में Kanshi Ram की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कांग्रेस की कमियों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी की कुछ कमजोरियों के कारण ही बहुजन आंदोलन को ताकत मिली और कांशीराम राजनीति में बड़ी सफलता हासिल कर पाए।
उनका कहना था कि अगर कांग्रेस ने सामाजिक बदलाव की दिशा में तेज़ी से काम किया होता, तो शायद कांशीराम को इतनी बड़ी राजनीतिक सफलता नहीं मिलती।
केवल इच्छा से नहीं होता बदलाव
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि राजनीति में केवल चाहने से कुछ नहीं होता। बदलाव के लिए विचारों के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जब तक लोग यह तय नहीं करेंगे कि अन्याय को स्वीकार नहीं करना है और उसके खिलाफ खड़ा होना है, तब तक समाज में बदलाव संभव नहीं है।
संविधान और मौजूदा सरकार पर टिप्पणी
संविधान पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत के संविधान में हजारों साल पुरानी सभ्यता की आवाज़ है और इसकी मूल भावना सामाजिक न्याय और बराबरी की है।
उन्होंने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज की सत्ता इस मूल भावना को स्वीकार नहीं करती।
अंबेडकर और कांशीराम के संघर्ष का जिक्र
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने B. R. Ambedkar और कांशीराम के संघर्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने शिक्षा और संगठन के जरिए समाज को नई दिशा दी, जबकि कांशीराम ने बिना समझौता किए अपने सिद्धांतों पर संघर्ष किया।
ऊर्जा नीति और सरकार पर आरोप
राहुल गांधी ने देश की ऊर्जा नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण भारत की ऊर्जा नीतियों पर असर पड़ रहा है।
समाज में असमानता का मुद्दा
राहुल गांधी ने कहा कि देश का समाज आज 15 प्रतिशत और 85 प्रतिशत में बंट गया है, जहां संसाधनों और अवसरों का लाभ सीमित वर्ग तक ही पहुंच रहा है।
2027 चुनाव की तैयारी
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि राजनीति को बदलने का समय आ गया है और सबकी हिस्सेदारी वाली राजनीति ही देश को आगे ले जा सकती है।
गौरतलब है कि हालिया लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में बेहतर प्रदर्शन किया था। अब यही गठबंधन 2027 के विधानसभा चुनाव में भी उसी सफलता को दोहराने की रणनीति पर काम कर रहा है।
ईरान से बातचीत के फैसले पर थरूर ने जताया समर्थन, बोले- राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता
15 Mar, 2026 09:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के साथ बातचीत करने के भारत सरकार के फैसले का समर्थन (Government Support) किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में भारत चुपचाप नहीं बैठ सकता और नई दिल्ली को शांति के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से फोन पर बातचीत की। पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली सीधी बातचीत थी।
‘भारत को शांति की नई आवाज बनना चाहिए’
संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए थरूर ने कहा कि भारत की यह पहल सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि भारत शांति की दिशा में पहल कर रहा है। ऐसे तनावपूर्ण समय में हमें सक्रिय रहना चाहिए। हम इस युद्ध को चुपचाप बैठकर नहीं देख सकते।”
दोनों पक्षों की गलती बताई
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में युद्ध को लेकर प्रस्ताव और वैश्विक प्रतिक्रिया पर बोलते हुए थरूर ने कहा कि इस संघर्ष में दोनों पक्षों की गलतियां हैं। उनके अनुसार अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किया गया शुरुआती हमला सही नहीं था।उन्होंने कहा कि जब बातचीत की प्रक्रिया चल रही थी, उस समय आत्मरक्षा के नाम पर हमला करना उचित नहीं ठहराया जा सकता। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान द्वारा उन देशों पर हमला करना, जो सीधे युद्ध में शामिल नहीं हैं, वह भी गलत है।
भारत के हित जुड़े हैं पश्चिम एशिया से
थरूर ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर भारत के कई महत्वपूर्ण हितों पर पड़ सकता है। ऊर्जा आपूर्ति से लेकर खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीयों तक, कई मामलों में भारत इस क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बयानों से संकेत मिलता है कि यह संघर्ष जल्द खत्म होने वाला नहीं है, इसलिए भारत को शांति स्थापित करने के प्रयासों में भूमिका निभानी चाहिए।
ऊर्जा संकट की आशंका
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका भी गहराती जा रही है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को रोकने के संकेत दिए जाने के बाद कई देशों को तेल और गैस के वैकल्पिक स्रोत तलाशने पड़ रहे हैं।
हालांकि भारत सरकार का कहना है कि देश में ऊर्जा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता है। इसके साथ ही सरकार वैकल्पिक आपूर्ति के विकल्पों पर भी लगातार काम कर रही है।
ओवैसी का पीएम मोदी पर हमला: ईरान पर हमले की निंदा क्यों नहीं?
15 Mar, 2026 08:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद। AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने प्रधानमंत्री (Narendra Modi) पर अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमले को लेकर तीखा हमला बोला है। ओवैसी ने कहा कि भारत को इस हमले की स्पष्ट रूप से निंदा करनी चाहिए थी, लेकिन प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया। हैदराबाद की मक्का मस्जिद में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से फोन पर बातचीत की, लेकिन यह चर्चा केवल गैस और पेट्रोल के मुद्दे तक सीमित रही। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को अपना “56 इंच का सीना” तो याद आ गया, लेकिन ईरान पर हुए हमले की निंदा करना उन्हें याद नहीं रहा।
भारत की पारंपरिक नीति का हवाला
ओवैसी ने कहा कि भारत लंबे समय से इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर संतुलित और तटस्थ नीति अपनाता रहा है, लेकिन मौजूदा सरकार इस परंपरा से हटती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि भारत को दोहा, दुबई, बहरीन और कुवैत में हुई घटनाओं के साथ-साथ ईरान पर हुए हमले की भी खुलकर आलोचना करनी चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump और इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के साथ खड़े होने के बजाय अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करना चाहिए।
‘इस्लाम मानने वालों को बांटने की साजिश’
ओवैसी ने आरोप लगाया कि ईरान पर हमला इस्लाम मानने वालों को बांटने की साजिश का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि हमलों की शुरुआत से दो दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी इजरायल गए थे और यह दौरा ऐसे समय हुआ जब नेतन्याहू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ गए थे।
UCC और मुसलमानों के मुद्दे भी उठाए
सभा में ओवैसी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का भी विरोध किया। उनका कहना था कि हिंदू कानून को मुसलमानों पर नहीं थोपा जा सकता। उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों में मुसलमानों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और नफरत की घटनाओं पर भी चिंता जताई।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की संसदीय सीट वाराणसी में मुसलमानों के घरों को तोड़ा गया है। साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी राजनीतिक नेता पर हमला स्वीकार नहीं किया जा सकता और ऐसे मामलों की कड़ी निंदा होनी चाहिए।
गैस सिलिंडर संकट पर भड़का जनाक्रोश, प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
14 Mar, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जौनपुर: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। यहां सड़कों पर गैस को लेकर उपभोक्ता दौड़ते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान सरकार ने यह साफ किया है कि घरेलू गैस की किसी भी तरह की कमी नहीं है और सरकार के पास पर्याप्त स्टॉक है। अब इस मामले में राजनीति भी शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए इसे दूर करने और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रदर्शन किया है।
राष्ट्रपति के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को दिया ज्ञापन
शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में सैकड़ों की संख्या में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हाथों में बैनर पोस्टर लिए पहुंचे और जिला अध्यक्ष राम रतन विश्वकर्मा के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि घरेलू गैस की कीमतों में सरकार ने ₹60 और कमर्शियल में ₹120 की बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही गैस की किल्लत भी लोगों को झेलनी पड़ रही है, जिस पर सरकार का किसी भी तरह से नियंत्रण नहीं है।
आप का आरोप, झूठ बोल रही सरकार
जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार लोगों से झूठे वादे कर रही है कि उसके पास पर्याप्त मात्रा में रसोई गैस उपलब्ध है। यदि सरकार के पास प्रॉपर स्टॉक है तो लोग लाइन में क्यों खड़े हैं, होटल में सप्लाई क्यों बंद कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी व दिल्ली ही नहीं बल्कि देश के हर राज्य और हर कोने में रसोई गैस की किल्लत होने लगी है। उन्होंने कहा कि इसका फायदा डीलर भी उठा रहे हैं। लोगों को औने-पौने दाम पर गैस सिलिंडर दिया जा रहा है।
पीएम मोदी ट्रंप की कठपुतली: आप
जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सिलिंडर अब ब्लैक में बेची जा रहें हैं और उपभोक्ताओं से 3500 रुपए वसूले जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगे नतमस्तक हो चुके हैं और वह ट्रंप के हाथ की कठपुतली बन गए हैं। जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने 140 करोड़ देशवासियों की भावनाओं को अमेरिकी सरकार के हवाले कर दिया है।
राजनीतिक टकराव तेज़: अमित शाह ने AAP पर साधा निशाना, सुधार की उम्मीद डबल इंजन से
14 Mar, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Amit Shah Punjab Rally: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah Speech) ने पंजाब की AAP सरकार पर जमकर हमला बोला (Punjab AAP Criticism) है। उन्होंने कहा कि राज्य को नशे, भ्रष्टाचार और बढ़ते अपराध ने पूरी तरह तबाह कर दिया है। शाह ने मोगा में होने वाली 'बदलाव रैली' से पहले यह बयान दिया, जो 2027 के विधानसभा चुनावों की शुरुआत मानी जा रही है। पंजाब की पवित्र धरती, जो बहादुर सैनिकों, मेहनती किसानों और लगनशील लोगों के लिए जानी जाती है, आज इन समस्याओं से जूझ रही है। अमित शाह ने AAP सरकार को 'आपदा सरकार' करार देते (Punjab AAP Criticism)हुए कहा कि यहां कानून-व्यवस्था और विकास का नामोनिशान तक नहीं बचा है। उन्होंने दावा किया कि यह सरकार रिमोट कंट्रोल से चल रही है, जिसके कारण राज्य में हालात बिगड़ गए हैं।
पंजाब की जनता अब बदलाव चाहती है: शाह (Amit Shah Speech)
शाह ने जोर देकर कहा कि पंजाब की जनता अब बदलाव चाहती है। हर व्यक्ति सुधार की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने बीजेपी की ओर इशारा करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार (केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार) ही पंजाब को फिर से पटरी पर ला सकती है। इससे विकास तेज होगा, नशे पर लगाम लगेगी और अपराध कम होगा।
यह रैली बीजेपी के लिए चुनावी अभियान की शुरुआत (BJP Elecrion Campaign)
यह बयान मालवा क्षेत्र में BJP की रणनीति का हिस्सा लगता है, जहां 117 विधानसभा सीटों में से 69 सीटें आती हैं। शाह की यह रैली बीजेपी के लिए चुनावी अभियान की शुरुआत है। पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय रही है, और राजनीतिक दल इसे मुद्दा बनाते रहे हैं।
आम आदमी पार्टी ने पहले ही केंद्र पर पलटवार किया (AAP)
अमित शाह के इस हमले से राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। आम आदमी पार्टी ने पहले ही केंद्र पर पलटवार किया है, लेकिन शाह का फोकस राज्य की जनता को बदलाव का संदेश देने पर है। पंजाब के लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले समय में हालात बेहतर होंगे।
अमित शाह का यह बयान पंजाब की जनता के मन की बात (Double Engine Government)
अगर देखा जाए तो अमित शाह का यह बयान पंजाब की जनता के मन की बात को छूता है। नशा और अपराध जैसी गंभीर समस्याओं पर सीधा हमला राजनीतिक रूप से मजबूत कदम है, लेकिन AAP इसे राजनीतिक स्टंट बता सकती है। पंजाब में 2027 के चुनावों से पहले BJP 'बदलाव' का नारा लेकर आगे बढ़ रही है। क्या डबल इंजन मॉडल यहां काम करेगा? आने वाले दिनों में और रैलियां और बयान देखने को मिलेंगे।
आप के नेता केंद्र सरकार पर पलटवार कर रहे (Punjab Election 2027)
बहरहाल, एक तरफ अमित शाह AAP पर निशाना साध रहे हैं, तो दूसरी तरफ आप के नेता केंद्र सरकार पर पलटवार कर रहे हैं। पंजाब की असली समस्या नशा और बेरोजगारी है, जिस पर सभी दल अलग-अलग दावे कर रहे हैं। जनता को अब असली समाधान चाहिए।
सिलचर रैली में पीएम मोदी ने कहा,जहां बंद होता है कांग्रेस वालों के दिमाग का ताला, वहां से शुरू होता है हमारा काम
14 Mar, 2026 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिलचर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने शिलांग-सिचलर कॉरिडोर के भूमि पूजन के बाद कहा कि कांग्रेस वालों के दिमाग का ताला जहां बंद होता है, वहां से हमारा काम शुरू होता है। असम के सिलचर में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के अनेक दशकों तक कांग्रेस की सरकारों ने नॉर्थ-ईस्ट को दिल्ली से और दिल से, दोनों से ही दूर रखा। कांग्रेस ने नॉर्थ-ईस्ट को एक तरह से भुला दिया था। लेकिन भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने नॉर्थ-ईस्ट को ऐसे कनेक्ट किया है कि आज हर तरफ इसकी चर्चा है। आज नॉर्थ-ईस्ट भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र है। दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत को जोड़ने वाला सेतु बन रहा है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जैसे कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को अपने हाल पर छोड़ दिया था, ठीक वैसे ही बराक वैली को बेहाल करने में कांग्रेस की बहुत बड़ी भूमिका रही है। जब देश आजाद हुआ तो कांग्रेस ने ऐसी बाउंड्री खींचने दी, जिसने बराक घाटी का समुद्र से संपर्क कट गया। जो बराक वैली कभी ट्रेड रूट और एक औद्योगिक केंद्र के रूप में जानी जाती थी, उस बराक वैली से उसकी ताकत ही छीन ली गई। आजादी के बाद भी दशकों तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन बराक घाटी के विकास के लिए कुछ खास नहीं हुआ।”
उन्होंने कहा, “इस क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए 24,000 करोड़ रुपए की लागत वाले शिलांग-सिलचर कॉरिडोर का भूमि पूजन किया गया है। कांग्रेस तो यह गिन भी नहीं सकती कि ऐसे प्रोजेक्ट्स में कितने शून्य होते हैं। जहां कांग्रेस की सोच खत्म होती है, वहां से हमारा काम शुरू होता है। यह कॉरिडोर पूर्वोत्तर के लोगों के दशकों लंबे इंतज़ार को खत्म कर रहा है। इस कॉरिडोर के जरिए सिलचर, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा से जुड़ जाएगा।” पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “जो विकास की दौड़ में पीछे रह गया, उसको प्राथमिकता देना भाजपा का मंत्र है। कांग्रेस की सरकारें बॉर्डर एरिया के देश के अंतिम गांव मानती थीं। हम बॉर्डर के गांवों को देश के पहले गांव मानते हैं। इसलिए बॉर्डर एरिया के विकास के लिए कछार जिले से ही ‘बाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ का अगला चरण शुरू किया था। इसे बराक वैली के भी अनेकों गांवों में सुधार होना तय हुआ।” किसानों के मुद्दे पर भी पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है। शुक्रवार को ही गुवाहाटी से मैंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त जारी की है। कांग्रेस वालों ने इतने साल राज किया, प्रधानमंत्री तो असम से चुनकर गए थे लेकिन उसके बावजूद भी एक रुपया भी नहीं दिया।” प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने असम के युवाओं को सिर्फ हिंसा और आतंकवाद के कुचक्र में ही उलझाए रखा था। कांग्रेस ने असम को ‘फूट डालो और राज करो’ नीति की प्रयोगशाला बनाया। आज असम के युवाओं के सामने अवसरों का खुला आसमान है।
थलापति विजय की TVK पार्टी में 5 करोड़ की शर्त ने घेरा विवाद
14 Mar, 2026 10:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Tamil Nadu Assembly Election 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए चुनाव आयोग जल्द ही तारीखों का ऐलान कर सकता है। इसको लेकर अभिनेता और नेता थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में पार्टी आयोजक बुसी आनंद (Bussy Anand) की ओर से क्षेत्रीय समन्वयकों की नियुक्ति के लिए बुलाई गई वर्चुअल बैठक में वास्तविक स्थिति सामने आई। बैठक में यह बात सामने आई कि पार्टी को ऐसे उम्मीदवार नहीं मिल पा रहे हैं, जिनके पास चुनाव लड़ने के लिए आवश्यक लगभग 5 करोड़ रुपए हों। इसके चलते अधिकांश नेताओं ने गठबंधन करने का सुझाव दिया, जो पार्टी ने अब तक नहीं सोचा था। अभिनेता और नेता विजय ने TVK की शुरुआत करते हुए वादा किया था कि वह DMK, AIADMK और BJP के खिलाफ स्वतंत्र रूप से चुनौती देंगे।
वित्तीय बाधाएं और चुनावी वास्तविकता
TVK के पास कागजों पर उम्मीदवारों की कोई कमी नहीं है, लेकिन बहुत कम उम्मीदवार ऐसी वित्तीय क्षमता रखते हैं, जो एक प्रतिस्पर्धी चुनावी अभियान चलाने के लिए आवश्यक है। चुनाव आयोग ने एक उम्मीदवार के आधिकारिक चुनावी खर्च की सीमा 40 लाख रुपए तय की है, लेकिन प्रतिस्पर्धी अभियान की वास्तविक लागत इससे कहीं अधिक होती है। इस वर्चुअल बैठक में लगभग 130 जिला नेता शामिल हुए, जिन्होंने उम्मीदवारों की वित्तीय स्थिति पर खुलकर चर्चा की। TVK के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि बैठक में शामिल लगभग तीन-चौथाई नेताओं ने गठबंधन के पक्ष में बात की, क्योंकि ऐसे उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं जो अपने चुनावी अभियान का खर्च स्वयं उठा सकें।
फिलहाल, TVK नेतृत्व अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है। लेकिन वर्चुअल बैठक ने कई पार्टी आयोजकों को यह कड़वी हकीकत दिखा दी कि एक राजनीतिक आंदोलन खड़ा करना फंडिंग जुटाने की तुलना में कहीं आसान हो सकता है।
निशांत की शादी पर ग्रामीण महिलाओं ने दिया दबाव, कहा—अब समय आ गया
14 Mar, 2026 10:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Politics जदयू में औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार सक्रिय हो गए हैं। वह पटना में पार्टी विधायकों से मुलाकात करने के साथ-साथ गांवों में कार्यकर्ताओं से भी मिल रहे हैं। इसी कड़ी में जदयू की सदस्यता लेने के बाद निशांत पहली बार अपने पैतृक गांव कल्याण बीघा पहुंचे। गांव पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
परिवार बढ़ाने की दी सलाह
कल्याण बीघा में लोगों से मुलाकात के दौरान एक दिलचस्प नजारा भी देखने को मिला। गांव की महिलाओं ने पहले निशांत को आशीर्वाद दिया और फिर उन्हें परिवार बढ़ाने की सलाह देते हुए कहा कि अब शादी कर लेनी चाहिए। हालांकि, शादी के सवाल पर निशांत ने मुस्कुराते हुए बात को टाल दिया। उन्होंने महिलाओं से बस इतना कहा, “सब बढ़िया है ना?” और आगे बढ़ गए। कल्याण बीघा पहुंचने पर निशांत ने कहा कि उनका बचपन इसी गांव में गुजरा है और इस गांव से उनकी कई यादें जुड़ी हुई हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वे अपने पिता नीतीश कुमार द्वारा किए गए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
दादा दादी का लिया आशीर्वाद
गांव पहुंचने के बाद निशांत सबसे पहले रामलखन सिंह वाटिका पहुंचे। वहां उन्होंने अपने दादा स्वर्गीय रामलखन सिंह, दादी परमेश्वरी देवी और अपनी मां स्वर्गीय मंजू सिंह की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और आशीर्वाद लिया। इस दौरान वे काफी भावुक भी नजर आए। इससे पहले निशांत के गांव पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान “निशांत कुमार जिंदाबाद” और “बिहार का सीएम कैसा हो, निशांत भैया जैसा हो” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
लोकसभा अध्यक्ष बिरला की अंतरराष्ट्रीय बैठक, 30 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों से बातचीत
14 Mar, 2026 08:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद भवन में भ्रमण पर आए 30 से अधिक देशों के सांसदों एवं प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का स्वागत किया तथा उनसे संवाद किया। इस अवसर पर विभिन्न देशों की लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं, संसदीय परंपराओं, सांस्कृतिक संबंधों और समकालीन वैश्विक मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई।
संवाद के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भारत की सशक्त संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली, संसद की कार्यप्रणाली और इसकी समृद्ध संसदीय परंपराओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने भारतीय संसद के स्वरूप, इसकी ऐतिहासिक विरासत तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति भारत की गहरी प्रतिबद्धता की सराहना की और संसद भवन का निकट से अवलोकन करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। यह प्रतिनिधिमंडल राजधानी दिल्ली में आयोजित हो रहे एनएक्सटी कॉन्क्लेव-2026 में भाग लेने के लिए भारत आया है। नीति, शिक्षा-जगत, व्यवसाय, राजनीति और विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों ने कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में भाग लेने के पश्चात आज संसद भवन का भ्रमण किया।
बिरला ने प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों को उनके सफल, सुखद और सार्थक भारत प्रवास के लिए शुभकामनाएं दीं। आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के संसदीय संवाद और संपर्क से विभिन्न देशों के बीच आपसी समझ, सहयोग और लोकतांत्रिक मूल्यों की साझेदारी और अधिक सुदृढ़ होगी।
कांग्रेस ने हरियाणा विधायकों की सुरक्षा बढ़ाई, क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए शिमला में रखा
14 Mar, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Haryana Rajya Sabha election: हरियाणा में राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। पिछले चुनावों में क्रॉस वोटिंग और गलत मतदान के कारण झटका झेल चुकी कांग्रेस इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। इसी रणनीति के तहत पार्टी ने अपने विधायकों को राज्य से बाहर भेजने का फैसला किया है। कांग्रेस ने अपने अधिकतर विधायकों को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के एक लक्जरी रिसॉर्ट में ठहराया है, जहां वे मतदान तक साथ रहेंगे और राज्यसभा मतदान प्रक्रिया की ट्रेनिंग भी लेंगे।
भूपिंदर सिंह हुड्डा के आवास से रवाना हुए विधायक
हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा (Bhupinder Singh Hooda) ने शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर कांग्रेस विधायकों के लिए लंच आयोजित किया। इस बैठक में पार्टी के 37 में से अधिकांश विधायक शामिल हुए। लंच के बाद करीब 31 विधायक दो बसों और कुछ निजी कारों से शिमला के लिए रवाना हो गए। इस दौरान हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के हरियाणा प्रभारी बीके हरिप्रसाद भी विधायकों के साथ गए। सूत्रों के अनुसार पार्टी हाईकमान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी विधायक मतदान तक एक साथ रहें और किसी तरह की क्रॉस वोटिंग या टूट की संभावना न बने।
कांग्रेस ने इसे बताया ट्रेनिंग सेशन
हालांकि पांच विधायक किसी न किसी कारण से इस यात्रा में शामिल नहीं हो सके। कुछ ने निजी कार्यक्रमों का हवाला दिया, जबकि कुछ विधायक बैठक के बाद अलग से निकल गए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शिमला में विधायकों के लिए एक तरह का ट्रेनिंग सेशन भी रखा जाएगा। पार्टी के अनुसार लगभग आधे विधायक पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं और राज्यसभा चुनाव में मतदान की प्रक्रिया काफी तकनीकी होती है। इसी के चलते शिमला में विधायकों को ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि मतदान के दौरान कोई गलती नहीं हो।
तृणमूल सांसदों की राष्ट्रपति से मुलाकात की मांग खारिज, राष्ट्रपति भवन का इनकार
13 Mar, 2026 11:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में राजभवन से लेकर राष्ट्रपति भवन तक का घटनाक्रम अब एक बड़े विवाद का रूप ले चुका है। तृणमूल कांग्रेस के सांसदों द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने के लिए मांगे गए समय को राष्ट्रपति भवन ने समय की कमी का हवाला देते हुए अस्वीकार कर दिया है। यह अनुरोध एक ऐसे समय में ठुकराया गया है, जब हाल ही में राष्ट्रपति ने अपनी बंगाल यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या उनके किसी कैबिनेट मंत्री के स्वागत में उपस्थित न होने पर गहरी निराशा व्यक्त की थी।
सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने 9 मार्च को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर 12 से 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के लिए समय मांगा था। इस दल में पार्टी के लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री भी शामिल थे। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपति को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं और समावेशी विकास की पहलों से अवगत कराना था। हालांकि, राष्ट्रपति भवन ने सूचित किया कि व्यस्तता और समय के अभाव के कारण फिलहाल इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके जवाब में पार्टी ने दोबारा पत्र लिखकर अगले सप्ताह का समय मांगा है। इस पूरे विवाद की जड़ें पिछले शनिवार की उस घटना में हैं, जब राष्ट्रपति मुर्मू एक अंतरराष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन में भाग लेने बागडोगरा पहुंची थीं। वहां संथाली आदिवासी समुदाय के कार्यक्रम में लोगों की कम उपस्थिति पर उन्होंने नाराजगी जताई और राज्य सरकार द्वारा कार्यक्रम स्थल को बिधाननगर से हवाईअड्डे के पास स्थानांतरित करने के फैसले पर सवाल उठाए। सबसे बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से इस बात का उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री या उनके प्रशासन का कोई भी प्रतिनिधि उनकी अगवानी के लिए हवाईअड्डे पर मौजूद नहीं था।
इस टिप्पणी के बाद राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखा पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि राष्ट्रपति विपक्षी दल की सलाह पर बोल रही हैं। उन्होंने मणिपुर और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में आदिवासियों पर हुए कथित अत्याचारों पर राष्ट्रपति की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। दूसरी ओर, केंद्र में सत्तारूढ़ दल और प्रधानमंत्री ने इस घटना को बेहद शर्मनाक करार देते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने राजनीतिक शिष्टाचार की सारी हदें पार कर दी हैं। आगामी चुनावों की आहट के बीच यह मुद्दा अब केवल प्रोटोकॉल तक सीमित नहीं रह गया है। जहाँ एक ओर तृणमूल कांग्रेस इसे राज्य की कल्याणकारी योजनाओं को दबाने की कोशिश बता रही है, वहीं विपक्षी दल इसे देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान मान रहे हैं। पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी और उनके प्रतिद्वंद्वियों के बीच यह खींचतान आने वाले दिनों में और तेज होने की उम्मीद है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का राहुल गांधी पर हमला, कहा— देश को गुमराह करना उनकी आदत
13 Mar, 2026 10:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर देश को गुमराह करने और वैश्विक मंच पर भारत की छवि खराब करने का आरोप लगाया। संसद के बाहर गिरिराज सिंह ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की यह आदत बन गई है कि वे देश में भ्रम फैलाते हैं और विदेश नीति पर सवाल उठाते हैं। मकर द्वार पर चाय पीते हुए और देश का अपमान करते हुए उन्होंने कोविड महामारी के दौरान भी देश में भ्रम फैलाया।
गिरिराज की ये टिप्पणियां केंद्र और विपक्ष के बीच राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चल रही तीखी बहस के बीच आई हैं, जिसे पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और वैश्विक आपूर्ति पर इसके प्रभाव ने और हवा दी है। एक दिन पहले, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा था कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं, और कहा था कि दर्द तो अभी शुरू हुआ है। राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के वैश्विक और घरेलू स्तर पर दूरगामी परिणाम होने की संभावना है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि इसका असर देश भर में महसूस होना शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि रेस्तरां और होटल बंद हो रहे हैं और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर लोगों में दहशत है। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में युद्ध छिड़ गया है। अमेरिका, इजराइल और ईरान में जंग जारी है। इस युद्ध के दूरगामी परिणाम होंगे। होर्मुज जलडमरूमध्य, जिससे वैश्विक तेल का 20फीसदी प्रवाह होता है, बंद कर दिया गया है। इसके बहुत गंभीर परिणाम होंगे, खासकर हमारे लिए क्योंकि हमारे तेल और प्राकृतिक गैस का एक बड़ा हिस्सा होर्मुज से ही होकर गुजरता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा किसी भी राष्ट्र की स्थिरता की नींव होती है। उन्होंने भारत की ऊर्जा साझेदारी संबंधी निर्णयों को बाहरी शक्तियों के प्रभाव में लेने के विचार की आलोचना की।
पश्चिम बंगाल चुनाव: बीजेपी ने 140 उम्मीदवार तय किए, सूची जल्द जारी होने के संकेत
13 Mar, 2026 09:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने तैयारियां शुरु कर दी है। गुरुवार को दिल्ली में बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई थी। इस बैठक में बंगाल चुनाव के लिए करीब 140 उम्मीदवारों के नाम तय किए गए। संभावना है कि अप्रैल के आखिर में ही बंगाल में चुनाव हो सकते हैं। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन के पदभार संभालने के बाद चुनाव समिति की यह पहली बैठक थी। यह बैठक पीएम नरेंद्र मोदी के आवास पर हुई थी। आमतौर पर बीजेपी मुख्यालय में ही ऐसी बैठकें होती थीं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 294 विधानसभा सीटें हैं और बीजेपी करीब आधी सीटों पर सहमति बना चुकी है। माना जा रहा है कि इस संबंध में जल्दी ही ऐलान हो सकता है। बीजेपी का फोकस है कि पहली सूची जारी करने में बढ़त हासिल की जाए। इसके अलावा कई पूर्व सांसदों को विधानसभा में उतारने का भी योजना है। पहली सूची में जिन लोगों के नाम आ सकते हैं, उनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और पूर्व केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक और शुभेंदु अधिकारी के हैं। हालांकि एक बदलाव पिछली बार के मुकाबले यह है कि मौजूदा सांसदों को नहीं उतारा जाएगा। 2021 के चुनाव में बीजेपी 77 सीटों पर जीत हासिल करके मुख्य विपक्षी दल बन गई थी।
हालांकि कई विधायकों के पार्टी छोड़ने के चलते फिलहाल राज्य में उसके पास 65 की ही संख्या है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि ज्यादातर विधायकों को फिर से टिकट मिल सकता है। इस बार सिलेब्रिटी या फिर टीएमसी छोड़कर आने वाले लोगों को मौके नहीं दिया जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि दलबदलुओं के फिर से दूसरे खेमे में जाने की संभावना ज्यादा रहती है।
2021 के चुनाव में बीजेपी के टिकट पर उतरे कई नेताओं ने बाद में पाला बदल लिया था। ऐसे में बीजेपी ने शायद सबक सीखा है। तब बीजेपी ने टीएमसी से आए कई नेताओं और फिल्मी कलाकारों को खूब मौके दिए थे। उम्मीदवारों के चयन में जिताऊ फैक्टर को ध्यान में रखा गया है। इसके अलावा संगठन क्षमता, जाति समीकरण और संगठन के लिए प्रतिबद्धता जैसे फैक्टरों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बता दें बीजेपी ने राज्य में चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है। हाल ही में अमित शाह ने एक रैली में वादा किया था कि बीजेपी के सत्ता में आते ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाएगा।
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