राजनीति
बिहार की राजनीति में नया मोड़: नीतीश का समर्थन, सम्राट और निशांत का साथ
19 Mar, 2026 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना. बिहार की राजनीति में इन दिनों एक नया सस्पेंस गहराता जा रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान दिए गए संकेतों ने सत्ता परिवर्तन की चर्चा को तेज कर दिया है. वहीं, यात्रा के दौरान कई जगहों पर उन्होंने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा कि आगे यही सब काम देखेंगे. यह बात उन्होंने लगातार दोहराई है जमुई, नवादा, सहरसा, भागलपुर और बांका जैसे जिलों में अपनी सभाओं में मंच पर खुले तौर पर दोहराई गई. राजनीति के जानकार इसे केवल सामान्य बयान नहीं मान रहे, बल्कि उत्तराधिकारी तय करने का संकेत मान रहे हैं. दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की सत्ता सियासत में एंट्री से भी इस खास राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जाए तो बिहार में नई सरकार का खाका लगभग तैयार होता दिख रहा है.
राज्य में सत्ता परिवर्तन की चर्चा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं. अगर ऐसा होता है तो उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना होगा. ऐसी स्थिति में सवाल उठता है कि बिहार की सत्ता किसके हाथ में जाएगी. इस सवाल का जवाब फिलहाल सीधे तौर पर नहीं दिया गया है, लेकिन समृद्धि यात्रा के संकेतों ने तस्वीर को काफी हद तक साफ कर दिया है. नीतीश कुमार अपने संबोधन में अक्सर सम्राट चौधरी की पीठ पर हाथ रखते हुए कहते हैं कि- ”ई सब करेंगे, सब अच्छा हो जाएगा”. जाहिर है राजनीति के जानकार भी ऐसे संकेतों को सम्राट चौधरी को बिहार के अगले सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट करने को लेकर देख रहे हैं.
सम्राट चौधरी क्यों हैं सबसे आगे?
सम्राट चौधरी को भाजपा का मजबूत ओबीसी चेहरा माना जाता है. वे कोइरी या कुशवाहा समुदाय से आते हैं जो बिहार की राजनीति में अहम भूमिका निभाता रहा है. यहां एक बाद विशेष रूप से गौर करने वाली है कि उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत खगड़िया जिले के परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से की थी. साल 2000 में पहली बार विधायक बने और बाद में 2010 में भी इसी सीट से जीत हासिल की. वर्तमान में वे बिहार के डिप्टी सीएम हैं और भाजपा संगठन में भी मजबूत पकड़ रखते हैं. यही वजह है कि उन्हें मुख्यमंत्री पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है.
बिहार की राजनीति में लव कुश समीकरण यानी कुर्मी और कोइरी जातियों का गठजोड़ काफी प्रभावशाली माना जाता है. नीतीश कुमार कुर्मी समुदाय से आते हैं, जबकि सम्राट चौधरी कोइरी समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं. बता दें कि बिहार में कोइरी आबादी 55 लाख से अधिक है और यह करीब 4.21 % है. वहीं, कुर्मी की संख्यां 37 लाख से अधिक है जो राज्य की जनसंख्या का करीब 2.87% है. साफ है कि करीब 8 प्रतिशत आबादी के इस समीकरण ने पहले भी चुनावों में एकजुटता दिखाकर अपना असर दिखाया है. 2025 विधानसभा चुनाव में भी एनडीए को इसका बड़ा फायदा मिला. अब अगर सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनते हैं तो यह समीकरण और मजबूत हो सकता है.
निशांत कुमार की एंट्री और नई अटकलें
इस बीच निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री ने नई चर्चा छेड़ दी है. उन्होंने हाल ही में बीते आठ मार्च को जदयू जॉइन किया है और सक्रिय राजनीति में आ गए हैं. पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि उन्हें डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो यह लव कुश समीकरण को और मजबूत करेगा. सम्राट चौधरी सीएम और निशांत कुमार डिप्टी सीएम का फॉर्मूला राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा में है. हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है.
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पहली बार एक साथ किसी कार्यक्रम में नजर आए हैं. दोनों नेता पटना स्थित चाणक्य होटल में पश्चिम चंपारण के सिकटा क्षेत्र से विधायक समृद्ध वर्मा के एक निजी कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उनकी मुलाकात हुई. इस मुलाकात को राजनीतिक हल्कों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि निशांत कुमार की राजनीतिक सक्रियता बढ़ रही है.
मतदान से पहले बीजेपी की नई सूची: कौन कहां से चुनावी मैदान में
19 Mar, 2026 10:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
By-election 2026: बीजेपी ने गुरुवार को चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर अपने प्रत्याशियों का ऐलान किया है। पार्टी ने गोवा की पोंडा विधानसभा सीट से रितेश नवी नायक, नागालैंड की कोरिडांग सीट से दोओचियर आई इम्चेन, कर्नाटक की बागलकोट से बीरभद्रय्या चरंतीमठ, दावगेरे दक्षिण से श्रीनिवास टी. दासकरियप्पा और त्रिपुरा की धर्मनगर सीट से जहर चक्रवती को प्रत्याशी घोषित किया है।
चुनावी हलचल: पश्चिम बंगाल में 40+ अफसरों की अचानक तैनाती परिवर्तन
19 Mar, 2026 09:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
West Bengal Chunav: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को उनके पदों से हटा दिया गया और उन्हें चुनाव से जुड़े किसी भी कार्य से दूर कर दिया गया. उनकी जगह दुश्मंता नरिवाला को नया मुख्य सचिव और संगमित्रा घोष को नया गृह सचिव नियुक्त किया गया. इतनी तेजी से शीर्ष स्तर पर बदलाव को राज्य के प्रशासनिक इतिहास में दुर्लभ माना जा रहा है. रविवार से शुरू हुए इस व्यापक फेरबदल के तहत विभिन्न स्तरों पर बड़े पैमाने पर तबादले किए गए हैं. इसमें राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP), कानून-व्यवस्था के महानिदेशक, दक्षिण बंगाल के अतिरिक्त महानिदेशक और उत्तर बंगाल के महानिरीक्षक जैसे शीर्ष अधिकारी शामिल हैं. इसके अलावा बैरकपुर, हावड़ा, आसनसोल और चंदननगर सहित सभी प्रमुख शहरों के पुलिस आयुक्तों का भी तबादला कर दिया गया है. बिधाननगर और सिलीगुड़ी के पुलिस आयुक्तों को अन्य राज्यों में चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में भेजा गया है, जबकि उनके स्थान पर नियुक्तियों की घोषणा अभी नहीं हुई है. क्षेत्रीय स्तर पर भी असर दिखा है, जहां मुर्शिदाबाद, बर्दवान, प्रेसिडेंसी रेंज, रायगंज और जलपाईगुड़ी के पांच डीआईजी को हटाया गया है. इसके अलावा कूचबिहार, बीरभूम, हुगली ग्रामीण, मुर्शिदाबाद, मालदा, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर जैसे जिलों के 12 पुलिस अधीक्षकों का तबादला किया गया है.
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता डॉ. निर्मल माझी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी की जीत पर भरोसा जताया. गोगहाट में एक चुनावी रैली से ANI से बातचीत करते हुए टीएमसी नेता ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं को रेखांकित किया और कहा कि पार्टी के सांसद भविष्य में भी विकास कार्य जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी 270 सीटें जीतकर चौथी बार सरकार बनाएगी. टीएमसी के वरिष्ठ नेता डॉ. निर्मल माझी ने कहा, ‘हमने आम जनता के लिए जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं के बारे में जानकारी दी है; यह ऑडिटोरियम महिलाओं और आम जनता के लिए है. हमारे सांसदों ने यहां बहुत काम किया है. हम सभी मिलकर काम करेंगे. ममता दीदी के नेतृत्व और अभिषेक बनर्जी के मार्गदर्शन में हमारी जीत तय है; हमें 270 सीटें मिलेंगी और ममता बनर्जी चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी.’
ताबड़तोड़ एक्शन
यह फेरबदल केवल पुलिस महकमे तक सीमित नहीं रहा. कोलकाता पुलिस आयुक्त, 12 जिलाधिकारियों, कोलकाता नगर निगम के आयुक्त और कोलकाता दक्षिण के जिला निर्वाचन अधिकारी को भी बदला गया है. इससे साफ है कि चुनाव आयोग ने प्रशासन के लगभग हर अहम स्तर पर हस्तक्षेप किया है. इसी के साथ 15 आईपीएस अधिकारियों को अन्य राज्यों में चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है. इनमें आलोक राजोरिया, आकाश मघरिया, अमनदीप, अभिजीत बनर्जी, भास्कर मुखर्जी, सी सुधाकर, धृतिमान सरकार, इंदिरा मुखर्जी, मुरलीधर, मुकेश, प्रवीण कुमार त्रिपाठी, प्रियब्रत रॉय, संदीप कर्रा, राशिद मुनीर खान और सैयद वकार रजा शामिल हैं. कुछ आईएएस अधिकारियों को भी इसी तरह की जिम्मेदारियां दी गई हैं. इस व्यापक प्रशासनिक बदलाव को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तीखी रही हैं. बीजेपी ने चुनाव आयोग के कदम का समर्थन करते हुए कहा कि यह निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था. पार्टी नेता दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि राज्य की प्रशासनिक मशीनरी राजनीतिक रूप से प्रभावित हो चुकी थी, इसलिए ऐसे कदम जरूरी थे.
कांग्रेस नेता छोड़ रहे असम, क्या है कारण और प्रियंका गांधी के लिए असर
19 Mar, 2026 09:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Assam Congress Crisis: असम में विधानसभा चुनावों की तारीख का ऐलान होते ही राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं। नेताओं का एक पार्टी से दूसरी पार्टी में जाने का भी सिलसिला शुरू हो गया है। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़े झटके लगे हैं। तारीख के ऐलान से पहले भूपेन बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और बीजेपी में शामिल हो गए। वहीं अब सांसद प्रद्युत बोरदोलोई और असम प्रदेश कमेटी के उपाध्यक्ष नवज्योति तालुकदार ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। प्रद्युत बोरदोलोई बीजेपी में शामिल हो गए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले बड़े नेताओं का पार्टी छोड़ना कांग्रेस के लिए चिंता का विषय बन गया है। कांग्रेस ने असम की जिम्मेदारी सांसद प्रियंका गांधी को दी है।
कांग्रेस की रणनीति को झटका
पिछले साल मई में गौरव गोगोई को असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था। साथ ही प्रियंका गांधी को चुनावी जिम्मेदारी देकर यह संकेत दिया गया था कि कांग्रेस राज्य में बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिए गंभीर है। लेकिन अब यही फैसला पार्टी के भीतर असंतोष की वजह बनता दिख रहा है। बताया जा रहा है कि असम में पार्टी के अंदर गौरव गोगोई का विरोध हो रहा है। कई नेता ने उन पर उम्मीदवार चयन और कैंपेन प्रबंधन में “एकतरफा निर्णय” लेने का आरोप लगा रहे हैं।
प्रियंका के सामने क्या है चुनौती?
असम का यह संकट कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के लिए चुनौती बन गया है। प्रदेश की जिम्मेदारी मिलने के बाद कई बड़े नेता लगातार पार्टी छोड़ रहे हैं। हालांकि प्रियंका का इससे पहले भी चुनावी प्रबंधन में रिकॉर्ड कमजोर रहा है। 2019 लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस सिर्फ एक सीट जीती थी, जबकि 2022 विधानसभा चुनाव में भी पार्टी महज दो सीटों पर सिमट गई। अब असम में भी पार्टी के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
बोरदोलोई के इस्तीफे से लगा झटका
प्रद्युत बोरदोलोई की पार्टी को कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। वे नगांव से दो बार सांसद और पूर्व में मंत्री रह चुके हैं। पार्टी के कद्दावर नेताओं में उनकी गिनती होती थी। बताया जा रहा है कि टिकट बांटने और नेतृत्व को लेकर उनकी नाराजगी लंबे समय से थी। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को लिखित पत्र में आरोप लगाया कि उम्मीदवार चयन के दौरान उन्हें अपमानित किया गया और उनकी गलतियों को नजरअंदाज किया गया।
चुनाव से पहले मुश्किलें बढ़ाएं
अब स्थिति यह है कि पार्टी के अभियान समिति के प्रमुख और घोषणापत्र पत्र समिति के अध्यक्ष दोनों ही अब बीजेपी में जा चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीति और भरोसेमंद दोनों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अपने ही विधायकों के सवालों से बढ़ी सरकार की मुश्किल
18 Mar, 2026 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर|छत्तीसगढ़ विधानसभा में स्कूलों के युक्तियुक्तकरण को लेकर तीखी बहस हुई. भाजपा के ही विधायकों ने बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए. जबकि सरकार ने इसे प्रशासनिक सुधार का हिस्सा बताया है. इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने ही सरकार को घेरते हुए शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए, जिस पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को विस्तृत जवाब देना पड़ा|
युक्तियुक्तकरण पर सियासत, सदन में घिरे गजेंद्र यादव
विधानसभा बजट सत्र में अपने ही सरकार को घेरते नजर आ रहे है. मुद्दा कोई भी उठाए भाजपा के वरिष्ठ विधायक आक्रामक नजर आ रहे है. खास बात ये है कि सत्ता पक्ष के विधायक जवाब नहीं मिलने से नाराजगी जाहिर कर रहे है. भाजपा से विधायक सुनील सोनी ने स्कूलों के युक्तियुक्तकरण और जर्जर भवन का मुद्दा उठाया और उसकी प्रक्रिया की जानकारी मांगी|
अजय चंद्राकर, राजेश मुणत ने पूछे सवाल
यह तक तो ठीक था सोनी के सवाल पर अजय चंद्राकर और राजेश मूणत ने भी तीखे सवाल किए. विधायक अजय चंद्राकर ने सवाल उठाया कि अभी भी कई शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं. उन्होंने पूछा कि क्या सरकार उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त करने पर विचार कर रही है, ताकि स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके, तो वही राजेश मूणत ने युक्तियुक्तकरण के बाद कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव हो गया है. उन्होंने विशेष रूप से राजधानी रायपुर के स्कूलों का जिक्र करते हुए कहा कि कई जगह छात्रों के बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं है|
BJP विधायक सुनील सोनी ने पूछे ये सवाल
कितनी शालाओं का युक्तियुक्तकरण विगत वर्ष किया गया?
विधायक सुनील सोनी ने रायपुर जिले की विकासखंड सूची मांगी.
युक्तियुक्तकरण के बाद रिक्त भूमि, रिक्त भवन पर क्या निर्णय लिए गए?
मंत्री गजेंद्र यादव ने दी जानकारी पूरे प्रदेश में 10583 शालाओं का युक्तियुक्तकरण.
विपक्ष ने ली चुटकी
अब जब अपने ही अपनों पर आक्रामक होंगे तो विपक्ष चुटकी लेगा ही.युक्तियुक्त करण को लेकर कांग्रेस ने भी चुटकी ली. वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश में 10 हजार 583 स्कूलों का युक्तियुक्त करण हुआ है. युक्तियुक्तकरण के बाद कुछ स्कूल बंद हुए हैं और करीब 166 स्कूलों के संबंध में नई योजना बनाई जा रही है. इन परिसंपत्तियों का उपयोग अन्य शासकीय कार्यों में किया जाएगा. मूणत के सवाल पर जवाब देते हुए कहा रायपुर में 389 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया गया है और चार स्कूल वर्तमान में खाली हैं. उन्होंने आश्वस्त किया कि 30 मार्च से पहले आवश्यक कार्य सुनिश्चित कर लिए जाएंगे|
युक्तियुक्त करण के पूरे मुद्दा को लेकर सदन का माहौल गरम रहा.जहां एक ओर विधायकों ने जमीनी हकीकत का हवाला देते हुए सरकार को घेरा, वहीं सरकार ने इसे शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया. वही कांग्रेस ने भी इसपर सवाल खड़े किया है|
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई मुद्दों पर चर्चा की
18 Mar, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई मुद्दों पर चर्चा की । दोनों नेताओं ने मंगलवार को नई दिल्ली में ईरान-इजरायल युद्ध, घरेलू हालात और महाराष्ट्र के अलग-अलग मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की । इस दौरान शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे, नरेश म्हस्के, मिलिंद देवड़ा, धैर्यशील माने, श्रीरंग बारणे और रवींद्र वायकर मौजूद रहे। एकनाथ शिंदे ने भरोसा दिलाया कि युद्ध जैसे हालात में 'एनडीए' की सहयोगी के तौर पर शिवसेना, पीएम के स्टैंड का सपोर्ट करती है और हम देश के साथ हैं। इस मीटिंग के बाद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मीडिया से बातचीत की। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर खाड़ी देशों में युद्ध जैसे हालात के दौरान भारत में झूठा प्रोपेगेंडा फैलाकर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग हेडलाइन बनाने के लिए पाकिस्तान की बात करते हैं। बालासाहेब के लिए देश पहले था और राजनीति बाद में। आज हम बालासाहेब के विचारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि युद्ध के कारण कुवैत, दुबई, मस्कट में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों को मुंबई और पुणे सुरक्षित वापस लाया गया। उन्होंने कोविड के बाद से खाड़ी देशों के साथ बने अच्छे रिश्तों की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से दो जहाजों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ राज्य में विकास के कामों और अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत हुई। उन्होंने आगे कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष युद्ध जैसे हालात का इस्तेमाल राजनीति के लिए कर रहा है। कांग्रेस और शिवसेना-यूबीटी देश में गैस की कमी की अफवाह फैला रहे हैं। इससे ब्लैक मार्केट करने वालों को मौका मिल रहा है। राजनीति के लिए और भी मुद्दे हैं, लेकिन जब युद्ध जैसे हालात में देश के साथ रहने की उम्मीद है, तब विपक्ष राजनीति कर रहा है। विपक्ष ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी ऐसी ही राजनीति की थी, जिसका पाकिस्तान में भी ध्यान रखा गया था। कुछ लोग हेडलाइन बनाने के लिए पाकिस्तान में बोलते हैं। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने शिवसेना एमपी को देश में गैस की कमी के मुद्दे पर कड़ा स्टैंड लेने और सदन में विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे झूठे प्रोपेगेंडा को नाकाम करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में कहीं भी गैस सिलेंडर की कमी नहीं है। सरकार ब्लैक मार्केट करने वालों को रोकने के लिए पूरी मेहनत से काम कर रही है।
टीएमसी का बड़ा ऐलान: 291 उम्मीदवारों की पहली सूची सामने
18 Mar, 2026 11:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 291 सीटों के लिए पार्टी के उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची के साथ ही राज्य में चुनावी मुकाबले की तस्वीर साफ होने लगी है। ममता बनर्जी ने कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास से उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की और कहा कि पार्टी इस बार भी जीत की परंपरा को बनाए रखने के लिए पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतरेगी।
ममता बनर्जी ने उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए कहा कि पार्टी ने इस बार अनुभव और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। सूची में कई मौजूदा विधायकों को फिर से मौका दिया गया है, जबकि कुछ सीटों पर नए चेहरों को उतारा गया है। खास बात यह है कि इस बार भी भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी खुद चुनाव लड़ेंगी, जहां उनका मुकाबला भाजपा के नेता शुभेंदु अधिकारी से होने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीति में हलचल: केसी त्यागी ने छोड़ी जदयू
18 Mar, 2026 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भरोसेमंद साथी रहे केसी त्यागी ने जेडीयू का साथ छोड़ दिया है। उन्होंने एक पत्र सोशल मीडिया पर शेयर किया है। केसी त्यागी ने अपने पत्र में कहा कि वह जेडीयू की सदस्यता रिन्यू नहीं कराएंगे। इसके साथ ही केसी त्यागी ने बड़ी घोषणा की है कि वह 22 मार्च को समान विचारधारा वाले नेताओं के साथ बैठक करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। केसी त्यागी ने अपने पत्र में कहा कि जेडीयू का अस्तित्व 30 अक्टूबर 2003 को शुरू हुआ, जब समता पार्टी और जनता दल का विलय हुआ। उन्होंने कहा कि जॉर्ज फर्नांडिस अध्यक्ष थे और मैं जनरल सेक्रेटरी था और पार्टी ने एकजुट होकर काम किया। मैंने शरद यादव और अध्यक्ष के रूप में नीतीश कुमार के साथ काम किया। मैं पार्टी का चीफ जनरल सेक्रेटरी, प्रमुख प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार भी था। हालांकि मेरी प्राथमिक सदस्यता खत्म हो चुकी है और मैंने इसे रिन्यू नहीं कराया है।
चुनाव सुरक्षा के लिए बड़ी तैयारी: 1,111 पर्यवेक्षक तैनात
18 Mar, 2026 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव और 6 राज्यों में उपचुनावों के लिए 1 हजार 111 पर्यवेक्षक तैनात किये हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विधानसभा चुनाव कार्यक्रम घोषित करते हुए कहा था कि चुनाव-हिंसा और प्रलोभन मुक्त कराए जाएं ताकि प्रत्येक मतदाता बिना किसी भय या पक्षपात के अपना वोट डाल सके। इसे सुनिश्चित करने में पर्यवेक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। आयोग ने पर्यवेक्षकों को कल 18 मार्च, 2026 तक संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में तैनात करने के निर्देश दिए हैं। पर्यवेक्षक पहुंचने पर अपने संपर्क विवरण सार्वजनिक करेंगे और उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों या उनके प्रतिनिधियों या जनता के किसी भी सदस्य के उनसे मिलने और चुनाव संबंधी उनकी शिकायतें सुनने के लिए प्रतिदिन एक निश्चित समय निर्धारित करेंगे। संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20बी के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आयोग निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने में सहायता के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करता है। वे जमीनी स्तर पर चुनावी प्रक्रिया के कुशल और प्रभावी प्रबंधन की भी निगरानी करते हैं।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने बढ़ाई छोटे व्यवसायियों की उन्नति, वित्त मंत्री ने बताया
18 Mar, 2026 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से कई छोटे उद्यमियों को फायदा हुआ है और इस योजना के शुरू होने के बाद से 39.48 लाख करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 8 अप्रैल, 2015 को शुरू की गई मुद्रा योजना के तहत कुल निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) कुल ऋणों का लगभग 2 प्रतिशत हैं।
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के उत्तर देते हुए, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एक बहुत ही लोकप्रिय योजना है और इससे कई छोटे उद्यमियों को लाभ हुआ है। ...योजना शुरू होने के बाद से 39.48 लाख करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। इसलिए यह सबसे बड़ी बैंक ऋण योजनाओं में से एक है, जो उन लोगों तक पहुंची है जिनके पास गिरवी रखने के लिए कुछ भी नहीं है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तीन घटक हैं- शिशु, किशोर और तरुण। 31 मार्च, 2025 तक, शिशु श्रेणी में कुल ऋण राशि का 12.4 प्रतिशत बकाया है। किशोर श्रेणी में 9.48 प्रतिशत और तरुण श्रेणी में कुल दी गई राशि का 7.92 प्रतिशत बकाया है।
उन्होंने कहा कि बैंक इन बकाया ऋणों की वसूली के लिए प्रयासरत हैं। वित्त मंत्री सीतारमण ने प्रश्नकाल के दौरान ही एक अन्य पूरक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में आर्थिक सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) मानदंडों का पालन नहीं करने के लिए विभिन्न कंपनियों पर कुल मिलाकर लगभग 20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी कानून के तहत, लाभ कमाने वाली कुछ कंपनियों के लिए एक वित्तीय वर्ष में अपने तीन साल के औसत वार्षिक लाभ का कम से कम 2 प्रतिशत सीएसआर गतिविधियों पर खर्च करना अनिवार्य है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सीएसआर खर्च से संबंधित हर निर्णय संबंधित कंपनी के बोर्ड द्वारा लिया जाता है। कंपनी और उसका बोर्ड यह तय करते हैं कि कितना खर्च करना है और कहां खर्च करना है। इसमें हम हस्तक्षेप नहीं कर सकते। इस पर हस्तक्षेप करते हुए, राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने पूछा कि क्या मानदंडों में बदलाव किया जा सकता है ताकि पिछड़े राज्यों को सीएसआर निधि का लाभ मिल सके। सभापति के रूप में, आपने यह कहा है। मैं इसे एक सुझाव के रूप में लेती हूं और इस पर गौर करूंगी।
संसद में उठाया मुद्दा: शिवराज ने पूछा, किन विभूतियों के नाम पर कांग्रेस ने कोई योजना नहीं बनाई
17 Mar, 2026 11:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसद में कांग्रेस से सवाल किया कि सुभाष चंद्र बोस, रानी लक्ष्मीबाई, रामप्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह और वल्लभ भाई पटेल जैसी महान विभूतियों के नाम पर कितनी योजनाएं बनीं. शिवराज सिंह चौहान विकसित भारत जी राम जी योजना पर बोल रहे थे.
उन्होंने विपक्ष को लेकर कहा कि इस योजना को लेकर विपक्ष ये कह रहा था कि राज्यों के पास योजना के लिए पैसा कहां से आएगा लेकिन राज्यों ने भी अपने बजट में प्रावधान कर दिया है. उन्होंने कहा कि झारखंड, केरल और पंजाब जैसे गैर भाजपा शासित राज्यों ने भी इस योजना के लिए बजट में राशि रखी है.
शिवराज ने पूछा कांग्रेस बताए इनके नाम पर कितनी योजनाएं
मंगलवार को संसद में जी राम जी योजना पर चर्चा के दौरान केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के अमर शहीदों के नाम लिए और उनके जिक्र के साथ सवाल किया कि कांग्रेस ये भी बताए कि देशभक्तों के नाम पर कितनी योजनाओं के नाम रखे गए हैं.
उन्होंने सुभाष चंद्र बोस का जिक्र करते हुए कहा कि "जिन्होंने कहा था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा. जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी. जिनके शब्द आज भी राष्ट्रभाव जगाते हैं. चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह, जिन्होंने हंसते-हंसते देश के लिए जीवन का बलिदान दिया. वल्लभभाई पटेल, जिन्होंने भारत को एक सूत्र में पिरोया. महारानी लक्ष्मी बाई जिन्होंने कहा कि मैं अपने खून की आखिरी बूंद तक लड़ूंगी लेकिन अपनी झांसी नहीं दूंगी. इन महान विभूतियों के नाम पर कितनी योजनाएं बनीं, ये बताइए."
शिवराज का तंज महासंग्राम में 2 महामजदूर दिखे
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि "मनरेगा की जगह नई विकसित भारत योजना की बात होते ही कांग्रेस ने बड़े संग्राम की बात की. कहा गया कि, संग्राम होगा, महासंग्राम होगा. इसे लेकर फोटो में महासंग्राम करते दो महामजदूर दिखाई दिए. सिर पर गमछा, कंधे पर कुदाल लेकिन नीचे जींस का पैंट. कई तारीखें घोषित की गईं. 5 जनवरी, फिर 8 जनवरी, फिर 10 जनवरी, लेकिन देश में कहीं कोई संग्राम दिखाई नहीं दिया.बड़ी-बड़ी बातें हुई, लेकिन हकीकत में तो कहीं पत्ता भी नहीं हिला."
शिवराज बोले जी राम जी के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट
जीराम जी के लिए किये गए बजट के प्रावधान को लेकर शिवराज सिंह ने कहा कि "केंद्र सरकार ने जी राम जी योजना के लिए केंद्रीय बजट में अब तक का सबसे बड़ा प्रावधान 95,692 करोड़ रुपये किया है. विपक्ष कह रहा था कि, राज्यों के पास पैसा कहां से आएगा, लेकिन राज्यों ने भी अपने बजट में प्रावधान कर दिया है. झारखंड, केरल और पंजाब जैसे गैर-भाजपा शासित राज्यों ने भी इस योजना के लिए बजट में राशि रखी है. इससे साफ है कि योजना को पूरे देश में स्वीकार किया जा रहा है."
कांग्रेस की पहली ब्रिगेड का ऐलान, केरल चुनाव में 55 उम्मीदवारों को मिली टिकट
17 Mar, 2026 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Kerala Assembly Election 2026: केरल विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीति दलों ने अपनी तैयारियों तेज कर दी है। कांग्रेस ने मंगलवार को 55 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस की अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की है। इस सूची में विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों से चयनित प्रत्याशियों के नाम हैं, जिसमें कई वकील (एडवोकेट), महिला उम्मीदवार और अनुसूचित जाति/जनजाति आरक्षित सीटों के लिए नाम शामिल हैं।
सूची में वकील, महिला उम्मीदवार और अनुसूचित जाति/जनजाति आरक्षित सीटों
कांग्रेस की अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की है। इस सूची में विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों से चयनित प्रत्याशियों के नाम हैं, जिसमें कई वकील (एडवोकेट), महिला उम्मीदवार और अनुसूचित जाति/जनजाति आरक्षित सीटों के लिए नाम शामिल हैं।
पेरावूर से लड़ेंगे प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ
सूची में इर्रिक्कुर से एडवोकेट सज्जीव जोसफ, धरमादम से अब्दुल रशीद, थलास्सेरी से एडवोकेट के.पी. सजू, पेरावूर से एडवोकेट सनी जोसेफ, मनन्थवाडी (एसटी) से उषा विजयन, सुल्तानबाथेरी (एसटी) से एडवोकेट आई.सी. बालाकृष्णा, कलपेट्टा से टी. सिद्दीक, नंदापुरम से के.एम. अभिजित और क्विलंडी से एडवोकेट के. प्रवीण कुमार को उम्मीदवार बनाया गया है।
जानें कौन कहां से लड़ेगा चुनाव
इसके अलावा, बालुस्सेरी (एससी) से वी.टी. सोराज, एलाथुर से विद्या बालाकृष्णन, कोझिकोड उत्तर से एडवोकेट के. जयंत, निलंबूर से आर्यदान शौकत, वांडूर (एससी) से ए.पी. अनिल कुमार, थवन्नूर (एससी) से वी.एस. जॉय, पोंनानी से नौशाद अली, थ्रिथाला से वी.टी. बालराम, कोंगाड (एससी) से के.ए. तुलसी, मलम्पुझा से ए. सुरेश, पलक्कड़ (एससी) से रमेश पिशारोडी, तारूर (एससी) से के.सी. सुब्रमण्यम और चित्तूर से एडवोकेट सुमेश अचुथन को प्रत्याशी बनाया गया है।
कांग्रेस ने चला सबसे बड़ा दांव
कांग्रेस ने नेम्मारा से टी. थंकप्पन, अलाथुर से के.एन. फेबिन, मनलूर से टी.एन. प्रतापन, ओल्लूर से एडवोकेट शाजी जे. कोडांकंदाथ, थ्रिसूर से राजन जे. पल्लन, नट्टिका (एससी) से एडवोकेट सुनील लालूर, कैपमंगलम से टी.एम. नजर, पुतुक्काड से के.एम. बाबू राज, चालकुडी से सुरेश कुमार जोसेफ, कोडुन्गल्लुर से ओ.जे. जनीश, अंगमाली से रोजी एम. जॉन, अलुवा से अनवर सदत्त, परवूर से वी.डी. सथीसन, एर्नाकुलम से टी.जे. विनोद, थ्रिक्काकारा से उमा थॉमस, और कुन्नाथुनाड (एससी) से वी.पी. सजीन्द्रन को टिकट दिया है।
इसके अलावा, पार्टी ने मुवात्तुपूजा से डॉ. मथ्यू कुज़्हलनादन, वैकोम (एससी) से के. बिनॉम, कोट्टायम से त्रिवंचुर राधाकृष्णन, पुथुप्पल्ली से चांडी ओमन, अरूर से शनिमोल उस्मान, चेरथला से के.आर. राजेंद्र प्रसाद, हरिपद से रमेश चेन्नितला, मेवेलिक्कारा (एससी) से एडवोकेट मुथुरा राज, करुणागपल्ली से सी.पी. महेश, कोट्टारक्कारा से एडवोकेट पी. महेश पॉटी, पठानापुरम से ज्योति कुमार चमाकाला, कुंडारा से पी.सी. विष्णुनाध, कोल्लम से एडवोकेट बिंदु कृष्णा, चथन्नूर से सूरज रवि, चिरायिन्कीज (एससी) से राम्या हरिदास, वट्टियोर्कावु से के. मुरलीधरन और कोवलम से एम. विन्सेंट पर भरोसा जताया है।
बीजेपी ने जारी की 47 प्रत्याशियों की सूची
आपको बता दें कि आगामी केरलम विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सोमवार को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। बीजेपी ने राज्य चुनावों के लिए 47 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है। बीजेपी की सूची में प्रमुख नामों में पूर्व केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन और राज्य पार्टी अध्यक्ष तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर हैं। चंद्रशेखर दक्षिणी राज्य में पार्टी के लिए महत्वपूर्ण सीट नीमोम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे।
आपको बता दें कि केरल में एक चरण में 9 अप्रैल को सभी 140 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होंगे। वहीं, नतीजे 4 मई को सामने आएंगे।
शाह की रैली ने मोगा में लगाई भीड़ का रिकॉर्ड, 15 किमी जाम से जनजीवन प्रभावित
17 Mar, 2026 09:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोगा। पंजाब के मोगा में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित बदलाव रैली ने भीड़ के तमाम पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इस जनसभा में उमड़े जनसैलाब ने न केवल सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि राज्य में भाजपा के बढ़ते आधार की एक नई तस्वीर भी पेश की है। इस रैली की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आयोजन स्थल की ओर जाने वाले मार्गों पर करीब 15 किलोमीटर लंबा भारी ट्रैफिक जाम लग गया। भीड़ इतनी अनियंत्रित थी कि लगभग 800 बसें रास्ते में ही फंसी रह गईं और हजारों लोगों को रैली स्थल तक पहुँचने के लिए 4 से 5 किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करना पड़ा। रैली के लिए जुटाए गए संसाधनों में 1,484 बड़ी बसें, 2,309 मिनी बसें और 2,376 कारों सहित हजारों निजी वाहन शामिल थे। हालांकि, पार्टी ने एक लाख लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था की थी, लेकिन उम्मीद से कहीं अधिक भीड़ उमड़ने के कारण भोजन की व्यवस्था समय से पहले ही समाप्त हो गई।
पार्टी के प्रदेश महामंत्री अनिल सरीन ने रैली की सफलता पर धन्यवाद पंजाब कहते हुए दावा किया कि इस विशाल आयोजन में कुल 1,58,131 लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। भाजपा का कहना है कि वह देश की संभवतः पहली ऐसी पार्टी है जो डिजिटल प्रमाणों के साथ रैली में शामिल लोगों की सटीक संख्या सार्वजनिक करने का साहस दिखा रही है। भाजपा ने इस मोबिलाइजेशन के लिए राज्य के 23 जिलों के 13,000 गांवों, 160 शहरों और करीब 24,500 पोलिंग बूथों तक अपनी पहुंच बनाई थी। इस पूरी प्रक्रिया को बेहद आधुनिक और डिजिटल तरीके से अंजाम दिया गया। गांव-स्तर पर होने वाली बैठकों को क्यूआर कोड के माध्यम से मैप किया गया, जबकि प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने स्वयं प्राथमिक सदस्यों को तीन बार वॉइस कॉल के जरिए आमंत्रित किया। इसके अलावा, बस इंचार्जों और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार ब्रिज कॉल और वेक-अप कॉल के माध्यम से संपर्क साधा गया ताकि संगठन की शक्ति जमीन पर दिखे। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यह जनसैलाब पंजाब में बदलाव की उस प्रबल इच्छा का प्रतीक है, जो आने वाले समय में राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगा।
TMC की सरकार बरकरार, बीजेपी बंगाल में परिवर्तन का बिगुल फूंकेगी
17 Mar, 2026 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही सियासी तेज हो गई है। चुनाव आयोग की घोषणा के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं, वहीं राजनीतिक दल भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। इस बार का विधानसभा चुनाव कई मायनों में खास माना जा रहा है, क्योंकि सत्तारूढ़ दल टीएमसी एक और कार्यकाल के लिए मैदान में डट गई है, वहीं विपक्षी बीजेपी बंगाल में सत्ता परिवर्तन का दावा कर रही है। दूसरी ओर वाम मोर्चा भी अपने संगठन को फिर से सक्रिय करते हुए चुनावी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश कर रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग ने बंगाल में दो चरण में चुनाव कराने की घोषणा की है। इसमें पहले चरण के लिए 23 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। इसके लिए 30 मार्च को अधिसूचना जारी होगी, जबकि नामांकन प्रक्रिया 30 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेगी। 7 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अप्रैल तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। चुनाव की पूरी प्रक्रिया के बाद 4 मई को वोटों की गिनती होगी और नतीजे घोषित किए जाएंगे। चुनाव की घोषणा के साथ ही सभी दलों ने उम्मीदवारों की घोषणा भी शुरू कर दी है, जिससे राजनीतिक समीकरणों में नई हलचल देखने को मिल रही है।
बात दें बीजेपी ने सोमवार को विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की, जिसमें 144 प्रत्याशियों के नाम घोषित किए। बीजेपी ने इस सूची में कई प्रमुख चेहरों को मैदान में उतारा है। पार्टी ने ममता बनर्जी को घेरने के लिए सुवेंदु अधिकारी को दो जगह भवानीपुर और नंदीग्राम से मैदान में उतारा है। पिछले चुनाव में सुवेंदु ने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को करीब 2000 वोटों के अंतर से हराया था। इसके अलावा सुवेंदु अग्निमित्र पॉल को आसनसोल दक्षिण सीट से टिकट दिया गया है, जबकि कूचबिहार उत्तर (आरक्षित) से सुकुमार को उम्मीदवार बनाया है। इसी तरह शीतलकुची (आरक्षित) से साबित्री बरमन और दिनहाटा से अजय रॉय को चुनाव मैदान में उतारा है। बीजेपी की इस सूची में कई पुराने विधायकों को टिकट नहीं दिया है, जिससे पार्टी के अंदर चर्चा का बाजार गर्म है।
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक जिन 144 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए गए हैं, उनमें से 48 सीटें पहले बीजेपी के पास थीं। हालांकि इस बार पार्टी ने अपने कई मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया है। 40 निवर्तमान विधायकों को ही दोबारा मौका मिला है, जबकि आठ विधायकों ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया या उन्हें टिकट नहीं मिला, जिन आठ सीटों पर उम्मीदवार बदले गए हैं, उनमें तीन सीटें उत्तर बंगाल, तीन रहबंगा क्षेत्र और दो दक्षिण बंगाल की हैं।
दूसरी ओर वाम मोर्चे की सबसे बड़ी पार्टी सीपीएम ने भी अपनी प्रारंभिक उम्मीदवार लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें 192 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम घोषित किए गए हैं. हालांकि इस सूची के सामने आने के बाद पार्टी के भीतर कुछ सीटों को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं. खास तौर पर मुर्शिदाबाद जिले की रानीनगर सीट पर उम्मीदवार घोषित न किए जाने से पार्टी के अंदर चर्चा तेज हो गई है. पिछले लोकसभा चुनाव में इसी सीट पर पार्टी के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम को बढ़त मिली थी, इसलिए माना जा रहा था कि वे विधानसभा चुनाव में इसी सीट से मैदान में उतर सकते हैं, लेकिन पार्टी की एक आंतरिक नीति के कारण मामला फिलहाल अटका हुआ है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस बार राज्य सचिव मंडल के अधिकांश सदस्य चुनाव नहीं लड़ेंगे और केवल मीनाक्षी मुखर्जी को ही अपवाद के तौर पर हुगली जिले की उत्तरपाड़ा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। इसी नीति के कारण रानीनगर और टॉलीगंज सीटों पर उम्मीदवार घोषित नहीं किए गए हैं। हालांकि पार्टी के अंदर चर्चा है कि अगर वरिष्ठ नेता सुजान चक्रवर्ती टॉलीगंज सीट से चुनाव लड़ने के लिए तैयार होते हैं, तो मोहम्मद सलीम के लिए रनिनगर से चुनाव लड़ने का रास्ता भी साफ हो जाएगा।
खबर है कि सुजन चक्रवर्ती को टॉलीगंज सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन उन्होंने फिलहाल चुनाव लड़ने में रुचि नहीं दिखाई है। उनके करीबी नेताओं का कहना है कि वे संगठन और प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं, न कि चुनावी मैदान में उतरना। हालांकि पार्टी के कई नेताओं का मानना है कि अंततः वे पार्टी के निर्णय का सम्मान करेंगे।
अधिकारियों के अचानक ट्रांसफर को लेकर ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से की अपील
17 Mar, 2026 11:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी(West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee) ने सोमवार रात(Monday night) चुनाव आयोग को पत्र(Election Commission) लिखकर राज्य के शीर्ष अधिकारियों के अचानक और एकतरफा ट्रांसफर पर गहरी चिंता(expressing deep concern) और आश्चर्य जताया है। मुख्यमंत्री(Chief Minister) ने अपने पत्र में कहा कि यह कदम प्रशासनिक परंपरा और संविधान की भावना (spirit of the Constitution.)के खिलाफ है।
ममता बनर्जी ने बताया कि 15 और 16 मार्च को चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के अचानक ट्रांसफर के आदेश जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे ट्रांसफर बिना किसी ठोस कारण, चुनाव से जुड़े उल्लंघन या अनुशासनहीनता के आरोप के किए गए हैं।
चुनाव आयोग ने रविवार रात मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीना के ट्रांसफर के आदेश जारी किए। इसके अगले दिन डीजीपी पीयूष पांडे और कोलकाता पुलिस कमिश्नर सुप्रतीम सरकार का स्थानांतरण किया गया। इस आदेश के तुरंत बाद राज्य सरकार ने भी कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों के ट्रांसफर की अधिसूचना जारी की।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में संविधान की धारा 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव के दौरान अधिकारियों को आयोग के अधीन रखते हुए उनका ट्रांसफर राज्य सरकार की सलाह से होना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले चुनावों में आयोग ने हमेशा राज्य सरकार से परामर्श किया था और आम तौर पर आयोग राज्य सरकार से तीन अधिकारियों की सूची मांगता था, जिनमें से किसी एक को चयनित किया जाता था।
ममता ने चुनाव आयोग से भविष्य में इस तरह के एकतरफा कदम न उठाने का अनुरोध किया। उनका कहना है कि इससे आयोग की प्रतिष्ठा और संविधान की मूल संवैधानिक भावना पर असर पड़ता है।
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10वीं-12वीं बोर्ड के विद्यार्थियों को द्वितीय अवसर परीक्षा का मिलेगा मौका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
पश्चिम बंगाल में भाजपा के समर्थन में उतरे डॉ. मोहन यादव, जनसभा को किया संबोधित
