राजनीति
भाजपा अध्यक्ष की दौड़ में 3 दिग्गज शामिल, इसी माह हो जाएगा फैसला?
6 Jun, 2025 05:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली, भाजपा का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन बनेगा? इस सवाल पर अभी भी सस्पेंस बरकरार है। कई नामों की चर्चा हो रही है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर संगठन चुनाव को लेकर पार्टी की तरफ से कुछ भी नई जानकारी नहीं दी गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए जिन दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में हैं, उनमें धर्मेंद्र प्रधान (केंद्रीय मंत्री), शिवराज सिंह चौहान (कैबिनेट मंत्री), मनोहर लाल खट्टर (कैबिनेट मंत्री) जैसे दिग्गज शामिल हैं। इनमें से कुछ नाम संगठनात्मक अनुभव के आधार पर मजबूत माने जा रहे हैं, तो कुछ नाम राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर सामने आए हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष से पहले भाजपा को कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष भी चुनना है। उत्तराखंड में एक ब्राह्मण चेहरा सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में पहले ब्राह्मण उम्मीदवार पर विचार किया जा रहा था, लेकिन अब पिछड़े वर्ग से अध्यक्ष बनाने की मांग तेज हो गई है। मध्य प्रदेश में अब तक का फार्मूला था – मुख्यमंत्री ओबीसी और प्रदेश अध्यक्ष ब्राह्मण, लेकिन अब पार्टी जनजातीय नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर विचार कर रही है क्योंकि वर्तमान में कोई आदिवासी प्रतिनिधित्व नहीं है। बीजेपी के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए आधे से अधिक राज्यों में संगठन चुनाव की प्रक्रिया पूरी होना अनिवार्य है। सूत्रों के अनुसार, अधिकांश राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हाल ही में उत्तर प्रदेश में भी जिला अध्यक्षों के नाम की घोषणा कर दी गई थी। इसके बाद उम्मीद जगी की जल्द ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी चुनाव संपन्न हो जाएगा। लेकिन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद इसे फिर से टाल दिया गया।
संगठनात्मक पुनर्गठन की कवायद अब जोर पकड़ रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जिनका कार्यकाल पहले ही लोकसभा चुनाव तक बढ़ाया जा चुका है। नड्डा जनवरी 2020 में अध्यक्ष बने थे और 2023 में उनका कार्यकाल 2024 के आम चुनाव तक बढ़ाया गया था। अब जबकि लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं, पार्टी नेतृत्व में बदलाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।सूत्रों के अनुसार, बीजेपी जून के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की अधिसूचना जारी कर सकती है। इसके तहत सबसे पहले राज्य स्तर पर संगठनात्मक चुनाव कराए जाएंगे और उसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर अध्यक्ष का चुनाव होगा। यह पूरी प्रक्रिया पार्टी के संविधान के अनुसार होगी, जिसमें नामांकन, छंटनी और मतदान जैसे चरण शामिल होंगे।
चुनाव की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक केंद्रीय चुनाव समिति गठित की जाएगी, जो इस प्रक्रिया की निगरानी करेगी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि जे. पी. नड्डा दोबारा चुनाव लड़ेंगे या कोई नया चेहरा सामने आएगा, लेकिन पार्टी के भीतर और बाहर दोनों ही स्तर पर उत्सुकता चरम पर है।बीजेपी का नया अध्यक्ष 2026 के विधानसभा चुनावों और 2029 के आम चुनावों के लिए रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। ऐसे में यह चुनाव सिर्फ संगठनात्मक परिवर्तन नहीं बल्कि पार्टी की भविष्य की दिशा और प्राथमिकताओं को भी तय करेगा।बीजेपी के नए अध्यक्ष के चुनाव पर सिर्फ पार्टी कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि अन्य राजनीतिक दलों की भी पैनी नजर बनी हुई है, क्योंकि इससे पार्टी की नीतियों, संगठनात्मक प्राथमिकताओं और रणनीतियों पर बड़ा असर पड़ेगा।
बिहार में बढ़ी राहुल गांधी की सक्रियता, क्या OBC वोट बैंक है निशाने पर?
6 Jun, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Rahul Gandhi Bihar Yatra: संसद में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) 6 जून यानी आज बिहार के दौरे पर हैं। यह उनका छह महीने में पांचवा दौरा है। आज उन्होंने गया (Gaya) और नालंदा (Nalanda) में लोगों से संवाद किया। राहुल गांधी दशरथ मांझी मेमोरियल विजिट करने के बाद माउंटेन मैन दशरथ मांझी के परिवार से मिले। इसके बाद नालंदा के राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में दलित प्रबुद्ध लोगों के साथ संविधान सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित किया। राहुल बिहार (Bihar) आकर लगातार दलित और पिछड़ों को साधने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
चुनावी साल में कब-कब बिहार दौरे पर आए राहुल गांधी
Rahul Gandhi Bihar 5th Visit: राहुल गांधी साल 2025 में पांच बार बिहार का दौरा कर चुके हैं। 18 जनवरी को पटना के बापू सभागार में संविधान सुरक्षा सम्मेलन में शामिल होने के लिए बिहार आए थे। दूसरी बार वह पांच फरवरी को बिहार आए। इस मौके पर उन्होंने स्वर्गीय जगलाल चौधरी के जयंती समारोह में शिकरत की। तीसरी बार 7 अप्रैल को वह संविधान सुरक्षा सम्मेलन में शामिल होने के लिए पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल में पहुंचे थे। चौथी बार 15 मई को ‘शिक्षा न्याय यात्रा’ में शामिल होने और ज्योति राव फुले और सावित्रीबाई फुले की जीवनी पर आधारित ‘फुले’ फिल्म देखने के लिए पटना आए। आज पांचवी बार नालंदा और गया में लोगों से मिले।
दलित और ओबीसी को साध रहे हैं राहुल
Congress kee eye on Dalit Obc vote: बिहार में कांग्रेस की नजर दलित, अतिपिछड़े और मुस्लिम वोटबैंक पर है। राहुल इसी टारगेट को हासिल करने की कवायद में जुटे हैं। पहले भूमिहार जाति से आने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश प्रसाद सिंह को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया गया। फिर दलित बैकग्राउंड से आने वाले रविदास समुदाय के राजेश राम को प्रदेश की कमान सौंपी गई। राजेश राम बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावारू के साथ मिलकर जमीन पर कांग्रेस की पैठ मजबतू करने में जुट गए हैं।
नालांदा में जदयू के कोर वोट बैंक को लुभाएंगे राहुल
राहुल गांधी ने आज नालंदा में अतिपिछड़े वर्ग के लोगों और छात्रों के साथ संवाद किया। अतिपिछड़ा वर्ग जदयू का कोर वोट बैंक माना जाता है। नीतीश अतिपिछड़ा और महादलित वर्ग को साधते हुए बीते दो दशक से सत्ता पर काबिज हैं। राहुल इस पर चोट करने के लिए आज सीएम नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा पहुंचे।
दलित 17 फीसदी, अतिपिछड़ा की आबादी 36%
Bihar Cast Census 2023: साल 2023 में हुए बिहार जातीय सर्वे के मुताबिक बिहार में दलित आबादी 17 फीसदी है जबकि अतिपिछड़ो की संख्या 36 फीसदी है। नीतीश उम्र की ढलान पर हैं। ऐसे में कांग्रेस इसे सुनहरा मौका मानकर दलित और अतिपछड़ों को अपने पाले में करने में जुटी हुई है।
OBC हमें छोड़कर चले गए
गुजरात के अहमदाबाद में हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में भी राहुल ने पार्टी का ध्यान OBC वर्ग की तरफ दिलाया था। तब उन्होंने कहा था कि हम दलित, मुस्लिम और ब्राह्मण में उलझे रहे और इस बीच OBC हमारे साथ से दूर हो गया।
कन्हैया को युवा चेहरा बनाने की कोशिश!
बिहार में कांग्रेस कन्हैया कुमार को युवा चेहरा बनाने कोशिश करती हुई भी दिखी। बेगूसराय में कन्हैया की नौकरी दो रैली और शिक्षा पर केंद्रित अभियान मेें राहुल गांधी भी शामिल होने के लिए आए थे, लेकिन इस रैली ने RJD के साथ तनाव को भी उजागर किया था। सियासी गलियारों में चर्चा है कि राजद नेता तेजस्वी यादव कन्हैया के बिहार कांग्रेस में एक्टिव रोल से डिसकंफर्ट फील करते हैं।
कांग्रेस अकेले लड़े चुनाव : पप्पू यादव
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कांग्रेस को अकेले विधानसभा चुनाव लड़ने की सलाह दी है। पप्पू ने कहा कि बिहार की जनता कांग्रेस को एक विकल्प के तौर पर देख रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जो भी निर्णय लेगी। वह उनके साथ खड़े होंगे। अगर बिहार की जनता को बचाना है तो कांग्रेस को आगे आना होगा। राहुल गांधी EBC, OBC, SC, ST, संविधान और गरीबों की बात कर रहे हैं। उनकी ओर लोग उम्मीद से देख रहे हैं।
पप्पू यादव ने लोकसभा चुनाव 2024 से पहले अपनी पार्टी जन अधिकार पार्टी (JAP) का कांग्रेस में विलय किया था, लेकिन पूर्णिया संसदीय सीट से कांग्रेस की टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव में उतर गए। पूर्णिया से दो बार के सांसद संतोष कुशवाहा को शिकस्त दी। पप्पू के कारण राजद की बीमा भारती तीसरे पायदान पर पहुंच गई।
मंडल की आंच ने किया कांग्रेस को बिहार की सत्ता से दूर
आजादी के बाद से लेकर साल 1990 तक बिहार में कांग्रेस ने लंबे समय तक राज किया। 1952 से 2025 तक बिहार में कुल 23 मुख्यमंत्री बने। जिनमें 18 कांग्रेस के रहे। मंडल आयोग की आंच ने बिहार में कांग्रेस को सत्ता से दूर कर दिया। साल 1990 में बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा के नेतृत्व में उतरी। 324 सीटों वाली बिहार विधानसभा में कांग्रेस के खाते में महज 71 सीटें जीत पायी। उस चुनाव में कांग्रेस ऐसा हारी कि आज तक दोबारा सत्ता में नहीं आ सकी। कांग्रेस बीते तीन दशक से बिहार में सत्ता का वनवास झेल रही है।
राहुल की बैठक में सीएम की रेस में रहे भूपिंदर सिंह हुड्डा को पराजय का जिम्मेदार बताया
6 Jun, 2025 04:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। इसी के तहत वह मंगलवार को मध्य प्रदेश गए थे तो बुधवार को हरियाणा में मीटिंग करने पहुंचे। बैठक में चुनावी हार को लेकर किसी ने खुलकर कुछ नहीं कहा, लेकिन इशारों में हर बात कह दी गई। इलेक्शन कैंपेन का नेतृत्व करने वाले और सीएम की रेस में रहे भूपिंदर सिंह हुड्डा को पराजय का जिम्मेदार बताया जाता रहा है। कुमारी सैलजा के नेतृत्व वाला गुट तो उन पर ही ठीकरा फोड़ता है। इस बात से हुड्डा आहत दिखे और उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा- जीत के 100 बाप होते हैं, हार का कोई नहीं होता। हुड्डा ने चुनाव का जिक्र तक नहीं किया, लेकिन उनकी बात से साफ था कि वह चुनाव नतीजे के बाद से जारी ब्लेम गेम पर अपना पक्ष रखना चाहते हैं।
बीते साल विधानसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी का यह पहला हरियाणा दौरा था। इस दौरान उन्होंने प्रदेश कार्यालय में सभी नेताओं को साथ बिठाया, जिनकी गुटबाजी की चर्चाएं रही हैं। एक तरफ कुमारी सैलजा बैठी थीं तो दूसरी तरफ भूपिंदर सिंह हुड्डा को भी पूरा महत्व मिला। रणदीप सुरजेवाला, कैप्टन अजय यादव जैसे कई सीनियर नेता इस बैठक का हिस्सा रहे। मीटिंग में आए सभी नेताओं ने एक सुर में कहा कि हमें संगठन को मजबूत करने की जरूरत है। इसके बाद बारी थी कि चुनावी हार पर बात की। रिपोर्ट के अनुसार राहुल गांधी ने हु़्ड्डा की बात का जवाब भी उनके ही अंदाज में दिया और कहा कि जो कुछ भी हो रहा है, उसका मैं ही बाप और दादा हूं। मैं हर चीज का जिम्मेदार हूं। राहुल गांधी की यह टिप्पणी अहम थी क्योंकि वह गुजरात से मध्य प्रदेश तक में पार्टी के ही नेताओं को लताड़ चुके हैं। गुजरात में उन्होंने कांग्रेस के ही कई नेताओं को भाजपा का स्लीपर सेल बता दिया था। फिर मध्य प्रदेश में स्टेट के कई नेताओं को बारात का घोड़ा बता दिया और कहा कि इनके भरोसे रेस नहीं जीती जा सकती। हरियाणा कांग्रेस की मीटिंग में राहुल गांधी ने कुछ तीखा तो नहीं बोला, लेकिन हुड्डा के तंज के जवाब में जो कहा, उससे संदेश साफ था। उनका कहना था कि यदि नेतृत्व कर रहे हैं तो फिर हार की भी जिम्मेदारी लेनी होगी। इस मीटिंग के दौरान एक चीज सरप्राइज वाली यह थी कि हुड्डा और सैलजा दोनों ही एक बात पर सहमति दिखे। सैलजा ने राहुल गांधी से कहा कि चुनाव नतीजा आए 7 महीने हो गए हैं, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने संगठन को मजबूत करने के लिए एक मीटिंग तक नहीं बुलाई। सैलजा की इस बात पर हुड्डा भी सिर हिलाते दिखे।
केंद्रीय मंत्री गडकरी और सीएम रेखा मिलकर दिल्ली को जाम-फ्री करने में जुटे
6 Jun, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली को जाम से फ्री कराने की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हैं। दिल्ली में नई सरकार बनते ही केंद्र के साथ मिलकर कई परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन नितिन गडकरी के साथ दिल्ली सरकार की बैठक में राजधानी के लिए कई सड़क परियोजनाएं शुरू करने को लेकर चर्चा हुई। इसके तहत कुछ जगहों पर टनल बनाने की तैयारी है, तब कुछ जगह एलिवेटेड रोड के द्वारा जाम से निपटने की योजना है।
बैठक में इस पर भी विचार हुआ कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इंडिया गेट के पास स्थित 11 मूर्ति सर्किल से वसंत कुंज के नेल्सन मंडेला रोड तक बनने वाले एलिवेटेड रोड के लिए एक लिंक टनल बनाने पर भी विचार करेगा। 10 किलोमीटर से ज्यादा दूरी वाले रास्ते पर हमेशा जाम रहता है और इस रास्ते को सिग्नल फ्री बनाने के साथ जाम से मुक्ति दिलाने के लिए पहले एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी और इस जोड़ने के लिए लिंक टनल का निर्माण होगा। इस काम के लिए जल्द ही प्रोजेक्ट का अध्ययन शुरू होने का अनुमान है।
11 मूर्ति से नेल्सन मंडेला रोड तक एलिवेटेड सड़क और टनल बनाने से सरदार पटेल मार्ग पर लगने वाला जाम भी हमेशा के लिए खत्म होगा। सरदार पटेल मार्ग पर हमेशा भीड़भाड़ रहती है और सुबह व शाम के समय यह रोड पूरी तरह जाम हो जाती है। इतना ही नहीं, वीआईपी मूवमेंट के दौरान भी यह सड़क पूरी तरह जाम से पट जाती है। लेकिन, इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद दिल्लवालों को कभी जाम नहीं मिलेगा।
इतना ही नहीं केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों की बैठक में तय किया गया सराय काले खां से आईजीआई एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए एक सुरंग तैयार की जाए। इसका अध्ययन भी जल्द शुरू हो सकता है। दिल्ली सरकार इन सड़कों का निर्माण पूरा करने के साथ इनसे जुड़ी सर्विस रोड के निर्माण को भी सीआरआईएफ फंड से मिले पैसों की मदद से पूरा करेगी।
बैठक के बाद अधिकारियों ने बताया कि एनएचएआई दिल्ली के तीन जोन को सिग्नल फ्री बनाने पर भी काम शुरू करेगा। इसके तहत तीन राष्ट्रीय राजमार्ग के एक-एक सेक्शन चुने जाएंगे। इसमें हरियाणा-दिल्ली सीमा से पंजाबी बाग (18.5 किलोमीटर), आश्रम से बदरपुर (7.5 किलोमीटर) और महरौली से गुरुग्राम सीमा (8.5 किलोमीटर) को एनएचएआई अपने अधीन लेगा। इसका डीपीआर तैयार करने के बाद सिग्नल फ्री बनाया जाएगा। पीडब्ल्यूडी इन सेक्शन के सर्विस रोड और नालियों के रखरखाव देखेगा।
दिल्ली में अभी करीब 35 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इसके तहत शिव मूर्ति सर्कल से नेल्सन मंडेला रोड तक 7 किलोमीटर की टनल बन रही है। इसके अलावा आईएनए से एयरपोर्ट तक एलिविटेड का भी निर्माण हो रहा है। एनएचएआई ने इस बार सड़क बनाने के साथ ही उसके आसपास जल निकासी सिस्टम का भी जिम्मा खुद उठाया है, इससे एमसीडी और डीडीए जैसी एजेंसियों के बीच किसी भी तरह के विवाद को भी खत्म किया जा सकेगा।
दिल्ली सरकार और केंद्र ने राजधानी में कई और परियोजनाओं पर भी काम करने को लेकर सहमति जाहिर की है। राजमार्ग प्राधिकरण ने दिल्ली में ओवरब्रिज और अंडरब्रिज परियोजनाओं के लिए भी 150 करोड़ रुपये देने पर सहमति जाहिर की है।
राहुल गांधी का आरोप: "सिर्फ सत्ता की राजनीति का प्रतीक है नीतीश सरकार"
5 Jun, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बिहार की नीतीश कुमार सरकार पर कड़ा हमला बोला है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि बिहार में बेरोजगारी, अपराध और पलायन ही नीतीश सरकार की असली पहचान बन चुके हैं. राहुल गांधी ने बिहार कांग्रेस की ओर से जारी किए गए एक वीडियो को भी शेयर किया, जिसमें गया जिले में बलात्कार पीड़िता की मां के इलाज के लिए गए डॉक्टर जितेंद्र यादव के साथ हुए हमले का ब्योरा दिया गया है.
वीडियो में बताया गया है कि डॉक्टर जितेंद्र यादव को आरोपियों ने उनके घर से बाहर घसीटा, पेड़ से बांधकर बुरी तरह पीटा. इस घटना ने बिहार में कानून-व्यवस्था की बदतर स्थिति को उजागर किया है. राहुल गांधी ने ट्वीट में लिखा कि 20 साल तक सत्ता में रहने के बावजूद नीतीश कुमार की डबल इंजन सरकार बिहार को सुरक्षा, सम्मान और विकास देने में पूरी तरह असफल रही है.
राहुल गांधी का नीतीश सरकार पर बड़ा हमला
राहुल गांधी ने कहा कि बिहार में अपराध, बेरोजगारी और पलायन का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जनता को लाचार बनाकर सत्ता पर कब्जा बनाए रखना इस सरकार का मुख्य एजेंडा है. उन्होंने कहा, नीतीश सरकार न्याय नहीं बल्कि सत्ता की राजनीति का प्रतीक बन चुकी है. राहुल गांधी ने आगे कहा कि अब बहुत हो चुका, समय आ गया है कि बिहार के लोगों को इस अन्याय के चक्र से बाहर निकाला जाए और राज्य को सुरक्षा, स्वाभिमान तथा सम्मान की ओर ले जाया जाए. उनका यह बयान बिहार में बढ़ती कानून-व्यवस्था की चुनौतियों और राजनीतिक असंतोष को दर्शाता है.
बिहार चुनाव से पहले गरमाई सियासत
यह हमला ऐसे समय में आया है जब बिहार में कई सामाजिक और आर्थिक समस्याएं गहराती जा रही हैं. बेरोजगारी की बढ़ती दर, अपराध की बढ़ती घटनाएं और पलायन की समस्या इस क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी पार्टियां लगातार राज्य सरकार को इन मुद्दों पर कटघरे में खड़ा कर रही हैं.
महुआ मोइत्रा और पिनाकी मिश्रा ने रचाई शादी, जर्मनी में लिए सात फेरे
5 Jun, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर सीट से लोकसभा सासंद महुआ मोइत्रा ने बीजू जनता दल के नेता पिनाकी मिश्रा से शादी कर ली है. यह शादी पिछले महीने 30 मई को जर्मनी में हुई है. पिनाकी ओडिशा के पुरी सीट से लोकसभा के सांसद रह चुके हैं. सांसद रहने के दौरान ही महुआ और पिनाकी के बीच नजदीकियां बढ़ी. पिछले साल दोनों डेट पर लंदन गए थे, जहां की एक तस्वीर खूब वायरल हुई थी.
पहले जानिए कौन हैं पिनाकी मिश्रा?W
ओडिशा की राजनीति में पिनाकी मिश्रा की एक मजबूत पहचान है. पिनाकी मिश्रा पुरी सीट से सांसद रह चुके हैं. एक वक्त में उनके डिप्टी स्पीकर बनने की भी चर्चा थी. पिनाकी मिश्रा दिल्ली यूनिवर्सिटी के सैंट स्टीफन कॉलेज से पढ़ाई कर चुके हैं. वे राजनीति में आने से पहले वकालत करते थे.
पिनाकी मिश्रा के एक बेटे और एक बेटी है. बेटे की शादी रंजन भट्टाचार्य की बेटी से हुई है. रंजन भट्टाचार्य पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की दत्तक दामाद हैं. पिनाकी के बेटे की शादी में जयपुर शहर में काफी बड़ा मजमा लगा था. पिनाकी मिश्रा पूर्व सीजेआई दीपक मिश्रा के रिश्तेदार भी हैं.
100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति
पिनाकी मिश्रा की संपत्ति 100 करोड़ से ज्यादा की है. 2019 में पिनाकी मिश्रा ने जो हलफनामा दाखिल किया था, उसमें उन्होंने अपनी संपत्ति 117 करोड़ रुपए का खुलासा किया था. हालांकि, इनमें सिर्फ 2 करोड़ रुपए की संपत्ति चल थी. पिनाकी मिश्रा वर्तमान में राजनीति में ज्यादा एक्टिव नहीं हैं. 2024 में बीजेडी के चुनाव हारने के बाद से ही उनके सियासी भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
महुआ मोइत्रा की भी दूसरी शादी
फायरब्रांड नेता महुआ मोइत्रा की भी यह दूसरी शादी है. महुआ ने डेनिश फायनेंशर लार्स बोरोशन से 2003 के आसपास शादी की थी, लेकिन यह शादी ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाई. 2009 में महुआ भारत आ गईं. उस वक्त महुआ कांग्रेस से जुड़कर राजनीति करने लगीं. 2011 के बाद महुआ ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया. 2023 में महुआ का नाम सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहद्राई के साथ भी जुड़ा, लेकिन बाद में दोनों के संबंध काफी खराब हो गए.
उद्धव के राजनीतिक दुश्मन हैं राउत, पार्टी को कर रहे कमजोर : महाजन
5 Jun, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरीश महाजन ने शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत को ‘दलाल’ और उद्धव ठाकरे का राजनीतिक दुश्मन करार देते हुए आरोप लगाया कि संजय राउत पार्टी संगठन को कमजोर कर रहे हैं। गिरीश महाजन की इस टिप्पणी को राउत के आरोपों का जवाब माना जा रहा है। बता दें संजय राउत ने कहा था कि जब बीजेपी राज्य में सत्ता से बाहर होगी तो गिरीश महाजन उसे छोड़ने वाले पहले नेता होंगे।
गिरीश महाजन को सीएम देवेंद्र फडणवीस का करीबी माना जाता है। महाराष्ट्र सरकार में जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि उद्धव ठाकरे को अपनी पार्टी को बर्बाद करने के लिए किसी राजनीतिक दुश्मन की जरुरत नहीं है, क्योंकि इस काम के लिए संजय राउत ही काफी हैं। संजय राउत जैसे ‘दलालों’ ने शिवसेना (यूबीटी) से नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं को बाहर कर दिया है।
महाजन ने कहा कि जिस तरह से राउत ने उद्धव ठाकरे को एनसीपी (एसपी) शरद पवार और कांग्रेस के करीब पहुंचाया, उससे उन्होंने अपनी ही पार्टी का सबसे ज्यादा नुकसान किया है। उन्होंने कहा कि यदि उद्धव ठाकरे, संजय राउत पर लगाम लगाने में विफल रहे तो शिवसेना (यूबीटी) टूट जाएगी। बता दें 2022 में पार्टी के दिग्गज नेता एकनाथ शिंदे और कई विधायकों के पार्टी छोड़ने के बाद शिवसेना विभाजित हो गई थी।
संजय राउत के आरोपों के जवाब में महाजन ने कहा कि मैं कभी भी वह नहीं करूंगा जो राउत ने अपनी पार्टी के साथ किया है। मैं ऐसा कोई काम नहीं करूंगा जिससे संगठन को नुकसान पहुंचे। मैं बीजेपी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हूं। मैं 20 साल तक विपक्ष में रहा। मुझे कई बार पाला बदलने के प्रस्ताव मिले, लेकिन मैंने कभी अपनी पार्टी नहीं छोड़ी।
जी7 शिखर सम्मेलन में भारत को आमंत्रण नहीं, कांग्रेस का तंज....एक और बड़ी कूटनीतिक चूक
5 Jun, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने भारत को कनाडा में आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रण न मिलने को एक और बड़ी कूटनीतिक चूक बताया है। यह टिप्पणी तब आई है जब कनाडा 15 से 17 जून तक जी7 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है, जिसमें वैश्विक चुनौतियों जैसे रूस-यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा होने की उम्मीद है। कांग्रेस ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जी7 शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेना भारत-पाकिस्तान के बीच अमेरिका को ‘मध्यस्थता’ करने देने के बाद एक और कूटनीतिक विफलता है। बीते छह साल में पहली बार प्रधानमंत्री मोदी के कनाडा में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने की संभावना नहीं है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पोस्ट किया, अमेरिका और फ्रांस के राष्ट्रपतियों, ब्रिटेन, जापान, इटली और कनाडा के प्रधानमंत्रियों और जर्मनी के चांसलर का जी7 शिखर सम्मेलन 15 जून, 2025 से के अल्बर्टा में हो रहा है। शिखर सम्मेलन में ब्राजील, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और यूक्रेन के राष्ट्रपति और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री को भी आमंत्रित किया है। कांग्रेस नेता रमेश का कहना था, ‘‘डॉ. मनमोहन सिंह को जी8 शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया जाता था जहां उनकी आवाज सुनी जाती थी।
जून, 2007 में जर्मनी में इसतरह का एक शिखर सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन वार्ता के लिए प्रसिद्ध ‘सिंह-मर्केल फॉर्मूले’ का अनावरण किया गया था। उन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘भारतीय प्रधानमंत्रियों को आमंत्रित करने की परंपरा 2014 के बाद भी जारी रही। लेकिन अब 6 साल में पहली बार ‘विश्वगुरु’ कनाडा शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हो रहे है। चाहे भले ही बातों को घुमाने का प्रयास करे, लेकिन तथ्य यह है कि यह एक और बड़ी कूटनीतिक विफलता है।’’
सीमांचल की राजनीति में फिर गेमचेंजर होंगे ओवैसी! पिछली बार 5 सीटों पर मिली थी जीत
5 Jun, 2025 10:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Election: बिहार की सियासत में असदुद्दीन ओवैसी (asaduddin owaisi) की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) एक बार फिर गेंमचेंजर साबित हो सकती है। साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) में AIMIM ने सीमांचल (Seemanchal) की 5 सीटों पर कब्जा जमाया था। साथ ही, कई सीटों पर महागठबंधन को नुकसान पहुंचाया था। पार्टी एक बार फिर पूरे दमखम के साथ बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Election 2025) में उतरने जा रही है।
महागठबंधन में शामिल हो सकते है ओवैसी
सियासी गलियारों में चर्चा है कि ओवैसी की पार्टी लालू (Lalu) और कांग्रेस (Congress) के साथ गठबंधन करना चाहती है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्णिया जिले के अमौर विधानसभा सीट से विधायक अखतरुल ईमान (Akhtarul Iman) ने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों को सत्ता से दूर करने के लिए बड़े अलायंस की जरूरत है। हालांकि, इस पर फैसला राजद (RJD) और कांग्रेस को लेना है।
सीमांचल में मुस्लिम वोटबैंक का दबदबा
बिहार के सीमांचल इलाके में पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज जिले आते हैं। जिनमें कुल 24 विधानसभा सीट है। 12 से अधिक सीटों पर मुस्लिम आबादी की संख्या 50 फीसदी से ज्यादा है, जबकि अन्य 12 सीटों पर वह निर्णायक भूमिका अदा करती है। पिछली बार ओवैसी की पार्टी ने सीमांचल की 20 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे और 5 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, लेकिन कुछ समय बाद पार्टी के 4 विधायक, मो. इजहार असफी (कोचाधामन), शाहनवाज आलम (जोकीहाट), सयैद रुकनुद्दीन (बायसी) और अजहर नईम (बहादुरगंज) टूटकर राजद में जा मिले। यह AIMIM के लिए बड़ा झटका था।
2020 में AIMIM ने जीती थी 5 सीट
वहीं, दो महीने पहले सीमांचल के दौरे पर आए असदुद्दीन औवेसी ने इस बार 50 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही है। ऐसे में अगर ओवैसी इंडिया गठबंधन के साथ चले जाते हैं तो वह कम सीटों पर भी राजी हो सकते हैं। इससे सीमांचल, मिथिलांचल सहित कई हलकों में राजद-कांग्रेस गठबंधन का पलड़ा भारी हो सकता है। साल 2020 की रिजल्ट से भी यह साफ जाहिर होता है। सीमांचल इलाके में कांग्रेस राजद गठबंधन को 10, NDA को 9 और AIMIM के खाते में 5 सीटें आईं।
तीन चरणों में हो सकते है चुनाव
बिहार विधानसभा चुनाव दो से तीन चरणों में हो सकते हैं। चुनाव की तारीखें दिवाली और छठ पर्व को ध्यान में रखकर तय की जाएंगी। बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को खत्म हो रहा है, इसलिए चुनाव प्रक्रिया उससे पहले पूरी हो जानी चाहिए। चुनाव आयोग बिहार चुनाव की तैयारियों में जोर-शोर से जुटा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इसी महीने बिहार आएंगे और तैयारियों का जायजा लेंगे।
राष्ट्रद्रोह वाद में कंगना रणौत को फिर नोटिस जारी, 30 जून को होगी अगली सुनवाई
5 Jun, 2025 10:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आगरा । भाजपा सांसद एवं फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत के खिलाफ अधिवक्ता ने राष्ट्रद्रोह वाद दायर किया था। एमपी-एमएलए कोर्ट अनुज कुमार सिंह छह मई को खारिज कर दिया था। वादी अधिवक्ता ने सत्र न्यायालय में रिवीजन किया। जिला जज संजय कुमार मलिक ने फिर से कंगना को नोटिस जारी करने के आदेश दिए। 30 जून को अगली सुनवाई होगी।
राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने किसानों पर अभद्र टिप्पणी और स्वतंत्रता सेनानियों के अपमान का आरोप लगाकर 11 सितंबर, 2024 को कंगना रणौत के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया था। कोर्ट ने कंगना रणौत को पक्ष रखने के लिए हिमाचल प्रदेश स्थित कुल्लू मनाली और दिल्ली के पते पर तीन नोटिस भेजे थे। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने वाद खारिज कर दिया था। कहा था कि वादी अधिवक्ता के परिवार से किसानों के धरने में कोई मौजूद नहीं था। वाद प्रस्तुत करने से पहले भी राज्य सरकार, जिलाधिकारी से अनुमति नहीं ली थी। अगली सुनवाई 30 जून को होगी।
उत्तराखंड में धामी कैबिनेट ने दी 12 अहम प्रस्तावों को मंजूरी
5 Jun, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट बैठक हुई। जिसमें कुल 12 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का सीधा असर राज्य के शहरी गरीबों, सरकारी कर्मचारियों, वाहन मालिकों और पर्यटन क्षेत्र पर पड़ेगा।
शहरी विकास के तहत फैसला हुआ कि विभाग में कार्यरत 800 से अधिक पर्यावरण मित्रों को अब मृतक आश्रित कोटे में शामिल किया जाएगा। यह फैसला सफाईकर्मियों और उनके परिवारों के लिए राहतभरा साबित होगा। इसके साथ ही पुराने वाहनों को लेकर भी कैबिनेट में बड़ा फैसला किया है। धामी सरकार ने तय किया है कि अब पुराने वाहनों को सीएनजी में बदलने की सुविधा मिलेगी। साथ ही यदि कोई वाहन स्क्रैप किया जाता है, तब वाहन स्वामी को सेमी अकाउंट के माध्यम से धनराशि प्राप्त होगी। इसके अलावा हाइब्रिड और बैट्री प्लस पेट्रोल गाड़ियों को टैक्स में छूट देने का भी निर्णय हुआ है, जो निजी वाहन मालिकों के लिए लाभकारी साबित होगा।
राज्य में अब वर्दीधारी पदों जैसे कि कांस्टेबल और सब इंस्पेक्टर की भर्तियों के लिए अलग-अलग परीक्षाएं नहीं होंगी। सभी के लिए एक ही लिखित परीक्षा होगी। इससे चयन प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो सकेगी। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के ढांचे में बदलाव करते हुए 15 नए पदों को स्वीकृति दी गई है। इसमें 1 स्थायी और 14 अस्थायी पद शामिल हैं। साथ ही मानवाधिकार आयोग में भी 12 नए पद अधिसूचित किए गए हैं।
पर्यटन विभाग के 4 बड़े प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर लगी है। बद्रीनाथ में मास्टर प्लान के तहत शेष मित्र लोटस वॉल, अराइवल प्लाज़ा, ट्री एंड रिवर कल्चर, और सुदर्शन चक्र की सांस्कृतिक स्थापत्य योजना को सीएसआर फंड के माध्यम से पूरा किया जाएगा। यदि फंडिंग नहीं होती है, तब काम राज्य या केंद्र सरकार द्वारा कराया जाएगा।
बेंगलुरु हादसे को लेकर सीएम सिद्धारमैया बोले…
5 Jun, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुंभ में भी भगदड़ हुई थी, क्रिकेट एसोसिएशन को जिम्मेदार ठहराया
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ के लिए क्रिकेट एसोसिएशन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बीजेपी के सवालों पर पलटवार करते हुए कहा कि महाकुंभ के दौरान भी भगदड़ हुई थी. ऐसी घटनाओं पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। सीएम सिद्धारमैया ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की आईपीएल जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ को एक अप्रत्याशित हादसा बताया।
कर्नाटक के सिद्धारमैया ने बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ के लिए क्रिकेट एसोसिएशन को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने बीजेपी के सवालों पर पलटवार करते हुए कहा कि महाकुंभ के दौरान भी भगदड़ हुई थी। ऐसी घटनाओं पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। सीएम को जिम्मेदार ठहराया ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की आईपीएल जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ को एक अप्रत्याशित हादसा बताया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। इस घटना की जानकारी देते हुए सीएम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा, सरकार और क्रिकेट एसोसिएशन ने विक्ट्री परेड का आयोजन किया था। किसी ने भी इस तरह के हादसे की कल्पना नहीं की थी। लेकिन 35 हजार की क्षमता वाले स्टेडियम के बाहर 3-4 लाख लोगों की भीड़ जमा हो गई। । सीएम ने कहा कि स्टेडियम में छोटे गेट थे। लोग गेट से घुस गए। गेट तोड़ दिए. तभी भगदड़ मच गई। किसी को उम्मीद नहीं थी।.
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक्स एक पोस्ट में लिखा, इस हादसे के दर्द ने जीत की खुशी को भी फीका कर दिया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बौरिंग और वैदेही अस्पताल पहुंचकर घायलों और उनके परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सरकार ने सुरक्षा चिंताओं के चलते बड़े पैमाने पर विजय जुलूस की अनुमति नहीं दी थी। लेकिन अनुमान से ज्यादा भीड़ जमा हो गई। हम पीड़ितों के साथ खड़े हैं।
-10 लाख मुआवजे का ऐलान किया
सीएम सिद्धारमैया ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया। साथ ही कहा कि सभी घायलों का मुफ्त में इलाज किया जाएगा।
क्रिकेट एसोसिएशन को जिम्मेदार ठहराया
इस घटना को लेकर बीजेपी कांग्रेस को लगातार घेर रही है। इस पर सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि मैं इस घटना पर कोई राजनीति नहीं करना चाहता हूं। बीजेपी इस पर राजनीति कर रही है। महाकुंभ के दौरान भी भगदड़ हुई थी। लेकिन ऐसे हादसों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि क्रिकेट एसोसिएशन ने स्टेडियम में इस कार्यक्रम को आयोजित किया था। हमने इसकी अनुमति दी थी। विधानसभा के बाहर भी लोग जमा हुए थे। लेकिन वहां कोई हादसा नहीं हुआ। इसके लिए क्रिकेट एसोसिएशन जिम्मेदार है।
राहुल के 'सरेंडर' बयान पर बीजेपी का पलटवार, सुधांशु त्रिवेदी ने गिनाए 'सरेंडर' के सबूत
4 Jun, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के सरेंडर वाले बयान को लेकर अब सियासत छिड़ गई है. बीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अब राहुल गांधी के बयान पर पलटवार किया है. बीजेपी के नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, राहुल गांधी का सेना के शौर्य को सरेंडर से तुलना करना दर्शाता है कि मानसिकता कितनी रोगी है. साथ ही उन्होंने कांग्रेस के सरेंडर का कैलेंडर गिनाया और पार्टी को घेरा. उन्होंने आगे कहा, राहुल गांधी ने जैसा बयान दिया है ऐसा बयान तो किसी पाक संगठन ने भी नहीं दिया है. बीजेपी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आगे कहा, राहुल गांधी पाक के सिरमौर बनने की कोशिश कर रहे हैं. आपका भाषण सेना का अपमान कर रहा है.
बीजेपी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा, सरेंडर शब्द का इस्तेमाल करके राहुल गांधी ने सेना का अपमान किया है. उन्होंने आगे कहा, आपने ना जाने इतिहास में क्या-क्या सरेंडर कर दिया. 1948 में कश्मीर का हिस्सा सरेंडर कर दिया. आपके कारनामें देखें तो, कैलेंडर – सेरेंडर से भरा हुआ है. सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा, राहुल गांधी में नेता प्रतिपक्ष की गंभीरता का घोर अभाव है. पाकिस्तान के किसी आतंकी और सेना के अधिकारी, मसूद अजहर और हाफिज सईद ने जो नहीं बोला वो आज राहुल गांधी बोल रहे हैं. पाकिस्तान की सेना को पहले कवर देते हैं अब उसका सिरमौर बनने की कोशिश कर रहे हैं.
मानसिकता कितनी रोगी
बीजेपी नेता ने कहा, कांग्रेस के सर्वोच्च नेता, विपक्ष के नेता, राहुल गांधी स्तर हीन बातें कर के पूरे विश्व को बता रहे हैं कि नेता प्रतिपक्ष का पद पाने के बाद भी उनके अंदर गंभीरता और नेता प्रतिपक्ष की परिपक्वता की कमी है जो इस पद के लिए जरूरी है. राहुल गांधी ने जिस तरह से हमारी सेना की वीरता और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को सरेंडर से तुलना की है यह बताता है कि मानसिकता कितनी रोगी और खतरनाक हो गई है.
गिनाए कांग्रेस के सरेंडर
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, राहुल गांधी आप, आपकी पार्टी और आपके खानदान के कारनामें के सरेंडर के कैलेंडर भरे पड़े हैं. हमारे प्रधानमंत्री भारत मां के शेर यानी मृगेंद्र हैं. आदतन आप पीएम के खिलाफ बोलिए, बीजेपी के खिलाफ बोलिए हमें मंजूर है, मगर भारत, भारत की संप्रभुता और सेना के खिलाफ कोई बयान हमें मंजूर नहीं.
इसी के साथ बीजेपी के नेता ने कांग्रेस के सरेंडर का कैलेंडर गिनाया.
2023 अमरीका में डिफेंडर ऑफ डेमोक्रेसी के तौर पर भारत विरोधी बात की और डेमोक्रेसी बचाओ की बात की.
2011 में राहुल गांधी ने Impossible to stop terrorism कहा वो सरेंडर था.
2009 में मनमहोन सिंह सरकार ने शर्म अल शेख में आतंकी हमले के बाद भी कहा कि कंपोजिट डायलॉग नहीं रुकेगा वो सरेंडर था.
1996 में पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का स्टेटस दिया वो सरेंडर था.
1971 में युद्ध में जीत के बाद भी पीओके को नहीं लिया अलबत्ता 93 हजार प्रिजनर ऑफ वॉर को यूं ही लौटा दिया वो सरेंडर था. हम पंजाब और सिंध के पास थे फिर भी कुछ नहीं किया.
1965 में ताशकंद में जो हुआ वो सरेंडर था. तब हम लाहौर से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर थे क्यों नहीं कुछ किया. हमने प्रसिद्ध हाजीपुर दर्रा भी नहीं लिया.
1962 में अक्साई चीन को सरेंडर कर दिया.
1962 केनेडी को लेटर लिखा जो अब डिक्लासिफाइड हुआ है. तब युद्ध सामग्री, बॉम्बर और पायलट मांगे वो सरेंडर था.
1960 में सिंधु का पानी, 80 फीसदी पानी पाकिस्तान को दे दिया वो सरेंडर था.
1948 पीओके को पाकिस्तान को दे दिया वो सरेंडर था.
1947 में जिन्ना के आगे झुकना, एक तिहाई कंट्री देना सरेंडर था.
राहुल गांधी ने क्या बयान दिया था
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मंगलवार को मध्यप्रदेश के दौरे पर थे. इसी दौरान उन्होंने यह बयान दिया था. राहुल ने कहा था कि बीजेपी और आरएसएस वालों को मैं अच्छी तरह से जानता हूं. थोड़े से दबाव से ये डरकर भाग जाते हैं. ट्रंप का एक फोन आया और नरेंद्र जी तुरंत सरेंडर हो गए. उन्होंने आगे कहा था, भारत ने 1971 में अमेरिका की धमकी के बावजूद पाकिस्तान को तोड़ा था. कांग्रेस के बब्बर शेर और शेरनियां सुपर पावर से लड़ते हैं, कभी झुकते नहीं.
हर मंत्रालय बताएगा 11 साल की उपलब्धियां, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम मोदी की पहली मंत्रिपरिषद बैठक
4 Jun, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली: पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार शाम 5 बजे मंत्रिपरिषद की बैठक होनी है. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद मंत्रिपरिषद की पहली बैठक सुषमा स्वराज भवन में होने जा रही है. केंद्र में मोदी सरकार के 11 साल और मोदी 3.0 के एक साल पूरा होने को लेकर ये अहम बैठक होने जा रही है. जिसमें मोदी सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी. वहीं सभी मंत्रियों को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बारे में विस्तार से बताया जाएगा.
11 साल की उपलब्धियों पर होगी चर्चा
पीएम मोदी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में जल शक्ति मंत्रालय समेत अन्य मंत्रालय अपने कामकाज के बारे में प्रेजेंटेशन भी देंगे. बता दें कि पीएम मोदी ने निर्देश दिया है कि मंत्री सरकार की पिछले 11 साल की उपलब्धियों को जनता के बीच ले जाए. इसीलिए सभी मंत्रालय अपनी उपलब्धियां सूचना प्रसारण मंत्रालय को बता रहे हैं, जो इन्हें बुकलेट की शक्ल में ढालेगा. सोशल मीडिया के जरिए भी उपलब्धियों का प्रचार करने का निर्देश मंत्रालयों को दिया गया है.
जनता तक योजनाएं पहुंचाने के निर्देश
जनता को ये विस्तार से बताने की तैयारी चल रही है कि पिछले 11 सालों में हालात कैसे बदले हैं. पहले और अब, यूपीए और एनडीए सरकार का अंतर बताया जाएगा. साथ ही, केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे संपर्क साधने को कहा गया है, ताकि जनता को सीधे पता चले कि केंद्र सरकार ने उनके लिए क्या किया है.
बैठक में इन मुद्दों पर होगी विस्तार से चर्चा
मोदी सरकार के ग्यारह साल पूरे होने के मौके पर सभी मंत्रियों से कहा गया है कि वे अखबारों में लेखों के माध्यम से उपलब्धियां जनता तक पहुंचाएं. पीएम मोदी ने पिछली कैबिनेट बैठक में इस महीने होने वाली अहम गतिविधियों का विस्तार से जिक्र किया था. 5 जून को पर्यावरण दिवस, 9 जून को मोदी 3.0 का एक साल, 21 जून को विश्व योग दिवस और 25 जून को आपातकाल के पचास साल पर विस्तार से चर्चा करने को कहा था.
कांग्रेस में छंटनी का संकेत? राहुल बोले- 'रेस के घोड़े, बारात के घोड़े और लंगड़े घोड़े'; क्या है इसका मतलब?
4 Jun, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी का एक बयान इन दिनों खूब चर्चाएं बंटोर रहा है. राहुल गांधी ने ये बयान मंगलवार को भोपाल में दिया है. इस बयान में उन्होंने कहा कि पार्टी में कई ऐसे कार्यकर्ता हैं जो पूरी ताकत के साथ पार्टी के लिए काम करते हैं. जबकि ऐसे भी कई कार्यकर्ता हैं जो अब थक चुके हैं. ऐसा लग रहा है कि वह रेस में थक चुके हैं. ऐसे में अब समय आ गया है कि रेस के घोडे़ और बारात के घोड़े को अलग करना पड़ेगा.
थके हुए लोग रेस नहीं जीत सकते: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने आगे कहा कि मैं पहले कहा करता था कि दो टाइप के घोड़े हैं लेकिन अब मैं ये मानता हूं कि दो नहीं बल्कि तीन टाइप के घोड़े हैं. एक रेस का घोड़ा, एक बारात का घोड़ा और तीसरा लंगड़ा घोड़ा. अब समय आ गया है कि हम लंगड़े घोड़े को अलग करें. ऐसे कार्यकर्ता अगर बांकी घोड़ों यानी कार्यकर्ताओं को तंग करेंगे तो उनपर कार्रवाई होगी.
विचारधारा के कार्यकर्ताओं और नेताओं की कमी नहीं
राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि मध्यप्रदेश में विचारधारा के कार्यकर्ताओं और नेताओं की कोई कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि हम जिस कमरे में बैठे हैं उसी कमरे में ऐसे कई कार्यकर्ता हैं जो बीजेपी को हराने का टैलेंट रखते हैं. लेकिन मुझे पता है कि आपके हाथ बंधे हुए हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि आपकी आवाज संगठन में ठीक से सुनाई नहीं देती है. b
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