राजनीति
क्या इस बार विधानसभा में दिखेंगे चिराग पासवान? बयान ने बढ़ाई चर्चा, कहा ‘पार्टी जो कहेगी, वही करूंगा’
2 Jun, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान बिहार में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उतरेंगे या नहीं? चिराग पासवान किस सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगे? क्या चिराग पासवान को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा? ऐसे तमाम सवाल इन दिनों सोशल मीडिया ही नहीं, सियासी गलियारों में भी तैर रहे हैं. अब इस तरह के सवालों के जवाब में चिराग पासवान ने अपनी स्थिति कुछ स्पष्ट की है. उनका कहना है कि जो भी आदेश उन्हें अपनी पार्टी की ओर से मिलेगा, वह उसका पालन करेंगे. इसके साथ ही चुनावी सीट को लेकर भी चिराग पासवान ने मीडिया को अपनी प्रतिक्रिया दी है.
विधानसभा चुनाव लड़ेंगे या नहीं चिराग पासवान?
लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख चिराग पासवान ने सोमवार को दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए इस बड़े सवाल का स्पष्ट जवाब तो नहीं दिया. परंतु उन्होंने अपनी मंशा साफ कर दी. उन्होंने चुनाव लड़ने को लेकर पूछे गए मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पार्टी की इस पर जो भी राय होगी, उसका मैं जरूर पालन करूंगा. फिलहाल अभी इस पर और चर्चा होना बाकी है. चिराग के इस जवाब से सियासी गलियारों में हलचल तेज है.
पासवान ने स्पष्ट संकेत दिया है कि उनकी पार्टी बिहार के विधानसभा चुनाव में पूरी दमखम के साथ उतरेगी. ऐसे में चर्चा है कि एनडीए में रहते हुए चिराग की पार्टी ज्यादा से ज्यादा सीटों की अपनी डिमांड को आगे बढ़ाएगी. किस सीट पर चुनाव लड़ेंगे चिराग पासवान?
चिराग पासवान बिहार में किस विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ेंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है. मीडिया की ओर से इस संबंध में उनसे पूछा गया कि आपने कहा है कि आप सामान्य सीट से चुनाव लड़ेंगे और आपकी पार्टी ने भी यह फैसला लिया है.
इस सवाल के जवाब में उन्होंने बस इतना ही कहा कि ये प्रस्ताव पार्टी की तरफ से आया है. सियासी गलियारों में इस संबंध में चर्चा है कि चिराग पासवान ने एनडीए को स्पष्ट संकेत दिए हैं. यह चुनाव की तैयारी है. चर्चा और मांग यह भी है कि चिराग को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाया जाए.
लोजपा (रामविलास) ने कहा- चिराग लड़ेंगे चुनाव
बता दें कि इससे पहले बीते रोज लोजपा के मुख्य प्रवक्ता डॉ. राजेश भट्ट ने स्पष्ट कहा था कि चिराग पासवान बिहार में विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे. भट्ट ने पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में लिए गए फैसले के हवाले से कहा कि चिराग पासवान को विधानसभा चुनाव में उतारने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है. वहीं, दूसरी ओर चिराग पासवान के बहनोई और सांसद अरुण भारती ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट साझा कर कहा था कि चिराग पासवान सामान्य सीट से चुनाव लड़ेंगे. ऐसे में स्पष्ट है कि लोजपा संदेश देना चाहती है कि चिराग पूरे बिहार का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं.
तेज प्रताप को लेकर बोले लालू के सांसद, रामविलास पासवान का नाम लेकर दी नसीहत
2 Jun, 2025 02:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्व मंत्री और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के पक्ष में राष्ट्रीय जनता दल के सांसद और प्रदेश अध्यक्ष के बेटे उतर गए हैं। सांसद सुधाकर सिंह ने तेज प्रताप का समर्थन किया है। कहा कि तेज प्रताप यादव ने जो किया है, उसे मैं गुनाह की श्रेणी में नहीं मानता है। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री और राम विलास पासवान का भी उदाहरण दिया। साथ ही राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद से अपने फैसले पर विचार करने की अपील की। सुधाकर सिंह के इस बयान ने सियासी गलियारे में हलचल मचा दी है। आइए जानते हैं सुधाकर सिंह ने क्या कहा?
दो शादी करना अनैतिक नहीं
बक्सर से सांसद और राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह ने कहा कि तेज प्रताप यादव ने कोई गुनाह नहीं किया है। अगर उन्होंने कुछ किया है तो इसकी घोषणा वह स्वयं करेंगे। दो शादियां हिन्दू रीति रिवाजों में रही है। कई जगह हमने तीन चार शादियों के बारे में हमने सुना है। दो शादी कई लोग कर चुके हैं। मैं व्यक्तिगत तौर पर इसे अनैतिक काम नहीं मानता हूं। आज भी कई लोग दो शादियां करके रह रहते हैं। उन्होंने रामविलास पासवान का भी उदाहरण दिया। उन्होंने भी दो शादी की थी। चिराग पासवान उनकी दूसरी पत्नी के बेटे हैं। उन्होंने लालू प्रसाद से अपील करते हुए कहा कि एक पिता के तौर उन्हें तेज प्रताप यादव को माफ कर देना चाहिए।
लालू प्रसाद ने निकाल दिया था पार्टी से
एक महिला के साथ तेज प्रताप यादव की तस्वीर और सोशल मीडिया पोस्ट के कारण राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे को छह साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। उन्होंने लिखा था कि निजी जीवन में नैतिक मूल्यों की अवहेलना करना हमारे सामाजिक न्याय के लिए सामूहिक संघर्ष को कमजोर करता है। ज्येष्ठ पुत्र की गतिविधि, लोक आचरण तथा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार हमारे पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है। अतएव उपरोक्त परिस्थितियों के चलते उसे पार्टी और परिवार से दूर करता हूं। अब से पार्टी और परिवार में उसकी किसी भी प्रकार की कोई भूमिका नहीं रहेगी। उसे पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया जाता है।
बिहार विधानसभा चुनाव: त्योहारों के मद्देनज़र तारीखों पर विचार कर रहा चुनाव आयोग, दिवाली-छठ के बीच नहीं होंगे चुनाव
2 Jun, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव में अभी काफी वक्त है, लेकिन यहां पर सियासी हलचल काफी बढ़ गई है. राजनीतिक रैलियों का दौर भी शुरू हो चुका है. अब सबकी नजर इस पर है कि राज्य में चुनाव की तारीखों का ऐलान कब होगा और यह कितने चरणों में कराया जाएगा. इस बीच बड़ी खबर है आ रही है कि चुनाव के लिए दिवाली और छठ पर्व का भी खास ध्यान रखा जाएगा. सूत्रों का यह भी कहना है कि बिहार विधानसभा चुनाव दो से तीन चरणों में कराया जा सकता है. साथ ही दीवाली और छठ पर्व को ध्यान में रखते हुए चुनाव की तारीख तय की जाएगी. बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को खत्म हो रहा है, उससे पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है.
तारीखों के ऐलान से पहले बिहार का दौरा
पिछला विधानसभा चुनाव (2020) 3 चरणों में जबकि 2015 में 5 चरणों में चुनाव कराए गए थे. अब चुनाव आयोग बिहार में चुनाव कराने को लेकर अपनी तैयारी में जुट गया है. तारीखों के ऐलान से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस महीने बिहार का दौरा करने वाले हैं.
चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले चुनाव आयोग अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दे रहा है, साथ ही वह राजनीतिक दलों को भी जागरूक कर रहा है. आयोग अपने कर्मचारियों को बता रहा है कि जब आयोग की ओर से वोटर लिस्ट उनके पास भेजी जाती है तो उनको शामिल होने या हटाए जाने का शक होने पर उनके पास शिकायत और अपील करने का मौका है, उसका इस्तेमाल करें ताकि फाइनल वोटर लिस्ट के प्रकाशन से पहले उनकी शिकायतों और अपील पर गौर किया जा सके.
BLO को दी जा रही सत्यापन की जिम्मेदारी
आयोग की कोशिश है कि कुछ महीने पहले महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में चुनाव के दौरान वोटर लिस्ट को लेकर जिस तरह के आरोप लगे, वैसे आरोप इस बार बिहार चुनाव में न लगे. इसीलिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की ट्रेनिंग भी गई है. सभी बीएलओ को पहचान पत्र भी दिए जाएंगे ताकि वे घर-घर जाकर सत्यापन कर सकें. बिहार में वोटर लिस्ट अपडेट कराने के लिए खासतौर पर अभियान चलाया जाएगा ताकि 18 साल की उम्र के नौजवानों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा जा सके.
साथ ही चुनाव आयोग ने अब ECINET शुरू करने का फैसला किया है, यह इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड है जो सारी सुविधाएं एक ही जगह दे देता है, जबकि इससे पहले इन सब के लिए 40 ऐप और वेबसाइट का उपयोग करना होता था. माना जा रहा है कि बिहार चुनाव तक यह पूरी तरह उपयोग में आने लगेगा. आयोग ने विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बाद कई कदम उठाए हैं. अब डुप्लीकेट EPIC नंबर नहीं होंगे, इन्हें खत्म कर दिया गया है.
पोलिंग बूथ पर कम होंगे वोटर लिस्ट
साथ ही मरने वालों के आंकड़े रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया से जोड़ दिए गए हैं ताकि मर चुके वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए जाएं. आयोग बिहार में चुनाव के दौरान वोटर्स को कई नई सुविधाएं देने की योजना पर काम कर रहा है. अब एक पोलिंग बूथ पर 1500 की जगह अधिकतम 1200 वोट ही रहेंगे. साथ ही घनी आबादी वाले इलाकों में अतिरिक्त पोलिंग बूथ भी बनाए जाएंगे. इसके अलावा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वोट देने के लिए किसी भी वोटर को 2 किलोमीटर से अधिक न चलना हो. नई व्यवस्था के तहत अब हाइराइज बिल्डिंग्स में भी पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे. पोलिंग बूथ के बाहर मोबाइल जमा करने की सुविधा होगी.
सूत्रों के अनुसार, वोटर स्लिप पर सीरियल और पार्ट नंबर बिल्कुल साफ और बड़े अंकों में लिखे होंगे ताकि ढू्ंढने में आसानी हो. चुनाव आयोग एआई की चुनौती से निपटने को भी तैयार है. जल्द ही चुनाव आयोग में एक सेल का गठन किया जाएगा जहां एआई, डीप फेक से जुड़े मुद्दों पर नजर रखी जाएगी. चुनाव आयोग पहले ही राजनीतिक दलों को इस मामले में एडवाइजरी दे चुका है कि वे एआई से बनाई गई प्रचार सामग्री में यह स्पष्ट तौर पर लिखें कि यह एआई से बनाया गया है ताकि वोटर्स को इसकी जानकारी रहे.
बिहार चुनाव: आप ने तोड़ा गठबंधन, अकेले लड़ेगी सभी सीटों पर चुनाव
2 Jun, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले बनाया गया विपक्षी दलों का INDIA गठबंधन अंतिम सांसें ले रहा है. अधिकतर पार्टियां गठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ने पर ध्यान दे रही हैं. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले आम आदमी पार्टी ने भी गठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. दिल्ली चुनाव में भी आप ने कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं किया था और पार्टी सत्ता से बाहर हो गई. इसके बाद आप ने सभी राज्यों को दो हिस्सों में बांटा है. पहले हिस्से में वो राज्य हैं, जहां राष्ट्रीय नेतृत्व की तरफ से ज्यादा ध्यान दिया जाएगा. यहां चुनाव प्रचार से लेकर अन्य सभी अहम फैसले अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जैसे नेता लेंगे. वहीं, दूसरे हिस्से में अन्य राज्य हैं, जहां स्थानीय नेतृत्व को अपने फैसले लेने की छूट है.
अनुराग ढांडा ने किया खुलासा
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक अनुराग ढांडा से बातचीत में कहा कि आम आदमी पार्टी किसी गठबंधन में नहीं है. पार्टी के पास अपनी ताकत है और वह उसी के भरोसे आगे बढ़ रही है. इंडिया गठबंधन पर उन्होंने कहा कि वह गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए किया गया था. अब आम आदमी पार्टी किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं है. फिलहाल आप सभी राज्यों में अपना संगठन मजबूत करने पर काम कर रही है.
सभी राज्यों को दो हिस्सों में बांटा
आम आदमी पार्टी ने सभी राज्यों को दो हिस्सों में बांटा है. पहले ग्रुप में वो राज्य हैं, जहां राष्ट्रीय नेतृत्व ज्यादा ध्यान देगा. इन राज्यों में पहले से पार्टी की पकड़ अच्छी है और इसे बेहतर करनी की कोशिश की जा रही है. इनमें पंजाब सबसे अहम है, जहां आप सत्ता में है. इसके अलावा गुजरात, असम, दिल्ली, गोवा उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश इस कैटेगरी में शामिल हैं. इन राज्यों में अहम फैसले लेने से लेकर चुनाव प्रचार तक की जिम्मेदारी अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जैसे नेता संभालेंगे. वहीं, दूसरी कैटेगरी में वो राज्य हैं, जहां पार्टी की स्थिति ज्यादा मजबूत नहीं है. यहां स्थानीय नेतृत्व के पास फैसले लेने की छूट है.
बिहार में सात चरण की यात्रा
बिहार में आम आदमी पार्टी सात चरण की यात्रा निकाल रही है. अनुराग ढांडा ने कहा "आप अपने दम पर बिहार में चुनाव लड़ेगी. हम बूथ स्तर पर पार्टी का संगठन मजबूत करने पर ध्यान दे रहे हैं. लोगों से जुड़ने के लिए सात चरण की यात्रा निकाली जा रही है. सीमांचसल क्षेत्र के जरिए हम तीसरे चरण में पहुंच गए हैं. पार्टी बिहार की सभी 243 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी."
ममता ने बंगाल को घुसपैठ, महिलाओं पर अत्याचार, अपराध, बम विस्फोट और हिंदुओं के साथ अनैतिकता की भूमि में बदल दिया - अमित शाह
1 Jun, 2025 09:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पूरा बंगाल वक्फ के समर्थन में है। वक्फ कानून के विरोध में मुर्शिदाबाद में भड़की हिंसा राज्य प्रायोजित हिंसा थी। अमित शाह ने कहा कि देश चाहता है कि बंगाल में देशभक्तों की सरकार बने। 2026 में ममता सरकार को उखाड़ देंगे। अमित शाह ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी ने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाए।
रविवार को बंगाल की राजधानी कोलकाता में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, वर्षों तक बंगाल में कम्युनिस्टों का शासन था। उसके बाद ममता बनर्जी मां, माटी, मानुष का नारा देकर आईं। उन्होंने बंगाल की महान भूमि को घुसपैठ, महिलाओं पर अत्याचार, अपराध, बम विस्फोट और हिंदुओं के साथ अनैतिकता की भूमि में बदल दिया। अमित शाह ने आगे कहा कि ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद पश्चिम बंगाल में सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। दीदी, मेरी बात सुनिए, अब आपका समय खत्म हो गया है। भाजपा 2026 में सरकार बनाएगी।
शाह ने कहा, हमें पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनानी है, घुसपैठ रोकनी है, भ्रष्टाचार रोकना है, हिंदुओं का पलायन रोकना है। मालूम हो कि रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कोलकाता स्थित नेताजी इंडोर स्टेडियम में भाजपा कार्यकर्ताओं की विशेष संगठनात्मक बैठक में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में बंगाल भाजपा के सभी बड़े नेता मौजूद थे।
साजिश का पर्दाफाश: तेज प्रताप यादव बताएंगे अर्जुन से जुदाई की असली वजह
1 Jun, 2025 03:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: अपनी लव स्टोरी के चलते पार्टी और परिवार से दूर किए गए तेज प्रताप यादव अब फिर से एक्टिव हो गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से अपनी बात रखी है। तेज प्रताप ने लालू परिवार में साजिश करने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने जल्द ही इस साजिश को उजागर करने का दावा किया है। हाल ही में, उन्होंने अनुष्का यादव के साथ अपने 12 साल पुराने रिश्ते का खुलासा किया था। इसके बाद, सोशल मीडिया पर उनकी शादी की तस्वीरें वायरल हो गईं। लालू प्रसाद यादव ने उन्हें पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था।
तेज प्रताप ने भाई तेजस्वी के लिए दिया बयान
तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर X पर पोस्ट किया है। उन्होंने अपने खिलाफ रची गई साजिश का पर्दाफाश करने की बात कही है। तेज प्रताप ने लिखा, 'मेरे अर्जुन से मुझे अलग करने का सपना देखने वालों, तुम कभी अपनी साजिशों में सफल नहीं हो सकोगे, कृष्ण की सेना तो तुम ले सकते हो लेकिन खुद कृष्ण को नहीं। हर साजिश को जल्द बेनकाब करूंगा। बस मेरे भाई भरोसा रखना मैं हर परिस्थिति में तुम्हारे साथ हूं, फिलहाल दूर हूं लेकिन मेरा आशीर्वाद हमेशा तुम्हारे साथ था और रहेगा। मेरे भाई मम्मी पापा का ख्याल रखना, जयचंद हर जगह है अंदर भी और बाहर भी।' दरअसल, तेज प्रताप यादव खुद को कृष्ण यानी सारथी और तेजस्वी को अर्जुन यानी योद्धा कहते रहे हैं।
भाई से पहले माता-पिता के लिए किया था ट्वीट
इससे पहले, तेज प्रताप ने पार्टी और परिवार से निकाले जाने पर अपनी चुप्पी तोड़ी थी। उन्होंने कहा था, 'मेरे प्यारे मम्मी पापा.... मेरी सारी दुनिया बस आप दोनों में ही समाई है। भगवान से बढ़कर है आप और आपका दिया कोई भी आदेश। आप है तो सबकुछ है मेरे पास। मुझे सिर्फ आपका विश्वास और प्यार चाहिए ना कि कुछ और। पापा आप नहीं होते तो ना ये पार्टी होती और ना मेरे साथ राजनीति करने वाले कुछ जयचंद जैसे लालची लोग। बस मम्मी पापा आप दोनों स्वस्थ और खुश रहें हमेशा।'
अनुष्का से जुड़ी तस्वीरों को लेकर चर्चा में तेज प्रताप
हाल ही में, तेज प्रताप यादव ने अनुष्का यादव के साथ अपने 12 साल पुराने रिश्ते का खुलासा किया था। बाद में, तेज प्रताप ने दावा किया कि उनका फेसबुक अकाउंट हैक कर लिया गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें बदनाम करने की साजिश की गई है। हालांकि, सोशल मीडिया पर उनकी कथित शादी के फोटो और वीडियो वायरल होने के बाद उनके पिता और RJD चीफ लालू प्रसाद ने उन्हें पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था। उन्हें घर से भी दूर करने की बात कही थी। तेज प्रताप यादव के इन बयानों से बिहार की राजनीति में हलचल है। पूरे मामले में तेज प्रताप को लगता है कि परिवार का ही कोई शख्स नुकसान पहुंचाना चाह रहा है।
चिराग पासवान की चाल से बिहार की राजनीति में हलचल, नीतीश-तेजस्वी चर्चा में
1 Jun, 2025 01:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Assembly Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। चिराग के जीजा और सांसद अरुण भारती के एक बयान ने इस चर्चा को और हवा दी। पार्टी की कार्यकारिणी बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि चिराग पासवान को बिहार विधानसभा चुनाव में उतरना चाहिए।
सामान्य सीट से लड़ना चाहते है चुनाव
खास बात यह है कि चिराग किसी आरक्षित सीट के बजाय सामान्य सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। पहले जमुई के सिकंदरा (आरक्षित) सीट से उनके चुनाव लड़ने की अटकलें थीं, लेकिन अब दानापुर जैसी सामान्य सीट से उनके उतरने की संभावना जताई जा रही है, ताकि उनका संदेश दूर तक पहुंचे।
वर्तमान में उद्योग मंत्री
पार्टी सूत्रों के अनुसार, हाल ही में एलजेपी ने एक सर्वे कराया, जिसके आधार पर चिराग के विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला लिया गया। चिराग वर्तमान में एनडीए सरकार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने बिहार की पांच सीटों पर जीत हासिल की थी, जिसमें चिराग ने हाजीपुर से जीत दर्ज की। अब पार्टी चाहती है कि चिराग विधानसभा चुनाव में उतरकर बिहार के लिए काम करें। सूत्रों का कहना है कि चिराग के लिए पटना, दानापुर या हाजीपुर जैसी सीटें विचाराधीन हैं।
बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट का लगाया नारा
चिराग के इस संभावित फैसले ने बिहार की सियासत में नया मोड़ ला दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिराग बिहार में एक बड़े चेहरे के रूप में उभरना चाहते हैं। 2013 में राजनीति में कदम रखने के बाद से ही उन्होंने ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ का नारा बुलंद किया और युवाओं के बीच अपनी पैठ बनाई।
तेजस्वी यादव को कड़ी चुनौती
चिराग के इस कदम से राजद नेता तेजस्वी यादव को कड़ी चुनौती मिल सकती है, जो फिलहाल बिहार में युवा नेतृत्व का प्रमुख चेहरा हैं। तेजस्वी को लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक विरासत और मुस्लिम-यादव समीकरण का मजबूत समर्थन प्राप्त है। वहीं, कांग्रेस ने भी कन्हैया कुमार के रूप में एक युवा चेहरा पहले से ही मैदान में उतारा है। ऐसे में चिराग के चुनाव लड़ने से बिहार की सियासत में युवा नेताओं के बीच मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।
गुजरात में कांग्रेस पर बरसे केजरीवाल, कहा – BJP की गोद में बैठी है ये पार्टी
1 Jun, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Visavadar Assembly byelection in Gujarat: आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार गोपाल इटालिया ने विसावदर सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवार के रूप में शनिवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस अवसर पर आप के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी उपस्थित थे।
इस अवसर पर आयोजित जन आशीर्वाद यात्रा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि विसावदर में 18 सालों से भाजपा का कोई प्रतिनिधि चुनाव नहीं जीत सका। पहले आपने कांग्रेस को वोट दिया और पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी को वोट देकर जिताया, लेकिन भाजपा ने चाल चली। अब आपको फिर से जवाब देना होगा। उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर ताकत है तो इटालिया को तोड़कर दिखाएं। अगर भाजपा ऐसा कर सकेगी तो वे राजनीति छोड़ देंगे।
गुजरात में भाजपा की नौकरी करती है कांग्रेस
केजवरीवाल ने कांग्रेस को धोखेबाज पार्टी बताते हुए कहा कि गुजरात में कांग्रेस भाजपा की नौकरी करती है। कांग्रेस भाजपा की गोद में बैठी है। पिछले 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के जितने विधायक जीते थे, उनमें से पांच विधायक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए और हमारा एक विधायक भाजपा में गया। उसके बाद कांग्रेस हमारे पास आई और कहा कि जहां कांग्रेस जीतती है वहां आम आदमी पार्टी अपना उम्मीदवार न उतारे और जहां आम आदमी पार्टी जीतती है वहां कांग्रेस अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी।
इसके बाद जितने भी उपचुनाव हुए उसमें हमने कांग्रेस की जीती हुई सीटों पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारे क्योंकि हम भाजपा को हराना चाहते थे। फिर आम आदमी पार्टी की एक जीती हुई सीट विसावदर में उपचुनाव आया, तो अब कांग्रेस यहां अपना उम्मीदवार उतारने जा रही है। इससे साबित होता है कि कांग्रेस एक धोखेबाज पार्टी है और इस बार कांग्रेस को भी सबक सिखाना है।
"केटीआर की ताजपोशी पर बवाल: कविता बोलीं- अब और चुप नहीं बैठूंगी"
1 Jun, 2025 10:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Power struggle in the BRS: तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) में सत्ता का संघर्ष अब खुलकर पिता के उत्तराधिकार के पारिवारिक टकराव में बदल गया है। पार्टी प्रमुख और पूर्व सीएम के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की बेटी के.कविता खुद को लगातार दरकिनार किए जाने से नाराज हैं, जबकि संगठन की बागडोर थामे हुए कविता के भाई केटी रामाराव (केटीआर) खुद को मजबूत करने में जुटे हैं। आइए, जानते हैं कि कैसे सामने आया यह टकराव और क्या है इसकी दशा-दिशा।
कैसे सामने आया विवाद?
कविता ने हाल में पिता केसीआर को 6 पेज की चिट्ठी लिखी, जिसमें संगठनात्मक अनदेखी, पार्टी की कमजोर नीतियां और भाजपा पर नरमी को लेकर असहमति जताई। कविता का आरोप है कि केसीआर को ‘शैतानों’ ने घेरा हुआ है, इसे केटीआर, हरीश राव और संतोष कुमार पर निशाना माना जा रहा है।
कविता की नाराजगी क्यों?
दिल्ली शराब घोटाले में गिरफ्तारी के बाद बीआरएस ने उनका पर्याप्त बचाव नहीं किया। सिर्फ एमएलसी पद देकर बाकी जिम्मेदारियों से दूर रखा गया। उनके कार्यक्रमों से पार्टी नेताओं ने दूरी बनाई जबकि केटीआर को तरजीह दी गई। भाजपा पर केसीआर ने नरम रुख रखा।
कविता के अगले कदम की अटकलें?
कविता के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें हैं। अटकलें यह भी हैं कि कविता ‘तेलंगाना जागृति’ के जरिए अपनी नई पार्टी लॉन्च कर सकती हैं। ‘तेलंगाना जागृति’ के मंच से उन्होंने ‘सामाजिक तेलंगाना’ की मांग की जो सीधे केसीआर के शासन मॉडल पर हमला माना गया।
केटीआर और केसीआर की प्रतिक्रिया?
केटीआर ने नाम लिए बिना कहा कि पार्टी में ‘सीएम रेवंत रेड्डी के कवर एजेंट’ हो सकते हैं। इसे कविता पर तंज समझा गया। उधर, केसीआर फिलहाल पूरे प्रकरण में चुप हैं। वह जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाएंगे।
अब आगे क्या?
राजनीतिक पंडितों के अनुसार कविता दबाव बनाना जारी रखेंगी। इस बीच, केटीआर को औपचारिक उत्तराधिकारी बनाया जा सकता है। पार्टी में टूट की आशंका बनी हुई है, जिसे विपक्ष भुनाने की कोशिश में है।
बंगाल फतह की तैयारी: अमित शाह हर महीने करेंगे दौरा, TMC को घेरने BJP का मास्टरप्लान
1 Jun, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले चुनाव के लिए भाजपा ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। गृहमंत्री अमित शाह रविवार को बंगाल दौरे पर जाकर चुनावी तैयारियों को धार देंगे। कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में राज्य भर के प्रमुख कार्यकर्ताओं को संबोधित कर चुनाव संचालन और जीतने का मंत्र देंगे। राज्य में हिंदुओं के उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं और बांग्लादेश घुसपैठियों की बढ़ती समस्या के मद्देनजर पार्टी बंगाल में हर हाल में अगले साल सत्ता चाहती है।
हर महीने दौरे, हर बैठक में सत्ता का मंत्र
पार्टी की योजना के तहत अब हर महीने गृहमंत्री अमित शाह बंगाल के दौरे पर जाएंगे। गृहमंत्री शाह विशेष संगठनात्मक बैठक के अलावा कोर कमेटी के साथ बैठक कर पश्चिम बंगाल के लिए नई चुनावी रणनीति पर मंथन भी करेंगे।
38% वोट शेयर और सत्ता की भूख
2019 के लोकसभा चुनाव में जहां पार्टी ने 42 में से 18 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया था, वहीं 2021 के विधानसभा चुनाव में भी 3 से 77 सीटों पर पहुंचने में सफल रही थी। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को छह सीटों का नुकसान झेलना पड़ा। फिर भी राज्य में लगातार पार्टी का जनाधार बढ़ रहा है। इस वक्त पार्टी राज्य में 38 प्रतिशत वोट शेयर पर खड़ी है। पार्टी का मानना है कि पिछली कुछ गलतियों से सबक लेते हुए राज्य में सत्ता की सीढ़ी तक चढ़ा जा सकता है।
2021: विधानसभा के नतीजे
कुल सीट- 294
पार्टी – सीटें – वोट प्रतिशत
टीएमसी – 215 – 48.02%
भाजपा – 77 – 38.15%
2024: लोकसभा के नतीजे
कुल सीट- 42
टीएमसी- 29 – 45.76%
बीजेपी- 12 – 38.73%
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने की संसद के विशेष सत्र की मांग, मोदी सरकार पर गंभीर आरोप
31 May, 2025 11:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Mallikarjun Kharge: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की मोदी सरकार पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया। यह बयान सिंगापुर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान के एक साक्षात्कार के बाद आया, जिसमें उनके बयानों ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया। खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि CDS के बयान से कई सवाल उठे हैं, जिनके जवाब के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद की सैन्य कार्रवाइयों, जैसे ऑपरेशन सिंदूर, पर चर्चा की मांग की।
क्या युद्धविराम देश के हित में था- खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर पारदर्शिता नहीं बरत रहे और युद्धविराम (सीजफायर) की शर्तों को स्पष्ट नहीं कर रहे। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यह युद्धविराम देश के हित में था। इसके अलावा, खरगे ने कारगिल युद्ध की तर्ज पर एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की, जो इन घटनाओं की गहन समीक्षा करे।
ट्रंप ने सीजफायर कराने के दावे को फिर दोहराया
एक्स पर पोस्ट करते हुए खरगे ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध विराम कराने के अपने दावे को फिर दोहराया है। यह शिमला समझौते का सीधा अपमान है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बार-बार किए गए दावों और अमेरिकी वाणिज्य सचिव द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार न्यायालय में दायर हलफनामे को स्पष्ट करने के बजाय, पीएम मोदी चुनावी तूफान में हैं।
‘व्यक्तिगत श्रेय ले रहे पीएम मोदी’
उन्होंने एक्स पर लिखा कि पीएम मोदी हमारे सशस्त्र बलों की वीरता का व्यक्तिगत श्रेय ले रहे हैं, उनकी बहादुरी के पीछे छिप रहे हैं और सहमत युद्ध विराम की रूपरेखा को चकमा दे रहे हैं, जिसकी घोषणा विदेश सचिव ने 10 तारीख को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद की थी।
राजस्थान में बीजेपी का संदेश: जेपी नड्डा ने जनता से डबल इंजन सरकार को बनाए रखने की अपील की
31 May, 2025 07:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
JP Nadda Jaipur Visit: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर जयपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राजस्थान में डबल इंजन सरकार की ताकत, नीति निर्धारण के महत्व और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की योजनाओं की सराहना की।
जयपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में नड्डा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर, सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक ने साबित किया है कि अगर कोई भारत की ओर आंख उठाएगा, तो उसे घर में घुसकर जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है।
RIC में नीति और विकास पर जोर
राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में आयोजित कार्यक्रम में नड्डा ने कहा कि डेवलपमेंट के लिए नीति निर्धारक बहुत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि डेवलपमेंट के लिए नीति निर्धारक बहुत अहम होता है, ये भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री के पद पर बैठाना ये विषय नहीं है, विषय ये है कि इस विचारधारा के एक सिपाही को बैठाना जहां मोदी जी के नेतृत्व में उनकी टीम राजस्थान की सेवा कर रही है।
उन्होंने कहा कि उजाले का महत्व तभी समझ आता है जब अंधकार की त्रासदी देखी हो। अंधकार की त्रासदी आप देखकर झेलकर आए हैं और अब आप उजाले में है तो इस उजाले को आप संभाल कर रखिए।
जेपी नड्डा ने भजनलाल शर्मा की योजनाओं को देश में मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए राजस्थान सरकार की योजनाएं अनुकरणीय हैं। गर्भ की पाठशाला जैसे कार्यक्रम समाज को बदलने वाले हैं। उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर की जन्म जयंती के अवसर पर उनके शिक्षा और महिला सशक्तीकरण के प्रयासों को याद किया और कहा कि राजस्थान सरकार उसी दिशा में काम कर रही है।
लैंड फॉर जॉब मामले में लालू प्रसाद की याचिका HC ने की खारिज, जारी रहेगी सुनवाई
31 May, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को शनिवार 31 मई को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब घोटाले में चल रही निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने की उनकी याचिका को खारिज कर दिया. इस घोटाले की जांच CBI कर रही है. लालू यादव ने याचिका में मांग की थी कि निचली अदालत में आरोप तय करने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए. हालांकि कोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार नहीं किया और कार्यवाही जारी रखने का आदेश दिया. जिसके बाद अब आरोपों पर बहस के लिए मामला 2 जून को विशेष न्यायाधीश के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है.
लैंड फॉर जॉब घोटाले में आरोपी है लालू परिवार
लैंड फॉर जॉब घोटाले का मामला तब का है जब लालू यादव रेल मंत्री थे. आरोप है कि उस दौरान कई उम्मीदवारों को जमीन के बदले नौकरियां दी गई थीं. इस मामले में लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती समेत कई लोग आरोपी हैं. CBI इस घोटाले की जांच कर रही है. न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा ने मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस कारण नहीं पाया.
लालू के वकील कपिल सिब्बल ने दी दलील
लालू यादव की तरफ से उनके वकील कपिल सिब्बल कोर्ट में पेश हुए. उन्होंने दलील दी कि इस मामले में प्राथमिकी और जांच प्रक्रिया दोनों ही कानून के अनुरूप नहीं हैं. उन्होंने तर्क दिया कि जब प्राथमिकी और जांच वैध नहीं हैं तो उनके आधार पर दायर आरोपपत्र भी कानूनी रूप से नहीं टिक सकते. इसके साथ ही सिब्बल ने ये भी कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत किसी भी पूर्व केंद्रीय मंत्री के खिलाफ केस चलाने के लिए सरकार से पूर्व मंजूरी लेना जरूरी है जो कि इस मामले में नहीं ली गई. सिब्बल ने कहा कि CBI ने बिना आवश्यक वैधानिक अनुमति लिए ही लालू यादव के खिलाफ जांच शुरू कर दी, जो सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का उल्लंघन है.
CBI के वकील ने दिया तर्क
वहीं CBI की तरफ से पेश हुए वकील डीपी सिंह ने इस तरक का विरोध करते हुए कहा कि जांच एजेंसी ने भ्रष्टाचार रोधी कानून की धारा- 19 के तहत सभी जरूरी मंजूरी ले ली है. वकील ने ये भी कहा कि इस मामले में आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं. इससे यह साफ होता है कि लालू यादव और उनके परिवार के सदस्य इस घोटाले में शामिल थे. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक नहीं लगेगी.
हिंदी पर बयान देकर फंसे मंत्री सरनाईक, शिवसेना और मनसे ने जताई आपत्ति
31 May, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र में हिंदी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने हिंदी को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिससे राज्य में सियासी बवाल मच गया है. शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और मनसे ने उनके बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है. सरनाईक ने कहा, ''हिंदी अब मुंबई की बोलचाल की भाषा बन गई है. हिंदी हमारी प्यारी बहन है.'' उनके बयान से मराठी भाषी नाराज हैं. उनके बयान से विवाद पैदा हो गया है. प्रताप सरनाईक ने यह बयान मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान दिया. उन्होंने कहा कि हिंदी अब मुंबई की बोलचाल की भाषा बन गई है. हिंदी हमारी प्यारी बहन है. हिंदी अब मुंबई की बोलचाल की भाषा बन गई है.
बोलचाल की भाषा बन गई है हिंदी
उन्होंने कहा कि हम मराठी को अपनी मातृभाषा कहते हैं, लेकिन कभी-कभी हम हिंदी और कभी-कभी अंग्रेजी बोलते हैं. इसीलिए हिंदी अब बोलचाल की भाषा बन गई है. ठाणे और मीरा भयंदर मेरे निर्वाचन क्षेत्र हैं. जनता से बात करते समय वह शुद्ध मराठी में बोलते हैं. उन्होंने कहा किजब मैं मीरा भयंदर जाता हूं, तब मेरे मुंह से स्वतः ही हिंदी निकल जाती है. आजकल हम कहते हैं कि मराठी हमारी मातृभाषा है, हमारी मां है, लेकिन हिंदी हमारी प्यारी बहन है.
संजय राउत ने परिवहन मंत्री पर बोला हमला
संजय राउत ने परिवहन मंत्री के बयान को लेकर आलोचना की. उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने मराठी लोगों के उत्थान और कल्याण के लिए शिवसेना की स्थापना की, ताकि वे मराठी लोगों के रूप में आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ सकें और यही लोग अब कहते हैं कि हम बालासाहेब ठाकरे के वारिस हैं. उन्होंने कहा किउनके नेताओं से पूछें कि क्या उनकी कोई भूमिका है? क्या मराठी संदर्भ में यही आपकी मुख्य भूमिका है? वे जो सोचते हैं, वही भाजपा की सोच है. मैं बार-बार कहता हूं कि उनकी पार्टी के नेता और प्रमुख अमित शाह हैं. इसलिए राउत ने तंज कसते हुए कहा कि ये लोग वही बात कहते हैं जो शाह कहते हैं.
मनसे ने भी परिवहन मंत्री को घेरा
प्रताप सरनाईक के बयान पर मनसे की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया आई है. मनसे नेता यशवंत किलेदार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को अपने मंत्रियों को समझाना चाहिए. हम यह स्वीकार नहीं कर सकते हैं कि वोटों की खातिर मराठी और मुंबई को कलंकित किया जाएगा और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के रूप में हम महाराष्ट्र और मराठी लोगों के लिए लड़ते रहेंगे. उन्होंने कहा कि मेरे राजा, राज्य, मुंबई और मेरे पिता के पूर्वजों की भाषा मराठी है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या प्रताप सरनाईक को पता है कि मुंबई भी मराठी लोगों की है. इससे पहले उनके मंत्री हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिए जाने की बात करते रहे थे.
कमल हासन ने कन्नड़ विवाद पर माफी से किया इनकार, कहा "नहीं मांगूंगा माफी, धमकियों से नहीं डरता"
31 May, 2025 04:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चेन्नई: अभिनेता-राजनेता कमल हासन ने कन्नड़ का जन्म तमिल से हुआ टिप्पणी पर शुक्रवार को फिर से माफी मांगने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि वह कानून और न्याय में विश्वास करते हैं और कर्नाटक के लिए उनका प्यार सच्चा है. साथ ही दावा किया कि कन्नड़ समर्थक समूहों द्वारा फिल्म का बहिष्कार करने की धमकी देना कोई नई बात नहीं है. उन्हें पहले भी धमकियां दी जा चुकी हैं. वहीं, केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने हासन की टिप्पणी की निंदा की.
कुछ लोगों ने किया हासन के विरोध में प्रदर्शन
उन्होंने राजनीति और प्रचार पाने के लिए ऐसा विवादास्पद बयान देने का आरोप लगाया. कुछ लोगों ने हासन के विरोध में प्रदर्शन किया.
पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मामला किया दर्ज
उन्होंने अभिनेता की तस्वीर में आग लगा दी. इस घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस ने FIR दर्ज की है. कथित तौर पर करुणादा युवा सेना के सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. एक आरोपित को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है.
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