राजनीति
यूपी में पंचायत चुनाव अपने दम पर लड़ेगी कांग्रेस : राय
9 Jun, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। कांग्रेस की उतर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि उनकी पार्टी आगामी पंचायत चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। कांग्रेस नेता राय ने कहा कि हर ‘बूथ’ पर कार्यकर्ताओं को मजबूत किया जा रहा और ‘हमारे जितने भी बहादूर साथी हैं, उन्हें पंचायत चुनाव में उम्मीदवार बनाया जाएगा।’
प्रदेश अध्यक्ष राय ने कहा, जो साथी चुनाव जीतकर या ज्यादा से ज्यादा चुनाव जिताकर आते हैं, उन्हें विधानसभा चुनाव में मौका मिलेगा। यहां बात स्थानीय सांसद इमरान मसूद के आवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए राय ने कहा, हमारा कार्यकर्ता प्रदेश के बूथ पर काम करता है, जिले में और ब्लाक में काम करता है, उन्हें ताकतवार बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में ताकत दिखाने के बाद आगे की रणनीति पार्टी का राष्टीय नेतृत्व तय करेगा। कांग्रेस नेता राय ने कहा,‘‘आज मैं अपने लोकप्रिय सांसद मसूद जी को इद उल अजहा की दिली मुबारकबाद देने और उनकी मंगलकामना के लिए आया हूं।’’
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, हमें अपनी ताकत को और बढा़ना है अभी राहुल गांधी को लेकर प्रदेश में छह सांसद हैं और दो विधायक हैं, हमें और ताकत बढानी है। राय ने 2022 के विधानसभा चुनाव का हवाला देकर दावा किया, सिराथू में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ही चुनाव हरवाया। इसकी मेरे पास जानकारी है। उन्होंने मौर्य को चुनाव जीतने के लिए सीट बदलने की सलाह दी।
देश को मिली आजादी सभी का सामूहिक प्रयास, किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं : भागवत
9 Jun, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम की सामूहिक प्रकृति पर जोर देकर कहा कि देश की आजादी 1857 के विद्रोह से शुरू हुए व्यापक प्रयासों का परिणाम थी, न कि किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि थी। भागवत ने कहा कि हमेशा से इस बात पर बहस होती है कि देश को आजादी किसके प्रयासों से मिली। लेकिन वास्तविकता यह है कि यह आजादी किसी एक व्यक्ति के कारण नहीं मिली। इस आजादी के लिए प्रयास 1857 में शुरू हुए और हर जगह आग भड़क उठी, उसके बाद, यह आग कभी शांत नहीं हुई। प्रयास जारी रहे और सभी के सामूहिक प्रयासों से आखिरकार हमें अंग्रेजों से आजादी मिली।
आरएसएस प्रमुख भागवत ने कहा कि संघ की दिशा सामूहिक विचार से तय होती है, संघ का काम एक या दो लोगों का काम नहीं है, संघ जो भी करता है और जो भी कहता है, वह सामूहिक निर्णय होता है। इसके पहले संघ प्रमुख ने पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले की कड़ी निंदा की थी और भारतीय सेना की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया की सराहना की थी। साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक ताकतों से घटना के बाद उभरी एकता की भावना को बनाए रखने का आग्रह किया था।
उन्होंने कहा, पहलगाम में एक बर्बर हमला हुआ। आतंकवादी हमारे देश में घुसे और हमारे नागरिकों को मार डाला। हर कोई दुखी और क्रोधित था और अपराधियों के लिए कड़ी सजा चाहता था। वास्तव में कार्रवाई की गई...इस संबंध में, हमारी सेना की क्षमता और बहादुरी फिर चमक उठी। उन्होंने कहा कि हम सभी राजनीतिक दलों की आपसी समझ और सहयोग को भी देख रहे हैं, जो सभी मतभेदों को भुला रहे हैं...अगर यह स्थायी हो जाए और मुद्दों के पुराने होने के साथ-साथ फीका न पड़े, तब यह देश के लिए बहुत बड़ी राहत होगी।
जनता फैसला करे कि बिहार में चिराग कहां से चुनाव लड़े…’ आरा में चिराग के तेवर बोले कुछ और ही”
8 Jun, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly election) को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने ऐलान किया है कि वह आगामी बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। चिराग ने कहा कि LJP (रामविलास) हमेशा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के नेतृत्व में विश्वास रखती है।
‘मैं 243 सीटों से चुनाव लड़ूंगा’
आरा के वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में चुनावी बिगुल फूंकते हुए लोजपा (रामविलास) प्रमुख ने कहा कि बिहार की जनता ही मेरा परिवार है। अब यह फैसला भी बिहार की जनता को ही लेना है कि मैं कहां से विधानसभा चुनाव लड़ूं। प्रदेश की जनता मुझे जहां से चुनाव लड़ने कहेगी, मैं वहां से चुनाव लड़ूंगा। मैं विधायक बनकर जनता का प्रतिनिधित्व करूंगा। मैं 243 सीटों से चुनाव लड़ूंगा। उन्होंने कहा कि सत्ता या पद मायने नहीं रखता, केवल बिहारी मायने रखते हैं।
चाचा पशुपति पारस पर बोला हमला
चिराग ने कहा कि बिहार फर्स्ट और बिहारी फर्स्ट मेरा मकसद है। इस नारे को आगामी विधानसभा चुनाव में घर-घर तक पहुंचाना है। जब मेरे पिता रामविलास पासवान की मृत्यु हुई थी, तब मेरी राजनीतिक हत्या की कोशिश की गई। मेरी पार्टी को मुझसे छीना गया। जिनके ऊपर मुझे पालने की जिम्मेदारी थी। उन्होंने मुझे मेरे घर से निकाल दिया, लेकिन शायद वह यह भूल गए कि मैं शेर का बेटा हूं।
राहुल के झांसे में न आएं बिहारी
आरा की रैली को संबोधित करतेे हुए चिराग पासवान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह राहुल के झांसे में न आएं। चिराग ने कहा कि बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट विजन के साथ बिहार को भारत का नंबर वन राज्य बनाएंगे।
चिराग पासवान ने कहा कि जब हम जंगलराज की बात करते हैं तो लोग केवल इसे राजद से जोड़कर देखते हैं, लेकिन जंगलराज के लिए कांग्रेस भी बराबर की जिम्मेदार है। बिहार में उस दौर में दोनों दल सत्ता में रहे। उन्होंने राज्य को अराजकता की ओर धकेला।
NDA में सीट शेयरिंग फॉर्मूला तय!
बिहार में NDA में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला लगभग फाइनल हो गया है। माना जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव में गठबंधन के तहत जदयू 102-103 सीट, बीजेपी 101-102 सीट, लोजपा (रामविलास) 25-28 सीट, हम (सेक्युलर) 6-7 सीट, रालोम 4-5 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उधर, इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर पेंच फंसा हुआ है।
कब होगा बिहार विधानसभा चुनाव
चुनाव आयोग ने अभी तक बिहार विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा नहीं की है, लेकिन चुनाव 22 नवंबर 2025 से पहले होने की उम्मीद है। दरअसल, बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को खत्म हो रहा है। उस समय तक सम्पूर्ण चुनाव प्रक्रिया, जिसमें मतदान, मतगणना और मुख्यमंत्री की घोषणा शामिल है, पूरी हो जानी चाहिए। माना जा रहा है कि अक्टूबर या नवंबर तक चुनाव करा लिए जाएंगे। आदर्श आचार संहिता सितंबर से अक्टूबर के बीच लागू हो सकती है।
राहुल गांधी ने अब तक चुनाव आयोग को नहीं भेजा कोई पत्र, ‘मैच फिक्सिंग’ बयान पर बढ़ा विवाद
8 Jun, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल हांधी ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) को कोई पत्र नहीं लिखा और न ही मुलाकात के लिए कोई समय मांगा। चुनाव आयोग के सूत्रों ने इसका खुलासा किया है।
सूत्रों के हवाले से कहा कि चुनाव आयोग समेत सभी संवैधानिक संस्थाएं आधिकारिक रूप से तभी जवाब देती, जब राहुल गांधी उन्हें पत्र लिखते। हालांकि, उन्होंने ऐसा नहीं किया। उनके सारे दावे बेबुनियाद और हवा हवाई हैं।
राहुल पर उठे सवाल
सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी एक तरफ कहते हैं कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे बेहद गंभीर हैं, मगर दूसरी तरफ जब उनके सामने चुनाव आयोग से सीधे बात करने का मौका था, तो उन्होंने ऐसा नहीं किया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का अपमान, चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार
कांग्रेस ने महाराष्ट्र में पोलिंग से लेकर काउंटिंग सेंटर्स पर अपने एजेंट्स नियुक्त किए थे। राहुल गांधी इस तरह के बयान देकर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की भी आलोचना करते हैं, जिन्हें खुद कांग्रेस पार्टी ने ही महाराष्ट्र में नियुक्त किया था।
लाखों अधिकारियों की मेहनत का अपमान
चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा, "महाराष्ट्र चुनाव के दौरान देश भर से 10.5 लाख बूथ लेवल अधिकारी, 50 लाख पोलिंग ऑफिसर और 1 लाख काउंटिंग सुपरवाइजर नियुक्त किए गए थे। राहुल गांधी ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाकर उन सभी की मेहनत और लगन का अपमान किया है।"
सीसीटीवी फुटेज पर दिया जवाब
राहुल गांधी के सीसीटीवी फुटेज की मांग पर चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा, चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार किसी भी चुनाव का सीसीटीवी फुटेज चुनावी याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट में ही देखा जा सकता है। मतदाताओं की निजता के अधिकार की सुरक्षा करने के लिए यह नियम बनाया गया है। राहुल गांधी मतदाताओं के अधिकारों से छेड़छाड़ नहीं कर सकते हैं।
राहुल ने लगाया था 'मैच फिक्सिंग' का आरोप
बता दें कि राहुल गांधी ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए महाराष्ट्र समेत सभी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में धांधली का आरोप लगाया था। राहुल गांधी का कहना था कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 'मैच फिक्सिंग' हुई थी।
कोहली पर हमें गर्व, उनके खिलाफ शिकायत सस्ती लोकप्रियता, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी का बयान
8 Jun, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 की ट्रॉफी जीतने के बाद आरसीबी के पूर्व कप्तान विराट कोहली पर बेंगलुरु भगदड़ मामले में सामाजिक कार्यकर्ता की ओर से शिकायत दर्ज करने पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शिकायतकर्ता की इस हरकत को शर्मनाक करार दिया है।
कांग्रेस सांसद तिवारी ने कहा कि कोहली पर हमें गर्व है। उन्होंने 18 साल तक कर्नाटक की टीम आरसीबी के लिए कड़ी मेहनत की। हर साल मेहनत करते रहे और आखिरकार इस साल उनकी मेहनत का फल मिला। लेकिन, सस्ती लोकप्रियता के लिए बेंगलुरु भगदड़ मामले में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है। इसतरह शिकायतकर्ता को शर्म आनी चाहिए जो कोहली के नाम पर सस्ती लोकप्रियता चाहते हैं। मैं इसकी निंदा करता हूं।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि कोहली ने आरसीबी को ट्रॉफी जिताने में अहम रोल अदा किया है। वे एक दीवार के तौर पर टीम के साथ 18 साल तक खड़े रहे। टीम ने आईपीएल में अपनी पहली जीत सुनिश्चित की, तब उनकी आंखों से बहते आंसू को पूरे देश ने देखा। कांग्रेस सांसद ने कहा कि उसकी शिकायत पर कोर्ट भी संज्ञान नहीं लेगा। इसतरह के शिकायतकर्ता अपनी घटिया मानसिकता को दर्शाते हैं।
बता दें कि 6 जून को कोहली के खिलाफ कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है। यह शिकायत वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एच.एम. वेंकटेश ने दर्ज कराई है।
क्या नई सियासी राह पर चलेंगे लालू के लाल तेज प्रताप ?
8 Jun, 2025 10:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बीते 30 वर्षों से बिहार में लालू प्रसाद यादव का सिक्का चल रहा है। बात करें वोट बैंक की तो लालू के पीछे एक बड़ा वोट बैंक है। लेकिन हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए इस बात की चर्चा चल रही है कि क्या अब लालू के कुनबे में सेंध लगने लगी हैं ? वो भी इसकी शुरुआत लालू के घर से ही हुई है। अब इस बात में कितनी सच्चाई है ये तो लालू परिवार ही बता सकता है लेकिन अंदरखाने जो ख़बरें छनकर बाहर आ रही है और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप के जो तेवर दिख रहे हैं उससे राजनीतिक हलकों में यही कयास लगाए जा रहे हैं कि बिहार में लालू के कुनबे में सेंध लगने लगी हैं। जी हाँ, प्रेम प्रसंग को लेकर विवादों के घेरे में आए राजद प्रमुख तथा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने एक वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है। इसमें वह एक भव्य कार्यालय में शेर जैसे अंदाज में प्रवेश करते दिखते हैं और रिवॉल्विंग चेयर पर बैठते हैं। पीछे दीवार पर लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की तस्वीरें लगी हुई हैं। मेज पर मोर पंख और तिरंगा झंडा भी देखा जा सकता है। वीडियो में खास तरह का बैकग्राउंड म्यूजिक जोड़ा गया है, जो इसे और नाटकीय बनाता है। वीडियो को पोस्ट करते हुए तेज प्रताप यादव ने लिखा है कि हमारे सभी सपने साकार हो सकते हैं, यदि हममें उन्हें पूरा करने का साहस हो। वीडियो में दिख रहा है कि परिवार और पार्टी से निकाले जाने बावजूद मां-बाप के प्रति उनकी निष्ठा डिगी नहीं है। तेज प्रताप ने वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है ‘हिम्मत और शिद्दत से कोशिश करो तो हर सपना पूरा होता है। वहीं अब तेजप्रताप के इस वीडियो से ये सवाल उठ रहे हैं कि आखिर तेजप्रताप किस सपने की बात कर रहे हैं। इस बीच राजनीतिक हलकों में इस वीडियो को गंभीरता से लिया जा रहा है क्योंकि हाल ही में लालू प्रसाद यादव ने उन्हें राजद से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। पार्टी से निकाले जाने के बाद यह वीडियो कहीं न कहीं उनके राजनीतिक इरादों और संदेशों को जाहिर करता है। लोगों के बीच उनके नए कार्यालय को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग जानना चाह रहे हैं कि क्या तेज प्रताप यादव कोई नई पार्टी बनाने जा रहे हैं? आखिर यह कौन सा कार्यालय है? मालूम हो कि इसके पहले तेज प्रताप ने दो ट्वीट किए, जिनमें उन्होंने माता-पिता और भाई तेजस्वी यादव को संबोधित करते हुए जयचंद की साजिश का उल्लेख किया। इसके बाद से राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं कि तेज प्रताप जल्द ही नई सियासी राह पर जा सकते हैं।
- आखिर तेज प्रताप क्यों निकल पड़े अलग राह पर
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो शुरू से लालू प्रसाद यादव अपने बड़े बेटे तेज प्रताप को राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाने के बजाय अपने छोटे बेटे तेजस्वी यादव को एक तरह से राजनीतिक कमान सौंप दिया है। लेकिन तेज प्रताप द्वारा इसको लेकर कभी कोई विरोध नहीं दर्शाया गया। मगर जब से उनकी पहली शादी के बाद तलाक का मामला हुआ और फिर अब ताजा मामला प्रेम प्रसंग का सामने आया तबसे तेज प्रताप के तेवर दिखने लगे हैं। दरअसल बीते महीने 24 तारीख को तेज प्रताप यादव के फेसबुक अकाउंट से अनुष्का यादव के साथ कुछ तस्वीरें पोस्ट की गईं, जिनमें उनके 12 साल पुराने रिश्ते का दावा किया गया। लेकिन दूसरे दिन ही इस पोस्ट को हटा दिया गया और तेज प्रताप द्वारा ये कहा गया कि उनकी आईडी हैक हो गई थी और किसी ने एआई से एडिट की गई तस्वीरें डालीं ताकि उनके परिवार को बदनाम किया जा सके। इस घटना के तुरंत बाद, 25 मई को लालू प्रसाद यादव ने तेज प्रताप को पार्टी से निष्कासित कर दिया। यह पत्र राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के द्वारा आठ दिन बाद जारी किया गया। अब यहां सवाल ये उठता है कि जब तेज प्रताप ने उनकी आईडी हैक होने की बात सार्वजनिक रूप से कही थी तब लालू यादव ने उन्हें पार्टी से क्यों निष्काषित कर दिया, आखिर लालू यादव क्या संदेश देना चाहते थे ? ये बात अबतक समझ से परे हैं। इन सब घटनाक्रमों के बाद से ही ये अटकलें तेज हो गई है कि तेज प्रताप अब बिहार की राजनीति में अपनी अलग राह बनाने के प्रयास में जुटे हैं जिसका ताजा प्रमाण तेजप्रताप के इस ताजे वीडियो के जारी होने से मिल रहा है जिसमें वे कह रहे हैं कि ‘हिम्मत और शिद्दत से कोशिश करो तो हर सपना पूरा होता है। बहरहाल अब तो ये समय आने पर ही पता चलेगा कि सच में लालू के लाल ने अपनी नई राह बनाई या फिर पिता की राजनीतिक विरासत की धुरी बनकर ही आगे बढ़ेंगे ?
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: एनडीए का फॉर्मूला तय होने की चर्चा
8 Jun, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय होने की चर्चा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 243 विधानसभा सीटों में से जदयू और बीजेपी लगभग बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। इसमें जदयू को 102 से 103 और बीजेपी को 101 से 102 सीटें देने का फैसला हुआ है। इसके अलावा एनडीए के अन्य सहयोगी दलों चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास), जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को कितनी सीटें दी जाएं, इसे लेकर भी फॉर्मूला तय हो गया है। खास बात यह है कि इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि अंदरखाने जो ख़बरें सामने आई उसके मुताबिक एनडीए में सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है। इसमें नीतीश कुमार की जदयू और बीजेपी को बराबर सीटें मिलने की उम्मीद है। बिहार में चिराग की लोजपा (आर) के 5 सांसद हैं, उन्हें 25-28 सीटें मिल सकती हैं, जबकि 40 सीटों का दावा करने वाली जीतन राम मांझी की हम को 6-7 सीटें मिल सकती हैं। 2020 के चुनाव में भी पार्टी ने 7 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 4 सीटों पर जीत हासिल की थी। साथ ही उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम को 4-5 सीटें देने का फैसला किया गया है। इस सीट बंटवारे के तहत एनडीए के घटक दलों को एक साथ लाने की कोशिश की गई है। इस फॉर्मूले के मुताबिक सीट बंटवारा तय माना जा रहा है लेकिन अभी इसकी अंतिम घोषणा नहीं हुई है। अगर 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव की बात करें तो एनडीए में जदयू, बीजेपी, हम और मुकेश सहनी की वीआईपी शामिल थी। उसके बाद बीजेपी 110, जेडीयू 115, हम 7 और सहनी की पार्टी 11 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। जिसमें सबसे ज्यादा 74 सीटों पर बीजेपी, 43 पर जेडीयू, 4 पर हम और वीआईपी ने भी 4 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके अलावा चिराग की लोजपा (आर) ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा था। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ने तीसरा गठबंधन बनाया था। जिसमें बसपा और ओवैसी की एआईएमआईएम शामिल थी। जिसमें कुशवाहा की पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली, लोजपा (आर) को एक सीट मिली, जबकि एआईएमआईएम ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा और 5 सीटों पर जीत दर्ज की। आपको बता दें कि बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं और इस साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।
मोदी सरकार नक्सलवाद के दंश से भारत को मुक्त करने के लिए संकल्पित - अमित शाह
8 Jun, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हाल ही में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए गए अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों से दिल्ली में भेंट कर इन ऑपरेशंस की ऐतिहासिक सफलता पर उन्हें बधाई दी. शाह ने कहा कि मोदी सरकार नक्सलवाद के दंश से भारत को मुक्त करने के लिए संकल्पित है.
गृह मंत्री ने एक्स पर किए गए एक पोस्ट में कहा कि हाल ही में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए गए अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों से भेंट कर इन ऑपरेशंस की ऐतिहासिक सफलता पर उन्हें बधाई दी. इन अभियानों को अपनी बहादुरी से सफल बनाने वाले जवानों से भी मिलने के लिए उत्सुक हूं और जल्द ही छत्तीसगढ़ आकर उनसे भेंट करूंगा. मोदी सरकार नक्सलवाद के दंश से भारत को मुक्त करने के लिए संकल्पित है.”
इस अभियान में शामिल छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नक्सल विरोधी अभियान/ एसआईबी/ एसटीएफ) विवेकानंद, बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज, नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव और नक्सल मुक्त जिला बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ सिंह को केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा सम्मानित किया गया. इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, आसूचना ब्यूरो के निदेशक तपन डेका सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
कांग्रेस से निकाले जाएंगे लक्ष्मण सिंह? पार्टी में अनुशासनहीनता को लेकर उठे सवाल
7 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अपनी ही पार्टी कांग्रेस के खिलाफ लगातार बयानबाजी करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह के खिलाफ अब गाज गिरना तय माना जा रहा है. मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने इसके संकेत दिए हैं. पार्टी की लक्ष्मण रेखा कई बार लांघ चुके लक्ष्मण सिंह को कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी है. बता दें कि लक्ष्मण सिंह ने राहुल गांधी से लेकर उमर अब्दुल्ला पर आपत्तिजनक बयानबाजी की है.
लक्ष्मण सिंह के स्पष्टीकरण से पार्टी संतुष्ट नहीं
बार-बार पार्टी विरोधी बयान देने के कारण लक्ष्मण सिंह से स्पष्टीकरण मांगा गया. जो सफाई उन्होने दी, उससे पार्टी की अनुशासन समिति संतुष्ट नहीं है. वहीं, राहुल गांधी ने भी मध्यप्रदेश के दौरे पर ये स्पष्ट कर दिया था कि पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सूत्रों के मुताबिक लक्ष्मण सिंह को पार्टी से निकाला जाना तय हो चुका है. इस संबंध में एआईसीसी में औपचारिकता भी पूरी कर ली गई है. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता स्वदेश शर्मा ने बयान जारी कर लक्ष्मण सिंह के निष्कासन को लेकर इशारा भी कर दिया है.
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी दे चुके हैं संकेत
स्वदेश शर्मा का कहना है "अनुशासनहीनता के मामले में कांग्रेस में बीजेपी की तरह से दिखावा नहीं है. चाहे छोटा नेता हो या बड़ा, सांसद हो या विधायक सब समान हैं. जो भी अनुशासनहीनता करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होना तय है." प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी से जब पत्रकारों ने लक्ष्मण सिंह की अनुशासनहीनता को लेकर सवाल किया था तो उन्होंने कहा था "आप इंतजार कीजिए. जल्द सब आपके सामने आएगा." उन्होंने इशारे में ये पहले ही बता दिया था "पार्टी लक्ष्मण सिंह की अनुशासनहीनता को इस बार बख्शने वाली नहीं है."
इस बार लक्ष्मण सिंह के बयान बनेंगे मुसीबत
बता दें कि कुछ दिन पहले लक्ष्मण सिंह ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को घेरा था. लक्ष्मण सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सोच समझकर बोलन की सलाह दी थी. उन्होंने राबर्ट वाड्रा पर भी टिप्पणी की. कहा था ठइन दोनों का बचपना जाने कब जाएगा." इसी तरह से उन्होंने उमर अब्दुल्ला को लेकर विवादित बयान दिया था. पहलगाम में हुई घटना पर सवाल उठाते हुए ये तक कह दिया था "उमर अब्दुल्ला आतंकवादियों से मिले हुए हैं."
उपराष्ट्रपति का आह्वान: 'विकसित भारत' का सपना किसानों के सशक्तिकरण से होगा पूरा
7 Jun, 2025 04:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने हिमाचल प्रदेश में कहा कि कृषि बुद्धिमत्ता से कृत्रिम बुद्धिमत्ता की ओर बढ़ना आवश्यक है. उन्होंने किसानों को अन्नदाता से बढ़कर भाग्य विधाता बताया और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में वृद्धि का सुझाव दिया. सीधी सब्सिडी, मूल्य संवर्धन और ग्रामीण उद्यमिता पर जोर दिया.
भारत के उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने आज डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, सोलन में कहा कि आजकल जब हम Artificial Intelligence की चर्चा करते हैं, तो युवा पीढ़ी भाग्यशाली है क्योंकि वे Agriculture Intelligence से Artificial Intelligence की यात्रा कर सकते हैं.
उन्होंने कहा कि “Artificial Intelligence, Agriculture Intelligence ही वो माध्यम है, जो ग्रामीण व्यवस्था के अंदर क्रांतिकारी बदलाव लाएगा.
किसान भाग्य विधाता हैं- उप राष्ट्रपति
हिमाचल प्रदेश के सोलन में डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में विकसित भारत के मार्ग पर चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने स्पष्ट रूप से कहा कि विकसित भारत का रास्ता एक ही तरीके से जाएगा. किसान के खेत से और वो तभी होगा, जब किसान का आप हाथ पकड़ेंगे. उन्होंने किसानों को केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि भाग्य विधाता बताया.
एक्सपोर्ट की मानसिकता पर चिंता व्यक्त करते हुए उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा, “मुझे बड़ी परेशानी होती है जब लोग कहते हैं. ‘यह export माल है, यह export के लिए है. भाई, क्यों? सबसे अच्छा तो हमको खाना है, सबसे अच्छा तो हमको पहनना है. उन्होंने गर्व से बताया कि आज दुनिया की बड़ी संस्थाओं में भारतीय नेतृत्व कर रहे हैं और विशेष रूप से महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना की.
सब्सिडी मिलने में आनी चाहिए तेजी-धनखड़
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना पर बोलते हुए उप राष्ट्रपति ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से अनुरोध किया कि वर्तमान में मिलने वाली 6,000 रुपये की राशि में मुद्रास्फीति के अनुपात में वृद्धि होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि “यदि अगर सहायता सीधी किसान को मिलती है. जो भी कृषि क्षेत्र को अप्रत्यक्ष वित्तीय सहायता को मिल रही है वो यदि अगर सीधी किसान परिवारों को मिलती है तो हर किसान परिवार मेरा आकलन है और मेरा आंकलन अध्ययन के पश्चात है. जहां 6000 रुपये PM किसान निधि के मिल रहे हैं. उसमें 30,000 रुपये सालाना जुड़ेंगे.
प्रत्यक्ष सब्सिडी के फायदों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यदि फर्टिलाइजर सब्सिडी सीधे किसानों को मिले तो किसान तय करेगा कि मैं वो फर्टिलाइजर खरीदूं या पशुधन कर कर गोबर की खाद का उपयोग करें. किसान सोचेगा मैं ऑर्गेनिक कृषि करूं, नेचुरल फार्मिंग करूं, किसान स्वयं इसका निर्धारण करें.
टमाटर सड़कों पर क्यों जाएगा- उपराष्ट्रपति
कार्यक्रम में ग्रामीण उद्यमिता पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि कृषक समुदाय के ग्रामीण लड़के और लड़कियों को उद्यमी, कृषि उद्यमी बनने के लिए यहां प्रशिक्षित किया जाना चाहिए. उनकी फौज खड़ी होनी चाहिए. उन्होंने अमेरिका का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां किसान परिवारों की औसत आमदनी आम परिवारों से अधिक है और इसका कारण यह है कि सरकारी मदद सीधे किसानों को मिलती है.
मूल्य संवर्धन की आवश्यकता पर बल देते हुए धनखड़ ने कहा, “आज के दिन ग्रामीण व्यवस्था की ओर ध्यान देना पड़ेगा। गाँव में सब्ज़ी शहर से आती है, फल शहर से आते हैं. यह कैसे हम देश में बर्दाश्त कर सकते हैं कि टमाटर ज्यादा हो गया तो टमाटर सड़कों पर जाएगा?” उन्होंने खेत पर ही मूल्य संवर्धन और खाद्य प्रसंस्करण की जरूरत पर जोर दिया.
इस कार्यक्रम के अवसर पर सांसद सुरेश कुमार कश्यप, हिमाचल प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे.
राहुल गांधी के 'सच्चाई' वाले बयान पर BJP हमलावर, लेकिन उठ रहे हैं 'लोकतंत्र में पारदर्शिता' के सवाल
7 Jun, 2025 04:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में “फिक्सिंग” के आरोपों को लेकर देश की सियासत गरमा गई है. कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बाद भारतीय जनता ने पार्टी ने उन पर हमला बोला है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के आरोप का जवाब देते हुए कहा कि लोकतंत्र में नाटक नहीं, सच्चाई की जरूरत है.
जेपी नड्डा ने कहा कि जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी का नवीनतम लेख चुनाव दर चुनाव हारने की उनकी उदासी और हताशा के कारण फर्जी आख्यान गढ़ने का खाका है.
उन्होंने लिखा, राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के बारे में कैसे झूठ बोला? पहला उनकी हरकतों के कारण कांग्रेस पार्टी चुनाव दर चुनाव हारती है. दूसरा, आत्मनिरीक्षण करने के बजाय, वह विचित्र षड्यंत्र रचते हैं और धांधली का रोना रोते हैं. तीसरा, सभी तथ्यों और आंकड़ों को नजरअंदाज करते हैं. चौथा शून्य सबूत के साथ संस्थानों को बदनाम करते हैं. पांचवां तथ्यों के बजाय सुर्खियों की उम्मीद करते हैं.
नाटक नहीं, सच्चाई की जरूरत: जेपी नड्डा
उन्होंने कहा कि बार-बार उजागर होने के बावजूद, वह बेशर्मी से झूठ फैलाते रहते हैं. और, वह ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि बिहार में उनकी हार निश्चित है. लोकतंत्र को नाटक की जरूरत नहीं है. उसे सच्चाई की जरूरत है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी राहुल गांधी तीखा पलटवार किया है. फडणवीस ने गांधी को “झूठ फैलाने” का आरोप लगाते हुए राजनीतिक जमीर पर सवाल खड़े कर दिए.
जमीन पर नहीं उतरेंगे तब-तक नहीं समझेंगे… फडणवीस
राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि सिर्फ आरोप लगाने से कुछ नहीं होता. जब तक वे जमीन पर नहीं उतरेंगे और तथ्यों को नहीं समझेंगे, तब तक कांग्रेस जीत नहीं सकती.
फडणवीस ने राहुल गांधी पर “झूठ फैलाने” का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार तथ्य उजागर होने के बावजूद राहुल गांधी बेशर्मी से गलत बयानी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी न तो खुद समझते हैं कि वे क्या कह रहे हैं, न ही देश की जनता उनके बयानों को गंभीरता से लेती है. उन्होंने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी को यह पहले से पता है कि बिहार चुनाव में कांग्रेस हारने वाली है, इसलिए वे ध्यान भटकाने के लिए महाराष्ट्र जैसे राज्यों में फर्जी आरोप लगा रहे हैं.
राहुल गांधी की हताशा…धर्मेंद्र प्रधान का पलटवार
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अनेकों बार चुनावों में जनता द्वारा नकारे जाने के बावजूद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी इस सत्य को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं. हर चुनावी हार के बाद चुनाव आयोग और जनादेश को कठघरे में खड़ा करना राहुल गांधी की हताशा है.
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को पहले तो अपनी पार्टी के इतिहास को पढ़ना चाहिए. चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वाले ये वही लोग हैं जिन्होंने पूर्व में दो मुख्य चुनाव आयुक्तों को कांग्रेस में शामिल कराया था. पहले, टीएन अय्यर शेषन, जिन्हें 1999 में गांधीनगर से आदरणीय लालकृष्ण आडवाणी के खिलाफ चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. वहीं दूसरे मुख्य चुनाव आयुक्त एमएस गिल थे, जो दो बार कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा गए और केंद्रीय मंत्री भी रहे थे. तो क्या ये मान लिया जाए कि इनके कार्यकाल में चुनाव आयोग कांग्रेस के लिए काम करता था और जिसके परिणामस्वरूप इनका promotion कांग्रेस पार्टी द्वारा किया गया था?
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को match fixing बोलने वाले ये वही लोग हैं, जिन्होंने चुनाव में हार के बाद अपनी सत्ता बचाने के लिए देश पर आपातकाल थोप दिया था। परिवारवाद से ग्रसित राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी सत्ता में रहे अथवा न रहे, इन लोगों की मानसिकता हमेशा देश को अपनी बपौती समझने की रही है. चुनाव में जीते तो लोकतंत्र, चुनाव आयोग और EVM सब ठीक है. लेकिन, अगर हार गए तो पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था झूठी हो जाती है और देश का लोकतंत्र खतरे में आ जाता है. मगर, राहुल गांधी को ये स्पष्ट हो जाना चाहिए कि देश की जनता कांग्रेस की रग-रग से वाकिफ हो चुकी है और इनकी झूठ की दुकान अब भारत में चलने वाली नहीं है.
ऑपरेशन सिंदूर पर TMC नेता का बयान बना सियासी बवंडर, पार्टी ने जताई असहमति
7 Jun, 2025 02:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एक ओर जहां ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान भारत पर तीखे हमले बोल रहा है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी पार्टियां भी इससे अछूती नहीं हैं. वो भी इसको लेकर लगातार सरकार पर निशाना साध रही हैं. तृणमूल कांग्रेस के नेता नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक विवादित बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह बीजेपी की तरफ से शुरू किया गया एक युद्धोन्माद था.
बीजेपी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने चक्रवर्ती के खिलाफ अब FIR दर्ज करवाई है, जिसमें उनके ऊपर आरोप लगाया है कि उन्होंने सशस्त्र बलों की वीरता को कम आंका है.
TMC फैला रही राष्ट्रविरोधी लहर
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने TMC पर निशाने साधते हुए कहा कि चक्रवर्ती की तरफ से दी गई टिप्पणी से यह पता चलता है कि तृणमूल कांग्रेस किस हद तक पश्चिम बंगाल में राष्ट्रविरोधी जहर फैलाने की कोशिश कर कर ही है. उन्होंने कहा कि तरह कि टिप्पणी अपमानजनक और निंदनीय है.
‘पाकिस्तान की चिंता है तो वहीं चले जाएं’
आसनसोल क्षेत्र के बीजेपी विधायक जितेंद्र तिवारी ने इस विवादित टिप्पणी को लेकर कहा कि अगर चक्रवर्ती को पाकिस्तान की इतनी ही चिंता है तो वह पाकिस्तान चलें जाएं और वहीं जमीन खरीदकर बस जाएं. इसके आगे बीजेपी विधायक ने TMC पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर इसी बात को कोई और कहता तो अब तक टीएमसी ने उसके खिलाफ एफआईआर करवा दी थी. लेकिन जब मामला उनकी पार्टी का होता है तो वह बिल्कुल चुप बैठ जाती है और कार्रवाई करने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता.
NIA जांच की मांग
चक्रवर्ती के विवादित बयान को लेकर विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि मैं NIA से आग्रह करता हूं कि वो तेजी से कार्रवाई करे और तथ्यों का पता लगाने के लिए नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती को बुलाए. भारत के लोगों को उनके बयानों के पीछे की सच्चाई जानने का अधिकार है और यह भी कि क्या वे किसी बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रहे हैं.
इसके आगे उन्होंने कहा कि विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती का ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जो भाषण दिया है वो गंभीर सवाल उठता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. ऐसे बयानों की तत्काल जांच की मांग की जाती है.
बयान को लेकर TMC की प्रतिक्रिया
TMC की वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने चक्रवर्ती के विवादित बयान को लेकर कहा कि पार्टी इस बयान का समर्थन नहीं करती है, यह उनकी व्यक्तिगत टिप्पणी है. हमारी सीएम ममता बनर्जी और वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि टीएमसी ऑपरेशन सिंदूर पर कोई राजनीतिक बयान नहीं देगी, न ही राष्ट्र के हित में ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित किसी भी बहस या आलोचना में भाग लेगी, लेकिन हम देखते हैं कि बीजेपी नेता राजनीतिक लाभ हासिल करना चाह रहे हैं.
नीतीश कुमार की सेहत और सीटों का समीकरण, NDA की चुनावी रणनीति तैयार
7 Jun, 2025 02:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसको लेकर तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं. एनडीए में सीटों के बंटवारे पर चर्चा चल रही है. सूत्रों के मुताबिक लोकसभा चुनाव के फार्मूले के अनुसार ही बिहार में NDA का टिकट बंटवारा होगा. इसको लेकर पटना से लेकर दिल्ली तक बातचीत शुरू हो चुकी है. बता दें कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 17, जेडीयू ने 16, एलजेपी ने 5 और हम और राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने एक-एक सीट पर चुनाव लड़ा था. नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को भी चुनावी रणनीति में ध्यान में रखा जा रहा है.
बिहार में सीटों के बंटवारे में पेंच ना फंसे इसलिए सीटों का बंटवारा एकदम आखिर में किया जाएगा. इसके साथ ही लगातार दो बार से हारी जाने वाली सीटों की अदला-बदली भी की जाएगी. मतलब ये की अगर किसी सीट पर बीजेपी पिछले दो चुनावों से लगातार हार रही है तो उस सीट को दूसरे सहयोगी पार्टी को दिया जा सकता है. ताकि वहां जीत की संभावना हो.
कैसा होगा बिहार में सीटों का बंटवारा?
लोक सभा चुनाव में बीजेपी ने जेडीयू से एक सीट ज्यादा पर चुनाव लड़ा था, लेकिन विधानसभा में जेडीयू बीजेपी से एक-दो ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. सूत्रों के अनुसार जेडीयू 243 में से 102-103 और बीजेपी 101-102 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है.
इसके अलावा बाकी बची करीब 40 सीटें लोक जनशक्ति पार्टी, हिंदुस्तान अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को दी जाएगी. इसमें बड़ा हिस्सा एलजेपी का होगा, क्योंकि राज्य में उसके पांच सांसद हैं. इस लिहाज से उसे करीब 25-28 सीटें मिल सकती हैं. जबकि हम को 6-7 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 4-5 सीटें दी जा सकती हैं.
जातिगत समीकरणों पर होगा खास ध्यान
बिहार विधानसभा चुनाव सीट बंटवारे में जाति समीकरण का ध्यान रखा जाएगा. अगर किसी जिले में 5 विधानसभा सीटें है तो ये ध्यान रखा जाएगा कि उस जिले की सीटों के उम्मीदवारों में सभी जातियों का प्रतिनिधित्व हो. ऐसा भी ना हो कि अगल बगल सीटें बीजेपी -जेडीयू लड़ रही हो और दोनों सीटों पर एक ही जाति के उम्मीदवार हो.
नीतीश की सेहत पर नजर
एनडीए सीट बंटवारे और जीत के लिए सीट दर सीट रणनीति बनाई जा रही है. साथ ही एनडीए और विपक्षी गठबंधन के संभावित बागियों की भी पहचान की जा रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर भी एनडीए का आकलन है कि जितना विपक्ष इसे मुद्दा बनाएगा उतना विपक्ष को नुकसान और एनडीए को सहानुभूति मिलेगी.
कैसा था पिछले चुनावों में सीटों का गणित
बिहार विधानसभा चुनाव में ऐसा पहली बार नहीं है जब सीटों के बंटवारे को लेकर हाई लेवल का मंथन चल रहा हो. लगभग हर चुनाव में ऐसा ही होता आ रहा है. बीजेपी और जेडीयू इससे पहले भी मिलकर चुनाव लड़ चुके हैं. साल 2010 के विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो उस समय जेडीयू ने 141 और बीजेपी ने 102 सीटों पर चुनाव लड़ा था.
2015 के चुनाव से पहले नीतीश ने एनडीए का साथ छोड़ दिया था. उस समय आरजेडी के साथ मिलकर चुनाव लड़ गया था. इस चुनाव में आरजेडी और जेडीयू ने बराबर- बराबर सीटों पर चुनाव लड़ा था. 2020 के चुनाव से पहले एक बार फिर नीतीश ने बीजेपी से हाथ मिलाया था उस समय जेडीयू ने 115 और बीजेपी ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था. पिछले चुनावों को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि इस बार भी जेडीयू ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
काफिले में ट्रक घुसा, सुरक्षाकर्मियों की हालत गंभीर, तेजस्वी यादव ने जताई चिंता
7 Jun, 2025 02:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव देर रात सड़क हादसे का शिकार होते होते बचे. तेजस्वी के काफिले में बेकाबू ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी. इस घटना में कई सुरक्षा कर्मी घायल हो गए. आनन फानन में सभी घायलों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया है. तेजस्वी यादव बताया कि घटना मात्र उनसे 5 फीट की दूरी पर हुई.
तेजस्वी यादव के काफिले को एस्कॉर्ट कर लोग ट्रक की टक्कर से घायल हो गए. इनमें ड्राइवर, सुरक्षा कर्मी शामिल हैं, जिन्हें आनन फानन में इलाज के लिए पुलिसकर्मियों ने हाजीपुर सदर अस्पताल लाया गया. घटना को लेकर सदर अस्पताल हाजीपुर में अफरा तफरी मच गई.
कैसे हुई पूरी घटना?
घटना के बारे में नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि सुबह 10 बजे मधेपुरा कार्यक्रम में गए हुए थे पटना लौटने के दौरान NH 22 हाजीपुर मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग के गोरौल में चाय पीने के लिए रुके थे. उसी दौरान एक ट्रक ने अनियंत्रित होकर मेरे सामने 2/3 गाड़ियों में टक्कर मार दी, वहीं आस पास सुरक्षाकर्मी खड़े थे. इसमें 3 लोग घायल हो गए. उन्होंने कहा कि 05 फिट की दूरी पर हम खड़े थे, थोड़ा और अनियंत्रित होता तो ट्रक हमे भी ठोकर मार देता.
ट्रक और ड्राइवर पर हो कार्रवाई
इस हादसे के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भाग रहे ट्रक को पकड़ लिया है. चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. लापरवाही के सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि दुर्घटना होती रहती है, लेकिन दुर्घटना जो आज हुई है उसमें साफ लापरवाही हुई है. उस पर एक्शन होना चाहिए. चाहे कोई भी हो उन्होंने कहा कि आए दिन एक्सीडेंट होता है. इस देश में सबसे ज्यादा लोग एक्सीडेंट से मरते हैं. इस घटना में कार्रवाई होनी चाहिए. इस मौके पर महुआ के राजद विधायक डॉ मुकेश रोशन और वैशाली सिविल सर्जन श्याम नंदन प्रसाद,कई कार्यकर्ता सदर अस्पताल पहुंचे. सिविल सर्जन श्यानन्दन प्रसाद के मुताबिक दो लोगों को बेहतर इलाज के लिए PMCH रेफर किया जा रहा है.
फर्जी वोटिंग और डेटा में गड़बड़ी का आरोप, राहुल गांधी ने उठाए चुनाव आयोग पर सवाल
7 Jun, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसको लेकर तमाम राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है. कांग्रेस भी बिहार में दोबारा अपनी जमीन तलाशने की कोशिश कर रही है. यही कारण है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार बिहार दौरे पर जा रहे हैं. इस बीच राहुल ने एक बार फिर महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में धांधली का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के बाद अब बिहार में भी मैच फिक्सिंग की तैयारी की जा रही है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नवंबर 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की आलोचना की है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जीत हासिल करने के लिए “मैच फिक्सिंग” अभियान चलाने का आरोप लगाया है. BJP,एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से मिलकर बने महायुति गठबंधन ने 288 विधानसभा सीटों में से 235 सीटें हासिल कीं. इनमें से अकेले BJP ने 132 सीटें जीतीं, जो राज्य के इतिहास में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.
पांच चरणों में बीजेपी ने की चुनाव में हेराफेरी- कांग्रेस
राहुल गांधी ने दावा किया कि बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को विफल करने के लिए पांच लेवल मॉडल का इस्तेमाल किया था. इसके साथ ही राहुल ने उन 5 चरणों के बारे में भी विस्तार से बताया है.
चुनाव आयोग की नियुक्ति के लिए पैनल में हेराफेरी करें.
फर्जी मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ें.
वोटिंग प्रतिशत बढ़ाएं,
फर्जी वोटिंग को ठीक उसी जगह करें जहां बीजेपी को जिताना है.
सबूत छिपाए जाएं.
मैच फिक्सिंग चुनाव लोकतंत्र के लिए जहर- राहुल
राहुल ने कहा कि यह समझना मुश्किल नहीं है कि महाराष्ट्र में बीजेपी इतनी हताश क्यों थी, लेकिन धांधली मैच फिक्सिंग की तरह है. जो पक्ष धोखा देता है वह खेल जीत सकता है, लेकिन संस्थानों को नुकसान पहुंचाता है और परिणाम में जनता का विश्वास खत्म करता है.
उन्होंने कहा कि सभी चिंतित भारतीयों को सबूत देखना चाहिए. खुद ही फैसला करें. जवाब मांगें. क्योंकि महाराष्ट्र की मैच फिक्सिंग अगली बार बिहार में होगी, और फिर यहां भी बीजेपी चुनाव हार रही है. मैच फिक्सिंग चुनाव किसी भी लोकतंत्र के लिए जहर है.
राहुल पहले भी उठा चुके हैं सवाल
राहुल गांधी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर पहले भी कई बार सवाल खड़े कर चुके हैं. अप्रैल महीने में उन्होंने अमेरिका के बॉस्टन में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव पर सवाल उठाए थे. उस दौरान उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह साफ है कि भारतीय चुनाव आयोग समझौता कर चुका है. इस सिस्टम में कुछ गड़बड़ी है. कांग्रेस ने अक्टूबर 2024 में हरियाणा चुनाव के नतीजों पर भी सवाल उठाया था. कांग्रेस ने EVM की गड़बड़ी का दावा करते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की थी.
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