राजनीति
आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा नजरबंद
16 Jun, 2025 12:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बरेली। आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने रविवार को गिरफ्तारी देने का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस ने 24 घंटे पहले ही उन्हें नजरबंद कर दिया। उनके साथ 10 अन्य लोगों को भी घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। मौलाना ने कहा कि पुलिस ही कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रही।
उन्होंने प्रधानमंत्री पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मोदी सरकार देश को पिछले 11 सालों से लूट रही है और वहीं प्रदेश के मुखिया भी हिंदू बनकर काम कर रहे हैं। ऐसे में हम लोग भी आखिर किसके पास शिकायत करने जाएं। मौलाना इतने पर ही नहीं रुके उन्होंने बजरंग दल को भी आतंकवादी संगठन बोल दिया।
मौलाना ने तीन दिन पहले ही रविवार को स्वयं समेत 11 लोगों की गिरफ्तारी का ऐलान किया था जिसकी वजह से एहतियात के तौर पर पुलिस ने शनिवार रात से ही उन्हें नजरबंद कर दिया और हर जगह पुलिस तैनात कर दी गई। जब मौलाना घर से नहीं निकल सके तो उन्होंने मीडिया के सामने अपनी बात रखी।
मौलाना बोले- सूबे के मुखिया हिंदू बनकर कर रहे काम, शिकायत करने किसके पास जाएं
मौलाना ने कहा, कि पिछले 11 वर्षों मोदी सरकार ने देश को लूटा है और बजरंग दल जैसे आतंकवादी संगठन मुसलमानों की लिंचिंग कर रहे हैं। मौलाना बोले मुसलमान कानून नहीं तोड़ता, वह तो अमन चाहता है। आरोप लगाया कि अलीगढ़ में चार मुस्लिम युवकों की हत्या की गई और बरेली में भी पिछले दिनों एक जुलूस निकालने को लेकर विवाद हुआ तो एक बच्चा मारा गया था।
मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि वह अपने हक के लिए शांतिपूर्ण गिरफ्तारी देना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने तानाशाही दिखाई। मौलाना ने आरोप लगाया कि देश में कानून व्यवस्था जैसी कोई चीज नहीं बची, कोर्ट के आदेश के बाद भी मदरसों पर बुल्डोजर चलाए जा रहें है। बच्चों के साथ लिंचिंग की जा रही है। गोसेवा के नाम पर कुछ गुंडे निकलते हैं और एक दो लोगों को पकड़कर घेरकर मार डालते हैं, लेकिन पुलिस उन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
पुलिस कर रही अंग्रेजों के पैटर्न पर काम
मौलाना ने आरोप लगाया कि पुलिस का अपना कोई मैनुअल नहीं हैं जो नियम कानून अंग्रेज बनाकर चले गए उन्हीं पर आज तक पुलिस का काम कर रही है। उन्होंने बजरंग दल पर निशाना साधते हुए कहा कि जब तक बजरंग दल को खुली छूट मिलेगी तब तक देश को खतरा बना रहेगा। उन्होंने संगठन पर कार्रवाई की भी मांग रखी है।
आठ-10 लोग ही पहुंचे दामोदर पार्क
पुलिस ने शनिवार रात से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। मौलाना समेत कई करीब 10 लोगों को नजरबंद किया गया। इसके अलावा आइएमसी के कुछ नेता दामोदर स्वरूप पार्क पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि, वहां पर पहले से फोर्स तैनात थी तो कुछ ही देर में वह लोग कमिश्नर को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर वहां से चले आए। मौलाना ने कहा कि उनके 10 लोगों ने गिरफ्तारी दी है लेकिन पुलिस का कहना हैं कि, किसी भी व्यक्ति ने कोई गिरफ्तारी नहीं दी और वह केवल ज्ञापन सौंपकर ही वापस आ गए।
मौलाना बोले अब रोज दी जाएगी गिरफ्तारी
मौलाना ने कहा कि आज भले उन्हें रोका गया हो, लेकिन अब देशभर में रोज गिरफ्तारी दी जाएगी। रविवार को उनके 11 लोगों ने गिरफ्तारी दी, सोमवार को 72 लोग गिरफ्तारी देंगे, इसके बाद 313 और बुधवार को 917 लोगों गिरफ्तारी देंगे।
यह सिलसिला आगे बढ़ेगा, उन्होंने कहा कि यह सिलसिला तब तक चलेगा जब तक देश के हालात नहीं सुधरते। हालांकि, इस बात का पुलिस ने खंडन किया है कहा है कि जब मौलाना से दोबारा से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह भावनात्मक रूप से यह बोल गए ऐसा कुछ नहीं होगा।
एक कंपनी पीएसी समेत 500 से अधिक पुलिसकर्मियों की लगी ड्यूटी
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि मौलाना को लेकर शहर में एक कंपनी पीएसी व आरएफ की तैनाती की गई थी। इसके अलावा तीन एडिशनल एसपी, चार सीओ, 15 इंस्पेक्टर व 500 हेड कांस्टेबलों को ड्यूटी पर लगाया गया था। पुलिस प्रशासन की सतर्कता की वजह से कुछ भी घटना होने से बच गई।
नहीं पहुंची भीड़, मौलाना बोले हमने नहीं बुलाया
मौलाना के घर के बाहर तो दूर गलियों में भी सन्नाटा पसरा हुआ था। संगठन के लोगों के अलावा अन्य लोग नहीं आए। मौलाना ने अपने बयान में कहा कि, उन्होंने भीड़ को आने के लिए पूर्व में ही मना कर दिया था। जिसको निभाया भी गया उनकी कोई भी भीड़ नहीं आई।
पचमढ़ी में नेतागिरी की क्लास: दिनचर्या से लेकर दर्शन तक की होगी ट्रेनिंग
14 Jun, 2025 12:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में भारतीय जनता पार्टी अपने सांसदों और विधायकों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन कर रही है। 14 से 16 जून तक चलने वाले इस शिविर में सांसदों और विधायकों को केवल पार्टी की नीतियों से अवगत ही नहीं कराया जाएगा, बल्कि उन्हें अनुशासित दिनचर्या, संवाद कौशल और संगठनात्मक तालमेल जैसे व्यावहारिक विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे। शाह पहले भोपाल आएंगे और फिर पचमढ़ी पहुंचेंगे। मंच पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा मौजूद रहेंगे। शाह जनसंघ से भाजपा की विकास यात्रा और पार्टी की विचारधारा पर संबोधन देंगे। सीएम विकसित मध्य प्रदेश 2047 अवसर और चुनौती पर वक्तत्व देंगे।
सुबह छह बजे जागना होगा
प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत रोज सुबह 6 बजे जागने के साथ होगी। उसके बाद 7 बजे से योग, प्राणायाम और प्रार्थना का सत्र चलेगा। दिनभर विभिन्न सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को संवाद, समन्वय, विचारधारा और व्यवहार से संबंधित विषयों पर मार्गदर्शन मिलेगा।
संवाद कौशल सिखाएंगे अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शिविर में संवाद कौशल पर विशेष सत्र लेंगे। वे सांसदों और विधायकों को जनसंपर्क, जनप्रतिनिधि की भूमिका और संवाद की रणनीतियों पर दिशा देंगे। समापन सत्र में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष उपस्थित जनप्रतिनिधियों की जिज्ञासाओं का समाधान करेंगे। इस सत्र में सवाल-जवाब होंगे। स्वप्निल कुलकर्णी द्वारा आरएसएस की विचारधारा, पंच परिवर्तन और शताब्दी वर्ष की योजनाओं पर संवाद होगा। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र सिंह समय प्रबंधन और लोक व्यवहार पर सत्र लेंगे। मध्य प्रदेश के प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह हमारा विचार और पंच प्रण की अवधारणा पर बात रखेंगे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा पार्टी की कार्यपद्धति समझाएंगे।
मीडिया और डिजिटल शिष्टाचार का पाठ
महाराष्ट्र के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विनोद तावड़े मीडिया संवाद के तौर-तरीकों, विषय चयन और इंटरनेट मीडिया की बारीकियों पर प्रशिक्षण देंगे। केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल वक्तव्य कौशल और मोबाइल शिष्टाचार पर बात करेंगे। वहीं, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश संगठन, परिवार और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने के उपाय बताएंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 'विकसित भारत' और मोदी सरकार की परिवर्तनकारी नीतियों को मध्य प्रदेश के परिप्रेक्ष्य में जनप्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत करेंगे।
सांसद/ विधायकों को तीन समूहों में बांटा जाएगा
प्रशिक्षण शिविर में सांसद और विधायकों को तीन समूहों में बांटा जाएगा। इन समूहों को अलग-अलग पदाधिकारी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। इसमें पहला ग्रुप में पहली और दूसरी बार बने विधायकों का होगा और दूसरा ग्रुप वरिष्ठ विधायकों का होगा। पहली बार के विधायकों को सांसद सुधीर गुप्ता और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सीताशरण शर्मा टिप्स देंगे। वहीं, दूसरे ग्रुप से उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और विधायक प्रदीप लारिया और हरिशंकर खटीक चर्चा करेंगे। इसके अलावा तीसरा ग्रुप सांसदों का होगा। इनसे केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक और दुर्गादास उइके संवाद करेंगे।
CM नीतीश के करीबी रहे नेता को लालू ने बनाया RJD का प्रदेश अध्यक्ष
14 Jun, 2025 12:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फुलपरास। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सह पूर्व सांसद और जदयू के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मंगनीलाल मंडल के राजद प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा से कार्यकर्ताओ में उत्साह है।
इनका जन्म फुलपरास प्रखंड के गोरगमा के एक मजदूर परिवार में साल 1949 में हुआ था। इनके पिता झोटीलाल मंडल एवं माता संझा देवी मजदूरी कर जीवन यापन करते थे।
श्री मंडल का राजनीतिक पहचान मृदुभाषी, विद्वान,कानून के जानकारी रखने वाले नेता के रूप में है। श्री मंडल का राजनीतिक सफर एआईएसएफ से शुरू हुआ, लेकिन 1967 में डॉ राममनोहर लोहिया एवं मधुलमय के विचार से प्रभावित होकर लोकदल में शामिल हो गए।
कर्पूरी ठाकुर के साथ लंबे समय तक काम किया
श्री मंडल को छात्र राजनीति के समय ही भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के साथ लंबे समय तक काम करने का मौका मिला था। वे 1977 में युवा लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष एवं 1980 में लोकदल के प्रदेश मंत्री एवं बाद में महामंत्री बने।
वे वर्ष 1986 से 2004 तक लगातार 18 वर्षो तक बिहार विधान परिषद के सदस्य तथा बिहार सरकार में मंत्री भी रहे है। वर्ष 2004 से 2009 तक राजद से राज्यसभा एवं 2009 से 2014 तक जदयू लोकसभा के सदस्य रहे है।
इधर, 2014 में राजद के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़े लेकिन हार गए। 2019 में जदयू में शामिल हुए तथा पार्टी में एक मात्र राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए।
वर्ष 2024 के लोकसभा में प्रत्याशी नही बनाए जाने तथा अतिपिछड़ा समुदाय के बड़े नेताओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए पार्टी से बगावत कर दिए। जिसके कारण जदयू के राष्ट्रीय कार्यसमिति से बाहर कर दिया गया।
जिसके बाद श्री मंडल ने गत 06 जनवरी 2025 को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एवं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव से मिलकर राजद में शामिल होने का निर्णय लिया।
उनके समर्थकों को तेजस्वी प्रसाद यादव की उपस्थिति में फुलपरास में आयोजित समारोह में विधिवत रूप से उन्हें तथा उनके समर्थकों पार्टी में शामिल किया गया।
क्या बोले राजद नेता?
राजद जिलाध्यक्ष वीरबहादुर राय एवं प्रदेश महासचिव रामबहादुर यादव की मानें तो मंगनीलाल मंडल कमजोर वर्ग के सच्चे रहनुमा और राजनीतिक कार्यकर्ताओ के प्रशिक्षक व अभिभावक है। उनके पार्टी में शामिल होने से पूरे बिहार में पार्टी का जनाधार विशेषकर अतिपिछड़ा समुदाय में बढ़ेगा।
वहीं, अधिवक्ता बलराम साहु का कहना है कि श्री मंडल स्वयं में राजनीतिक विद्यालय है। राजद किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष देवनारायण यादव का कहना है कि उनके पार्टी में शामिल होने का प्रभाव पूरे बिहार और 2025 के विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा।
सीएम धामी ने मृतकों को दी श्रद्धांजलि
14 Jun, 2025 12:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गुजरात के अहमदाबाद में हुआ विमान हादसा देश और विश्व के लिए अत्यंत दुखद व पीड़ादायक है। राज्य सरकार की संवेदनाएं दुख की इस घड़ी में मृतकों के स्वजन के साथ हैं। मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार को अपने आवास पर उच्चाधिकारियों के साथ बैठक के दौरान विमान हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्तियों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर दिवंगत व्यक्तियों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
उधर, प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित शोकसभा में भी विमान हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत व्यक्तियों को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने कहा कि इस हादसे के बाद चारों ओर शोकाकुल वातावरण है।
अपनी हवाई यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज एयरपोर्ट में यात्री तो थे, लेकिन वह चहल-पहल और आपसी चर्चा नहीं दिखाई जो अमूमन नजर आती थी। दुखद हादसे में हमने जिनको भी खोया, उनका सामाजिक आर्थिक व्यावहारिक योगदान महत्वपूर्ण था। भाजपा परिवार ने भी इस दुर्घटना में अपने वरिष्ठ नेता एवं गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी को खोया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि यह ऐसी क्षति है, जिसकी कल्पना नहीं की गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि पूरा देश और विश्व इस हृदय विदारक घटना को लेकर बहुत दुख एवं शोक में है।
प्रदेश महामंत्री राजेंद्र बिष्ट के संचालन में हुए कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, विधायक विनोद चमोली समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, दायित्वधारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
धनबाद MP के समर्थकों और रणविजय सिंह के पुत्र के सपोर्टरों के बीच फिर बवाल
14 Jun, 2025 12:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बरवाअड्डा (धनबाद)। धनबाद में शुक्रवार की दोपहर धैया में प्रभातम मॉल के समीप फिर सांसद ढुलू महतो के समर्थकों और कांग्रेस नेता रणविजय सिंह के पुत्र रणवीर सिंह के समर्थकों के बीच सड़क पर ही हिंसक झड़प हो गई।
पुलिस-प्रशासन को चुनौती देते हुए हफ्ते भर के भीतर ही इस बार दोनों के समर्थकों ने जमकर एक-दूसरे पर पथराव किया। इससे इलाके में अफरातफरी मच गई और आसपास के दुकानदारों ने अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए। कुछ देर के लिए प्रभातम मॉल को भी बंद करना पड़ा।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
उधर, सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के समर्थकों को खदेड़ने के लिए जमकर लाठियां चटकाईं। इसके बाद दोनों के समर्थक भाग निकले। प्रभातम मॉल के पास दोनों पक्षों से समर्थकों का जुटान होने की खबर दोपहर ढाई बजे से ही थी।
कहा जा रहा है कि सांसद समर्थकों को रणविजय सिंह के पुत्र रणवीर सिंह की ओर से मुकाबला करने की चुनौती दी गई थी। वाट्सएप पर संदेश भेजकर कहा गया था कि हिम्मत है तो तीन बजे प्रभातम मॉल के पास आकर फरिया लो।
इसके बाद सांसद समर्थक प्रभातम मॉल के पास आ डटे। वहां सांसद समर्थक प्रेम महतो के साथ लोग मोर्चा संभाले खड़े थे। वहीं रणविजय सिंह के धैया स्थित आवास के पास भी उनके पुत्र के समर्थक डटे हुए थे। फिर रणवीर के साथ लोग मॉल के पास आ गए। वहां आमना-सामना होते ही पथराव शुरू हो गया।
इससे भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर खूब पथराव किया। दोनों के बीच कई नकाबपोश भी थे जो संभवत: हथियारबंद थे। पथराव के थोड़ी ही देर के बाद ही रणवीर सिंह अपने समर्थकों के साथ लौट गए, वहीं सांसद समर्थक मॉल के बाहर नारेबाजी करने लगे।
लाठी चार्ज के बाद मची भगदड़
इस बीच सूचना पाकर धनबाद, बरवाअड्डा समेत कई थानों की पुलिस पहुंच गई और नारेबाजी कर रहे सांसद समर्थकों पर लाठी चार्ज कर दिया। इससे भगदड़ मच गई और सभी भागने लगे। मॉल के आसपास खड़े कई आम लोग भी पुलिस की लाठियों का शिकार बन गए।
पुलिस ने सभी दुकानों में बैठे लोगों को खदेड़ दिया। बता दें कि पिछले शुक्रवार को सांसद समर्थक प्रेम महतो और रणवीर सिंह के बीच प्रभातम मॉल में ही गाड़ी निकालने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला था। इसी घटना को लेकर दोनों पक्षों में विवाद कायम था।
पुलिस ने मॉल के पास से सांसद ढुलू महतो के समर्थक प्रेम महतो समेत दो अन्य को हिरासत में ले लिया है। सांसद समर्थक प्रेम महतो के नेतृत्व में ही मौके पर लोग जुटे थे। इसके बाद पुलिस ने रणविजय सिंह के आवास के पास से भी तीन लोगों को पकड़ा। सभी से थाने में पूछताछ की जा रही है।
बिहार चुनाव में चिराग पासवान की एंट्री की चर्चा, असली खेल कुछ और!
14 Jun, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आमिर खान अपनी फिल्म दंगल में बेटी को कुश्ती की एक अहम बात समझाते हैं। वो ये कि दांव दिखाना कुछ और है और चलना कुछ और। लेकिन बिहार की पॉलिटिक्स में बिल्कुल यही हो रहा है। दांव दिखाया कुछ और जा रहा है लेकिन चला कुछ और। जब चिराग पासवान के जीजा और जमुई सांसद अरुण भारती ने ये कहा कि चिराग पासवान बिहार विधानसभा चुनाव 2025 लड़ सकते हैं तो बिहार की सियासत में खलबली मच गई।
दांव दिखाना कुछ और है, चलना कुछ और
चिराग ने खुद भी कहा कि अगर पार्टी चाहती है तो वो बिहार विधानसभा चुनाव 2025 लड़ सकते हैं। इतनी सी खबर विरोधी खेमे तो क्या JDU में भी आग लगाने के लिए काफी थी। क्योंकि JDU सांसद और मंत्री ललन सिंह ने 2022 में खुद कहा था कि JDU को नीचे गिराने के लिए चिराग मॉडल का इस्तेमाल किया गया। ऐसे में चिराग का विधानसभा चुनाव 2025 लड़ने का ऐलान जैसा बयान भी खलबली मचाने के लिए काफी था।
चिराग के बयान के बाद छिड़ गई नई बहस
इसके बाद तो बिहार में यहां तक बहस छिड़ गई, सवाल जवाब तक होने लगे कि चिराग बिहार की किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। सवाल ये भी उठे कि केंद्रीय मंत्रियों को राज्य के चुनाव में उतारना तो बीजेपी की रणनीति थी, इसे लोजपा रामविलास ने अपनी टेक्निक क्यों और किसलिए बनाया? बात तो चिराग पासवान के बिहार के डेप्युटी सीएम यानी उपमुख्यमंत्री पद तक की होने लगी है। लेकिन क्या ये सब कुछ वैसा ही है, जैसा दिख और बताया जा रहा है?
NBT बिहार ने हर खबर में आपको रखा है आगे
NBT आपको हमेशा हर खबर में आगे रखता आया है। चाहे वो बिहार में 2022 और 2024 में बिहार में सत्ता पलट की खबर हो या फिर उपेंद्र कुशवाहा की नई पार्टी बनाने की। ये सारी खबरें हमने आपको उनके घटने से एक महीने पहले ही दे दी थी। अब इस खबर को लेकर हमारे मन में भी कई सवाल थे। लिहाजा NBT संवाददाता ने फिर से अपने सूत्रों का रूख किया। उसके बाद जो जानकारी मिली वो चौंकाने वाली थी।
चिराग विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे- सूत्र
NBT संवाददाता ने जब अपने सूत्र को फोन लगाया तो एक से एक बड़ी जानकारी उभर कर सामने आई। हमारे विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि चिराग पासवान का फिलहाल बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने का कोई इरादा ही नहीं है। जब हमने पूछा कि फिर ये बात वो क्यों कह रहे हैं तो पता चला कि इसके पीछे 28 से 35 वाला फंडा काम कर रहा है। ये भी बड़ी खबर थी।
चिराग को बीजेपी ने 28 सीटें तक देने का मन बनाया- सूत्र
हमारे विश्वसनीय सूत्र ने हमें जानकारी दी कि बीजेपी चिराग को बिहार विधानसभा चुनाव में 28 सीटें तक देने की सोच रही है। लेकिन चिराग पासवान चाहते हैं कि इन सीटों को किसी तरह, किसी भी दांव से (जैसा कि हमने पहली लाइन में ही लिखा) 35 तक ले जाया जाए। चिराग का विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कहना उसी दांव का हिस्सा है। इसी को सियासत में प्रेशर पॉलिटिक्स भी कहा जाता है। लेकिन हमारे सूत्र ने ये भी बताया कि अगर बातें चिराग के मनमुताबिक नहीं हुईं तो वो जो दांव दिखा रहे हैं वो चल भी सकते हैं, यानी तब वो सच में बिहार विधानसभा चुनाव में ताल ठोक देंगे।
रेखा गुप्ता का बयान – जनहित में नहीं थी पिछली आबकारी नीति, जल्द आएगा नया ड्राफ्ट
14 Jun, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली में जल्द ही नई आबकारी नीति लागू होगी. 30 जून तक मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति नई आबकारी नीति का प्रस्ताव रेखा गुप्ता सरकार को देगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि नई आबकारी नीति में सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शांति से कोई समझौता नहीं होगा. उच्चस्तरीय समिति कई राज्यों की आबकारी नीति की समीक्षा कर रही है.
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा है कि पिछली सरकार द्वारा लागू की गई आबकारी नीति भ्रष्टाचारपूर्ण, पक्षपातपूर्ण और जनहित विरोधी थी. उस नीति के माध्यम से कुछ चुनिंदा निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया. जबकि राजस्व को नुकसान हुआ. पिछली सरकार की नीति न तो कानूनी प्रक्रिया का पालन करती थी, न ही उसमें जनता के हितों की कोई प्राथमिकता दिखाई गई. भ्रष्ट आबकारी नीति के चलते पूर्व मुख्यमंत्री और उनकी सरकार के मंत्रियों को जेल भी जाना पड़ा.
दिल्ली आने वाले पर्यटकों के लिए एसी इलेक्ट्रिक बस सर्विस
इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है. जल्द ही सरकार प्रधानमंत्री संग्रहालय से युद्ध स्मारक तक पर्यटकों को घुमाने के लिए एसी इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करेगी. इसके लिए खास बसें होंगी. बसों को अलग रंग-रूप तय किया जाएगा. जुलाई में पर्यटन विभाग ने ये सेवा शुरू करेगा. एक अधिकारी ने बताया कि हम प्रधानमंत्री संग्रहालय से वॉर मेमोरियल तक पर्यटकों को घुमाने की सुविधा शुरू करने जा रहे हैं.
शाम के समय शुरू होने वाली इस सर्विस में दिल्ली आने वाले विदेशी नागरिकों और पर्यटकों का खास ख्याल रखा जाएगा. डीटीसी से 9 मीटर लंबी नई इलेक्ट्रिक बसें किराए पर लिए जाने का प्लान है. प्रधानमंत्री संग्रहालय शाम 6 बजे बंद हो जाता है. इसलिए ये बस सर्विस वहां से शुरू होगी. इसके बाद अन्य स्थानों पर पर्यटकों को ले जाया जाएगा.
कितना होगा बस का किराया?
बात करें बस के किराए की तो वयस्कों के लिए 500 रुपये और छह से 12 साल की उम्र के बच्चों के लिए 300 रुपये किराया होगा. एक खास बात और ये है कि बस में एक गाइड भी होगा. जो लोगों को उन जगहों की जानकारी देगा, जहां उन्हें ले जाया जाएगा. ये बसें डीटीसी से किराए पर ली जाएंगी. इसके साथ ही सरकार सुबह स्कूल पिकनिक के लिए बस का इस्तेमाल करने की भी योजना बना रही है.
फडणवीस और राज ठाकरे की गुपचुप मुलाकात....क्या उद्धव से बिगड़ गई बात
13 Jun, 2025 11:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा घटनाक्रम दिखाई दिया, जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच मुंबई के पांच सितारा होटल में बंद कमरे में बैठक हुई। यह मुलाकात करीब एक घंटे चली और बैठक को किसी भी पक्ष ने पहले से कोई जानकारी नहीं दी थी। यह मुलाकात तब हुई है जब शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) लगातार एमएनएस के साथ गठबंधन की संभावनाओं को हवा दे रही थी और ‘मराठी मानूस’ की एकजुटता की अपील हो रही थी। वहीं, एमएनएस की चुप्पी और अब भाजपा नेताओं से मुलाकात इस बात का संकेत देती है कि राज ठाकरे उद्धव ठाकरे की बजाय भाजपा और शिंदे गुट के साथ जुड़ने का मन बना रहे हैं।
बता दें कि 14 जून को राज ठाकरे और 13 जून को आदित्य ठाकरे का जन्मदिन है। शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ता इन तारीखों को प्रतीकात्मक एकता दिवस के रूप में पेश कर रहे थे, लेकिन यह अचानक बैठक उनके मंसूबों पर पानी फेर सकती है।
पिछले कुछ महीनों से उद्धव ठाकरे, उनके बेटे आदित्य और संजय राऊत सहित शिवसेना (यूबीटी) के नेता लगातार राज ठाकरे से सार्वजनिक अपील कर रहे थे। पुराने पारिवारिक फोटो, सोशल मीडिया पोस्ट और सामना में प्रकाशित भावनात्मक लेखों के माध्यम से मराठी अस्मिता की एकता का संदेश दिया जा रहा था। लेकिन एमएनएस की ओर से इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
वहीं राज ठाकरे को भाजपा के अलावा शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से भी गठबंधन का प्रस्ताव मिला है। संजय शिरसाट, मंत्री और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता ने कहा, “हमने पहले भी विधानसभा चुनाव के समय गठबंधन की पेशकश की थी। आज भी हम राज साहेब को साथ आने का निमंत्रण देते हैं।”
कांग्रेस बोली- भारत को अमेरिका से 3 बड़े झटके लगे
13 Jun, 2025 10:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि एक ही दिन में भारत की कूटनीति (डिप्लोमेसी) को अमेरिका से तीन बड़े झटके लगे हैं। इनसे भारत की विदेश नीति और भारत-अमेरिका संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। जयराम ने कहा कि अमेरिका की सेंट्रल कमांड चीफ जनरल माइकल कुरिल्ला ने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ साझेदार बताया। पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर को अमेरिकी आर्मी डे के लिए न्योता दिया है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने फिर से कहा कि भारत-पाक तनाव ट्रम्प ने खत्म करवाया।कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि ये हमारी कूटनीति के लिए बड़े झटके हैं। साथ ही चेतावनी और चुनौती भी हैं। प्रधानमंत्री जो सर्वशक्तिमान और सर्वव्यापी हैं, उन्हें अब सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। उन्होंने विदेश यात्राओं पर गए सांसदों से मुलाकात की है, अब विपक्षी दलों के नेताओं से भी मिलना चाहिए।
पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी साझेदार बताया
जयराम रमेश कहा- अमेरिका के सेंट्रल कमांड चीफ जनरल माइकल कुरिल्ला ने हाउस आम्र्ड सर्विसेज कमेटी के सामने पाकिस्तान को एक शानदार आतंकवाद विरोधी साझेदार बताया। क्या यही पाकिस्तान है जहां ओसामा बिन लादेन 10 साल छिपा रहा और 2011 में मारा गया। वही पाकिस्तान अब अमेरिका के लिए आतंकवाद विरोधी साझेदार बन गया।
पाक आर्मी चीफ मुनीर को अमेरिका आने का न्योता
जयराम रमेश ने कहा- अमेरिका ने पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर को 14 जून को अमेरिका सेना की 250वीं वर्षगांठ पर आयोजित परेड में भाग लेने के लिए न्योता भेजा है। यह वही आसिम मुनीर है जिसने पहलगाम आतंकी हमले से ठीक पहले भडक़ाऊ और उकसावे बयान दिए थे। उनके बयानों से ही आतंकियों को बल मिला।
भारत-पाक तनाव खत्म करने पर ट्रम्प की भूमिका दोहराई
जयराम रमेश ने कहा- अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने दोबारा कहा कि भारत-पाक तनाव को कम करने में डोनाल्ड ट्रम्प और विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भूमिका रही है।
लोकसभा की सीटें बढक़र 848 होंगी... उत्तरप्रदेश में 143 सांसद
13 Jun, 2025 09:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्र सरकार 2029 के आम चुनावों से पहले लोकसभा और राज्य विधानसभाओं का परिसीमन करने जा रही है। नए परिसीमन के आधार पर देश में लोकसभा की कुल सीटें 848 तक बढ़ सकती हैं, जिनमें अकेले उत्तरप्रदेश की 143 सीटें होंगी, जो वर्तमान में 80 है। वहीं तमिलनाडु की सीटें 39 से 49 और केरल की 20 पर स्थिर रहेंगी, जिससे दक्षिण भारत का प्रतिशत प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा।
यह परिसीमन 2026 के बाद दो चरणों में होने वाली जनगणना के बाद होगा। यह जनगणना 1 मार्च 2027 से पहले पूरी की जाएगी। पहली बार इसमें शामिल जातिगत आंकड़े परिसीमन की आधारशिला बनेंगे। परिसीमन आयोग के लिए सबसे बड़ी चुनौती दक्षिणी राज्यों की उस मांग को संतुलित करना होगा, जिसमें कहा गया है कि केवल जनसंख्या के आधार पर संसदीय सीटों का निर्धारण उन राज्यों के साथ अन्याय होगा, जिन्होंने 1970-80 के दशक में जनसंख्या नियंत्रण को प्राथमिकता दी थी। केंद्र सरकार ने इन राज्यों को आश्वासन दिया है कि उनकी चिंताओं को ध्यान में रखा जाएगा। गृहमंत्री अमित शाह ने फरवरी में कोयंबटूर में कहा था कि परिसीमन के चलते दक्षिण भारत की कोई भी सीट नहीं छीनी जाएगी।
महिला आरक्षण की योजना पर भी काम
सितंबर 2023 में संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ था, जिसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 सीटों के आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन यह आरक्षण परिसीमन के बाद ही लागू किया जा सकता है, क्योंकि संविधान में इसी तरह की व्यवस्था की गई है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि हम 2029 तक महिला आरक्षण लागू करने का इरादा रखते हैं। जनगणना जल्द शुरू होगी और हम इसे तीन वर्षों में पूरा करने को लेकर आश्वस्त हैं। इसके बाद परिसीमन की प्रक्रिया शुरू होगी।
भाजपा के नए अध्यक्ष का चुनाव 21 जुलाई तक संभव
13 Jun, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले हो सकता है। अगले हफ्ते से इस दिशा में कवायद तेज हो जाएगी। लगभग 10 राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष चुन लिए जाएंगे। इसके तुरंत बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की तरफ से अनौपचारिक बातचीत में इसके साफ संकेत मिले हैं कि नए अध्यक्ष का चुनाव अब टाला नहीं जाएगा। संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हो रहा है। लिहाजा, संगठन में इससे पहले नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। दरअसल, बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल जून 2024 को खत्म हो चुका है। वह एक्सटेंशन पर हैं। वहीं, वह केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं, इस वजह से भाजपा जल्द नया अध्यक्ष चुनने की तैयारी में जुटी है।
15 अगस्त के बाद बिहार चुनाव को लेकर हलचल शुरू हो जाएगी। इसलिए भाजपा इससे पहले नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनना चाहेगी क्योंकि बिहार के विधान सभा चुनाव नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर असमंजस की स्थिति नहीं रहे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि दस प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव को लेकर तेजी से काम हो रहा है। 21 जून तक कई प्रदेशों में नए अध्यक्ष चुन लिए जाएंगे जिसके बाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
भाजपा अध्यक्ष बनने के 8 महिला-पुरुष दावेदार
शिवराज सिंह चौहान: शिवराज सिंह चौहान 6 बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। 4 बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। मुख्यमंत्री रहते हुए लाडली बहना योजना शुरू की, जो विधानसभा चुनाव में गेमचेंजर साबित हुई। ये योजना दूसरे राज्यों के लिए रोल मॉडल बन गई। 13 साल की उम्र में आरएसएस से जुड़े और इमरजेंसी के दौरान जेल भी गए। ओबीसी कैटेगरी से हैं। 2005 में मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे हैं। आरएसएस की लिस्ट में शिवराज सबसे ऊपर हैं।
सुनील बंसल: सुनील बंसल के पास 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी और फिर 2017 में प्रभारी की जिम्मेदारी रहते हुए पार्टी को कामयाबी दिलाई। इसके अलावा ओडिशा, बंगाल और तेलंगाना के प्रभारी के रूप में मिली कामयाबी भी बड़ा प्लस पॉइंट है। सुनील बंसल को यूपी में बीजेपी का चाणक्य तक कहा गया है। संघ से नजदीकी के साथ-साथ संगठन में भी अच्छी पकड़ है।
धर्मेन्द्र प्रधान: वर्तमान में केंद्रीय शिक्षा मंत्री और भाजपा के एक अनुभवी संगठनकर्ता हैं। ओडिशा से आते हैं, जहां बीजेपी अपनी पकड़ और भी ज्यादा मजबूत करना चाहती है। मोदी और शाह की टीम के भरोसेमंद सदस्य। 40 साल का राजनीतिक अनुभव, बड़े ओबीसी नेता है। 14 साल की उम्र में एबीवीपी से जुड़े और 2010 में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बने। संगठन में मजबूत पकड़, 2 बार लोकसभा और 2 बार राज्यसभा सदस्य बने।
रघुवर दास: रघुवर दास झारखंड के पहले गैर-आदिवासी मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने झारखंड में 5 साल का स्थिर शासन दिया, जो राज्य में पहली बार हुआ। उनकी जमीनी कार्यकर्ताओं और भाजपा संगठन में मजबूत पकड़ है। ओबीसी समुदाय से आने के कारण भाजपा को सामाजिक समीकरण में नई बढ़त मिल सकती है। उनकी वजह से पूर्वोत्तर में भाजपा को विस्तार मिल सकता है।
स्मृति ईरानी: कई अहम मंत्रालय संभालने के साथ प्रशासनिक अनुभव हैं। पार्टी के लिए मजबूत महिला चेहरा। आरएसएस के साथ अच्छे संबंध और हिंदी बेल्ट के साथ दक्षिण भारत में भी प्रभावी।
वानति श्रीनिवासन: वर्तमान में भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। ऐसे में संगठनात्मक कार्यों में उनका अनुभव है। 1993 से भाजपा से जुड़ी हुई हैं। तमिलनाडु में कोयंबटूर दक्षिण सीट से कमल हासन जैसे बड़े नेता को हराया था। तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पति श्रीनिवासन विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में परिवार संघ और बीजेपी के काफी करीबी हैं।
तमिलिसाई सौंदर्यराजन: 1विनोद उपाध्याय / 12 जून, 2025 से भाजपा से जुड़ी हुई हैं। राष्ट्रीय सचिव समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। तमिलनाडु में भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष (2014-2019) रह चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी नेताओं में गिनी जाती हैं। तमिलनाडु में भाजपा को विपक्ष में रहते हुए भी पार्टी के विस्तार में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
डी. पुरंदेश्वरी: पूर्व मुख्यमंत्री और टीडीपी संस्थापक एन.टी. रामाराव की बेटी हैं। उन्होंने पहले कांग्रेस में रहकर केंद्रीय मंत्री के रूप में काम किया, फिर बीजेपी में शामिल हुईं। फिलहाल आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हैं। इनको राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने से पार्टी को तेलुगु राज्यों (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना) के जनाधार में फायदा मिल सकता है।
भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए पार्टी का संविधान भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुनने के लिए एक तय नियम और प्रक्रिया है। इन्ही नियमों को पूरा करने में हुई देरी के चलते अब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो सका है।
नए बीजेपी अध्यक्ष के सामने होंगे 12 अहम चुनाव
पार्टी के नियम के अनुसार बीजेपी अध्यक्ष का कार्यकाल 3 साल का होता है। एक व्यक्ति 2 बार से अधिक पार्टी का अध्यक्ष नहीं बन सकता। ऐसे में अब पार्टी के नए अध्यक्ष को 12 अहम चुनाव अपने कार्यकाल में कराने होंगे।
चुनाव दूर लेकिन तमिलनाडु में गरमाई सियासत, सहयोगी दलों ने डीएमके से मांगी ज्यादा विधानसभा सीटें
12 Jun, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चेन्नई। तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर नजर आ रहा है, लेकिन सियासी सरगर्मियां तेज़ हो चुकी हैं। सत्तारूढ़ डीएमके गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों ने सीटों के बंटवारे को लेकर अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, सीपीआई(एम) और वीसीके जैसे दल आने वाले चुनाव में ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग करने की तैयारी में हैं। यह स्थिति मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन के लिए एक बड़ी रणनीतिक चुनौती बन सकती है।
दरअसल 2021 विधानसभा चुनाव में सीटों का जो बंटवारा हुआ था, उसमें डीएमके ने अपने गठबंधन सहयोगियों को सीमित हिस्सेदारी दी थी। इस बंटवारे के मुताबिक डीएमके ने 188 सीटों पर चुनाव लड़ी, कांग्रेस 25 सीटों पर और वीसीके, सीपीआई, सीपीआई(एम) ने 6-6 सीटों पर और आईयूएमएल 3 सीटों पर चुनाव लड़ी थी।
अब जबकि सीपीआई(एम) और वीसीके अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में पकड़ मजबूत होने का दावा कर रहे हैं, वे चाहते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी सीटों की संख्या में इजाफा किया जाए। सीपीआई(एम) की मांग है कि वह कम से कम 10 सीटों पर चुनाव लड़े, वहीं वीसीके भी दोगुनी हिस्सेदारी चाहता है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि डीएमके गठबंधन का एक सहयोगी दल बीजेपी से बातचीत कर रहा है। भले ही इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह संभावना जताई जा रही है कि सीटों के बंटवारे को लेकर असंतोष कुछ दलों को गठबंधन से बाहर निकलने या नई राह चुनने की ओर धकेल सकता है।
डीएमके का लक्ष्य और दवाब
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पहले ही 2026 चुनाव में 200 सीटें जीतने का लक्ष्य घोषित कर चुके हैं। ऐसे में यदि सहयोगी दल ज्यादा सीटों की मांग करते हैं तो यह उनके इस लक्ष्य को प्रभावित कर सकता है। अब स्टालिन को तय करना होगा कि गठबंधन की एकता को प्राथमिकता दें या स्वयं की जीत की संभावना वाले प्रत्याशियों को तरजीह दें। यह संतुलन बनाना चुनावी रणनीति का सबसे अहम पहलू साबित हो सकता है।
क्या गठबंधन में दरार संभव है?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि डीएमके ने सहयोगियों की मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं दिखाया, तो इससे गठबंधन में दरार पड़ सकती है। खासकर यदि सीपीआई(एम) या वीसीके जैसे दल अलग राह चुनते हैं तो यह डीएमके के वोट शेयर को सीधा प्रभावित कर सकता है। तमिलनाडु की राजनीति में फिलहाल कूटनीति और संतुलन का दौर शुरू हो चुका है। सहयोगी दलों की मांगें और विपक्षी खेमे की सक्रियता आने वाले महीनों में राजनीतिक समीकरणों को नया रूप दे सकती हैं। फिलहाल, सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि डीएमके नेतृत्व इन मांगों का जवाब कैसे देता है।
जाति पुनर्गणना पर सिद्धारमैया, हाई कमान के निर्देश का कर रहे पालन
12 Jun, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने कहा है कि 90 दिनों के अंदर राज्य में फिर से जातिगत गणना कराने के लिए समयसीमा तय की जाएगी। उन्होंने एक पारदर्शी प्रक्रिया का वादा किया जो समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा करेगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी नेता राहुल गांधी के साथ उच्चस्तरीय बैठक के बाद पार्टी द्वारा जातिगत आंकड़ों को फिर से एकत्र करने के फैसले की घोषणा के बाद शिवकुमार ने यह बात कही। विचार-विमर्श के दौरान मौजूद नेताओं में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया भी शामिल थे।
सीएम सिद्धरमैया ने कहा कि कई मंत्रियों और समुदायों ने आशंकाएं व्यक्त की हैं और इसे ध्यान में रखते हुए पार्टी नेतृत्व ने राज्य में फिर से जातिगत गणना कराने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि हम इस पर सहमत हैं। पार्टी ने सर्वेक्षण पूरा करने और 90 दिनों के अंदर रिपोर्ट सौंपने का फैसला किया है। कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष शिवकुमार ने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना सभी समुदायों को विश्वास में लेते हुए पारदर्शी तरीके से की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल सर्वेक्षण की तारीख और समयसीमा तय करेगा, जो एक लंबी और बड़ी प्रक्रिया है। सीएम तारीख की घोषणा करेंगे। उपमुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि नई जनगणना में हर समुदाय की चिंताओं का समाधान किया जाएगा और किसी को भी इससे बाहर नहीं रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्नाटक से बाहर रहने वाले लोगों को भी ऑनलाइन के जरिए विवरण देने को मौका दिया जाएगा। शिवकुमार ने सभी समुदायों और संगठनों से सर्वेक्षण में सहयोग करने की अपील की और कहा कि लोगों को हमारी सरकार के बारे में चिंतित नहीं होना चाहिए। हम सभी को विश्वास में लेंगे और न्याय देंगे। यह हमारी पार्टी की प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों की सुरक्षा करना है और आरक्षण संबंधी निर्णय जनगणना के निष्कर्षों पर आधारित होंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष खडग़े ने मोदी सरकार के 11 साल के कार्यकाल पर सवाल उठाए
12 Jun, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने केंद्र में मोदी सरकार के 11 साल के कार्यकाल पर सवाल उठाए हैं। खडग़े ने कहा कि बीते 11 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 33 गलतियां की हैं। मैं 65 साल से राजनीति में हूं, लेकिन उनके जैसा झूठ बोलने वाला प्रधानमंत्री कभी नहीं देखा।
खडग़े ने कहा कि हम झूठ बोलते हैं, गलतियां करते हैं, वोट लेने के लिए युवाओं और गरीबों को मूर्ख बनाते हैं। जब हम उनसे सवाल पूछते हैं तो कभी जवाब नहीं देते। वे अपनी गलतियां कभी स्वीकार नहीं करते हैं। वे सिर्फ बोलते रहते हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने इससे पहले 9 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए मोदी सरकार के 11 सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाए थे। उन्होंने लिखा था किपिछले 11 सालों में मोदी सरकार ने भारतीय लोकतंत्र, अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने को गहरा आघात पहुंचाया है। मोदी सरकार ने संविधान के हर पन्ने पर तानाशाही की स्याही रगडऩे में गंवाए हैं!
भाषा पर संतुलन की बात: चंद्रबाबू बोले- 'हिंदी जरूरी, पर अपनी भाषा से समझौता नहीं'
11 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमरावती: राष्ट्रीय शिक्षा नीति में त्रिभाषा फार्मूले को लेकर चल रही सियासी घमासान के बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हिंदी सीखने के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम हमारी मूल भाषाएं हैं और हमें उन्हें सीखना चाहिए. इस पर कोई समझौता नहीं लेकिन इसके अलावा हिंदी सीखने का भी महत्व है.
सीएम चंद्रबाबू ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में यह बात कही. उन्होंने एक्स पोस्ट पर हिंदी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि, हिंदी भाषा हमारे युवाओं को नौकरी के अवसर प्रदान कर सकता है और हमें इस महान देश के लोगों के रूप में एक साथ ला सकता है. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि, भाषा हमें एकजुट करे, विभाजित न करे.
बता दें कि, दक्षिण भारत के तमिलनाडु में हिंदी का विरोध होता रहा है. राज्य में दो भाषा फार्मूले का पालन किया जाता है. इसके तहत छात्रों को केवल तमिल और अंग्रेजी पढ़ाई जाती है. शिक्षा संबंधी भाषा पर बहस आजादी के बाद से ही होती आ रही है.
बता दें कि, इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि भारत की हर भाषा अन्य भाषाओं से पूरी तरह जुड़ी हुई है और सभी भाषाओं का विकास एक-दूसरे के बिना संभव नहीं है. उन्होंने कहा, "हमारी हर भाषा अन्य भाषाओं से पूरी तरह जुड़ी हुई है और सभी भाषाओं का विकास एक-दूसरे के बिना संभव नहीं है. हमारी सभी भाषाएं नदियों की तरह हैं जो आपस में मिलकर भारतीय संस्कृति की गंगा बनाती हैं."
गृह मंत्री ने कहा कि भारतीय भाषाएं देश की संस्कृति की आत्मा हैं और संस्कृति भारत की आत्मा है. उन्होंने कहा, "हम निश्चित रूप से अंग्रेजी को हम पर थोपे जाने के खिलाफ लड़ाई जीतेंगे."
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