राजनीति
2034 में एक साथ होंगे लोकसभा-विधानसभा चुनाव
11 Jun, 2025 11:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की महत्वाकांक्षी योजना को 2034 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के तहत लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य बार-बार होने वाले चुनावों के कारण होने वाले खर्च को कम करना और शासन में निरंतरता लाना है।
इसके लिए संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 संसद में पेश किए जा चुके हैं। इस बदलाव के तहत, 2029 के आम चुनाव के बाद जो भी राज्य विधानसभाएं चुनी जाएंगी, उनका कार्यकाल कम कर दिया जाएगा, ताकि 2034 के आम चुनावों के साथ उन्हें सिंक्रोनाइज किया जा सके। वन नेशन, वन इलेक्शन के इस प्रस्ताव पर बनी जेपीसी के अध्यक्ष और राजस्थान के पाली से भाजपा सांसद पीपी चौधरी ने बताया कि 2027 के बाद जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, उनका कार्यकाल छोटा रखा जाएगा। उदाहरण के तौर पर 2032 में उत्तर प्रदेश में संभावित विधानसभा चुनाव सिर्फ दो साल के कार्यकाल के लिए हो सकते हैं, ताकि 2034 के लोकसभा चुनावों के साथ वहां की विधानसभा भी साथ में जाए। संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार, राष्ट्रपति 2029 के आम चुनावों के बाद लोकसभा की पहली बैठक की तारीख के आधार पर एक अधिसूचना जारी कर सकते हैं, जिसमें अगले आम चुनावों की तारीख तय की जाएगी।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश में बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
11 Jun, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश में बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा के लिए आज नई दिल्ली में एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। केन्द्रीय गृह मंत्री ने देश में बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए किए जा रहे दीर्घकालिक उपायों और पिछले वर्ष हुई बैठक में लिए गए निर्णयों पर उठाए गए कदमों की भी समीक्षा की।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बैठक में बाढ़ प्रबंधन के लिए सभी एजेंसियों द्वारा अपनाई गई नई तकनीकों और उनके नेटवर्क के विस्तार पर भी चर्चा की। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण और जल प्रबंधन के लिए विभिन्न केन्द्रीय एजेंसियों द्वारा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के अधिकतम उपयोग पर बल दिया।
श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का आपदा प्रबंधन ‘Zero Casualty Approach’ के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) को निर्देश दिया कि वह जमीनी स्तर तक पूर्व चेतावनी अलर्ट का प्रसार सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के साथ समन्वय करे। गृह मंत्री ने सभी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों से बाढ़ प्रबंधन के लिए NDMA द्वारा जारी की गई सलाह का समय पर क्रियान्वयन करने की अपील की। उन्होंने NDMA और NDRF से राज्यों के साथ पूर्ण समन्वय से कुशलतापूर्वक बाढ़ प्रबंधन की दिशा में कार्य करने को कहा।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने बाढ़ पूर्वानुमान/परामर्श जारी करने के लिए समय सीमा बढ़ाने के लिए केन्द्रीय जल आयोग और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की सराहना करते हुए पूर्वानुमानों की सटीकता के स्तर को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय जल आयोग (CWC) के बाढ़ निगरानी केन्द्र हमारी आवश्यकताओं और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होने चाहिए। श्री शाह ने जल शक्ति मंत्रालय, NDMA और राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र (NRSC) को ग्लेशियल झीलों की बारीकी से निगरानी करने और किसी भी तरह के विस्फोट (outburst) की स्थिति में समय पर कदम उठाने की सलाह दी।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय/भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को राज्यों के साथ मिलकर काम करना चाहिए ताकि राज्य और जिला राजमार्गों में भी एकसमान डिजाइन परिवर्तन सुनिश्चित किया जा सके, ताकि भारी बारिश की स्थिति में सड़कों पर जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए राजमार्गों की जल निकासी प्रणाली सड़क निर्माण के डिजाइन का अभिन्न अंग बन जाए। इसके अलावा, NDMA को बाढ़ की तैयारियों और शमन (Mitigation) के लिए केन्द्रीय एजेंसियों और राज्यों के बीच समन्वय के लिए राज्य प्राधिकरणों के साथ भी समन्वय करना चाहिए।
श्री अमित शाह ने गृह मंत्री ने नर्मदा नदी क्षेत्र में वन क्षेत्र को और बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि अगर यह प्रयोग सफल रहा तो अन्य नदियों के क्षेत्र में भी ऐसे प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे नदी क्षेत्र को पुनर्जीवित करने में सहायता मिलेगी, मिट्टी का कटाव कम होगा और क्षेत्र में कम बारिश की उभरती समस्या से भी निपटा जा सकेगा। गृह मंत्री ने कहा कि बिहार और उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रबंधन के ठोस उपायों के लिए तकनीक का उपयोग करते हुए नए विकल्पों को तलाशा जाना चाहिए।
गृह मंत्री ने शहरी क्षेत्रों में बाढ़ की बढ़ती घटनाओं का जिक्र करते हुए सभी केन्द्रीय एजेंसियों को इन शहरों में बाढ़ नियंत्रण के लिए आवश्यक, समयबद्ध कार्रवाई करने तथा बड़े शहरों में बाढ़ प्रबंधन के लिए व्यापक योजना बनाने का निर्देश दिया। श्री शाह ने मानसून के दौरान कम अवधि में भारी वर्षा की उभरती प्रवृत्ति से निपटने के लिए आर्द्रभूमि में नई जान फूंकने (Wetland Rejuvenation) और वनीकरण (Afforestation) के उपायों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय को ब्रह्मपुत्र बेसिन में आर्द्रभूमि की स्थिति को बेहतर बनाने पर काम करने की सलाह दी, जो बाढ़ की रोकथाम के साथ ही आर्थिक और पर्यटन गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
श्री शाह ने राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA), IMD और NRSC सहित अन्य विभागों से संयुक्त रूप से एक ऐसे सम्मेलन को आयोजित करने का सुझाव दिया जिसमें विशेषज्ञों को बाढ़, अंतरिक्ष सहित अन्य पहलुओं पर परिचर्चा के लिए आमंत्रित किया जा सके। उन्होंने कहा कि 2014 में मौसम विज्ञान के क्षेत्र में भारत बहुत पीछे था, लेकिन आज मोदी जी के नेतृत्व में हम विकसित देशों के बराबर हैं, अब हमें न.1 बनना है।
बैठक के दौरान IMD, CWC सहित कई विभागों ने विस्तृत प्रस्तुतियाँ दीं। संबंधित मंत्रालयों/विभागों ने पिछले वर्ष आयोजित बाढ़ समीक्षा बैठक के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों पर की गई कार्रवाई के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने मॉनसून के मौजूदा मौसम के लिए अपनी तैयारियों और भविष्य की कार्ययोजना के बारे में भी गृह मंत्री को अवगत कराया। गृह मंत्री ने सभी विभागों द्वारा की गई तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने सभी विभागों के समन्वय से एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाने की दिशा में काम करने की अपील की, जिससे सभी विभागों के योगदान से Extreme Weather से निपटा जा सके।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गृह मंत्री अमित शाह बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। हर वर्ष केन्द्रीय गृह मंत्री बाढ़ तैयारियों की समीक्षा करते हैं। उनके निर्देश पर कई पहल की गई हैं, जिनमें भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और केन्द्रीय जल आयोग (CWC) द्वारा अग्रिम वर्षा और बाढ़ पूर्वानुमान को 3 दिन से बढ़ाकर 7 दिन करना और हीटवेव पूर्वानुमान के लिए बेहतर पैरामीटर शामिल हैं।
बैठक में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, केन्द्रीय गृह सचिव, नदी विकास और गंगा संरक्षण, पृथ्वी विज्ञान, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालयों और विभागों के सचिव, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष, NDMA के सदस्य और विभागाध्यक्ष, NDRF और IMD के महानिदेशक, NHAI और CWC के अध्यक्ष तथा NRSC और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पीएम मोदी की अगुवाई में सरकार ने हर वर्ग के लिए कार्य किया - स्मृति ईरानी
11 Jun, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 सालों की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने दावा कि पीएम मोदी की अगुवाई में सरकार ने हर वर्ग के लिए कार्य किया। किसानों के लिए सॉइल हेल्थ कार्ड, महिलाओं को सेना में स्थायी कमीशन से लेकर जन धन योजना तक का जिक्र किया।
स्मृति ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पांच मूल निष्ठाओं- राष्ट्रीयता, लोकतंत्र में विश्वास, गरीब-वंचितों के प्रति गांधीवादी सोच, सर्वधर्म समभाव और मूल्य आधारित राजनीति पर चलती है। पीएम मोदी की सरकार में ये निष्ठाएं दिखाई देती हैं, जिससे भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक अभिभूत हैं।”
स्मृति ने बताया कि पिछले 11 सालों में 50 करोड़ लोगों के जन-धन खाते खोले गए। यह पीएम मोदी का अनोखा प्रयास है, जिसने गरीबों को देश की तिजोरी से जोड़ा। इसके जरिए 45 लाख करोड़ रुपये डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से गरीबों के खातों में पहुंचे। पीएम मोदी का संकल्प बहुआयामी गरीबी को खत्म करना है। नतीजतन, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकलकर तेजी से प्रगति के रास्ते पर हैं।
कोविड-19 के दौरान भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए स्मृति ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में न सिर्फ भारत में वैक्सीन बनाई गई, बल्कि हर नागरिक तक इसे पहुंचाया गया। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के तहत 160 देशों को भारत ने वैक्सीन मैत्री के जरिए मदद दी।
देश राजनीतिक, आर्थिक सामाजिक, सामरिक क्षेत्र में शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में उभरा - हिमंत बिस्व सरमा
11 Jun, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुवाहाटी । केंद्र की मोदी सरकार के 11 साल पूरे होने पर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। जवाहर लाल नेहरू के बाद नरेन्द्र मोदी ने ही तीसरे कार्यकाल में शासन किया है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने देश को अमृत काल में ले जाने का सपना पूरा किया। यही वजह है कि आज देश राजनीतिक आर्थिक सामाजिक क्षेत्र के साथ-साथ सामरिक क्षेत्र में भी विश्व में एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में उभरा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने ब्रिटेन, यूनाइटेड किंगडम, जापान जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों को पीछे छोड़ दिया है और विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बन गई है। सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ये 11 साल स्वर्णिम काल के रूप में याद किए जाएंगे।
इस कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को वैश्विक पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री ने मोदी सरकार के 11 साल पूरे होने पर मंगलवार को गुवाहाटी के वशिष्ठ स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय अटल बिहारी वाजपेयी भवन में असम सरकार के मंत्री जयंत मल्लबरुवा, मुख्य प्रवक्ता मनोज बरुवा, प्रदेश उपाध्यक्ष पल्लव लोचन दास के साथ संवाददाता सम्मेलन कर केन्द्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व ने न केवल वैश्विक पहचान दी है बल्कि स्वयं को खपा कर 140 करोड़ भारतीयों को एक विश्वास का प्रतीक बनाया है। आजादी के 65 साल में कांग्रेस नेतृत्व व अन्य अस्थिर सरकार के प्रति आम जन का जो विश्वास खंडित हुआ था, पिछले 11 वर्षों में भ्रष्टाचार से मुक्त, तुष्टिकरण की राजनीति से मुक्त, एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को पूरा करने वाला नेतृत्व प्रदान कर भरोसा बढ़ाया है।
कभी नहीं सोचा था कि एनसीपी का विभाजन होगा, लेकिन ऐसा हुआ
10 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। एनसीपी के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में एनसीपी (सपा) के प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि 26 साल पहले उनके द्वारा सह-स्थापित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में विभाजन होगा और उन्होंने चुनौतियों के बावजूद इसे आगे बढ़ाने के लिए अपने संगठन के कार्यकर्ताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि पार्टी को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन आप बिना हतोत्साहित हुए पार्टी को आगे ले जाते रहे। पार्टी में विभाजन हुआ। हमने कभी नहीं सोचा था कि पार्टी में विभाजन होगा, लेकिन ऐसा हुआ।
पवार ने कहा कि कुछ लोग दूसरी विचारधाराओं के साथ चले गए और यह विभाजन और बढ़ गया। पवार ने कहा कि मैं आज इस बारे में बात नहीं करना चाहता, लेकिन जो लोग पार्टी के प्रति वफादार रहे, वह हमारी पार्टी की विचारधारा के कारण था। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में एक अलग तस्वीर सामने आएगी। जुलाई 2023 में शरद पवार के भतीजे अजित पवार के तत्कालीन शिवसेना-बीजेपी गठबंधन सरकार में शामिल होने के बाद एनसीपी का विभाजन हो गया। पार्टी का नाम और उसका घड़ी चिह्न अजित पवार गुट को दिया गया, जबकि पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री के नेतृत्व वाले गुट को एनसीपी (एसपी) नाम दिया गया। वरिष्ठ राकांपा नेता (एसपी) जयंत पाटिल ने महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की इच्छा जताते हुए कहा था कि अब समय आ गया है कि पार्टी नए चेहरों को मौका दें।
भारत लौटे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से मुलाकात करेंगे पीएम मोदी
10 Jun, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम 7 बजे अपने सरकारी आवास पर ऑपरेशन सिंदूर ग्लोबल आउटरीच के तहत सर्वदलीय वैश्विक प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से मिलेंगे। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के कार्यालय ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को बैठक के बारे में जानकारी दी। एनसीपी-एससीपी की सुप्रिया सुले, कांग्रेस पार्टी के शशि थरूर, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और पूर्व राजदूतों, विपक्षी सांसदों समेत सभी पार्टी प्रतिनिधिमंडलों के सात समूहों ने पूर्व राजदूतों ने मई विश्व की राजधानियों का दौरा करने और आतंकवाद के विरुद्ध भारत की शून्य सहनशीलता की नीति को बढ़ावा देने के अपने राजनयिक प्रयास पूरे कर लिए हैं।
प्रतिनिधिमंडल का गठन ऑपरेशन सिंदूर के बाद किया गया था, जो पहलगाम हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया थी, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए थे। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के राजनयिक संपर्क के हिस्से के रूप में कई राजनीतिक दलों के संसद सदस्यों, पूर्व राजदूतों और पूर्व सरकारी अधिकारियों समेत 50 से ज्यादा लोगों ने 30 से ज्यादा देशों का दौरा किया। सात सांसदों ने अपने-अपने समूहों का नेतृत्व किया, जिसमें समूह-1 का नेतृत्व बीजेपी के बैजयंत पांडा ने किया था जो सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और अल्जीरिया गया था। बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में समूह-2 ने यूके, फ्रांस, जर्मनी, यूरोपीय संघ, इटली और डेनमार्क का दौरा किया।
जद(यू) नेता संजय कुमार झा ने समूह-3 का नेतृत्व किया, जिसने इंडोनेशिया, मलेशिया, कोरिया गणराज्य, जापान और सिंगापुर का दौरा किया। शिवसेना के श्रीकांत एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में समूह-4 ने यूएडब्ल्यू, लाइबेरिया, कांगो और सिएरा लियोन का दौरा किया। कांग्रेस पार्टी के शशि थरूर के नेतृत्व में समूह-5 ने अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील और कोलंबिया का दौरा किया। डीएमके की कनिमोझी करुणानिधि के नेतृत्व में समूह-6 ने स्पेन, ग्रीस, स्लोवेनिया, लातविया और रूस का दौरा किया। एनसीपी-एससीपी की सुप्रिया सुले के नेतृत्व में समूह-7 ने मिस्र, कतर, इथियोपिया और दक्षिण अफ्रीका का दौरा कर पाकिस्तान की पाक हरकत को दुनिया के सामने रखा।
दिल्ली में मोदी सरकार के खिलाफ युवा कांग्रेस का हल्ला
10 Jun, 2025 10:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्र में बीजेपी की मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के एक साल पूरा हो गया। इस मौके पर भारतीय युवा कांग्रेस ने राजधानी दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस ने केंद्र सरकार की नीतियों और विफलताओं के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हुजूम ने रायसीना रोड की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें पहले ही रोका दिया। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा अगर हम मोदी सरकार के बीते 11 वर्षों को देखें, तो एक बात साफ है कि, हर बार पीएम मोदी ने सिर्फ सरेंडर ही किया है। उन्होंने काला धन लाने, बेरोजगारी मिटाने, किसानों की आमदनी दोगुनी करने और दुश्मन देशों को सबक सिखाने जैसे बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज हर वादा सिर्फ डायलॉग बनकर रह गया है। चिब ने सरकार के नया भारत के नारे पर तंज कसते हुए कहा कि अगर यही नया भारत है, तो हम आग्रह करते हैं कि देश को बख्श दीजिए, क्योंकि आपकी कायरता ने युवा पीढ़ी को सिर्फ भाषण और अभिनय सिखाया है, जिम्मेदारी नहीं। इस मौके पर दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा ग्यारह वर्षों से देश एक ऐसी सरकार के हवाले है जो हर मोर्चे पर नाकाम रही है। पीएम मोदी को डर है कि, कहीं लोग उनसे बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी, महिला सुरक्षा, गिरता रुपया, डांवाडोल अर्थव्यवस्था, आर्थिक असमानता, मणिपुर, पुलवामा से लेकर पहलगाम आदि जैसे तमाम मुद्दों पर सवाल न पूछ लें। इन मुद्दों को लेकर उनकी चुप्पी उनके डर को दर्शाती है। उन्हें सिर्फ ‘मन की बात’ करनी आती है, ‘जन की बात’ सुनना नहीं। लाकड़ा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने जानबूझकर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की और अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए झूठ का सहारा लिया।
नकवी का कांग्रेस पर तंज..उनकी कुंठा का कारण परिवार को सत्ता न मिलना
10 Jun, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के 11 साल पूरे होने उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने दावा किया कि आजादी के बाद की ये सबसे बेहतरीन सरकार है। नकवी ने कहा कि वे मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल को निरंतरता के साथ सुशासन के सफल सफर के रूप में देखते हैं। उन्होंने मोदी सरकार को आजादी के बाद की पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बताया, जो बिना वंशवाद या कांग्रेस के रिमोट कंट्रोल के सुशासन को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा रही है।
नकवी ने कांग्रेस पार्टी पर तंज कसते हुए कहा, उनकी कुंठा का कारण परिवार को सत्ता न मिलना, इसकारण उनकी बैचेनी सामने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा समर्थित सरकारों को रिमोट से नियंत्रित करने या उन्हें अस्थिर करने की कोशिश की, जैसे चौधरी चरण सिंह, चंद्रशेखर, देवेगौड़ा और गुजराल की सरकारों के साथ हुआ। उन्होंने कहा, मनमोहन सिंह नाम के प्रधानमंत्री थे, लेकिन सुपर प्राइम मिनिस्टर का कार्यालय उनके हर कदम को नियंत्रित करता था। पीएम मोदी ने 2014 में इसी धारणा को तोड़ा और आज देश सुरक्षित हाथों में है।”
बिहार में चिराग पासवान के सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने के बयान पर नकवी ने कहा, “कुछ लोग निष्क्रिय हैं, तब कुछ सुर्खियों में। लेकिन एनडीए एकजुट होकर बिहार में फिर से सरकार बनाएगी और जनता का जनादेश हासिल करेगी।” उन्होंने सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, राहुल बिहार गए थे। वहां बकवासबाजी और बकईती करके आए हैं, इस तरह से काम नहीं चलेगा।
तेलंगाना कांग्रेस में नई टीम की घोषणा: 27 उपाध्यक्ष और 69 महासचिव नियुक्त, चुनावी तैयारियों को मिलेगी रफ्तार
10 Jun, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Telangana Congress: तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने अपनी राज्य इकाई को मजबूत करने और संगठन को ज़मीनी स्तर पर सक्रिय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के लिए 27 उपाध्यक्षों और 69 महासचिवों की नियुक्ति की घोषणा की है। यह नियुक्तियां ऐसे समय में की गई हैं जब राज्य में हाल ही में मंत्रिमंडल का पहला विस्तार किया गया है, और पार्टी आगामी स्थानीय निकाय चुनावों तथा संगठनात्मक सशक्तिकरण की तैयारियों में जुटी है।
कांग्रेस नेतृत्व की मुहर
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इन नामों को मंजूरी दी, जबकि एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सोमवार रात यह सूची सार्वजनिक की। उल्लेखनीय है कि यह नियुक्तियां पिछले छह महीने से लंबित थीं। यह फेरबदल एआईसीसी द्वारा टीपीसीसी की पांच समितियों की घोषणा के कुछ ही दिन बाद किया गया है।
प्रमुख चेहरों को मिली जगह
नवनियुक्त उपाध्यक्षों में सांसद, विधायक, एमएलसी और संगठन के अनुभवी चेहरों को जगह दी गई है। नलगोंडा सांसद के. रघुवीर रेड्डी, विधायक नैनी राजेंद्र रेड्डी और डॉ. चिक्कुडु वामशी कृष्णा, एमएलसी बालमूर वेंकट और बसवराजू सरैया, साथ ही एआईसीसी सदस्य और TPCC महासचिव कोटा नीलिमा को उपाध्यक्ष बनाया गया है।
अन्य उपाध्यक्षों में टी. कुमार राव, हनुमंदला झांसी रेड्डी, बंदी रमेश, कोंडरू पुष्पलीला, बी. कैलाश कुमार, नमिंदला श्रीनिवास, अथराम सुगुना, लकावथ धनवंती, एम. वेणु गौड़, एम.ए. फहीम, अफसर यूसुफ ज़ही जैसे विविध सामाजिक समूहों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
एससी-एसटी और अल्पसंख्यकों को अहम जगह
पार्टी नेतृत्व ने इन नियुक्तियों में पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अल्पसंख्यकों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने पर विशेष जोर दिया है। इससे पार्टी की सामाजिक समावेशिता की नीति स्पष्ट होती है, जिसका लक्ष्य सभी वर्गों को संगठन में प्रतिनिधित्व देना है।
महासचिवों में भी विविधता
69 महासचिवों की सूची में भी विधायक वेदमा बोज्जू, पर्णिका रेड्डी, मटका रागमयी सहित कई अनुभवी और युवा नेताओं को शामिल किया गया है। महासचिवों की यह टीम टीपीसीसी अध्यक्ष ए. रेवंत रेड्डी की अगुवाई में संगठनात्मक गतिविधियों को धार देने का काम करेगी।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद संगठनिक मजबूती
ये नियुक्तियां तेलंगाना में राज्य मंत्रिमंडल के पहले विस्तार के एक दिन बाद की गई हैं। हाल ही में जी. विवेक वेंकटस्वामी, अदलुरी लक्ष्मण कुमार और वक्ति श्रीहरि को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। राज्य मंत्रिमंडल की अधिकतम सीमा 18 है, लेकिन वर्तमान में केवल 14 मंत्री हैं, जिससे 4 पद अभी रिक्त हैं।
शशि थरूर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका का दौरा समाप्त किया
9 Jun, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व में सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका का दौरा समाप्त किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लांडाउ सहित कई राजनयिक एवं राजनीतिक नेताओं से मुलाकात कर पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति को बताया।
कांग्रेस सांसद थरूर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत की संपर्क पहल के तहत अमेरिका गया था। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के जवाब में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था।
प्रतिनिधिमंडल तीन जून को अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन पहुंचा और तीन दिनों के दौरान ‘कैपिटल हिल’ में अमेरिकी सांसदों, विदेश नीति विशेषज्ञों, विचारक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, मीडिया एवं प्रवासी भारतीय समुदाय से मुलाकात की।
थरूर ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस से हुई लगभग 25 मिनट की मुलाकात को “उत्कृष्ट” बताया। उन्होंने कहा, “वेंस ने पहलगाम हमले को लेकर आक्रोश और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत की संयमित प्रतिक्रिया के प्रति समर्थन जताया।” प्रतिनिधिमंडल ने सदन की विदेश मामलों की समिति, इंडिया कॉकस, सीनेट की विदेश मामलों की समिति के नेताओं सहित कई अमेरिकी सांसदों से भी बातचीत की।
महाराष्ट्र और मराठी भाषी लोगों के हित में काम को तैयार : आदित्य ठाकरे
9 Jun, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले अपने चचेरे भाई राज ठाकरे के साथ संभावित पुनर्मिलन की बढ़ती अटकलों को हवा दी, इसके बाद पार्टी नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने अफवाहों का बाजार गर्म कर दिया है। यह बयान महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा अपने चचेरे भाई राज की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के साथ अटकलों को संबोधित करने के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था, “महाराष्ट्र के दिल में जो है, वहीं होगा।”
वहीं आदित्य ने कहा, “हम लगातार यह कहते रहे हैं। हम किसी भी व्यक्ति, किसी भी पार्टी के साथ काम करने के लिए तैयार हैं जो महाराष्ट्र और मराठी भाषी लोगों के हित में काम को तैयार है।” उन्होंने भाजपा पर निशाना साधकर सत्तारूढ़ पार्टी पर “मुंबई और महाराष्ट्र को निगलने” और राज्य के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया।
आदित्य ने कहा, हमारी जिम्मेदारी बदलाव लाना है। कोई भी पार्टी जो महाराष्ट्र के हितों की रक्षा के लिए काम कर रही है, उसे एक साथ आकर लड़ना चाहिए।
कभी करीबी रहे चचेरे भाई, वैचारिक और राजनीतिक मतभेदों के बाद करीब दो दशक पहले अलग हो गए थे। हालांकि, उनके हालिया बयानों ने महाराष्ट्र में संभावित राजनीतिक पुनर्संयोजन की चर्चा को फिर से हवा दे दी है।
इस बीच, उद्धव ने जमीनी हालात की समीक्षा के लिए नेताओं की एक बैठक की। उन्होंने पार्टी नेताओं से मतदाताओं और नागरिकों तक कार्यक्रम ले जाने और समारोह आयोजित करने को कहा। उन्होंने कहा, हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को जमीनी स्तर पर लोगों से संपर्क करते हुए और उनके मुद्दों पर आवाज उठाते हुए दिखना चाहिए।
उद्धव और राज ठाकरे के बीच संभावित गठबंधन को लेकर बढ़ती चर्चा पर मनसे नेता अमित ठाकरे ने कहा कि इसतरह के मामलों को सार्वजनिक बयानों के माध्यम से तय नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच केवल सीधी बातचीत ही किसी सार्थक नतीजे पर पहुंच सकती है।
अमित ने कहा, केवल दोनों भाइयों को बात करनी चाहिए। इस मामले पर हमारी टिप्पणी से कुछ नहीं बदलेगा। उन्होंने कहा, मुझे उनके साथ आने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मैंने 2014 और 2017 में भी इसी तरह की बातचीत देखी है।
सत्यपाल मलिक का X पोस्ट वायरल: “देश को सच्चाई बताना… मेरी हालत बहुत नाज़ुक”
9 Jun, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक बीते कुछ दिनों अस्पताल में भर्ती हैं। बीते दिनों केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने सत्यपाल मलिक और 6 अन्य लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। मलिक के खिलाफ कीरु हाइड्रो प्रोजेक्ट से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में केस दर्ज करवाया गया था। इसी बीच उनका एक्स पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। ईद की मुबारक देने के बाद उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर भावुक अपील की है। पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक्स पर एक भावुक पोस्ट की है। उन्होंने इसमें कहा है कि मैं रहूं या ना रहूं इसलिए अपने देशवासियों को सच्चाई बताना चाहता हूं। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, हालात बहुत गंभीर, संपर्क सूत्र- 96105 44972।
‘मैं रहूं या ना रहूं…’
सत्यपाल मलिक ने एक्स पर लिखा, ‘नमस्कार साथियों। मैं पिछले लगभग एक महीने के करीब से अस्पताल में भर्ती हूं और किड़नी की समस्या से जूझ रहा हूं। परसों सुबह से मैं ठीक था लेकिन आज फिर से मुझे ICU में शिफ्ट करना पड़ा। मेरी हालत बहुत गंभीर होती जा रही है। मैं रहूं या ना रहूं इसलिए अपने देशवासियों को सच्चाई बताना चाहता हूं।’
‘मुझे 150-150 करोड़ रूपए की रिश्वत की पेशकश हुई’
उन्होंने आगे लिखा, ‘जब गवर्नर के पद पर था तो उस समय मुझे 150-150 करोड़ रूपए की रिश्वत की पेशकश भी हुई परंतु में मेरे राजनीतिक गुरु किसान मसीहा स्वर्गीय चौधरी चरणसिंह जी की तरह ईमानदारी से काम करता रहा ओर मेरा ईमान वो कभी डिगा नहीं सकें।’
बिना राजनीतिक लोभ लालच के किया काम
पूर्व राज्यपाल ने लिखा, ‘जब मैं गवर्नर था उस समय किसान आंदोलन भी चल रहा था, मैंने बग़ैर राजनीतिक लोभ लालच के पद पर रहते हुए किसानों की मांग को उठाया। फिर महिला पहलवानों के आंदोलन में जंतर-मंतर से लेकर इंडिया गेट तक उनकी हर लड़ाई में उनके साथ रहा। पुलवामा हमले में शहीद वीर जवानों के मामले को उठाया, जिसकी आज तक इस सरकार ने कोई जांच नहीं करवाई है।’
‘मैंने खुद पीएम मोदी का बताया था करप्शन का मामला’
उन्होंने आगे लिखा, सरकार मुझे CBI का डर दिखाकर झूठे चार्जशीट में फंसाने के बहाने ढूंढ रही है। जिस मामले में मुझे फंसाना चाहते हैं उस टेंडर को मैंने खुद निरस्त किया था, मैंने खुद प्रधानमंत्री को बताया था इस मामले में करप्शन है और उन्हें बताने के बाद में मैंने खुद उस टेंडर को कैंसिल किया, मेरा तबादला होने के बाद में किसी अन्य के हस्ताक्षर से यह टेंडर हुआ। मैं सरकार को और सरकारी एजेंसियों को बताना चाहता हूं कि मैं किसान कौम से हूं, मैं ना तो डरने वाला हूं ओर ना ही झूकने वाला हूं। सरकार ने मुझे बदनाम करने में पुरी ताकत लगा दी, अंत में मेरा सरकार से ओर सरकारी एजेंसियों से अनुरोध है कि मेरे प्यारे देश की जनता को सच्चाई जरूर बताना कि आपको छानबीन में मेरे पास मिला क्या?
‘एक कमरे का मकान, कर्ज में भी हूं’
हालांकि सच्चाई तो यह है कि 50 साल से अधिक लंबे राजनीतिक जीवन में बहुत बड़े-बड़े पदों पर देशसेवा करने का मौका मिलने के बाद आज़ भी मैं एक कमरे के मकान में रह रहा हूं ओर कर्ज में भी हूं। अगर आज मेरे पास धन दौलत होती तो मैं प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करवाता- सत्यपाल मलिक (पूर्व गवर्नर)।
बिहार में शक्ति प्रदर्शन कर रहे चिराग पासवान, क्या खुद को सीएम के तौर पर देख रहे हैं?
9 Jun, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आरा। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आरा के रामना मैदान में नव संकल्प महासभा को संबोधित करने वाले हैं। यह रैली न केवल चिराग की सियासी महत्वाकांक्षी राजनीति का प्रतीक है, बल्कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की रणनीति और विपक्षी महागठबंधन की चुनौतियों को भी बताने वाली है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या चिराग खुद को मुख्यमंत्री के तौर पर प्रस्तुत किए जाने का प्रयास कर रहे हैं।
जानकारों की नजर में एनडीए के लिए रैली का महत्व-चिराग पासवान की यह रैली एनडीए के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है। पहला, यह रैली चिराग को बिहार की सियासत में एक बड़े नेता के रूप में स्थापित करने का मंच है। 2024 के लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने पांच में से पांच सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था जिसने उनकी लोकप्रियता और दलित समुदाय में पकड़ को मजबूत किया। अब चिराग पासवान की नजर 2025 के विधानसभा चुनाव पर है और वह शाहाबाद क्षेत्र की किसी सामान्य सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। यह कदम उन्हें केवल दलित आइकन की छवि से बाहर निकालकर एक सर्वसमावेशी नेता के रूप में पेश करने की रणनीति का हिस्सा कहा जा रहा है।
वहीं, चिराग पासवान अपनी इस रैली के माध्यम से एनडीए की एकजुटता का संदेश देते भी नजर आएंगे। चिराग ने हाल ही में कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन धर्म का पालन करेगी और सीट बंटवारे में बीजेपी और जेडी(यू) के साथ तालमेल बनाए रखेगी। राजनीति के जानकार कहते हैं कि आरा की रैली के माध्यम से चिराग पासवान शाहाबाद क्षेत्र के सात जिलों के एनडीए कार्यकर्ताओं को एकजुट करेंगे। ऐसे में एनडीए के लिए शाहाबाद क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर है। बता दें कि 2020 में गठबंधन को 22 में से केवल 2 सीटें मिली थीं।
चिराग पासवान की साफ-सुथरी छवि, सभी वर्गों को आकर्षित करने वाला व्यक्तित्व और युवा अपील एनडीए को शहरी और ग्रामीण मतदाताओं, खासकर पासवान समुदाय (5.3 प्रतिशत आबादी) और अन्य पिछड़ा वर्ग के बीच पैठ बनाने में मदद कर सकती है। चिराग की रैली नीतीश कुमार और बीजेपी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है। सूत्रों के मुताबिक, चिराग 40 सीटों पर दावा ठोक रहे हैं जो एनडीए के भीतर सीट बंटवारे के पेंच को बताता है। हालांकि, चिराग पासवान ने सार्वजनिक रूप से नीतीश कुमार के नेतृत्व का समर्थन किया है, लेकिन उनकी यह रैली भविष्य में मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी महत्वाकांक्षा का संकेत भी देती लगती है।दूसरी ओर चिराग पसवान की यह रैली महागठबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती है। दरअसल, चिराग का दलित वोट बैंक, खासकर पासवान समुदाय महागठबंधन के लिए खतरा है। 2020 के चुनाव में महागठबंधन ने 110 सीटें जीती थीं। इस गठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों के अतिरिक्त फिलहाल वीआईपी सहित छह दल हैं।
सचिन-गहलोत में सालों चला आ रहा विवाद खत्म! दोनों ने की सार्वजनिक मुलाकात
9 Jun, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जयपुर। राजस्थान से कांग्रेस के लिए राहत की खबर आ रही है। यहां के दो बड़े नेताओं के बीच चल रहा तनाव अब खत्म होने वाला है। जी हां, आप से ही समझे हम बात कर रहे हैं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट और पूर्व सीएम अशोक गहलोत की। दोनों नेताओं ने शनिवार को जयपुर में सौहार्द्रपूर्ण माहौल में मुलाकात की। इस दौरान सचिन पायलट ने अशोक गहलोत को अपने पिता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री राजेश पायलट की 25वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया।
बता दें 2020 में राजस्थान की तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार पर आए सियासी संकट के बाद सचिन पायलट और अशोक गहलोत के रिश्ते सामान्य नहीं रहे थे। बीते कुछ सालों में दोनों के बीच इस तरह की यह पहली सार्वजनिक मुलाकात है। बताया जा रहा है कि उनकी ये मुलाकात एक घंटे से ज्यादा समय तक चली। अशोक गहलोत औऱ सचिन पायलट से इस मुलाकात से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए और मुलाकात की जानकारी दी।
अशोक गहलोत ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के महासचिव सचिन पायलट से उनके आवास पर मुलाकात की। सचिन ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री राजेश पायलट की 25वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने लिखा- मैं और राजेश पायलट 1980 में पहली बार एक साथ ही लोकसभा पहुंचे और करीब 18 साल तक साथ में सांसद रहे। उनके आकस्मिक निधन का दुख हमें आज भी बना हुआ है। उनके जाने से पार्टी को भी गहरा आघात लगा।
सचिन पायलट ने भी इस मुलाकात की एक तस्वीर एक्स पर शेयर करते हुए लिखा- आज पूर्व सीएम अशोक गहलोत से मुलाकात की। मेरे पिता राजेश पायलट की 25वीं पुण्यतिथि पर 11 जून को दौसा में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में उन्हें शामिल होने के लिए निवेदन किया। बता दें 2020 में राजस्थान की तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार पर आए सियासी संकट के बाद पायलट व गहलोत के रिश्ते सामान्य नहीं रहे। बीते कुछ सालों में दोनों के बीच इस तरह की यह पहली सार्वजनिक मुलाकात है।
जेडीयू नेता का दावा, सिर्फ और सिर्फ कारोबारी हैं प्रशांत किशोर, नीतिश से डिप्टी सीएम का पद मांगा था
9 Jun, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इस बार बिहार चुनाव कई मायनों में खास होगा। दरअसल चुनावी रणनीतिकार कहे जाने वाले प्रशांत किशोर चुनावी मैदान में उतरे है। उनकी जनसुराज पार्टी भी बिहार चुनाव में ताल ठोक रही है। जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर खुद बिहार में घूम-घूम कर लोगों के बीच जा रहे हैं और जदयू, राजद, कांग्रेस तथा बीजेपी पर एक साथ हमला बोल रहे हैं। इस बीच जनता दल (यूनाइटेड) के एक पार्षद ने पीके को लेकर एक बड़ा दावा किया है।
जदयू विधान पार्षद संजय सिंह ने कहा है कि जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर जदयू में आए थे, तब अपने लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उपमुख्यमंत्री का पद मांगा था। ये सिर्फ कुर्सी के लिए काम करते हैं ना कि जनता के लिए काम करते है। नीतीश कुमार ने इन्हें काफी सम्मान दिया पर, वे उन्हीं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं। ये शुद्ध रूप से कारोबारी हैं। पैसा खपाने के लिए उन्होंने यह पार्टी (जनसुराज पार्टी) बनाया है। संजय सिंह ने प्रशांत किशोर पर जमकर प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश ने बिहार को नई पहचान दी। जंगलराज से निकलकर आज बिहार देश में सबसे अधिक तेजी से विकास करने वाला राज्य है।
बता दें कि साल 2015 में बिहार में नीतीश की जीत का श्रेय प्रशांत किशोर को ही दिया जाता है। साल 2018 में पीके जेडीयू के उपाध्यक्ष बनाए गए थे। हालांकि, साल 2020 में प्रशांत किशोर जदयू से अलग हो गए थे। बताया जाता हैं कि नागरिकता संसोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) पर संसद के अंदर जदयू द्वारा नरेंद्र मोदी सरकार का समर्थन करने के बाद प्रशांत किशोर की जदयू के प्रति तल्खी बढ़ गई थी।
पीके ने सवाल उठाया था कि पार्टी की बैठक में नीतीश ने सीएए और एनआरसी पर आपत्ति जाहिर की थी लेकिन संसद में पार्टी ने मुद्दे पर सरकार का समर्थन कैसे कर दिया था। प्रशांत किशोर कई बार यह दावा कर चुके हैं कि सीएए-एनआरसी के मुद्दे पर गतिरोध होने की वजह से ही उन्होंने जेडीयू का दामन छोड़ा था। बता दें कि अभी पीके जनसुराज पार्टी के लिए ताबड़तोड़ बिहार बदलाव यात्रा कर रहे हैं। इस यात्रा के तहत पीके ने बिहार की हर विधानसभा सीट पर जाकर लोगों से मिलने की बात पहले ही कही थी।
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