राजनीति
बिहार में NDA का दबदबा, राज्यसभा चुनाव में 10 राज्यों की 37 सीटों के परिणाम
17 Mar, 2026 11:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. देश के 10 राज्यों (10 States) में सोमवार को राज्यसभा (Rajya Sabha) की 37 सीटों (37 seats) के लिए चुनाव हुए. सात राज्यों असम, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में 26 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए. बाकी 11 सीटों के लिए बिहार, ओडिशा और हरियाणा में वोटिंग की जरूरत पड़ी. इनमें से बिहार में 5, ओडिशा में 4 और हरियाणा में 2 सीटें थीं. हरियाणा में मतपत्र की गोपनीयता के उल्लंघन को लेकर बीजेपी और कांग्रेस ने चुनाव आयोग में आपत्ति दर्ज कराई, जिस कारण मतगणना 5 घंटे तक रुकी रही और देर रात नतीजे आए.
सबसे ज्यादा ध्यान बिहार के राज्यसभा चुनाव ने खींचा. यहां से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और शिवेश कुमार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में थे. वहीं महागठबंधन ने अमरेंद्र धारी सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया था. एनडीए ने बिहार की सभी पांच राज्यसभा सीटों पर जीत हासिल की. उसके सभी 202 विधायकों ने मतदान में हिस्सा लिया. नीतीश कुमार को 44 विधायकों के वोट मिले, जबकि नितिन नवीन को भी 44 विधायकों का समर्थन प्राप्त हुआ.
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा को 42 विधायकों के वोट मिले और रामनाथ ठाकुर को भी 42 विधायकों का समर्थन मिला. पांचवीं सीट के लिए एनडीए और महागठबंधन के उम्मीदवार में कांटे का मुकाबला देखने को मिला. हालांकि, महागठबंधन के 4 विधायकों ने मतदान से दूरी बना ली, जिसका फायदा एनडीए उम्मीदवार शिवेश कुमार को मिला. उन्होंने महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को दूसरी वरीयता के वोटों के आधार पर हरा दिया. शिवेश कुमार को 4202 टोटल वैल्यू ऑफ वोट मिला, जबकि अमरेंद्र धारी सिंह को 3700 टोटल वैल्यू ऑफ वोट मिला. प्रथम वरीयता के वोट की बात करें तो महागठबंधन उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह 37 मतों के साथ, एनडीए के शिवेश कुमार से आगे रहे.
महागठबंधन के 4 MLAs ने नहीं डाले वोट, NDA जीता
शिवेश कुमार को 30 प्रथम वरीयता वोट प्राप्त हुए. हालांकि, द्वितीय वरीयता के वोटों की गिनती के बाद शिवेश कुमार के कुल वोटों की संख्या में वृद्धि हुई, जबकि अमरेंद्र धारी सिंह को द्वितीय वरीयता का एक भी वोट नहीं मिला. महागठबंधन के जिन विधायकों ने मतदान से दूरी बनाई, उनमें कांग्रेस के मनोहर प्रसाद, सुरेंद्र कुशवाहा, मनोज विश्वास और आरजेडी के फैसल रहमान शामिल हैं. बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में नीतीश कुमार की जेडीयू, चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास), जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाली हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं.
वहीं महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और वामदल शामिल हैं. हालांकि, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के 5 और बसपा के 1 विधायक ने महागठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया. अगर कांग्रेस के 3 और राजद के 1 विधायक ने मतदान से दूरी नहीं बनाई होती, तो महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह आसानी से जीत जाते. बिहार में राज्यसभा चुनाव के फार्मूले के मुताबिक, यदि सभी 243 विधायक मतदान में हिस्सा लेते, तो प्रत्येक उम्मीदवार को जीतने के लिए कम से कम 41 वोटों की आवश्यकता होती.
ओडिशा की चार में से बीजेपी ने जीतीं दो राज्यसभा सीटें
ओडिशा में बीजू जनता दल और कांग्रेस के कुछ विधायकों की क्रॉस-वोटिंग और राजनीतिक दांव-पेच से भरपूर एक कड़े मुकाबले में बीजेपी ने राज्यसभा की दो सीटें जीतने में सफलता पाई. राज्य में राज्यसभा की चार सीटों के लिए हुए चुनाव में भारी गहमागहमी देखने को मिली. मतपत्र की गोपनीयता के उल्लंघन और मतदान को प्रभावित करने प्रयास के आरोपों को लेकर मतदान प्रक्रिया में कुछ देर के लिए रुकावट भी आई. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और ओडिशा प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल अपनी सीट जीतने में कामयाब रहे.
भाजपा के एक अन्य उम्मीदवार और राज्यसभा के मौजूदा सदस्य सुजीत कुमार भी उच्च सदन के लिए दोबारा निर्वाचित हुए. एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की. कई बीजेडी और कांग्रेस विधायकों की क्रॉस-वोटिंग ने उनकी जीत का मार्ग प्रशस्त किया. बीजेडी सूत्रों के मुताबिक करीब आठ पार्टी विधायकों ने दिलीप राय के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की, जिससे राज्यसभा चुनाव का परिणाम प्रभावित हुआ. बीजू जनता दल से संतृप्त मिश्रा ने जीत हासिल की.
हरियाणा में देर रात तक हुआ जीत-हार का फैसला
हरियाणा राज्यसभा चुनाव की मतगणना से पहले, कांग्रेस और भाजपा दोनों ने कुछ विधायकों द्वारा डाले गए मतों की गोपनीयता पर आपत्ति जताई. आपत्तियों में आरोप लगाया गया कि मतदान के दौरान मतपत्र अनधिकृत व्यक्तियों को दिखाए गए, जिससे गोपनीयता नियमों का उल्लंघन हुआ. कांग्रेस ने भाजपा विधायक और कैबिनेट मंत्री अनिल विज के मतपत्र की गोपनीयता को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है. वहीं, भाजपा ने कांग्रेस विधायकों परमवीर सिंह और भरत बेनीवाल के मतपत्रों की गोपनीयता पर आपत्ति जताई. दोनों दलों का आरोप था कि अधिकृत एजेंटों को मतपत्र दिखाते समय मतदान की गोपनीयता का ठीक से पालन नहीं किया गया और चिह्नित मतपत्र अधिकृत एजेंटों के अलावा अन्य लोगों को भी दिखाई दिए.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर हरियाणा राज्यसभा चुनाव में ‘हस्तक्षेप’ का आरोप लगाया. देर रात चुनाव आयोग ने कांग्रेस और बीजेपी की कुल तीन आपत्तियों में से दो का निपटारा किया. आयोग ने बीजेपी विधायक और कैबिनेट मंत्री अनिल विज के मत को अमान्य करने की कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी. अनिल विज का मत मान्य हुआ. साथ ही कांग्रेस विधायक भरत बेनीवाल के मत को भी चुनाव आयोग ने मान्य करार दिया. वहीं एक अन्य कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह के मत को अमान्य करने की बीजेपी की याचिका को चुनाव आयोग ने मंजूर कर लिया. उनका मत अमान्य करार दिया गया. इसके बाद हरियाणा राज्यसभा चुनाव की मतगणना शुरू हुई. हरियाणा में दो राज्यसभा सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं. बीजेपी ने संजय भाटिया को अपना उम्मीदवार बनाया है और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल का समर्थन कर रही है. वहीं कांग्रेस ने करमवीर सिंह बौध को अपना उम्मीदवार बनाया है.
कांग्रेस-बीजेपी के बीच विवाद की वजह से देर रात तक फैसला आया. कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध और BJP के संजय भाटिया की जीत हुई है.
अन्य 7 राज्यों में राज्यसभा चुनाव के नतीजे
हिमाचल प्रदेश (1 सीट)
अनुराग शर्मा – कांग्रेस – निर्विरोध निर्वाचित
तेलंगाना (2 सीटें)
अभिषेक मनु सिंघवी – कांग्रेस – निर्विरोध निर्वाचित
वेम नरेंद्र रेड्डी – कांग्रेस – निर्विरोध निर्वाचित
छत्तीसगढ़ (2 सीटें)
लक्ष्मी वर्मा – भाजपा – निर्विरोध निर्वाचित
फूलो देवी नेताम – भाजपा – निर्विरोध निर्वाचित
असम (3 सीटें)
जोगेन मोहन – भाजपा – निर्विरोध निर्वाचित
तेराश गोवाला – भाजपा – निर्विरोध निर्वाचित
प्रमोद बोरो – यूपीपीएल – निर्विरोध निर्वाचित
तमिलनाडु (6 सीटें)
तिरुचि शिवा – डीएमके – निर्विरोध निर्वाचित
जे. कॉन्स्टैन्टाइन रविंद्रन – डीएमके – निर्विरोध निर्वाचित
एम. थम्बी दुरई – एआईएडीएमके – निर्विरोध निर्वाचित
अंबुमणि रामदॉस – पीएमके – निर्विरोध निर्वाचित
एम. क्रिस्टोफर तिलक – कांग्रेस – निर्विरोध निर्वाचित
एल. के. सुधीश – डीएमडीके – निर्विरोध निर्वाचित
पश्चिम बंगाल (5 सीटें)
बाबुल सुप्रियो – टीएमसी – निर्विरोध निर्वाचित
राजीव कुमार – टीएमसी – निर्विरोध निर्वाचित
मेनका गुरुस्वामी – टीएमसी – निर्विरोध निर्वाचित
कोयल मल्लिक – टीएमसी – निर्विरोध निर्वाचित
राहुल सिन्हा – भाजपा – निर्विरोध निर्वाचित
महाराष्ट्र (7 सीटें)
विनोद तावड़े – भाजपा – निर्विरोध निर्वाचित
रामराव वडकुते – भाजपा – निर्विरोध निर्वाचित
माया इवनाटे – भाजपा – निर्विरोध निर्वाचित
रामदास अठावले – आपीआई – निर्विरोध निर्वाचित
ज्योति वाघमारे – शिवसेना – निर्विरोध निर्वाचित
पार्थ पवार – एनसीपी – निर्विरोध निर्वाचित
शरद पवार – एनसीपी (एसपी) – निर्विरोध निर्वाचित
हरियाणा
करमवीर सिंह बौद्ध – कांग्रेस
संजय भाटिया – भाजपा
राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों पर देवगौड़ा का आरोप, संसद में बाधा डाली गई
17 Mar, 2026 09:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश के पूर्व पीएम और राज्यसभा सदस्य एचडी देवगौड़ा ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संसद में विपक्ष द्वारा हंगामे और विरोध पर चिंता जताई है। उन्होंने लिखा है, संसद और उसके परिसर में विपक्षी दलों द्वारा अनजाने में पैदा की गई अराजकता से मैं बहुत परेशान हूं। देवगौड़ा ने आगे लिखा है, मुझे नहीं पता कि आप इस तरह की अनियंत्रित गतिविधियों और नकारात्मक ऊर्जा के प्रसार के परिणामों को समझ पा रही हैं या नहीं। मुझे लगता है कि इससे हमारे लोकतंत्र की नींव को बहुत नुकसान हो सकता है और कड़वाहट की एक अमिट छाप छोड़ी जा सकती है। मैंने पहले आपको पत्र न लिखने का कारण यह था कि मुझे लगा कि समय के साथ चीजें शांत हो जाएंगी, लेकिन मुझे खेद है कि सुधार के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री ने आगे लिखा, मुझे लगता है कि विपक्ष के नेता के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने संसद के अंदर और उसके परिसर में बहुत अधिक व्यवधान उत्पन्न किए हैं। हाल के दिनों में संसद में नारेबाजी, तख्तियां लहराने और गाली-गलौज की घटनाएं हद से ज्यादा देखने को मिली हैं। गैर-गंभीरता का ऐसा रवैया देखने को मिला है, जिसने संसद और संसदीय लोकतंत्र के मेरे मूल विचार और संरचना पर ही प्रहार किया है। निसंदेह, संसदीय लोकतंत्र के मेरे विचार हमारे संस्थापक पिताओं, जैसे पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, बी।आर। अंबेडकर और मौलाना अब्दुल कलाम आजाद आदि के दिए गए उपदेशों और मार्गदर्शन पर आधारित हैं। अपने लंबे अनुभव में मैंने संसद को कभी इतनी अराजकता और लापरवाही में नहीं देखा जितना हमने हाल ही में देखा है।
LPG संकट पर राज्यसभा में उठाया प्रश्न, खरगे ने मांगी जवाबदेही
17 Mar, 2026 08:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश में बढ़ता एलपीजी संकट मोदी सरकार के दयनीय प्रबंधन के साथ-साथ खराब विदेश नीति और ऊर्जा नीति की भी पोल खोल रहा है। उन्होंने मांग की कि एलपीजी की स्थिर, सुलभ और किफायती उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराई जाए।
संसद में सोमवार को जनता को हो रही परेशानियों का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा कि एलपीजी संकट से पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। खरगे ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच जब सरकार ने ईरान में भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की थी, तब उसे यह भी पता था कि महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार को संभावित संकट की जानकारी थी, तो अग्रिम योजना और वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? उन्होंने यह भी पूछा कि इस मुद्दे पर समन्वित प्रतिक्रिया देने एवं जनता की चिंता कम करने के लिए विपक्ष और देश को भरोसे में क्यों नहीं लिया गया? कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस संकट का सबसे अधिक असर गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों, छोटे ढाबों, रेस्तरां, हॉस्टलों, छोटे एवं मध्यम उद्योगों तथा अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। एलपीजी सिलेंडर न मिलने से सामुदायिक रसोई और राम रसोई जैसी सेवाएं भी बंद हो रही हैं। कई प्रतिष्ठानों ने अपना परिचालन सीमित कर दिया है या उन्हें बंद करना पड़ा है।
कालाबाजारी की ओर ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर सिलेंडर पांच हजार रुपये से अधिक कीमत पर बिक रहे हैं। उन्होंने लोकसभा में पेट्रोलियम मंत्री के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार जमीनी हकीकत सरकारी दावों को गलत साबित कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि मौजूदा स्थिति में औद्योगिक उपभोक्ताओं को पिछले छह महीनों की औसत आपूर्ति का केवल 80 प्रतिशत ही मिलेगा, जबकि उर्वरक संयंत्रों की आपूर्ति 70 प्रतिशत तक सीमित कर दी गई है। रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को भी कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने एलपीजी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपये और कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 115 रुपये बढ़ाई गई है।खरगे ने कहा कि शहरों में एक सिलेंडर मिलने के बाद अगला सिलेंडर बुक करने की अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है, जबकि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में यह अवधि 25 से बढ़ाकर 45 दिन कर दी गई है। इससे पैनिक बुकिंग और जमाखोरी की स्थिति पैदा हो रही है।
2027 की तैयारी: चंद्रशेखर आजाद ने सभी पार्टियों के लिए गठबंधन का संकेत दिया
16 Mar, 2026 10:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। आजाद समाज पार्टी(Azad Samaj Party) के प्रमुख और नगीना से(Member of Parliament from Nagina) सांसद चंद्रशेखर आजाद(Chandrashekhar Azad) ने उत्तर प्रदेश की राजनीति(Uttar Pradesh politics) में बड़ा दांव खेला है। रविवार को बाराबंकी के हैदरगढ़(Haidergarh, Barabanki,) में पार्टी के स्थापना दिवस और कांशीराम की जयंती(birth anniversary of Kanshi Ram) के मौके पर आयोजित जनसभा में उन्होंने मीडिया से बातचीत में ऐलान किया कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी(political party) भाजपा को छोड़कर किसी भी दल से गठबंधन करने के लिए तैयार है।
मेकानिज्म और अधिकार
चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि गठबंधन पर अंतिम निर्णय प्रदेश नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का होगा। उन्होंने कहा, “मेरा भाजपा से वैचारिक विरोध है, इसलिए किसी भी अन्य दल से गठबंधन का निर्णय प्रदेश इकाई जो भी लेगी, वह मुझे मंजूर होगा।”
उनके इस बयान को सपा और कांग्रेस के लिए सीधे संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
कानून-व्यवस्था पर हमला
जनसभा में चंद्रशेखर ने प्रदेश में बढ़ती हत्या और दुराचार की घटनाओं का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘हर चौराहे पर यमराज’ वाले बयान पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, “जब अपराधी भाजपा से जुड़े होते हैं तो यमराज छुट्टी पर चले जाते हैं।”
धमकियों और पथराव पर कड़ा रुख
चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया पर धमकियों और रास्ते में हुई गाड़ी पर पथराव की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा, “शायद उन्हें पता नहीं कि मेरा नाम चंद्रशेखर ‘रावण’ है, मैं डरने वाला नहीं हूं। बाबा साहब के संविधान की शक्ति ही है कि मैं आज आपके बीच पहुंच सका हूं।”
पुरानी यादें और भविष्य का संकल्प
अपने संबोधन में चंद्रशेखर ने कांशीराम के संघर्षों को याद किया और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ‘सत्ता की मास्टर चाबी’ हासिल करने के लिए एकजुट हों। उन्होंने नगीना में बिना बड़े गठबंधन के जीत का उदाहरण देकर यह दिखाया कि दलित और पिछड़ा वर्ग अब जाग चुका है।
जनसभा और सुरक्षा इंतजाम
जनसभा में भारी भीड़ और भीम आर्मी के अनुशासित कार्यकर्ता मौजूद थे। सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही, जबकि भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने खुद सुरक्षा का मोर्चा संभाला।चंद्रशेखर आजाद भाजपा को छोड़ किसी भी दल से गठबंधन के लिए तैयार हैं।गठबंधन का अंतिम निर्णय प्रदेश इकाई और कार्यकर्ताओं के हाथ में होगा।प्रदेश में कानून-व्यवस्था और अपराधीकरण को लेकर उन्होंने कड़ा हमला बोला।भीम आर्मी और कार्यकर्ताओं के सहयोग से जनसभा सुरक्षित और प्रभावशाली रही।2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में आजाद समाज पार्टी किंगमेकर की भूमिका निभाने का लक्ष्य रखती है।
एनडीए का ऑफर विजय को, तमिलनाडु में चुनावी समीकरण में आ सकता है बड़ा बदलाव
16 Mar, 2026 09:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में फिल्मी दुनिया का असर हमेशा से रहा है और अब एक बार फिर सिनेमा से जुड़े चेहरे के कारण सियासी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। अभिनेता विजय (Vijay) की पार्टी (Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ने बड़ा कदम उठाया है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने विजय की पार्टी को (National Democratic Alliance) (एनडीए) में शामिल होने का खुला प्रस्ताव दिया है।
उपमुख्यमंत्री पद और 80 सीटों का ऑफर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संभावित गठबंधन के तहत बीजेपी ने TVK को लगभग 80 विधानसभा सीटें देने की पेशकश की है। इसके साथ ही विजय को उपमुख्यमंत्री पद का ऑफर भी दिया गया है। पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि यदि विजय के प्रशंसकों का वोट एनडीए के साथ जुड़ता है तो राज्य की चुनावी तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
चुनाव से पहले तेज हुई सियासी हलचल
खबरों के मुताबिक Election Commission of India जल्द ही तमिलनाडु समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा कर सकता है। इससे पहले ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। बीजेपी के भीतर यह आकलन किया जा रहा है कि महज 2 प्रतिशत वोटों का अंतर भी जीत और हार तय कर सकता है। यही वजह है कि विजय की लोकप्रियता को देखते हुए पार्टी उनके साथ गठबंधन की कोशिश कर रही है।
सीएम पद को लेकर अटकी बात
सूत्रों के अनुसार, गठबंधन पर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और इसमें एक अन्य राज्य के उपमुख्यमंत्री मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, बीजेपी की ओर से उपमुख्यमंत्री पद और सीटों का प्रस्ताव दिए जाने के बावजूद बातचीत पूरी तरह तय नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि विजय अपनी पहली चुनावी पारी में ही मुख्यमंत्री पद की दावेदारी चाहते हैं।
समर्थकों में भी मतभेद
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि विजय के कुछ करीबी सलाहकार इस गठबंधन को लेकर असमंजस में हैं। उनका मानना है कि यदि विजय अपनी पहली राजनीतिक परीक्षा में ही एनडीए के साथ आ जाते हैं तो इससे उनकी स्वतंत्र राजनीतिक छवि प्रभावित हो सकती है।
द्रमुक और अन्नाद्रमुक के लिए नई चुनौती
अगर यह गठबंधन होता है तो तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है। अब तक मुख्य मुकाबला Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) के बीच माना जाता रहा है, लेकिन बीजेपी और विजय की पार्टी के साथ आने से राज्य में त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बन सकती है।
चुनाव की तैयारी में आयोग की सख्ती, पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी हटाईं गईं
16 Mar, 2026 08:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को पद से हटा दिया है। उनकी जगह 1993 बैच के आईएएस दुष्यंत नरियाला को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। साथ ही राज्य के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा की जगह 1997 बैच की आईएएस संघमित्रा घोष को गृह सचिव के पद पर नियुक्त किया है।
चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। नए अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने की रिपोर्ट सोमवार तक आयोग को भेजनी होगी। आदेश में कहा गया है कि जिन अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है, उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनाव से जुड़े पद पर तैनात नहीं किया जाएगा। चुनाव आयोग ने रविवार को बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। बंगाल की 294 सीटों पर 2 फेज में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। 4 मई को रिजल्ट आएगा।
चुनाव आयोग ने आदेश में कहा कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद वह लगातार प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा कर रहा है। इसी क्रम में यह फैसला लिया गया है। आयोग का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक बदलाव किए जा रहे हैं।
कांग्रेस विधायकों को लुभाया गया 5-5 करोड़ में, राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग का आरोप
16 Mar, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। कर्नाटक के बेंगलुरु में राज्यसभा चुनाव से पहले डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया है कि ओडिशा कांग्रेस के विधायकों को क्रॉस-वोटिंग के लिए पांच-पांच करोड़ रुपए का ऑफर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। शिवकुमार ने कहा है कि ओडिशा के चार लोग बेंगलुरु के पास बिदादी स्थित एक रिसॉर्ट पहुंचे थे, जहां ओडिशा कांग्रेस के विधायक ठहरे हुए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डी के शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस विधायकों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और तुरंत पार्टी नेतृत्व को इसकी जानकारी दी। उनके मुताबिक चार लोगों में से दो मौके से भाग गए, जबकि दो को पकड़ लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि आरोपियों के पास से ब्लैंक चेक भी मिले हैं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है। शिवकुमार ने इसे बीजेपी का ऑपरेशन लोटस बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के विधायकों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।
वहीं इस मामले में ओडिशा कांग्रेस विधायक दल के डिप्टी लीडर अशोक कुमार दास ने भी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि चार अज्ञात लोगों ने कुछ विधायकों से संपर्क कर उन्हें राज्यसभा चुनाव में एक उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग करने के लिए करोड़ों रुपए का ऑफर दिया। दास ने यह भी आरोप लगाया कि जब विधायकों ने ऑफर ठुकरा दिया तो उन्हें ओडिशा लौटने पर जान से मारने की धमकी दी गई। ओडिशा के आठ कांग्रेस विधायक 12 मार्च से बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे। राज्यसभा चुनाव से पहले हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका के चलते उन्हें यहां लाया गया था। ओडिशा की 4 सीटों पर राज्यसभा चुनाव सोमवार को होना हैं, जिसमें बीजेपी को दो और बीजेडी को एक सीट मिलने की संभावना है। चौथी सीट पर बीजेपी और बीजेडी प्रत्याशी के बीच मुकाबला होगा। कांग्रेस और बीजू जनता दल ने एक-एक उम्मीदवार उतारा है, जबकि बीजेपी ने अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
अवैध घुसपैठ बदल रहा Assam की डेमोग्राफी, चुनावी समीकरण BJP के पक्ष में
16 Mar, 2026 06:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पूर्वोत्तर (Northeast) के सबसे अहम राज्य असम (Assam Elections 2026) में भाजपा (BJP) के सामने जीत की हैट्रिक लगाने, कांग्रेस के सामने जीत का सूखा खत्म करने और एआईयूडीएफ के सामने किंगमेकर बनने की चुनौती है। इस बार भी अहम मुद्दा अवैध घुसपैठ (Illegal Intrusion) के कारण जनसांख्यिकी में हुए बदलाव, लाखों की संख्या में अवैध अप्रवासी और चाय बगान की दुर्दशा है। जीत की रात तलाश रहे कांग्रेस ने पहले ही उम्मीदवारों की दो सूची जारी की है।
राज्य के सीएम रहे दिवंगत तरुण गोगोई के पुत्र गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) को जोरहाट से उतारा गया है। साथ ही, नई रणनीति के तहत गठबंधन सहयोगी एआईयूडीएफ से दूरी बना ली है। इसकी जगह पार्टी ने असम जातीय परिषद, ऑल इंडिया हिल लीडर्स कांफ्रेंस और माकपा समेत 10 दलों से गठबंधन किया है। दूसरी ओर भाजपा ने पुराने साथी असम गण परिषद के अलावा बोडोलैंड में मजबूती के लिए नए साथी के रूप में बीपीएफ से गठबंधन किया है।
टूटा मुस्लिम वर्चस्व का मिथक
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के इर्द-गिर्द घूम रही असम की राजनीति दशकों तक मुस्लिम मतों (35%) के ध्रुवीकरण पर टिकी रही। हालांकि 2016 और 2021 में भाजपा ने बहुसंख्यकों का समानांतर ध्रुवीकरण कर इस वर्चस्व को तोड़ने में सफलता हासिल की। पार्टी ने असम गण परिषद, यूपीपीएल जैसे दलों को साधा और एनडीए को धमाकेदार जीत दिलवाई। भाजपा ने उग्र हिंदुत्व और महिला को हथियार बनाया है। हिमंता सरकार ने 37 लाख महिलाओं को 8000 रुपये की सहायता दी है। इसके अलावा घुसपैठ पर सीएम के बयान पूरे पांच साल तक राज्य ही नहीं, देशभर में चर्चा का विषय बने हैं।
अपर असम भाजपा की ताकत
बीते दोनों ही चुनावों में अपर असम के नौ जिले की 43 सीटें भाजपा के लिए सत्ता की सीढ़ी साबित हुई। बीते चुनाव में पार्टी को 38 तो उससे पहले 37 सीटें हासिल हुई। इस क्षेत्र में पूर्व सीएम सर्बानंद सोनोवाल की गहरी पैठ है, जिनके वर्तमान सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के साथ मतभेद की चर्चा है। खतरा भांप शीर्ष नेतृत्व ने सोनोवाल को मतदान तक अपर असम में डटे रहने और हिमंता को आक्रामक बयान से परहेज बरतने का निर्देश दिया है।
परिसीमन के बाद पहला चुनाव, बदला सियासी गणित
असम में परिसीमन के बाद पहला विधानसभा चुनाव है। नई सीमाओं और बदले सामाजिक समीकरणों के बीच 126 सीटों का सियासी गणित पहले से अलग नजर आ रहा है। ऐसे में सत्तारूढ़ भाजपा व कांग्रेस के बीच मुकाबला पहले से अधिक रोचक माना जा रहा है। कई क्षेत्रों में मतदाताओं का स्वरूप बदल गया है, इससे पुराने समीकरण भी बदलते दिख रहे हैं। परिसीमन के बाद राज्य 9 सीटें अनुसूचित जाति और 19 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। नई सीमाओं के कारण कुछ सामान्य सीटें आरक्षित श्रेणी में चली गई हैं, जबकि कुछ आरक्षित सीटें सामान्य हो गई हैं।
क्षेत्रीय संतुलन भी बदल गया
नई सीमाओं के बाद अपर असम, लोअर असम और बराक घाटी के बीच सीटों का संतुलन भी राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। अपर असम के जिलों में सीटों की सीमाएं बदलने से यहां भाजपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही है, जबकि लोअर असम और बराक घाटी में विपक्षी दलों की पकड़ को लेकर भी चर्चा हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में पहली बार अलग तरह का सामाजिक समीकरण दिखाई देगा। इससे कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय भी हो सकता है।
राजनीति में बड़ा मोड़: अनंत सिंह ने कहा, अब चुनाव में नहीं उतरूंगा
16 Mar, 2026 06:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में राज्यसभा चुनाव के दौरान सोमवार को बाहुबली नेता अनंत सिंह वोट डालने के लिए पहुंचे। मतदान करने के बाद अनंत सिंह फिर से जेल लौट गए। इस दौरान उन्होंने कई अहम बयान दिए। अनंत सिंह ने ऐलान किया कि अब वे आगे कोई चुनाव नहीं लड़ने वाले है। उन्होंने कहा कि अब उनके बच्चे ही राजनीति में आगे बढ़ने और चुनाव लड़ने वाले है।
बताया जा रहा है कि नीतीश के राज्यसभा जाने की चर्चा के बाद ही बाहुबली नेता सिंह ने यह फैसला लिया है। फिलहाल उनके बयान से बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हुई है। अनंत सिंह ने दावा किया कि एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवार चुनाव जीतने वाले है। उन्होंने कहा कि गठबंधन मजबूत है और सभी प्रत्याशियों की जीत तय है। नीतिश के राज्यसभा जाने के बाद अब बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर भी बाहुबली सिंह ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार में मुख्यमंत्री बनने के सभी गुण मौजूद हैं। हालांकि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह फैसला बड़े नेता करने वाले है।
बता दें कि पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव अनंत को धमाकेदार जीत मिली थी। उन्होंने मोकामा सीट से 28,206 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। अनंत सिंह ने आरजेडी की उम्मीदवार वीणा देवी को हराया था। अनंत को 91,416 वोट मिले, जबकि वीणा देवी को 63,210 वोट मिले। जेल में रहने के बावजूद अनंत सिंह ने ये चुनाव जीता था। 3 फरवरी 2026 को उन्हें जेल से पुलिस की गाड़ी में बिहार विधानसभा लाया गया। जहां उन्होंने विधायक पद की शपथ ली। शपथ लेने के बाद उन्हें फिर से जेल वापस ले जाया गया।
केजरीवाल ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, हाईकोर्ट ने पहले की याचिका ठुकराई
16 Mar, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और आप नेता मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा सीबीआई के उत्पाद शुल्क नीति मामले की याचिका को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांत शर्मा की पीठ से किसी अन्य न्यायाधीश को स्थानांतरित करने से इनकार करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। दोनों ने 11 मार्च को मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को दिए गए एक आवेदन के बाद निष्पक्षता को लेकर गंभीर आशंका व्यक्त की, जिसे मुख्य न्यायाधीश ने खारिज कर दिया और कहा कि मामला न्यायालय के कार्यसूची के अनुरूप है और पुनर्नियुक्ति के लिए कोई प्रशासनिक आधार नहीं है। सीबीआई की याचिका, जो सोमवार को न्यायमूर्ति शर्मा के समक्ष सूचीबद्ध है, शराब लाइसेंसधारियों को तरजीह देने से जुड़े घोटाले में केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य को निचली अदालत द्वारा 27 फरवरी को बरी किए जाने को चुनौती देती है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 2021 की दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति, जिसे अब रद्द कर दिया गया है, का उद्देश्य राजस्व वृद्धि के लिए शराब की बिक्री का निजीकरण करना था, लेकिन अनियमितताओं, रिश्वतखोरी और सरकारी खजाने को हुए नुकसान के आरोपों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उपराज्यपाल के आदेश पर सीबीआई और ईडी ने जांच की। निचली अदालत ने सीबीआई के कुछ निष्कर्षों की आलोचना करते हुए आरोपियों को बरी कर दिया, लेकिन न्यायमूर्ति शर्मा ने 9 मार्च को सभी 23 प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया, सीबीआई जांचकर्ता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पर रोक लगा दी, निचली अदालत की टिप्पणियों में प्रथम दृष्टया त्रुटियों को उजागर किया और संबंधित पीएमएलए कार्यवाही को स्थगित कर दिया। इन कदमों ने आम आदमी पार्टी के पक्षपात के दावों को और बल दिया।
आम आदमी पार्टी ने उच्च न्यायालय के पत्र की प्राप्ति की पुष्टि की, और केजरीवाल ने एसके शर्मा द्वारा 9 मार्च को निचली अदालत की टिप्पणियों पर बिना उनकी बात सुने रोक लगाने के आदेश का भी विरोध किया। सुप्रीम कोर्ट की याचिका में मामले की स्पष्ट रूप से निष्पक्ष सुनवाई के लिए संभावित रूप से मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की है। इस घटनाक्रम ने न्यायमूर्ति शर्मा की सुनवाई से पहले तनाव बढ़ा दिया है, जो भ्रष्टाचार के इस हाई-प्रोफाइल मामले के बीच न्यायिक नियुक्तियों पर सवाल उठाने की आप की रणनीति को रेखांकित करता है।
चुनाव से पहले कांग्रेस का बयान, राज्यसभा चुनाव को लेकर उठाए सवाल
16 Mar, 2026 10:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरू। 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव होने हैं, इससे पहले ओडिशा कांग्रेस के एक नेता ने पार्टी के विधायकों को खरीदने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता ने बेंगलुरु के बिदादी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें उन्होंने चार लोगों पर पार्टी के नेताओं को डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया है। ओडिशा कांग्रेस विधायक दल के उपनेता अशोक कुमार दास ने अपनी शिकायत में कहा कि राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा के अतिरिक्त उम्मीदवार उतारने के बाद, कांग्रेस को अपने विधायकों की खरीद-फरोख्त का डर था। इसीलिए कांग्रेस के आठ विधायक 12 मार्च से बेंगलुरु के वंडरला के पास एक होटल में रुके हुए हैं।
कांग्रेस नेता का आरोप है कि 15 मार्च को चार अनजान लोग होटल पहुंचे। ये लोग अपने साथ एक ब्लैंक चेक लेकर आए थे। दास ने दावा किया कि इन लोगों ने विधायकों को करोड़ों रुपये का लालच दिया ताकि वो राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग करें।
विधायकों के साथ गाली-गलौच और धमकी
अशोक कुमार दास ने अपनी शिकायत में कहा कि जब विधायकों ने रिश्वत के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, तो आरोपियों ने धमकाने शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन लोगों ने विधायकों के साथ गाली-गलौज की और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। दास ने कहा कि जब हमारे विधायकों ने उनके प्रस्ताव को खारिज कर दिया, तो उन व्यक्तियों ने कथित तौर पर हमें जान से मारने की धमकी दी, अगर हम ओडिशा वापस लौटे। उन्होंने हमारे खिलाफ अपमानजनक और गंदी भाषा का भी इस्तेमाल किया।
आरोपियों की पहचान भी बताई
कांग्रेस ने पुलिस को दी गई शिकायत में चार व्यक्तियों की पहचान भी बताई है। उनके नाम बीरेंद्र प्रसाद, सुरेश, अजीत कुमार साहू और सिमाचल मोहकुड बताए गए हैं। बेंगलुरु पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है।
ममता की फिर से सत्ता में वापसी? नवीनतम ओपिनियन पोल में साफ संकेत
16 Mar, 2026 10:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान होने के साथ ही आईएएनएस-मैटराइज का ओपिनियन पोल भी आ गया है। ओपिनियन पोल में पश्चिम बंगाल में किसके सिर पर सत्ता का ताज सजेगा, इसको लेकर राज्य की जनता की राय ली गई है।
ओपिनियन पोल के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सत्ता पर काबिज होने का अनुमान जताया गया है। वहीं, भाजपा के पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार ज्यादा सीटें जीतने के आसार ओपिनियन पोल में जताए गए हैं।
ओपिनियन पोल के अनुसार, पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से ममता बनर्जी की टीएमसी के 155 से 170 सीटें जीतने का अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा, भाजपा के 100 से 115 सीटें जीतने का दावा इस पोल में किया गया है। वहीं, अन्य के खाते में 5 से 7 सीटें आ सकती हैं।
ओपिनियन पोल में टीएमसी को 43-45 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान लगाया गया है। इसके साथ ही एनडीए के 41-43 प्रतिशत और अन्य को 13 से 15 प्रतिशत वोट शेयर मिलने की उम्मीद जताई गई है। बंगाल विधानसभा चुनाव में 294 सीटों पर दो चरणों में चुनाव होने हैं।
दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री केजरीवाल का आग्रह: शराब नीति मामले की सुनवाई दूसरी बेंच में हो
16 Mar, 2026 09:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली की कथित शराब नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच से दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की मांग की है। हाल ही में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में केजरीवाल को बरी किया था। इसी आदेश के खिलाफ सीबीआई ने हाई कोर्ट का रुख किया है।
केजरीवाल का कहना कि अगर यही जज सुनवाई करती हैं तो निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं हो पाएगी। इससे पहले केजरीवाल ने बेंच बदलने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भी पत्र लिखा था। उन्होंने इस अनुरोध को ठुकरा दिया था। कल यही मामला दिल्ली हाई कोर्ट में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच के सामने लगा भी है।
अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट के 9 मार्च के उस आदेश को भी चुनौती दी है जिसमें बेंच ने बिना उनका पक्ष सुने सीबीआई के जांच अधिकारी को लेकर निचली अदालत की ओर से की गई टिप्पणी पर रोक लगा दी थी। कल केजरीवाल की ओर से चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने जल्द सुनवाई की मांग की जा सकती है।
जाति-आधारित चुनावी विश्लेषण पर रोक की मांग, आरएसएस ने जताई चिंता
16 Mar, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (अखिल भारतीय प्रतिनिधियों की सभा) की तीन-दिवसीय बैठक रविवार को संपन्न हो गई। इस बैठक में जाति-आधारित भेदभाव को खत्म करने और चुनावों के दौरान मतदाताओं के जनसांख्यिकीय आंकड़ों का जाति-आधारित विश्लेषण करने की प्रथा को रोकने का आह्वान किया गया।
आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबले ने हरियाणा के पानीपत जिले के समालखा में मीडिया वालों से कहा कि संघ सामाजिक सद्भाव का समर्थन करता है और समाज को जाति के आधार पर बांटने की कोशिशों का विरोध करता है। होसबले ने मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक हालात के बीच केंद्र सरकार की कूटनीतिक कोशिशों की भी तारीफ की, और कहा कि संघ वैश्विक शांति और विकास का समर्थक है।
उन्होंने कहा कि आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने इस संगठन की स्थापना किसी खास समुदाय, धार्मिक संप्रदाय या पूजा-पद्धति का विरोध करने के इरादे से नहीं की थी।
उन्होंने कहा, पूजा-पद्धति और रीति-रिवाजों में अंतर से कोई बुनियादी फर्क नहीं पड़ता।
यह कहते हुए कि संगठन में सभी का स्वागत है, होसबले ने कहा, हम समाज की भलाई के लिए रचनात्मक काम में लगे किसी भी व्यक्ति को संघ का स्वयंसेवक (वॉलंटियर) मानते हैं।
संगठन की गतिविधियों के विस्तार पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में संघ के काम में काफी बढ़ोतरी हुई है।
बीजेपी तमिलनाडु में चुनाव से पहले टीवीके को एनडीए गठबंधन में चाहती है जोड़ना
15 Mar, 2026 08:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी और टीवीके के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत आखिरी दौर में है। बीजेपी की कोशिश है कि अभिनेता विजय की पार्टी को एनडीए के साथ जोड़ा जाए। इसके लिए पार्टी कई रास्तों से विजय से संपर्क कर रही है, जिसमें दूसरे राज्य के एक उपमुख्यमंत्री को बिचौलिया बनाया गया है। मीडिया रिपोर्ट में बीजेपी सूत्रों के हवाले से बताया कि विजय को एक बड़ा ऑफर दिया गया है। अगर गठबंधन चुनाव जीतता है, तो विजय को उपमुख्यमंत्री का पद मिल सकता है। साथ ही सीटों के बंटवारे को लेकर बीजेपी ने उनकी पार्टी को करीब 80 सीटें देने का प्रस्ताव रखा है। पेंच अभी इस बात पर फंसा है कि विजय खुद सीएम बनना चाहते हैं और इसी मुद्दे पर बातचीत अटकी है।
रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी को लगता है कि विजय के प्रशंसकों की भारी संख्या तमिलनाडु चुनाव में खेल कर सकती है। रणनीतिकारों का मानना है कि राज्य के कड़े मुकाबले में अगर सिर्फ 2 फीसदी वोट भी इधर-उधर होते हैं, तो जीत-हार का फैसला बदल सकता है। विजय के आने से बीजेपी को राज्य के चुनावी समीकरण अपने पक्ष में मुड़ने की उम्मीद है। दूसरी ओर विजय के करीबी सलाहकारों में इस गठबंधन को लेकर थोड़ी बेचैनी है। उन्हें डर है कि इतनी जल्दी किसी बड़े राष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा बनने से उनकी पार्टी की साख पर बुरा असर पड़ सकता है। विजय ने राजनीति में अपनी पहचान एक नए और स्वतंत्र विकल्प के रूप में बनाई है। सलाहकारों को चिंता है कि बीजेपी से हाथ मिलाने पर उनकी यह अलग पहचान कहीं फीकी न पड़ जाए।
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो प्रतिष्ठित पुरस्कार
राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
महतारी वंदन योजना से संवर रही पहाड़ी कोरवा परिवारों की तकदीर
